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बाल काटने वाले शादीशुदा इमरान ने आशा को प्यार में फँसाया, पोल खुली तो मार दी गोली: UP पुलिस ने दबोचा

UP के बदायूँ जिले में एक मुस्लिम युवक ने हिन्दू समुदाय की अपनी प्रेमिका को गोली मार दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित का नाम इमरान और पीड़िता का नाम आशा बताया जा रहा है। इस घटना की वजह आशा के आगे इमरान के शादीशुदा होने की पोल खुलना बताया जा रहा है। पीड़िता पर हमले में इमरान और उसके एक अन्य साथी जीशान को आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। घटना गुरुवार (2 जून 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता मूल रूप से UP के अमेठी जिले की निवासी है। यहाँ के गाँव गोदना के रहने वाले राममिलन हरियाणा के गुरुग्राम में काम करते हैं। उनकी 18 साल की बेटी आशा भी उनके साथ रहती है। आशा घरों में खाना बनाने का काम करती थी। गुरुग्राम के ही हुड्डा बाजार में बदायूँ के इस्लामनगर कुंदावाली का रहने वाला इमरान एक सैलून पर काम करता था। आशा और इमरान की गुरुग्राम में मुलाक़ात हुई और कुछ समय बाद ये मुलाक़ात प्यार में बदल गई। कुछ समय बाद आशा इमरान पर शादी का दबाव बनाने लगी लेकिन इमरान टालता रहा।

आखिरकार बुधवार को इमरान ने आशा को बदायूँ चलने के लिए कहा जिस पर आशा तैयार हो गई। बाद में इमरान अपने साथी अनस के साथ आशा को ले कर गुरुवार को बदायूँ पहुँचा। बदायूँ में इमरान को रिसीव करने उसका साथी जीशान बाइक से आया। उसने इमरान और आशा को बाइक पर बिठा लिया। कुछ दूर आगे चल कर सुनसान में जीशान ने बाइक रोक दी और आशा को मारना-पीटना शुरू कर दिया। जब आशा ने इसका विरोध किया तब इमरान ने जीशान से एक तमंचा ले कर आशा पर तान दिया।

बताया जा रहा है कि तमंचे को देखते ही आशा डर कर भागने लगी। इसी दौरान इमरान ने उस पर गोली चला दी। इमरान की चलाई गोली आशा के सिर को छूते हुए निकल गई लेकिन इस से वो घायल हो गई। भागने के दौरान बदायूँ-बिजनौर मार्ग पर पड़ने वाले नट बाबा मंदिर के पास बेहोश हो गई। राहगीरों ने पुलिस को जानकारी दी जिसके बाद पुलिस ने आशा को अस्पताल पहुँचाया। आशा की तबियत अब ठीक है। आशा को उनके घर भेज दिया गया है। शनिवार (4 जून 2022) को पुलिस ने दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी करते हुए हमले में प्रयोग हुआ तमंचा भी बरामद कर लिया है।

मुझे, मेरे अब्बा, खानदान… सबको गाली दो… लेकिन मेरे नबी की शान में बोला तो काट दूँगा: मुफ़्ती नदीम का वीडियो वायरल

राजस्थान में पुलिस के सामने लोगों के हाथ-पैर काटने, आँख नोचने की धमकी दे रहा है एक काजी। खुलेआम वीडियो में। यह वीडियो अब वायरल है। बूंदी शहर के इस क़ाज़ी का नाम मुफ़्ती नदीम है। वीडियो में वो पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने वालों के कत्लेआम की धमकी दे रहा है।

बूंदी शहर के क़ाज़ी मुफ़्ती नदीम के इस वीडियो को दानिश रज़ा अज़हरी ने 3 जून 2022 (गुरुवार) को अपने फेसबुक पर शेयर किया है। यह धमकी बूँदी जिले के एक पुलिस स्टेशन के आगे दी गई है। वीडियो में राजस्थान की पुलिस को भी देखा जा सकता है। राजस्थान पुलिस की मौजूदगी में मुफ़्ती ने कहा:

“अगर तुमने एक्शन नहीं लिया तो मुसलमान रिएक्शन देगा। ये कोई गुजारिश नहीं बल्कि चेतावनी है। पूरी दुनिया का मुसलमान उठेगा। ये न सिर्फ यहाँ का प्रशासन बल्कि पूरे देश की हुकूमत सुन ले। अगर उन्होंने (नूपुर शर्मा) ने जो बोला है, वो कानूनी तौर पर सही है तो हम ऐसे कानून के भी खिलाफ जाएँगे। इतिहास उठा कर देख लो कि जिस भी कौम के खिलाफ मुसलमानों ने रिएक्शन दिया है, उनके लिए जमीन छोटी पड़ गई है। वो जगह-जगह भागते फिरे और उनको जमीन का टुकड़ा भी नसीब नहीं हुआ।”

मुफ़्ती ने आगे कहा, “हम अपने आका की शान में की गई गुस्ताखी का बदला लेना जानते हैं। मेरे नबी की शान में एक लफ्ज भी बोला तो याद रखो कि जुबान काट ली जाएगी। हाथ उठाओगे तो हाथ काट लिए जाएँगे। ऊँगली उठाओगे तो ऊँगली काट ली जाएगी। अगर निगाहें भी उठीं तो निकाल कर बाहर फेंक देंगे। उसके बाद चाहे हम पर लाठी बरसाना या हमें जेल भेज देना।”

इस दौरान मौके पर मौजूद भीड़ बेशक-बेशक कह कर क़ाज़ी मुफ़्ती नदीम की बातों का समर्थन करती रही। हास्यास्पद यह कि इसी वीडियो में क़ाज़ी मुफ़्ती नदीम यह कहते सुना जा सकता है – “तुम मुझे गाली दो… बर्दाश्त है, मेरे वालिद लोगों को गाली दो… बर्दाश्त है, तुम मेरे खानदानों को बुरा कहो… बर्दाश्त है… लेकिन मेरे नबी की शान में अगर एक लब्ज भी बोला तो याद रख लो… जबान काट ली जाएगी।”

मुफ़्ती नदीम का वीडियो शेयर करते हुए दानिश रज़ा अज़हरी ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा, “हमने मुहम्मदे अरबीﷺ का कालिमा पढ़ा है, जिनकी तलवार से कुफ्फारे मक्का हैबत खाते थे। सुन ले पूरी दुनिया, हम मज़बूर हैं, बुजदिल नहीं। हमे आपको मैदान ए अम्ल में आना है। रब तआला पर तव्वको करके याद है ना बद्र का मैदान सहाबा के हाथों में पेड़ की टहनियों से कुफ्फारे मक्का घुटनो के बल आ गए थे। उन टहनियों को ना तोड़ पाय वक़्त के ज़ालिम कुफ्फार! इंशा अल्लाह हक़ आएगा बातिल मिटेगा।”

इस वीडियो को शेयर करने वाले दानिश रज़ा अज़हरी बरेलवी विचारधारा से ताल्लुक रखते हैं। उनके द्वारा शेयर किए गए वीडियो पर अब तक हजारों रिएक्शन आ चुके हैं। अज़हरी के समुदाय के अधिकतर लोगों ने उनकी बातों का समर्थन किया है। उन्होंने न सिर्फ दिल (Heart) का मार्क दिया है बल्कि बेशक और तमाम अन्य बातों से बयान को जायज ठहराया है।

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सोशल मीडिया पर राजस्थान पुलिस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस मौलाना पर कार्रवाई की माँग की जा रही है।

‘कार में मेरी जाँघों को सहलाने लगा, फिर होटल में मेरी वर्जिनिटी भंग की’: सेक्रेड गेम्स की अभिनेत्री ने बताई अपने ‘अंकल’ की कहानी

सेक्रेड गेम्स (Sacred Games) की अभिनेत्री कुब्रा सैत (Kubbra Sait) ने अपने टीनएज लाइफ को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब वह किशोरावस्था में थी तो ‘अंकल’ ने दो साल तक उनका यौन शोषण किया था और वह चुप रहने को विवश थीं, क्योंकि परिस्थितियाँ ऐसी थीं।

कुब्रा ने बताया कि जब वह 17 साल की थीं तो वह अपने माता-पिता और भाई के साथ बैंगलोर के एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट में गई थीं। वहाँ उन्हें एक आदमी मिला था जो उस रेस्टोरेंट का मालिक था। उनका परिवार उसके व्यवहार से काफी खुश हुआ और सप्ताह में कम से कम एक बार उस रेस्टोरेंट में जाने लगा। इस तरह वह धीरे-धीरे परिवार का करीबी बन गया।

धीरे-धीरे वह व्यक्ति इस परिवार के सुख-दुख का साथी बन गया और उनकी आर्थिक रूप से मदद भी करने लगा। इस तरह उस ‘अंकल’ ने परिवार के सदस्यों के बीच अपनी एक अलग छवि बना ली थी। एक दिन उसने पेपर में लपेट कर कुब्रा की माँ को नोटों की गड्डी दी और बोला- ‘मैं हूँ ना, चिंता मत कीजिए’।

कुब्रा सैत अपनी वृतांत ‘ओपेन बुक’ में लिखती हैं, “एक दिन गाड़ी उसकी मर्सिडीज गाड़ी में हम सभी बैठे थे। इसी दौरान मैंने महसूस किया कि एक हाथ मेरे कपड़ों को हटाकर मेरी जाँघें सहला रहा है। यह हाथ उसी ‘अंकल’ का था, जिसने माँ को पैसे देकर हमारी वित्तीय संकट को दूर किया था।” कुब्रा कहती हैं कि इस घटना से वह अचंभित रह गईं। अब वह व्यक्ति उनके लिए अंकल नहीं रह गया था। वह ‘मिस्टर X’ हो गया था।

कुब्रा बताती हैं कि वह अक्सर घर आता था और परिवार वालों के साथ खूब हँसी-मजाक करता था। इस दौरान वह उनके गाल को चूमते हुए कहता, “मेरी प्यारी कुबरती, तुम मेरी सबसे पसंदीदा हो।” कुब्रा कहती हैं कि वह विरोध नहीं कर पाती थीं, क्योंकि घर में सब उससे घुलमिल गए थे।

कुब्रा अपनी किताब में लिखती हैं कि एक रात मम्मी-पापा को आपस में लड़ते देखा और उनके हाथ में चेकबुक और पेन था। पापा घोर छोड़ने की बात कर रहे थे। अगले दिन कुब्रा ने उसी ‘अंकल’ को PCO से कॉल किया और घर के बारे में बताया और कहा कि आप माँ से बात कर लीजिए बोलिए कि वह मनी क्राइसिस को देख लेंगे।

अपनी किताब में कुब्रा लिखती हैं, “इसके बाद मिस्टर एक्स बोला, ठीक है। लेकिन मैं तुम्हारे लिए चिंतित हूँ। आज तुम कॉलेज मत जाओ और रिचमंड होटल में मुझसे मिलो। मैं वहाँ रहूँगा और सब ठीक कर दूँगा।”

वह आगे बताती हैं, “वह कार से मुझे होटल ले गया और चेहरे को देखकर बोला कितनी थक गई हो। इसके बाद वह मेरे होठों को चूमने लगा। मैं शॉक्ड थी, लेकिन कुछ नहीं बोल पा रही थी। उसका किस और गहरा होता गया और फिर उसने अपना ट्राउजर खोला। मुझे पता चल गया कि मैं अपनी वर्जिनिटी खो रही हूँ। यह एक शर्मनाक गोपनीय सच्चाई थी।”

इसके बाद से उस व्यक्ति का परिवार में दखल और बढ़ गया। जब भी कुब्रा मना करतीं, वह व्यक्ति कुब्रा की माँ का कॉल उठाना बंद कर देता और बात नहीं करता। जब माँ उससे पूछती कि ऐसा क्यों कर रहे हो तो वह व्यक्ति कहता, “अपनी बेटी से पूछो।” फिर कुब्रा की माँ उनसे कहती, “फिर लड़ दिए दोनों। ऐसा मत करो बेटा। देखो वह हमारे परिवार के लिए कितना कुछ करता है।”

कुब्रा के अनुसार, मिस्टर एक्स शादीशुदा था और उसका एक बच्चा भी थी। कुब्रा बताती हैं कि जब वह ग्रेजुएट हो गईं तो वह मुंबई जाना चाहती थीं, लेकिन उनकी माँ ने उन्हें दुबई भेजा। वर्षों बाद जब एक्स की हरकतों के बारे में बताया तो माँ अपने आपको लज्जित महसूस कर रही थीं।

…जब सुभाष चन्द्र बोस भटकने लगे थे तो स्वामी विवेकानंद के कारण ही रास्ते पर लौटे, तभी हुआ था क्रांति का उदय

स्वामी विवेकानंद के जीवन का उपदेश उपनिषदों के निचोड़ से निकला था। वह निर्भीक समाज की संरचना के लिए कार्य करते रहे सम्पूर्ण जीवन। “अभय बनो-अभय बनो” का मंत्र उन्होंने युवाओं के बीच प्रचारित किया, जो आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के लिए अत्यावश्यक है।

स्वामी विवेकानंद के विचार को उनके जीवन काल में लाखों लोगों ने सुना और समझा। उनकी समाधि के उपरांत यह विचार करोड़ों लोगों तक पहुँचा, जिन्होंने अपनी सुविधा अनुसार इसको धारण किया। कुछ ऐसे भी व्यक्तित्व हुए, जिन्होंने उनके विचार को ऐसे अंगीकार किया, जिसके कारण सिर्फ उनका जीवन ही राष्ट्रधारा में नहीं प्रवाहित हुआ बल्कि उनके साथ-साथ लाखों के हृदय में राष्ट्र जीवन की ज्वाला जगी।

इस शृखंला में अगर सबसे पहले किसी का नाम आता है तो वह हैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस। भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेताओं में से एक सुभाष चन्द्र बोस, जिनको करोड़ों भारतीय ‘नेताजी’ के नाम से सम्बोधित करते हैं। जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेज़ों के खिलाफ लड़ने के लिए भारतीय युद्ध बंदियों में से आज़ाद हिन्द फौज का नेतृत्व किया और “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा” के नारे का उद्धघोष भरा था। जिनकी जयन्ती 23 जनवरी को भारत सरकार पराक्रम दिवस के रूप में मनाती है।

वह महान क्रन्तिकारी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कहते हैं, ”वर्तमान स्वतंत्रता आंदोलनों की नींव स्वामी विवेकानंद के संदेश के मूल में है।” नेताजी सुभाष के लिए प्रेरणापुरुष थे स्वामी विवेकानन्द। स्वामी विवेकानंद का नेताजी के जीवन में महज 15 वर्ष की उम्र में प्रवेश हो गया था। उनके द्वारा रचित साहित्य का अध्ययन करके नेताजी के अंदर एक मानसिक क्रांति का उदय हुआ। उनका भटकाव खत्म हो गया और उनको आधारभूत सिद्धांत मिल गया था, जिससे वह अपने जीवन का उद्देश्य बना सके।

सुभाष चन्द्र बोस ने हृदय से स्वामी विवेकानंद का सन्देश स्वीकार कर लिया था कि मनुष्य सेवा ही ईश्वर सेवा है। नेताजी ने स्वामी विवेकानंद के इस विचार को अंगीकार किया कि प्रत्येक भारतीय उनके भाई-बहन हैं और भारत की मुक्ति के लिए राष्ट्रीय जागृति अति आवश्यक है। सुभाष चन्द्र बोस लिखते हैं:

”उन्होंने स्वस्थ राष्ट्रीय गतिविधि के हर रूप को प्रेरित करने में सक्रिय हिस्सा लिया। उनके साथ धर्म राष्ट्रवाद को प्रेरणादेता था। उन्होंने नई पीढ़ी में भारत के अतीत में गर्व की भावना, भारत के भविष्य में विश्वास और आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना का संचार करने की कोशिश की। स्वामी विवेकानंद ने हालाँकि कभी कोई राजनीतिक संदेश नहीं दिया, लेकिन उनके संपर्क में आने वाले या उनकी रचनाओं से देशभक्ति और राजनीतिक मानसिकता की भावना विकसित हुई। उनकी 1902 में बहुत युवा उम्र में मृत्यु हो गई, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद से उनका प्रभाव और भी अधिक हो गया है।”

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन पर स्वामी विवेकानंद की छाप, प्रभाव, प्रभुत्व, उनके प्रति स्नेह और सम्मान हम उनके इन शब्दों से समझने की कोशिश कर सकते हैं, जब एक जगह वह ऐसा कहते हैं कि अगर वो जीवित होते, तो वह उनके चरणों में होते। स्वामी विवेकानंद उनके गुरु होते, वो उनको अपने गुरु के रूप में स्वीकार कर लिए होते।

सुभाष चन्द्र बोस आगे कहते हैं, ”जब तक मैं जियूँगा, मैं रामकृष्ण और विवेकानंद के प्रति बिल्कुल वफादार और समर्पित रहूँगा।” स्वामी विवेकानंद का चित्र नेताजी अपने साथ हमेशा रखते थे और अपने अत्यंत व्यस्त दिनचर्या के बीच में भी रामकृष्ण मिशन आश्रम की नजदीकी शाखाओं में जाकर ध्यान करते थे।

बरेली में कानपुर जैसे हालात, धारा 144 लागू: बाटला हाउस के आतंकियों को शहीद बताने वाला मौलाना करने वाला है विरोध-प्रदर्शन

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद के कथित अपमान को लेकर कानपुर में की गई हिंसा की आग को अन्य जगहों पर भी फैलाने की साजिश रची जा रही है। बरेली के मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता तौकीर रजा ने कानपुर की तर्ज पर ही बरेली में 10 जून को प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसको देखते हुए शहर में धारा 144 लागू कर दिया गया है।

वहीं, कानपुर में शुक्रवार (3 जून 2022) की नमाज के बाद कई इलाकों में की गई बवाल को लेकर पुलिस सख्त है। इस मामले में 800 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से घटना के मास्टरमाइंड सहित अब तक 24 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस ने कम से कम 200 वीडियो फुटेज खंगाले हैं।

इधर, तौकरी रजा द्वारा बरेली में 10 जून को विशाल विरोध प्रदर्शन के आयोजन की घोषणा के बाद 3 जुलाई तक धारा 144 लगा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर पाँच से अधिक व्यक्तियों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं होगी। धरना प्रदर्शन पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।

बता दें कि तौकीर रजा अपने नफरती बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार ऐसे बयान दिए हैं, जिसको लेकर बवाल हो चुका है। दिल्ली में अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलने से बौखलाए तौकीर रजा ने कहा था कि जिस दिन मुस्लिम सड़कों पर उतरेगा किसी के कब्जे में नहीं आएगा। तौकीर रजा ने पीएम मोदी को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा है कि यदि उनका यही रुख रहा तो देश को महाभारत से कोई नहीं बचा सकता है।

इतना ही नहीं, एक टीवी डिबेट के दौरान उन्होंने एंकर को मारकर मुँह तोड़ने की धमकी दी थी। चुनाव के वक्त में तौकीर रजा ने विवादित बयान देते हुए बाटला हाउस एनकाउंटर पर बोलते हुए कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला था और एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादियों को शहीद बता दिया था।

हाल ही में औरंगजेब का महिमामंडन करते हुए तौकीर रजा ने कहा था, “फिरकापरस्तों को नफरत औरंगजेब से है। मैं तो कहता हूँ कि उनसे नफरत की जानी चाहिए, क्योंकि उन्होंने हिन्दुओं को नवाजा, उन्होंने मंदिरों को जायदादें दीं। इस वजह से हिन्दू उनसे नाराज है। ईमानदारी से औरंगजेब के बारे में पढ़कर देखो। हिन्दुस्तान में उनसे बेहतर दूसरा किरदार नहीं मिलेगा।”

उधर, कानपुर पुलिस ने शनिवार (4 जून 2022) को कानपुर हिंसा के मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी को तीन अन्य आरोपितों के साथ गिरफ्तार कर लिया। कानपुर सीपी ने कहा, “हम जाँच करेंगे कि क्या उनका कट्टरपंथी संगठन PFI के साथ कोई संबंध है या नहीं। गैंगस्टर एक्ट और NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्ति को जब्त किया जाएगा।”

गिरफ्तार किए गए चार लोगों की पहचान हयात जाफर हाशमी, जावेद अहमद खान, मोहम्मद राहिल और मोहम्मद सुफियान के रूप में हुई है। मीना ने कहा, “ये सभी मौलाना अली जौहर फैन्स एसोसिएशन से जुड़े हैं। हम अदालत से उन्हें 14 दिन के रिमांड पर भेजने के लिए कहेंगे।”

कानपुर सीपी ने कहा कि अब तक वीडियो फुटेज के आधार पर 36 लोगों की पहचान हुई है, जिनमें से 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 18 लोगों को शुक्रवार (3 जून 2022) को गिरफ्तार किया गया था। FIR में कहा गया है कि दंगाइयों ने घातक हथियारों और पेट्रोल बम तक इस्तेमाल घटना के वक्त किया था।

जिस फैक्ट्री में 12 की मौत, उसका मालिक दिलशाद… लेकिन चलाता था वसीम: लाइसेंस बिजली के सामान का, पुलिस को मिला ‘प्लास्टिक कारतूस’

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 4 जून 2022 (शनिवार) को केमिकल फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ। इस ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हो गई और 21 मजदूर घायल हो गए। घायलों में कइयों की हालत गंभीर है। अब जाँच में सामने आया है कि फैक्ट्री के मालिक का नाम दिलशाद है और उसने वसीम को किराए पर चलाने के लिए दी थी यह फैक्ट्री। फिलहाल दोनों फरार हैं। पुलिस ने फैक्ट्री के अंदर प्लास्टिक के कारतूस जैसी चीजें बरामद की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फैक्ट्री का लाइसेंस साल 2021 में बिजली के सामान बनाने के लिए लिया गया था। लेकिन लाइसेंस लेने वाले ने इसे खुद चलाने के बजाय वसीम को चलाने के लिए दे दिया। DM हापुड़ के मुताबिक इसकी जाँच करवाई जा रही है कि फैक्ट्री में विस्फोटक जैसा पदार्थ कैसे आया।

तलाशी में फैक्ट्री के अंदर कारतूस जैसी प्लास्टिक से बनी कुछ चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस को शक है कि ये प्लास्टिक टॉय गन में प्रयोग होते होंगे। लेकिन संभावना ये भी जताई जा रही है कि इन कारतूसों में बारूद भरा जा रहा था। यही बारूद धमाके की वजह बना। इस घटना में हुए ब्लास्ट का CCTV फुटेज सामने आया है।

पुलिस ने पूरे प्रभावित क्षेत्र की ड्रोन से मैपिंग करवाई है। फरार चल रहा फैक्ट्री का मालिक दिलशाद मेरठ का निवासी बताया जा रहा है। फैक्ट्री को चला रहा वसीम भी इस हादसे में घायल बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उसका इलाज किसी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में है।

घटनास्थल हापुड़ के धौलाना में आने वाला इंडस्ट्रीयल एरिया में है, जिसे यूपीसीडा ने बसाया है। सैकड़ों फैक्ट्रियों वाली इस जगह को UP स्टेट इंडस्ट्रियल अथॉरिटी के नाम से भी जाना जाता है। हादसे की शिकार फैक्ट्री प्लॉट नंबर F 128 पर चल रही थी, जिसका नाम रूही इंडस्ट्री था।

इनोवा के शीशे पर सन ब्लॉकर चढ़ाया, फिर हैदराबाद में नाबालिग लड़की से बारी-बारी किया रेप: BJP नेता ने कहा- कुछ आरोपित दुबई भागे

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad, Telangana) में नाबालिग से प्रभावशाली लोगों के बेटों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म (Minor Gang Rape) के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इनोवा कार में 17 साल की लड़की के साथ आरोपितों ने बारी-बारी से रेप किया और कोई देख ना पाए, इसके लिए कार के शीशों पर सन ब्लॉकर (धूप से बचने के लिए शीशे पर लगाया जाने वाला पर्दा) लगा दिया था।

28 मई की शाम को घटना के अंजाम देने के बाद पाँचों आरोपित बेकरी के पास लौट आए और 2 दिनों तक आराम की जिंदगी जीते रहे, जब तक कि इसको लेकर बवाल नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, शुरू में आरोपित किसी भी अपराध को मानने से इनकार करते रहे।

TOI के अनुसार, पीड़िता की आरोपित से मुलाकात पब में पार्टी के दौरान हुई थी। उसके बाद आरोपित पीड़ित को मर्सिडीज बेंज कार लेकर बेकरी तक आए। उनके पीछे एक इनोवा कार भी थी, जिसमें कुछ और लड़के बैठे थे। बेकरी के बाद लड़कों ने पीड़िता को घर छोड़ने के बहाने उसे इनोवा कार में बैठा लिया और दूर एक सुनसान जगह पर ले जाकर बारी-बारी से रेप किया।

इसके बाद आरोपितों ने लड़की को उसी बंजारा हिल्स स्थित उसी पब के सामने लाकर छोड़ दिया, जहाँ से वे लड़की को लेकर आए थे। घटना को अंजाम देने के बाद सारे आरोपित बेकरी के फिर लौटे और वहाँ एक ग्रुप फोटो लिया। जब पीड़िता ने साथी ने इसके बारे में लड़की की स्थिति के बारे में बताया तो आरोपित सतर्क हो गए।

पब के पास से 17 वर्षीय लड़की ने अपने पिता को फोन किया और उसे घर ले जाने के लिए कहा। उसके पिता 15 मिनट में वहाँ पहुँच गए और लड़की को घर ले गए। घर पर परिजनों ने लड़की की हालत को देखकर महसूस किया कि कुछ गड़बड़ हुआ है। वह सदमे और डर की स्थिति में थी और घरवालों से इसके बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।

इस मामले में लड़की के पिता ने 31 मई को थाने में केस दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस के महिला अधिकारियों के लड़की की काउंसलिंग की थी, जिसमें उसने पूरी घटना के बारे में बताया था। लड़की के बयान के आधार पर FIR में सामूहिक रेप की धाराएँ भी जोड़ी गईं।

इन आरोपितों में 2 हैदराबाद और सांगा रेड्डी के नेताओं के बेटे हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस अपराध की सारी कड़ियाँ जोड़ ली है। पुलिस ने इस अपराध में इस्तेमाल की गई इनोवा कार को जब्त कर लिया है।

भाजपा विधायक रघुनंदन राव का आरोप है कि इस घटना में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के विधायक का बेटा भी शामिल है। उनका आरोप है कि कुछ आरोपित दुबई भाग गए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने पब बुक कराने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। भाजपा नेताओं ने इस मामले की जाँच सीबीआई से कराने की माँग की है।

भाजपा (BJP) नेताओं का कहना है कि तेलंगाना के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली के पोते ने बैचलर पार्टी (Bachelor Party) का आयोजन किया था और पार्टी में शामिल होने के बाद पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया। 

बता दें कि इनसोम्निया एंड एम्नेशिया पब पार्टी (Insomnia & Amnesia Pub Party) की योजना इंस्टाग्राम (Instagram) पर बनाई गई थी और इस पार्टी में शहर के विभिन्न इलाकों के लगभग 200 लोगों ने भाग लिया था।

इस पार्टी में जिन लोगों ने लड़कों ने हिस्सा लिया था, वे सभी 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र थे। ये सभी छात्र बेहद धनाढ्य परिवारों से ताल्लुक रखते थे। इसके साथ ही इनमें से कुछ राजनेताओं और नौकरशाहों के परिवार से ताल्लुक रखने वाले छात्र भी शामिल थे।

हापुड़ की केमिकल फैक्ट्री में बड़ा विस्फोट, उड़ गई आसपास की इमारतों से छत: 12 की मौत, 21 घायल

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हापुड़ (Hapur) जिले के धौलाना थाना क्षेत्र में स्थित एक अवैध पटाखा (Blast In Cracker Factory) बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 21 मजदूर बुरी तरह से घायल हुए हैं। इनकी हालत भी गंभीर बताई जा रही है। इन मौतों की पुष्टि मेरठ जोन के एडीजी राजीव सभरवाल ने की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फैक्ट्री में रखे बारूद में हुआ धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की छतें तक उड़ गईं। बताया जाता है कि इस अवैध फैक्ट्री में प्लास्टिक की बंदूक और उसमें इस्तेमाल के लिए बारूद बनाया जाता था।

इस घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। पीएमओ ने ट्वीट किया, “उत्तर प्रदेश के हापुड़ की केमिकल फैक्ट्री में हुआ हादसा हृदयविदारक है। इसमें जिन लोगों को जान गँवानी पड़ी है, उनके परिजनों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ। घायलों के इलाज और दूसरी हर संभव सहायता में राज्य सरकार तत्परता से जुटी है।”

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर संवेदना जाहिर की है। उन्होंने ट्वीट किया, “जनपद हापुड़ स्थित फैक्ट्री में बॉयलर फटने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएँ शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। संबंधित अधिकारियों को त्वरित गति से राहत-बचाव कार्य संचालित करने एवं घायलों का समुचित उपचार कराने हेतु निर्देश दिए गए हैं।”

इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का लिया था लाइसेंस

जिस कंपनी में ये धमाका हुआ है, उसके पास पटाखा बनाने का लाइसेंस ही नहीं था। उक्त कंपनी ने इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने के लिए लाइसेंस लिया था। लेकिन उसकी आड़ में वो पटाखा फैक्ट्री चला रही थी। इस घटना को लेकर आईजी प्रवीण कुमार ने कहा कि शर्तों के उल्लंघन मामले की जाँच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

1500 PPE किट मुफ्त में दिए दान, फिर भी भ्रष्टाचार का इल्जाम: मनीष सिसोदिया के खिलाफ असम CM करेंगे मानहानि का केस दर्ज

वामपंथी पोर्टल द वायर की रिपोर्ट के आधार पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुयान सरमा के खिलाफ पीपीई किट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर सीएम सरमा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर पलटवार किया है। सीएम सरमा ने मनीष सिसोदिया को आपराधिक मानहानि केस मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने उपदेश नहीं देने को कहा है।

बुधवार (1 जून 2022) को विवादित पोर्टल ने एक रिपोर्ट पब्लिश की, जिसमें उसने आरोप लगाया कि कथित तौर पर रिंकी भुयान के मालिकाना हक वाली वाली एक कपंनी को कोरोना से निपटने के लिए पीपीई किट और दूसरे कोविड से जुड़े सामानों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला था। रिपोर्ट के मुताबिक, असम में जब सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री थे और हिमंता बिस्वा सरमा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री थे, तो उनकी पत्नी रिंकी भुयान सरमा की कंपनी को बिना किसी अनुभव के ही 5,000 पीपीई किट, मेडिकल उपकरण और अन्य सुरक्षा के सामानों की आपूर्ति करने का ऑर्डर दिया गया था।

बाद में रिंकी भुयान सरमा ने द वायर की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का खंडन किया और कहा कि ये पूरी तरह से फ्री था। बावजूद इसके 4 जून 2022 को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

पलटवार करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया, “ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे खराब महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट थी, मेरी पत्नी ने आगे आने और लगभग 1500 दान करने का साहस किया। जान बचाने के लिए सरकार को मुफ्त में उसने एक पैसा भी नहीं लिया।” उन्होंने पीपीई किट दान करने के रिंकी भुयान सरमा के स्वामित्व वाली कंपनी के पदाधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन असम के निदेशक द्वारा लिखित प्रशंसा पत्र भी संलग्न किया।

हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे ट्वीट किया, “मनीष सिसोदिया ने उस समय बिल्कुल अलग पक्ष दिखाया था। आपने दिल्ली में फंसे असमिया लोगों की मदद के लिए मेरे कई कॉल्स को ठुकरा दिया। मैं एक उदाहरण कभी नहीं भूल सकता, जब मुझे दिल्ली के मुर्दाघर से एक असमिया कोविड पीड़ित का शव लेने के लिए सिर्फ 7 दिन इंतजार करना पड़ा।”

इसके साथ ही उन्होंने मनीष सिसोदिया को कोर्ट में अपने आरोप को साबित करने की चुनौती दी। सरमा ने कहा, “उपदेश देना बंद करो और मैं आपको जल्द ही गुवाहाटी में देखूँगा, क्योंकि आप आपराधिक मानहानि का सामना करेंगे।”

हिमंत बिस्वा सरमा को जवाब देते हुए AAP नेता मनीष सिसोदिया ने 18 मार्च 2020 को एक ‘रद्द किए गए खरीद आदेश’ की एक तस्वीर ट्वीट की। मनीष सिसोदिया ने अपने ट्वीट में लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जी ये रहा आपकी पत्नी का खरीदने का अनुबंध। जेसीबी इंडस्ट्रीज के नाम पर 5000 किट 990/- रुपये प्रति किट। बताइए क्या यह पेपर झूठा है? जब आप स्वास्थ्य मंत्री थे तो क्या अपनी पत्नी की कंपनी को बिना किसी टेंडर के खरीद आदेश देना भ्रष्टाचार नहीं है?”

नाबालिग से दुष्कर्म ‘एडवांस जमाने की गलती’ : गृहमंत्री महमूद अली जानते भी हैं उन्होंने रेप मुद्दे पर क्या बयान दिया है?

आदरणीय,
तेलंगाना गृहमंत्री महमूद अली जी,

हाल में हैदराबाद में 17 साल की नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म केस में आपका एक बयान सुना और आपको ये लघु पत्र लिखने का फैसला किया। मुझे नहीं मालूम आपने किस फ्लो में एक रेप केस पर बात करते हुए मीडिया के सामने ये कहा कि एडवांस जमाने के कारण गलतियाँ हो रही हैं जिसका आपको दुख है। लेकिन मुझे ये जरूर पता है कि जब आपके इस बयान पर सवाल होगा तो आप किसी न किसी ढंग से इसे जस्टिफाई कर ही देंगे।

साल 2019 में भी ऐसा ही हुआ था। प्रीति रेड्डी (बदला हुआ नाम) का केस शायद आपको याद होगा। एक डॉक्टर जिसे देर रात शमशाबाद में 4 हैवान उठाकर ले गए और दुष्कर्म के बाद उन्हें जलाकर मार डाला गया। अगले दिन उनके अंतर्वस्त्रों से उनकी शिनाख्त हुई थी। जब घटना का विरोध हुआ और मीडिया आपके पास दौड़ी-दौड़ी सवाल पूछने आई तो आपने जवाब दिया, “वो पढ़ी लिखी थी उसने बहन को क्यों कॉल किया, पुलिस को फोन करना चाहिए था।”

सच कहूँ तो इस नाबालिग रेप केस पर आपने जो मुँह पर दर्द भरे हाव-भाव के साथ संवेदनहीन बयान दिया है, उसे सुन मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। साल 2019 में प्रीति रेड्डी पर जब आपकी राय सुनी थी तभी समझ आ गया था कि समाज के उन लोगों से इंसाफ माँगने की अपेक्षा क्यों जिन्हें रेप जैसे अपराध की गुनहगार पीड़िता ही लगे। घटना के तीन साल बाद आपने उस सोच को सही साबित किया। आज आपका फिर एक बयान आया है जिसमें आपने रेप केस को एडवांस जमाने से जोड़कर गलती दिखाने का प्रयास किया है।

बताइए आपसे आपके राज्य की जनता, खासकर महिलाएँ या लड़कियाँ क्या उम्मीद करें अपनी सुरक्षा को लेकर? क्या उम्मीद करें वो माता-पिता जिनकी बच्चियों को हैवान अपना निशाना बनाते हैं और वो चाहते हैं कि प्रशासन उन्हें न्याय दिलाए!

लड़कियों ने समय-समय पर अपने साथ हुई बर्बरता के बाद समाज के तमाम लांछन झेले। अभी भी हम उस मानसिकता से लड़ रहे हैं जहाँ रेप या दुष्कर्म के बाद लड़की के छोटे कपड़ों को दोषी बता दिया जाता है और लड़कों के किए गए अपराध को गलती से तोलकर कम दिखाने की कोशिश होती है। ऐसे समाज में लड़कियाँ अपनी सरकार, अपने नेताओं से अपेक्षा करती हैं कि उनके पक्ष में ऐसा स्टैंड लिया जाएगा जहाँ पर वो अपनी बात रख पाएँगी या अपने लिए न्याय की गुहार लगा पाएँगी। मगर सोचिए कि आप जैसे राजनेता उनको कौन सा माहौल देने पर आमादा है। वो माहौल जहाँ न केवल आधुनिकता के नाम पर लड़की को कोसा जाए बल्कि आधुनिकता के नाम पर लड़की के साथ हुए दुष्कर्म को जस्टिफाई करने की भी कोशिश हो।

दुख इस बात का है कि भारत में लड़कियों की सवाल पूछने की यह लड़ाई सिर्फ आपसे नहीं है। ऐसे कई राजनेता हैं जिन्हें दुष्कर्म एक गलती की तरह प्रतीत होता है और लड़की की आपबीती केवल कोई कहानी जैसी लगती है। रेप मामले में एडवांस जमाने को कोसना बिलकुल ऐसा है कि प्रत्यक्ष तौर पर लड़की पर सवाल न उठाकर अप्रत्यक्ष तौर से उसे जलील करने का प्रयास किया जा रहा हो।

आगे अगर ये सब चलते ही रहना है तो जवाब दे दीजिए कि उस 21वीं सदी में जब जमाना सोच से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है तो लड़कियाँ कहाँ खुद को सिर्फ इसलिए पीछे ढकेलती जाएँ कि आप जैसे लोग उनके कपड़ों पर, उनके चरित्र पर, वो जिस माहौल में रहती है उस पर, सवाल न खड़ा करके सीधे तौर पर अपराधी को दंड देने की बात करें।

मैं आखिर में ये याद दिलाना चाहती हूँ कि समाज द्वारा शब्दों के गढ़े गए मायाजाल में सालों से लड़कियाँ बदनाम हुई हैं, उनकी सीमाएँ तय हुई हैं, उन पर दबाव बने हैं। लेकिन माननीय मंत्री जी आपसे सवाल इसलिए है क्योंकि आपके ऊपर एक राज्य की जिम्मेदारी है। संविधान से चलने वाले देश में आप जनता के हर वर्ग के प्रतिनिधि हैं। व्यक्ति विशेष की अपनी मानसिकता किस गड्ढे में है इससे सामान्य जन का वास्ता नहीं है लेकिन संवैधानिक पद पर विराजमान आपकी सोच से हमारा लेनादेना है। इसलिए उम्मीद करते हैं कि आपको जल्द से जल्द उस पद की गरिमा का एहसास हो जहाँ आपकी जनता पर अत्याचार करने वाला आपको दंड के काबिल लगे न कि सहानुभूति के।