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ऋषभ पंत ने तोड़ा कपिल देव का 40 साल पुराना रिकॉर्ड, लगाया टेस्ट मैचों में सबसे तेज़ पचासा: 35वीं बार टेस्ट में LBW हुए कोहली

भारत और श्रीलंका (India & Sri Lanka Test Match) के बीच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खेले जा रहे टेस्ट मैच में भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत (Rishabh Pant) ने इतिहास बना दिया है। उन्होंने 28 गेंदों में अर्धशतक बनाकर पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) का 40 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। उनसे पहले ये कारनामा 1982 में पाकिस्तान के खिलाफ कराची टेस्ट के दौरान 30 गेंदों में ही अर्धशतक लगाकर ये रिकॉर्ड बना दिया था।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंद पर अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के बल्लेबाज मिस्बाह उल हक के पास है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रहे मिस्बाह ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 21 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया था।

बहरहाल बता दें कि बेंगलुरु टेस्ट की दूसरी पारी में भारत ने डिनर तक 5 विकेट के नुकसान पर 199 रनों का स्कोर किया है। वहीं ऋषभ पंत की बात की जाए तो वे फास्टेस्ट फिफ्टी लगाने के बाद भी वो क्रीज पर नहीं टिक सके। वो 50 रन पर ही आउट हो गए। इस सीरीजी में पंत ने कुल 61.67 की औसत से 3 पारियों में 185 रन बनाए हैं, जबकि श्रीलंका के खिलाफ यह उनकी दूसरा अर्धशतक है। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 156.14 का रहा। उन्होंने अपनी छोटी सी, लेकिन अहम पारी में सात चौके और दो छक्के लगाए।

गौरतलब है कि ऋषभ पंत सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाले दुनिया के 13वें बल्लेबाज हैं। बहरहाल इस मैच में भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों का बल्ला शांत ही रहा। कप्तान विराट कोहली केवल 16 गेंदों पर 13 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उन्हें जयविक्रमा ने LBW किया। टेस्ट में ऐसा 35वीं बार हुआ है जब कोहली LBW के शिकार हुए। खास बात ये है कि कई सालों बाद कोहली का टेस्ट क्रिकेट में औसत 50 से नीचे आ गया है।

‘रोड शो में सरकारी खजाने से खर्चे ₹61 लाख, शपथग्रहण में लगेंगे ₹2 करोड़’: भगवंत मान और केजरीवाल पर आरोप, कर्ज में डूबा है पंजाब

पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की जीत के बाद रविवार (13 मार्च, 2022) को पंजाब के भावी मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) और AAP के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने अमृतसर (Amritsar) में रोड शो किया। इससे पहले मान ने हवाई अड्डे पर केजरीवाल, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, राघव चड्ढा का स्वागत किया।

वहीं कॉन्ग्रेस नेता अलका लांबा ने रोड शो और भगवंत मान के शपथ ग्रहण समारोह में होने वाले खर्च को लेकर AAP पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि रोड शो पर सरकारी क्वार्टर से कुल 2 करोड़ 61 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

कॉन्ग्रेस नेता और दिल्ली की विधायक अलका लांबा ने विधानसभा चुनावों में पंजाब में जीतने के तुरंत बाद पार्टी के हितों को आगे बढ़ाने के लिए AAP के सरकारी तंत्र के इस्तेमाल का पर्दाफाश करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। उन्होंने एक प्रशासनिक आदेश का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “AAP तो राजनीति बदलने आए थे…? AAP के द्वारा जनता के पैसों की लूट शुरू… 15 लाख रुपए अरविंद केजरीवाल के रोड शो पर खर्च किए जा रहे हैं और 46 लाख रुपए जिलों में रोड शो के लिए सरकारी खजाने से देने का आदेश हुआ है। पंजाब और पंजाबियों को पहली बधाई।”

मुख्य सचिव द्वारा पंजाब के विभिन्न जिलों में नियुक्त किए गए प्रधान सचिवों, आयुक्तों, संभागीय आयुक्तों और एसपी सहित पंजाब में सरकारी अधिकारियों को एक नोटिस जारी किया गया है ताकि मुख्यमंत्री पद के लिए नामित भगवंत मान और निर्वाचित विधायकों के 13 मार्च को अमृतसर दौरे के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सके। नोटिस में अधिकारियों को प्रस्तावित रोड शो के लिए आवश्यक यातायात और सुरक्षा व्यवस्था करने और हरमंदिर साहिब, दुर्गियाना मंदिर और राम तीरथ जैसे धार्मिक केंद्रों की योजनाबद्ध यात्राओं के लिए अलर्ट किया गया है।

नोटिस में आगे आगे कहा गया कि वह रोड शो के लिए तुरंत प्रभाव से 15 लाख रुपए डिप्टी कमिशनर अमृतसर को भेजे। मुख्य सचिव ने पत्र में आदेश दिए हैं कि वह 2-2 लाख रुपए पंजाब के सभी 23 जिलों के उपायुक्तों के खाते में रोड शो के प्रबंधों के लिए डिपॉजिट कराए। सचिव ट्रांसपोर्ट को भी लिखा गया कि वह रोड शो के लिए जाने वाले कार्यकर्ताओं के लिए बसों का प्रबंध करें। कमिश्नर नगर निगम अमृतसर को मुख्य सचिव ने रोड शो के दौरान मदद करने के लिए कहा है। इस प्रकार, पंजाब में आम आदमी पार्टी के रोड शो के लिए सरकारी खजाने से कुल 61 लाख रुपए खर्च किए जाएँगे।

कॉन्ग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने सवाल उठाया कि यह सरासर सरकारी पैसे का दुरुपयोग है। एक तरफ पंजाब के सिर पर तीन लाख करोड़ का कर्ज और ऊपर से अपनी पब्लिसिटी के लिए सरकारी खजाने के साथ सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग हो रहा है। खैहरा ने ट्वीट में आरोप लगाया कि रोड शो पूरी तरह से राजनीतिक है और पार्टी को प्रोमोट करने के लिए किया गया। यह सब बर्दाश्त करने लायक नहीं है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए कहा कि लोगों के पैसे को वह तुरंत सरकार के खजाने में जमा करवा जाए।

खैरा ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि वह तो सोचते थे कि आम आदमी पार्टी अपने वादों के मुताबिक अलग से काम करेगी। इन्होंने तो सत्ता सँभालने से पहले सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग शुरू कर दिया। आप रोड शो के लिए ट्रांसपोर्ट का दुरुपयोग कर रही है। ऐसा कर पार्टी ने साबित कर दिया है कि परंपरागत पार्टियों में और उनमें कोई फर्क नहीं है।

इसके अलावा, आरोप है कि भगवंत मान सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी प्रशासन 2 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। अलका लांबा ने इसके लिए भी सरकार के आदेश को शेयर किया, जिससे पता चला कि राजस्व और पुनर्वास विभाग को मेगा समारोह की व्यवस्था करने के लिए शहीद भगत सिंह नगर के डीसी को 2 करोड़ रुपए आवंटित करने के लिए कहा गया है। इस तरह केजरीवाल के रोड शो और AAP सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 2 करोड़ 61 लाख खर्च किए गए हैं, जिसकी कॉन्ग्रेस पार्टी ने आलोचना की है। 16 मार्च को होने वाले समारोह में लगभग 1 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

औरंगजेब से कोचिंग पढ़ती थी हिन्दू छात्रा, कमरा बंद और लाइट ऑफ कर के छेड़छाड़: फिजिक्स समझाने के बहाने रोका था, लोगों ने कूटा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर में एक युवती के परिजनों ने कोचिंग संचालक असद औरंगजेब की सरेराह जमकर पिटाई कर दी। उस आरोप है था कि उसने उसके कोचिंग में पढ़ने वाली एक हिंदू लड़की से छेड़छाड़ औऱ रेप करने की कोशिश की। हालाँकि, इससे पहले वो अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, पीड़िता उसके चंगुल से भाग निकली।

रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता फरीदपुर कस्बे की रहने वाली है औऱ 12वीं की छात्रा है। वो प्रतिदिन कानूगोयन मोहल्ले में ऊँचा मोहल्ले के रहने वाले असद औरंगजेब से कोचिंग पढ़ने के लिए जाया करती थी। हर दिन की तरह बुधवार (9 मार्च, 2022) को भी पीड़िता कोचिंग गई थी। कोचिंग खत्म होने के बाद औरंगजेब ने फिजिक्स के कुछ इंम्पॉर्टेंट सवालों के बारे में बताने के बहाने से उसे रोक लिया।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि जब सब लोग चले गए तो आरोपित ने कोचिंग का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद उसने कमरे की लाइट भी बंद कर दी। अकेले कमरे में उसने पीड़िता को दबोच लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। हालाँकि, अच्छी बात यह थी कि कमरे का दूसरा दरवाजा लॉक नहीं था। ऐसे में किसी तरह से खुद को आरोपित के चंगुल से छुड़ाने के बाद दरवाजे से अपने घर की तरफ भागी। घर पहुँचने के बाद पीड़िता ने अपनी बहन को कोचिंग संचालक की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद पीड़िता की बहन ने इसकी जानकारी परिजनों को दी।

इस बीच शनिवार (12 मार्च 2022) को आरोपित औरंगजेब पीड़िता के परिवार के लोगों को साहूकारा मोहल्ले में मिल गया। फिर क्या था लोगों ने सरेराह उसकी जमकर पिटाई करते हुए उसे कोतवाली थाने ले गए और शिकायत दर्ज कराई।

इस घटना को लेकर बरेली पुलिस ने एक यूजर को जवाब देते हुए बताया कि फरीदपुर थाने में केस दर्ज कर आरोपित को जेल भेज दिया गया है। आगे की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपित को कुछ लोग पीटते दिख रहे हैं।

‘हार के बाद कपिल शर्मा शो में लौट रहे हैं सिद्धू, चली जाएगी अर्चना पूरन सिंह की कुर्सी’: बोलीं अभिनेत्री – ये उनके लिए अच्छा रहेगा

‘द कपिल शर्मा शो’ में अर्चना पूरन सिंह (Archana Puran Singh) जज के तौर पर नजर आ रही हैं। उनसे पहले इस शो में नवजोत सिंह सिद्धू थे। राजनीतिक हलचल को लेकर सिद्धू के बारे में खबरें आती रहती थीं। हाल ही में नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब विधानसभा चुनाव में हार गए। बस फिर क्या था सोशल मीडिया पर यूजर्स मजे लेने लगे कि ‘द कपिल शर्मा शो’ में वह फिर से लौटने वाले हैं और अर्चना पूरन सिंह की कुर्सी खतरे में पड़ने वाली है। अर्चना सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उन्होंने भी ये मीम्स देखे हैं और खुद को हँसने से रोक नहीं पाईं।

अर्चना वे कहा कि वो ऐसे मीम्स को बहुत मजाकिया तरीके से लेती हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में अर्चना ने कहा, “नवजोत सिंह सिद्धू पर बने फनी मीम्स मैंने रीट्वीट भी किए। मुझे वाकई ये सभी जोक्स पसंद आए। जैसे एक में कहा गया, ‘यह दूसरी बार है जब वह अपनी सीट हार गए, पहली बार वह अर्चना पूरन सिंह से हारे थे।’ मुझे इस तरह का ह्यूमर पसंद है। यह सिद्धू से ज्यादा से मेरे पर है। एक और था, ‘अर्चना जी आप की कुर्सी खतरे में है।’ मैं उन सभी चुटकुलों को मजाक के तौर पर लेती हूँ।” 

अर्चना ने आगे कहा, “सिद्धू से मैं एक बार ही मिली हूँ, जब मैं फिल्म ‘डॉली की डोली’ प्रमोट करने शो में गई थी। मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं वहाँ पर बैठूँगी और मेरे और उनके नाम पर इतना हंगामा होगा। आप सोच सकते हैं, कल मैं ट्विटर पर ट्रेंड कर रही थी। मेरा क्या लेना-देना। वह अपनी सीट पर वापस लौट आएँ तो अच्छा है। मैं हमेशा आगे देखती हूँ। मैंने इतने सालों तक कॉमेडी सर्कस किया। अगर यह नहीं हुआ तो कुछ और होगा। हम काम को लेकर समर्पित कलाकार हैं, हमें कुछ ना कुछ करना होगा। मैंने कपिल के साथ 10 साल तक काम किया है और यह सफर शानदार रहा है।”

गौरतलब है कि 2019 में पुलवामा हमले पर विवादित टिप्पणी करने के चलते कपिल शर्मा के शो से सिद्धू को हटा दिया गया था। इसके बाद जज के रूप में अर्चना पूरन सिंह उनकी जगह आईं। शो में कई बार कपिल शर्मा खुद अर्चना का मजाक उड़ाते हुए कहते हैं कि उन्होंने सिद्धू की कुर्सी पर कब्जा कर लिया है। सिद्धू के चुनाव हारने पर सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें लेकर चुटकियाँ लेने लगे।

अभिनेत्री ने उनकी कुर्सी पर सिद्धू के वापस आने की अटकलों पर कहा, “मेरा क्या लेना-देना। ये काफी अच्छा होगा अगर वो (सिद्धू) अपनी सीट पर वापस आ जाते हैं। उनके लिए ये बहुत अच्छा रहेगा। मैं हमेशा आगे बढ़ जाती हूँ।”

‘मेरे चाचा को ऐसे ही मारा था…’: कश्मीर फाइल्स देख फूट-फूट कर रोई महिला, निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के छू लिए पैर

भारतीय महिषियों ने कहा है कि आदमी नहीं, समय बलवान होता है। एक समय ऐसा भी था, तब बॉलीवुड गैंग के आशीर्वाद के बिना फिल्मों में काम करना ही नहीं, बनाना और उसे प्रदर्शित करने की सोचना भी मुश्किल था। चेहरा से लेकर फिल्मों के कंटेंट तक यही गैंग तय करते थे। कोई सोच भी नहीं सकता था कि बॉलीवुड के इस प्रोपेगंडा गैंग से पंगा लेकर कोई ना सिर्फ फिल्म को प्रदर्शित भी कर सकता है, बल्कि इस गैंग के विरोध को दरकिनार करते हुए उन्हें नेपथ्य में भी धकेल सकता है। फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने अपनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के जरिए इसे साबित कर दिखाया है।

‘द कश्मीर फाइल्स’ संभवत: पिछले कुछ दशकों में पहली ऐसी फिल्म आई है, जिसे दर्शकों ने देखा नहीं बल्कि महसूस किया है। हर दर्शक फिल्म के हर सीन और संवाद से खुद को आत्मिक रूप से जुड़ा हुआ महसूस करता है। जिन लोगों के परिजनों के साथ ये घटना हुई है, वो तो अपने अतीत को चलचित्र के माध्यम से प्रतिबिंबित होते देख रहे हैं।

इस फिल्म को देखने वाला कोई ऐसा दर्शक नहीं होगा, जो सिनेमा हॉल से नम आँखों से ना निकल रहा हो। कोई अपनी रूलाई को दबा रहा है, तो कोई अपने बहते आँसुओं को छुपाने का प्रयास करता हुआ दिखता है। फिल्म के दर्शकों के ऐसे अनेकों वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिन्हें देखकर की उनके दिल के दर्द का अहसास हो जाता है।

ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला फिल्म देखने के बाद सिनेमा हॉल से बाहर आती है और पास खड़े फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के पैरों को छू लेती है। उस महिला की भाव विह्वलता और दिल के उद्गगार को प्रदर्शित करने का शायद इससे बेहतर भाव कुछ और नजर नहीं आया हो। इस वीडियो को अग्निहोत्री ने फेसबुक पर साझा किया है।

वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि सिनेमा हॉल से निकलने के बाद अपनी उम्र की लगभग पाँचवें दशक में पहुँची एक महिला अग्निहोत्री के पैरों में गिर जाती है। विवेक उन्हें उठाते हैं और गले से लगा लेते हैं। इस दौरान महिला हाथ जोड़े बेसुध से नजर आती है। वह फूट-फूट कर रोते हुए विवेक से कहती है, आपके बगैर कोई नहीं कर सकता। हमारे चाचा को ऐसे ही मारा था। हमने वो सब देखा है।”

एक ही एक और वीडियो विवेक रंजन ने अपने ट्विटर हैंडल से साझा किया है। वीडियो साझा कर उन्होंने लिखा, “टूटे हुए लोग, बोलते नहीं, उन्हें सुना जाता है।”

इस तरह की तस्वीर किसी कलाकार और निदेशक के लिए पुरस्कारों से बड़ा उपहार होता है, लेकिन यह व्यवसायिक नहीं है। इसलिए पीड़ितों के दर्द को दिखाना और जब पीड़ित अपने अतीत को खुली आँखों से देखते हुए संजय बन जाएँ तो यही पुरस्कार होता है।

फिल्म एक कंटेंट नहीं, बल्कि लोगों के दिलों का दर्द, उनके आँसू और उनका अतीत है। जिसे पर्दे पर निर्देशक के साथ-साथ हर कलाकार ने जस का तस रख दिया है। यही कारण है कि अक्षय कुमार जैसा मंझा हुआ कलाकार कहता है कि उन्होंने दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर का इससे बेहतर अभिनय अभी तक नहीं देखा। बताते चलें कि खेर खुद कश्मीर के पीड़ित पंडित परिवार आते हैं।

बॉलीवुड गैंग के विरोध और बॉयकाट के बावजूद विवेक अग्निहोत्री ने बॉलीवुड के स्थापित और अकाट्य कहे जाने वाले तिलिस्म को तोड़ दिया है। कंगना रनौत भी इस लड़ाई में उनकी बहुत बड़ी साझेदार हैं। बहरहाल, दर्शकों के दिलो-दिमाग को झकझोर कर रख देने वाली इस फिल्म को देखने के लिए लोगों में एक अलग किस्म की ही दीवानगी देखने को मिल रही है।

आगरा के सेंट एंथनी स्कूल पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, ₹75 लाख का अवैध निर्माण टूटा

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद अवैध निर्माणों पर एक बार फिर से बुलडोजर चलाने का काम शुरू हो गया है। हाल में खबर आई कि आगरा के टॉप मिशनरी स्कूल में शामिल सेंट एंथनी स्कूल में छावनी बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया जिसमें बुलडोजर से स्कूल की कैंटीन, स्टेज व गेट पर बने तीन निर्माणों को ध्वस्त किया गया।

इस कार्रवाई की एक वीडियो भी सामने आई है जिसमें बुलडोजर से स्कूल द्वारा घेरी गई अवैध बाउंडरी को तोड़ा जा रहा है। छावनी परिषद की ओर से इस संबंध में बताया गया कि स्कूल द्वारा लगातार अवैध निर्माण करवाए जा रहे थे। उन्होंने एक स्टेज, कैंटीन और गेट पर गार्ड रूम बनवा लिया था जिसे लेकर दो बार छावनी बोर्ड द्वारा नोटिस दिया गया, लेकिन स्कूल ने इस संबध में कोई जवाब ही नहीं दिया। ऐसे में बोर्ड ने शनिवार (मार्च 12, 2022) को अपनी ये कार्रवाई कर डाली। इस दौरान मौके पर पुलिस और सेना भी मौजूद थे।

सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, छावनी बोर्ड द्वारा की गई इस कार्रवाई से स्कूल को करीब 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बोर्ड का तर्क है कि उनकी ओर से स्कूल प्रशासन को पक्ष रखने का मौका दिया गया था। लेकिन फिर इन अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं हुई। जबकि, स्कूल की प्रिंसिपल लूसी डिसूजा ने इस बाबत बताया कि स्कूल में अस्थायी स्टेज कई साल पुराना था और साइकिल स्टैंड भी कोई पक्का नहीं बनवाया था बस बच्चों की साइकिल को सुरक्षित रखने के लिए टिन की शेड डाली गई थी। इतना ही नहीं, स्कूल का दावा है कि उनकी ओर से छावनी बोर्ड से कुछ समय माँगा गया था मगर बावजूद इसके ये तोड़फोड़ हुई और सामान भी अपने साथ ले गए।

योगी सरकार के आते ही शुरू है कार्रवाई

गौरतलब है यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार गुंडे माफियाओं को पकड़ने, उनपर कार्रवाई करने और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की वजह से अक्सर चर्चा में रही है। ऐसे में जैसे ही सेंट एंथनी स्कूल पर बुलडोजर चलने की खबर मीडिया में आई, लोग इसकी वीडियो जमकर शेयर करने लगे। इससे पहले 11 मार्च को यानी चुनावी नतीजे आने के एक दिन बाद राज्य में लखनऊ पुलिस में 25 हजार का इनामी बदमाश मोनू पंडित पकड़ा गया था। जिसकी जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि योगी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में भी दोषियों के ऊपर किसी तरह की नरमी दिखाने का विचार नहीं कर रही है। जैसा पहले कार्यकाल में हुआ वही अगले कार्यकाल में भी जारी रहेगा। 

भोपाल से दबोचे गए 6 आतंकी, बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद: मस्जिद के बगल में रह रहे थे, कम्प्यूटर बनाने वाले सलमान ने दिलाया था ठिकाना

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से 6 आतंकियों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि ये सभी काफी दिनों से खुफिया एजेंसी के रडार पर थे। इन आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुआ है। सुरक्षा एजेंसियाँ इनसे पूछताछ कर रही हैं। इन सभी ने एक मस्जिद के बगल कराए का मकान ले रखा था। खुफिया एजेंसियों की यह कार्रवाई 13 मार्च, 2022 (रविवार) को सुबह 3 बजे के आसपास हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई ATS ने की है। मौके पर मौजूद एक चश्मदीद के मुताबिक लगभग 50 से 60 पुलिस वालों ने ऐशबाग थानाक्षेत्र के अहमद अली कॉलोनी की गली नंबर 4 में आतंकियों को पकड़ा है। यह कमरा फातिमा मस्जिद के बगल है। अब पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है। पुलिस ने मौके से मज़हबी साहित्य के अलावा एक दर्जन लैपटॉप भी बरामद किया है। गिरफ्तार आतंकियों में एक आतंकी के करोद इलाके से छापेमारी के बाद पकड़े जाने की सूचना है।

पड़ोसियों के मुताबिक, आतंकी लगभग 3 महीने पहले उस क्षेत्र में किराए पर रहने आए थे। ATS के इस अभियान की भनक लोकल पुलिस को भी नहीं लगने पाई। इस घटना के बाद उस मकान के नीचे रहने वाला एक अन्य किराएदार भी गायब हैं। बिल्डिंग की मकान मालकिन का नाम नायब जहाँ बताया जा रहा है जिनकी उम्र 70 साल के आसपास है। बताया जा रहा है कि आतंकियों ने इस मकान को छिपने के ठिकाने के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए लिया था।

स्थानीय MP न्यूज़ TV के मुताबिक, धार्मिक साहित्य बोरे भर कर रखे गए थे। आतंकी यहाँ छात्रों के वेश में रहते थे। जहाँ वो रहते थे उस दरवाजे को तोड़ने के लिए गेट पर गोली मारनी पड़ी थी। शक है कि वो कॉलेज के छात्रों को भड़काने का काम करते थे। शुरुआत में उस कमरे में रहने 2 लोग आए थे। उनमें से एक का नाम अहमद बताया जा रहा है। इन्हें किराए पर रखने के लिए कम्प्यूटर बनाने वाले किसी सलमान द्वारा रिफरेन्स दिए जाने की बात कही गई है। कराएदारों से जब मकान मालिक ने आधार कार्ड माँगा तब उन्होंने काफी दिनों तक टाल-मटोल किया। बहुत अधिक दबाव बनने पर 15 दिनों में घर खाली करने के लिए कह दिया गया।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि गिरफ्तारी के दिन देर रात मकान मालिकन को शोर सुनाई दिया। उन्हें लगा कि लड़के आपस में लड़ रहे हैं। उन्होंने बाहर निकल कर देखा तो पुलिस थी। पुलिस ने सबको अंदर जाने के लिए बोला। इन सभी आतंकियों ने किसी कॉलेज में एडमिशन भी ले रखा था। ये किस राज्य आए थे और किस संगठन से जुड़े हुए हैं इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।

घर की मकान मालिक नायब जहाँ के मुताबिक, “ये लोग लगभग 3 महीने से यहाँ रह रहे थे। एक का नाम अहमद है तो दूसरे को लोग मुफ़्ती साहब कहते थे। हमारा कम्यूटर बनाने आए सलमान ने मुझ से कराए का मकान पूछा था। उसने किसी आलिमा का कोर्स करने वाले के लिए मकान की बात कही थी। साथ ही ये भी कहा था कि वो बाद में परिवार को ले आएँगे। तब मैंने उसे किराए पर मकान दे दिया। भाड़ा 3500 रुपए तय हुआ था। काफी देर में उन्होंने किराया कैश में दिया था। वो आधार कार्ड के लिए बहाने बनाने लगे। मुझे पहले कभी उन पर शंका नहीं हुई। उनके पास बहुत ज्यादा सामान भी नहीं था।”

‘सपाई डकैत, हमारी बस्ती में घुसे तो मारे जाएँगे’: UP के AIMIM नेता बोले- मलाई खाने के लिए यादव को और लाठी के लिए मुस्लिम को आगे कर देती है सपा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) में बुरी तरह मात खाने वाली असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) गुस्से में है। प्रयागराज दक्षिणी सीट से पार्टी के उम्मीदवार रहे मोहम्मद फरहान (Mohammad Farhan) ने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के लोग डकैत हैं और मुस्लिम बस्ती में दिख जाएँगे बिना पिटाई के नहीं लौटेंगे।

फरहान ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम के टिकट काट करके दूसरी जाति के उम्मीदवारों को टिकट दिए। फरहान ने कहा कि सपा ने मुस्लिम वोट बैंक पर डाका डाला है। वह डकैत है। यह समाजवादी का आखिरी चुनाव था और इसके बाद वह मुस्लिमों का एक वोट नहीं ले पाएगी।

दैनिक भास्कर के अनुसार, फरहान ने कहा कि सपा मुस्लिम विरोधी है और वह हमेशा मुस्लिम विरोध की रणनीति पर काम करती है। उन्होंने कहा कि अगर सपा मुस्लिमों का हमदर्द होती तो उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को प्रतिपक्ष का नेता घोषित करके दिखाए। आजम खान काे नेता प्रतिपक्ष बनाया जाना चाहिए था, लेकिन अखिलेश अपने चाचा शिवपाल यादव को नेता प्रतिपक्ष बनाने की तैयारी में हैं। यह आजम के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने उनके साथ छल किया है। सपा ने आजम खान को दरकिनार कर दिया, ताकि भाजपा उनकी बोटी-बोटी करे। फरहान ने कहा कि अगर आजम खान AIMIM में आते हैं तो पार्टी उन्हें सिर-आँखों पर बैठाकर रखेगी और उनका सम्मान करेगी। फरहान ने कहा कि समाजवादी पार्टी में जब मलाई खाना हो तो यादव और लाठी खाना हो तो मुस्लिम को आगे कर दिया जाता है।

बता दें कि AIMIM ने यूपी चुनाव में अपने 100 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें 99 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। अपनी जमानत बचाने वाले पार्टी के एकमात्र उम्मीदवार शाह आलम उर्फ ​​गुड्डू जमाली हैं। जमाली ने मुबारकपुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। वह पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में थे। पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने सपा से संपर्क किया, लेकिन वहाँ बात नहीं बनने पर AIMIM से चुनाव लड़ा था। 

AIMIM के प्रत्याशी रहे मोहम्मद फरहान को 1530 वोट मिले हैं। वहीं, देवबंद से उमैर मदनी को टिकट दिया था, जिन्हें सिर्फ 3501 वोट मिले। हालाँकि, 2017 की अपेक्षा इस बार पार्टी को थोड़े अधिक वोट मिले हैं।

‘काउंटिंग तक बहुत चीजें कही जाती हैं’: CM योगी की जीत के बाद ठंडे पड़े OP राजभर के तेवर, कहा – पहले चरण में ही हार का पता चल गया था

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी के बंपर जीत के बाद ‘सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP)’ के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का वीडियो सामने आया है। इसमें वो इस बात को स्वीकार करते दिख रहे हैं कि पहले चरण के चुनाव के बाद ही उन्हें इस बात का अहसास हो गया था कि समाजवादी पार्टी गठबंधन ये चुनाव बुरी तरह से हारने वाला है। राजभर कहते हैं कि बाकी के 6 चरणों का चुनाव बचा हुआ था, इसलिए वो बयानबाजी करते रहे।

एबीपी के साथ बातचीत में राजभर ने कहा, “जिन मुद्दों को लेकर हम लोग जनता के बीच गए, या तो हम समझाने में फेल हैं या वो समझने में फेल हैं। जिन्होंने समझा उन्होंने हमें वोट दिया और जो नहीं समझे उन्होंने वोट नहीं दिया। उन्हें फिर से समझाएँगे। हम शिक्षा, स्वास्थ्य और नौकरी की बात करते हैं और बीजेपी राशन की बात करती है। कुछ लोगों को राशन पसंद आया होगा।”

राजभर ने आगे कहा कि समझ में तो हमको पहले ही चरण में आ गया था कि हम ये चुनाव हार रहे हैं, लेकिन हम कैसे कह दें। ‘चल संन्यासी मंदिर में’ और ‘चमचम खिलाएँगे’ जैसे बयानों के सवाल पर राजभर बोले, “6 चरण का चुनाव बाकी था, इसी नाते ये सब कहते थे। काउंटिंग के पहले तक बहुत सी चीजें कही जाती हैं, लेकिन इसके बाद सब ठंडे हो जाते हैं। राजनीति में हार-जीत तो लगी रहती है, लेकिन विचारधारा बढ़नी चाहिए। हम काँशीराम के चेले हैं। वो हमेशा कहते थे कि हार-जीत होती रहती है, लेकिन सामाजिक परिवर्तन रुकना नहीं चाहिए।”

ओपी राजभर में बसपा को लेकर कहा कि वो तो भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी। राजभर ने दावा किया कि बसपा के कैंडिडेट का नाम तो अमित शाह के कमरे में तय होता था, उसे केवल सिंबल बस बसपा देती थी। सपा गठबंधन की करारी हार के बीच राजभर ने दम भरा कि वो नहीं हारे हैं 2017 में उनकी 4 सीटें थीं, जो अब बढ़कर सात हो गई हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि बीजेपी ने आपस की लड़ाई में केशव प्रसाद मौर्य को हरा दिया।

‘द कश्मीर फाइल्स’ में अनुपम खेर की एक्टिंग के कायल हुए अक्षय कुमार, देखेंगे फिल्म: कमाई में प्रभास को पीछे छोड़ा, गुजरात में भी टैक्स फ्री

अभिनेता अक्षय कुमार ने निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की तारीफ़ की है। अक्षय कुमार ने अनुपम खेर को लिखा, “मैं ‘द कश्मीर फाइल्स’ में आपकी परफॉर्मेंस के बारे में पूर्ण रूप से अविश्वसनीय बातें सुन रहा हूँ। दर्शकों को बड़ी संख्या में सिनेमाघरों में लौटते हुए देखना अद्भुत है। आशा है कि मैं जल्द ही इस फिल्म को देखूँगा। जय अम्बे।” उन्होंने अनुपम खेर के एक ट्वीट को कोट करते हुए ये बातें लिखीं।

अनुपम खेर ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ के हिट होने वाला पोस्टर शेयर किया था, जिसमें वो भगवान शिव की वेशभूषा में दिख रहे हैं। असल में ये उनकी फिल्म का ही एक दृश्य है। साथ ही वरिष्ठ अभिनेता ने लिखा था, “लोगों का प्यार, कश्मीरी हिन्दुओं के आँसू, विवेक अग्निहोत्री का धैर्य व साहस, ‘द कश्मीर फाइल्स’ की पूरी टीम की मेहनत और सबसे ऊपर बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद। सच की जीत कभी न कभी तो होनी ही थी। 32 साल बाद ही सही।”

बॉक्स ऑफिस की की बात करें 3.55 करोड़ रुपए की कमाई करने वाली मुस्लिम आतंकियों द्वारा कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर बनी इस फिल्म ने दूसरे दिन 8.50 करोड़ रुपए कमा कर सबको चौंका दिया। इस तरह भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन 2 दिनों में 12.05 करोड़ रुपए रहा। पूरी दुनिया में फिल्म की कमाई 2 दिनों में 14.35 करोड़ रुपए रही है। जबकि प्रभास की 350 करोड़ रुपए की बजट वाली ‘राधे श्याम’ के हिंदी वर्जन ने दूसरे दिन मात्र 4.50 करोड़ की ही नेट कमाई की।

उधर गुजरात में भी ‘द कश्मीर फाइल्स’ को टैक्स फ्री कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसकी घोषणा की। उनका धन्यवाद देते हुए निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि इस फैसले से स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी त्रासदी को देखने-समझने में गुजरात की जनता को आसानी होगी। सबसे पहले हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल कट्टर ने इस फिल्म को टैक्स से छूट प्रदान किया था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने भी ऐसा ही फैसला लिया है।