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‘आततायी औरंगजेब के सामने गुरु तेग बहादुर चट्टान बनकर खड़े हो गए थे’: प्रकाश पर्व पर लाल किले से बोले PM मोदी- सत्ताएँ मिट गईं, भारत अमर खड़ा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इतिहास रचते हुए पहली बार किसी धार्मिक पर्व पर राजधानी दिल्ली के लाल किले (Lal Quila) से देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गुरु जी बलिदान को याद किया। गुरुवार (21 अप्रैल 2022) को सिख धर्म के 9वें गुरु श्री तेग बहादुर (Guru Teg Bahadur) के 400वें प्रकाश पर्व पर सिखों और देशवासियों को बधाई देते हुए 400 रुपए का स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी किया।

लाल किले पर प्रधानमंत्री मोदी के सामने देश भर से आए 400 से अधिक सिख संगीतकारों ने आयोजन किया। उन्हें शॉल और सरापा देकर उनका सम्मान किया गया। देश और दुनिया के लोगो को प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मुझे खुशी है कि आज पूरा देश हमारे गुरुओं के आदर्शों पर चल रहा है।”

उन्होंने कहा, ये लाल किला कितने ही अहम कालखण्डों का साक्षी रहा है। इस किले ने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को भी देखा है और देश के लिए मरने-मिटने वाले लोगों के हौसले को भी परखा है। हम जहाँ कहीं भी हैं, उसकी वजह हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानी हैं। भारत भूमि एक देश ही हनीं एक विरासत है, एक परंपरा है। इसकी पहचान के लिए दसों गुरुओं ने अपना जीवन समर्पित कर दिया था।”

मुगल आक्रांताओं लेकर पीएम मोदी ने कहा, “यहाँ लाल किले के पास में ही गुरु तेग बहादुर जी के अमर बलिदान का प्रतीक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब भी है। ये पवित्र गुरुद्वारा हमें याद दिलाता है कि हमारी महान संस्कृति की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान कितना बड़ा था। उस समय देश में मजहबी कट्टरता की आँधी आई थी। धर्म को दर्शन, विज्ञान और आत्मशोध का विषय मानने वाले हमारे हिंदुस्तान के सामने ऐसे लोग थे, जिन्होंने धर्म के नाम पर हिंसा और अत्याचार की पराकाष्ठा कर दी थी।”

गुरु तेग बहादुर के बलिदान को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “उस समय भारत को अपनी पहचान बचाने के लिए एक बड़ी उम्मीद गुरु तेग बहादुर जी के रूप में दिखी थी। औरंगजेब की आततायी सोच के सामने उस समय गुरु तेगबहादुर जी ‘हिन्द दी चादर’ बनकर, एक चट्टान बनकर खड़े हो गए थे।”

उन्होंने कहा, “आततायी औरंगजेब ने भले ही अनेकों सिरों को धड़ से अलग किया था, लेकिन हमारी आस्था को हमसे अलग नहीं कर सका। गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान ने भारत की अनेकों पीढ़ियों को अपनी संस्कृति की मर्यादा की रक्षा के लिए, उसके मान-सम्मान के लिए जीने और मर-मिट जाने की प्रेरणा दी है। बड़ी-बड़ी सत्ताएँ मिट गईं, बड़े-बड़े तूफान शांत हो गए, लेकिन भारत आज भी अमर खड़ा है, आगे बढ़ रहा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने पूरे देश को एक सूत्र में पिरोया। गुरु तेग बहादुर जी के अनुयायी हर तरफ हुए। पटना में पटना साहिब और दिल्ली में रकाबगंज साहिब, हर जगह गुरुओं के ज्ञान और आशीर्वाद के रूप में ‘एक भारत’ के दर्शन होते हैं।

सिख परंपरा के तीर्थों को जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। साहिबजादों के महान बलिदान की स्मृति में 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब आत्म-कल्याण के पथप्रदर्शक के साथ-साथ भारत की विविधता और एकता का जीवंत स्वरूप भी हैं। इसलिए जब अफगानिस्तान में संकट पैदा होता है और पवित्र गुरुग्रंथ साहिब के स्वरूपों को लाने का प्रश्न खड़ा होता है तो भारत सरकार पूरी ताकत लगा देती है।

कौन थे गुरु तेग बहादुर

गौरतलब है कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे। उनका जन्म अमृतसर में हुआ था। वो गुरु हरगोविंद जी के पाँचवें पुत्र थे। सिखों के 8वें गुरु हरकिशन जी की मृत्यु के बाद उन्हें नौवाँ गुरु बनाया गया था। उन्होंने 14 साल की उम्र में ही अपने पिता के साथ मुगलों के साथ हुए युद्ध में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दे दिया था।

औरंगजेब ने उनका धर्मान्तरण कराने की थी कोशिश

मुगल आक्रान्ता औरंगजेब ने 1675 ईस्वी में गुरु तेग बहादुर को इस्लाम स्वीकार करने के लिए कहा था। लेकिन, उन्होंने जवाब दिया कि शीश कटा सकते हैं, केश नहीं। इसके बाद औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया था। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज उन्हीं को समर्पित है, जिसे गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के नाम से जाना जाता है।

जाकिर अली पर अपनी 9 बेटियों से छेड़छाड़ का मामला: अब्बू के खिलाफ तीन बेटियों ने दर्ज कराई FIR, कहा- छूता है प्राइवेट पार्ट, एक्शन में बुलंदशहर पुलिस

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक अब्बू द्वारा अपनी हो बेटियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। मामले में बेटियों की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपित अब्बू जाकिर अली पर मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं बुलंदशहर पुलिस ने मामले में कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

पत्रकार सचिन गुप्ता ने ट्वीट कर इस मामले में जानकारी देते हुए लिखा, “UP के जिला बुलंदशहर में 45 साल के जाकिर अली की 9 बेटियाँ हैं। आज 3 बेटियों ने SSP से शिकायत की है। आरोप लगाया है कि पिता सारी बेटियों से छेड़छाड़ करते हैं, प्राइवेट पार्ट को छूते हैं, अपने साथ सोने के लिए बाध्य करते हैं। पुलिस ने जाँच शुरू की। #Bulandshahr”

वहीं उनके ट्वीट का संज्ञान लेते हुए बुलंदशहर पुलिस ने भी जवाब दिया है। पुलिस ने अपने ट्वीट में लिखा, “लड़कियों द्वारा पिता पर लगाए गए आरोपों के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना स्याना पर अभियोग पंजीकृत कराते हुए अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।”

हालाँकि, इस मामले में पुलिस ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं एक पत्र वायरल हो रहा है जिसमें उन तीन बेटियों का दावा करते हुए एक शिकायत दर्ज करने की अपील की गई है।

‘जामा मस्जिद में जल चढ़ा तो… मुसलमान बर्दास्त नहीं करेगा’: जहाँगीरपुरी में बुलडोजर से भड़के सपा सांसद बर्क, बोले- ऐसा हुआ तो हजारों आदमियों का खून चढ़ेगा

अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले संभल के सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने एक बार फिर भड़काऊ बयान दिया है। बर्क इस दौरान संभल की जामा मस्जिद में जल चढ़ाने वाली बात पर भी भड़कते नजर आए और उन्होंने ऐलान कर दिया कि यदि मस्जिद में जल चढ़ा तो हजारों लोगों का खून बहेगा। इसके साथ ही सपा सांसद ने प्रशासन को भी चेतावनी देते हुए हालात ठीक करने की हिदायत दे डाली।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में हनुमान जयंती पर हुए दंगे के बाद जहाँगीरपुरी मस्जिद में हुई बुलडोजर कार्रवाई से नाराज सांसद बर्क ने कहा, “मस्जिद में तोड़फोड़ मुसलमानों को दबाने की कोशिश है। ऐसे में हिन्दुस्तान के अंदर मुसलमान जिंदा कैसे रहेगा। जहाँगीरपुरी में जो जुल्म हुआ है वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। रमजान महीने में मस्जिद पर जो बुलडोजर चलाया गया है इससे बुरी बात नहीं हो सकती। इसका में दिल से निन्दा करता हूँ।”

उन्होंने कहा कि मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्र से हटाए गए अतिक्रमण का जायजा लेने के लिए अब वे जहाँगीरपुरी जाएँगे। अपने पौत्र और विधायक जियाउर्रहमान बर्क के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान बर्क ने कहा, “22 अप्रैल को वे जहाँगीरपुरी जाएँगे और देखेंगे कि कौन सा अतिक्रमण था जिस पर बुलडोजर चलाया गया है।” साथ ही दिल्ली में हुई अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए बर्क ने इस्तीफा भी माँगा।

वहीं जामा मस्जिद में जल चढ़ाने वाली बात पर बर्क ने कहा, “ऐसा हुआ तो हजारों आदमियों को खून चढ़ेगा। इसको मुसलमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। हम हमन चाहते हैं, ऐसी बात क्यों करते हो। मैं गुजारिश करता हूँ कि प्रशासन को अलर्ट रहना चाहिए। ईद पर बिजली पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। प्रशासन से माँग है कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि नफरत न पनपने पाए। जामा मस्जिद पर जल चढ़ाने की बात कही, लेकिन हमने मुसलमानों को समझा-बुझाकर हालात को काबू किया है। मै यही गुजारिश करता हूँ कि ईद और अलविदा पर माकूल इंतजाम होने चाहिए।”

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सपा सांसद ऐसे भड़काऊ बयान दिए हों। इससे कुछ दिन पहले भी बर्क ने अपने एक बयान में कहा था कि बच्चियों पर नियंत्रण के लिए हिजाब जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा था कि इस्लाम कहता है कि जब बच्ची जवान होने लगे तो उसे हिजाब में रहना जरूरी है। हिजाब इसलिए भी जरूरी है जिससे बच्चियाँ कंट्रोल में रहें और हालात संभले रहें।

मास्टरमाइंड मौलाना वसीम मुंबई में धराया: हनुमान जयंती पर भड़काऊ भाषण के बाद भीड़ ने हुबली में थाना और मंदिर पर किया था पथराव

कर्नाटक के हुबली (Hubli, Karnataka) में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) के दिन हिंसा को लेकर थाने और मंदिर पर किए गए पथराव के मास्टरमाइंड मौलाना वसीम पठान (Maulana Waseem Pathan) को पुलिस ने मुंबई (Mumbai) से हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद वह हुबली छोड़कर फरार हो गया था। इस पथराव में एक इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

बता दें कि 16 अप्रैल 2022 को हनुमान जयंती के दिन कथित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुबली में एक थाने के बाहर जमा हुई मुस्लिमों की भीड़ अचानक हिंसक हो गई और थाने, पुलिस के वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया थी। भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे।

घटना के बाद फरार होकर पठान ने एक वीडियो मैसेज जारी किया था। इस में उसने कहा था, “सोशल मीडिया में मेरे हवाले से माहौल बनाया जा रहा है, जैसे कि मैं ही उसका मास्टरमाइंड हूँ। यह सरासर गलत है। ऐसा न कोई इरादा था, न कोई खयाल था। यह मेरे खिलाफ रची गई एक साजिश है। उस वीडियो में अचानक वहाँ लाइट बंद हो जाती है। फिर कुछ नकाबपोश आते हैं और पथराव करते हैं। मैं इसका जवाब दूँगा और गुनहगार पाया जाता हूँ तो इन लोगों को हक है कि मुझे सजा दें।”

लोकल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कट्टरपंथी भीड़ एक व्हाट्सएप स्टेटस रखने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर थाने गए थे। इसी भीड़ ने फिर थाने पर हमला किया, पुलिस वालों पर पथराव कर कई को जख्मी किया। यही नहीं हिंसक भीड़ ने वाहनों में भी जमकर तोड़फोड़ की।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, एक युवक ने मस्जिद की तस्वीर को एडिट कर अपना व्हाट्सएप स्टेटस बनाया था। एडिट पोस्टर में उसने लिखा था, ”भगवान श्रीराम एक महान हिंदू सम्राट थे।” यह पोस्टर वायरल होते ही कट्टरपंथी मुस्लिम बेकाबू हो गए। इसके बाद उन्होंने उस युवक पर कार्रवाई की माँग करते हुए थाने और अस्पताल पर पथराव करना शुरू कर दिया।

भड़काऊ पोस्टर लगाने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पथराव के कारण कॉन्स्टेबल गुरुपप्पा स्वादी और पूर्व यातायात निरीक्षक कददेवरमथ सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। हुबली-धारवाड़ पुलिस कमिश्नर लाभूराम ने मुस्लिम नेताओं के साथ बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, ओल्ड हुबली थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

मौलाना पठान ने ओल्ड हुबली पुलिस स्टेशन के बाहर मुस्लिमों को उकसाया था। इसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने हुबली पुलिस स्टेशन के पास स्थित एक मंदिर और अस्पताल पर पथराव किया था। वायरल तस्वीरों में मौलाना नीले रंग के कपड़े में एक ऊँची जगह पर खड़ा होकर लोगों को भड़काता नजर आ रहा है। इस वीडियो में वसीम के बगल में स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता अल्ताफ हल्लूर को भी उसे भड़काऊ भाषण देने के लिए प्रोत्साहित करते देखा जा सकता है। कहा जा रहा है कि मौलाना वसीम ने पहले हुबली की एक दरगाह पर भड़काऊ भाषण दिया, फिर पुलिस स्टेशन के बाहर।

ब्रिटेन के PM बोरिस जॉनसन भी हुए बुलडोजर के मुरीद, गुजरात में खिंचाई तस्वीर हुई वायरल, अक्षरधाम मंदिर के दौरे के साथ अडानी समूह के मुख्यालय भी गए

दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (PM Boris Johnson) ने गुरुवार (21 अप्रैल 2022) गुजरात में अक्षरधाम मंदिर सहित कई स्थानों का दौरा किया और राजनेताओं सहित कई उद्योगपतियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने जेसीबी पर चढ़कर फोटो भी खिंचवाई, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

बोरिस जॉनसन गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (CM Bhupendra Patel) के साथ गाँधीनगर गिफ्ट सिटी में गुजरात बायोटेक्नोलाजी यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में शामिल हुए।

इसके बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री जॉनसन गाँधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर भी गए। इस दौरान उन्होंने इसके इतिहास और धार्मिक महत्व के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने गुजरात के मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ पंचमहाल के हलोल GIDC में जेसीबी कारखाने का दौरा किया। इस दौरान बुलडोजर देखकर वे अपने आपको रोक नहीं पाए और सीधे ड्राइविंग सीट पर जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद वे बुलडोजर के गेट पर खड़े हुए और मीडिया की ओर देखते हुए हाथ हिलाया। इसका वीडियो सोशल मी‍डिया पर खूब वायरल हो रहा है।

बोरिस जॉनसन ने गुजरात दौरे में बिजनेस टाइकून गौतम अडानी (Gautam Adani) से उनके मुख्यालय जाकर चर्चा की। गौतम अडानी ने जॉनसन की यात्रा पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “अडानी मुख्‍यालय में गुजरात की यात्रा करने वाले पहले ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन की मेजबानी करने पर सम्‍मानित महसूस कर रहा हूँ। जलवायु और स्थिरता एजेंडा के मुद्दे पर सहयोग देते हुए खुश हूँ। हमारा फोकस नवीकरणीय ऊर्जा के साथ-साथ ग्रीन H2 और नई ऊर्जा पर होगा। हम ब्रिटिश कंपनियों के साथ रक्षा और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सह-निर्माण के लिए काम करेंगे।”

इस दौरान जॉनसन ने कहा कि दोनों देशों के पास सुरक्षा और रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, यूके की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति की एकीकृत समीक्षा में हिंद-प्रशांत महत्वपूर्ण भूमिका रखता है।” जॉनसन ने कहा, “हम इस साल के अंत तक, शरद ऋतु तक भारत के साथ एक और मुक्त व्यापार समझौता पूरा करने की उम्मीद कर रहे हैं।”

बोरिस जॉनसन ने कहा कि भारत और यूके दुनिया भर में निरंकुशता के बारे में चिंता साझा करते हैं। दोनों देश लोकतंत्र हैं और एकजुट रहना चाहते हैं। रूस का जिक्र करते हुए जॉनसन ने कहा कि भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं और दोनों के बीच अलग प्रकार के रिश्ते हैं।

‘जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आएगा तो फिर किसी के कब्जे में नहीं आने वाला’: बुलडोजर से बौखलाए मौलाना तौकीर रजा ने दी धमकी, PM मोदी को बताया ‘धृतराष्ट्र’

कॉन्ग्रेस नेता और अक्सर विवादों में रहने वाले मौलाना तौकीर रजा ने एक बार फिर भड़काऊ बयानबाजी की है। दिल्ली में अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलने से बौखलाए तौकीर रजा ने कहा है कि जिस दिन मुस्लिम सड़कों पर उतरेगा किसी के कब्जे में नहीं आएगा। तौकीर रजा ने पीएम मोदी को धृतराष्ट्र बताते हुए कहा है कि यदि उनका यही रुख रहा तो देश को महाभारत से कोई नहीं बचा सकता है।

तौकीर रजा ने कहा, “ईद के बाद इंशाल्लाह हमारी मीटिंग फाइनल होने वाली है और अगर इस दौरान हुकूमत ने अपने तरीके को दुरुस्त नहीं किया, एकतरफा कार्रवाई का अमल जारी रखा तो दिल्ली से ये ऐलान होगा कि हम देशव्यापी जेल भरो आंदोलन करेंगे। उसमें हिंदू-मुस्लिम तमाम लोग शामिल होंगे। इसमें हर जिले, हर सूबे से देश की एकता में विश्वास रखने वाले, खासकर मुस्लिम समाज के लोग शामिल होंगे। क्योंकि जब तुम हमारे साथ रहना नहीं चाहते, हम कहीं जा नहीं सकते। पाकिस्तान हमें कबूल नहीं करेगा, बांग्लादेश हमें कबूल नहीं करेगा, चीन हमें कबूल नहीं करेगा, हम कहाँ जाएँ?”

मौलाना ने आगे कहा, “हुकूमत हमारी बात सुनेगी नहीं, हमारी बात मानेगी नहीं, कोर्ट में अब हमें इंसाफ की उम्मीद नहीं रही। कोर्ट से जिस किस्म के फैसले आ रहे हैं, मैं देख रहा हूँ कोर्ट को नजरअंदाज किया जा रहा है। फैसला ऑन द स्पॉट हो रहा है। मुजरिम और मुलजिम में अंतर होता है। आरोपित और अपराधी में अंतर होता है। तो आरोपित के घर पर बुलडोजर चला देना अन्याय है। इस किस्म के अन्याय अगर इस हुकूमत में होते रहे तो इस देशव्यापी जेल भरो आंदोलन को रोकना हुकूमत के बस की बात नहीं रहेगी और जिस दिन मुसलमान सड़कों पर आएगा तो वह फिर किसी के कब्जे में नहीं आने वाला है। यह बात समझ लिया जाए।”

तौकीर रजा ने प्रधानमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं हुकूमत को चेतावनी देता हूँ, खास तौर से नरेंद्र मोदी सरकार को। मैं उनको चेता देता हूँ कि अगर उन्होंने अपने इस तरीके को फौरी तौर पर दुरुस्त नहीं किया और तुम सबके प्रधानमंत्री हो। तुम्हारे मुल्क में इस किस्म की बेइमानी हो रही है और तुम खामोश हो, मूकदर्शक बने हुए हो, अंधे और बहरे बने हुए हो। ऐसा लगता है कि तुम महाभारत के धृतराष्ट्र हो। अगर धृतराष्ट्र अंधे और बहरे न बने रहे होते और वो तमाम बेईमानी न देख रहे होते तो महाभारत न हुई होती और अगर नरेंद्र मोदी धृतराष्ट्र की भूमिका से बाहर नहीं आए तो हिंदुस्तान में भी महाभारत होने से कोई बचा नहीं सकता।”

पहले भी दिया है विवादित बयान

बता दें कि ये मौलाना तौकीर रजा खान वही हैं जो पहले भी कई ऐसे ही भड़काऊ बयान दे चुके हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान करने वाले मौलाना तौकीर रजा का हिंदुओं के खिलाफ दिए गए भाषण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में वो देश के हिंदुओं को धमकी देते सुनाई दे रहे थे। उनके इसी वायरल वीडियो पर एक चैनल पर जब बहस चल रही थी तो एंकर की तरफ से मौलाना रजा से इसे लेकर सवाल किया जाता है। एंकर का सवाल सुनते ही रजा भड़क जाते हैं और उन्हें मुँह तोड़ने की धमकी तक दे डालते हैं।

इससे पहले वह कॉन्ग्रेस पर हमला बोलते नजर आए थे। चुनाव के वक्त में तौकीर रजा ने विवादित बयान देते हुए बाटला हाउस एनकाउंटर पर बोलते हुए कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला था और एनकाउंटर में मारे गए आतंकवादियों को शहीद बता दिया था।

सरकारी अस्पताल में अवैध मजार, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए सूरत पुलिस को लिखी चिट्ठी, सामने आया वीडियो

देश भर में अतिक्रमण के एक से बढ़कर एक मामले सामने आ रहे हैं, जो आश्चर्यचकित करते हैं। गुजरात में सूरत (Gujarat, Surat) के सिविल अस्पताल में एक अवैध मजार बनाकर अतिक्रमण करने की कोशिश की गई है। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को पत्र लिखकर परिसर में स्थित इस अवैध मजार को हटाने का अनुरोध किया है। मजार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि अस्पताल के परिसर में स्थित एक मजार है और इसके चारों ओर एक ठोस निर्माण किया जा रहा है। हालाँकि, अस्पताल के अधिकारियों ने अब पुलिस को पत्र लिखकर इस अवैध निर्माण को हटाने का अनुरोध किया है।

अस्पताल के अधिकारियों द्वारा पुलिस को लिखा गया पत्र

सूरत के पुलिस आयुक्त को लिखे एक पत्र की कॉपी ऑपइंडिया के उपलब्ध है। इस पत्र में अस्पताल के अधिकारियों ने लिखा है कि रेडियोलॉजी विभाग के पीछे और किडनी बिल्डिंग के बगल में स्थित ऑक्सीजन प्लांट के पास एक मजार है। इस मजार का निर्माण कुछ असामाजिक तत्वों ने अवैध रूप से किया है।

पत्र में कहा गया है, “यह अनधिकृत मजार 17.5 x 17.5 फीट क्षेत्र में फैला है। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि कृपया इसे देखें और सरकारी संपत्ति पर अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाएँ।” पत्र में पुलिस से असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने का स्पष्ट अनुरोध किया गया है।

मजार के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद का प्रदर्शन

नाम न छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि मजार परिसर में कब से है, लेकिन उन्होंने अब पुलिस से अवैध निर्माण को हटाने का अनुरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, विश्व हिंदू परिषद द्वारा अस्पताल परिसर में मजार के विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया है। इस सप्ताह की शुरुआत में विहिप कार्यकर्ताओं ने अनधिकृत मजार के बारे में अस्पताल के अधिकारियों को एक लिखित आवेदन दिया था।

(महेश पुरोहित के इनपुट्स के साथ)

दिन- शनिवार, तारीख- 23 अप्रैल, जगह- उद्धव ठाकरे का घर मातोश्री: 500 लोगों के साथ हनुमान चालीसा पाठ करेंगी महिला MP नवनीत राणा

महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह शनिवार (23 अप्रैल 2022) को ‘मातोश्री’ के बाहर 500 कार्यकर्ताओं के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगी।

इससे पहले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने राज्य सरकार को 3 मई तक मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को हटाने का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने ऐसा नहीं करने पर मस्जिदों के सामने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा पाठ करने की चेतावनी दे रखी है। अब नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने राज ठाकरे का समर्थन करते हुए हनुमान चालीसा पाठ करने की अपील की है।

नवनीत राणा शुक्रवार (22 अप्रैल 2022) को पति रवि राणा और 500 कार्यकर्ताओं के साथ मुंबई के लिए रवाना होंगी। ABP न्यूज के साथ बातचीत के दौरान नवनीत राणा ने कहा, “हमने शिवसैनिकों का इंतजार किया ताकि वो चालीसा पाठ का समय और जगह बताएँ, पर उनकी तरफ से कोई जवाब न आने के बाद हमने खुद ही ये तारीख और समय निकाला है। शिवसैनिकों ने हमें धमकी दी है कि अगर हम आएँगे तो अपने पैरों पर नहीं जाएँगे।”

हनुमान चालीसा पाठ करने के बारे में नवनीत राणा का कहना है, “मैं भी मुंबई से ही हूँ और विदर्भ की बहू हूँ, उनमें कितना ताकत है ये हम देख लेंगे। भगवान का नाम स्मरण करने में कितनी ताकत है ये भी हम देख लेंगे।” नवनीत राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से सवाल किया, “उन्हें हनुमान चालीसा पाठ करने से इतनी एलर्जी क्यों है? उद्धव ठाकरे को संकटमोचन के मंदिर जाने से एलर्जी क्यों है?”

नवनीत राणा का कहना है कि अगर उद्धव ठाकरे हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ करते या संकटमोचन के मंदिर जाते तो महाराष्ट्र पर चढ़ी साढ़े साती दूर होती। पर उन्होंने ऐसा नहीं किया जिससे पता चलता है कि उद्धव ठाकरे अपनी विचारधारा को पीछे छोड़कर दूसरे रास्तों पर चल पड़े हैं। साथ ही अमरावती की सांसद ने पुलिस से भी उनके रास्ते में नहीं आने के लिए कहा। उनका कहना है कि वे लोग शांति से भगवान का नाम स्मरण करने जा रहे हैं। ऐसे में जो भी उनके रास्ते में आएगा उसे उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा।

इससे पहले भी जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने लाउडस्पीकर पर अजान के विरोध में मोर्चा खोला था तब नवनीत राणा ने अपने घर के बाहर हजारों महिलाओ के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया था। बीते दिनों शिवसैनिकों ने भी रवि राणा के घर पर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने का प्रयास किया था। हालाँकि पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था।

‘खालिस्तानी आतंकी को बताया हिंदू, शोभा यात्रा को आतंक और गुजरात दंगों पर झूठ’: तहफ्फुज-ए-दीन इस्लामिक यूट्यूब चैनल की काली करतूत

YouTube पर तहफ्फुज-ए-दीन नाम का इस्लामिक चैनल है, जिसे यूट्यूब समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग देखते हैं। इसके सात लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं। YouTube पर इसके वीडियो को 10 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा है। लेकिन अगर इसकी वेबसाइट को देखें तो इसका स्पष्ट उद्देश्य है कि हजरत के बंदों को फिर से पुनर्जीवित करना है। ये लगातार समसामयिक विषयों और हिंदुओं के खिलाफ गलत और भ्रामक सूचनाएँ फैलाता है।

लुधियाना कोर्ट बम धमाकों का मास्टरमाइंड था हिंदू

पिछले साल 28 दिसंबर 2021 की एक रिपोर्ट में तहफ्फुज-ए-दीन चैनल के पत्रकार सैयद फारूक अहमद ने झूठ फैलाया कि लुधियाना कोर्ट बम धमाके का मास्टमाइंड हिंदू था। उसने कहा, “लुधियाना बम विस्फोट का मास्टरमाइंड और हिंदू आतंकवादी जसविंदर सिंह मुल्तानी को जर्मनी में गिरफ्तार किया गया था। उसे पकड़ने के लिए भारत सरकार ने जर्मन सरकार से अनुरोध किया था।”

जबकि, हकीकत ये है कि जसविंदर सिंह मुल्तानी एक खालिस्तानी आतंकी है औऱ वो खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस से जुड़ा हुआ है। उसे जर्मनी की पुलिस ने 28 दिसंबर 2021 को लुधियाना कोर्ट बम ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार किया था।

‘भोपाल में हनुमान जयंती पर ‘हिंदू आतंकियों’ ने निकाली शोभा यात्रा’

इसी तरह से एक अन्य रिपोर्ट में सैयद फारूक अहमद ने हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हिंदुओं को आतंकवादी करार दिया। फारूक के मुताबिक, “हिंदू आतंकवादियों ने घोषणा की है कि वे भोपाल में हनुमान जयंती पर शोभा यात्रा निकालेंगे।” उसने कहा कि ऐसा मुस्लिमों में डर फैलाने के लिए किया गया है।

इसके साथ ही खरगोन की हिंसा पर झूठ फैलाते हुए सैयद फारुक ने दावा किया कि हिंदुओं के डर से मुस्लिमों ने खरगोन छोड़ दिया है। जबकि सच ये है कि खरगोन के जिस इलाके में रामनवमी पर हिंसा हुई थी वो मुस्लिम बहुल इलाका है औऱ वो इलाका छोड़ने वाले हिंदू थे। रिपोर्ट्स से इस बात का पता चलता है कि मुस्लिम बहुल इलाके से शोभा यात्रा के गुजरने के दौरान मुस्लिमों ने पथराव किया था। इस घटना में शिवम नाम के 16 साल के लड़के को गंभीर चोटे आई थीं और उसकी सर्जरी होनी थी।

द कश्मीर फाइल्स को बताया फर्जी

इस YouTube चैनल के फाउंडर कारी जियाउर रहमान फारुकी ने कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार और पलायन पर बनी विवेक अग्निहोत्री की फिल्म फिल्म द कश्मीर फाइल्स को फर्जी करार दिया औऱ दावा किया कि ये फिल्म मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाती है। फारुकी ने कहा, “फिल्म देखने वाले संघियों को इसने उकसाया और थिएटर से बाहर निकलने के बाद ‘जय श्री राम’ और ‘देश के गद्दारों को’ वाले नारे लगाए। अगर वहाँ दाढ़ी और टोपी वाला मुस्लिम होता तो ये संघी उसके साथ क्या-क्या कर सकते थे।

चैनल के एंकर ने इसे झूठ करार देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर प्रतिबंध लगाने के बजाय इसे प्रमोट कर रहे हैं। हालाँकि, आप उनके जैसे आदमी से कोई उम्मीद कर भी नहीं सकते, जिनके हाथ खून से लथपथ हैं। गुजरात 2002 के दंगे मुल्क के इतिहास पर काला धब्बा है।

हालाँकि, चैनल के एंकर ने जिस घटना का जिक्र किया है कि गुजरात गंगों के दौरान एक महिला के साथ बलात्कार कर उसकी कोख को चीर दिया था, उसमें महिला के भ्रूण को सही पाया गया। 2010 में उस महिला का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने इसका खुलासा किया था। लेकिन फारुकी ने बड़ी ही चालाकी से उस घटना को दरकिनार कर दिया जब गोधरा में अयोध्या से वापस लौट रहे महिलाओं, बच्चों समेत 59 हिंदुओं को जिंदा जला दिया गया था।

इसी तरह से बीबीसी की भ्रामक रिपोर्ट को दिखाया, जिसमें कश्मीरी पंडितों को फिल्म द कश्मीर फाइल्स की आलोचना करते हुए दिखाया गया है। हालाँकि, बाद में बीबीसी की कथित गहन रिपोर्टिंग की पोल खुली तो पता चला कि वो सभी तो कॉन्ग्रेसी और भाजपा के विरोधी थे। पोल खुलने के बाद बीबीसी ने इस पर स्पष्टीकरण तो दिया, लेकिन माफी नहीं माँगी।

गौरतलब है कि फिल्म द कश्मीर फाइल्स के रिलीज होने के बाद से देश में एक सियासी भूचाल आ गया था। लेफ्ट-लिबरल मीडिया फिल्म पर ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए भ्रामक जानकारी फैलाया।

मुस्लिम महिलाओं को फँसा रहे हिंदू

ऐसी ही एक रिपोर्ट तहफ्फुज-ए-दीन इस्लामिक मीडिया चैनल ने अगस्त 2021 में जारी की। इसमें अहमद ने ये आरोप लगाया कि हिंदू युवक मुस्लिम महिलाओं को फँसाकर उन्हें शादी करने का लालच दे रहे हैं और फिर शादी के बाद उन्हें हिंदू धर्म अपनाने को कह रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि केंद्र में जब से मोदी सरकार आई है, तभी से लव जिहाद, गोहत्या आदि के नाम पर मुस्लिमों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

इसमें ये आरोप लगाया गया है कि हिंदू पुरुष मुस्लिम महिलाओं का रेप कर रहे हैं औऱ इस रैकेट में हिंदू महिलाएँ भी शामिल हैं। अहमद ने दावा किया कि मुस्लिम महिलाओं को फँसाने के लिए हिंदुओं को पैसे भी दिए जाते हैं। लेकिन जिस तरह से अहमद ने बताया है, ठीक उसी तरह लव जिहाद किया जाता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ मुस्लिमों ने अपनी पहचान छुपाकर हिंदू महिलाओं को शादी का लालच दिया। बाद में उनका जबरन इस्लामिक धर्मान्तरण कराया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है।

कारी जियाउर रहमान फारूकी है चैनल का संस्थापक

तहफ्फुज-ए-दीन मीडिया ऐसा इस्लामिक मीडिया संगठन की स्थापना औरंगाबाद के कारी जियाउर रहमान फारुकी ने की थी। उसके पिता हजरत मौलाना महफूज उर रहमान फारूकी रहमानी अक्सर चैनल पर आकर इस्लाम पर ज्ञान बाँटते हैं। इस चैनल के जरिए अक्सर एक प्रकार का नरैटिव बनाने की कोशिशें की जाती हैं कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में मुस्लिमो को लगातार टार्गेट किया जा रहा है।

इंसानी मांस खाने वाले पिशाच के डर से आंध्र के गाँव में लॉकडाउन, 4 की रहस्यमयी मौत के बाद चारों दिशाओं में लोगों ने लगाए नींबू

भारत के लगभग हर गाँव-शहर से लॉकडाउन हटाया जा चुका है, लेकिन आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के एक गाँव में लोग स्वेच्छा से लॉकडाउन लगाए हुए हैं। इसके पीछे की वजह कोरोना नहीं, बल्कि पिशाच है जो इंसानी मांस खाता है। इस पिशाच के डर लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और घरों के बाहर नींबू-मिर्च टाँग रहे हैं।

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के सरबुज्जीली मंडल में स्थित वेनेलावलास गाँव के लोगों का कहना है कि पिशाच गाँव में घात लगाए बैठे हैं। इसी डर से ग्रामीणों ने खुद ही पूर्ण लॉकडाउन लगा रखा है। इस गाँव के लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। यहाँ तक कि सरकारी कार्यालयों में भी ताला लगा दिया गया था। वहीं, बाहरी लोगों को गाँव में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। 

दरअसल, पिछले एक महीने के भीतर चार ग्रामीणों की रहस्यमय ढंग से मौत हो चुकी है। यहाँ के लोगों का कहना है कि इन मौतों के लिए पिशाच जिम्मेदार हैं। ग्रामीणों ने बाहरी लोगों को गाँव में घुसने से रोकने के लिए बाड़ लगा दिया गया है। गाँव के स्कूलों और आँगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद कर दिया गया था। सरकारी कर्मचारियों, चिकित्सा कर्मचारियों और शिक्षकों को भी गाँव में घुसने से रोक दिया था।

यह गाँव ओडिशा की सीमा के पास स्थित है। यहाँ के लोगों का कहना है कि कुछ लोग पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित हैं, जबकि चार लोगों की जान जा चुकी है। बुरी आत्माएँ गाँव में घात लगाकर बैठी हैं, इसीलिए ये मौतें हुईं हैं।

इसको लेकर गाँव के बुजुर्गों ने ओडिशा और पड़ोसी विजयनगरम जिले के पुजारियों से परामर्श किया है। इस पर पुजारियों ने उन्हें लॉकडाउन का सुझाव दिया और कहा कि इससे दुष्ट आत्माएँ दूर रहेंगी। पुजारियों की सलाह पर लोगों ने गाँव के चारों दिशाओं में नींबू लगाए और 17 से 25 अप्रैल तक के लिए लॉकडाउन लगा दिया।