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पंजाब के बाद अब तेलंगाना में कॉन्ग्रेस नेता ने की बिहारियों पर विवादित टिप्पणी, DNA पर ही उठा दिया सवाल: बिहार के नेताओं ने किया पलटवार

कॉन्ग्रेसी नेताओं द्वारा बिहार और बिहार के लोगों पर अभद्र टिप्पणियाँ लगातार जारी हैं। हाल ही में पंजाब के मुख्‍यमंत्री चरणजीत सिंह चन्‍नी ने ‘यूपी-बिहार के भइये’ जैसी टिप्पणी करके इन दोनों राज्‍यों के लोगों की नाराजगी मोल ले ली थी। अब तेलंगाना के कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने वहाँ के मुख्‍यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर हमला बोलते-बोलते बिहार कॉन्ग्रेस के लिए समस्या खड़ी कर दी है।

कॉन्ग्रेस नेता ए रेवंत रेड्डी ने कहा है कि मुख्‍यमंत्री चंद्रशेखर राव में बिहारी डीएनए है और वे मुख्‍य सचिव सोमेश कुमार और कार्यवाहक डीजीपी अंजनी कुमार जैसे बिहारी अधिकारियों के साथ मिलकर प्रदेश की शासन व्‍यवस्‍था को चला रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेवंत ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि केसीआर ने हाल ही में प्रशांत किशोर की मदद लेने का फैसला किया है। केसीआर पहले चुनाव जीतने के लिए अपनी कल्याणकारी योजनाओं पर निर्भर रहते थे। अब वे बिहार से आने वाले चुनावी रणनीतिकार की मदद ले रहे हैं। कॉन्ग्रेस नेता ने राज्‍य के शीर्ष पदों पर आसीन अधिकारियों पर भी सवाल उठाया।

रेवंत ने लोगों से पूछा, “क्या वे चाहते हैं कि कई बलिदानों के बाद मिले तेलंगाना पर बिहार बैच राज करे। उन्होंने तेलंगाना के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से ‘तेलंगाना का पौरुषम’ दिखाने के लिए अपने पद छोड़ने का आह्वान तक कर दिया।” यही नहीं उन्‍होंने यह भी कहा, “आप सभी जानते हैं कि कैसे बिहार की राजनीति तलवार के दम पर चलती है। वहाँ चुनाव में हिंसा होती है। महिलाएँ रात के दौरान सुरक्षा से नहीं घूम सकतीं। बिहार में कानून-व्यवस्था कितनी खराब है।”

बता दें कि रेवंत रेड्डी सिकंदराबाद में डिजिटल सदस्यता अभियान की समीक्षा को लेकर पार्टी नेताओं और कैडर के कार्यकर्ताओं को सम्‍बोधित कर रहे थे। यहीं उन्होंने बाद में कहा, ‘केसीआर के पूर्वज बिहार से हैं। उन्‍होंने इस बात को 2008 में एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में स्‍वीकार किया था। उन्‍होंने बताया था कि उनके पूर्वज बिहार से तेलंगाना आए थे।

गौरतलब है कि तेलंगाना के मुख्य सचिव सोमेश कुमार और कार्यकारी डीजीपी अंजनी कुमार बिहार के ही हैं। ऐसे में ए रेवंत रेड्डी के बयान के बाद अब बिहार की सियासत गर्मा गई है। बिहार के तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने रेड्डी के बयान पर पलटवार किया है।

जदयू नेता और बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने हमला करते हुए कहा, “मैं इस बयान की निंदा करता हूँ। पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी कुछ दिन पहले बिहार और यूपी के लोगों के बारे में बोला था। बिहार के पदाधिकारियों का हर स्टेट में जहाँ वो जाते हैं उनका काफी आदर होता है। बिहार ज्ञान की भूमि है। बिहार के लोगों के डीएनए में ज्ञान है जिसे चेंज नहीं किया जा सकता है।”

वहीं बिहार भाजपा के प्रवक्‍ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा, “रेवंत की टिप्‍पणी अपमानजनक है। बिहारियों में प्रतिभा है। यदि बिहार के लोग खेतों-फैक्‍टरियों में मेहनत-मजदूरी करते हैं तो यहाँ डॉक्‍टर-इंजीनियर-आईएएस-आईपीएस भी बनते हैं। यदि कॉन्ग्रेस को बिहारियों से इतनी ही चिढ़ है तो कॉन्ग्रेस को इसका परिणाम मिल जाएगा।”

‘मुगलों ने ऐसे ही किया था राजपूतों का नरसंहार’: भगवान शिव की शरण में पहुँचा यूक्रेन, इधर PM मोदी की उच्च-स्तरीय बैठक

यूक्रेन में रूस का सैन्य अभियान जारी है और वहाँ से मंगलवार (1 मार्च, 2022) को भारत के लिए भी दुखद खबर सामने आई है। खारकीव शहर में 21 वर्षीय नवीन कुमार शेखरप्पा नाम के एक भारतीय मेडिकल छात्र की बमबारी में मौत हो गई, जो कर्नाटक के हावेरी के रहने वाले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवीन की माता-पिता से बातचीत की। रूस-यूक्रेन युद्ध पर आज एक उच्च-स्तरीय बैठक भी हुई है। उधर भारत में यूक्रेन के राजदूत ने महाशिवरात्रि और भगवान शिव की दुहाई देते हुए शांति की अपील की है।

भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोखिला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “आज महाशिवरात्रि है। कृपया भगवान शिव से प्रार्थना करें कि रूस और यूक्रेन का युद्ध जल्द से जल्द ख़त्म हो।” उन्होंने कहा कि अगर वो नहीं भूल रहे हैं तो आज महाशिवरात्रि है और इसीलिए वो भगवान शिव के भक्तों से निवेदन करते हैं कि वो रूस-यूक्रेन युद्ध के रुकने के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि युद्ध रुकने के बाद ही यूक्रेन के लोग इस संकट से बाहर निकल सकते हैं।

इगोर पोखिला ने कहा, “यूक्रेन में रोज रात को गोलीबारी की जा रही है। हर तरफ से गोलीबारी हो रही है। लोगों के घर तबाह हो गए हैं। दुःख और अफ़सोस की बात ये है कि यूक्रेन में इस तरह के हालात बन गए हैं।” वो पहले ही भारत के अंतरराष्ट्रीय कद की बात करते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग कर चुके हैं। बता दें कि महाशिवरात्रि के अवसर पर हिन्दू भगवान शिव की पूजा करते हैं और रात को जागरण भी करते हैं। इस दौरान उपवास रख कर भगवान शिव और माँ पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है।

यूक्रेन के राजपूत ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर कहा, “ये ऐसा ही है जैसे मुगलों ने राजपूतों का नरसंहार किया था। हमलोग दुनिया के सभी प्रभावशाली नेताओं को कह रहे हैं कि व्लादिमीर पुतिन की बमबारी को रोकने के लिए सभी माध्यमों का इस्तेमाल करें। मानवीय और मेडिकल मदद के लिए भारत का शुक्रिया। मुझे आश्वासन दिया गया है कि यूक्रेन को मानवीय मदद अधिक से अधिक मिलेगी। पोलैंड में इसके लिए पहली फ्लाइट लैंड करेगी। हम भारत के आभार व्यक्त करते हैं।”

रूस ने युक्रेन की राजधानी कीव में इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के नजदीक रह रहे लोगों से कहा है कि वो तत्काल अपने घरों को खाली कर के वहाँ से निकलें। उधर ‘Adidas’ नामक फैशन कंपनी ने रूसी फुटबॉल फेडरेशन के साथ करार ख़त्म कर दिया है। NATO का कहना है कि रूस की तरफ से खतरे के बावजूद उसे परमाणु हथियारों को लेकर अलर्ट लेवल में बदलाव नहीं करना है। EU के मुखिया चार्ल्स मिशेल ने रूस पर यूक्रेन में ‘जियोपॉलिटिकल आतंकवाद’ फैलाने का आरोप लगाया।

दाऊद की बहन से जमीन की डील, कैश में दिए पैसे: अब नवाब मलिक के बेटे फराज़ को ED का समन, जाँच में नहीं कर रहे सहयोग

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NCP नेता नवाब मलिक के बेटे फ़राज़ मालिक को समन जारी किया है। यह समन दाऊद इब्राहिम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। ED कुर्ला के गोवावाला कम्पाउंड प्रॉपर्टी डील में दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर (अब मृत) मामले में फ़राज़ से पूछताछ करेगी। ED ने यह समन मंगलवार (1 मार्च, 2022) को जारी किया है। समन पाने के बाद फ़राज़ के वकील ने कागज़ात पेश करने के लिए 1 सप्ताह का समय माँगा। इस माँग को ED ने ठुकरा दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, नवाब मालिक और हसीना पारकर के बीच में जमीन की डील हुई थी। इस डील में फ़राज़ मालिक ने माँगे गए पैसे को कैश में दिया था। ED ने उन्हें साल 2005 के कागज़ात दिखाने को कहा है। साथ ही फ़राज़ पर जाँच में सहयोग न करने का भी आरोप लगा है। फ़राज़ मालिक को यह समन तब आया है जब ED ने नवाब मलिक को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया है। मिल रही जानकारी के मुताबिक नवाब मलिक जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पूछताछ के दौरान वो तबीयत खराब होने का हवाला दे कर जे जे अस्पताल में भर्ती हो गए थे। उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वापस कस्टडी में लाया गया है। उनकी कस्टडी 3 मार्च तक होने की सूचना है।

वहीं लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाब मलिक की याचिका पर सुनवाई के लिए बुधवार (2 मार्च) का दिन तय किया है। इस याचिका में नवाब मलिक ने ED की हिरासत से तत्काल रिहाई की माँग की है। साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ ED द्वारा दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग केस को भी चुनौती दी है।

बुधवार को यह मामला जस्टिस एसबी शुक्रे की अध्यक्षता वाली बेंच में सुना जाएगा। इस याचिका पर आज मंगलवार को सुनवाई नहीं हो पाई।

क्या और कब का है जमीन खरीद का मामला

नवाब मालिक ने इस जमीन की डील साल 2005 में की गई थी। दाऊद की बहन हसीना पारकर से इस जमीन का समझौता 85 लाख रुपए में हुआ था लेकिन सेल एग्रीमेंट जालसाजी कर के इस जमीन की कीमत 35 लाख रुपए ही दिखाई गई थी। बचे 55 लाख रुपए हसीना प्रकार को फ़राज़ मलिक द्वारा कैश में दिए गए थे। यहाँ ये भी ध्यान देने योग्य है कि आज उस जमीन की कीमत लगभग 300 करोड़ रुपए है। ED ने फ़राज़ मलिक से 2005 में जमीन की खरीदारी से जुड़े सभी कागज़ातों को पेश करने के लिए कहा है।

ED के अनुसार, आज 300 करोड़ कीमत की कुर्ला की प्रॉपर्टी नवाब मलिक के रिश्तेदारों द्वारा महज 85 लाख में खरीदी गई थी। इस खरीद में मध्यस्त के रूप में एक कम्पनी भी है जो नवाब मलिक के रिश्तेदार की ही बताई जा रही है। ED अब इस पूरे रैकेट शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। इसी जाँच के दौरान फराज मलिक का नाम सामने आया। फराज पर आरोप है कि उन्होंने 55 लाख रुपए कैश में और 5 लाख रुपए का चेक दाऊद की बहन हसीना प्रकार को साल 2005-06 में दिया था।

15 फरवरी 2022 को ED ने दक्षिण मुंबई के कई जगहों पर छापेमारी की। ये छापेमारी दाऊद इब्राहिम के मनी लांड्रिंग से जुड़े लोगों से संबंधित थी। लगभग 10 अलग – अलग जगहों पर हुई इस छापेमारी में दाऊद इब्राहिम की मृत बहन हसीना पारकर और उसके भाई इकबाल कासकर का घर शामिल है। इस छापेमारी के बाद 19 फ़रवरी को ED ने इकबाल कासकर को हिरासत में ले लिया। उसे PMLA कोर्ट के आगे पेश किया गया। NIA ने भी कहा था कि दाऊद इब्राहिम भारत में आतंकी हमलों की तैयारी में है और इसके लिए वो हवाला के जरिए पैसे जुटा रहा है।

‘अस्तगफिरुल्लाह…तौबा-तौबा’ : सारा अली को भगवान शिव की पूजा करते देख भड़के कट्टरपंथी, बोले- पत्थर पूजती हो शर्म नहीं आती

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर से कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। उनकी गलती यही है कि उन्होंने भगवान शिव के ओंकारेश्वर मंदिर में बैठकर माथे पर बिंदी, चंदन लगाकर फोटो खींची और उसे इंस्टाग्राम पर डाल दिया। अब यही तस्वीर कट्टरपंथियों को रास नहीं आ रही और वे उन पर उंगली उठा रहे हैं।

अहमद बलोच, सारा अली को लिखते हैं, “मुनाफिक! न तुम मुस्लिम न तुम हिंदू।” मोहम्मद शोएब ने उन्हें ‘लानत’ भेजी। वहीं एक अन्य यूजर ने उन्हें लिखा मुसलमान होकर ऐसे काम करती हो शर्म नहीं आती। रहमान जावेद ने लिखा, “तू मुस्लिम है।”

अगली यूजर ने पूछा, “तुम किस तरह की मुसलमान हो। ये सब शिर्क में आता है।” सुमैया ने कहा, “तुम्हारे अब्बा मुसलमान हैं और तुम हिंदू।”

अजीम सैफी ने सारा से पूछा “नमाज पढ़ी है क्या आपने कभी?”

नोफल यासीन ने लिखा, “नाम मुस्लिम वाला हरकत हिंदू की। तुम मुसलमान हो भी या नहीं। शर्म नहीं आती क्या।”

मनोमेहर सारा को ज्ञान देते हैं, “हाय… आप मुस्लिम हो। आप फिल्म में काम करती हो शॉर्ट्स पहनती हो समझ आता है। लेकिन प्लीज शिर्क तो न करें। तुम्हें समझ क्यों नहीं आता। तुम्हें मालूम है न इस दुनिया के बाद भी एक दुनिया है जो हमेशा रहेगी। यहाँ हम बस कुछ समय के लिए हैं। मुस्लिमों की जिंदगी मरने के बाद शुरू होती हैं। और यही सच्चाई है। समझ आई मेरी बात।”

अहमद कहते हैं, “आप एक मुस्लिम होकर ये सब करती हैं। अगर यही करना है तो अपने नाम से खान का टाइटल हटाओ।”

रसीद सैयद कहता है, “रमजाम आ रहा है। देखता हूँ तुम्हारी कितनी वीडियो आती है अल्लाह ताला के लिए।”

अन्य यूजर कहती, “हे सुंदरी। मुस्लिम ये सब नहीं करते। ये तो शिर्क है। अल्लाह दो नहीं है। वे एक ही हैं। इन सबके बाद तुमसे पूछा जाएगा तुमने क्या किया। “

एक कट्टरपंथी ने लिखा, “अस्तगफिरुल्लाह। तौबा-तौबा। ऐ अल्लाह कयामत आजाब से बचाना। आमीन।”

शेहनाम ने लिखा, “तुम लोग कैसे इंसान हो कि नाम में सारा अली हैं और पत्थरों की पूछा करते शर्म आनी चाहिए।”

ट्रोलिंग नहीं, यह विशुद्ध हिंदू-घृणा

हिंदू माँ/बीवी से संबंध वाले सारा अली खान, मोहम्मद कैफ या शाहरुख खान। जिनका ऐसा कोई संबंध नहीं, उनमें मोहम्मद शमी को रख लें या इरफान पठान को। ये सारे लोग आपस में जुड़े हुए हैं। कैसे? ये लोग आए दिन इस्लामी कट्टरपंथियों से गालियाँ सुनते रहते हैं। हिंदू पर्व-त्योहारों पर, मंदिर जाने पर… हैप्पी होली/दिवाली लिखने पर भी। ऐसे पोस्ट में इस्लामी कट्टरपंथियों की खुली चुनौती होती है कि इस्लाम के अलावे कुछ भी नहीं। इसलिए इसे ट्रोलिंग कह कर वामपंथी इसका बचाव नहीं कर सकते।

सोशल मीडिया पर धमकी का यह रूप ही जमीनी हकीकत में इस्लाम के नाम पर मॉब लिंचिंग की ओर ले जाता है। बड़े नाम कट्टरपंथी भीड़ से बच जाते हैं लेकिन किशन भरवाड, हर्षा, रूपेश पांडेय जैसे हम-आप इस आतंकी मानसिकता का शिकार हो जाते हैं। इसलिए यह ट्रोलिंग नहीं है। यह विशुद्ध रूप से हिंदू देवी-देवताओं से घृणा है, हिंदुओं से घृणा है।

“कुछ लोग ऐसा करते हैं, इसको पूरे इस्लाम से मत जोड़िए” – ऐसे तर्कों को हमेशा खारिज करना होगा। जब-जब हिंदू देवी-देवताओं की भक्ति से संबंधित किसी भी पोस्ट पर गाली-गलौच की जाएगी, हम हिंदुओं को उसका विरोध करना होगा। वो ईशनिंदा का सहारा लेकर हत्या तक को जायज ठहराते हैं, हमें विरोध को उस स्तर पर ले जाना होगा, जिससे उनका और उनकी मानसिकता का समूल नाश हो।

‘पंजाब तक फैला है ईसाई धर्मान्तरण का जाल, चंगाई सभा में आने वाले 30% सिख’: जमशेदपुर में पादरी की सभा में बवाल, FIR

झारखंड के जमशेदपुर में चंगाई सभा की आड़ में धर्मान्तरण के आरोपों पर बवाल बढ़ गया है। रविवार (27 फरवरी, 2022) को गोलमुरी नामदा बस्ती के नानक नगर में रवि सिंह नाम के पादरी पर हिन्दू संगठनों और सिखों ने स्थानीय निवासियों के धर्म परिवर्तन का आरोप लगया। सिखों के मुताबिक धर्म परिवर्तन का रैकेट पंजाब और विदेशों से जुड़ा हुआ है। इस मामले में जमशेदपुर पुलिस ने पादरी को हिरासत में लेकर छोड़ दिया है। आरोपित पॉस्टर पूर्व में सिख समुदाय से बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सि‍ख समाज को इस बात पर ऐतराज है क‍ि रवि‍ स‍िंंह ने अपना धर्म बदल ल‍िया है। इसके बाद भी रवि सिंह अपने कार्यक्रमों में पगड़ी पहनता है। ऐसा करना स‍िख धर्म का अपमान है। एक अन्य रिपोर्ट के हवाले से रवि सिंह पर आरोप है कि पहले दोनों पति-पत्नी सिख थे। अब पति-पत्नी धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन चुके हैं। वो दूसरे लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए उकसाते हैं। उसके घर में हमेशा चंगाई सभा के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया जाता है। कहा जा रहा है कि घटना के दिन भी चंगाई सभा के नाम पर धर्म परिवर्तन किया जा रहा था।

पंजाब तक फैला है धर्मान्तरण रैकेट का गिरोह

झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी झारखंड के अध्यक्ष सरदार शैलेन्द्र सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया, “यहाँ ईसाई समाज के लोग भी कहते है कि हमारा इस आदमी (आरोपित पॉस्टर रवि सिंह) से कोई लेना देना नहीं है। ये रवि ने एक संस्था बनाई हुई है। इस तरह के लोग पंजाब में भी घुसे हुए हैं। इन लोगों को हमारे देश के बाहर के लोग पैसे पहुँचा रहे हैं। जमशेदपुर में ये जो है (रवि पॉस्टर) वो भी उन्हीं का एक अंग है। ये चाहते हैं कि हमारे देश में इस तरह की हरकतें हों। ये हमारे देश को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। ये लोग 5-5 हजार रुपए दे कर धर्मान्तरण करवाते हैं। कुछ को दवाई दे देते हैं।”

सरदार शैलेंदर सिंह ने आगे कहा, “जो भोले-भाले लोग होते हैं उनके साथ वो लोग ऐसा करते हैं। 3 साल से इन लोगों ने ऐसा माहौल बनाया हुआ है। हम लोगों ने पहले भी इनको समझाने का प्रयास किया था। ये लोग तो समझने से रहे। क्योकि इन्हें ऊपर से तगड़ा मिलता है। ये रोक देंगे तो उनको पैसा कहाँ से मिलेगा। किसी की मदद करने का ये मतलब नहीं है कि उसका धर्म ही बदलवा दो। हमारे सिख समाज के कुछ लोगों ने ईसाई धर्म ग्रहण कर लिया था। उन लोगों ने दिवाली के दिन गुरूद्वारे में आ कर माफ़ी माँगा। वहाँ 100-150 लोगों की भीड़ लगी रहती है। उसमें देखो तो 30 प्रतिशत सरदार ही होते हैं। उनके साथ आदिवासी लोग भी हैं।”

सरदार शैलेंदर सिंह के मुताबिक, “किसी को चमत्कार दिखाया जाता है। किसी का भूत-प्रेत भगाया जाता है। अब जो नई घटना हुई ही उसमें हल्ला-गुल्ला हुआ है। अब देखिए उसमें आगे क्या होता है। ये आरोपित (पॉस्टर रवि सिंह) पहले सिख थे। वो कहीं पंजाब के जालंधर क्षेत्र के आस-पास का रहने वाला है। ये जो देश के बाहर के लोग है वो हमारे मामलों में हस्तक्षेप करना चाहते हैं। धर्म परिवर्तन तो अपनी जगह, ये देशद्रोही काम भी है। पंजाब के जो शेड्यूल कास्ट के लोग हैं उनके बीच में भी ये सब घुसे हुए हैं।”

सरदार शैलेन्द्र सिंह के मुताबिक, ‘पैसा कमाने की आड़ में ये सब देशद्रोह कर रहे हैं। हमने इसकी शिकायत पहले भी प्रशासन से की थी। एक बार इन्हें दौड़ाए भी थे हम। पहले हम बहुत प्रयास कर चुके हैं। उस समय प्रशासन ने इन पर कोई कार्रवाई नहीं किया। लेकिन हमारे समाज के लोग सरेंडर हो गए थे। वो गुरूद्वारे में जा फिर न जाने के लिए बोल चुके हैं।”

धर्मान्तरण कराए जाने की शिकायत

मौके पर पहुँचे पुलिस बल के साथ SP सिटी हजारीबाग ने बताया, “शिकायत दोनों पक्षों द्वारा दी गई है। एक पक्ष ने दूसरे धर्म की पहचान और संबल ले कर किसी अन्य धर्म के प्रचार का आरोप लगाया है। इसी आरोप पर हंगामा हुआ है। जबकि इस कार्यक्रम को करने वालों ने चिकित्सा करना बताया है। साथ ही उन्होने सभा को प्रार्थना सभा बताया है। पूरा मामला जाँच के बाद ही सामने आएगा। दोनों पक्ष बातचीत करके हल के लिए तैयार हो गए हैं। गैरकानूनी हरकत करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

केस में अब तक 4 FIR होने का दावा

जमशेदपुर में हिन्दू पीठ के अरुण सिंह ने ऑपइंडिया को बताया, “इस मामले में अब तक 4 FIR दर्ज हुई है। एक FIR पॉस्टर रवि के ऊपर उस महिला ने करवाया है जिसको उसने 5 हजार रुपए प्रति धर्मान्तरण देने का वादा किया था। दूसरा केस रवि पॉस्टर की बहन ने उन लोगों पर करवाया है जो उनके कार्यक्रम का विरोध करने पहुँचे थे। बाकी 2 FIR प्रशासन की तरफ से करवाई गई है। एक में रवि पॉस्टर पर कोविड गाइडलाइंस के उल्लंघन का है। बाकी दूसरा कार्यक्रम में हंगामा करने वालों पर। जमशेदपुर और आस पास ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। हम ऐसी घटनाओं का काफी पहले से विरोध करते आए हैं।

ADM जमशेदपुर ने क्या कहा

हिन्दू पीठ के अरुण सिंह द्वारा 4 FIR और उन पर कार्रवाई की पुष्टि के लिए ऑपइंडिया ने जमशेदपुर के ADM नन्द किशोर लाल को सम्पर्क किया। ADM ने इस मामले में खुद से कोई बात करने से मना किया। उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर आप या तो DC साहब से बात कीजिये या SP साहब से। मुझ से इस बारे में कुछ न पूछिए।”

तुर्की वाले आयसी नहीं बनेंगे एयर इंडिया के CEO: टाटा सन्स का ऑफर मिलने के बाद Pak-अलकायदा कनेक्शन पर उठे थे सवाल

तुर्की एयरलाइन्स के पूर्व चेयरमैन इल्कर आयसी का भारत में भारी विरोध होने के बाद उन्होंने एयर इंडिया का सीईओ बनने से मना कर दिया है। इससे पहले 14 फरवरी 2022 को टाटा संस ने तुर्की एयरलाइंस के पूर्व प्रमुख इल्कर आयसी को अपनी विमानन कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक (MD) पद पर नियुक्त किया था।

बता दें कि टाटा संस द्वारा इल्कर को इतना बड़ा पद दिए जाने की बात जानने के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबद्ध ‘स्वदेशी जागरण मंच’ ने इसका विरोध किया था। उन्होंने पिछले शुक्रवार को कहा था कि सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया में इल्कर आयसी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी व एमडी नहीं बनाया जाना चाहिए।

बाद में स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने बताया था कि सरकार इस मुद्दे के प्रति पहले से ही संवेदनशील है और इसलिए उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है।

उल्लेखनीय है कि इल्कर आयसी का पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आने के बाद भारत में आम जन से लेकर सरकार तक ने उनका विरोध किया था। ऐसे में पहले ही कयास लग रहे थे कि सही से पद संभालने से पहले ही संभव है आयसी को सीईओ पद से हटा दिया जाए।

आयसी का विरोध क्यों?

जानकारी के अनुसार, कई जगह तुर्की में उनके पिछले राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करके उनकी नियुक्ति का विरोध हो रहा था। कथिततौर पर वह तुर्की राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन के करीबी माने जाते हैं जिन्हें पाकिस्तान का साथी भी कहा जाता है। आयसी 1994 में एर्दोगन के सलाहकार भी थे। दोनों के बीच की करीबियाँ 2018 में और स्पष्ट हो गई थी जब आयसी ने शादी की और एर्दोगन उसमें शिरकत करने पहुँचे। अब चूँकि एर्दोगन को हमेशा कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करते हुए देखा जाता है। इसलिए आयसी भी उनके साथ जोड़कर देखे जा रहे हैं।

आयसी साल 2005 से 2011 तक में कई इंश्योरेंस कंपनियों के सीईओर थे। फिर उन्होंने तुर्की के प्रधान मंत्रालय निवेश सहायता और संवर्धन एजेंसी में सेवा दी। इसके बाद वे 2015 से 2022 तक में तुर्की एयरलाइंस के अध्यक्ष रहे और अब हाल में उन्हें एआईआर का सीईओ बनने का मौका मिला जिसे उन्होंने मना कर दिया। उनक पर पाकिस्तान के साथ अलकायदा से भी लिंक होने के आरोप हैं।

सलमान खान ने सोनाक्षी सिन्हा संग कर ली निकाह, वायरल हुई तस्वीरें: जानिए क्या है ‘दबंग जोड़ी’ की शादी का सच

बॉलिवुड के दबंग सुपरस्टार सलमान खान शादी की खबर चर्चा में है। दरअसल, सलमान खान और सोनाक्षी सिन्हा की शादी की तस्वीरें इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रही हैं। इस तस्वीर के वायरल होने के बाद सलमान के फैन्स भी इस जोड़ी पर अपना खूब प्यार लूटा रहे हैं। तस्वीर में सलमान खान दुलहन के लिबास में खड़ी सोनाक्षी सिन्हा को अँगूठी पहनाते नजर आ रहे हैं।

बता दें कि सलमान खान और सोनाक्षी सिन्हा फिल्म ‘दबंग’ में साथ काम करते नजर आए थे। तभी से दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया गया था और लोग सलमान-सोनाक्षी की शादी के बारे में बातें करने लगे थे। लेकिन अब दोनों की शादी की तस्वीरें जब से सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं। कहा जा रहा है कि दोनों ने बिना बताए गुपचुप तरीके से फेर ले लिए हैं तो वहीं कुछ अफवाहें निकाह होने की भी है।

हालाँकि, तस्वीरों को ध्यान से देखने पर इसमें कुछ झोल नजर आ रहा है। जिससे आमतौर पर सलमान खान के फैन भी गच्चा खा गए हैं। तो अब हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या है इस वायरल तस्वीर का सच।

क्या है सलमान-सोनाक्षी की शादी का सच?

बेशक सलमान खान और सोनाक्षी सिन्हा के बीच सम्बन्ध मधुर हों। यहाँ तक कि सलमान खान ने ही 2010 में सोनाक्षी सिन्हा को लॉन्च भी किया था। फिर भी क्या सचमुच दोनों ने शादी कर ली है? तो इसका जवाब है- नहीं। दरअसल, वायरल हो रही ये तस्वीर असल में फोटोशॉप एडिट का कमाल है और बॉलीवुड के भाईजान सलमान अभी भी सिंगल ही हैं। इसलिए सलमान और सोनाक्षी सिन्हा की शादी की खबरें एकदम बेबुनियाद हैं।

बता दें कि पिछली बार सोनाक्षी सिन्हा अजय देवगन के लीड रोल वाली फिल्म ‘भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया’ में नजर आई थीं। वहीं जल्द ही सोनाक्षी ‘डबल एक्सएल’ के अलावा ‘ककूडा’ में भी नजर आएँगी।

अडानी के हाथों बिक गया The Quint: नेटिजन्स ले रहे मजे, बता रहे- जिसे दिन-रात कोसा अब वही ‘Adani फिल्टर’ होगा यूज

अडानी समूह ने ‘क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ में माइनॉरिटी स्टेक खरीदने का निर्णय लिया है। ‘क्विंट डिजिटल मीडिया लिमिटेड’ ने मंगलवार (1 मार्च, 2022) को जारी किए गए एक बयान में कहा कि उसने अडानी समूह की सब्सिडियरी कंपनी ‘अडानी मीडिया वेंचर्स’ के साथ एक ‘बाइंडिंग टर्म शीट’ (एक प्रकार के लीगल टेम्पलेट) समझौता किया गया। बता दें कि नए मीडिया समूहों में ‘Quint’ एकमात्र ऐसा है, जो स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है।

बता दें कि जहाँ ‘अडानी मीडिया वेंचर्स’ का पूरा स्वामित्व अडानी समूह के पास है, वहीं ‘क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी ‘क्विंट डिजिटल’ की इंदिरेक्ट सब्सिडियरी है। ये समझौता केवल डिजिटल बिजनेस न्यूज़ प्लेटफॉर्म के लिए है। ‘The Quint’ के स्वामित्व वाली अन्य डिजिटल मीडिया या टेक्नोलॉजी सम्पत्तियों को इसके अंतर्गत नहीं लाया गया है। ‘अडानी मीडिया वेंचर्स’ के CEO संजय पुगलिया ने कहा कि ‘न्यू-एज’ मीडिया समूहों को अडानी समूह रास्ता दिखाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि वो पहले ही इस टीम के साथ काम कर चुके हैं। साथ ही बताया कि QBM के मेन कंटेंट्स भारतीय अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय फाइनेंस, कॉर्पोरेट लॉ और प्रशासनिक के अलावा कारोबार से जुड़ी ख़बरों पर आधारित होते हैं। ‘ब्लूमबर्ग क्विंट’ प्लेटफॉर्म के जरिए इन ख़बरों को प्रकाशित किया जाता है और इसका ‘ब्लूमबर्ग टेलीविजन प्रोडक्शन सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ के साथ भी समझौता है। वहीं QBM के CEO अनिल उजियाल ने कहा कि भारतीय ऑडिएंस के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले कंटेंट्स के लिए ये समझौता उपयोगी साबित होगा।

उधर ब्लूमबर्ग और क्विंट ने भी अपने इक्विटी समझौते को ख़त्म करते हुए एक नए लाइसेंस एग्रीमेंट में घुसने का फैसला लिया है। दोनों ने अपनी साझेदारी को एक नया रूप दिया है। ब्लूमबर्ग ने कहा कि भारत में क्विंट के साथ उसकी साझेदारी जारी रहेगी। उसने कहा कि का प्रीमियम सब्सक्रिप्शन कंटेंट मार्किट लीडर’ बन गया है। पिछले साल भी खबर आई थी कि गौतम अडानी की कंपनी दिल्ली आधारित NDTV जैसे मीडिया संस्थान को खरीद सकती है।

लोगों ने इस समझौते के मजे भी लिए। अंकित जैन नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “क्विंट अडानी को बिक गया। अब ये क्विंट वाले एंटी-अंबानी/अडानी टाइप्स कहाँ जाएँगे?” वहीं ‘विदेशी बंधू’ नाम के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “क्विंट अपनी ख़बरों को अडानीमय बनाएगा। क्विंट को अब ‘अडानी फ़िल्टर’ का प्रयोग करना होगा।” एक अन्य ट्विटर हैंडल ने लिखा, “क्विंट ने दिन-रात अडानी की आलोचना की और अब उसी को बिक गया।”

‘एक व्यक्ति ही दे रहा है महिलाओं के सभी वोट’: अखिलेश यादव ने वायरल कर के डिलीट किया वीडियो, जानिए क्या निकली सच्चाई

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार (27 फरवरी, 2022) को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, “कुंडा में जिस तरह बूथ पर उपस्थित किसी दल के अवांछित व्यक्ति द्वारा सरेआम महिलाओं के वोटों का बटन दबाया जा रहा है, उसके वीडियो का संज्ञान लेते हुए चुनाव पर्यवेक्षक को चुनाव आयोग से मतदान रद्द करने के लिए कहना चाहिए। साथ ही दोषी व्यक्ति को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।”

अखिलेश यादव का ट्वीट, जो अब डिलीटेड है

बता दें कि प्रतापगढ़ का कुंडा वही सीट है, जहाँ से ‘जनसत्ता दल’ के बाहुबली छवि वाले रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ ‘राजा भैया’ लड़ रहे हैं, जिनके खिलाफ समाजवादी पार्टी ने कभी उनके ही करीबी रहे गुलशन यादव को टिकट दिया है। गुलशन यादव ने जहाँ मतदान के दिन राजा भैया पर मारपीट के आरोप लगाए, वहीं एक भाजपा समर्थन के यादव पर पूजा में विघ्न डालने, धार्मिक पुस्तकें फेंकने और सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर को पैर से कुचलने के साथ-साथ मारपीट का मामला दर्ज कराया।

अखिलेश यादव के ट्वीट के साथ ही ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। इसमें देखा जा सकता था कि मतदान कक्ष में बैठा व्यक्ति खुद ही EVM के बटन दबाता जा रहा है। हालाँकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन ने बता दी कि इसकी सच्चाई क्या है। रविवार (27 फरवरी, 2022) की रात को ही प्रतापगढ़ प्रशासन ने इस वीडियो का खंडन कर दिया। आइए, अब हम आपको बताते हैं कि इस वीडियो की सच्चाई का है और ये कहाँ का है।

असल में ये वीडियो 2019 में हुए लोकसभा चुनाव का है। साथ ही ये उत्तर प्रदेश नहीं, बल्कि हरियाणा के फरीदाबाद का है। फरीदाबाद में तब बूथ पर मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप लगे थे, लेकिन मामला सामने आने के बाद आरोपित को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। 2020 बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी ये वीडियो वायरल हो गया था और तब इसे बिहार का बताया जा रहा था। प्रतापगढ़ पुलिस ने भी ट्वीट कर के सबूत के साथ जानकारी दी है।

यूक्रेन-रूस युद्ध में एक भारतीय छात्र की भी मौत, एयरफोर्स की तैनाती कर सकती है मोदी सरकार

रूस – यूक्रेन के बीच चल रही जंग के बीच एक भारतीय छात्र को गोली लगने की खबर मीडिया में सामने आई है। विदेश मंत्रालय की ओर से भी बयान जारी करके छात्र के साथ हुई अनहोनी की पुष्टि की गई है। मंत्रालय के प्रवक्ता आरिंदम बागची ने बताया कि वो लगातार छात्र के परिजनों से संपर्क में हैं और यूक्रेन में फँसे सभी भारतीयों को सकुशल भारत लाने में प्रयासरत हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आरिंदम बागची ने ट्वीट में कहा, “गहरे दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खार्किव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई। मंत्रालय उनके परिवार के संपर्क में है। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

उन्होंने बताया कि वे लगातार रूस और यूक्रेन के राजदूतों से उन भारतीयों को सुरक्षित निकालने की माँग दोहरा रहे हैं जो अब भी खार्किव और अन्य संघर्ष क्षेत्रों में हैं। यही कार्रवाई रूस और यूक्रेन में भारतीय राजदूतों द्वारा भी की जा रही है।

बता दें कि बागची के ट्वीट छात्र का नाम नहीं बताया गया है। लेकिन न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान नवीन के तौर पर हई है। वह चौथे वर्ष के छात्र थे और भारत के कर्नाटक निवासी थे। कथिततौर पर रूसी सेना ने उन्हें सुपर मार्केट के सामने गोली मारी। एपीएन न्यूज के अनुसार, जिस समय नवीन पर गोली चलाई गई उस समय वह Lviv के स्टेशन जा रहे थे ताकि वहाँ से पश्चिमी सीमा पहुँच सकें।

नवीन को गोली लगने के बाद बाकी छात्र घबरा कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस बीच, चेन्नई में नवीन के माता-पिता ने फँसे छात्रों को खार्किव से बाहर निकालने के लिए रूसी दूतावास की मदद माँगी है। उनका कहना है कि रूस खार्किव सीमा से सिर्फ 30 किमी दूर है।

ऑपरेशन गंगा में IAF देगी साथ

उल्लेखनीय है भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने प्रयास तेज किए हुए हैं। आज ही खबर आई है कि भारत सरकार ने इस मिशन पर एयरफोर्स को साथ आने को कहा है। इस फैसले का मकसद यही है कि सारे भारतीय सही सलामत अपने घर को लौट आएँ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय वायु सेना आज से ऑपरेशन गंगा में कई सी -17 विमान तैनात कर सकती है।