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पादरी वाली ड्यूटी पर वापस लौटेगा नन से रेप के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल! वेटिकन ने लिया फैसला, केरल HC में चल रहा है मामला

नन के बलात्कार के आरोपित बिशप फ्रैंको मुलक्कल को वेटिकन सिटी ने पादरी की ड्यूटी वापस निभाने की अनुमति दे दी है। बताया जा रहा है कि केरल के एक न्यायालय द्वारा उसे निर्दोष साबित करते हुए बरी किए जाने के बाद वेटिकन ने उसे ‘Pastoral Duties’ में वापस लौटने की अनुमति दे दी है। सितंबर 2018 में उसे अस्थायी रूप से इन ड्यूटीज से हटाया गया था। केरल पुलिस ने उससे पूछताछ की थी, जिसके बाद पोप फ्रांसिस ने ये निर्णय लिया था।

बता दें कि ईसाई मजहब में चर्च और पादरियों का सूबा बाँटा हुआ होता है, जिसे वो ‘Diocese’ कहते हैं। शनिवार (11 जून, 2022) को जालंधर डायसिस के दौरे पर आए आर्कबिशप लेओपोल्डो गिरेल्ली (भारत-नेपाल में वेटिकन के ‘राजदूत’, जिसे Apostolic Nuncio कहा जाता है) ने उत्तर भारत के पादरियों से कहा कि वेटिकन ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर न्यायपालिका के फैसले को स्वीकार कर लिया है। पादरियों के एक सवाल पर उन्होंने ऐसा कहा।

उनसे पूछा गया था कि क्या बिशप फ्रैंको मुलक्कल फिर से जालंधर डायसिस में सेवा देने के लिए लौट सकते हैं या नहीं। PTI की सूत्रों की मानें तो इस पर आर्कबिशप ने कहा कि बिशप फ्रैंको मुलक्कल सीधे पोप के कमांड में हैं और उनकी जिम्मेदारी तय करने का अधिकार अब ‘Holy See (रोम)’ के पास है। बता दें कि 4 महीने पहले केरल के कोट्टायम के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज ने बिशप फ्रैंको मुलक्कल को ये कहते हुए बरी कर दिया था कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ उचित सबूत पेश करने में विफल रहा।

पीड़ित नन ने अब 57 वर्षीय पादरी के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। 2014-2016 के बीच उन्होंने कई बार कोट्टायम की यात्रा की थी और नन का आरोप है कि इसी दौरान उन्होंने कई बार उसका बलात्कार किया। केरल की राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील में कहा है कि पीड़िता द्वारा दिए गए सबूत, कई गवाहों के बयानों और सबूतों से पुष्टि होती है कि नन के साथ बिशप फ्रैंको मुलक्कल ने अप्राकृतिक अपराध और बलात्कार किया था।

राष्ट्रपति चुनाव के लिए JP नड्डा और राजनाथ सिंह को भाजपा ने सौंपी कमान, अन्य पार्टियों से करेंगे चर्चा: देखें क्या कहता है नंबर गेम

भारत में राष्ट्रपति (Presidential Election) पद के चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद इसको लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में रविवार (12 जून 2022) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के साथ मीटिंग की। इसके लिए पार्टी ने कमेटी गठित कर दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं को ही पार्टी ने विपक्षी दलों से बात करने के लिए अधिकृत घोषित किया है। ये NDA के घटक दलों के साथ ही विपक्षी यूपीए के नेताओं के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों और निर्दलीयों के साथ बातचीत करेंगे।

चुनाव आयोग के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए 18 जुलाई से वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में देश के नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को अपने पद की शपथ लेंगे। लेकिन ये चुनाव सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं होने वाला है।

क्या हैं नंबर गेम

ऐसा इसलिए है कि क्योंकि भले ही बीजेपी की केंद्र में सरकार हो और उसके सांसदों की संख्या अधिक हो। लेकिन फिर भी NDA गठबंधन के पास केवल 5,26,420 वोट हैं, जो कुल 10.79 लाख वोटों के आधे से थोड़ा कम हैं। यही भाजपा के लिए मुश्किल है। अब अगर राष्ट्रपति चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करना है तो बीजेपी को क्षेत्रीय पार्टयों के समर्थन की जरूरत होगी।

हालाँकि, 2017 में तो BJD और YSRCP ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन दिया था। लेकिन इस बार अभी तक ये दोनों ही पार्टियाँ शाँत बैठी हैं। हाल ही में पीएम मोदी के साथ इनकी बैठक जरूर हुई थी। राष्ट्रपति चुनाव में पूर्ण बहुमत के लिए NDA को करीब 13,000 वोटों की जरूरत है। अगर देखा जाय तो BJD के पास 31,000 से अधिक वोट हैं और YSRCP के पास 43,000 से अधिक वोट हैं। इस तरह से अगर कोई एक भी बीजेपी को सपोर्ट करती है तो राष्ट्रपति चुनाव बीजेपी के पाले में होगा।

राज्यसभा में कमजोर पड़ी बीजेपी

दरअसल, राज्यसभा में कुल 232 सदस्य है। इनमें से बीजेपी 100 के नंबर तक पहुँच गई थी। लेकिन 57 राज्यसभा की सीटों पर हुए चुनाव के बाद पार्टी घटकर 91 पर आ गई है।

कैसे होता है राष्ट्रपति चुनाव

संविधान के अनुच्छेद-54 के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज करता है। राष्ट्रपति चुनाव के कुल वोटरों की संख्या 4809 है। इसमें लोकसभा के सांसद और सभी राज्यों के विधानसभा के विधायक शामिल हैं। इस चुनाव में जनता द्वारा चुने गए विधायक और सांसद हिस्सा लेते हैं। वोट में हिस्सा लेने वाले विधायक और सांसद के वोट का वेटेज अलग-अलग होता है। इसमें भी सांसदों के वोट की वैल्यू अधिक होती है।

‘खाना देने के बहाने जीशान ने बीवी-बच्चियों को फँसाया, धर्मांतरण के बाद सऊदी में बेचा’ : MP में हिंदू युवक ने लगाई मदद की गुहार

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक व्यक्ति ने पुलिस में अपनी पत्नी और 2 बेटियों के धर्मान्तरण की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित ने जीशान नाम के व्यक्ति पर अपनी पत्नी को प्यार के जाल में फँसाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता को अपनी पत्नी और बेटियों के सऊदी अरब में बेचे जाने की भी आशंका है। शिकायत के मुताबिक 1 साल से उसको अपनी बीवी और बेटियों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। यह शिकायत 11 जून 2022 (शनिवार) को दर्ज कराई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित व्यक्ति 45 साल का पूरन राजपूत है। वह भोपाल का रहने वाला है। उसकी ससुराल शिवपुरी में है। पीड़ित की पत्नी का नाम राखी है। उसकी पत्नी के अलावा परिवार में 2 बेटियाँ हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, “कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जीशान मेरे मोहल्ले में खाना बाँटने आता था। इस दौरान उसने मेरी पत्नी को प्यार के जाल में फँसा लिया। मार्च 2021 में मेरी पत्नी दोनों बेटियों को ले कर अपने माता-पिता के साथ मायके शिवपुरी चली गई। तब से 1 साल से उसे अपनी पत्नी और बेटियों का कोई समाचार नहीं मिला है।”

पूरन राजपूत ने आगे लिखा, “जीशान ने मेरी पत्नी और बेटियों का धर्म परिवर्तन करवा कर उन्हें किस अज्ञात जगह भेज दिया है। मेरे पास कई वीडियो और ऑडियो है जिसमें जीशन मेरी बीवी को मुझ से तलाक लेने के लिए उकसा रहा है। साथ ही वो खुद से निकाह के लिए भी कह रहा। मुझे डर है कि जीशान ने उन्हें सऊदी अरब में बेच दिया है। मेरे सास-ससुर भी इस साजिश में शामिल हैं। मैं जब भी उनसे अपनी बेटियों और पत्नी के बारे में पूछता हूँ तब वो मुझे मारने-पीटने की धमकी देते हैं।”

पूरन राजपूत ने अपनी शिकायत को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी भेजी है। पीड़ित के मुताबिक जब उसने भोपाल में अपनी बेटियों और पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवानी चाही तो उसे शिवपुरी में शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा गया। इसी के बाद वह शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक के ऑफिस आया है।

नूपुर शर्मा के नाम पर पाकिस्तान से चला भारत-विरोधी प्रोपगेंडा: सोशल मीडिया पर फैलाया गया फेक न्यूज, फॉरेंसिक जाँच में खुलासा

भाजपा (BJP) के पूर्व नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और नवीन जिंदल (Navin Jindal) द्वारा इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर टिप्पणी को लेकर पाकिस्तान द्वारा प्रोपगेंडा चलाया गया था। पाकिस्तान द्वारा गई ट्विटर हैंडलों के जरिए भारत विरोधी अभियान को हवा दी गई।

डिजिटल फोरेंसिक रिसर्च एंड एनालिटिक्स सेंटर (DFRAC) की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान ने इस टिप्पणी को गलत तरीके पेेश करके भारत विरोधी अभियान चलाया और देश में माहौल खराब करने की कोशिश की। इस सिलसिले में खास हैंडल और ट्विटर हैशटैग की पहचान की गई है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस दौरान फेक स्क्रीनशॉट शेयर कीं और फर्जी खबरों को फैलाया। इस दौरान यह भी झूठा दावा किया गया कि इस टिप्पणी के विरोध में इंग्लिश क्रिकेटर मोईन मुनीर अली ने IPL के बहिष्कार की अपील और नूपुर से माफी की माँग की।

इसी तरह एक फर्जी सूचना वायरल की गई कि ओमान (Oman) के ग्रैंड मुफ्ती शेख अहमद बिन हमद अल-खलील ने लोगों से भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की घोषणा की। इसमें ये कहा गया कि उन्होंने बॉयकॉट इंडिया ट्रेंड शुरू किया। बता दें कि मुफ्ती ने सिर्फ नूपुर शर्मा की टिप्पणी की आलोचना की थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विवाद के दौरान ट्रेंडिंग हैशटैग पर बातचीत की जाँच की गई तो पता चला कि इनमें से अधिकतर प्रोफाइल विदेशों से संचालित हो रहे हैं। इनमें से 7,000 अकाउंट पाकिस्तानी, 3,000 सऊदी अरब, 1400 मिस्र और 1000 के करीब अमेरिका एवं कुवैत के थे। वहीं, इसमें शामिल 2500 यूजर भारतीय थे।

लाइव टेलीविजन पर डिबेट के दौरान नूपुर द्वारा की गई टिप्पणी को इन अकाउंट्स के जरिए अतंरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश की गई। इसके बाद एक-एक करके मुस्लिम देशों से प्रतिक्रिया आने लगी।

बवाल बढ़ता देख भाजपा ने नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। इस मसले को लेकर सरकार की ओर से कहा गया कि नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की टिप्पणी सरकार के विचार को नहीं व्यक्त करती।

ED के समन के बाद सोनिया गाँधी अस्पताल में भर्ती: कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता कर रहे ‘शक्ति प्रदर्शन’ की तैयारी

नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोनिया गाँधी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से समन मिलने के बाद खबर है कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष कोविड संबंधित समस्याओं के कारण गंगाराम अस्पताल में भर्ती हुई हैं। 2 जून को सोनिया गाँधी के कोविड पॉजिटिव होने की खबर आई थी जिसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया। अभी उनकी हालत स्थिर है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हुए यह जानकारी दी है।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने बताया, “कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी गंगा राम अस्पताल में कोविड कारणों से भर्ती हुई हैं। वह स्थिर है और अस्पताल की निगरानी में हैं। हम कॉन्ग्रेस से जुड़े हर शुभचिंतक को धन्यवाद देते हैं।”

बता दें कि ईडी द्वारा 23 जून को पूछताछ के लिए पेश होने का समन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को मिलने के बाद एक ओर जहाँ वह कोविड कारणों से अस्पताल में भर्ती हुई हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी के कार्यकर्ता 13 जून को केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी में लगे हैं।

दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की ओर से कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को 2 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। मगर, राहुल ने देश से बाहर होने के कारण कोई और डेट माँगी। इसके बाद ईडी ने 13 जून की तारीख उन्हें दी। अब कल उन्हें ईडी के समक्ष पूछताछ के लिए जाना है और इसी वजह से कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता केंद्र के सामने शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। कॉन्ग्रेस ने अपने सांसदो से कहा है कि वो 13 जून की सुबह दिल्ली में मौजूगद रहें।

सूत्रों के हवाले से दी जा रही जानकारी में बताया गया कि 13 जून को कॉन्ग्रेस कार्य समिति के सदस्य और पार्टी के सांसद दिल्ली में ईडी मुख्यालय तक मार्च करेंगे।

नेशनल हेराल्ड केस

यह मामला कॉन्ग्रेस पार्टी के नेतृत्व में ‘यंग इंडियन’ में वित्तीय अनियमितता की जाँच के सिलसिले में दर्ज किया गया था। समाचार पत्र ‘नेशनल हेराल्ड’, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड का है। ‘नेशनल हेराल्ड’ एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और अन्य पर धोखाधड़ी की साजिश रचने और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के फंड का गबन करने का आरोप लगाया था। स्वामी ने यह भी आरोप लगाया था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपए की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपए का भुगतान किया था, जो एजेएल पर कॉन्ग्रेस का बकाया था। 

उल्लेखनीय है कि ईडी के अनुसार, गाँधी परिवार द्वारा नियंत्रित एनजीओ, जिसकी शुरुआत 2010 में केवल 5 लाख रुपए से हुई थी, अब उसकी संपत्ति 800 करोड़ रुपए से अधिक है।

अब बंगाल में भी नूपुर शर्मा पर FIR, TMC के अबू सोहैल ने की थी शिकायत: शुभेंदु अधिकारी को हावड़ा जाने से रोका, 100 गिरफ्तार

पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ पश्चिम बंगाल में भी एक FIR दर्ज हुई है। यह FIR तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) मेटा अबू सोहैल ने दर्ज करवाई है। तमाम अधिकारियों को FIR की कॉपी भेजते हुए सोहैल ने आज रविवार (12 जून, 2022) को कार्रवाई न होने पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी दी है। वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी के हावड़ा जाने पर रोक लगा दी है है।

अबू सोहैल TMC में अल्पसंख्यक मोर्चे के महासचिव हैं। साथ ही वो सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक FIR मेदिनीपुर के काँधी थाने में दर्ज हुई है। इस केस में IPC की धारा 153A, 504, 505 और 506 लगाई गई है। सोहैल ने इस FIR की कॉपी DGP पश्चिम बंगाल, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय गृहमंत्रालय को भी भेजी है। अबू सोहैल के मुताबिक नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद का अपमान किया है और इसलिए उनके खिलाफ एक्शन होना ही चाहिए।

शुभेंदु अधिकारी के हावड़ा जाने पर रोक

वहीं नूपुर शर्मा के खिलाफ इस्लामी भीड़ द्वारा हावड़ा में किए गए हंगामे के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को हावड़ा जाने से रोक दिया है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस आदेश की कॉपी को शेयर किया है। आदेश में शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है। अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि हावड़ा में भाजपा कार्यालयों को नुकसान पहुँचाया गया है।

खुद शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के DGP की आलोचना करते हुए कहा कि वो पश्चिम बंगाल की पुलिस को भाजपा नेताओं के दमन में प्रयोग कर रहे हैं। जबकि उन्हें यही पुलिस बल सरकारी और आम लोगों की सम्पत्तियों को लूट रहे दंगाइयों पर प्रयोग करना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में अब तक 100 से ज्यादा दंगाई गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल पुलिस के मुताबिक अब तक सड़क जाम करने और सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचाने वाले 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ पुलिस ने बिना किसी पक्षपात के कार्रवाई का भरोसा दिया है।

हार के बाद बदसलूकी पर उतरे अफगान खिलाड़ी, भारतीय प्लेयर्स से की मारपीट: कॉलर पकड़ के दिया धक्का, चले लात-घूँसे

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शनिवार (11 जून 2022) की रात हुई एशियन कप 2023 फुटबॉल क्वालीफायर मैच (Asian Cup 2023 Qualifiers) में अफगानिस्तान (Afghanistan) ने हार के बाद भारतीय टीम (India Team) के खिलाड़ियों के साथ अभद्रता और मारपीट की। इसके बाद भारतीय टीम भी बचाव में आ गई और दोनों तरफ से जमकर लात-घूँसे चले।

दरअसल, मैच के आखिरी पलों में भारतीय टीम ने गोल कर अफगानिस्तान पर जीत दर्ज की थी। भारत की इस जीत को अफगान खिलाड़ी पचा नहीं पाए। इस दौरान एक अफगान खिलाड़ी एक भारतीय खिलाड़ी से बदतमीजी करने लगा। इसके बाद बात बढ़ गई और दोनों ओर से कई खिलाड़ी इसमें शामिल हो गए।

वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि अचानक तीन अफगान खिलाड़ी आते हैं और आपस में बात कर रहे दो खिलाड़ियों में एक दो अपने साथ घसीटने लगते हैं। इन अफगान खिलाड़ियों में से एक भारतीय खिलाड़ी का कॉलर पकड़ कर खींचता है, जबकि दूसरे उसे धक्का देता है। इस दौरान दूसरा भारतीय खिलाड़ी भी साथ रहने की कोशिश करता है, लेकिन उसे भी लगातार धक्का दिया जाता रहा है।

इसके बाद मैदान से बाहर बैठे अफगान खिलाड़ी दौड़कर मैदान में आते हैं लड़ाई में अपने साथियों की मदद करने लगते हैं। उनके पीछे-पीछे भारतीय खिलाड़ी भी दौड़कर मैदान में आते हैं। इसके बाद दोनों तरफ से खिलाड़ी गुत्थमगुत्थी हो जाते हैं। फिर लात और घूँसे चलने लगे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

इस दौरान भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह ने दोनों तरफ के खिलाड़ियों को शांत कराने की काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें भी अफगान खिलाड़ियों ने धक्का दे दिया। इसके बाद AFC के अधिकारी मौके पर पहुँचे, लेकिन हाथापाई रुकने के बजाए और तेज हो गई। आयोजन समिति ने घटना को लेकर अभी कुछ नहीं कहा है। हालाँकि, झगड़े की असली वजह क्या यह पता नहीं चला है।

इस महत्वपूर्ण मैच में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 2-1 से हराकर तीन अंक हासिल किए हैं। सुनील छेत्री ने खेल के 85 मिनट में एक फ्री-किक गोल मारा, लेकिन अफगानिस्तान ने जुबैर अमीरी फ्री हेडर से गोल करते हुए मैच बराबरी पर ला दिया। इसी बीच मैच खत्म होने से ठीक पहले भारतीय टीम ने निर्णायक गोल दागते हुए जीत हासिल कर ली।

अफगानिस्तान के खिलाफ गोल दागने के बाद भारतीय कप्तान सुनील छेत्री के अब 128 इंटरनेशनल मुकाबलों में 82 गोल हो गए हैं। छेत्री से आगे अब सिर्फ पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी हैं।

भारतीय टीम की यह टीम जनवरी 2016 के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ पहली जीत है। इससे ठीक पहले दो मौकों पर अफगानिस्तान की टीम भारत को दो बार बराबरी पर रोकने मे सफल रही थी। भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ कुल 11 मैच खेले हैं, जिनमें उसे सात में जीत और एक में हार का सामना करना पड़ा है।

बता दें कि एशियन कप 2023 के फाइनल क्वालीफाइंग राउंड के ग्रुप-डी के मुकाबले में अफगानिस्तान को हराने के बाद भारतीय टीम दूसरे नंबर पर आ गई है। पहले नंबर पर हांगकांग की टीम चल रही है।

हैदराबाद के अफजलगंज इलाके में केमिकल ब्लास्ट: बेटे भरत के चीथड़े उड़ गए, पिता वेणुगोपाल की हालत गंभीर

तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद से चौंकाने वाले घटना प्रकाश में आई है। यहाँ रविवार (12 जून, 2022) को एक केमिकल ब्लास्ट (chemical Blast) हुआ। इसमें एक युवक की मौत की मौत हो गई, जबकि उनके पिता घायल हुए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना अफजलगंज के महाराजगंज इलाके की है। यहीं की मोगरम बस्ती में रहते थे भरत भट्टर। भरत पेशे से केमिकल का काम करते थे। वो गिरिराज कंपनी में काम करते थे और अपनी दुकान के सामने के नाले में एक्सपायर हो चुके केमिकल को फेंक देते थे। रविवार की सुबह भी उन्होंने ऐसा ही कुछ किया।

पुलिस का कहना है कि भरत ने केमिकल को नाली में बहाया। लेकिन नाली के जाम होने के कारण वो उसमें फँस गया। इसके बाद उन्होंने लोहे की रॉड से केमिकल को बाहर निकालने की कोशिश की। ये जानने के लिए कि केमिकल निकला या नहीं, उन्होंने उसमें पानी डाल दिया। इसी दौरान अचानक से जोरदार धमाका हो गया।

बताया जाता है कि केमिकल रिएक्शन के कारण हुआ धमाका इतना तेज था कि भरत करीब दो मंजिल की ऊँचाई तक ऊपर उड़ गए। उनके शरीर के टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस हादसे में भरत के पिता वेणुगोपाल भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही अफजलगंज पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची। इसके साथ ही फॉरेंसिक विभाग की CLUES टीम भी वहाँ पहुँच गई। केमिकल को इकट्ठा कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।

वहीं पुलिस ने मृतक भरत भट्टर के शव को उस्मानिया अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया है। केस दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। लेकिन केमिकल ब्लास्ट की घटना से इलाके में डर का माहौल बताया जा रहा है। बहरहाल घटना को लेकर अभी तक अधिक खुलासा नहीं हो सका है।

Note:
पहले इस खबर का शीर्षक था – “हैदराबाद की मस्जिद में केमिकल ब्लास्ट: बेटे भरत के चीथड़े उड़ गए, पिता वेणुगोपाल की हालत गंभीर” – यह खबर मीडिया रिपोर्टों के आधार पर लिखी गई थी। उन मीडिया रिपोर्ट को अब एडिट कर दिया गया है, उसी आधार पर इस खबर को भी एडिट किया गया।

‘शेख नगर बना शिवनगर, अम्फल्ला चौक हुआ हनुमान चौक’ : UP की राह पर चला जम्मू, नाम बदलने के लिए नगर निगम से प्रस्ताव पारित

शहरों के नाम बदलने की कवायद ने अब जम्मू में भी दस्तक दे दी है। खबर है कि जम्मू नगर निगम ने एक शहर और एक चौक का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव पारित किया है जिसमें शेख नगर को शिवनगर और अम्फल्ला चौक को हनुमान चौक करने को कहा गया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रस्ताव पारित की जानकारी मेयर चंदर मोहन ने खुद दी। उन्होंने बताया कि शेख नगर को शिव नगर करने के लिए भाजपा पार्षद द्वारा प्रस्ताव दिया गया था जिसके बाद जम्मू में दो क्षेत्रों के नाम बदलने के लिए एक सर्वसम्मत से प्रस्ताव पारित हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि शनिवार को जम्मू नगर निगम की आम सभा की बैठक के दौरान भाजपा पार्षद शारदा कुमारी ने शेख नगर को शिव नगर करने का प्रस्ताव पारित किया। भाजपा पार्षद शारदा कुमारी ने इस संबंध में कहा था कि जनता की माँगों को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव पेश किया गया है। मालूम हो कि जम्मू नगर निगम में दो क्षेत्रों का नाम बदले जाने के लिए प्रस्ताव पारित होने के बाद अब जम्मू कश्मीर के नागरिक सचिवालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि प्रक्रिया आगे बढ़ सके।

पिछले साल जम्मू में राजकीय महिला पीजी कॉलेज गाँधी नगर का नाम डोगरी भाषा की पहली आधुनिक कवयित्री पद्मश्री पद्मा सचदेव के नाम पर किया गया था। इस नाम का उद्घाटन चंद्र मोहन गुप्ता ने किया था। पद्मा सचदेव कवयित्री होने के साथ लेखिका के तौर भी जानी जाती हैं। उन्हें 1971 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था और पिछले ही साल उनका निधन हुआ था।

बता दें कि जम्मू से पहले पहले उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जगहों के नाम बदलने की प्रक्रिया को शुरू किया गया था। इसी क्रम में इलाहाबाद प्रयागराज हुआ था और खबरें आई थीं कि अलीगढ़, फर्रुखाबाद, सुल्तानपुर, बदायूँ, फिरोजाबाद और शाहजहाँपुर का नाम बदलने पर भी विचार चल रहा है। इनके अलावा आगरा, मैनपुरी और गाजीपुर का नाम बदलने के लिए प्रस्ताव तैयार हो रहे हैं।

नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को वापस भेजेगा कुवैत, मुल्क में दोबारा घुसने पर प्रतिबंध: ‘अल्लाहु अकबर’ नारे के साथ निकाली थी रैली

भाजपा (BJP) की पूर्व नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और नवीन जिंदल (Navin Jindal) द्वारा इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद (Prophet Mohammad) पर दिए गए बयान को लेकर प्रदर्शन करने वालों पर कुवैत (Kuwait) सरकार कार्रवाई करने वाली है।

कुवैत सरकार ऐसे प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने और वापस उनके मुल्क भेजने का निर्देश जारी करने वाली है। कुवैत सरकार का कहना है कि यहाँ के सभी प्रवासियों को कानूनों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी प्रकार के प्रदर्शनों में भाग नहीं लेना चाहिए।

सूत्रों के हवाले से अरब टाइम्स ऑनलाइन ने लिखा है कि इन प्रदर्शनकारियों ने देश के कानूनों और नियमों का उल्लंघन किया है। कुवैत में नियम है कि मुल्क में प्रवासी व्यक्ति धरना या विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं कर सकते हैं।

इस खबर को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संबद्ध प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे नंदकुमार ने ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले भारतीयों को भारत भेजा जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को इन्हें गिरफ्तार करने के बाद निर्वासन केंद्र भेजने के लिए कहा गया है, जहाँ से उन्हें उनके संबंधित देशों में भेज दिया जाएगा। इसके अलावा, उन्हें कुवैत में प्रवेश करने पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

दरअसल, शुक्रवार (10 जून 2022) को जुमे की नमाज के बाद वहाँ के फहील क्षेत्र लोगों ने भारत में आयोजित विरोध प्रदर्शन की तरह वहाँ भी प्रदर्शन किया था और अल्लाह-हू-अकबर और इल्ल इल्लाह… के नारे लगाए थे। माना जा रहा है कि इन प्रदर्शनकारियों में भारतीय, पाकिस्तान और बांग्लादेशी नागरिक हैं।

बता दें कि इससे पहले UAE स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने 24 मई 2022 में एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से कहा था कि यहाँ विरोध करना कानून जुर्म है। अगर कोई पाकिस्तानी इसमें शामिल होता है तो उसे UAE के कानून के तहत गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

पाकिस्तानी दूतावास ने यह कहा था कि सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करना भी UAE में अपराध है। इसलिए इन सब चीजों से बचें। एजवाइजरी में पाकिस्तानी नागरिकों से स्थानीय कानून का सम्मान करने के लिए कहा गया था।