Home Blog Page 2751

तजिंदर बग्गा मामले में पंजाब सरकार को नोटिस: पगड़ी न पहनने दिए जाने को अल्पसंख्यक आयोग ने बताया धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन, माँगा जवाब

दिल्ली बीजेपी के नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को जिस तरह से पंजाब की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस पर अब केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। बग्गा के साथ किए गए व्यवहार पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा है। केंद्रीय आयोग ने पंजाब सरकार से इस मामले में 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

कमीशन द्वारा जारी किए गए लेटर के मुताबिक, एनसीएम एक्ट 1992 के तहत आयोग अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके मुताबिक, पंजाब पुलिस द्वारा बग्गा की गिरफ्तारी के दौरान उन्हें पगड़ी तक नहीं पहनने देने की मीडिया रिपोर्टों पर ये एक्शन लिया गया है। आयोग का कहना है कि इस तरह के कार्य एक सिख व्यक्ति के धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन है। ये पत्र भारत सरकार के संयुक्त सचिव ए धनलक्ष्मी द्वारा लिखा गया है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को शुक्रवार (6 मई 2022) अल सुबह पंजाब पुलिस के 50 जवानों ने दिल्ली स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बग्गा के पिता ने जनकपुरी थाने में पंजाब पुलिस के खिलाफ बग्गा के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।

बग्गा के पिता ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया था, “पहले मेरे घर में 2 पुलिसकर्मी घुसे। वो मुझ से सामान्य ढंग से बात कर रहे थे। उस समय घर पर तेजिंदर और उनके अलावा कोई नहीं था। उसी समय तेजिंदर कपड़े पहन कर बाहर आए। थोड़ी बातचीत के बाद कई पुलिसकर्मी मेरे घर में जबरन घुस गए। उनके इस काम की मैं वीडियो बनाने लगा। इसी दौरान एक पुलिसकर्मी मुझे खींच कर कमरे की तरफ ले गया और मुझ से हाथापाई की।”

उनके पिता ने आगे बताया, “इसके बाद वो तेजिंदर को खींच कर बाहर ले गए और हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मियों ने बग्गा को उनकी पगड़ी तक नहीं पहनने दी, जबकि उसने इसे पहनने की गुजारिश की। पुलिसवाले बग्गा का फोन भी अपने साथ ले गए।”

हालाँकि, दिल्ली पुलिस के कहने पर हरियाणा में पंजाब पुलिस को रोक लिया गया और बाद में दिल्ली पुलिस कुरुक्षेत्र गई औऱ उन्हें वापस लाई

प्रोफेसर वकास फारूक ने बनाया था नाजीवाद और फासीवाद से हिंदुत्व की तुलना वाला सवाल, शारदा यूनिवर्सिटी ने जारी किया ‘कारण बताओ नोटिस’: हो चुका है निलंबित

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में छात्रों से हिन्दू वरोधी सवाल पूछे जाने के मामले में नई कार्रवाई की गई है। इससे पहले खबर आई थी कि उक्त सवाल बनाने वाले प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया है, वहीं अब उसे कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई है। ये सवाल स्नातक (BA/Bachelor Of Arts) के प्रथम वर्ष के छात्रों से पूछा गया था। यूनिवर्सिटी ने इसकी जाँच के लिए तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया था।

शनिवार (7 मई, 2022) को दोपहर से पहले इस कमिटी ने छात्रों के साथ मुलाकात की। इसके बाद वकास फारूक कुट्टे नामक अस्सिस्टेंट प्रोफेसर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसने ये सवाल बनाया था। कमिटी ने अपनी शुरुआती जाँच में ये भी पाया है कि उक्त सवाल आपत्तिजनक था। ये भी फैसला लिया गया कि कॉपी की जाँच और मार्किंग के समय इस सवाल को नज़रअंदाज़ किया जाएगा और इससे मार्क्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

शारदा यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी कर के जानकारी दी है कि कुलपति (VC) ने भी इन सुझावों पर मुहर लगा दी है। साथ ही विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट ने उस प्रश्नपत्र के लिए लोगों से माफ़ी भी माँगी है। इससे पहले अपने ट्वीट में यूनिवर्सिटी ने कहा था, “विश्वविद्यालय प्रशासन हर उस लाइन से कोई इत्तेफाक नहीं रखती जो किसी भी राष्ट्रीय पहचान या संस्कृति के विरोध में हो। हम भारत के सच्चे और स्वर्णिम रूप को दिखाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

बता दें कि वकास फारूक कुट्टे जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी में भी पढ़ चुका है। उसने JRF & NET (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) की परीक्षा क्वालीफाई की थी। वो राष्ट्रवादियों पर निशाना साधते हुए लेख लिखते रहता है और JNU में फरवरी 2016 में देश के टुकड़े-टुकड़े किए जाने के नारे लगे थे। कश्मीर पर लिखते हुए वो भारतीय सेना का भी अपमान कर चुका है। उसने एक तरह से भारत सरकार को ही कश्मीर में हो रहे आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहरा दिया था।

इस विवादित पेपर के पाँचवें नंबर पर सवाल किया गया था कि धर्मान्तरण के मूल कारण क्या हैं? वहीं, छठे नंबर पर पूछा गया था – ”क्या आपको नाजीवादी, फासीवादी और हिंदुत्व में कोई समानता दिखती है?” प्रश्न पत्र में दोनों सवालों को विस्तार से बताने के लिए कहा गया था। यह पूरा विवाद तब उठा था, जब भाजपा नेता विकास प्रीतम सिन्हा ने इसकी फोटो कॉपी ट्वीट करते हुए उसमें पूछे गए एक सवाल को आपत्तिजनक बताया।

कानपुर में अवैध अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम पर हमला, बुलडोजर पर पत्थरबाजी: एक युवक को पकड़ कर पीटा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर में शनिवार (7 मई, 2022) को अतिक्रमण हटाने गई ‘कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA)’ के बुलडोजर के खिलाफ लोगों ने जमकर पथराव किया। इस मौके पर पुलिस के साथ लोगों की भिड़ंत हो गई। लोगों का आरोप था कि मनमाने तरीके से KDA प्रशासन दुकानों को ढहा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना लाल बंगला इलाके की है, जहाँ शनिवार की सुबह प्रशासन की टीम पूरे लाव-लश्कर के साथ पहुँची। अतिक्रमण रोधी कार्रवाई से पहले अधिकारियों ने लोगों से अतिक्रमण को हटाने के लिए कहा। इसके बाद प्रशासन के केडीए के बुलडोजर ने एक-एक कर अतिक्रम का पर्याय बने घरों को जमींदोज करना शुरु कर दिया। इस मौके पर लोगों में भगदड़ मच गई। प्रशासन की कार्रवाई से नाराज स्थानीयों ने बुलडोजर पर पत्थरबाजी भी की।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वे लोग वहाँ बीते 50 सालों से रह रहे हैं। और उनके पास इसकी रजिस्ट्री भी है। बावजूद इसके केडीए प्रशासन ने बिना किसी सूचना के एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनकी दुकानों को ढहा दिया। यहाँ तक कि अधिकारियों ने लोगों को ये नहीं बताया कि अतिक्रमण कहाँ किया गया है। हालाँकि, बाद में प्रशासन को बुलडोजर लेकर वापस लौटना पड़ा।

लोगों ने बेवजह एक युवक को पीटा

इस बीच केडीए की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने एक व्यक्ति को पकड़कर पीट दिया। दरअसल, लोगों को लगा कि वो युवक प्रशासनिक कार्रवाई का समर्थन कर रहा है। जबकि, उसका कहना था कि वो अपने पैसे लेने के लिए आया था। हालाँकि, बवाल के बीच पहुँची पुलिस फोर्स ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।

पहले भी प्रशासन को बनाया गया निशाना

ये कोई पहली बार नहीं है कि अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए गई प्रशासन की टीमों पर हमले किए गए हों। हाल ही में जीटी रोड पर कल्याणपुर में झुग्गी झोपड़ी हटाने के लिए गई केडीए की टीम पर लोगों ने हमले किए थे।

ट्विटर में नौकरी की चाहत रखने वालों में 263% का उछाल, एलन मस्क की फैन फॉलोविंग का असर: जॉब के लिए ये विशेषताएँ होनी चाहिए

जब से एलन मस्क ने ट्विटर का अधिग्रहण किया है, तभी से इस कंपनी में नौकरियों के लिए लोगों की रुचि भी बढ़ रही है। ‘Tesla’ कंपनी के CEO का दुनिया भर में एक अलग फैन बेस है। उन्होंने 44 बिलियन डॉलर (3.38 लाख करोड़ रुपए) की डील के तहत माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म को खरीदा है। जॉब्स प्लेटफॉर्म ‘Glassdoor’ ने बताया है कि इस फैसले के बाद से ट्विटर को लेकर जॉब इंटरेस्ट में 250 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

मार्च 2022 से अब तक तुलना करें तो ट्विटर को लेकर जॉब इंटरेस्ट में 263% की वृद्धि हुई है। वरिष्ठ आर्थिक विशेषज्ञ डेनियल झाओ का कहना है कि एलन मस्क की अच्छी खासी फैन फॉलोविंग है, और इसी कारण लोग उनके साथ जुड़ना चाहते हैं और उनके लिए काम करना चाहते हैं। हालाँकि, ‘Glassdoor’ पर क्लिक का ये अर्थ नहीं है कि इतनी ही संख्या में जॉब एप्लिकेशन सबमिट किए हैं हैं, लेकिन ये लोगों की रुचि को दिखाता है।

एलन मस्क ने भी कहा है कि ट्विटर अब हार्डकोर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डिजाइन, इंफोसेक और सर्वर हार्डवेयर पर ध्यान केंद्रित करेगा। उनका मानना है कि तकनीकी क्षेत्र में प्रबंधकों को तकनीकी रूप से दक्ष होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में जो मैनेजर होते हैं उन्हें अच्छे सॉफ्टवेयर्स लिखने आने चाहिए, वरना ये ऐसा ही है जैसे घुड़सवारों के दल के मुखिया को घुड़सवारी नहीं आती हो। ट्विटर के CEO पराग अग्रवाल की छुट्टी कर के मस्क खुद ये पद संभाल सकते हैं – ये भी चर्चा है।

ट्विटर में हायरिंग के लिए एलन मस्क एक नई योजना और रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। फ़िलहाल अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि ट्विटर के मौजूदा कर्मचारियों का क्या होगा और उनकी भूमिका क्या रहेगी। एलन मस्क ने कहा कि काम के लिए नैतिकता सर्वोत्तम होनी चाहिए, लेकिन जो मापदंड वो खुद के लिए रखते हैं उससे ये काफी कम होगा। ट्विटर को डर है कि इन सबके बीच उसके मौजूदा कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी घट सकती है।

SC के आदेशों की 2 मस्जिदों ने उड़ाई धज्जियाँ, तेज आवाज में बजाया लाउडस्पीकर: मुंबई पुलिस ने किया केस दर्ज

महाराष्ट्र में मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर चल रही सियासत के बीच मुंबई की दो मस्जिदों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का मखौल बनाना भारी पड़ गया। शनिवार (7 मई 2022) को मुंबई पुलिस ने बांद्रा में नूरानी मस्जिद और सांताक्रूज में कब्रिस्तान मस्जिद के खिलाफ केस दर्ज किया। इन दोनों मस्जिदों ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच न केवल लाउडस्पीकर बजाया बल्कि इसे चलाते हुए तय मानक का पालन भी नहीं किया।

मस्जिदों ने ये कारनामा सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ताक पर रखकर किया। साल 2005 में सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश जारी किया था, जिसके मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया था। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने ये भी कहा था कि अगर कोई इस दौरान इसका इस्तेमाल करता है कि उसे डेसिबल के नियमों का पालन करना होगा। हालाँकि, इन दोनों मस्जिदों ने इसका उल्लंघन किया।

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने ये कार्रवाई मुंबई की 1140 मस्जिदों में 950 को नमाज के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने की इजाजत देने के बाद की है। इस मसले पर पुलिस का कहना है कि उसने आवेदन करने वालों की साख और उनके उद्येश्य को ध्यान में रखकर इसकी इजाजत दी थी। मस्जिदों ने भी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) के दिशानिर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई की 1140 मस्जिदों ने अजान पढ़ने के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की इजाजत लेने के लिए मुंबई पुलिस को आवेदन दिया था। इस मामले में मनसे चीफ राज ठाकरे द्वारा राज्यभर की मस्जिदों से लाउडस्पीकर को हटाने के आह्वान के बाद बीते 2 सप्ताह से इसके लिए आवेदन आने शुरू हुए हैं।

इससे पहले 1 मई को राज ठाकरे ने औरंगाबाद में एक रैली की थी, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर 4 मई तक मस्जिदों के ऊपर से लाउडस्पीकरों को नहीं हटाया गया तो मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाएँगे। कथित तौर पर मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई, नासिक और पुणे समेत राज्य के कई भागों में अजान के वक्त पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। बाद में उन्हें हिरासत में भी लिया गया था।

बहरहाल वर्तमान मामले में मुंबई पुलिस ने आऱोपित बांद्रा की नूरानी मस्जिद और सांताक्रूज की कब्रिस्तान मस्जिद के मैनेजमेंट के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 188 और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37 (1), (3), 135 और शोर निषेध नियम की धारा 33 (आर) (3) के तहत केस दर्ज किया है।

पंजाब में AAP विधायक के ठिकानों पर CBI रेड, छापेमारी में मिले- 94 ब्लैंक चेक, कई आधार कार्ड, विदेशी नोट और ₹1600000+ कैश

आम आदमी पार्टी (AAP) शासित पंजाब में आप के विधायक जसवंत सिंह गज्जन माजरा (Jaswant Singh Gajjan Majra) बैंक धोखाधड़ी (Bank Fraud) के मामले में फँस गए हैं। शनिवार (7 मई 2022) को CBI ने 40 करोड़ रुपए से अधिक के बैंक धोखाधड़ी मामले में पंजाब जसवंत सिंह के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। माजरा अमरगढ़ सीट से AAP के विधायक हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, CBI की टीम ने जसवंत सिंह गज्जन माजरा के मालेर कोटला स्थित पुश्तैनी घर समेत संगरूर जिले में तीन स्थानों पर छापेमारी की है। सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक, विधायक के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया ने शिकायत किया था, जिसके आधार पर ये केस दर्ज किया गया है। सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान सीबीआई ने जसवंत सिंह गज्जन माजरा के साइन किए हुए 94 ब्लैंक चेक और कई आधार कार्डों को जब्त किया है।

इसके अलावा बताया जा रहा है कि जसवंत सिंह गज्जन माजरा के ठिकानों पर तलाशी अभियान के दौरान केंद्रीय जाँच एजेंसी ने 16.57 लाख रुपए नकद, लगभग 88 विदेशी नोट, कुछ संपत्तियों के दस्तावेज, कई बैंक अकाउंट और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए हैं।

उल्लेखनीय है कि सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन की टीम ने ये एक्शन तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद लिया है। बता दें कि शुक्रवार की सुबह पंजाब पुलिस के 50 पुलिसकर्मियों की टीम ने दिल्ली स्थित उनके घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पंजाब पुलिस उन्हें लेकर मोहाली के लिए रवाना हुई थी, लेकिन बग्गा के पिता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस के कहने पर हरियाणा की पुलिस ने कुरुक्षेत्र में पंजाब पुलिस के काफिले को रोक लिया। बाद में दिल्ली पुलिस वहाँ गई और बग्गा को वापस दिल्ली ले आई।

तेजिंदर बग्गा के खिलाफ पंजाब से निकला 1 और वारंट: CM केजरीवाल के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन, BJP के कई बड़े नेता पुलिस हिरासत में

पंजाब पुलिस द्वारा भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ एक और वारंट जारी हुआ है। ये वारंट मोहाली कोर्ट द्वारा जारी किया गया है, जिसमें पंजाब पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि वो बग्गा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेंश करें। मालूम हो कि एक ओर जहाँ मोहाली से बग्गा के खिलाफ ये वारंट सामने आया है, वहीं दूसरी ओर उनकी गिरफ्तारी के विरोध में सीएम केजरीवाल के आवास के बाहर इकट्ठा हुए भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

मोहाली कोर्ट से जारी आदेश

पंजाब पुलिस द्वारा तेजिंदर पाल बग्गा की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा ने दिल्ली में केजरीवाल सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है। भाजपा नेताओं का यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर के सामने हुआ है। इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, सांसद प्रवेश सिंह साहिब और नेता मनजिंदर सिंह को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन 7 मई 2022 (शनिवार) को हुआ है। इस प्रदर्शन में खुद तेजिंदर पाल बग्गा भी शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने भारी बल मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर के आगे तैनात कर रखा था। किसी अनहोनी को टालने के लिए मौके पर दिल्ली पुलिस का दंगा निरोधक दस्ता भी लगाया गया था। इस प्रदर्शन में भाजपा से जुड़ी महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल थीं। मौके पर अरविन्द केजरीवाल को ही पंजाब पुलिस के एक्शन का जिम्मेदार बताया गया और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस ने हालत को संभालने के लिए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।

वहीं भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने तेजिंदर पाल बग्गा के घर कर जा कर उनके परिवार वालों से मुलाकत की है। इस दौरान वो बग्गा के पिता से भी मिले।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी तेजिंदर सिंह बग्गा और उनके परिवार से मुलाकात की। मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा, “मैं इसको अपहरण ही कहूँगा। जो व्यवहार तेजिंदर के पिता के साथ हुआ, पुलिस वैसा व्यवहार नहीं करती है। दिल्ली और हरियाणा पुलिस का धन्यवाद जो उन्होंने रास्ते में रोक कर बग्गा को वापस लाने में सहायता की। मैं केजरीवाल के बयान की निंदा करता हूँ।”

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी बग्गा की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब की चुनी हुई सरकार जनता की सेवा के बजाय उनके लिए चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। पटियाला में भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। ऐसा लग रहा है कि जैसे पंजाब की सरकार कोई और रिमोट कंट्रोल से चला रहा हो।”

मुस्लिम भीड़ ने रोका ज्ञानवापी का सर्वे, एडवोट कमिश्नर को नहीं घुसने दिया: उपद्रवी अब्दुल कलाम हिरासत में, 9 मई को अगली सुनवाई

वाराणसी के काशी विश्वनाथ परिसर में स्थित विवादित ढाँचे और श्रृंगार-गौरी मंदिर को लेकर प्रशासनिक सर्वे व वीडियोग्राफी के आदेश के खिलाफ वहाँ के मुस्लिम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुस्लिम पक्ष ने एडवोकेट कमिश्नर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें बदलने की माँग की है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी दलीलें पेश करने को कहा। ‘अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी’ की याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीज़न रवि कुमार दिवाकर ने की।

अब इस मामले की सोमवार(9 मई, 2022) को होगी। ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए प्रशासनिक टीम वहाँ पहुँची, साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया था। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दरवाजे पर खड़े होकर जाम लगा दिया, जिससे एडवोकेट कमिश्नर अंदर जा ही नहीं पाए। माहौल बिगाड़ने की साजिश हुई और शाम के 5 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग वहाँ पर पहुँचने लगे।

नारेबाजी और उपद्रव कर रहे लोगों को पुलिस ने वहाँ से खदेड़ा। वहीं अब्दुल कलाम नाम के एक उपद्रवी को यूपी पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। उसने बहाना बनाया कि उसे लगा कि नमाज के लिए भीड़ इकट्ठी हुई थी। साथ ही उसने माफ़ी भी माँगी। मुस्लिम पक्ष के लोग बैरिकेडिंग के भीतर घुस गए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध अदालत में कोई शिकायत नहीं की जाएगी। AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है।

वकील कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा की जगह मुस्लिम पक्ष ने किसी अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता की कमिश्नर के रूप में नियुक्ति की माँग की है। फ़िलहाल अदालत ने सर्वे रोकने का कोई आदेश नहीं दिया है, ऐसे में निगाहें 9 मई को होने वाली सुनवाई पर हैं। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सूर्यास्त के बाद मिश्रा अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि ऐसा कोई कानूनी आदेश नहीं आया है। केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि ‘ज्ञानवापी’ एक हिंदी शब्द है, उर्दू नहीं।

असम सरकार ने ड्रग के खिलाफ छेड़ा अभियान: सिर्फ गुवाहाटी में 11 महीनों में 23 kg हेरोइन समेत ₹400 करोड़ की दवाएँ जब्त, 448 अरेस्ट

असम की हिमंता विस्वा सरमा सरकार (Assam Government) ने राज्य में माफियाओं और ड्रग्स तस्करों (Drug Smuggler) के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ रखी है। सरकार तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। गुवाहाटी के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि पिछले 11 महीनों में राज्य में 400 करोड़ रुपए के ड्रग्स जब्त किए गए हैं और 448 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint Police Commissioner) पार्थ सारथी महंता ने कहा, “हमने पूरी कोशिश के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है। पिछले 11 महीनों में गुवाहाटी शहर की पुलिस ने लगभग 23 किलोग्राम हेरोइन, 8.50 लाख याबा टैबलेट और लगभग 400 करोड़ रुपये की अन्य दवाएँ जब्त की हैं। हमने 448 लोगों को गिरफ्तार किया है।”

बता दें कि 30 अप्रैल 2022 को भी असम के कोकराझार जिले में मादक पदार्थों के एक कथित तस्कर ने एक सब इंस्पेक्टर की रिवाल्वर छीनकर गोली चला दी थी। इसके बाद पुलिस की गोलीबारी में वह घायल हो गया था। एक अधिकारी ने बताया कि इस व्यक्ति पर राजस्थान से 20 करोड़ रुपए मूल्य की हेरोइन और अफीम की तस्करी करने का आरोप है। 

अधिकारी के अनुसार, मणिपुर (Manipur) से आ रहा ट्रक नशे का सामान लेकर राजस्थान जाने वाला था। उसे पश्चिम बंगाल-असम सीमा के पास श्रीरामपुर चेक पॉइंट पर रोक कर जाँच की गई थी। इस दौरान उसमें 3.1 किलोग्राम हेरोइन और 85 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी। राजस्थान के बाड़मेर निवासी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसने बताया था कि श्रीरामपुर से 10 किलोमीटर दूर गोसाईगाँव में उसका एक साथी है। उसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर पैदल गोसाईगाँव ले जाने लगी, तभी उसने SI बृजेश कुमार की रिवॉल्वर छीनकर गोली चला दी थी। 

इसके ठीक एक दिन पहले जगीरोड पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर 5 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद की थी। इसके साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था। तीनों संदिग्ध नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त थे। इन तीनों की पहचान मणिपुर निवासी बशीर खान और अल्ताफ खान के रूप में हुई थी, जबकि जहीरुल गुवाहाटी का रहने वाला था।

66% ज्यादा सैलरी पाएँगे दिल्ली के MLA, रात के 3 बजे तक पी सकेंगे दारू… खुला रहेगा बार

दिल्ली में शराब के शौक़ीन लोगों के लिए केजरीवाल सरकार का नया फैसला खुशखबरी के जैसा है। नाइट लाइफ को बढ़ावा देने के मकसद से दिल्ली सरकार ने बार (जहाँ शराब परोसे जाते हैं) का समय सुबह 3 बजे तक कर दिया है। यह बदलाव दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के अंतर्गत किया गया है।

अभी तक दिल्ली में बार का समय 1 बजे तक हुआ करता था। शराब बार का समय बढ़ाने की सिफारिश नवम्बर 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा जारी आबकारी नीति में की गई थी। शराब के अलावा एक दूसरी खबर भी दिल्ली सरकार से जुड़ी है – दिल्ली के विधायकों की सैलरी में 66% की बढ़ोतरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आबकारी विभाग को सुबह के 3 बजे तक बार के खुले रखने वाला आदेश जारी किया है। इस आदेश का पालन दिल्ली पुलिस और आबकारी विभाग अन्य विभागों के साथ मिल कर करवाएँगे।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में बार के खुले होने की समय सीमा 3 बजे सुबह तक पहले से ही थी। दिल्ली में हालाँकि बार और रेस्टोरेंट रात 1 बजे तक ही खुलने का आदेश था। कॉन्ग्रेस ने इस फैसले का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि अरविन्द केजरीवाल दिल्ली को नशे की राजधानी बनाना चाहते हैं।

अब खबर विधायकों की सैलरी वाली। इस खबर के मुताबिक अब तक भत्ते आदि मिला कर 54000 रुपए वेतन पाने वाले दिल्ली के विधायक अब 90000 रुपए सैलरी पाएँगे। यद्दपि अभी इसे दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।

आम आदमी पार्टी वाले सौरभ भरद्वाज ने अन्य प्रदेशों के विधायकों के मुकाबले दिल्ली के विधायकों के वेतन काफी कम बताए। उनके मुताबिक विधायकों की सैलरी तेलंगाना में 2.50 लाख रुपए, महाराष्ट्र में 2.32 लाख रुपए, UP में 1.87 लाख रुपए, जम्मू और कश्मीर में 1.60 लाख रुपए, उत्तराखंड में 1.60 लाख रुपए, आंध्र प्रदेश में 1.30 लाख रुपए, हिमाचल प्रदेश में 1.25 लाख रुपए, राजस्थान में 1.25 लाख रुपए, हरियाणा में 1.15 लाख रुपए और पंजाब में 1.14 लाख रुपए है।