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बिहार: गोपालगंज में ​हर जगह लगे ‘आई सपोर्ट नूपुर शर्मा’ के पोस्टर, राजद नेता के ‘विरोध मार्च’ को पुलिस ने नहीं दी इजाजत

बिहार के गोपालगंज में नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर शहर के तमाम हिस्सों में दिखाई दे रहे हैं। पोस्टर में नूपुर शर्मा की फोटो के साथ ‘आई सपोर्ट नुपूर शर्मा’ लिखा हुआ है। बताया जा रहा है कि ये पोस्टर 12-13 जून की दरम्यानी रात लगाए गए हैं। इसके बाद खुफिया विभाग और पुलिस डिपार्टमेंट अलर्ट मोड पर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये पोस्टर बिहार के हिंदूवादी संगठनों ने लगाए हैं। पार्क, मंदिर, चौक-चौराहों और कोचिंग सेंटर के आस-पास पोस्टर लगाए गए हैं। दूसरी तरफ गोपालगंज पुलिस ने नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह अनुमति पूर्व विधायक रियाजुल हक ने माँगी थी। विरोध रैली 12 जून को निकलनी थी।

बिहार पुलिस आदेश

राजद के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने इसे ‘विरोध मार्च’ का नाम दिया था। यह जुलूस अम्बेडकर चौक से निकलना था। पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति यह कहते हुए देने से इनकार कर दिया कि इससे सामाजिक सौहार्द को खतरा हो सकता है। अनुमति नहीं मिलने पर हक ने कहा कि जिला प्रशासन को RSS के द्वारा दंगा फैलाने का शक है। उन्होंने कहा, “हमने उलेमा आदि के साथ मिलकर फैसला किया है कि हम इस प्रदर्शन को निरस्त कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे लोगों पर कार्रवाई हो। हम राष्ट्रपति के नाम पत्र भेज कर नूपुर शर्मा पर कार्रवाई की माँग करते हैं। रसूल के चाहने वालों से निवदेन है कि बे जहाँ रहें वहाँ शांति से रहें और सब्र करें।”

मुस्लिमों के एक संगठन ने गोपालगंज के एक थाने में नूपुर शर्मा के खिलाफ FIR करने की माँग के साथ लिखित शिकायत दी है। वहीं प्रशासन ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार कर रहा है जो सोशल मीडिया पर साम्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के मुताबिक अब तक ऐसे 70 लोगों को चिन्हित किया गया है।

मंदिर में चप्पल पहन घूमने वाली हिरोइन का इंटीमेट सीन से तौबा: नयनतारा को लेकर रिपोर्ट में दावा- शादी के बाद फिल्मों में रोमांटिक सीन नहीं करने का फैसला

तमिल फिल्मों की ‘लेडी सुपरस्टार’ नयनतारा (Nayanthara) शादी के बाद से लगतार चर्चा में बनी हुई हैं। उन्होंने पिछले दिनों ब्वॉयफ्रेंड विग्नेश शिवन से शादी की थी। फिलहाल दोनों शादीशुदा लाइफ एंजॉय कर रहे हैं। इस बीच मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नयनतारा अब फिल्मों में इंटीमेट सीन नहीं करेंगी।

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक नयनतारा अब फिल्मों में मेल एक्टर्स के साथ इंटीमेट सीन्स से दूरी बनाएँगी। उन्होंने ऑनस्क्रीन अपने मेल को-एक्टर्स के साथ रोमांटिक सीन नहीं करने का फैसला किया है। साथ ही बताया गया है कि नयनतारा अपने डायरेक्टर पति संग क्वालिटी टाइम बिताने के लिए फिल्मों से ब्रेक भी लेंगी। ब्रेक से लौटने के बाद वह इंटीमेट सीन नहीं करेंगी। हालाँकि अभी तक नयनतारा की तरफ से इस पर कोई ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं आई है।

गौरतलब है कि नयनतारा और डायरेक्टर विग्नेश शादी के बात मुसीबत में फँस गए थे। दोनों 9 जून 2022 को शादी के बंधन में बंधने के तुरंत बाद तिरुपति बाला जी का आशीर्वाद लेने के लिए पहुँचे थे। इस दौरान नयनतारा को मंदिर परिसर के अंदर चप्पल पहन कर टहलते और फोटोशूट कराते हुए देखा गया था, जबकि वहाँ पर जूते-चप्पल पहना और फोटोग्राफी करना सख्त मना है। इसके बाद तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम समिति के चीफ विजिलेंस सिक्‍योरिटी ऑफिसर नरसिम्‍हा किशोर ने उन्हें लीगल नोटिस दिया था।

विग्नेश ने इसके बाद मंदिर के नियमों के उल्लंघन के लिए माफी माँगते हुए कहा था, “शादी के तुरंत बाद, घर जाने के बजाए हम सीधे तिरुपति मंदिर गए। वहाँ पर बहुत सारे लोगों ने हमें घेर लिया था तो हम वहाँ से आगे चले गए। थोड़ी देर बाद एझुमालयन मंदिर के सामने वापस आ गए। हमने जल्दी से फोटोशूट खत्म किया और वहाँ से निकलने का फैसला किया, क्योंकि अगर फैंस हमें देखते तो वे हमें घेर लेते।”

विग्नेश ने आगे कहा, “इन सब के बाद हमने ये नोटिस किया कि हम उस जगह चप्पल पहनकर चल रहे थे, जहाँ जूते-चप्पल पहनना मना है। हमें असुविधा के लिए खेद है। हम पिछले महीने में तिरुपति पाँच बार गए हैं, क्योंकि हम वहाँ शादी करने की प्लानिंग कर रहे थे। लेकिन कई कारणों से हम वहाँ शादी नहीं कर पाए।” वर्किंग फ्रंट की बात करें तो नयनतारा जल्द ही शाहरुख खान के साथ जवान फिल्म में नजर आने वाली हैं।

अब्दुल के घर में ब्लास्ट, टूटे खिड़कियों के शीशे: पूछताछ में बोला- वाशिंग मशीन में गैस भर रहा था, पुलिस ने जब्त किए 4 सिम और पासपोर्ट

महाराष्ट्र में पुणे के एक अपार्टमेंट में ब्लास्ट की खबर है। ब्लास्ट में किसी के मारे जाने की सूचना नहीं हैं। विस्फोट के बाद पुलिस ने अब्दुल रशीद नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अब्दुल उसी आपर्टमेंट में वाशिंग मशीन बनाने का काम करता है। घटना रविवार (12 जून 2022) की है।

ANI के मुताबिक घटनास्थल पुणे स्थित भवानी पेठ में मौजूद विशाल सोसाईटी नाम की जगह है। ये जगह समर्थ नगर थानाक्षेत्र में आती है। थाने के सीनियर इंस्पेक्टर विष्णु तम्हाने ने इस विस्फोट की पुष्टि करते हुए बताया, “ये कम तीव्रता का विस्फोट था जो वाशिंग मशीन बनाने के दौरान हुआ।” वहीं एक अन्य सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, “पूछताछ में रशीद शेख इसे वाशिंग मशीन रिपेयरिंग के दौरान हुआ ब्लास्ट बता रहा है लेकिन हम इसके पीछ असल कारणों की बारीकी से जाँच कर रहे हैं।”

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक हिरासत में लिए गए रशीद शेख की उम्र लगभग 45 साल है। वह विशाल सोसाइटी के एक आपर्टमेंट में किराए पर रहता था। इसी अपार्टमेंट से वह वाशिंग मशीन बनाने का व्यवसाय करता था। पुणे में उसके कई रिश्तेदार रहते हैं। ब्लास्ट की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी और उस के बाद कई लोगों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। मौके पर बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया।

आरोपित का पूरा नाम रशीद मोहम्मद अली शेख है। वो अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर रहता था। विस्फोट के बाद पूरे अपार्टमेंट में अफरातफरी मच गई थी। लोगों द्वारा पूछने पर उसने गैस फिलिंग के दौरान ब्लास्ट होना बताया। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुणे में दौरा है। इसलिए पुलिस इस पूरे मामले की बेहद बारीकी से जाँच कर रही। रशीद शेख के पास 3 से 4 सिम कार्ड बरामद हुए हैं। शेख का पासपोर्ट भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

‘राहुल गाँधी हमारे राम, मोदी सरकार रावण’: ED के सामने पूर्व अध्यक्ष की पेशी से पहले कॉन्ग्रेसियों का सड़क पर हुड़दंग

नेशनल हेराल्ड केस में कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी के आज (13 जून 2022) प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होने से पहले कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। दिल्ली की सड़कों को बंद करके कॉन्ग्रेसियों ने राहुल के समर्थन में नारेबाजी की। शक्ति प्रदर्शन की योजना से इकट्ठा हुए कॉन्ग्रेसी समर्थकों ने सड़क पर खूब हल्ला किया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में ले लिया गया। माहौल देखते हुए पुलिस ने ईडी कार्यालय के बाहर और राहुल गाँधी के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ाई हैं।

सामने आई वीडियोज में देख सकते हैं कि कैसे दिल्ली पुलिस कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को अपनी गाड़ी में भर रही है और कॉन्ग्रेस नेता नारे लगा रहे हैं- “राहुल गाँधी हम तुम्हारे साथ है।” इसके अलावा कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन वाली जगहों पर ‘राहुल झुकेगा नहीं, सत्य झुकेगा नहीं’ जैसे नारे वाले पोस्टर लगाए। अन्य पोस्टरों में लिखा हुआ था- ‘राहुल गाँधी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं।’

कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष की ईडी के सामने पेशी मामले में कहा कि राहुल गाँधी के नेतृत्व में ‘सत्या का संग्राम’ जारी रहेगा। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेज भी कॉन्ग्रेस की आवाज को दबा नहीं पाए, फिर यह सत्ताधारी सरकार कैसे कर सकती है? एक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता ने कहा, “जब तक राहुल जी ईडी कार्यालय से नहीं निकलते, हम अपना विरोध जारी रखेंगे। सत्तारूढ़ सरकार ‘रावण’ की भूमिका निभा रही है। हम उन्हें बताना चाहते हैं कि राहुल गाँधी हमारे ‘राम’ हैं और हम उनके प्रति समर्पित हैं।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के हड़कंप के बीच दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जनता से कहा है कि गोल मेथी जंक्शन, तुगलक रोड जंक्शन, क्लेरिजेस जंक्शन, क्यू-पॉइंट जंक्शन, सुनहरी मस्जिद जंक्शन, मौलाना आज़ाद रोड जंक्शन और मान सिंह रोड जंक्शन पर सुबह 7 बजे से दोपहर के 12 बजे के बीच जाने से बचें। पुलिस ने बताया है कि विशेष यातायात व्यवस्था के कारण नई दिल्ली में गोल डाक खाना जंक्शन, पटेल चौक, विंडसर प्लेस, तीन मूर्ति चौक, पृथ्वीराज रोड से आगे बसों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

सोनिया गाँधी अस्पताल में भर्ती

गौरतलब है कि राहुल गाँधी की पेशी के एक दिन पहले कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के अस्पताल में भर्ती होने की खबरें आई थीं। उन्हें भी ईडी ने 23 जून को पेश होने के लिए समन भेजा है। मालूम हो कि नेशनल हेराल्ड से जुड़ा यह मामला कॉन्ग्रेस पार्टी के नेतृत्व में ‘यंग इंडियन’ में वित्तीय अनियमितता की जाँच के सिलसिले में दर्ज किया गया था। समाचार पत्र ‘नेशनल हेराल्ड’, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड का है। ‘नेशनल हेराल्ड’ एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और अन्य पर धोखाधड़ी की साजिश रचने और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के फंड का गबन करने का आरोप लगाया था। स्वामी ने यह भी आरोप लगाया था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपए की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपए का भुगतान किया था, जो एजेएल पर कॉन्ग्रेस का बकाया था।

नुपूर शर्मा को समर्थन करना इंजीनियरिंग छात्र अशरफ साद को पड़ा महंगा: पहले भीड़ ने मारा, फिर भिवंडी पुलिस ने गिरफ्तार किया

पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी मामले में कट्टरपंथी अब उन लोगों को भी अपना निशाना बना रहे हैं जो नुपूर शर्मा के साथ खड़े हैं। हाल में ये सब इंजीनियरिंग छात्र साद अश्फाक अंसारी के साथ हुआ। साद ने इंस्टाग्राम पर नुपूर शर्मा को समर्थन देते हुए पैगंबर मोहम्मद से जुड़े कुछ सवाल खड़े किए थे और नुपूर शर्मा को बहादुर महिला कहा था। इसके बाद कट्टरपंथियों की भीड़ उस लड़के के घर जा पहुँची और अंत में महाराष्ट्र की भिवंडी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

अश्फाक ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा था, “50 साल का आदमी 6-9 साल की बच्ची से शादी करे, ये साफ तौर पर बाल शोषण है। मुझे नहीं पता कि लोग इसे कैसे समर्थन कर रहे हैं। क्या आप अपनी 6 साल की बेटी 50 साल के आदमी को देंगे (इस बारे में सोचिएगा।)”

एक और इंस्टा स्टोरी में अश्फाक ने लिखा था, “मैं किसी मजहब को समर्थन नहीं देता। मुझे सबसे नफरत है। मैं सिर्फ एक ऐसी दुनिया में रहने से डरता हूँ जहाँ आपको और आपके परिवार को मार दिया जाए क्योंकि आपने एक ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ बोल दिया जिनका इंतकाल सालों पहले हो चुका है।”

इंजीनियरिंग छात्र ने अपील की थी, “बड़े हो जाओ यार। ऐसे मजहब को छोड़ो जो दुनिया में आतंक फैलाए और इंसान बनो। ये बहुत आसान है। मैं जानता हूँ ये सब पोस्ट करने के बाद मुझे कितनी नफरत झेलनी पड़ेगी। मैं गलत समझे जाने के लिए तैयार हूँ क्योंकि तुम लोग अब भी बच्चे ही हो।”

अश्फाक के इन सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कट्टरपंथी भीड़ 11 जून की रात उसके घर पहुँची और उससे बाहर निकलने को कहा गया। लड़के ने किसी तरह भीड़ को समझाने का प्रयास किया। उसने घबराते हुए कहा, “मैं चाहता तो अंदर रह सकता था। लेकिन मैं तुम लोगों से बाहर बात करने आया हूँ।” इसके बाद भीड़ से एक व्यक्ति ने कहा, “अगर तू अंदर रहता तो हम तुझे खींचकर बाहर लाते और मारते।” लड़के ने हाथ जोड़कर भीड़ को समझाने की बहुत कोशिशें की। लेकिन भीड़ नहीं मानी। अंत में उससे जबरन कलमा पढ़वाया गया। जब लड़के ने इसे पढ़ना शुरू किया तो व्यक्ति ने उसके मुँह पर झापड़ मारा और दूसरे ने लगातार धमकी दी।

इसके बाद 12 जून को दोबारा मुस्लिम भीड़ अश्फाक के घर पहुँची और अपना प्रदर्शन किया। बाद में भिवंडी के निजामपुर पुलिस थाने में साद के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई। कट्टरपंथी भीड़ ने आरोप लगाया कि साद ने पैगंबर पर आपत्तिजनक की। भीड़ ने कहा कि उन्हें माफी नहीं, गिरफ्तारी चाहिए। एक प्रदर्शनकारी ने तो ये तक कहा कि अगर ऐसी घटना दोबार घटित हुई तो कानून अपना काम करेगा और वे लोग अपना।

नुपूर शर्मा को महाराष्ट्र पुलिस ने जारी किया है समन

उल्लेखनीय है कि ईशनिंदा का मामला भिवंडी में जोर पकड़ रहा है। नुपूर शर्मा के विरुद्ध भी वहाँ एफआईआर दर्ज हुई हैं और पुलिस ने नुपूर को पूछताछ के लिए समन किया है। वहीं मुंबई पुलिस ने भी नुपूर को पूछताछ के लिए समन भेजा है और उन्हें 25 जून को पेश होने को कहा है। इसके अलावा मुंब्रा थाने से भी नुपूर को 22 जून को पेश होने को कहा गया है।

बंगाल में 1000 की मुस्लिम भीड़ ने ट्रेन को क्षतिग्रस्त किया, कई यात्री घायल: NH-34 पर घंटों जाम, सड़क किनारे दुकानों-घरों पर पत्थरबाजी

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित बेथुआडहरी में मुस्लिम भीड़ ने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया है। इस दौरान एक ट्रेन क्षतिग्रस्त हो गई और साथ ही कई यात्रियों को भी चोट पहुँची है। पूर्वी रेलवे के ‘चीफ रिलेशन ऑफिसर’ ने बताया कि भीड़ की संख्या लगभग 1000 में थी। फ़िलहाल वहाँ ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया है। पूर्वी रेलवे राज्य सरकार की अनुमति का इंतजार कर रहा है। मुस्लिम भीड़ ने रेलवे स्टेशन और ट्रेन पर जम कर पत्थरबाजी की।

ये घटना रविवार (12 जून, 2022) को शाम की है। संलग्न किए गए तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस तरह ट्रेन की खिड़की के शीशों को नुकसान पहुँचाया गया है। मुस्लिम प्रदर्शनकारियों की भीड़ पहले से ही पटरी जाम कर के वहाँ मौजूद थी। उनमें से कुछ प्लेटफॉर्म पर घुस गए और वहाँ मौजूद ट्रेन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। यात्रियों को भी निशाना बनाया गया। इस कारण लालगोला लाइन पर ट्रेन सेवाओं में बाधा पहुँची है।

मुस्लिम भीड़ ने नदिया में सड़क भी जाम किया था, लेकिन पुलिस ने जब उनका पीछा किया तो वो रेलवे स्टेशन पर आ धमके। ये घटना तब हुई है, जब पश्चिम बंगाल के हावड़ा और मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएँ अभी भी बंद हैं और पुलिस बल की भारी तैनाती है। पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है। बेथुआडहरी में भी इंटरनेट सेवा बंद है। पुलिस और RPF ने प्लेटफॉर्म को घेर कर नियंत्रण में ले लिया।

ये भी बताया जा रहा है कि बेथुआडहरी में विरोध प्रदर्शन के नाम पर मुस्लिम संगठनों के बैनर तले जमा भीड़ ने सड़क किनारे स्थित दुकानों और घरों को जम कर निशाना बनाया। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 34 पर आवागमन ठप्प कर दिया गया। स्थानीय पुलिस भी स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाई। इससे पहले भी बंगाल में दिन भर तनाव का माहौल रहा, जब नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को हावड़ा जाने से रोक दिया गया। नूपुर शर्मा पर वहाँ FIR भी दर्ज हुई है।

‘सारे गैर-मुस्लिम काफिर हैं’: वायर-क्विंट के लिए लिखने वाले इस्लामी पत्रकार को बुलडोजर से लगी मिर्ची, विपक्षी दलों पर निकाला गुस्सा

प्रयागराज में दंगे भड़काने के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ पंप और उसकी बेटी आफरीन फातिमा के अवैध निर्माण को प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा तोड़े जाने के बाद इस्लामिक मानसिकता वालों का रोना शुरू हो गया है। इसी कड़ी में इस्लामी पत्रकार मीर फैसल ने उत्तर प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए योगी सरकार की कार्रवाई का विरोध नहीं करने के लिए ‘काफिर’ करार दिया है।

मीर फैसल ने एक ट्वीट (जो अब डिलीट हो चुका है) कर कहा, “उत्तर प्रदेश की सभी विपक्षी पार्टियों और नेताओं पर लानत है। अल कुफ्र मिल्लतुन वाहिदा।”

फैसल के ट्वीट को शेयर करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा ने कहा कि मीर फैसल ने सभी गैर मुस्लिमों को काफिर कहा है। उसका कहना है कि सभी गैर मुस्लिम एक जैसे होते हैं। उल्लेखनीय है कि मीर फैसल वामपंथी और इस्लामी न्यूज पोर्टल्स मकतूब मीडिया, एजे इंग्लिश, द वायर और द क्विंट के लिए लिखता है। (ये जानकारी उसके ट्विटर प्रोफाइल पर है)

यहीं नहीं, मीर फैसल के ट्विटर हैंडल को चेक करने पर इस्लामवाद से जुड़ी कई जानकारी मिली। इस दौरान मीर फैसल का एक और ट्वीट दिखा। इसमें वो प्रयागराज दंगों के आरोपित जावेद अहमद की बेटी आफरीन को उकसाने की कोशिश कर रहा है। फैसल ने लिखा, “आफरीन फातिमा मजबूत बनो। यह कभी मत सोचना कि अल्लाह गलत काम करने वालों से अनजान है। वह उन्हें केवल एक दिन के लिए विलंबित करता है जब आँखें (आतंक में) घूरेंगी। बहुत जल्द ही अल्लाह की मदद मिलेगी।”

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि 10 जून को जुमे की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने प्रयागराज में जमकर दंगा और पत्थरबाजी की। बाद में पुलिस ने इस दंगे के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ पंप को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि पंप ने ही बच्चों को आगे कर पत्थरबाजी करवाई थी। इस मामले में जेएनयू की पूर्व छात्रा रही उसकी बेटी आफरीन फातिमा का भी नाम सामने आया है। वहीं उसके अवैध निर्माण को लेकर नोटिस देने के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने रविवार (12 जून 2022) को ढहा दिया।

प्रयागराज के बाद अब मुरादाबाद में गरजेगा बुलडोजर, जामा मस्जिद के पास हुई थी हिंसा: इधर दिल्ली पुलिस भी एक्शन में, 2 को दबोचा

पैगंबर मुहम्मद के अपमान का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के बहाने हिंसा करने वाली मुस्लिम भीड़ के विरुद्ध अब दिल्ली पुलिस भी एक्शन में आ गई है। जामा मस्जिद के सामने भीड़ जुटा कर जुमे के दिन हिंसा करने वालों में से मोहम्मद फहीम और निसार अहमद को दिल्ली पुलिस ने धर-दबोचा है। उधर मुरादाबाद में भी पुलिस ने प्रयागराज की तर्ज पर बुलडोजर वाली कार्रवाई के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

दिल्ली के जामा मस्जिद की बात करें तो जुमे विरोध प्रदर्शन से शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने किनारा कर लिया था। बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन और सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने के आरोप में इन दोनों की गिरफ़्तारी हुई है। शनिवार (11 जून, 2022) की रात उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीसीटीवी फुटेज के अलावा मोबाइल फोन से बने वीडियोज भी खंगाले जा रहे हैं। 43 वर्षीय मोहम्मद निसार अहमद जहाँ जामा मस्जिद इलाके में ही रहता है, 37 वर्षीय मोहम्मद फहीम तुर्कमान गेट क्षेत्र का निवासी है।

इसी मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही FIR दर्ज कर चुकी है। अन्य आरोपितों को चिह्नित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। भीड़ में हाथों में तख्तियाँ लेकर कई मुस्लिम जुटे थे। शाही इमाम का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं है कि ये प्रदर्शनकारी थे कौन। वहीं मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जामा मस्जिद में हुई हिंसा के मामले में 90 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। अब नगर निगम की टीम पुलिस के साथ मिल कर अवैध अतिक्रमण हटाएगी।

जामा मस्जिद के पास जहाँ ये हंगामा हुआ था, बुलडोजर भी वहीं चलेगा। कई जगह इसके लिए चिह्नित कर लिए गए हैं। 34 आरोपित अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए 1 दिन का समय दिया गया है। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुँच कर चेतावनी दी है। पुलिस ने भी इस प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग की अपील के लिए माइक से अनाउंसमेंट किया। काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

‘तुरंत निकलो वरना बिठाने की और भी जगह हैं’ : दंगाइयों के हितैषी सपा नेता कमाल अख्तर को UP पुलिस ने फटकारा, देखें Video

उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामले में यूपी पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों से आहत समाजवादी पार्टी नेता कमाल अख्तर और पार्टी के अन्य नेता पुलिस लाइन आरोपितों की पैरवी करने गए थे। लेकिन मौके पर मौजूद सीओ महेश गौतम ने उन्हें उल्टे पाँव लौटा दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारी की विधायक से नोंक-झोंक हुई और सपा नेता से कहा गया कि यहाँ तो वह खुद पुलिस लाइन से बाहर हो जाएँ वरना पुलिस के पास और भी जगह है बैठाने की।

घटना संबंधी वीडियो में देख सकते हैं सफेद कुर्ते में समाजवादी पार्टी नेता अपने समर्थकों के साथ थाने में आते हैं। मगर तभी महेश गौतम आगे आते हैं और उन्हें रोक कर कहते हैं, “बिलकुल आगे नहीं आना। अगर आए तो अंदर बहुत से ऐसे ही लोग हैं।” इसके बाद वीडियो में सपा नेता उल्टे पाँव लौटकर अपने लोगों से गाड़ी में बैठने को कहते हैं। पीछे से पुलिस भी उन्हें चलो-चलो कहती सुनाई पड़ती है।

बता दें कि हिंसक उपद्रवियों को पकड़ने के क्रम में पुलिस बेहद सख्त है और खासी गोपनीयता बरती जा रही है। वीडियो में दिख रहा है कि कैसे थाने के गेट पर कड़ा पहरा लगा है। पुलिसकर्मी मीडिया वालों को भी अंदर नहीं जाने दे रहे। जानकारी के मुताबिक उपद्रवियों को पकड़ने के बाद और जरूरी कागजी कार्रवाई करके पुलिस 21 अभियुक्तों को मेडिकल कारने जिला अस्पताल ले जा रही थी। लेकिन तभी सूचना मिली की सपा के महानगर अध्यक्ष शाने अली शानू की अगुवाई में कार्यकर्ता वहीं जुटे हैं। ऐसे में पुलिस ने रणनीति में बदलाव किया और सभी अभियुक्तों को पुलिस लाइन लाया गया। यहीं पर कमाल अख्तर अपने समर्थकों के साथ आए और सीओ महेश गौतम, एसएसपी और डीएम से मुलाकात करने को कहा। जिसके बाद महेश गौतम ने उन्हें पुलिस लाइन से बाहर जाने को कहा।

‘अल्लाह रहमत बरसाए’: दंगाई के घर पर चला बुलडोजर तो लिबरल गिरोह ने पीटी छाती, कहा – मुस्लिमों का हो रहा है उत्पीड़न

प्रयागराज दंगों के मास्टरमाइंड जावेद अहमद उर्फ जावेद पंप अवैध रूप से बने घर को प्रयागराज प्राधिकरण द्वारा तोड़े जाने पर अब पहले से अपेक्षित तरीके इस्लामवादी और कथित लिबरल्स गैंग उसके बचाव में खड़ा हो गया है। शरजील उस्मानी, राणा अयूब और सुचित्रा विजयन जैसे स्व-घोषित बुद्धिजीवी और कार्यकर्ताओं ने सरकार पर हमला बोल दिया है।

इसी क्रम में कट्टरपंथी इस्लामी शरजील उस्मानी ने प्रयागराज दंगे के आरोपित जावेद का सिलसिलेवार ट्वीट कर आरोपी का बचाव किया। उस्मानी ने समय-समय पर आतंकियों का बचाव करने वाली जेएनयू की स्टूडेंट रही जावेद की बेटी आफरीन फातिमा का भी जिक्र किया।

एडीए की कार्रवाई को बदला करार देते हुए उस्मानी ने ट्वीट किया, “आफरीन फातिमा और उनका परिवार इस बात की कीमत चुका रहा है कि वे कौन हैं। यह खतरनाक रूप से नृशंस है। ये एक विच हंट है। अल्लाह उन सभी परिवारों पर अपनी रहमत बरसाए जो व्यक्तिगत जोखिम होने के बाद भी संघर्ष कर रहे हैं। अल्लाह उनकी और सभी परिवारों की रक्षा करे। आमीन।”

फिर क्या था कथित बुद्धिजीवी सुचित्रा विजयन ने भी आफरीन फातिमा और जावेद अहमद का समर्थन करते किया। सुचित्रा ने हैशटैग #StandWithAfreenFatima के साथ एक ट्वीट पोस्ट किया और एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें लोगों से ट्विटर पर #MuslimLivesMatter जैसे कई टैग्स को ट्रेंड कराने को कहा।

वहीं फाइनैंशियल फ्रॉड के चलते मनी लॉन्ड्रिंग के केस का सामना कर रहीं कट्टर इस्लामी और वाशिंगटन पोस्ट की स्तंभकार राना अय्यूब भी दंगे भड़काने के आरोपित के बचाव में कूद पड़ीं। जावेद अहमद के अवैध निर्माण को वैध तरीके से ध्वस्त करने की कार्रवाई को अय्यूब ने ‘उत्पीड़न’ करार दिया। कथित पत्रकार ने ट्वीट किया, “भारत में उत्पीड़न का एक और दिन। आफरीन फातीमा के खिलाफ अन्याय, विरोध करने पर जिन युवकों की हत्या की गई उनके घरों को तोड़ा गया। भारत में मुस्लिमों को अंतरराष्ट्रीय आक्रोश की कीमत चुकानी पड़ रही है।”

जावेद अहमद के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

10 जून को जुमे की नमाज के बाद प्रयागराज में हुए दंगे के मास्टरमाइंड जावेद अहमद के अवैध घर को ध्वस्त करने से पहले प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने उसे सुबह 11 बजे तक घर खाली करने का नोटिस दिया था। ये नोटिस अंचल अधिकारी ने नोटिस जारी किया था। नोटिस के अनुसार करेली थाना क्षेत्र में अवैध रूप से संपत्ति खड़ी की गई थी।

नोटिस के अनुसार, 9 जून को उसके घर को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने 12 जून को इस पर बुलडोजर चला दिया गया।