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टीचर के रूप में CPM नेता ने 30 सालों तक 9 से 12 साल वाली 50+ छात्राओं का किया रेप, शोषण: 3 बार रह चुका है पार्षद

केरल के मलप्पुरम जिले (Malappuram, Kerala) में लगभग 30 वर्षों में अपने स्कूल के 50 से अधिक छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोप में पूर्व स्कूली शिक्षक और CPM नेता केवी शशिकुमार को शुक्रवार (13 मई 2022) को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घटना की जाँच के आदेश दिए गए हैं।

स्कूल की अलुमनाई एसोसिएशन की सदस्य और वकील बीना पिल्लई का कहना है कि शशिकुमार ने शिक्षक के रूप में कार्य करने की दौरान कई लड़कियों से छेड़छाड़ और यौन शोषण किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शशिकुमार ने दर्जनों लड़कियों के का रेप किया है। इन लड़कियों की उस समय उम्र 9 साल से 12 साल थी।

पिल्लई ने आरोप लगाया कि जब भी लड़कियाँ स्कूल प्रबंधन से इसकी शिकायत करती थीं तो वे कहते थे कि शिक्षक के साथ फ्लर्ट मत करो। पिल्लई ने कहा कि शशिकुमार से जुड़े गंभीर यौन उत्पीड़न के कई मामले हैं। उनकी यौन हिंसा की शिकार दो लड़कियाँ आत्महत्या करने की कगार पर थीं और एक लड़की को उन्होंने छाती पर इतनी बुरी तरह से काटा का उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

शशिकुमार वर्तमान में वह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के नेता और मलप्पुरम नगरपालिका परिषद के सदस्य हैं। घटना सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने जाँच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही लोक शिक्षा निदेशालय के निदेशक से स्कूल प्रबंधन से संबंधित खामियों पर जल्द से जल्द रिपोर्ट माँगी है।

मलप्पुरम महिला थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद शशिकुमार फरार हो गया था। पुलिस ने लगभग एक सप्ताह बाद उसे गिरफ्तार किया है। शशिकुमार पर आरोप है कि मलप्पुरम के सेंट जेम्मस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक रहने के दौरान उसने 60 से अधिक छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की थी। 50 छात्राओं ने उसके खिलाफ थाने में शिकायत दी थी।

शशिकुमार तीन बार मलप्पुरम नगर पार्षद रह चुके हैं। वे इसी साल मार्च में स्कूल से सेवानिवृत्त हुए। शशिकुमार पर #MeToo का सबसे पहला आरोप स्कूल की एक पूर्व छात्रा ने लगाया। दरअसल, शशिकुमार ने स्कूल से रिटायर होने से संबंधित फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें उन्होंने खुद को एक आदर्श शिक्षक बताया था। इस पर कमेंट करते हुए छात्रा ने यह आरोप लगाया था। उसके बाद कई छात्राओं ने आरोप लगाते हुए उन्हें ‘पीडोफाइल’ (बच्चों से सेक्स करने वाला मानसिक विक्षिप्त) बताया।

इसके बाद कई छात्राएँ सामने आईं और उन्होंने शशिकुमार पर अपने साथ भी छेड़छाड़ का आरोप लगाया। शोषण का आरोप लगाने वाली छात्राओं की बढ़ती संख्या के बाद उन पर दबाव बढ़ता गया और उन्होंने नगरपालिका के पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया।

स्कूल की अलुमनाई एसोसिएशन के अनुसार, साल 2019 में कुछ छात्राओं ने शशिकुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने के बाद एसोसिएशन ने मलप्पुरम के SP से संपर्क किया था।

इन घटनाओं के सामने आने के बाद माकपा शाखा समिति के सदस्य रहे शशिकुमार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गए थे। हालाँकि पुलिस ने उन्हें अंतत: गिरफ्तार कर लिया।

भोजशाला के अंदर नमाज की अनुमति, मार्तंड सूर्य मंदिर में हवन-पूजा गलत… दोनों फैसले ASI के: नमाज के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में धार स्थित भोजशाला में नमाज़ पर रोक की माँग वाली याचिका पर सुनवाई होगी। यह याचिका ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ नाम के संगठन ने दायर की है। इसी मामले में हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश राज्य सरकार, केंद्र सरकार और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI: Archaeological Survey Of India) को नोटिस जारी किया है।

यह याचिका ASI के डायरेक्टर जनरल द्वारा 7 अप्रैल 2003 को भोजशाला मामले में दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई है। उस आदेश में भोजशाला के अंदर मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी गई थी।

धार जिले की इस भोजशाला को मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी में बनी ‘कमाल मौला मस्जिद’ बताता है। वहीं हिन्दू पक्ष इसको सनातन धर्म से जुड़ी धरोहर कहता है। हिन्दू पक्ष ने हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसमें मूल तर्क दिया गया है:

“भोजशाला के नाम पर बना एक भव्य हिन्दू मंदिर इस्लामी शासकों द्वारा सन 1305, 1401 और 1514 ईसवी में ध्वस्त किया गया था। लेकिन इसके बाद भी वो हिन्दुओं की भावनाओं को नहीं दबा पाए। तब से अब तक हिन्दू यहाँ अपनी आस्था के चलते पूजा करते आ रहे हैं। हर साल यहाँ बसंत उत्सव भी मनाया जाता है।”

हिन्दू संगठन ने अपनी माँग में भोजशाला के अंदर देवी सरस्वती प्रतिमा की स्थापना और अंदर बने रंगीन चित्रों की जाँच की माँग की। इसी के साथ केंद्र सरकार से भोजशाला में बनी कलाकृतियों और मूर्तियों की रेडियो कार्बन डेटिंग करवाने की भी गुजारिश की है। इसी याचिका में आगे कहा गया:

“मंदिर तोड़े जाने के बाद अब तक उसी रूप में बने रहना श्रद्धालुओं की आस्थाओं पर आघात है। ऐसा होने से हिन्दू समाज अपने पूजा स्थल से आध्यात्मिक शक्ति नहीं हासिल कर पा रहा है। भोजशाला का वर्तमान स्वरुप हर दिन श्रद्धालुओं को चिढ़ाने के समान है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 के साथ 13 (1) धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए हैं। आक्रमणकरियों के समय से चली आ रही गलती को अब सुधारा जाना चाहिए।”

इस याचिका की सुनवाई जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस अमर नाथ केसरवानी ने की। उन्होंने इस याचिका को मेरिट के आधार पर सुनवाई लायक पाया। इसी के साथ उन्होंने पाया कि इसी मामले में कुछ अन्य याचिकाएँ भी उनके पास पहले से ही पेंडिंग थीं।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता के वकील द्वारा कुछ और दस्तावेज अपने दावों की पुष्टि के लिए दाखिल करने का दावा किया गया है, जो रिट में मौजूद नहीं है। इस मामले में पहले से ही W.PNo.(s) 6514/2013, 1089/2016 और 28334/2019 अदालत में पेंडिंग है। यह केस जनहित याचिका के तौर पर दाखिल करने योग्य है। अतः नोटिस जारी की जाए।”

ASI के लिए हवन-पूजा गलत

कुछ दिन पहले 8वीं शताब्दी के मार्तंड सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना करके श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के नारे लगाए। इसके बाद प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी नवग्रह अष्टमंगलम हवन व पूजा में सम्मिलित हुए। इस पूजा अर्चना को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने नियमों का उल्लंघन बताया है। साथ ही गवर्नर द्वारा इस मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जहिर की है।

एएसआई अधिकारियों ने तब कहा कि नियमानुसार राज्यपाल को एएसआई द्वारा संरक्षित स्थान पर पूजा अर्चना करने से पहले मंजूरी लेनी चाहिए थी। एएसआई का कहना है कि भले ही पूजा मंदिर के बाहर की गई मगर तब भी ये नियमों का उल्लंघन है।

SRK की बेटी, अमिताभ बच्चन के नाती, श्रीदेवी की छोटी बेटी… सबको लॉन्च करेगी फरहान अख्तर की बहन: Netflix पर आएगी फिल्म

ज़ोया अख्तर अपनी अगली फिल्म ‘The Archies’ से सुहाना खान (शाहरुख़ खान की बेटी), अगस्त्य नंदा (अमिताभ बच्चन के नाती) और ख़ुशी कपूर (दिवंगत श्रीदेवी की छोटी बेटी) को लॉन्च करेंगी। इस फिल्म को Netflix पर रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म में मिहिर आहूजा, युवराज मेंडा और वेदांग रैना जैसे नए कलाकार भी होंगे। ज़ोया अख्तर खुद जावेद अख्तर की बेटी और फरहान अख्तर की बहन हैं। फिल्म में भर कर ‘नेपोटिज्म’ के आरोप लग रहे हैं।

ज़ोया अख्तर इस फिल्म में एक द्वीप की दुनिया को दिखा रही हैं, जहाँ ‘The Archies’ के अभिनेता-अभिनेत्री रह रहे होंगे और वहाँ एक-दूसरे के साथ उनके संबंधों और दुनिया से अलग संघर्षों को फिल्म में दिखाया जाएगा। साथ में ये सब कैसे मस्ती करते हैं, ये भी दिखेगा। फिल्म के अनाउंसमेंट वीडियो में अंकुर तिवारी का संगीत है, जिसे खासा कैची बनाया गया है। ब्लैक एन्ड व्हाइट में सभी एक्टर्स को और फिर उन्हें साथ में दिखाया जाता है।

बताया जा रहा है कि ये फिल्म 60 के दशक में सेट होगी, इसीलिए अभिनेता-अभिनेत्रियों के कॉस्ट्यूम और लुक्स भी उसी हिसाब से डिजाइन किए गए हैं। सभी के हेयरस्टाइल्स देख कर इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। युवाओं के संघर्ष, बगावत, मस्ती, ऊर्जा, पहला प्यार और मित्रता के संबंधों के अलावा इस फिल्म में उनके टीनएज से युवावस्था में आने के दौरान होने वाले परिवर्तनों को इस फिल्म में कवर किए जाने का दावा किया जा रहा है। गौरी खान ने भी अपनी बेटी की फ़िल्मी दुनिया में डेब्यू के लिए शुभकामनाएँ दी।

ज़ोया अख्तर ने लिखा, “ओल्ड स्कूल जैसा अच्छा कुछ भी नहीं है। है ना? अपने गैंग के साथ में रहिए, क्योंकि नेटफ्लिक्स इंडिया पर आर्चिज आ रहे हैं।” करण जौहर और अगस्त्य की बहन नव्या नवेली नंदा ने फिल्म के लिए शुभकामनाएँ दी। ज़ोया अख्तर इससे पहले ‘ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा (2011)’, ‘दिल धड़कने दो (2015)’ और ‘गल्ली बॉय (2019)’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुकी हैं। अमिताभ बच्चन ने भी एक्टिंग डेब्यू के लिए अगस्त्य को शुभकामनाएँ देते हुए लिखा था।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के तहखाने में 4 कमरे, 3 मुस्लिम और 1 हिंदू पक्ष के पास: आज का सर्वे पूरा, ओवैसी-चिदंबरम ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi, Uttar Pradesh) स्थित ज्ञानवापी विवादित ढाँचे (Gyanvapi Controversial Structure) के तहखाने में चार कमरे बताए जा रहे हैं, जिनमें तीन कमरे मुस्लिम पक्ष और एक कमरे हिंदू पक्ष के पास है। इन चारों कमरों के सर्वे के बाद पश्चिमी दीवार का सर्वे हुआ। इस तरह शनिवार को सर्वे का काम पूरा हो गया है।

इससे पहले खबर आई थी कि प्रशासन ने मस्जिद कमिटी से तहखानों की चाबी की माँग की थी, लेकिन उन्हें चाबी नहीं मिला था। हालाँकि, प्रशासन ने उसी समय स्पष्ट कर दिया था कि अगर चाबी नहीं मिली तो तालों को तोड़ दिया जाएगा। मुस्लिम पक्ष के तीनों कमरों में ताले लगे हुए थे, वहीं हिंदू पक्ष के कमरे में दरवाजे नहीं है। इसलिए चाबी की जरूरत नहीं पड़ी।

बता दें कि सर्वे की टीम में 52 लोग शामिल हैं। इनमें कोर्ट कमिश्नर से लेकर डॉक्टर तक शामिल हैं। वहीं, तहखानों में जहरीले साँपों को देखते हुए सपेरों को बुलाने की माँग की गई, लेकिन प्रशासन ने कहा कि CRPF का कैंप बगल में ही है, इसलिए इसकी जरूरत नहीं है। परिसर में गए सभी लोगों के मोबाइल बाहर ही रखवा लिए गए हैं। हालाँकि, इसी बीच एक साँप निकल आया, जिसके बाद विशेषज्ञ को बुलाया गया है।

तहखाने के तीन कमरों का सर्वे करने के बाद विवादित ढाँचे के पश्चिमी दीवार के सर्वे का काम शुरू हुआ है। वहीं, तहखाने के एक कमरे का सर्वे होना अभी बाकी है। अभी तक सर्वे का काम निर्बाध और शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। यह सर्वे सुबह 8 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 तक होना है।

सर्वे को देखते हुए शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं, काशी विश्वनाथ मंदिर से पहले ही करीब 800 मीटर की दूरी पर थाना चौक के पास सभी लोगों को रोक दिया गया है। वहाँ से आगे जाने की इजाजत किसी को नहीं दी गई है।

बता दें कि आज शनिवार (14 मई 2022) को फिर से सर्वे और वीडियोग्राफी का काम शुरू हो गया है। पिछली बार के हालातों को देखते हुए और कोर्ट के सख्त रूख के कारण सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं। सर्वे के लिए कमिश्नर अजय कुमार मिश्र (Ajay Kumar Mishra) के साथ विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह (Vishal Singh) और सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह (Ajay Pratap Singh) भी साथ हैं। हालाँकि, सर्वे में मुस्लिम पक्ष के वकील अभयनाथ यादव शामिल नहीं हुए।

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के सचिव यासीन सईद ने मुस्लिमों से सुबह ही शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है और कमेटी कानूनी कार्यवाही कर रही है। उन्होंने कहा कि आवाम सब्र से काम ले और शांति व्यवस्था बनाए रखें, क्योंकि विरोध करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

ओवैसी और चिदंबरम ने उठाया सवाल

इस बीच AIMIM के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के सर्वे को असंवैधानिक बताया। कानून का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि देश में कानून है कि 15 अगस्त 1947 को जो मंदिर, मस्जिद या चर्च जैसा था, वो वैसा ही रहेगा। उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।

वहीं, कॉन्ग्रेस के नेता और देश पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने भी कोर्ट की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पूजा स्थान में बदलाव से समाज में टकराव बढ़ेगा। इसीलिए नरसिम्हा राव की सरकार में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट लेकर कॉन्ग्रेस आई थी।

फरहान ने 100+ महिलाओं को लूटा (AIIMS वाली डॉक्टर से 15 लाख)… अनाथ-अविवाहित कह फँसाता था, 1 बेटी का है अब्बा

खुद को अविवाहित और अनाथ बता कर मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से महिलाओं से ठगी करने वाले आरोपित फरहान तासीर खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरहान पर अब तक 100 से अधिक महिलाओं को झाँसा देकर लाखों रुपए हड़पने का आरोप है। ये महिलाएँ देश के विभिन्न राज्यों की बताई जा रही हैं। इस गिरफ्तारी की जानकारी दक्षिण दिल्ली की DCP ने 13 मई 2022 (शुक्रवार) को दी है।

DCP बीएम जैकर के मुताबिक, “मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफ़ाइल बना कर महिलाओं से धोखाधड़ी करने वाले फरहान खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर लड़कियों से 13 से 15 लाख रुपए ठगी का आरोप है। फरहान की धोखाधड़ी की शिकार हुई अब तक 36 महिलाओं को चिन्हित किया जा चुका है।” आरोपित फरहान की उम्र 35 वर्ष बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने फरहान के पास से एक मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, वीआईपी नंबर वाली BMW कार, 9 एटीएम कार्ड और एक कलाई घड़ी बरामद किया है। उसकी गिरफ्तारी दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से हुई। वो मूल रूप से उड़ीसा के क्योंझर का रहने वाला है।

फरहान खान की गिरफ्तारी एम्स (AIIMS) में कार्यरत एक महिला डॉक्टर की शिकायत पर हुई है। महिला डॉक्टर ने शिकायत में कहा, “मैट्रिमोनियल साइट पर फरहान ने खुद को अनाथ और अविवाहित लिखा था। इसी के साथ उसने खुद को इंजनियरिंग और MBA की पढ़ाई करने के बाद बिजनेस करने वाला कहा था। अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए उसने मुझ से 15 लाख रुपए उधार माँगे थे।”

फरहान के निशाने पर हाई प्रोफ़ाइल महिलाएँ हुआ करती थीं। वो लगभग 6 माह से ऐसा करता आ रहा था। वो खुद को दुनिया में अकेला (अनाथ) बताता था, जिसके चलते अक्सर लड़कियाँ उसके झाँसे में आ जाया करती थीं। जबकि पुलिस के मुताबिक फरहान शादीशुदा है, जिसकी एक बेटी भी है।

फरहान तासीर खान के परिवार में पिता और एक बहन भी है। पैसे ऐंठने के बाद वो अपना संबंध उन लड़कियों से तोड़ लेता था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 18 दिनों तक लगातर प्रयास किया। इस पुलिस टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं।

पुलिस के मुतबिक फरहान मैट्रिमोनियल साइट्स पर कई अलग-अलग नामों से था। इस दौरान उसने UP, बिहार, दिल्ली, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक राज्य की महिलाओं से दोस्ती की। पुलिस उसके पीछे कोलकाता से लगी थी। उसकी गिरफ्तारी गुरुवार (12 मई 2022) को दिल्ली में पहाड़गंज के एक होटल से की गई।

फरहान तासीर खान के पास से बरामद कार उसके रिश्तेदार की निकली, जिस पर VIP नंबर दर्ज था। इस कार से वो लड़कियों को इम्प्रेस करने के लिए इसे अपनी बताया करता था। उसने महिलाओं को अपनी साल भर की कमाई 30 से 40 लाख रुपए के बीच बताई थी। फरहान आए दिन नए-नए शहरों में घूमता था और वहाँ से वीडियो कॉल कर के महिलाओं को दिखाया करता था। ऐसा वो खुद को बहुत बड़ा आदमी दिखाने के लिए करता था।

दिल्ली के मुंडका अग्निकांड में 27 लोगों की मौत, 25 अभी भी लापता: कंपनी के दोनों मालिक गिरफ्तार, बिल्डिंग मालिक फरार

देश की राजधानी दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में 13 मई 2022 (शुक्रवार) को लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इसी के साथ बिल्डिंग में चल रही कम्पनी के 2 मालिकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 27 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

आग में जले शवों की पहचान के लिए उनके DNA टेस्ट करवाए जाएँगे। आग से झुलसे 12 लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बचाव कार्यों के लिए फायर ब्रिगेड के साथ NDRF की टीमों को भी लगाया गया है। वहीं शासन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की गई है।

दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में लगी आग वाली घटना में 25 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कम्पनी के मालिकों हरीश गोयल और वरुण गोयल को गिरफ्तार किया गया है। बिल्डिंग मालिक मनीष लाकड़ा आग लगने के बाद से ही फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

इमारत के पहले फ्लोर पर CCTV कैमरे आदि का कारखाना था। इस घटना में सबसे अधिक मौतें दूसरे तल हुई हैं, जहाँ गोदाम बताया जा रहा है। जबकि तीसरी मंजिल पर प्रयोगशाला थी। फायर ब्रिगेड और NDRF इस बिल्डिंग में किसी और के फँसे होने की संभावना को देखते हुए सर्च अभियान चला रही है।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस हादसे में मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक हादसे में किसी भी बचावकर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिल्डिंग में अधिकतर महिला कर्मचारी काम करती थीं। आग लगने के बाद कई लोगों को शीशा तोड़ कर छत से नीचे कूदते देखा गया।

ऑटो ड्राइवर से ₹350 करोड़ का मालिक कैसे बना हत्यारा अशरफ?: डॉक्टर की दवाई का फॉर्मूला जानने के लिए महीनों टॉर्चर कर हत्या, शव को टुकड़ों में काटा

कर्नाटक के मैसुरु (Mysuru, Karnataka) के पारंपरिक चिकित्सक शबा शरीफ़ को बंधकर बनाकर रखने और उसकी हत्या करने के मुख्य आरोपी केरल (Kerala) निवासी शैबिन अशरफ को शातिर अपराधी बताया है। मूल रूप से वायनाड का करने वाले अशरफ ने पुलिस को बताया है कि उसके पास 350 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उसने जो पुलिस को बताया, उससे पुलिस के अधिकारी भी अचंभित हैं कि आखिर ट्रक पर खलासी का काम करने वाला व्यक्ति करोड़ों रुपए के मकान और इतनी संपत्ति का मालिक कैसे बन गया।

मलप्पुरम के SP सुजीत दास ने बताया कि अशरफ के कथनानुसार ये सारी संपत्ति उसने कुछ सालों में अर्जित की है। इसकी जाँच की जाएगी और उसके वित्तीय स्रोतों का पता लगाया जाएगा। पुलिस ने एक उसे एक शातिर बताया है।

ऑटो रिक्शा चालक से 350 करोड़ रुपए का मालिक

बता दें कि सुल्तान बथेरी के पास मैथनिकुन्नू के एक गरीब परिवार में जन्मा अशरफ ट्रक क्लीनर और एक ऑटोरिक्शा चालक के रूप में करता था। इसी दौरान उसकी अम्मी कमाने के लिे अरब चली गई। अपनी अम्मी के संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए वह भी अरब चला गया। उसके पास दौलत की बरसात होने लगी।

उसने अपने गाँव के लोगों को बताया कि अबू धाबी में वह अरब लोगों के साथ मिलकर डीजल का व्यापार करता था। इलाके में यह भी अफवाह है कि वह यमन के हूती विद्रोहियों को अवैध रूप से तेल की सप्लाई करता था। किसी मामले में उसे अबू धाबी में दो साल की जेल की सजा भी हो चुकी है।

साल 2015 में सुल्तान बथेरी के पुथनकुन्नू में उनके महलनुमा घर का निर्माण शुरू हुआ, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। उसने नीलांबुर में 2 करोड़ रुपए का घर खरीदा है। उसके पास एक से एक लक्जरी गाड़ियाँ हैं। कभी किराए के घर में रहने वाला 42 साल का यह शख्स ‘उद्योगपति’ कहलाने लगा।

स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने के लिए अशरफ ने कई युवाओं को खाड़ी देशों में जाने में मदद की। वह पैसे देकर कई लोगों का व्यापार भी शुरू करवाया। अपने गिरोह की मदद से उसने अदरक की खेती, कपड़ा और मछली बिक्री जैसे कई व्यवसायों में पैसे लगाए।

अबू धाबी में अपने सहयोगी की हत्या का आरोप

अशरफ का अबू धाबी में 35 साल हैरिस नाम का एक बिजनेस पार्टनर था। दोनों मिलकर काम करते थे। साल 2020 में हैरिस की हत्या हो गई थी। केरल के कोझीकोड के रहने वाले हैरिस के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत में अशरफ का हाथ हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशरफ से विवाद होने के बाद उसने हैरिस की हत्या की होगी।

हैरिस अबू धाबी के अपने फ्लैट में 5 मार्च 2020 को मृत पाया गया था। उसकी कलाई की नस कटी हुई थी। इसके अलावा, हैरिस की मैनेजर के रूप में काम करने वाली महिला भी मृत पाई गई थी। परिजनों ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले हैरिस ने उनसे कहा था कि वह एक हफ्ते में घर आएगा, लेकिन उसकी हत्या हो गई। परिजनों ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है।

इस मामले में पुलिस को मर्डर के 45 पेज के ब्लूप्रिंट का एक वीडियो भी मिला है। इसमें हत्या की साजिश को पूरी स्क्रिप्ट की तरह उकेरा गया है। इस वीडियो को उसका सहयोगी नौशाद ने फिल्माया था। इस साजिश को कुछ इस तरह से बुना गया था कि हैरिस का अपनी मैनेजर के साथ झगड़ा हो गया और उसने मैनेजर की हत्या करने के बाद अपनी कलाई काटकर आत्महत्या कर ली।

अपराध की दुनिया में कदम

अशरफ तो दिखाने के लिए व्यापार करता था, लेकिन वह कॉन्ट्रैक्ट क्राइम में भी शामिल हो गया। इसके लिए उसने अपना गैंग भी बना लिया। पुलिस की लिस्ट में गुंडा एक्ट में शामिल कुख्यात अपराधी यूपी जोश को उसने चुनौती देना शुरू कर दिया।

उसके गैंग में 30 लोग शामिल थे, जिन्हें वह दिखाने के लिए विभिन्न व्यवसायों में लगा रखा था। मछली बिक्री से लेकर काली मिर्च, अदरक की खेती और कपड़ों के व्यवसाय तक वह उनकी मदद लेता था। हालाँकि, बाद में उसके कई साथियों ने उसका साथ छोड़ दिया, लेकिन उसके खिलाफ डर से मुँह नहीं खोला।

अशरफ के सहयोगियों ने किया मामले का खुलासा

शाबा की हत्या का खुलासा अशरफ का साथी रहे और बाद उसका विरोधी बने नौशाद थंगलथ ने किया था। इस मामले में पुलिस उसे लेकर अशरफ के घर भी गई। हालाँकि, वहाँ कोई अहम सबूत नहीं मिला। नौशाद पिछले पाँच दिनों से पुलिस की हिरासत में है। वहीं, मुख्य आरोपी अशरफ और उसका सहयोगी निषाद और शिहाबुदीन न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस इनकी कस्टडी लेने के लिए प्रयास कर रही है।

इस मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस को आशंका है कि ये लोग अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। नौशाद ने पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपा था, जिससे पुलिस को इस मामले का सुराग मिला।

क्या है मामला

अगस्त 2019 में पारंपरिक चिकित्सक 60 वर्षीय शबा शरीफ के घर 10 अज्ञात लोग आए और उन्होंने एक बुर्जुग के बवासीर का इलाज करने की बात कह उन्हें अपने साथ लेकर चले गए। इसके बाद शबा को अशरफ ने अपने घर पर बंधक बना लिया। अशरफ शबा से इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रग का गुप्त फॉर्मूला जानना चाहता था। इसके लिए अशरफ ने शबा को महीनों तक खूब टॉर्चर किया और बाद में हत्या कर दी। हत्या के बाद शबा के शव को टुकड़ों में काटकर 2020 में फेंक दिया।

सलमान के भाई से शादी करने सीमा सचदेव भागी थीं घर से, सीमा खान बन किया था निकाह… अब 24 साल बाद सोहैल खान से तलाक

बॉलीवुड अभिनेता सोहैल खान और उनकी बीवी सीमा खान (निकाह के पहले नाम सीमा सचदेव, Seema Sachdev) के बीच अब तलाक होगा। 13 मई 2022 (शुक्रवार) को दोनों (Sohail Khan and Seema Sachdev / Seema Khan) ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की है।

सोहैल खान और सीमा सचदेव का निकाह साल 1998 में हुआ था। हालाँकि दोनों साल 2017 से ही अलग रह रहे थे। इन दोनों के 2 बच्चे निर्वाण और योहान हैं। इनका बड़ा बेटा निर्वाण 22 साल और छोटा योहान 11 साल का है। निकाह के बाद सीमा सचदेव ने अपना नाम सीमा खान लिखना शुरू किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोहैल खान और सीमा के प्यार की शुरुआत 24 वर्ष पहले 1998 में बनी ‘प्यार किया तो डरना क्या’ के सेट से हुई थी। सीमा सचदेव (Seema Sachdev) के घर वाले इस रिश्ते से खुश नहीं थे। इसलिए दोनों घर से भाग गए।

घर से भाग कर सोहैल खान और सीमा सचदेव ने आर्य समाज मंदिर में शादी की। जिस दिन हिंदू बन कर मंदिर में शादी की, उसी शाम निकाह (मुस्लिम बन कर, इस्लाम में निकाह सिर्फ दो मुस्लिमों के बीच ही हो सकता है) भी किया।

सीमा सचदेव मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। वो मुंबई में बतौर फैशन डिजायनर अपना करियर बनाने गईं थीं। इंडिया टुडे के मुताबिक दोनों 2017 से अलग रह रहे थे और इन्होंने तलाक का फैसला अचानक ही बिना किसी को बताए लिया।

सोहैल खान और सीमा खान के तलाक (Sohail Khan and Seema Khan divorce) का केस मुंबई बांद्रा पूर्व की परिवार अदालत के चौथे फ्लोर पर जज मकदूम की अदालत में पेश हुआ था। इन दोनों की कोर्ट कैम्पस से कुछ तस्वीरें भी वायरल हुई हैं। वायरल तस्वीरों में सोहैल अपने बॉडीगार्ड के साथ दिखाई दे रहे हैं। वहीं सीमा खान अकेले ही कोर्ट गईं हैं।

इससे पहले सीमा खान उर्फ़ सीमा सचदेव ने कहा था, “जब आप की उम्र बढ़ने लगती है तब रिश्ते अलग मोड़ लेने लगते हैं। मुझे कोई पछतावा नहीं है। मैं खुश हूँ और मेरे बच्चे भी। मेरी और सोहैल की शादी कोई विवादित नहीं है। हम लोग एक दूसरे के पूरक हैं।”

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में फिर सर्वे शुरू: तहखाने से होगी वीडियोग्राफी, चाबी नहीं मिलने पर तोड़ा जाएगा ताला, शहर में CM योगी भी मौजूद

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi, Uttar Pradesh) स्थित ज्ञानवापी परिसर में बने विवादित मस्जिद (Gyanvapi Masjid) का आज शनिवार (14 मई 2022) को फिर से सर्वे और वीडियोग्राफी का काम शुरू हो गया है। पिछली बार के हालातों को देखते हुए और कोर्ट के सख्त रूख के कारण सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं। सर्वे के लिए कमिश्नर अजय कुमार मिश्र (Ajay Kumar Mishra) के साथ विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह (Vishal Singh) और सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह (Ajay Pratap Singh) भी रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की संभावित दौरे की तैयारियों को देखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भी आज वाराणसी में हैं। इसका विशेष ध्यान रखा गया है। उधर, ज्ञानवापी विवाद मामले की याचिकाकार्ता राखी सिंह (Rakhi Singh) का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता शिवम गौर (Shivam Gaur) ने बताया, ”आज हम अंडरग्राउंड सेल में प्रवेश करेंगे और वीडियोग्राफी शुरू करेंगे।”

मस्जिद कमिटी और मुस्लिमों के विरोध को देखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। विवादित क्षेत्र के 500 मीटर के दायरे में आने वाले सभी दुकानों को बंद करा दिया गया है। वहीं, मंदिर के दर्शनार्थियों को लेकर काशी जोन के DCP आरएस गौतम ने कहा कि लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, दर्शन अच्छे से हो और सब कुछ ठीक रहे।

ज्ञानवापी परिसर का सर्वे सुबह आठ बजे से 12 बजे तक होगा। इस संबंध में शुक्रवार (13 मई 2022) को प्रशासन ने प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उनसे तहखाने की चाभी माँगी। कमिटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे तहखाना खोलकर सर्वे में कमीशन को मदद करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि सर्वे के दौरान तहखाना खुला रहना चाहिए।

वहीं, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यदि चाभी नहीं दी जाती है तो कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए ताला तोड़ा जाएगा। अंजुमन के पदाधिकारियों ने तहखाने की चाभी अपने पास होना कबूल किया। तब पदाधिकारियों ने ताला खोलकर सर्वे कराने का भरोसा दिया।

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के सचिव यासीन सईद ने मुस्लिमों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि कोर्ट के आदेश के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है और कमेटी कानूनी कार्यवाही कर रही है। उन्होंने कहा कि आवाम सब्र से काम ले और शांति व्यवस्था बनाए रखें, क्योंकि विरोध करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी परिसर में बनी मस्जिद का विवाद 1931 से जारी है। इस प्रकरण में प्रतिवादी सुप्रीम कोर्ट भी पहुँचा था और यथास्थिति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया। हालाँकि, मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है।

वाराणसी में सीएम योगी

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी में हैं। आज वे पार्टी के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से बैठक कर कामकाज का ब्यौरा लेंगे। इसके पहले सीएम योगी ने शुक्रवार की देर रात शहर के निमार्णाधीन और पूरी हो चुकी परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन भी की।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने जून में वाराणसी का दौरा करेंगे। वे जनवरी से अब तक पूरी हो चुकी परियोजनाओं को वाराणसी के लोगों को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे कई अन्य बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे, जिसमें रिवर फ्रंट योजना, शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रोपवे परियेाजना आदि भी शामिल हैं।

‘एक दशक भाई-भतीजावाद और घोटालों में खो गया’: PM मोदी ने MP स्टार्टअप नीति के उद्घाटन में कहा- आठ साल पहले 400 स्टार्टअप थे, आज 70 हजार हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (13 मई 2022) को मध्य प्रदेश इंदौर में जारी स्टार्टअप कॉन्क्लेव (MP Start Up Conclave) का में मध्य प्रदेश की स्टार्ट नीति का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप की दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ईकोसिस्टम बनकर एक बड़ी ताकत के रूप में उभर रहा है।

मोदी ने कहा, “आपको याद होगा कि 2014 में जब हमारी सरकार आई थी तो देश में 300-400 के करीब स्टार्टअप थे। ये शब्द सुनाई भी नहीं देता था, न चर्चा होती थी, लेकिन आज आठ वर्ष के छोटे से कालखंड में आज देश में 70,000 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप ईको सिस्टम है। ये स्टार्टअप सिर्फ मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं हैं। लगभग 50% स्टार्टअप टियर 2-3 शहरों के अंतर्गत आते हैं।”

इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा, “दुर्भाग्य से लगभग एक दशक भाई-भतीजावाद, नीतिगत पक्षाघात और घोटालों में खो गया। 2014 के बाद हमने भारत के युवाओं में नवाचार की भावना को पुनर्जीवित किया। हमने विभिन्न मोर्चों पर काम किया और हैकाथॉन का आयोजन किया। इससे जिम्मेदारी की भावना बढ़ी।”

भारत के स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज कृषि और रिटेल बिजनेस आदि के क्षेत्र में नए स्टार्टअप सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले तक स्टार्टअप शब्द कुछ गलियारों में ही चर्चा का हिस्सा था, लेकिन आज सामान्य भारतीय युवा के सपने सच करने का माध्यम बन गया है। यह एक सोची समझी रणनीति, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित दिशा का परिणाम है।

इस दौरान पीएम मोदी ने इंदौर के शॉप किराना के संस्थापक तनुतेजस सारस्वत से बता की। उन्होंने बताया कि 3.5 साल पहले तीन दोस्तों ने स्टार्टअप की शुरुआत की थी। उनके साथ दीपक धनोतिया और सुमित घोरावत एक ऐसा बिजनेस टु बिजनेस मॉडल लाना चाहते थे, जिसमें सीधे कंपनियों से माल लेकर दुकानों को 24 घंटे में डिलीवर किया जा सके। इन्होंने यह कर दिखाया।

सारस्वत ने आगे बताया कि छह राज्यों के 30 शहरों की लगभग एक लाख खुदरा दुकानों और पाँच करोड़ उपभोक्ताओं तक उनके स्टार्टअप ने पहुँच बना ली है। उन्होंने 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दिया है। उनके स्टार्टअप का कारोबार 800 करोड़ रुपये सालाना है। जापान और भारत के प्रमुख स्टार्टअप निवेशकों से करोड़ों रुपये की फंडिंग मिल चुकी है। मोदी ने भोपाल की स्‍टार्टअप शुरू करने वाले उमंग श्रीधर से भी बात भी।