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अब J&K में संगीत और DJ के खिलाफ फतवा: मौलवियों ने कहा- जनाजे में भी नहीं आएँगे, भाजपा नेता ने कहा- आतंकवाद के खिलाफ तो नहीं जारी किया फतवा

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के बाद अब जम्मू-कश्मीर के पूंछ जिले में डीजे को ‘गैर-इस्लामी’ घोषित कर दिया गया है। यहाँ पर इस्लामी विद्वानों ने निकाह समारोहों के दौरान गीत-संगीत, डीजे और ढोल बजाने के खिलाफ फतवा जारी किया है। यह फतवा मेनकोट में जारी किया गया है। इस दौरान मौलवियों ने चेतावनी दी है कि अगर कोई भी परिवार निकाह के दौरान संगीत बजाता है तो निकाह या नमाज-ए-जनाजा नहीं किया जाएगा।

इस फतवा के बाद मुस्लिमों में आक्रोश फैल गया है। फतवे पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। भाजपा नेता युद्धवीर सेठी ने टाइम्स नॉउ से बातचीत में आश्चर्य व्यक्ति किया। उन्होंने कहा कि ये फतवा क्यों नहीं जारी किया गया कि जम्मू-कश्मीर के बच्चे ‘बंदूक छोड़ें और लैपटॉप उठाएँ’ और शिक्षा लेकर अच्छी कमाई करें। जम्मू-कश्मीर भाजपा के उपाध्यक्ष ने पूछा, “उन्हें उन लोगों से समस्या क्यों है, जो डीजे आदि का काम करते हैं और जीविकोपार्जन करते हैं?” 

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में उलेमाओं ने कहा था कि जिस शादी में नाच-गाना होगा और डीजे बजेगा, उसमें वे निकाह नहीं पढ़ाएँगे। उलेमाओं ने कहा था कि इस्लाम में नाच-गाना और डीजे बजाने की कोई जगह नहीं है। ऐसे में जो लोग इस्लाम के नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। यह फतवा उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले की स्वर तहसील के खेमपुर गाँव में ‘रज-ए-मोहम्मद मुस्तफा’ नामक इस्लामी संगठन ने दिया था।

दहेज और डीजे डांस पार्टियों को ‘गैर-इस्लामी’ करार देते हुए मौलवियों की समिति ने कहा था कि निकाह में जो भी इस फतवे को नहीं मानेगा उनके परिवार में किसी की अमृत होने पर भी मौलवी वहाँ दसवें, तीजे, बीसवें, चालीसवें और कफन-दफन तक में शामिल नहीं होंगे। इन निर्णयों का पालन हो इसके लिए आसपास के क्षेत्रों में हर एक गाँव में एक कमेटी भी बनाई गई।

सादिक, सद्दीक, इरफान समेत कई ने हिंदू युवक को बीच सड़क तलवार-लाठियों से पीटा; गोली मारी: राजस्थान पुलिस ने ‘मामूली घटना’ बताया

राजस्थान (Rajasthan) के बीकानेर में दुकान को लेकर मुस्लिमों के साथ विवाद के बाद सोमवार (3 जनवरी 2022) की शाम को तेजस्वी गहलोत नाम के एक व्यक्ति पर तलवार से हमला किया गया और गोली मार दी गई। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों के साथ-साथ हिंदू जागरण मंच (Hindu jagran manch) ने मंगलवार (4 जनवरी 2022) को शहर में दुकानों को बंद कराने की कोशिशें की। इस दौरान मुस्लिमों और हिंदुओं के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष जेठानंद व्यास को कोटगेट पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण हालात हैं, जिसको देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।

साभार: पत्रिका

इस बीच मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय आयुक्त नीरज के पवन, आईजी प्रफुल्ल कुमार और एसपी योगेश यादव कोटगेट थाने पहुँचे। अधिकारियों ने यहाँ दोनों समुदाय के गणमान्य लोगों को समझौते के लिए बुलाया।

इस घटना को लेकर बीजेपी नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज (Lakshmikant bharadwaj) ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “राजस्थान के बीकानेर में कल तेजकरण को साजिद, सद्दीक, फिरोज, इरफ़ान, शाहरुख़, सिकंदर ने घेरकर बीच बाज़ार मारा, गोली मार दी।”

BJP नेता के ट्वीट का जबाव देते हुए बीकानेर पुलिस ने इस घटना को मामूली बताया। पुलिस के ट्वीट के मुताबिक, “दुकान खाली करवाने की बात को लेकर दो पक्षों का विवाद है, जिनके मुकदमे दर्ज किए जा चुके है। कल हुई घटना को लेकर एक पक्ष द्वारा बाजार बंद करवाने के दौरान पत्थरबाजी की मामूली घटना हुई थी अब शांति है, वार्ता चल रही है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना बीकानेर के अंबेडकर सर्किल इलाके की है। यहाँ एक व्यक्ति का मुस्लिमों के साथ एक किराए की दुकान को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार को तेजस्वी गहलोत सड़क से गुजर रहा था। इसी दौरान मुस्लिमों ने उसे गोली मार दी, जो पीड़ित के पैर में जा लगी। उसके बाद आरोपितों ने तलवार और लाठियों से भी उस पर हमला कर वहाँ से फरार हो गए। किसी ने घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। फिलहाल, पीड़ित को पीबीएम अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

पश्चिम बंगाल में पिकनिक मनाने गई महिला को जबरन गाड़ी से उतारकर गन प्वाइंट पर गैंगरेप, हबीबुर मुल्ला और शरीफुल, रकीबुल समेत 6 गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल (West Bengal) से मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। नए साल के मौके पर शनिवार (1 जनवरी 2021) को पिकनिक मनाकर लौट रहे एक समूह को हथियारबंद आरोपितों ने कोलकाता-बासंती हाईवे पर रोक लिया फिर गाड़ी से महिला को जबरन नीचे उतारा और उसके साथ गन प्वाइंट पर गैंगरेप (Gangrape) किया। इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद कुमारजाल के स्थानीय लोगों ने महिला को बचाया और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुँची मीनाखान पुलिस ने इलाज के लिए महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़िता की शिकायत पर मीनाखा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। वहीं इस केस में जिन 6 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उन सभी की उम्र करीब 20 साल बताई जा रही है। रविवार (2 जनवरी 2021) की सुबह पुलिस ने जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया, उनके नाम सलाम सरदार, हबीबुर मुल्ला, शरीफुल गाजी, सुरजीत मंडल, बकिबिल्लाह तराफदार और रकीबुल इस्लाम हैं।

इन सभी को बसीरहाट जिला अदालत (Basirhat district court) में पेश किया गया, जहाँ से इन सभी को पुलिस ने 13 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। वहीं पीड़िता की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है। एक बार उसके स्वस्थ होने के बाद उसका बयान दर्ज कराने के लिए उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

कैसे हुआ शुरू हुआ विवाद

नए साल के मौके पर दक्षिण 24 परगना के घाटपुकुर इलाके के 25 कारोबारी लोग टाकी में पिकनिक मनाने के लिए गए थे। वहीं पर आरोपितों का उनसे विवाद हो गया था। मारपीट में दोनों तरफ की तीन गाड़ियाँ भी क्षतिग्रस्त हो गईं। शाम को जब 25 लोग वापस लौट रहे थे तो कोलकाता-बासंती हाईवे पर मीनाखा के पास आरोपितों ने घाटपुकुर जा रही गाड़ी को ओवरटेक कर रोक लिया। महिला को जबरदस्ती गाड़ी से नीचे उतारने के बाद उसके साथ गैंगरेप किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि टाकी इलाके में आए दिन इस तरह की घटनाएँ होती रहती हैं।

‘जो राष्ट्र के टुकड़े कर दे… वो मेरी नजर में देशद्रोही’: ‘महात्मा’ गाँधी पर तरुण मुरारी बापू के बयान पर नरसिंहपुर में कॉन्ग्रेस ने दर्ज कराया केस

मोहनदास करमचंद गाँधी (Mohandas karamchand Gandhi) को लेकर कालीचरण महाराज (Kalicharan Maharaj) के बयान के बाद अब एक और संत तरुण मुरारी बापू (Tarun murari bapu) ने बयान दिया है। उन्होंने गाँधी को लेकर कहा कि जो राष्ट्र के टुकड़े कर दें, वो राष्ट्रपिता कैसे हो सकता है? तरुण मुरारी बापू ने गाँधी का विरोध करते हुए कहा कि मेरी नजर में वो देशद्रोही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस (Congress) की शिकायत पर उनके खिलाफ मंगलवार (4 जनवरी 2022) को नरसिंहपुर पुलिस ने केस दर्ज किया है। कॉन्ग्रेस की शिकायत के बाद संत के खिलाफ जिले के स्टेशनगंज पुलिस स्टेशन में कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोमवार (3 जनवरी 2022) को छिंदवाड़ा रोड स्थित वीरा लॉन में श्रीमद् भागवद कथा के दौरान तरुण मुरारी बापू ने गाँधी को लेकर विवादित बयान दिया। संत के मुताबिक, महात्मा गाँधी न तो महात्मा हैं और न ही वो राष्ट्रपिता हो सकते हैं। जीते जी देश के टुकड़े करने वाले को देशद्रोही कहा जाना चाहिए।

गौरतलब है कि संत तरुण मुरारी बापू का यह बयान सामने आने के बाद यूथ कॉन्ग्रेस नेता रोहित पटेल ने नरसिंहपुर जिले के SP विपुल श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपकर उनसे कार्रवाई की माँग की थी। इस मामले में 153, 504, 505 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हमने वीडियो देखा जिसके बाद धारा 505 (2) और 153 B के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीआरपीसी की धारा 41 A के तहत 7 साल से कम की सजा है। हमने उन्हें नोटिस भेजा है।”

हालाँकि, तरुण मुरारी बापू अब भी अपनी बात पर कायम हैं। उन्होंने कहा, “मैं ये दोहरा रहा हूँ। वो देशद्रोही है जो देश को टुकड़े-टुकड़े कर देता है और तथाकथित बापू ने यह काम किया है। महात्मा गाँधी ने कहा था कि विभाजन मेरी लाश पर होगा, लेकिन यह उनकी आँखों के सामने था। आप हों, मैं या बापू, जो भी देश को बाँटता है, वह मेरे विचार में ‘देशद्रोही’ है।”

गौरतलब है कि कालीचरण महाराज ने भी देश बाँटने के लिए ही गाँधी को जिम्मेदार ठहराया था। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।

‘Hindu Ran*yan’ नाम से बने टेलीग्राम चैनल को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने करवाया ब्लॉक, मुंबई पुलिस ने नहीं दिया जवाब

हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने के लिए टेलीग्राम पर बनाए गए चैनल- ‘Hindu Ran*yan’ पर देश के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्रवाई करते हुए उसे ब्लॉक करवा दिया है। इस चैनल के ख़िलाफ़ ट्विटर के सक्रिय यूजर अंशुल सक्सेना ने आवाज उठाई थी। अंशुल ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए सवाल किया था कि ऐसे प्लेटफॉर्म के ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं होती। उनके बाद कई और यूजर्स ने इस तरह के चैनल की मौजूदगी पर आवाज उठाई और सवाल दागे। हालाँकि, इस बीच मुंबई पुलिस का अंशुल के ट्वीट पर कोई जवाब नहीं आया जिन्हें टैग करके प्रश्न पूछा गया था। उनकी जगह आईटी मंत्री ने इस पर कार्रवाई की।

अंशुल के ट्वीट को अब तक 6000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया जा चुका है। इसी बीच मीरा मोहंती नाम की एक सोशल मीडिया यूजर ने अंशुल से पूछा था कि वह आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव या गृह मंत्री से ऐसे चैनलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए क्यों नहीं कह रहे हैं, अगर उन्हें वाकई में उनके बारे में चिंता है।

मोहंती के इस ट्वीट के बाद देश के आईटी मंत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि वो इस चैनल को ब्लॉक करवा चुके हैं और कार्रवाई शुरू हो गई है। उन्होंने ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, “चैनल ब्लॉक कर दिया गया। भारत सरकार कार्रवाई के लिए राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही है।”

अंशुल ने भी बाद में अपने ट्विटर अकॉउंट पर शेयर किया कि उस अकाउंट की रिपोर्ट कर दी गई है और उसे डिलीट कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने फेसबुक पर मौजूद कुछ अन्य चैनल्स और पेजों के बारे में बताया जिसमें हिंदू महिलाओं का अपमान किया गया था और उन्हें ‘मुस्लिम मर्दों की दीवानी’ कहा गया था। जानकारी के मुताबिक इन पेजों के विरुद्ध भी आईटी मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मेटा ने इन्हें अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया।

गौरतलब है कि हिंदू महिलाओं के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर बनाए गए ऐसे चैनल्स के बारे में पता चलने से पहले 4 जनवरी को मुंबई पुलिस ने मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें शेयर करने वाली ‘बुल्ली बाई’ नाम का ऐप बनाने के आरोप में 21 साल के विशाल और 18 साल की लड़की श्वेता को गिरफ्तार किया था।

मनाही के बाद भी हिजाब पहन क्लासरूम में आ रही थीं मुस्लिम छात्राएँ, विरोध में भगवा स्कार्फ में कॉलेज पहुँचे छात्र: कर्नाटक का मामला

कर्नाटक के कोपा स्थित सरकारी महाविद्यालय में हिजाब पहनकर आने वाली मुस्लिम छात्रों का विरोध अनोखे तरीके से किया गया। यहाँ पर छात्रों का एक समूह हिजाब के विरोध में भगवा रंग का स्कार्फ पहन कर कॉलेज पहुँचा। इसे देखते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा है कि 10 जनवरी को SMC की बैठक होगी। उसमें जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। उस बैठक में जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे सभी को उसे मानना होगा।

दरअसल बालागाडी स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज ने शुरुआत में विद्यार्थियों को भगवा स्कार्फ पहनकर कक्षा में आने की अनुमति दे दी थी। प्रबंधन ने लड़कियों को हिजाब नहीं पहनकर आने को कहा था। लेकिन अब उसने 10 जनवरी तक सभी को अपनी इच्छा से कुछ भी पहन कर आने की अनुमति दे दी है। महाविद्यालय के प्राचार्य अनंत मूर्ति ने कहा कि तीन साल पहले इसी तरह की बैठक में फैसला किया गया था और सभी अब तक उसका पालन कर रहे थे।

सोमवार (3 जनवरी 2022) को कुछ छात्र कक्षा में भगवा स्कार्फ पहन कर आए। उन्होंने कुछ छात्राओं के परिधान पर आपत्ति जताई। बीकॉम के छात्र विनय कोप्पा ने आरोप लगाया कि मुस्लिम लड़कियाँ कॉलेज में हिजाब पहनकर आ रही हैं। छात्र ने कहा कि तीन साल पहले भी इसी तरह का विवाद महाविद्यालय में हुआ था। तब यह फैसला किया गया था कि कोई भी हिजाब पहनकर नहीं आएगा। लेकिन पिछले कुछ दिनों से कुछ छात्राएँ हिजाब पहनकर महाविद्यालय आ रही हैं, इसलिए उन्होंने भगवा स्कार्फ पहनकर महाविद्यालय आने का फैसला किया।

छात्रों ने कहा कि उनके अनुरोध पर महाविद्यालय प्रशासन ने कई बार मुस्लिम छात्राओं से अनुरोध किया कि वे हिजाब पहनकर नहीं आएँ, लेकिन वो नहीं मानीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो आनेवाले दिनों में उनका विरोध और तेज होगा। गौरतलब है कि इससे पहले कर्नाटक के उडुपी जिले से इसी तरह का मामला सामने आया था। कॉलेज नियमों को धता बताकर मुस्लिम छात्राएँ हिजाब पहनने पर अड़ी हुई थीं। मामला उडुपी जिले के सरकारी महिला पीयू कॉलेज का था।

‘पाद’ बेचकर लाखों कमाने वाली एक्ट्रेस ने बिजनेस से जोड़े हाथ, डिमांड बढ़ने पर 50 डिब्बे भरने पड़ रहे थे

डिब्बे में भरकर ‘पाद (Fart)’ बेचने वाली विदेशी महिला एक्ट्रेस स्टेफनी मट्टो (Stephanie Matto) को कुछ समय पहले अस्पताल भागना पड़ा था, जिसका कारण था उनके पाद की हाई डिमांड। रिपोर्ट के अनुसार, स्टेफनी द्वारा अजीबोगरीब कारोबार को शुरू करने के बाद एक समय ऐसा आया कि उनके पाद की डिमांड बढ़ गई और उन्हें एक हफ्ते में 50-50 जार पाद भरकर भेजनी पड़ी।

उन्होंने जैम प्रेस को अपने हालात बताते हुए कहा, “मुझे ऐसा लगा कि मुझे दौरा पड़ रहा है और ये मेरे अंतिम क्षण हैं। मैं इसे हद्द से ज्यादा निकाल रही थी।” उन्होंने बताया कि अपने इस बिजनेस को चलाने के लिए वो दिन में तीन प्रोटीन शेक, बड़े कटोरे में काले चने का सूप पीती थीं। उन्हें बाद में पेट में ऐसा लगना शुरू हुआ कि ये ठीक नहीं है। उनके मुताबिक पेट में बना प्रेशर उनके शरीर में ऊपर चढ़ जाता था।

स्टेफनी कहती हैं कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होती थी और हर बार जब वो सांस लेने की कोशिश करती थीं तो दिल के पास ऐसा महसूस होता था जैसे किसी ने चुटकी काटी हो। इसके अलावा घबराहट होना, परेशानी होना भी सामान्य हो गया था। बाद में उन्होंने एक दिन अपने दोस्त को बुलाया और अस्पताल की ओर दौड़ीं। उन्हें लग रहा था कि उन्हें दिल का दौरा आने वाला है।

स्टेफनी के अनुसार उन्होंने अस्पताल में जाकर डॉक्टर से अपना चेकअप कराया। लेकिन अपने अजीबोगरीब करियर के बारे में नहीं बताया। वहाँ पता चला कि उन्हें शरीर में जो असहजता लग रही थी वो कोई स्ट्रोक या हार्ट अटैक नहीं था बल्कि गैस का दर्द था। डॉक्टर ने एक्ट्रेस को उनका डाइट प्लान बदलने की सलाह दी जिसके बाद उन्होंने अपने बिजनेस पर ताला लगा दिया।

बता दें कि स्टेफनी मट्टो नामक अमेरिका की एक महिला ने पिछले साल ही एक डब्बे में बंद कर के अपना ‘पाद (Fart)’ 1000 डॉलर (74310.85 रुपए) में बेचना शुरू किया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए बताया था कि वो ‘पॉपुलर डिमांड’ पर ऐसा कर रही हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस बिजनेस से उन्होंने हफ्ते-हफ्ते में 38000 पाउंड यानी 38 लाख रुपए से ज्यादा रुपए कमाए हैं।

राजीव गाँधी से लेकर मनमोहन तक जो हो न सका, वह काम मोदी सरकार में पूर्ण: त्रिंकोमाली से श्रीलंका को संजीवनी, चीन को झटका

चीन के कर्ज जाल में फँस कंगाली के कगार पर पहुँच चुके श्रीलंका के साथ भारत ने रणनीतिक ल‍िहाज से बेहद अहम समझौता किया है। इसके तहत भारत और श्रीलंका मिलकर त्रिंकोमाली तेल टैंक परिसर (Trinkomali oil tank farm) को विकसित करेंगे। इसे चीन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि इससे श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को भी बड़ी राहत मिलेगी।

समझौता के तहत दोनों देश मिलकर इस ऑयल टैंक फॉर्म को पुनर्जीवित करेंगे। इस मसले पर मंगलवार (4 जनवरी 2022) को श्रीलंका सरकार ने कहा कि भारत के साथ तीन समझौतों की समीक्षा के बाद दोनों पक्ष इस परियोजना का संयुक्त रूप से विकास करने पर सहमत हुए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका के कैबिनेट ने सीलोन पेट्रोलियम कार्पोरेशन और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के लोकल ऑपरेटर्स को क्रमश: 24 और 14 तेल टैंक आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूर कर दिया है। वहीं 61 तेल टैंकों का विकास त्रिंको पेट्रोलियम टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड करेगी। इसमें 51 फीसदी हिस्सेदारी सीलोन की और 49 फीसदी हिस्सेदारी इंडियन ऑयल की होगी। श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री उदय गमनपिला (Uday Gammanpila) के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ये एग्रीमेंट अगले 50 सालों के लिए हुआ है।

इस मामले में अगला कदम दोनों देशों के बीच तीन औपचारिक समझौते करना होगा। इसमें से दो समझौते सीलोन पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के बीच होगा। वहीं तीसरा समझौता श्रीलंकाई सरकार और इंडियन ऑयल के बीच होगा। उल्लेखनीय है कि 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने श्रीलंका का दौरा किया था। उसी दौरान इस परियोजना के पुनर्विकास को लेकर सहमति बनी थी।

गौरतलब है कि श्रीलंका की गोटाबाया राजपक्षे सरकार ने जिस त्रिंकोमाली समझौते को मंजूरी दी है उसका जिक्र करीब 35 साल पहले 29 अक्टूबर 1987 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासनकाल में किया गया था। उस दौरान इस परियोजना के विकास के लिए दोनों देशों के बीच पत्रों का आदान-प्रदान भी हुआ, लेकिन बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब 35 साल बाद मोदी सरकार इस परियोजना को अमलीजामा पहना रही है। ज्ञात हो कि त्रिकोंमाली द्वीप तमिलनाडु से बेहद नजदीक है। इसी कारण से रणनीतिक लिहाज से भी यह भारत के लिए बेहद अहम है।

त्रिंकोमाली तेल टैंक परिसर का असर

श्रीलंका चीन के कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और आज कंगाली की कगार पर खड़ा हुआ है। श्रीलंका की अर्थव्यवस्था मुख्यत: पर्यटन पर आधारित है, लेकिन कोरोना के कहर के कारण ये चौपट हो चुकी है। वहीं उस पर चीन का करीब 5 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज है और पिछले साल उसने अपने गंभीर वित्तीय संकट से निपटने में मदद के लिए बीजिंग से अतिरिक्त 1 अरब डॉलर का ऋण लिया था, जिसका भुगतान किस्तों में किया जा रहा है। विश्व बैंक का अनुमान है कि श्रीलंका में महामारी की शुरुआत के बाद से 5,00,000 लोग गरीबी रेखा से नीचे आ गए हैं।

ऐसे में दोनों देशों के बीच इस समझौते से वहाँ रोजगार का सृजन होगा और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। चीन ने श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह के विकास के नाम पर उसे अपने कब्जे में ले लिया था। अब इस समझौते से रणनीतिक तौर पर भारत को बढ़त मिलेगी। साथ ही उसकी तेल की जरूरतें भी पूरी होंगी। चीन लंबे समय से इस ऑयल टैंक पर अपनी नजर बनाए हुए था। यह तेल टैंक द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले का है जिसकी भंडारण क्षमता 10 लाख टन की है।

नहीं रहीं माँ… पति ने बेसहारा छोड़ा तो गोशाला में बेटी को दिया जन्म, भीख माँग अनाथ बच्चों में सिंधुताई सपकाल ने बॉंटी ममता

‘अनाथ बच्चों की माँ’ कही जाने वाली सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री पुरस्कार विजेता सिंधुताई सपकाल (Sindhutai Sapkal) का निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार (4 जनवरी 2022) को 73 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सिंधु सपकाल को अक्सर सिंधुताई या ‘माँ’ कहकर पुकारा जाता था। 

उन्होंने अपना पूरा जीवन अनाथ बच्चों की जिंदगी सँवारने में लगा दिया। 2000 से ज्यादा अनाथ बच्चों का पालन-पोषण किया। उत्कृष्ट समाज सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें पिछले साल पद्मश्री (Padma Shri) से सम्मानित किया था। सिंधुताई सेप्टीसीमिया से पीड़ित थीं और पिछले डेढ़ महीने उनका इलाज पुणे के गैलेक्सी हॉस्पिटल में जारी था। उन्होंने मंगलवार शाम 8.10 बजे अंतिम साँस ली। आज पुणे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सिंधुताई का जीवन, सेवा की प्रेरक गाथा: राष्ट्रपति कोविंद  

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने डॉ. सिंधुताई सपकाल के निधन पर दुख जताते हुए कहा है, “सिंधुताई का जीवन साहस, समर्पण और सेवा की प्रेरक गाथा था। वह अनाथों, आदिवासियों और हाशिए के लोगों से प्यार करती थीं और उनकी सेवा करती थीं। उनके परिवार और अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदनाएँ है।”

सिंधुताई के जाने से आहत हूँ: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए कहा है, “डॉ. सिंधुताई सपकाल को समाज के लिए उनकी नेक सेवा के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने हाशिए के समुदायों के बीच भी बहुत काम किया। उनके निधन से आहत हूँ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।”

ऐसा था सिंधुताई का जीवन…

महाराष्ट्र के वर्धा में एक गरीब परिवार में सिंधुताई का जन्म हुआ था। लड़की होने के कारण लंबे समय तक भेदभाव झेलना पड़ा। सिंधुताई की जिंदगी एक ऐसे बच्चे के तौर पर शुरू हुई थी, जिसकी किसी को जरूरत नहीं थी। सिंधुताई की माँ उनके स्कूल जाने के विरोध में थीं। हालाँकि उनके पिता चाहते थे कि बेटी पढ़े और आगे बढ़े। जब वह 12 साल की थीं, तब उनकी शादी करा दी गई थी। उनका पति उनसे करीब 20 साल बड़ा था। सिंधुताई को पति गालियाँ देता था और मारपीट भी करता था। जब वह 20 वर्ष की थी और चौथी बार गर्भवती हुईं, तो उनकी बेवफाई की अफवाहें गाँव में फैल गई। उनके पति ने इस पर विश्वास करते हुए उन्हें पीटा और मरने के लिए छोड़ दिया। खून से लथपथ अर्धचेतन अवस्था में उन्होंने पास के गोशाला में एक बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने अपने हाथ से अपनी नाल काटी थी।

इसके बाद भी उन्होंने घर लौटने की कोशिश की, लेकिन उनकी माँ ने उन्हें अपमानित करके भगा दिया। इसके बाद जीवित रहने और अपने बच्चे को खिलाने के लिए सिंधुताई ने ट्रेनों और सड़कों पर भीख माँगना शुरू कर दिया। अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा के डर से उन्होंने कब्रिस्तानों और गोशालाओं में रातें बिताईं।

फिर जो भी बच्चा अनाथ मिला, उसे अपना लेती थीं सिंधुताई

सिंधुताई को प्रताड़ना ने अंदर तक हिला दिया था। अपनी बेटी के साथ रेलवे प्लेटफॉर्म पर भीख माँगकर गुजर-बसर करने के दौरान वो ऐसे कई बच्चों के संपर्क में आईं जिनका कोई नहीं था। उन बच्चों में उन्हें अपना दुख नजर आया और उन्होंने उन सभी को गोद ले लिया। उन्होंने अपने साथ इन बच्चों के लिए भी भीख माँगना शुरू कर दिया। इसके बाद तो सिलसिला चल निकला और जो भी बच्चा उन्हें अनाथ मिलता, वो उसे अपना लेतीं और उसकी देखभाल से लेकर पढ़ाई तक करवाती थीं। सिंधु ताई ने अनाथ बच्चों का पेट भरने के लिए ट्रेनों और सड़कों पर भीख माँगी।

मिल चुका है 700 से ज्यादा पुरस्कार

उनके इस काम के लिए उन्हें पद्मश्री समेत 700 से ज्यादा सम्मानों से नवाजा गया। पद्मश्री पुरस्कार मिलने पर सिंधुताई ने कहा था कि ये पुरस्कार उनके सहयोगियों और उनके बच्चों का है। उन्होंने लोगों से अनाथ बच्चों को अपनाने की अपील की थी। ताई ने कहा था, “मेरी प्रेरणा, मेरी भूख और मेरी रोटी है। मैं इस रोटी का धन्यवाद करती हूँ क्योंकि इसी के लिए लोगों ने मेरा उस समय साथ दिया, जब मेरी जेब में खाने के भी पैसे नहीं थे। यह पुरस्कार मेरे उन बच्चों के लिए हैं जिन्होंने मुझे जीने की ताकत दी।”

सम्मान से प्राप्त हुई रकम को सिंधु ताई ने बच्चों के पालन-पोषण पर खर्च करतीं। उन्हें डी वाई इंस्टीट्यूटऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च पुणे की तरफ से डाॅक्टरेट की उपाधि दी गई थी। उनके जीवन पर मराठी फिल्म मी सिंधुताई सपकाल बनी है, जो साल 2010 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को 54वें लंदन फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया था।

जिस मैराथन में मची भगदड़ उसकी विजेता को कॉन्ग्रेस ने दी टूटी-फूटी स्कूटी: जीतने वाली लड़की ने बताया, कॉन्ग्रेसियों पर FIR

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में ‘बहनों (लड़कियों/महिलाओं)’ के बल पर मैदान में उतरी कॉन्ग्रेस पार्टी अभी से उनसे धोखा करने में लगी हैं। दरअसल, कल (जनवरी 4, 2022) बरेली में कॉन्ग्रेस ने लड़कियों की एक मैराथन करवाई थी और जीतने वाली लड़की को एक स्कूटी दी थी। अब उसी लड़की ने उस स्कूटी की एक झलक वीडियो में शेयर की है। वीडियो में देख सकते हैं कि स्कूटी के अंजर पंजर सब अलग हैं। कहीं पर वेल्डिंग करके उन्हें जोड़ा गया है और कहीं से तो नट ही गायब है। यहाँ तक सीट लॉकर भी स्कूटी से गायब है।

प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “कॉन्ग्रेस ने लड़कियों के लिए मैराथन का आयोजन किया। जीतने वाली लड़की को स्कूटी दी जो टूटी हुई थी और जिसका लॉक भी नहीं लगता था। भ्रष्टाचार और कॉन्ग्रेस… सत्ता के साथ भी और बाद भी।”

बता दें कि बरेली में ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ के बैनर तले कॉन्ग्रेस द्वारा आयोजित की गई मैराथन में कल कई छात्राएँ घायल हो गई थीं। वीडियो में देखने को मिला था कि भगदड़ मचते ही लड़कियाँ एक के ऊपर एक गिरना शुरू हुईं जिसके बाद उनमें से कई को चोट भी आई। इस घटना पर ही पूर्व महापौर सुप्रिया एरेन ने बेतुका बयान जारी किया था। उन्होंने घटना को वैष्णो देवी में हुई दुर्घटना से जोड़कर जस्टिफाई करने की कोशिश की थी।

हालाँकि बाल आयोग ने भी इस मामले में संज्ञान लेकर डीएम से कार्रवाई करने को कहा। आयोग ने  24 घंटे में एक्शन रिपोर्ट की माँग करते हुए 7 दिन के अंदर पूरे मामले की रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस तरह आयोजित मैराथन पर डीएम को पत्र लिखा कि राजनीतिक कार्यक्रमों में बच्चों का इस्तेमाल करना निषेध है, इसलिए ये बाल संरक्षण नियमों के उल्लंघन में आता है। दूसरा ये कोविड गाइडलाइन का भी उल्लंघन है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिला कलेक्टर ने इस मामले पर संज्ञान लेने के साथ ही कॉन्ग्रेस नेताओं पर एफआईआर करने के आदेश दे दिए हैं।

वहीं इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कॉन्ग्रेस जिला अध्यक्ष मिर्जा अशफाक और अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध बरेली में ही एक एफआईआर हुई है। बरेली एसएसपी रोहित सिंह ने बताया, “जिला प्रशासन द्वारा जाँच के बाद मैराथन के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।” इस केस को आईपीसी की धारा 188, 269, 270 समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य लोगों की तलाश में है। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट से अब तक यही बात सामने आई है कि इस मैराथन में 200 बच्चों को शामिल करवाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन दौड़ में भाग लेने वाले बच्चे उससे कहीं ज्यादा थे।