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यूपी के बाद अब MP में भी बुलडोजर की मार: रायसेन में खूनी झड़प के उपद्रवियों के घरों को शिवराज सरकार ने कराया ध्वस्त, 13 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) जिले के खमरिया (Khamriya) गाँव में होली (18 मार्च 2022) के दिन दो पक्षों में जमकर हिंसक झड़प हुई। इस घटना में एक आदिवासी युवक की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई और दोनों समुदायों के 50 से अधिक लोग घायल हो गए। जिसके बाद अब मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) एक्शन के मोड में आ गई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) के आदेश पर जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वाले आरोपितों के अतिक्रमण में बने घर-दुकानों पर बुलडोजर चलाया है।

अब तक उत्तर प्रदेश में योगी सरकार इस प्रकार की कार्रवाई के लिए जानी जाती थी। अब योगी सरकार की तरह मध्य प्रदेश में भी शिवराज सरकार उसी नक्शे कदम पर चल पड़ी है। जिला प्रशासन ने वन संयुक्त विभागों के साथ मिलकर अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवाया और कुछ आरोपितों के घर से अवैध सागौन की कीमती लकड़ी से बना फर्नीचर भी जब्त किया। अब तक कुल 16 आरोपितों में से 13 की गिरफ्तारी कर ली गई है। 3 आरोपितों की तलाश जा रही है। 

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, मगर लोग अभी भी उस खूनी उपद्रव के भय में जी रहे हैं। लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। यही वजह है कि गाँव में कर्फ्यू जैसा माहौल है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यहाँ पुलिस के अलावा और कोई नहीं नजर आ रहा है। वहीं कई घरों में ताले लटके हुए हैं। बताया जा रहा है कि उपद्रव के डर से ये लोग कहीं और चले गए हैं। फिलहाल गाँव में भोपाल से आई पुलिस फोर्स के साथ एसटीएफ की एक कंपनी को भी तैनात किया गया है।

उल्लेखनीय है कि 18 मार्च को आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद इतना बढ़ा कि गाँव में कई घरों, दुकानों और बाइकों को आग के हवाले कर दिया गया। 22 वर्षीय आदिवासी युवक राजू की गोली लगने से मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए।

इस हादसे में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती घायलों का हाल जानने पहुँचे मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के साथ अन्याय सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। आरोपितों के साथ सरकार सख्ती से निपटेगी। उन्होंने इस घटना में मृतक राजू आदिवासी के परिजनों को 5 लाख और गंभीर घायलों को 2 लाख के साथ-साथ अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की भी घोषणा की।

‘मैं जरूर देखूँगा ये फिल्म, हर हिंदुस्तानी को भी देखनी चाहिए’ : द कश्मीर फाइल्स की आमिर खान ने की तारीफ, बीवी को लगता था भारत में रहने से डर

द कश्मीर फाइल्स को दर्शकों से मिल रही सराहनाओं के बीच अब कई बॉलीवुड हस्तियाँ भी इस फिल्म के समर्थन में आती दिख रही हैं। हाल में आमिर खान ने इस फिल्म को देखने की बात की है। उन्होंने दिल्ली में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है लेकिन वह जल्द ही इसे देखेंगे।

आरआरआर फिल्म के प्रमोशन के लिए मीडिया के बीच पहुँचे आमिर खान से जब द कश्मीर फाइल्स को लेकर सवाल हुए तो उन्होंने कहा, “मैं जरूर देखूँगा उसे, क्योंकि वो इतिहास का वो हिस्सा है जिससे हमारा दिल दुखता है। तो कश्मीर में जो कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ है वो यकीनन दुख की बात है। उस टॉपिक पर अगर कोई फिल्म बनी है तो यकीनन हर हिंदुस्तानी को उसे देखना चाहिए। हर हिंदुस्तानी को याद करना चाहिए कि एक इंसान पर अत्याचार हो तो उसपर क्या बीतती है।”

उन्होंने कहा, “ये जो फिल्म बनी है इसने इंसानियत मानने वाले हर व्यक्ति के दिल को छुआ है। मुझे लगता है यही सबसे अच्छी बात है। तो मैं इस फिल्म को देखूँगा और मुझे खुशी है कि ये फिल्म इतनी कामयाब हुई। मुझे लगता है वो दुख का समय था जिसे लोगों को ध्यान में रखना चाहिए।”

आमिर खान की बीवी चाहती थीं भारत छोड़ना

याद दिला दें कि साल 2015 में यही आमिर खान ने देश में बढ़ रही असहिष्णुता को लेकर बयान दिया था और दावा किया था कि उनकी (पूर्व) पत्नी एक बार भारत छोड़ने की बात कह रही थीं क्योंकि वे इस देश में असुरक्षित महसूस कर रही हैं। हालाँकि 2021 में दोनों का तलाक हो गया और जगह-जगह आमिर खान की तीसरी शादी की अफवाह उड़ गई।

द कश्मीर फाइल्स पर आदिल हुसैन

बता दें कि द कश्मीर फाइल्स लगातार लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में आमिर खान जैसे एक्टर इस फिल्म के समर्थन में हैं जबकि आदिल हुसैन जैसे भी एक्टर हैं जो फिल्म में दिखाई गई सच्चाई को नम्रता से पेश करने की सलाह देते दिखे।

आदिल ने द कश्मीर फाइल्स के लिए लिखा, “सच जरूर कहना चाहिए! इसमें कोई शक नहीं, पर इसे नम्रता से कहा जाना चाहिए। वरना सच कहने का मकसद खो जाता है और असर उलटा होता है। हम निश्चित तौर पर समाज में आग नहीं लगाना चाहेंगे पर एक जिम्मेदारी समाज को बनाना चाहेंगे। कला प्रतिक्रियाशील नहीं होनी चाहिए।”

द कश्मीर फाइल्स की सफलता

उल्लेखनीय है कि विवेक अग्रिहोत्री के निर्देशन में कश्मीरी पंडितों पर बनी द कश्मीर फाइल्स बॉक्स ऑफिस पर रोज नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। कई राज्यों में इसे टैक्स फ्री कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिल्म की सराहना की है। वहीं सामान्य जन भी इस फिल्म को बड़ी तादाद में देखने जा रहे हैं। हालाँकि इस बीच कट्टरपंथी-वामपंथी समूह इस फिल्म से नाराज भी है। एनडीटीवी ने तो इस फिल्म की रिलीज से पहले इसे प्रोपेगेंडा फिल्म बता दिया था और विरोध के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट से प्रोपेगेंडा शब्द हटाना पड़ा था।

घर से निकाला, तीन तलाक की धमकी: बरेली में BJP को वोट देने पर मुस्लिम महिला को सजा, 1 साल पहले ही हुआ था निकाह

हालिया विधानसभा चुनावों में बीजेपी को वोट देने के कारण उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मुस्लिम महिला को रिश्तेदारों ने घर से निकाल दिया है। महिला का कहना है कि उसे तीन तलाक की धमकी भी दी जा रही है। करीब साल भर पहले ही उसका निकाह हुआ था। पीड़ित महिला की पहचान उजमा के तौर पर हुई है। वह शहर के बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर की रहने वाली है।

रिपोर्ट के अनुसार उजमा ने बताया कि उसने विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को अपना वोट दिया। इसके बाद घर में विवाद शुरू हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि उसे तलाक की धमकी दी जा रही। इसके चलते महिला ने ‘मेरा हक फाउंडेशन’ की अध्यक्ष फहरत नकबी से इस मामले की शिकायत की है। बता दें कि समाज सेविका फरहत नकवी केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की बहन है। पीड़िता ने उनसे इंसाफ के लिए फरियाद की है। उन्होंने पीड़ित की आवाज बनकर लड़ाई लड़ने की बात कही है। साथ ही पीड़ित महिला ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कार्रवाई की गुहार लगाई है। 

उजमा ने 1 साल पहले मोहल्ले के ही तस्लीम अंसारी के साथ प्रेम विवाह किया था। निकाह के बाद से दोनों का जीवन सामान्य तरीके से चल रहा था। लेकिन विधानसभा चुनाव में उसके शौहर और ससुराल के सभी लोग समाजवादी पार्टी को सपोर्ट कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक तस्लीम अंसारी के मामा तैयब अंसारी समाजवादी पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने उजमा को भी समाजवादी पार्टी को ही वोट देने के लिए कहा था। लेकिन उजमा ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली से आकर्षित होकर उसके उम्मीदवार को वोट दे दिया।

उजमा का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर समाज के लिए कुछ किया है। फ्री में राशन दिया है, महिलाओं को सुरक्षा दी, तीन तलाक विरोधी कानून लाई। लेकिन, जब यह बात तैयब अंसारी और उजमा के देवर आरिफ अंसारी को पता चली तो उन्होंने पीड़िता को पीटा और घर से निकाल दिया। तैयब और आरिफ ने धमकी दी कि अब उसका पति तलाक देगा। महिला के मुताबिक दोनों ने ये भी कहा कि अगर बीजेपी सरकार में हिम्मत है, तो वो तलाक रुकवाकर दिखाए। पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ित के पिता ताहिर अंसारी मजदूरी करते हैं। इस मामले में उलमा-ए-इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ‘हिंदुस्तान’ से बात करते हुए कहा कि किसी को भी कोई वोट दे सकता है। इसे सियासी नजरिए से देखना गलत है। अगर ससुराल के लोग या शौहर तलाक की धमकी दे रहे हैं, तो ये गलत है। मौलाना शहाबुद्दीन का कहना है कि ससुराल वालों को उजमा से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने इसे शरीयत के खिलाफ बताया है।

होली पर DJ बजा रहा था अमृत, हिरासत में मौत के बाद ग्रामीणों का थाने पर हमला: पुलिस ने कहा- मधुमक्खियों के काटने से मौत

बिहार पुलिस ने बेतिया में थाने पर हुई हमले की घटना के सिलसिले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना में एक हवलदार की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। थाने पर हमला शनिवार (19 मार्च 2022) को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में एक युवक की मौत के बाद हुई थी। बताया जाता है कि बेतिया में होली पर तेज आवाज में DJ बजाने के आरोप में पुलिस अनिरुद्ध यादव उर्फ़ अमृत यादव को थाने ले आई थी। बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि मधुमक्खियों के काटने से उसकी मौत हुई, जबकि अमृत के परिजनों का दावा है कि हिरासत में पिटाई से उसकी मृत्यु हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चम्पारण रेंज के DIG प्रणव कुमार प्रवीण ने बताया, “अब तक 14 लोगों को बलथर मामले में गिरफ्तार किया गया है। बाकी आरोपितों की तलाश की जा रही है। आरोपितों की पहचान के लिए पुलिस CCTV व अन्य फुटेज का भी सहारा ले रही है।” बताया जाता है कि भीड़ ने हवलदार रामजतन राय को पीट-पीट कर मार डाला था। उनके सिर में गंभीर चोटें आईं थी।

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के मुताबिक होली के दिन 18 मार्च (शुक्रवार) को अनिरुद्ध यादव उर्फ़ अमृत यादव DJ बजा रहा था। अनिरुद्ध बलथर थाना क्षेत्र के आर्य नगर का रहने वाला था। पुलिस ने तेज आवाज में DJ बजाने के आरोप में उसे हिरासत में ले लिया। बाद में थाने में ही उसकी मृत्यु हो गई। मृतक अमृत यादव के भाई कन्हैया यादव के मुताबिक हिरासत में पुलिसकर्मियों ने अमृत को बहुत पीटा था और इसी वजह से उसकी मौत हुई।

इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने अमृत यादव के मौत की वजह मधुमक्खियों द्वारा काटना बताया था। SP उप्रेंद्र नाथ वर्मा के मुताबिक, “अमृत को DJ सीज करने के साथ थाने लाया गया था। उसे लॉकअप में रखा गया। बाद में वह नल से पानी पीने के लिए बाहर निकला था। तभी उस पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। बाद में उनको अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। मधुमक्खियाँ अमृत के कान में भी घुस गई थीं।”

अमृत यादव की मौत से ग्रामीण नाराज हो गए। उन्होंने थाने पर हमला कर दिया। पुलिस ने भीड़ को रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो थाने में घुस गई। थाने में आग लगा दी गई और पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया गया। यह सब हंगामा लगभग 6 घंटे तक चलता रहा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। अतिरिक्त पुलिस बल आने के बाद ही भीड़ पर काबू पाया जा सका था। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है।

हमला करने वालों में बच्चे भी शामिल थे। इस हमले में लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए थे। थाने के ही एक पुलिसकर्मी की वीडियो भी इस मामले में वायरल हो रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी बता रहा है, “हमने भीड़ को रोकने के लिए हवाई फायरिंग की। लेकिन फिर भी भीड़ गेट के अंदर घुस गई। हम वर्दी में थे, इस दौरान हमने कपड़े बदल लिए और भाग निकले। लेकिन एक स्टाफ वर्दी में ही रह गया। उसको भीड़ ने मार दिया।”

मृतक हवलदार बगल के पुरषोत्तमपुर थाने में अटैच थे। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज़ सरकारी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इसमें से एक पुलिसकर्मी को गोली का भी घाव है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी पुलिसकर्मी खतरे से बाहर हैं। थाने में लगी आग को बुझाने आई दमकल विभाग की भी गाड़ी को भीड़ ने आग लगा दी थी। वही मार्क्सवादी लेनिन पार्टी के सिकटा विधायक बीरेंदर प्रसाद गुप्ता ने मृतक अमृत यादव के परिवार को 20 लाख रुपए और सरकारी नौकरी की माँग की है।

हिजाब के लिए जिन्होंने छोड़ी परीक्षा, उनको दोबारा मौका नहीं देगी कर्नाटक सरकार

कर्नाटक में पिछले दिनों हिजाब के लिए किए गए बखेड़े में कई मुस्लिम छात्राओं ने अपनी जिद्द में परीक्षाओं का बहिष्कार किया था। अब इन्हीं छात्राओं को लेकर कर्नाटक सरकार ने फैसला सुनाया है। सरकार ने कहा है कि जिन 12 वीं कक्षा की छात्राओं की प्रैक्टिकल एग्जाम में अनुपस्थिति थी उनके लिए पीयू कॉलेज अलग से एग्जाम नहीं करवाएगा।

प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने कहा, “हम इसकी संभावना पर कैसे विचार करें। अगर हम उन छात्राओं के लिए दोबारा एग्जाम करवाते हैं जिन्होंने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेशों के बावजूद हिजाब के लिए प्रदर्शन किया, तो बाकी बच्चे किसी और कारण को लेकर दूसरा चांस माँगने लगेंगे। ये असंभव है।”

बता दें कि प्री यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में प्रैक्टिकल के 30 नंबर लगते हैं और थ्योरी 70 नंबर की होती है। पूरी परीक्षा 100 नंबर की होती है। ऐसे में अगर कोई प्रैक्टिकल छोड़े तो उसके पूरे 30 नंबर कट जाते हैं और उसे अपने फाइनल अंकों में खासा नुकसान झेलना पड़ता है।

यही कारण है कि हिजाब विवाद पर फैसला आने के बाद उन छात्रों के री-एग्जाम की माँग उठी, लेकिन अब प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उन लड़कियों के लिए अलग से कोई विकल्प नहीं रखा जाएगा जिन्होंने जिद्द के चलते परीक्षाओं का बहिष्कार किया।

कर्नाटक हाई कोर्ट का हिजाब विवाद पर फैसला

उल्लेखनीय है कि 2 जनवरी 2022 से शुरू हुए हिजाब विवाद पर पिछले दिनों हाई कोर्ट का फैसला आया था। कर्नाटक हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि हिजाब पहनना इस्लामी प्रथा या आस्था का जरूरी हिस्सा नहीं है। चीफ जस्टिस ऋतु राज अवस्थी, जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित और जस्टिस जेएम खाजी की बेंच ने कहा था, “स्कूल यूनिफॉर्म अधिकारों का उल्लंघन नहीं है। यह संवैधानिक रूप से स्वीकार्य है जिस पर छात्र आपत्ति नहीं कर सकते हैं।”

पीठ ने आदेश में ये भी कहा था कि इस संबंध में सरकार ने 5 फरवरी 2022 को जो आदेश जारी किया था उसका उसे अधिकार है और इसे अवैध ठहराने का कोई मामला नहीं बनता है। इस आदेश में राज्य सरकार ने उन कपड़ों को पहनने पर रोक लगा दी थी, जिससे स्कूल और कॉलेज में समानता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित होती है।

‘मंदिर में घुसकर शिवलिंग पर माँस चढ़ाया’: नोएडा में उखड़ा मिला शिवलिंग, तोड़फोड़ का Video वायरल

उत्तर प्रदेश के नोएडा में बहलोलपुर चौकी क्षेत्र में महादेव शिव के एक मंदिर में शिवलिंग को तोड़ने की घटना सामने आई है। मंदिर में माँस के टुकड़े भी फेंके गए हैं। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना 20 – 21 मार्च के रात की बताई जा रही है।

कॉन्ग्रेस पार्टी के पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ओमवीर यादव ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने लिखा, “आज कुछ असामाजिक तत्त्वों ने गाँव बहलोलपुर सेक्टर 63 A नोएडा स्थित शिव मंदिर में घुसकर शिवलिंग पर माँस चढ़ाया और मूर्तियों को तोड़कर बेशर्मी का नंगा नाच किया। सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की। मन्दिर पर हज़ारों लोग मौजूद हैं व तनाव की स्थिति है।”

इस वीडियो में पुलिसकर्मियों से कुछ स्थानीय लोगों को बहस करते सुना जा सकता है। बाहर श्रद्धालु मौजूद हैं। मौके पर मूर्तियाँ टूटी हुई दिखाई दे रही हैं। मंदिर की सिथति अस्त – व्यस्त दिखाई दे रही है। शिवलिंग को तोड़ कर अलग रख दिया गया है। वीडियो बनाने वाले से पुलिसकर्मी कहता है, “बाद में कर लेना, मैं एविडेंस (सबूत) जुटा रहा हूँ। धक्का मुक्की मत करो।”

एक अन्य वीडियो मौके पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बनाई है। वो मंदिर की पूरी स्थिति को अपने कैमरे पर दिखा रहा। उस वीडियो में पूजा स्थल के बगल खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं। वीडियो बनाने वाला उसको माँस काटना बता रहा है। वीडियो बनाने वाला युवक गाँव वालों से मंदिर पर पहुँचने को कह रहा है।”

नोएडा पुलिस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए लिखा, “पुलिस बल मौके पर है। घटना की जाँच और जरूरी कार्रवाई की जा रही है।”

‘हम कर देंगे अमन और सुकून खत्म’: निजामाबाद में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति से ओवैसी के कार्यकर्ता भड़के, पत्थरबाजी

तेलंगाना के निजामाबाद जिले के बोधन में रविवार (20 मार्च 2022) को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगाने को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई। भाजपा ने AIMIM कार्यकर्ताओं पर पत्थरबाजी का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि इलाके में शिवाजी महाराज की मूर्ति देख मुस्लिम इसका विरोध कर रहे हैं और खुलेआम माहौल बिगाड़ने की धमकियाँ दी जा रही हैं। पुलिस ने बढ़ते तनाव को देख इलाके में धारा 144 लगा दी है।

AIMIM कार्यकर्ताओं ने की पत्थरबाजी: BJP का आरोप

भाजपा के महासचिव विष्णु वर्धन रेड्डी ने इस संबंध में ट्वीट करके बताया, “AIMIM के कार्यकर्ताओं ने उन लोगों पर पत्थरबाजी की जो इलाके में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति लगाना चाहते थे। सत्ताधारी पार्टी TRS भी अप्रत्यक्ष रूप से उन्हीं का साथ दे रही है।”

तेलंगाना पुलिस पर भाजपा ने उठाए सवाल

निजामाबाद के सीपी केआर नागराजू ने जहाँ बताया कि कलेक्टर से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद लोगों ने शिवाजी की प्रतिमा लगाने और हंगामा करने की कोशिश की और उससे इलाके में तनाव का माहौल बना। वहीं भाजपा अध्यक्ष बांदी संजय का कहना है कि हिंदुओं के पास इस मूर्ति को लगाने की अनुमति है। उन्होंने बताया, “6 माह पूर्व नगर परिषद ने बोधन में शिवाजी (छत्रपति शिवाजी महाराज) की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया था। संकल्प के अनुसार प्रतिमा स्थापित की गई तो यह विरोध क्यों?”

उन्होंने कहा, “पत्थर से हमला करना सिर्फ बेवकूफी है। यही सब भैंसा में भी हुआ था जैसा बोधन में हुआ।” उन्होंने राज्य पुलिस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “उन्हें क्या लगता है कि छत्रपति शिवाजी महाराज कहाँ से आए, पाकिस्तान या बांग्लादेश।” उन्होंने वह स्पष्ट कारण माँगा जिसकी वजह से राज्य पुलिस इलाके में मूर्ति लगाने से उन्हें रोक रही हैं। भाजपा के राज्य प्रदेशाध्यक्ष ने सीधे तौर पर इस मामले में हिंदुओं को समर्थन देने की बात की है।

पुलिस कमिश्नर का इस संबंध में कहना है कि शिवाजी महाराज की मूर्ति रात में लाई गई जिससे हंगामा हुआ। कई लोग सड़कों पर आ गए और दावा किया कि इससे उनकी भावना आहत हुई। उन्होंने पत्थरबाजी की तो पुलिस ने जवाब में लाठी चार्ज करके इलाके में धारा 144 लगाई है।

मुस्लिमों ने दी माहौल बिगाड़ने की धमकी

उल्लेखनीय है कि इस पूरी घटना की तमाम वीडियोज सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। भारी तादाद में भीड़ को हंगामा करते देखा जा सकता है। वहीं पुलिस भी हालातों को कंट्रोल करने के लिए आँसू गैस छोड़ रही है। एक वीडियो जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति कहता नजर आ रहा है कि अगर ये मूर्ति यहाँ से नहीं हटी तो वो बोधन इलाके में अमन और सुकून खत्म करेंगे। इस बात का वो चैलेंज देते हैं।

‘होली-दिवाली पर ज्ञान, ईद-बकरीद पर क्यों नहीं’: शर्लिन चोपड़ा ने ऑल्ट न्यूज वाले मोहम्मद जुबेर की ऐसे लगाई क्लास

ऑल्ट न्यूज वाले मोहम्मद जुबेर के होली पर अभिनेत्री और मॉडल शर्लिन चोपड़ा को घेरने की कोशिश पर एक्ट्रेस ने जबरदस्त पलटवार किया है। एक्ट्रेस ने यह स्वीकार करते हुए कि एक वक्त था जब वो भी बहुत ‘वोक’ हुआ करती थीं, चोपड़ा ने कहा कि मूर्खता (चु*यापंती) की भी एक सीमा होती है।

दरअसल, इस मामले की शुरुआत एक्ट्रेस काजोल से होती है। काजोल होली को लेकर एक वीडियो शेयर करती हैं, जिसमें वो अपने प्रशंसकों ‘सुरक्षित होली’ और ‘पानी बचाने’ को लेकर कहती हैं। हालाँकि, हिंदुओं के त्योहार पर ज्ञान बाँटना नेटिजन्स को पसंद नहीं आया और उन्होंने उन्हें जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसी क्रम में शर्लिन चोपड़ा ने भी काजोल पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “यह ज्ञान केवल होली और दीपावली के दौरान ही क्यों पे** जाता है? इतनी दिक्कत क्यों होती है हमारे त्योहारों से? बकरीद, ईद-उल-अज़हा के समय ज्ञान क्यों नहीं बाँटा जाता?”

दरअसल, शर्लिन चोपड़ा चोपड़ा यह कहना चाह रही थीं कि बकरीद के दौरान जब बड़े पैमाने पर बकरियों का हलाल किया जाता है और हजारों गैलन पानी बर्बाद होता है तो उस पर कोई सवाल क्यों नहीं किए जाते हैं? जब हिंदुओं का त्योहार आता है तो ही ये उपदेश क्यों दिए जाते हैं। अब ‘ऑल्ट-न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को शर्लिन चोपड़ा पर निशाना साधने का मौका दिखा।

अपनी फैक्ट-चेकिंग-स्टाइल में जुबैर ने शर्लिन चोपड़ा के 2013 के एक ट्वीट की तरफ इशारा किया, जिसमें एक्ट्रेस ने होली पर हैशटैग के साथ शुभकामनाएँ देते हुए देखा जा सकता है, जिसमें उन्होंने सेव वॉटर की बात कही थी। जुबेर द्वारा घेरने की कोशिश पर पलटवार करते हुए शर्लिन ने कहा कि एक वक्त था जब वो भी वोक हुआ करती थीं।

उन्होंने लिखा, “एक समय था जब हम भी वोक हुआ करते थे। होली के दिन हमने ‘पानी बचाओ’+’जानवर बचाओ’ जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया और दीपावली के दिन ‘प्रदूषण रोको’ जैसे नारे लगाए और तो और बकरीद पर हम अपनी पसंदीदा मटन रेसिपी के बारे में चर्चा करते थे। धीरे-धीरे समझ में आया कि चु*यापंती की भी हद होती है!”

‘द कश्मीर फाइल्स को रोको, टूट रही गंगा-जमुनी तहजीब’: सपा सांसद एसटी हसन ने रखी फिल्म बैन करने की माँग, कहा- ‘इससे हिन्दू-मुस्लिमों में बढ़ी नफरत’

विवेक अग्निहोत्री की फिल्म द कश्मीर फाइल्स जब से रिलीज हुई है, तभी से इसको लेकर रोकने की काफी कोशिशें की जा रही है। मुस्लिमों को यह कहते हुए देखा जा रहा है कि ये फिल्म साम्प्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुँचा रही है। इसी क्रम में अब समाजवादी पार्टी के नेता समाजवादी पार्टी के सांसद एसटी हसन का नाम जुड़ गया है। उन्होंने भी इस फिल्म पर रोक लगाने की माँग करते हुए इसे दो बड़े समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाला करार दिया है।

बता दें कि हाल ही में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फिल्म पर ऐतराज किया था और कहा था कि लखीमपुर फाइल्स भी बनानी चाहिए। इसके बाद अब सपा सांसद एसटी हसन ने कहा है कि इस इस पर रोक लगानी चाहिए।

मुरादाबाद से सपा के सांसद ने कहा, “कश्मीरी पंडितों का दर्द हमारे दिल में भी है। अपने ही देश में वह रिफ्यूजी हो गए हैं, लेकिन इसको इतना हाइलाइट करना हमारी गंगा जमुनी तहजीब को तोड़ने का काम करती है। नफरतों को बढ़ावा देती है इसलिए इस पर रोक लगनी चाहिए। अगर इस फिल्म को अनुमति दी गई तो कल मुरादाबाद, भागलपुर और गुजरात पर भी फिल्म बन सकता है। ये सिलसिला कब खत्म होगा।”

सपा सांसद ने ये भी कहा कि अगर दो समुदायों के बीच नफरत की सौदागिरी शुरू हो गई तो हिंदुस्तान कहाँ जाएगा? कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास की माँग करते हुए सपा सांसद ने फिल्म पर तत्काल रोक लगाने की माँग सरकार से की। एसटी हसन के मुताबिक, अभी केवल दो समुदायों के बीच सिनेमाघरों में लड़ाइयाँ हो रही हैं, लेकिन इससे कितनी नफरत बढ़ रही है।

गौरतलब है कि इस फिल्म की रिलीज के बाद से ही देशभर से तमाम कश्मीरी हिंदू खुलकर सामने आ रहे हैं औऱ अपने साथ हुई बर्बरता को दुनिया के सामने रख रहे हैं। एक टीवी कार्यक्रम में द कश्मीर फाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने बताया था कि इस फिल्म के लिए रिसर्च करते वक्त उन्होंने 700 से अधिक कश्मीरी हिंदुओं का इंटरव्यू लिया, जिनमें से सभी की कहानियाँ एक ही तरह की थीं।

उन्होंने कहा था, “मेरा मानना ​​​​है कि लोगों के लिए अपना दर्द और उनके चोट को बताने का समय बीत चुका है। अगर इस दर्द को दबा दिया जाए तो कोई इलाज नहीं होगा।” गिरिजा टिक्कू के साथ हुई क्रूरता का जिक्र करते हुए कहा कि यह फिल्म देश और दुनिया के हर बच्चे को दिखाई जानी चाहिए।

नक्सलियों के गढ़ में 800 गाँव वालों ने CRPF संग मनाई होली, वॉलीबॉल का मैच जीत दिखाया जज्बा

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने 18 मार्च, 2022 (शुक्रवार) को कभी नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सुकमा में दोस्ताना वॉलीबॉल मैच का आयोजन किया। इसके साथ CRPF ने ग्रामीणों को दवाएँ व जीवन यापन के अन्य जरूरी सामान मुहैया करवाया। इस मैच में ग्रामीणों की टीम ने जवानों की टीम को हरा दिया। इनाम के तौर पर ग्रामीणों को बॉलीबाल की किट दी गई। नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए इसे एक अहम् प्रयास माना जा रहा है।

CRPF द्वारा जारी प्रेसनोट के मुताबिक यह आयोजन केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की विशेष ईकाई 206 कोबरा बटालियन द्वारा करवाया गया। इस कार्यक्रम को ‘सिविक एक्षन’ नाम दिया गया। इसमें शामिल हुए लगभग 800 लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी थे। इस मौके पर वॉलीबॉल के अलावा क्वाईन रेस और मटका फोड़ जिसे खेल भी करवाए गए। छोटे बच्चों के लिए बोरी रेस, जलेबी रेस जैसे खेल भी हुए। महिलाओं के लिए म्यूजिकल चेयर गेम कराया गया। इन खेलों में जीतने वालों को इनाम भी मिले।

ग्रामीणों संग होली खेलते CRPF के जवान

खेल के बाद CRPF द्वारा गाँव वालों को साड़ी, कम्बल, लुंगी, चप्पल, छाता, बर्तन, रेडियों, मच्छरदानी, सोलर लाईट जैसे जरूरी सामान दिए गए। बच्चो की पढ़ाई से जुड़े स्कूल बैग, पेन, पेन्सिल, स्केच पेन, नोट बुक, बाॅक्स, एक्साम पैड और खिलौने बाँटे गए। युवाओं को खेलने के लिए वाॅलीबाल, वाॅलीबाल नेट, क्रिकेट बैट, बाॅल, फुटबाल आदि वितरित किया गया। लोगों को आए दिन जरूरत की दवाएँ बाँटी गईं। CRPF के डॉक्टरों ने लोगों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जाँच भी की।

ग्रामीणों और जवानों में मैच की शुरुआत से पहले परिचय

खेल और दवाओं के वितरण के बाद जवानों और गाँव वालों ने साथ मिल कर खाना खाया। बाद में सबने एक दूसरे को रंग लगा कर होली मनाई और गानों पर साथ में डांस भी किया। इस आयोजन में गाँव तेमिलवाड़ा, चिंतागुफा, टोकनपल्ली, टेकलपारा, वुग्गलपारा, बर्कापाल, मिनपा, पेद्दीगुड़ा, करिगुण्डम और अब ग्राम मुरियापारा, भाटपाड़ तथा एल्मागुण्डा के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर CRPF और जिला पुलिस के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे। CRPF के अधिकारियों ने बच्चों से पढ़ाई पर ध्यान लगाने की अपील की। साथ ही सभी ने मिल कर देश के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।