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बुर्के पर हो रही थी बात, मुस्लिम भीड़ ने किया हमला: RSS नगर प्रचारक के सिर में चोट, UP की घटना

कर्नाटक में चल रहे बुर्का विवाद पर चर्चा कर रहे कुछ लोगों पर उत्तर प्रदेश में मुस्लिम भीड़ ने हमला कर दिया। हमले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नगर प्रचारक भी घायल हो गए। घटना घाटमपुर के कोटद्वार मोहल्ला स्थित पुरानी बाजार का है। घटना 20 फरवरी (रविवार) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के दिन शाम लगभग 5 बजे कुछ लोग आपस में बातचीत कर रहे थे। इस बीच किसी ने कर्नाटक में चल रहे बुर्का विवाद पर बहस छेड़ दी। इससे नाराज हो कर अबरार अहमद, अमीर हसन, समीर कैंडा, शहाबुद्दीन ने लगभग 20 लोगों के साथ संघ के शाखा शिक्षक यशराज और आरएसएस के नगर प्रचारक भास्कर सिंह उर्फ मनीष पर हमला कर दिया। हमले में गुड्डू, छोटे, जुल्फकार, इफ्तिखार, इतिश्याक, कासिम, सद्दाम, कमल हसन, शाहिद भी शामिल बताए जा रहे हैं।

FIR

यह चर्चा अनूप सिंह के घर के आगे चल रही थी। हमले के लिए लोहे की रॉड और लाठियों का प्रयोग किया गया। हमलावरों की नियति भाँप कर पीड़ित खुद को बचाने के लिए एक दुकान में घुस गए गए। लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा वहाँ भी नहीं छोड़ा। आरोप है कि इस दौरान पीड़ित भास्कर सिंह के गले से सोने की चेन और जेब में पड़े 35 हजार रुपए भी लूट लिए गए।

घटना के बाद इलाके में तनाव फ़ैल गया। इसके मद्देनजर भारी पुलिस बल को लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में अबरार अहमद, छोटे उर्फ़ अमीर हसन, समीर कैड़ा, शहाबुद्दीन सहित 10-12 अज्ञात आरोपितों पर केस दर्ज किया है।

‘उसे मुसलमान गुंडों ने मारा’: बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या पर बोले कर्नाटक के मंत्री, कहा- गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे

कर्नाटक के शिवमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। इस बीच कर्नाटक मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने बयान दिया है कि ये हत्या मुसलमान गुंडों ने की है। वहीं राज्य मंत्री डॉ नारायण गौड़ा ने आश्वासन दिया है कि आरोपितों को जल्द पकड़ा जाएगा। गृहमंत्री ने इस स्थिति को देखते हुए स्कूल-कॉलेजों को दो दिन बंद रखने का आदेश दिया है।

मुसलमान गुंडों ने हर्षा को मारा, डीके शिवकुमार पर आरोप

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, एस ईश्वरप्पा ने कहा, “बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या से बहुत आहत हूँ। वह ‘मुसलमान गुंडों’ (मुस्लिम गुंडों) द्वारा मारा गया। मैं अब स्थिति का मुआएना करने के लिए शिवमोगा जा रहा हूँ। हम ‘गुंडागर्दी’ की अनुमति नहीं देंगे।” उन्होंने इस हत्या के पीछे कॉन्ग्रेस नेता डॉ शिवकुमार को जिम्मेदार बताया है। उनका कहना है कि डॉ शिवकुमार ने ही मुस्लिमों को भड़काने का काम किया है।

ईश्वरप्पा ने कहा, “मुस्लिम गुंडों ने उन्हें मारा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि डॉ शिवकुमार ने हाल में कहा था कि राष्ट्रीय ध्वज हटाकर भगवा लहराया गया। डी के के भड़काने की वजह से मुस्लिम गुंडों को हिम्मत मिली। ऐसी गुंडागर्दी नहीं सही जाएगी।”

4-5 लड़कों के ग्रुप ने बजरंग दल कार्यकर्ता को मारा

प्रदेश के गृहमंत्री ने बताया, “उन्हें (हर्षा को) 4-5 लड़कों के ग्रुप ने मारा। मुझे नहीं पता की वो कौन से संगठन के थे। पर अभी स्थिति कंट्रोल में है। स्कूल कॉलेजों को दो दिन बंद रखा जाएगा।” राज्य मंत्री डॉ नारायण गौड़ा ने बताया कि उन्होंने शिवमोगा घटना पर डीसी और एसपी से जानकारी ली है। इस संबंध में उनकी मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से भी बात हुई। हालात नियंत्रण में हैं। डीसी और एसपी को कानून व्यवस्था के लिए पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी जल्द होगी। 

शिवमोगा में RAF की तैनाती

पूरे मामले पर शिवमोगा जिले डिप्टी कमिश्नर डॉ सेल्वामणि का बयान भी आया है। उन्होंने बताया कि अभी हालात शांत हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में स्थानीय पुलिस के साथ RAF तैनात की गई है। 144 भी लागू कर दी गई है। वहीं प्रदेश के मांड्या क्षेत्र की सांसद सुमालथा अंबरीश का बयान भी इस संबंध में बयान आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हालातों को कंट्रोल करने के लिए अपनी श्रेष्ठ कोशिश कर रही है। लेकिन कुछ समूह ऐसे हैं जो लोगों को भड़का रहे हैं।

बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या

उल्लेखनीय है कि रविवार को कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद के बीच शिवमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई थी। हर्षा की हत्या को लेकर कई रिपोर्ट्स में बताया गया था कि उन्होंने फेसबुक पर हिजाब के विरोध में पोस्ट किया था, जिसके बाद उनकी हत्या को अंजाम दिया गया और इलाके के वाहनों में आग लगाई गई।

हिंदी नहीं आती, बेल दीजिए: बॉम्बे हाई कोर्ट का इनकार, कहा- हिंदी राष्ट्रभाषा; कॉन्ट्राबैंड के साथ पकड़ा गया था

हैदराबाद के एक तेलुगु भाषी व्यक्ति ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका देकर पूछा कि क्या हिंदी राष्ट्रभाषा है? हाई कोर्ट ने जवाब ‘हाँ’ में देते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद याचिकाकर्ता गंगम सुधीर कुमार रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रूख किया है।  

याचिकाकर्ता ने बॉम्बे हाई कोर्ट में दलील दी थी कि एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसे उसके अधिकारों के बारे में हिंदी में बताया, जबकि वह सिर्फ तेलुगु जानता है। कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए तर्क दिया कि टूर और ट्रैवल का कारोबार करने वाले को राष्ट्रीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए।

जानकारी के मुताबिक हैदराबाद के गंगम सुधीर कुमार रेड्डी का टूर और ट्रैवल का कारोबार है। एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसे मुंबई से गिरफ्तार किया था। उसकी कार में पर्याप्त मात्रा से ‘कॉन्ट्राबैंड’ बरामद हुई थी। एंटी नारकोटिक्स सेल ने उसके वैधानिक अधिकारों के बारे में हिंदी में बताया, जबकि रेड्डी का कहना था कि उसे सिर्फ तेलुगु ही समझ आती है। 

रेड्डी की दलील थी कि उसके मामले में एनडीपीएस कानून की धारा 50 का पालन नहीं हुआ। अर्जी खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, “दलीलें यह दर्शाती हैं कि आवेदक को हिंदी में धारा 50 के तहत उसके वैधानिक अधिकारों के बारे में बताया गया था। हालाँकि उसने यह तर्क दिया है कि वह हिंदी नहीं समझता है। एक बार जब आवेदक ने यह दावा किया है कि वह टूर एंड ट्रैवल का बिजनेस कर रहा है तो ऐसे बिजनेस को करने वाले व्यक्ति के लिए राष्ट्रीय भाषा और कम्युनिकेशन स्किल से परिचित होना बुनियादी आवश्यकता है। आवेदक को हिंदी में उसके अधिकार के बारे में बताया गया था जो कि राष्ट्रीय भाषा है।” अब रेड्‌डी ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि हाई कोर्ट यह नहीं मान रहा कि हिंदी एक राष्ट्रभाषा नहीं है।  

याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को आधार बनाया गया था, जिसमें कहा गया था कि हिरासत में रखे गए व्यक्ति को संविधान के अनुच्छेद 22(5) के तहत इसका आधार जानने का मौलिक अधिकार है और संबंधित व्यक्ति को इससे जुड़ी जानकारी उसी भाषा में उपलब्ध करानी होगी, जिसे वह समझता है। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि केवल इसलिए कि एक कैदी अंग्रेजी या किसी अन्य भाषा में दस्तखत करने या कुछ शब्द लिखने में सक्षम है, यह नहीं समझा जाना चाहिए कि वह संबंधित भाषा से वाकिफ है। इस बात का आकलन करना जरूरी है कि कैदी को संबंधित भाषा की ‘पर्याप्त जानकारी’ है या नहीं।

‘टोपी वाले आतंकी फाँसी से लटके’: अहमदाबाद ब्लास्ट में फैसले पर गुजरात BJP ने शेयर किया कार्टून, ट्विटर ने हटाया

गुजरात भाजपा के आधिकारिक हैंडल @BJP4Gujarat से किए गए अहमदाबाद बम ब्लास्ट के दोषियों की फाँसी वाले ट्वीट को ट्विटर ने हटा दिया है। ट्वीट में 38 दोषियों को मिली सज़ा को एक कार्टून के रूप में चित्रित किया गया था। इसमें टोपी पहने मुस्लिमों के एक समूह को एक साथ फंदे पर लटकाए दिखाया गया था। ऐसा इसलिए, क्योंकि स्पेशल कोर्ट से सजा पाए सभी दोषी मुस्लिम समुदाय से हैं।

ट्विटर द्वारा हटाए गए कार्टून में दोषियों के चेहरे पर डर दिख रहा था। इसी कार्टून में 2 और चित्र भी थे। पहली में बम ब्लास्ट दिख रहा था और दूसरी तस्वीर में अदालत की बिल्डिंग। अदालत की बिल्डिंग के साथ भारत का झंडा भी दिखाई दे रहा था। इस चित्र के कैप्शन में लिखा था, ‘सत्यमेव जयते’ जिसका अर्थ है ‘सत्य की हमेशा जीत होती है’। यही वाक्य भारत के राजचिन्ह में भी है। कार्टून के कैप्शन में आगे लिखा था, “जो भी आतंक फैलाएगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

ट्विटर द्वारा हटाया गया कार्टून

कई मुस्लिम संगठनों और वामपंथी विचारधारा वालों ने गुजरात भाजपा के इस ट्वीट की निंदा की थी। उन्होंने इसे सामूहिक नरसंहार के लिए आह्वान बताया था। इसी के साथ इस ट्वीट को भारी संख्या में रिपोर्ट किया गया था। परिणामस्वरूप ट्विटर ने इसे डिलीट कर दिया। लेकिन ट्विटर के इस कदम की कई नेटिज़ेंस ने आलोचना की है। नवीद नाम के एक यूजर ने अपने हैंडल @Spoof_Junkey से लिखा, “ट्विटर के मुताबिक यह फोटो उसके नियमों का उल्लंघन है, पर क्या कभी ट्विटर ने उन पर भी कार्रवाई की है जो तिलक, कलावा और जनेऊ आदि को भगवा आतंकवाद से जोड़ते हैं ?”

एक अन्य मामले में @Squineon ने लिखा, “ट्विटर ने गुजरात भाजपा का वो ट्वीट डिलीट कर दिया जिसमें फाँसी की सजा को दिखाया गया था। अब समय है कि सरकार ट्विटर इंडिया को कोर्ट में घसीटना चाहिए। लेकिन मुझे शक है कि ऐसा कुछ होने वाला है।”

वहीं दूसरी तरफ अब कई वामपंथी और लिबरल गुजरात भाजपा के ट्विटर हटने का श्रेय लेना शुरू कर दिए हैं। उन्हीं में एक एक हैंडल ‘Team Saath Official’ ने क्रेडिट लेते हुए लिखा, “हमने कर दिखाया। भाजपा का नरसंहार वाला ट्वीट ट्विटर ने हटा दिया है। शाँत मत बैठो। कुछ तो करो। इस से फर्क नहीं पड़ता कि यह छोटा है या बड़ा। देखो गलत के विरुद्ध आपकी आवाज का परिणाम।”

गौरतलब है कि 26 जुलाई 2008 में गुजरात के अहमदाबाद में सीरियल ब्लास्ट हुए थे। आतंकियों ने अस्पतालों तक को भी निशाना बनाया था। इस केस की जाँच करते हुए गुजरात पुलिस और ATS ने मिल कर इंडियन मुजाहिदीन के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इन्हीं आतंकियों ने भारत के कई अन्य शहरों में भी ब्लास्ट किए थे। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाँच कर रही पुलिस टीम को पूरा सहयोग दिया था। इसी के चलते आतंकियों के खिलाफ ठोस पैरवी हुई। 18 फरवरी 2002 को स्पेशल कोर्ट ने 49 आरोपितों में से 38 को फाँसी और 11 को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई थी।

कर्नाटक: हिजाब के विरोध में फेसबुक पोस्ट करने पर 26 साल के हर्षा की चाकुओं से गोदकर हत्या, बजरंग दल से जुड़ा था

कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद के बीच वहाँ शिवमोगा क्षेत्र में 26 वर्षीय बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या का मामला प्रकाश में आया है। ये घटना रविवार (20 फरवरी 2022) रात करीब 9 बजे की है। इलाके में तनाव देखते हुए पुलिस ने वहाँ सुरक्षा बढ़ा दी है। 

जानकारी के मुताबिक, शिवमोगा में हर्षा की चाकुओं से गोद कर हत्या के बाद उपद्रवियों ने क्षेत्र में कई जगह गाड़ियों में तोड़फोड़ की। उनमें आग लगाई, जिसे बाद में फायर ब्रिगेड द्वारा बुझवाया गया। पुलिस ने स्थिति कंट्रोल करने के लिए इलाके में 144 लगाई हुई है। कॉलेजों में भी सोमवार का अवकाश घोषित है।

हर्षा की हत्या मामले में पुलिस की जाँच शुरू हो गई है। जाँच में अब तक सामने आया है कि हर्षा ने हाल में अपने फेसबुक प्रोफाइल पर हिजाब के ख़िलाफ़ और भगवा शॉल के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हर्षा की फेसबुक पोस्ट को ही उनकी हत्या के पीछे की वजह बताई जा रही है। 

कथिततौर पर जब से प्रदेश में हिजाब विवाद का मुद्दा शुरू हुआ है उसी के बाद से हर जगह बजरंग दल बढ़ चढ़ कर हिजाब के विरोध में आवाज उठा रहा है। पुलिस ने हर्षा की सोशल मीडिया पोस्ट और उनकी हत्या के बीच क्या कनेक्शन है इस पर कोई बात नहीं रखी है। लेकिन प्रदेश में पिछले दिनों उपजे तनावपूर्ण माहौल के चलते अंदाजा लग रहा है कि वजह हर्षा द्वारा लिखा गया पोस्ट ही है।

केरल में संजीत की हत्या

गौरतलब है कि कर्नाटक में जैसे बजरंग दल कार्यकर्ता को धारधार हथियार से मारकर मौत के घाट उतारा गया है। वैसे ही 15 नवंबर 2021 को केरल के एलापल्ली के रहने वाले आरएसएस कार्यकर्ता ए संजीत की SDPI के गुंडों ने हत्या कर दी थी। 18 नवंबर को पुलिस को इस हमले में इस्तेमाल खून से सनी तलवारे मिली थीं और 22 नवंबर को एक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के एक पदाधिकारी को गिरफ्तार किया गया था।

गायों के लिए 560 किलो का छप्पन भोग, कोलकाता से राजस्थान पहुँचे परिवार ने की गौसेवा: काजू, मेवा मिठाइयाँ, सब्जी, फल सब कुछ

शादियों और आयोजनों में कभी-कभार सुनने में आता है कि 56 भोग बनाए गए हैं, लेकिन अगर यही 56 भोग जानवरों की सेवा के तौर पर बनाया जाए तो अचंभित करने वाला आयोजन होता है। राजस्थान के नागौर जिले से ऐसा ही मामला प्रकाश में आय़ा है, जहाँ रविवार (20 फरवरी, 2022) को एक गौशाला में गायों के लिए 560 किलो का छप्पन भोग बनाया गया। इस गौशाला में काजू, मेवा और मिठाइयों के साथ ही सब्जी, फल आदि का स्पेशल मेन्यु तैयार किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, आश्चर्यचकित करने वाली यह घटना नागौर जिले के डाबड़ी गाँव स्थित संत श्री मुक्ति राम गौशाला की है। गायों के लिए इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन कोलकाता से आए दिलीप कुमार राजगढ़िया परिवार की तरफ से किया गया। इस गौसेवा के जरिए परिवार में श्रीकृष्ण की आराधना की। पश्चिम बंगाल के कोलकाता के रहने वाले दिलीप कुमार बताते हैं कि इस गौशाला से उनका बहुत ही पुराना रिश्ता है और काफी लंबे वक्त से वो गौमाता की सेवा करना चाहते थे। दिलीप कहते हैं कि गौसेवा करके उनके परिवार को अत्यंत खुशी मिली है।

ऐसा ही गौ प्रेम में मध्य प्रदेश में भी दिखा

उल्लेखनीय है कि जिस तरह से गाय के प्रति प्रेम श्रद्धा और भक्ति का भाव नागौर की गौशाला में दिखा है। ठीक उसी तरह की गौ भक्ति या यूँ कहें कि गाय के प्रति सम्मान कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के दमोह जिले में भी दिखा था। जिले के हटा में हाथी नाम से जानी जाने वाली गाय की मौत के बाद सैकड़ों की संख्या में लोग उमड़ पड़े और पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ उस गाय की शव यात्रा निकाली। दरअसल वो गाय इतनी सीधी थी कि गौशाला में अगर किसी गाय की मौत हो जाती थी तो वो उसके बछड़ों को अपना दूध पिलाती थी। इसके अलावा छोटे बच्चे तक उसके थन में मुँह लगाकर दूध पी लेते थे। अपने इसी सीधेपन के कारण वो सभी के लिए चहेती बनी हुई थी।

‘मैं टोपी पहनूँगा, मेरी बेटी हिजाब पहनेगी…सिर्फ करीम के आगे झुकेंगे’ : UP चुनाव के बीच ओवैसी का आया बयान

कर्नाटक के एक शैक्षणिक संस्थान में ड्रेस कोड के बदले हिजाब पहनने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह कट्टरपंथी एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम  कर रहा है। हाल में AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक वीडियो ट्वीट की है। इस वीडियो में वह टोपी, दाढ़ी और हिजाब की बातें करते दिखाई दिए।

अपने ट्वीट में ओवैसी ने लिखा, “मैं किसी का ग़ुलाम नहीं हूँ, मैं टोपी भी पहनूँगा और दाढ़ी भी रखूँगा और मेरी बेटी भी हिजाब पहनेगी।” वीडियो में भी ओवैसी को कहते सुना जा सकता है, “आपको दाढ़ी पसंद नहीं है मैं दाढ़ी रखूँगा, मेरे सिर पर टोपी पसंद नहीं है मैं टोपी पहनूँगा, तुम्हें हिजाब पसंद नहीं है कोई नहीं, मेरी बेटी हिजाब पहनेगी। मैं क्या तुम्हारा गुलाम हूँ। मैं क्या तुम्हारा कैदी हूँ। मैं क्या तुम्हारे इशारे पर बैठ जाऊँगा। हम गर्दन झुकाएँगे तो अपने करीम के आगे। दुनिया में रहेंगे तो भारत के संविधान के तहत अपनी शनाख्त को बरकरार रखते हुए जिंदा रहेंगे।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ओवैसी ने कहा था कि योगी सरकार और देश के प्रधानमंत्री अल्पसंख्यक गरीब और मुस्लिम लोगों के हित की जो बात करते हैं, वह सब झूठी और बकवास हैं। उन्होंने खलीलाबाद में भी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उन पर जो गोलियाँ बरसाई गईं वह आवाज दबाने के लिए थी।उन्होंने कुछ दिन पहले ये बात भी कही थी, “इंशाअल्लाह एक दिन एक हिजाबी प्रधानमंत्री बनेगी।”

कुछ दिन पहले सामने आई वीडियो में ओवैसी को कहते सुना गया था, “हम अपनी बेटियों को इंशाअल्लाह अगर वो फैसला करती है कि अब्बा-अम्मी मैं हिजाब पहनूँगी, तो अम्मा-अब्बा कहेंगे- बेटा पहन, तुझे कौन रोकता है हम देखेंगे। हिजाब, नकाब पहनेंगे कॉलेज को जाएँगे, डॉक्टर भी बनेंगे, कलेक्टर भी बनेंगे, एसडीएम भी बनेंगे, बिजनेस मैन भी बनेंगे। एक दिन तुम याद रखना मैं शायद जिंदा न रहूँगा, तुम देखना एक दिन एक बच्ची हिजाब पहनकर इस देश का प्रधानमंत्री बनेगी।”

दिल्ली में महिला BJP नेता का गला रेता, आंध्र में गायब भाजपा किसान मोर्चा के नेता का मिला शव: केरल में भी हुई थी ऐसी ही वारदात

देश के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा नेताओं को निशाना पर उनपर हमले और उनकी हत्या किए जाने का मामला प्रकाश में आय़ा है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर आँध्र प्रदेश तक में भाजपा नेताओं की हत्या कर दी गई। लेकिन अभी तक आरोपितों को कानून के दायरे में नहीं लाया जा सका है।

दिल्ली में भाजपा की महिला नेता का गला रेता

देश की राजधानी दिल्ली में भाजपा की एक विधवा महिला नेता की हत्या करने का मामला प्रकाश में आया है। घटना अंबेडकरनगर थाना क्षेत्र के मदनगीर इलाके की बताई जा रही है। मृतका का नाम सुधा रानी (55) है। वो भाजपा की सीट पर 2007 में पार्षद का चुनाव भी लड़ीं थीं। इस मुद्दे पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसे 19 फरवरी, 2022 को इसकी सूचना मिली थी कि एक महिला की लूट के विरोध में बदमाशों ने हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, जब वो वहाँ पहुँचे तो देखा कि महिला की खून से सनी लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी। उसके गले को काटा गया था।

मृतक भाजपा नेता की बेटी देवयानी का कहना है कि रात को करीब साढ़े 9 बजे दो लोग उसके घर में घुसे थे। दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और उनके हाथ में बंदूकें थीं। उन्होंने कैश, गहने लूटने के बाद उसकी माँ की गला रेतकर हत्या कर दी। बहरहाल आईपीसी की धारा 302 के अंतर्गत केस दर्ज शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

आँध्र प्रदेश में भाजपा नेता की मौत

दूसरी घटना आँध्र प्रदेश की है। यहाँ कृष्णा जिले के जग्गैयापेट गाँव के बाहर भाजपा किसान मोर्चा के नेता मल्लारेड्डी का शव शनिवार (19 फरवरी 2022) को पाया गया। मल्लारेड्डी शुक्रवार को ही अपने घर से लापता हो गए थे। शुरुआती तौर पर उनके शव को देखने के बाद यह माना जा रहा है कि उनकी हत्या की गई है। बहरहाल, घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुँचे डीएसपी नागेश्वर रेड्डी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी। भाजपा की राज्य इकाई के प्रमुख एस वीरराजू ने एसपी सिद्धार्थ कौशल से बात की और मल्लारेड्डी की हत्या की जल्द जाँच की माँग की है।

केरल में भी हुई थी भाजपा कार्यकर्ता की हत्या

इससे पहले इसी महीने 17 फरवरी को केरल के अलप्पुझा जिले के हरिपद इलाके में कुमारपुरम के करीब स्थित वरयंकोडे के रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता सरथ चंद्रन की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरथ पर हमला एक मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बहस के बाद हुआ था।

दानिश से देवेश बनकर आर्किटेक्ट ने हिंदू लड़की को फँसाया: 7 साल घर में बंद करके किया प्रताड़ित

उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पारा में लव जिहाद के आरोप में एक आर्किटेक्ट की गिरफ्तारी हुई है। आर्किटेक्ट का असली नाम दानिश है, जिस पर आरोप है कि उसने हिंदू लड़की को फँसाने के लिए अपनी पहचान छिपाई और जब सच्चाई खुली तो लड़की को धमकी देते हुए उसे घर पर बंधक बनाए रखा।  

जानकारी के मुताबिक, दानिश ने 7 साल पहले देवेश बनकर एक हिंदू लड़की को अपने प्रेम झाँसे में फँसाया और फिर उसे शादी करके मुन्नु खेडा में किराए पर रहने लगा। दोनों की छह साल की बेटी है। शादी के कुछ दिन बाद ही लड़की को पता चला कि जिससे उसने शादी की है वो देवेश नहीं दानिश है तो उसे लगा कि अब बहुत देर हो गई है।

समय के साथ धीरे-धीरे दानिश का असली चेहरा सामने आने लगा। उसने अपनी बीवी के पूजा पाठ करने का विरोध शुरू कर दिया और कुछ दिन में दूसरी लड़की से निकाह की बातें करने लगा। जब उसकी बीवी ने इसपर असहमति जताई तो घर में मारपीट शुरू हो गई और उसका घर से बाहर निकलने पर बंदिशें लग गईं। हद्द तब हुई जब 16 फरवरी 2022 को सोते वक्त उसका गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। उसने किसी तरह बचते-बचाते थाने पर शिकायत दी जिसके बाद दानिश को शुक्रवार को पकड़ा गया।

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और उसके द्वारा दी गई जानकारी पर बताया कि लड़की पढ़े-लिखे घर से ताल्लुक रखती है। उसके पिता बैंक अधिकारी बनकर रिटायर हुए हैं। पीड़िता और दानिश दोनों की मुलाकात ग्रेजुएशन के समय हुई।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने उन्हें बताया कि शुरू-शुरू में उसको दानिश का आर्किटेक्ट होना और लाइफस्टाइल बेहद आकर्षित लगा, जिसके चलते दोनों ने शादी कर ली। लेकिन, प्रेगनेंट होने के बाद उसे आर्किटेक्ट की असली नाम पहचान पता चली और आरोपित ने तब पूरे परिवार को मारने की धमकी दे दी। अब पुलिस इस मामले में सारी तथ्यों की जानकारी कर रही है। दानिश को पकड़ लिया गया है।

‘जो अपने बाप का नहीं हुआ, वो आपका कैसे हो सकता है’: CM शिवराज ने कहा -अखिलेश यादव आज के ‘औरंगजेब’

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है और चौथे चरण के लिए प्रचार जारी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश शिवराज सिंह चौहान ने रविवार (20 फरवरी 2022) को यूपी के देवरिया में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला करते हुए उन्हें आधुनिक औरंगजेब बताया। शिवराज ने कहा कि जो अपने बाप का नहीं हुआ वो आपका कैसे हो सकता है। उनके अनुसार, खुद मुलायम सिंह ने एक बार कहा था कि जितना अखिलेश ने उनका अपमान किया है उतना किसी ने नहीं किया।

भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने ये बयान प्रदेश की रामपुर कारखाना विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार करने के लिए आए थे। उन्होंने कहा, “अखिलेश यादव आज के औरंगजेब हैं। जो अपने बाप का नहीं हुआ वो आप का क्या होगा औऱ ये मैं नहीं कह रहा हूँ ये बात नेताजी ने कही थी। मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि जो अपने बाप का नहीं हुआ वो आपका कैसे हो सकता है। औरंगजेब ने भी यही किया था। उसने बाप शाहजहाँ को जेल में डाल दिया था और अपने भाइयों की हत्या की थी। मुमदाबागलायम सिंह यादव कहते थे कि जितना अपमान मेरा अखिलेश ने किया है, उतना दुनिया में किसी ने नहीं किया।”

शिवराज यहीं नहीं रुके उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया ये अखिलेश बाबा ने जितने भी गठबंधन किए थे वो सभी फ्लॉप साबित हुए। उन्होंने कहा कि चमत्कार की उम्मीद में अखिलेश यादव ने बुआ के साथ हाथ मिलाया था, लेकिन जब रिजल्ट आया तो मौसी को समझ आ गया कि फिल्म फ्लॉप हो गई है।

अहमदाबाद ब्लास्ट के आरोपियों से सपा के संबंध

भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्र चौरसिया के पक्ष में चुनावी जनसभा के दौरान शिवराज ने अहमदाबाद ब्लास्ट के आरोपितों के साथ संबंध को स्थापित करते हुए कहा कि ब्लास्ट के एक आरोपित मोहम्मद सैफ का अब्बू सपा का नेता है। आखिर आतंकियों से इतनी मोहब्बत क्यों? इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी को वंशवाद आधारित पार्टी करार दिया। उन्होंने मुलायम परिवार के उन लोगों के नामों का भी जिक्र किया जो चुनाव लड़ चुके हैं।