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हिजाब पर फैसला देने वाले कर्नाटक HC के जजों को Y कैटेगरी सुरक्षा: रहमतुल्लाह ने दी थी धमकी, साथी जमाल सहित गिरफ्तार

बुर्का-हिजाब मामले (Burqa-Hijab) पर फैसला सुनाने वाले कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) के जजों को राज्य सरकार ने Y कैटेगरी की सुरक्षा दी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 20 मार्च (रविवार) को इसकी घोषणा की। इसी के साथ जजों को धमकी देने के मामले में पुलिस ने अब तक 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में कोवाई रहमतउल्लाह भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी देने वालों के खिलाफ विधानसौधा थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया पर तमिलनाडु के मदुरै का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में तमिलनाडु तौहीद जमात का सदस्य कोवई रहमतुल्लाह खुलेआम हिजाब पर फैसला सुनाने वाले जजों को धमकाता दिखा था। वीडियो में वो कह रहा था, “अगर जजों को कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार वो खुद होंगे। झारखंड में मॉर्निंग वॉक के दौरान गलत फैसला देने वाले जज की हत्या हुई थी।”

इस बीच बेंगलुरु पुलिस ने जजों को धमकाने के मामले में कार्रवाई करते हुए कोवई रहमतुल्लाह और जमाल मोहम्मद उस्मानी को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों को तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से पकड़ा गया है। इन दोनों आरोपितों पर अलग-अलग क्षेत्रों में FIR दर्ज हुई है। दोनों की गिरफ्तारी शनिवार (19 मार्च) की रात में हुई है।

जनवरी 2022 में शुरू हुए हिजाब विवाद स्कूलों से होकर कर्नाटक हाईकोर्ट तक पहुँच गया था। हाईकोर्ट में तीन जजों की पीठ ने अपने फैसले में हिजाब को इस्लाम का जरूरी हिस्सा मानने से इंकार कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों ने 17 मार्च (गुरुवार) को बंद बुलाया था।

IAS ऑफिसर नियाज़ खान का जागा ‘इस्लाम’, कहा- ‘कश्मीर फाइल्स ब्राह्मणों का दर्द, मुसलमानों की हत्याओं पर भी बने फिल्म, वे कीड़े नहीं’

द कश्मीर फाइल्स जैसी एक फिल्म मुसलमानों की हत्याओं पर भी बनाने की माँग के बाद मध्य प्रदेश कैडर के विवादित IAS अधिकारी नियाज़ खान एक बार फिर से चर्चा में हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम कोई कीड़ा मकोड़ा नहीं है। नियाज़ खान फिलहाल मध्य प्रदेश के PWD विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी हैं। यह बातें उन्होंने 18 मार्च, 2022 (शुक्रवार) को होली के दिन ट्वीट करके कही है।

उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, “द कश्मीर फाइल्स’ ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरे सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माता को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं, बल्कि इंसान हैं और देश के नागरिक हैं।”

विवादों से रहा है नियाज़ खान का पुराना नाता

नियाज़ खान पिछले कुछ समय से अपने विवादित ट्वीट के लिए चर्चा में रहे हैं। वो अपने हैंडल से सरकार और सिस्टम की लगातार आलोचना करते रहे हैं। खुद उनके मुताबिक 17 साल की नौकरी में उनके 10 जिलों में 19 बार ट्रांसफर हुआ है। वो इसके पीछे अपने सरनेम खान को वजह बताते हैं। जनवरी 2019 में उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मीटिंग में प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल द्वारा बाहर कर दिया गया था।

यही नहीं नियाज़ खान अब तक 7 नॉवेल लिखने का दावा करते हैं। उनका एक नॉवेल अंडरवर्ड डॉन अबू सलेम और मोनिका बेदी की लव स्टोरी पर भी है। तीन तलाक पर लिखे गए उनके नॉवेल से उनके ही समाज में उनको विरोध झेलना पड़ा था। अब नियाज़ अगला नॉवेल खुद पर लिखने की घोषणा कर चुके हैं। अपने द्वारा लिखी गई किताबों को नियाज़ ने अपने ट्विटर प्रोफ़ाइल की कवर फोटो बना रखा है।

IAS नियाज़ खान, चित्र साभार – ट्विटर

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म डायरेक्टर प्रकाश झा भी नियाज़ खान के आरोपों की चपेट में आ चुके हैं। नियाज़ ने उन पर अपने नॉवेल अनटोल्ड सीक्रेट्स ऑफ माय आश्रम का कुछ हिस्सा वेबसीरीज आश्रम में लेने का आरोप लगाया था। इसको कॉपीराईट का उल्लंघन बताते हुए नियाज़ ने प्रकाश झा पर केस भी किया था।

पिछले कुछ समय से चर्चा में रहने वाले कर्नाटक बुर्का विवाद में भी नियाज़ खान अपनी मौजूदगी दिखा चुके हैं। नियाज़ ने हिजाब को जीवन की सुरक्षा और प्रदूषण से बचाने के लिए जरूरी बताया था। उन्होंने हिजाब को और अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए उसे कोरोना से बचने में सहायक बताया था।

नियाज़ खान हिजाब के बारे में

किसान आंदोलन में विवादित ट्वीट करने वाली ग्रेटा थनबर्ग को IAS नियाज़ खान अपना आदर्श मानते हैं। वो इस बात की घोषणा अपने एक ट्वीट में कर चुके हैं। इसी के साथ ट्विटर पर उनके द्वारा फॉलो किए गए 9 हैंडलों में एक हैंडल ग्रेटा का भी है।

ग्रेटा थनबर्ग के लिए नियाज़ खान का ट्वीट

IAS नियाज़ खान अमेरिका और यूरोप को इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हैं। उनके मुताबिक ये देश मुस्लिम मुल्कों को हमेशा आपस में लड़ाने की चाहत रखते हैं।

अमेरिका को इस्लाम का दुश्मन बताते नियाज़ खान

भाजपा विधायक ने नियाज़ को नौकरी छोड़ कर मैदान में आने की चुनौती दी

नियाज़ खान की लगातार बयानबाजी पर मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने जवाब दिया है। विधायक के मुताबिक, “नियाज़ खान बताएँ कि देश में मुसलमानों को कहाँ-कहाँ मारा जा रहा है। सरकार से माँग है कि वो नियाज़ से स्प्ष्टीकरण ले। अगर नियाज़ को किसी खास वर्ग का रहनुमा बनना ही है तो वो IAS की नौकरी छोड़ कर राजनीति के मैदान में आ जाएँ।”

‘जो श्री राम का नहीं, वो किसी के काम का नहीं’: राजस्थान कॉन्ग्रेस की ‘निशाचरी करतूत’ पर भाजपा हमलावर, कहा- इसे कभी नहीं भूलेंगे

राजस्थान (Rajasthan) के चुरू जिले के सुजानगढ़ के अंतर्गत आने वाले सालासर द्वार पर एक राम दरबार था, जिस पर प्रदेेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने बुल्डोजर चलवा दिया है। रात के अंधेरे में राम दरबार को तोड़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना के बाद बीजेपी समेत हिंदू संगठनों ने प्रशासन के इसको लेकर कड़ा विरोध किया है।

बीजेपी विधायक राजेंद्र राठौड़ ने इस मसले को विधानसभा में उठाने की बात कही है। वहीं, राज्य बीजेपी ने ट्वीट कर गहलोत सरकार की इस कार्रवाई पर आक्रोश जताया है और इसे ‘निशाचरी करतूत’ बताया है। भाजपा ने कहा कि कॉन्ग्रेस की इस कार्रवाई को वह कभी भूलेगी नहीं।

वहीं, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने राम दरबार तोड़े जाने पर कहा, “कॉन्ग्रेस और अशोक गहलोत जी की नीति और नीयत… एक वो हैं जो श्रीराम मंदिर बनाते हैं और दूसरे वो हैं, जो उसे कहीं भी निष्ठुरता से तोड़ते है… जो श्री राम का नहीं, वो किसी के काम का नहीं।”

इस मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाली कॉन्ग्रेस अपना अस्तित्व खतरे में देख मंदिर जाने का दिखावा करने लगी, लेकिन असलियत छिपाए नहीं छिपती। सुजानगढ़ में प्रवेश द्वार को गिराते हुए यह ध्यान नहीं रखा गया कि वहाँ राम दरबार बना हुआ है। इस तरीके को कौन सच्चा हिंदू स्वीकार करेगा?”

क्या है मामला

सालासर-सुजानगढ़ मार्ग को फोर लेन को बनाया जाना है। इसी मार्ग पर राम दरबार की मूर्तियों वाला पत्थर का भव्य प्रवेश द्वार बना हुआ है। मंगलवार (15 मार्च 2022) को ठेकेदार ने इसे जेसीबी से ढहा दिया। अगले दिन इसकी सूचना मिलते ही पहुँचे हिंदू संगठनों ने हंगामा शुरू किया तो PWD के अधिकारी एईएन बाबूलाल वर्मा और जेईएन नंदलाल मुवाल ने माफी माँग ली। साथ ही कहा कि ये गलती से हो गया है, लेकिन जब भी प्रवेश द्वार बनाया जाएगा तो उसमें राम दरबार की मूर्तियों को लगा दिया जाएगा।

75 साल बाद इस्लामिक झंडे को हटा फहराया गया तिरंगा: कर्नाटक के कोलार घंटाघर से हटा इस्लामीकरण का प्रतीक

कर्नाटक (Karnataka) के कोलार जिले में स्थित घंटाघर बीते 75 वर्षों से इस्लामी रंग में रंगा हुआ था, लेकिन अब इसमें परिवर्तन देखने को मिला है। शनिवार (19 मार्च 2022) को पहली बार कोलार के क्लॉक टॉवर को तिरंगे के रंग में रंग दिया गया। वहाँ पर शान से देश का तिरंगा फहराया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, 7 दशकों के बाद ऐसा हो सका है कि घंटाघर को सफेद रंग से पेंट करने के बाद उस पर तिरंगे की पेंटिंग भी बनाई गई। इस दौरान वहाँ काम करने वाले श्रमिकों को पुलिस ने पूरी सुरक्षा दी। हालात बेकाबू न हों, इसके लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया था। इस मौके पर कोलार जिले के एसपी डी देवराजू भी मौके पर मौजूद रहे। घंटाघर पर 70 सालों से भी अधिक समय से लहरा रहे इस्लामिक झंडे को जिला प्रशासन द्वारा हटाए जाने के बाद शहर में तनावपूर्ण स्थिति हो गई थी। हालाँकि, कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

इसके बाद कोलार जिला पुलिस ने स्थानीय मुस्लिमों समेत अन्य लोगों को घंटाघर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कार्यक्रम में शामिल किया। जिला प्रशासन द्वारा लिए गए एक्शन का वीडियो वायरल होने के बाद नेटिजन्स घंटाघर को कंट्रोल में लेने के लिए अधिकारियों की तारीफ कर रहे हैं।

हाल ही में कोलार से बीजेपी के लोकसभा सांसद मुनिस्वामी एस ने घंटाघर पर लहरा रहे इस्लामी झंडे को हटाकर वहाँ पर भारतीय तिरंगा फहराने का आश्वासन कोलार की जनता से किया था। यहीं नहीं घंटाघर विवाद के बीच जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू की थी, जिसके बाद शुक्रवार को भाजपा सांसद ने शहर में धरना दिया था। उन्होंने प्रशासन को रोकने की चेतावनी देते हुए कहा था कि वो घंटाघर में तिरंगा फहराए जाने तक विरोध करते रहेंगे।

शनिवार को मुनिस्वामी ने ट्विटर के जरिए कहा कि 74 साल तक इंतजार कराने के बाद समुदाय विशेष के झंडे की जगह भारतीय तिरंगे को स्थान दिया गया।

उल्लेखनीय है कि कोलार के लिए मील के पत्थर इस घंटाघर का निर्माण 1930 में मुस्तफा साहब नाम के व्यापारी ने करवाया था।

महाराष्ट्र में नाबालिग बच्ची से 5 साल से पिता और भाई कर रहे रेप, दादा करता था छेड़छाड़: स्कूल में ऐसे हुआ खुलासा, FIR दर्ज

महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे से रेप (Rape) की चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है, जहाँ एक नाबालिग से पिता और भाई बीते 5 साल से रेप कर रहे हैं। स्कूल में ‘गुड टच और बैड टच’ कार्यक्रम के दौरान जब पीड़िता ने अपने साथ हो रही ज्यादती को शेयर किया तो उसके स्कूल ने ही पुलिस को इसकी शिकायत की। आरोपितों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित 11 साल की बच्ची का परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। ये घटना 2017 की है, जब बच्ची के पिता ने पहली बार उसके साथ रेप किया। इसके बाद तो जैसे एक सिलसिला शुरू हो गया। जब मन होता पीड़िता का पिता उसको अपनी हवश का शिकार बना लेता था। बीते तीन साल से पिता उसका रेप कर रहा था। लेकिन नवंबर 2020 में पीड़िता के भाई ने उसके साथ रेप किया। इसके बाद से दोनों अलग-अलग समय पर उसका बलात्कार करते रहे। यहीं नहीं बच्ची का दादा उससे छेड़छाड़ करता था। इसके अलावा उसके रिश्तेदार भी उससे छेड़छाड़ करते थे।

हालाँकि, आरोपितों को एक दूसरे के बारे में नहीं पता था। ऐसा इसलिए क्योंकि सभी ने अलग-अलग समय पर उसके साथ बलात्कार किया।

ऐसे हुआ खुलासा

पीड़िता बीते पाँच साल से अपने साथ हो रही बर्बरता को सहन कर रही थी। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब हाल ही में बच्ची अपने स्कूल गई थी और वहाँ स्कूल की तरफ से ‘गुड टच औऱ बैड टच’ के बारे में सिखाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सत्र के दौरान स्कूल में अपने साथ हुई घटना को लेकर बताया, जिसके बाद सब सन्न रह गए। स्कूल प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए इसकी जानकारी पुलिस को दी।

पुलिस ने बच्ची से बलात्कार औऱ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। पीड़िता के पिता और भाई के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 औऱ उसके दादा के खिलाफ धारा 354 (शीलभंग) का केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा आरोपितों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। डीसीपी (जोन II) सागर पाटिल के मुताबिक, इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

अपने ही मिसाइल से पाकिस्तान ने उड़ा लिया मिलिट्री बेस? दहला सियालकोट, वीडियो वायरल

पाकिस्तान का सियालकोट में रविवार (20 मार्च, 2022) दोपहर में सिलसिलेवार धमाकों से दहल उठी। मीडियो रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के सियालकोट शहर में पाकिस्‍तानी सेना के हथियारों के गोदाम में भीषण धमाके हुए हैं। इन धमाकों के बाद सैन्‍य अड्डे के अंदर आग लग गई है। हालाँकि, धमाकों के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन, कहा जा रहा है कि इलाके में हर तरफ गोले गिर रहे थे जिससे पाकिस्तानी बहुत दहशत में है।

पाकिस्‍तानी अखबार घटना की पुष्टि करते हुए द डेली मिलाप (The Daily Milap) के एडिटर ऋषि सूरी ने एक ट्वीट में लिखा, ”उत्तरी पाकिस्तान में सियालकोट मिलिट्री बेस पर कई विस्फोट हुए हैं। प्रारंभिक संकेत ये मिल रहे हैं कि यह एक गोला बारूद स्टोरेज एरिया है। धमाके के बाद एक बड़ी आग जलती हुई देखी जा रही है। अभी तक विस्फोट के पीछे की असल वजह का पता नहीं चल पाया है।”

बता दें कि सोशल मीडिया पर इस घटना के वायरल हो रहे वीडिया में भी नजर आ रहा है कि ब्लास्ट कितना बड़ा है। कई गोले आसपास के इलाके में भी जाते दिख रहे हैं। पाकिस्तानी नागरिकों की ओर से पोस्ट किए गए हैं।

वहीं सोशल मीडिया में शेयर किए जा रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्‍तानी सेना के सियालकोट आयुध डिपो पर पहले कोई बाहरी चीज आकर गिरी, इसके बाद वहाँ विस्फोट से आग लगा गया।

कुछ अन्य लोकल पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स की मानें तो पाकिस्तानी सेना द्वारा एयर-टू-एयर मिसाइल PL-15 का टेस्ट किया जा रहा था, जो पूरी तरह नाकाम रहा। J10-C फाइटर जेट से छोड़े जाने के बाद यह मिसाइल बेकाबू हो गई और सियालकोट में जा गिरी।

गौरतलब है कि पाकिस्तान की सियालकोट छावनी, सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण पाकिस्तानी सेना के ठिकानों में से एक, शहर से सटा हुआ इलाका है। इसकी स्थापना 1852 में ब्रिटिश भारतीय सेना द्वारा की गई थी।

गुजरात के भरूच में हिंदू शख्स का जबरन धर्मांतरण कर बना दिया अब्दुल रहीम, मौलवी सहित पाँच मुस्लिम गिरफ्तार

गुजरात में बड़े पैमाने पर जारी धर्मांतरण के मामलों के बीच एक नया मामला सामने आया है। भरूच के एक मौलवी और आमोद तालुका के पुरसा गाँव के चार मुस्लिमों को एक हिंदू व्यक्ति को इस्लाम में जबरन धर्मांतरित करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पुरसा गाँव आमोद तालुका के कांकरिया गाँव के बहुत पास है, जहाँ नवंबर 2021 में आदिवासी वसावा समुदाय के 100 हिंदुओं के जबरन धर्म परिवर्तन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुरसा मामले के पाँच आरोपी अनवर खां इब्राहिम पठान, गेमलसंग भरतसंग सिंघा, इमरान नूरभा मलेक और जहाँगीर गुलाम सरदार मलेक हैं। उन्होंने 12 से 15 साल पहले छगन रायजी परमार नाम के एक हिंदू व्यक्ति को धमकी दी थी कि उसे इस्लाम में धर्मांतरित होना होगा या गाँव छोड़ना होगा। उन्होंने भोलाव के मौलवी अब्दुल रहीम हाफेजी नपावाला की मदद से उसे धर्मांतरित कर अब्दुल रहमान परमार बना दिया।

अपराधियों में से एक, अनवर खां इब्राहिम पठान ने पीड़ित को एक भूखंड देने का एक हलफनामा प्रस्तुत किया, जबकि इमरान नूरभाई मलेक ने एक आवास के निर्माण का वादा करते हुए एक हलफनामा दिया। दो अन्य, जेमलसंग भरतसंग सिंघा और जहांगीर गुलाम सरदार मालेक ने पीड़िता को इस्लाम कबूल करने या गाँव छोड़ने की धमकी दी। पीड़ित पुरसा गांव की मरियम मस्जिद में काम करता था और उसे दो साल से वेतन नहीं दिया गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, जंबूसर के डिप्टी एसपी को जाँच सौंप दी गई है। आरोपियों पर गुजरात फ्रीडम ऑफ रिलिजन एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं।

भरूच में बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन

गुजरात के भरूच में हाल ही में बड़े पैमाने पर इस्लाम में धर्मांतरण कराने की खबर सामने आई थी। यहाँ मुस्लिमों ने आदिवासी समुदायों के कई लोगों का जबरन धर्मांतरण कराकर उन्हें मुस्लिम बना दिया था।

ऑपइंडिया ने नवंबर 2021 में इस संबंध में रिपोर्ट किया था। गुजरात में भरूच जिले के आमोद तालुका के कांकरिया गांव के एक प्रवीण वसावा की शिकायत पर फेफडावाला हाजी अब्दुल्ला, सलाहुद्दीन शेख और अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन पर वसावा समुदाय (अनुसूचित जनजाति) के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप था। इस्लाम में धर्मांतरण के लिए इन लोगों को नौकरी, घर और लड़की से शादी कराने जैसे लालच दिया गया था। प्राथमिकी में विस्तार से बताया गया है कि कैसे अन्य देशों से चंदा भेजकर भारत में धर्मांतरण का खेल खेला जा रहा है।

इस धर्मांतरण गिरोह का कनेक्शन उत्तर प्रदेश कन्वर्जन रैकेट से भी जुड़ा पाया गया। जून-जुलाई 2021 में सामने आए धर्मांतरण गिरोह का सरगना उमर गौतम का एक साथी सलाहुद्दीन शेख भी था। यह दावा किया गया था कि शेख के एनजीओ AFMI के माध्यम से फेफडावाला और अन्य लोगों द्वारा दान किया गया था और असामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया गया था। गृह मंत्रालय ने दिसंबर 2021 में एनजीओ के एफसीआरए पंजीकरण को समाप्त कर दिया था।

कर्नाटक का मारीगुडी मंदिर अब मुस्लिमों को नहीं देगा दुकान: हिजाब पर हाईकोर्ट के फैसले का किया था विरोध, बंद रखी थीं दुकानें

कर्नाटक (Karnataka) के उडुपी जिले के होसा मारीगुडी मंदिर ने फैसला लिया है कि परिसर में अब मुस्लिमों को दुकान लगाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह निर्णय मंदिर परिसर में मौजूद मुस्लिम दुकानदारों द्वारा हिजाब पर 17 मार्च को कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में आयोजित बंद में शामिल होने के बाद लिया गया। इस बंद से स्थानीय श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। मंदिर प्रशासन कमेटी के अध्यक्ष रमेश हेगड़े ने इस निर्णय की पुष्टि की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, होसा मारीगुड़ी मंदिर प्रशासन ने फैसला किया है कि अब सालाना आयोजन के लिए सिर्फ हिन्दू समाज के लोगों को दुकानें आवंटित की जाएँगी। इन दुकानों में फूल, नारियल और प्रसाद आदि बेचे जाते हैं। मंदिर प्रशासन ने ये भी तय किया है कि दुकानों के आवंटन में भाग लेने वाले हिन्दू दुकानदारों को ये भी लिख कर देना होगा कि वो बाद में किसी मुस्लिम के साथ साझेदारी नहीं करेंगे। ऐसा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया गया है।

रमेश हेगड़े ने ये भी बताया कि हिंदूवादी संगठनों ने भी उनसे सिर्फ हिन्दू दुकानदारों को ही दुकानें देने को कहा था, क्योंकि मुस्लिमों ने हाल ही में कर्नाटक हाईकोर्ट के हिजाब पर आए फैसले का मंदिर परिसर में विरोध किया था। इस विरोध में उन्होंने दुकानों को बंद रखा था। यह मेला कूप के मंदिर में 22 और 23 मार्च को लगेगा, जिसमें लगभग 1 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर परिसर मूल रूप से यहाँ कानून व्यवस्था बनाने को प्राथमिकता दे रहा है।

हिन्दू जागरण वेदिके (HJV) के मंगलुरु डिवीजन के महामंत्री प्रकाश कुक्केहल्ली ने कहा, “हमने कूप टाउन के नगरपालिका को पत्र लिख कर माँग की है कि मुस्लिमों को सालाना मेले के दौरान दुकानें न आवंटित की जाएँ। साथ ही हमने मंदिर प्रशासन से भी सम्पर्क कर के यही माँग दोहराई है। यहाँ के स्थानीय श्रद्धालुओं को भी मुस्लिमों द्वारा 17 मार्च को किए गए बंद के चलते समस्या झेलनी पड़ी थी। मंदिर प्रशासन द्वारा मुस्लिमों को नीलामी प्रक्रिया से दूर रखने के फैसले का हर कोई स्वागत करता है।”

मंदिर परिसर के 100 स्टोर्स की 18 मार्च (शुक्रवार) को नीलामी हुई। इस दौरान मंदिर प्रशासन किसी मुस्लिम की भागीदारी को लेकर सतर्क रहा। वहीं कूप टाउन नगरपालिका के मुख्य अधिकारी वेंकटेश नवादा ने कहा, “हमने हिन्दू संगठनों के पत्र जरूर मिले पर भारत के सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) देश है। इसलिए यहाँ सभी धर्म के लोग दुकान खोलने के लिए आमंत्रित हैं।”

गौरतलब है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने फैसले में हिजाब को इस्लाम का जरूरी अंग मानने से इंकार कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ कुछ मुस्लिम संगठनों ने 17 मार्च को बंद बुलाया था।

‘द कश्मीर फाइल्स’ देख कर लौट रहे भाजपा सांसद पर बम से हमला… बोले- ‘बंगाल में कोई भी सुरक्षित नहीं’

‘द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files)’ फिल्म देखकर घर लौट रहे पश्चिम बंगाल (West Bengal) में भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार पर घटना 19 मार्च (शनिवार) को बम से हमला कर दिया गया। इस हमले में वह बाल-बाल बच गए। भाजपा सांसद ने इस हमले की पुष्टि की और कहा और पुलिस घटनास्थल पर आने में देर कर दी।

इस घटना को लेकर भाजपा सांसद ने कहा, “मैं द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखकर लौट रहा था। इसी दौरान किसी ने पीछे से मेरी कार पर बम फेंक दिया। हम इस बम से बाल-बाल बचे। पुलिस घटनास्थल पर 10 मिनट देर से पहुँची। बंगाल में कोई भी सुरक्षित नहीं है।” भाजपा सांसद ने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र को खत्म कर दिया गया है। इसकी हालत को सुधारने और सँभालने के लिए राष्ट्रपति शासन (धारा 356) लागू की जाए, अन्यथा ये सब रुकने वाला नहीं है।

जर्नलिस्ट निखिल चौधरी द्वारा शेयर किए गए विजुअल के मुताबिक सांसद काले रंग की स्कॉर्पिओ गाड़ी में थे। कार के पीछे कुछ निशान दिख रहे हैं। सड़क पर भी कुछ निशान पड़ा है। मौके पर कई लोग और कुछ पुलिसकर्मी मौजूद हैं। भाजपा सांसद के साथ यह घटना नादिया जिले के हरिनघाट में हुई। वे कल्याणी से अपने घर जा रहे थे।

भाजपा के IT सेल इंचार्ज अमित मालवीय ने इस घटना पर कहा, “खुद ममता बनर्जी के पास पश्चिम बंगाल का गृह मंत्रालय है। जहाँ खुद सांसद ही सुरक्षित न हो, वहाँ के लॉ एन्ड ऑर्डर की कल्पना कीजिए।”

गौरतलब है कि जगन्नाथ सरकार पश्चिम बंगाल की राणाघाट सीट से सांसद हैं। वो हाल ही में बल्लीगुंगे विधानसभा उपचुनाव के प्रभारी भी बनाए गए हैं।

‘नमाज के लिए होली रोकी, DJ भी किया सीज’ – विश्व हिन्दू परिषद् की आपत्ति, वायरल वीडियो पर UP पुलिस ने दिया जवाब

उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में होली के दौरान कुछ लोगों की पुलिस से बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस पर नमाज के चलते होली खेलने से रोकने का आरोप लगा रहा है। मामला नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र का है और वीडियो 18 मार्च, 2022 (शुक्रवार) की बताई जा रही है।

वीडियो में एक व्यक्ति खुद को गाँव सुथियाना का निवासी बता रहा है। उनके मुताबिक, “मेरे साथ बड़ी शर्मनाक घटना हुई है। आज दोपहर में एक से सवा एक बजे के करीब मैं अपने घर के बाहर होली मना रहा था। तभी कुछ मुस्लिम युवक वहाँ आए। उन्होंने मुझ से अपनी नमाज के लिए होली बंद करने को कहा। मैंने कहा कि आप नमाज़ पढ़ो या न पढ़ो पर होली बंद नहीं होगी। तब उन्होंने प्रशासन को फोन कर के बताया कि ये लोग हमें नमाज नहीं पढ़ने दे रहे हैं। इसके बाद गाँव में प्रशासन आ कर हमारी होली बंद करवा देता है। वो हमें घर में भी बंद कर देता है। प्रशासन वालों ने कहा कि होली तब ही मनेगी, जब ये लोग नमाज पढ़ लेंगे।”

वीडियो के अन्य हिस्सों में गली के अंदर कुछ पुलिसकर्मी दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों को उनसे बात करते देखा जा सकता है। एक पुलिसकर्मी हाथ में मोबाइल लेकर वीडियो भी बनाता दिख रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मियों पर बदतमीजी करने के भी आरोप लग रहे हैं। एक जगह एक व्यक्ति की आवाज सुनाई दे रही है कि हम रोड पर नहीं बल्कि अपनी गली में मना रहे हैं।

“होली के लिए लाया DJ थाने में जब्त”

ऑपइंडिया ने वीडियो जारी करने वाले व्यक्ति से बात की। उन्होंने बताया, “अब तो होली जैसी बीतनी थी, वो बीत गई। हम लोगों ने होली में DJ बुक करवाया था। उसे भी पुलिस ने जब्त कर लिया। DJ वालों को भी रात में थाने में रोक कर रखा था। अभी तक हमें DJ के चालान की कोई रसीद भी नहीं दी गई है। हमने लोकल चौकी इंचार्ज से DJ और उसे बजाने वाले लड़कों को छोड़ देने के लिए रात में कहा तो उन्होंने जवाब में कहा कि क्या तुम्हारे हिसाब से हम नौकरी करेंगे। मोहल्ले में सिर्फ 8-9 मुस्लिम परिवार हैं। बाकी गाँव में हिन्दू समुदाय के लोग हैं। हम कुछ बोल न पाएँ, इसलिए पुलिस हमें मानसिक दबाव दे रही है।”

रात में गली में तैनात पुलिस बल

वीडियो में दिख रहे युवक ने एक अन्य वीडियो भी ऑपइंडिया को भेजा। इस वीडियो में गली के अंदर पुलिस की गाड़ियाँ खड़ी दिखाई दे रही हैं। वीडियो में युवक कह रहा है, “रात के पौने 10 बज रहे हैं। गाँव में पुलिस वाले खड़े हैं। इन्होंने हमारी होली बंद करवा दी। ये शब-ए-बारात मनाने को खड़े हैं। इसमें हमारे चौकी इंचार्ज के साथ सिपाही और दरोगा हैं।”

VHP की आपत्ति, पुलिस ने दिया जवाब

विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस घटना की वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “होली का त्यौहार व हिंदुओं को दबा कर जिहादियों को प्रश्रय, प्राथमिकता व बढ़ावा…!! क्या उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए हिन्दू दोयम दर्जे का नागरिक व उपद्रवी मेहमान?”

DJ सीज किया गया – नोएडा पुलिस ने स्वीकारा

VHP प्रवक्ता के ट्वीट पर नोएडा पुलिस ने होली में आए DJ जो सीज करना स्वीकारते हुए लिखा, “दिनांक 18.03.2022 को दिन में 2:00 बजे थाना ईकोटेक-3 पुलिस को सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति ग्राम सूत्याना में लोगों के मना करने पर भी रंग डाल रहे हैं, थाना ईकोटेक-3 पुलिस द्वारा मौके पर पहुँच कर सभी को समझाया गया। पुलिस द्वारा किसी को भी होली खेलने से नहीं रोका गया। सभी के द्वारा हर्षोल्लास से होली के त्यौहार को मनाया गया। किंतु रात्रि में 09:00 बजे के आसपास दोबारा सूचना मिली कि उक्त व्यक्ति तेज आवाज में डीजे बजा रहा है, जिस पर आस-पास के लोगों को शिकायत है। थाना ईकोटेक-3 पुलिस द्वारा मौके पर पहुँच कर डीजे को बंद कराया व थाने लाकर डीजे को सीज किया ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। वर्तमान में मौके पर कोई भी समस्या नहीं है।”