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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल ने भारतीय मूल की डॉक्टर से रचाई शादी, जानिए कौन हैं RCB खिलाड़ी की पत्नी विनी रमण

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल ने IPL 2022 शुरू होने से पहले अपनी गर्लफ्रेंड विनी रमण के साथ शादी रचा ली है। उन्होंने एक प्राइवेट समारोह में अपनी भारतीय मूल की पार्टनर के साथ शादी की। दोनों पिछले 5 वर्षों से साथ थे। उन्होंने शुक्रवार (18 मार्च, 2022) को शादी की। फरवरी 2020 में इन दोनों ने सगाई की थी। 2019 में आयोजित ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट अवॉर्ड्स में दोनों को साथ देखा गया था, जो तब काफी चर्चा का विषय बना था।

इंस्टाग्राम पर इस स्टोरी के जरिए ग्लेन मैक्सवेल ने दी शादी की सूचना

बता दें कि IPL में ग्लेन मैक्सवेल ‘रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB)’ के लिए खेलते हैं। आक्रामक बल्लेबाजी और राइट आर्म ऑफब्रेक गेंदबाजी के लिए जाने जाने वाले ग्लेन मैक्सेल के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली भी इसी टीम में हैं। विराट कोहली पहले इस टीम के कप्तान हुआ करते थे, लेकिन उनके हटने के बाद वरिष्ठ दक्षिण अफ़्रीकी सलामी बल्लेबाज फाफ डुप्लेसी को कप्तानी सौंपी गई है।

ग्लेन मैक्सवेल की पत्नी विनी रमण ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहती हैं और पेशे से फार्मासिस्ट हैं। वो एक तमिल परिवार से ताल्लुक रखती हैं। इन दोनों का वेडिंग कार्ड भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जो तमिल भाषा में था। विक्टोरिया स्थित ‘मेलबर्न गर्ल्स सेकेंडरी कॉलेज’ से पढ़ाई करने वाली विनी रमण ने मेडिकल साइंस में डिग्री ली है। सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे के साथ कई तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। क्रिसमस 2021 के दौरान भी उन्होंने साथ तस्वीरें पोस्ट की थीं।

दोनों पहले ही शादी करने वाले थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण उन्हें तारीख़ आगे बढ़ानी पड़ी थी। विनी रमण ने बताया था कि दोनों दिसंबर 2013 में ‘मेलबर्न स्टार्स’ नाम के एक कार्यक्रम में पहली बार मिले थे और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ही उनमें सबसे पहले इंटरेस्टेड थे। दोनों एक साथ पेरिस, लंदन, डबलिन, न्यूजीलैंड और न्यूजीलैंड सहित देश-विदेश की यात्रा कर चुके हैं। IPL 26 मार्च, 2022 से शुरू हो रहा है और दो महीने तक चलेगा।

‘बेटा डॉक्टर बन कुछ करना चाहता था, अब उसके शरीर को रिसर्च के लिए दान करूँगा’ : यूक्रेन में मारे गए छात्र का शव पहुँचेगा बेंगलुरु

रूसी हमले झेल रहे यूक्रेन (Russia-Ukraine War) में मेडिकल की पढ़ाई करने गए छात्र नवीन शेखरप्पा की मौत के बाद उनका पार्थिव सोमवार (21 मार्च) को भारत पहुँच जाएगा। नवीन के पिता ने बताया कि बेटे का शव बेंगलुरु पहुँचने के बाद उनके पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

नवीन के पिता शंकरप्पा ने कहा, “मेरे बेटे का शव सुबह 3 बजे बेंगलुरु पहुँचेगा। इसके बाद पार्थिव शरीर का वीरा शैव परंपरा के अनुसार पूजा करेंगे, फिर हम इसे जनता के सामने अंतिम दर्शन के लिए रखेंगे। हमने उनके शरीर को चिकित्सा अध्ययन के लिए एसएस अस्पताल दावणगेरे को दान करने का फैसला किया है।”

शंकरप्पा ने कहा, “मेरा बेटा चिकित्सा के क्षेत्र में कुछ हासिल करना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। कम-से-कम उनके शरीर को मेडिकल की पढ़ाई के लिए छात्र इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए, हमने चिकित्सा अनुसंधान के लिए उनका शरीर दान करने का फैसला किया है।”

बता दें कि 21 वर्षीय नवीन कर्नाटक के हावेरी जिले के रहने वाले थे। वह यूक्रेन के खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। यूक्रेन में रूस के हमले के दौरान नवीन की गोलीबारी में मृत्यु हो गई थी। मौत के बाद से नवीन का पार्थिव शरीर खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी की शवगृह में रखी हुई थी।

यूक्रेन में अभी फँसे हैं 15-20 भारतीय

केंद्र सरकार ने कहा है कि यूक्रेन से भारतीय लोगों को निकालने के लिए चलाया गया ‘ऑपरेशन गंगा’ अभी खत्म नहीं हुआ है। यूक्रेन में जो लोग फँसे हैं और भारत आना चाहते हैं उन्हें लाने का प्रयास सरकार कर रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार (17 मार्च) को कहा कि यूक्रेन में मौजूद 15-20 भारतीय वहाँ से निकलना चाहते हैं और उन्हें हर तरह से मदद की जा रही है।

बागची ने कहा था कि तीन दिन पहले तक वहाँ करीब 50 भारतीय थे, लेकिन अनुमान है कि 15-20 लोग वहाँ से निकलना चाहते हैं। ऐसे लोगों को भारतीय दूतावास हरसंभव मदद कर रहा है। बागची ने कहा कि युद्धग्रस्त यूक्रेन से 22,500 भारतीयों को वापस लाया गया है।

‘इन्हें सबक सिखाओ’: स्वर्ण मंदिर में बिहार की बुजुर्ग महिला को पीटा, गिड़गिड़ाती रही बेटी, पुलिस बोली – बीड़ी पीने के सबूत नहीं

पंजाब के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारे) के परिसर में एक बिहार की बुजुर्ग महिला को प्रताड़ित करने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि महिला का जुर्म कथिततौर पर बस इतना था कि उसने गुरुद्वारे के परिसर में बीड़ी जला ली। इसके बाद कुछ सिख पुरुष ये देख भड़क गए और उसे बैठाकर सवाल-जवाब करने लगे। महिला ने डर कर माफी माँगी लेकिन तभी एक सिख को गुस्सा आया और उसने महिला को थप्पड़ मार दिया। अब इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

वायरल वीडियो में लाल रंग की साड़ी में महिला गिड़गिड़ाती और माफी माँगती दिख रही है। उसके बगल में एक बच्चा भी बैठा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला को बीड़ी पीते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टास्क फोर्स ने पकड़ा। फिर उनसे उनकी गलती मनवाई और बाद में उन्हें झापड़ भी मारा। 

वीडियो में महिला को बार-बार माफी माँगते देखा जा सकता है। वह कहती हैं कि उन्हें पवित्र स्थल के नियमों की जानकारी नहीं थी इसलिए उन्होंने बीड़ी निकाली और पीने लगीं। महिला की बेटी ने भी सिख पुरुषों से अनुरोध किया कि उसकी माँ को छोड़ दिया जाए। लेकिन वहाँ बैठे लोगों पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा। वह बार-बार महिला से उसका जुर्म कबूलने को कहते रहे।

वीडियो में एक व्यक्ति को ये कहते सुना जा सकता है, ‘ये सचखंड श्री हरमंदिर साहिब है और तू बीड़ी पी रही है।’ आगे इसी आदमी को महिला के लिए कहते सुना जा सकता है कि महिला को 50 नंबर कमरे में भेजो। एक अन्य व्यक्ति कहता है, “ज्यादा चोट मत दो, लेकिन इसे सबक सिखाओ।”

खबरों के मुताबिक, बाद में इस महिला को गुरुद्वारा प्रशासन ने पुलिस को सौंप दिया। वहीं वरिष्ठ पुलिस ने कथिततौर पर हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि उन्हें गोल्डन टेंपल में महिला के बीड़ी पीने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। महिला को पीटे जाने के मामले में क्या कार्रवाई हुई इस पर पुलिस ने बताया कि उन्हें महिला की ओर से किसी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि उन सिखों ने महिला को अलगाववादी सिख समूह का मानते हुए पीटा।

SGPC के महासचिव करनैल सिंह पंजोली ने घटना के बारे में बताया कि ये सब मंगलवार को रात 12 बजे हुआ। उन्होंने बताया कि जिस बिहार की महिला के साथ ये हुआ वो SGPC की कोई कर्मचारी नहीं थी बल्कि श्रद्धालु थी, जिसे बाद में पुलिस में दे दिया गया, लेकिन उसके खिलाफ़ कोई लिखित शिकायत नहीं हुई। वहीं महिला के पास से मिली बीड़ी भी सीवर में डाल दी गई। 

ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायारल है। लोग गुरुद्वारा समिति के अधिकारियों पर गुस्सा उतार रहे हैं। सवाल किया जा रहा है कि महिला के साथ ऐसी बदसलूकी करने की क्या जरूरत थी। वहीं ये भी कहा जा रहा है बेअदबी का नाम देकर अब लोगों को ऐसे प्रताड़ित करना आम होता जा रहा है।

मुस्लिम भीड़ ने होली खेलने वालों को पीटा, पुलिस से भी झड़प: सपा MLA अताउर्रहमान का आरोप – मस्जिद के मुतवल्ली को लगाया रंग

होली के त्योहार के दौरान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बहेड़ी थानाक्षेत्र में एक मस्जिद पर गुलाल गिर जाने के आरोप लगने के बाद बवाल हो गया। हमलावरों की भीड़ द्वारा न सिर्फ होली खेल रहे लोगों को पीटा गया बल्कि बीच-बचाव करने आए पुलिस बल के साथ भी अभद्रता की गई। मौके पर हालात को सँभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में पुलिस ने मस्जिद पर गुलाल गिराने और बाद में सड़क जाम करने के साथ मारपीट करने वालों पर FIR दर्ज किया है।

पूरे प्रकरण में समाजवादी पार्टी के विधायक ने भी मस्जिद पर गुलाल फेंकने वालों पर FIR की माँग की थी। वीडियो फुटेज के आधार पर बाकी उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है। घटना 18 मार्च, 2022 (शुक्रवार) की है।

पुलिस के मुताबिक, गुलाल गिर जाने के बाद नैनीताल हाइवे को जाम करने का भी प्रयास किया गया था। इसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था। वहीं इसी घटना में वायरल हुए एक अन्य वीडियो में एक भीड़ 2 बाइक सवारों को पीट रही है। यह वीडियो UP पुलिस को ट्वीट करते हुए बरेली जिले के ‘राष्ट्रीय योगी सेना’ के जिला मंत्री हिमांशु पटेल ने लिखा, “बरेली बहेड़ी में मुस्लिम लोगों ने घेर कर रास्ते से गुजर रहे दो बाइक सवार हिंदू भाइयों पर किया जानलेवा हमला बुरी तरह से मारा गया है। मामले में संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कार्यवाही करें।”

पुलिस ने इस घटना का भी संज्ञान लेते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं बहेड़ी के समाजवादी पार्टी के विधायक अताउर्रहमान ने होली खेल रहे लोगों पर मस्जिद के मुतवल्ली पर रंग लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिले के SSP से इस बाबत बात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुतवल्ली अब्दुल वाहिद की तहरीर पर राहुल गुप्ता, सुरेश गंगवार समेत 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब्दुल वाहिद ने ने बताया कि उन्होंने उन्हें मस्जिद के पास होली खेलने से मना किया था।

बरेली जिले के SP देहात राजकुमार अग्रवाल के मुताबिक, “विवाद धर्मस्थल पर गुलाल पड़ने से शुरू हुआ। एक समुदाय ने विरोध जताया और उस पर कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसके बाद लोग चले गए पर तभी एक समूह नैनीताल हाईवे पर जाम लगाने लगा। जब उनको रोकने की कोशिश की गई तब उन्होंने पुलिस से भी अभद्रता की। पुलिस ने बल प्रयोग के बाद उन्हें हटाया। जाम लगाने वालों के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाएगी। मौके पर शांति है।”

होली में भगवान नरसिंह की शोभायात्रा में योगी आदित्यनाथ हुए शामिल: संघ और गोरक्षपीठ से जुड़ा इसका इतिहास जानिए

देश भर में होली (Holi) धूमधाम से मनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की अगुवाई में होली के अवसर पर मठ से नरसिंह भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने गुलाल उड़ाए और लोगों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार यह आयोजन दो कारणों से महत्वपूर्ण है। पहला कारण है- पिछले दो साल में पहली बार सबको व्यक्तिगत तौर पर होली मनाने का अवसर मिल रहा है। दूसरा कारण है- उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर राष्ट्रवाद और सुशासन की सरकार चुनी है और पहली बार गोरखपुर जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों पर राष्ट्रवाद की मुहर लगी है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पिछले 80-85 वर्षों से अनवरत जारी है।

पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा, “पर्व हमें अतीत से जोड़ते हैं। होलिका और हिरण्यकश्यप हर समाज में मौजूद रहे हैं। हिरण्यकश्यप और होलिका ने भक्त प्रह्लाद को उसके भक्ति मार्ग से डिगाना चाहा, लेकिन सफल न हो सके। हमें भी भक्त प्रह्लाद की तरह अपने मार्ग से डिगना नहीं है।”

योगी आदित्यनाथ के संबोधन के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और श्री होलिकोत्सव समिति महानगर के तत्वाधान में भगवान नरसिंह की लगभग छह किलोमीटर लंबी शोभायात्रा शुरू हुई। इस दौरान विशाल जनसमूह उमड़ा और लोग रंग, अबीर-गुलाल और फूलों से होली खेलते हुए इस शोभायात्रा में शामिल हुए। इस दौरान ‘जो राम को लाए हैं, हम उनको लाएँगे’ की भी गूंज सुनाई दी।

भगवान नरसिंह शोभायात्रा की शुरुआत

गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की राख से होली मनाने की परंपरा बहुत पुरानी है। हालाँकि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख ने 1944 में अपने गोरखपुर प्रवास के दौरान संघ के इस आयोजन में फूहड़ता को देखते हुए इसकी बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद नानाजी ने गोरक्षपीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ से संपर्क किया।

महंत दिग्विजयनाथ ने उनके आमंत्रण को स्वीकार करते हुए इस शोभायात्रा की जिम्मेदारी अपने उत्तराधिकारी अवैद्यनाथ को सौंप दी। अपने गुरु के निर्देश पर अवैद्यनाथ 1950 से शोभायात्रा का नेतृत्व करने लगे। धीरे-धीरे संघ की यह शोभायात्रा नाथ पीठ का अभिन्न हिस्सा बन गई। योगी आदित्यनाथ को जब महंत अवैद्यनाथ ने अपना उत्तराधिकारी बनाया तो इस शोभायात्रा की जिम्मेदारी उन्हें ही सौंप दी गई।

साल 1998 से इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं योगी आदित्यनाथ

साल 1998 से योगी आदित्यनाथ इस शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने इस शोभायात्रा को और भव्यता दी और इसकी ख्याति देश-विदेश तक पहुँचाई। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी इस शोभायात्रा का वे नेतृत्व करते रहे, जो अब तक जारी है। कोरोनाकाल में दो साल के लिए साल 2020 और 2021 में योगी आदित्यनाथ इस आयोजन में शामिल नहीं हो हो सके थे।

‘होली में जय श्री राम का नारा डरावना, मैं इस देश में सुरक्षित महसूस नहीं करती’: ‘स्वतंत्र पत्रकार’ से लोगों ने पूछा – तालिबान चलेगा?

सोशल मीडिया पर हिन्दू त्योहारों को बदनाम करने का प्रयास कोई नया नहीं है। साथ ही हिन्दू त्योहारों के समय जबरदस्ती का ज्ञान देने की भी एक अलग ही परंपरा है, जो लिबरल गिरोह काफी समय से निभाता रहा है। हाँ, इस बार चार राज्यों में भाजपा की जीत (खासकर उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वापसी) और ‘The Kashmir Files’ के ब्लॉकबस्टर होने से ये सब थोड़ा कम देखने को मिला। लेकिन, स्वागता यादवर जैसी ‘स्वतंत्र पत्रकारों’ ने होली को बदनाम करने के लिए पूरा उपक्रम किया।

‘द प्रिंट’, ‘इंडिया स्पेंड’, ‘फैक्ट चेकर’ और ‘द वीक’ जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं स्वागता यादवर ने लिखा, “होली के दौरान ‘जय श्री राम’ के नारे लग रहे हैं। कुछ क्षण के लिए तो मैं एकदम से शांत हो गई। मैं, एक हिन्दू महिला, इस देश में सुरक्षित महसूस नहीं करती। अन्य अल्पसंख्यकों के साथ मैं सिर्फ सहानुभूति ही प्रकट कर सकती हूँ। अकेली यात्रा कर रही एक महिला के लिए होली सबसे डरावना समय होता है।”

तथाकथित ‘स्वतंत्र पत्रकार’ ने शुक्रवार (18 मार्च, 2022) को होली की बात करते हुए दावा किया कि उन्हें उस दिन एक ऑटो लेना पड़ा था और वो रास्ते भर प्रार्थना करती रही थीं। बाद में जब लोगों ने उनसे कहा कि वो यहाँ सुरक्षित महसूस नहीं करतीं तो पाकिस्तान चली जाएँ, तो इसका जवाब देते हुए स्वागता यादवर ने कहा कि जब कोई महिला डरी होती है तो उसका आशय धर्म नहीं, बल्कि कट्टरपंथी अनुयायियों से होता है और वो कुछ भी हो सकते हैं – हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई।

उन्होंने दावा किया कि कट्टरपंथी सबसे पहले काम महिलाओं की स्वतंत्रता को भंग करने का ही करते हैं। उनके अनुसार, कट्टरपंथी तय करते हैं कि महिलाएँ कैसे कपड़े पहनें, क्या पढ़ाई करें और कहाँ काम करे। उन्होंने कहा कि जब युवक ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हैं तो उन्हें डर लगता है। उन्होंने कहा कि यहाँ वैसा ही तालिबान बनाया जा रहा है जिससे आप घृणा करने का दिखावा करते हैं, लेकिन असल में उससे प्रभावित हैं।

हालाँकि, लोगों ने उन्हें याद दिलाया कि ये सब इस्लामी मुल्कों में होता रहा है और तालिबान जैसे इस्लामी कट्टरपंथी संगठन ही ऐसा करते रहे हैं। कइयों ने स्वागता यादवर की कहानी को फेक करार दिया, जिसके जवाब में उन्होंने दावा किया कि इस देश में रहने वालों को सच्चाई पता है। उन्होंने अपनी ट्वीट के रिप्लाइज भी ऑफ कर दिए थे। लोगों ने कहा कि होली पर ऐसे आरोप लगाने से पहले उन्हें जान तो लेना चाहिए कि होली है क्या।

जिस जज ने दिया हिजाब पर फैसला, उनको मौत की धमकी: वीडियो में कहा – ‘तुम्हारा वजूद नहीं बचेगा… साधु नंगे तो बुर्का क्यों नहीं’

कर्नाटक हाईकोर्ट के न्यायाधीश को एक इस्लामी संगठन द्वारा मौत की धमकी दी गई है। ये वही जज हैं, जिन्होंने बुर्का विवाद में दायर याचिका के फैसले में हिजाब को इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं बताया था। यह धमकी तमिलनाडु तौहीद जमात (TMTJ) नाम के संगठन ने मदुरै में एक आयोजन के दौरान 17 मार्च (गुरुवार) को दी। धमकी देने वाले आरोपित का नाम कोवाई आर रहमतुल्लाह बताया जा रहा है। इस वीडियो को इंदु मक्क्ल ने शेयर किया है।

वीडियो में रहमतुल्लाह को धमकी देते सुना गया, “अगर हिजाब मामले में जज की हत्या हो जाती है तो वो अपनी मौत के खुद जिम्मेदार होंगे। न्यायपालिका भाजपा के हाथों बिक चुकी है। अदालत का आदेश अवैध और गैरकानूनी है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने ये आदेश अमित शाह के इशारे पर दिया है। फैसला देने वाले जज को अपने फैसले पर शर्म आनी चाहिए। जजों के फैसले संविधान के आधार पर होने चाहिए न कि उनके व्यक्तिगत सोच पर।”

इंदु मक्क्ल ने इसी ट्वीट में तमिलनाडु पुलिस को टैग करते हुए सवाल किया है कि क्या वो अभी भी बैठ कर सिर्फ तमाशा देखेंगे? जबकि विश्वात्मा (@HLKodo) नाम के एक ट्विटर हैंडल ने इस वीडियो में बच्चों द्वारा नारेबाजी पर ध्यान दिलाया है। वीडियो में कई महिलाएँ भी नारेबाजी करती हुई दिखाई दे रही हैं।

इस धमकी का पूरा 17 मिनट 40 सेकेंड का वीडियो यूट्यूब पर ‘ऑनलाइन धावा 24X7’ नाम के चैनल ने पब्लिश किया है। इसमें धमकी देने वाले रहमतुल्लाह को कहते सुना जा सकता है, “साधु भारत में कहीं भी नंगे घूम सकते हैं लेकिन मुस्लिम लड़कियों को बुर्का पहनने से मना किया जा रहा है। अगर आप मुस्लिमों पर हमला करोगे तो हम मैदान में मिलेंगे। हम मोदी, योगी या अमित शाह से नहीं बल्कि सिर्फ अल्लाह से डरते हैं। हमारे सब्र का इम्तिहान मत लो। अगर ये धैर्य खत्म हुआ तो तुम्हारा वजूद नहीं बचेगा।”

बुर्का विवाद और कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला

पिछले महीने कर्नाटक के उडुपी के PU कॉलेज में कुछ मुस्लिम छात्राओं को कॉलेज परिसर में बुर्का पहन कर आने से मना कर दिया गया था। यह रोक कॉलेज प्रशासन ने लगाया थी। इसके बावजूद कुछ छात्राएँ दिसम्बर 2021 से बुर्के में आने लगीं। इसके बाद लगातार हिजाब के समर्थन में धरने-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने बुर्का पहना हुआ था। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।

बुर्का विवाद शुरू करने वाली छात्राओं के पीछे इस्लामी समूह PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया) की छात्र शाखा CFI का हाथ बताया गया था। हाईकोर्ट में बुर्का समर्थक छात्राओं की तरफ से बहस करने वाले वकीलों ने भी बुर्के को इस्लाम का जरूरी हिस्सा बताया था। आखिरकार 15 मार्च (मंगलवार) को कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी बुर्के को इस्लाम का जरूरी हिस्सा मानने से इंकार कर दिया। इस फैसले के खिलाफ कई लिबरल और वामपंथी ट्विटर पर अभियान चला रहे हैं।

‘कॉन्ग्रेस में अध्यक्ष पद खाली नहीं है’: सोनिया गाँधी से मुलाकात के बाद बोले बागी गुट के गुलाम नबी, राहुल गाँधी पर सवाल

कॉन्ग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता और असंतुष्ट गुट जी-23 के सदस्य गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने पार्टी के भीतर जारी अंतर्कलह के बीच शुक्रवार (18 मार्च) को अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गाँधी से मुलाकात की। पार्टी में सुधार के तरीकों पर चर्चा करने के लिए गाँधी परिवार और जी-23 के बागी नेताओं के बीच यह दूसरी मुलाकात थी। उधर 14 मार्च को कॉन्ग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई और हाल ही में संपन्न पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन पर चर्चा हुई।

बताया जाता है कि लगभग एक घंटे तक चली बैठक के दौरान आजाद ने कॉन्ग्रेस कार्यसमिति (CWC) का चुनाव कराने, केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) को निर्वाचित इकाई बनाने और निष्क्रिय संसदीय बोर्ड (Parliamentary Board) को फिर से जीवित करने का प्रस्ताव रखा।

सोनिया गाँधी से मुलाकात के बाद आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का पद ‘रिक्त नहीं है’ और CWC ने अगस्त-सितंबर में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के लिए चुनाव कराने का फैसला किया है। आजाद CWC के सदस्य हैं।

उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठक अच्छी थी। हम कॉन्ग्रेस प्रमुख से मिलते रहते हैं और वह नियमित रूप से नेताओं से मिलती हैं। हाल ही में कार्यसमिति की बैठक हुई थी और पार्टी को मजबूत करने के लिए सुझाव माँगे गए थे। मैंने कुछ सुझाव भी दिए थे। इसलिए मैंने उन सुझावों को दोहराया है। कुल मिलाकर चर्चा आगामी विधानसभा चुनाव पर रही। पार्टी में सुधार के सुझाव सार्वजनिक रूप से नहीं दिए जा सकते। पार्टी अध्यक्ष के लिए अभी कोई पद खाली नहीं है। उन्होंने (सोनिया गाँधी ने) इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन हमने इसे खारिज कर दिया।”

लगता है कि कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी के अध्यक्ष बनने की उम्मीद छोड़ दी है। गुरुवार (17 मार्च) को राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा से मुलाकात की थी और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने गुलाम नबी आजाद से दो बार फोन पर बात की थी। खबरों के मुताबिक, कहा जाता है कि दोनों नेताओं राहुल गाँधी और हुड्डा ने पार्टी के पुनर्गठन पर चर्चा की थी। कॉन्ग्रेस के जी-23 बागी गुट की भी यही प्रमुख माँग है।

आजाद के आवास पर जी-23 नेताओं की बैठक

जी-23 के सदस्यों ने भविष्य की रणनीति पर चर्चा के लिए बुधवार (16 मार्च) की रात को गुलाम नबी आजाद के आवास पर मुलाकात की थी। बैठक के दौरान G-23 सदस्यों ने कथित तौर पर चर्चा की कि कैसे पार्टी के लिए आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका सामूहिक और समावेशी नेतृत्व और सभी स्तरों पर निर्णय लेने का एक मॉडल अपनाना था। G-23 नेताओं ने कॉन्ग्रेस नेतृत्व से 2024 के लोकसभा चुनाव में एक विश्वसनीय विकल्प का मार्ग तैयार करने के लिए समान विचारधारा वाली ताकतों के साथ बातचीत करने का भी आग्रह किया।

बैठक कपिल सिब्बल के आवास पर होनी थी, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम स्थल को स्थानांतरित कर दिया गया। बैठक में शामिल होने वाले नेताओं में आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, संदीप दीक्षित और शशि थरूर शामिल थे। शशि थरूर सहित की उपस्थिति से कई कॉन्ग्रेस नेता आश्चर्यचकित थे, क्योंकि हाईकमान पर सवाल खड़ा करने के कारण थरूर या मुकुल वासनिक ने इसके बैठकों में आना बंद कर दिया था।

पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 10 मार्च को घोषित होने के बाद से कॉन्ग्रेस नेतृत्व दबाव में है। वापसी की सभी उम्मीदें खत्म होने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता गाँधी परिवार के अलावा किसी और को पार्टी की कमान सौंपने की माँग दोहरा रहे हैं।

‘घर की कॉन्ग्रेस’ के बजाए ‘सबकी कॉन्ग्रेस’: सिब्बल

दिलचस्प बात यह है कि कॉन्ग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के एक दिन 15 मार्च को पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने राहुल गाँधी और पार्टी आलाकमान के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सवाल किया था कि राहुल गाँधी के पास पार्टी में कोई औपचारिक पद नहीं है, फिर उन्होंने पंजाब जाकर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी क नाम की घोषणा कैसे कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि गाँधी परिवार को पार्टी का कमान छोड़ देना चाहिए।

इसी तरह सोमवार (14 मार्च) को कार्यसमिति की बैठक के दौरान सिब्बल ने कहा कि पार्टी को लोकसभा चुनाव हारे आठ साल हो गए हैं। अगर नेतृत्व को अभी भी यह पता लगाने के लिए ‘चिंतन शिविर’ की आवश्यकता है कि क्या गलत हुआ तो वे सपनों की दुनिया में रह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सीडब्ल्यूसी के प्रमुख नेता यह महसूस करते हैं कि गाँधी परिवार के बिना कॉन्ग्रेस चल नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि वे ‘सबकी कॉन्ग्रेस’ चाहते हैं न कि ‘घर की कॉन्ग्रेस’। ‘सब की कॉन्ग्रेस’ से उनका मतलब उन पुराने सदस्यों को लाना है, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

‘…यहीं बंधक बना लेंगे’: झारखंड मुक्ति मोर्चा के MLA ने दी महिला थानेदार को धमकी, कहा – मजबूरी में लोग बनते हैं उग्रवादी

झारखंड के राँची में JMM (झारखंड मुक्ति मोर्चा) के विधायक जिग्गा होरो ने एक महिला थानेदार को बंधक बना लेने की धमकी दी है। महिला इंस्पेक्टर का नाम ममता कुमारी है। इस धमकी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

विधायक जिग्गा होरो की लगातार डांट सुन कर महिला पुलिस अधिकारी वहाँ से चुपचाप चली गईं। इसके बाद भी विधायक मौके पर मौजूद बाकी पुलिसकर्मियों को डांटते रहे। वीडियो गुरुवार (17 मार्च) का बताया जा रहा है। विधायक जिग्गा होरो के अनुसार किसी का उग्रवादी बनना उसकी मजबूरी होती है।

धमकी देने वाले विधायक जिग्गा सुसारन होरो (Jiga Susaran Horo) सिसई विधानसभा से निर्वाचित हैं। वायरल वीडियो में वो महिला इंस्पेक्टर को कह रहे हैं:

“ज्यादा होशियार मत बनो, नहीं तो यहीं बंधक बना लेंगे। किस चीज की ड्यूटी करते हो आप जो टाइम से एक्शन नहीं लेते। छेड़ो नहीं, वरना छोड़ेगा नहीं। तमाशा बना कर रखे हैं आप लोग। ड्रामा मत कीजिए, रात को आप को हम फोन किए थे। कोई गवर्नर हैं क्या? जब मामला कोर्ट में है तो आप छापेमारी कर रहे हैं। हम बता दे रहे हैं कि हम आपकी छापेमारी करवा देंगे।”

इस दौरान महिला पुलिसकर्मी ने अपनी सफाई में कोई जवाब देना चाहा तो उसे डाँट कर चुप करा दिया गया।

उग्रवादी बनना मजबूरी – JMM विधायक

JMM विधायक जिग्गा होरो ने पुलिसकर्मियों को डांटते हुए आतंकी बनना किसी की मजबूरी बताया है। उन्होंने कहा, “आप लोग चाहते हैं कि यहाँ का लड़का आतंकवादी बन जाए। फिर वो जंगल चला जाए। मजबूरी में आदमी क्या करेगा। जंगल चला जाएगा। उग्रवादी बनेगा और लूटेगा। मारेगा और काटेगा। पढ़ने के लिए जगह नहीं मिलेगा। वैसे भी यहाँ अतिक्रमण किया जा रहा है। यहाँ का जंगल लूटा जा रहा है। यहाँ के आदिवासियों की जमीनों को लूटा जा रहा है। अगर यूथ छेड़ोगे तो राँची को पागल कर देगा। यही चाहते हो क्या कि बच्चे बदमाश बन जाएँ। जब ये जंगल चले जाएँगे तब आप छापेमारी करिएगा?”

विधायक का बयान और झारखंड पुलिस एसोसिएशन

महिला पुलिसकर्मी ममता कुमारी के खिलाफ JMM विधायक जिग्गा होरो की बयानबाजी के खिलाफ झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने रोष जताया है। एक पत्रकार वार्ता में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के केंद्रीय महामंत्री अक्षय कुमार राम ने कहा, “महिला थाना प्रभारी के ऐसा व्यवहार निंदनीय ही नहीं बल्कि अपराध के समान है। विधायक का ऐसा बर्ताव सिर्फ महिला पुलिसकर्मी ही नहीं बल्कि तमाम महिलाओं का भी अपमान है।”

झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इसकी लिखित शिकायत झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो से करने की बात की है। साथ ही विधायक जिग्गा होरो के आचरण की जाँच कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की माँग भी की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

बुधवार (16 मार्च) को झारखंड की राजधानी राँची में लगभग 250 लोगों की भीड़ नवीन सरना कॉलेज के हॉस्टल को खाली करवाने पहुँची थी। इस भीड़ का नेतृत्व बिशु उरांव नाम का व्यक्ति कर रहा था, जो हॉस्टल की जमीन को अपना बताता है। इस दौरान हॉस्टल में जम कर हंगामा हुआ। हॉस्टल के पीछे की दीवार को तोड़ दिया गया। वहाँ मौजूद छात्रों के साथ धक्का-मुक्की की गई।

घटना के बाद बिशु उरांव समेत 250 अज्ञात के खिलाफ सुखदेवनगर थाने में FIR दर्ज की गई। इन सभी हमलावरों पर हथियारों से लैस होने और 50 लाख की रंगदारी माँगने का भी आरोप लगा है। विधायक जिग्गा होरो इस मामले में पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। उनके साथ मांडर विधायक बंधु तिर्की, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पूर्व विधायक सुखदेव भगत और अन्य नेता मौजूद थे।

TV वाली हिरोइन के साथ सेक्स रैकेट, गोवा से गिरफ्तार हुआ हैदराबाद का दलाल बिलाल, साथ में थी 2 और महिलाएँ

गोवा पुलिस ने राजधानी पणजी के पास चल रहे एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक टीवी अभिनेत्री सहित तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, इस रैकेट के मास्टरमाइंड और हैदराबाद के रहने वाले हाफिज सैयद बिलाल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को जानकारी मिली की राजधानी पणजी से सटे संगोल्डा गाँव में एक सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है। इसमें मुंबई की रहने वाली कुछ महिलाएँ देह व्यापार में शामिल हैं। गुप्त सूचना मिलने के बाद गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रंगे हाथों गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया।

पुलिस ने फर्जी ग्राहक बनकर संगोल्डा के एक होटल में हैदराबाद के रहने वाले एक व्यक्ति से 50,000 में सौदा किया। इसके बाद दलाल बिलाल ने ग्राहक बनकर आए पुलिसकर्मी के सामने तीन महिलाओं को पेश किया। इस दौरान पुलिस ने रंगे हाथों तीनों महिलाओं और दलाल बिलाल को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस को बता चला कि इन तीन महिलाओं में एक टीवी अभिनेत्री है। यह अभिनेत्री और उसकी एक साथी मुंबई के विरार की रहने वाली हैं। वहीं, दलाल बिलाल और तीसरी महिला हैदराबाद की रहने वाली है। पुलिस ने बताया कि हाफिज बिलाल लंबे से सेक्स रैकेट को संचालित कर रहा था।

पुलिस ने बताया कि दलाल बिलाल की उम्र 26 साल है और जबकि तीनों महिलाओं की उम्र 30 से 37 साल के बीच है। इन तीनों को शुक्रवार (17 मार्च) को गिरफ्तार किया है।