Thursday, July 25, 2024
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NDTV के पत्रकार विष्णु सोम ने कोवैक्सिन की शेल्फ लाइफ को लेकर मोदी सरकार पर लगाया झूठा आरोप, फेक न्यूज़ फैलाने पर लोगों ने लगाई लताड़

लोगों ने NDTV के पत्रकार को अपने ही चैनल की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्टों की जाँच किए बिना केंद्र सरकार पर आरोप लगाने के लिए आड़े हाथों लिया।

फेक न्यूज फैलाने के साथ-साथ एनडीटीवी और उसके पत्रकार मोदी सरकार को हर मुद्दे पर निशाना बनाने के लिए जाने जाते हैं। इसी क्रम में NDTV के पत्रकार विष्णु सोम ने एक बार फिर लोगों को गुमराह करने का काम किया है। दरअसल, सोम ने भारत बायोटेक की Covaxin की शेल्फ लाइफ को लेकर ट्विटर पर मोदी सरकार पर नया आरोप लगाया है।

भ्रामक खबरें फैलाने वाले सोम ने एक यूजर के ट्वीट का हवाला दिया है, जिसने COVID-19 टीकों की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाला एक पत्र ट्विटर पर साझा किया था, ताकि वह यह बता सके कि स्कूलों में बच्चों को कोवैक्सिन के एक्सपायर्ड टीके लगाए जा रहे हैं।

नवनीता वरदपांडे द्वारा किए गए ट्वीट में लिखा है, “मेरा बेटा अपना पहला टीका लेने गया, बच्चों के लिए आज से टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है, लेकिन तभी मुझे याद आया कि वैक्सीन तो नवंबर में ही समाप्त हो चुकी है। फिर उसे एक पत्र दिखाया गया, जिसमें कोराना वैक्सीन की शेल्फ लाइफ बढ़ा दी गई है! कैसे, क्यों, किस आधार पर? स्टॉक क्लियर करने के लिए आप बच्चों पर एक्सपेरिमेंट करते हैं?”

इस ट्वीट की पुष्टि किए बिना ही सोम ने नवनीता वरदपांडे की पोस्ट का हवाला देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया पर आरोप लगाना शुरू कर दिया। पत्रकार ने कहा कि क्या बच्चों के लिए एक्सपायर्ड हो चुके टीकों को मंजूरी देने की औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है?

साभार : ट्विटर

यहाँ ध्यान दें 25 अक्टूबर 2021 को भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के पत्र के जवाब में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कोवैक्सिन की शेल्फ लाइफ को नौ महीने से बढ़ाकर 12 महीने करने की मंजूरी दी थी। इसी तरह, 22 फरवरी, 2021 को ड्रग रेगुलेटर ने कोविशील्ड की शेल्फ लाइफ छह महीने से 9 महीने कर दी थी। इसलिए केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाना कि इसे हाल में बिना किसी सूचना के किया गया था केवल लोगों में सरकार की छवि खराब करना है।

इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ नफरत फैलाने वाले चैनल के पत्रकार सोम ने अपने ही संस्थान द्वारा कवर की गई खबर को भी नजरअंदाज कर दिया। महत्वपूर्ण बात यह है कि NDTV उन मीडिया संस्थानों में से एक था, जिसने भारत बायोटेक के COVID-19 वैक्सीन की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने की खबरों को कवर किया था। NDTV पर नीचे ​दी गई रिपोर्ट ठीक दो महीने पहले 3 नवंबर, 2021 को प्रकाशित हुई थी।

नेटिजन्स ने NDTV के पत्रकार को लताड़ा

नेटिजन्स ने NDTV के पत्रकार को अपने ही चैनल की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्टों की जाँच किए बिना केंद्र सरकार पर आरोप लगाने के लिए आड़े हाथों लिया। सोशल मीडिया यूजर ने सोम के चैनल का स्क्रिनशॉट शेयर कर उन्हें याद दिलाया कि कोवैक्सिन की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की खबर आपके संस्थान ने भी कवर की थी। उनमें से कुछ लोगों ने एनडीटीवी के पत्रकार पर तंज कसते हुए कहा कि क्या आपको अपने ही चैनल पर भरोसा नहीं है।

बता दें कि 15 से 18 आयु के बच्चों के लिए आज यानी 3 जनवरी, 2022 से टीकाकरण शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर, 2021 को 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के लिए टीकाकरण शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “15 वर्ष से 18 वर्ष तक की आयु के बीच जो बच्चे हैं, उनका टीकाकरण अभियान सोमवार (3 जनवरी, 2022) से शुरू किया जाएगा। इससे स्कूल-कॉलेजों में जा रहे बच्चों और उनके माता-पिता की चिंता दूर होगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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