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गुजरात में रामनवमी शोभायात्रा पर हमला, मुस्लिम भीड़ पर आरोप: गाड़ियाँ जलाई गईं, कई पुलिसकर्मी घायल, पत्थर-डंडों से बोला धावा

गुजरात के हिम्मतनगर (साबरकांठा) जिले में रामनवमी की शोभायात्रा पर हमले की खबर है। बताया जा रहा है कि हमले के दौरान वाहनों को भी निशाना बनाया गया है। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने का समाचार है। घटना 10 अप्रैल, 2022 (रविवार) की है। इस हमले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

इसी घटना का बताए जा रहे एक अन्य वीडियो में पुलिस के सायरन सुनाई दे रहे हैं। दोनों तरफ से पथराव भी हो रहा है। भीड़ काफी शोर-शराबा कर रही है। साथ ही सड़क के बीच वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया है। इस घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के भी घायल होने का समाचार है।

निखिल चौधरी द्वारा शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में बाजर के एक हिस्से से धुआँ उठता दिखाई दे रहा है। बीच में से एक ट्रैक्टर सवार गुजर रहा है। निखिल के मुताबिक, पुलिस को हालात सँभालने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े हैं।

ऑपइंडिया ने इस रैली के संयोजक और हिम्मतनगर के निवासी कनक सिंह से बात की। कनक सिंह ने बताया, “हम पर अचानक ही हमला हुआ है। यह हमला मुस्लिमों द्वारा किया गया है। उन्होंने पूरी प्लानिंग के साथ हम पर पत्थरों और डंडो से हमला बोला। हमारी तरफ से कोई तैयारी नहीं थी। हिम्मतनगर बाजार के बीच कुछ मुस्लिमों के घर हैं। ये सब उनके ही घरों से हुआ है। हमारी गाड़ियों को जला दिया गया। हमारे लोग भी घायल हुए हैं। पथराव में कम से कम आधे दर्जन पुलिस वाले घायल हैं।

हमलावरों में मुख्य रूप से राजू मेंटल, सिकंदर पठान, समीर पठान, खालिद पठान, मुबीन शेख, वाहिद पठान, उमर पठान व अन्य हैं। अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।” कनक सिंह राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारी भी हैं। ऑपइंडिया ने इस घटना की जानकारी के लिए साबरकांठा के SP को सम्पर्क किया तो उन्होंने व्यस्त होने और कुछ देर बाद बात करने के लिए कहा।

नाबालिग बहन को घर में अकेला पाकर बाथरूम में ले गया मुजाहिद, मिली अधजली लाश: चाकू से गला रेता, बोरे में रख जलाया

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में अपनी बेइज्जती का बदला लेने के लिए एक भाई ने अपनी 16 वर्षीय चचेरी बहन की गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में डालकर नदी किनारे जला दिया। मृतका के सगे भाई की शिकायत पर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि मऊ के सराय लखंसी थाना क्षेत्र के खालिसपुर गाँव में मुजाहिद अपनी चचेरी बहन साइमा को घर में अकेला पाकर उसे बाथरूम में ले गया और चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को नदी किनारे ले जाकर जला दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खालिसपुर गाँव में शनिवार (9 अप्रैल, 2022) की शाम किशोरी के घर से गायब होने पर खलबली मच गई। नाबालिग लड़की को घर पर न पाकर उसके परिजनों ने मुजाहिद से पूछताछ की। इस पर उसने चुप्पी साध ली। सगे भाई का शक उस वक्त और भी पुख्ता हो गया, जब उसने आरोपित की गाड़ी में खून देखा। इसके बाद सगे भाई और मृतका के परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

उन्होंने पुलिस को बताया कि उस दिन शाम को साइमा पुत्री इफ्तेखार (16) को चचेरे भाई मुजाहिद पुत्र रियाज के साथ बाइक से जाते देखा गया था। कुछ देर बाद मुजाहिद लौट आया, उसके कपड़े खून से सने थे। उसने किसी से बिना कुछ कहे बाथरूम में जाकर कपड़े बदल लिए। जब उससे साइमा के बारे में पूछा गया तो उसने कुछ नहीं बताया।

पुलिस ने आरोपित मुजाहिद को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसकी निशानदेही पर साइमा का अधजला शव बुढावे गाँव के पास टौंस नदी के किनारे बरामद किया गया है। आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसने हत्या के बाद चचेरी बहन का शव जलाने का भी प्रयास किया था। उसने ये सब बदला लेने के लिए किया था, क्योंकि उसे लगता था कि साइमा और उसके परिवार वाले हमेशा उसकी बेइज्जती किया करते थे। सीओ सिटी धनंजय मिश्रा ने बताया कि अभी आरोपित से और पूछताछ की जा रही है।

‘राम हमारे पूर्वज, उनके बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं’: काशी में मुस्लिम महिलाओं ने रामनवमी पर की आरती, कहा- जो राम से अलग हुआ, वो बर्बाद हो गया

इस्लामी कट्टरपंथियों को कड़ा संदेश देते हुए मुस्लिम महिलाओं (Muslim Women) ने रामनवमी के अवसर पर काशी (Kashi) में अयोध्या के राजा भगवान राम और माता सीता (Bhagwan Ram and Mata Sita) की आरती उतारकर आशीर्वाद लिया। उन्होंने भगवान राम को अपना पूर्वज बताया और कहा कि विश्व की हर संस्कृति प्रभु राम से होकर ही निकली है और उनके बिना तो भारत की भूमि पर रहने वाले लोगों का कोई अस्तित्व ही नहीं है।

इस दौरान मुस्लिम महिलाओं ने फूलों से उर्दू में भगवान श्रीराम का नाम भी लिखा। उर्दू में उनकी स्तुति की और उर्दू में लिखे गई उनकी आरती भी की। इस दौरान महिलाओं ने विश्व बंधुत्व, भाईचारा और शांति की ईश्वर से कामना की।

राम भक्त नाजनीन अंसारी का कहा है कि भारत भूमि का जो हिस्सा भगवान श्रीराम से अलग हुआ, वह नफरत, हिंसा और गरीबी की दुर्दशा झेल रहा है। पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान सभी हिंसा की आग में जल रहे हैं, क्योंकि वह सब अपने पूर्वजों से अलग हो गए। उन्होंने कहा कि अगर ये देश भगवान श्रीराम की स्तुति करते हुए उनके रास्ते पर चलें तो फिर से शांति और समृद्धि पा सकते हैं।

नाजनीन ने बताया कि 7 मार्च 2006 को काशी के संकटमोचन मंदिर और कैंट स्टेशन पर आतंकवादियों ने ब्लास्ट किया था। इन धमाकों में कई लोगों की जान चली गई थी। तब उन लोगों ने संकटमोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उसी समय से हर साल रामनवमी पर भगवान राम और माता सीता की आरती उतारना मुस्लिम महिलाओं की परंपरा बन गई।

नाजनीन ने बताया कि यह आयोजन काशी धमाकों से हिंदू और मुस्लिमों के बीच खड़ी हुई नफरत और शक की दीवार तो तोड़ने के लिए किया गया। तब विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन के नेतृत्व में मुस्लिम महिलाओं ने मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ किया था। नाजनीन मुस्लिम महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष हैं।

‘कश्मीरी पंडितों का मजाक मत उड़ाओ’: अरविंद केजरीवाल को सोनू निगम की दो टूक, योगी आदित्यनाथ को बताया पसंदीदा CM

कश्मीरी पंडितों का जिस तरह पिछले दिनों दिल्ली सीएम और उनकी पार्टी नेता राखी बिड़ला ने मजाक उड़ाया उस पर अब बॉलीवुड गायक सोनू निगम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि अरविंद केजरीवाल खुद जानते हैं कि कश्मीरी पंडितों के साथ कितना गलत हुआ फिर भी उन्होंने सदन में द कश्मीर फाइल्स को झूठी फिल्म कहा।

सोनू निगम ने कहा कि वो किसी पार्टी के भक्त नहीं है। वो भाजपा के उस फैसले का भी विरोध करते हैं जहाँ उन्होंने नवरात्रि में मीट की दुकान बंद करने का फरमान सुनाया। वह कहते हैं कि उनके हिसाब से ये करना गलत है क्योंकि जो मीट मटन बेचकर अपना खर्चा चला रहा है वो कहाँ जाएगा।

दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल पर भड़के सोनू निगम

उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर अपना गुस्सा दिखाया कि आखिर उन्होंने द कश्मीर फाइल्स को झूठी फिल्म कहा कैसे। उन्होंने कहा, “आपको मजाक उड़ाना है मजाक उड़ाओ। पर कश्मीरी पंडितों का नहीं। मैंने वो फिल्म नहीं देखी पर उन्होंने कम से कम कोशिश की है, जो आप भी मानते हैं कि हुआ है। सारी दुनिया जानती है कि नरसंहार हुआ है। अगर आप पंजाब जीत चुके हैं तो आप बनाइए पंजाब फाइल्स। 84 फाइल्स बनाइए। आप बनाइए गोधरा फाइल्स। लोगों को पता तो चले इंसान कितना घटिया हो सकता है कि किसी औरत को बीच से चीर सकता है या किसी के बच्चों का गला काट सकता है या किसी को खून से सने चावल खिला सकता है। हम इंसान कितने कमीने हो सकते हैं।”

वह कहते हैं, “अगर आप लोगों को बताएँगे नहीं। तो वो जानेंगे कैसे। आप राजनीति ही खेल रहे हैं।” वह पूछते हैं कि एक जगह तो अरविंद केजरीवाल द कश्मीर फाइल्स को झूठी फिल्म कहते हैं और दूसरी ओर कहते हैं कि इस घटना को 25-30 साल हो गाए आखिर भाजपा ने क्या कर दिया। सोनू सवाल करते हैं कि क्या ये हरकतें करते केजरीवाल को ऐसा नहीं लगता है कि कुछ लोगों को खुश कर रहे हैं और बहुसंख्यक हिंदुओं को खुद के खिलाफ कर रहे हैं। 

आम आदमी पार्टी को एक अच्छा विपक्ष बताते हुए सोनू कहते हैं कि भाजपा के सामने इस समय कोई नहीं है। अगर AAP ऐसी बात करेगी तो उनकी खुद की स्टैंड क्या रहेगी। वह पूछते हैं कि क्या जरूरी है हर चीज में राजनीति करना। वह केजरीवाल को कहते हैं, “तुम मैग्सेसे जीते हुए हो यार। तुम इतने पढ़े लिखे आदमी हो। तुमसे लोगों को उम्मीद है। तुम कैसे इस तरह की बात कर सकते हो। कैसे मजाक उड़ा सकते हो।” 

सोनू निगम ने अपनी बात रखते हुए AAP की महिला नेता राखी बिड़ला की हँसी की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि कितनी बेशर्मी से वो महिला वहाँ हँस रही थी। एक होता है कि गरिमा से भी अपनी बात कहता है। पर आप तो हँस रहे हैं। उनका मखौल उड़ा रहे हैं। क्या संदेश जाएगा अन्य लोगों में।

सोनू ने कहा कि वो अरविंद केजरीवाल के पद का सम्मान करते हैं। लेकिन उनके जो सवाल है वो एक नागरिक के तौर पर हैं। भले ही उनके 30 साल मुंबई में कटे, पर इससे पहले वो फरीदाबाद में रहते थे और दिल्ली में उनका बचपन गुजरा है। वह कहते हैं कि लोग आवाज उठाएँ कि मंदिर के साथ भी अच्छा हो, मस्जिद के साथ भी अच्छा हो और चर्चा के साथ भी अच्छा हो। इसी तरह समाज को होना चाहिए।

सोनू निगम ने अन्य विवादों पर रखी बात

बता दें कि सोनू निगम को हाल ही में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जिसके बाद वह टाइम्स नाऊ नवभारत पर नजर आए। उन्होंन अपने से जुड़ी लाउडस्पीकर वाली कॉन्ट्रोवर्सी पर कहा, “मेरे द्वारा इस बात को कहने के 3 साल बाद सउदी अरब में लाउडस्पीकर बैन कर दिया गया। लोगों ने मेरी बात को धर्म से जोड़ दिया था। अब मैं अपने घर में माइक लगाकर गाना गाऊँ, तो परेशानी गाने से नहीं है परेशानी लाउडस्पीकर से है। इसे आप ये नहीं कह सकते है कि मैं स्वतंत्र हूँ और कुछ भी करूँ।” हिजाब मुद्दे पर सोनू निगम ने ड्रेस कोड का समर्थन किया और बताया कि बॉलीवुड में उन्होंने खुद भी अंडरवर्ल्ड वाला दौर देखा हुआ है। वह इस इंटरव्यू में बोले कि उनके पसंदीदा सीएम योगी आदित्यनाथ हैं।

‘रामम् राघवम् रणधीरम्’: एसएस राजामौली की फिल्म ‘RRR’ ने पार किया ₹1000 करोड़ का जादुई आँकड़ा, अब नजरें ‘KGF 2’ पर

एसएस राजामौली की फिल्म ‘RRR’ ने आखिरकार बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस के मामले में 1000 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर ही लिया। फिल्म ने अपने तीसरे शनिवार (9 अप्रैल, 2022) को 21 करोड़ रुपए से भी अधिक की कमाई की, जिसके साथ ही इसने 1000 करोड़ रुपए के आँकड़े को भी पार कर लिया। रविवार को भी इसकी कमाई बंपर रहने की उम्मीद है। हालाँकि, 13-14 अप्रैल के बाद से इसकी कमाई पर ब्रेक लग जाएगा।

इसके कारण ये है कि तमिल, कन्नड़ और हिंदी में इन दो दिनों में तीन बड़ी फ़िल्में रिलीज हो रही हैं। 13 अप्रैल को तमिल सिनेमा में ‘थलापति’ के नाम से पहचाने जाने वाले विजय की ‘Beast’ रिलीज होने वाली है। इसके अगले दिन कन्नड़ फिल्म ‘KGF Chapter 2’ आएगी, जिसका इंतजार न सिर्फ पूरे कर्नाटक बल्कि हिंदी भाषी क्षेत्रों के दर्शक भी कर रहे हैं। इन सबके अलावा शाहिद कपूर और मृणाल ठाकुर की ‘जर्सी’ भी इसी दिन आएगी।

ये फिल्म अप्रैल 2019 में आई इसी नाम की एक तेलुगु मूवी की रीमेक है, जिसमें ‘मक्खी (2012)’ फेम नानी और श्रद्धा श्रीनाथ मुख्य भूमिकाओं में थे। इस तरह ‘RRR’ के पास 14 अप्रैल के पास से थिएटरों और स्क्रीन्स की संख्या काफी कम रह जाएगी, लेकिन इसके बाद अभी भी 100 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई का मौका है। जूनियर एनटीआर और राम चरण अभिनीत इस फिल्म में आलिया भट्ट, अजय देवगन और श्रिया शरण भी छोटी भूमिकाओं में थे। फिल्म का गाना ‘रामम् राघवम् रणधीरम्’ भगवान श्रीराम की स्तुति पर आधारित है, जो खासा लोकप्रिय हुआ है।

‘RRR’ से पहले सिर्फ आमिर खान की ‘दंगल (2016)’ और प्रभास स्टाटर एसएस राजामौली की ही ‘बाहुबली 2 (2017)’ ही ऐसी फ़िल्में हैं, जिन्होंने इस आँकड़े को पार किया है। जहाँ ‘दंगल’ की अधिकतर कमाई (1400 करोड़ रुपए) चीन से ही आई थी, वहीं ‘बाहुबली 2’ ने सिर्फ भारत में ही इतने का आँकड़ा पार कर लिया था। इस तरह ये दोनों सबसे ज्यादा कमाने वाली भारतीय फ़िल्में हैं। एसएस राजामौली अब महेश बाबू के साथ अपने अगले प्रोजेक्ट्स की तैयारियाँ शुरू करेंगे।

‘…आखिरकार वे मेरे पिता थे’: जिस बेटी को 30 सालों तक खुद को भगवान बताने वाले वामपंथी ने कैद में रखा, उसी ने कॉमरेड बाला की मौत पर व्यक्त किया दुख

अपनी महिला फॉलोअर को बंधक बनाकर रखने और उनके साथ रेप के दोषी वामपंथी नेता अरविंदन बालाकृष्णन उर्फ कॉमरेड बाला की 7 अप्रैल 2022 को 81 साल की उम्र में लंदन की जेल में मौत हो गई थी। इसको लेकर बाला की बेटी केटी मॉर्गन-डेविसने कहा कि भले वह अपने पिता की कैद में 30 साल तक रही, लेकिन वे उनके पिता थे। केटी ने कहा कि अपने पिता कॉमरेड बाला को लेकर उनकी मिली-जुली भावनाएँ हैं।

30 साल बाद 2013 में अपने पिता की कैद से निकली केटी ने कहा, “ईमानदारी से कहूँ तो मेरी भावनाएँ मिश्रित हैं। हर कोई जानता है कि वह सबसे अच्छे पिता नहीं थे, लेकिन आखिरकार वह मेरे पिता थे और मुझे खेद है कि सुधार का मौका मिलने से पहले उनका निधन हो गया।”

यूके के लीड्स विश्वविद्यालय में दर्शनशास्त्र और समाजशास्त्र की पढ़ाई कर रही 39 वर्षीय केटी ने अपने पिता को लेकर कहा, “उनका जन्म केरल के मयनाड में हुआ था। वह 8 साल की उम्र में अपनी माँ के साथ सिंगापुर में सैनिक के रूप में तैनात पिता से मिलने के लिए चले गए थे।

कॉमरेड बाला के पिता ब्रिटिश सेना में काम करते थे और सिंगापुर में तैनात थे। उनका नाम आर बालाकृष्णन था। बाला की माँ की नाम सरोजिनी था। उनका एक छोटा भाई भी है, जो सिंगापुर में ENT सर्जन है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में केटी ने बताया कि उनकी माँ का नाम सियान डेविस है और कॉमरेड बाला की फॉलोअर थीं। बाला ने उनकी माँ को भी प्रताड़ित किया था और साल 1997 में रहस्यमयी परिस्थितियों में गिरने से उनकी मौत हो गई थी। बाला की एक पत्नी का नाम चंदा था। ये सब एक साथ ही रहते थे।

बता दें कि अरविंदन को अपने महिला फॉलोअर्स को कैद में रखने और उनके साथ रेप करने के आरोप में साल 2016 में लंदन की एक अदालत ने उन्हें 23 साल की सजा सुनवाई थी। जेल में रहने के दौरान ही उनकी मौत हो गई।

कॉमरेड बाला खुद को भगवान बताता था। उसने कैदियों पर तमाम पाबंदियाँ लगा दी थीं। किसी को एक दूसरे से बात करना और शोर करना भी मना था। वो अपने नियम अपने अनुसार जब चाहे तब बदल देता था। उसने घर से बाहर कदम न रखने की धमकी देते हुए कैदियों से चप्पे-चप्पे पर अपने जासूस होने की धमकी दी थी। इस धमकी में वो जैकी नाम के काल्पनिक रोबोट की भी बात करता था। कॉमरेड बाला कहता था कि जैकी किसी के गलती करने पर उसे मार डालेगा।

‘न्यूड तस्वीरें माँगी जाती थीं’: कास्टिंग काउच पर ‘ये झुकी झुकी सी नज़र’ वाले हीरो का खुलासा, कहा – ‘…चबा कर छोड़ देते हैं’

टीवी की दुनिया में सीरियल ‘ये झुकी-झुकी सी नजर’ (Yeh Jhuki Jhuki Si Nazar) से फेमस हुए एक्टर अंकित सिवाच (Ankit Siwach) ने हाल ही में अपने साथ हुई कास्टिंग काउच की घटना का खुलासा किया। अंकित ने बताया कि वह भी कास्टिंग काउच (Casting Couch) का सामना कर चुके हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे उनसे न्यूड फोटोज माँगे गए थे। उन्होंने ‘हिंदुस्तान टाइम्स ‘को दिए इंटरव्यू में बताया कि स्ट्रगलिंग के दिनों में उन्हें कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा था।

अंकित ने बताया कि उनके होमटाउन मेरठ से दिल्ली आना उनके लिए काफी कठिन समय था। बातचीत में उन्होंने बताया कि उन दिनों उनसे कई बार न्यूड फोटोज की डिमांड की गई थी। टीवी एक्टर अंकित सिवाच ने साल 2017 में अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था। इससे पहले वह 12 साल तक दिल्ली में मॉडलिंग कर चुके हैं। भले ही अंकित लंबे समय तक मॉडलिंग में रहे, लेकिन एक समय ऐसा भी आया था, जब उन्होंने इस प्रोफेशन को छोड़ने का पूरा मन बना लिया था।

उनके ही शब्दों में जानें तो, “मैंने इस दुनिया को देखने के बाद केवल 4 महीने बाद ही मॉडलिंग छोड़ने का फैसला किया। मुझे खुद से सोचने या बोलने की इजाजत भी नहीं थी। मैं एक गुड लुकिंग लड़का था, जो अच्छे कपड़े पहनकर केवल तस्वीरें खिंचवाना चाहता था। मैं हमेशा सोचता था कि सभी लोग अच्छे होते हैं, लेकिन जब आप कमजोर होते हैं तो हर कोई आपका फायदा उठाना चाहता है। आपको सभी लोग राक्षस जैसे लगने लगते हैं। आप इन राक्षसों को नज़रअंदाज़ करना चाहते हैं, लेकिन यह आपको चबाकर छोड़ देते हैं।”

कास्टिंग काउच के बारे में बात करते हुए अंकित ने आगे बताया, “मुझसे ऐसी पार्टियों में आने के लिए कहा जाता था, जिसमें ​मेरा कोई काम ही नहीं होता था। यह एक तरह से प्रताड़ना थी, क्योंकि मैं इसके लिए तैयार नहीं था। कई बार ऐसी परिस्थितियों से परेशान होकर मैं सब कुछ छोड़ देना चाहता था। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर सकता था, लेकिन जब आप देखते हैं कि ये गिद्ध जैसे लोग आपको नोचने के लिए बैठे हुए हैं तो आपका रोने का और घर वापस जाने का मन करता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि वो इसके कारण बहुत मानसिक तनाव से गुजरे हैं। बकौल अंकित, वो रोए भी लेकिन फिर उन्होंने जाना कि यह मानवीय स्वभाव है कि जिसके पास ताकत होती है, वह अपने से कमजोर व्यक्ति का शोषण करना चाहता है। उन्होंने कहा, “यह मॉडलिंग ही नहीं हर इंडस्ट्री में होता है। आप ऐसे लोगों से बच नहीं सकते हैं। मुझे कई बार कॉम्प्रोमाइज करने के ऑफर मिले। मैं ऐसे बहुत सारे एक्टर्स का उदाहरण दे सकता हूँ। अंकित ने यह भी माना कि कोई किसी के साथ जबरदस्ती नहीं कर सकता है। साथ ही बताया कि उनका कभी भी शारीरिक शोषण करने की कोशिश नहीं की गई है।

महिला संदिग्धों के कपड़े उतार कर तलाशी ले सकेंगे ट्रांसजेंडर पुलिस अधिकारी, आपत्ति जताने पर दर्ज हो सकता है ‘हेट क्राइम’

ब्रिटेन में अब एक नया नियम आया है कि महिला संदिग्धों की कपड़े उतार कर तलाशी ऐसे पुलिस अधिकारी भी ले सकते हैं, जिनका जन्म तो पुरुष के रूप में हुआ था लेकिन वो खुद को महिला मानते हैं। अगर महिलाओं ने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें ‘हेट क्राइम’ का दोषी माना जाएगा। इसके तहत नए दिशानिर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इसके तहत अब ट्रांसजेंडरों को उसी लिंग का माना जाएगा, जिसके तहत वो खुद की पहचान बताते हैं।

अपने शरीर और मन में बदलाव की अवधि के बाद एक ट्रांसजेंडर पुलिसकर्मी उस लिंग के व्यक्तियों को नंगा कर के तलाशी ले सकता है, जिस लिंग के तहत वो खुद की पहचान वर्तमान समय में बताता है। ‘नेशनल पुलिस चीफ्स काउंसिल (NPCC)’ ने ये विवादित सलाह जारी की है। अगर कोई व्यक्ति तलाशी से आपत्ति जताता है तो उसे हटाने की सला तो दी गई है, लेकिन ‘भेदभाव वाले विचार’ के तहत तलाशी से इनकार करने पर ‘हेट क्राइम’ का मामला चलाया जाएगा।

पहले इसे घृणा की घटना के रूप में दर्ज किया जाएगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर अपराध की श्रेणी में भी लाया जा सकता है। एक महिला ने इस सम्बन्ध में पुलिस प्रशासन को स्पष्ट करने को कहा था कि महिलाओं की तलाशी किस लिंग के पुलिसकर्मी करेंगे, इसे लेकर उनके पास कोई विकल्प है या नहीं? अब उस महिला ने इस पर हैरानी जताई है। ‘ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों’ की चर्चा हाल में ख़बरों की सुर्खियाँ बनी हुई हैं।

इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि बायोलॉजिकल रूप से पुरुष के रूप में जन्मे व्यक्तियों को खेल प्रतियोगिताओं में महिलाओं के साथ हिस्सा नहीं लेना चाहिए। नए दिशानिर्देशों को महिलाओं के ‘सिंगल स्पेस अधिकारों’ का हनन माना जा रहा है। जिस महिला ने इस सम्बन्ध में याचिका दायर की थी, वो रेप की पीड़िता है। फायरएआरएम कर्मचारियों ने इस घटना को अंजाम दिया था। उनका कहना है कि इस फैसले से महिलाओं को काफी दबाव महसूस होगा।

मुंबई पुलिस ने जब्त किया रामनवमी का ‘राम रथ’, शिवसेना भवन के सामने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने वाला हिरासत में

महाराष्ट्र में जारी लाउडस्पीकर विवाद में अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने शिवसेना भवन के बाहर लाऊडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाया। यह कार्यक्रम रामनवमी के मौके पर किया गया था। इस मौके पर MNS द्वारा लगाए गए पोस्टरों में राज ठाकरे को बाल ठाकरे की विरासत सँभालने वाला बताया गया है। इस मौके पर हनुमान चालीसा बजा रहे वाहन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना भवन के आगे भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वो गाड़ी भी पुलिस द्वारा ज़ब्त कर ली गई है जिस पर लाउडस्पीकर में हनुमान चालीसा बजाया जा रहा था। इस कार्यक्रम के आयोजक मनसे नेता यशवंत किल्लेकार को भी हिरासत में ले लिया गया है। उन्हें शिवाजी पार्क थाने में रखा गया है।

इस अवसर पर मनसे ने श्रीराम रथ यात्रा भी निकाली थी। इस यात्रा को भी पुलिस ने दादर इलाके में रोक दिया है। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र सरकार के इस कदम को सत्ता का दुरूपयोग बताया है। MNS के मुताबिक, यह रामराज्य का अपमान है।

आदित्य ठाकरे नेइसे बताया मनसे का स्टंट

शिवसेना भवन पर हनुमान चालीसा बजाने के मनसे के कार्यक्रम को आदित्य ठाकरे ने स्टंट बताया है। उन्होंने कहा, “जो पार्टी खत्म हो चुकी है उसके ऐसे स्टंट को हम भाव नहीं देते।”

गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने गुड़ी पाड़वा (हिन्दु नववर्ष) के मौके पर शिवाजी पार्क में आयोजित एक रैली में कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर इतनी तेज आवाज में क्यों बजाए जाते हैं ? अगर इसे नहीं रोका गया तो मस्जिदों के बाहर स्पीकर पर अधिक तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाया जाएगा।”

‘राम नवमी की बधाई से गायब किए राम, मंदिर की जगह गुंबद?’ : नेटिजन्स उठा रहे केजरीवाल के विज्ञापन पर सवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम नवमी की शुभकामनाएँ देने के लिए अखबारों में एक विज्ञापन निकाला। इस पीले-नीले विज्ञापन में सबसे ऊपर दिल्ली सीएम की ओर से पहले राम नवमी की बधाई दी गई और फिर नीचे मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ भगवान श्रीराम से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।

विज्ञापन की अजीब बात ये है कि इसमें कहीं भी भगवान की तस्वीर लगाना केजरीवाल सरकार को जरूरी नहीं लगा जिसे देख लोग नाराज हो गए। तस्वीर के अलावा इस विज्ञापन में भगवा रंग का इस्तेमाल न होना भी लोगों को खला। साथ ही लोगों ने कहा कि केजरीवाल ने जो एड दिया है उसमें नीले रंग में श्रीराम मंदिर नहीं दिखाया गया बल्कि बाबरी मस्जिद दर्शाया गया है।

केजरीवाल के विज्ञापन पर यूजर्स की प्रतिक्रिया

केजरीवाल सरकार द्वारा अखबारों में दिए गए इस विज्ञापन की तस्वीर शेयर कर करके लोग इसकी निंदा कर रहे हैं। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एड की तस्वीर के साथ राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की तस्वीर शेयर करके पूछा- “राम नवमी पर ये किसको मिस कर रहे हो केजरीवाल जी। गई वो अब नहीं आने वाली।”

इंडियन आदित्य नाम का यूजर कहता है- “राम नवमी का विज्ञापन है लेकिन न तो श्रीराम की तस्वीर है न ही मंदिर के शीर्ष पर झंडा है। ये मस्जिद की गुंबद जैसा लग रहा है। हिंदू त्योहार पर मुगल प्रेम, शर्म करो केजरीवाल।”

कुछ यूजर्स ने विज्ञापन में मंदिर बताकर दिखाई गई तस्वीर और बाबरी मस्जिद की गुंबद को साथ-साथ साझा किया और बाकियों से पूछा कि बताओ इसमें क्या फर्क है।

कुछ लोगों ने इस तरह अरविंद केजरीवाल द्वारा अखबार के पूरे पेज पर भ्रामक एड देने का इल्जाम केजरीवाल पर मढ़ा और कुछ ने पूछा, “राम नवमी शुभकामना संदेश में प्रभु श्री राम कहाँ हैं? क्या केजरीवाल खुद को श्री राम से ज़्यादा बड़ा मानते हैं? और ये मंदिर की जगह बाबरी मस्जिद की फ़ोटो क्यों?”

ठाकुर संदीप सिंह तोमर ने लिखा, “देशभर के अखबारों में एक पेज का विज्ञापन दिया लेकिन राम नवमी की शुभकामनाएँ में भगवान राम ही नदारद हैं। हाँ, एक मस्जिद जैसा गुंबद जरूर दिख रहा है दो मंदिरों के बीच, बिना धर्म ध्वज पताका के… गजब का हिंदू विरोध है केजरीवाल का।”

एक यूजर लिखती हैं, “केजरीवाल को विज्ञापन, फ्री की घोषणाएँ करना, अखबारों में तस्वीरे छपवाना बहुत पसंद है लेकिन सिर्फ़ अपनी। कोई इनसे पूछे कि देश को राम नवमी की शुभकामनाएँ देने का यह कौन सा तरीका है सर जी! जिसकी नीली पृष्ठभूमि पर गुंबद बने हैं, धर्मध्वजा नहीं। भगवान श्रीराम नहीं ,केवल आप दिख रहे हैं?”

अन्य यूजर्स इस तस्वीर को दिखा पूछते हैं, “श्री राम नवमी की शुभकामनाएँ प्रेषित करेंगे मियाओं की गुंबद बनाकर शर्म आनी चाहिए अरविंद केजरीवाल तुम्हें तुम हिंदू धर्म का बार-बार मजाक उड़ाते हो। उन सभी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को विचार करना चाहिए यह किस धर्म का अनुयायी है किस धर्म के लोगों का भला चाहता।”

राहुल गाँधी ने भी बिन तस्वीर के दी राम नवमी की शुभकामनाएँ

बता दें कि अभी तक हिंदू त्योहारों की शुभकामनाएँ बिन भगवान की मूर्ति/तस्वीर के साथ देना कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी की भी आदत रही है। इस बार भी अपने ट्विटर पर उन्होंने राम नवमी की शुभकामनाएँ तो दीं, लेकिन प्रभु श्रीराम की तस्वीर शेयर करने से गुरेज किया। राहुल गाँधी पहले भी सरस्वती पूजा पर ये कारनामा कर चुके हैं।