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पहला सिख अफसर ‘गायब’, सिख नेता के परिवार पर हमला, करतारपुर कॉरिडोर से भारत की ‘जासूसी’: पाकिस्तान में ये क्या हो रहा

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करना सामान्य है। लेकिन, सिखों के साथ हालिया कुछ घटनाओं से पता चलता है कि सिखों को न केवल प्रताड़ित किया जा रहा, बल्कि चारे की तरह भारत के खिलाफ इस्तेमाल भी किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अफसर गुलाब सिंह शाहीन कहाँ हैं, इसकी खबर किसी को नहीं है। वहीं, ननकाना साहिब में सिख नेता और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के पूर्व अध्यक्ष मस्तान सिंह के परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है। दूसरी तरफ करतार कॉरिडोर के रास्ते आने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों को अपने ट्रैप में फँसाकर पाकिस्तान उनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने की कोशिशों में भी लगा है।

मस्तान सिंह के परिवार पर हमला क्यों?

मस्तान सिंह के परिवार पर घातक हमला हमला 19 अप्रैल 2022 की रात किया गया था। हमले में उनके बेटे दिलावर सिंह और पाले सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दिलावर सिंह ने बताया कि शहर के कोट संत राम में उनकी और उनके मामा की 5.5 एकड़ जमीन है। वह इन्हें बेचना नहीं चाहते हैं। लेकिन स्थानीय लोग और प्रशासन पिछले दस साल से उन पर जमीन बेचने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वे पुलिस या बंदोबस्ती बोर्ड में इसकी शिकायत कराते हैं, तो हर बार मामले को खारिज कर दिया जाता है।

दिलावर सिंह ने उस अस्पताल से एक वीडियो शूट किया है जिसमें मस्तान सिंह और पाले सिंह का इलाज चल रहा है। इस वीडियो में उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया है। 2004 से 2006 तक पीएसजीपीसी के अध्यक्ष रहे मस्तान सिंह ने ननकाना साहिब से फोन पर TOI को बताया कि जमीन पर भू माफियाओं के एक समूह ने जबरन कब्जा कर लिया। भू माफिया की मदद करने के लिए इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) को जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि ETPB एक वैधानिक बोर्ड है जो विभाजन के बाद भारत चले गए हिंदुओं और सिखों की धार्मिक संपत्तियों और तीर्थस्थलों का प्रबंधन करता है।

कहाँ हैं गुलाब सिंह शाहीन?

बताया जा रहा है कि गुलाब सिंह शाहीन को अगवा कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने किसी अज्ञात जगह पर रखा है। साल 2018 में उन्हें पत्नी और तीन बच्चों समेत जबरन घर से निकाला गया था। ट्रैफिक वॉर्डन के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी से पहले वे 116 दिन नौकरी से भी गायब रहे थे। उन्होंने भी ETPB पर गंभीर आरोप लगाए थे।

करतारपुर कॉरिडोर का गलत इस्तेमाल

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी करतारपुर कॉरिडोर का इस्तेमाल तीर्थयात्रा पर आने वाले भारतीयों से संपर्क बढ़ाने के लिए कर रही है। News18 ने सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत इस बारे में सबूत जुटा रहा है और जल्द ही इस मामले को पाकिस्तान के सामने उठाया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि भारत ने कॉरिडोर में होने वाली बिजनेस मीटिंग पर भी आपत्ति जताई है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण 20 महीने तक बंद रहने के बाद पिछले साल नवंबर में कॉरिडोर को फिर से खोला गया था।

‘मुझे नहीं लड़ना चुनाव, लौटा दो मेरे ₹1.15 करोड़’: सत्येंद्र जैन के घर के बाहर धरने पर बैठा AAP नेता मदान, 1 महीने पहले ‘कश्मीर फाइल्स’ का माँग रहा था हिसाब

दिल्ली की केजरीवाल सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन पर आम आदमी पार्टी (AAP) से ही जुड़े दीपक मदान उर्फ दीपू ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनाव का टिकट दिलाने के नाम पर जैन ने उनसे 1 करोड़ 15 लाख रुपए ऐंठ लिए। उनका आरोप है कि जैन उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं और टिकट के लिए डेढ़ करोड़ रुपए की डिमांड कर रहे हैं।

मदान अपने फेसबुक अकाउंट से बुधवार 20 अप्रैल 2022 को 6 घंटे से अधिक समय तक लाइव रहे। इसी दौरान उन्होंने ये आरोप लगाए। यह लाइव उन्होंने जैन के आवास के बाहर धरना देते हुए किया।

दीपक मदान का कहना है कि वे सत्येंद्र जैन को वर्ष 2020 से जानते हैं। जैन ने इस बार के एमसीडी चुनाव में उनको टिकट दिलवाने का वादा किया था। मदान के मुताबिक, “पिछले दिनों जब एमसीडी के चुनाव टल गए तो सत्येन्द्र जैन की पोल खुली। जैन ने मुझसे कहा था कि मार्केट में टिकट का रेट 2 करोड़ रुपए है, लेकिन तुम्हें मैं केवल 1.5 करोड़ रुपए में एमसीडी की टिकट दिला दूँगा। मैंने उनको 1.15 करोड़ रुपए दिए थे। लेकिन चुनाव टल गए तो बाकी के 35 लाख रुपए मैने नहीं दिए। इसको लेकर जैन ने मेरे साथ बड़ी बदतमीजी की।”

दीपक मदान के लाइव वीडियो के शुरुआती तीन मिनट में आप ये बातें सुन सकते हैं

मदान ने आगे कहा, “अब उन्हें चुनाव नहीं लड़ना है। वे मेरे 1.15 करोड़ रुपए वापस कर दें। मेरे पास अब पैसे नहीं हैं। मैंने इन्हें जो पैसे दिए हैं उसके लिए मुझे अपने सारे गोल्ड को गिरवी रखना पड़ा।” आप कार्यकर्ता का कहना था कि वे बुधवार को तीसरी बार सत्येंद्र जैन के आवास के बाहर आए थे। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करवाने के लिए उनके पीए को भी मैसेज किया था। मदान ने आरोप लगाया कि जैन करोड़ों का भष्टाचार करते हैं औऱ उनके पास करोड़ों रुपए हैं, लेकिन मेरा पैसा वापस करने में उन्हें क्या दिक्कत है।

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी दीपक मदान के लाइव वीडियो और एक पुराने पोस्ट को फेसबुक पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि AAP नेता दीपक मदान 21 मार्च को विवेक अग्निहोत्री से कश्मीर फाइल्स के पैसों का हिसाब माँग रहा था। अब 20 अप्रैल को एमसीडी टिकट खरीदने के लिए सत्येन्द्र जैन को दिए 1 करोड़ 15 लाख रुपए माँग रहा है।

दिल्ली में BJP नेता की हत्या: बाइक सवार बदमाशों ने घर के बाहर मारी गोलियाँ, हमलावरों की तलाश में सीसीटीवी खँगाल रही पुलिस

पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार इलाके में अज्ञात बदमाशों ने बुधवार (20 अप्रैल 2022) को 42 वर्षीय बीजेपी (BJP) नेता जीतू चौधरी की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी। यह वारदात रात करीब 8:15 बजे घटी। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के वक्त चौधरी अपने घर के पास ही थे। बाइक सवार हमलावर आए और उन्हें 4 गोलियाँ मारी। पहली गोली सीधे भाजपा नेता के सिर में लगी, जबकि बाकी की तीन गोलियाँ उनके पेट में मारी गई।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया मयूर विहार फेज-3 स्थित घर के बाहर बाइक पर आए कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मारी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए।

घटना के बाद मयूर विहार फेज-3 में लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी हो गई थी। गश्त कर रही पुलिस टीम भीड़ को देख मौके पर पहुँची। पुलिस के मुताबिक जीतू चौधरी को तुरंत इलाज के लिए नोएडा मेट्रो अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिल्ली (ईस्ट) की पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया है कि मृतक मयूर विहार भाजपा इकाई के कार्यकर्ता थे और कंस्ट्रक्शन का बिजनेस करते थे। डीसीपी ने इस बात की पुष्टि की है कि अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

बीजेपी नेता मनोज कुमार ने बताया, “जिस तरह से हत्या की गई, यह दुखद है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी अस्पताल गए थे।” बहरहाल हमलावरों की तलाश में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खँगाल रही है।

‘मुझे माफ करें’: अक्षय कुमार ने ‘विमल यूनिवर्स’ से की तौबा, कहा- विज्ञापन से कमाई अच्छे काम के लिए दान कर दूँगा

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) ने विमल इलायची के ब्रांड एम्बेस्डर की भूमिका से खुद को अलग कर लिया है। अब वह इसके लिए विज्ञापन नहीं करेंगे। फैंस से कड़ी आलोचनाओं का सामना करने के बाद उन्होंने माफी भी माँगी है। अक्षय कुमार हाल ही में फिल्म अभिनेता अजय देवगन और शाहरुख खान के साथ विमल इलायची से जुड़े उत्पादों के विज्ञापन में नजर आए थे। इसके बाद उनके फैंस ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी आलोचना की थी। विमल इलायची एक ऐसा ब्रांड है जो तंबाकू उत्पाद भी बेचता है।

अक्षय कुमार ने फैंस से माफी माँगते हुए कहा है, “मैं अपने सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों से माफी माँगना चाहता हूँ। पिछले कुछ दिनों में आपकी प्रतिक्रिया ने मुझे बहुत प्रभावित किया है। हालाँकि मैंने तंबाकू का समर्थन नहीं किया है और न ही आगे करूँगा। मैं विमल इलायची के साथ अपने एसोसिएशन को लेकर आपकी भावनाओं का सम्मान करता हूँ। इसलिए पूरी विनम्रता के साथ मैं अपने कदम वापस लेता हूँ। साथ ही मैंने फैसला किया है कि विज्ञापन के लिए ली गई फीस को किसी अच्छे काम के लिए दान कर दूँगा। ब्रांड चाहे तो इस एड को प्रसारित करना जारी रख सकता है जब तक कि उसके कॉन्ट्रैक्ट की लीगल अवधि पूरी नहीं होती। लेकिन मैं वादा करता हूँ भविष्य में पूरी समझदारी के साथ विकल्पों का चयन करूँगा। इसके बदले में मैं हमेशा आपका प्यार और शुभकामनाएँ चाहूँगा।”

गौरतलब है कि विमल इलायची के एक हालिया विज्ञापन में शाहरुख खान और अजय देवगन ‘विमल यूनिवर्स’ में अक्षय कुमार का स्वागत करते नजर आए थे। इसमें अभिनेता सभी विमल ब्रांड को सलामी देते हुए इलायची का सेवन करते दिखते हैं। अक्षय कुमार ने 13 अप्रैल को विमल के साथ करार किया था। कंपनी ने इससे जुड़ा ट्रेलर भी लॉन्च किया था। इसके सामने आते ही अक्षय कुमार नेटिजन्स के निशाने पर आ गए थे।

सोशल मीडिया यूजर्स ने तंबाकू का समर्थन करने को लेकर अक्षय कुमार की आलोचना की थी। कई यूजर्स ने उनके उस पुराने वीडियो क्लिप्स को वायरल करना शुरू कर दिया, जिसमें वह इन चीजों की समर्थन करने वालों की आलोचना करते हैं। फैंस ने अक्षय कुमार के उन पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर विरोध जताया, जिसमें वो शराब, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के प्रति अपनी अरुचि के बारे में बता रहे थे। सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए माफी माँगी की है। उन्होंने अपने इस माफीनामे को ट्विटर पर भी शेयर किया है।

गुजरात के MLA जिग्नेश मेवाणी को असम पुलिस ने किया गिरफ्तार, कॉन्ग्रेस समर्थक नेता पर आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर कार्रवाई

गुजरात के विवादित विधायक जिग्नेश मेवाणी (Jignesh Mevani) को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मेवाणी वडगाम से एमएलए हैं और कॉन्ग्रेस समर्थक हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उनके आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर की गई है। उनके खिलाफ सेक्शन 120बी (आपराधिक साजिश), 153(ए) (दो समुदायों के बीच विद्वेष को बढ़ावा देना), 295(ए), 504 और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मेवाणी को बुधवार (20 अप्रैल 2022) रात करीब 11:30 बजे असम पुलिस ने पालनपुर सर्किट हाउस से गिरफ्तार किया। यहाँ से उन्हें अहमदाबाद ले जाया गया। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर असम पुलिस गुवाहाटी ले जा सकती है। मेवाणी के समर्थकों का आरोप है कि पुलिस की ओर से उन्हें अब तक एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिग्नेश मेवाणी के समर्थकों का कहना है कि असम में मेवाणी के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया है, जिसको लेकर ये कार्रवाई की गई है। अपनी गिरफ्तारी को लेकर मेवाणी का कहना है कि किसी ट्वीट को लेकर उन पर ये कार्रवाई की गई है। मेवाणी ने कहा, “मैं किसी झूठी शिकायत से नहीं डरता। मैं अपनी लड़ाई जारी रखूँगा।”

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार मेवानी ने एक ट्वीट में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नाथूराम गोडसे की विचारधारा में मानते हैं इसलिए वे देश में शांति की अपील नहीं करेंगे। इसको लेकर उनके खिलाफ असम शिकायत दर्ज कराई गई थी।

मेवाणी की गिरफ्तारी के बाद गुजरात कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर के नेतृत्व में पार्टी के कई नेता अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुँच गए। वहाँ कॉन्ग्रेसियों ने असम पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ठाकोर ने कहा कि आरएसएस पर ट्वीट करने को लेकर मेवाणी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। उन्होंने सरकार पर विधायक को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मेवाणी के लिए हमारी लीगल टीम लड़ेगी। उल्लेखनीय है कि जिग्नेश मेवाणी कॉन्ग्रेस में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने केवल पार्टी को समर्थन देने की बात कही थी।

गुरु तेग बहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर PM मोदी लाल किले से देश को करेंगे संबोधित: यहीं से औरंगजेब ने गुरु के मौत का जारी किया था फरमान

सिखों के गुरु तेग बहादुर (Guru Teg Bahadur) का 400वाँ प्रकाश पर्व इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। इस पर्व पर 21 अप्रैल 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) लाल किले (Lal Kila) की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री सिख समुदाय को लेकर खास संदेश दे सकते हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है कि पीएम लाल किले से किसी धार्मिक महोत्सव को संबोधित करेंगे।

हालाँकि, स्वतंत्रता दिवस से अलग वो इससे पहले 21 अक्टूबर को लाल किले से देश को संबोधित कर चुके हैं। उस वक्त मौका था आजाद हिंद फौज की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होना का। माना जा रहा है कि इस मौके पर पीएम मोदी स्मारक सिक्के और डाक टिकट जारी कर सकते हैं। लाल किले से पीएम मोदी के इस कार्यक्रम को लेकर संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे और मुगलों ने उन्हें लाल किले पर ही हत्या का ऐलान किया था। इतना ही नहीं, उन्होंने कश्मीरी हिंदुओं और पंडितों को जबरन मुस्लिम बनाने का विरोध किया था।

कौन थे गुरु तेग बहादुर

गौरतलब है कि गुरु तेग बहादुर सिखों के 9वें गुरु थे। उनका जन्म अमृतसर में हुआ था। वो गुरु हरगोविंद जी के पाँचवें पुत्र थे। सिखों के 8वें गुरु हरकिशन जी की मृत्यु के बाद उन्हें नौवाँ गुरु बनाया गया था। उन्होंने 14 साल की उम्र में ही अपने पिता के साथ मुगलों के साथ हुए युद्ध में अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दे दिया था।

औरंगजेब ने उनका धर्मान्तरण कराने की थी कोशिश

मुगल आक्रान्ता औरंगजेब ने 1675 ईस्वी में गुरु तेग बहादुर को इस्लाम स्वीकार करने के लिए कहा था। लेकिन, उन्होंने जवाब दिया कि शीश कटा सकते हैं, केश नहीं। इसके बाद औरंगजेब ने उनका सिर कटवा दिया था। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज उन्हीं को समर्पित है, जिसे गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के नाम से जाना जाता है।

PM Narendra Modi will address the nation from Red Fort on April 21 on Guru teg Bahadur 400 Prakash parva

NCP नेता अमोल मिटकरी ने खुलेआम हिंदू रीति-रिवाजों का उड़ाया मजाक, ठहाका लगाते रहे मंच पर बैठे मंत्री जयंत पाटिल और धनंजय मुंडे

महाराष्ट्र (Maharashtra) में हिंदुओं (Hindus) का लगातार मजाक उड़ाया जा रहा है। राज्य में शरद पवार (Sharad Pawar) की पार्टी एनसीपी के एमएलसी अमोल मिटकरी (NCP MLC Amol Mitkari) ने 19 अप्रैल 2022 को पश्चिम महाराष्ट्र के सांगली जिले के इस्लामपुर में एनसीपी परिवार संवाद यात्रा के दौरान रैली में शादियों में किए जाने वाले कन्यादान और हिंदू रीति-रिवाजों का मखौल उड़ाया। यहीं नहीं, उन्होंने झूठे मंत्र और उनके झूठे अर्थ भी बताकर ब्राह्मणों को अपमानित किया।

दरअसल, लाउडस्पीकर से अजान विवाद के बीच मनसे चीफ राज ठाकरे (MNS Chief Raj Thackeray) ने राज्य सरकार को सख्त चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर सरकार मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है तो उनकी पार्टी अजान की तुलना में दोगुनी आवाज में मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाएगी।

राज ठाकरे को जबाव देने के लिए अमोल मिटकरी ने सबसे पहले हनुमान चालीसा का पाठ किया और कहा, “राज ठाकरे को हमें हमारे धर्म का प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है। लाउडस्पीकर लगाने से पहले उन्हें पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि क्या वह हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। मुझे पूरी हनुमान चालीसा याद है और मैं इसका पाठ कर सकता हूँ।”

मिटकरी ने हनुमान चालीसा के कुछ छंदों को पढ़ा भी। इस पर उनकी प्रशंसा करते हुए एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जयंत पाटिल (Jayant Patil) ने उन्हें मारुति स्तोत्रम का पाठ करने के लिए कहा। इस पर मिटकरी ने मारुति स्त्रोतम की जगह रामरक्षा स्तोत्रम का एक श्लोक पठा, जिसमें भगवान हनुमान का वर्णन किया गया है। जब इसके लिए उनकी तारीफ हुई तो उन्होंने संक्षिप्त रामायण के श्लोक का पाठ किया। इसमें केवल चार पंक्तियों में भगवान राम की पूरा कथा का वर्णन किया गया है। इसके अंत में मिटकरी ने पुजारी की नकल करते हुए कहा, “अपनी आँखों में जल डाल दो।”

इतना सुनते ही मंच पर बैठे जयंत पाटिल और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे ठहाके मार के हँसने लगे। हिंदू परंपराओं के प्रति अपनी नफरत को जाहिर करते हुए मिटकरी ने कहा, “यह ऐसे किया जाता है। कौन जाने हमारा बहुजन समाज इससे कब उबरेगा?” वो यहीं नहीं रुके। हिंदुओं के प्रति अपनी भड़ास निकालते हुए एनसीपी नेता ने आगे कहा, “आचमन करो। जल छोड़ दो।”

मिटकरी ने धनंजय मुंडे को संबोधित करते हुए कहा, “मुंडे साहब, एक बार मैं एक जगह गया था। कन्यादान की रस्म अदा की जा रही थी। लड़की के पिता ने मुझे कुछ देर बैठने को कहा। उन्होंने कहा कि कुछ देर बैठिए कन्यादान चल रहा है। मैंने उनसे पूछा सर, मैंने अन्नदान (भोजन दान), नेत्रदान, रक्तदान आदि के बारे में सुना है। क्या बेटी दान की वस्तु है? उन्होंने कहा कि हाँ बस ऐसे ही है। हमें इस तरह सिखाया गया है। जैसे ही उन्होंने मुझे बैठने के लिए कहा, मैं वहीं एक कुर्सी पर बैठ गया।”

एनसीपी नेता ने कहा, “दूल्हा पीएचडी था और दुल्हन एमए थी।” पुजारी की नकल उतारते हुए अमोल मिटकरी ने कहा, “धूपं दीपं नैवेद्यं नमस्कारम। जल को आँखों से लगाओ।” लगातार मंत्रों का जाप करते हुए मिटकरी ने कहा, “अपना हाथ मेरे हाथ में दो। अपनी पत्नी का हाथ मेरे हाथ में दो। इसके बाद पुजारी कहता है मैं जो कहूँ वो कहो, मैं अपनी पत्नी को आपको समर्पित करता हूँ। मैं उस दूल्हे के कानों में बुदबुदाया। तुम एक बेवकूफ हो! वह पुजारी आपकी पत्नी को ले जाने के लिए कह रहा है।”

हिंदू परंपराओं का मजाक बनाते हुए अमोल मिटकरी ने कहा, “ये लोग आज हनुमान चालीसा के बारे में हमें बता रहे हैं। मेरे भाषण के बाद कई और नेता बोलेंगे। साहेब, अब मैं उद्यापन करूँगा। बस मुझे उचित दक्षिणा मिलनी चाहिए। जैसे ही दक्षिणा मिलेगी मैं गायब हो जाऊँगा।” मिटकरी का कहना था कि पुजारी को केवल दक्षिणा चाहिए, बस।

कन्यादान पर फैलाया झूठ

सनातन परंपरा में कन्यादान का बड़ा महत्व है। कन्यादान संस्कृत शब्द है, जो कन्या+आदान से मिलकर बना है। इसमें कन्या का अर्थ लड़की है तो आदान का अर्थ प्राप्त करना होता है। अर्थात शादी समारोहों में विवाह के दौरान दूल्हा अपने परिवार में लड़की को प्राप्त करने के लिए सहमत होता है। हालाँकि, मिटकरी ने इसे किसी प्रकार का दान समझकर महिलाओं का विरोध किया।

इतना ही नहीं, एनसीपी के एमएलसी ने हाथ में हाथ लेने की बात पर झूठ फैलाया। विवाह की रस्मों के संकल्प की शुरुआत करते हुए दुल्हन, उसके माता-पिता और दूल्हा हाथों को मिलाते हैं। अमोल मिटकरी ने झूठ फैलाया कि पुजारी जोड़े का हाथ अपने हाथ में लेता है और दूल्हे को अपनी पत्नी को पुजारी को सौंपने के लिए कहता है।

ननकाना साहिब में पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मस्तान सिंह के परिवार पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के पूर्व अध्यक्ष और सिख नेता मस्तान सिंह और उनके परिवार पर ननकाना साहिब में घातक हमला हुआ है। जिसमें उनके दो बेटों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। यह हमला 19 अप्रैल, 2022 की रात की बताई जा रही है।

मामले में पत्रकार आदित्य राज कौल ने ट्वीट किया करते हुए लिखा है, “पाकिस्तानी अल्पसंख्यक सिख नेता सरदार मस्तान सिंह के परिवार पर स्थानीय मुस्लिमों ने ननकाना साहिब, पाकिस्तान में बेरहमी से हमला किया। दोनों बेटों दिलावर सिंह और पल्ला सिंह को इस्लामी कट्टरपंथियों ने बेरहमी से पीटा। पाकिस्तान का दौरा करने वाला कौन इसकी निंदा करता है?”

वहीं पाकिस्तान के पत्रकार, ज़फर बसीर ने ट्वीट किया, “पीएसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष एस मस्तान सिंह के परिवार पर कल रात पाकिस्तान के ननकाना साहिब में स्थानीय मुसलमानों ने हमला किया है। उनके बेटों दिलावर सिंह और पल्ला सिंह को बेरहमी से पीटा गया है। ननकाना साहिब पुलिस द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई है, वह ननकाना साहिब के सरकारी अस्पताल में जीवन-मौत की लड़ाई से गुजर रहे हैं।”

मीडिया रिपोर्ट में मस्तान सिंह के बेटे दिलावर सिंह के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान में नारे लगाए जा रहे हैं। आजादी आजादी आजादी यहाँ सिखों के लिए कोई आजादी नहीं, कोई सुरक्षा नहीं, अल्पसंख्यकों को कोई सुरक्षा नहीं जिसके लिए पाकिस्तान में हर दिन सिख-हिंदू परिवारों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं।

भूषण कुमार रेप केस: अदालत ने खारिज की मुंबई पुलिस की फाइनल रिपोर्ट, कहा – आरोपित को गिरफ्तार करने की कोशिश तक नहीं की

बलात्कार (Rape) के मामले का सामना कर रहे म्यूजिक कंपनी टी सीरीज (T-Series) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) भूषण कुमार (Bhushan Kumar) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मामले की जाँच कर रही मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने मेट्रोपोलिटन कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि इस केस की जाँच के दौरान कई मामलों की अनदेखी की गई है।

अदालत में भूषण कुमार के मामले की सुनवाई मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आरआर खान ने की। पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद उन्होंने कहा कि इस केस में उल्लेख करने वाली बात यह है कि रेप का केस दर्ज कराए जाने के बाद न तो पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार करने की कोशिश की और न ही आरोपित ने एक भी बार भी अग्रिम जमानत के लिए कोई याचिका दायर की।

कोर्ट ने कहा कि केस रिपोर्ट को देखने से ऐसा लगता है कि इस केस की जाँच कर रहे अधिकारियों ने ‘बी समरी’ रिपोर्ट के जरिए मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि दुर्भाग्य से देश में बलात्कार के जघन्य अपराध बार-बार हो रहे हैं। ऐसे अपराधों से कई बार पूरा देश हिल गया, लेकिन इस मामले में जाँच अधिकारियों और पीड़िता ने पूरी तरह से अलग व्यवहार किया है।

खुद शिकायतकर्ता ने आरोपों को किया खारिज

भूषण कुमार पर रेप का आरोप लगाने वाली शिकायतकर्ता ने इस महीने की शुरुआत में कोर्ट में एक शपथपत्र दायर कर कहा था कि वो एक अभिनेत्री है। परिस्थितियों और गलतफहमी के कारण उसने ये आरोप लगाए थे, लेकिन अब वो अपने आरोपों को वापस ले रही है। उसने ये भी कहा था कि उसे पुलिस की ‘बी समरी’ पर कोई आपत्ति नहीं है। हालाँकि, अब कोर्ट ने पुलिस को लताड़ लगाते हुए कहा है कि रेप क्रिमिनल लॉ लोगों की मदद के लिए होते हैं, लेकिन पीड़िता ने इसका दुरुपयोग किया है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस ने होटल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे वैज्ञानिक तथ्यों की अनदेखी की है। बहरहाल कोर्ट ने जोन के डीसीपी की निगरानी में इस मामले की दोबारा जाँच करने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला

पिछले साल जुलाई में भूषण कुमार पर 30 वर्षीय एक महिला ने रेप का आरोप लगाया था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि काम देने के नाम पर भूषण कुमार ने 2017 से अगस्त 2020 तक करीब तीन साल तक उसका फायदा उठाया। महिला ने शिकायत में ये भी कहा था कि भूषण कुमार ने उसे धमकी दी थी कि यदि वह उनके ख‍िलाफ जाती है तो उसके वीडियो और फोटो लीक कर दिए जाएँगे।

कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण, वृंदा करात… इनकी वजह से साफ नहीं हुआ जहाँगीरपुरी: बुलडोजर पर पल-पल कैसे बदले हालात, सब कुछ एक साथ

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में हनुमान जन्मोत्सव के दिन शोभा यात्रा निकाल रहे हिन्दुओं पर मुस्लिम भीड़ ने पत्थरबाजी और गोलीबारी की, जिसमें श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 मुस्लिम दंगाइयों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार हुए लोगों की कुल संख्या दो दर्जन के करीब है। दंगाइयों पर बुलडोजर भी चला। यहाँ हम आपको सिलसिलेवार ढंग से पूरे घटनाक्रम के बारे में बताएँगे।

सबसे पहले बुधवार (19 अप्रैल, 2022) की रात NDMC (उत्तरी दिल्ली नगरपालिका परिषद) का वो आदेश आया, जिसमें जहाँगीरपुरी के अवैध अतिक्रमणकारियों के अतिक्रमण को ध्वस्त करने की बात थी। इसे एक विशेष कार्यक्रम बताते हुए अतिक्रमण हटाने की बात कही गई। PWD, स्थानीय निकाय और दिल्ली पुलिस की मदद से NDMC ने अतिक्रमण हटाने का ऐलान किया। इसके लिए महिला पुलिसकर्मियों सहित कुल 400 जवानों को लगाने की बात भी कही गई।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में ध्वस्त किया गया अवैध अतिक्रमण

अगले दिन सुबह के 9:30 बजे से पुलिसकर्मियों की तैनाती का आदेश दिया गया, 3 दिनों के लिए। हालाँकि, अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाए जाने के बाद संशय पैदा हो गया है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे चलेगा या नहीं। NDMC के इस आदेश पर AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने विरोध करते हुए आरोप लगा दिया कि एक खास समुदाय को प्रताड़ित करने के लिए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ये सब कर रहे हैं।

जैसे ही अतिक्रमण हटाने वाला आदेश जारी हुआ, सुबह-सुबह सारे अतिक्रमणकारियों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। कुशल सिनेमा के पास चौराहे पर और सीडी पार्क झुग्गी पर भी अवैध कब्जे हैं। MCD इन सभी को हटाने की तैयारी में थी। सुबह इसका पता चलते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वो सामान हटाने लगे। उनका कहना था कि वो मजबूरी में ऐसा कर रहे, उनकी रोजी-रोटी इसी से चलती है। अब ये प्रक्रिया बीच में फँस गई है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश आते ही NDMC के मेयर राजा इकबाल ने कहा कि आदेश की कॉपी भले ही उनके पास भले ही नहीं आई हो, लेकिन वो इसका सम्मान करते हुए पालन करेंगे। अधिकतर सामान तो सुबह सीडी पार्क जेजे क्लस्टर एरिया के रहने वाले लोगों ने पहले ही सीमेंट के बोरों में पैक कर लिया था। उन्होंने स्थानीय गोदामों में अपने सामान छिपा दिए। इनमें से अधिकतर कबाड़ की चीजें थीं। सुप्रीम कोर्ट में जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने इस चीज के खिलाफ याचिका दायर की। माकपा नेता वृंदा करात खुद आदेश की कॉपी लेकर जहाँगीरपुरी पहुँचीं।

दिल्ली के जहाँगीरपुरी में बुलडोजर चलने के बाद का दृश्य

इसमें उनके एक वकील थे पूर्व केंद्रीय मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल, तो दूसरे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दुष्यंत दवे। दुष्यंत दवे वही हैं, जिन्होंने किसान प्रदर्शनकारियों का केस भी लड़ा था। जमीयत ने सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश और गुजरात में भी ऐसे अभियानों के खिलाफ याचिकाएँ दायर कर रखी हैं। अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने से पहले प्रक्रिया का पालन न किए जाने का आरोप लगाया गया। पूर्व AAP नेता प्रशांत भूषण और वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े भी दंगाइयों की तरफ से खासे सक्रिय रहे।

इस दौरान AAP के नेता भी बयानबाजी में व्यस्त रहे और भड़काऊ बातें की। हाल ही में राज्यसभा सांसद बनाए गए राघव चड्ढा ने कह दिया कि भाजपा मुख्यालय पर बुलडोजर चलने से देश भर के दंगे-फसाद ख़त्म हो जाएँगे। यही नहीं, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर पर बुलडोजर चलाने की बात करते हुए देश भर में रोहिंग्या-बांग्लादेशियों को बसाने का आरोप भी भाजपा पर ही मढ़ दिया। विपक्षी नेताओं में से कोई हनुमान जयंती शोभा यात्रा पर हुए इस्लामी भीड़ के हमले की बात नहीं कर रहा।