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बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शहनाज गिल के पिता पर अज्ञात हमलावरों ने चलाई गोलियाँ, दो दिन पहले ही भाजपा में हुए थे शामिल

भाजपा का दामन थामने के दो दिन बाद ही बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट और पंजाबी एक्ट्रेस शहनाज गिल (Shehnaaz Gill) के पिता संतोख सिंह सुख (Santokh Singh Sukh) पर दो लोगों ने फायरिंग की है। इस घटना को पंजाब के अमृतसर में रात करीब 8.30 बजे अंजाम दिया गया। इस घटना में संतोख सिंह की जान बाल-बाल बची है।

गिल के पिता संतोख सिंह ने दो दिन पहले ही भाजपा ज्वाइन की थी। शनिवार (25 दिसंबर 2021) को वह कुछ कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद अमृतसर से ब्यास के लिए रवाना हुए थे। उस समय संतोख सिंह जंडियाला गुरु के पास किसी ढाबे पर रुके हुए थे। गिल के पिता ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने टॉयलेट जाने के लिए अपनी कार रोकी थी। तभी 2 बाइक सवार अज्ञात लोग उनकी कार के नजदीक आए और फायरिंग शुरू कर दी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुख की कार पर 4 गोलियाँ लगी थीं। इस बीच सुरक्षाकर्मी दौड़ कर आए। सुरक्षाकर्मियों को आता देखकर बाइक सवार हमलावर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को हमले की सूचना दी। पुलिस ने मौके से गोली के 4 खाली खोखे बरामद किए हैं और मामले की जाँच में जुट गई है।

बता दें कि संतोख सिंह सुख पर कई आपराधिक केस दर्ज हैं, जिसके चलते उनकी सिक्योरिटी को हटा लिया गया था। पुलिस ने संदेह जताया है कि सुख ने थाने में इसलिए शिकायत दर्ज कराई है, ताकि वह अपनी सिक्योरिटी वापस ले सकें। पुलिस अलग-अलग ऐंगल से मामले की जाँच कर रही है।

‘MHA ने नहीं फ्रीज किए हमारे बैंक खाते, FCRA लाइसेंस भी कैंसल नहीं’: मदर टेरसा की संस्था का बयान, शुभेंदु ने कहा – माफ़ी माँगें CM ममता

मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के बैंक खाते फ्रीज किए जाने के आरोपों को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने निशाना साधा है। भाजपा नेता ने कहा कि चूँकि TMC सुप्रीमो ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से गलत जानकारी डाली है, इसीलिए उन्हें माफ़ी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूरा स्पष्टीकरण दे दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी के बयान को गलत राजनीति बताया।

ममता बनर्जी ने अपने बयान में कहा था, “मैं ये सुन कर हैरान हूँ कि क्रिसमस के मौके पर केंद्र सरकार ने भारत में ‘मदर टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। उनके 22,000 मरीज और कर्मचारी बिना भोजन और दवा के छोड़ दिए गए हैं। हालाँकि, कानून का दर्जा सबसे ऊपर है लेकिन मानवीय सेवा के कार्यों के साथ समझौता नहीं किया जाना चाहिए।” इसके बाद केंद्र सरकार ने साफ़ कर दिया कि उसने बैंक खाते फ्रीज करने का कोई आदेश नहीं दिया है।

दस्तावेजों से ये भी साफ़ हो गया है कि ‘मदर टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ का FCRA रजिस्ट्रेशन न तो सस्पेंड किया गया है, न ही कैंसल किया गया है। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि उसने संस्था के बैंक खातों को फ्रीज करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। इस बात की पुष्टि ‘मदर टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ ने भी अपने बयान में की है। संस्था ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बैंक खाते फ्रीज करने का आदेश नहीं दिया है। संस्था ने कहा की FCRA एप्लीकेशन को रिन्यू करने की याचिका रद्द की गई है।

मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ के बैंक खाते फ्रीज: जानिए क्या है पूरा मामला

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने कहा है कि उसने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी MoC)’ के बैंक खातों को फ्रीज नहीं किया है। ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)’ ने जानकारी दी है कि संस्था ने खुद ही निवेदन भेजा था कि उसके बैंक खातों को फ्रीज कर लिया जाए। वहीं MHA ने कहा है कि ‘विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA)’ के तहत MoC ने अपने एप्लिकेशन को रिन्यू कराने के लिए याचिका डाली थी, लेकिन 25 दिसंबर, 2021 को उसे ख़ारिज कर दिया गया।

उक्त संस्था ने FCRA 2010 और FCRR 2011 (Foreign Contribution Regulation Rules) के तहत पात्रता को पूरा नहीं किया था, जिस कारण उसकी याचिका को रद्द किया गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वामपंथी दल CPI ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने क्रिसमस पर ईसाइयों पर हमला बोलते हुए MoC के बैंक खातों को जब्त कर दिया है। TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) सुप्रीमो ने तो यहाँ तक दावा किया था कि 22,000 मरीज और कर्मचारी बिना भोजन और दवाओं के बेचैन हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि मानवता से जुड़े मुद्दों के साथ समझौता नहीं किया जाना चाहिए। हालाँकि, MHA ने ये भी बताया है कि संस्था ने अपनी याचिका रद्द होने की समीक्षा के लिए कोई निवेदन ही नहीं भेजा है। उसका रजिस्ट्रेशन अक्टूबर 2021 तक ही वैध था, लेकिन इस वैधता को 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया था। कुछ ‘प्रतिकूल इनपुट्स’ की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान गया था, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया था। MHA ने कोई अकाउंट फ्रीज नहीं किया, बल्कि सिर्फ रजिस्ट्रेशन की वैधता बढ़ाने की याचिका को रद्द किया।

कलकत्ता चर्च के पादरी डोमिनिक गोम्स ने बयान जारी कर के इसे ‘केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को क्रिसमस का क्रूर गिफ्ट’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा ने सभी साजोसामान, नींद और घर त्याग कर गरीब भारतीयों की सेवा करने का फैसला लिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर मानवीय सेवा के कार्यों के प्रति गलत रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये निर्णय त्रासदी का कारण बन सकता है। साथ ही उन्होंने धर्मांतरण के आरोपों को भी गलत बताया।

फरवरी 2020 में आरोप लगा था कि मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरी ऑफ चैरिटी’ कथित तौर पर बच्चों के ख़रीद-फरोख्त में लगी हुई है। जुलाई 2018 में ‘राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR)’ ने राँची स्थित एक ऐसे ही शेल्टर होम का दौरा किया था, जहाँ बड़ी गड़बड़ियाँ पाई गई थीं। 2015 से 2018 के बीच 450 गर्भवती महिलाएँ यहाँ भर्ती की गई थी। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से सिर्फ़ 170 बच्चों का ही रिकॉर्ड दर्ज थे। बाकी 280 शिशुओं के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

‘₹60 लाख/महीना…’: NDTV ने लोगों को नौकरी छोड़ कर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए उकसाया, विरोध होने पर डिलीट किया ‘पेड ट्वीट’

मीडिया समूह NDTV पर अक्सर फर्जी खबरों को फैलाने का आरोप लगता रहता है। इस बीच NDTV पर एक नया आरोप लगा है। वह आरोप है- लोगों को नौकरी छोड़ कर खुद को ट्रेडिंग क्रिप्टो करेंसी में शामिल करने के लिए उकसाने का आरोप।

बता दें कि क्रिप्टो करेंसी वित्तीय लेन-देन का एक जरिया है। बिल्कुल भारतीय रुपए और अमेरिकी डॉलर के समान, अंतर सिर्फ इतना है कि यह आभाषी है और दिखाई नहीं देती, न ही आप इसे छू सकते हैं। इसलिए इसे डिजिटल करेंसी भी कहते हैं। इसका पूरा कारोबार ऑनलाइन माध्यम से ही होता है। इसमें कोई मध्यस्थ नहीं होता। यही कारण है कि इसे अनियमित बाजार के तौर पर जाना जाता है, जो पल में किसी को अमीर बना देता है और एक झटके में उसे जमीन पर गिरा देता है।

NDTV ने अपने हालिया प्रोडक्शन “कॉफी एंड क्रिप्टो” में, एक लोकप्रिय क्रिप्टो क्यूरेंसी ट्रेड एक्सचेंज कॉइनस्विच के साथ पार्टरनशिप में एक शो, वर्चुअल करेंसी सिस्टम को बढ़ावा दिया और अपने दर्शकों से एक क्रिप्टो बिजनेसमैन की तथाकथित कहानी को उजागर करके उसी में निवेश करने का आग्रह किया। चैनल ने दावा किया कि उस बिजनेसमैन ने क्रिप्टो में निवेश करके काफी लाभ उठाया था।

शो की एक क्लिप 24 दिसंबर को एनडीटीवी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर की गई थी। वीडियो में, शो की होस्ट सोनल मेहरोत्रा कपूर इस बात पर जोर देती है कि कैसे एक क्रिप्टोकरंसी ट्रेडर, (जिसका ट्विटर हैंडल @MsCryptomom1 है) ने अपनी नौकरी छोड़ कर फुलटाइम वर्चुअल करेंसी ट्रेडिंग में प्रवेश करके मोटी कमाई की। 

खिंचाई होने पर NDTV ने डिलीट किया ‘पेड ट्वीट’

NDTV द्वारा 24 दिसंबर को ट्वीट करने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उसे आड़े हाथों ले लिया और इस तरफ इशारा किया कि कैसे NDTV लोगों को उनकी नौकरी छोड़ कर इस पोंजी स्कीम में निवेश करने के लिए उकसा रहा है।

गब्बर सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “प्लीज इस तरह के नैरेटिव न फैलाएँ। यह बहुत ही खतरनाक है।”

लेखक हर्ष मधुसूदन ने भी लोगों को अपनी नौकरी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए चैनल को लताड़ लगाई। उन्होंने लिखा, “NDTV के ‘पार्टनर’ को इस प्लग के लिए कितना भुगतान किया गया?” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि SEBI, RBI, MoF और MoIB को इसकी जाँच करनी चाहिए और इस तरह के फंडिंग के लिए मानदंड होने चाहिए।

अन्य लोगों ने भी लोगों को खतरनाक रास्ते पर ले जाने के लिए NDTV और उसके पत्रकारों की आलोचना की और पूछा कि इस तरह के खुलेआम क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देने के लिए न्यूज चैनल को उनके पार्टनर से कितना पैसा मिला।

हालाँकि ‘पेड ट्वीट’ को NDTV ने हटा लिया है, लेकिन पूरे शो का वीडियो अभी भी इसके यूट्यूब चैनल पर मौजूद है।

NDTV के ट्वीट और पूरे शो से ऐसा लगता है कि वह क्रिप्टो करेंसी की PR कैंपेनिंग कर रहा है।

अवैध रूप से यूरोप जा रहे प्रवासियों की नौका समुद्र में पलटी, 27 की डूबने से मौत: लीबिया के तट पर बिखरे मिले सड़े हुए शव

अवैध रूप से यूरोप (Europe) जा रहे 27 प्रवासियों के शव लीबिया (Libya) के समुद्री तटों पर बिखरे मिले हैं, जिनमें दो महिलाएँ और एक बच्चे का शव भी है। घटना की जानकारी देते हुए लीबिया के रेड क्रिसेंट (Red Crescent) नाम के मुस्लिम संगठन ने कहा कि शनिवार (25 दिसंबर) की देर रात तटीय शहर खोम्स (Khoms) के दो अलग-अलग स्थानों पर ये शव मिले हैं। वहीं, इस घटना में तीन प्रवासियों को बचा लिया गया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन तलाशी अभियान चलाकर अन्य लोगों की खोजबीन कर रहा है।

ये मुस्लिम प्रवासी लीबिया के जरिए अफ्रीका और मध्य पूर्व देशों से नौका में भरकर यूरोप जा रहे थे, लेकिन जहाज के डूबने की वजह से इन लोगों की मौत हो गई। खोम्स शहर लीबिया की राजधानी त्रिपोली से लगभग 90 किलोमीटर दूर है और यह समुद्री रास्ता अवैध प्रवासियों के लिए पसंदीदा है।

रेड क्रॉस (Red Cross) की तर्ज पर मुस्लिम के संगठन रेड क्रिसेंट की लीबिया शाखा ने मृतकों की तस्वीरों को साझा किया है। संगठन के कर्मी मृतकों के शव को हटाने का काम कर रहे हैं और उन्हें काले बैग में भरते दिख रहे हैं।

एक अधिकारी ने अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी AFP के बताया कि शवों सड़ चुके हैं और इनकी हालत देखकर कहा जा सकता है कि दुर्घटना कई दिन पहले हुई है। इनके शवों को बैग में रखकर सामूहिक रूप से दफनाने का काम जारी है।

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (U.N. migration agency) के अनुसार, इस साल भूमध्यसागर के रास्ते यूरोप जाने वाली नौकाओं के डूबने से इस साल लगभग 1,500 प्रवासियों की मौत हो गई है। इस महीने की शुरुआत में अफ्रीकी देशों से अवैध रूप से यूरोप जा रहे प्रवासियों से भरी से दो अलग-अलग नौकाओं के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण 160 से अधिक प्रवासी डूब कर मर गए थे। इनमें बच्चे भी शामिल थे।

कानपुर के इत्र कारोबारी पीयूष जैन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया: जानिए अब तक क्या-क्या हुआ बरामद

कानपुर कोर्ट ने कारोबारी पीयूष जैन को करोड़ों की कर चोरी और अघोषित संपत्ति मिलने के मामले में सोमवार (27 दिसंबर 2021) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रविवार (26 दिसंबर 2021) रात को गिरफ्तार करने के बाद पीयूष जैन को सोमवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इत्र कारोबारी के आवास पर छापेमारी में 284 करोड़ रुपए से अधिक का कैश, 26 किलोग्राम सोना और 600 किलोग्राम चंदन की लकड़ी बरामद हुई थी।

डीजीजीआई ने बताया कि पीयूष जैन ने स्वीकार किया है कि रिहायशी परिसर से बरामद नकदी बिना जीएसटी के माल की बिक्री से जुड़ी है। उसे जीएसटी की धारा 132 में जेल भेजा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने कन्नौज में ओडोकेम इंडस्ट्रीज के आवासीय/कारखाना परिसर की भी तलाशी ली है, जो अभी भी जारी है। कन्नौज में छापेमारी के दौरान अधिकारी आज करीब 17 करोड़ रुपए कैश बरामद करने में सफल रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इत्र कारोबारी पीयूष जैन को सोमवार को जीएसटी इंटेलीजेंस अहमदाबाद की टीम ने शाम करीब चार बजे रिमांड मजिस्ट्रेट योगिता कुमार के न्यायालय में पेश किया। जीएसटी के विशेष अभियोजन अधिकारी अंबरीश टंडन ने कोर्ट में समस्त दस्तावेज पेश किए और आरोपित का जेल रिमांड माँगा। इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुधीर मालवीय की ओर से आपत्ति जताते हुए रिमांड निरस्त करने की अपील की गई। दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद रिमांड मजिस्ट्रेट ने विशेष अभियोजन अधिकारी की बात से सहमति जताते हुए पीयूष जैन को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने बचाव पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया।

बता दें कि इस छापेमारी में उत्तर प्रदेश और गुजरात के GST (वस्तु एवं सेवा कर) अधिकारी भी शामिल हैं। पीयूष जैन के पास इतने पैसे थे कि उसने अपने घरों में भी कैश गिनने वाली मशीनें लगा रखी थीं। IT विभाग ने कुल 19 कैश काउंटिंग मशीनें इस काम में लगाई हैं। उसके ठिकानों से 250 किलोग्राम चाँदी और 25 किलोग्राम सोना भी कन्नौज स्थित आवास से जब्त किया गया है। पीयूष जैन लगभग 40 कंपनियों का मालिक है, जिनमें से 2 मध्य-पूर्व में स्थित हैं। पीयूष जैन के घरों से 300 चाभियाँ मिली हैं। कुछ लॉक्ड ताले अब भी नहीं टूटे हैं, जिस कारण विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

‘बिना सहमति के महिला के पैर छूना उसका शील भंग करने के समान’: बॉम्बे हाई कोर्ट

बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने हाल ही में एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि बिना सहमति के महिला के पैर छूना उसका शील भंग करने जैसा है। उन्होंने कहा, ”किसी अजनबी व्यक्ति द्वारा महिला के शरीर के किसी भी हिस्से को उसकी सहमति के बिना छूना भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 के तहत दंडनीय अपराध है।”

न्यायमूर्ति मुकुंद जी सेवलीकर की एकल न्यायाधीश पीठ 36 वर्षीय जालना निवासी उस शख्‍स की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसे पीड़िता की लज्‍जा या शील भंग करने के लिए सत्र अदालत ने दोषी करार दिया था। न्यायाधीश ने दोषी परमेश्वर धागे के जालना सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई याचिका को खारिज कर अपना फैसला सुनाया। पड़ोसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने माना कि देर रात एक महिला के बिस्तर पर बैठना और उसके पैर छूना उसका शील भंग करने के समान है।

अदालत के अपने आदेश में कहा, “दोषी एक रात महिला के पति की गैर-मौजूदगी में उसके घर में घुस गया था। उसके इस व्यवहार में यौन मंशा की बू आती है। अन्यथा, इतनी रात को पीड़िता के घर जाने का कोई कारण नहीं था।”

पीड़िता ने बताया था कि 4 जुलाई को वह अपने सास ससुर के साथ घर पर अकेली थी और उसके पति किसी काम से शहर से बाहर गए हुए थे। उसी रात 8 बजे धागे महिला के घर आया और उससे पूछा कि उसके पति घर कब आएँगे। इस दौरान महिला ने उसे बताया कि आज रात उसके पति घर नहीं आएँगे। इसके बाद शिकायतकर्ता मेन गेट बंद करके सोने चली गई, लेकिन उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद नहीं किया।

वहीं, धागे के वकील ने तर्क दिया कि दरवाजा अंदर से लॉक नहीं था, इसलिए इसे पीड़िता की ओर से सहमति के रूप में देखा जाना चाहिए। वकील ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता ने बिना किसी यौन इरादे के केवल महिला के पैर छुए थे।

मदर टेरेसा की मिशनरी ने खुद बैंक अकाउंट फ्रीज करने को कहा, ममता बनर्जी-CPM घेर रहे थे मोदी सरकार को… MHA के बयान से खुली पोल

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने कहा है कि उसने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी MoC)’ के बैंक खातों को फ्रीज नहीं किया है। ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)’ ने जानकारी दी है कि संस्था ने खुद ही निवेदन भेजा था कि उसके बैंक खातों को फ्रीज कर लिया जाए। वहीं MHA ने कहा है कि ‘विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA)’ के तहत MoC ने अपने एप्लिकेशन को रिन्यू कराने के लिए याचिका डाली थी, लेकिन 25 दिसंबर, 2021 को उसे ख़ारिज कर दिया गया।

उक्त संस्था ने FCRA 2010 और FCRR 2011 (Foreign Contribution Regulation Rules) के तहत पात्रता को पूरा नहीं किया था, जिस कारण उसकी याचिका को रद्द किया गया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वामपंथी दल CPI ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने क्रिसमस पर ईसाइयों पर हमला बोलते हुए MoC के बैंक खातों को जब्त कर दिया है। TMC (तृणमूल कॉन्ग्रेस) सुप्रीमो ने तो यहाँ तक दावा किया था कि 22,000 मरीज और कर्मचारी बिना भोजन और दवाओं के बेचैन हैं।

ममता बनर्जी ने कहा कि मानवता से जुड़े मुद्दों के साथ समझौता नहीं किया जाना चाहिए। हालाँकि, MHA ने ये भी बताया है कि संस्था ने अपनी याचिका रद्द होने की समीक्षा के लिए कोई निवेदन ही नहीं भेजा है। उसका रजिस्ट्रेशन अक्टूबर 2021 तक ही वैध था, लेकिन इस वैधता को 31 दिसंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया था। कुछ ‘प्रतिकूल इनपुट्स’ की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान गया था, जिसके बाद ये निर्णय लिया गया था। MHA ने कोई अकाउंट फ्रीज नहीं किया, बल्कि सिर्फ रजिस्ट्रेशन की वैधता बढ़ाने की याचिका को रद्द किया।

कलकत्ता चर्च के पादरी डोमिनिक गोम्स ने बयान जारी कर के इसे ‘केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को क्रिसमस का क्रूर गिफ्ट’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा ने सभी साजोसामान, नींद और घर त्याग कर गरीब भारतीयों की सेवा करने का फैसला लिया। उन्होंने केंद्र सरकार पर मानवीय सेवा के कार्यों के प्रति गलत रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये निर्णय त्रासदी का कारण बन सकता है। साथ ही उन्होंने धर्मांतरण के आरोपों को भी गलत बताया।

फरवरी 2020 में आरोप लगा था कि मदर टेरेसा द्वारा स्थापित ‘मिशनरी ऑफ चैरिटी’ कथित तौर पर बच्चों के ख़रीद-फरोख्त में लगी हुई है। जुलाई 2018 में ‘राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR)’ ने राँची स्थित एक ऐसे ही शेल्टर होम का दौरा किया था, जहाँ बड़ी गड़बड़ियाँ पाई गई थीं। 2015 से 2018 के बीच 450 गर्भवती महिलाएँ यहाँ भर्ती की गई थी। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से सिर्फ़ 170 बच्चों का ही रिकॉर्ड दर्ज थे। बाकी 280 शिशुओं के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

CM योगी ने सीतापुर में ₹116 और प्रतापगढ़ में ₹554 करोड़ की दी सौगात, कहा- कमरे नोटों से भरे हैं ‘बबुआ’ इसलिए करते थे नोटबंदी का विरोध

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (27 दिसंबर 2021) को जनपद सीतापुर और प्रतापगढ़ में कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने सीतापुर में ₹116 करोड़ की लागत की 83 विकास परियोजना और प्रतापगढ़ में ₹554 करोड़ की 378 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया।

इस दौरान उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर भी जमकर निशाना साधा। सीतापुर में जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के मुद्दों पर केवल भारतीय जनता पार्टी ही कार्य कर सकती है और भारतीय जनता पार्टी ने यह कार्य करके दिखाया भी है। 

उन्होंने कहा, “लंबे समय तक शासन करने वाली कॉन्ग्रेस, सपा और बसपा की विकासपरक सोच नहीं थी। कॉन्ग्रेस पार्टी से पूछा जाना चाहिए कि उसने प्रदेश और देश में साढ़े 5 दशक तक शासन किया फिर प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज क्यों नहीं बन पाया?”

सीएम ने कहा, “2017 से पहले, सरकार ‘कब्रिस्तान’ की बाउंड्री पर पैसा खर्च करती थी, लेकिन अब पैसा विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है… पहले सरकार की संकीर्ण सोच थी और केवल अपने परिवारों के लिए सोचती थी, लेकिन हमारे लिए 135 करोड़ आबादी एक परिवार है।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “आज पैसा दीवारों से निकल रहा है, कमरे नोटों से भरे पड़े हैं। अब जनता को समझ में आ रहा होगा कि बबुआ नोटबंदी का विरोध क्यों करता था। आज गरीबों के मकान बन रहे हैं। पहले यह पैसा कहाँ चला जाता था? यह गरीबों का ही पैसा है, जो सपा, बसपा और कॉन्ग्रेस के नेता लूटकर अपने घरों को बनाते थे।”

वहीं प्रतापगढ़ में सीएम योगी ने कहा, “पहले सरकार में गरीबों, विधवाओं के लिए कोई जगह नहीं थी क्योंकि उन्होंने केवल वोट बैंक की राजनीति की थी। उन्हें लगा कि ‘राम भक्तों’ पर गोली चलाने से उन्हें वोट मिलेगा, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। हमने कहा, हम राम मंदिर बनाएँगे और हमने उसे पूरा किया। यह फर्क है।”

इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस, सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि शिलान्यास करके सारे काम अधूरे छोड़ने वाले को मौका नहीं दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में परिवारवाद को तरजीह देने को लेकर भी उन पर हमला बोला। उन्होंने कॉन्ग्रेस को भाई-बहन की, सपा को चाचा-भतीजे की तो बसपा को बुआ-भतीजे की पार्टी बताया।

पंजाब में BJP को कैप्टन अमरिंदर के अलावा एक और साथी मिला, तीन दलों के गठबंधन का ऐलान: सीट शेयरिंग के लिए संयुक्त समिति

भाजपा ने पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह की ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ और सुखदेव सिंह ढींडसा की ‘शिरोमणि अकेले दल (संयुक्त)’ के साथ गठबंधन का ऐलान किया। जहाँ कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री रहे हैं, वहीं सुखदेव सिंह ढींडसा राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। वो अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं और उनके बेटे परमिंदर सिंह ढींडसा भी पंजाब के वित्त मंत्री रहे हैं। 85 वर्षीय सुखदेव सिंह ढींडसा और 79 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ बैठक की।

इस बैठक में पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रभारी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद थे। हालाँकि, अभी तक सीट बँटवारे के आँकड़े का ऐलान नहीं हुआ है। मीडिया से बात करते हुए शेखावत ने गठबंधन की जानकारी दी। पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नई दिल्ली स्थित आवास पर इन नेताओं की बैठक हुई। इसके बाद तीनों दलों के गठबंधन की आधिकारिक घोषणा हो गई। सीट बँटवारे पर चर्चा के लिए तीनों दलों की एक संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा।

इसमें तीनों दलों के दो-दो नेता शामिल होंगे। तीनों दल मिल कर अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी करेंगे। तीनों दलों ने पारंपरिक गठबंधन की जगह सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। हर सीट पर विश्लेषण किया जाएगा कि कौन सा उम्मीदवार जीत की स्थिति में है। वहाँ से उसे टिकट मिलेगा और बाकी दो दल उसका समर्थन करेंगे। सीटों की संख्या की जगह जीत की संभावना को तरजीह दी जा रही है। शहरी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के ज्यादा उम्मीदवार रहेंगे।

पंजाब में विधानसभा की कुल 117 सीटें हैं, जिनमें से 40 सीटें शहर क्षेत्रों में आती हैं और भाजपा यहाँ अपने उम्मीदवार उतार सकती है। इस तरह अब पंजाब में पंचकोणीय मुकाबले के असर जताए जा रहे हैं, जिसमें इस गठबंधन के अलावा कॉन्ग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और आम आदमी पार्टी (AAP) के अलावा विभिन्न किसान संगठन भी मैदान में हैं। पंजाब में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चंडीगढ़ में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में पहले नंबर पर आने के बाद AAP उत्साहित है। भाजपा यहाँ दूसरे नंबर पर रही है।

BMC ने नाइट कर्फ्यू लगाया, महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने लाइट शो देखने बुलाया: लाखों जुट गए, खुद सदन में नहीं आते पिता-पुत्र

देश में कोरोना के सबसे खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रोन के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पुत्र आदित्य ठाकरे ने लोगों को लाइट शो देखने के लिए आमंत्रित किया। उनके निमंत्रण पर मुंबई के लाखों लोग धारा 144 को धत्ता बताते हुए सड़कों पर निकल लाए और कोरोना प्रोटोकॉल की जमकर धज्जियाँ उड़ाईं।

आदित्य ठाकरे ने लाइट शो में लोगों को जुटने की अपील कर ना सिर्फ कोरोना प्रोटोकॉल और बीएमसी के आदेश को ठेंगा दिखाया, बल्कि अपनी ही सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को भी धत्ता बता दिया। पर्यटन मंत्री के कहने पर लाखों लोग मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन में वंडरलैंड गार्डन में लाइट शो देखने पहुँच गए। इस कारण इलाके की सड़कों पर भयानक जाम लग गया।

बता दें कि महाराष्ट्र देश के सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों वाला राज्य है। यहाँ देश में ओमिक्रोन के सबसे अधिक मामले हैं। 24 दिसंबर 2021 तक राज्य में ओमिक्रोन के 108 मरीज थे, जो देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक हैं।

कोरोना की भयावह होती जा रही स्थिति को नियंत्रित करने और डेल्टा वैरिएंट से शुरू हुई दूसरी लहर में महाराष्ट्र की बिगड़ी स्थिति को देखते हुए बृहन्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) ने दो दिन पहले ही मुंबई में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया था। इसके तहत शाम 9 बजे से सुबह 6 बजे तक धारा 144 लगाने की घोषणा की गई थी।

बीएमसी के कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने कोरोना गाइडलाइन को जारी करते हुए आदेश में कहा था कि अगर कोई व्यक्ति इन आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

25 दिसंबर की आधी रात से जारी की गई इस गाइडलाइन से पहले महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना को लेकर गाइडलाइन जारी किया था। इस गाइडलाइन के तहत रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर एक साथ 5 से अधिक लोग जमा नहीं हो सकते। इसके अलावा, जिम, स्पा, थिएटर, होटल, सिनेमा हॉल जैसी जगहों के लिए 50% क्षमता करने की घोषणा कर गई थी।

मराठी अखबार महाराष्ट्र टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कोरोना की स्थिति को देेखते हुए राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं हो रहे हैं। मंगलवार (28 दिसंबर) को सत्र का आखिरी दिन है। यही हाल प्रदेश के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का भी है। उद्धव ठाकरे भी सत्र के पहले दिन से ही सदन से अनुपस्थित हैं।

मीडिया ने जब इस पर सवाल उठाया तो आदित्य ठाकरे ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कोरोना की स्थिति को देखकर तय करेंगे कि इसमें शामिल होना है या नहीं। ऐसे में यही कयास लगाए जा रहे हैं कि आदित्य ठाकरे अंतिम दिन भी सदन नहीं आएँगे।