Home Blog Page 2646

नक्सली हमले में बलिदान हुए 3 जवान: वामपंथी आतंकियों ने घात लगा कर की फायरिंग, जंगल में सड़क निर्माण की कर रहे थे सुरक्षा

छत्तीसगढ़ और ओडिशा बॉर्डर पर नौपाड़ा में CRPF पर नक्सली हमला हुआ है। हमले में जहाँ सीआरपीएफ G/19 बटालियन के 3 जवान बलिदान हो गए हैं वहीं कुछ जवानों के घायल होने की भी सूचना सामने आई है। घटना मंगलवार (21 जून, 2022) की दोपहर को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीआरपीएफ के जवानों की टीम ने ओड़िसा राज्य के नौपाड़ा जिला के बोडेन पुलिस थाना इलाके के भैंसदानी के जंगल में सड़क निर्माण कार्य को सुरक्षा देने के लिए निकली हुई थी। कहा जा रहा है कि दोपहर करीब 2.30 बजे नक्सलियों ने घात लगाकर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। यहाँ तक कि जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

कहा जा रहा है कि नक्सलियों को पहले से ही सीआरपीएफ टीम की मूवमेंट की जानकारी थी। जानकारी के मुताबिक, जब यह हमला हुआ तब सीआरपीएफ टीम के 7 जवान साथ थे। जिसमें से हमले में शिशुपाल सिंह (ASI), शिवलाल (ASI) व कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार सिंह (आरक्षक) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

मुठभेड़ के बारें में जानकारी देते हुए ओडिशा के डीजीपी एसके बंसल ने बताया, “दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से नुआपाड़ा में 3 जवान शहीद हो गए। हमारे वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पहुँच गए हैं। राज्य सरकार ने प्रत्येक बलिदानी के परिवार को 20-20 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।” वहीं डीजीपी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि माओवादियों को पकड़ने के लिए क्षेत्र में सघन अभियान जारी रहेगा।

दरअसल, नक्सली जवानों को अपने एम्बुश में फँसाने की कोशिश कर रहे थे। इसमें तीन जवान बुरी तरह से फँस गए और गोली लगने से घटनास्थल पर ही बलिदान हो गए। इधर अन्य दूसरे जवानों ने मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। लगभग डेढ़ से दो घंटे तक हुई मुठभेड़ में नक्सली भाग खड़े हुए। जानकारी के मुताबिक अब मुठभेड़ पूरी तरह से थम चुकी है और इलाके की लगातार सर्चिंग जारी है। वहीं बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने जवानों पर बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर ) भी दागे और मौके पर बड़ी संख्या में BGL के अवशेष बरामद हुए हैं।

‘जो जेल में थे, उनको भी FREE इलाज दिया’: आज़म खान पर गरजे CM योगी, कहा – रस्सी जल गई, ऐंठन नहीं जा रही

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों पर 23 जून को उपचुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आज रामपुर में भाजपा प्रत्‍याशी घनश्‍याम लोधी के समर्थन में अलग-अलग स्‍थानों पर जनसभाएँ कीं। बिलासपुर के बाद मिलक में जनसभा को सम्‍बोधित करते हुए सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने आजम खान पर जमकर निशाना साधा।

सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों ने रामपुर की पहचान का दुरुपयोग किया। सीएम बोले, “उन्होंने जमीनों पर कब्जा करने, गरीबों को उजाड़ने, गुंडा-माफियाराज स्थापित करने व सरकारी धन का दुरुपयोग करने के लिए ‘रामपुर के चाकू’ का दुरुपयोग किया था। लेकिन, जब रामपुर का चाकू डबल इंजन की भाजपा सरकार के हाथ में आया, तब यहाँ पर गुंडों और माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई।”

उन्होंने आगे कहा, “डबल इंजन की भाजपा सरकार रामपुर की धरोहरों को नष्ट नहीं होने देगी, न ही किसी प्रकार का खिलवाड़ होने देगी। चाहे वह व्यक्ति कितना भी बड़ा, कितने ही गुरूर वाला क्यों न हो।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कोरोना काल में हमने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। जो जेल में थे, उनको भी फ्री में इलाज मिला। वे उस समय कहते थे कि जेल ही जन्‍नत है। आज कहते हैं जेल नरक है। मैं जानता था वे लोग इतनी जल्‍दी रंग बदलते हैं कि गिरगिट भी शरमा जाए। रस्सी जल गई, लेकिन ऐंठन नहीं जा रही है।” उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, “प्रदेश में आप किसी भी सभ्य परिवार से समाजवादी पार्टी के बारे में पूछ लिजिए। छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक, हर व्यक्ति यही बोलेगा, इनसे तो भगवान ही बचाए।”

बता दें कि रामपुर की जनसभाओं में सीएम योगी ने केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना की भी जमकर तारीफ की। उन्‍होंने कहा कि हमारे समय में किसी के साथ भेदभाव नहीं होता है। यूपी का कोई भी नौजवान जब नौकरी पर लगता है तो यूपी का नौजवान होता है। यही कारण है कि 5 साल में 5 लाख नौजवानों को हमने सरकारी नौकरी दी। 1.61 करोड़ नौजवानों को हमने निजी क्षेत्र में निवेश कराकर रोजगार और नौकरी के साथ जोड़ा। इतने बड़े पैमाने पर यूपी में नौकरी कभी नहीं आई और हम इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं।

नकली एक्सचेंज, महिला का प्रोफ़ाइल…भारत के क्रिप्टो निवेशकों से ₹1000 करोड़ की ठगी, Bitcoin में पैसा लगाने वालों को यूँ बनाया जा रहा निशाना

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों के लिए बुरी खबर है। भारतीय निवेशकों से ‘CoinEgg’ नामक स्कैम ने 1000 करोड़ रुपए की ठगी कर ली है। सिक्योरिटी फर्म ‘CloudSEK’ के रिसर्च में इसका खुलासा हुआ है। एंड्राइड यूजर्स को खासकर के इसका निशाना बनाया गया। आम लोगों को गैंबलिंग में आकर्षित कर के ऐसा किया गया। इसमें प्रमुख क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के नकली मॉडल बनाए गए और ग्राहकों से धोखाधड़ी की गई।

मान लीजिए, आप किसी ‘A’ नामक क्रिप्टो एक्सचेंज का प्रयोग करते हैं। हैकरों ने इसी का एक डुप्लीकेट तैयार कर दिया और आपके फोन में ये इंस्टॉल हो गया। फिर आप जब इसे खोलेंगे तो इसका डैशबोर्ड हूबहू ओरिजिनल जैसा ही दिखेगा। 7 चरणों में इस स्कैम को अंजाम दिया गया है। फेक डोमेन बनाने के बाद दूसरे चरण में सोशल मीडिया पर एक महिला की प्रोफ़ाइल बनाई जाती है। इसके बाद किसी ग्राहक से संपर्क कर के उसे लालच दिया जाता है।

क्रिप्टो निवेश के जरिए उसे अमीर बनने के सपने दिखाए जाते हैं। ये सब उससे उस महिला प्रोफ़ाइल के जरिए दोस्ती के बाद किया जाता है। किसी क्रिप्टो एक्सचेन्ज की तरफ से गिफ्ट का दावा करते हुए 100 डॉलर रुपए का क्रेडिट भी दिया जाता है। इस फ्री क्रेडिट के लिए उन्हें साइन-अप करने के लिए कहा जाता है। 100 डॉलर क्रेडिट के लिए वो ऐसा करते हैं और बाद में अपना रुपया निवेश करने लगते हैं। इससे हैकरों को ठगी का मौका मिल जाता है।

पीड़ित के वॉलेट को फ्रीज कर के उन सारे रुपयों को निकाल लिया जाता है और फिर उक्त नकली एक्सचेंज से ग्राहक के कोई संपर्क ही नहीं हो पाता। यहाँ भी ठगी नहीं रुकती। जब ग्राहक ओरिजिनल एक्सचेंज के पास शिकायत लेकर जाता है तो ये ठग उनके एजेंट्स बन कर इनबॉक्स में संपर्क करते हैं। फ्रीज हुए हैंडल को वापस दिलाने के लालच में उनसे आईडी कार्ड और बैंक डिटेल्स ले लेते हैं। इसके बाद अन्य वित्तीय धोखाधड़ी में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

’24 जून से अग्निपथ के खिलाफ देश भर में सड़क पर उतरेंगे किसान’: राकेश टिकैत ने शुरू की तैयारी, कहा – सरकार पर यकीन नहीं

केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच मंगलवार (21 जून 2022) को हिमाचल प्रदेश के गुरुद्वारा पांवटा साहिब पहुँचे भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने अग्निपथ योजना के खिलाफ आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया। टिकैत ने कहा, “इस योजना के विरोध में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी तैयारी 24 जून से शुरू होगी। केंद्र सरकार रोजाना अपना स्टैंड बदलती है। सुबह कुछ और शाम को कुछ कहती है। अग्निपथ पर भी सरकार का यही हाल है। इसलिए हम उसकी किसी भी बात पर यकीन नहीं कर सकते हैं।”

टिकैत ने आगे कहा कि केंद्र सरकार को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि आखिर बेरोजगारों को किस तरह की नियुक्ति दी जाएगी? उन्होंने सभी किसान नेता और संगठनों से मिलकर इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। सोमवार (20 जून 2022) को भी राकेश टिकैत ने हरियाणा के करनाल में कहा था कि 24 जून को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) देश भर के जिला मुख्यालयों पर ‘अग्निपथ योजना‘ का विरोध करेगा।

इससे पहले कथित किसान नेता राकेश टिकैत ने 18 जून को उत्तराखंड के हरिद्वार में आक्रोश रैली निकाली थी। इस दौरान टिकैत ने सरकार पर युवाओं के साथ भद्दा मजाक करने का आरोप लगाया था। टिकैत के पैदल मार्च में किसानों के साथ भारी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे।

मार्च के दौरान बीकेयू नेता ने सरकार से अग्निपथ योजना को वापस लेने की माँग करते हुए नारेबाजी की थी। उल्लेखनीय है कि हरिद्वार में चल रहे किसान महाकुंभ का शनिवार (18 जून 2022) को तीसरा दिन था। इस मौके पर राकेश टिकैत ने कहा था कि 30 जून को भारतीय किसान यूनियन देश भर के राज्यों के जिला मुख्यालयों के बाहर प्रदर्शन करेगी।

गौरतलब है कि ​हरिद्वार में प्रदर्शन के दौरान राकेश टिकैत समेत बीकेयू के सभी कार्यकर्ता बाँह पर काली पट्टी बाँधे लालकोठी से वीआईपी घाट पहुँचे और फिर वहाँ से सीसीआर होते हुए रोड़ी बेलवाला मैदान गए थे। किसान नेताओं का कहना था कि या तो केंद्र सरकार इस योजना को वापस ले या फिर इस पर अपना स्पष्टीकरण दे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को ये नियम बनाना चाहिए कि 18 साल के युवाओं को मिलिट्री की ट्रेनिंग दी जाए, न कि 4 साल की नौकरी के बाद बेरोजगार कर दिया जाए।

यशवंत सिन्हा ने चुपके से डिलीट किया ‘Ch&*iya’ वाला ट्वीट, स्क्रीनशॉट वायरल: आधे-अधूरे विपक्ष ने बनाया है राष्ट्रपति उम्मीदवार

आधे-अधूरे विपक्ष के साझा आधिकारिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में घोषित होने के तुरंत बाद, तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता यशवंत सिन्हा ने अपने पुराने आपत्तिजनक ट्वीट डिलीट करने लगे हैं। उनका एक ट्वीट वायरल है जिस पर लोग उन्हें घेर रहे हैं। हालाँकि, सिन्हा ने यह ट्वीट अप्रैल 2022 में एक ट्विटर यूजर की टिप्पणी के जवाब में किया था। जिसे फ़िलहाल उन्होंने डिलीट कर दिया है।

मंगलवार (21 जून, 2022) को, टीएमसी उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा को आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष द्वारा अपना साझा उम्मीदवार घोषित किया गया, जो 18 जुलाई को होने वाला है। सिन्हा को ममता बनर्जी, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, कॉन्ग्रेस और अन्य दलों ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया।

सिन्हा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष का उम्मीदवार घोषित किए जाने के तुरंत बाद, उनके एक पुराने ट्वीट ने ट्विटर यूजर का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें वह एक हिंदी गाली ‘Ch*&%’ का उपयोग करते हुए ट्विटर यूजर को जवाब दे रहे हैं। मामला, इसी साल अप्रैल का है, जब यशवंत सिन्हा ने एक असंगत ट्वीट किया जिसमें उन्होंने ईंधन की बढ़ती कीमतों के बारे में बात करते हुए इसकी तुलना देश के मिजाज से कर डाली।

उस पर, एक ट्विटर यूजर ने सांसद को ‘Ch$%&’ के रूप में संदर्भित करते हुए उनसे पूछा कि वह क्या कहना चाह रहे हैं? जिस पर, टीएमसी नेता ने अपना आपा खो दिया और जवाब दिया कि वह उनके ट्वीट को नहीं समझ सकता- “…कि वह एक Ch&% है।” जानकारी के लिए बता दें कि Ch&%* एक गाली है जिसे अपमानजनक रूप से कुछ राज्यों में उपयोग किया जाता है।

आज कई ट्विटर यूजर ने यशवंत सिन्हा के उसी अपमानजनक ट्वीट की तरफ ध्यान आकर्षित कराया कि एक देश के प्रमुख के रूप में ऐसा व्यवहार कहाँ तक उचित होगा?

हालाँकि, सोशल मीडिया पर अपने गुस्से की वजह से फँसने के बाद यशवंत सिन्हा ने चतुराई से अपने कदम पीछे खींच लिए और चुपचाप ट्वीट को डिलीट कर दिया। क्योंकि लोगों को सिन्हा का वह अपमानजनक ट्वीट आज दोपहर के बाद से ही ट्विटर पर नजर नहीं आ रहा था। हालाँकि, यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने गाली-गलौज की है। 2014 में भी उन्होंने कहा था कि कोई भी Ch*&% छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बन सकता है।

आँखों के सामने हो गई थी बेटे-बेटी की मौत, तब आए ‘गुरु’ और सँभाला: ठाणे में शिवसेना मतलब एकनाथ शिंदे, ऑटो ड्राइवर से मंत्री तक का सफर

महाराष्ट्र की राजनीति अभी एक ही व्यक्ति के इर्दगिर्द घूम रही है और वो हैं एकनाथ शिंदे, जो मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार में शहरी विकास और पब्लिक वर्क्स मंत्रालय सँभाल रहे हैं। साथ ही वो शिवसेना के विधायक दल के नेता भी थे, लेकिन अब उन्हें इस पद से हटा दिया गया है। 35 विधायकों के समर्थन का दावा करने वाले एकनाथ शिंदे कौन हैं, आइए हम आपको बताते हैं। वो देवेंद्र फड़नवीस की सरकार में भी मंत्री रहे थे।

वो ठाणे के कोपरी-पाचपाखाडी विधानसभा से पिछले 18 वर्षों से लगातार विधायक हैं और उन्होंने लगातार 4 बार यहाँ से जीत दर्ज की है। ठाणे जिले में उनकी तूती बोलती है और 2019 विधानसभा चुनाव के दौरान वहाँ के शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में उनके पोस्टर-बैनर लगाए थे। एकनाथ शिंदे ने अचानक से ऐसा फैसला लिया है, क्योंकि हाल ही में आदित्य ठाकरे के अयोध्या दौरे के दौरान वो उनके साथ थे।

शिवसेना ने उन्हें पार्टी का चीफ व्हिप भी बना रखा था। बता दें कि एकनाथ शिंदे पहले ऑटो रिक्शा ड्राइवर हुआ करते थे। 80 के दशक में ठाणे में उन्हें शिवसेना का शाखा प्रमुख बनाया गया था। फिर वो 1997 में म्युनिसिपल कॉर्पोरेटर बने। 3 वर्षों तक वो सिविक एजेंसी स्टैंडिंग कमिटी से सदस्य रहे। उनके बेटे श्रीकांत शिंदे कल्याण से शिवसेना सांसद हैं। आदित्य ठाकरे को जिस तरह से बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा था, उससे वो खुश नहीं थे।

ठाणे को मुंबई का सैटेलाइट सिटी भी कहा जाता है और शिवसेना का इसे गढ़ भी माना जाता है। बता दें कि एकनाथ शिंदे के जीवन में एक त्रासदी भी हो चुकी हाउ, जब दुर्घटना में उनके दो बच्चों का निधन हो गया था। सतारा में उनका एक बेटा और एक बेटी उनके सामने ही पानी में बह गए थे। तब वो शिवसेना कॉर्पोरेटर थे और राजनीति से इस घटना के बाद उनका मोहभंग हो गया था। उनके राजनीतिक गुरु आनंद दिघे उन्हें वापस लेकर आए।

उनके निधन के बाद 2001 में एकनाथ शिंदे को ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सदन का नेता चुना गया। शिवसेना के कई कार्यक्रमों का आयोजन उनके ही जिम्मे होता था। राज ठाकरे और नारायण राणे के बगावत के बाद एकनाथ शिंदे ने ही शिवसेना से जनता को फिर से जोड़ा। 2019 में कई विधायकों को वही वापस लेकर आए। सतारा जिले के पहाड़ी जवाली तालुका से आने वाले एकनाथ शिंदे ने ठाणे शहर में आने के बाद 11वीं कक्षा तक मंगला हाई स्कूल और जूनियर कालेज, ठाणे से पढ़ाई की। वो कुछ दिनों के लिए नेता प्रतिपक्ष भी रहे।

दिल्ली की अदालत ने भीम सेना वाले नवाब सतपाल तंवर को दी जमानत, नूपुर शर्मा की जुबान काटने पर रखा था ₹1 करोड़ का इनाम

दिल्ली की एक अदालत ने भीम सेना वाले नवाब सतपाल तंवर (Satpal Tanwar) को जमानत दे दी है। तंवर को बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को धमकाने और उन पर एक करोड़ रुपए का इनाम घोषित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। न्यायाधीश ने आरोपित को 50,000 रुपए की जमानत राशि और इतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने आरोपित को जाँच के दौरान अधिकारियों के समक्ष और सुनवाई की हर तारीख को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। इसके साथ ही पूर्व अनुमति लिए बिना देश से बाहर नहीं जाने को भी कहा है।

न्यायाधीश सरोहा ने अपने 19 जून के आदेश में कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने में जल्दबाजी की गई थी। पहले मामला दर्ज किया गया और फिर कथित आपत्तिजनक वीडियो का विश्लेषण किया गया। पूछताछ के बावजूद आईओ (Investigating Officer) जवाब देने में नाकाम रहे कि जब उन्होंने पूरा वीडियो नहीं देखा तो भी एफआईआर दर्ज करने की इतनी जल्दी क्यों थी?

अदालत ने कहा कि मामले में आरोपित को गिरफ्तार करते समय जाँच अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखा। अदालत ने अप्पनइ टिप्पणी में कहा कि आरोपित की गंभीर स्थिति और इस तथ्य पर भी गौर नहीं किया गया कि गिरफ्तारी के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपित भीम सेना का सदस्य है, यह जमानत अर्जी पर फैसला करते समय प्रासंगिक तथ्य नहीं है, क्योंकि भीम सेना कोई प्रतिबंधित संगठन नहीं है।

मालूम हो कि भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 16 जून 2022 को उसके गुरुग्राम स्थित घर से दबोचा था। नवाब का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने पैगंबर मुहम्मद पर कथित टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा की जुबान काटकर लाने वाले व्यक्ति के लिए 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा की थी। साथ ही उसने 8 जून को बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता पर ईश​निंदा का आरोप लगाते हुए उन्हें सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था।

उसने कहा था, “मुझे खुद पर भरोसा है। अगर इस देश की सरकार, उत्तर प्रदेश की सरकार, योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी की औकात नहीं है नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की तो उसे मेरे हवाले कर दें। उसे सबके सामने मुजरा करवाऊँगा। अपने सामने मुजरा करवाऊँगा और उसे मनमाफिक सजा दूँगा।”

नौसेना में अग्निपथ योजना के तहत 1 जुलाई से पंजीकरण, सेवाकाल समाप्ति पर मर्चेंट नेवी में सीधे लिए जाएँगे अग्निवीर

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) की महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर जारी हिंसा और विपक्षियों के विरोध के बीच भर्ती की घोषणाएँ जारी हैं। एयरफोर्स के बाद अब नौसेना ने अग्निवीरों का भर्ती कैलेंडर जारी किया है।

इंडियन नेवी की भर्ती प्रक्रिया को लेकर नौसेना के कार्मिक प्रमुख (COP) वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा, “हमारा भर्ती कैलेंडर 25 जून के लिए तय किया गया था, लेकिन यह कल 22 जून से शुरू होगा। ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होगी।”

चार साल तक सेना में सेवा देने के बाद अग्निवीरों के भविष्य को लेकर जारी बहस के बीच त्रिपाठी ने कहा, “DG शिपिंग आदेश के अनुसार, 4 साल के प्रशिक्षण के बाद अग्निवीरों सीधे मर्चेंट नेवी में जा सकते हैं।”

रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले सैन्य मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा, “अग्निपथ योजना तीन चीजों को संतुलित करती है। पहली, सशस्त्र बलों की युवा प्रोफ़ाइल, दूसरा तकनीकी जानकारी एवं सेना में शामिल होने वाले अनुकूलनीय लोग और तीसरा, व्यक्ति को भविष्य के लिए तैयार करना।”

सबसे पहला भर्ती गाइडलाइन जारी करते हुए वायुसेना ने कहा था कि अग्निवीरों को अपनी चार साल की नौकरी पूरी करनी होगी। इससे पहले वे फोर्स नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने के लिए उन्हें अधिकारी की सहमति लेनी होगी। इसके साथ ही 18 साल से कम उम्र के अग्निवीरों को अपने माता-पिता या अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी।

गाइडलाइन में अग्निवीरों की छुट्टी और मेडिकल फैसिलिटी से संबंधित संशयों का निराकरण किया गया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि अग्निवीर सभी सैन्य सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। इन्हें साल में तीस दिन की छुट्‌टी दी जाएगी। इसके अलावा, बीमार होने पर डॉक्टर की सलाह पर सिक लीव भी मिलेगी।

अग्निवीरों की भर्ती 17.5 से 21 साल के बीच के आयु वालों की और फिजिकल फिटनेस एवं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर की जाएगी। 18 साल से कम आयु के अभ्यर्थियों को अपने माता-पिता या अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। चुने जाने के बाद उन्हें मिलिट्री की ट्रेनिंग दी जाएगी।

अग्निवीरों की ड्रेस तय होगी और उन्हें अपनी वर्दी में ही ड्यूटी करनी होगी। किसी भी ड्यूटी के लिए कहीं भी भेजा जा सकता है। इस दौरान उन्हें मेडिकल फैसिलिटी और कैंटीन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, वेतन के साथ-साथ रिस्क, हार्डशिप, ड्रेस एवं ट्रैवल अलाउंस भी दिया जाएगा। अग्निवीरों को 48 लाख रुपए का बीमा कवर दिया जाएगा।

अगर कोई अग्निवीर अपनी सेवाकाल के दौरान वीरगति को प्राप्त होता है तो उसके परिवार को बीमा समेत करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जाएगी। विकलांगता पर एक्स-ग्रेशिया और बची हुई नौकरी की वेतन और सेवा निधि की 10.04 लाख सहित राशि दी जाएगी।

अगर सेवाकाल के दौरान किसी अग्निवीर की मौत हो जाती है तो उसे 48 रुपए की बीमा राशि, सेवा निधि और बाकी बचे सेवा काल का वेतन दिया जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ऐसे लोगों को अग्निवीर का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

इसके अलावा, मेडिकल ट्रेडमैन को छोड़कर भारतीय वायुसेना के नियमित कैडर में उन्हीं अभ्यर्थियों को लिया जाएगा, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया है। सेना या किसी अन्य फोर्स में इनकी नियुक्ति सरकारी नियमों के अनुसार ही होगी।

राहुल गाँधी से ED पूछताछ के विरोध में ‘थूक जिहाद’: महिला कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने सुरक्षाकर्मियों पर थूका, रेणुका चौधरी-अलका लांबा के बाद एक और नेत्री बेकाबू

मनी लॉन्ड्रिंग केस में राहुल गाँधी से चल रही प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के बीच कॉन्ग्रेसियों द्वारा लगातार सड़कों पर हंगामा जारी हो रखा है। इस बीच ऑल इंडिया महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह सुरक्षाकर्मियों पर थूक रही हैं।

आजतक पत्रकार शुभांकर मिश्रा द्वारा शेयर की गई वीडियो में देख सकते हैं कि महिला सुरक्षाकर्मी नेट्टा को गाड़ी में बैठा रही हैं जबकि नेट्टा वाहन के दरवाजे पर खड़े होकर उनके ऊपर थूक रही हैं। नेट्टा के थूक फेंकने की यह हरकत वीडियो में स्पष्ट रिकॉर्ड हुई है। वीडियो को देखने के बाद लोग कह इन्हें ‘थूक गैंग’ बता रहे हैं। इसके अलावा ये भी कहा जा रहा है कि नेट्टा का कोविड चेक अप होना चाहिए

नेट्टा डिसूजा का वीडियो सामने आने से पहले कॉन्ग्रेस की कुछ और महिला नेत्रियों का वीडियो सामने आया था। एक वीडियो में अलका लांबा पुलिस के सामने सड़क पर अजीबोगरीब ढंग से रोते-चिल्लाते दिखी थीं। उन्होंने पुलिसकर्मी को हाथ पीछे करके कहा था कि अब उन्हें कहा जाएगा कि उन्होंने वर्दी पर हाथ डाल दिया जबकि ये सब तो वह खुद को बचाने के लिए कर रही हैं।

अलका और नेट्टा की तरह ही एक और कॉन्ग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता हैं जो कुछ दिन पहले अपनी हरकत के कारण चर्चा में आई। नाम है- रेणुका चौधरी। रेणुका का पिछले दिनों पुलिस से बदसलूकी का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था। हैदराबाद में पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान वह एक पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ते हुए नजर आ रही थीं। उस दौरान 7-8 महिला पुलिसकर्मियों ने पकड़कर काबूल किया था।

‘स्वास्थ्य मंत्री जैसी दिखती हो, पोर्न वीडियो बनाओ’: केरल CM को बेनकाब करने वाला पत्रकार पहुँचा जेल, महिला ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

केरल की कोच्चि पुलिस ने 17 जून को एक महिला सहकर्मी की शिकायत के आधार पर पत्रकार टीपी नंदकुमार (TP Nandakumar) को गिरफ्तार किया था। ‘क्राइम’ के नाम से मशहूर पत्रकार टीपी नंदकुमार क्राइम मैगजीन के मुख्य संपादक हैं। पत्रकार को कलूर स्थित उनके आवास से उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उन पर कथित तौर पर एक महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न, उसके साथ बदसलूकी करने और फर्जी अश्लील वीडियो बनाने के लिए उस पर दबाव डालने का आरोप है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला ने 27 मई को कोच्चि पुलिस आयुक्त के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि पत्रकार टीपी नंदकुमार ने उसे स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज को निशाना बनाते हुए एक पोर्न वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया था। नंदकुमार ने उससे यह भी कहा था कि वह जॉर्ज की तरह दिखती है।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पत्रकार ने उसे इस काम के लिए मोटी रकम की पेशकश की थी। जब उसने पोर्न वीडियो को करने से इनकार कर दिया तो उसने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। शिकायत के आधार पर केरल पुलिस ने नंदकुमार के कार्यालय की तलाशी ली, वहाँ से उन्होंने कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए।

इस बीच कोच्चि के पुलिस आयुक्त सीएच नागराजू ने आरोप लगाया कि पत्रकार ने शिकायतकर्ता से केरल की स्वास्थ्य मंत्री का एक फर्जी वीडियो बनाने के लिए कहा था। पत्रकार के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुँचाने के इरादे से शब्द, भाव-भंगिमा का इस्तेमाल करना या हरकत करना), 294 बी (अश्लील हरकत करना) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि महीनों पहले पत्रकार टीपी नंदकुमार ने क्राइम पत्रिका में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनके पास स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के कई न्यूड वीडियो हैं। सितंबर 2021 में पत्रकार नंदकुमार ने केरल के पूर्व कॉन्ग्रेस नेता पीसी जॉर्ज का इंटरव्यू लिया था। इस दौरान पीसी जॉर्ज ने स्वास्थ्य मंत्री के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वीना जॉर्ज को सिर्फ इसलिए स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, क्योंकि वह सीएम पिनराई विजयन की ‘अस्सिटेंट’ थीं।

क्राइम मैगजीन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस फोन-इन इंटरव्यू शेयर किया था। जिसके बाद क्राइम मैगजीन के मुख्य संपादक टीपी नंदकुमार को गिरफ्तार किया गया। कक्कनड पुलिस ने उन पर वीना जॉर्ज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और उसका ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया वायरल करने का आरोप लगाया था। बाद में पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज के खिलाफ राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला दर्ज किया गया था।

नंदकुमार ने सीएम विजयन को बेनकाब किया था

गौरतलब है कि पत्रकार टीपी नंदकुमार और पूर्व नेता पीसी जॉर्ज का सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ कानूनी लड़ाई का इतिहास रहा है। वर्ष 2006 में, नंदकुमार ने एसएनसी-लवलिन भ्रष्टाचार मामले में ईडी को महत्वपूर्ण सबूत पेश करके सीएम विजयन को बेनकाब किया था। उन्होंने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) में सीएम विजयन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और उन पर आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था, जब वह मई 1996 से अक्टूबर 1998 तक केरल के बिजली मंत्री के रूप में कार्यरत थे। पुलिस का कहना है कि सोने की तस्करी के मामले में सीएम विजयन के खिलाफ स्वप्ना सुरेश द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे भी नंदकुमार हैं।