Home Blog Page 2780

तेजिंदर बग्गा के खिलाफ पंजाब से निकला 1 और वारंट: CM केजरीवाल के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन, BJP के कई बड़े नेता पुलिस हिरासत में

पंजाब पुलिस द्वारा भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ एक और वारंट जारी हुआ है। ये वारंट मोहाली कोर्ट द्वारा जारी किया गया है, जिसमें पंजाब पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि वो बग्गा को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेंश करें। मालूम हो कि एक ओर जहाँ मोहाली से बग्गा के खिलाफ ये वारंट सामने आया है, वहीं दूसरी ओर उनकी गिरफ्तारी के विरोध में सीएम केजरीवाल के आवास के बाहर इकट्ठा हुए भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

मोहाली कोर्ट से जारी आदेश

पंजाब पुलिस द्वारा तेजिंदर पाल बग्गा की गिरफ्तारी के विरोध में भाजपा ने दिल्ली में केजरीवाल सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है। भाजपा नेताओं का यह प्रदर्शन मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के घर के सामने हुआ है। इस प्रदर्शन के दौरान दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, सांसद प्रवेश सिंह साहिब और नेता मनजिंदर सिंह को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। प्रदर्शन 7 मई 2022 (शनिवार) को हुआ है। इस प्रदर्शन में खुद तेजिंदर पाल बग्गा भी शामिल थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने भारी बल मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर के आगे तैनात कर रखा था। किसी अनहोनी को टालने के लिए मौके पर दिल्ली पुलिस का दंगा निरोधक दस्ता भी लगाया गया था। इस प्रदर्शन में भाजपा से जुड़ी महिलाएँ भी बड़ी संख्या में शामिल थीं। मौके पर अरविन्द केजरीवाल को ही पंजाब पुलिस के एक्शन का जिम्मेदार बताया गया और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। पुलिस ने हालत को संभालने के लिए कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।

वहीं भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने तेजिंदर पाल बग्गा के घर कर जा कर उनके परिवार वालों से मुलाकत की है। इस दौरान वो बग्गा के पिता से भी मिले।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी तेजिंदर सिंह बग्गा और उनके परिवार से मुलाकात की। मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा, “मैं इसको अपहरण ही कहूँगा। जो व्यवहार तेजिंदर के पिता के साथ हुआ, पुलिस वैसा व्यवहार नहीं करती है। दिल्ली और हरियाणा पुलिस का धन्यवाद जो उन्होंने रास्ते में रोक कर बग्गा को वापस लाने में सहायता की। मैं केजरीवाल के बयान की निंदा करता हूँ।”

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी बग्गा की गिरफ्तारी का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “पंजाब की चुनी हुई सरकार जनता की सेवा के बजाय उनके लिए चुनौतियाँ खड़ी कर रही है। पटियाला में भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है। ऐसा लग रहा है कि जैसे पंजाब की सरकार कोई और रिमोट कंट्रोल से चला रहा हो।”

मुस्लिम भीड़ ने रोका ज्ञानवापी का सर्वे, एडवोट कमिश्नर को नहीं घुसने दिया: उपद्रवी अब्दुल कलाम हिरासत में, 9 मई को अगली सुनवाई

वाराणसी के काशी विश्वनाथ परिसर में स्थित विवादित ढाँचे और श्रृंगार-गौरी मंदिर को लेकर प्रशासनिक सर्वे व वीडियोग्राफी के आदेश के खिलाफ वहाँ के मुस्लिम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुस्लिम पक्ष ने एडवोकेट कमिश्नर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें बदलने की माँग की है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी दलीलें पेश करने को कहा। ‘अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी’ की याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीज़न रवि कुमार दिवाकर ने की।

अब इस मामले की सोमवार(9 मई, 2022) को होगी। ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए प्रशासनिक टीम वहाँ पहुँची, साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाया गया था। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दरवाजे पर खड़े होकर जाम लगा दिया, जिससे एडवोकेट कमिश्नर अंदर जा ही नहीं पाए। माहौल बिगाड़ने की साजिश हुई और शाम के 5 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग वहाँ पर पहुँचने लगे।

नारेबाजी और उपद्रव कर रहे लोगों को पुलिस ने वहाँ से खदेड़ा। वहीं अब्दुल कलाम नाम के एक उपद्रवी को यूपी पुलिस ने हिरासत में भी लिया है। उसने बहाना बनाया कि उसे लगा कि नमाज के लिए भीड़ इकट्ठी हुई थी। साथ ही उसने माफ़ी भी माँगी। मुस्लिम पक्ष के लोग बैरिकेडिंग के भीतर घुस गए। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन के विरुद्ध अदालत में कोई शिकायत नहीं की जाएगी। AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस कार्रवाई की आलोचना की है।

वकील कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा की जगह मुस्लिम पक्ष ने किसी अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता की कमिश्नर के रूप में नियुक्ति की माँग की है। फ़िलहाल अदालत ने सर्वे रोकने का कोई आदेश नहीं दिया है, ऐसे में निगाहें 9 मई को होने वाली सुनवाई पर हैं। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सूर्यास्त के बाद मिश्रा अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, जबकि ऐसा कोई कानूनी आदेश नहीं आया है। केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि ‘ज्ञानवापी’ एक हिंदी शब्द है, उर्दू नहीं।

असम सरकार ने ड्रग के खिलाफ छेड़ा अभियान: सिर्फ गुवाहाटी में 11 महीनों में 23 kg हेरोइन समेत ₹400 करोड़ की दवाएँ जब्त, 448 अरेस्ट

असम की हिमंता विस्वा सरमा सरकार (Assam Government) ने राज्य में माफियाओं और ड्रग्स तस्करों (Drug Smuggler) के खिलाफ बड़ी मुहिम छेड़ रखी है। सरकार तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। गुवाहाटी के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि पिछले 11 महीनों में राज्य में 400 करोड़ रुपए के ड्रग्स जब्त किए गए हैं और 448 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint Police Commissioner) पार्थ सारथी महंता ने कहा, “हमने पूरी कोशिश के तहत नशीले पदार्थों के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी है। पिछले 11 महीनों में गुवाहाटी शहर की पुलिस ने लगभग 23 किलोग्राम हेरोइन, 8.50 लाख याबा टैबलेट और लगभग 400 करोड़ रुपये की अन्य दवाएँ जब्त की हैं। हमने 448 लोगों को गिरफ्तार किया है।”

बता दें कि 30 अप्रैल 2022 को भी असम के कोकराझार जिले में मादक पदार्थों के एक कथित तस्कर ने एक सब इंस्पेक्टर की रिवाल्वर छीनकर गोली चला दी थी। इसके बाद पुलिस की गोलीबारी में वह घायल हो गया था। एक अधिकारी ने बताया कि इस व्यक्ति पर राजस्थान से 20 करोड़ रुपए मूल्य की हेरोइन और अफीम की तस्करी करने का आरोप है। 

अधिकारी के अनुसार, मणिपुर (Manipur) से आ रहा ट्रक नशे का सामान लेकर राजस्थान जाने वाला था। उसे पश्चिम बंगाल-असम सीमा के पास श्रीरामपुर चेक पॉइंट पर रोक कर जाँच की गई थी। इस दौरान उसमें 3.1 किलोग्राम हेरोइन और 85 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी। राजस्थान के बाड़मेर निवासी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया था। उसने बताया था कि श्रीरामपुर से 10 किलोमीटर दूर गोसाईगाँव में उसका एक साथी है। उसके बाद पुलिस आरोपी को लेकर पैदल गोसाईगाँव ले जाने लगी, तभी उसने SI बृजेश कुमार की रिवॉल्वर छीनकर गोली चला दी थी। 

इसके ठीक एक दिन पहले जगीरोड पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर 5 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद की थी। इसके साथ ही तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था। तीनों संदिग्ध नशीली दवाओं की तस्करी में लिप्त थे। इन तीनों की पहचान मणिपुर निवासी बशीर खान और अल्ताफ खान के रूप में हुई थी, जबकि जहीरुल गुवाहाटी का रहने वाला था।

66% ज्यादा सैलरी पाएँगे दिल्ली के MLA, रात के 3 बजे तक पी सकेंगे दारू… खुला रहेगा बार

दिल्ली में शराब के शौक़ीन लोगों के लिए केजरीवाल सरकार का नया फैसला खुशखबरी के जैसा है। नाइट लाइफ को बढ़ावा देने के मकसद से दिल्ली सरकार ने बार (जहाँ शराब परोसे जाते हैं) का समय सुबह 3 बजे तक कर दिया है। यह बदलाव दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति के अंतर्गत किया गया है।

अभी तक दिल्ली में बार का समय 1 बजे तक हुआ करता था। शराब बार का समय बढ़ाने की सिफारिश नवम्बर 2021 में दिल्ली सरकार द्वारा जारी आबकारी नीति में की गई थी। शराब के अलावा एक दूसरी खबर भी दिल्ली सरकार से जुड़ी है – दिल्ली के विधायकों की सैलरी में 66% की बढ़ोतरी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आबकारी विभाग को सुबह के 3 बजे तक बार के खुले रखने वाला आदेश जारी किया है। इस आदेश का पालन दिल्ली पुलिस और आबकारी विभाग अन्य विभागों के साथ मिल कर करवाएँगे।

गुरुग्राम और फरीदाबाद में बार के खुले होने की समय सीमा 3 बजे सुबह तक पहले से ही थी। दिल्ली में हालाँकि बार और रेस्टोरेंट रात 1 बजे तक ही खुलने का आदेश था। कॉन्ग्रेस ने इस फैसले का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि अरविन्द केजरीवाल दिल्ली को नशे की राजधानी बनाना चाहते हैं।

अब खबर विधायकों की सैलरी वाली। इस खबर के मुताबिक अब तक भत्ते आदि मिला कर 54000 रुपए वेतन पाने वाले दिल्ली के विधायक अब 90000 रुपए सैलरी पाएँगे। यद्दपि अभी इसे दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।

आम आदमी पार्टी वाले सौरभ भरद्वाज ने अन्य प्रदेशों के विधायकों के मुकाबले दिल्ली के विधायकों के वेतन काफी कम बताए। उनके मुताबिक विधायकों की सैलरी तेलंगाना में 2.50 लाख रुपए, महाराष्ट्र में 2.32 लाख रुपए, UP में 1.87 लाख रुपए, जम्मू और कश्मीर में 1.60 लाख रुपए, उत्तराखंड में 1.60 लाख रुपए, आंध्र प्रदेश में 1.30 लाख रुपए, हिमाचल प्रदेश में 1.25 लाख रुपए, राजस्थान में 1.25 लाख रुपए, हरियाणा में 1.15 लाख रुपए और पंजाब में 1.14 लाख रुपए है।

गलवान के वीर दीपक सिंह की ‘टीचर’ पत्नी बनीं सेना में लेफ्टिनेंट: पति के जाने के 2 साल बाद पूरा किया अधूरा सपना

गलवान घाटी में वीरगति पाने वाले वीर चक्र से सम्मानित लांस नायक दीपक सिंह की पत्नी रेखा सिंह सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुई हैं। वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली हैं। सैन्य अधिकारी के तौर पर वो अपने पति के सपनों को पूरा करते हुए महिलाओं को सही राह दिखाना चाहती हैं। 28 मई 2022 से उनकी ट्रेनिंग शुरू होगी। उनकी इस उपलब्धि पर रीवा के DM ने उनसे मिल कर बधाई दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विवाह से पहले रेखा सिरमौर के जवाहर नवोदय विद्यालय सिरमौर में टीचर थीं। शादी के बाद ही उनके पति दीपक उन्हें भी सेना में जाने के लिए प्रेरित किया करते थे। 5 जून 2020 को गलवान घाटी में चीनी फ़ौज के हमले के दौरान दीपक सिंह ने उनका बहादुरी से मुकबला किया था और वीरगति को प्राप्त हुए थे। उनके बलिदान के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने रेखा को शिक्षा विभाग में नियुक्ति भी दी थी।

शिक्षा विभाग में पोस्टिंग के बाद भी रेखा का मन सेना में भर्ती होने के लिए लगा रहा। वो इस दिशा में प्रयास भी करती रहीं। इसी प्रयास के दौरान उन्होंने जिला सैनिक कल्याण संघ में जा कर भर्ती प्रक्रिया आदि की जानकारी ली। रीवा के जिला प्रशासन और सैनिक कल्याण संघ ने उनकी काफी मदद की। ससुराल वालों का भी उन्हें बहुत सहयोग मिला। उनका सेना में भर्ती होने का पहला प्रयास विफल रहा लेकिन दूसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिल ही गई।

15 जुलाई 1989 को रीवा के फरेंदा गाँव में जन्मे दीपक सिंह ने घायल होने के बाद भी 30 सैनिको की जान बचाई थी। उन्हें मरणोपरान्त वीरचक्र दिया गया था। यह सम्मान उनकी पत्नी रेखा सिंह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों से प्राप्त किया था।

दलित नागराजू की हत्या का जश्न मना रहे मुस्लिम कट्टरपंथी, कहा – काफिर के साथ रिश्ता हराम, मुस्लिम लड़कियों से दूर रहो

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित सुरूरनगर में बिल्लिपुरम नागराजू नामक दलित व्यक्ति की उस मुस्लिम लड़की के परिजनों ने बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे उसने प्यार और शादी की थी। बिल्लिपुरम नागराजू और अशरीन सुल्ताना ने अपनी मर्जी से एक-दूसरे से शादी की थी। दोनों बालिग़ थे। इस मामले में सुल्ताना के भाई मोहम्मद मोबिन अहमद के अलावा जीजा मोहम्मद मसूद अहमद को भी गिरफ्तार किया गया है।

जीशान मोमिन नामक एक महिला ने इस हत्या को जायज ठहराते हुए ट्विटर पर लिखा, “ये (अशरीन सुल्ताना) अब भी उस हिन्दू लड़के के लिए लड़ रही है और अपने भाई का जीवन भी बर्बाद कर देगी। पहले तो उसने एक काफिर के साथ हराम रिश्ता बनाया, फिर उसने एक गैर-मुस्लिम से शादी कर ली। इस्लाम में इसकी मनाही है और ये पाप भी है। उस हिन्दू लड़के ने उसका धर्मांतरण करा दिया और ये मान भी गई। इस भगवा प्यार के जाल से बच कर रहें।”

जबकि सच्चाई ये है कि नागराजू हर हाल में अपनी बीवी को खुश रखना चाहता था और वो उसकी अम्मी को खुश करने के लिए इस्लाम अपनाने के लिए भी तैयार था। उसने अपनी सोने की चेन बेच कर अपनी बीवी को ईद की शॉपिंग कराई थी। हुसैन अली नाम के एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि ‘भगवा लव ट्रैप’ ने एक और मुस्लिम परिवार को बर्बाद कर दिया। उसने पूछा कि ये मुस्लिम लड़कियाँ ‘काफिरों’ को क्यों चुनती है, जो शादी के लिए उस पर जादू कर देते हैं।

हुसैन अली ने इस पूरे मामले के लिए लड़की को ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ‘कुफ्र’ को स्वीकार कर के उसने पाप किया है। शैम्स तबरेज कासमी ने भी ‘भगवा लव ट्रैप’ का हैशटैग लगाते हुए लिखा, “हैदराबाद हत्या मामले में सच्चाई ये आई है कि लड़की को पहले हिन्दू बनाया गया, फिर दलित लड़के के साथ आर्य समाज मंदिर में विवाह हुआ। किसी की भी हत्या करना गलत है, लेकिन ये बात झूठ है कि डाली लड़का मुस्लिम बनने को तैयार था। उसने लड़की को हिन्दू बनाया था।”

‘TVH मुस्लिम्स’ नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा कि दोनों की शादी हिन्दू रीति-रिवाज से हुई, लड़का इस्लाम में धर्मांतरण करने को तैयार नहीं था और उसने लड़की को हिन्दू बना दिया। ओमर अब्बासी हयात नामक यूजर ने पूछा कि ये कैसा प्यार है जहाँ लड़का धर्मांतरण करना चाहता था, लेकिन कर लड़की ने लिया। इन मुस्लिमों ने ‘लव जिहाद’ की घटनाओं को नकारते हुए इसे प्रोपेगंडा करार दिया। एक ने धमकी दी कि मुस्लिम लड़कियों से दूर रहो।

हिन्दू-मुस्लिम अंतर्धार्मिक विवाहों में लड़का हिन्दू हो या लड़की, भुगतना उन्हें ही पड़ता है। ‘लव जिहाद’ के मामलों में लड़की के साथ धोखा किया जाता है और छद्म हिन्दू नाम व पहनावे का राज़ शादी के बाद ही खुलता है। लड़की मुस्लिम बनने को मानी तो ठीक, नहीं तो बोरे या सूटकेस में लाश मिल सकती है। वहीं लड़का हिन्दू और लड़की मुस्लिम हुई तो लड़की के परिजन लड़के की हत्या कर देते हैं। फिर उसका जश्न मनाया जाता है।

महाराष्ट्र: मस्जिदों से लाउडस्पीकर न हटने पर फिर भड़की MNS, पुलिस से कहा- अब की बार थाने के बाहर बजेगी हनुमान चालीसा

महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर को लेकर जारी सियासत के बीच अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने सीधे तौर पर महाराष्ट्र की पुलिस को चैलेंज कर दिया है। मनसे की ओर पुणे के पुलिस कमिश्नर को लिखे गए पत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए चेतावनी दी गई है कि पुलिस मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतारकर सड़क पर रखे अन्यथा अब पुलिस स्टेशन के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा।

पत्र में मौलानाओं से सहमति पत्र भी लेने की बात कही गई है। मनसे की तरफ से जो पत्र जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि वो किसी भी तरह की धार्मिक दरार या उन्माद नहीं फैलाना चाहते हैं, लेकिन लाउडस्पीकर एक सामाजिक मुद्दा बन गया है। मनसे का कहना है कि वो इस मसले पर अडिग बनी रहेगी। यहीं नहीं मनसे ने पत्र के जरिए ये भी दावा किया है कि अकेले पुणे शहर में ही 400-450 के करीब मस्जिदें हैं और उन सभी पर अवैध तरीके से लाउडस्पीकर लगे हुए हैं।

मनसे द्वारा पुणे पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र

मौलवी से बात करे पुलिस

मनसे ने कहा है कि वो अजान का विरोध नहीं करती है, लेकिन लाउडस्पीकर से ऐसा नहीं होना चाहिए। पार्टी के मुताबिक, इन लाउडस्पीकरों को या तो बंद कर दिया जाना चाहिए या हटा देना चाहिए। इससे आसपास के लोगों को होने वाली तकलीफों से राहत मिलेगी। पार्टी ने पुलिस को सुझाव दिया है कि इस मसले पर उसे मस्जिदों के मौलवियों से बात हमें इसकी एक रिपोर्ट देनी चाहिए और ये भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इससे लॉ एंड ऑर्डर में किसी भी तरह की समस्या न आए। पुलिस की रिपोर्ट से ऐसा संदेश जाना चाहिए कि मस्जिदों से लाउडस्पीकरों पर अजान नहीं होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने मनसे की लगातार चेतावनियों के बाद ऐलान किया था कि वो धार्मिक व मजहबी स्थलों से लाउडस्पीकर हटा लेंगे। हालाँकि 3 मई को राज ठाकरे की दी हुई डेडलाइन खत्म होने के बाद भी जब लाउडस्पीकर नहीं उतरे तो उन्होंने 4 मई को एक बयान में हिंदुओं से अपील की थी कि जहाँ भी अजान की आवाज सुनाई दे, वहाँ दोगुनी आवाज में हनुमान चालीसा बजाएँ।

शंघाई में लोगों को भूख से तड़पा रहा चीन, विरोध करने वालों को शी जिनपिंग ने दी धमकी: कहा- बदनाम किया तो करेंगे कार्रवाई

चीन में कोविड-19 को लेकर जारी सख्त लॉकडाउन के कारण वहाँ के लोग भूख-प्यास से तड़प रहे हैं। अपने-अपने घरों में बंद लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ऐसे में चीन की सरकार हर तरफ आलोचना हो रही है। इन आलोचनाओं को लेकर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि चीन को बदनाम करने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चीन की जीरो-कोविड पॉलिसी को लेकर शंघाई और देश के अन्य हिस्सों के नागरिकों की खबरें हाल ही में पूरी दुनिया की मीडिया के माध्यम से सामने आई थी। वहाँ के लोगों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। अब जिनपिंग ने कहा कि चीन की जीरो कोविड पॉलिसी पर जो भी सवाल उठाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

कोविड के नाम पर चीन में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन पर सवाल उठने के बाद गुरुवार (5 मई 2022) को शी जिनपिंग के नेतृत्व में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च संस्था पोलित ब्यूरो की स्थाई समिति की बैठक की गई। इसी दौरान यह चेतावनी जारी की गई। साथ ही यह भी कहा गया कि जीरो कोविड नीति का दृढ़ता से पालन होता रहेगा।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि सात सदस्यीय समिति ने कहा कि कोविड की यह नीति पार्टी ने तय की है और यह नीति वैज्ञानिक एवं प्रभावी है। समिति ने यह भी दावा कि वुहान में कोरोना से जंग जीती गई है और अब शंघाई में देश जंग जीतेगा।

बता दें कि शंघाई शहर में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। शंघाई में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 5 अप्रैल से कठोर लॉकडाउन लगाया गया है, जिसके कारण शहर के 2.5 करोड़ लोग अपने घरों में कैद है, लेकिन भोजन खत्म होने के बाद अब ये लोग भूखों मरने लगे हैं। ऐसे में अब शंघाई के लोग लॉकडाउन के नियमों को तोड़कर बाहर आ रहे हैं, ताकि अगर वो पकड़े जाएँ तो कम से खाना तो मिलेगा।

इसी क्रम में शंघाई में एक व्यक्ति ने कोरोना के नियमों का केवल इसलिए उल्लंघन किया, ताकि वो पुलिस से संपर्क कर सके। उसने पुलिसवालों से कहा कि वो उसे गिरफ्तार कर लें। उसका मानना था कि घर में भूखे मरने की बजाय अगर वो जेल में रहेगा तो उसे वहाँ कुछ खाने को मिल सकता है।

शंघाई में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लॉकडाउन के बीच लोग अपने घर की बालकनी में आकर चिल्ला-चिल्ला कर मदद माँग रहे हैं। एक वीडियो में लोगों को ‘मदद करो, मदद करो हमारे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं’ है कहते हुए सुना जा सकता है। यहीं नहीं भूख की मार से त्रस्त चीनी नागरिक अब पुलिस के डंडे का खौफ छोड़कर बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

चीन के शंघाई में पहले कोविड के मद्देनजर 5 अप्रैल तक लॉकडाउन था, लेकिन बाद में इसे अनिश्चित समय तक बढ़ा दिया। स्थानीय अब बुनियादी जरूरतें न पूरी होने के चलते प्रशासन से नाराज हैं। वीबो साइट पर लिख लिखकर स्थानीय लोग अपना गुस्सा उतार रहे हैं। इनमें से एक ने लिखा, “मतलब ही नहीं है कि तुम कहाँ रहते हो। तुम्हारे पास पैसे हैं या नहीं। तुम्हें चिंता इस बात की होनी चाहिए कि तुम क्या-क्या खा सकते हो और कैसे करके चीजों को खरीद सकते हो।” वहीं दूसरे शख्स ने प्रशासन को लिखा कि क्या आप चाहते हो कि बोशन के लोग भूख से तड़प कर मर जाएँ।

चीनी संवाददाता एलिस सु ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें ड्रोन से लोगों को अपने घर की खिड़की दरवाजे बंद रखने को कहा जा रहा है। सु ने लिखा, “शंघाई के लोग अपनी बालकनियों में गाने गाकर सप्लाई की कमी का विरोध कर रहे हैं। एक ड्रोन दिखता है, जो कहता है कृपया w covid प्रतिबंधों का पालन करें। स्वतंत्रता के लिए अपनी आत्मा की इच्छा को नियंत्रित करें। खिड़की मत खोलो या गाओ मत।”

उदयपुर के हनुमान मंदिर में बिन अनुमति घुसे नाजिम-जाकिर गिरफ्तार, नॉन वेज बनाकर हड्डियाँ परिसर में फेंकते थे : देखें वीडियो

राजस्थान के उदयपुर में एक हिन्दू मंदिर की छत पर 2 मुस्लिम युवकों द्वारा माँसाहार बनाने की खबर है। आरोपितों के नाम ज़ाकिर हुसैन और नाजिम शेख बताए जा रहे हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने माँस खाने के बाद हड्डियों को मंदिर के परिसर में ही फेंक दिया। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। दोनों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। घटना शुक्रवार (6 मई 2022) की है।

भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने मंदिर का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मामले पर ध्यान देने की अपील की है। वीडियो में गेट पर ‘जय श्री राम’ लिखे मंदिर के आगे पुलिस बल तैनात दिख रहा है। मंदिर की छत पर सिलेंडर गैस और चूल्हे पर बर्तन रखा दिखाई दे रहा। बर्तन को खोल कर दिखाए जाने पर नॉनवेज जैसा कुछ दिखता है।

इंडिया न्यूज़ की खबर के मुताबिक, “आरोपित लगभग 15 दिनों से मंदिर की छत पर रह रहे थे। इस दौरान वो लगातर नॉनवेज बना कर खा रहे थे। इसकी सूचना स्थानीय लोगों ने पार्षद कुसुम पवार को दी थी। लोगों के साथ पहुँच कर पार्षद ने वो सभी सामान सड़क पर फिंकवा दिए। बाद में मंदिर परिसर को पानी से धुलवाया गया। पकड़े गए दोनों आरोपितों के बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि वो बिहार से सड़क बनाने के लिए बुलाए गए मजदूर हैं। आरोपितों को पहले भी मंदिर परिसर से जाने की चेतावनी दी गई थी लेकिन वो नहीं माने। नगर निगम और स्मार्ट सिटी के अधिकारी भी दोनों आरोपितों को नहीं पहचानते। पकड़े गए आरोपित ने छत पर माँस बनाना कबूल किया है।”

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक केस भूपालपुरा थाने में दर्ज हुआ है। आरोपितों पर धारा 295 के तहत केस दर्ज हुआ है। मंदिर अलीपुर इलाके के सामुदायिक भवन के पास बना है। घटना की जानकारी होने के बाद स्थानीय लोग मंदिर के आगे जमा हो कर विरोध कर रहे थे। मामले में शिकायत पार्षद कुसुम ने दी है। DSP जनरैल सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

पंजाब पुलिस की फजीहत के बाद अमन चोपड़ा के घर पहुँची राजस्थान पुलिस, चिपकाया गिरफ़्तारी वॉरंट: HC का आदेश का उल्लंघन

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार हाथ धो कर ‘न्यूज़ 18’ के पत्रकार अमन चोपड़ा के पीछे पड़ी हुई है। उनके आवास के बाहर राजस्थान के कम से कम 10 पुलिसकर्मियों ने डेरा डाला हुआ है। हालाँकि, इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस भी वहाँ पर मौजूद है, ताकि कोई अवैध कार्रवाई न की जा सके। लोगों ने इसे सत्ता द्वारा एक पत्रकार को चुप कराने के लिए धमकी और प्रताड़ना का मामला करार दिया है।

इतना ही नहीं, राजस्थान पुलिस उस अपार्टमेंट में भी घुस गई जिसमें अमन चोपड़ा का फ़्लैट है और उसके दरवाजे पर वॉरंट चिपका दिया। ये सब तब हो रहा है, जब राजस्थान उच्च-न्यायालय ने ‘न्यूज़ 18’ के एडिटर अमन चोपड़ा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से पुलिस को रोक रखा है। उनके घर के दरवाजे पर गिरफ़्तारी का वॉरंट चिपकाने के बाद राजस्थान पुलिस को यूपी पुलिस थाने लेकर गई। इस दौरान अमन चोपड़ा के घर का ताला बंद था।

इससे पहले राजस्थान पुलिस ने ‘न्यूज़ 18’ के दफ्तर में जाकर भी इस तरह की हरकतें की थीं और बाद में बयान दिया था कि अमन चोपड़ा उन्हें नहीं मिले। उनके खिलाफ राजस्थान में धार्मिक भावनाएँ भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। राजस्थान के अलवर में जिस तरह से मंदिरों पर बुलडोजर चलाया गया और प्रतिमाएँ फेंक दी गईं, उस पर शो करने के कारण कॉन्ग्रेस सरकार उनके पीछे पड़ी है। अलवर में हिन्दू संगठनों ने भी इस कदम के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किया है।

अमन चोपड़ा के घर पर राजस्थान पुलिस ने चिपकाया गिरफ़्तारी का वॉरंट

राजस्थान पुलिस की इस करतूत का लोग विरोध कर रहे हैं। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे उच्च न्यायालय के आदेश का पूर्ण और बेशर्मी भरा उल्लंघन करार दिया। अधिवक्ता आशुतोष दुबे ने कहा कि ये नई संस्कृति बन गई है कि असली दोषियों को पकड़ने की बजाए घटना के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को ही चुप कराओ। विक्रांत ने लिखा कि महाराष्ट्र में अर्णब गोस्वामी को गिरफ्तार करने के बाद भी कॉन्ग्रेस ने कोई सबक नहीं सीखा है।