उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM Chief Assaduddin Owaisi) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, ”अगर बीजेपी (BJP) दोबारा सरकार में आई तो ओवैसी जनेऊ धारण कर राम-राम जपने लगेंगे।”
चौधरी ने रविवार (26 दिसंबर 2021) को शामली में आयोजित युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “मैंने सभा में मौजूद लोगों से कहा था कि अगर आप प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार बनवाते हैं तो एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी जनेऊ धारण करते हुए नजर आएँगे और राम नाम का जाप करेंगे।”
उन्हें आखिर ऐसा क्यों लगता है कि ओवैसी ऐसा करेंगे। इस सवाल के जवाब में चौधरी ने कहा, “हम अपना एजेंडा आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे एजेंडे के मुताबिक, अखिलेश यादव मंदिरों में जा रहे हैं और कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी जनेऊ धारण करके हर किसी को अपना गोत्र बता रहे हैं। यह हमारी विचारधारा का प्रभाव है, जिसकी वजह से लोगों ने अपना-अपना एजेंडा छोड़ दिया है।”
उन्होंने कहा कि जो लोग तुष्टिकरण की राजनीति करते थे। अल्पसंख्यकों की बात करते थे, जिन लोगों ने भगवान राम के अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया और न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा कि राम एक काल्पनिक पात्र हैं, अब वही लोग जनेऊ धारण कर रहे हैं। एक मंदिर से दूसरे मंदिर घूम रहे हैं।
वहीं, इस बारे में जब ओवैसी से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अगर कोई फिजूल का बयान देता है, तो आप उस पर मेरी प्रतिक्रिया क्यों चाहते हैं? मैं ऐसे पागलपन भरे बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर में ओवैसी द्वारा दिए गए आपत्तिजनक भाषण, “मोदी-योगी न रहे तो तुम्हे बचाएगा कौन” पर हैदराबाद के गोशामहल से BJP MLA टी राजा सिंह ने ओवैसी को औरंगजेब के इतिहास की याद दिलाई थी। ओवैसी के बयानों से आक्रोशित राजा सिंह ने उन्हें बड़ा बकरा तक कह दिया था।
साल 2021 वो साल है, जिसमें लगातार न्यायपालिका अपने फैसलों और टिप्पणियों को लेकर चर्चा में रही। कई ऐसे फैसले आए जिन पर खासा विवाद हुआ। इसमें से एक बॉम्बे हाई कोर्ट का ‘स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट’ वाला फैसला काफी विवादों में रहा, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया। एक ऐसा मामला भी देखने को मिला जब एक नाबालिग की शादी को जायज ठहराने के लिए कोर्ट ने मुस्लिम लॉ का हवाला दिया। किसान आंदोलन को लेकर शीर्ष अदालत के रुख को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही।
नए साल में प्रवेश से पहले ऐसे ही 10 फैसलों और टिप्पणियाँ आपके लिए;
साल 2021 की शुरुआत में ही बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह विवादित टिप्पणी की। जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने कहा था कि सिर्फ ग्रोपिंग (groping, किसी की इच्छा के विरुद्ध कामुकता से स्पर्श करना) को यौन शोषण नहीं माना जा सकता है। इस फैसले में कहा गया था कि यौन उत्पीड़न के लिए स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट होना जरूरी है। केवल नाबालिग लड़की की छाती को छूना यौन शोषण में नहीं आता। इस फैसले को सुनाने के बाद जस्टिस पुष्पा की काफी आलोचना हुई थी और कुछ समय बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे खारिज किया था। कोर्ट ने कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो दस्ताने पहन कर बलात्कार करने वाले बच जाएँगे।
‘स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट’ फैसले पर जारी विवाद के बीच ही बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस पुष्पा ने जनवरी में ही एक और विवादित फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी नाबालिग के सामने पैंट की जिप खोले तो वो पॉक्सो एक्ट में नहीं आता है। जस्टिस पुष्पा गनेदीवाला की एकल पीठ ने 50 वर्षीय एक व्यक्ति द्वारा 5 साल की लड़की से यौन शोषण मामले में ये फैसला दिया था।
15 साल की लड़की के रेप से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ की जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने एक आरोपित को बरी करने के दौरान कहा कि पीड़िता का मुँह दबाना, फिर उसके और अपने कपड़े उतारना, बाद में जबरन बिना किसी हाथापाई के रेप करना अकेलेयुवक के लिए संभव नहीं है।
फरवरी 2021 में पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट ने इस्लामी साहित्य का हवाला देकर एक मुस्लिम लड़की की शादी पर अपना फैसला सुनाया था। कोर्ट ने उस दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला दिया था। साथ ही कहा था कि एक लड़की को 15 साल की उम्र पूरी करने के बाद प्यूबर्टी हासिल करना माना जा सकता है। न्यायाधीश अलका सरीन ने एक 17 साल की लड़की के निकाह को जायज ठहराते हुए ये टिप्पणी की थी कि मुस्लिम लड़का और लड़की अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति से शादी करने के लिए स्वतंत्र हैं, उन्हें किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। ये मुस्लिम पर्सनल ला द्वारा ही तय किया गया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ से लगातार यौन शोषण के मामलों पर हैरान करने वाले फैसले आने के बाद इस वर्ष एक फैसला जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट से भी आया था, जिसमें फैयाज नाम के आरोपित को ये कहकर जमानत दी गई थी कि सिर्फ भतीजी के कपड़े उतारने की कोशिश और अपनी पैंट उतारने की हरकत को बलात्कार का प्रयास नहीं माना जा सकता क्योंकि इसमें पेनिट्रेशन नहीं है।
विवादित फैसलों की सूची में एक निर्णय इलाहाबाद हाई कोर्ट का भी रहा, जब एक मामले की सुनवाई के समय मुँह में लिंग डालने को गंभीर यौन हमला मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में पॉक्सो की धारा-6 और 10 के तहत सजा नहीं हो सकती। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 नवंबर, 2021 को दिए निर्णय में स्पष्ट किया था कि एक बच्चे के मुँह में लिंग डालना ‘पेनेट्रेटिव यौन हमले’ की श्रेणी में आता है, जो यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) अधिनियम की धारा 4 के तहत दंडनीय है और अधिनियम की धारा 6 के तहत नहीं। इसलिए, न्यायमूर्ति अनिल कुमार ओझा की पीठ ने निचली अदालत द्वारा अपीलकर्ता सोनू कुशवाहा को दी गई सजा को 10 साल से घटाकर 7 साल कर दिया था।
साल 2017 में एक घटना घटी थी जब एक स्कूली छात्रा को एक शख्स ने दुपट्टा खींचकर, हाथ पकड़कर शादी का प्रस्ताव दिया था। जब लड़की ने इससे मना किया तो उसे एसिड अटैक की धमकी दी गई। ट्रॉयल कोर्ट ने आरोपित को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना। लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट ने इसे यौन हमला मानने से इनकार कर दिया। कलकत्ता हाई कोर्ट का कहना था कि महिला के स्कार्फ (दुपट्टा) को खींचना, पीड़िता का हाथ खींचना और उसे शादी के लिए प्रस्ताव देना पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत ‘यौन हमला’ या ‘यौन उत्पीड़न’ की परिभाषा में नहीं आता है।
27 अगस्त 2021 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक 46 साल के मुर्गी विक्रेता को जमानत देते हुए कहा था कि किसी बच्चे के गाल छूना यौन अपराध नहीं है। उच्च-न्यायालय ने कहा था कि बिना किसी यौन इच्छा के बच्चे के गाल छूना यौन अपराध में नहीं आता। साथ ही कोर्ट ने ये भी कहा कि इस मामले में ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करने संबंधी अधिनियम (POCSO Act)’ के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती। इस मामले में 8 साल की बच्ची की माँ ने आरोपित के विरुद्ध आरोप लगाया था कि जब उनकी बेटी आरोपित की दुकान पर गई थी, तो उन्होंने उसे गलत ढंग से छुआ।
फरवरी 2021 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक शादीशुदा महिला को समझाया कि मुस्लिम महिलाएँ तलाक के बिना दूसरा निकाह नहीं कर सकतीं, वहीं मुस्लिम पुरुषों को तलाक के बिना दूसरा निकाह करने की अनुमति है। मुस्लिम पुरुष अपनी बीवी को तलाक दिए बिना ही एक से अधिक निकाह कर सकता है। मुस्लिम महिलाओं पर ये नियम लागू नहीं होता। कोर्ट ने अपना फैसला हरियाणा के मेवात स्थित नूँह के एक मुस्लिम प्रेमी जोड़े की माँग पर सुनाया। मुस्लिम महिला का कहना था कि उसका निकाह उसकी मर्जी के बिना ही कर दिया गया था, इसीलिए अब वो अपने प्रेमी से निकाह करने जा रही है। मगर, कोर्ट ने यहाँ कहा कि उसने अभी तलाक नहीं लिया है इसलिए सुरक्षा की माँग वैध नहीं है।
मार्च के महीने में सुप्रीम कोर्ट में तत्कालीन चीफ जस्टिस एसए बोबडे को एक टिप्पणी ‘उससे शादी करोगे’ के कारण काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। आरोप लगे कि उन्होंने रेप आरोपित से कहा कि वह पीड़िता से शादी करे। हालाँकि पूर्व सीजेआई का कहना था कि ये मामला मीडिया में गलत ढंग से रिपोर्ट किया गया, उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं पूछी थी। ये मामला महाराष्ट्र के एक सरकारी मुलाजिम से जुड़ा केस था। मोहित सुभाष चव्हाण नाम के आरोपित ने 2014-15 में एक 16 साल की लड़की का रेप किया था और सुनवाई के दौरान वह पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपों का सामना कर रहा था।
राजस्थान में एक बार फिर से मंदिर में चोरी का मामला सामने आया है। इस बार राजस्थान के मंडावरी थाना क्षेत्र के बगड़ी गाँव स्थित रघुनाथ मंदिर में धावा बोलते हुए चोरों ने भगवान रघुनाथ और गणेश की मूर्तियाँ चोरी कर ले गए। इसके साथ ही उन्होंने भगवान की चाँदी के मुकुट और छत्र भी चुरा कर ले गए।
जब ग्रामीणों को चोरों का पता लगा तो आक्रोशित हो गए और पुलिस को सूचना दी। चोरी की सूचना पर मौके पर पहुँची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और सबूत इकट्ठे किए। इसके बाद पुलिस आरोपित की तलाश में जुट गई है। वहीं घटनाक्रम को लेकर ग्रामीणों से भी पुलिस जानकारी जुटा रही है, जिससे जल्द से जल्द चोरी की वारदात का खुलासा किया जा सके। ग्रामीणों के आक्रोश और बढ़ते दबाव के चलते पुलिस भी जल्द से जल्द पूरे मामले को सुलझाने में लगी हुई है।
इधर महेंद्र शर्मा का कहना है कि भगवान की मूर्तियाँ पीतल की थी, लेकिन हो सकता है कि चोरों ने इसे सोने की समझ लिया हो और चोरी कर ले गए। घटना रविवार (26 दिसंबर 2021) रात की बताई जा रही है, क्योंकि पुजारी सुरेंद्र शर्मा ने इस बारे में पुलिस को बताया है कि उन्होंने रविवार की शाम को आरती के बाद मंदिर का पट बंद कर अपने घर चले गए थे और सुबह मंदिर का ताला टूटा हुआ था, गर्भगृह से मूर्तियाँ गायब थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों राजस्थान के जालोर जिले में अज्ञात हमलावरों ने हनुमान मंदिर की कुटिया में सो रहे पुजारी पर लात-घूँसों, चाकू और सरिये से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने बतया था कि आरोपित चोरी के नीयत से पहुँचे थे, लेकिन पुजारी ने उन्हें देख लिया, जिसके बाद उसे रास्ते से हटाने के लिए उन्होंने उनकी हत्या कर दी।
वहीं जयपुर में दिगम्बर जैन मंदिर और शिव मंदिर में चोरी की खबर आई थी। मामले में शहजादा सलीम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसने मंदिर से अष्टधातु से बनी 7 प्रतिमाएँ, 3 किलोग्राम चाँदी के बर्तन और अन्य बहुमूल्य सामानों की चोरी की थी।
झारखंड के गुमला में ईसाई धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के कारण आदिवासी समाज खौफ में है। कई वर्षों से ये खेल जारी है, वो भी पूरे सुनियोजित तरीके से। खासकर के ग्रामीण इलाकों के गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है। जो भी ईसाई मिशनरी धर्मांतरण गिरोह का विरोध करते हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाता है। साथ ही उन्हें जान से मार डालने की धमकियाँ भी मिलती हैं। ‘News 18’ ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में इस घटना को लेकर और जानकारियाँ टटोली।
गुमला से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है गढ़टोली प्रखंड, जहाँ के इलाके में ईसाई मिशनरी अपना धर्मांतरण गिरोह चला रहे हैं। ये इलाका जंगलों और पहाड़ों के बीच बसा हुआ है, जहाँ 55 घरों वाले एक टोले में लोग ईसाई मिशनरियों के कारण व्यथित हैं। खबर में बताया गया है कि वहाँ उनका आतंक ऐसा है कि उनकी मर्जी के बिना एक पत्ता तक नहीं हिलता। जहाँ ये पूरा का पूरा टोला हिन्दू सरना धर्म मानता था, अब उनमें से आधे ने चर्च जाना शुरू कर दिया है।
लगभग 30 परिवारों ने धर्मांतरण के बाद ईसाई मजहब अपना लिया है। ये सब आज से नहीं, बल्कि 15 वर्ष पहले से ही चला आ रहा है। 2006 से ही ये चीजें चल रही हैं। 30 आदिवासी परिवारों को ईसाई धर्मांतरण के लिए मजबूर होना पड़ा। दो गोप परिवारों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। सालिक गोप नाम के एक बुजुर्ग हैं, जिनके परिवार को 6 महीने से समाज से बहिष्कृत रखा गया है। उन्हें हत्या की धमकी मिलती है सो अलग। उनके परिवार के लोग घर से बाहर निकलने से पहले भी सौ बार सोचते हैं।
उनके बेटे बुढ़ेश्वर पारा शिक्षक हैं, लेकिन डर का आलम ये है कि पिछले 6 महीने से वो स्कूल तक नहीं जा पाए हैं। ‘न्यूज़ 18’ का कहना है कि उसके पत्रकार रात के समय इस परिवार के घर पहुँचे, जहाँ उन्हें ढाँढस बँधाने के बाद ही उनसे बात हो सकी। परिवार गौपालक है, लेकिन उन पर गोमांस खाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गाँव में खेती करना तो दूर की बात, उन्हें इतना भी हक़ नहीं है कि कुएँ से पानी निकाल कर पी सकें। बच्चे भी पढ़ने के लिए स्कूल नहीं जा सकते।
परिवार की आमदनी के सारे माध्यम को ही खत्म कर दिया गया है, ताकि वो मजबूर होकर ईसाई मजहब अपना लें। हालाँकि, बुजुर्ग सालिक गोप का कहना है कि कुछ भी हो जाए, वो इन ईसाई मिशनरियों के सामने न झुकेंगे और न ही धर्मांतरण करेंगे। गुमला के सुदूर इलाकों में सामानांतर सरकार चला रहे ईसाई मिशनरी आदिवासियों को प्रताड़ित कर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में ही अधिकतर चीजें हो रही हैं। न उन्हें कानून का कोई भय है, न ही उन्हें कोई रोकने की कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (27 दिसंबर, 2021) को अपने मंडी दौरे के दौरान हिमाचल प्रदेश को 11,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें 7000 करोड़ रुपए की रेणुका बाँध परियोजना के अलावा 1800 करोड़ की 210 मेगावाट से ज्यादा की लुहरी स्टेज-1 पनबिजली परियोजना की भी आधारशिला रखी। शिमला में पब्बर नदी पर बनी 111 मेगावाट की सावड़ा कुड्डू पनबिजली परियोजना का भी लोकार्पण हुआ। 700 करोड़ रुपये की 66 मेगावाट की धौलासिद्ध पनबिजली परियोजना का भी उद्घाटन हुआ।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और उनकी परिश्रमी टीम ने हिमाचल वासियों के सपनों को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि इन 4 वर्षों में 2 साल हमने मजबूती से कोरोना से भी लड़ाई लड़ी है और विकास के कार्यों को भी रुकने नहीं दिया। पीएम मोदी ने बताया कि गिरी नदी पर बन रही श्री रेणुकाजी बाँध परियोजना जब पूरी हो जाएगी तो एक बड़े क्षेत्र को इससे सीधा लाभ होगा और इस प्रोजेक्ट से जो भी आय होगी, उसका भी एक बड़ा हिस्सा यहीं के विकास पर खर्च होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा विश्व भारत की इस बात की प्रशंसा कर रहा है कि हमारा देश किस तरह पर्यावरण को बचाते हुए विकास को गति दे रहा है। उन्होंने कहा कि सोलर पावर से लेकर हाइड्रो पावर तक और पवन ऊर्जा से लेकर ग्रीन हाइड्रोजन तक देश रिन्यूएबल एनर्जी के हर संसाधन को पूरी तरह इस्तेमाल करने के लिए निरंतर काम कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत ने 2016 में ये लक्ष्य रखा था कि वो साल 2030 तक, अपनी ‘इंस्टॉल्ड इलेक्ट्रिसिटी कैपिसिटी’ का 40% नॉन-फॉसिल एनर्जी सोर्सेज से पूरा करेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि आज हर भारतीय को इसका गर्व होगा कि भारत ने अपना ये लक्ष्य, इस साल नवंबर में ही प्राप्त कर लिया है। पीएम मोदी ने कहा कि पहाड़ों को प्लास्टिक की वजह से जो नुकसान हो रहा है, हमारी सरकार उसे लेकर भी सतर्क है। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ देशव्यापी अभियान के साथ ही केंद्र सरकार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर भी काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने ध्यान दिलाया कि हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ रखने में प्लास्टिक और अन्य कचरे से मुक्त रखने में पर्यटकों का भी दायित्व बहुत बड़ा है।
उन्होंने कहा, “इधर उधर फैला प्लास्टिक, नदियों में जाता प्लास्टिक, हिमाचल को जो नुकसान पहुँचा रहा है, उसे रोकने के लिए हमें मिलकर प्रयास करना होगा। भारत को आज ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ कहा जाता है तो इसके पीछे हिमाचल प्रदेश की बहुत बड़ी ताकत है। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरान हिमाचल प्रदेश ने ना सिर्फ दूसरे राज्यों, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की है। हिमाचल प्रदेश ने अपनी पूरी वयस्क जनसंख्या को वैक्सीन देने में बाकी सबसे बाजी मार ली। यहाँ जो सरकार में हैं, वो राजनीतिक स्वार्थ में डूबे नहीं बल्कि उन्होंने पूरा ध्यान, हिमाचल के एक-एक नागरिक को वैक्सीन कैसे मिले, इसमें लगाया है।”
पीएम मोदी ने इस दौरान जनता को बताया कि केंद्र सरकार ने तय किया है कि बेटियों की शादी की उम्र भी वही होनी चाहिए, जिस उम्र में बेटों को शादी की इजाजत मिलती है। उन्होंने कहा कि बेटियों की शादी की उम्र 21 साल होने से, उन्हें पढ़ने के लिए पूरा समय भी मिलेगा और वो अपना करियर भी बना पाएँगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ सतर्कता के साथ आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है और अब तय किया गया है कि 15 से 18 साल के बीच के बच्चों को भी 3 जनवरी, 2021 (सोमवार) से वैक्सीन लगाना शुरू हो जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे जो हेल्थ सेक्टर के लोग हैं, फ्रंटलाइन वर्कर हैं, वो पिछले दो साल से कोरोना से लड़ाई में देश की ताकत बने हुए हैं, इन्हें भी 10 जनवरी से प्रिकॉशन डोज देने का काम शुरू होगा। उन्होंने दोहराया कि 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग जिन्हें पहले से गंभीर बीमारियाँ हैं, उन्हें भी डॉक्टरों की सलाह पर प्रिकॉशन डोज का विकल्प दिया गया है। बकौल पीएम मोदी, हर देश में अलग-अलग विचारधाराएँ होती हैं, लेकिन आज हमारे देश के लोग स्पष्ट तौर पर दो विचारधाराओं को देख रहे हैं – एक विचारधारा विलंब की है और दूसरी विकास की।
साथ ही उन्होंने कहा कि विलंब की विचारधारा वालों ने पहाड़ों पर रहने वाले लोगों की कभी परवाह नहीं की। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि विलंब की विचारधारा वालों ने हिमाचल प्रदेश के लोगों को दशकों का इंतजार करवाया, जिस वजह से अटल टनल के काम में बरसों का विलंब हुआ और रेणुका जी परियोजना में भी तीन दशकों का विलंब हुआ। उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारा कमिटमेंट सिर्फ और सिर्फ विकास के लिए है और हमने न सिर्फ अटल टनल का काम पूरा करवाया, बल्कि चंडीगढ़ से मनाली और शिमला को जोड़ने वाली सड़क का चौड़ीकरण किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, यहाँ के घर-घर में देश की रक्षा करने वाले वीर बेटे-बेटियाँ हैं। हमारी सरकार ने बीते सात वर्षों में देश की सुरक्षा बढ़ाने के लिए जो काम किए हैं, फौजियों, पूर्व फौजियों के लिए जो निर्णय लिए हैं, उसका भी बहुत बड़ा लाभ हिमाचल के लोगों को हुआ है।” इस दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने भी जानकारी दी कि मंडी को छोटी काशी भी कहते है, क्योंकि यहाँ 300 से अधिक प्राचीन मंदिर हैं। उन्होंने जानकारी दी कि हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार भी उत्तर प्रदेश की काशी के तर्ज पर मंडी को विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।
दुनिया भर के देशों में कोरोना वायरस के अब तक के सबसे खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रोन का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसी बीच इजरायल (Israel) की राजधानी यरुशलम (Jerusalem) में स्थित अल-अक्सा मस्जिद के इमाम ने एक विवादित बयान दिया है। उनका बयान सुर्खियों में है।
N12 के अनुसार, अल-अक्सा मस्जिद (al-Aqsa Mosque) के इमाम इस्साम अमीरा का कहना है, “LGBTQ+ समुदाय, इजराइल सरकार और मीडिया के कारण ओमिक्रॉन तेजी से बढ़ रहा है।” फिलिस्तीनी इस्लामिक स्कॉलर और उपदेशक अमीरा ने यरुशलम में स्थित मस्जिद में शुक्रवार (24 दिसंबर 2021) को जुमे की नमाज के बाद यह विवादास्पद बयान दिया था।
अमीरा ने कहा, “अगर सरकार और मीडिया ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में लोगों को जानकारी नहीं देते तो यह नहीं फैलता। सरकार और मीडिया जो वैरिएंट लाए हैं, वह समलैंगिकता को बढ़ावा दे रहा है।” सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में इमाम कह रहे हैं कि यह काफिर मीडिया और शासकों के कारण फैला।
यही नहीं, यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद में एक संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि इजराइल के मुस्लिम शासकों के गलत आचरण के कारण ही कोरोना वायरस अलग-अलग रूपों में फैल रहा है। ये शासक समलैंगिकता की अनुमति देते हैं और नारीवादी संगठनों का पालन करते हैं, इसलिए कोरोना अपने ‘भारतीय वैरिएंट’ और ओमिक्रॉन रूप में पूरी दुनिया में फैल गया है।
यह पहली बार नहीं है, जब इमाम ने विवादित टिप्पणी की है। इससे पहले अमीरा ने कोविड वैरिएंट डेल्टा को भारतीय वैरिएंट कहकर संबोधित किया था। वर्ष 2020 में पैगंबर मोहम्मद के चित्रों का इस्तेमाल करने पर फ्रांसीसी शिक्षक सैमुअल पेटी की हत्या और सिर कलम करने वाले मुस्लिमों की प्रशंसा करने के लिए अमीरा को इजराइल पुलिस ने गिरफ्तार किया था साथ ही अल-अक्सा मस्जिद से छह महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।
केरल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के प्रमुख के सुधाकरन ने रविवार (26 दिसंबर 2021) को अपनी ही पार्टी के सांसद शशि थरूर के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी देते हुए कहा कि वह पार्टी में केवल एक व्यक्ति हैं, पूरी कॉन्ग्रेस नहीं। अगर वह पार्टी लाइन का पालन नहीं करते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर जाना होगा।
सुधाकरन अपने गृहनगर कन्नूर में थरूर द्वारा उठाए गए राजनीतिक रुख का जवाब देते हुए संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही विवादास्पद हाई-स्पीड रेल परियोजना पर अध्ययन के लिए और समय चाहिए।
इस दौरान उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “थरूर पार्टी में केवल एक सदस्य हैं। अगर वह पार्टी के फैसले के दायरे में रहते हैं तो पार्टी का हिस्सा रहेंगे। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो पार्टी में नहीं रहेंगे। यह सभी के लिए लागू है, चाहे वह शशि थरूर हों या के सुधाकरन। पार्टी का हिस्सा होने वाले किसी भी व्यक्ति को संगठन द्वारा लिए गए निर्णयों का विरोध या अस्वीकार करने का अधिकार नहीं है। ऐसा अधिकार किसी को नहीं दिया गया है, सांसद को भी नहीं। कॉन्ग्रेस सिर्फ एक शशि थरूर नहीं है।”
बता दें कि केरल में ‘सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर’ के खिलाफ पार्टी सांसदों द्वारा केंद्र को लिखे जाने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने और हाल ही में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की खुलेआम तारीफ करने के बाद से थरूर प्रदेश इकाई के नेताओं की आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सुधाकरन ने कहा कि थरूर से लिखित स्पष्टीकरण माँगा गया है। स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
अपनी पार्टी के सहयोगियों की आलोचना का जवाब देते हुए थरूर ने ट्वीट किया था कि कुछ मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों को अलग रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा था कि वह सिल्वर लाइन परियोजना पर अध्ययन करने के बाद अपनी राय देंगे।
कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) एलडीएफ सरकार की महत्वाकांक्षी सिल्वर लाइन रेल गलियारा परियोजना का विरोध कर रही है। विपक्षी गठबंधन ने आरोप लगाया है कि यह परियोजना अवैज्ञानिक और अव्यावहारिक है। हालाँकि सतारूढ़ सीपीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस परियोजना पर किसी भी कीमत पर आगे बढ़ेगी क्योंकि उसने अपने चुनाव घोषणा पत्र में इस परियोजना का वादा किया है।
कानपुर के कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर हुई आयकर विभाग की छपेमारी (Income Tax Department Raid) में 40 घंटों की गहन तलाशी अभियान के बाद सिर्फ कैश में ही 257 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। रविवार (26 दिसंबर, 2021) की रात उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। हालिया दिनों में ये पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम जब्त की गई हो। चूँकि चौथे दिन भी छापेमारी चालू है, अभी और कालाधन मिलने की संभावना है। फर्जी रसीदों के जरिए सामानों की डिलीवरी का धंधा चल रहा था।
इस छापेमारी में उत्तर प्रदेश और गुजरात के GST (वस्तु एवं सेवा कर) अधिकारी शामिल हैं। आगे की जाँच के लिए पीयूष जैन को अदालत में पेश किए जाने के बाद अहमदाबाद ले जाया जा सकता है। ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGCI)’ अहमदाबाद ने पीयूष जैन के घर एवं फैक्ट्री से 10 करोड़ रुपए कैश बरामद किया है। कानपुर के आनंदनगर स्थित उसके घर से 177 करोड़ रुपए जब्त किए गए। कन्नौज स्थित उसके आवास से भी 107 करोड़ रुपए कैश मिले हैं।
पीयूष जैन के पास इतने पैसे थे कि उसने अपने घरों में भी कैश गिनने वाली मशीनें लगा रखी थीं। IT विभाग ने कुल 19 कैश काउंटिंग मशीनें इस काम में लगाई हैं। उसके ठिकानों से 250 किलोग्राम चाँदी और 25 किलोग्राम सोना भी कन्नौज स्थित आवास से जब्त किया गया है। पीयूष जैन लगभग 40 कंपनियों का मालिक है, जिनमें से 2 मध्य-पूर्व में स्थित हैं। पीयूष जैन के घरों से 300 चाभियाँ मिली हैं। कुछ लॉक्ड ताले अब भी नहीं टूटे हैं, जिस कारण विशेषज्ञों को बुलाया गया है।
साथ ही इस छापेमारी में ‘सैंडल ऑइल’ के 9 ड्रम भी बरामद किए गए हैं। साथ ही कार्डबोर्ड बॉक्सेज से 2000 रुपए के भी नोट बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं। ‘केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC)’ के निदेशक विवेक जोहरी ने बताया है कि ये एजेंसी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है। पीयूष जैन ने पूछताछ में दावा किया है कि उसके पूर्वजों द्वारा छोड़े गए 400 किलो सोने को बेचने के बाद उसके पास इतना धन आया है। उसने बताया कि ये सोना छोटे-छोटे स्वर्ण दुकानदारों को कई चरणों में बेचा गया।
उसके घर के एक कपबोर्ड को तोड़ने के बाद बड़ी मात्रा में दस्तावेज और लैपटॉप मिले हैं, जिन्हें खँगाला जा रहा है। स्थानीय परफ्यूम कारोबारियों का कहना है कि पीयूष जैन का कोई इत्र का कारोबार नहीं है, जबकि उसकी दवाओं की कंपनी होने की भी चर्चा है। जबकि कन्नौज में उसकी इत्र फैक्ट्री के साथ-साथ कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप भी हैं। मुंबई में उसके इत्र कारोबार का मुख्यालय है, जहाँ उसके एक बँगले के होने की बात भी पता चली है। सपा अब कह रही है कि पीयूष जैन भाजपा से जुड़ा हुआ है।
Kanpur: Police takes businessman Piyush Jain to produce him before the court. He was arrested under section 67 of CGST Act following recovery of unaccounted cash of over Rs 187 crores and unaccounted raw and finished material from him pic.twitter.com/JcwAuh41WJ
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने उसे ‘सपा कार्यालय में समाजवादी इत्र लॉन्च करने वाला’ बताया है। बता दें कि ये कार्यक्रम 9 नवंबर, 2021 को कन्नौज में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुआ था। सपा प्रवक्ता विजय द्विवेदी का कहना है कि पार्टी का कारोबारी से कोई लिंक नहीं है। उन्होंने भाजपा पर सपा को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘समाजवादी परफ्यूम’ को सपा के कुछ विधान पार्षदों एक कारोबारी ने लॉन्च किया था, जिसके नाम भी भी ‘जैन’ है।
पीयूष जैन के 16 महँगे संपत्तियों का पता चला है। दुबई में उसकी दो संपत्तियाँ हैं। उसकी गिरफ़्तारी टैक्स चोरी के आरोप में की गई है। उन्हें CGST एक्ट की धारा-69 के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ़्तारी से पहले उससे 50 घंटे की पूछताछ की गई। कन्नौज स्थित उसके घर में 18 लॉकर्स मिले हैं। पीयूष जैन के नौकरों ने कहा था कि जब छापेमारी शुरू हुई, तब वो दिल्ली में था। उसके पिता का इलाज चल रहा है। वहीं उसका भाई झारखंड गया हुआ है।
छत्तीसगढ़ के जशपुर के पत्थलगाँव के किलकिला धाम में आर्य समाज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में 250 परिवार के 600 लोगों ने क्रिसमस के दिन हिंदू धर्म में घर वापसी की। इस कार्यक्रम के दौरान महायज्ञ का आयोजन हुआ और विशाल भंडारा भी किया गया। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने पैर पखारकर इनलोगों की घर वापसी करवाई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार के बीच विधिवत तरीके से प्रबल प्रताप सिंह ने 250 परिवार के सभी सदस्यों के पैर पखारकर उनको हिंदू धर्म में दोबारा शामिल करवाया। साथ ही जनता को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होने की जरूरत है। धर्मांतरण के जरिए कुछ लोग हिंदुओं को कमजोर करने में जुटे हैं। लेकिन ऐसे लोगों से निपटने के लिए अब देश में हिंदुत्व जाग चुका है और वो खुद राष्ट्र निर्माण के काम में लगे हैं।
बता दें कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 23 दिसंबर से हुई थी। 500 युवक इस दौरान भगवा झंडा लेकर बाइक रैली में शामिल हुए और भव्य कलश यात्रा निकाली गई। फिर 24 दिसंबर की सुबह विश्व कल्याण महायज्ञ शुरू हुआ। बाद में घर वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई। हिंदू धर्म दोबारा स्वीकारने वाले लोगों ने बताया कि उनके पूर्वजों ने किसी कारणवश ईसाई धर्म अपनाया था पर अब जब उन्हें दोबारा हिंदू धर्म में आने का मौका मिला तो वो इस कार्यक्रम में पहुँचे।
इससे पहले छत्तीसगढ़ में पत्थलगाँव के खूँटापानी में 400 परिवार के 1200 लोगों ने हिंदू धर्म में वापसी की थी। इन लोगों को तीन पीढ़ी पहले ईसाई बनाया गया था। दो दिन के कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। ये कार्यक्रम भी आर्य समाज और हिंदू समाज द्वारा आयोजित किया गया था। तब भी, भाजपा के प्रदेश मंत्री व ऑपरेशन घर वापसी के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सभी लोगों का पाँव धुलकर हिंदू धर्म में फिर स्वागत किया था।
जूदेव ने पिछले दिनों ऑपइंडिया से बातचीत में बताया था, “छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में हमलोग 10 हजार से अधिक लोगों की इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए घर वापसी करवा चुके हैं। कोरोना महामारी के कारण बीच में करीब दो साल हमारा यह अभियान रुक गया था। अब फिर से हम इसे गति दे रहे हैं। यह पवित्र काम है। देश निर्माण का काम है। इसे मेरे पिता ने शुरू किया और इससे जुड़कर मैं बहुत गौरवान्वित हूँ।”
उन्होंने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मामले बढ़ने की दो बड़ी वजह बताई थी। पहली, कोरोना महामारी और दूसरी, राज्य की सत्ता में कॉन्ग्रेस का होना। उन्होंने कहा था, “कोरोना महामारी का फायदा उठाकर मिशनरी ने बड़े पैमाने पर लोगों को धर्मांतरित किया है। कॉन्ग्रेस की सरकार होने से भी उन्हें मदद मिल रही। जहाँ भी कॉन्ग्रेस है, मसलन आप पंजाब में ही देखिए सिखों का कितने बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हुआ है, इस तरह की गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं। वे इसे उद्योग की तरह चला रहे जिसके लिए फंड इटली से आ रहा है।”
कुछ राज्यों में लव जिहाद से संबंधित कानून बन जाने के बाद वहाँ ऐसे मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसे कानून को ठेंगे पर रखने की कोशिश कहें या अपने उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्धता, ऐसे मामले रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। अधिकतर मामलों में अपराध का पैटर्न भी लगभग एक जैसा ही है, नाम बदलकर युवती को झाँसे में लेना और फिर दबाव डालकर धर्म परिवर्तन कराना।
मध्य प्रदेश के अशोक नगर में भी ठीक यही हुआ है। यहाँ लव जिहाद के हालिया मामले में जावेद खान नाम के एक युवक ने राकेश बनकर एक शादीशुदा महिला को फँसाया और उसे पत्नी की तरह अपने साथ रखकर लगातार यौन शोषण करता रहा। महिला ने जब शादी की बात की तो उसने खुद को मुस्लिम बताया और महिला को अपने बच्चों सहित धर्मांतरण करने का दबाव बनाया। धोखे की शिकार महिला ने हकीकत का पता लगते ही थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जावेद अशोक नगर जिले के शंकर कालोनी में 30 वर्षीय एक शादीशुदा हिंदू महिला रहती है। विवाद होने के बाद वह अपने पति से अलग रहती थी। महिला के साथ उसके तीन बच्चे भी रहते थे। इसी दौरान साल 2016 में महिला की मुलाकात जावेद से हुई। मुलाकात के दौरान जावेद ने अपना परिचय राकेश कुशवाहा के रूप में दिया। जावेद धीरे-धीरे महिला से नजदीकियाँ बढ़ाई और शादी का झाँसा देकर अपने जाल में फाँस लिया। वह महिला को पत्नी के रूप में अपने साथ रखने लगा। महिला के साथ उसके तीन बच्चे भी रहते थे। इसी दौरान उसका चौथा बच्चा भी हुआ।
महिला जावेद से अकसर शादी का दबाव डालती थी, लेकिन वह टाल जाता था। जावेद से बच्चा होने के बाद महिला ने उस पर शादी का दबाव बनाया। इसके बाद राकेश बना जावेद अपना असली परिचय बताया और कहा कि वह मुस्लिम है। उसने महिला से कहा कि अगर वह उससे शादी करना चाहती है तो पहले उसे धर्मांतरण कर मुस्लिम बनना होगा और अपने पहले पति के तीन बच्चों को भी मुस्लिम बनाना होगा।
सच्चाई जानकर महिला हैरान रह गई। उसने पूरी बात अपने भाई और पिता को बताई। उसके बाद परिजनों ने थाने पहुँचकर मामले की शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म और धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जावेद को गिरफ्तार कर लिया।
अशोक नगर पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि महिला की शिकायत के बाद युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपित ने राकेश बनकर पहले महिला को झाँसे में लिया और अपने साथ रखने लगा। जब महिला ने शादी की बात कही तो उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। टीआई अनीता भिलाले ने बताया कि आरोपित जावेद खान को गिरफ्तार कर लिया गया है।