Tuesday, July 23, 2024
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अरब तक फैला है ‘समाजवादी इत्र’ वाले का कारोबार, ₹257 Cr सिर्फ कैश में बरामद: 300 चाभियाँ मिलीं, CBIC के इतिहास की सबसे बड़ी जब्ती

पीयूष जैन ने पूछताछ में दावा किया है कि उसके पूर्वजों द्वारा छोड़े गए 400 किलो सोने को बेचने के बाद उसके पास इतना धन आया है। उसने बताया कि ये सोना छोटे-छोटे स्वर्ण दुकानदारों को कई चरणों में बेचा गया।

कानपुर के कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर हुई आयकर विभाग की छपेमारी (Income Tax Department Raid) में 40 घंटों की गहन तलाशी अभियान के बाद सिर्फ कैश में ही 257 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। रविवार (26 दिसंबर, 2021) की रात उसे गिरफ्तार भी कर लिया गया। हालिया दिनों में ये पहली बार है जब इतनी बड़ी रकम जब्त की गई हो। चूँकि चौथे दिन भी छापेमारी चालू है, अभी और कालाधन मिलने की संभावना है। फर्जी रसीदों के जरिए सामानों की डिलीवरी का धंधा चल रहा था।

इस छापेमारी में उत्तर प्रदेश और गुजरात के GST (वस्तु एवं सेवा कर) अधिकारी शामिल हैं। आगे की जाँच के लिए पीयूष जैन को अदालत में पेश किए जाने के बाद अहमदाबाद ले जाया जा सकता है। ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGCI)’ अहमदाबाद ने पीयूष जैन के घर एवं फैक्ट्री से 10 करोड़ रुपए कैश बरामद किया है। कानपुर के आनंदनगर स्थित उसके घर से 177 करोड़ रुपए जब्त किए गए। कन्नौज स्थित उसके आवास से भी 107 करोड़ रुपए कैश मिले हैं।

पीयूष जैन के पास इतने पैसे थे कि उसने अपने घरों में भी कैश गिनने वाली मशीनें लगा रखी थीं। IT विभाग ने कुल 19 कैश काउंटिंग मशीनें इस काम में लगाई हैं। उसके ठिकानों से 250 किलोग्राम चाँदी और 25 किलोग्राम सोना भी कन्नौज स्थित आवास से जब्त किया गया है। पीयूष जैन लगभग 40 कंपनियों का मालिक है, जिनमें से 2 मध्य-पूर्व में स्थित हैं। पीयूष जैन के घरों से 300 चाभियाँ मिली हैं। कुछ लॉक्ड ताले अब भी नहीं टूटे हैं, जिस कारण विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

साथ ही इस छापेमारी में ‘सैंडल ऑइल’ के 9 ड्रम भी बरामद किए गए हैं। साथ ही कार्डबोर्ड बॉक्सेज से 2000 रुपए के भी नोट बड़ी मात्रा में बरामद हुए हैं। ‘केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC)’ के निदेशक विवेक जोहरी ने बताया है कि ये एजेंसी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती है। पीयूष जैन ने पूछताछ में दावा किया है कि उसके पूर्वजों द्वारा छोड़े गए 400 किलो सोने को बेचने के बाद उसके पास इतना धन आया है। उसने बताया कि ये सोना छोटे-छोटे स्वर्ण दुकानदारों को कई चरणों में बेचा गया।

उसके घर के एक कपबोर्ड को तोड़ने के बाद बड़ी मात्रा में दस्तावेज और लैपटॉप मिले हैं, जिन्हें खँगाला जा रहा है। स्थानीय परफ्यूम कारोबारियों का कहना है कि पीयूष जैन का कोई इत्र का कारोबार नहीं है, जबकि उसकी दवाओं की कंपनी होने की भी चर्चा है। जबकि कन्नौज में उसकी इत्र फैक्ट्री के साथ-साथ कोल्ड स्टोरेज और पेट्रोल पंप भी हैं। मुंबई में उसके इत्र कारोबार का मुख्यालय है, जहाँ उसके एक बँगले के होने की बात भी पता चली है। सपा अब कह रही है कि पीयूष जैन भाजपा से जुड़ा हुआ है।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने उसे ‘सपा कार्यालय में समाजवादी इत्र लॉन्च करने वाला’ बताया है। बता दें कि ये कार्यक्रम 9 नवंबर, 2021 को कन्नौज में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुआ था। सपा प्रवक्ता विजय द्विवेदी का कहना है कि पार्टी का कारोबारी से कोई लिंक नहीं है। उन्होंने भाजपा पर सपा को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘समाजवादी परफ्यूम’ को सपा के कुछ विधान पार्षदों एक कारोबारी ने लॉन्च किया था, जिसके नाम भी भी ‘जैन’ है।

पीयूष जैन के 16 महँगे संपत्तियों का पता चला है। दुबई में उसकी दो संपत्तियाँ हैं। उसकी गिरफ़्तारी टैक्स चोरी के आरोप में की गई है। उन्हें CGST एक्ट की धारा-69 के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ़्तारी से पहले उससे 50 घंटे की पूछताछ की गई। कन्नौज स्थित उसके घर में 18 लॉकर्स मिले हैं। पीयूष जैन के नौकरों ने कहा था कि जब छापेमारी शुरू हुई, तब वो दिल्ली में था। उसके पिता का इलाज चल रहा है। वहीं उसका भाई झारखंड गया हुआ है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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