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कानपुर हिंसा से पहले मौलानाओं की मीटिंग, शुक्रवार का दिन फिक्स: 1000+ पर FIR, 50 हिरासत में… CM योगी का निर्देश – लगाओ गैंगस्टर एक्ट

कानपुर के बेकनगंज इलाके में 3 जून 2022 (शुक्रवार) को भड़की हिंसा के आरोपितों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। हिंसा में अब तक कुल 3 FIR दर्ज कर के 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है। FIR 40 नामजद और लगभग 1 हजार अज्ञात लोगों पर दर्ज हुई है।

दंगाइयों पर लगाम लगाने के लिए सीएम योगी ने यूपी पुलिस के डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को उनके ऊपर गैंगस्टर एक्ट के साथ-साथ एनएसए लगाने का निर्देश दिया है। हिंसा के जिम्मेदारों को पकड़ने के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गईं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हिंसा में शामिल आरोपितों की सम्पत्तियों को जब्त कर के उस पर बुलडोजर चलने की भी संभावना जताई गई है। पुलिस की टीमें CCTV फुटेज और अन्य माध्यमों से दंगाइयों की पहचान करने में जुटी हुई हैं। हिंसा स्थल कानपुर के यतीमखाना में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जहाँ कई सीनियर अधिकारी स्वयं डटे हुए हैं। इस हिंसा को काबू करते हुए कुल 13 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।

हिंसा से ठीक पहले मौलानाओं ने की थी मीटिंग

जी न्यूज़ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कानपुर हिंसा से पहले मौलानाओं ने एक मीटिंग की थी। इस मीटिंग में कानपुर हिंसा का मुख्य आरोपित बताए जा रहे हयात जाफरी के भी शामिल होने का दावा किया गया है। पुलिस ने हयात जाफरी पर FIR दर्ज की है। चश्मदीदों के मुताबिक लगभग 2 हजार से ढाई हजार हमलावर इस उपद्रव में शामिल थे।

सूफी खानखाह एसोसिएशन ने PFI को बताया जिम्मेदार

सूफी खानखाह एसोसिएशन ने कानपुर हिंसा के लिए PFI को जिम्मेदार ठहराया है। एसोशिएशन ने बयान जारी करते हुए कहा, “ये शर्मनाक है। सभी अधिकारी इसकी उच्चस्तरीय जाँच करवाएँ। PFI के रहमानी द्वारा भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को उकसा कर बयान दिलाया गया। फिर उसी बयान के आधार पर पूरे देश भर में विरोध प्रदर्शन के लिए PFI आमंत्रित कर रही है। हमले के लिए शुक्रवार का दिन चुनना, जिस दिन मुस्लिम मस्जिदों में अधिक संख्या में जाता है। वो शहर चुनना जिसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति मौजूद हों। इन तमाम बातों का आपस में कनेक्शन है। कानपुर में PFI का स्थानीय गुंडों के गैंग से कनेक्शन है। अगर इस घटना में PFI का नाम जाँच में सामने आता है तो उस पर फ़ौरन बैन लगाया जाए।”

जबरन बंद करवाई जा रही थीं हिन्दुओं की दुकानें

कानपुर से भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी के मुताबिक हिंसा सुनियोजित थी।

सांसद के मुताबिक, “उन्होंने बताया कि हिन्दुओं की दुकानों को बंद करवाया। जब हिन्दुओं ने इंकार किया तब पथराव और मारपीट करने लगे। इस दौरान आगजनी भी की गई। मुख्यमंत्री ने पुलिस को प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिससे दुबारा ऐसी हिम्मत कोई न कर पाए।”

11-12वीं के लड़के-लड़कियों की पार्टी, इंस्टाग्राम पर प्लानिंग: हैदराबाद मर्सिडीज गैंगरेप में सदुद्दीन मलिक, उमैर खान गिरफ्तार

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad, Telangana) में 28 मई को एक पब में पार्टी के नाबालिग लड़की से हुए दुष्कर्म के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। इनसोम्निया एंड एम्नेशिया पब पार्टी (Insomnia & Amnesia Pub Party) की योजना इंस्टाग्राम (Instagram) पर बनाई गई थी और इस पार्टी में शहर के विभिन्न इलाकों के लगभग 200 लोगों ने भाग लिया था।

दोपहर में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों ने स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी में शराब और धूम्रपान (Alcohol and Smoking) की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही इस पार्टी में हिस्सा लेने वाले लोगों के लिए स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि अगर कोई शराब पीकर पार्टी में आता है तो उस पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

इस पार्टी में जिन लोगों ने लड़कों ने हिस्सा लिया था, वे सभी 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र थे। ये सभी छात्र बेहद धनाढ्य परिवारों से ताल्लुक रखते थे। इसके साथ ही इनमें से कुछ राजनेताओं और नौकरशाहों के परिवार से ताल्लुक रखने वाले छात्र भी शामिल थे।

खुद का नाम साईं बताने वाले एम्नेशिया और इनसोम्निया पब के मैनेजर का कहना है कि वह जानता था कि पार्टी स्कूली छात्रों के लिए थी। साईं ने कहा, “पहले यह 150 लोगों के लिए था, लेकिन बाद में उन्होंने लोगों की संख्या बढ़ाकर 180 कर दी। यह केवल एक लंच था और कोई शराब नहीं परोसी गई थी। मैंने इस बात का भी ध्यान रखा कि अंदर सिगरेट की भी अनुमति न हो।”

हालाँकि, हैदराबाद पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि पब में पार्टी के दौरान छात्र-छात्राओं के समूह को शराब परोसी गई थी या नहीं। इसके अलावा, पुलिस इसकी भी जाँच कर रही है कि जिस पार्टी में पीड़िता और उसके दोस्तों ने हिस्सा लिया था, उसमें किसी तरह के नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ था। इस संबंध में पुलिस ने जरूरी डिटेल जुटा ली है।

मैनेजर के अनुसार, पार्टी शाम 6 बजे तक चलती रही, लेकिन इसके खत्म होने के आधे घंटा पहले गैंगरेप पीड़िता ने वहाँ से निकलने की कोशिश की। उसके पास कोई गाड़ी नहीं थी। इसलिए उसके 8 सहपाठियों ने घर तक छोड़ने की पेशकश की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे दो कारों में रवाना हुए। उनमें से एक तेलंगाना नंबर प्लेट वाली लाल रंग की मर्सिडीज बेंज और एक बिना नंबर प्लेट वाली टोयोटा इनोवा थी।

साईं ने कहा कि 17 वर्षीय लड़की अपने एक सहपाठी के साथ मर्सिडीज में बैठ गई, जो संभवतः नाबालिग था। हालाँकि, उस पर कोई दबाव नहीं था। साईं ने बताया, “हमने देखा कि लड़की अन्य लड़कों के साथ बाहर जा रही है और उनकी कार में बैठ रही है। ऐसा कुछ नहीं दिखा, जिससे लगे की कुछ गड़बड़ हो।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ने कहा कि लड़की और उसके साथी आधे घंटे तक सड़क संख्या 37 पर स्थित कॉनक्यू नामक एक लोकप्रिय पेटीसरी में रूके और वहाँ अधिकांश लोगों ने कॉफी पी। जब वे पेस्ट्री की दुकान से निकले तो पीड़िता फिर से मर्सिडीज में चली गई। उसके पीछे इनोवा भी थी।

पुलिस का कहना है कि विधायक का बेटा बेकरी के पास ही इनोवा कार से उतर गया। इसलिए वह उस अपराध का हिस्सा नहीं था। बाद में शाम 7:10 बजे लड़की को टोयोटा कार से वापस पब छोड़ दिया गया। पुलिस को आशंका है कि कार जब बदली गई, इसी दौरान लड़की का गैंगरेप किया गया।

पब के पास से लड़की ने अपने पिता को फोन किया और उसे घर ले जाने के लिए कहा। उसके पिता 15 मिनट में वहाँ पहुँच गए और लड़की को घर ले गए। घर पर परिजनों ने लड़की की हालत को देखकर महसूस किया कि कुछ गड़बड़ हुआ है। वह सदमे और डर की स्थिति में थी और घरवालों से इसके बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।

डीसीपी वेस्ट जोन जोएल डेविस का कहना है कि पीड़िता अपराध में शामिल लड़कों के बारे में कुछ बता नहीं सकी है, क्योंकि वह उन्हें पहले से नहीं जानती थी। वह पार्टी के दिन पब में ही पहली बार उनसे मिली थी। लड़की ने सिर्फ एक लड़के का नाम लिया है।

DCP डेविस ने इस आरोप का खंडन किया कि गैंगरेप के के दौरान लड़की का वीडियो भी बनाया गया था और उस वीडियो का उपयोग करके ब्लैकमेल किया गया था। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने अपने बयान में इस तरह के किसी भी बात का जिक्र नहीं किया है। उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस आरोपियों को पकड़ने में जुटी है।

इस मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 18 साल के सदुद्दीन मलिक और 18 वर्षीय उमैर खान को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, पाँच में से 3 आरोपित नाबालिग हैं। नाबालिग होने के कारण इनके नाम और पिता के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

DCP डेविस का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वाले एक किशोर को लेकर उन्हें लीड मिली है। रात होने के कारण वे उसे नहीं पकड़ पाए और वे शनिवार (4 जून 2022) को उसे पकड़ेंगे। वह एक VIP का बेटा है।

भाजपा (BJP) नेताओं का कहना है कि तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली के पोते ने बैचलर पार्टी (Bachelor Party) का आयोजन किया था और पार्टी में शामिल होने के बाद पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया। वहीं, पश्चिम क्षेत्र के डीसीपी जोएल डेविस ने इस आरोप को निराधार बताया है।

वहीं, दुबक विधायक एम रघुनंदन राव ने कहा, “यह एक जघन्य अपराध है और इसमें सत्ताधारी TRS और AIMIM आरोपितों को बचाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।” उन्होंने जाँच पूरी होने तक गृहमंत्री महमूद अली को उनके पद से हटाए जाने की माँग की।

कानपुर में नमाज के बाद हिंसा को लेकर योगी सरकार सख्‍त, अब तक 18 दंगाई गिरफ्तार: लगेगा गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति होगी कुर्क या चलेगा बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur, Uttar Pradesh) में जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार (3 जून 2022) को हुई हिंसा के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) बेहद सख्त रूख अपनाया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदेश के ADG (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा कि एक पक्ष द्वारा दुकानें बंद कराने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। इसी बात को लेकर पत्थरबाजी हुई।

दरअसल, कट्टरपंथी मुस्लिम दिल्ली बीजेपी की प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान से नाराज हैं। इसी लेकर उन्होंने शुक्रवार को बंद का आह्वान किया था। जब दूसरे पक्ष ने बंद से मना कर दिया तो मुस्लिम उपद्रवी पत्थरबाजी करने लगे। यह बवाल परेड, नई सड़क और यतीमखाना समेत कई इलाकों में फैल गया। पुलिस ने जब दंगाइयों को रोकने की कोशिश की तो उस पर भी जमकर पत्थर बरसाए गए। इस हमले में 6 हिंदू घायल हो गए हैं।

ADG प्रशांत कुमार ने कहा कि इस घटना को शासन ने बहुत गंभीरता से लिया है। उपद्रवियों पर गैंगस्टर ऐक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, या तो उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी या फिर उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस की 12 कंपनी और एक प्लाटून PAC कानपुर के विभिन्न इलाकों में तैनात की गई है। इसके साथ ही कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी तैनात किया गया है।

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। इसके लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर अब तक 18 लोगों की पहचान करके गिरफ्तारी की गई है। वहीं, घटना में घायल हुए लोगों का इलाज कराया जा रहा है। घायल लोगों की पहचान मुकेश बाथम, अमर बाथम, संजय शुक्ला, उत्तम गौड़, मंजीत यादव और राहुल त्रिवेदी के रूप में हुई है।

घटना परेड चौराहे की है। हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया, हालाँकि, पत्थरबाजी जारी रही। इसके बाद उन्मादी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियाँ भाँजी गई और टियर गैस के गोले दागे। बताया जाता है कि नूपुर शर्मा के बयान को लेकर जौहर फैंस एसोसिएशन और दूसरी मुस्लिम तंजीमों ने गुरुवार को ही बाजार बंद कराने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद आज जुमे की नमाज के बाद उपद्रवियों ने सड़क पर आकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

सुबह से ही चमनगंज, मेस्टन रोड, बाबू पुरवा, दलेल पुरवा, कर्नलगंज, हीरामन पुरवा समेत कई इलाकों में पूर्ण या आंशिक बंदी थी। पुलिस ने मुस्लिमों को किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन जुमे की नमाज के दौरान विभिन्न मस्जिदों से एक संदेश दिया गया कि वो पैगंबर मुहम्मद पर किसी भी तरह की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके बाद नमाजी सड़कों पर उतर आए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) आज कानपुर के दौरे पर थे। इनके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भी थे। अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति कोविंद के गाँव परौंख भी गए।

क्या है मामला

बीते दिनों फैक्ट चेक के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बीजेपी नेता का एक ट्विस्टेड स्पीच ट्वीट कर ट्रोल्स को उकसाया था। जिसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने नूपुर शर्मा को गला काटने की भी धमकी दी थी। हालाँकि, ये मामला यहीं नहीं थमा, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बीजेपी प्रवक्ता की हत्या करने पर ईनाम रखने लगे। AIMIM (इंकलाब) ने भाजपा नेता नूपुर शर्मा की हत्या पर ₹1 Cr इनाम घोषित कर दिया।

नूपुर शर्मा पर तमाम तरह की हिंसक वारदातों में आरोपित रज़ा एकेडमी ने पहली FIR मुंबई में दर्ज करवाई थी। इसके बाद एक मदरसे के मौलवी ने दूसरा केस मुंबई के ही मुम्ब्रा थाने में दर्ज करवाया था। नूपुर पर तीसरी FIR हैदराबाद के साइबर क्राइम थाने में 31 मई 2022 दर्ज हुई थी। इसके बाद पुणे के कोंढवा थाने में भी उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई गई। इस्लामिक कट्टरपंथियों को भड़काने का काम मोहम्मद जुबैर ने किया था।

21 साल की उम्र में रेप, तत्कालीन CM को धमकी और जज के सामने गवाह की हत्या: 58 मामलों के आरोपित मुख्तार की गैंगवार में मौत

मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा को धमकी देने वाला भोपाल के कुख्यात गैंगस्टर मुख्तार मलिक (Gangstaer Mukhtar Malik) की गैंगवार में गोली लगने के बाद शुक्रवार (3 जून 2022) को मौत हो गई। 58 मुकदमों में आरोपित मुख्तार राजस्थान के झालावाड़ में एक नदी से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में घायल अवस्था में मिला था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

कहा जा रहा है कि 61 वर्षीय मुख्तार का मंगलवार-बुधवार की रात भीमासागर बाँध के कैचमेंट एरिया में मछली पकड़ने को लेकर राजस्थान के बंटी गैंग के बीच गैंगवार हुआ था। इसमें मुख्तार गैंग के कमाल की मौत हो गई थी, जबकि उसका राइट हैंड माना जाने वाला विक्की वाहिद घायल हो गया था।

पुलिस के मुताबिक, भीमसागर बाँध के नदी क्षेत्र में मछली पकड़ने का ठेका मुख्तार मलिक ने गैंगवार के एक दिन पहले ही लिया था। मंगलवार देर रात वह 11 मजदूरों के साथ कांस खेड़ली के पास नाव से पेट्रोलिंग कर रहा था। इसी दौरान गाँव के रहने वाले मछुआरों से कहासुनी हो गई और फिर दोनों ओर से फायरिंग होने लगी।

रिपोर्ट के अनुसार, नदी के बाँध क्षेत्र में मछली पकड़ने का ठेका पहले दिल्ली के इरशाद व अन्य व्यक्तियों को दिया गया था। उन्होंने 31 मई को ही 12 प्रतिशत बढ़ाकर इसे भोपाल के मुख्तार मलिक को बेच दिया। दरअसल, बंटी गैंग इरशाद से ढाई लाख रुपए की रंगदारी माँग रहा था। इसलिए उसने मुख्तार को ठेका बेच दिया।

मुख्तार पहली बार 1982 में 21 साल की उम्र में रेप के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। उसके बाद वह हत्या, रेप, अपहरण और फिरौती सहित हर तरह के अपराध को अंजाम देने लगा। साल 1990 में उसने मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा तक को धमकी दे दी थी। साल 1996 में इसने फिरौती के लिए रायसेन जिले के तीन बच्चों का अपहरण किया था।

मुख्तार का आतंक इतना था कि पुलिस भी उसे गिरफ्तार करने से घबराती थी। भोपाल के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपने खिलाफ गवाही देने आए व्यक्ति पर मुख्तार मलिक ने जज के सामने गोली चला दी थी। मुन्ने पेंटर गैंग के साथ इस गैंगवार में 2006 में उसे फाँसी की सजा सुनाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया था।

इसके अलावा, किडनैपिंग के एक मामले में उसकी एक IPS के नेतृत्व में पुलिस दल से चिकलोद के जंगलों में मुठभेड़ भी हुई थी। इसमें उसके दो शूटर मारे गए थे, लेकिन वह बाल-बाल बच गया था। बताया जा रहा है कि वह अभी जमानत पर बाहर आया था। 

गंगा के रास्ते ज्ञानवापी जाएँगे 71 संत, शुभ पुष्य नक्षत्र में करेंगे ‘शिवलिंग’ का अभिषेक: बोले स्वामी स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द, तैयारियाँ पूरी

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के सर्वे के दौरान सामने आए ‘शिवलिंग’ की पूजा को लेकर काशी के संत अडिग हैं। वहीं जहाँ आज काशी में धर्म परिषद् का आयोजन करके 22 प्रस्ताव पास किए गए वहीं शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने अपने शिष्यों को आदेश दिया है कि 4 जून को शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। वहीं इस कार्यक्रम के ऐलान के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कम्प मचा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि इस आदेश के बाद अभिषेक की तैयारी शंकराचार्य स्वरूपानंद के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने शुरू कर दी है। कल सुबह से ही वाराणसी में गहमागहमी होगी क्योंकि संतों का काफिला 4 जून, 2022 को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ज्ञानवापी विवादित ढाँचे की ओर बढ़ेगा।

वहीं कहा जा रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द ने इस पूजन के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए शुभ पुष्य नक्षत्र में संतों का काफिला ज्ञानवापी को ओर निकालने का निर्णय लिया गया है। कल सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर ज्ञानवापी के लिए संत गंगा के रास्ते निकलेंगें। जिसमें पूरे 71 संत शामिल होंगे और 64 प्रकार की थाली सजाकर 64 तरीकों का अभिषेक किए जाने की तैयारी है।

हालाँकि, ऐसा भी खबर आ रही है कि प्रशासन ने आयोजन को कैंसिल कराने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद बातचीत करनी शुरू कर दी है। लेकिन अभी तक ऐसा कोई निर्णय सामने नहीं आया है।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर अविमुक्तेश्वरा नंद ने कहा, “कार्यकम को लेकर प्रशासन उनके पास आना शुरू कर दिया है। उनका आयोजन को कैंसिल करवाने का दबाव है लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया है। उनका कहना है कि आयोजन कैंसिल नहीं हो सकता है लेकिन अगर प्रशासन संख्या पर कुछ बात करना चाहता है तो वो की जा सकती है।”

गौरतलब है कि इससे पहले कल मीडिया से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द का कहना है कि ज्ञानवापी में स्वयं विश्वेश्वर भगवान प्रकट हुए हैं और अब उनका स्नान, श्रृंगार, पूजा और राग-भोग बहुत की आवश्यक है। जो भगवान की प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति है वो तीन साल के बच्चे की तरह होती है। जिस प्रकार 3 वर्ष के बालक को बिना स्नान-भोजन आदि के अकेले नहीं छोड़ा जा सकता, उसी प्रकार ये भी हैं।

उन्होंने कहा, “अब जब भगवान प्रकट हुए हैं तो हमारा कर्तव्य है कि हम उनकी सेवा करें, अन्यथा हम पाप के भागी होंगे।” वहीं, 4 जून को पूजा को लेकर संत ने कहा कि हमारे शास्त्रों में ‘स्थाप्यं समाप्यं शनि-भौमवारे’ कहकर शनिवार को सबसे अधिक शुभ दिन माना गया है।

कश्मीर में हिंदुओं का टारगेट किलिंग: आरफा-अय्यूब जैसे लेफ्ट-लिबरल की निगाह में फिल्म सहित सभी दोषी, इस्लामी आतंकवाद पर चुप्पी

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकवाद के नए रूप टारगेट किलिंग (Target Killings) के जरिए हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। अभी तक की हत्याओं में कई ऐसे लोगों की इस्लामी आतंकियों ने हत्या की जो स्थानीय नहीं थे। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, टारगेट किलिंग में अब 16 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इनमें पुलिसकर्मी से लेकर सरपंच और मजदूर तक शामिल हैं।

घाटी में लगातार हमले झेल रहा हिंदू समुदाय अब वहाँ रहने के अपने फैसले पर फिर से विचार कर रहा है। हालाँकि, सरकार आतंकियों के सफाए के अभियान को लगातार जारी रखी है, लेकिन इस समुदाय में लगातार हो रही हत्याओं से डर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस्लामी आतंकियों ने हिंदुओं पर हमलों को चेतावनी पहले ही दे रखी है।

खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए सुरक्षा आकलन में आने वाले दिनों में टारगेट किलिंग में वृद्धि की आशंका जताई गई है। वर्तमान समय 1990 की दशक की याद दिला रहा है, जब कश्मीरी हिंदुओं पर हमले कर उन्हें घाटी छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया था। उस दौरान लाखों हिंदू घाटी से पलायन कर गए थे।

हालाँकि, घाटी की वर्तमान स्थिति ने कुछ राजनीतिक दलों के नया अवसर पैदा कर दिया है। ये लोग कश्मीर में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमलों को अपने राजनीतिक एजेंडा के लिए कर रहे हैं और आतंकियों को दोष देने के बजाए राजनीतिक रोटी सेंकने में लगे हैं।

वामपंथी प्रोपगेंडा शुरू

प्रोपगेंडा वेब पोर्टल ‘द वायर’ की पत्रकार और घोर वामपंथी आरफा खानुम शेरवानी ने हिंदुओं के पलायन पर हाल ही में पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने पलायन के लिए सभी को जिम्मेवार ठहरा दिया, लेकिन इस्लामी चरमपंथियों को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। इस पलायन के लिए आरफा ने ‘कश्मीर फाइल्स’ फिल्म और इसके निर्माताओं को दोषी ठहराया।

आरफा खानुम शरेवानी का ट्वीट

आरफा की सहयोगी वामपंथी पत्रकार रोहिणी सिंह ने इस पलायन का मजाक उड़ाया।

रोहिणी सिंह का ट्वीट

विवादास्पद पत्रकार और चंदा-धोखाधड़ी के आरोपी राना अय्यूब भी मुस्लिम बहुल कश्मीर में अल्पसंख्यक हिंदुओं की मौजूदा दुर्दशा के लिए इस्लामी आतंकवाद को जिम्मेदार नहीं ठहराया। कश्मीर में टारगेट किलिंग के लिए उन्होंने पूरे देश को जिम्मेदार ठहरा दिया।

राना अय्यूब का ट्वीट

तीन दशकों से इस्लामी आतंकवाद की मार झेल रहे कश्मीरी हिंदू की समस्याओं के लिए इन वामपंथियों ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को चालाकी के साथ दोषी ठहरा दिया। इसका दोष प्रशासन पर डाल दिया और आतंकवाद को पूरी तरह से खारिज कर दिया। यह इस्लामी आतंकवाद के कुकर्मों का ढँकने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है।

इस्लामी सर्वोच्चता के नशे में धुत आतंकवादियों और जिहादियों द्वारा हिंदुओं को घाटी छोड़ने की धमकी पर इन लोगों ने कभी कुछ खुलकर नहीं कहा। ये एक तरह से इस्लामी आतंकियों को वैचारिक कवच देने का काम करते हैं। उनके इस तरह के बयान यही कवच देने का काम करता है।

सेक्स से पहले लड़की का ‘हाँ’ कहना जरूरी, चुप रही-विरोध नहीं किया तो भी माना जाएगा रेप: स्पेन के नए कानून के बारे में जानिए

स्पेन में ​एक दिल दहला देने वाली घटना के करीब 6 साल बाद दुष्कर्म के खिलाफ बेहद सख्त कानून लाया गया है। स्पेन की सरकार ने महिला अधिकारों को लेकर लंबे समय से हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए यह अहम कदम उठाया गया है। हाल ही में (26 मई 2022) संसद के निचले सदन में यौन संबंधों को बलात्कार की श्रेणी में लाने के लिए स्पेन में एक बिल पारित किया गया। इस बिल के मुताबिक, स्पेन में रेप पीड़िता को ये साबित करने की जरूरत नहीं होगी कि उसका दुष्कर्म हुआ है। अगर उसने सेक्स के लिए स्पष्ट रूप से सहमति नहीं दी है, तो वो रेप माना जाएगा।

वहीं अगर वह इस दौरान चुप रही या फिर किसी वजह से विरोध नहीं कर पाई तो भी इसे उसकी सहमति नहीं माना जाएगा। इस बिल को ‘ओनली यस मीन्स यस’ कहा जा रहा है। निचले सदन से पास होने के बाद अब इसे स्पेन की सीनेट में पेश किया जाएगा। आइए जानते हैं क्या है यह कानून, क्या है इसकी अहमियत और इसे बनाने के पीछे वजह क्या रही है।

नहीं से ज्यादा हाँ को अहमियत

इस कानून में सेक्स के लिए नहीं से ज्यादा हाँ को अहमियत दी गई है। नए कानून को लेकर स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने संसद में कहा, “अगर वह नहीं कहती है, तो इसका मतलब है नहीं होगा और अगर वह हाँ नहीं कहती है तो भी इसका मतलब नहीं ही होगा।” यानी अगर कोई लड़की या महिला सेक्स के लिए साफ तौर पर ‘हाँ’ नहीं कहती है या फिर चुप रहती है तो इस स्थिति में उसके साथ बनाए गए संबंध को रेप माना जाएगा। वहीं अगर महिला या लड़की स्पष्ट तौर पर सेक्स के हाँ कहती है, तो यह किसी भी तरह से रेप नहीं माना जाएगा।

इस कानून को लाने के पीछे की वजह

स्पेन में इस कानून को लाने के पीछे एक दिल दहला देने वाली घटना है। 7 जुलाई 2016 को स्पेन का काला दिवस माना जाता है। करीब दो साल तक चले इस केस में कोर्ट के सामने दुष्कर्म का वीडियो भी पेश किया गया था। इसे देखने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था। अदालत ने बुल फेस्टिवल के दौरान 18 साल की एक लड़की से गैंगरेप करने वाले सभी पाँच आरोपितों को दोषी नहीं माना और उन्हें केस से बरी कर दिया था। इसकी वजह बनी थी, रेप के दौरान लड़की की खामोशी और उसकी आँखे बंद होना। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि गैंगरेप के समय लड़की की आँखें बंद थीं और वो खामोश थी, ऐसे में सेक्स में उसकी सहमति नजर आ रही है। अदालत ने इन पाँचों को बलात्कार की बजाय उससे कम गंभीर समझे जाने वाले अपराध यौन उत्पीड़न के तहत दोषी पाया था। पैम्पेलोना में हजारों लोग गैंगरेप पर कोर्ट के फैसले को लेकर आगबबूला हो गए थे और विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उतर आए थे।

उन दरिंदों ने दुष्कर्म का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी शेयर कर दिया था। इस घटना ने स्पेन की जनता को झकझोर कर रख दिया था। उस दौरान लड़की की चुप्पी के कारण गैंग रेप का यह मामला सेक्स के लिए सहमति और असह​मति के फेर में फँस गया था। इसके बाद स्पेन में महिला अधिकारों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई थी। इसी घटना के आधार पर यह नया कानून बनाया गया है, ताकि कोई भी रेप का गुनहगार बरी ना होने पाए।

कानपुर में जुमे की नमाज के बाद हिंसा: नुपूर शर्मा के विरोध में मस्जिदों से ऐलान, पुलिस पर भी पत्थरबाजी

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में शुक्रवार (3 जून 2022) को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम कट्टरपंथियों ने जमकर पत्थरबाजी की। इसमें 6-7 हिन्दू बुरी तरह से घायल हुए हैं। कट्टरपंथी मुस्लिम दिल्ली बीजेपी की प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान से नाराज हैं। पत्थरबाजी कर रहे मुस्लिमों को जब पुलिस ने रोका तो इन्होंने पुलिस पर भी जमकर पत्थर बरसाए।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना परेड चौराहे की है। हालात बिगड़ते देख भारी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया, हालाँकि, पत्थरबाजी जारी रही। इसके बाद उन्मादी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियाँ भाँजी गई और टियर गैस के गोले दागे। बताया जाता है कि नूपुर शर्मा के बयान को लेकर जौहर फैंस एसोसिएशन और दूसरी मुस्लिम तंजीमों ने गुरुवार को ही बाजार बंद कराने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद आज जुमे की नमाज के बाद कथित शांतिप्रिय समुदाय ने सड़क पर आकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया।

सुबह से ही चमनगंज, मेस्टन रोड बाबू पुरवा, दलेल पुरवा, कर्नलगंज हीरामन पुरवा समेत कई इलाकों में पूर्ण या आँशिक बंदी थी। पुलिस ने मुस्लिमों को किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी थी, लेकिन जुमे की नमाज के दौरान विभिन्न मस्जिदों से एक संदेश दिया गया कि वो पैगंबर मुहम्मद पर किसी भी तरह की टिप्पणियों क बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं नमाज के बाद कट्टरपंथी सड़क पर उतर आए।

बहरहाल कानपुर के पुलिस कमिश्नर का कहना है कि अब हालात सामान्य हो गए हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ये मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। हालात को कंट्रोल में करने के बाद अब पुलिस ये पता लगाने में जुट गई है कि पत्थरबाजी में कौन लोग शामिल थे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज कानपुर के दौरे पर हैं। इनके साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ भी हैं। अपने इस दौरे के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति कोविंद के गाँव परौंख भी गए।

क्या है पूरा मामला

बीते दिनों फैक्ट चेक के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बीजेपी नेता का एक ट्विस्टेड स्पीच ट्वीट कर ट्रोल्स को उकसाया था। जिसके बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने नूपुर शर्मा को गला काटने की भी धमकी दी थी। हालाँकि, ये मामला यहीं नहीं थमा, इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बीजेपी प्रवक्ता की हत्या करने पर ईनाम रखने लगे। AIMIM (इंकलाब) ने भाजपा नेता नूपुर शर्मा की हत्या पर ₹1 Cr इनाम घोषित कर दिया।

नूपुर शर्मा पर तमाम तरह की हिंसक वारदातों में आरोपित रज़ा एकेडमी ने पहली FIR मुंबई में दर्ज करवाई थी। इसके बाद एक मदरसे के मौलवी ने दूसरा केस मुंबई के ही मुम्ब्रा थाने में दर्ज करवाया था। नूपुर पर तीसरी FIR हैदराबाद के साइबर क्राइम थाने में 31 मई 2022 दर्ज हुई थी। इसके बाद पुणे के कोंढवा थाने में भी उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई गई। इस्लामिक कट्टरपंथियों को भड़काने का काम मोहम्मद जुबैर ने किया था।

हैदराबाद में 17 साल की लड़की से मर्सिडीज में गैंगरेप: 5 में से 3 आरोपित नाबालिग, AIMIM विधायक के बेटे के शामिल होने से पुलिस का इनकार

तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में स्थानीय सांसद असदुद्दीन औवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और TRS नेता के बेटों का नाम सामने आया है। हालाँकि इस मामले में पुलिस AIMIM विधायक के बेटे के आरोपित होने से इनकार कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शुरू में द न्यूज मिनट के अनुसार, तेलंगाना भाजपा (BJP) ने आरोप लगाया है कि यौन शोषण की घटना में शामिल पाँच लड़कों में से तीन लड़के नेताओं के बेटे हैं। इनमें से एक लड़का AIMIM विधायक का बेटा है। एक राज्य के अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष का बेटा और तीसरा मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के नेता का बेटा है। वहीं पुलिस 5 में से तीन आरोपितों को नाबालिग बता रही है।

तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता के कृष्णसागर राव ने का कहना है कि हैदराबाद पुलिस ने AIMIM विधायक के बेटे की संलिप्तता के कारण अभी तक आरोपित को नहीं पकड़ा है। उन्होंने कहा कि पुलिस AIMIM और TRS के राजनीतिक दबाव में है। वहीं पुलिस का दावा है कि अभी तक के बयान के अनुसार, विधायक का बेटे का नाम नहीं आया है।

भाजपा प्रवक्ता राव ने कहा, “बीजेपी पाँच अपराधियों की गिरफ्तारी की माँग कर रही है। मैं सवाल कर रहा हूँ कि कार जब्त होने के बावजूद हैदराबाद की पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया। इस मामले में लड़की के माता-पिता ने 1 जून को ही शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा, सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। क्या पुलिस सीएम KCR या AIMIM प्रमुख ओवैसी से अनुमति की प्रतीक्षा कर रही है?”

रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि जिस कार में लड़की का कथित बलात्कार हुआ था, उसमें एक नेता का बेटा सवार हो रहा था। फुटेज में उसे जल्द ही बाहर निकलते हुए देखा गया था। अधिकारी का कहना है कि चूँकि अधिकांश आरोपित भी नाबालिग हैं, इसलिए इस मामले में आगे बढ़ने से पहले पुलिस कई स्रोतों से पुष्टि कर रही है।

इंडिया टुडे के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकार ने बताया कि एक विधायक का बेटा और अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष का एक बेटा पार्टी में लड़की के साथ मौजूद था। इनमें से पीड़िता केवल एक आरोपित की पहचान करने और उसका नाम लेने में सक्षम थी। यह आरोपित भी नाबालिग है।

क्या है मामला

28 मई को 17 साल की एक नाबालिग लड़की हैदराबाद के जुबली हिल्स स्थित एम्नेशिया एंड इनसोम्निया पब में एक पार्टी में शामिल होने के लिए गई थी। इस पार्टी को उसके दो दोस्तों ने होस्ट किया था। उसी पब में कुछ अन्य लड़के भी उससे मिले।

इस मामले में लड़की के पिता 1 जून को जुबली हिल्स थाने में दी गई अपनी शिकायत में कहा कि मर्सिडिज कार में सवार कुछ लड़कों ने उसकी बेटी को पब से बाहर ले आए और कार में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

पिता की शिकायत के अनुसार, “उनकी बेटी 28 मई की दोपहर को पब में एक पार्टी में गई थी। शाम लगभग 5.30 बजे कुछ लड़के उसको लेकर TS09 FL6460 नंबर वाली एक लाल रंग की मर्सिडीज लेकर गए। इसके साथ ही एक अस्थायी पंजीकरण संख्या वाली एक इनोवा में कुछ लड़के वहाँ आए।”

पिता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि इन लड़कों ने उसकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट भी की, जिसकी वजह से उसकी गर्दन पर मामूली चोटें आईं। उस समय, लड़की गहरे सदमे में थी और जो कुछ हुआ, उसके बारे में सही-सही बताने में असमर्थ थी।

नाबालिग लड़की के पिता की शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 354 (महिला की शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल), धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुँचाने की सजा) और POCSO ऐक्ट धारा 9 एवं 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बाद में लड़की को सहायता केंद्र भेजकर वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा उसकी काउंसलिंग की गई। इस दौरान नाबालिग ने अपने साथ हुई घटना के बारे में पुलिस अधिकारी को विस्तार से बताया। पीड़िता के बयान के बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराया और उसके आधार पर सामूहिक दुष्कर्म के लिए IPC की धारा 376 की धारा जोड़ी।

ज्ञानवापी में नमाज पर लगे रोक, पूजा-पाठ के लिए तत्काल खोला जाए: 22 प्रस्तावों पर काशी के संतों की मुहर, बिन्दु माधव मंदिर की सच्चाई भी मुस्लिमों को बताएँगे

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे (Gyanvapi Masjid Shivling) के वजू खाने में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद भले ही यह मामला अदालत में विचाराधीन हो, लेकिन इसे लेकर संत समाज मुखर हो गया है। शुक्रवार (3 जून 2022) को काशी धर्म परिषद की बैठक में साधु-संतों ने कुल 22 प्रस्तावों पर चर्चा की। इस दौरान संतों ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के वजू खाने में मिले शिवलिंग के तत्काल दर्शन और उनके पूजन की माँग की। उन्होंने ऐसा नहीं होने पर ज्ञानवापी परिसर में हिंदुओं के साथ मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात कही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के गाँव लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित की गई थी। बैठक में विभिन्न मठों के मठाधीश, साधु-संत समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और इतिहासकार शामिल हुए। इस खास मौके पर संतों ने कहा कि मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील है कि वो सनातन धर्म के प्रमुख आस्था के केंद्र से अपना दावा छोड़ें। अदालत का फैसला आने तक ज्ञानवापी में पूजा नहीं तो नमाज भी बंद होनी चाहिए। धर्म परिषद की बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी की मक्का और मदीना के इमामों को पत्र लिखकर औरंगजेब के काशी के मंदिरों के विध्वंस के इतिहास को बताया जाएगा।

वहीं, बैठक में पातालपुरी मठ के महंत स्वामी बालक दास ने कहा, “ज्ञानवापी में शिवलिंग मिला है। इसके बावजूद हमें हमारे आराध्य देवता की पूजा नहीं करने दी जा रही है। फिर, वहाँ नमाज क्यों पढ़ी जा रही है। जब हमारी पूजा पर प्रतिबंध है, तो नमाज पढ़ने पर भी रोक लगाई जानी चाहिए।”

इसके अलावा बिंदु माधव मंदिर की सच्चाई भी बताने पर चर्चा हुई। संतों ने कहा कि बिन्दु माधव मंदिर की सच्चाई भी मुस्लिमों को बताएँगे।

बता दें कि 22 प्रस्तावों में से 5 प्रमुख प्रस्ताव में कहा गया है कि प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 को तत्काल रद्द किया जाए। ज्ञानवापी में मिले आदि विश्वेश्वर के शिवलिंग की पूजा का अधिकार तत्काल दिया जाए। शिवलिंग को फव्वारा कहने वाले असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोगों पर एफआईआर की जाए। सनातन धर्म के लोगों को ज्ञानवापी में उनके पूजापाठ के मौलिक अधिकार से वंचित न किया जाए। ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने और मुस्लिमों के प्रवेश पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।