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आतंकी संगठन SFJ के साथ AAP के संबंधों की जाँच करेगा गृह मंत्रालय: केजरीवाल के खिलाफ पंजाब के CM चन्नी की माँग को अमित शाह ने माना

आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) के आरोपों के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय इन आरोपों की जाँच कराएगा कि अरविंद केजरीवाल के प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) से संबंध हैं या नहीं।

दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Punjab CM Charanjit Singh Channi) ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) को पत्र लिखकर माँग की थी कि आम आदमी पार्टी द्वारा सिख फॉर जस्टिस से चुनावों में सहयोग लिया जा रहा है। इसकी जाँच कराई जाए। पत्र का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि इस मामले की पूरी जाँच कराई जाएगी और SFJ और AAP के संबंधों का पता लगाया जाएगा।

अपने जवाब में गृहमंत्री शाह ने लिखा, आपके पत्र के अनुसार एक राजनैतिक पार्टी का देश विरोधी, अलगाववादी एवं प्रतिबंधित संस्था से संपर्क रखना और चुनाव में सहयोग प्राप्त करना देश की एकता एवं अखंडता की दृष्टि से अत्यंत गंभीर है। इस प्रकार के तत्वों का एजेंडा देश के दुश्मनों के एजेंडे से अलग नहीं है। यह अत्यंत निंदनीय है कि सत्ता पाने के लिए ऐसे लोग अलगाववादियों से हाथ मिलाने से लेकर पंजाब और देश तोड़ने की सीमा तक जा सकते हैं।” पत्र में आगे कहा गया है कि देश की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ की इजाजत नहीं दी जाएगी।

इस मामले में चन्नी ने गृहमंत्री को पत्र लिखा था और कहा था कि आम आदमी पार्टी प्रतिबंधित संगठन सिख फ़ॉर जस्टिस से चुनाव में सहयोग ले रही है। इसकी तत्काल जाँच कराई जाए। अपने पत्र में सीएम चन्नी ने सिख फ़ॉर जस्टिस के पत्र को भी संलग्न किया था, जिसमें संगठन ने AAP को समर्थन देने की बात कही थी।

सीएम चन्नी ने कुमार विश्वास के आरोप और सिख फॉर जस्टिस के समर्थन को देश की अखंडता और एकता के लिए ख़तरा बताया था। उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मामले की जाँच कराने का आग्रह किया था। चन्नी ने ट्वीट में लिखा था, “पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से कुमार विश्वास द्वारा लगाए गए आरोपों वाले वीडियो के आलोक में जाँच की माँग करता हूँ। राजनीति एक तरफ है। पंजाब के लोगों ने अलगाववाद से लड़ते हुए भारी कीमत चुकाई है। माननीय पीएम को हर पंजाबी की चिंता दूर करने की जरूरत है।”

दरअसल, भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (Sikhs for Justice) ने एक पत्र जारी किया और कहा कि आम आदमी पार्टी के समर्थन वाला फर्जी लेटर वायरल होने के बाद पार्टी के नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannun) को फोन किया था और उससे कहा था कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान खालिस्तान रेफरेंडम का समर्थन करते हैं।

‘हिम्मत है तो बोलो खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा, अब विक्टिम कार्ड नहीं चलेगा’: केजरीवाल के ‘स्वीट आतंकी’ बयान पर कुमार विश्वास ने दी चुनौती

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कवि कुमार विश्वास (Kumar Vishwas) को ‘कॉमेडियन’ बताने के बाद विक्टिम कार्ड खेलते हुए खुद को दुनिया का सबसे अधिक ‘स्वीट टेररिस्ट’ करार दिया था। लेकिन, केजरीवाल के विक्टिम कार्ड पर पलटवार करते हुए विश्वास ने कहा कि पिछले चुनाव में केजरीवाल ने अपने घर पर खालिस्तानी आतंकी समर्थकों से मुलाकात की थी।

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने एक बार फिर से दावा किया कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान केजरीवाल और आप पार्टी अलगाववादियों औऱ आतंकवादी समर्थकों के साथ मिलकर काम कर रही थी।

कुमार विश्वास ने कहा, “केजरीवाल बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कोई भी सफेद झूठ बोलने में माहिर हैं। ऐसी सूरत बना के ये सिद्ध करते हैं कि पूरी दुनिया इनके पीछे पड़ी है। अपनी इसी खासियत के चलते पूरे देश और अपने साथियों को मूर्ख बनाया और प्रदेश के लोगों पर डोरे डाले। मैं ये पूछना चाहता हूँ कि भाई आपको तो किसी ने आतंकी नहीं कहा। ये देश को बताइए कि क्या पिछले चुनाव में आपके घर पर आतंकी संगठनों से सहानुभूति रखने वाले लोग आते थे या नहीं? जब मैंने इस पर आपत्ति जाहिर की थी तो मुझे पार्टी की पंजाब की बैठकों से बाहर कर दिया गया था। एक दिन मैने इनके घर पर रंगेहाथ इन्हें आतंकियों के समर्थकों के साथ बैठक करते पकड़ा था। गेटमैन को हटाकर मैं किसी तरह अंदर जाकर देखा तो वही लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। जब मैंने उन्हें (केजरीवाल को) उन लोगों के बारे में चेतावनी दी, जिनसे वह दोस्ती कर रहे थे, तो उन्होंने मुझसे कहा कि नहीं-नहीं इससे बड़ा फायदा होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “वो किसी प्लेटफॉर्म पर आकर बहस क्यों नहीं कर रहे। वो कहते हैं कि कवि है, हास्य कवि है। अरे मैं पढ़ा-लिखा हूँ और टॉपर हूँ 17 साल तक पढ़ाया है। तुम तो ऐसे हास्य कलाकार (भगवंत मान) को लिए घूम रहे हो जिसकी 10वीं, 12वीं भी तीन बार में हुई है। कल को वो कोई गड़बड़ कर देगा तो तुम तो कह दोगे कि वो तो हास्य कलाकार है। राहुल गाँधी और मोदी जी भले ही चुनाव में एक-दूसरे पर प्रहार करते हैं, लेकिन कम से कम उन दोनों में ये तमीज तो है कि राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर एक हो जाते हैं। प्रधानमंत्री कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत का संविधान इकसार कर चुके हैं। रही बात चुनाव की तो वो तो भारत में सीएम या पीएम बनना चाहते हैं। लेकिन तुम तो…”

कुमार विश्वास ने यह भी कहा, “केजरीवाल को चुनौती देता हूँ कि मैं इस देश के लिए खून के आखिरी कतरे तक लड़ूँगा। वो ये कह दे कि मैं खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा। इन्हें कहीं भी पनपने नहीं दूँगा। क्या चुनाव-चुनाव करता है क्या इतना कहने की हिम्मत है। रही बात भगत सिंह की तो वो देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे। लेकिन ये तो अलग देश की आजादी के लिए लड़ रहा है। तू इधर-उधर की बात न कर ये बता कि खालिस्तान के विरोध में तेरा क्या स्टेटमेंट है। ये बता कि तेरे घर पे लोग आते थे या नहीं? नहीं बताएगा तो मैं बता दूँगा।”

गौरतलब है कि केजरीवाल ने इससे पहले कुमार विश्वास के आरोपों के जबाव में खुद को स्वीट आतंकी बताया था।

PM मोदी ने UAE के क्राउन प्रिंस संग की बैठक, 5 सालों में ₹7458 अरब के व्यापार का लक्ष्य, कहा- आतंकवाद के विरुद्ध कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शाहजादा और वहाँ के सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान (Sheikh Mohamed bin Zayed al Nahyan) ने शुक्रवार (18 फरवरी 2022) को कई विषयों को लेकर आपस में की। दोनों देशों के बीच हुए भारत-यूएई वर्चुअल शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने यूईए में रहने वाले भारतीयों का कोविड के दौरान ख्याल रखने के लिए उनका धन्यवाद भी दिया। इस दौरान पीएम मोदी ने हाल ही में यूएई में हुए आतंकी हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई आतंकवाद के विरुद्ध कंधे-से-कंधा मिलाकर खड़ा रहेंगे। 

पीएम मोदी ने कहा, “हमारे संबंधों को मजबूत करने में आपकी व्यक्तिगत भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। कोविड महामारी के दौरान भी आपने जिस तरह यूएई के भारतीय समुदाय का ध्यान रखा है, उस के लिए मैं आपका सदैव आभारी रहूँगा।” प्रधानमंत्री ने यह विश्वास जताया कि अगले पाँच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार 60 बिलियन डॉलर से बढ़कर 100 बिलियन डॉलर (लगभग 7,458 अरब रुपए) हो जाएगा।

इसके बाद केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विभिन्न सेक्टरों में UAE द्वारा निवेश में रुचि दिखाने पर भी पीएम ने उनका स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, “जम्मू और कश्मीर के उप-राज्यपाल की संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के बाद वहाँ की कई कंपनियों ने J&K में निवेश करने में रुचि दिखाई है। हम जम्मू-कश्मीर में लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी सहित सभी क्षेत्रों में यूएई के निवेश का स्वागत करते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात का रिश्ता बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने UAE की स्थापना की 50वीं वर्षगाँठ की शुभकामनाएँ दीं। पीएम मोदी ने कहा, “दोनों देशों के लिए यह साल बेहद अहम है। आप यूएई की स्थापना का 50वाँ वर्ष मनाएँगे और हम अपनी आजादी की 75वीं वर्षगाँठ मनाएँगे।”

इसके पहले विदेश मंत्रालय ने कहा था कि बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा के साथ-साथ आपसी हितों से संबंधित क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों-विमर्श करेंगे। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण पहल समग्र आर्थिक गठजोड़ समझौता (CEPA) है। इसकी बातचीत सितंबर 2021 में शुरू हुई थी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि यह समझौता भारत-यूएई के आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों को और ऊँचाई पर ले जाएगा।

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और यूएई के आपसी संबंध बेहद मजबूत हुए हैं और सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। इतना ही नहीं, दोनों देशों ने सामरिक गठजोड़ भी किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2015, 2018 और 2019 में UAE की यात्रा की थी, शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान वर्ष 2016 और 2017 में भारत आए थे।

अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई इकबाल कासकर 24 फरवरी तक ED की कस्टडी में, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई

केंद्रीय जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम (Gangster Dawood Ibrahim) के भाई इकबाल कासकर (Iqbal Kaskar) के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी शिकंजा कस दिया है। PMLA कोर्ट ने शुक्रवार (18 फरवरी 2022 को उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 24 फरवरी 2022 तक के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए टेरर फंडिंग में शामिल होने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था। जाँच एजेंसी दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर और उसके सहयोगियों व उसके गिरोह के लोगों से पूछताछ करेगी। दरअसल, इकबाल कासकर को ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में पेश किया था, जहाँ से उसे अदालत ने ईडी की हिरासत में भेज दिया।

2017 में रंगदारी के तीन मामलों के सामने आने के बाद ठाणे क्राइम ब्रान्च पुलिस द्वारा उसके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत केस दर्ज किया गया था। उसी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इस बात का खुलासा हुआ था कि इकबाल कासकर कथित तौर पर भारत में अपने भाई दाऊद इब्राहिम के लिए काम कर रहा था। वो मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध व्यापार को संभालने का काम करता था।

गौरतलब है कि दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में दक्षिण मुंबई में 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने दाऊद इब्राहिम की दिवंगत बहन हसीना पारकर और भाई इकबाल कासकर के आवासों सहित मुंबई में 9 और ठाणे में 1 जगहों पर छापे मारे थे। इससे पहले नवंबर 2021 में, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि उनके पास एनसीपी के मौजूदा मंत्री नवाब मलिक और उनके परिवार के खिलाफ सबूत हैं, जो 2005 में मुंबई 1993 बम धमाकों के दोषियों के साथ लैंड डील में शामिल थे।

‘ये कौन हैं जो धमकी दे रहे कि तू पंजाब इलेक्शन से बाहर रह, नहीं तो ऐसा-वैसा कर देंगे’: केजरीवाल के ‘खालिस्तानी कनेक्शन’ पर बोले कुमार विश्वास

पंजाब विधानसभा के बीच प्रसिद्ध कवि और आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता डॉ कुमार विश्वास अरविंद केजरीवाल को लेकर दिए गए बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। केजरीवाल को खालिस्तान सपोर्टर बताने के बाद आप उन पर हमलावर है। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार विश्वास ने कहा कि आखिर ये लोग हैं कौन जो ये कह रहे हैं कि तू पंजाब इलेक्शन से बाहर निकल जा, नहीं तो ऐसा-वैसा कर देंगे।

खुद को मिल रही धमकियों पर कवि कुमार विश्वास ने अपने अंदाज में विपक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने धमकाने वालों की तुलना साँप से की है। विश्वास ने ट्वीट किया, “ये कौन लोग हैं जो धमकी दे रहे हैं कि ‘तू पंजाब इलेक्शन से बाहर रह, नहीं तो ऐसा कर देंगे,वैसा कर देंगे।’ इनका क्या दाँव पर लगा है? तो सुनो परदेसी और देसी अजगरों- झूठ के पैरहन में लिपटे हुए, सच की बाकी अदाएँ क्या समझें, बीन पर बिल से निकलने वाले, बाँसुरी की सदाएँ क्या समझें…?”

इससे पहले अरविंद केजरीवाल को खालिस्तानी समर्थक बताने के बाद अचानक चर्चा में आए कवि कुमार विश्वास की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विचार विमर्श शुरू कर दिया है। ताकि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जा सके। जबकि विश्वास द्वारा खुद पर लगाए गए आरोपों के जवाब में केजरीवाल ने खुद को दुनिया का सबसे ‘स्वीट आतंकी’ बताया था। इसके साथ ही उन्होंने खुद को सरदार भगत सिंह का सबसे बड़ा चेला करार दिया था।

आप संयोजक ने पंजाब के बठिंडा में विश्वास के आरोपों पर जबाव देते हुए विक्टिम कार्ड खेला था। उन्होंने कहा था, “मैं स्वीट आतंकी हूँ। जो लोगों के लिए अस्पताल-स्कूल बनाकर देता है। बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर भेजता है।” उन्होंने कहा कि 100 साल पहले अंग्रेजों ने भगत सिंह को आतंकवादी कहा था और 100 साल बाद इतिहास खुद को दोहरा रहा है और भगत सिंह के सबसे बड़े चेले को (केजरीवाल को) आतंकवादी कहा जा रहा है।

गौरतलब है कि कुमार विश्वास ने आरोप लगाया था कि एक बार केजरीवाल ने उनसे कहा था कि या तो वे पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर स्वतंत्र देश (खालिस्तान) के पहले प्रधानमंत्री बनेंगे।

इंडोनेशिया ने मुस्लिम बहुल आईलैंड पर प्रम्बानन, बोरोबुदुर मंदिर को घोषित किया वैश्विक पूजा स्थल: हिंदू और बौद्धों को दी पूजा करने की अनुमति

इंडोनेशिया ( Indonesia) भले ही दुनिया का सबसे बड़ा इस्लामिक देश हो, लेकिन वहाँ पर आज भी सनातन संस्कृति और हिंदू सभ्यता के निशान हैं। इसी क्रम में इंडोनेशियाई सरकार ने हिंदुओं और बौद्धों के धार्मिक पहचान को बनाए रखने के लिए 11 फरवरी 2022 को प्रम्बानन मंदिर (Prambanan Temple) और बोरोबुदुर मंदिर (Borobudur Temple) में धार्मिक अनुष्ठानों को करने की इजाजत दे दी। इसके साथ ही आधिकारिक तौर पर मध्य जावा स्थित पवन मंदिर और मेंडुत मंदिर को हिंदू और बौद्ध के लिए वैश्विक पूजा स्थलों के रूप में लॉन्च किया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में धार्मिक नेताओं और इंडोनेशियाई सरकार के बीच धार्मिक अनुष्ठानों के कामकाज को चलाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। बता दें कि इंडोनेशिया का बोरोबुदुर मंदिर बौद्ध धर्म की महायान शाखा का नेतृत्व करता है। बौद्ध धर्म को मानने वालों के लिए इस मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी सीई में शैलेंद्र वंश के शासनकाल में किया गया था। जबकि, प्रम्बानन मंदिर 10 वीं शताब्दी में हिंदू-बौद्ध मातरम साम्राज्य ने बनवाया था। यह भगवान शिव का देश में सबसे बड़ा मंदिर है।

समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान इंडोनेशिया के धार्मिक मामलों के मंत्रालय के विशेष कर्मचारी समन्वयक अदुंग अब्दुल रोचमैन ने बताया कि चार मंदिरों का ज्यादातर इस्तेमाल रिसर्च, संस्कृति और पर्यटन के लिए किया गया था। खास बात ये है कि एक तरफ इस्लामिक कट्टरपंथी एक-एक कर हिन्दू मंदिरों और उनकी निशानियों को तहस-नहस करने की कोशिशें कर रहे हैं। अब इंडोनेशियाई सरकार ने ये फैसला लिया है। गौरतलब है कि कट्टरपंथी इस्लामिक चरमपंथियों ने मध्य पूर्व, अफ्रीका, यूरोप और उत्तरी अमेरिका तक में कई तरह की धार्मिक विरासतों और संस्कृतियों को निर्ममता से कुचला है।

इंडोनेशिया के जावा स्थित सांस्कृतिक गढ़ में बोरोबुदुर और प्रम्बानन मंदिर स्थित हैं। कथित तौर पर देश का जावा आईलैंड मुस्लिम बहुल आबादी वाला इलाका है, लेकिन यहाँ पर रहने वाले मुस्लिम मानवतावादी इस्लाम को प्रेम और दया का स्रोत मानते हैं। ये लोग हमलावरों से पहले के धार्मिक स्थलों को बचाने का काम करते हैं।

इस समझौते के बारे में योग्याकार्टा के गवर्नर सुल्तान हमेंग्कु बुवोनो एक्स कहते हैं कि मंदिरों के लिए हुआ यह समझौता पूजा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थलों के रूप में जाना जाता है। इससे इंडोनेशिया में समुदायों के बीच धार्मिक संयम, सामंजस्य और सौहार्द बढ़ते हैं। उन्होंने इस मामले में उन्होंने आगे कहा, “विविधता में एकता ही इंडोनेशिया का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य है औऱ इसी से इरादे का पता चलता है। ये उस देश के विकास की कुंजी है जिसके लोग एकीकृत इंडोनेशिया में विविधता को महत्व देते हैं।”

एमओयू पर हस्ताक्षर करते योग्याकार्टा के गवर्नर सुल्तान हमेंग्कु बुवोनो एक्स (साभार: baytarrahmah.org)

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही इंडोनेशियाई सरकार और धार्मिक नेताओं के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। जिसे धार्मिक मामलों के मंत्रालय, शिक्षा, संस्कृति, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, राज्य के स्वामित्व वाले उद्यम (एसओई) मंत्रालय, पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था मंत्रालय, योग्याकार्टा और मध्य जावा प्रांतीय सरकारों का समर्थन है।

मूँगफली बेचने वाले सनाउल्लाह के जरिए AAP पार्षद तक पहुँचती थी घूस की रकम, शिकायत के बाद CBI ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया

केन्द्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार (18 फरवरी 2022) को आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता पार्षद गीता रावत को रंगे हाथ घूस लेते गिरफ्तार कर लिया। गीता रावत पूर्वी दिल्ली नगर निगम के क्षेत्र वेस्ट विनोद नगर से आम आदमी पार्टी की पार्षद हैं। वह दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की खास मानी जाती हैं। दिलचस्प बात यह है कि गीता रावत के पास रिश्वत की कमाई मूँगफली का रेहड़ी लगाने वाले सनाउल्लाह नाम के शख्स के जरिए जाती थी।

गीता रावत पर 20 हजार की रिश्वतखोरी का आरोप है। सीबीआई के पास इस रिश्वतखोरी की शिकायत पहुँची। शिकायत में कहा गया कि पीड़ित से छत बनवाने के बदले में 20 हजार रुपए की माँग की थी। उसने वह पैसे बिचौलिए सनाउल्लाह को दिए। इसके बाद सीबीआई ने गीता को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई।

सीबीआई के अधिकारियों ने नोटों पर रंग लगाकर मूँगफली बेचने वाले सनाउल्लाह को दिया और उन पर नजर रखने लगे। जब सनाउल्लाह यह पैसे गीता रावत को देने गया तो सीबीआई ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। फिर गीता रावत की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से वही रंग लगे नोट बरामद किए गए। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इधर जब सनाउल्लाह के पिता को पता चला तो वह भी वहाँ पहुँचे। वहाँ जाकर उन्हें अपने बेटे के इस करतूत के बारे में पता चला। फिलहाल सीबीआई पूछताछ करने के लिए दोनों को अपने ऑफिस लेकर गई है।

इस बीच दिल्ली बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने पूरे मामले पर अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक से ट्वीट कर जवाब भी माँगा है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “पूर्वी दिल्ली नगर निगम की आम आदमी पार्टी पार्षद गीता रावत (विनोद नगर वार्ड) रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार। आम आदमी पार्टी रोज दिल्ली बीजेपी पार्षदों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाती थी, पर आज खुद बेनकाब है। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक जवाब दें।”

आँख, कान, छाती, पेट, पैर… रुपेश पांडेय के हर अंग पर वार: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा, श्राद्ध में शामिल होने से भी रोक रहा प्रशासन

रुपेश पांडेय की हत्या किस निर्ममता से की गई थी, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट करता है। उसके शरीर के हर हिस्से पर वार किया गया था। झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही थाना के दुलमाहा गाँव में मुस्लिम भीड़ ने 6 फरवरी 2022 को उसकी हत्या कर दी थी। हालाँकि झारखंड पुलिस इसे मॉब लिंचिंग मानने से इनकार कर रही है। यह वही पुलिस है जिसने कुछ दिन पहले इस मामले में न्याय की माँग करते हुए कैंडल मार्च निकालने वालों पर एफआईआर की थी। फिर रुपेश के परिजनों से मिलने जा रहे बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया था। अब उसके श्राद्ध में शामिल होने जा रहे बीजेपी नेताओं को भी रोक दिया है। पुलिस-प्रशासन का यह रवैया तब सामने आ रहा है जब पीड़ित परिवार न्याय के लिए धरने पर बैठा हुआ है।

रुपेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है। डॉक्टर गौरव शर्मा ने बताया कि इससे पता चलता है कि चोट की वजह से खून के थक्के जम गए और इंटरनल ऑर्गन फेल हो गए थे। आँख, कान, छाती, पेट, पैर सहित पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। मजबूत और भारी सामान से हमला किया गया था। धारदार हथियार से हमला हुआ। गला दबाने की कोशिश की गई। कान, गले और छाती के निचले हिस्से में घाव थे। पोस्टमार्टम हत्या के अगले दिन 7 फरवरी को हुआ था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट

NCPCR करेगा जाँच

रुपेश पांडेय हत्याकांड का संज्ञान राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने लिया है। इसके चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने कहा है कि वे 20 फरवरी को हजारीबाग जाएँगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने पुलिस अधीक्षक हजारीबाग, केस के विवेचक, डीसीपीओ, सीडब्यूसी के साथ रुपेश का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टरों की टीम को मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।

लगाई धारा 144

हजारीबाग प्रशासन ने पूरे सदर अनुमंडल में धारा 144 लागू कर दी है। प्रशासन ने कुछ दलों और संगठनों द्वारा जुलूस निकाले जाने और धरना-प्रदर्शन के कारण टकराव का अंदेशा जताया है। इस आशय का आदेश 16 फरवरी को हजारीबाग के सदर दंडाधिकारी ने जारी किया।

आदेश

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद को पुलिस ने रोका

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने ट्वीट कर बताया है कि उन्हें रुपेश के श्राद्धकर्म में शामिल होने से रोका गया है। उन्होंने ट्वीट किया, “क्या भारत के संविधान को हेमंत सरकार नहीं मानती है? पिछले 3 घंटों से मुझे प्रशासन द्वारा हजारीबाग जाने से रोका जा रहा है ताकि मैं रुपेश के श्राद्धकर्म में न जा सकूँ। लेकिन अब तक चरही में मौजूद पदाधिकारियों (प्रशसनिक अधिकारियों) ने मुझे कोई लिखित आदेश तक नहीं दिखाया है। यह तुगलकी शासन को दर्शाता है।”

भाजपा सांसद जयंत सिन्हा ने भी झारखंड प्रशासन द्वारा खुद को रोके जाने का फोटो शेयर किया है। उन्होंने लिखा है, “दीपक प्रकाश जी के साथ हज़ारीबाग बॉर्डर पर मौजूद हूँ। झारखण्ड सरकार द्वारा हमें दिवंगत रुपेश पांडेय जी के परिजनों से मिलने जाने से रोका जा रहा है। राज्य सरकार का यह अलोकतांत्रिक रवैया बेहद गलत है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का संघर्ष जारी रहेगा।”

क्या है FIR में?

ये घटना झारखंड के हजारीबाग के बरही थाना क्षेत्र की है। मृतक के चाचा अनिल कुमार पांडेय ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया है कि रूपेश शाम के 5 बजे दुकान पर बैठा था, तभी उसके कुछ दोस्तों ने उसे सरस्वती पूजा विसर्जन में शामिल होने के लिए बुलाया। ये घटना 5 फरवरी, 2022 (रविवार) की है। चाचा ने बताया है कि कैसे असलम अंसारी उर्फ़ पप्पू मियाँ के नेतृत्व में मौजूद मुस्लिम भीड़ ने उनके भतीजे को पकड़ कर पीटा।

इस मामले में आरोपित हैं– असलम अंसारी, मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद गुफरान, मोहम्मद चाँद, मोहम्मद ओसामा, मोहम्मद एहताम, मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद सोनू, मोहम्मद फैसल, मोहम्मद शाहबाज, रब्बानी मियाँ, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद जाशिद, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद इरफ़ान, मोहम्मद सलमान उर्फ़ भाले, मोहम्मद छोटे, मोहम्मद इस्तेखार, मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद हसन, मोहम्मद अनीस और मोहम्मद नौशाद।

प्राथमिकी में बताया गया है कि मॉब लिंचिंग में कई महिलाएँ भी शामिल थीं। इसमें लिखा है, “भीड़ ने मेरे भतीजे के सीने पर चढ़ कर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने देखा कि भीड़ मेरे भतीजे की छाती पर चढ़ कर उसे लगातार पीट रहे थे। वहाँ से उसे अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। ये एक मॉब लिंचिंग है, जिसमें समुदाय विशेष ने हत्या की है। इस घटना में शामिल सभी अज्ञात और नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।”

‘2023 में पूर्ण हो जाएगा भव्य राम मंदिर’: करहल में बोले CM योगी- 10 मार्च से फिर चलेगा बुलडोजर, यहीं से चुनाव लड़ रहे अखिलेश

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शुक्रवार (18 फरवरी 2022) को मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 2023 तक अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन जाएगा और यह भारत का ‘राष्ट्र मंदिर’ होगा।

वहीं, कानपुर में उन्होंने कहा, “हमलोगों के तमाम पूर्वजों की ये 500 वर्षों की कामना पूरी होगी, जो उन्होंने अपने जीवनकाल में सोचा होगा कि मेरे राम भी अपने मंदिर में होते और हम भी वहाँ उनके दर्शन करते। हमारी पीढ़ी सबसे सौभाग्यशाली है कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर के भव्य निर्माण को देख रही है। रामलला अगले वर्ष के अंत तक अपने भव्य मंदिर में विराजमान होंगे तो भारत में ‘रामराज्य’ का मार्ग भी प्रशस्त हो जाएगा।”

मैनपुरी में समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते उन्होंने कहा, “सपा के प्रत्याशी अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) नामांकन के लिए करहल आए थे, तब उन्होंने कहा अब दोबारा सर्टिफिकेट लेने के लिए आऊँगा, लेकिन एसपी सिंह बघेल (SP Singh Baghel) ने उनको 5वें दिन ही यहाँ आने पर मजबूर कर दिया। वे बौखलाए हैं, परेशान हैं। उनकी स्थिति आसमान से टपके और खजूर पर अटके वाली हो गई है।”

सीएम ने कहा, “समाजवादी पार्टी के लोग आज बौखला गए हैं। करहल में अपनी करारी हार को देखते हुए वे अब आपा खो चुके हैं। एसपी बघेल पर हुुआ हमला उनके कायराना हरकत को प्रदर्शित करता है, लेकिन चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। याद करना हमने 5 साल के अंदर समाजवादी पार्टी के संरक्षण में पलने वाले पेशेवर गुंडे और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी मान-मनौव्वल के कार्रवाई की है और अब मैं आपको आश्वासन देने के लिए आया हूँ कि बुलडोजर को मरम्मत करने के लिए भेज दिया है। 10 मार्च के बाद से जब वह फिर से चलना प्रारंभ होगा तो जिन लोगों में अभी ज्यादा गर्मी निकल रही है, वो गर्मी 10 मार्च के बाद अपने आप शांत हो जाएगी।”

उन्होंने प्रदेश में न्याय-व्यवस्था में सुधार की बात करते हुए कहा, “हमने यह स्थिति कर दी है कि कोई भी गुंडा एक जिले से दूसरे जिले में नहीं जा सकता है। जो लोग अभी रेंग रहे हैं, उनका रेंगना भी चुनाव बाद बंद हो जाएगा। हम यूपी की पहचान खराब नहीं होने देंगे।” सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम ने कहा, “सैफई परिवार के लिए खानदान ही प्रदेश है लेकिन मेरे लिए पूरा प्रदेश परिवार है। आप देखिएगा आज जो लोग धमकी दे रहे हैं वो 10 मार्च के बाद गले में तख्ती लटकाकर घूमेंगे।”

ऐप बैन और Huawei पर छापेमारी से बौखलाया चीन, कहा- हमारे हितों को नुकसान पहुँचा रहा है भारत

भारत ने सुरक्षा और निजता के उल्लंघन लेकर सोमवार (14 फरवरी 2022) को 54 और चीनी ऐप्स को बैन करने के फैसले पर चीन तिलमिला उठा है। उसने गुरुवार (17 फरवरी 2022) को भारत के इस कदम की निंदा की। चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता गाओ फेंग ने कहा कि इन प्रतिबंधों की वजह से चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को नुकसान पहुँच रहा है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत को अपने कारोबारी माहौल में सुधार करना चाहिए और चीनी कंपनियों सहित सभी विदेशी निवेशकों के साथ निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-भेदभावपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।

गाओ ने कहा है कि एक निश्चित अवधि के दौरान भारत का संबंधित विभाग चीनी उद्यमों और संबंधित सेवाओं पर दबाव डालने का कोशिश कर रहा है, जिसने चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचा है। चीन ने इस पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की सकारात्मक गतिशीलता को बनाए रखने के लिए उचित उपाय करने में करेगा।

फेंग ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारत-चीन के आर्थिक और व्यापार सहयोग में अभी भी बेहद लचीलापन और काफी संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि चीन और भारत सिर्फ एक पड़ोसी देश ही नहीं बल्कि महत्‍वपूर्ण आर्थिक और व्‍यापारिक पार्टनर भी हैं। दोनों देशों के बीच साल 2021 में व्यापार 125.7 अरब डॉलर के करीब पहुँच गया।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारतीय अधिकारियों ने चीनी टेलीकॉम कंपनी हुआवेई (Huawei) के परिसरों पर भी छापेमारी की थी। इससे पहले चीनी फोन निर्माता Xiaomi को कर चोरी के लिए इसी तरह की जाँच का सामना करना पड़ा था। इस साल जनवरी में Xiaomi को टैक्स चोरी के लिए 653 करोड़ रुपए का नोटिस दिया गया था।

बता दें कि भारत द्वारा बैन 54 चीनी ऐप्स में ब्यूटी कैमरा, स्वीट सेल्फी एचडी, सेल्फी कैमरा, इक्वलाइजर और बास बूस्टर, आइसोलैंड 2, एशेज आफ टाइम लाइट, वाइवा वीडियो एडिटर, टेनसेंट एक्सरिवर, ओनमोजी चेस, ओनमोजी एरिना, ऐपलाक, डुअल स्पेस लाइट शामिल हैं।

पिछले साल जून में 59 चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद 27 जुलाई 2021 को भी 47 ऐप बैन किए गए थे। सितंबर 2021 में भी भारत सरकार ने 118 चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। फिर नवंबर में भारत सरकार ने 43 मोबाइल ऐप्स बैन किया था। इसे देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए खतरा बताया गया था। अभी तक 321 चीनी ऐप को बैन कर दिया गया है।