Home Blog Page 2761

गुजरात में धर्मान्तरण रैकेट नाकाम, ईसाई मिशनरियों का कार्यक्रम हुआ रद्द: VHP और बजरंग दल की कोशिशों से मिली सफलता

गुजरात में ईसाई मिशनरी लोगों को फँसाकर उनका धर्मान्तरण करा रहे हैं। पिछले सप्ताह एक ईसाई मिशनरी की ओर से आयोजित ‘मसीह में नया जीवन’ नाम के कथित धार्मिक सभा का पेम्फलेट छोटा उदयपुर जिले के नसवाड़ी तालुका के संकदिबारी गाँव, उसके आसपास और गुजरात के आसपास के गाँवों में बाँटा गया था। जैसे ही स्थानीय विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोगों को हिंदू आदिवासियों का धर्मान्तरण कराने की खबर मिली तो उन्होंने कार्यक्रम को रोकने के लिए नसवाड़ी के तहसीलदार के पास ज्ञापन दिया।

वायरल हुआ धर्मान्तरण का पैम्फलेट

पम्पलेट के मुताबिक, ईसाई मिशनरी द्वारा 9 मई और 10 मई को नसवाड़ी तालुका के संकदिबारी गाँव में ‘न्यू लाइफ इन क्राइस्ट’ टाइटल से एक शीर्षक से धर्मान्तरण का कार्यक्रम होना था। कार्यक्रम को मुख्य वक्ता रेव जी सैमुअल और भाई विनुभाई संबोधित करने वाले थे। वीएचपी नसवाड़ी के अध्यक्ष विशाल कुमार सुरेश चंद्र जायसवाल के नेतृत्व में करीब 20 कार्यकर्ताओं ने नसवाड़ी में तहसीलदार को ज्ञापन दिया और नसवाड़ी थाने को भी सूचित किया।

मामसे में जूनागढ़ जिले के हिंदू धर्मगुरुओं ने भी नसवाड़ी तहसीलदार पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम बंद करवाने की माँग की।

ऑपइंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में विशाल जायसवाल ने कहा, “हमें 6 मई को इलाके में फैले एक पैम्फलेट के जरिए इस घटना के बारे में पता चला। पहले भी इस सीमावर्ती इलाके में इसी तरह के कार्यक्रम होते रहे हैं, जिसमें अंत में भोले-भाले हिंदू आदिवासियों को बहला-फुसलाकर ईसाई बना लिया गया। इसलिए, हमने तुरंत 7 तारीख को ही कार्यक्रम को रोकने के लिए तहसीलदार को लिखित अनुरोध किया।”

विशाल जायसवाल ने कहा, “ईसाई मिशनरी पहले भी ऐसी सभाएँ करते रहे हैं, जिनमें चमत्कार के नाम पर भोले-भाले आदिवासियों का दिन में धर्म परिवर्तन किया जाता है और रात में एक ही स्थान पर शराब और माँस की गंध आती है।”

चमत्कार के नाम पर धर्मान्तरण का खेल

किस तरह से ये ईसाई मिशनरी धर्मान्तरण का खेल खेलते हैं। इसको लेकर विशाल जायसवाल कहते हैं, “जब भी ऐसी कोई सभा होती है, तो मिशनरियों के स्थानीय एजेंट आसपास के आदिवासी क्षेत्रों का सर्वे करते हैं। गाँवों में जाकर वे एक लिस्ट तैयार करते हैं जैसे खाँसी, सर्दी-बुखार सिरदर्द जैसी सामान्य बीमारियाँ किस घर में हैं और कौन तीन या अधिक दिनों से बीमार है। चमत्कार का दिलासा देकर इन लोगों को इसमें बुलाया जाता है। ये ऐसे रोग होते हैं, जो कि सामान्यतया 4-5 दिनों में ठीक हो जाते हैं। इस दौरान कुछ मिलावटी पाउडर देकर ये लोग ठीक होने का दावा करते हैं। इसी कथित चमत्कार का दावा कर भोले हिंदू आदिवासियों धर्म परिवर्तन कराया जाता है।”

वीएचपी कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन (फोटो साभार: विशाल जायसवाल)

वीएचपी की सतर्कता से रद्द हुआ कार्यक्रम

विशाल जायसवाल के मुताबिक, जब वो इस कार्यक्रम की शिकायत लेकर तहसीलदार के पास पहुँचे, तो पता चला कि धर्मान्तरण कार्यक्रम के आयोजकों ने इसके लिए प्रशासन से इजाजत भी नहीं ली थी। हमने तहसीलदार और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया था कि अगर कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया तो हम विहिप और बजरंग दल के 2,000 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ वहाँ जाकर हनुमान चालीसा और रामधुन बजाएँगे। बाद में खुद ही इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया।

फोटो साभार: दिव्य भास्कर

ऑपइंडिया को जायसवाल ने बताया कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन से मिले सहयोग के कारण इसे रोका गया। इस आदिवासी क्षेत्र में आए दिन ऐसे कार्यक्रम होते हैं। जब भी इनका पता चलता है तो इसका विरोध किया जाता है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। एक महीने पहले तापी जिले में इसी तरह के धर्मांतरण के मामले में एक ही ईसाई परिवार के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।

कश्मीरी हिंदू राहुल भट की हत्या का सुरक्षाबलों ने लिया बदला, 24 घंटे में मार गिराए 3 आतंकी: मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, हत्या की SIT जाँच

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आतंकियों के टारगेट किलिंग (Target Killing) का सुरक्षाबलों ने जवाब देते हुए 24 घंटे के भीतर शुक्रवार (13 मई 2022) को तीन आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों में कश्मीरी हिंदू राहुल भट की हत्या करने वाले दो इस्लामिक आतंकी भी शामिल हैं। तीसरे आतंकी की पहचान गुलजार अहमद के रूप में हुई है। वहीं, दूसरे आतंकी की तलाश जारी है। बता दें कि भट की हत्या की जाँच के लिए सरकार ने SIT गठित की है।

SP (ऑपरेशन) इफ्तखार तालिब ने बताया कि पिछले कई सप्ताह से इन आतंकियों को ट्रैक कर रहे थे। बाद में इन्हें मार गिराया गया। वहीं, अन्य आतंकियों की भी तलाश जारी है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने राहुल भट की हत्या की जाँच के लिए SIT का गठन किया है। इसके साथ ही सरकार ने उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने और बेटी की पढ़ाई का खर्च वहन करने का ऐलान किया है। बता दें कि भट की हत्या को उनके परिजनों साजिश करार देते हुए जाँच की माँग की थी।

जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा (LG Manoj Sinha) ने शुक्रवार ट्वीट कर राहुल भट्ट के परिजनों से मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया, “मैंने राहुल भट के परिजनों से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। दुख की इस घड़ी में सरकार राहुल के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। आतंकवादियों और उनके समर्थकों को उनके इस जघन्य कृत्य की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

बता दें कि कश्मीर के बडगाम (Badgam, Kashmir) जिले में गुरुवार (12 मई 2022) को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने एक सरकारी कार्यालय में घुसकर 35 वर्षीय राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। भट चादूरा के तहसील ऑफिस में राजस्व विभाग में तैनात थे और वे प्रवासी कश्मीरी हिंदुओं के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के लिए काम कर रहे थे।

जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। आतंकी दुस्साहस दिखाते हुए भरी ऑफिस में घुस गए और राहुल भट को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी।

राहुल भट की हत्या के बाद 350 सरकारी कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, उपराज्यपाल और गृह मंत्रालय को पत्र भेज कहा- नहीं कर रहे महसूस सुरक्षित

जम्मू-कश्मीर में बडगाम के चदूरा में इस्लामिक आतंकियों द्वारा कश्मीरी हिंदू राहुल भट की टार्गेटेड किलिंग के बाद घाटी के लोगों में आक्रोश फैल गया है। इस निर्मम हत्या के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में कश्मीरी हिंदू सड़कों पर उतर आए और विरोध किया। इस बीच पता चला है कि प्रधानमंत्री के रोजगार पैकेज के तहत काम करने वाले करीब 350 सरकारी कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

इन सरकारी कर्मियों ने कथित तौर पर अपना इस्तीफा राज्य के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को भेज दिया है। इसके साथ ही इसकी एक कॉपी गृह मंत्रालय (MHA) को भी भेज दी गई है। इस्तीफे में इन कर्मचारियों का कहना है कि जिस तरीके से राहुल भट की हत्या इस्लामिक आतंकियों ने की है, उससे केपी सरकार के ये कर्मी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

फोटो साभार: ट्विटर यूजर सावधान जम्मू

पत्र में लिखा गया कि बीते 12 सालों से जो कश्मीरी पंडित घाटी में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, उन अल्पसंख्यकों से प्रशासन ने घाटी में उनकी सम्मानजनक वापसी का वादा किया था, लेकिन जान के खतरे के कारण उनमें निराशा है। इसके हलावा संरक्षकों में भी हताशा का भाव है। जबकि जीवन प्रत्येक इंसान का मौलिक अधिकार है।

इसमें आगे कहा गया है, “हम पीएम पैकेज के कर्मचारियों और गैर-पीएम पैकेज कर्मचारियों के पास सामूहिक इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है, हम जानते हैं कि हमारी जान बचाने का यही एकमात्र उपाय है।”

न्याय की माँग कर रहे कश्मीरी हिंदू प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

गौरतलब है कि इससे पहले ऑपइंडिया ने रिपोर्ट किया था कि कैसे राहुल भट की हत्या करने के मामले में कश्मीरी हिंदू प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आँसू गैस के गोले दागे गए। इन प्रदर्शनों में सरकारी कर्मचारियों और बडगाम में रहने वाले कश्मीरी हिंदुओं के भट की हत्या पर प्रशासन के खिलाफ विरोध किया।

राहुल भट्ट की हत्या

इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में बडगाम जिले के चदूरा में आतंकवादियों ने टार्गेटेड अटैक कर राहुल भट नाम के युवा कश्मीरी पंडित की हत्या कर दी थी। इस घटना में तहसीलदार कार्यालय में क्लर्क राहुल भट पर दो इस्लामिक आतंकियों ने गोलियाँ चलाईं थी। कथित तौर पर वो चदूरा स्थित अपने ऑफिस में काम कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने घुसकर उस पर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से गोलियाँ चला दीं। गंभीर हालत में भट को श्रीनगर के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।

हिरोइन सहाना की लाश खिड़की से लटकी हुई, शौहर सज्जाद पुलिस हिरासत में: डेढ़ साल पहले किया था निकाह

12 मई 2022 की रात करीब 1 बजे होंगे कि केरल के कासरगोड जिले के चेरुवथुर में रहने वाले सहाना के मायके की घंटी घनघना उठती है। काफी देर के बाद उधर से फोन उठता है और सामने से उन्हें बताया जाता है कि सहाना अब इस दुनिया में नहीं रहीं। वो अपने कमरे में मृत पाई गईं।

मॉडल और एक्ट्रेस सहाना का शव उनके फ्लैट में खिड़की के ग्रिल से लटका मिला। ये वही दिन था, जब सहाना ने अपना 21वाँ जन्मदिन मनाया। लेकिन किसे पता था कि उनका 21वाँ साल उनकी जिंदगी का अंतिम साल होगा।

पेशे से मॉडल और एक्ट्रेस सहाना अपने शौहर के सज्जाद के साथ कोझिकोड के परंबिल बाजार में किराए के फ्लैट में रहती थीं। गुरुवार को रात के करीब 11 बजे उनके शव को उनके फ्लैट से बरामद किया गया। इस मामले में उनके परिवार ने सहाना के शौहर सज्जाद पर हत्या का आरोप लगाया है। दोनों का निकाह करीब डेढ़ साल पहले हुआ था। बहरहाल इस आरोप के बाद पुलिस ने शुक्रवार (13 मई 2022) को शहाना के शौहर को हिरासत में ले लिया है।

सहाना की अम्मी रोते हुए कहती हैं कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती, उसकी हत्या की गई है। वो हमेशा (सहाना) रोते हुए कहा करती थी कि वो (सज्जाद) शराब पीकर आता है औऱ नशे में धुत होकर प्रताड़ित किया करता था। उसकी अम्मी बताती हैं कि सहाना के शौहर के परिवार के लोग भी उसे प्रताड़ित करते थे, जिसके बाद मैंने उसे अलग रहने का सुझाव दिया था। हालाँकि, ये प्रताड़ना कम नहीं हुई। सहाना ने अपनी अम्मी को बताया था कि वो उससे पैसे माँगता था। जो सोने के गहने हमने दी थीं, वो खत्म हो चुकी है। वह अपने जन्मदिन पर हमसे मिलना चाहती थी। सहाना की अम्मी ने ये आरोप लगाया कि सज्जाद सहाना को अपने परिवार को देखने या उन्हें घर में आमंत्रित नहीं करने देगा।

ऐसे घटना का हुआ खुलासा

सहाना जिस फ्लैट में रहती थीं, उसके मकान मालिक उसके पड़ोसी भी थे। उन्हें ही सबसे पहले कुछ गलत होने का आभास उस वक्त हुआ जब उन्होंने सज्जाद को ये कहकर चिल्लाते हुए सुना कि सहाना कोई जबाव नहीं दे रही है। सहाना के मकान मालिक ने ही मीडिया वन को बताया कि उन्होंने देखा था कि सहाना उसकी गोद में लेटी हुई है। उन्होंने ने ही पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस सहाना को मेडिकल कॉलेज लेकर गई।

गौरतलब है कि सहाना ने कई सारे ज्वैलरी के विज्ञापन किए थे। करीब डेढ़ साल पहले सज्जाद से उसका निकाह हुआ था। निकाह के पहले सज्जाद कतर में काम करता था, लेकिन बाद में वो वहाँ काम छोड़कर चला आया और घर में रहने लगा। एसीपी के सुदर्शन के मुताबिक, “उसने एक फिल्म में काम किया था, जिसके लिए उसे हाल ही में कुछ पैसे भी मिले थे। इसी को लेकर दोनों में अक्सर लड़ाईयाँ होती थी। कल उसका जन्मदिन था, लेकिन वह देर से आया। सहाना के शौहर का एक औऱ तर्क था कि उसने उसे बाथरूम के अंदर मृत पाया।” पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जाँच की जा रही है।

NDTV का दावा- कॉन्ग्रेस के ‘एक परिवार, एक टिकट’ नियम से गाँधी परिवार को छूट, फेक न्यूज़ बताते हुए टूट पड़े कॉन्ग्रेसी, जानिए क्या है सच

कॉन्ग्रेस खुद में जान फूँकने के लिए बैठकें कर रही है। इस बीच NDTV ने शुक्रवार (13 मई 2022) को ट्वीट कर दावा किया है कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी खुद को री-लॉन्च करने की कोशिश में ‘एक परिवार, एक टिकट’ के स्टैंडर्ड पर सहमत हो गई है। हालाँकि, इस नियम से गाँधी परिवार को बाहर रखा गया है।

एनडीटीवी की 13 मई को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है ‘कॉन्ग्रेस क्लियर्स की रिफॉर्म विद लूपहोल फॉर गाँधीज़: 10 पॉइंट्स’ शीर्षक वाली खबर में इस बात का जिक्र किया गया है कि शुक्रवार से राजस्थान के उदयपुर में शुरू हो रहे तीन दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ में कॉन्ग्रेस ने इस बात पर सहमति व्यक्त की है कि पार्टी अब ‘एक परिवार, एक टिकट’ नियम को लागू करेगी, जिससे गाँधी परिवार को छूट मिलेगी।

फोटो साभार: एनडीटीवी

एनडीटीवी की रिपोर्ट कहती है कि ये वो नियम है, जिसके लागू होने से एक परिवार के एक से अधिक लोगों के चुनाव लड़ने पर बैन लग जाएगा। लेकिन, इसको लेकर कॉन्ग्रेस ये संकेत दे चुकी है कि इस नियम से गाँधी परिवार- सोनिया गाँधी और उनके बच्चे राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा बचे रहेंगे।

रिपोर्ट में कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन के कोट का हवाला देते हुए कहा गया है कि क्या गाँधी को इससे छूट दी गई है। इसमें कहा गया, “इस नियम पर सभी एकमत हैं। अगर परिवार का कोई सदस्य अभी चुनाव लड़ना चाहता है तो उसे अगले पाँच साल तक एक्टिव रहना चाहिए। वे बीते पाँच साल से सक्रिय हैं। प्रियंका गाँधी ने 2018 में पार्टी के लिए औपचारिक रूप से काम करना शुरू किया था।”

फोटो साभार: एनडीटीवी

मीडिया आउटलेट आखिरकार इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि जो नियम तीनों गाँधियों को चुनाव लड़ने की इजाजत देता है, इससे एक लूप होल का पता चलता है। इससे आलोचकों को भी एक मौका मिलेगा कि जब पार्टी में बड़े सुधार की जरूरत है, उस वक्त में भी कॉन्ग्रेस एक प्रकार का कॉस्मेटिक बदलाव कर रही है।

बस फिर क्या था, NDTV के ट्वीट करते ही कॉन्ग्रेस और उसके वफादारों ने एनडीटीवी के खिलाफ ट्विटर फ्रंट खोलते हुए उस पर फेक न्यूज फैलाने का आरोप लगाया। कॉन्ग्रेस की यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने सफाई पेश की कि पार्टी में ये नियम सभी के लिए एप्लीकेबल हैं, न कि केवल गाँधी फैमिली के लिए। कॉन्ग्रेस नेता ने ट्वीट किया, “फेक न्यूज अलर्ट। एक ही परिवार का दूसरा सदस्य पार्टी टिकट के लिए तभी योग्य माना जाएगा, जब उसने उसने पार्टी और संगठन के लिए लगातार पाँच साल तक काम किया हो। यह नियम पार्टी में सभी पर लागू होता है।”

इसी क्रम में खुद को कॉन्ग्रेसी फैन बताने वाले ट्विटर हैंडल @bole_bharatने NDTV को ‘प्रोपेगैंडा फैक्ट्री’ करार दे दिया। उसने ट्वीट किया, “एनडीटीवी – द प्रोपेगैंडा फैक्ट्री। कॉन्ग्रेस नेता @ajaymaken ने ‘एक परिवार एक टिकट’ नियम के बारे में गाँधी परिवार के बारे में कुछ भी नहीं बताया। नियम सभी पर लागू होता है।”

कॉन्ग्रेस के कई अन्य वफादारों ने भी इसी को फॉलो किया और फेक न्यूज फैलाने के लिए ट्विटर पर आ गए।

उल्लेखनीय है कि कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने मीडिया को संबोधित किया, लेकिन इस दौरान उन्होंने एक भी बार गाँधी परिवार का नाम नहीं लिया और यह नियम पार्टी में सभी पर लागू होता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडियो में करीब 11.30 मिनट पर AICC के महासचिव अजय माकन को ये कहते देखा गया कि चिंतन शिविर ‘एक परिवार एक टिकट’ के मानदंड को लागू करना चाहता है। एक परिवार का दूसरा सदस्य पार्टी के टिकट के लिए तभी योग्य माना जाएगा जब उसने पार्टी के लिए पाँच साल तक काम किया हो।

हालाँकि, ये सत्य है कि माकन ने एक बार भी गाँधी परिवार का नाम नहीं लिया, लेकिन यह नियम तकनीकी रूप से तीनों गाँधी वंशजों को इस रेस में शामिल करता है। इसके अलावा ये नियम पार्टी के सभी लोगों पर भी लागू होता है। ऐसे में ये स्पष्ट है कि एनडीटीवी की जानकारी जरुरी तथ्यों पर फोकस करती है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को उदयपुर में कॉन्ग्रेस का तीन दिन का चिंतन शिविर शुरू हुआ। पार्टी ने घोषणा की कि संगठन में ‘बड़े बदलाव’ आ रहे हैं, जिसमें सभी स्तरों पर 50 से कम उम्र के व्यक्तियों के लिए 50% प्रतिनिधित्व शामिल है, जिसकी शुरुआत कॉन्ग्रेस कार्य समिति से हुई है। माकन के मुताबिक, इस बदलाव का उद्देश्य पार्टी के काम करने की तरीकों में बदलाव करना है।

अवैध मजार-दरगाहों पर प्रशासन से बुलडोजर चलाने की माँग: अलीगढ़ में हिंदूवादी संगठनों ने बनाई लिस्ट, कानून बनाने की अपील

अवैध मजारों को रातों-रात बनाकर अतिक्रमण करने और संदिग्ध गतिविधियाँ संचालित करने की देश से आ रही खबरों को लेकर लोग सचेत होने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में अब अवैध मजारों और दरगाहों के खिलाफ आवाज उठने लगी है। अलीगढ़ में हिंदूवादी संगठनों ने ऐसे अवैध निर्माणों को तुरंत हटाने की प्रशासन से अपील की है। इसके साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

ओमवीर सिंह ने हिंदूवादी संगठन के लोगों के साथ इस मामले को लेकर प्रशासन सहित मंत्रियों को ज्ञापन दिया है। प्रशासन को दिए गए ज्ञापन में ओमवीर सिंह ने कहा है, “आजकल सड़कों के किनारे और सार्वजनिक भूमि पर अवैध मजार एवं दरगाहों का निर्माण दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है, जो कि एक सुनियोजित षडयंत्र प्रतीत होता है।” उन्होंने कहा कि जहाँ साल भर पहले तक कुछ नहीं होता वहाँ कब्र दिखाई देने लगता है। उसके बाद उसका विस्तार करके मजार बना दिया जाता है।

ओमवीर सिंह ने सरकार से इस पर कानून बनाने की माँग की, ताकि बिना अनुमति के इस तरह के निर्माण को रोका जा सके। इस संबंध में उन्होने राज्यपाल के नाम पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को ज्ञापन सौंपा। उस दौरान राजस्व मंत्री अनूप प्रधान और सांसद सतीश गौतम की मौजूद थे। इस मामले में अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश गौतम (Satish Gautam) ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलेगा, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

खबर इंडिया टीवी डॉट इन के अनुसार, सांसद गौतम ने कहा, “प्रशासन की मदद से ऐसे स्थानों को चिन्हित कराया जाएगा और PWD के अधिकारियों से जाँच कराई जाएगी। ऐसी सभी जगहों पर बुलडोजर चलवाया जाएगा, जो अवैध हैं चाहे वह इमारत किसी बिल्डर की हो या फिर वह मजार या दरगाह ही क्यों न हो। योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditynath) के प्रदेश में हर काम संविधान के तहत होगा।”

दरअसल, अलीगढ़ के टप्पल के हेतलपुर गाँव के निवासी ओमवीर सिंह ने ऐसे कई मजार और दरगाहों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कस्बा टप्पल में अलीगढ़-पलवल रोड किनारे आदमपुर मार्ग के सामने बनी मजार, अलीगढ़-पलवल मार्ग पर अटारी रोड के पास बनी मजार, अलीगढ़-पलवल रोड पर खैर कस्बा के कोल्डस्टोर के समीप बनी मजार, नूरपुर रोड पर बनी मजार, गढ़ी सूरजमल रोड पर यमुना एक्सप्रेसवे पर बनी मजार आदि ऐसे कई निर्माण हैं, जो पूरी तरह अवैध हैं। उन्होंने कहा कि रोड किनारे बने अवैध मजारों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं।

बता दें कि अवैध मजारों एवं दरगाहों का निर्माण सिर्फ अलीगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की समस्या है। दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा ने राजधानी क्षेत्र में 54 ऐसी सरकारी जमीनों की लिस्ट उपराज्यपाल को सौंपी है, जिन पर अवैध रूप से मस्जिद और कब्रिस्तान बनाए गए।

उत्तराखंड के देहरादून के पॉश इलाके में बनी एक मजार है। वहाँ के लोगों का दावा है कि यह मजार अवैध है। मजार पर खादिम का काम करने वाला शख्स नशा करने का आदी बताया जा रहा है। वहीं, उसने वहीं, अंडे बेचने का काम भी शुरू किया था।

पिछले साल लॉकडाउन के दौरान पृथ्वीराज चौहान के ‘किला राय पिथौरा’ के पास भी मुस्लिमों द्वारा अवैध मजार बनवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद लोग आक्रोशित हो गए थे और मजार को तुरंत ध्वस्त करने की माँग की थी। इसी तरह छत्रपति शिवाजी के लोहागढ़ किले पर मजार का मामला भी सामने आया था।

इसी तरह फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में पंचायत भवन की जमीन पर बने एक अवैध मजार से सेक्स और स्त्रियों को वश में करने सहित कई तरह की दवाएँ बरामद हुई थीं। स्थानीय लोगों के पास शिकायत थी कि मजार के टॉयलेट में हिन्दू-देवी देवताओं की तस्वीरें लगी हैं। जब लोग वहाँ पहुँचे तो उन्हें नशीली सेक्सवर्धक दवाओं के साथ, इस्लामी किताबें और कई आपत्तिजनक वस्तुएँ बरामद हुई थीं।

इसी तरह, गुजरात में सूरत (Gujarat, Surat) के सिविल अस्पताल में एक अवैध मजार बनाकर अतिक्रमण करने की कोशिश की गई है। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पत्र लिखकर परिसर में स्थित इस अवैध मजार को हटाने का अनुरोध किया है। मजार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

पंजाब के मोहाली ब्लास्ट में ISI का हाथ: मास्टरमाइंड ‘लांडा’ बैठा है कनाडा में, पुलिस की नजर अब बिहार के नसीफ-सरफराज पर

पंजाब के मोहाली में इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर की बिल्डिंग में किए गए ब्लास्ट मामले में मास्टरमाइंड का पता चल गया है। पंजाब पुलिस के अनुसार, इस पूरे हमले की साजिश रचने वाला लखबीर सिंह लांडा है। इससे पहले इस केस में पाकिस्तान में रहने वाले हरविंदर सिंह रिंडा को मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर देखा जा रहा था। हालाँकि अब पुलिस ने बताया है कि मास्टरमाइंड लखबीर सिंह है जो कि हरविंदर सिंह रिंडा का करीबी है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पंजाब डीजीपी ने गिरफ्तारी संबंधी जानकारी के साथ बताया, “मुख्य साजिशकर्ता लखबीर सिंह लांडा है। वह तरनतारन का रहने वाला है। वह गैंगस्टर है और कनाडा में 2017 से रह रहा है। वह आईएसआई के नजदीकी हरविंदर सिंह रिंडा का करीबी है।… हम देख सकते हैं कि ये सब बब्बर खालसा इंटरनेशनल व गैंगस्टर ने आईएसआई के साथ मिल कर किया है। लांडा का मुख्य साथी निशान सिंह है जो तरनतारन का निवासी है। उसे फरीदकोट पुलिस ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार कर लिया है।”

डीजीपी ने बताया, “निशान सिंह ने दो आरोपितों को अपने घर में और अपने जानने वालों के घर में जगह दी हुई थी।” पुलिस ने जानकारी दी कि निशान सिंह के दो साथी भी इन सबमें शामिल थे। वह भी तरनतारन के हैं। इनके पास से पुलिस को एके-47 मिली है। इसके अलावा पुलिस को आरपीजी भी हैंडओवर किया गया है।”

मोहाली ब्लास्ट केस में 6 गिरफ्तार, 1 महिला भी

गौरतलब है कि इस मामले में अब तक 6 गिरफ्तारियाँ हुई हैं। इनके नाम कंवर बाथ, बलजीत कौर, बलजीत रैंबो, आनंददीप सोनू, जगदीप कांग, निशांत सिंह हैं। इनके अलावा दो और संदिग्धों पर पुलिस ने लगातार नजर बनाई हुई है। ये बिहार के मोहम्मद नसीम आलम और सरफराज हैं।

मोहाली ब्लास्ट

बता दें कि पिछले हफ्ते मोहाली के सेक्टर 77 में पंजाब पुलिस की इंटेलीजेंस विंग की हाई सिक्योरिटी वाली बिल्डिंग में आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) से हमला किया गया था। हालाँकि, अच्छी बात ये थी कि इसमें धमाका ही नहीं हुआ, जिससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ। ग्रेनेड इमारत की तीसरी मंजिल पर गिरा। इससे काँच के दरवाजे जरूर टूट गए थे। 

महेश बाबू के सपोर्ट में उतरीं कंगना रनौत, कहा- ‘तेलुगू फिल्मों से सीखने के लिए काफी कुछ, बॉलीवुड उन्हें अफॉर्ड नहीं करता सकता’

साउथ सुपरस्टार महेश बाबू (Mahesh Babu) बॉलीवुड को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बाद से ​चर्चा में हैं। हालाँकि, इसको लेकर वह अपनी सफाई भी दे चुके हैं। बीते दिनों ‘प्रिंस’ महेश बाबू ने तीखा जवाब देते हुए कहा था, “बॉलीवुड उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकता है, इसलिए वह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में फिल्में करने में अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे।” इस बयान के बाद जहाँ कुछ लोगों ने उनकी आलोचना की थी, वहीं कुछ लोग उनका सपोर्ट भी कर रहे हैं। सपोर्ट करने वालों में अभिनेत्री कंगना रनौत भी शामिल हैं।

कंगना से गुरुवार (12 मई 2022) को उनकी अपकमिंग फिल्म ‘धाकड़’ के सेकंड ट्रेलर इवेंट के दौरान महेश बाबू के मुद्दे पर सवाल किया गया। इसके जवाब में एक्ट्रेस बोलीं, “महेश बाबू सही थे कि बॉलीवुड उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकता। मैं उनसे सहमत हूँ। मैं जानती हूँ कि कई फिल्ममेकर्स ने उन्हें अपनी फिल्मों के लिए अप्रोच किया है।”

‘थलाइवी’ फिल्म की अभिनेत्री यहीं नहीं रुकती हैं। वह आगे कहती हैं, “महेश बाबू की जनरेशन ने अपने बलबूते पर तेलुगू इंडस्ट्री को भारत की नंबर बन इंडस्ट्री बनाया है। अब बॉलीवुड तो यकीनन उन्हें अफॉर्ड नहीं कर सकता। मुझे नहीं पता क्यों इस बात का इतना बड़ा विवाद बना दिया गया है। मैं नहीं जानती किस सेंस में महेश बाबू ने ये बयान दिया, लेकिन मैं और कई लोग अक्सर मजाक करते हैं कि हॉलीवुड हमें अफॉर्ड नहीं कर सकता।”

एक्ट्रेस ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “मुझे नहीं लगता कि छोटी छोटी बातों पर कॉन्ट्रोवर्सी होनी चाहिए।” धाकड़ गर्ल ने यह भी कहा, “महेश बाबू ने अपनी इंडस्ट्री की तरफ ढेर सारी इज्जत दिखाई है और हम इस बात को नकार नहीं सकते कि तेलुगू फिल्में पिछले 10-15 सालों में काफी ऊँची उठी हैं। यहाँ तक कि उन्होंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्हें सब कुछ थाली में परोसकर नहीं मिला। हमारे पास उनसे (तेलुगू फिल्म इंडस्ट्री) सीखने के लिए काफी कुछ है।”

महेश बाबू ने हाल ही में अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था, “मेरे बयान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। मैं सभी इंडस्ट्री और भाषाओं का सम्मान करता हूँ, लेकिन मुझे अपने जीवन में जो स्टारडम और इज्जत यहाँ (साउथ) से मिली है, वो बहुत बड़ी बात है। इसलिए मैं अपनी इंडस्ट्री को छोड़कर किसी दूसरी इंडस्ट्री का हिस्सा बनने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूँ।” मुकेश भट्ट, राम गोपाल वर्मा, सुनील शेट्टी सहित कई लोगों ने उनके कमेंट पर अपना रिएक्शन दिया था।

बता दें कि एक्ट्रेस की सोशल मीडिया पर लाखों में फैन-फॉलोइंग है। कंगना की फिल्म धाकड़ की बात करें तो इसमें अर्जुन रामपाल और उनके अलावा दिव्या दत्ता भी अहम रोल में हैं। रजनीश घई के डायरेक्शन में बनने वाली फिल्म 20 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।

‘हिंदी बोलने वाले पानीपुरी बेचते हैं’: तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा- अंग्रेजी ज्यादा मूल्यवान, दूसरी भाषा सीखने की क्या जरूरत?

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के एमके स्टालिन सरकार (MK Stalin Government) में उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी (Higher Education Minister Ponmudy) ने हिन्दी भाषा (Hindi Language) और उसे बोलने वालों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदी बोलने वाले लोग पानीपुरी बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाषा के रूप में हिन्दी की तुलना में अंग्रेजी अधिक मूल्यवान है। हिन्दी को वैकल्पिक होना चाहिए न कि अनिवार्य।

हिंदी को लेकर छिड़े विवाद के बीच पोनमुडी ने कोयंबटूर के भारथिअर विश्वविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में बोलते हुए शुक्रवार (13 मई 2022) को उन्होंने कहा कि भाषा के रूप में अंग्रेजी हिन्दी के अधिक मूल्यवान है। उन्होंने कहा कि हिंदी बोलने वाले लोग छोटी-मोटी नौकरी में लगे हुए हैं। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि हिंदी बोलने वाले लोग कोयंबटूर में पानीपुरी बेच रहे हैं। 

अंग्रेजी को अंतरराष्ट्रीय भाषा बताते हुए पोनमुडी ने कहा, “बहुत से लोग कहते हैं कि अगर आप हिंदी पढ़ते हैं तो आपको नौकरी मिलेगी। क्या ऐसा है? आप कोयंबटूर या कहीं जाकर देख सकते हैं कि जो पानीपुरी बेच रहा है वे सभी हिंदी बोलते हैं?” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु देश में शिक्षा के मामले में सबसे आगे है और तमिल छात्र किसी भी भाषा को सीखने के लिए तैयार हैं, लेकिन हिंदी वैकल्पिक भाषा होनी चाहिए।

पोनमुडी ने आगे कहा, “दूसरी भाषा की जरूरत क्या है?” अंग्रेजी और हिंदी की तुलना करते हुए उन्होंने कहा, “एक व्यक्ति दो दरवाजे बनाता है। एक बड़ा दरवाजा और दूसरा छोटा। पूछने पर वह कहता है कि बड़ा दरवाजा बिल्ली के लिए है और छोटा एक चूहे के लिए है… लेकिन सवाल है- जब बिल्ली के लिए पहले से ही दरवाजा बना हुआ है, जिससे चूहा भी जा सकता है, तो दूसरा क्यों…?”

पोनमुडी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के महत्वपूर्ण पहलुओं को लागू करेगी और राज्य सरकार केवल द्विभाषा प्रणाली लागू करने के लिए दृढ़संकल्प है। हिंदी को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि हिंदी क्यों सीखनी चाहिए, जबकि अंग्रेजी एक अंतरराष्ट्रीय भाषा है और उसे पहले से ही सिखाई जा रही है।

बता दें कि पोनमुडी के बयान मुख्यमंत्री द्वारा एमके स्टालिन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना को लिखे पत्र के बाद आया है। सीएम स्टालिन ने अपने पत्र में माँग की है कि तमिल को मद्रास उच्च न्यायालय की आधिकारिक भाषा बनाया जाए। उन्होंने राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालयों के मामलों का हवाला दिया, जहाँ अंग्रेजी के अलावा हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अधिकृत किया गया है।

बहन के प्रेमी मिथुन ठाकुर की निर्मम हत्या करने वाले साकिर को गुजरात पुलिस ने किया गिरफ्तार, आत्महत्या की कोशिश करने वाली सुमैया की बची जान

गुजरात (Gujrata) के राजकोट में हिंदू युवक मिथुन ठाकुर (Mithun Thakur) की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या करने वाले साकिर कादिवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना को लेकर राजकोट के डीसीपी (जोन- I) प्रवीण कुमार (Pravin Kumar, DCP) ने कहा, “हमें पता चला कि मिथुन ठाकुर को उसकी प्रेमिका सुमैया कादिवार के भाई साकिर ने पीट-पीट कर मार डाला था। वहीं आरोपित की बहन ने आत्महत्या का प्रयास किया था। अब उसकी हालत स्थिर है।” समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस ने आरोपित साकिर को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 22 वर्षीय मिथुन ठाकुर बिहार के रहने वाले थे। वह एक स्थानीय कारखाने में काम करते थे। ठाकुर पिछले कुछ महीनों से 18 वर्षीय लड़की सुमैया कादिवार के साथ रिश्ते में थे। वे जंगलेश्वर मेन रोड स्थित राधा कृष्ण सोसाइटी में एक ही मोहल्ले में रहते थे। इसी दौरान दोनों नजदीक आए और दोनों को प्यार हो गया। उन्होंने शादी करने का फैसला भी लिया था।

बताया जा रहा है कि सोमवार (9 मई 2022) को मिथुन ठाकुर ने सुबह करीब 10 बजे सुमैया को उसके मोबाइल फोन पर कॉल किया, तभी उसके भाई साकिर ने फोन उठाया। उसने फोन पर ठाकुर को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और कहा कि वह उसकी बहन सुमैया से दूर रहे।

धमकी देने के बाद साकिर अपने साथ तीन और लोगों को लेकर मिथुन के घर पहुँचा और उसको बेरहमी से पीटा। पड़ोसियों में से एक ने उसे घर में बेहोश पड़ा देखा, तो वे उसे राजकोट सिविल अस्पताल ले गए। जहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए और ब्रेन हेमरेज के कारण अहमदाबाद रेफर कर दिया गया। ठाकुर ने बुधवार (11 मई 2022) को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया।

वहीं सुमैया को जब ठाकुर की मौत की जानकारी हुई तो उसने भी अपनी कलाई काट कर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिसके बाद उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी जान बच गई।

बता दें कि सुमैया के अम्मी-अब्बू का तलाक हो चुका है। उनकी अम्मी भी एक निजी कंपनी में मजदूरी करती हैं। मिथुन ठाकुर और उनके पिता बिपिन राजकोट में रहते थे और एक कारखाने में काम करते थे।