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‘3 निकाह न करें मुस्लिम, तलाक कानूनी तरीके से हो’: बोले असम के CM- हमारा स्टैंड क्लियर, बेटियों को प्रॉपर्टी में 50% हिस्सेदारी भी मिले

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बार मुस्लिमों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी मुस्लिम पुरुष तीन महिलाओं के साथ शादी नहीं कर सकता है। साथ ही उन्होंने दावा करते हुए कहा है कि असम के मुस्लिम उनके इस बात का समर्थन भी करते हैं।

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है, “असम सरकार बहुत स्पष्ट है कि कोई भी मुस्लिम मर्द 3 महिलाओं से शादी नहीं करेगा। एक बीबी, एक शौहर, दो बच्चा… खुशी से रहो। ये हमारा स्टैंड हैं। हम इसको बहुत ज्यादा जटिल नहीं बनाना चाहते। हमारा क्लियर स्टैंड है कि अगर आप पिता हैं तो अपने बेटे को जितनी संपत्ति का अधिकार दे रहे हैं, उतना ही शेयर बेटी को भी दें। इसमें हमें कोई संशय नहीं है। कोई भी मुस्लिम पुरुष तलाक न दें, केवल कानूनी तौर पर तलाक दें। मियाँ और बीबी ने एक साथ रहकर जितनी संपत्ति अर्जित की थी, उसमें से 50% हिस्सा बीबी को दें। सरकार और आम मुस्लिमों के विचार समान हैं।”

सरमा ने मीडिया से बात करते हुए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा, “हम हमेशा सांप्रदायिक तनाव में पीएफआई का हाथ देखते हैं। यहाँ तक कि हालिया बटाद्रवा घटना में भी हमें अब पीएफआई की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं।”

हिमंता बिस्वा सरमा ने कॉन्ग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए भविष्यवाणी की कि कॉन्ग्रेस आगामी संसदीय चुनावों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी भूमिका को बनाए रखने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा, “मेरे आकलन के अनुसार, वे 2024 में लगभग 30-35 सीटों पर आ जाएँगे।”

हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे पीएम मोदी का जिक्र करते हुए कहा, “यदि आप पिछले 2-3 वर्षों में देखें, तो नॉर्थ-ईस्ट में प्रधानमंत्री मोदी की पहुँच के कारण अब नॉर्थ-ईस्ट के छात्रों के साथ नस्लीय भेदभाव अचानक काफी हद तक कम हो गया है।”

शेषनाग टीलेश्वर महादेव को तोड़ औरंगजेब ने टीले वाली मस्जिद बनाई: सर्वे के लिए हिंदुओं को निचली अदालत में जाने के निर्देश

काशी (Kashi) और मथुरा (Mathura) के बाद अब एक बार फिर से लखनऊ (Lucknow) स्थित टीले वाली मस्जिद (Teele Wali Masjid) पर हिन्दू पक्ष ने दावा ठोका है। हिन्दू पक्ष ने लखनऊ जिला अदालत (Lucknow District court) में याचिका दायर कर मस्जिद का सर्वे कराने के लिए कमीशन के गठन की माँग की है। इस पर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निचली अदालत में जाने को कहा है, क्योंकि असली मामला साल 2013 में वहीं दायर किया गया था।

हिन्दू पक्ष का दावा है कि विवादित मस्जिद परिसर में स्थित शेषनाग टीलेश्वर समेत अन्य देवताओं को समर्पित मंदिर को क्षतिग्रस्त किया जा रहा है, ताकि वहाँ की धार्मिक स्थिति को बदला जा सके। साल 2013 के विवाद में निचली अदालत की कार्यवाही को जिला सत्र न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी।। इसमें कहा गया गया है कि जिस स्थान को टीले वाली मस्जिद कहा जाता है, वह जगह लक्ष्मण टीला है और इसलिए इसे हिन्दुओं को सौंपा जाना चाहिए।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे और मथुरा के शाही ईदगाह विवादों में हिन्दू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन का कहना है कि टीले वाली मस्जिद का पूरा परिसर शेषनाग टीलेश्वर महादेव का मंदिर है। मुगल आक्रान्ता औरंगजेब ने अपने शासनकाल के दौरान इसका विध्वंस करवा दिया था। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान हिन्दू पक्ष ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में मेन सूट अभी भी निचली अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा कि 28 मई को मौलाना एस शाह फजलुर्रहमान (विरोधी पक्ष) ने एक बयान दिया था कि उनकी अपील पर लखनऊ की सड़कें बंद की जा सकती हैं।

याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, ये सब शहर की कानून और व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश से अधिक कुछ भी नहीं है। मुकदमे की कार्रवाई के दौरान शांति में खलल न पड़े इसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपर जिला जज श्रीमती कल्पना ने निचली अदालत में जाने को कहा।

कोर्ट का आदेश

क्या है मामला

साल 2013 में लखनऊ स्थित भगवान शेषनाग टीलेश्वर महादेव विराजमान, लक्ष्मण टीला शेषनाग तीर्थ भूमि और अन्य ने निचली दीवानी कोर्ट में एक सिविल क्लेम किया था, जिसमें कहा गया था कि मुगल आक्रान्ता औरंगजेब के शासनकाल में मस्जिद बनाने के लिए मंदिर को तोड़ दिया गया था। हिंदू याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि संपत्ति के एक हिस्से पर जहाँ मस्जिद है, यह उनका है और इसे उन्हें सौंपा जाना चाहिए।

इस केस में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सचिव, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के लखनऊ सर्कल, उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह, जिला मजिस्ट्रेट लखनऊ, पुलिस महानिदेशक यूपी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ, पुलिस अधीक्षक पश्चिम लखनऊ, चौक के इंस्पेक्टर, सुन्नी सेंट्रल बोर्ड के सीईओ, वक्फ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और मौलाना फजलुर्रहमान को प्रतिवादी बनाया गया है।

‘मैं ईसाई हूँ, मुस्लिम नहीं’: पाकिस्तानी गायिका ने कट्टरपंथियों की बजाई, मूसेवाला की हत्या पर शोक जताते ही टूट पड़े थे

पाकिस्तान की मशहूर गायिका शे गिल (Shae Gill) ने सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की मौत पर शोक जताया। इससे कट्टरपंथी नाराज हो गए। हालाँकि गायिका को इससे फर्क नहीं पड़ा और उन्हें कट्टरपंथियों को मुँहतोड़ जवाब दिया।

इसी साल कोक स्टूडियो सीजन 14 में दिखाए गए गाने ‘पसूरी’ से फेमस हुई शे गिल ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए मूसेवाला की मौत पर दुख जताया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था, “दिल टूट गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार और दोस्तों को इस दुख को सहने की शक्ति दे।”

पाकिस्तानी सिंगर इस पोस्ट के बाद कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गईं। एक ने लिखा, “तुम मुस्लिम हो, गैर मुस्लिम जब मरते हैं तो उनके लिए दुआ माँगने का तुम्हे कोई हक नहीं है।” इसके बाद शे गिल ने DMs में मिले कुछ हेटर्स के मैसेज और कॉमेंट्स के स्क्रीनशॉट अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर कर बुधवार (1 जून 2022) को उन्हें करारा जवाब दिया।

फोटो साभार: इंस्टाग्राम

उन्होंने लिखा, “मुझे ऐसे बहुत से मैसेज मिल रहे हैं। मैं सभी को बताना चाहती हूँ कि मैं मुस्लिम नहीं हूँ। मैं ईसाई हूँ और एक ईसाई परिवार से आती हूँ। मैं अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए दुआ कर सकती हूँ। अब अगर किसी ने मुझे ऐसे मेसैज भेजे तो मैं उसे ब्लॉक कर दूँगी।”

सिंगर का समर्थन करते हुए एक यूजर ने लिखा, “मुस्लिम भी किसी के लिए भी दुआ कर सकते हैं। इसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। एक सच्चा मुसलमान सभी धर्मों की इज्जत करता है। इन सभी लोगों को ब्लॉक करो और जो तुम हो वही रहो।” यूजर के इस पोस्ट का जवाब देते हुए गिल ने लिखा, “मुझे ज्यादातर ऐसे मैसेज मिल रहे हैं, जो दिल जीतने वाले हैं। सच कहूँ तो मैं इस तरह से यह बात नहीं बताना चाहती थी कि मैं ईसाई हूँ, लेकिन मैं ऐसे लोगों से परेशान हो गई थी जो ऐसा सोचते हैं कि वे अपनी सोच के हिसाब से मुझे चला सकते हैं। मेरी मॉरल पुलिसिंग करना गलत है।”

फोटो साभार: इंस्टाग्राम

कुछ कट्टरपंथी इस जवाब के बाद भी नहीं रुके। खुद को ईसाई बताने के बाद गायिका से एक कट्टरपंथी ने पूछा कि तुम पाकिस्तान में रहती हो, ये मुस्लिम देश है। तो तुम्हें बख्शा नहीं जाएगा। बदले में सिंगर ने यूजर को ब्लॉक करने की धमकी दी। साथ ही यह भी बताया कि वे समय मिलने पर अपने डीएम में आए सभी मैसेज पढ़ती हैं। 

फोटो साभार: इंस्टाग्राम

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन पर ताबड़तोड़ 30 गोलियाँ चलाई गई थीं। एक्टर की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के मेंबर गोल्डी बराड़ ने ली थी, जो कनाडा में रहता है।

‘मोदी जी का सिपाही बनकर काम करूँगा’: BJP के हुए हार्दिक पटेल, कॉन्ग्रेस को हर 10 दिन पर झटका देने का प्लान भी बताया

गुजरात कॉन्ग्रेस से बीते महीने ही इस्तीफा देने के बाद आज पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। हार्दिक पटेल ने इसकी सूचना खुद ट्वीट करके देते हुए कहा कि वह छोटा सिपाही बनकर काम करेंगे।

हार्दिक ने गुरुवार (2 जून, 2022) की सुबह एक ट्वीट कर कहा, “राष्ट्रहित, प्रदेशहित, जनहित एवं समाज हित की भावनाओं के साथ आज से नए अध्याय का प्रारंभ करने जा रहा हूँ। भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी के नेतृत्व में चल रहे राष्ट्र सेवा के भगीरथ कार्य में छोटा सा सिपाही बनकर काम करूँगा।”

बता दें कि हार्दिक पटेल ने हाल ही में कॉन्ग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं आज बीजेपी ज्वाइन करते ही खुद को छोटा सिपाही बता कर अपनी मंशा जाहिर कर दी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हार्दिक पटेल ने यह भी कहा, “आजतक मैंने पद के लालच में कहीं भी किसी भी प्रकार की माँग नहीं रखी। कॉन्ग्रेस को भी मैंने काम माँगते हुए छोड़ा और भाजपा में भी मैं काम करने की परिभाषा के साथ जुड़ रहा हूँ। स्थान की चिंता कमजोर लोग करते हैं। मजबूत लोग कभी भी स्थान की चिंता नहीं करते हैं।”

वहीं अहमदाबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हार्दिक पटेल ने कहा, “आज मैं नया अध्याय शुरू कर रहा हूँ। मैं एक छोटे सिपाही के तौर पर काम करूँगा। हम हर 10 दिनों में एक कार्यक्रम करेंगे, जिसमें विधायक समेत कॉन्ग्रेस से नाखुश लोगों को भाजपा में शामिल होने के लिए कहेंगे… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे दुनिया की शान हैं।”

गौरतलब है कि गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने 18 मई, 2022 को गुजरात कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष के साथ-साथ प्राथमिक सदस्य के रूप में इस्तीफा दिया था।

बता दें कि कॉन्ग्रेस छोड़ते ही हार्दिक ने कहा था, “मुझे विश्वास है कि मेरे इस निर्णय का स्वागत मेरा हर साथी और गुजरात की जनता करेगी। मैं मानता हूँ कि मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाउँगा।”

UP को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी बनाने के लिए CM योगी का ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी: ₹80 हजार करोड़ की योजनाओं का PM मोदी करेंगे शिलान्यास

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में तीसरे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (Ground Breaking Ceremony) का आयोजन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार (3 जून 2022) को किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सहित कई क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल होंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान प्रदेश में 80,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होगा।

इस ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में लगभग 1406 कंपनियाँ शामिल होंगी। 500 करोड़ रुपए से अधिक की वैल्यूएशन वाली 30 कंपनियाँ कुल 43,906 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। वहीं, 100 से 499 करोड़ रुपए वाली 108 कंपनियाँ 24,028 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी। इन निवेशों से 1400 से अधिक परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा, जो प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 80,000 अरब रुपए) इकोनॉमी बनाने में मददगार साबित होंगी। 

इसके तहत प्रदेश के डेटा सेंटर, एग्री एंड एलाईड, आईटी एंड इलेक्ट्रानिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, हैंडलूम एंड टेक्सटाइल, रिन्यूबल एनर्जी, एमएसएमई, हाउसिंग एंड कमर्शियल, हेल्थ केयर, वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक, डिफेंस एंड एयरोस्पेस फार्मास्यूटिकल एंड मेडिकल सप्लाई, एजुकेशन, डेयरी समेत कई क्षेत्र में निवेश होगा। इस दौरान पीएम मोदी कई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।

उद्योगपतियों (Industrialists) और निवेशकों (Investors) के बीच प्रदेश को आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में पेश करने के लिए सरकार ने इस आयोजन के लिए भव्य तैयारियाँ की हैं। सीएम योगी इस सेरेमनी में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों और उद्योगपतियों को आज गुरुवार (2 जून 2022) की शाम 7:00 बजे अपने सरकारी आवास पर रात्रिभोज देंगे।

इस रात्रिभोज में 250 मेहमान आमंत्रित हैं, जिनमें 170 प्रतिष्ठित उद्योगपति शामिल हैं। इस दौरान राज्य सरकार के विभिन्न मंत्री और शासकीय अधिकारी के साथ-साथ प्रदेश के 75 जिलों के औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी रहेंगे।

ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आने वाले मेहमानों का अमौसी हवाई अड्डे पर पारंपरिक कलाकारों द्वारा स्वागत किया गया। वहीं, इन मेहमानों को ठहरने के लिए प्रदेश के उद्योग विभाग की ओर से सभी फाइव स्टार और थ्री स्टार होटलों को अपने 40 प्रतिशत कमरे खाली रखने को कहा गया है।

इस भव्य आयोजन में आने वाले अतिथियों को स्थानीय उत्पादों के विशिष्ट उपहार भी दिए जाएँगे, जो एक जिला, एक उत्पाद योजना को प्रोत्साहित करेगा। इन उपहारों के जरिए सरकार प्रदेश के हस्तशिल्प उद्योग की ब्रांडिंग करेगी। इन उपहारों में मीनाकारी के उत्कृष्ट उत्पाद, फिरोजाबाद की काँच की गणेश प्रतिमा, लखनवी चिकनकारी के स्टोन, अलीगढ़ के पीतल के दीए, सेरामिक मग व आजमगढ़ की ब्लैक पाटरी के सजावटी हस्तशिल्प शामिल हैं। 

बता देें कि साल 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद 2018 में लखनऊ में इन्वेस्टर समिट (Investor Summit) का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में देश भर के औद्योगिक घरानों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें पाँच लाख करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा हुई थी। एक जिला-एक उत्पाद के तहत नई औद्योगिक इकाइयों को लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।

योगी आदित्यनाथ ने केंद्र में पीएम मोदी के आठ साल पूरे होने को लेकर बुधवार (1 जून 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकारी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को हुआ है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई तक पहुँचाने में मददगार साबित होगा।

उन्होंने कहा, “पिछले 8 वर्षों में सेवा, सुशासन, विकास और गरीबों के लिए जो कल्याणकारी योजनाएँ लागू की गईं, वो अभूतपूर्व है। इस दौरान डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने देश में क्रांति ला दी। शासकीय योजनाओं में बंदरबाँट को रोका गया और विश्व की सबसे बड़ी महामारी कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुँचाया गया।”

कश्मीर के कुलगाम में एक और हिंदू की हत्या, आतंकियों ने बैंक में घुसकर राजस्थान के विजय कुमार को मारी गोलियाँ

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक और हिंदू की हत्या कर दी है। गुरुवार (2 जून 2022) को आतंकियों ने कुलगाम में एक बैंक मैनेजर पर फायरिंग की। बैंक मैनेजर विजय कुमार को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। विजय कुमार राजस्थान के रहने वाले थे।

विजय कुमार कुलगाम के मोहनपोरा में इलाकी देहाती बैंक मे तैनात थे। जानकारी के मुताब‍िक, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के आरेह मोहनपुरा गाँव में गुरुवार को आतंकवादी बैंक में घुस गए और वहाँ पर उन्होंने बैंक मैनेजर को गोल‍ियों से भून डाला और मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि विजय ने चार दिन पहले ही बैंक ज्वाइन किया था।

वह राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। इस बीच कश्मीर में काम कर रहे हिंदू समुदाय के लोगों ने जम्मू में विरोध-प्रदर्शन कर सुरक्षा की माँग की।

इससे पहले आतंकियों ने कुलगाम में ही हिंदू महिला टीचर रजनी बाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं बडगाम में कश्मीरी पंडित राहुल भट को मौत के घाट उतार दिया गया था। घाटी में आतंकी लगातार हिंदू नागरिक और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में बडगाम में कश्मीरी पंडित राहुल भट और कुलगाम में महिला टीचर की हत्या के विरोध में बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए। कश्मीरी पंडितों की माँग थी कि सभी प्रवासी सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर तैनात किया जाए। 

सुरक्षित स्थानों पर होगी कर्मचारियों की पोस्टिंग

जम्मू-प्रशासन ने आतंकियों वारदातों को देखते हुए बुधवार (1 जून 2022) को प्रधानमंत्री विशेष पैकेज के तहत कश्मीर में तैनात सभी हिंदू कर्मचारियों को जिला मुख्यालय पर स्थानांतरण करने का निर्णय लिया था। आदेश के मुताबिक, कश्मीर में पीएम पैकेज के तहत तैनात हिंदू समुदायों के कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

नसीम ने वट सावित्री पूजा कर रही महिलाओं के सामने खोली पैंट की चेन, पूजा स्थल पर फेंकी पेशाब की थैली: छत्तीसगढ़ के जशपुर का मामला

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में महिलाओं द्वारा वट सावित्री की पूजा के दौरान एक मुस्लिम व्यक्ति पर पॉलीथिन में पेशाब भर कर फेंकने का आरोप है। आरोपित का नाम नसीम है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना सोमवार (30 माई 2022) की है।

घटनास्थल पर मौजूद कई महिलाओं को गवाह बनाते हुए दुर्गा देवी और भगवती सिंह ने पुलिस को शिकायत दी है। उनके मुताबिक, “गाँव पुरनानगर में 30 मई को कई महिलाएँ वट सावित्री की पूजा सड़क के किनारे कर रही थीं। तभी एक अज्ञात व्यक्ति वहाँ आ कर अपनी पैंट की जेब खोल कर बोला कि मैं इसके प्रसाद में गंगाजल मिला देता हूँ। इसके बाद वो पूजास्थल पर पेशाब करने की कोशिश करने लगा। इसके बाद उसको डाँट कर वहाँ से भगा दिया गया। कुछ देर बाद वही व्यक्ति फिर से आया और प्लास्टिक की थैली में पेशाब भर कर पूजास्थल पर फेंक दिया।”

शिकायत में आगे कहा गया, “पेशाब फेंक कर उसने महिलाओं से पूछा कि अब ठीक किया मैंने न मैडम? इसी के साथ उसने गाली देते हुए कहा कि साले हिन्दू रास्ता जाम करके रखे हुए हैं। पता करने पर जानकारी हुई कि वो गाँव चीर बगीचा का रहने वाला एक मुस्लिम है।” प्रार्थना पत्र में आरोपित का हुलिया साँवले रंग का दुबला पतला व्यक्ति बताया गया और कार्रवाई की माँग की गई।

वहीं इस घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने 1 जून 2022 को जशपुर बंद की घोषणा की। इस दौरान सड़कों पर जुलूस निकाल कर हिन्दू संगठन के सदस्यों ने आरोपित को जिला बदर करने की माँग की। इसी के साथ प्रदर्शनकारियों ने आरोपित के गाँव बगीचा में मुस्लिमों द्वारा अवैध कब्ज़ा किए जाने का आरोप लगा कर अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन को ज्ञापन देने का ऐलान किया।

ऑपइंडिया से बात करते हुए SHO कोतवाली सिटी जशपुर TI लक्ष्मण कुमार ने बताया, “हिन्दू संगठनों का विरोध प्रदर्शन बिना किसी अप्रिय घटना के शांतिपूर्ण ढंग से निबट गया है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। वो रिमांड पर है। गिरफ्तारी IPC के सेक्शन 295, 295A, 153A, 505(2) के तहत की गई है।”

एक विवाह ऐसा भी… फेरे से लेकर गोवा में हनीमून तक सबकुछ होगा, लेकिन नहीं होगा दुल्हा: खुद से ही शादी करने जा रही है गुजरात की क्षमा

शादी के नाम पर अजीबोगरीब चीजें करते आपने कई लोगों के बारे में सुना होगा। पर खुद से ही शादी का मामला शायद ही सुना हो। गुजरात के वडोदरा में 11 जून को एक ऐसी ही शादी होने जा रही है। इसमें एक दुल्हन सजधज कर मंडप में आएगी। लेकिन, उसके साथ फेरे लेने के लिए कोई दूल्हा नहीं होगा। आप यह सोचकर हैरान होंगे कि जब दूल्हा नहीं होगा तो वह किसके साथ शादी करेगी? दरअसल, लड़की खुद के प्यार में दीवानी है, इसलिए उसने किसी और से नहीं, बल्कि खुद से ही शादी रचाने का निर्णय लिया है।

दुल्हन बनना है पर नहीं चाहिए दूल्हा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक खुद से ही शादी करने जा रही इस युवती का नाम क्षमा बिंदु है। क्षमा बताती हैं कि वह दूसरी लड़कियों की तरह दुल्हन बनने का सपना देखती हैं, लेकिन वह शादी नहीं करना चाहती। इसलिए क्षमा ने बिन दूल्हे के शादी रचाने के बारे में सोचा। क्षमा इसे आत्मनिर्भरता और खुद से प्रेम की ओर एक कदम मानती हैं। वह खुद से ही शादी करने जा रही हैं और इसके लिए सारी तैयारियाँ भी हो चुकी हैं।

माता- पिता भी राजी

क्षमा 11 जून को गोत्री के एक मंदिर में खुद के द्वारा खुद के लिए लिखी 5 कसमों के साथ शादी करेंगी। इसमें सिंदूरदान की रस्म होगी। वह शादी के लिए हनीमून पर भी जाएँगी। शादी के लिए क्षमा ने गोवा को चुना है। हालाँकि क्षमा का खुद से शादी करने का कॉन्सेप्ट नया था, फिर भी उन्होंने अपने माता- पिता को इसके लिए राजी कर लिया है। वह कहती हैं, “हम शादी उससे करते हैं जिससे हम प्यार करते हैं, मैं खुद से प्यार करती हूँ इसलिए खुद के साथ शादी करूँगी।”

क्षमा ने कहा कि सेल्फ मैरिज खुद के लिए और खुद के लिए बिना शर्त प्यार होने की प्रतिबद्धता है। एमएस यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में ग्रेजुएट होने के बाद क्षमा एक प्राइवेट फर्म आउटसोर्सिंग मैनपावर के लिए काम करती है। जानकारी के मुताबिक क्षमा ने यह जानने के लिए ऑनलाइन रिसर्च भी किया कि क्या किसी भारतीय महिला ने पहले भी खुद से शादी की है, लेकिन उन्हें ऐसा कोई नहीं मिला। उन्होंने कहा, “शायद मैं अपने देश में आत्म-प्रेम का एक उदाहरण स्थापित करने वाली पहली लड़की हूँ।” 

हालाँकि ऐसा नहीं है कि दुनिया में कोई लड़की पहली बार खुद से शादी कर रही है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में भी पेट्रीसिया क्रिस्टीन नाम की लड़की ने खुद से शादी रचाई थी। ब्राजील की मॉडल क्रिस गैलेरा ने खुद से शादी रचाकर सुर्खियाँ बटोरी थी।

क्या इस बार राजस्थान में बदलेगा स्याही का रंग? राज्यसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की तीसरी सीट पर ‘खतरा’, विधायकों को उदयपुर के होटल में कर रही ‘कैद’

कुछ दिनों पहले तक राजस्थान में 10 जून 2022 को होने वाले राज्यसभा चुनाव का गणित साफ-साफ दिख रहा था। लेकिन बीजेपी के समर्थन से निर्दलीय मैदान में उतरे सुभाष चंद्रा ने इस गणित को उलझा दिया है। आशंका जताई जा रही है कि वे राज्यसभा के लिए कॉन्ग्रेस के तीसरे उम्मीदवार प्रमोद तिवारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। क्रॉस वोटिंग की आशंका से डरी कॉन्ग्रेस ने अब उदयपुर के होटल में विधायकों को रखने का फैसला किया है।

इस बीच बसपा (BSP) की राजस्थान इकाई ने माँग की है कि उसके टिकट पर चुनाव जीतने के बाद कॉन्ग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को इन चुनाव में मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाए। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में विधायकों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत मामला चल रहा है। ऐसे में इन छह विधायकों को राज्यसभा चुनाव में वोट देने से रोका जाना चाहिए क्योंकि बसपा ने फैसला किया है कि वह राज्यसभा चुनाव में किसी भी पार्टी या निर्दलीय का समर्थन नहीं करेगी।

राज्य से राज्यसभा की चार सीटों के लिए अब कुल 5 प्रत्याशी मैदान में हैं जिनमें कॉन्ग्रेस के तीन, बीजेपी का एक और एक निर्दलीय उम्मीदवार है। मतदान 10 जून को होगा। कॉन्ग्रेस पार्टी के सूत्रों ने बुधवार (1 जून 2022) को बताया कि सभी विधायकों को उदयपुर पहुँचने के लिए कहा गया है। कुछ विधायक आज ही उदयपुर के लिए रवाना हो रहे हैं, जबकि कुछ गुरूवार (2 जून 2022) को जाएँगे। कॉन्ग्रेस सरकार का समर्थन कर रहे निर्दलीय और अन्य विधायक भी उदयपुर जा रहे हैं। ये विधायक उदयपुर के उसी होटल में रुकेंगे जहाँ पिछले महीने कॉन्ग्रेस का नव संकल्प चिंतन शिविर हुआ था।

कॉन्ग्रेस ने 2020 में भी इसी तरह दो मौकों पर होटल में विधायकों की बाड़ेबंदी की थी। एक बार ऐसे राज्यसभा चुनाव से पहले किया गया और दूसरी बार सचिन पायलट और उनके करीबी 18 विधायकों की बगावत से उत्पन्न राजनीतिक संकट के दौरान। अब मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा के नामांकन के बाद फिर से विधायकों की उसी तरह निगरानी की जा रही।सुभाष चंद्रा वर्तमान में हरियाणा से राज्यसभा के सदस्य हैं और उनका कार्यकाल एक अगस्त को समाप्त होने जा रहा है। इस चुनाव में बीजेपी उनका समर्थन कर रही है। 

उल्लेखनीय है कि कुछ इसी तरह की परिस्थितियों में चंद्रा ने 2016 में हरियाणा से राज्यसभा का चुनाव जीता था। तब भी वे निर्दलीय लड़े थे। उन्हें बीजेपी का समर्थन था, लेकिन जीत के लिए पर्याप्त वोट नहीं थे। फिर भी वे जीते क्योंकि कॉन्ग्रेस के 14 वोट रद्द हो गए थे। इसका कारण यह था कि इन विधायकों बैंगनी की जगह नीली स्याही वाली पेन से वोट डाले थे।

सियासी पारी नहीं, इस पिच पर इनिंग शुरू कर रहे सौरव गांगुली: ‘नया अध्याय’ वाले ट्वीट से शुरू हुई अटकलों पर खुद लगाया विराम

सौरव गांगुली ने अपने भविष्य को लेकर लग रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने बताया है कि वे एक एजुकेशनल एप लॉन्च करने जा रहे हैं। यह एप पूरी दुनिया के छात्रों की पढ़ाई में मदद करेगा। अटकलों की शुरुआत गांगुली के बुधवार 1 जून 2022 को किए गए एक ट्वीट से शुरू हुई थी, जिसमें उन्होंने जीवन में एक ‘नया अध्याय’ शुरू करने की बात कही थी।

ट्वीट में गांगुली ने कहा था, “1992 से शुरू किए गए मेरे क्रिकेट कैरियर को आज 30 साल हो गए। खास बात ये है कि इसमें आप सभी का बहुत समर्थन मिला। उन सभी समर्थकों का धन्यवाद। आज से मैं कुछ ऐसा करने को सोच रहा हूँ जो कई लोगों की मदद कर सके। मुझे आशा है कि आप सभी का समर्थन मुझे आगे भी मिलता रहेगा।”

इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ प्लेटफार्म पर गांगुली के BCCI अध्यक्ष पद से इस्तीफे की अटकलें शुरू हो गईं। इसी के साथ कुछ लोगों द्वारा उनके राजनीति में आने के भी कयास लगाए जाने लगे। इसके बाद BCCI सचिव जय शाह को स्पष्ट करना पड़ा था कि गांगुली ने बोर्ड से इस्तीफा नहीं दिया है।

गौरतलब है कि बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर गांगुली का तीन साल का कार्यकाल इसी साल सितंबर में खत्म होने वाला है।