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ट्विटर को टक्कर देने के लिए ‘Truth Social’ लेकर आ रहे डोनाल्ड ट्रम्प, लॉन्च के लिए तैयार है नया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म

पूर्व अमेरिकी रष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नया सोशल मीडिया एप ‘Truth Social’ लॉन्च के लिए तैयार है। बताया जा रहा है कि सोमवार (21 फरवरी, 2022) को इसे लाइव कर दिया जाएगा। बता दें कि ट्विटर द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। इसके टेस्ट फेज के लिए लोगों को इन्वाइट किया गया है और साथ ही बीटा टेस्टर्स के लिए फ़िलहाल इसे रिलीज किया गया है। अब इसे एप्पल स्टोर में लॉन्च किया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रम्प को ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब से दूर हुए एक साल हो गए हैं, ऐसे में ‘Truth Social’ से वो फिर से वापसी कर रहे हैं। अमेरिका के कैपिटल हिल में हुई हिंसा के बाद सोशल मीडिया जायंट्स ने उन पर भड़काऊ कंटेंट्स पोस्ट करने के आरोप में कार्रवाई की थी। 15 फरवरी, 2022 को डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर ने भी बताया था कि पूर्व राष्ट्रपति ने ‘Truth Social’ पर अपना पहला पोस्ट कर दिया है। ये पोस्ट उन्होंने इस ट्वीट के एक दिन पहले किया था।

इसमें रिपब्लिकन नेता ने लिखा था, “तैयार रहिए! आपके पसंदीदा राष्ट्रपति आपसे जल्द ही मिलेंगे।” बता दें कि इस एप को ‘ट्रम्प मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप (TMTG)’ ने बनाया है, जिसका नेतृत्व रिपब्लिकन नेता डेविन नन्स करते हैं। ये प्लेटफॉर्म उन सोशल मीडिया एप्स की सूची में आ जाएगा, जिन्होंने हाल ही में उनके लिए लॉन्च किया है जिन्हें लगता है कि फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब जैसे एप्स उनकी आवाज़ दबा रहे हैं। ‘फ्री स्पीच’ की गारंटी देते हुए इन्हें लॉन्च किया जा रहा है।

हालाँकि, मेनस्ट्रीम सोशल मीडिया कंपनियों के आसपास भी अभी तक कोई नहीं आया है। इनमें ट्विटर की प्रतिद्वंद्वी ‘Gettr’ और ‘Parler’ से लेकर वीडियो साइट ‘Rumble’ तक शामिल है। डोनाल्ड ट्रम्प के एप का फ़िलहाल वर्जन 1.0 लॉन्च किया जा रहा है, जिससे स्पष्ट है कि ये सार्वजनिक रिलीज के लिए तैयार है। इससे पहले इसका वर्जन 0.9 आया था। मार्च 2022 के अंत तक ये संभव है। फ़िलहाल इस पर ‘Truths’ (पोस्ट्स) को एडिट करने का विकल्प नहीं होगा, लेकिन बाद में ये फीचर जोड़ा जा सकता है।

तिलक, कुमकुम, बिंदी और सिंदूर लगाने वालों को रोकने पर होगी कार्रवाई: बोले कर्नाटक के शिक्षा मंत्री – ये आभूषण, हिजाब मजहबी प्रतीक

कर्नाटक (Karanataka) में जारी हिजाब (Hijab) विवाद के बीच विजयपुर जिले में एक कॉलेज में हिंदू छात्रों के तिलक, कुमकुम, बिंदी, सिंदूर लगाकर कॉलेज आने पर रोक लगाए जाने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने शिक्षण संस्थानों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ऐसा करने वाले शिक्षण संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकारों से बातचीकत में कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश (BC Nagesh) ने कुमकुम, सिंदूर और बिंदी को हिंदुओं की सांस्कृतिक पहचान करार दिया और बताया कि इन चीजों का इस्तेमाल आभूषण के तौर पर किया जाता है। ऐसे में इसकी तुलना हिजाब से नहीं की जा सकती है। उन्होंने ये भी कुमकुम, सिंदूर लगाने वालों को रोकने पर स्कूल के अधिकारियों को एक्शन के लिए तैयार रहने को कहा है।

हिजाब विवाद के बीच मंत्री नागेश ने चूड़ी, कुमकुम औऱ बिंदी को गहना बताया और कहा कि स्कूलों में इन गहनों पहनने के खिलाफ किसी भी तरह का नियम नहीं है, इस छात्राएँ अपनी मर्जी के आधार पर पहनती हैं। जबकि हिजाब एक धार्मिक प्रतीक है। इसलिए स्कूल छात्रों को कुमकुम, बिंदी या चूड़ियाँ हटाने के लिए मजबूर न करें।

विजयपुर की घटना के बाद भड़के मंत्री

गौरतलब है कि हिजाब विवाद के बीच कर्नाटक के विजयपुर जिले के इंडी में पीयूसी कॉलेज के अधिकारियों ने एक हिंदू छात्र को महज इसलिए कॉलेज के अंदर जाने देने से रोक दिया, क्योंकि उसने अपने माथे पर कुमकुम का टीका लगाया हुआ था। इसको लेकर छात्र और कॉलेज प्रशासन के बीच जमकर बहस भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसको लेकर नागरिकों ने आरोपित शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कॉलेज प्रशासन तिलक लगाकर कॉलेज पहुँचे छात्र को तिलक हटाकर कॉलेज के अंदर जाने के लिए कहते हैं। हालाँकि, वो इससे इनकार कर देता है तो वे उसे घर जाने के लिए कहते हैं।

इस घटना के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और कॉलेज और शिक्षकों के खिलाफ नारेबाजी की। इसको लेकर श्री राम सेना के संस्थापक, हिंदू कार्यकर्ता प्रमोद मुतालिक ने कहा, “सिंदूर एक धार्मिक प्रतीक नहीं है। यह देश की संस्कृति का हिस्सा है। शिक्षा विभाग के सर्कुलर के अनुसार इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।”

1 मिनट 21 सेकंड में 4 बार चू#!या: नेता से लेकर हिरोइन तक को गाली दे चुके संजय राउत ने अब भाजपा नेता को दी कैमरे के सामने गाली

शिवसेना नेता संजय राउत एक बार फिर से ऑन कैमरा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कम से कम 4 बात चू#!या कहा। उन्होंने अपनी बात उस समय कही जब उनके सामने पत्रकार ने भाजपा नेता किरीट सोमैया के आरोपों के संबंध में पूछा। राउत ने ये बात सुनने के बाद कहा कि ये सब किसने कहा है? कौन है ये? उन्होंने भाजपा नेता के लिए कहा- ‘ऐसे चू#या बहुत हैं इस देश में।’

मीडिया से शिवसेना नेता की बातचीत की वीडियो सामने आने के बाद देख सकते हैं कि कैसे शिवसेना नेता ने 1 मिनट 21 सेकंड में 4 बार चू#!या बोला। उन्होंने कहा,

“देश की राजनीति के बारे में बातें करना मीडिया को शोभा नहीं देता। देश की राजनीति ऐसे चू#!या लोगों को खत्म करेगी। नहीं रहेंगे ऐसे लोग इस देश में। इस देश में राजनीति बहुत स्वच्छ होगी, पारदर्शी होगी और लोकतांत्रिक होगी। 10 मार्च के बाद आपको उसका पता चलेगा। उद्धव ठाकरे जैसा मुख्यमंत्री मिलने आता है उसका इस प्रकार से अपमान करना…ये बीजेपी के लोग जो हैं…ये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का अपमान है। ये मराठियों का अपमान है। इसलिए मैंने उन्हें चू#!या बोला है। मैं दोहराता हूँ। ऐसे लोगों को महाराष्ट्र में केंद्र सरकार सिक्योरिटी देती है।”

नेता से लेकर हिरोइन तक को संजय राउत ने दी है गाली

गौरतलब है कि इससे पहले बीजेपी नेताओं को जेल भेजने की धमकी देने वाले शिवसेना नेता संजय राउत 15 फरवरी 2022 प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आपा खो बैठे थे और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर डाला था। उन्होंने दावा किया था कि शिवसेना कभी भी उन लोगों से नहीं डरती जो लोग नामर्दों की तरह वार करते हैं। बालासाहेब ठाकरे के नाम पर राउत ने कहा था, “अगर तुमने कोई पाप नहीं किया है, अगर तुम्हारा मन साफ है तो किसी के बाप से मत डरो। आज के इस पत्रकार परिषद से हम संदेश देना चाहते हैं कि महाराष्ट्र गा^%* की औलाद नहीं है। मराठी मानुस ईमानदार है और हम आपसे डरने वाले नहीं हैं।”

यह पहला मौका नहीं है जब शिवसेना सांसद ने सार्वजनिक तौर पर इतनी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया हो। सितंबर 2020 में उन्होंने अभिनेत्री कंगना रनौत को ‘हरामखोर’ तक कह दिया था। राउत ने कहा था, “क्या होता है कानून? उस लड़की ने जिस तरह से बात किया, क्या वह कानून के लिए सम्मान था? आप क्या उस ‘हरामखोर’ लड़की की वकीली कर रहे हैं। जिसने शिवाजी महाराज का अपमान किया, जिसने महाराष्ट्र का अपमान किया है, आपका चैनल उसकी तरफदारी कर रहा है।” हालॉंकि विवाद बढ़ने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि कंगना रनौत को हरामखोर इसलिए बोला था, क्योंकि इसके मायने महाराष्ट्र में अलग हैं। 

‘वोट पड़े या बंद हो जाए, हम नकाब हटाकर चेहरा क्यों दिखाएँ’: कानपुर में मतदान के दौरान मुस्लिम महिलाओं का हंगामा

कर्नाटक हिजाब विवाद (Karnataka Burqa/Hijab Controversy)का असर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) में दिखाई दिया। रविवार (20 फऱवरी 2022) को राज्य में हो रहे तीसरे चरण के मतदान के दौरान कानपुर में हिजाब का मुद्दा गरमा गया। दरअसल, कानपुर शहर के आर्यनगर पोलिंग बूथ में कर्मचारियों नें मुस्लिम महिलाओं से नकाब हटाकर वोट डालने के लिए कह दिया। इससे मुस्लिम मतदाता शोर-शराबा और हंगामे पर उतर आए।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना जिले के आर्यनगर के हडसन स्कूल पोलिंग बूथ की है। यहाँ मतदान करने आई मुस्लिम वोटर्स को हिजाब और नकाब उतार कर वोट डालने के लिए अंदर जाने के लिए कहा गया। बस फिर क्या था मुस्लिम महिलाओं का इस्लाम जाग गया। इन महिलाओं ने विरोध करना शुरू कर दिया। इनमें से एक महिला ने वो चेहरा तो दिखा देगी, लेकिन अपना हिजाब किसी भी सूरत में नहीं उतारेगी, चाहे वोट पड़े या बंद हो जाए।

मुस्लिम महिला ने हिजाब हटाने की बात का विरोध करते हुए कहा, “हमें बोला जा रहा है कि नकाब हटाकर वोट डालने के लिए अंदर जाएँ। हम आपको क्यों अपना चेहरा दिखाएँ। हम अंदर दिखाएँगे चेहरा। आप सब गैर-मर्द हो। इस्लाम में औरतों को नाखून तक गैर-मर्दों को दिखाना गवारा नहीं है। हम आपको अपना चेहरा दिखाएँगे? हम औरतों के सामने अंदर अपना चेहरा खोलेंगे।”

बता दें कि मुस्लिमों के इस हंगामे के चलते कुछ देर के लिए उस पोलिंग बूथ पर मतदान भी प्रभावित हुआ। हालाँकि, बाद में मौके पर पहुँची पुलिस की टीम ने किसी तरह से मुस्लिम महिलाओं को समझाकर वोटिंग प्रक्रिया को फिर से शुरू कराया।

गौरतलब है कि तीसरे चरण के मतदान के क्रम में फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, फर्रूखाबाद, हाथरस, कासगंज, इटावा, औरैया, झाँसी, ललितपुर, महोबा, मीरपुर, कानपुर देहात और कानपुर समेत 16 जिलों में वोटिंग हो रही है। खबर लिखे जाने तक कुल 48.81 फीसदी वोटिंग हुई थी।

Uttar Pradesh third phase voting muslims women created rucks when asked to cast their vote by taking off the hijab in Kanpur

‘अहमदाबाद ब्लास्ट के आतंकी का अब्बू सपा का चुनाव प्रचार कर रहा है’: CM योगी बोले- सपा का हाथ आतंकियों के साथ

उत्तर प्रदेश में जारी विधानसभा चुनावों (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) बीच प्रदेेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने रविवार (20 फरवरी) को लखीमपुर खीरी में एक जनसभा को संबोधित किया। गुजरात के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट (Ahmedabad Serial Blast) का एक आरोपी आजमगढ़ के संजरपुर का रहने वाला है और उसका अब्बू अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के लिए प्रचार कर रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि उस आतंकी का पिता समाजवादी पार्टी से जुड़ा है और अभी भी वह सपा के लिए प्रचार कर रहा है। उन्होंने पूछा देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले आतंकियों के प्रति समाजवादी पार्टी की इतनी सहानुभूति क्यों है। उन्होंने कहा कि सपा का हाथ आतंकियों के साथ।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार में तो यूपी में तो बिजली की जाति और धर्म होता था। मुहर्रम में बिजली आती थी और होली दीवाली में गायब हो जाती थी। उन्होंने कहा कि सपा और बसपा ने कब्रिस्तान की चारदीवारी का निर्माण करवाया, इसलिए बेहतर होगा कि वे कब्रिस्तान से ही वोट माँगें। जहाँ बमबाजी होती थी, वहाँ हर-हर बम-बम का नारा लगाते हुए काँवड़िए धूमधाम से निकलते हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सपा की सरकार आई तो उसने बुजुर्गों के लिए जारी पेंशन योजना को बंद कर दिया, लेकिन भाजपा सरकार आते ही बुजुर्गों को 12,000 रुपये पेंशन दे रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश दंगा मुक्त हुआ है।

इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में आतंकियों को लेकर समाजवादी पार्टी और कॉन्ग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पीए मोदी ने कहा कि आतंकी बम ब्लास्ट करते थे और समाजवादी पार्टी की सरकार उन पर से मुदकमे वापस लेती थी।

पीएम मोदी ने कहा, “यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में समाजवादी सरकार ने बहुत सारे आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेने का फरमान सुना दिया था। ये लोग विस्फोट कर रहे थे, धमाके कर रहे थे और समाजवादी पार्टी सरकार इन आतंकवादियों पर मुकदमा तक नहीं चलने दे रही थी।” 

पॉर्न फिल्म के म्यूजिक को शेखर गुप्ता के ‘द प्रिंट’ ने बनाया न्यूज ऑडियो? : जानिए पूरा सच

वामपंथी प्रोपेगेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मशहूर ‘द प्रिंट’ इन दिनों अपनी न्यूज वीडियो ‘Cut The Clutter’ में पॉर्न म्यूजिक का इस्तेमाल करने के कारण चर्चा में है। सोशल मीडिया पर द प्रिंट की वही न्यूज वीडियो के साथ उस पॉर्न वीडियो को शेयर किया जा रहा है जिनमें समान म्यूजिक का इस्तेमाल किया गया है।

ऑपइंडिया की पड़ताल

द प्रिंट पर लग रहे इल्जामों के बीच जब ऑपइंडिया ने इस दावे की जाँच की तो हमने पाया कि ये अधूरा सच है। दरअसल, जो म्यूजिक द प्रिंट ने अपने वीडियो में इस्तेमाल किया वो म्यूजिक पॉर्न वीडियो में इस्तेमाल हुआ म्यूजिक ही है। लेकिन ये म्यूजिक ओरिजनली किसी के लिए भी फ्री में उपलब्ध है। कोई भी इसका इस्तेमाल कर सकता है।

म्यूजिक को जाँचने के लिए ऑपइंडिया ने गूगल की ऑडियो सर्च टेकनॉलजी का प्रयोग किया और पाया कि गाने का नाम RAW DEAL है जिसे AZ नामक आर्टिस्ट ने रचा है। इसके सर्च में स्पॉटिफाई का लिंक पहले नंबर पर ही आ गया। हमने आगे चेक किया कि क्या ये म्यूजिक यूट्यूब क्रिएटर्स के लिए है या नहीं। जहाँ हमने पाया कि ये गाना यूट्यूब लाइब्रेरी में फ्री में उपलब्ध है। 

गूगल सर्च

ये दोनों गाने के ट्रैक बिलकुल सेम है। लेकिन ऐसा लगता है कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कलाकार ने अलग नामों का इस्तेमाल किया है।

यूट्यूब लाइब्रेरी पर मौजूद म्यूजिक

आखिर कंटेट क्रिएटर क्यों करते हैं म्यूजिक का इस्तेमाल?

बता दें कि यूट्यूब और अन्य वीडियो प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट म्यूजिक को लेकर काफी सख्त नीतियाँ हैं। कई बार कॉपीराइट म्यूजिक के इस्तेमाल की वजह से क्रिएटर को ‘स्ट्राइक’ का सामना करना पड़ता जिसका असर उसके चैनल पर होता है। इसलिए यूट्यूब पर दिए गए ऑडियो को अगर क्रिएटर इस्तेमाल करे तो उन्हें इसे लेकर कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ये ऑडियो फाइल्स न केवल फ्री होती हैं बल्कि इन पर कोई कॉपीराइट भी नहीं आता गया।

पूरी स्थिति को आसान भाषा में समझने के लिए कह सकते हैं कि ये पॉर्न वीडियो में इस्तेमाल किया गया ऑडियो और द प्रिंट की वीडियो में इस्तेमाल किया गया म्यूजिक दुर्भाग्य से समान हो गए और इसे किसी यूजर ने नोटिस भी कर लिया।

बांग्लादेश में मेट्रो रेल के लिए आगे आई 4 चीनी कंपनियाँ, बदले में टाउनशिप में चाहिए ‘प्रॉफिट’: प्लॉट्स की खरीद-बिक्री भी करेगी

चट्टोग्राम में मेट्रो प्रोजेक्ट विकसित करने और ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के लिए चीन की 4 सरकारी कंपनियाँ रेस में हैं। साथ ही वो इस पूरे प्रोजेक्ट को फंड करने के लिए भी तैयार हैं। ‘चट्टोग्राम डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA)’ ने बताया कि मेट्रो रेल के लिए जो ‘फिजिबिलिटी स्टडी’ होगी, उसके लिए भी चीन ही भुगतान करेगा। बांग्लादेश के हाउसिंग और पब्लिक वर्क्स मिनिस्ट्री इस सम्बन्ध में अंतिम निर्णय से अवगत कराएगा। मिसराई में बे टर्मिनल के लिए जगह चुनी गई है।

इस क्षेत्र के पास समुद्र भी है। चीनी कंपनियों का कहना है कि उन्हें ‘स्मार्ट सिटी’ में प्रॉफिट चाहिए और प्लॉट खरीद-बेच में भी वो बांग्लादेश के प्रशासन के साथ पैसों में हिस्सेदारी तय करेंगी। इसके बदले चीनी कंपनियाँ वहाँ अपने खर्च से मेट्रो रेल का निर्माण करेंगी और इसमें बांग्लादेश की सरकार को एक रुपया भी नहीं देना होगा, ऐसा कहा गया है। चूँकि ये प्रोजेक्ट समुद्र द्वारा खाली की गई जमीन पर बन रहा है, इसीलिए इससे पर्यावरण को नुकसान का भी अंदेशा है।

CDA के चीफ इंजीनियर काजी हसन बिन शम्स ने कहा कि ये जमीन शिपब्रेकिंग यार्ड्स से दूर हट कर है, इसीलिए इससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि समुद्र से जमीन को वापस लेने के लिए आजकल ‘आधुनिक तकनीक’ का इस्तेमाल किया जाता है और चीनी कंपनियाँ ऐसा करने में सक्षम हैं। कंपनियों का कहना है कि उनके पास ऐसी तकनीक है, जिससे पानी पारदर्शी दिखेगा। उन्होंने कहा कि ये समुद्र का ‘डेड एन्ड’ है, इसीलिए इसका कोई नुकसान नहीं होगा।

CDA ने बताया कि सिंगापुर सहित कई इलाकों में ऐसे ‘रिक्लेम्ड’ जमीन पर कई टाउनशिप विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों से ये काम चल रहा है और इन चीनी कंपनियों का कहना है कि उन्हें ऐसी परियोजनाओं का पूर्व से ही अनुभव है। उन्होंने कर्णफूली टनल और पद्म ब्रिज के निर्माण की तेज़ गति के लिए भी चीनी कंपनियों की प्रशंसा की। दक्षिण कोरिया ने भी बांग्लादेश के दूसरे मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई है। हालाँकि, चीनी संस्थाओं ने ये साफ़ नहीं किया है कि वो प्रॉफिट में कितना हिस्सा लेंगी।

अकेला देखकर 15 साल की नाबालिग लड़की को मोहम्मद फैजान ने घर में खींच लिया और रेप किया: यूपी पुलिस तलाश में जुटी

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr, Uttar Pradesh) में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का मामले सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपित मोहम्मद फैजान (Accused Mohammad Faizan) ने किशोरी को अकेली देखकर उसे जबरन खींचकर अपने घर ले गया और वहाँ उसने उसके साथ घटना को अंजाम दिया।

घटना बुलंदरशहर के खुर्जा (Khurja) स्थित कोतलावी थाना क्षेत्र का है। यहाँ एक गाँव के निवासी ने थाने में तहरीर दी कि शनिवार (19 फरवरी 2022) की शाम को उनकी बेटी अपने ताई के घर लौट रही थी। बेटी की उम्र 15 वर्ष है। मोहम्मद फैजान ने लड़की को अकेला देखा तो उसने उसे दबोच लिया और खींचकर अपने घर ले गया। वहाँ उसने लड़की को डरा-धमका कर रेप की वारदात को अंजाम दिया।

किसी तरह आरोपित के चंगुल से छूट कर पीड़ित किशोरी अपने घर पहुँची और घटना के बारे में अपने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता के पिता कोतवाली थाना पहुँचकर आरोपित मोहम्मद फैजान के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

वहीं, इस मामले में अभी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कोतवाली थाने के प्रभारी नीरज कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस आरोपित फैजान की तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

‘आतंकी बम फोड़ते रहे, सपा उन पर से मुकदमे हटाती रही’: UP में PM मोदी बोले- कॉन्ग्रेसी तो ओसामा ‘जी’ कहते हैं और बाटला पर आँसू बहाते हैं

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Naendra Modi) हरदोई में एक जनसभा को ‘हर हर महादेव और हर हर गंगे’ से संबोधन शुरू किया और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और कॉन्ग्रेस (Congress)पर जमकर निशाना साधा। सभा में उन्होंने आतंकवाद (Terrorism) के मुद्दे को मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आतंकतियों पर हमेशा से मेहरबान रहे हैं। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में जब ब्लास्ट हुआ था तब उन्होंने आतंकियों को पाताल से ढूँढ कर लाने और उसे सजा दिलाने का निर्णय लिया था।

पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत को तबाह करना चाहते थे, उसे कोर्ट ने हाल ही में सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को लेकर वे अभी तक इसलिए चुप थे, क्योंकि मामला कोर्ट था। अब अहमदाबाद ब्लास्ट में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया और अनेक आतंकियों को फाँसी की सजा दे दी तो वे इस मुद्दे को लेगों के ला रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि साल 2006 में काशी में ब्लास्ट हुआ था। संकट मोचन मंदिरउन् और कैंट रेलवे स्टेशन पर भी हमला किया गया था। साल 2013 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार फिर से सत्ता में आई तो इन लोगों ने शमीम अहमद नाम के आरोपी पर चल रहे मुकदमों को वापस लेने का फैसला ले लिया था।

उन्होंने कहा, 2007 में लखनऊ और अयोध्या के कोर्ट परिसर में बम ब्लास्ट हुए थे। समाजवादी पार्टी की सरकार ने सत्ता में आते ही तारिक काजमी नाम के आतंकी से मुकदमा वापस ले लिया, लेकिन कोर्ट ने समाजवादी सरकार की साजिश को नाकाम कर दिया और उस आतंकी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पीएम मोदी ने कहा, “यूपी में एक दो नहीं बल्कि आतंकी हमलों के 14 मुकदमों में समाजवादी सरकार ने बहुत सारे आतंकवादियों से मुकदमे वापस लेने का फरमान सुना दिया था। ये लोग विस्फोट कर रहे थे, धमाके कर रहे थे और समाजवादी पार्टी सरकार इन आतंकवादियों पर मुकदमा तक नहीं चलने दे रही थी।” पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस के नेताओं का रवैया और भी खतरनाक रहा है। ये लोग ओसामा जैसे आतंकवादी को जी कहकर बुलाते हैं। ये लोग बाटला हाउस इनकाउंटर में आतंकवादियों के सफाए पर आँसू बहाते हैं।

उन्होंने कहा कि कभी इस देश में ऐसे हालात थे कि कभी मुंबई में बम फटते थे तो किसी दिन दिल्ली में। कभी जयपुर, बेंगलुरू, हैदराबाद, गुवाहाटी, लुधियाना, अगरतला, इंफाल, कितने ही शहर उस दौरान बम धमाकों से धर्राए, कितने ही निर्दोष नागरिक उन हमलों में मारे गए।

पीएम मोदी ने कहा, “हम सबने माँ भारती का नमक खाया है, हिंदुस्तान का नमक खाया है। हम सबका परिश्रम हिंदुस्तान के लिए होना चाहिए, माँ भारती के लिए होना चाहिए, देश के लिए होना चाहिए। हम सबका लक्ष्य होना चाहिए कि गरीब के जीवन से मुश्किलें कम से कम हों।”

उन्होंने कहा कि यूपी में कभी कट्टा और सट्टा का बोलबाला था। लोग कहते थे कि ‘दीया बरे घर लौट आओ’। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के राज में एक भी दंगा नहीं हुआ। फर्क साफ है। सोच ईमानदार है, काम दमदार है और काम असरदार है। उन्होंने कहा कि जो तुष्टीकरण में हिंदुओं को त्योहारों को रोकते थे उन्हें 10 मार्च को जवाब मिलेगा। यूपी की जनता दो बार होली मनाने के लिए तैयार हो जाए।

‘आलिया की कास्टिंग बकवास, राख होंगे ₹200 Cr’: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ पर बरसीं कंगना रनौत, कहा – ‘मूवी माफिया डैडी की परी’

बॉलीवुड क्वीन कंगना रनौत (Kangana Ranaut) अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। वो आलिया भट्ट ( Alia Bhatt) की अपकमिंग फिल्म गंगूबाई काठिवाड़ी (Gangubai Kathiawadi) को लेकर लगातार उन्हें निशाने पर ले रही हैं। इसी क्रम में अब कंगना ने कहा इस फिल्म में आलिया की कास्टिंग को बकवास करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपए जलकर राख हो जाएँगे। एक्ट्रेस ने आलिया को ‘पापा की परी’ बताते हुए उनके पिता महेश भट्ट को ‘मूवी माफिया’ बताया है।

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर कर आलिया भट्ट और महेश भट्ट (Mahesh Bhatt) पर निशाना साधा। बिना आलिया का नाम लिए कंगना लिखती हैं, “शुक्रवार को बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपए जलकर राख हो जाएँगे। एक पापा (मूवी माफिया डैडी) की परी (जिसके पास ब्रिटिश पासपोर्ट है) के लिए, क्योंकि पापा ये साबित करना चाहते हैं कि रॉमकॉम बिंबो एक्टिंग कर सकती है। फिल्म में सबसे बड़ी कमी इसकी कास्टिंग है। हैरानी की कोई बात नहीं है कि ये नहीं सुधरेंगे। स्क्रीन अब हॉलीवुड से साउथ की ओर जा रहा है।”

साभार: कंगना रनौत/ इंस्टाग्राम

आलिया भट्ट की एक्टिंग की क्षमता पर सवाल उठाने के बाद भी कंगना यहीं नहीं रुकतीं। वो आगे लिखती हैं, “बॉलीवुड माफिया डैडी पापा, जिसने अकेले ही बॉलीवुड के वर्क कल्चर को तबाह कर दिया है, कई बड़े निर्देशकों को भावनात्मक रूप से मैन्युपुलेट किया और उनकी सिनेमाई प्रतिभा पर औसत दर्जे के प्रॉडक्ट के लिए मजबूर कर दिया। इस रिलीज के बाद जल्द ही इसका अनुसरण किया जाएगा। लोगों इन्हें एंटरटेन करना बंद करना चाहिए। इस शुक्रवार रिलीज में एक बड़ा हीरो और सबसे बड़ा निर्देशक इसी जोड़-तोड़ का शिकार है।”

साभार: कंगना रनौत/ इंस्टाग्राम

गौरतलब है कि गंगूबाई काठियावाड़ी फिल्म में आलिया भट्ट औऱ अजय देवगन (Ajay Devgn) मुख्य भूमिका में हैं। इसमें आलिया गंगूबाई की रोल प्ले करती हैं। फिल्म का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया है। ये पीरियड ड्रामा फिल्म लेखक हुसैन जैदी की किताब ‘मुंबई की माफिया क्वींस’ के एक अध्याय पर आधारित है।

गंगूबाई की नकल को लेकर आलिया पर साध चुकी हैं निशाना

गौरतलब है कि हाल ही में गंगूबाई के डॉयलॉग को कॉपी करते हुए एक बच्ची का वीडियो वायरल होने के बाद कंगना ने इस पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी को टैग करते हुए कहा था, “क्या इस बच्ची को किसी सेक्स वर्कर की नकल मुँह में बीड़ी और अश्लील डायलॉग्स के साथ करनी चाहिए? उसकी बॉडी लैंग्वेज देखिए, क्या इस उम्र में उसे इस तरह कामुक दिखाना ठीक है? सैकड़ों अन्य बच्चे हैं जिनका इसी तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।”