Home Blog Page 2827

श्रीराम जन्मभूमि से पहली बार भव्य रामनवमी का सीधा प्रसारण, दूरदर्शन पर लोगों ने देखा लाइव: लाखों की संख्या में जुटे श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में पहली बार राजा रामचंद्र की नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि से जन्मोत्सव का सीधा प्रसारण दोपहर 11:30 बजे से दूरदर्शन पर किया गया। इस दौरान दूरदर्शन की टीम वहाँ मौजूद रही और लाइव कमेंट्री की। सीएम योगी ने इस बार के रामनवमी को बेहद भव्य तरीके से मनाने की घोषणा की थी।

जन्मोत्सव का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के नई दिल्ली और लखनऊ केंद्र से किया गया। यह प्रसारण दोपहर 11:30 बजे से शुरू होकर 1:00 बजे तक किया गया। इसके लिए मंदिर के दो स्थानों को चूना गया था। पहला श्रीराम जन्मभूमि मंदिर स्थल और दूसरा कनक भवन स्थल। कनक भवन मंदिर से जन्मोत्सव का कार्यक्रम 25 सालों से हो रहा है, लेकिन जन्मभूमि से पहली बार है।

योगी आदित्यनाथ के पहले शासनकाल में रामलला को 25 मार्च 2020 को टेंट वाली अस्थाई जगह से निकालकर मानस मंदिर में स्थापित किया गया था। उसके बाद उसी साल अगस्त में जन्मस्थान पर राम मंदिर का शिलान्यास किया गया था। इसके लिए भव्य आयोजन किया गया था।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद (VHP) की अपील पर लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुँचे। देश-विदेश से पहुँचे श्रद्धालुओं की वजह से अयोध्या के मंदिर, मठ और धर्मशालाएँ भर गई हैं। इस दौरान राम लला का विशेष श्रृंगार किया गया है। उन्हें पीले वस्त्रों के साथ-साथ सोने-चाँदी के आभूषणों से सजाया गया है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देेखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। इसमें यूपी पुलिस के अलावा PAC, CRPF और BSF को तैनात किया या है। पूरे क्षेत्र को 6 जोन और 27 सेक्टरों में बाँटा गया है। प्रत्येक जोन में सुरक्षाबलों के अलावा एक मजिस्ट्रेट को तैनात किया गया है। जगह-जगह बैरिकेड लगाकर आने वाले लोगों और उनके सामानों की जाँच की जा रही है।

मेला क्षेत्र से जुड़े इलाके के आसपास के घरों पर भी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। पूरे क्षेत्र में CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। वहीं, सरयू नदी में NDRF की कई टीमें तैनात की गई हैं। किसी तरह के अवांछित तत्वों के लिए आतंकवाद निरोधी दस्ते UP ATS को भी तैनात किया गया है।

हिन्दू लड़के से शादी करने पर मुस्लिम लड़की के परिवार वालों ने ही किया अपहरण, घर में घुस कर पीटा: अम्मी सहित 6 आरोपित गिरफ्तार

गुजरात के अहमदाबाद में हिन्दू युवक से शादी करने वाली मुस्लिम लड़की के अपहरण की खबर है। इस अपहरण का आरोप लड़की के परिवार वालों पर ही लगा है। पीड़ित पति ने इसकी शिकायत सरखेज थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस ने इस मामले में सभी 6 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों में लड़की की माँ भी शामिल है। घटना गुरुवार (7 अप्रैल, 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिकायतकर्ता पति ललित खांडवी वातवा के निवासी हैं। उनकी उम्र लगभग 24 साल है और वह खाने की डिलीवरी का काम करते थे। उनकी मुलाक़ात 4 साल पहले अपने दोस्त की शादी में भरूच की रहने वाली सिमरन मुल्तानी नाम की लड़की से हुई थी। इस दौरान कुछ समय बाद दोनों में प्यार हो गया। 25 दिसम्बर, 2021 को सिमरन ने ललित से बताया कि उनकी शादी कहीं और तय हो रही है।

इस दौरान ललित और सिमरन दिल्ली चले आए और उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। अलग-अलग जगहों पर रहने के बाद लगभग 3 महीने पहले ललित और सिमरन वापस सरखेज आए थे।

ललित द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, “घटना के दिन सिमरन की अम्मी जुलेखा अपने दामाद जावेद मुल्तानी और तैयब मुल्तानी के साथ मेरे घर पर आए। उनके साथ 3 अन्य लोग थे जिन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया। बाद में वो सभी सिमरन को कार में बिठा कर ले गए। मैं उनके पीछे दौड़ा तो मुझे चाकू दिखा कर मार देने की धमकी दी गई।” ललित के मुताबिक, आरोपित परिवार अपनी बेटी की शादी किसी मुस्लिम से करना चाह रहे थे। बाद में ललित को पीटने वाले 3 अन्य लोगों के नाम एजाज शेख, सिराज मुल्तानी और विनय परमार के रूप में सामने आए।

चलती ट्रक से गायों को फेंका, टायर फटने पर भी भगाते रहे गाड़ी… बजरंग दल और गौ रक्षकों की मदद से 22 km बाद गुरुग्राम पुलिस ने दबोचा

गुरुग्राम पुलिस ने 22 किलोमीटर तक पीछा करके 5 गौ तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इन आरोपितों के नाम बबलू, तस्लीम, पापा, शहीद और खालिद हैं। ये आरोपित एक ट्रक में सवार थे पुलिस ने लगातार रोकने की कोशिश की पर वो भागते रहे।

गौ तस्करों ने पुलिस की गाड़ियों के आगे चलती ट्रक से गायों को भी गिराया। ऐसा वो पुलिस की गाड़ी को पलट देने के लिए कर रहे थे। सभी आरोपित मेवात के नूँह इलाके के निवासी हैं। यह घटना 8-9 अप्रैल (शनिवार) रात की है। इस गिरफ्तारी में बजरंग दल और गौ रक्षकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

गुरुग्राम के DCP क्राइम राजीव देशवाल के मुताबिक, “पुलिस को सेक्टर 29 क्षेत्र से लगभग 6-7 गायों की चोरी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने रास्तों पर नाकेबंदी की। इस नाकेबंदी के दौरान एक गाड़ी में 5 लोग सवार मिले। वो पुलिस से भागने के दौरान रास्ते में गायों को गिराते जा रहे थे। ऐसा वो इसलिए कर रहे थे क्योंकि उनका पीछा पुलिस की गाड़ियाँ कर रही थीं। भागने के दौरान आरोपित भी मामूली रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज करवाया जा रहा है। सभी आरोपित पुलिस की कस्टडी में हैं। उनके पास से 1 देसी पिस्तौल, 5 खोखे और 1 जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। गायों का भी उपचार चल रहा है।”

पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के दौरान इन आरोपितों की गाड़ी का टायर भी फट गया था। लेकिन उन्होंने इसके बाद भी गाड़ी नहीं रोकी। पुलिस ने इस बीच इन्हें कई बार चेतावनी दी पर इन सभी ने अनसुना कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में पुलिस लगातार आरोपितों का पीछा कर रही है। पीछा करने के दौरान पुलिस इस बात का भी ध्यान रख रही थी कि सड़क पर चलते किसी अन्य राहगीर को कोई नुकसान न पहुँचे।

जानकारी के मुताबिक पुलिस को इस तस्करी की सूचना बजरंग दल ने दी थी। आरोपितों के खिलाफ FIR भी बजरंग दल के मानेसर क्षेत्र के कार्यकर्ता मोहित उर्फ़ मोनू ने दर्ज करवाई है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा 5/13, 17 HGSGS एक्ट, धारा 307 और 25.54.59 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। FIR के मुताबिक:

“हमें मुखबिर से गौ तस्करों की गाड़ी आने की सूचना थी। हम बोलेरो से एम्बियंस मॉल के पास खड़े थे। हमें देखते ही गौ तस्कर सिग्नेचर टावर की तरफ भागे। उन्होंने अपनी चलती हुई टाटा 407 ट्रक से गायों को नीचे फेंकना शुरू कर दिया।”

जिन गौरक्षकों ने पुलिस को सूचना दी थी, उनकी टीम भी पुलिस के साथ चल रही थी। अशोक नाम के गौ रक्षक ने बताया, “ये गाड़ी दिल्ली की तरफ से आ रही थी। उसको रोकने के बाद भी ये नहीं रुकी। इस दौरान ये गाड़ी एक दूसरी गाड़ी से टकराई और इसमें सवार लोग भागने लगे। पुलिस मौके पर थी और उन्होंने अपनी कार्रवाई की। भागने के दौरान इन्होंने 7 गाएँ नीचे फेंकी।”

एक अन्य गौ रक्षक ने बताया कि उन्होंने तस्करों की गाड़ी का पीछा एम्बियंस मॉल से किया था। इस दौरान गौ तस्करों द्वारा उन पर फायरिंग भी की गई। भागने के दौरान ही कुछ गौ तस्कर नीचे कूद गए, जिन्हें चोटें आई हैं।

गौ तस्करों की गिरफ्तारी के बाद बजरंग दल के उत्साहित कार्यकर्ता

वीडियो में एक जगह यह भी दिख रहा कि सभी गायों को चलती गाड़ी से नीचे फेंक देने के बाद आरोपित ट्रक में से ही हाथ जोड़ रहे थे।

‘मुनव्वर फारूकी की हो चुकी है शादी और एक बेटा भी है’: कंगना के Lock Upp शो में खुलासा, अंजलि अरोड़ा संग चल रहा रोमांस

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की रियलिटी शो लॉकअप (Lock Upp) में 9 अप्रैल को खुलासा हुआ कि विवादित कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) की शादी हो चुकी है और उनका एक बेटा भी है। हालाँकि, मियाँ-बीवी साथ नहीं रहते और दोनों का मामला कोर्ट में है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब शो की साथी प्रतिभागी अंजलि अरोड़ा के साथ फारूकी के रोमांस के चर्चे हो रहे हैं।

हालाँकि, फारूकी के बारे यह जानकारी लॉकअप शो के माध्यम से लगी, लेकिन इंदौर के एक यूट्यूबर ने इस बारे में पिछले साल की बता दिया था कि फारूकी का निकाह हो चुका है। शो के दौरान यह बात सामने आई कि फारूकी का निकाह कम उम्र में ही हो गया था और पिछले 1.5 साल से दोनों अलग रह रहे हैं।

प्रतिभागियों को दिखाई गई फारूकी और बेटे की तस्वीर

शो के दौरान होस्ट कंगना रनौत ने फारूकी से कहा कि उसकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और वह जानना चाहती हैं कि वह इसके बारे में जानना चाहती हैं। फिर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट (टेलीविजन पर धुंधला) प्रतियोगियों को दिखाया गया, जिसमें फारूकी एक महिला और एक बच्चे के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। तस्वीर को एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर चेतना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया था। इसी पोस्ट को शो में शेयर किया गया।

शुरू में फारूकी ने स्वीकार किया कि यह तस्वीर सही है इसमें दिख रहा शख्स वही है, लेकिन इसके बारे में बताने से मना कर दिया। इनकार कर दिया। शो के बाद अपने YouTube लाइव में चेतना ने बताया कि इस बारे में जानकारी के लिए उन्होंने शो में संपर्क किया था, लेकिन जानकारी से इनकार कर दिया गया। उसके बाद, उसने इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूछा तथा कि फोटो में दिख रहे लोगों के बीच संबंधों के बारे में कोई जानता है। उन्होंने दावा किया फारूकी ने अपने विवाहित होने की सूचना शो को नहीं दी थी।

फारूकी का कबूलनामा

सायशा शिंदे से बात करते हुए फारूकी ने कहा, “मुझ नहीं लगता कि जो चीज का अब मतलब ही नहीं है वो चीज बाहर आए। पहले से ही बहुत सारी परेशानी है। मामला कोर्ट में है। मैं नहीं चाहता कि ये चीजें बाहर आएँ। थोड़ा सा बात करूँगा तो सबको पूरा जाना होगा। मैं चीजों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा था। ये सब चीजें मुझे 2 साल से खा रही हैं।” इस दौरान फारूकी ने बताया कि वह ये शो अपने बेटे के लिए ही कर रहे हैं।

अंजलि अरोड़ा का कबूलनामा

इससे पहले शुक्रवार (8 अप्रैल) की एपिसोड में एक्ट्रेस अंजलि अरोड़ा ने फारूकी से पूछा कि क्या वह उनसे नाराज हैं। उसने कहा था कि वह पहले दिन ही चिढ़ गया था। फारूकी ने कहा, “अगर कोई समस्या है तो मुझे इसे सहना होगा और मैं इसे पहले से ही सह रहा हूँ। और क्या किया जा सकता है?” अरोड़ा ने पूछा कि क्या वह दिल्ली में उनसे मिलने आएँगे, इस पर फारूकी ने मना कर दिया और कहा कि उन्हें शो के बाहर बहुत काम है।

इंदौर के यूट्यूबर ने बताया था कि फारूकी शादीशुदा है

इसके पहले एक इंदौर के एक यूट्यूबर ने पिछले साल फरवरी में अपने वीडियो में बताया था कि जब फारूकी जब जेल में बंद थे तो उनसे मिलने उनके ससुर आए थे। उस दौरान @king_polo33 नाम से अकाउंट चलाने वाले इस यूट्यूबर ने कहा कि वह जानकर शॉक रह गया कि मुनव्वर फारूकी शादीशुदा है।

फारूकी का विवादस्पद इतिहास

मुनव्वर फारूकी का एक इतिहास विवादास्पद रहा है। फारूकी पर भगवान राम और माता सीता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। उन्होंने गोधरा नरसंहार के पीड़ितों का भी मज़ाक उड़ाया था। इस नरसंहार में 27 फरवरी 2002 को महिलाओं और बच्चों सहित 56 हिंदुओं को जिंदा जला दिया गया था। फारूकी को अपनी टिप्पणी के लिए जनवरी 2021 में गिरफ्तार किया गया था।

शाहबाज शरीफ: बनेंगे पाकिस्तान के PM, हिटलर की तरह चिल्ला-चिल्ला कर बोलते हैं… ‘बदले की कार्रवाई’ भी शुरू

इमरान खान (Imran Khan) को पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री की कुर्सी से अविश्वास मत द्वारा हटाए जाने के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) के लिए अब रास्ता साफ हो गया है। वहीं, सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके पुराने वीडियो साझा कर रहे हैं, जिनसे वह हिटलर जैसे व्यवहार करते दिख रहे हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री की कुर्सी गँवाते ही इमरान खान के नजदीकियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है।

कौन हैं शहबाज शरीफ

शहबाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (Nawaz Sharif) के भाई हैं। वह पंजाब प्रांत के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। साल 2018 से वह नेशनल असेंबली के सदस्य हैं। विपक्षी दलों ने उन्हें अपना पीएम उम्मीदवार बनाया है। साल 2018 के चुनावों में भी वह विपक्षी के पीएम उम्मीदवार थे।

शहबाज का जन्म भारत-पाकिस्तान के बँटवारे से पहले उनका परिवार जम्मू के अनंतनाग में रहता था। उनका परिवार व्यापार करता था। इसलिए वह अनंतनाग से अमृतसर चला गया। बँटवारे के बाद उनका परिवार पाकिस्तान के लाहौर में बस गया। उनका जन्म 23 सितंबर 1951 में लाहौर में हुआ और वहीं से उन्होंने स्नातक की पढ़ाई की।

शहबाज शरीफ ने अपनी राजनीति की शुरुआत 80 के दशक में की थी। साल 1988 में उन्होंने पहला चुनाव जीता था। वे साल 1997 में पहली बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद वह 2008 और 2013 में भी पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। नवाज शरीफ को सेना का करीबी और भारत के प्रति लचीला नजरिया रखना वाला नेता माना जाता है।

हिटलर की तरह व्यवहार

शहबाज शरीफ के एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें रैली और सभा संबोधन के दौरान अजीब तरह की हरकत करते नजर आ रहे हैं।

वहीं, पाकिस्तान के सदन का भी उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिल और दिमाग की बात कर रहे हैं। जब दिल की बात करते हैं तो इशारा सिर की तरफ करते हैं और जब दिमाग की बात करते हैं तो इशारा दिल की तरफ करते दिख रहे हैं।

सत्ता से बाहर होते हुए इमरान के लोगों पर कार्रवाई

इमरान खान की सरकार गिरते ही उनके प्रवक्ता अर्सलान खालिद के घर देर रात छापेमारी की खबर आई है। इसकी जानकारी PTI ने ट्विटर पर साझा की है। छापेमारी के दौरान अर्सलान खालिद और उनके परिजनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए। वहीं, इमरान सहित उनके लोगों को देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

पार्टी की ओर से कहा गया है कि अर्सलान पर कार्रवाई सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर की गई है। पार्टी ने कहा कि अर्सलान ने कभी किसी तो सोशल मीडिया पर एक शब्द भी नहीं कहा है। बता दें कि शहबाज ने कहा था कि नई सरकार बदले की कार्रवाई नहीं करेगी।

जिसके घर पेपर देता था आसिफ, उसी की 15 साल की बिटिया का गला रेत डाला: हिमाचल की जनता की माँग – फाँसी या भीड़ के हवाले

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में 15 साल की एक लड़की की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने इस केस में आसिफ मोहम्मद नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित उस क्षेत्र में अख़बार बाँटता है। घटना 5 अप्रैल (मंगलवार) की है। पुलिस ने आसिफ मोहम्मद को गिरफ्तार कर के कोर्ट से 4 दिनों का रिमांड लिया है।

घटना स्थल अब थानाक्षेत्र का प्रतापनगर है। हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा 9 अप्रैल को इस बारे में बताया गया, “लगभग 23 वर्षीय आरोपित आसिफ लड़की के घर पहले प्लंबर का काम कर चुका है। बाद में वो अख़बार बाँटने लगा। घटना के दिन वो मृतका के घर पैसे माँगने गया था। उसने मृतका के अकेले होने का फायदा उठाना चाहा, जिसका लड़की ने विरोध किया। इसके बाद आसिफ मोहम्मद ने एक तेज धारदार हथियार से मृतका पर वार किया और भाग गया। भागते समय उसके द्वारा सड़क के किनारे फेंका गया हथियार भी बरामद कर लिया गया है। इस मामले में धारा 302 के तहत केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की जाँच कर रही।”

‘या दो फाँसी या करो हमारे हवाले’

इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में जबर्दस्त गुस्सा है। स्थानीय लोग मृतका के घर के आगे जमा दिखे। वो मानसिकता पर सवाल उठाते हुए आरोपित को फाँसी देने की माँग कर रहे। उन्ही में से एक को कहते सुना गया, “उसे हमारे हवाले करो।”

एक अन्य वीडियो में स्थानीय लोगों को पुलिसकर्मी समझाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उसी वीडियो में एक महिला कह रही, “आज उसके साथ हुआ। कल न जाने किसके साथ होगा। हम भी लड़की हैं।”

घटनस्थल गए DGP, SIT जाँच का आदेश

हिमाचल प्रदेश के DGP संजय कुंडू 9 अप्रैल (शनिवार) को पीड़ित परिवार से मिलने गए। इस मुलाकात के बाद उन्होंने घटना की SIT जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने SIT को तत्काल काम पर लग जाने के भी निर्देश दिए हैं। इस दौरान संजय कुंडू ने खुद आरोपित से पूछताछ की।

अविश्वास प्रस्ताव के जरिए कुर्सी खोने वाले पाकिस्तान के पहले PM बने इमरान खान: शहबाज लेंगे शपथ, बोले- नहीं होगी बदले की कार्रवाई

पाकिस्तान (Pakistan) में जारी सियासी ड्रामे का शनिवार (9 अप्रैल 2022) को अंतत: पटाक्षेप हो गया और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान (Imran Khan) जाते-जाते इतिहास रच गए। शनिवार की देर रात और रविवार के तड़के तक पाकिस्तान में चली गहमा-गहमी और संसद में मारपीट के बाद इमरान खान अविश्वास प्रस्ताव हार गए और वे मुल्क के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए, जो जिनकी कुर्सी विश्वास मत हारकर गई है।

देर रात तक सुप्रीम कोर्ट और सेना सत्ता और विपक्षी दलों की कार्यवाही पर नजर बनाए रखा। इस दौरान 342 सदस्यीय संसद में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 174 वोट पड़े। मतदान से कुछ देर पहले स्पीकर द्वारा इस्तीफा देने के बाद PML-N के अयाज सादिक ने स्पीकर के रूप में संविधान के अनुरूप इमरान खान के पावर सीज का ऐलान कर दिया।

इमरान खान पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिनकी कुर्सी अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद गई है। इसके पहले साल प्रधानमंत्री के रूप में 1989 में बेनजीर भुट्टो और साल 2006 में शौकत अजीज अविश्वास प्रस्ताव जीत गए थे।

स्पीकर ने विपक्ष के संयुक्त नेता और PML-N के अध्यक्ष शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) को प्रधानमंत्री के रूप में आमंत्रित किया। शहबाज सोमवार को सदन में अपना बहुमत साबित करेंगे। इस दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि वे बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा, “मैं अतीत की कड़वाहट में वापस नहीं जाना चाहता। हम उन्हें भूलकर आगे बढ़ना चाहते हैं। हम बदला नहीं लेंगे या अन्याय नहीं करेंगे। हम लोगों को बिना किसी कारण के जेल नहीं भेजेंगे। कानून और न्याय अपना काम करेगा।”

नई सरकार को समर्थन देने वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के प्रमुख बिलावल भुट्टो ने कहा कि लोकतंत्र से बढ़कर कुछ नहीं है। देशवासियों का ‘पुराना पाकिस्तान’ में स्वागत है। नई सरकार में मौलाना फजलुर्रहमान की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

…वो वक्त जब हिमालय जाकर प्रायश्चित करना चाहते थे भगवान श्रीराम, एक गलत काम करने का था उनको पश्चाताप

रामनवमी के साथ ही चैत्र नवरात्र का समापन हो जाता है। चैत्र माह की शुक्‍ल पक्ष की नवमी को मध्याह्न के समय पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्‍न में राजा दशरथ के यहाँ भगवान श्रीराम का जन्‍म हुआ था। यही वजह है कि इस दिन को राम नवमी के नाम से जाना जाता है। रामनवमी के दिन माँ दुर्गा के नौवें रूप सिद्धिदात्री की पूजा के साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की पूजा का भी विधान है।

इससे पहले कि राम के व्यक्तित्व के कुछ विशेष पहलुओं पर बात करें, कुछ मूलभूत बातें जैसे कि हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार रामनवमी हर साल चैत्र माह की शुक्‍ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह पर्व हर साल मार्च या अप्रैल महीने में आता है। इस बार राम नवमी रविवार (10 अप्रैल,2022) को मनाई जाएगी। नवमी तिथि की शुरुआत 10 अप्रैल को देर सुबह 01 बजकर 32 मिनट से आरम्भ होगी और 11 अप्रैल को तड़के 03 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी।

सनातन धर्म में रामनवमी का विशेष महत्‍व है। इसी दिन भगवान विष्‍णु ने अयोध्‍या के राजा दशरथ की पहली पत्‍नी कौशल्‍या की कोख से भगवान राम के रूप में मनुष्‍य योनि में जन्‍म लिया था। हिन्‍दू धर्म की मान्‍यताओं में भगवान राम को सृष्टि के पालनहार श्री विष्‍णु का सातवाँ अवतार माना गया है।

गोस्वामी तुलसीदास जी ने बनारस के तुलसीघाट पर जिस राम चरित मानस की रचना की थी, उसका आरंभ भी भगवान राम के जन्मदिवस अर्थात रामनवमी को ही हुआ था।

रामकथा पर लगभग 1000 से भी ज़्यादा प्राप्त ग्रन्थ हैं। इनमें वाल्मीकि रामायण को आधार माना जाता है। राम की लगभग सम्पूर्ण गाथा इस महाकाव्य में है। आज रामनवमी के अवसर पर श्रीराम के व्यक्तित्व की कुछ मूलभूत बातों पर गौर करते हैं जिन्हें अगर हमने ठीक से समझ लिया तो आज रामनवमी मनाने का यह एक नया अंदाज होगा। वैसे भी सनातन में हर भक्त की भगवान हो जाने की पूरी सम्भावना व्यक्त की गई है।

भगवान राम और माँ सीता

ऐसे में चलिए, रामायण में घटी एक सुंदर घटना का जिक्र कर रहा हूँ। इससे पहले राम के जीवन में बहुत सी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ घटित हो चुकी थीं। जैसे पिता की आज्ञा पालन के लिए उन्हें अपने राज्य अयोध्या से बाहर 14 वर्ष के लिए वनवास जाना पड़ा था। जंगल का जीवन आसान नहीं होता, ज़ाहिर है उन्हें एक मुश्किल जीवन जीना पड़ा होगा। फिर उनकी पत्नी सीता का रावण ने हरण कर लिया। प्रेम और चिंता से भरे राम दक्षिण भारत पहुँचे, एक सेना तैयार की, और लंका पहुँच कर युद्ध लड़ा, रावण पर विजय प्राप्त की। एक तरह से इस युद्ध में रावण का समूल नाश हो गया।

इतनी कहानी तो आप सभी को पता है और ये भी कि रावण के दस सिर थे। रावण को मारने के लिए, राम को सभी दस सिर काटने पड़े। सवाल यहाँ यह भी हो सकता है कि एक व्यक्ति के दस सिर भला कैसे संभव हैं। इसके कई जवाब हैं अभी के लिए आप इतना समझिए कि चूँकि पहले लिपि नहीं थी, ऐसे में जो भी पहली भाषा विकसित हुई होगी वह चित्रात्मक होगी। क्योंकि चित्रों के माध्यम से कुछ भी व्यक्त करना आसान रहा होगा। इस मत के कई प्रमाण हैं। बाकी दस सिरों पर आगे बात होगी।

योगवशिष्ठ में ये कथा आती है, रावण से युद्ध जीतने के बाद राम बोले- “मैं हिमालय जाकर प्रायश्चित करना चाहता हूँ, क्योंकि मैंने एक गलत काम किया है। मैंने एक ऐसे मनुष्य को मार दिया जो महान शिव भक्त था, एक विद्वान था, एक महान राजा था और दानवीर भी था।” यह सुनकर सबको बहुत आश्चर्य हुआ। कहते हैं कि ऐसे में राम के भाई लक्ष्मण बोले, “आप यह क्या कह रहे हैं? उस दुष्ट ने आपकी पत्नी का हरण किया था। फिर प्रायश्चित क्यों?” राम बोले, “उसके दस सिरों में एक सिर ऐसा था जिसमें बहुत ज्ञान था, पवित्रता और भक्ति थी। उस सिर को काटने का पश्चाताप है मुझे।”

इस कथा का सार यह है कि हर किसी के दस या ज्यादा सिर होते हैं। हमारा सिर अलग-अलग प्रवृत्तियों का जन्मस्थान है जिनसे हमारा पूरा कृतित्व और व्यक्तित्व निर्धारित होता है। जैसे एक दिन, हमारा सिर लालच से भरा होता है, दूसरे दिन ईर्ष्या से फिर किसी दिन नफरत, प्रेम, कामनाएँ, सुंदर या फिर कुरूपता से या अनेक अन्य तरह की दुर्भावनाओं से, ये सारे विचार सिर में ही तो अपनी जड़ें जमाते हैं, वहीं से अपनी सत्ता चलाते हैं। या फिर हो सकता है कि एक ही दिन में कोई ऐसी सभी भावनाओं से गुजरता हो।

जैसे ही कोई किसी को ईर्ष्या के एक पल में देखता हैं, तो वह निष्कर्ष निकाल लेता हैं कि वो ईर्ष्यालु है। अगर कोई किसी को लालच के एक पल में देखता हैं, तो तुरंत निष्कर्ष निकाल लेता है कि वह लालची है। पर असल में, यह सब अलग-अलग समय पर, सभी में अलग-अलग सिरों के काम करने की वजह से होता है। हम सभी में कम-से-कम एक सिर प्रेम, सुंदरता, उदारता और करुणा का होता है। जो गलती लोग करते हैं वो यह है कि एक गुण या अवगुण की पहचान करने की जगह हम उस व्यक्ति की बुराई करने लगते हैं।

राम रावण को सिंबॉलिक रूप से व्यक्त करता एक मॉडर्न आर्ट (साभार-Astrotalk)

यहाँ, राम के पश्चाताप का अर्थ है कि राम कहना चाहते थे, कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रावण ने कितने बुरे काम किए हैं, उसमें एक आयाम ऐसा था जो कि जबरदस्त संभावनाओं से भरा था। सनातन में जो भी कथाएँ हैं, उन सभी कथाओं का एक गूढ़ अर्थ भी है। अगर हम उसे समझ जाएँ तो जीवन जीने का पूरा अंदाज़ ही बदल जाए, यूँ ही किसी कथा को पीढ़ी दर पीढ़ी हज़ारों सालों से आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है।

जैसे यहाँ है, किसी व्यक्ति में छिपे अवगुण की बुराई करें उस व्यक्ति की नहीं। राम को जिसने भी समझा, अनुभूत किया, वह उसमें एक नए आयाम में प्रकट हुए चाहे वह कबीर के राम हों या रामानुजन के राम, भगवान राम ने सदैव अपने आत्मसात करने वाले के व्यक्तित्व को एक नई ऊँचाई दी। गाँधी ने भी जब राम को अपनाया तो महात्मा कहलाए।

साधारण से नियम के पालन के भी कई दूरगामी परिणाम हैं। जब भी हमें किसी में कुछ गलत दिखे, तो हम उस अवगुण की बुराई करें न कि उस व्यक्ति की। अगर हम अपने जीवन में इस विवेक को शामिल कर लेते हैं तो हम निश्चित रूप से अपने कई बोझों से मुक्ति पा लेंगे। जब हम दूसरों के साथ ऐसा करेंगे तो यक़ीनन हमारे साथ भी ऐसा होगा।

भगवान राम

राम की कहानी में प्रेम की पीड़ा भी है और प्रेम की पराकाष्ठा भी। अक्सर कहा जाता है कि ‘प्रेम एक ऐसे पुरुष और स्त्री के बीच होता है जो एक दूसरे को नहीं जानते।’ ये तभी सही हो सकता है जब कोई एक सारहीन, आलोचनात्मक या फिर नासमझी भरा जीवन जीता है। कायदे से होना तो यह चाहिए कि जितना हम किसी को जानते हैं, उतना ही अधिक प्रेम और करुणा हममें जगनी चाहिए। जब हम उनके सभी संघर्ष जान जाते हैं, तो हम समझ जाते हैं कि वे भी हमारी ही तरह मनुष्य हैं।

राम ने ऐसे मनुष्य को मारने का प्रायश्चित किया जिसने उनकी पत्नी का हरण किया था, और कई सारे बुरे काम किए थे। फिर भी राम ने रावण के उस एक सिर को पहचाना जो कि सुंदर था। ऐसे में आराध्य राम के मानवीय रूप को देखें तो एक जबरदस्त बोध वाले मनुष्य हैं, जिन्होंने अपने जीवन की उच्चतर सम्भावना को जीया और इसीलिए वह मानवता के आदर्श होकर पूजनीय हुए, उनकी पूजा की जाती है। माना कि वे अपने जीवन में कई सारी चीज़ों में विफल हुए, पर उनकी विफलता ने कभी उनके बोध और गुणों को नहीं बदला। जीवन ने उनके साथ चाहे जो भी किया, वे हमेशा उससे ऊपर रहे।

आज रामनवमी के अवसर पर राम को सिर्फ एक भगवान बनाकर खुद से अलग मत कीजिए। बल्कि उनके गुणों को आत्मसात कीजिए। चिन्तन-मनन कीजिए। आज राम-राज्य और भगवान राम ज़्यादा प्रासंगिक हो जाते हैं। यदि आप राम के व्यक्तित्व का ये उदाहरण हम याद रखें। सोचिए, अगर व्यक्ति की बुराई करने के बजाए गुणों को पहचानने की समझ है तो उसके जीवन में दैवीय गुणों अर्थात जीवन के उच्चतर आयामों का समावेश क्यों नहीं होगा।

भगवान राम माँ सीता की एक पेंटिंग (साभार-इंडिया टुडे)

कहते हैं कि गुलाब के पौधे में गुलाब से ज्यादा काँटे होते हैं। पर हम फिर भी उसे गुलाब का पौधा कहते हैं, काँटे का नहीं, क्योंकि हम सुंदरता को देखते हैं। जीवन के उच्चतर आयाम को। आम के पेड़ में आम से ज्यादा पत्ते होते हैं, पर हम फिर भी उसे आम का पेड़ कहते हैं क्योंकि हम फलों की मिठास को देखते हैं।

ऐसे ही हर मनुष्य में मिठास की कम-से-कम एक बूँद तो होगी ही। फिर हम उसे क्यों नहीं देख पाते? जरा सोचिए अगर राम को ठीक से समझ जाएँ तो भी जीवन की गुणवत्ता में आमूल परिवर्तन संभव है। कल्पना कीजिए अगर हर किसी के साथ हम ऐसा ही करें। ऐसे लोग जिन्हें हम भयानक समझने की भूल करते हैं, उनमें भी मिठास की एक बूँद को भी यदि पहचानने में हम सफल हो जाएँ तो निश्चित रूप से हमारी मिठास को पहचानने की काबिलियत हमारे भी व्यक्तित्व को ऊपर उठाएगी। उसकी मिठास हमारे व्यक्तित्व में भी झलकेगी। राम हो जाने की संभावना को चरितार्थ करने की दशा में यह एक बड़ा कदम होगा।

इसका यह मतलब भी नहीं कि कोई अपनी आँखे मूँद कर अंधा हो जाए। हम पेड़ में पत्ते देखते हैं, पेड़ में काँटे देखते हैं पर हम फूलों और फलों का होना भी स्वीकारते हैं। बस एक सार्थक और आनंददायक जीवन जीने की इतनी ही मर्यादा है जिसके पालन की जरुरत है। फिर हमें मर्यादा पुरुषोत्तम होने से कोई नहीं रोक सकता। तो क्यों न सनातन की इस सबसे बड़ी सीख को जीवन का हिस्सा बनाएँ। आज रामनवमी के दिन से ही राम को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाएँ, फिर जीवन चाहे जिस पथ पर ले जाए विजय हमारी होगी। राम के वंशज होने के कारण हमें यह बात गाँठ बाँध लेनी चाहिए। जय श्री राम!

‘गरीबों को दी जाएगी माफियाओं-गुंडों की जमीन’: CM चौहान का ऐलान, अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करने को भी कहा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक्शन मैं हैं। शनिवार (9 अप्रैल, 2022) कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के दौरान ये ऐलान किया कि अब माफियाओं और गुंडों की जमीनों को गरीबों को प्लॉट आवंटित होंगे। इसके साथ ही अफसरों को माफिया के खिलाफ लिए गए एक्शन की जानकारी को सार्वजनिक करने के लिए कहा है। उन्होंने प्रदेश में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों की पहचान करने और तलाशी करने के लिए आदेश जारी किया है।

13 बिंदुओं के एजेंडे पर चर्चा के दौरान सीएम शिवराज ने अधिकारियों को प्रदेश में माफियाओं की कमर को तोड़ने, उनके नेटवर्क को खत्म करने और अधिक से अधिक सजा दिलाने को कहा है। अवैध असलहों की तलाशी करने, हर जिले की ग्रेडिंग करने और सभी जिलों में गुंडों के कब्जे से छुड़ाई गई जमीनों के आँकड़ों को सार्वजनिक करने का आदेश सीएम ने दिया है।

क्राइम फ्री स्टेट ही लक्ष्य

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘क्राइम फ्री स्टेट’ का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि हम अपराधियों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ेंगे। सीएम ने कहा है कि अगर बलात्कार जैसे मामलों में अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया तो इससे लोगों के हौसले बुलंद होंगे और कानून व्यवस्था के हालात सही होंगे। सीएम का कहना है कि जब घर टूटता है तो बड़े से बड़ा अपराधी दोबारा अपराध करने से पहले सोचता है। अपराधियों में बहुत अधिक दम नहीं होता है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नवरात्रि पर हम जनता को सुशासन देने और योजनाओं को सफल तरीके से क्रियान्वित करने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने ये भी बताया कि सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी पील्ड अधिकारियों की होती है।

तीन महीने में 671 करोड़ रुपए की जमीन मुक्त

इसी साल जनवरी 2022 से 31 मार्च 2022 तक मध्य प्रदेश सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक 671 करोड़ रुपए की जमीनों को मुक्त कराया है। वहीं कुल मिलाकर 2243.80 एकड़ की जमीन को मुक्त कराया गया है।

‘अल्लाह-हू-अकबर, नारा-ए-तकबीर’ : पाकिस्तानी आकाओं के कहने पर श्रीनगर के मस्जिद में लगे ‘आजादी’ के नारे, 13 गिरफ्तार

श्रीनगर के जामा मस्जिद में भारत विरोधी नारे लगाने वालों के विरुद्ध श्रीनगर पुलिस ने कार्रवाई की है। खबर है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘आजादी’ का नारा लगाने वाली भीड़ में से 13 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। इन पर भारत विरोधी और भड़काऊ नारेबाजी करने का आरोप है।

बता दें कि श्रीनगर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी मस्जिद जामिया में शुक्रवार (8 अप्रैल 2022) की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने ‘आजादी’ और ‘भारत विरोधी नारे‘ लगाए थे। जुमे की नमाज के लिए आई भीड़ में से कुछ लोगों को आजादी वाले नारे और आतंकी जाकिर मूसा का समर्थन करते हुए सुना गया था। इसके अलावा अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारे भी भीड़ द्वारा लगाए गए थे। कथिततौर पर भारत विरोधी नारेबाजी सुन वहाँ मौजूद कई लोगों ने इसका विरोध किया था जिससे मस्जिद में मौजूद लोगों में धक्का मुक्की भी हुई थी।

बाद में घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हुई। लोगों ने कहा कि एक बार फिर से 90 के दशक वाले नारे जम्मू कश्मीर की श्रीनगर मस्जिद में लगाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपनी पड़ताल की और बशरत नबी भट्ट और उमर मंजूर शेख को इस मामले में गिरफ्तार किया। इसके बाद अन्य 11 लोगों की भी गिरफ्तारी हुई। पुलिस का कहना है कि अभी और अन्य संदिग्धों की पड़ताल की जा रही है जल्द ही उन्हें भी पकड़ा जाएगा। हर आरोपित पर पीएसए के तहत कार्रवाई होगी।

प्रारंभिक जाँच में ये सामने आया है कि आरोपितों की ये सुनियोजित साजिश थी जिसके लिए निर्देश उन्हें पाकिस्तानी हैंडलरों ने दिए थे। फिलहाल पुलिस अपनी जाँच कर रही है। कुछ और गिरफ्तारी हो सकती हैं। श्रीनगर पुलिस ने हर नागरिक से कहा है कि अगर किसी ने भी अशांति फैलाने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी मजहबी जगह का इस्तेमाल भारत विरोधी या आतंकी एजेंडा फैलाने के लिए इस्तेमाल हुआ तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।