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कब गिरेगी अमिताभ बच्चन की दीवार? बेतुके बहानों पर BMC को फटकार, ‘प्रतीक्षा’ पर बुलडोजर नहीं चलने पर कॉन्ग्रेस नेता की शिकायत

महाराष्ट्र के लोकायुक्त जस्टिस वीएम कनाडे (Justice V.M. Kanade) ने सोमवार (3 जनवरी 2021) को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) को बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के बंगले ‘प्रतीक्षा’ की दीवार गिराने में देरी करने के लिए जमकर फटकारा। लोकायुक्त ने इस कार्य में करीब एक साल की देरी होने का जिक्र करते हुए कहा, “बीएमसी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए जुहू में अमिताभ बच्चन के बंगले ‘प्रतीक्षा’ की दीवार को गिराने में देरी करने के लिए बेतुके बहाने बना रही है।”

जस्टिस कनाडे ने कहा, “बीएमसी के दीवार ना तोड़ने का कारण स्पष्ट नहीं है। जब भी कोई सड़क चौड़ीकरण परियोजना शुरू की जाती है तो उसके लिए बीएमसी को पर्याप्त बजट दिया जाता है। ऐसे में यह प्रतीत होता है कि बीएमसी बेतुके बहाने बनाकर बाउंड्री वॉल गिराने में जान-बूझकर देरी कर रही है।” लोकायुक्त के आदेश में कहा गया है, “यह सामान्य बात है कि 30 मई के बाद मॉनसून में तोड़फोड़ की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसलिए इस काम में कम से कम एक और साल की देरी होगी।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना के नियंत्रण वाले नगर निकाय (BMC) ने पिछले म​हीने कहा था कि उसने अमिताभ बच्चन के बंगले की दीवार को इसलिए नहीं ​गिराया, क्योंकि उसके पास सड़क चौड़ीकरण करने के लिए ठेकेदार नहीं हैं। अगले वित्तीय वर्ष में जब इसके लिए एक ठेकेदार की नियुक्ति की जाएगी तो वह दीवार को गिरा देगी और जमीन का अधिग्रहण कर लेगी।

बता दें कि कॉन्ग्रेस पार्षद ट्यूलिप मिरांडा ने अक्टूबर 2021 में महाराष्ट्र लोकायुक्त से इस मामले में निकाय द्वारा कोई कार्रवाई न करने को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि वर्ष 2019 में बीएमसी ने बच्चन के बंगले से सटे एक भवन की चार दीवारी को तोड़ दिया और सड़क के चौड़ीकरण के लिए इसकी जमीन पर भी हासिल कर ली थी। लेकिन उन्होंने अभी तक अभिनेता के बंगले को नहीं तोड़ा है।

लक्षण होने पर भी जान-बूझकर लोगों के बीच गए केजरीवाल? कोरोना संक्रमित होने के बाद उत्तराखंड रैली पर उठे सवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल न सिर्फ खुद कोरोना संक्रमित हैं बल्कि अपने ढुलमुल रवैये से उन्होंने हजारों लोगों को मुसीबत में डाल दिया है जिनके भी अब ओमिक्रोन संक्रमित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। CM केजरीवाल ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, “मुझे कोरोना संक्रमण हुआ है। लक्षण हल्के हैं। मैंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया है। मेरे संपर्क में जो भी लोग पिछले कुछ दिनों में आए हैं वे भी खुद को आइसोलेट कर लें और कोरोना टेस्ट करा लें।”

चिंता की बात यह है कि केजरीवाल संक्रमित पाए जाने से पहले हाल के दिनों में पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करते नजर आए हैं। इस दौरान वे हजारों की भीड़ से घिरे थे और न तो उन्होंने मास्क पहन रखा था और न ही उनके आसपास नजर आने वाले लोगों ने। अमृतसर में उन्होंने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी उस दौरान भी उनके आसपास काफी लोग मौजूद थे।

यदि उनकी रैली के कार्यक्रम के केवल एक सप्ताह को ध्यान में रखा जाए तो, वह चंडीगढ़ में विजय यात्रा का हिस्सा रहे हैं, पटियाला में शांति रैली में, अमृतसर के एक मंदिर में गए थे और 27 दिसंबर से लखनऊ और देहरादून में रैलियाँ की थीं। ऐसे में अपनी यात्रा और रैलियों के दौरान, आप सुप्रीमो केजरीवाल न जानें कितने ही लोगों के संपर्क में आए हों, जिनके अब संक्रमित होने का खतरा है।

जबकि वह COVID पॉजिटिव पाए जाने से ठीक पहले भी एक रैली में थे, जिसे देखकर लगता है कि केजरीवाल ने जानबूझकर हजारों लोगों की जान जोखिम में डाल रहे थे।

ट्विटर यूजर ‘@BeffitingFacts’ ने ट्विटर पर यह सवाल उठाया कि अगर CM केजरीवाल यह घोषणा कर रहे हैं कि आज उसका COVID-19 टेस्ट पॉजिटिव आया है, तो संभवत: कम से कम एक दिन पहले, 3 जनवरी को उनका परीक्षण किया गया होगा क्योंकि उसके कुछ लक्षण दिखे होंगे। फिर भी उन्होंने लापरवाही बरतते हुए 3 जनवरी 2022 को उत्तराखंड में एक रैली में भाग लिया। जिसकी तस्वीरें और वीडियो आप के कई नेताओं और आप के आधिकारिक हैंडल द्वारा भी शेयर किए गए थे।

आप उत्तराखंड ने भी ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें दिखाया गया था कि रैली में हजारों लोग शामिल हुए। ऐसे में केजरीवाल हजारों लोगों से मिलते हैं, यहाँ तक ​​कि बंद कमरों में बिना मास्क पहने बैठकें करते हैं।

जबकि यही केजरीवाल 2 जनवरी को दिल्ली के लोगों को को चेताते हुए अपने एक भाषण में लोगों से मास्क पहनने और बढ़ते हुए ओमिक्रोन ​​​​मामलों की वजह से सुरक्षित रहने का आग्रह किया था।

ऐसे में सवाल कई हैं। क्या केजरीवाल ने अपनी राजनीतिक लिप्सा के लिए हजारों लोगों को खतरे में डाल दिया। क्योंकि जब 4 जनवरी को उनका टेस्ट कोविड पॉजिटिव आता है तो जाहिर सी बात है कि इसके पहले कुछ लक्षण साफ़ नजर आए होंगे जिससे उनका टेस्ट किया गया होगा। या वे किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए हैं जिसकी पुष्टि COVID पॉजिटिव थी। ऐसे में उन्हें खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए था। और कम से कम हजारों लोगों के साथ रैलियाँ करके उनके लिए मुसीबत नहीं खड़ी करनी चाहिए थी।
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पिता थे कॉन्ग्रेस के MLA, बहू के ISIS से रिलेशन: दीप्ति से बनी मरियम, कर्नाटक से NIA ने किया अरेस्ट

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (3 जनवरी 2022) को कर्नाटक में छापेमारी कर दीप्ति उर्फ मरियम को गिरफ्तार किया। वह बीएम बाशा की बहू और अब्दुल रहमान की बीवी है। बाशा कॉन्ग्रेस से विधायक रहे प्रसिद्ध कन्नड़ लेखक बीएम इदिनाबा के बेटे हैं। उनकी बहू मरियम को आतंकवादी संगठन ISIS से कथित संबंधों के आरोप में हिरासत में लिया गया है। वह कर्नाटक के मेंगलुरु के पास मस्तीकट्टे गाँव में रहती है।

बाशा का घर कर्नाटक के मेंगलुरु के पास मस्तीकट्टे गाँव में है। NIA के डिप्टी एसपी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में टीम ने उनके घर की तलाशी ली। इस दौरान सुरक्षा एजेंसी ने कई दस्तावेज जब्त किए। एनआईए ने मेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत से मरियम को रिमांड पर लिया और पूछताछ के लिए नई दिल्ली ले गई। NIA ने एक बयान में बताया है कि एजेंसी ने कर्नाटक पुलिस के सहयोग से एक ISIS ऑपरेटिव दीप्ति मारला उर्फ मरियम को गिरफ्तार किया है।

गौरतलब है कि एनआईए ने अगस्त में भी इस घर पर छापा मारा था और रहमान के चचेरे भाई अम्मार को कथित ISIS लिंक के आरोप में गिरफ्तार किया था। एनआईए ने उस समय मरियम से पूछताछ की थी, लेकिन उसे हिरासत में नहीं लिया था। रिपोर्टों से पता चलता है कि पिछले पाँच महीनों में पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद एजेंसी ने उसे गिरफ्तार किया है।

News18 ने कर्नाटक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा है, “मरियम उर्फ दीप्ति मारला ISIS सदस्य अजमाला के संपर्क में थी। वह इदिनाबा के पोते की बीवी है। अजमाला इदिनाबा की बेटी की बेटी है। अजमाला कुछ साल पहले सीरिया भाग गई थी और माना जाता है कि वह आईएसआईएस की कट्टर सदस्य है।” उन्होंने बताया कि शादी से पहले मरियम हिंदू थी। वह एक संपन्न परिवार से है। उसने यूएई में पढ़ाई की है। वहाँ वह इस्लाम की ओर आकर्षित हुई। इसके बाद उसने धर्म परिवर्तन कर निकाह कर लिया।

एनआईए ने कहा कि गिरफ्तारी मार्च 2021 में दर्ज एक मामले के संबंध में की गई। जाँच एजेंसी ने मोहम्मद अमीन उर्फ अबू याह्या के साथ ही उसके दो सहयोगियों, डॉ. रहीस रशीद और मुसहब अनवर को गिरफ्तार किया था। बाद में अगस्त 2021 में अम्मार समेत चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया था। NIA ने उसी महीने केरल से दो महिलाओं को भी गिरफ्तार किया था, जो पश्चिम एशिया में ISIS में शामिल होने की योजना बना रही थीं।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए ने कहा, “जाँच के दौरान, यह पता चला है कि सीरिया/इराक में आईएसआईएस के पतन के बाद, दीप्ति मारला और मोहम्मद अमीन ने जनवरी और मार्च 2020 में आईएसआईएस की गतिविधियों का समर्थन करने के लिए कश्मीर का दौरा किया था।” बता दें कि एनआईए अब तक 11 लोगों को कथित तौर पर फंड जुटाने, कट्टरपंथ का प्रसार करने और लोगों को आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है।

तालिबान वाला अफगानिस्तान: हमाम में भी नहीं जा सकती औरतें, हिजाब पहन घर में ही नहाना होगा, पुतलों के सिर कलम वाला Video भी आया

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान का शासन लौटने के बाद से ही कट्टरपंथी कानून लोगों पर थोपे जा रहे हैं। खासकर, औरतों पर तरह-तरह के प्रतिबंध लग रहे। अब तालिबान (Taliban) ने औरतों द्वारा सार्वजनिक हमाम (Bathroom) का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) से सटे बल्ख प्रांत में इस तरह के हमाम चलन में हैं।

आदेश के मुताबिक औरतें अब सार्वजनिक बाथरूमों यानी स्नानघरों में नहीं नहा सकेंगी। वह घर के बाथरूम में ही नहा सकती हैं और इस दौरान भी उन्हें हिजाब पहन कर रखना होगा। इससे पहले पश्चिमी हेरात प्रांत में स्थानीय अधिकारियों ने औरतों के कॉमन स्नानघर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था।

डायरेक्टोरेट ऑफ प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस के मुखिया ने कहा कि उलेमाओं से बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है। यह औरतों के हित के लिए उठाया गया कदम है ताकि इस्लाम के अनुसार नियम लागू हो सकें। खामा प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक मुखिया ने कहा, “चूँकि लोगों के पास घरों में आधुनिक स्नानघर नहीं हैं, इसलिए पुरुषों को सामान्य स्नानघर में जाने की अनुमति है। लेकिन महिलाओं को हिजाब पहनकर निजी स्नानघर में जाना चाहिए।”

बॉडी मसाज पर भी बैन

रिपोर्ट में कहा गया कि कम उम्र के लड़कों को भी सामान्य स्नानघर में जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अलावा लड़कों पर बॉडी मसाज को लेकर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

महिला मॉडल के पुतले के काटे सिर

एक अन्य घटना में तालिबान ने दुकान पर लगाए गए मॉडल्स के पुतलों को गैर इस्लामी बता उनका सिर कलम कर दिया। तालिबान का कहना है कि दुकानों पर जो पुतले लगे हैं, वे इस्लाम के खिलाफ हैं, लिहाजा उनका सिर कलम कर दिया गया। तालिबान ने कहा कि दुकान पर लगे पुतले, इस्लाम और शरिया का उल्लंघन करते हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक शख्स दुकान पर रखे मॉडल्स के पुतलों का आरी से सिर कलम कर रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि कम से कम 10 पुतलों के सिर पहले ही काटे जा चुके हैं जो उस शख्स के पैरों के पास पड़े हुए हैं।

पिछले हफ्ते, पश्चिमी प्रांत हेरात में दुकानदारों से दुकानों से पुतलों को पूरी तरह से हटाने के लिए कहा गया था, जिसका विरोध दुकानदारों की तरफ से किया गया था। दुकानदारों की तरफ से कहा गया था कि दुकानों से पुतला हटाने के बाद उनके व्यवसाय पर असर पड़ेगा, जिसके बाद तालिबानी मंत्रालय के प्रमुख शेख अजीज रहमान ने अपने पुतलों का सिर कलम करने का आदेश दिया। शेख अजीज रहमान ने इसे ‘मूर्ति’ माना और मूर्ति पूजा इस्लाम में एक गंभीर पाप माना जाता है।

कार की आगे की सीट पर नहीं बैठ सकतीं दो महिलाएँ

उल्लेखनीय है कि इससे पहले तालिबान ने देश भर में महिलाओं की यात्रा को 45 मील तक सीमित कर दिया था। अब कोई भी ड्राइवर महिलाओं को अपनी कारों की अगली सीट पर नहीं बैठाएगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके लिए सजा का भी प्रावधान है।

अब्बा के बिना ही अम्मी ने निपटा दिया निकाह: ’21 साल में शादी’ वाला कानून आने से पहले जैसे-तैसे बेटियों की शादी निपटाने की मुस्लिमों में होड़

केंद्र की मोदी सरकार ने जब से लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करने के लिए विधेयक पारित किया है, तभी से देश के कई मुस्लिम परिवारों में खलबली मच गई है। नतीजन खबर है कि मेवात और हैदराबाद के बाद तेलंगाना, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात समेत तमाम राज्यों में 18 से 20 साल की लड़कियों की हड़बड़ी में शादी की गई। अब इनमें कुछ परिवारों के हालात आर्थिक तौर पर मजबूत भी नहीं थे, बावजूद इसके उन्होंने निकाह कर डाला और अब कुछ समय बाद लड़कियों की विदाईं देंगे। 

इसी संबंध में न्यूज 18 ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों से बात की। इसमें समीउल्लाह खान जो मेरठ निवासी हैं, उन्होंने बताया कि उनकी छोटी बेटी का निकाह मई 2022 में ईद के बाद होना था। लेकिन फिर खबर आ गई कि विधेयक पारित हुआ है जो लागू हुआ तो हर समुदाय पर होगा।

मध्यप्रदेश के भोपाल का अब्दुल जब्बर जिसका निकाह हाल ही में हुआ है उसने कहा कि उसका निकाह 15 जून को होना था लेकिन हड़बड़ी में 29 दिसंबर 2021 को ही हो गया क्योंकि कुछ लोगों को विधेयक के बारे में पता लग गया था।

हैदराबाद के तेलंगाना में नई दुल्हन दिलशाद बेगम ने कहा कि उसकी शादी मोहम्मद अयान से 9 अप्रैल 2022 को होनी थी क्योंकि उसके अब्बा मार्च के अंतिम हफ्ते में कतर से आने वाले थे। लेकिन दूल्हे की तरफ के कुछ लोगों ने आने वाले नए कानून के बारे में बताया और अम्मी ने निकाह 31 दिसंबर 2021 को ही कर डाला।

वहीं दिलशाद की अम्मी निशत समरीन ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का निकाह जल्दी करने के चक्कर में गहने कपड़े कुछ नहीं खरीदे, क्योंकि उनपर पैसे नहीं थे। उन्होंने दिलशाद की विदाई भी नहीं करवाई। जब उनके शौहर कतर से वापसी आएँगे तो विदाई करवाई जाएगी।

देश के विभिन्न राज्यों में हड़बड़ी में होने वाले निकाह देखने के बाद तहरीक ए मुस्लिम शबन के अध्यक्ष मुहम्मद मुश्ताक मलिक ने बताया कि हैदराबाद में दिसंबर 2021 में कई निकाह हुए और मुस्लिमों को निकाह की तारीख बदलने के कारण आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा। मलिक ने मुस्लिमों से अपील की कि बेटियों का निकाह जिस समय पर तय है उसी समय पर करें। उन्होंने लड़कियों की शादी की उम्र को 21 करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मलिक ने कहा कि उनके समुदाय के अलावा भी हर धर्म में हड़बड़ी मची हुई है।

बता दें कि इससे पहले हरियाणा के मेवात से हड़बड़ी में शादियों की ऐसी ही खबर सामने आई थी। यहाँ के मुस्लिम बहुल वाले नूँह क्षेत्र में लोग ऐसे लड़कों की तलाश में थे, जो 2 दिन में निकाह करने के लिए तैयार हो जाएँ। इमामों के पास दूल्हा बताने की इतनी माँग बढ़ गई थी कि इस संबंध में अजान के समय घोषणा भी होती सुनी गई। नूँह जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद इस कानून को लेकर कहा था, “हम इस पर आपत्ति जताते हैं। ये उनके लिए ठीक है जो पढ़ी लिखी हैं और जीवन में कोई उद्देश्य रखती हैं, लेकिन जिनका कोई उद्देश्य नहीं है, वह अनपढ़ हैं, उन्हें उनके माता-पिता शादी न होने पर भार समझते हैं।“

दिल्ली में कहा- मास्क जरूर पहनकर रखें, खुद बिना मास्क देहरादून-लखनऊ-अमृतसर-पटियाला-चंडीगढ़ घूमे: केजरीवाल को कोरोना

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है, “मुझे कोरोना संक्रमण हुआ है। लक्षण हल्के हैं। मैंने खुद को घर में आइसोलेट कर लिया है। मेरे संपर्क में जो भी लोग पिछले कुछ दिनों में आए हैं वे भी खुद को आइसोलेट कर लें और कोरोना टेस्ट करा लें।”

चिंताजनक यह है कि केजरीवाल संक्रमित पाए जाने से पहले हाल के दिनों में पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार करते नजर आए हैं। इस दौरान वे भीड़ से घिरे थे और न तो उन्होंने मास्क पहन रखा था और न ही उनके आसपास नजर आने वाले लोगों ने। अमृतसर में उन्होंने जो प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी उस दौरान भी उनके आसपास काफी लोग मौजूद थे।

पिछले दिनों में कहाँ-कहाँ गए अरविंद केजरीवाल

  • 03 जनवरी को देहरादून में जनसभा की
  • 02 जनवरी को लखनऊ में जनसभा की
  • 01 जनवरी को अमृतसर, राम तीर्थ मंदिर पहुँचे
  • 31 दिसंबर को पंजाब के पटियाला में शांति मार्च में शामिल हुए
  • 30 दिसंबर को चंडीगढ़ में विजय यात्रा का हिस्सा थे

कोविड संक्रमित पाए जाने से ठीक पहले सोमवार (3 जनवरी 2022) को केजरीवाल ने देहरादून में रैली की थी। इस दौरान भी वे बिना मास्क के नजर आए थे।

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इससे एक दिन पहले रविवार (2 जनवरी 2022) को सीएम केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रैली को संबोधित किया था। इस दौरान भी उन्होंने मास्क नहीं पहना था।

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शनिवार (1 जनवरी 2022) को अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के अमृतसर के प्राचीन एवं ऐतिहासिक ‘श्री राम तीरथ मंदिर’ की पवित्र स्थली के दर्शन किए थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी।

सीएम केजरीवाल ने 31 दिसंबर 2021 को पटियाला में निकली ‘शांति यात्रा’ में शामिल हुए। उन्होंने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी।

गुरुवार (30 जनवरी 2021) चंडीगढ़ में ‘विजय यात्रा’ मे शामिल हुए थे। इस दौरान भी उन्होंने मास्क नहीं पहना था।

28 दिसंबर 2021 को सीएम ने दिल्ली में कोरोना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया था। इसमें उन्होंने जनता से मास्क पहनने की अपील की थी। इसी तरह दिल्ली में कोरोना की स्थिति से लोगों का सतर्क करते हुए उन्होंने दो जनवरी को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इनमें भीड़ तो नहीं थी लेकिन इस दौरान केजरीवाल ने आम लोगों से जो सतर्कता बरतने की अपील की थी, उसका ही वे उन्होंने अपने प्रचार अभियानों के दौरान ध्यान नहीं रखा।

बता दें कि राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। राजधानी दिल्ली में सोमवार को कोरोना के 4099 नए मरीज मिले थे, वहीं संक्रमण दर अब 6.46 फीसदी पहुँच गई है। उल्लेखनीय है कि बीते साल अप्रैल में केजरीवाल ने पत्नी सुनीता भी कोरोना संक्रमित हो गईं थी।

एक शिवलिंग पन्ने का भी… वजन सिर्फ 530 ग्राम और कीमत ₹500 करोड़: बुजुर्ग के लॉकर में मिला, पुलिस ने जाँच के लिए भेजा

तमिलनाडु के त्रिची में सीआईडी पुलिस ने बीते गुरुवार (30 दिसंबर 2021) को तंजावुर में एक व्यक्ति के पास से 500 करोड़ रुपए का पन्ने का शिवलिंग (Emerald Lingam) बरामद किया। इस शिवलिंग को बैंक लॉकर में रखा गया था। एडीजीपी जयंत मुरली ने शिवलिंग मिलने के बाद शुक्रवार को इस संबंध में मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें टिप मिली थी कि तंजावुर में एक शख्स पर पन्ने का शिवलिंग है। छापेमापी हुई तो व्यक्ति के बैंक लॉकर से शिवलिंग बरामद हुआ।

पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में एक टीम ने गुरुवार को तंजावुर के अरुलानंद नगर के 7वें चौराहे पर एक घर में छापेमारी की। उन्होंने घर पर तकरीबन 80 वर्ष के एन ए समियप्पन के बेटे एन एस अरुण से जब पूछताछ की तो अरुण ने जानकारी दी कि उसके पिता ने तंजावुर में एक बैंक लॉकर में प्राचीन पन्ना लिंगम रखा है। इसके बाद उस शिवलिंग को बरामद करके पुलिस ने उसे जाँच के लिए भेजा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जिस शिवलिंग को बैंक लॉकर से बरामद किया गया उसका वजन 530 ग्राम और ऊँचाई 8 सेंटीमीटर है। जब अरुण से इस विषय में पूछताछ हुई तो उन्हें खुद नहीं मालूम था कि उनके पिता को इतनी प्राचीन वस्तु कहाँ से मिली। एडीजीपी ने कहा कि उन्होंने शिवलिंग मिलने के बाद उसे रत्नविदों को दिखाया, जिन्होंने इसकी कीमत 500 करोड़ रुपए आँकी है। इसे धर्मपुरम अधीनम जैसे संरक्षकों के साथ वेरीफाई किया गया है। उन्होंने इसके असली होने की पुष्टि की है। अब आगे वैज्ञानिक विश्लेषण होगा और उस मंदिर की पहचान की जाएगा जिसमें ये शिवलिंग था।

वहीं इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट के सह-संस्थापक एस विजय कुमार ने 500 करोड़ रुपए के अनुमान को मिथ बताया। साथ ही कहा कि पन्ना से बने शिवलिंगों की चोरी साउथ इंडिया के मंदिरों और मठों से 80 के दशक के अंत से हो रही है। अब पुलिस इस बात की जाँच भी कर रही है कि क्या ये शिवलिंग वही है जो साल 2016 में नागपट्टिनम जिले के थिरुकुवलाई में शिव मंदिर से गायब हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जाँच में सम्यप्पन सहयोग कर रहे हैं। पुलिस उनके बैकग्राउंड के बारे में पूछताछ कर रही है।

NDTV के पत्रकार विष्णु सोम ने कोवैक्सिन की शेल्फ लाइफ को लेकर मोदी सरकार पर लगाया झूठा आरोप, फेक न्यूज़ फैलाने पर लोगों ने लगाई लताड़

फेक न्यूज फैलाने के साथ-साथ एनडीटीवी और उसके पत्रकार मोदी सरकार को हर मुद्दे पर निशाना बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसी क्रम में NDTV के पत्रकार विष्णु सोम ने एक बार फिर लोगों को गुमराह करने का काम किया है। दरअसल, सोम ने भारत बायोटेक की Covaxin की शेल्फ लाइफ को लेकर ट्विटर पर मोदी सरकार पर नया आरोप लगाया है।

भ्रामक खबरें फैलाने वाले सोम ने एक यूजर के ट्वीट का हवाला दिया है, जिसने COVID-19 टीकों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाला एक पत्र ट्विटर पर साझा किया था, ताकि वह यह बता सके कि स्कूलों में बच्चों को कोवैक्सिन के एक्सपायर्ड टीके लगाए जा रहे हैं।

नवनीता वरदपांडे द्वारा किए गए ट्वीट में लिखा है, “मेरा बेटा अपना पहला टीका लेने गया, बच्चों के लिए आज से टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है, लेकिन तभी मुझे याद आया कि वैक्सीन तो नवंबर में ही समाप्त हो चुकी है। फिर उसे एक पत्र दिखाया गया, जिसमें कोराना वैक्सीन की शेल्फ लाइफ बढ़ा दी गई है! कैसे, क्यों, किस आधार पर? स्टॉक क्लियर करने के लिए आप बच्चों पर एक्सपेरिमेंट करते हैं?”

इस ट्वीट की पुष्टि किए बिना ही सोम ने नवनीता वरदपांडे की पोस्ट का हवाला देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। पत्रकार ने कहा कि क्या बच्चों के लिए एक्सपायर्ड हो चुके टीकों को मंजूरी देने की औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है?

साभार : ट्विटर

यहाँ ध्यान दें 25 अक्टूबर 2021 को भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के पत्र के जवाब में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कोवैक्सिन की शेल्फ लाइफ को नौ महीने से बढ़ाकर 12 महीने करने की मंजूरी दी थी। इसी तरह, 22 फरवरी, 2021 को ड्रग रेगुलेटर ने कोविशील्ड की शेल्फ लाइफ छह महीने से 9 महीने कर दी थी। इसलिए केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाना कि इसे हाल में बिना किसी सूचना के किया गया था केवल लोगों में सरकार की छवि खराब करना है।

इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ नफरत फैलाने वाले चैनल के पत्रकार सोम ने अपने ही संस्थान द्वारा कवर की गई खबर को भी नजरअंदाज कर दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि NDTV उन मीडिया संस्थानों में से एक था, जिसने भारत बायोटेक के COVID-19 वैक्सीन की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने की खबरों को कवर किया था। NDTV पर नीचे ​दी गई रिपोर्ट ठीक दो महीने पहले 3 नवंबर, 2021 को प्रकाशित हुई थी।

नेटिजन्स ने NDTV के पत्रकार को लताड़ा

नेटिजन्स ने NDTV के पत्रकार को अपने ही चैनल की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्टों की जाँच किए बिना केंद्र सरकार पर आरोप लगाने के लिए आड़े हाथों लिया। सोशल मीडिया यूजर ने सोम के चैनल का स्क्रिनशॉट शेयर कर उन्हें याद दिलाया कि कोवैक्सिन की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की खबर आपके संस्थान ने भी कवर की थी। उनमें से कुछ लोगों ने एनडीटीवी के पत्रकार पर तंज कसते हुए कहा कि क्या आपको अपने ही चैनल पर भरोसा नहीं है।

बता दें कि 15 से 18 आयु के बच्चों के लिए आज यानी 3 जनवरी, 2022 से टीकाकरण शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर, 2021 को 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “15 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के बीच जो बच्चे हैं, उनका टीकाकरण अभियान सोमवार (3 जनवरी, 2022) से शुरू किया जाएगा। इससे स्कूल-कॉलेजों में जा रहे बच्चों और उनके माता-पिता की चिंता दूर होगी।”

मुस्लिम महिलाओं की फोटो नीलामी करने वाले ‘बुल्ली बाई’ ऐप के मामले में एक संदिग्ध गिरफ्तार, बेंगलुुरु से मुंबई ले जा रही पुलिस: रिपोर्ट

फेमस मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को ऑनलाइन नीलाम करने वाली ‘बुल्ली बाई’ ऐप (Bulli Bai App) के संबंधित में पुलिस ने एक संदिग्ध को लेकर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुुरु से से हिरासत में लिया है। मुंबई पुलिस सोमवार (3 जनवरी 2022) को संदिग्ध शख्स को हिरासत में लेकर उसे मुंबई ले जाने की कार्रवाई कर रही है। बताया जा रहा है कि बुल्ली बाई ऐप के पाँच फॉलोवरों में से एक ये भी है।

इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि हिरासत में लिए गए शख्स को संभवत: गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। उधर गिटहब (GitHub) ने ‘बुली बाई’ विवाद पर इंडिया टुडे को बताया कि उत्पीड़न, भेदभाव और हिंसा भड़काने वाली सामग्री अथवा आचरण उसकी नीतियों के खिलाफ है। डेवलपर का कहना है कि मामला उठने के बाद संबंधित यूजर के अकाउंट को निलंबित कर दिया गया था। गिटहब ने भारतीय एजेंसियों की कार्रवाई में हरसंभव सहयोग करने का भी भरोसा दिया है।

बता दें कि मुस्लिम महिलाओं की फोटो चोरी-छुपे सेव करके अपलोड करने और इंटरनेट पर उन्हें नीलाम करने वाले विवादास्पद सुल्ली डील ऐप (Sulli Deals app) के महीनों बाद एक और ऐसा ही ऐप आया है ‘बुल्ली बाई’ (Bulli Bai App) नाम से। यह ओपन-सोर्स कोड रिपॉजिटरी गिटहब (GitHub) पर दिखाई दिया है।

नए साल (1 जनवरी 2022) पर गिटहब पर ‘बुल्ली बाई’ (Bulli Bai App) नाम से एक ऐप बनाया गया है, जिसमें अज्ञात लोगों ने सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की फोटो अपलोड की है। बुल्ली बाई ऐप के पीछे खालिस्तानी आंदोलन के स्वघोषित समर्थकों का हाथ बताया जा रहा है। ये गिरफ्तार खालिस्तानी आतंकवादियों की रिहाई की माँग कर रहे हैं। ज्ञात हो कि पिछले साल ‘सुल्ली फॉर सेल’ ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का दुरुपयोग करने वाले आरोपित अभी तक नहीं पकड़े गए हैं और ना ही उनकी पहचान कभी सामने आई।

वहीं, ‘बुल्ली बाई’ ऐप के विरुद्ध एफआईआर हुई थी। भारत के आईटी मंत्री ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कहा था कि भारत सरकार दिल्ली और मुंबई पुलिस के साथ मिल कर इस केस में काम कर रही है। इससे पहले उन्होंने बताया था कि बुल्ली बाई ऐप के होस्टिंग प्लेटफॉर्म गिटहब ने यूजर को खुद ही ब्लॉक कर दिया है।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इंडियन कम्प्युटर इमरजेंटी रिस्पांस सिस्टम (CERT) और पुलिस अधिकारी आगे की कार्रवाई के लिए उन्हें सहयोग कर रहे हैं। घटना की जाँच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने और साइबर सेल के साथ समन्वय करने के लिए कहा गया है।

आर्यन खान जिस क्रूज शिप में ड्रग्स मामले में प​कड़े गए थे, उसमें क्रू मेंबर समेत 66 लोग कोरोना पॉजिटिव: गोवा सरकार ने नहीं दी उतरने की अनुमति

मुंबई से गोवा जा रहे कार्डेलिया क्रूज शिप के एक क्रू मेंबर समेत 66 यात्री कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह वही क्रूज शिप है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता शा​हरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) अक्टूबर 2021 में ड्रग्स मामले में पकड़े गए थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहले कार्डेलिया क्रूज चालक दल का एक सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जो जहाज पर 2,000 से अधिक लोगों के साथ गोवा के लिए मुंबई से रवाना हुआ था। क्रू मेंबर को जहाज में ही आइसोलेट कर दिया गया है। इसके बाद शिप (Cruise Ship) में मौजूद अन्य क्रू मेंबर्स और यात्रियों का RT-PCR टेस्ट किया गया। इनमें 66 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जहाज को फिलहाल मोरमुगाओ पोर्ट क्रूज टर्मिनल, वास्को के पास रोक दिया गया है। किसी को भी जहाज पर चढ़ने और उतरने की अनुमति नहीं है।

इस मामले में अधिक जानकारी देते हुए गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि सरकार तय करेगी कि यात्रियों को जहाज से उतरने दिया जाए या नहीं। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में ओमिक्रोन के चार मामलों की पुष्टि हुई है। रविवार (2 जनवरी 2021) को मंत्री ने मीडियाकर्मियों से बताया था कि जहाज के संचालक को सभी यात्रियों का कोरोना टेस्ट कराने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा था कि यदि वे कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उन्हें उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में आर्यन खान के साथ अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को क्रूज शिप में ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया गया था। ड्रग रखने, उसका सेवन करने, प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीद और बिक्री व साजिश के लिए इनके खिलाफ एनडीपीएस कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आर्यन को 28 अक्टूबर 2021 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में जमानत दे दी थी।