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कश्मीर में टारगेट किलिंग के कारण डर का माहौल, सरकारी हिंदू कर्मचारी एक बार फिर घाटी छोड़कर जाने को मजबूर: सामने आए कई वीडियो

कश्मीर में हिंदुओं को एक बार फिर निशाना बनाया जा रहा है। इसके कारण घाटी में बसे हिंदुओं में डर का माहौल है। वे यहाँ से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में टारगेट किलिंग ने 90 के दशक की याद दिला दी है। यहाँ हिंदुओं को फिर से चुनचुन कर मौत के घाट उतारा जा रहा है।

अल्पसंख्यक हिन्दू सरकारी कर्मचारियों ने कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरुवार (2 जून 2022) को इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा एक बैंक मैनेजर विजय कुमार की गोली मारकर हत्या करने के तुरंत बाद शुक्रवार (3 जून) को कश्मीर छोड़ने का फैसला लिया है। 

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में दो दिन पहले 31 मई 2022 को स्कूल की शिक्षिका रजनी बाला (36) की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय स्कूल में कई अन्य टीचर भी थे, लेकिन आतंकियों ने पूरे स्कूल में उन्हें अलग से चुन कर मारा। वह सांबा जिले की मूल निवासी थी, लेकिन कुलगाम के गोपालपोरा के एक सरकारी स्कूल में तैनात थीं। घटना के बाद घायल रजनी बाला को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4000 से अधिक कश्मीरी पंडित, जो सरकारी कर्मचारी हैं वे घाटी छोड़ना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें डरे हुए हिंदुओं को घाटी छोड़ने की तैयारी करते हुए देखा जा सकता है।

कर्मचारियों के कॉर्डिनेटर अमित रैना ने कहा कि विभिन्न ट्रांजिट कैंपों में रहने वाले और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने धरना खत्म कर जम्मू के लिए रवाना होने का फैसला किया है। कथित तौर पर कश्मीरी हिंदुओं के एक संगठन कश्मीरी माइनॉरिटी फोरम ने बयान जारी कर घाटी में रह रहे अल्पसंख्यकों को शुक्रवार सुबह तक पलायन करने के लिए कहा है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है। रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, बैंक कर्मचारी विजय कुमार की हत्या के बाद संगठन ने आपात बैठक बुलाई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, कश्मीरी माइनॉरिटी फोरम ने आपात बैठक के दौरान तीन बिंदुओं पर जोर दिया। सबसे पहले, उन्होंने कहा, “कश्मीर घाटी में सभी जगहों पर विरोध प्रदर्शनों को बंद कर दिया गया है, क्योंकि यहाँ अल्पसंख्यकों का जीवन खतरे में है।”

इसके अलावा उन्होंने कहा, “अल्पसंख्यक लोगों के लिए यहाँ कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में हमने निर्णय लिया है कि कल सुबह हिंदुओं को घाटी से हर हालत में पलायन करना होगा।”

गौरतलब है कि 7 दिन पहले 25 मई को कश्मीरी एक्ट्रेस अमरीन भट्ट और 24 मई को पुलिसकर्मी सैफ कादरी की हत्या कर दी गई। मई में टारगेट किलिंग की 8 घटनाएँ सामने आई हैं। रजनी बाला की हत्या से पहले 12 मई को आतंकियों ने बडगाम में दफ्तर में घुसकर एक राजस्व अधिकारी राहुल भट्ट की हत्या कर दी थी। वह भी कश्मीरी पंडित थे।

‘पाकिस्तान के हो जाएँगे 3 टुकड़े, बलूचिस्तान पर भारत का प्लान तैयार’: बोले पूर्व पीएम इमरान खान- मिलिट्री और परमाणु बम भी होंगे खत्म

पाकिस्तान (Pakistan) में अगर किसी को चुनाव जीतना है तो वो भारत के साथ दुश्मनी और सीमा विवाद की बात को जोर-शोर से उठाता है। वो मुस्लिमों को ये अहसास दिलाता है कि अगर वो सत्ता में आ गया तो सीमाएँ सुरक्षित होंगी। इसी क्रम में पाकिस्तान के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान (Imran Khan) ने बुधवार (1 जून 2022) को दावा किया कि अगर सरकार ने सही फैसला नहीं लिया तो पाकिस्तान के तीन टुकड़े हो जाएँगे। इमरान खान ने आरोप लगाया कि इसके लिए भारत ने अपना प्लान तैयार कर लिया था।

BOL न्यूज को दिए इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर सही वक्त पर सही फैसले नहीं लिए तो देश खत्म होने की कगार पर खड़ा है। पाकिस्तान की बर्बादी एक डिफॉल्ट होगी, जिसके बाद वैश्विक समुदाय पाकिस्तान पर परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए दबाव डालेगा। इसी तरह से यूक्रेन ने 1990 के दशक में किया था।

सत्ता में वापसी नहीं होने पर भविष्य की योजनाओं पर पूछे गए सवाल के जबाव में इमरान खान ने कहा, “यहाँ असली समस्या पाकिस्तान के स्थापित होने की है। मैं आपको लिखकर देता हूँ कि अगर सरकार सही फैसला नहीं लेगा तो वे नष्ट हो जाएँगे। सबसे पहले तबाही आर्म्ड फोर्सेज की होगी।” पीटीआई चीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान तीन हिस्सों में टूट जाएगा।

इमरान खान का दावा है कि देश सुसाइड की ओर कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत के थिंक टैंक पाकिस्तान से बलूचिस्तान को अलग करने पर विचार कर रहे हैं और उनके पास प्लान तैयार है। यही कारण है कि मैं दबाव डाल रहा हूँ।”

इंटरव्यू के दौरान खान ने ये माना कि जब वे सत्ता में आए थे, तभी से उनकी सरकार की हालत पतली थी। इसका कारण बहुमत की कमी थी। इमरान खान के मुताबिक, उन्हें उनके अधिकार से वंचित कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने अपने गठबंधन के सहयोगियों पर भरोसा किया था। पीटीआई चीफ के मुताबिक, अब वो गठबंधन की गलती नहीं करेंगे। उन्हें चुनाव पसंद है, लेकिन समझौता नहीं।

वहीं इमरान खान पर बिफरे आसिफ अली जरदारी ने कहा कि ये इमरान खान की नहीं मोदी की भाषा है। कोई पाकिस्तानी देश को तोड़ने की बात नहीं करेगा। इमरान खान की ताकत ही दुनिया में सबकुछ नहीं है। बहादुर बनो और अपने पैरों पर खड़ा होकर राजनीति करो।

इसी तरह से पीएमएलएन नेता तलाल चौधरी ने भी इमरान खान के बयान पर उन्हें ‘मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति’ करार दिया। चौधरी ने कहा, “इससे पहले इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान पर परमाणु बम गिराना बेहतर है, उन्होंने लोगों से सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करने और हुंडी के माध्यम से पैसे भेजने के लिए भी कहा था।”

‘बैड कैरेक्टर’ पर AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को राहत देने से हाई कोर्ट का इनकार, दिल्ली पुलिस से भी माँगा जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) को दिल्ली हाई कोर्ट ने अं​तरिम राहत देने से इनकार किया है। खान ने इस साल मार्च में अपने खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने को चुनौती दी थी। इसमें उसके ​चरित्र को खराब (बैड कैरेक्टर) घोषित किया गया था। इस संबंध में अदालत ने बुधवार (1 जून 2022) को सुनवाई के बाद दिल्ली पुलिस से भी जवाब माँगा है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक AAP विधायक के वकील सुफियान सिद्दीकी ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा हिस्ट्रीशीट खोलना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने कोर्ट से कहा, “दिल्ली पुलिस ने अमानतुल्लाह खान पर हुई कार्रवाई की जानकारी दुर्भावनावश सीधे मीडिया में प्रसारित कर दी। इससे विधायक के परिवार वालों का नाम खराब हुआ।”

आप विधायक के वकील की दलीलों को सुनने के बाद जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने दिल्ली पुलिस को स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए। वहीं अमानतुल्लाह खान ने 1 जून के एक ट्वीट में कहा है, “दिल्ली पुलिस ने मुझे बैड कैरेक्टर (BC) घोषित कर बदनाम करने की जो कोशिश की थी, उसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मेरे द्वारा दायर याचिका पर आज हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है।”

गौरतलब है कि शाहीन बाग़ और मदनपुर खादर में MCD द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान आप विधायक ने हंगामा किया था। पुलिसकर्मियों का आरोप है कि इस हंगामे के दौरान उन पर पथराव भी किया गया था। पुलिस ने अमानतुल्लाह खान को इस मुख्य आरोपी बनाते हुए केस दर्ज किया था। विधायक की गिरफ्तारी भी हुई थी। बाद में उसे साकेत कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में अमानतुल्लाह को BC (बैड कैरेक्टर) घोषित कर दिया था।

पुरुष शादी का झाँसा दे तो केस, धोखा देने वाली महिला पर क्यों नहीं: रेप को लेकर केरल हाई कोर्ट का सवाल

केरल हाई कोर्ट ने बलात्कार के अपराध को जेंडर से जोड़कर देखने को गलत बताया है। कोर्ट का कहना है कि शादी का झूठा वादा कर पुरुष को धोखा देने वाली महिला पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, लेकिन अगर एक पुरुष ऐसा करता है तो उसे बलात्कार के जुर्म में सजा दी जाती है। ये किस तरह का कानून है? यह अपराध जेंडर-न्यूट्रल (Gender Neutral) होना चाहिए।

अदालत ने एक तलाकशुदा जोड़े के बच्चे की कस्टडी के केस में सुनवाई के दौरान यह टिप्‍पणी की। उन्होंने कहा कि बलात्कार जैसे अपराधों को जेंडर के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। इसे जेंडर-न्यूट्रल बनाना चाहिए।

लाइव लॉ के मुताबिक, जस्टिस ए मुहम्मद मुश्ताक ने यह टिप्पणी उस वक्त की, जब केस की सुनवाई के दौरान महिला के वकील ने दलील दी कि उसका पति रेप केस में दोषी रह चुका है। इस पर विरोधी पक्ष के वकील ने कहा कि उनका मुवक्किल अभी जमानत पर बाहर आया है। उस पर बलात्कार के आरोप बेबुनियाद हैं, जिसमें कहा गया है कि उसने शादी का झाँसा देकर महिला के साथ बलात्कार किया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस ए मोहम्मद मुस्ताक ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार के लिए सजा) पर चिंता व्यक्त की। जज ने कहा कि यह कानून जेंडर-न्यूट्रल नहीं है। इस साल एक और केस की सुनवाई के दौरान भी यही सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा था कि IPC में रेप के अपराध के लिए तय किए गए कानूनी प्रावधान महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। दोनों के लिए एक अपराध में समान कानून होने चाहिए।

आईपीसी की धारा 376 में बलात्कार के लिए सजा का प्रावधान

आईपीसी की धारा 376 के तहत किसी महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाना बलात्कार की श्रेणी में रखा जाता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो वह इस कानून की नजर में दोषी है और उस पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है।

समय पर CPR से बच सकती थी KK की जान, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर का खुलासा: केद्रीय एजेंसी से जाँच के लिए अमित शाह को पत्र

गायक सिंगर कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) पंचत्व में विलीन हो गए हैं। गुरुवार (2 जून 2022) को मुंबई के वर्सोवा शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार हुआ। बेटे नकुल ने उन्हें मुखाग्नि दी। लेकिन, उनकी मौत के बाद उपजे कुछ सवाल अब भी अनसुलझे हैं। इसकी केंद्रीय एजेंसी से पड़ताल करवाने को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को बीजेपी सांसद सौमित्र खाँ ने पत्र लिखा है। यह बात भी सामने आई है कि गायक को हार्ट ब्लॉकेज की समस्या थी। समय रहते यदि उन्हें सीपीआर दे दिया जाता तो उनकी जान बच सकती थी।

पश्चिम बंगाल से सांसद सौमित्र खाँ ने गृह मंत्री अमित शाह से केके की मौत मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जाँच की माँग की है। गृह मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि जिस ऑडिटोरियम में केके का कार्यक्रम हुआ, उसकी क्षमता 3000 लोगों की है। लेकिन 7,000 लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। AC काम नहीं कर रहा था। केके के पोस्टमार्टम के वक्त TMC नेता अस्पताल में मौजूद थे, जबकि विपक्ष के नेता को हॉस्पिटल आने से मना कर दिया गया। सांसद ने इन सभी शंकाओं के समाधान के लिए केंद्रीय एजेंसी से पड़ताल करवाने की जरूरत पर जोर दिया है।

बता दें कि केके का निधन 31 मई की देर रात कार्डियक अरेस्ट के चलते हुआ। कोलकाता के नजरूल मंच पर परफॉर्म करते हुए सिंगर की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी, जिसके बाद उन्हें होटल ले जाया गया। जब कोई सुधार नहीं दिखा तो उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।।

मीडिया रिपोर्टों में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के हवाले से बताया गया है, “केके की लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में काफी ब्लॉकेज मिली। बाकी के आर्टरीज और सब-आर्टरीज में कहीं-कहीं ब्लॉकेज पाई गई है। लाइव शो में परफॉर्म करते हुए एक्साइटमेंट के चलते आर्टरीज ने ब्लड फ्लो करना बंद कर दिया, जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। अगर उस दौरान सीपीआर (cardio pulmonary resuscitation) दे दिया जाता तो उनकी जान बच सकती थी। उनको हार्ट से जुड़ी समस्या काफी समय से थी जो उन्हें खुद ही नहीं पता थी।”

डॉक्टर के अनुसार केके को लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी में 80 फीसदी ब्लॉकेज थी। कहीं भी 100 फीसदी ब्लॉकेज नहीं पाई गई। मंगलवार को लाइव परफॉर्मेंस के दौरान सिंगर चल रहे थे और क्राउड के साथ डांस भी कर रहे थे, जिसकी वजह से एक्साइटमेंट काफी बढ़ गई थी। दिल ने ब्लड फ्लो करना कम कर दिया था, जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। इस वजह से हार्ट बीट भी अचानक से कुछ समय के लिए कम हो गई थी। केके बेहोश होने लगे। अगर उन्हें सीपीआर दे दिया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। 

बता दें कि सीपीआर में बेहोश व्यक्ति के सीने पर दबाव दिया जाता है और उसे आर्टिफिशियल साँसें दी जाती हैं। जिससे फेफडों को ऑक्सीजन मिलती रहे। इससे दिल का दौरा पड़ने और साँस न ले पाने जैसी स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि केके पिछले कुछ समय से एंटासिड्स पर थे। दर्द की शिकायत होने के चलते उन्होंने एंटासिड्स लेनी शुरू की होगी। उन्हें लगा होगा कि उन्हें कुछ पाचन संबंधी समस्याएँ हैं, लेकिन असल में उन्हें हार्ट ब्लॉकेज थी। 

उत्तर प्रदेश में अक्षय कुमार की ‘सम्राट पृथ्वीराज’ ट्रैक्स फ्री, CM योगी ने की घोषणा: 13 साल बाद पत्नी के साथ अमित शाह ने भी देखी फिल्म

उत्तर प्रदेश में अक्षय कुमार की फिल्म ‘सम्राट पृथ्वीराज’ को ट्रैक्स फ्री कर दिया गया है। लखनऊ (Lucknow) स्थित लोक भवन में गुरुवार (2 जून 2022) को इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कैबिनेट के सभी मंत्रियों के साथ ऑडिटोरियम में सम्राट पृथ्वीराज (Samrat Prithviraj) फिल्म देखी। फिल्म को देखने के बाद सीएम योगी ने इसे राज्य में ट्रैक्स फ्री करने का ऐलान कर दिया।

बता दें कि ‘सम्राट पृथ्वीराज’ 3 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में एक्टर अक्षय कुमार और मानुषी छिल्लर लीड रोल में हैं। मिस वर्ल्ड रहीं मानुषी छिल्लर इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। डायरेक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी फिल्म को कुवैत और ओमान में बैन कर दिया गया है, क्योंकि फिल्म राजा पृथ्वीराज चौहान के जीवन पर बनी है, जिन्होंने बेरहम आक्रमणकारी मुहम्मद गौरी से भारत की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी थी।

वहीं दिल्ली के चाणक्य थियेटर में बधुवार (1 जून 2022) को गृह मंत्री अमित शाह के लिए ‘सम्राट पृथ्वीराज’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। गृह मंत्री परिवार के साथ यहाँ फिल्म देखने पहुँचे थे। फिल्म देखने के बाद अमित शाह ने ‘सम्राट पृथ्वीराज’ की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि ‘सम्राट पृथ्वीराज’ ना सिर्फ एक अद्वितीय योद्धा की कहानी है, जिसने हमारी मातृभूमि के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी, बल्कि ये हमारी संस्कृति की महानता को भी दर्शाती है।

उन्होंने आगे कहा कि असल मायने में फिल्म की कहानी भारतीय संस्कृति और महिला सशक्तिकरण को बखूबी दर्शाती है। उन्होंने फिल्म की पूरी टीम को बेहतरीन अदाकारी के लिए बधाई भी दी। एक्टर अक्षय कुमार ने इसके लिए एक थैंक्यू ट्वीट भी किया है।

बता दें कि ‘सम्राट पृथ्वीराज’ फिल्म का नाम पहले सिर्फ ‘पृथ्वीराज’ था। इसको लेकर कोई विवाद ना हो इसलिए फिल्म का टाइटल बदलकर ‘सम्राट पृथ्वीराज’ कर दिया गया। हाल में अक्षय कुमार ने भारत सरकार से इतिहास की किताबों को फिर से लिखने की अपील की थी। एक्टर ने कहा था कि इतिहास की किताबों में भारतीय राजाओं के बारे में नहीं बताया जाता, जबकि वो भी महान थे। देश के बच्चों को महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान के बारे में जानना चाहिए।

‘The Hindu’ के चेन्नई हेडक्वार्टर में चीन का राजदूत, जानिए कैसे बीजिंग के प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाता है वामपंथी मीडिया संस्थान

चीन के राजदूत सन वेइदॉन्ग (Chinese Ambassador Sun Weidong) भारत की दो दिवसीय यात्रा पर तमिलनाडु आए हुए हैं। यहाँ उन्होंने वामपंथी आउटलेट द हिंदू के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संपादक सुरेश नंबथ और स्टाफ के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। सन वेइदॉन्ग ने इस मुलाकात का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “द हिंदू के मुख्यालय का दौरा किया। आमने-सामने बैठकर कई मुद्दों पर बातचीत की, जो हमारी आपसी समझ और विश्वास को बढ़ावा देता है। चीन और अन्य मुद्दों पर बातचीत करने के लिए आप सभी का स्वागत है।”

वीडियो में वेइदॉन्ग को संपादक सुरेश नंबथ और अन्य पत्रकारों के साथ बातचीत और विचारों का आदान-प्रदान करते हुए देखा जा सकता है। उन्हें पूरे मीडिया आउटलेट के कामकाज की प्रशंसा करते हुए भी देखा जा सकता है। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान राजदूत ने चेन्नई में स्टेट इंडस्ट्रीज प्रमोशन कॉरपोरेशन ऑफ तमिलनाडु (SIPCOT) औद्योगिक पार्क का भी दौरा किया और कार्यकारी दल के साथ दोस्ती के पेड़ लगाए। उन्होंने कहा, “चीन और भारत, दोनों उभरती अर्थव्यवस्थाओं में व्यापार और निवेश दोनों के लिए लाभकारी हैं।”

हालाँकि, चीनी राजदूत की वामपंथी मीडिया आउटलेट के मुख्यालय में यात्रा नेटिज़न्स को रास नहीं आई। जैसा कि अक्सर देखा गया है कि द हिंदू अपने लेखों में अक्सर चीन का और उसकी नीतियों का समर्थन करता दिखाई देता है। इसको लेकर एक यूजर ने कहा कि सन वेइदॉन्ग भारत में चीनी ऑफिस की एक ब्रांच का दौरा कर रहा है और अपने स्टाफ के साथ बातचीत कर रहा है। सीईओ का कर्मचारियों से बात करने के लिए ऑफिस में आना कोई नई बात नहीं है।

इस बीच, एक अन्य यूजर ने ट्विटर पर याद किया कि ‘द हिंदू’ ने वर्ष 2021 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाते हुए फुल पेज का चीनी विज्ञापन प्रकाशित किया था।

चीनी राजदूत की वामपंथी मीडिया हाउस में यात्रा को लेकर कुछ दूसरे रिएक्शन:

1 जुलाई को ‘द हिंदू’ ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की शताब्दी की वर्षगाँठ पर पूरे पृष्ठ का विज्ञापन प्रकाशित किया। यह पेड कंटेंट समाचार पत्र के तीसरे पेज पर था। दिलचस्प बात यह है कि चीन द्वारा जो पेड कंटेंट प्रकाशित किया गया था, वह नियमित रिपोर्ट की तरह ही दिखाई दे रहा था, लेकिन बारीकी से देखने पर पता चला कि यह चीन द्वारा पेड कंटेंट था।

जुलाई 2021 में द हिंदू द्वारा प्रदर्शित पेड कंटेंट

बता दें कि 1 अक्टूबर, 2020 को, द हिंदू ने अपने राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर चीन द्वारा पेड एक फुल पेज का विज्ञापन प्रकाशित किया था। पैसा कमाने और कम्युनिस्ट प्रचार को आगे बढ़ाने की जल्दी में, द हिंदू ने भारतीय सैनिकों के बलिदान वाले दिन खुले तौर पर एक चीनी विज्ञापन प्रकाशित किया था। इसके बाद में आयकर विभाग ने अखबार और चीन के बीच कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र के खिलाफ जाँच शुरू की थी।

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 10 किमी दायरे में माँस-मदिरा की बिक्री पर बैन लागू, अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र में भी नहीं मिलेगी शराब

अयोध्या के राम मंदिर क्षेत्र और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दोनों क्षेत्रों में माँस और मदिरा की बिक्री पर बैन लगा दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक दोनों आध्यात्मिक शहर हैं इसलिए यहाँ पर माँस-मदिरा की बिक्री की अनुमति नहीं दी जा सकती है। स्थानीय लोग भी लम्बे समय से इसकी माँग कर रहे थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आदेश को लागू करवाने के लिए मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के आसआस शराब की 37 दुकानों को बंद करवा दिया गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली बीयर व भांग की दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं। इसी के साथ होटलों में मौजूद 3 बार और 2 मॉडल शॉप को भी बंद करवाया गया है। शासन ने आबकारी विभाग को 1 जून 2022 से इस आदेश को लागू करने के आदेश दिए थे।

अयोध्या का पंचकोसी परिक्रमा पूरा क्षेत्र शराब मुक्त

उत्तर प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के मुताबिक, “अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा के अंदर का पूरा इलाका शराब की बिक्री से मुक्त कर दिया गया है। अब विभाग किसी को भी उस क्षेत्र में शराब बेचने की अनुमति नहीं देगा। पूर्ण शराब बंदी से मुक्ति का यह नियम लगभग 15 किलोमीटर में होगा। पहले यह राम मंदिर क्षेत्र भर में नियम लागू था, लेकिन पहली बार ये पंचकोसी परिक्रमा वाले पूरे क्षेत्र में लागू हो रहा है।’

10 माह पहले ही CM योगी ने की थी घोषणा

गौरतलब है कि अगस्त 2021 में मथुरा का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मस्थलों को शराब मुक्त करने की घोषणा की थी। ताजा कदम इसी कड़ी में उठाए गए हैं। मथुरा के निगमायुक्त अनुनय झा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि एक्साइज डिपार्टमेंट ने शहर के 22 वार्डों में शराब का व्यवसाय करने वाली दुकानों और बार पर कार्रवाई की है।

डिस्ट्रिक्ट एक्साइज आफिसर प्रभात चंद के मुताबिक शराब की दुकानों को बंद करवाने को लेकर सरकार ने दो दिन पहले आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने ऐसे व्यवसाइयों को दुग्ध उत्पादों का कारोबार करने की सलाह दी है।

आर्टिकल पर हीरो-हिरोइन का झगड़ा ₹1164142500 में निपटा: मिलन से लड़ाई तक जॉनी डेप और अंबर हर्ड की कहानी में कई मोड़

हॉलीवुड स्टार जॉनी डेप (Johnny Depp) और एक्ट्रेस एम्बर हर्ड (Amber Heard) कभी पति-पत्नी थे। एक आर्टिकल को लेकर दोनों के बीच कानूनी लड़ी शुरू हुई। 6 हफ्ते तक चले इस हाई-प्रोफाइल मानहानि केस में अब वर्जीनिया के फेयरफैक्स काउंटी कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। बुधवार (1 जून, 2022) को अदालत ने ‘पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन’ स्टार जॉनी डेप के पक्ष में अपना फैसला सुनाते हुए एम्बर हर्ड को दोषी करार दिया। सात सदस्यीय वर्जीनिया जूरी ने एक्ट्रेस को हर्जाने के तौर पर जॉनी को 15 मिलियन डॉलर (1164142500 रुपए) देने का आदेश दिया है।

इसके अलावा जूरी ने जॉनी डेप को भी मानहानि के कुछ मामलों में दोषी पाया है। जूरी के मुताबिक, डेप के वकील एडम वाल्डमैन ने हर्ड के खिलाफ बयान दिए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची है। इसलिए अभिनेता को भी हर्ड को मुआवजे में 2 मिलियन डॉलर (155175000 रुपए) देने को कहा गया है।

कोर्ट का फैसला निराशाजनक: हर्ड

हर्ड ने कोर्ट के फैसले को निराशाजनक और महिलाओं के लिए झटका बताया है। उन्होंने कहा, “इस फैसले से मेरा दिल टूट गया है। आज मुझे जो निराशा महसूस हो रही है, वह शब्दों से परे है। इस फैसले से दूसरी महिलाओं को भी झटका लगेगा। इससे महिलाओं के खिलाफ हिंसा को लेकर गंभीरता कम होगी।”

वहीं, डेप ने कहा कि जूरी ने मुझे मेरी जिंदगी वापस दे दी। 58 वर्षीय डेप ने मानहानि का मुकदमा जीतने के बाद इंस्टाग्राम पर जूरी को धन्यवाद दिया और बताया कि उन्होंने यह लड़ाई क्यों लड़ी।

साल 2009 में डेप की मुलाकात हर्ड से हुई

साल 2009 में डेप की मुलाकात हर्ड से ‘द रम डायरी’ के सेट पर हुई थी। डेप ने इस फिल्म में एक पत्रकार पॉल केम्प की भूमिका निभाई थी। तब वे एक फ्रेंच एक्ट्रेस के साथ रिलेशनशिप में भी थे, जो पहले से ही दो बच्चों की माँ थीं। डेप और हर्ड 2012 में एक दूसरे के काफी करीब आ गए। इस दौरान इन्हें कई मौकों पर एक साथ देखा जाने लगा। एक कोर्ट फाइलिंग में, हर्ड ने लिखा था कि उन्होंने 2012 की शुरुआत में हर्ड को डेट करना शुरू कर दिया था। 2012 में डेप ने अपनी लंबे समय तक पार्टनर रह चुकी पारादीस को 14 साल तक डेट करने के बाद तलाक दे दिया था। पारादीस और डेप के दो बच्चे थे, लिली-रोज़ और जॉन क्रिस्टोफर। इसके बाद 2014 में, हर्ड को सगाई की रिंग पहने हुए देखा गया था। पीपल मैगज़ीन ने बताया था कि डेप और हर्ड ने सगाई कर ली है।

साल 2015 में शादी, 2016 में तलाक के लिए अर्जी

कई सालों तक एक दूसरे को डेट करने के बाद साल 2015 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के एक साल बाद (2016) हर्ड ने डेप से तलाक लेने के लिए अर्जी दी और उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। हर्ड ने 21 मई 2016 को डेप पर आरोप लगाया था कि उसने शराब के नशे में उनके साथ जबरन सेक्स किया और अपना फोन एक्ट्रेस के मुँह पर फेंक कर मारा, जिससे उनका चेहरा खराब हो गया था। 16 अगस्त, 2016 को अदालत के बाहर दोनों (डेप और एम्बर)के बीच 7 मिलियन डॉलर (543126500 रुपए) का समझौता हुआ था। पीपल मैगजीन के मुताबिक, हर्ड को तलाक के बाद 7 मिलियन डॉलर मिले थे, जिसे उन्होंने दान कर दिया था।

साल 2017 में दोनों अलग हो गए

अर्जी दायर करने के एक साल बाद डेप और हर्ड के तलाक को अंतिम रूप दिया गया। साल 2017 में दोनों अलग हो गए थे। जॉनी डेप और एम्बर के बीच कानूनी लड़ाई की शुरुआत तब शुरू हुई, जब एम्बर ने 2018 में द वाशिंगटन पोस्ट में एक आर्टिकल लिखा। इसमें उन्होंने खुद को घरेलू हिंसा का शिकार बताया था। इसके बाद जॉनी डेप ने 2019 में आर्टिकल को लेकर 36 वर्षीय हर्ड के खिलाफ 50 मिलियन डॉलर का मानहानि का मुकदमा दायर किया था। जनवरी 2020 में, डेली मेल ने फोन रिकॉर्डिंग जारी की थी। इन रिकॉर्डिंग में, हर्ड ने डेप को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार की थी।

7 जुलाई 2020 को दोनों के बीच मुकदमा शुरू हुआ। 2 नवंबर को अदालत ने मानहानि के मुकदमे में डेप के खिलाफ फैसला सुनाया। ब्लॉकबस्टर ट्रायल शुरू होने के तीन महीने बाद जज मिस्टर जस्टिस निकोल ने फैसला सुनाया था कि डेप का अपनी पूर्व पत्नी एम्बर हर्ड के साथ हिंसक व्यवहार था। 4 दिन बाद यानी 6 नवंबर को, डेप ने घोषणा की थी कि उन्हें इस मामले को लेकर ‘फैंटास्टिक बीस्ट्स 3’ में ग्रिंडेवल्ड के रोल से हटने के लिए कहा गया है। मार्च 2021 में डेप और उनके वकीलों ने पूर्व पत्नी एम्बर हर्ड के पक्ष में फैसला सुनाने वाले उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए लंदन की अदालत में अपील की थी।

‘डेप नशीली दवाओं और शराब के नशे में यौन शोषण करता था’

डेप और हर्ड के बीच 11 अप्रैल, 2022 को वर्जीनिया के फेयरफैक्स काउंटी कोर्टहाउस में 100 मिलियन डॉलर (7758330000 रुपए) का मानहानि का मुकदमा शुरू हुआ। केस की शुरुआत हर्ड और डेप के वकीलों के शुरुआती बयानों से हुई। कोर्ट को बताया गया था कि डेप नशीली दवाओं और शराब के नशे में शारीरिक और यौन शोषण करते थे। इस दौरान वह ‘राक्षस’ बन जाते थे। वकील के अनुसार 2015 में डेप ने हर्ड को तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा था। इस दौरान उनको जमीन पर पटका। लात-घूँसों से मारा। उनके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल घुसेड़ दी थी। एक के बाद एक कई बोतलें उनके ऊपर फेंकी और फिर फर्श पर टूटे हुए बोतलों पर उन्हें घसीटा भी था।

‘हर्ड गाली-गलौज करती थी’

हालाँकि, डेप के वकीलों ने इन आरोपों को झूठा बताया था। उनका कहना था कि इस तरह के आरोप डेप के हॉलीवुड करियर को बर्बाद करने के लिए लगाया जा रहा है। डेप ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि हर्ड गाली-गलौज करती थीं। छोटी-छोटी बातों पर लड़ती थीं। यहाँ तक कि हिंसा पर उतर आती थीं, एक दिन बहस के दौरान हर्ड ने वोडका की बोतल से उनकी ऊँगली तक काट दी थी।

ED के सामने पेशी से 6 दिन पहले सोनिया गाँधी को कोरोना, नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग में राहुल भी नहीं हुए हाजिर

नेशनल हेराल्ड न्यूजपेपर (National Herald) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा तलब किए जाने के एक दिन बाद ही गुरुवार (2 जून 2022) को कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी कोरोना पॉजिटिव (Sonia Gandhi Covid Positive) पाई गईं।

इसको लेकर कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोनिया गाँधी (75) के कोविड टेस्ट रिजल्ट को लेकर मीडिया को जानकारी दी। इससे पहले बुधवार (1 जून 2022) को पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि सोनिया गाँधी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दिए गए समन पर इसके समक्ष पेश होंगी। लेकिन अब कोरोना पॉजिटिव हो गई हैं।

सुरजेवाला ने कहा कि सोनिया गाँधी को हल्की बुखार कुछ अन्य लक्षण भी देखने को मिले हैं। इसके बाद अब वो आइसोलेट हो गई हैं। उनका इलाज चल रहा है। कॉन्ग्रेस नेता के मुताबिक, बीते एक हफ्ते में सोनिया गाँधी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिली हैं, हो सकता है कि इसी दौरान वो कोविड की चपेट में आ गई हों।

राहुल गाँधी ने ईडी से माँगा समय

इसी क्रम में कॉन्ग्रेस नेता और वायनाड से सांसद राहुल गाँधी (51) ने भी प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होने में असमर्थता जताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गाँधी 20 से 23 मई के दौरान लंदन में होने वाले कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गए थे। उसके बाद से वो भारत ही नहीं लौटे। बताया जा रहा है कि वो 5 जून को देश वापस लौट सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि नेशनल हेराल्ड केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बुधवार (1 जून 2022) को प्रवर्तन निदेशालय ने सोनिया गाँधी को और राहुल गाँधी को तलब किया था। जहाँ सोनिया गाँधी को 8 जून को बुलाया गया था तो राहुल गाँधी को आज ही के दिन (गुरुवार, 2 जून 2022) जाँच एजेंसी ने पूछताछ के लिए तलब किया था।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने साल 2012 में एक याचिका के जरिए आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेसी नेता यंग इंडियन लिमिटेड के साथ गलत तरीके से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड का अधिग्रहण कर रहे हैं। ये सब हेराल्ड हाउस की 2000 करोड़ रुपए की बिल्डिंग पर कब्जे के इरादे से किया गया था।