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IT कंपनी में काम करने वाली बनीं अम्बानी परिवार की नई बहू, सोशल एक्टिविज्म में सक्रिय: साथ फ़िल्में देख अनमोल-कृशा ने बनाया बॉन्ड

कारोबारी अनिल अम्बानी के बेटे जय अनमोल अम्बानी की शादी कृशा शाह से हो गई है। सोमवार (21 फरवरी, 2022) को दोनों शादी के बंधन में बँधे। इन दोनों की लव स्टोरी भी खासी दिलचस्प है। उनके एक दोस्त का कहना है कि दोनों का कनेक्शन इंटरेस्ट नहीं था, और न ही उन्हें पहली नजर में प्यार हुआ था। दोनों को उनके परिवारों ने मिलाया था, जिसके बाद वो एक-दूसरे को जानने-समझने के लिए साथ समय व्यतीत कर रहे थे। इन दोनों की शादी में कई सितारे पहुँचे।

अनमोल अम्बानी को कृशा शाह का एक्टिविज्म और जिन कामों से वो जुड़ी हैं उन पर उनका फोकस पसंद आया। कृशा अपने भाई मिशाल के साथ मिल कर ‘DYSCO’ नाम की एक कंपनी भी चलाती है। उनके दोस्त के अनुसार, अनमोल अम्बानी ये समझना चाहते थे कि कृशा को क्या-क्या करना है और सोशल एक्टिविज्म को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में वो क्या सोचती हैं। अपनी पहली मुलाकात के बाद ही दोनों एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए थे। अपने शेड्यूल में से समय निकाल कर वो मिले।

थाई फ़ूड, यूरोपियन क्युज़ीन्स और नोट्स से लेकर कई चीजें इन्होंने आपस में शेयर की। ‘आज तक’ की खबर के अनुसार, दोस्त ने बताया कि उन्होंने एक-दूसरे से पूछा कि उन्होंने कौन सी सबसे अजीब चीज खाई है। दोनों की दोस्ती जब मजबूत हो गई, तब उनके परिवार वालों को लगा कि उनके बीच का कनेक्शन और बॉन्ड अच्छा है। इन दोनों को फिल्मों से भी प्रेम है। वो फ़िल्में और ओटीटी सीरीज साथ देखते हैं। नए शोज एक-दूसरे को सजेस्ट करने से लेकर कॉमन फ्रेंड्स के लिए स्क्रीनिंग रखने तक, ये सब वो करते रहे हैं।

अनमोल अम्बानी के पिता अनिल अम्बानी और माँ टीना अम्बानी को भी कृशा खासी पसंद हैं। दोनों के बॉन्ड कृशा से अच्छा है और दोनों उन्हें अपनी बेटी मानते हैं। टीना को कृशा का काम पसंद आता है। मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाने के लिए भी वो उनके काम की सराहना करती हैं। मुंबई में जन्मीं कृशा शाह सामाजिक कार्यकर्ता और उद्यमी हैं। उनकी कंपनी ‘DYSCO’ एक सोशल मीडिया नेटवर्किंग कंपनी है। क्रिएटिव कोलैबोरेशन, इंटरनेशनल नेटवर्किंग और कम्युनिटी बिल्डिंग में ये कंपनी काम करती है।

कृशा शाह यूनाइटेड किंगडम (UK) में ‘Accenture (एक्सेंचर)’ नाम की बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत थीं। इसके बाद उद्यमी बनने की चाहत में वो भारत वापस आईं। उन्होंने ‘Love Not Fear’ नाम का एक मेन्टल हेल्थ कैम्पेन भी शुरू किया है। कोरोना महामारी के दौरान लोगों द्वारा झेली जाने वाली मानसिक परेशानियों और समस्याओं पर बात होती है। कृशा ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से राजनीतिक अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। फिर वो ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ में उच्च-शिक्षा के लिए गईं। सामाजिक नीति और पाठ्यक्रम में उन्होंने डिग्री हासिल की।

‘श्रीराम का नाम जपते-जपते मरा मेरा भाई’: कर्नाटक में मार डाले गए हिन्दू युवक की बहन का छलका दर्द, कहा – हिंदुओं के लिए दी जान

कर्नाटक से शुरू हुए हिजाब विवाद पर फेसबुक पोस्ट के बाद मौत के घाट उतारे गए बजरंग दल कार्यकर्ता हर्षा की हत्या के पीछे धीरे-धीरे हर एंगल सामने आने लगा है। कर्नाटक मंत्री के बयान के बाद इस मामले पर हर्षा की बहन का पक्ष सामने आया है। हर्षा का कहना है कि उनका भाई हिंदुओं के लिए और जय श्रीराम का नाम जपते-जपते मरा।

मीडिया से बात करते हुए हर्षा की बहन ने कहा, “मुझे नहीं पता कि हमें न्याय मिलेगा या नहीं। हमारे भाई (अन्य हिंदू कार्यकर्ता) जानते हैं कि हत्या के लिए न्याय कैसे मिलता है। मेरा भाई हिंदुओं, जय राम और श्री राम के लिए मरा।”

उन्होंने कहा, “मेरा छोटा भाई मर गया क्योंकि वो जय श्रीराम बोलता था। वो गया क्योंकि वो हिंदू हर्षा था। कल रात वह खाना खाने गया। करीब साढ़े 8 बढ़े हमें एक वीडियो आई और लोगों ने बताया कि मेरा भाई मार दिया गया है। विश्वास नहीं होता कि लोग इतने क्रूर कैसे हो जाते हैं। क्या उनके पास बच्चे नहीं है। मैं प्रार्थना करती हूँ कि हिंदू-मुस्लिम समुदाय का हर युवा अच्छा बच्चा बने। बाकी का भूल जाओ। “

बता दें कि हर्षा से जुड़े कुछ पुराने विवाद थे। लेकिन कट्टर हिंदू बेल्ट वाले शिमोगा में ये सामान्य है वहाँ सांप्रदायिक तनाव के लिए अराजक तत्व हिंदुत्व नेताओं पर जो छोटे-मोटे मामले करते हैं।

गौरतलब है कि कर्नाटक के शिवमोगा में हर्षा नामक बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद हिंदू संगठन सड़कों पर आ रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी बुधवार (फरवरी 23, 2022) को इस संबंध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। आज हर्षा का शव पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया है। उनके शव के साथ सैंकड़ों हिंदूवादी दिखाई दिए। इस बीच हर्षा की हत्या में कट्टरपंथी एंगल अब सामने आने लगा है।

₹139 करोड़ की निकासी के मामले में लालू यादव को 5 साल की जेल, ₹60 लाख जुर्माना भी: सज़ा सुनते बढ़ गया बीपी और शुगर

डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के मामले में लालू यादव को 5 साल की सजा सुनाई गई है। यह चारा घोटाले का सबसे बड़ा मामला था। लालू यादव पर 60 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है यह फैसला CBI के स्पेशल जज एस के शशि ने सुनाया है। इस केस में लालू यादव समेत 38 आरोपित अदालत द्वारा 15 फरवरी को ही दोषी ठहराए जा चुके थे।

RJD सुप्रीमो लालू फिलहाल रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती हैं। उन्हें सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनाई गई है। लालू के वकील का कहना है कि उनके सज़ा की अवधि पूरी हो चुकी है और इसी आधार पर लालू को हाईकोर्ट से जमानत की भी उम्मीद है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, सज़ा सुनते ही लालू का ब्लड प्रेशर और सुगर दोनों बढ़ गया। डॉक्टरों के मुताबिक सज़ा से पहले रात में लालू यादव काफी तनाव में दिख रहे थे। वो हर दिन की तरह आज सुबह टहलने भी नहीं निकले। डॉक्टरों से भी उन्होंने बहुत मायूसी से बात की। लालू को पहले से ही क्रॉनिकल डिजीज है। इन्हे दी जाने वाली इन्सुलिन की मात्रा भी बढ़ाई गई है। उनके स्वास्थ्य की निगरानी डॉक्टर लगातार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि साल 1990 – 92 में डोरंडा ट्रेजरी से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की गई थी। CBI जाँच के मुताबिक इस केस में पशुओं को हरियाणा और दिल्ली से बाइक पर राँची तक ढोने की कहानी गढ़ी गई थी। इन पशुओं में सांड और भैंसे भी शामिल थे। इस जाँच में नेता और अफसर सभी शामिल पाए गए थे। दिल्ली और हरियाणा से इन पशुओं को बिहार लाने के पीछे अच्छी नस्ल के जानवर तैयार करना बताया गया था।

‘आतंकवादी को मार डाला’: विदेशी लेखक ने हिजाब के विरोध पर हिन्दू युवक की हत्या का मनाया जश्न, ट्विटर ने कहा – नहीं हटाएँगे ट्वीट

कर्नाटक के शिवमोगा में एक सोशल मीडिया पोर्ट की वजह से 26 वर्षीय हिन्दू युवक की हत्या कर दी गई। वहीं ऑस्ट्रेलियाई लेखक सीजे वर्लमैन ने मृतक को ही ‘आतंकवादी’ बता दिया। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “हिन्दू कट्टरपंथी समूह ‘बजरंग दल’ (जिसने त्रिपुरा में मुस्लिमों के खिलाफ एक के बाद एक आतंकी हमले किए) से जुड़े एक आतंकवादी को पिछली रात कर्नाटक में मार डाला गया।” लोगों ने उनके हिन्दू विरोधी और संवेदनहीन रवैये को लेकर उन पर निशाना साधा।

बता दें कि कर्नाटक के शिवमोगा में हर्षा नामक बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद हिंदू संगठन सड़कों पर आ रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी बुधवार (फरवरी 23, 2022) को इस संबंध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। फिलहाल हर्षा का शव पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया है। उनके शव के साथ सैंकड़ों हिंदूवादी दिखाई दिए। इस बीच हर्षा की हत्या में कट्टरपंथी एंगल अब सामने आने लगा है। हिजाब के खिलाफ पोस्ट लिखने पर उनकी हत्या कर दी गई।

सीजे वर्लमैन के ट्वीट के बाद लोग ट्विटर पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। ट्विटर ने अब तक इस ट्वीट पर कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि इसमें खुलेआम घृणा का सामना करने के कारण मार डाले गए व्यक्ति को ‘आतंकवादी’ बताया जा रहा है। इसी तरह अगस्त 2021 में उन्होंने ट्वीट किया था, “दुनिया का कोई भी जाति-मजहब-राष्ट्रवादी समूह सेक्स और रेप को लेकर उतना जुनूनी नहीं है, जितने कि हिन्दू राष्ट्रवादी।” ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने न्यूजीलैंड के समर्थन की बात कही थी, क्योंकि उनके अनुसार वो ’50 करोड़ हिंदुत्व कट्टरपंथियों’ को खुश नहीं देख सकते।

ट्विटर का कहना है कि सीजे वर्लमैन के इस ताज़े ट्वीट को हटाया नहीं जाएगा, क्योंकि इसमें किसी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है। इसके बाद खुश लेखक ने हिन्दुओं को ‘फासीवादी’ बताते हुए कहा कि वो अब उन्हें हत्या की धमकी और ट्वीट की मास रिपोर्टिंग को बंद कर सकते हैं। उधर गुजरात भाजपा के आधिकारिक हैंडल @BJP4Gujarat से किए गए अहमदाबाद बम ब्लास्ट के दोषियों की फाँसी वाले ट्वीट को ट्विटर ने हटा दिया है। ट्वीट में 38 दोषियों को मिली सज़ा को एक कार्टून के रूप में चित्रित किया गया था। इसमें टोपी पहने मुस्लिमों के एक समूह को एक साथ फंदे पर लटकाए दिखाया गया था।

‘भारत सरकार ने की है वादाखिलाफी, देश भर में जाएँगे’: राकेश टिकैत का नया ऐलान, खालिस्तान मुद्दे पर केजरीवाल का किया था समर्थन

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर से देश भर में जाने का एलान किया है। उन्होंने भारत सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। साथ ही सरकार को किसानों का विश्वास न तोड़ने की नसीहत भी दी है।

राकेश टिकैत ने आज 21 फरवरी, 2022 (सोमवार) को अपने कू एकाउंट पर लिखा, “भारत सरकार ने 9 दिसंबर के पत्र में जो वादे किए गए थे वो पूरे नहीं किए, हम अन्नदाता के हितों की रक्षा हेतु देश भर में जाएंगे । किसानों और मजदूरों के अथक प्रयास से ही आर्थिक मंदी-लॉकडाउन के बावजूद देश में कृषि उपज लगातार बढ़ी। सरकार देश के अन्नदाता का विश्वास को न तोड़े।”

एक दिन पहले ही राकेश टिकैत ने अपने ट्विटर एकाउंट पर ‘लड़ेंगे जीतेंगे’ का हैशटैग दिया था। उस तस्वीर में उनकी गन्ना चूसते हुए तस्वीर भी थी। उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान को डिजिटल करने की भी माँग की है। उन्होंने कहा, “जब तक किसान अपने घर पहुँचे तब तक गन्ने का भुगतान उसके खाते में पहुँच जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि कुमार विश्वास द्वारा अरविन्द केजरीवाल पर लगाए गए खालिस्तान समर्थक होने के आरोप पर टिकैत ने केरजीवाल का बचाव किया था। उन्होंने कहा था, “वे (अरविंद केजरीवाल) आंदोलनकारी तो हैं, लेकिन ऐसे लगते नहीं हैं। कुमार विश्वास तो इनकी पार्टी में थे। उन्हें राज्यसभा मिल जाती तो वे यह आरोप नहीं लगाते।’

कर्नाटक में जिस हर्षा को ‘हिजाब’ पर मार डाला, उसकी हत्या के लिए निकला था ‘फरमान’: वायरल हो रहे पोस्ट, शव के साथ घर पहुँचे सैकड़ों

कर्नाटक के शिवमोगा में हर्षा नामक बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या के बाद हिंदू संगठन सड़कों पर आ रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी बुधवार (फरवरी 23, 2022) को इस संबंध में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। फिलहाल हर्षा का शव पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया है। उनके शव के साथ सैंकड़ों हिंदूवादी दिखाई दिए। इस बीच हर्षा की हत्या में कट्टरपंथी एंगल अब सामने आने लगा है।

दरअससल, आरोपित भले ही इस मामले में अभी कोई गिरफ्तार नहीं हुए हैं लेकिन राज्य मंत्री के एस ईश्वरप्पा ने इसके लिए मुसलमान गुंडों को जिम्मेदार बताया है। वहीं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक मंगलुरु मुस्लिम द्वारा 2015 में किया गया पोस्ट सामने आया है। लाइव अदालत का दावा है कि हर्षा मुस्लिम कट्टरपंथियों की हिट लिस्ट में थे। उनके विरुद्ध इस ग्रुप ने फेसबुक पर पोस्ट किया था।

इस पोस्ट में कथिततौर पर लिखा है,

“हिंदुत्व आतंकवादी समूह के सदस्य हर्ष ने पैगंबर मोहम्मद और अल्लाह को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक पोस्ट डाले हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पवित्र काबा की मॉर्फ्ड तस्वीरें साझा की हैं।

हम शिवमोगा के लोगों से अनुरोध करते हैं कि उनके खिलाफ नजदीकी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करें और इसे ‘उचित उपचार’ भी दें। करावली (तटीय कर्नाटक) के भाइयों, कृपया विभिन्न पुलिस स्टेशनों में हर्षा के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज करें ताकि वह अपना बचा हुआ जीवन पुलिस स्टेशन और अदालत के अंदर बिताए। 

उसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इनबॉक्स में एक टेक्स्ट छोड़ें। 

इस छवि और जानकारी को साझा करें।”

बता दें कि हर्षा को लेकर मंगलुरु मुस्लिम के ऐसे ही पोस्ट को शिवमोगा मुस्लिम नाम के फेसबुक पेज ने भी अपने अकॉउंट पर साल 2016 में शेयर किया था, इसके अलावा करावली मुस्लिम पेज ने भी इसे 2015 में साझा किया था।

इन सभी पोस्ट का मतलब साफ है कि हर्षा लंबे समय से इन कट्टरपंथियों के निशाने पर थे। हाल में जब हिजाब विवाद भड़का तो उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला था। इस पोस्ट के बाद उनकी हत्या को अंजाम दिया गया। पहले अंदाजा लग रहा था कि हिजाब पर किया गया पोस्ट ही इस हत्या के पीछे की वजह है लेकिन जैसे जैसे कट्टरपंथियों के पोस्ट सामने आ रहे हैं वो दिखाता है कि हिजाब के विरोध के अलावा भी हर्षा की हत्या की साजिश पहले से रची जा रही थी।

सोशल मीडिया पर भी देख सकते हैं कि हर्षा की हत्या पर हाहा करने वाले कोई और नहीं, उसी समुदाय के लोग हैं, जिन्हें उनसे दिक्कत थी।

‘सभी धर्मों के छात्र करें ड्रेस कोड यूनिफॉर्म का पालन’: बुर्का विवाद पर गृह मंत्री अमित शाह, यूपी पर बोले – हर हाल में CM बनेंगे योगी

कर्नाटक में उठा बुर्का विवाद मामला अब देश के कई राज्यों में पहुँच गया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने News18 के साथ इंटरव्यू में इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों को ड्रेस कोड या यूनिफॉर्म का पालन करना चाहिए। हालाँकि यह उनका निजी मत है। गृह मंत्री ने कहा कि फिलहाल मामला कोर्ट में है। कोर्ट जो फैसला दे उसे मानना चाहिए।

गृह मंत्री ने कहा, “मेरा व्यक्तिगत मानना है कि स्कूल के ड्रेस कोड को सभी को मानना चाहिए और मामला अब कोर्ट में है। कोर्ट ने अभी स्टे दिया है। कोर्ट सुनवाई कर रही है। अदालत जो फैसला दे उसे मानना चाहिए। मेरी व्यक्तिगत मान्यता तब तक ही रहती है जब तक अदालत फैसला नहीं देती है। लेकिन अगर अदालत इस पर फैसला देती है तो मुझे भी इसको स्वीकार करना चाहिए।”

इस दौरान उन्होंने विवाद में साजिश और कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया की भूमिका पर कहा कि किसी की मंशा सफल नहीं होगी। अदालत का फैसला आने के बाद देश की जनता उसको स्वीकार करेगी।

इंटरव्यू में नेटवर्क 18 के ग्रुप एडिटर इन चीफ राहुल जोशी ने गृह मंत्री से पूछा कि योगी आदित्यनाथ यूपी में बीजेपी का चेहरा हैं चुनाव में सीटें कितनी भी आएँ क्या मुख्यमंत्री वही बनेंगे। इस सवाल के जवाब में अमित शाह ने कहा, “हम योगी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ रहे हैं। इसलिए हर हाल में वही मुख्यमंत्री बनेंगे। चाहे हमारी कितनी भी सीटें क्यों न आएँ।” गृह मंत्री ने कहा, “CM योगी ने शानदार काम किया है। हम योगी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ रहे हैं।”

अमित शाह ने दावा किया कि यूपी में BJP प्रचंड बहुमत के साथ जीतेगी। उन्होंने कहा कि सर्वे पर मत जाइए। पिछले चुनाव के दौरान सभी सर्वे में बीजेपी को 238 सीटों पर जीतने का अनुमान जताया गया था लेकिन वो 300 से ज्यादा सीटें जीती। उन्होंने कहा, “सर्वे करने वाले अपनी क्रेडिबिलिटी के साथ इसे जोड़ देते हैं। यह सही नहीं है। सर्वे में जनता सही बताए ये जरूरी नहीं है। कई बार सर्वे में परसेप्शन भी बहुत महत्व रखता है। 2017 के सर्वे में BJP को 287 सीटें दी गईं थीं। लेकिन बीजेपी चुनाव में 300 से ज्यादा सीटें जीती। हम इस बार भी प्रचंड बहुमत से जीतेंगे।”

आगे गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था का मुद्दा सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा कि पहले हर जिले में माफिया होते थे। आज ये सभी जेल में हैं। यूपी की जनता इसकी सराहना कर रही है। आज आजम, मुख्तार, अतीक जैसे लोग जेल में बंद हैं। पहले ये सोचना असंभव था। जो लोग पहले परेशान करते थे, वे अब जेल की रोटियाँ तोड़ रहे हैं। सपा के सरकार में एक धर्म विशेष के लोगों को कुछ भी करने का अधिकार होता था। जनता को न्याय मिलने की उम्मीद खत्म हो गई थी। आज जनता को परेशान करने वाले जेल में हैं। पहले हर जिले में माफिया होते थे। अब एक भी जिले में बाहुबली नहीं है। करीब 2000 करोड़ की संपत्ति माफियाओं से छुड़ाई गई है।

‘रात को हुक्म आया पर्दे का…’: बिग बॉस वाली महजबीं ने की तौबा, कहा- हमेशा हिजाब पहनूँगी, अल्लाह गुनाह माफ करे

कर्नाटक में बुर्के पर जारी विवाद (Karnataka Hijab Row) के बीच महजबीं सिद्दीकी ने ग्लैमर वर्ल्ड से तौबा कर ली है। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने हमेशा हिजाब पहनने की बात करते हुए लिखा है, “अल्लाह की इबादत करके मुझे सुकून मिला है। मैं चाहती हूँ कि अल्लाह मेरे गुनाहों को माफ फरमाए और मुझे नेक रास्ते पर चलने की तौफीक फरमाए।” महजबीं सिद्दीकी (Mehjabi Siddiqui) बिग बॉस 11 का हिस्सा रह चुकीं हैं। इस ऐलान से कुछ दिन पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक बुर्के वाला वीडियो पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि ‘कल रात को हुक्म आया पर्दे का…’।

पोस्ट में महजबीं ने लिखा है, “मैं ये इसलिए लिख रही हूँ क्योंकि मैं 2 साल से बहुत परेशान थी। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा क्या करूँ जिससे मुझे सुकून मिले। इंसान जो गुनाह करता है उसकी इज्जत तो थोड़ी देर में खत्म हो जाती है, लेकिन उसका गुनाह कयामत तक रहता है। मैंने महसूस किया कि मैं अपनी असल जिंदगी को भूलकर दुनिया की दिखावे वाली जिंदगी जी रही हूँ। अल्लाह की नाफरमानी कर इंसान को भी सुकून नहीं मिल सकता। आप लोगों को खुश करने के लिए चाहे कितना भी अच्छा कर लो या कितना भी वक्त दे दो, लोग आपकी कद्र नहीं करेंगे। इसलिए बेहतर है कि आप अपना वक्त अल्लाह को राजी करने में लगाएँ। जिससे मेरी और आपकी आखिरियत बेहतर हो जाए।”

महजबीं सिद्दीकी ने आगे लिखा, “मैं सना खान बहन को 1 साल से फॉलो कर रही थी। मुझे उनकी बातें बहुत अच्छी लगती थीं। उन्हें देख कर मेरे अंदर बयान सुनने का शौक जगा। अल्लाह से तौबा कर मुझे जो सुकून मिला उसे मैं लफ़्ज़ों में बयान नहीं कर सकती। जो सुकून मैं ढूढ़ रही थी वो मुझे नमाज़ यानी अल्लाह की इबादत कर मिला। अबसे ये नीयत कर ली है मैंने। हमेशा हिजाब में रहूँगी इंशाअल्लाह। अल्लाह मेरे गुनाहों को माफ़ फरमाए। साथ ही मुझे नेक रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।”

जायरा वसीम और सना खान पहले ने भी की थी तौबा

इससे पहले इस्लाम के नाम पर बॉलीवुड अभिनेत्री जायरा वसीम ने साल 2019 और सना खान ने साल 2020 में बॉलीवुड छोड़ दिया था। दोनों ने इसकी वजह खुद के अल्लाह से रास्ते से दूर होना बताया था।

‘जहाँ शिव-सरस्वती-कश्यप हुए, वो कश्मीर हमारा है’: ‘The Kashmir Files’ का ट्रेलर जारी, दिखेगी घाटी में हिन्दुओं के नरसंहार की सच्चाई

निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ का ट्रेलर ‘Zee Studios’ के यूट्यूब चैनल पर रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म में वरिष्ठ अभिनेताओं मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर और पुनीत इस्सर के अलावा पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 11 मार्च, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार है। इसे 90 के दशक में कश्मीर घाटी में हुए हिन्दुओं के नरसंहार और पलायन की व्यथा को दर्शाने के लिए बनाया गया है।

फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत मुस्लिमों की एक सभा से होती है, जिसमें ‘मुसलमानों जागो’ जैसे नारे दीवार पर लिखे हुए दिखते हैं और उनका नेता मौजूद लोगों की संख्या गिन रहा होता है। एक मुस्लिम कश्मीरी नेता दूसरे दृश्य में बता रहा होता है कि उसने 20-25 कश्मीरी पंडितों की जान ली है। पूछने पर वो कहता है कि ‘उनके’ कहने पर वो अपने भाई या फिर माँ तक को भी मार देता। फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती कहते हैं कि इसे ‘पलायन (Exodus)’ नहीं, ‘नरसंहार (Genocide)’ कहिए।

वहीं अनुपम खेर ने इस फिल्म में ऐसे ही एक पीड़ित कश्मीरी पंडित का किरदार निभाया है, जिसे मुस्लिमों ने घर छोड़ने का अल्टीमेटम दिया था। एक मुस्लिम कह रहा होता है कि पंडितों को किसी ने नहीं भगाया, बल्कि वो खुद गवर्नर (जगमोहन) से मिल कर भागे। ‘जहाँ शिव-सरस्वती-ऋषि कश्यप हुए, वो कश्मीर हमारा है… जहाँ पंचतंत्र लिखा गया, वो कश्मीर हमारा है’ – ट्रेलर में अनुपम खेर ये कहते दिखते हैं। किस तरह कश्मीरी हिन्दुओं पर अत्याचार हुए, इसे बिना किसी पक्षपात के दिखाया गया है।

फिल्म में जम्मू कश्मीर को लेकर होती राजनीति और ‘आज़ादी’ के नारे को भी सही से उकेरा गया है। विवेक अग्निहोत्री की फिल्मों में वामपंथियों को अक्सर बेनकाब किया जाता है। अनुपम खेर का डायलॉग ‘आज़ादी इज अ सॉन्ग ऑफ टेररिज्म’ हो या फिर एक अन्य अभिनेता का डायलॉग ‘पद्मश्री आपको खामोश रहने के लिए मिला था’, इस व्यथा और उसके बाद की पृष्ठभूमि को दर्शाती है। इतनी पीड़ा और अत्याचार के बावजूद कश्मीरी पंडितों ने आज तक बन्दूक नहीं उठाई, इस ओर भी ध्यान दिलाया गया है।

2 मिनट एवं 26 सेकेंड के ट्रेलर में अभिनेता दर्शन कुमार को भी महत्वपूर्ण किरदार में देखा जा सकता है। बच्चों की बेरहम हत्याएँ हों या फिर महिलाओं के साथ बलात्कार, इस फिल्म में मुस्लिम भीड़ के हर एक अत्याचार को दिखाया गया है। लोगों ने कहा कि जब ट्रेलर देख कर आँखों में आँसू आ गए तो फिल्म देख कर क्या होगा। लोगों ने इसकी सराहना करते हुए लिखा कि ऐसी कहानियाँ हर एक व्यक्ति तक पहुँचनी चाहिए। लोगों ने कहा कि नई पीढ़ी को ये देखना-समझना चाहिए।

‘मैंने देहरादून फूँक दिया’: घर से निकला इरफान, गाड़ियों-दुकान में लगाते गया आग; वजह: मायके से नहीं आ रही थी बीवी

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहाँ बीबी के मायके से नहीं आने पर एक युवक इतना ज्यादा गुस्से में आ गया कि कई दो पहिया वाहनों में आग लगा दी। जानकारी के मुताबिक सिगरेट लाइटर लेकर निकले इस युवक ने 12 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा सरफिरे युवक ने एक दुकान और ठेले को भी फूँक दिया। 

घटना शनिवार (19 फरवरी 2022) रात की है। पटेलनगर कोतवाली के इंस्पेक्टर रविंद्र यादव ने बताया कि आगजनी की यह घटना ब्राह्मणवाला और आजाद कॉलोनी में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस को इस घटना में किसी गिरोह के शामिल होने का अंदेशा हुआ। लेकिन जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खँगाले तो सभी घटनाओं में एक ही संदिग्ध दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपित की पहचान इरफान के तौर पर हुई।

पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह पलटन बाजार में चूड़ियाँ बेचता है। उसकी बीबी काफी समय पहले मायके चली गई थी। उसके नशे करने की आदत के चलते वह वापस नहीं लौट रही थी। शनिवार रात उसने बीबी से फोन पर बात की। उसने बीबी से कहा अगर वह मायके नहीं लौटी तो वह शहर में आग लगा देगा। फिर भी बीबी ने आने से मना कर दिया।

इसके बाद वह आक्रोशित होकर घर से निकला और इस वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान उसे जहाँ भी दुपहिया वाहन एकांत में खड़ा मिला वह उन्हें जलाता चला गया। पुलिस हिरासत में आरोपित ने कहा, “मैंने देहरादून फूँक दिया। मेरी पत्नी आ नहीं रही। मेरा दिमाग खराब है और मैंने देहरादून फूँक डाला।” पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आगजनी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। सोमवार (21 फरवरी 2022) को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले को लेकर लोग आक्रोश में है।