Home Blog Page 2647

नुपूर शर्मा को समर्थन करना इंजीनियरिंग छात्र अशरफ साद को पड़ा महंगा: पहले भीड़ ने मारा, फिर भिवंडी पुलिस ने गिरफ्तार किया

पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में कट्टरपंथी अब उन लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं जो नुपूर शर्मा के साथ खड़े हैं। हाल में ये सब इंजीनियरिंग छात्र साद अश्फाक अंसारी के साथ हुआ। साद ने इंस्टाग्राम पर नुपूर शर्मा को समर्थन देते हुए पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ सवाल खड़े किए थे और नुपूर शर्मा को बहादुर महिला कहा था। इसके बाद कट्टरपंथियों की भीड़ उस लड़के के घर जा पहुँची और अंत में महाराष्ट्र की भिवंडी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

अश्फाक ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा था, “50 साल का आदमी 6-9 साल की बच्ची से शादी करे, ये साफ तौर पर बाल शोषण है। मुझे नहीं पता कि लोग इसे कैसे समर्थन कर रहे हैं। क्या आप अपनी 6 साल की बेटी 50 साल के आदमी को देंगे (इस बारे में सोचिएगा।)”

एक और इंस्टा स्टोरी में अश्फाक ने लिखा था, “मैं किसी मजहब को समर्थन नहीं देता। मुझे सबसे नफरत है। मैं सिर्फ एक ऐसी दुनिया में रहने से डरता हूँ जहाँ आपको और आपके परिवार को मार दिया जाए क्योंकि आपने एक ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ बोल दिया जिनका इंतकाल सालों पहले हो चुका है।”

इंजीनियरिंग छात्र ने अपील की थी, “बड़े हो जाओ यार। ऐसे मजहब को छोड़ो जो दुनिया में आतंक फैलाए और इंसान बनो। ये बहुत आसान है। मैं जानता हूँ ये सब पोस्ट करने के बाद मुझे कितनी नफरत झेलनी पड़ेगी। मैं गलत समझे जाने के लिए तैयार हूँ क्योंकि तुम लोग अब भी बच्चे ही हो।”

अश्फाक के इन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कट्टरपंथी भीड़ 11 जून की रात उसके घर पहुँची और उससे बाहर निकलने को कहा गया। लड़के ने किसी तरह भीड़ को समझाने का प्रयास किया। उसने घबराते हुए कहा, “मैं चाहता तो अंदर रह सकता था। लेकिन मैं तुम लोगों से बाहर बात करने आया हूँ।” इसके बाद भीड़ से एक व्यक्ति ने कहा, “अगर तू अंदर रहता तो हम तुझे खींचकर बाहर लाते और मारते।” लड़के ने हाथ जोड़कर भीड़ को समझाने की बहुत कोशिशें की। लेकिन भीड़ नहीं मानी। अंत में उससे जबरन कलमा पढ़वाया गया। जब लड़के ने इसे पढ़ना शुरू किया तो व्यक्ति ने उसके मुँह पर झापड़ मारा और दूसरे ने लगातार धमकी दी।

इसके बाद 12 जून को दोबारा मुस्लिम भीड़ अश्फाक के घर पहुँची और अपना प्रदर्शन किया। बाद में भिवंडी के निजामपुर पुलिस थाने में साद के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। कट्टरपंथी भीड़ ने आरोप लगाया कि साद ने पैगंबर पर आपत्तिजनक की। भीड़ ने कहा कि उन्हें माफी नहीं, गिरफ्तारी चाहिए। एक प्रदर्शनकारी ने तो ये तक कहा कि अगर ऐसी घटना दोबार घटित हुई तो कानून अपना काम करेगा और वे लोग अपना।

नुपूर शर्मा को महाराष्ट्र पुलिस ने जारी किया है समन

उल्लेखनीय है कि ईशनिंदा का मामला भिवंडी में जोर पकड़ रहा है। नुपूर शर्मा के विरुद्ध भी वहाँ एफआईआर दर्ज हुई हैं और पुलिस ने नुपूर को पूछताछ के लिए समन किया है। वहीं मुंबई पुलिस ने भी नुपूर को पूछताछ के लिए समन भेजा है और उन्हें 25 जून को पेश होने को कहा है। इसके अलावा मुंब्रा थाने से भी नुपूर को 22 जून को पेश होने को कहा गया है।

बंगाल में 1000 की मुस्लिम भीड़ ने ट्रेन को क्षतिग्रस्त किया, कई यात्री घायल: NH-34 पर घंटों जाम, सड़क किनारे दुकानों-घरों पर पत्थरबाजी

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित बेथुआडहरी में मुस्लिम भीड़ ने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया है। इस दौरान एक ट्रेन क्षतिग्रस्त हो गई और साथ ही कई यात्रियों को भी चोट पहुँची है। पूर्वी रेलवे के ‘चीफ रिलेशन ऑफिसर’ ने बताया कि भीड़ की संख्या लगभग 1000 में थी। फ़िलहाल वहाँ ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। पूर्वी रेलवे राज्य सरकार की अनुमति का इंतजार कर रहा है। मुस्लिम भीड़ ने रेलवे स्टेशन और ट्रेन पर जम कर पत्थरबाजी की।

ये घटना रविवार (12 जून, 2022) को शाम की है। संलग्न किए गए तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस तरह ट्रेन की खिड़की के शीशों को नुकसान पहुँचाया गया है। मुस्लिम प्रदर्शनकारियों की भीड़ पहले से ही पटरी जाम कर के वहाँ मौजूद थी। उनमें से कुछ प्लेटफॉर्म पर घुस गए और वहाँ मौजूद ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। यात्रियों को भी निशाना बनाया गया। इस कारण लालगोला लाइन पर ट्रेन सेवाओं में बाधा पहुँची है।

मुस्लिम भीड़ ने नदिया में सड़क भी जाम किया था, लेकिन पुलिस ने जब उनका पीछा किया तो वो रेलवे स्टेशन पर आ धमके। ये घटना तब हुई है, जब पश्चिम बंगाल के हावड़ा और मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएँ अभी भी बंद हैं और पुलिस बल की भारी तैनाती है। पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है। बेथुआडहरी में भी इंटरनेट सेवा बंद है। पुलिस और RPF ने प्लेटफॉर्म को घेर कर नियंत्रण में ले लिया।

ये भी बताया जा रहा है कि बेथुआडहरी में विरोध प्रदर्शन के नाम पर मुस्लिम संगठनों के बैनर तले जमा भीड़ ने सड़क किनारे स्थित दुकानों और घरों को जम कर निशाना बनाया। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 34 पर आवागमन ठप्प कर दिया गया। स्थानीय पुलिस भी स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाई। इससे पहले भी बंगाल में दिन भर तनाव का माहौल रहा, जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को हावड़ा जाने से रोक दिया गया। नूपुर शर्मा पर वहाँ FIR भी दर्ज हुई है।

‘सारे गैर-मुस्लिम काफिर हैं’: वायर-क्विंट के लिए लिखने वाले इस्लामी पत्रकार को बुलडोजर से लगी मिर्ची, विपक्षी दलों पर निकाला गुस्सा

प्रयागराज में दंगे भड़काने के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ पंप और उसकी बेटी आफरीन फातिमा के अवैध निर्माण को प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा तोड़े जाने के बाद इस्लामिक मानसिकता वालों का रोना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में इस्लामी पत्रकार मीर फैसल ने उत्तर प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए योगी सरकार की कार्रवाई का विरोध नहीं करने के लिए ‘काफिर’ करार दिया है।

मीर फैसल ने एक ट्वीट (जो अब डिलीट हो चुका है) कर कहा, “उत्तर प्रदेश की सभी विपक्षी पार्टियों और नेताओं पर लानत है। अल कुफ्र मिल्लतुन वाहिदा।”

फैसल के ट्वीट को शेयर करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा ने कहा कि मीर फैसल ने सभी गैर मुस्लिमों को काफिर कहा है। उसका कहना है कि सभी गैर मुस्लिम एक जैसे होते हैं। उल्लेखनीय है कि मीर फैसल वामपंथी और इस्लामी न्यूज पोर्टल्स मकतूब मीडिया, एजे इंग्लिश, द वायर और द क्विंट के लिए लिखता है। (ये जानकारी उसके ट्विटर प्रोफाइल पर है)

यहीं नहीं, मीर फैसल के ट्विटर हैंडल को चेक करने पर इस्लामवाद से जुड़ी कई जानकारी मिली। इस दौरान मीर फैसल का एक और ट्वीट दिखा। इसमें वो प्रयागराज दंगों के आरोपित जावेद अहमद की बेटी आफरीन को उकसाने की कोशिश कर रहा है। फैसल ने लिखा, “आफरीन फातिमा मजबूत बनो। यह कभी मत सोचना कि अल्लाह गलत काम करने वालों से अनजान है। वह उन्हें केवल एक दिन के लिए विलंबित करता है जब आँखें (आतंक में) घूरेंगी। बहुत जल्द ही अल्लाह की मदद मिलेगी।”

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि 10 जून को जुमे की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने प्रयागराज में जमकर दंगा और पत्थरबाजी की। बाद में पुलिस ने इस दंगे के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ पंप को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि पंप ने ही बच्चों को आगे कर पत्थरबाजी करवाई थी। इस मामले में जेएनयू की पूर्व छात्रा रही उसकी बेटी आफरीन फातिमा का भी नाम सामने आया है। वहीं उसके अवैध निर्माण को लेकर नोटिस देने के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने रविवार (12 जून 2022) को ढहा दिया।

प्रयागराज के बाद अब मुरादाबाद में गरजेगा बुलडोजर, जामा मस्जिद के पास हुई थी हिंसा: इधर दिल्ली पुलिस भी एक्शन में, 2 को दबोचा

पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बहाने हिंसा करने वाली मुस्लिम भीड़ के विरुद्ध अब दिल्ली पुलिस भी एक्शन में आ गई है। जामा मस्जिद के सामने भीड़ जुटा कर जुमे के दिन हिंसा करने वालों में से मोहम्मद फहीम और निसार अहमद को दिल्ली पुलिस ने धर-दबोचा है। उधर मुरादाबाद में भी पुलिस ने प्रयागराज की तर्ज पर बुलडोजर वाली कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

दिल्ली के जामा मस्जिद की बात करें तो जुमे विरोध प्रदर्शन से शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने किनारा कर लिया था। बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में इन दोनों की गिरफ़्तारी हुई है। शनिवार (11 जून, 2022) की रात उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल फोन से बने वीडियोज भी खंगाले जा रहे हैं। 43 वर्षीय मोहम्मद निसार अहमद जहाँ जामा मस्जिद इलाके में ही रहता है, 37 वर्षीय मोहम्मद फहीम तुर्कमान गेट क्षेत्र का निवासी है।

इसी मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है। अन्य आरोपितों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। भीड़ में हाथों में तख्तियाँ लेकर कई मुस्लिम जुटे थे। शाही इमाम का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं है कि ये प्रदर्शनकारी थे कौन। वहीं मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जामा मस्जिद में हुई हिंसा के मामले में 90 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। अब नगर निगम की टीम पुलिस के साथ मिल कर अवैध अतिक्रमण हटाएगी।

जामा मस्जिद के पास जहाँ ये हंगामा हुआ था, बुलडोजर भी वहीं चलेगा। कई जगह इसके लिए चिह्नित कर लिए गए हैं। 34 आरोपित अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए 1 दिन का समय दिया गया है। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँच कर चेतावनी दी है। पुलिस ने भी इस प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग की अपील के लिए माइक से अनाउंसमेंट किया। काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

‘तुरंत निकलो वरना बिठाने की और भी जगह हैं’ : दंगाइयों के हितैषी सपा नेता कमाल अख्तर को UP पुलिस ने फटकारा, देखें Video

उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामले में यूपी पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों से आहत समाजवादी पार्टी नेता कमाल अख्तर और पार्टी के अन्य नेता पुलिस लाइन आरोपितों की पैरवी करने गए थे। लेकिन मौके पर मौजूद सीओ महेश गौतम ने उन्हें उल्टे पाँव लौटा दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारी की विधायक से नोंक-झोंक हुई और सपा नेता से कहा गया कि यहाँ तो वह खुद पुलिस लाइन से बाहर हो जाएँ वरना पुलिस के पास और भी जगह है बैठाने की

घटना संबंधी वीडियो में देख सकते हैं सफेद कुर्ते में समाजवादी पार्टी नेता अपने समर्थकों के साथ थाने में आते हैं। मगर तभी महेश गौतम आगे आते हैं और उन्हें रोक कर कहते हैं, “बिलकुल आगे नहीं आना। अगर आए तो अंदर बहुत से ऐसे ही लोग हैं।” इसके बाद वीडियो में सपा नेता उल्टे पाँव लौटकर अपने लोगों से गाड़ी में बैठने को कहते हैं। पीछे से पुलिस भी उन्हें चलो-चलो कहती सुनाई पड़ती है।

बता दें कि हिंसक उपद्रवियों को पकड़ने के क्रम में पुलिस बेहद सख्त है और खासी गोपनीयता बरती जा रही है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे थाने के गेट पर कड़ा पहरा लगा है। पुलिसकर्मी मीडिया वालों को भी अंदर नहीं जाने दे रहे। जानकारी के मुताबिक उपद्रवियों को पकड़ने के बाद और जरूरी कागजी कार्रवाई करके पुलिस 21 अभियुक्तों को मेडिकल कारने जिला अस्पताल ले जा रही थी। लेकिन तभी सूचना मिली की सपा के महानगर अध्यक्ष शाने अली शानू की अगुवाई में कार्यकर्ता वहीं जुटे हैं। ऐसे में पुलिस ने रणनीति में बदलाव किया और सभी अभियुक्तों को पुलिस लाइन लाया गया। यहीं पर कमाल अख्तर अपने समर्थकों के साथ आए और सीओ महेश गौतम, एसएसपी और डीएम से मुलाकात करने को कहा। जिसके बाद महेश गौतम ने उन्हें पुलिस लाइन से बाहर जाने को कहा।

‘अल्लाह रहमत बरसाए’: दंगाई के घर पर चला बुलडोजर तो लिबरल गिरोह ने पीटी छाती, कहा – मुस्लिमों का हो रहा है उत्पीड़न

प्रयागराज दंगों के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ जावेद पंप अवैध रूप से बने घर को प्रयागराज प्राधिकरण द्वारा तोड़े जाने पर अब पहले से अपेक्षित तरीके इस्लामवादी और कथित लिबरल्स गैंग उसके बचाव में खड़ा हो गया है। शरजील उस्मानी, राणा अयूब और सुचित्रा विजयन जैसे स्व-घोषित बुद्धिजीवी और कार्यकर्ताओं ने सरकार पर हमला बोल दिया है।

इसी क्रम में कट्टरपंथी इस्लामी शरजील उस्मानी ने प्रयागराज दंगे के आरोपित जावेद का सिलसिलेवार ट्वीट कर आरोपी का बचाव किया। उस्मानी ने समय-समय पर आतंकियों का बचाव करने वाली जेएनयू की स्टूडेंट रही जावेद की बेटी आफरीन फातिमा का भी जिक्र किया।

एडीए की कार्रवाई को बदला करार देते हुए उस्मानी ने ट्वीट किया, “आफरीन फातिमा और उनका परिवार इस बात की कीमत चुका रहा है कि वे कौन हैं। यह खतरनाक रूप से नृशंस है। ये एक विच हंट है। अल्लाह उन सभी परिवारों पर अपनी रहमत बरसाए जो व्यक्तिगत जोखिम होने के बाद भी संघर्ष कर रहे हैं। अल्लाह उनकी और सभी परिवारों की रक्षा करे। आमीन।”

फिर क्या था कथित बुद्धिजीवी सुचित्रा विजयन ने भी आफरीन फातिमा और जावेद अहमद का समर्थन करते किया। सुचित्रा ने हैशटैग #StandWithAfreenFatima के साथ एक ट्वीट पोस्ट किया और एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें लोगों से ट्विटर पर #MuslimLivesMatter जैसे कई टैग्स को ट्रेंड कराने को कहा।

वहीं फाइनैंशियल फ्रॉड के चलते मनी लॉन्ड्रिंग के केस का सामना कर रहीं कट्टर इस्लामी और वाशिंगटन पोस्ट की स्तंभकार राना अय्यूब भी दंगे भड़काने के आरोपित के बचाव में कूद पड़ीं। जावेद अहमद के अवैध निर्माण को वैध तरीके से ध्वस्त करने की कार्रवाई को अय्यूब ने ‘उत्पीड़न’ करार दिया। कथित पत्रकार ने ट्वीट किया, “भारत में उत्पीड़न का एक और दिन। आफरीन फातीमा के खिलाफ अन्याय, विरोध करने पर जिन युवकों की हत्या की गई उनके घरों को तोड़ा गया। भारत में मुस्लिमों को अंतरराष्ट्रीय आक्रोश की कीमत चुकानी पड़ रही है।”

जावेद अहमद के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

10 जून को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज में हुए दंगे के मास्टरमाइंड जावेद अहमद के अवैध घर को ध्वस्त करने से पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने उसे सुबह 11 बजे तक घर खाली करने का नोटिस दिया था। ये नोटिस अंचल अधिकारी ने नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार करेली थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संपत्ति खड़ी की गई थी।

नोटिस के अनुसार, 9 जून को उसके घर को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने 12 जून को इस पर बुलडोजर चला दिया गया।

पादरी वाली ड्यूटी पर वापस लौटेगा नन से रेप के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल! वेटिकन ने लिया फैसला, केरल HC में चल रहा है मामला

नन के बलात्कार के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल को वेटिकन सिटी ने पादरी की ड्यूटी वापस निभाने की अनुमति दे दी है। बताया जा रहा है कि केरल के एक न्यायालय द्वारा उसे निर्दोष साबित करते हुए बरी किए जाने के बाद वेटिकन ने उसे ‘Pastoral Duties’ में वापस लौटने की अनुमति दे दी है। सितंबर 2018 में उसे अस्थायी रूप से इन ड्यूटीज से हटाया गया था। केरल पुलिस ने उससे पूछताछ की थी, जिसके बाद पोप फ्रांसिस ने ये निर्णय लिया था।

बता दें कि ईसाई मजहब में चर्च और पादरियों का सूबा बाँटा हुआ होता है, जिसे वो ‘Diocese’ कहते हैं। शनिवार (11 जून, 2022) को जालंधर डायसिस के दौरे पर आए आर्कबिशप लेओपोल्डो गिरेल्ली (भारत-नेपाल में वेटिकन के ‘राजदूत’, जिसे Apostolic Nuncio कहा जाता है) ने उत्तर भारत के पादरियों से कहा कि वेटिकन ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर न्यायपालिका के फैसले को स्वीकार कर लिया है। पादरियों के एक सवाल पर उन्होंने ऐसा कहा।

उनसे पूछा गया था कि क्या बिशप फ्रैंको मुलक्कल फिर से जालंधर डायसिस में सेवा देने के लिए लौट सकते हैं या नहीं। PTI की सूत्रों की मानें तो इस पर आर्कबिशप ने कहा कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल सीधे पोप के कमांड में हैं और उनकी जिम्मेदारी तय करने का अधिकार अब ‘Holy See (रोम)’ के पास है। बता दें कि 4 महीने पहले केरल के कोट्टायम के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल को ये कहते हुए बरी कर दिया था कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ उचित सबूत पेश करने में विफल रहा।

पीड़ित नन ने अब 57 वर्षीय पादरी के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। 2014-2016 के बीच उन्होंने कई बार कोट्टायम की यात्रा की थी और नन का आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने कई बार उसका बलात्कार किया। केरल की राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील में कहा है कि पीड़िता द्वारा दिए गए सबूत, कई गवाहों के बयानों और सबूतों से पुष्टि होती है कि नन के साथ बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने अप्राकृतिक अपराध और बलात्कार किया था।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए JP नड्डा और राजनाथ सिंह को भाजपा ने सौंपी कमान, अन्य पार्टियों से करेंगे चर्चा: देखें क्या कहता है नंबर गेम

भारत में राष्ट्रपति (Presidential Election) पद के चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद इसको लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में रविवार (12 जून 2022) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के साथ मीटिंग की। इसके लिए पार्टी ने कमेटी गठित कर दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं को ही पार्टी ने विपक्षी दलों से बात करने के लिए अधिकृत घोषित किया है। ये NDA के घटक दलों के साथ ही विपक्षी यूपीए के नेताओं के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीयों के साथ बातचीत करेंगे।

चुनाव आयोग के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए 18 जुलाई से वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में देश के नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को अपने पद की शपथ लेंगे। लेकिन ये चुनाव सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं होने वाला है।

क्या हैं नंबर गेम

ऐसा इसलिए है कि क्योंकि भले ही बीजेपी की केंद्र में सरकार हो और उसके सांसदों की संख्या अधिक हो। लेकिन फिर भी NDA गठबंधन के पास केवल 5,26,420 वोट हैं, जो कुल 10.79 लाख वोटों के आधे से थोड़ा कम हैं। यही भाजपा के लिए मुश्किल है। अब अगर राष्ट्रपति चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करना है तो बीजेपी को क्षेत्रीय पार्टयों के समर्थन की जरूरत होगी।

हालाँकि, 2017 में तो BJD और YSRCP ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन दिया था। लेकिन इस बार अभी तक ये दोनों ही पार्टियाँ शाँत बैठी हैं। हाल ही में पीएम मोदी के साथ इनकी बैठक जरूर हुई थी। राष्ट्रपति चुनाव में पूर्ण बहुमत के लिए NDA को करीब 13,000 वोटों की जरूरत है। अगर देखा जाय तो BJD के पास 31,000 से अधिक वोट हैं और YSRCP के पास 43,000 से अधिक वोट हैं। इस तरह से अगर कोई एक भी बीजेपी को सपोर्ट करती है तो राष्ट्रपति चुनाव बीजेपी के पाले में होगा।

राज्यसभा में कमजोर पड़ी बीजेपी

दरअसल, राज्यसभा में कुल 232 सदस्य है। इनमें से बीजेपी 100 के नंबर तक पहुँच गई थी। लेकिन 57 राज्यसभा की सीटों पर हुए चुनाव के बाद पार्टी घटकर 91 पर आ गई है।

कैसे होता है राष्ट्रपति चुनाव

संविधान के अनुच्छेद-54 के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज करता है। राष्ट्रपति चुनाव के कुल वोटरों की संख्या 4809 है। इसमें लोकसभा के सांसद और सभी राज्यों के विधानसभा के विधायक शामिल हैं। इस चुनाव में जनता द्वारा चुने गए विधायक और सांसद हिस्सा लेते हैं। वोट में हिस्सा लेने वाले विधायक और सांसद के वोट का वेटेज अलग-अलग होता है। इसमें भी सांसदों के वोट की वैल्यू अधिक होती है।

‘खाना देने के बहाने जीशान ने बीवी-बच्चियों को फँसाया, धर्मांतरण के बाद सऊदी में बेचा’ : MP में हिंदू युवक ने लगाई मदद की गुहार

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक व्यक्ति ने पुलिस में अपनी पत्नी और 2 बेटियों के धर्मान्तरण की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित ने जीशान नाम के व्यक्ति पर अपनी पत्नी को प्यार के जाल में फँसाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता को अपनी पत्नी और बेटियों के सऊदी अरब में बेचे जाने की भी आशंका है। शिकायत के मुताबिक 1 साल से उसको अपनी बीवी और बेटियों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। यह शिकायत 11 जून 2022 (शनिवार) को दर्ज कराई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित व्यक्ति 45 साल का पूरन राजपूत है। वह भोपाल का रहने वाला है। उसकी ससुराल शिवपुरी में है। पीड़ित की पत्नी का नाम राखी है। उसकी पत्नी के अलावा परिवार में 2 बेटियाँ हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, “कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जीशान मेरे मोहल्ले में खाना बाँटने आता था। इस दौरान उसने मेरी पत्नी को प्यार के जाल में फँसा लिया। मार्च 2021 में मेरी पत्नी दोनों बेटियों को ले कर अपने माता-पिता के साथ मायके शिवपुरी चली गई। तब से 1 साल से उसे अपनी पत्नी और बेटियों का कोई समाचार नहीं मिला है।”

पूरन राजपूत ने आगे लिखा, “जीशान ने मेरी पत्नी और बेटियों का धर्म परिवर्तन करवा कर उन्हें किस अज्ञात जगह भेज दिया है। मेरे पास कई वीडियो और ऑडियो है जिसमें जीशन मेरी बीवी को मुझ से तलाक लेने के लिए उकसा रहा है। साथ ही वो खुद से निकाह के लिए भी कह रहा। मुझे डर है कि जीशान ने उन्हें सऊदी अरब में बेच दिया है। मेरे सास-ससुर भी इस साजिश में शामिल हैं। मैं जब भी उनसे अपनी बेटियों और पत्नी के बारे में पूछता हूँ तब वो मुझे मारने-पीटने की धमकी देते हैं।”

पूरन राजपूत ने अपनी शिकायत को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी भेजी है। पीड़ित के मुताबिक जब उसने भोपाल में अपनी बेटियों और पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवानी चाही तो उसे शिवपुरी में शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा गया। इसी के बाद वह शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक के ऑफिस आया है।

नूपुर शर्मा के नाम पर पाकिस्तान से चला भारत-विरोधी प्रोपगेंडा: सोशल मीडिया पर फैलाया गया फेक न्यूज, फॉरेंसिक जाँच में खुलासा

भाजपा (BJP) के पूर्व नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और नवीन जिंदल (Navin Jindal) द्वारा इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर टिप्पणी को लेकर पाकिस्तान द्वारा प्रोपगेंडा चलाया गया था। पाकिस्तान द्वारा गई ट्विटर हैंडलों के जरिए भारत विरोधी अभियान को हवा दी गई।

डिजिटल फोरेंसिक रिसर्च एंड एनालिटिक्स सेंटर (DFRAC) की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने इस टिप्पणी को गलत तरीके पेेश करके भारत विरोधी अभियान चलाया और देश में माहौल खराब करने की कोशिश की। इस सिलसिले में खास हैंडल और ट्विटर हैशटैग की पहचान की गई है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस दौरान फेक स्क्रीनशॉट शेयर कीं और फर्जी खबरों को फैलाया। इस दौरान यह भी झूठा दावा किया गया कि इस टिप्पणी के विरोध में इंग्लिश क्रिकेटर मोईन मुनीर अली ने IPL के बहिष्कार की अपील और नूपुर से माफी की माँग की।

इसी तरह एक फर्जी सूचना वायरल की गई कि ओमान (Oman) के ग्रैंड मुफ्ती शेख अहमद बिन हमद अल-खलील ने लोगों से भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की घोषणा की। इसमें ये कहा गया कि उन्होंने बॉयकॉट इंडिया ट्रेंड शुरू किया। बता दें कि मुफ्ती ने सिर्फ नूपुर शर्मा की टिप्पणी की आलोचना की थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विवाद के दौरान ट्रेंडिंग हैशटैग पर बातचीत की जाँच की गई तो पता चला कि इनमें से अधिकतर प्रोफाइल विदेशों से संचालित हो रहे हैं। इनमें से 7,000 अकाउंट पाकिस्तानी, 3,000 सऊदी अरब, 1400 मिस्र और 1000 के करीब अमेरिका एवं कुवैत के थे। वहीं, इसमें शामिल 2500 यूजर भारतीय थे।

लाइव टेलीविजन पर डिबेट के दौरान नूपुर द्वारा की गई टिप्पणी को इन अकाउंट्स के जरिए अतंरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश की गई। इसके बाद एक-एक करके मुस्लिम देशों से प्रतिक्रिया आने लगी।

बवाल बढ़ता देख भाजपा ने नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। इस मसले को लेकर सरकार की ओर से कहा गया कि नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की टिप्पणी सरकार के विचार को नहीं व्यक्त करती।