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देशभर में ‘पीएम श्री स्कूल’ बनाने की तैयारी में मोदी सरकार: केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा- अगले 25 साल भारत को नॉलेज इकॉनोमी बनाने के लिए अहम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने गुरुवार (2 जून 2022) को बताया कि छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) की प्रयोगशाला बनाने के लिए देशभर में मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इन स्कूलों को ‘पीएम श्री स्कूल’ के नाम से जाना जाएगा।

गुजरात के गाँधीनगर में राष्ट्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रियों के सम्मेलन के दूसरे दिन उन्होंने कहा, “पीएम श्री स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की प्रयोगशाला होंगे। वे भविष्य के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित होंगे।” केंद्रीय मंत्री ने राज्यों से पीएम श्री स्कूलों के रूप में एक फ्यूचरिस्टिक बेंचमार्क मॉडल बनाने के लिए अपनी प्रतिक्रिया देने को कहा है।

उन्होंने कहा, “अगले 25 साल भारत को नॉलेज इकॉनोमी के रूप में स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो वैश्विक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, हम एक ऐसी सभ्यता हैं जो वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करती है। हमें यह महसूस करना चाहिए कि हमारे पास न केवल हमारे देश की, बल्कि दुनिया की भी जिम्मेदारियाँ हैं।”

केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 5+3+3+4 दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। NEP प्री-स्कूल से माध्यमिक तक, ECCE पर जोर, शिक्षकों की ट्रेनिंग और वयस्क शिक्षा, स्कूली शिक्षा के साथ स्किल डेवलपमेंट का एकीकरण को प्राथमिकता दी गई। अपनी मातृभाषा में सीखना 21वीं सदी के वैश्विक नागरिकों को तैयार करने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अच्छी प्रैक्टिस यही है कि विभिन्न राज्यों से आने वाले युवाओं को ‘विश्व-मानव’ के रूप में बदला जाए। इससे कर्नाटक, ओडिशा, दिल्ली, मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश, गुजरात और हरियाणा के मॉडलों से शिक्षा बिरादरी को अत्यधिक लाभ हो सकता है।

इस सम्मेलन में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास राज्य मंत्री, कई राज्यों के शिक्षा मंत्री, एक नया राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढाँचा विकसित करने के लिए संचालन समिति के अध्यक्ष के कस्तूरीरंगन और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

PM मोदी ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का किया शुभारंभ, UP में ₹70000 करोड़ का न‍िवेश कर 30000 नौकरी पैदा करेंगे अडानी

उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लिए प्रयत्नशील मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुआई में आयोजित तीसरे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (Ground Breaking Ceremony) का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (3 जून 2022) को लखनऊ में शुभारंभ किया।

इस अवसर पर देश भर के प्रतिष्ठित उद्यमी, निवेशक और व्यापार संगठनों के लोग मौजूद रहे। इस दौरान प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी ने प्रदेश में 70,000 करोड़ रुपए का निवेश करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के 30 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।

गौतम अडानी ने कहा, “मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे दो महान नेताओं से एक साथ मिलने का मौका मिला, जो भारत को नया भारत बनाने के लिए सतत प्रयासरत हैं।” उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन एक दूसरे से मेल खाता है।

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “उत्तर प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश से संबंधित समझौते हुए हैं। ये रिकॉर्ड निवेश उत्तर प्रदेश में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा करेगा। ये भारत के साथ ही उत्तर प्रदेश की ग्रोथ स्टोरी को बढ़ते दिखाता है।” 

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यूपी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में नंबर 2 पर पहुँच गया है। प्रदेश में 500 से ज्यादा सुधार किए गए हैं और 400 अनुपयोगी नियमों को खत्म कर प्रदेश को निवेश फ्रेंडली बनाया गया है।” सीएम योगी ने कहा कि पीएम का रिफॉर्म, परफार्म और इन्फॉर्म का मंत्र यूपी में अपनाया गया है।

तीसरे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में लगभग 1406 कंपनियाँ शामिल हो रही हैं। 500 करोड़ रुपए से अधिक की वैल्यूएशन वाली 30 कंपनियाँ कुल 43,906 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। वहीं, 100 से 499 करोड़ रुपए वाली 108 कंपनियाँ 24,028 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। इन निवेशों से 1400 से अधिक परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा, जो प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 80,000 अरब रुपए) इकोनॉमी बनाने में मददगार साबित होंगी। 

इसके तहत प्रदेश के डेटा सेंटर, एग्री एंड एलाईड, आईटी एंड इलेक्ट्रानिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, हैंडलूम एंड टेक्सटाइल, रिन्यूबल एनर्जी, एमएसएमई, हाउसिंग एंड कमर्शियल, हेल्थ केयर, वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक, डिफेंस एंड एयरोस्पेस फार्मास्यूटिकल एंड मेडिकल सप्लाई, एजुकेशन, डेयरी समेत कई क्षेत्र में निवेश होगा। इस दौरान पीएम मोदी कई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

इस भव्य आयोजन में आने वाले अतिथियों को स्थानीय उत्पादों के विशिष्ट उपहार भी दिए जाएँगे, जो एक जिला, एक उत्पाद योजना को प्रोत्साहित करेगा। इन उपहारों के जरिए सरकार प्रदेश के हस्तशिल्प उद्योग की ब्रांडिंग करेगी। इन उपहारों में मीनाकारी के उत्कृष्ट उत्पाद, फिरोजाबाद की काँच की गणेश प्रतिमा, लखनवी चिकनकारी के स्टोन, अलीगढ़ के पीतल के दीए, सेरामिक मग व आजमगढ़ की ब्लैक पाटरी के सजावटी हस्तशिल्प शामिल हैं। 

इसके पहले सीएम योगी ने उद्योगपतियों (Industrialists) और निवेशकों (Investors) को गुरुवार (2 जून 2022) को अपने सरकारी आवास पर रात्रिभोज दिया था। इस रात्रिभोज में 250 मेहमान आमंत्रित थे, जिनमें 170 प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल थे। इस के अलावा राज्य सरकार के मंत्री, अधिकारी और 75 जिलों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

19 साल की रुबीना के प्राइवेट पार्ट में शौहर ने घुसा दी गर्म रॉड, फिर गला घोंट मार डाला: यूपी में अप्राकृतिक सेक्स से मना करने पर तीन तलाक

उत्तर प्रदेश और झारखंड में महिला के साथ अत्याचार का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के हरदोई में अप्राकृतिक सेक्स का विरोध करने पर शौहर ने महिला को तीन तलाक दे दिया, तो वहीं झारखंड के रामगढ़ में दहेज के लोभी ससुराल वालों ने नविवाहिता की हत्या कर दी।

ये मामला रामगढ़ जिले के कुज्जु ओपी क्षेत्र के आरा कॉलोनी का है, जहाँ 19 वर्षीय युवती रुबीना अंसारी की ससुराल के लोगों ने दहेज के लिए हत्या कर दी है। हत्या से पहले आरोपितों ने लड़की के साथ मारपीट की और फिर उसके प्राइवेट पार्ट में लोहे की गर्म रॉड घुसा दी। इसके बाद लड़की का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के आरोपित फिलहाल फरार हैं।

हालाँकि, युवती के मायके वालों की शिकायत पर कुज्जु ओपी थाने में लड़की के शौहर कुर्बान अंसारी, ससुर मोहम्मद सुल्तान, देवर मोहम्मद निजाम और मौसी सास हमजा खातून पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर ससुराल वाले इस हत्या को खुदखुशी का रूप देना चाह रहे थे, लेकिन जब मृतक महिला के शव को बुधवार (1 जून 2022) को कब्र में दफनाने से पहले इस्लामिक रीति-रिवाजों के तहत नहलाया जा रहा था, तभी उसके रिश्तेदारों ने चोट के निशान देखे। इससे सारा राज खुल गया। इस खुलासे के बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। रामगढ़ सबडिविजनल पुलिस अधिकारी किशोर कुमार रजक और रुबीना के परिजनों ने इसकी जानकारी दी।

रजक ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा कि महिला पुलिस अधिकारियों को शव को देखने के लिए भेजा गया। उन्होंने उसके निजी अंगों के आसपास चोटें, जलने के निशान और बड़े घाव देखे। फिर शव को पुलिस हिरासत में ले लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

6 महीने पहले ही की थी शादी

जानकारी के मुताबिक चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के रहने वाले अफजल अंसारी ने अपनी बेटी की शादी 21 नवंबर 2021 को कुर्बान अंसारी से की थी। अफजल अंसारी ने अपनी हैसियत के मुताबिक लड़की को दहेज भी दिया था, लेकिन ससुराल वालों ने छह महीने में ही उनकी इकलौती बेटी को मौत के घाट उतार दिया है। उसके ससुराल वालों ने 1 लाख रुपए नकद, एक मोटरसाइकिल, वॉशिंग मशीन और कूलर की माँग की थी, जिसे देने में महिला के माता-पिता असमर्थ थे। माँग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई। 

यूपी के हरदोई में अप्राकृतिक संबंध से मना करने पर तीन तलाक

वहीं उत्तर प्रदेश के हरदोई में तीन तलाक का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महिला का आरोप है कि शौहर उसके साथ अप्राकृतिक शारीरिक संबंध बनाता था। जब उसने इस हरकत का विरोध किया तो शौहर ने उसके साथ मारपीट की और तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। पीड़िता ने शौहर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह मामला हरदोई जिले के कोतवाली संडीला क्षेत्र का है। महिला का निकाह 6 साल पहले कस्बा संडीला में हुआ था। महिला का आरोप है कि उसका शौहर उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाता था। महिला जब भी उसका विरोध करती थी, तो शौहर मारपीट करता था। तीन वर्ष पूर्व महिला ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। शौहर ने उस वक्त उससे समझौता कर लिया। सुलह के कुछ दिनों बाद ही वह उसके साथ फिर अप्राकृतिक संबंध बनाने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया तो शौहर ने उसके साथ मारपीट की और खामोश रहने को कहा।

कुछ दिनों बाद शौहरने उसे हरदोई जाकर छोड़ दिया और तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर इंसाफ की गुहार लगाई। इस मामले में यूपी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

चंपावत विधानसभा उपचुनाव में उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी 55000 वोटों से जीते, कॉन्ग्रेस उम्मीदवार को मिले सिर्फ 3233 मत

उत्तराखंड (Uttarakhand) के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) ने चंपावत विधानसभा उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने शुक्रवार (3 जून 202) को कॉन्ग्रेस के निर्मल गहतोड़ी को 55,000 वोटों करारी शिकस्त दी। वहीं, कॉन्ग्रेस उम्मीदवार को 3,233 वोटों के साथ शर्मनाक हार का सामना करना है।

सीएम धामी ने चंपावत उपचुनाव की मतगणना में शुरुआती रुझान अपने पक्ष में आने पर उत्तराखंड की जनता को धन्यवाद दिया। उसके बाद उपचुनाव के नतीजे घोषित होने पर सीएम धामी ने कहा, “मैं चंपावत की जनता का आभारी हूँ, जिन्होंने मुझे अपना समर्थन किया। विकास कार्यों के जरिए मैं लोगों का दिल जीतने की पूरी कोशिश करूँगा।”

सीएम धामी की जीत से बीजेपी में खुशी का माहौल है। पार्टी के कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री की जीत का जश्न मना रहे हैं और एक-दूसरे का मुँह मीठा करा रहे हैं।

बता दें कि चंपावत विधानसभा में उपचुनाव के लिए 31 मई को मतदान हुआ था। इस उपचुनाव में लगभग 64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री- स्मृति ईरानी एवं अनुराग ठाकुर और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों एवं धामी मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों सहित पार्टी के दिग्गज नेताओं ने सीएम के​ लिए चुनावी प्रचार किया था।

गौरतलब है कि इस साल उत्तराखंड में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 70 में से 47 सीटें जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने विधानसभा क्षेत्र खटीमा से हार गए थे। इस हार के बावजूद पार्टी आलाकमान ने उन पर भरोसा जताते हुए, उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री के रूप में चुना। वहीं, कॉन्ग्रेस को सिर्फ 19 सीटें मिली थीं।

सीएम धामी ने 23 मार्च को लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालाँकि, संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्यमंत्री बने रहने के लिए 6 महीने के अंदर विधायक बनना जरूरी होता है, इसलिए चंपावत विधानसभा का उपचुनाव जीतकर उन्होंने पार्टी में अपने भरोसे को कायम रखा।

कई बार चेताया, फिर भी हिजाब पहनकर कॉलेज पहुँचीं: कर्नाटक में 6 छात्राओं को प्रिंसिपल ने किया सस्पेंड

कर्नाटक का हिजाब विवाद एक बार फिर चर्चा में है। कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में उप्पिनंगडी गवर्नमेंट प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में हिजाब पहनकर कॉलेज पहुँची 6 छात्राओं को गुरुवार (2 जून, 2022) को निलंबित कर दिया गया। कई बार चेतावनी मिलने के बावजूद ये छात्राएँ कॉलेज में हिजाब पहनकर पहुँची थीं। इसलिए उप्पिनंगडी पीयू कॉलेज के प्रिसिंपल ने स्टाफ की मीटिंग के बाद इन छात्राओं को सस्पेंड करने का फैसला लिया। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, इन छात्राओं को 1 हफ्ते के लिए इसलिए निलंबित किया गया, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि इससे अन्य छात्राओं को भी विरोध के लिए उकसाया जा सकता है। 

बता दें कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध के फैसले को बरकरार रखा था। तब से, कॉलेज की कक्षाओं में हिजाब पहनने पर रोक लगी हुई है। बताया जा रहा है कि इन 6 छात्राओं पर यह कार्रवाई तब की गई है, जब उन्होंने राज्य सरकार के आदेश और उच्च न्यायालय के फैसले की अनदेखी की।

हिजाब पर बैन के बावजूद कर्नाटक के दूसरे कॉलेज में गुरुवार (2 जून 2022) को भी 16 छात्राएँ हिजाब पहनकर पहुँची थीं। हम्पनाकट्टे के पास मंगलुरु यूनिवर्सिटी के कॉलेज में हिजाब पहनकर पहुँची इन छात्राओं ने क्लास अटेंड करने की अनुमति माँगी थी। कॉलेज की प्रिंसिपल ने उन छात्राओं को कक्षाओं में जाने से मना कर दिया और उन्हें वापस भेज दिया। छात्राओं ने जिला आयुक्त के कार्यालय जाकर इसकी शिकायत की थी कि उन्हें हिजाब पहनकर कक्षाओं में नहीं बैठने दिया जा रहा है। इसके बाद डीसी ने उन्हें कॉलेज की रूलबुक, सरकार और कोर्ट के आदेशों का पालन करने के लिए कहा था।

मंगलुरु यूनिवर्सिटी के कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनसूया राय ने कहा कि कॉलेज ने उन छात्राओं को नोटिस देने का फैसला किया है, जो हिजाब पहनने की अनुमति नहीं देने पर कक्षाएँ छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कॉलेज छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षाओं में बैठने की अनुमति नहीं देता तो वो पुस्तकालय में बैठ जाती हैं या फिर अपने घर वापस लौट जाती हैं।

मालूम हो कि उडुपी जिले की 40 मुस्लिम छात्राओं ने 29 मार्च को पहली प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा छोड़ दी थी। छात्राओं का कहना था कि हिजाब विवाद को लेकर उच्च न्यायालय के उस आदेश से वे आहत हैं, जिसमें कॉलेज में हिजाब पहनकर जाने की अनुमति नहीं दी गई है। परीक्षा छोड़ने वाली छात्राओं में कुंडापुर की 24 लड़कियाँ, बिंदूर की 14 और उडुपी सरकारी कन्या पीयू कॉलेज की दो लड़कियाँ शामिल थीं।

क्या है पूरा मामला

याद दिला दें कि पीयू कॉलेज का यह मामला सबसे पहले 2 जनवरी 2022 को सामने आया था, जब 6 मुस्लिम छात्राएँ क्लासरूम के भीतर हिजाब पहनने पर अड़ गई थीं। कॉलेज के प्रिंसिपल रूद्र गौड़ा ने कहा था कि छात्राएँ कॉलेज परिसर में हिजाब पहन सकती हैं, लेकिन क्लासरूम में इसकी इजाजत नहीं है। प्रिंसिपल के मुताबिक, कक्षा में एकरूपता बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने भी इस संबंध में 5 फरवरी को आदेश दिए थे।

सरकार के आदेश में छात्र-छात्राओं को ड्रेस कोड का पालन करने की बात कही गई थी। इसके बाद हिजाब विवाद मामले पर 15 मार्च को कर्नाटक हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन तमाम याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जो शैक्षिणक संस्थानों में हिजाब पहनने की माँग को लेकर दायर की गई थीं। कोर्ट ने अपना फैसला लेते हुए कहा था कि हिजाब इस्लाम में कोई अनिवार्य चीज नहीं है। इसलिए सरकार के 5 फरवरी वाले आदेश को अमान्य करने का कोई मामला नहीं बनता है।

दिसंबर में जो काम रेलवे ने किया पूरा, जून में AAP विधायक ​ने उसका भी श्रेय ले लिया: केजरीवाल सरकार की क्रेडिटखोरी वाली बीमारी पंजाब भी पहुँची

आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के नेतृत्व वाली सरकारों को केंद्र सरकार के कार्यों का क्रेडिट लेने की आदत है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार कई बार ऐसा कर चुकी है। अब पंजाब में भी ‘आप’ सरकार ने ऐसा करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में पार्टी को भारतीय रेलवे द्वारा पिछले साल किए गए एक कार्य का क्रेडिट लेने का दावा करते हुए पकड़ा गया है। उत्तर रेलवे ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर AAP विधायक के दावे का खंडन किया है, जिसमें उन्होंने ‘लंबे समय से अटकी’ रेलवे अंडरब्रिज परियोजना को पूरा करने का दावा किया था।

आप विधायक चरणजीत सिंह (Charanjit Singh) ने गुरुवार (2 जून 2022) को एक ट्वीट पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि भगवंत मान सरकार ने लंबे समय से लंबित एक रेलवे अंडरब्रिज को पूरा किया है, जो पिछली सरकार के दौरान घोंघे की गति से आगे बढ़ रही थी। श्री चमकौर साहिब के विधायक ने दावा किया कि मोरिंडा में रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण ढाई साल से अधिक समय से धीमी गति से चल रहा था, जिसे भगवंत मान सरकार ने 3 महीने से भी कम समय में पूरा कर दिया।

उन्होंने बताया कि परियोजना के पूरा होने के बाद, उन्होंने और मंत्री हरभजन सिंह ने अंडरब्रिज का उद्घाटन किया। इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की। सिंह ने यह भी कहा कि मार्च में उन्होंने 30 जून तक परियोजना को पूरा करने का वादा किया था और समय सीमा से पहले इसे पूरा कर दिया। हालाँकि, आप विधायक का दावा लोगों को गुमराह करने वाला साबित हुआ, क्योंकि अंडरब्रिज परियोजना का काम भारतीय रेलवे ने बहुत समय पहले ही पूरा कर लिया था। रेलवे के उत्तर जोन ने बताया है कि पंजाब में ‘आप’ सरकार के सत्ता में आने से महीनों पहले दिसंबर 2021 में अंडरब्रिज का काम पूरा हो चुका था।

रेलवे ने कहा है कि उस वक्त पूरे अंडरब्रिज का इस्तेमाल नहीं हो रहा था, क्योंकि एप्रोच रोड का काम पूरा नहीं हुआ था, जो राज्य सरकार की जिम्मेदारी थी। साथ ही यह भी कहा है कि यह काम रेलवे के कारण नहीं, बल्कि राज्य सरकार के कारण लंबित था। इससे स्पष्ट है कि अंडरब्रिज दिसंबर 2021 में पूरा हो गया था। इसे पंजाब की वर्तमान ‘आप’ सरकार ने पूरा नहीं किया गया है, जैसा कि चरणजीत सिंह ने दावा किया।

हालाँकि, यह सच है कि उन्होंने अब एप्रोच रोड का कार्य पूरा करवा लिया है, जो राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और जो पिछली कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान लंबित थी। मोरिंडा में 22 करोड़ रुपए की लागत से बने रेलवे अंडरब्रिज का उद्घाटन लोक निर्माण और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने श्री चमकौर साहिब से विधायक डॉ. चरणजीत सिंह के साथ 1 जून को किया था। लोक निर्माण मंत्री ने उद्घाटन के दौरान बताया था कि रेलवे अंडर ब्रिज बॉक्स हिस्से का निर्माण रेलवे द्वारा किया गया है, जबकि आरयूबी के दोनों ओर सर्विस रोड के साथ एप्रोच रोड का निर्माण पंजाब पीडब्ल्यूडी द्वारा किया गया है। एप्रोच रोड बनने के बाद भी सर्विस रोड का काम चल रहा है।

ज्ञानवापी में शिवलिंग होने की बात कहने पर BJP नेता को गला काटने की धमकी: फोन पर कहा- हम मरने-मारने को तैयार बैठे हैं, इंस्टाग्राम पर ‘सर तन से जुदा’ का फतवा

उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता प्रशांत पटेल उमराव को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। इस बाबत उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। प्रशांत पटेल के मुताबिक इंस्टाग्राम पर भी उनके लिए ‘सर तन से जुदा’ का फतवा जारी हुआ है। शिकायत के बाद उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई गई है।

धमकी देने वाले अज्ञात आरोपित पर FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। इस घटना की जानकारी खुद प्रशांत पटेल ने 2 जून 2022 (गुरुवार) को दी। FIR के अनुसार बीजेपी नेता को धमकी एक टीवी डिबेट में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में शिवलिंग होने की बात कहने को लेकर दी गई है।

प्रशांत पटेल ने नोएडा के इकोटेक-3 थाने में FIR दर्ज करवाई है। शिकायत में कहा गया है, “2 जून को दोपहर 12.57 पर मेरे मोबइल पर 9477298804 नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने मुझे गालियाँ दीं और कहा कि तुम TV डिबेट में मेरे नबी के खिलाफ गलत बोलते हो। ज्ञानवापी मे शिवलिंग नही बल्कि फव्वारा है। जब मैंने उसका नाम पूछा तो उसने मुझे कुछ भी बताने के बजाए मेरा पता निकलवाने की धमकी दी। इसके साथ उसने कहा कि तुम बाहर निकलो मैं एक महीने के अंदर तम्हारा गला काट दूँगा। हम तो मरने और मारने के लिए तैयार बैठे हैं, लेकिन अब तुम नहीं बचोगे।”

प्रशांत पटेल ने शिकायत में आगे कहा है, “फोन करने वाले ने मुझे गंदी-गंदी गालियाँ भी दी। मैं सार्वजानिक जीवन में हूँ और मेरा बाहर भी आना-जाना लगा रहता है। मुझे दी गई धमकी को गंभीरता से लिया जाए। पहले भी इस तरह की धमकी देकर हत्याएँ की गई हैं। मुझे धमकी देने को गिरफ्तार करने के कानूनी कार्रवाई की जाए।” पुलिस ने प्रशांत पटेल को सुरक्षा देने के साथ FIR दर्ज कर अन्य जरूरी कार्रवाई किए जाने की पुष्टि की है।

FIR Copy

पुलिस ने प्रशांत पटेल की शिकयत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ उसके मोबाइल नंबर को आधार बना कर FIR दर्ज कर ली है। FIR नंबर 245/2022 के तहत दर्ज हुए इस केस में IPC की धारा 504 व 506 के तहत केस दर्ज हुआ है।

ज्ञानवापी, शिवलिंग, मुस्लिम, मंदिर आंदोलन… RSS प्रमुख मोहन भागवत ने ‘भारत’ से जो कहा, जैसा कहा, सब कुछ एक साथ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा है कि ज्ञानवापी जैसे देवस्थल जिनसे हिंदुओं की श्रद्धा जुड़ी हुई है उनका समाधान आपसी सह​मति से होना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर अदालत का फैसला सबको मानना चाहिए। वे गुरुवार (2 जून 2022) को नागपुर में संघ के तृतीय वर्ष प्रशिक्षण समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मंदिर के लिए आंदोलन

भागवत ने कहा, “अभी ये प्रकरण निकल रहे हैं। ज्ञानवापी का मुद्दा चल रहा है। अब ऐसे मुद्दे हैं, एक इतिहास तो है, उसको हम बदल नहीं सकते। वो इतिहास हमने नहीं बनाया। न आज के अपने आपको हिन्दू कहलाने वालों ने बनाया, न आज के मुसलमानों ने बनाया। उस समय घटा। इस्लाम बाहर से आया, आक्रामकों के हाथ आया। उस आक्रमण में भारत की स्वतंत्रता चाहने वालों का मनोबल गिराने के लिए देवस्थान तोड़े गए। हजारों हैं। हिन्दू समाज का विशेष ध्यान जिन पर है, विशेष श्रद्धा जिनके बारे में है। ऐसे कुछ हैं, उसके बारे में मामले उठते हैं। अब इसका विचार क्या करना, ये मुसलमानों के विरूद्ध नहीं सोचता हिन्दू। आज के मुसलमानों के उस समय पूर्वज भी हिन्दू थे। उन सब को स्वतंत्रता से चिरकाल तक वंचित रखने के लिए उनका मनो-धैर्य दबाने के लिए किया गया, इसलिए हिन्दू को लगता है कि इसका पुनरुद्धार होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “हम तो इस मामले में कुछ नहीं कह रहे हैं। हमने नौ नवंबर को कह दिया था कि एक राम मंदिर का आंदोलन था, जिसमें हमने अपनी प्रकृति के विरुद्ध किसी ऐतिहासिक कारण से उस समय की परिस्थिति में सम्मिलित हुए। हमने उस काम को पूरा किया। अब हमको कोई आंदोलन नहीं करना है, लेकिन यदि कुछ मुद्दे मन में हैं तो उठते हैं। यह किसी के विरुद्ध नहीं है। इसे किसी के खिलाफ नहीं मानना चाहिए। मुसलमानों को तो नहीं ही मानना चाहिए और हिन्दुओं को भी ये नहीं करना चाहिए।”

अदालत का फैसला मानना चाहिए

संघ प्रमुख ने कहा कि यह अच्‍छी बात होगी कि ऐसे मसलों पर मिल बैठकर सहमति से कोई रास्‍ता निकालना चाहिए। लेकिन, हर बार ऐसा रास्‍ता नहीं निकल सकता है। इसी वजह से लोग अदालत में जाते हैं। ऐसे में अदालत जो फैसला दे उसको मानना चाहिए। अपनी संविधान सम्‍मत न्‍याय व्‍यवस्‍था को पवित्र और सर्वश्रेष्‍ठ मानकर, उसके निर्णय का हमको पालन करना चाहिए। अदालतों के फैसलों पर प्रश्‍नचिन्‍ह नहीं लगाना चाहिए।

ज्ञानवापी में हमारी श्रद्धा

भागवत ने आगे कहा कि ठीक है प्रतीकात्मक कुछ स्थानों के बारे में हमारी विशेष श्रद्धा है। लेकिन रोज एक नया मामला निकालना, ये भी नहीं करना चाहिए। हमको झगड़ा क्यों बढ़ाना है? ज्ञानवापी के बारे में हमारी कुछ श्रद्धाएँ हैं, परंपरा से चलती आई हैं, ठीक है। परन्तु हर मस्जिद में शिवलिंग क्यों देखना? अरे वो भी एक पूजा है, ठीक है बाहर से आई है। लेकिन, जिन्होंने अपनाई है वो मुसलमान बाहर से संबंध नहीं रखते। ये उनको भी समझना चाहिए। यद्यपि पूजा उनकी उधर की है, उसमें वो रहना चाहते हैं वो अच्छी बात है। हमारे यहाँ किसी पूजा का विरोध नहीं। सबकी मान्यता और सबके प्रतीक के प्रति पवित्रता की भावना है। परंतु पूजा वहाँ की होने के बाद भी वो हमारे प्राचीन सनातन काल से चलते आ रहे ऋषि-मुनि, राजा क्षत्रियों के वंशज हैं। समान पूर्वजों के वंशज हैं। परंपरा हमको समान मिली है।

शक्तिशाली बनने की ओर अग्रसर भारत

संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में यूक्रेन युद्ध की चर्चा करते हुए कहा कि भारत सत्य बोल रहा है और संतुलित नीति अपना रहा है। यदि भारत शक्तिशाली होता तो युद्ध रोक सकता था। हम शक्तिशाली बनने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि चीन क्यों नहीं इस युद्ध को रोक रहा है। उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस युद्ध ने सुरक्षा और आर्थिक चुनौतियाँ बढ़ा दी है।

टाइल्स मिस्त्री है वसीम अंसारी, ब्राह्मण (रवि शर्मा) बन हिंदू लड़की को फँसाया: 5 साल तक करता रहा शारीरिक शोषण, राज खुला तो घर में घुस धमकाया

उत्तर प्रदेश के बरेली से लव जिहाद का मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक वसीम अंसारी ने खुद को ब्राह्मण बताते हुए उससे मेलजोल बढ़ाया। अपना नाम रवि शर्मा बताया। उसका शारीरिक शोषण किया। पाँच साल बाद जब पीड़िता को उसकी असल पहचान का पता चला तो आरोपित ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वसीम के संपर्क में पीड़िता साल 2017 में आई। तब उसकी उम्र 16 साल थी। वसीम ने फोन पर लड़की से जान-पहचान की। अपना नाम रवि शर्मा बताया। धीरे-धीरे लड़की वसीम के झाँसे में फँसती चली गई। इस दौरान दोनों की मुलाकात होने लगी। बाद में वसीम उसका यौन शोषण करने लगा।

पीड़िता के मुताबिक, “मैं ब्राह्मण हूँ। जब भी मैं अपने साथ यौन शोषण का विरोध करती थी तब रवि शर्मा बना वसीम मुझ से शादी का वादा करता था। इस तरह उसने 5 सालों तक मेरा रेप किया। एक दिन मैंने उसकी फेसबुक प्रोफ़ाइल चेक की तब मुझे पता चला कि वो रवि नहीं, बल्कि वसीम है। साथ ही मुझे उसके इज्जतनगर बरेली के निवासी होने की जानकारी हुई। वो घरों में टाइल्स लगाने का काम करता था।”

पीड़िता ने आगे बताया, “मैंने वसीम से उसकी फेसबुक प्रोफ़ाइल के बारे में सवाल किया तब उसने कहा कि माफ़ करो मैं रवि नहीं, बल्कि वसीम हूँ। इसके बाद मैंने उससे रिश्ता खत्म कर लिया और उसको भी खुद से दूर रहने के लिए कहा। लेकिन इसके बाद भी वसीम नहीं माना और एक दिन शराब पीकर मेरे घर में घुस गया। उसने मुझे गाली देते हुए मेरे फोटो वायरल कर मुझे बदनाम करने और कहीं मुँह दिखाने लायक भी न छोड़ने की धमकी देने लगा।”

एक रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2022 में आरोपित नशे में पीड़िता के घर पहुँचा। वहाँ उसने गाली-गलौज की। जब इसकी शिकायत पुलिस में की गई तो वसीम ने माफ़ी माँग ली। इसके बाद भी वह पीड़िता के फोटो वायरल करने की धमकी देता रहा। 24 अप्रैल को वो एक बार फिर से पीड़िता के घर गया। इस दौरान वो लड़की को खींच कर अपने साथ ले जाने लगा। आस-पास के लोग जमा हुए और उन्होंने इसका विरोध किया। इस दौरान वसीम वहाँ से निकल गया।

​कश्मीर में अब बिहार के मजदूर की गोली मारकर हत्या: टारगेट किलिंग के बीच शाह-डोभाल में हुई बात, हाई लेवल मीटिंग आज

जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच अमित शाह शुक्रवार (3 जून 2022) को हाई लेवल मीटिंग करने जा रहे हैं। इससे पहले उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी बात की थी। आज की मीटिंग में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अलावा केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी भी शिरकत करेंगे। 15 दिनों के भीतर इस तरह की यह दूसरी बैठक होगी।

इससे पहले गुरुवार (2 जून 2022) को आतंकियों ने कुलगाम में एक बैंक मैनेजर और बड़गाम में बिहार के एक मजूदर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बड़गाम जिले में 2 मजदूरों को निशाना बनाया गया था। इसमें दिलकुश कुमार की मौत हो गई। वे बिहार के अररिया के रहने वाले थे। वहीं इसी हमले में पंजाब का मजदूर राजन घायल हो गया। दोनों मागरपोरा चंडूरा इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलकुश कुमार की उम्र महज 17 साल थी। घटना रात के करीब 9.20 पर हुई। आतंकी हमले की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों मजदूरों को अस्पताल में भर्ती करवाया। इलाज के दौरान दिलकुश कुमार की मौत हो गई। वहीं राजन की हालत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके की घेराबंदी की गई है। सुरक्षा बल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। गौरतलब है कि बड़गाम में आतंकी हमला कुलगाम में राजस्थान निवासी बैंक मैनेजर विनय कुमार की हत्या के कुछ ही घंटों बाद हुआ। विनय कुमार को उनके ऑफिस में ही मार डाला गया था। विनय की हत्या की जिम्मेदारी आतंकी समूह लश्कर-ए-तैय्यबा ने ली है।

इससे एक हिन्दू महिला टीचर रजनी बाला की आतंकियों ने गोपालपुरा के सरकारी स्कूल में गोली मारकर हत्या कर दी थी। घाटी में चल रही टारगेट किलिंग के चलते कश्मीरी हिन्दुओं ने पलायन भी शुरू कर दिया है।