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मुस्लिम मर्द-औरत-नाबालिग हर कोई नुपूर शर्मा पर बना रहा जहरीले Reels, मरने-मारने की बातें: इस जहर का इलाज क्या

ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग के लगातार अपमान के बाद नुपूर शर्मा द्वारा ऑन टीवी पैगंबर मोहम्मद पर किए गए सवाल से कट्टरपंथी हर जगह भड़के हुए हैं। नुपूर शर्मा को मारने के लिए चर्चा सोशल मीडिया पर खुले आम हो रही है। जुमे की नमाज के बाद पिछले दो शुक्रवारों से हिंसा जारी है। बुजुर्गों से लेकर युवा तक सड़कों पर उतर कर माहौल बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। जम्मू-कश्मीर में तो एक फैसल खान ने नुपूर शर्मा का सिर काटते हुए वीडियो भी दिखा दी। वहीं समुदाय के अन्य युवक भी हर माध्यम से नुपूर शर्मा को सजा देने की माँग कर रहे हैं। उन्हें मौत की धमकी दे रहे हैं। औरतें भी मरने-मारने की बातें कर रही हैं।

एक वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे तीन युवक खुलेआम नुपूर शर्मा की हत्या की बात बेखौप कर रहे हैं। इन युवकों की उम्र ज्यादा नहीं है लेकिन रील्स में ये कहते सुनाई पड़ते हैं, “जिसने नबी की शान में गुस्ताखी की है। कानून का काम है उसे फाँसी देना और अगर हम इंसाफ पर उतर आए तो हमें आतंकवादी मत कहना।”

एक अन्य वीडियो में महिला चिल्लाते हुए दिखती है और मरने की बात कहती है। युसूफ कलीम के अकॉउंट से शेयर वीडियो में महिला बोलती है, “मैं मरने के लिए तैयार हूँ, मेरी बच्ची मरने के लिए तैयार है। मुझे कोई फर्क नहीं है। ला इलाहा इल इल्लाह। अल्लाह-हू-अकबर।” इसके बाद वो वीडियो में ‘वो नबी हैं। वो नबी हैं।’ कहकर चिल्लाने लगती है।

इसी तरह कई अन्य पोस्ट में नुपूर शर्मा की फोटो पर क्रॉस का चिह्न लगाकर उन्हें मारने की अपील की जा रही है।

हैदर अली नाम के यूजर की वीडियो सामने आई है। वीडियो में वह भीड़ के प्रदर्शन को दिखाकर यह कहता नजर आ रहा है दुनिया देख ले मुस्लिम अपने पैगंबर से कितना प्यार करते हैं। कथिततौर पर यह वीडियो बिहार की है।

पत्रकार उसामा हजारी ने भी एक वीडियो शेयर की है। इसमें वह इस्लामी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देते नजर आ रहे हैं जिसमें कट्टरपंथी खिलाफत की माँग कर रहे हैं।

फैसल खान की गिरफ्तारी

गौरतलब है कि नुपूर शर्मा को मारने की वीएफएक्स वीडियो बनाने वाले फैसल खान को हाल में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। उसने अपनी वीडियो में नुपूर का सिर कलम करके उनका सिर फेंकते हुए दिखाया था। पुलिस ने फैसल के विरुद्ध आईपीसी की धारा 505 और 506 के तहत केस दर्ज किया था। जिसके बाद उसने बयान जारी कर कहा था, “ये सच है कि मैंने एक आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। लेकिन मेरा मकसद हिंसा को बढ़ावा देना नहीं था। अगर किसी को भी मेरी वजह से कोई भी तकलीफ पहुँची हो तो मैं तहेदिल से माफी माँगता हूँ।”

कश्मीर का यूट्यूबर फैसल वानी गिरफ्तार, कुल्हाड़ी से नुपूर शर्मा का सिर काटने वाला Video बनाया था

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यूट्यूबर फैसल वानी को गिरफ्तार कर लिया है। उसने नुपूर शर्मा का सिर कलम करने वाले वीडियो बनाया था। उसे शनिवार (11 जून 2022) को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद से उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग हो रही थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फैसल पर श्रीनगर के सफा कदल पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 505 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया है। इससे पहले फैसल ने अपने पुराने ट्वीट और वीडियो डिलीट कर माफी माँगते हुए कहा था, “ये सच है कि मैंने एक आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। लेकिन मेरा मकसद हिंसा को बढ़ावा देना नहीं था। अगर किसी को भी मेरी वजह से कोई भी तकलीफ पहुँची हो तो मैं तहेदिल से माफी माँगता हूँ।”

फैसल वानी यूट्यूबर होने के साथ-साथ जिम भी चलाता है। उसके यूट्यूब चैनल का नाम ‘डीप पेन फिटनेस’ है। नूपुर शर्मा का सर कलम करने वाले वीडियो में उसने हाथों में कुल्हाड़ी ले रखी थी। वीडियो में वह कहता है, “नो ऐक्शन, नो वॉरंट… सिर्फ और सिर्फ गुस्ताख-ए-रसूल की एक सजा… सर कलम।” इसके बाद वीडियो में ग्राफिक्स के जरिए बनाई गई नूपुर शर्मा की तस्वीर में वह कुल्हाड़ी से गर्दन काट देता है। इसके बाद घृणा के साथ उस कटे गर्दन को उठाता है और दूर फेंक देता है।

वीडियो में वानी तुर्की की इस्लामिक प्रोपेगेंडा सीरीज ‘एर्तुगरुल गाजी’ का म्यूजिक बैकग्राउंड में इस्तेमाल करता है। गाजी के बारे में सीरीज में कहा गया है कि उसने ईसाइयों और अन्य काफिरों को हराकर ऑटोमन साम्राज्य (इस्लामी उस्मानिया सल्तनत) की नींव रखी थी। यह सीरीज पाकिस्तान में खूब प्रचलित हुआ था।

अपने माफीनामा वीडियो में फैसल वानी ने कहा था, “कल रात को मैंने एक वीडियो अपलोड किया था, जो नूपुर शर्मा के बारे में था और VFX से बनाया था। वो वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया। इसकी वजह से मैं ‘बेगुनाह’ फँस गया। मेरा कोई भी इंटेंशन (इरादा) नहीं होता है कि मुझे किसी दूसरे धर्म को हर्ट (ठेस पहुँचाऊँ) करूँ, क्योंकि हमारा इस्लाम हमें सिखाता है कि दूसरे धर्म की रेस्पेक्ट (आदर) करो।”

‘पुलिस गोली नहीं तो क्या *** मारेगी? गुंडई का एक ही इलाज – ठुकाई’: पूर्व DGP ने दंगाइयों की पिटाई पर प्रलाप करने वालों को लताड़ा

झारखंड के राँची और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में दंगाई मुस्लिम भीड़ ने जम कर उत्पात मचाया, जिसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। कुछ ऐसे वीडियो-तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें पुलिस को भी दंगाइयों पर बल प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है। हालाँकि, इस पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। ऐसे लोगों को केरल के पूर्व DGP एनसी अस्थाना ने खरी-खरी सुनाई है। उन्होंने कहा कि हिंसा करने वालों का ऐसा ही इलाज होना चाहिए। जामताड़ा के कॉन्ग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने भी दंगाइयों की मौत की निंदा करते हुए उनके परिवार के लिए मदद का ऐलान किया।

उन्होंने प्रयागराज की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि ये किसी नृत्य प्रतोयोगिता की फोटो नहीं है, बल्कि बाकि ये वो डांस है जो पुलिस की लाठी पड़ने पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें उस दिन पर अफ़सोस है, जब पुलिस को पॉलीकार्बोनेट पाइप्स दिए गए। CRPF और BSF के ADG रहे IPS अधिकारी ने कहा कि तेल में डुबो कर बाँस की लाठी से गुंडों को डांस करवाने का पुराना तरीका ही इससे अच्छा हुआ करता था।

उन्होंने कहा, “कुछ लिब्बू विलाप रहे हैं कि राँची में पुलिस ने दो प्राणियों को गोली मार दी। अरे, भैया, पुलिस गोली नहीं तो क्या *** मारेगी? अब वैसा कर दे तो बेवजह पुलिस के चरित्र पर आक्षेप होगा। इसीलिए गोली से संतुष्ट रहें। इसे स्पष्ट रूप से समझ लीजिए। शांतिपूर्व विरोध प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है, लेकिन पत्थरबाजी नहीं। ऐसा कोई कानून नहीं है जो कहता हो कि पुलिस ऐसी परिस्थितियों में सिर्फ आँसू गैस और वॉटर केनंस वगैरह का ही इस्तेमाल करने को मजबूर है।”

उन्होंने कहा कि कई जजमेंट पुलिस को गोली चला कर मारने की अनुमति भी देते हैं, अगर उस परिस्थिति में उसे ये ठीक लगता हो। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज पुलिस द्वारा दंगाइयों की पिटाई का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “अत्यंत ही मनोहारी दृश्य! सुन्दर, अतीव सुन्दर! हेकड़ी ऐसे ही निकलती है!” प्रयागराज में दंगाइयों की पुलिस द्वारा पिटाई के एक अन्य वीडियो को उन्होंने सुंदर दृश्य बताते हुए कहा कि जब पुलिस ने मामले दर्ज किए हैं तो कानून को अपना काम करने देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मामला दर्ज होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन पूर्णरूपेण गुंडागर्दी है। ये और कड़ाई से पीटे जाने के लायक हैं। केस हो जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन गुंडई है। पुलिस ने ठीक किया। और ठुकाई करनी थी। गुंडई का एक ही इलाज है – ठुकाई। तब तक ठुकाई, जब तक लोगों को उनकी औक़ात न समझ में आ जाए। जिस विषय पर क़ानूनी प्रक्रिया आरम्भ हो चुकी हो, उस पर विरोध प्रदर्शन करने का न कोई अधिकार बनता है, न औचित्य.।

उन्होंने कहा कि दबाव डालने की राजनीति का युग चला गया है, इसे लोग जितनी जल्दी समझ लें उतना बेहतर है। 76 वैज्ञानिक रिसर्च पेपर्स और 49 किताबें लिख चुके पूर्व IPS अधिकारी ने कहा कि मोदी-योगी-भाजपा विरोधी दलाल ये साबित करने में लगे हैं कि स्वतः ही देश भर में प्रदर्शन चालू हो गए, लेकिन इसमें विश्वास करने का कोई यकीन नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत की छवि खराब करने के लिए CAA विरोधी आंदोलन की तर्ज पर ऐसा किया जा रहा है।

जुमे पर हिंसा करने वालों को डच MP ने बताया ‘आतंकवादी’: कहा नूपुर शर्मा ‘साहसी महिला’, असहिष्णु के प्रति सहिष्णु होना बंद करो

भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) द्वारा इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद के कथित अपमान के नाम पर देश भर में फैलाई गई हिंसा को लेकर हॉलैंड के सांसद रॉबर्ट गीर्ट वाइल्डर्स (Robert Geert Wilders) ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अपराधी और आतंकवादी अपनी धार्मिक असहिष्णुता और घृणा व्यक्त करने के लिए सड़क पर हिंसा करते हैं।

हॉलैंड की सबसे बड़़ी पार्टी के प्रमुख और वहाँ की संसद में विपक्ष के नेता वाइल्डर्स ने ट्वीट कर कहा, “केवल अपराधी और आतंकवादी अपनी धार्मिक असहिष्णुता और घृणा व्यक्त करने के लिए सड़क पर हिंसा का उपयोग करते हैं। असहिष्णु के प्रति सहिष्णु होना बंद करो। हम जीवन को संजोते हैं, वे मृत्यु को संजोते हैं।”

उन्होंने नूपुर शर्मा को समर्थन देने का आह्वान करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी की कीमत होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हम आजादी का समर्थन करते हैं। साहसी नूपुर शर्मा हमारी ताकत की प्रतीक हैं। उसका समर्थन करो!”

गीर्ट ने अपने अगले ट्वीट में कट्टरपंथियों द्वारा नूपुर शर्मा को दी गई धमकी का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, “यही है, जिसके कारण मैं बहादुर नूपुर शर्मा का समर्थन कर रहा हूँ। जान से मारने की सैकड़ों धमकियाँ। यह मुझे उनका समर्थन करने के लिए और भी अधिक दृढ़ बनाता है। क्योंकि, बुराई कभी नहीं जीत सकती। कभी नहीं।”

इसके पहले डच सांसद गीर्ट वाइल्डर्स (Geert Wilders) ने कहा था कि इस्लाम असहिष्णु है और इसकी विचारधारा दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि भारत से माफी माँगने वाले मुल्क देश बेहद क्रूर शरिया शासन से संचालित होतेे हैं और उनका मानवाधिकार का ट्रैक रिकॉर्ड बेहद खराब है।

वाइल्डर्स ने कहा कि जो मुल्क अपने यहाँ के अल्पसंख्यकों की हत्या कर देते हैं और उन्हें जेल में डाल देते हैं, वे कानून द्वारा शासित एक लोकतांत्रिक देश से माफी की माँग करते हैं तो यह सबसे बड़ा पाखंड है। उन्होंने कहा कि दुनिया जानती है कि ईरान, कतर, सऊदी अरब जैसे इस्लामिक अपने अल्पसंख्यकों को कितना प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने इस्लामिक देशों को सबसे बड़ा पाखंडी बताया।

वाइल्डर्स ने कहा कि नूपुर शर्मा ने जो पैगंबर मुहम्मद को लेकर जो कहा, वह सच है। सभी जानते हैं कि हदीसों में कहा गया है कि पैगंबर मुहम्मद ने जब आयशा से शादी की तब वह सिर्फ 9 साल की थी। उन्होंने कहा कि सच बोलने के लिए धमकियाँ मिलना हास्यास्पद है। भारत को सच बोलने वाली इस महिला पर गर्व करना चाहिए। 

इतना ही नहीं, उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था, “इस्लाम कोई धर्म नहीं है, यह एक विचारधारा है, एक मंद संस्कृति की विचारधारा है।” जून 2018 में वाइल्डर्स ने अपनी पार्टी के संसदीय कार्यालयों में ‘पैगंबर मुहम्मद कार्टून प्रतियोगिता’ की आयोजित कराने की भी घोषणा की थी। 

‘कई देशों का कोविड मैनेजमेंट देखा, यूपी का अमेरिका से भी काफी बेहतर’: योगी सरकार के मुरीद हुए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के CEO

उत्तर प्रदेश देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। बावजूद इसके चीनी वायरस के वैश्विक संक्रमण से उपजे हालात से जिस तरह राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार निपटी उसकी काफी सराहना हुई। इसी क्रम में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) ने यूपी के कोविड मैनेजमेंट को अमेरिका की तुलना में भी काफी बेहतर करार दिया है।

राज्य सरकार की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, गुरुवार (9 जून 2022) को स्वास्थ्य, पोषण और कृषि क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए BMGF के एक प्रतिनिधिमंडल सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक की। इस दौरान BMGF के सीईओ मार्क सुजमैन ने कहा, “हमने कई देशों में काम किया और वहाँ के कोविड मैनेजमेंट को देखा। यह कहना उचित होगा कि भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश का कोविड प्रबंधन संयुक्त राज्य अमेरिका की तुलना में कहीं बेहतर था।”

उन्होंने आगे कहा, “जिस तरह से राज्य के नेतृत्व ने जनसंख्या घनत्व और महामारी को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न सामाजिक चुनौतियों का सामना किया वह सराहनीय है।” BMGF के मुताबिक, यूपी का कोविड मैनेजमेंट दुनियाभर के लिए एक उदाहरण है। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीएमजीएफ फाउंडेशन के कार्यों की तारीफ की और कहा कि इसने जरूरतमंदों के लिए राज्य सरकार के कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में अहम रोल निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फाउंडेशन ने नोएडा, गोंडा और प्रयागराज में डेडिकेटेड कोविड केयर हॉस्पिटल्स की स्थापना और उससे लड़ने में राज्य सरकार की काफी मदद की।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज बना रही सरकार

सीएम योगी ने बताया कि इंसेफ्लाइटिस के कारण बच्चों की मृत्यु के मामले में प्रदेश में 95 फीसदी तक की कमी आई है। स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही थी। उन्होंने कहा, “नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) के नतीजे इस बात की गवाही देते हैं कि प्रदेश ने स्वास्थ्य और पोषण क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किया है।”

बैठक के दौरान सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में अच्छी नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। लेकिन, फाउंडेशन योग्य, कुशल और पेशेवर नर्सिंग कर्मियों और पैरामेडिक्स की टीम को बनाने में मदद कर सकता है और इसे डिजिटली बढ़ावा भी दे सकता है। मुख्यमंत्री ने माना कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। इसे देखते हुए ही उनकी सरकार प्रदेश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनवा रही है।

इस मौके पर बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सीईओ मार्क्स सुजमैन ने अपनी टीम के साथ लखनऊ की अवंतीबाई (महिला) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने वहाँ गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को दी जाने वाली सेवाओं को देखा। अस्पताल की मुख्य अधीक्षक डॉक्टर सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल स्टाफ से बात की और सेवाओं की जाँच की।

’48 घंटे में तेरे पूरे खानदान की मुंडी निकाल लूँगा’: जितेंद्र त्यागी को आतंकी इक़बाल कासकर के नाम पर ‘दुबई से धमकी’, CM योगी से गुहार

‘शिया वक़्फ़ बोर्ड’ के चेयरमैन रहे जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व में वसीम रिज़वी) ने खुद को पाकिस्तान और दुबई से मौत की धमकी मिलने की शिकायत की है। उन्होंने इस शिकायत का एक पत्र 11 जून, 2022 (शनिवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। शिकायत के मुताबिक धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को आतंकी इकबाल कासकर का भाई बताया है।

जितेंद्र नारायण त्यागी ने शिकायत की कॉपी व मिली धमकी का ऑडियो-वीडियो ऑपइंडिया को भेजा है। शिकायत में उन्होंने लिखा, “10 जून, 2022 की रात लगभग 11:30 बजे मेरे मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉलिंग के माध्यम से दुबई के नंबर +97 1569781862 से कॉल आई। इस में फोन करने वाले ने खुद को आतंकी इकबाल कासकर भाई बताया। उसने मेरी 3 दिनों के भीतर गर्दन काट कर हत्या की धमकी दी। अतः इकबाल कासकर के नाम लेकर मुझे धमकी देने FIR दर्ज की जाए।”

शिकायत की कॉपी

इसी शिकायत में रिज़वी आगे लिखा, “इस्लाम के संबंध में कुछ तथ्य, साक्ष्य सहित रखने के बाद पूरी दुनिया का कट्टरपंथी मुस्लिम मेरी हत्या कर सच को छुपाने के लिए एवं इस्लाम के अंतर्गत निर्धारित कुछ भी बोलने की सजा गर्दन काट देने की लगातार व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए धमकियाँ क्या दे रहे हैं। ऐसे कई कॉल पाकिस्तान के नंबर से भी मेरे मोबाइल पर आ चुके हैं।”

धमकी देने वाले व्यक्ति ने जिस इकबाल कासकर का नाम लिया है वो गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का भाई है। इकबाल को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने फरवरी 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जेल भेजा है। इस केस में उसके कुछ सहयोगी भी आरोपित हैं।

ऑपइंडिया को भेजे गए वीडियो में धमकी देने वाले ने पहले खुद के तिहाड़ जेल से और फिर दुबई से कॉल करने की बात कह रहा है। वीडियो में उसने खुद को इकबाल का गुर्गा बताया। इस वीडियो में धमकाने वाले ने कहा, “हम पुलिस को सब सही नहीं बताते तो तुम्हें कैसे पहचान बता दें। हम किसी से डरते नहीं। मैं तुझे गारंटी देता हूँ कि 48 घंटे में तेरी मुंडी निकाल दूँगा। तेरे साथ तेरा पूरा खानदान की भी निकाल दूँगा।” जवाब में जितेंद्र नारायण त्यागी ने धमकी देने वाले को 10 दिन का समय दिया।

कानपुर में चला योगी सरकार का बुलडोजर: जुमा हिंसा के मास्टरमाइंड जफर हयात के साथी इश्तियाक की ऊँची इमारत जमींदोज, देखिए Video

उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामलों में अब योगी सरकार का बुलडोजर आरोपितों के घर पहुँने लगा है। खबर है कि आज (11 जून 2022) कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपित जफर हयात के करीबी दोस्त मोहम्मद इश्तियाक के घर प्रशासन की कार्रवाई हुई। नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अवैध निर्माण होने के कारण ऊँची इमारत को तोड़ दिया। वहीं प्रयागराज में भी पुलिस ने 5000 लोगों के विरुद्ध एफआईआर की है।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा कानपुर में हुई बुलडोजर की कार्रवाई की वीडियो शेयर की गई। देख सकते हैं कि कैसे ऊँची इमारत को बुलडोजर से नीचे गिराया गया। कानपुर विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया, “केडीए लगातार लैंड माफियाओं के विरुद्ध एक्शन ले रहा है। कार्रवाई लगातार जारी है। भविष्य में ऐसे और भी अवैध निर्माणों और भू माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।”

इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात थे। इश्तियाक पर आरोप था कि उसने बिन नक्शे को पास कराए बिल्डिंग खड़ी की और उसके बाद रेसिडेंशियल बिल्डिंग को कमर्शियल के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा। अब अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद बताया,

“साल 2021 में इस बिल्डिंग को सील किया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश भी दिए गए थे। लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रखा गया। शनिवार को बिल्डिंग गिराई गई। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारी, पुलिस और आरएएफ मौके पर मौजूद थे।”

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून 2022 को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामले के प्रमुख आरोपित हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद उसे 5 जून को कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस ने दंगाइयों की लिस्ट जारी करके उन पर कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस को पता चला था कि उपद्रव का दिन शहर में पीएम मोदी को देख के शुरू हुआ।

कानपुर की तरह बीते शुक्रवार को प्रयागराज में हुए दंगों पर भी योगी सरकार की कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने 70 नामजद और 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसएसपी के अनुसार 29 अहम धाराओं में गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई होगी।

44 साल के सैफुल आरिफ ने बकरी से किया निकाह, मौजूद रहे रिश्तेदार और गाँव वाले: वीडियो भी वायरल

सोशल मीडिया पर फेमस होने या वायरल होने के लिए लोग तरह-तरह की अजीबोगरीब हरकतें करते रहते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला इंडोनेशिया से आया है। जहाँ एक व्यक्ति ने बकरी से निकाह कर लिया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि निकाह करने वाले शख्स का नाम सैफुल आरिफ है, जो 44 साल का है। वह YouTube और TikTok पर एक कंटेंट क्रिएटर है। सैफुल इंडोनेशिया के बेनजेंग जिले के क्लैमपोक गाँव में रहते हैं। वहाँ पर 5 जून को उन्होंने बकरी के साथ निकाह किया। इसमें बहुत से स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। इसके लिए सभी जरूरी रस्मों को भी अदा किया गया। साथ ही शख्स के रिश्तेदार और गाँव वाले भी इस निकाह में मौजूद रहे।

इसके अलावा दूल्हे ने निकाह की पूरी ड्रेस भी पहनी थी, जबकि बकरी को एक खास पोशाक पहनाई गई। शख्स ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया। ‘सूर्या टीवी’ ने इस वीडियो को रीपोस्ट किया। कई न्यूज चैनल्स ने भी इसको पोस्ट किया।

उन्होंने निकाह के लिए बकरी को दहेज भी दिया। यह रकम 117 रुपए थी। इस निकाह का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। जिसके बाद उस शख्स की जमकर आलोचना हुई। एक शख्स ने ट्वीट कर लिखा कि इस आदमी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। इसको इलाज की जरूरत है। दूसरे शख्स ने निकाह में शामिल लोगों और उस युवक पर कार्रवाई की माँग की।

विवाद बढ़ता देख शख्स दोबारा से सोशल मीडिया पर आया। उसने सफाई देते हुए कहा कि ये वीडियो उनकी ओर से मजाक में बनाया गया था। ये निकाह वास्तव में नहीं हुआ था। वीडियो में जो कुछ भी दिख रहा वो उनकी एक्टिंग का पार्ट है, ऐसे में लोग इसे सच ना समझें।

शख्स ने बताया कि इस वीडियो को बनाने का मकसद इसे सोशल मीडिया पर वायरल करना था और उनका इससे किसी को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। उनका एकमात्र लक्ष्य लोगों का मनोरंजन करना था। इसके लिए सैफुल ने अल्लाह से माफी माँगी और इस तरह की हरकतें दोबारा न करने का वादा किया। 

‘बंगाल को जलने से बचा लीजिए, रोहिंग्याओं से जुल्म करा रही TMC सरकार’: BJP सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर BJP से निलंबित नूपुर शर्मा के कथित बयानों के कारण पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इस्लामिक कट्टरपंथियों की हिंसा के कारण हालात खराब हो रहे हैं। इसे देखते हुए पश्चिम बंगाल BJP के उपाध्यक्ष और सांसद सौमित्र खान (Saumitra Khan) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने गृह मंत्री से बंगाल को जलने से बचा लेने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोग अब सुरक्षित नहीं हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सौमित्र खान ने नूपुर शर्मा के विरोध में हावड़ा जिले में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की घई हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगाए जाने और इंटरनेट सेवाओं को बंद करने की जानकारी देते हुए वहाँ पर सेंट्रल फोर्सेस को डिप्लॉय करने की माँग की है। खान ने पत्र में लिखा, “पश्चिम बंगाल के महत्व को भुलाया या नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक कहावत है कि पश्चिम बंगाल जो आज सोचता है, देश उसे कल सोचता है। लेकिन अब पश्चिम बंगाल दिन प्रतिदिन गर्त में जा रहा है।”

माँ, माटी और मानुष के नाम पर सत्ता पर काबिज हुई ममता बनर्जी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। यहाँ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बीजेपी सांसद ने दावा किया कि राज्य में रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। उन्होने आरोप लगाया कि रोहिंग्याओं को मोहरा बनाकर ममता सरकार प्रदेश की आवाम पर जुल्म कर रही है। 9 जून के इस्लामिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सौमित्र खान ने कहा कि नेशनल हाईवे नंबर 6 को हावड़ा में प्रदर्शन के नाम पर 12 घंटे तक जाम रखा गया। इसके अलावा डोमजुर थाने में रोहिंग्याओं के साथ मिलकर टीएमसी के गुंडों ने पुलिसवालों को बेरहमी से पीटा।

क्या हुआ था 9 जून को

गौरतलब है कि 9 जून को नूपुर शर्मा के विरोध में हावड़ा जिले में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने सिर पर टोपी और लुंगी पहनकर NH116 पर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने इस्लामी नारे लगाए और टायर जलाए। भीड़ के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुस्लिम कट्टरपंथियों से अन्य राज्यों में जाकर प्रदर्शन करने और लोगों का जीवन बाधित करने के लिए कहा। उन्होंने दंगाइयों को उकसाते हुए उन्हें यूपी, गुजरात में ऐसा करने को कहा था।

‘पेड़ से बाँध कर दलित को जूतों से मारा’: वायरल वीडियो के सहारे ‘जय भीम’ का प्रोपेगेंडा, पुलिस की जाँच में कुछ और निकली सच्चाई

सोशल मीडिया पर जाति को आधार बनाकर माहौल भड़काने का काम अब आम हो गया है। हाल में आँध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम की एक घटना पर दोबारा यही देखने को मिला। ट्विटर पर एक आदमी को पीटे जाने वाली वीडियो शेयर की गई और दावा किया गया कि कैसे एक पिछड़ी जाति के व्यक्ति को बेरहमी से जूते-चप्पल से मारा जा रहा है। हालाँकि, जब पुलिस ने घटना का पता लगाया तो सच कुछ और ही था।

आप देख सकते हैं कि वायरल वीडियो में एक व्यक्ति की शर्ट उतार कर पेड़ से बाँधकर उसे पीटा जा रहा है। सूरज कुमार बौद्ध ने इसे शेयर करके लिखा, “विशाखापट्टनम, आँध्र प्रदेश में एक SC युवक के कपड़े निकालकर, उसे पेड़ से बाँधकर बेरहमी से जूतों से मारा गया। हर दिन जातिवाद का ये विकराल रूप देखकर मन विचलित हो जाता है। शर्मनाक!”

सूरज के ट्वीट के अलावा भी कई मीडिया रिपोर्टों में यही दिखाया गया कि एक दलित को पेड़ से बाँधा गया और फिर उसे बेरहमी से पीटा गया। अब इसी वीडियो वायरल मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस का बयान आया है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर विशाखापट्टनम की एक वीडियो वायरल थी, जिसमें एक व्यक्ति को पेड़ में बाँधकर पीटा जा रहा था। पड़ताल में सामने आया कि पिटने वाला और पीटने वाला दोनों एक ही समुदाय के हैं, जिनकी लड़ाई मोबाइल चोरी पर हुई।

पुलिस ने बताया कि ये केस पेंडरुथी के थाने में दर्ज किया गया है। आरोपित भी घटना की जानकारी होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना जुट्टाडा गाँव की है। वहाँ तारकेश्वर राव नाम के व्यक्ति ने सूरी बाबू का कथित तौर पर फोन चुराया और सूरी बाबू ने शिकायत देने की बजाय तारकेश्वर नाम के व्यक्ति को बेरहमी से पेड़ से बाँध कर पीटा। वायरल वीडियो देख इस केस को दर्ज किया गया।