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मनमोहन सिंह के हाथों में दो रेवड़ियाँ लेकिन खाने की इजाजत नहीं, बाद में वो भी छीन ली गईं: कपिल शर्मा ने सुनाया मुलाकात का किस्सा

‘कॉमेडी किंग’ कहे जाने वाले कपिल शर्मा ओटीटी पर भी दर्शकों को गुदगुदाने पहुँच गए हैं। उनका स्टैंडअप कॉमेडी शो I’m Not Done Yet खूब देखा जा रहा है। इसमें कपिल ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई मजेदार किस्से बताए हैं। इस 1 घंटे के शो में कपिल ने अपनी संघर्ष के दिन, मेंटल हेल्थ ईश्यूज और फेमस लोगों के साथ हुई कॉन्ट्रोवर्सी पर बात की है। उन्होंने गिन्नी से शादी से लेकर जिंदगी की अहम घटनाओं का जिक्र भी किया है। 

कपिल ने साझा किया मजेदार किस्सा

इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ भी अपनी मुलाकात को याद किया। वह उनसे 2019 में मिले थे। दोनों ही अमृतसर से हैं। इतना ही नहीं दोनों ने अमृतसर के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई की है। साथ ही बताया कि कैसे पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी ने उन्हें रेवड़ी खाने से रोक दिया था। 

जब मनमोहन सिंह ने मँगवाई रेवड़ी

कपिल ने बताया कि जब मनमोहन सिंह से मिलने गए तो पता चला कि इतने बड़े आदमी के ऊपर भी कितनी पाबंदियाँ हैं। वह बताते हैं, “एक बार सौभाग्य से मुझे मनमोहन सिंह जी से मिलने का मौका मिला। वह मेरे शहर के एक इंटेलेक्चुअल आदमी हैं। मैं जब पहली बार उनसे मिलने गया तो सर्दियों का मौसम था और उन्होंने रेवड़ियाँ मँगवाईं। डॉक्टर साहब ने मुट्ठी भरी ही थी कि उनकी पत्नी ने उनका हाथ पकड़ लिया और बोलीं, डॉक्टर साहब, नहीं। आपको इजाजत नहीं है।”

बाद में की पूर्व प्रधानमंत्री की तारीफ

कपिल बोलते हैं, “मैं सोच में पड़ गया, इस आदमी ने 10 साल देश चलाया है। एक साल की एक रेवड़ी भी पकड़ो, तो दस रेवड़ियाँ तो खाने दो उनको।” इसके बाद कपिल ने पूर्व प्रधानमंत्री के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाईं और बोले, “यह तब का फोटो है जब उनसे रेवड़ी छीन ली गई थी। वह अभी भी अपनी दोनों मुट्ठी में एक-एक रेवड़ी पकड़े हैं।” इसके बाद कपिल सीरियस हुए और कहा, “ लेकिन क्या आदमी हैं, डॉक्टर साहब के लिए जोरदार तालियाँ हो जाए।”

ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कपिल का आगाज 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में नेटफ्लिक्स के I Am Not Done Yet शो से कपिल शर्मा ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बेहद शानदार आगाज किया। स्टैंडअप कॉमेडी के जरिए कपिल शर्मा ने लोगों से खुल कर दिल की बातें शेयर कीं। बचपन से लेकर अब तक कपिल शर्मा किन मुश्किलों से गुजरे वो भी बताया। लाइफ के किस्सों पर बात करते-करते कपिल ने लोगों को उनके डिप्रेशन के बारे में भी बताया।

पाकिस्तान में दो पादरियों को गोलियों से भूना, एक की मौत और दूसरा अस्पताल में भर्ती: बिशप ने लगाई ईसाईयों की सुरक्षा की गुहार

पाकिस्तान के पेशावर शहर में हमलावरों ने 1 पादरी की गोली मार कर हत्या कर दी है। मारे गए पादरी का नाम विलियम सिराज है। इसी हमले में दूसरा पादरी घायल हो गया है। घायल पादरी का नाम पैट्रिक नईम है। दोनों चर्च से वापस आ रहे थे। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। घटना 30 जनवरी (रविवार) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक और घायल दोनों ही पेशावर चर्च के सूबा के पादरी थे। यह मेथोडिस्ट और एंग्लिकन सहित प्रोटेस्टेंट चर्चों का समूह है। घटना के दौरान दोनों पादरी कार में सवार थे। इस दौरान पेशावर के रिंग रोड पर उन पर हमला किया गया। विलियम सिराज की मौत मौके पर ही हो गई थी। पुलिस इलाके में लगे CCTV फुटेज के आधार पर आरोपितों की तलाश में जुटी है। हत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली है।

मृतक मसीही बिरादरी से ताल्लुक रखते थे। इस हमले के बाद पाकिस्तान में प्रोटेस्टेंट चर्च के सबसे वरिष्ठ बिशप आज़ाद मार्शल ने पाकिस्तान में ईसाइयों की सुरक्षा और मजबूत किए जाने की माँग की है। उन्होंने इमरान खान सरकार से न्याय की भी माँग की। बिशप ने इस घटना की निंदा की है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में ईसाई समुदाय के साथ मज़हबी और सरकारी प्रताड़नाओं का लंबा इतिहास रहा है। 15 मार्च 2015 में लाहौर स्थित रोमन कैथोलिक चर्च पर आतंकी हमला हुआ। सितम्बर 2020 में लाहौर की अदालत ने ईसाई समुदाय के आसिफ परवेज़ को ईशनिंदा का दोषी मानते हुए मौत की सज़ा सुनाई थी। इसी के साथ मई 2021 में गुजरांवाला में एक 13 साल की नाबालिग ईसाई लड़की का अपहरण हुआ था।

चालू वित्त वर्ष में करीब 9% की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान, वित्त मंत्री ने पेश किया इकोनॉमिक सर्वे: चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार (31 जनवरी 2022) को आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 पेश किया। इस सर्वे में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष में अनुमानित 9.2% की वृद्धि और अगले वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ 8-8.5% तक रहने का अनुमान है। वार्षिक बजट से पहले आज संसद में वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सर्वे में कहा गया है कि सभी मैक्रो संकेतकों (Macro Indicators) के अनुसार, हमारी अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके अलावा कृषि और औद्योगिक उत्पादन वृद्धि में मदद मिली है।

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2022 में रियल जीडीपी ग्रोथ 9.2% और इंडस्ट्रियल ग्रोथ 11.8% तक होने की संभावना है। इसके साथ ही एग्रीकल्चर सेक्टर में ग्रोथ 3.9% तक हो सकती है। सर्वे में कहा गया है कि मैक्रो इकोनॉमी के मोर्चे पर वित्तीय साल 2023 में चुनौतियाँ रहेंगी, लेकिन बैंकों में पूंजी की कमी नहीं है। इसके चलते सरकार वित्तीय लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकती है।

वहीं, सर्वे के अनुसार महामारी के कारण हुए नुकसान से निपटने के लिए भारत की आर्थिक प्रक्रिया माँग प्रबंधन के बजाय आपूर्ति-पक्ष में सुधार पर केंद्रित रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में वृद्धि को व्यापक टीकाकरण, आपूर्ति-पक्ष में किए गए सुधारों से हासिल लाभ एवं नियमन में दी गई ढील से समर्थन मिलेगा। आर्थिक सर्वे में यह भी कहा गया है कि भारत ने खुद को नाजुक स्थिति वाले पाँच देशों से चौथे सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडार वाले राष्ट्र में बदला है।

साथ ही बताया गया है कि तिलहन, दलहन और बागवानी की ओर फसल विविधीकरण को प्राथमिकता देने की जरूरत है। आर्थिक सर्वे के मुताबिक, लघु जोत वाली कृषि प्रौद्योगिकियों के जरिए छोटे एवं सीमांत किसानों की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर देने की बात भी कही गई है।

बता दें कि यह देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वर का यह पहला इकोनॉमिक सर्वे है। हाल में उन्होंने अपना कार्यभार संभाला है। आर्थिक समीक्षा तैयार करने का काम आम तौर पर मुख्य आर्थिक सलाहकार का होता है, लेकिन इस बार इसे प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर संजीव सान्याल और अन्य अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया है। इसका कारण है कि चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) का पद करीब एक महीने से खाली था। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2022 को सुबह 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट (Budget) पेश करेंगी।

अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा’ अब हिंदी में भी ₹100 करोड़ के पार, तोड़ डाला ‘बाहुबली’ का रिकॉर्ड: OTT रिलीज के बावजूद थिएटर पहुँच रहे दर्शक

अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की ‘पुष्पा’ (Pushpa The Rise) का हिंदी वर्जन कमाई में 100 करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर चुका है। रिलीज के बाद सातवें हफ्ते में फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 100 करोड़ से ऊपर बताया जा रहा है। इसी के साथ सुकुमार (Pushpa Director Sukumar) द्वारा डायरेक्टेड इस फिल्म के हिंदी वर्जन ने इतिहास रच दिया है।

बता दें कि 17 दिसंबर को थिएटर्स में यह हिंदी और तेलुगु भाषा में रिलीज हुई थी। लेकिन इसे तमिल, मलयालम और कन्नड़ में भी डब किया गया था। नतीजा ये है कि इसने कमाई के मामले में प्रभास की फिल्म ‘बाहुबली’ (Baahubali) को भी पीछे छोड़कर नया रिकॉर्ड बना लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई ये पहली फिल्म है जिसके हिंदी वर्जन का पहले दिन का बिजनेस सिर्फ 3 करोड़ रुपए था लेकिन बावजूद इसके ये 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई। इस फिल्म के साथ खास ये है कि फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर भी उपलब्ध है, लेकिन बावजूद इसके लोग इसे थिएटर्स में देखना पसंद कर रहे हैं।

इससे पहले छोटी हिंदी वर्जन में शुरुआत करके फिर धीरे-धीरे 100 करोड़ तक का सफर करने वाली फिल्म का रिकॉर्ड एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली – द बिगनिंग’ के नाम था। फिल्म ने पहले दिन 5 करोड़ 15 लाख का बिजनेस किया था लेकिन धीरे-धीरे ये 100 करोड़ के आँकड़े को पार कर गई थी। इस फिल्म के हिंदी वर्जन ने कुल 117 करोड़ रुपए का व्यवसाय किया था।

गौरतलब है कि फिल्म के गानों पर खूब रील्स भी बनाए जा रहे हैं। सामंथा के गाने ‘Ohh Antava’ हो या फिर रश्मिका मंदाना का ‘Sami-Sami’ या फिर अल्लू अर्जुन का गाना ‘Srivalli’ सभी पर जमकर रील्स बन रहे हैं।

तौफीक शेख बीवी की प्राइवेट पार्ट में डाल देता था रॉड, 2 बेटियाँ पैदा होने के बाद नाराज़ था: तलाक और दूसरे निकाह की भी धमकी

पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में एक शौहर पर अपनी बीवी के गुप्तांग में लोहे की रॉड डालने का आरोप लगा है। आरोपित का नाम तौफीक शेख है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। शादी के बाद पीड़िता ने 2 बेटियों को जन्म दिया था। बताया जा रहा है कि आरोपित शौहर इस से नाराज था क्योंकि वो बेटा चाहता था। घटना शनिवार (29 जनवरी, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना कालना क्षेत्र की है। पीड़िता का नाम शरीफा बीवी बताया जा रहा। पीड़िता के अनुसार, उनका निकाह 2016 में तौफीक शेख से हुआ था। शादी के बाद 2 बेटियाँ होने से शौहर तौफीक नाराज रहने लगा। वो आए दिन अपनी बीवी को मारने पीटने लगा। जान से मारने की धमकियों के साथ मानसिक प्रताड़ना भी दी जाने लगी। पीड़िता ने शौहर पर तलाक की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। तौफीक शेख पर अपनी पत्नी को दूसरी लड़की से निकाह करने की भी धमकी देने का आरोप है।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि उसका शौहर उनके गुप्तांगों में लोहे की रॉड डाल देता था। इस दौरान वो चीख-पुकार के साथ रहम की भीख माँगती थी। लेकिन, इसका आरोपित पर कोई असर नहीं होता था। किसी तरफ से वो अपने साथ हो रही प्रताड़ना को अपने मायके तक पहुँचाने में सफल रही। मायके वालों ने ही पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया। पीड़िता के पिता भुलू शेख ने भी ससुराल पक्ष पर अपनी बेटी को यातना देने का आरोप लगाया है।

पीड़िता का घर कालना के निवुजी कंपनीडांगा में है। जबकि आरोपित शौहर कालना के बगनापारा बिजारा इलाके में रहता है। यह केस कालना थाने में दर्ज हुआ है। ससुराल पक्ष के लोगों ने शरीफा बीबी के आरोपों को झूठ बताया है। पीड़िता की सास ने बहू पर काम न करने का आरोप लगाया। साथ ही खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया। पीड़िता की सास ने बस एक बार दोनों के बीच झगड़े की बात कही है। फिलहाल पुलिस ने आरोपित शौहर को गिरफ्तार कर लिया है। अब उसके खिलाफ केस दर्ज कर के उसे अदालत में पेश किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपित पर धारा 498 A / 307 IPC के तहत केस दर्ज हुआ है।

‘सरकार’ में नहीं थी पहचान, इसलिए नहीं बन पाया कप्तान: हरभजन सिंह बोले- धोनी से मैंने शादी नहीं कर रखी…

दिग्गज आफ स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने हाल ही में क्रिकेट से संन्यास लिया है। डेढ़ दशक से लंबे अपने क्रिकेट करियर में उन्होंने 350 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, लेकिन उन्हें भारतीय टीम का नेतृत्व करने का मौका कभी नहीं मिला। अब एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में ‘पहचान’ नहीं होने की वजह से ही उन्हें कप्तानी नहीं मिली।

न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कप्तानी को लेकर सवाल पूछे जाने पर हरभजन सिंह ने कहा, “हाँ, कोई कभी मेरी कप्तानी के बारे में सवाल नहीं करता। BCCI मेरी किसी ऐसे आदमी से पहचान नहीं थी जो कप्तानी के लिए मेरा नाम आगे कर सके। यदि आप बोर्ड में किसी पावरफुल सदस्य के फेवरेट नहीं हैं, तो आपको ऐसा सम्मान नहीं मिल सकता। लेकिन हमें अब इस बारे में बात नहीं करनी चाहिए। मुझे पता है कि मैं कप्तानी करने में सक्षम था। हमने कई कप्तानों की मदद की। मैं भारत का कप्तान होता या नहीं यह कोई बड़ी बात नहीं। मुझे कप्तान नहीं बनने का पछतावा नहीं है। एक खिलाड़ी के रूप में देश की सेवा करने में मुझे हमेशा खुशी मिली।”

इस इंटरव्यू के दौरान हरभजन ने यह भी बताया कि वे बीसीसीआई को ‘सरकार’ कहते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे शिकायत BCCI की उस वक्त की सरकार से है। मैं BCCI को सरकार कहकर बुलाता हूँ। उस समय के चयनकर्ताओं ने अपनी भूमिका के साथ न्याय नहीं किया। मुझे यह समझ आया कि जब सीनियर खिलाड़ी अपना काम कर रहे थे, नतीजे दे रहे थे तो आप नए खिलाड़ियों को क्यों ला रहे? मैंने एक बार चयनकर्ताओं से इस बारे में बात भी की। उनका जवाब था कि यह उनके हाथ में नहीं है। मैंने उनसे कहा कि वे फिर चयनकर्ता किस लिए बने बैठे हैं।”

बकौल हरभजन सिंह, “2012 के बाद बहुत सारी चीजें बेहतर हो सकती थी। वीरेंद्र सहवाग, मैं, युवराज सिंह, गौतम गंभीर, हम सभी आईपीएल में खेल रहे थे और भारतीय टीम के लिए खेलते हुए संन्यास ले सकते थे। यह काफी अजीब है कि 2011 वर्ल्ड कप में टीम को जिताने वाले खिलाड़ी दोबारा एक साथ खेलते हुए नजर नहीं आ सके। उनमें से केवल कुछ ही खिलाड़ी 2015 के वर्ल्ड कप में साथ खेलते नजर आए। इसके पीछे का क्या कारण है?”

महेंद्र सिंह धोनी के साथ रिश्तों को ‘काफी अच्छा’ बताते हुए कहा कि उन्होंने उनसे शादी नहीं कर रखी है। अपने पूर्व कप्तान के साथ मनमुटाव की खबरों पर हरभजन सिंह ने कहा, “मेरे और धोनी के बीच में कभी भी ऐसा कुछ नहीं हुआ। मुझे धोनी से कोई शिकायत नहीं है। इन सभी सालों के दौरान हम बहुत अच्छे दोस्त रहे। अगर मुझे शिकायत है तो उस वक्त के बीसीसीआई से। उस वक्त जो भी सेलेक्टर थे उन्होंने अपना काम सही से नहीं किया। उन्होंने टीम को कभी भी एकजुट नहीं होने दिया।”

गौरतलब है कि टेस्ट क्रिकेट में 400 से अधिक विकेट झटकने वाले हरभजन सिंह भले भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी नहीं कर पाए, लेकिन आईपीएल में उन्हें मुंबई इंडियंस ने यह मौका दिया था। 2011 में उनके ही नेतृत्व में मुंबई इंडियस ने चैंपियंस लीग टी-20 टूर्नामेंट जीती थी। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच 1998 में खेला था और आखिरी इंटरनेशनल मैच 2016 में खेला था।

महामारी में भी 63 करोड़ टन खाद्यान्न-बागबानी उत्पादन, डेढ़ गुना बढ़ गया निर्यात, 2 करोड़ लोगों को घर: बजट सत्र में बोले राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) ने बजट सत्र में सोमवार (31 जनवरी 2022) को नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार का लेखा-जोखा पेश किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों को लगातार सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। वहीं, महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं के विवाह के लिए न्यूनतम आयु को 18 वर्ष से बढ़ाकर पुरुषों के समान 21 वर्ष करने का विधेयक भी संसद में प्रस्तुत किया है। आइए जानते हैं राष्ट्रपति के अभिभाषण की बड़ी बातें।

‘डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी का बढ़ता प्रसार’

उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और डिजिटल इकॉनमी के बढ़ते प्रसार के संदर्भ में देश के UPI platform की सफलता के लिए भी, मैं सरकार के विजन की प्रशंसा करूँगा। दिसम्बर 2021 में, देश में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन UPI के माध्यम से हुआ है। यह इस बात का उदाहरण है कि हमारे देश में जन-सामान्य द्वारा, बदलाव और तकनीक को बहुत तेजी से अपनाया जा रहा है।

‘अब तक दो करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं’

राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार मूलभूत सुविधाओं को गरीब के सशक्तिकरण और गरीब की गरिमा बढ़ाने का माध्यम मानती है। पिछले वर्षों के अनवरत प्रयासों से प्रधानमंत्री आवास योजना में अब तक दो करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को मिल चुके हैं। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत गत तीन वर्षों में करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की लागत से एक करोड़ सत्रह लाख घर स्वीकृत किए गए हैं।

‘मुस्लिम बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई’

उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित कर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने की शुरुआत की है। मुस्लिम महिलाओं पर, केवल मेहरम के साथ ही हज यात्रा करने जैसे प्रतिबंधों को भी हटाया गया है। वर्ष 2014 से पूर्व अल्पसंख्यक वर्ग के लगभग तीन करोड़ विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ दी गई थीं, जबकि मेरी सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक ऐसे साढ़े चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ प्रदान की हैं। इससे मुस्लिम बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की दर में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है और उनके प्रवेश में वृद्धि देखी गई है।

‘किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है मेरी सरकार’

उन्होंने आगे कहा कि मेरी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश के किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। वैश्विक महामारी के बावजूद साल 2020-21 में हमारे किसानों ने 30 करोड़ टन से अधिक खाद्यान्न और 33 करोड़ टन से अधिक बागवानी उत्पादों की पैदावार की। सरकार ने रिकॉर्ड उत्पादन को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड सरकारी खरीद की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज़ादी के अमृतकाल में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के हमारे संकल्प के आधार पर आज लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। जो राज्य और क्षेत्र उपेक्षित छूट गए थे, आज देश उनके लिए विशेष प्रयास कर रहा है।

‘भारत विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था बन गया है’

राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार के निरंतर प्रयासों से, भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। देश में GST कलेक्शन पिछले कई महीनों से निरंतर, एक लाख करोड़ रुपए से ऊपर बना हुआ है। इस वित्त-वर्ष के पहले सात महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना, इस बात का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर बहुत आश्वस्त हैं। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी इस समय 630 बिलियन डॉलर से ऊपर है।

उन्होंने कहा, “हमारा निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है और पिछले रिकार्ड टूट रहे हैं। 2021 में अप्रैल से दिसम्बर के दौरान भारत का Goods निर्यात लगभग 300 बिलियन डॉलर, यानी 22 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है, जो कि 2020 की इसी अवधि की तुलना में डेढ़ गुना ज्यादा है।”

मुनव्वर राना की ‘बागी’ बेटी को कॉन्ग्रेस का टिकट, विकास दुबे के ‘राइट हैंड’ की सास को भी यूपी के चुनावी मैदान में उतारा

कॉन्ग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly election 2022) के लिए उम्मीदवारों की एक और सूची जारी की है। 6 उम्मीदवारों की इस सूची में दो चौंकाने वाले नाम हैं। राज्य में दोबारा योगी सरकार बनने पर पलायन की बात करने वाले विवादित शायर मुनव्वर राना की बेटी उरूसा (Urusha Rana) को पुरुवा से प्रत्याशी बनाया गया है। इस सूची के जारी होने से पहले ऐसी खबरें आई थी कि उरूसा ने उन्नाव सदर विधानसभा सीट से निर्दलीय पर्चा दाखिल किया है। उनके अलावा इस सूची में गायत्री तिवारी का भी नाम है। वे गैंगस्टर विकास दुबे का राइट हैंड माने जाने वाले अमर दुबे की सास है। बिकरू हत्याकांड के बाद अमर दुबे भी मार गिराया गया था।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आई उरूसा ने अक्टूबर 2020 में कॉन्ग्रेस ज्वाइन किया था। उन्हें पार्टी ने उत्तर प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया था। उरूसा जुलाई 2021 में भी उस वक्त चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के खास माने जाने प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। उरूसा ने आरोप लगाया कि जब वह लखनऊ में गाँधी प्रतिमा के सामने धरना-प्रदर्शन से पहले प्रियंका गाँधी का अभिवादन करने उनके नजदीक पहुँचीं तो लल्लू ने उन्हें बेइज्जत करके वहाँ से चले जाने को कहा।

उरूसा की बहन सुमैया भी अक्सर यूपी की योगी सरकार के खिलाफ अपने पिता की तरह ही जहर उगलती रहती हैं। उन्होंने एक बार कहा था, “हमें ध्यान रखना है कि हमें इतना भी न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं होना है कि हमारी पहचान ही खत्म हो जाए। पहले हम मुस्लिम हैं और उसके बाद कुछ और हैं। हमारे अंदर का जो दीन है, जो इमान है, वह जिंदा रहना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि हम अल्लाह को भी मुँह दिखाने लायक न रह जाएँ।”

रिपोर्टों के अनुसार उरूसा उन्नाव सदर से टिकट माँग रही थीं। लेकिन कॉन्ग्रेस ने यहाँ से आशा सिंह को उम्मीदवार बनाया है। उनके नाम के ऐलान के बाद उरूसा ने निर्दलीय ही पर्चा दाखिल कर दिया था। पुरुवा भी उन्नाव जिले की ही सीट है। फिलहाल इस सूची को लेकर उरूसा की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

लावण्या आत्महत्या की अब CBI करेगी जाँच, HC का फैसला: ईसाई धर्मांतरण के लिए की गई थी प्रताड़ित, पिता ने कहा – पुलिस पर विश्वास नहीं

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने लावण्या आत्महत्या मामले की जाँच केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। जस्टिस जीएस स्वामीनाथन की पीठ ने लावण्या (Lavanya) के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लावण्या के पिता ने यह कहते हुए याचिका दायर की थी कि उनका तंजावुर पुलिस की जाँच पर से विश्वास उठ गया है और उन्होंने सीबी-सीआईडी या इसी तरह की जाँच एजेंसी से जाँच की माँग की थी।

इसी महीने तंजावुर में सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल, तिरुकट्टुपाली में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एम लावण्या नाम की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। 19 जनवरी को उसकी अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। खुदकुशी करने से पहले लावण्या का एक वीडियो भी सामने आया था। यह वीडियो उस समय का बताया गया था, जब उन्हें मृत्यु से दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 44 सेकेंड के इस वीडियो में लावण्या को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि दो साल पहले छात्रावास में रकील मैरी नाम की एक नन ने उसे और उसके माता-पिता को ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा था, जिसके लिए उन्होंने मना कर दिया था।

मद्रास हाई कोर्ट (Madras High Court) ने इससे पहले सुनवाई करते हुए मुथुवेल नाम के एक शख्स को वीडियो की जाँच के लिए अपना फोन पुलिस को सौंपने के लिए कहा था। साथ ही अदालत ने पुलिस से कहा था कि वह वीडियो को लेकर मुथुवेल को परेशान न करें। दरअसल, मुथुवेल ने लड़की का वीडियो शूट किया था। इसके अलावा अदालत ने लड़की के माता-पिता को तंजावुर न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने और नए सिरे से अपना पूरा बयान दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे बाद में एक सीलबंद लिफाफे में अदालत में पेश किया गया था।

मालूम हो कि बीते दिनों मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया था कि धर्मान्तरण वाला वीडियो विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अरियालुर जिला सचिव मुथुवेल ने रिकॉर्ड किया था। मुथुवेल के फोन में इस तरह के चार वीडियो थे, जिसे उन्होंने 17 जनवरी 2022 को रिकॉर्ड किया था। TNM के मुताबिक, पुलिस का मानना है कि इनमें से एक वीडियो को डिलीट कर दिया गया था, जिसे बाद में री-स्टोर किया गया। इसके साथ ही TNM ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, “हालाँकि, जाँच एजेंसियों ने उनके (मुथुवेल) फोन से वीडियो को फिर से हासिल कर लिया है। ये वीडियो उन्हें किसी और ने फॉरवर्ड किया था। अब पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मुथुवेल ने ये वीडियो डिलीट करने से पहले किसी को भेजा था और फिर उनके फोन में फॉरवर्ड होकर आ गया था।”

भाजपा ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि उन्होंने माँग की थी कि लावण्या और उनके माता-पिता पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने वालों की जाँच होनी चाहिए। इसके लिए भाजपा ने कुछ दिनों पहले एक महिला समिति का गठन भी किया था।

बता दें कि लावण्या पिछले पाँच वर्षों से सेंट माइकल गर्ल्स हॉस्टल में रह रही थीं। यह हॉस्टल उसके स्कूल के पास ही है। सरकारी सहायता प्राप्त ईसाई मिशनरी स्कूल उस पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहा था। हालाँकि, लावण्या अपना धर्म नहीं छोड़ने पर अड़ी थी और उसने धर्म परिवर्तन करने से इनकार कर दिया था। लावण्या के विरोध से नाराज स्कूल प्रशासन ने पोंगल समारोह के लिए उनकी छुट्टी का आवेदन रद्द कर दिया था। लावण्या छुट्टियों में अपने घर जाना चाहती थी, लेकिन उसे स्कूल के शौचालयों की सफाई, खाना पकाने और बर्तन धोने जैसे काम करने के लिए मजबूर किया गया। कथित तौर पर प्रताड़ना से परेशान लावण्या ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए स्कूल के बगीचे में इस्तेमाल किए गए कीटनाशकों का सेवन कर लिया।

हैदराबाद में 216 फ़ीट ऊँची रामानुजाचार्य की मूर्ति और 108 मंदिर, ₹1000 करोड़ की लागत से हुआ तैयार: PM मोदी करेंगे अनावरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 फरवरी, 2022 को हैदराबाद में संत और समाज सुधारक रामानुजाचार्य की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। उनकी 216 फीट ऊँची प्रतिमा को ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी’ (Statue Of Equality) नाम दिया गया है। 45 एकड़ में बनी यह प्रतिमा हैदराबाद के शमशाबाद में स्थित है।

1000 करोड़ रुपए खर्च

रामानुजाचार्य की 1000वीं जयंती उत्सव के मौके पर 2 फरवरी से समारोह का आयोजन किया जाएगा। इसे ‘रामानुज सहस्राब्दी समारोहम’ नाम दिया गया है। इस मौके पर रामानुजाचार्य की दो मूर्ति का अनावरण किया जाएगा। 216 फीट ऊँची मूर्ति सोना, चाँदी, ताँबा, पीतल और जस्ते की बनी हुई है। जबकि दूसरी मूर्ति मंदिर के गर्भगृह में स्थापित की जाएगी। जो रामानुजाचार्य के 120 सालों की यात्रा की याद में 120 किलो सोने से निर्मित की गई है।

त्रिदंडी चिन्ना जीयर स्वामी ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत में इस मंदिर के बारे में विस्तार से बात करते हुए बताया कि इस स्टैच्यू के साथ 108 मंदिर भी बनाए गए हैं, जिन पर कारीगरी ऐसी है कि कुछ मिनट को पलकें ठहर सी जाती हैं। स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी को बनाने में 18 महीने का समय लगा है, इसके लिए मूर्तिकारों ने कई डिज़ाइन तैयार किए और उनकी स्कैनिंग करने के बाद सबसे बेस्ट मूर्ति को विशाल रूप दिया गया। इस प्रतिमा की ऊँचाई 108 फ़ीट है, जबकि प्रतिमा में लगे त्रिदण्डम की उँचाई 138 फ़ीट है। टोटल प्रतिमा की हाइट 216 फ़ीट है।

आचार्य रामानुजाचार्य की प्रतिमा में 5 कमल पंखुडियाँ, 27 पद्म पीठम, 36 हाथी और प्रतिमा तक पहुँचने के लिए 108 सीढ़ियाँ बनाई गई हैं। जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम के लिए बनाए गए 1035 हवन कुंडों में लगभग दो लाख किलो गाय के घी से हवन किया जाएगा।

कौन हैं रामानुजाचार्य

वैष्णव संत रामानुजाचार्य का जन्म साल 1017 में तमिलनाड़ु के श्रीपेरंबदूर में हुआ था। उनका जन्म तमिल ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उन्होंने गुरु यमुनाचार्य से कांची में दीक्षा ली थी। श्रीरंगम के यतिराज नाम के संन्यासी से उन्होंने संन्यास ग्रहण किया था। इसके बाद उन्होंने भारत भर में घूमकर वेदांत और वैष्णव धर्म का प्रचार प्रसार किया। इस दौरान उन्होंने श्रीभाष्यम् और वेदांत संग्रह जैसे ग्रंथों की रचना की। साल 1137 में श्रीरंगम में रामानुजाचार्य ने 120 साल की आयु में अपना देह त्याग दिया था।

रामानुजाचार्य ने वेदांत दर्शन पर अपने विशिष्ट द्वैत वेदांत का प्रतिपादन किया था। उनकी शिष्य परंपरा में गुरु रामानंद हुए, जिनके शिष्य कबीर थे। रामानुजाचार्य स्वामी ने सबसे पहले समानता का संदेश दिया था और इसके लिए उन्होंने पूरे देश में भ्रमण भी किया था।