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कपूरथला गुरुद्वारे में मॉब लिंचिंग का पाकिस्तान कनेक्शन: बेअदबी का झूठा आरोप, वीडियो वायरल कर ऐसे किया भीड़ को जमा

पंजाब के कपूरथला के सुभानपुर स्थित गुरुद्वारे में बेदअबी का झूठा आरोप लगाकर हत्या के लिए उकसाने वाले ग्रंथी अमरजीत सिंह को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आएँ। ग्रंथी अमरजीत सिंह ने युवक पर बेअदबी का आरोप लगाते हुए लाइव वीडियो बनाकर वायरल किया और लोगों को जुटाया था। इतना ही नहीं, माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने वाला अमरजीत के तार सीमा पार से भी जुड़ रहे हैं। वह कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है।

बताया जा रहा है कि ग्रंथी अमरजीत सिंह के लाइव आकर बेअदबी का झूठ फैलाने के बाद सैकड़ों लोग गुरुद्वारे पहुँच गए। इसके बाद भीड़ ने निर्दोष युवक की बेरहमी से हत्या कर दी। इकट्ठा हुई भीड़ में 25-30 लोग ऐसे थे, जिनके पास तेजधार वाले और नुकीले हथियार थे। जालंधर रेंज के आईजी गुरदिंरजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि इस घटना को लेकर 100 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

बकौल आईजी ढिल्लों, जिस जगह पर घटना को अंजाम दिया गया, वहाँ से पुलिस ने एक पिस्टल और दो खोखे बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि सुभानपुर रोड पर स्थित गुरुद्वारा ग्रंथी का अपना है। माल विभाग के रिकॉर्ड में गुरुद्वारा के मालिक का नाम लोह लंगर का नाम है और काश्तकार में अमरजीत सिंह, पुत्र भजन सिंह नाम लिखा है।

आईजी ढिल्लो ने बताया कि ग्रंथी के खिलाफ 2016 में नवांशहर थाने में चोरी की गाड़ी रखने और उसका नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल के लिए केस दर्ज किया गया था। इस मामले में धारा आईपीसी की धारा 411 और 483 के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह इनोवा कार से संबंधित था, जो 2014 में बठिंडा से चोरी हुई थी।

आईजी ढिल्लों ने बताया कि बेअदबी के झूठ को फैलाया गया था और इस तरह की कोई घटना गुरुद्वारे में नहीं हुई थी। जिस युवक की बेरहमी से हत्या की गई है, वह युवक चोरी या भूख आदि की वजह से गुरुद्वारे में गया था। पता चलने पर वह एक बार बाहर भी भाग आया, लेकिन भीड़ ने उसे पकड़ लिया और उसकी हत्या कर दी।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि अमरजीत सिंह के बारे में हर ऐंगल से जाँच की जाएगी। उसकी पाकिस्तान यात्रा के सभी संबंधित विवरण खंगाले जाएँगे। साथ ही उसकी क्रिया-कलापों की भी गहराई से जाँच की जाएगी। इस तरह झूठे आरोप लगाकर माहौल तो खराब करने के पीछे उसकी असली मंशा क्या थी, इसकी भी पुलिस जाँच करेगी।

गौरतलब है कि लिंचिंग मामले में गुरुद्वारा निजामपुर मोड़ के केयरटेकर और ग्रंथी अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी शख्स ने पीड़ित युवक के ऊपर बेअदबी करने के आरोप मढ़े थे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में भीड़ में शामिल 100 अनजान लोगों के विरुद्ध भी हत्या का मामला दर्ज किया गया है। केस में किसी तरह की बेअदबी के प्रमाण नहीं मिले हैं। पीड़ित की पहचान भी अब तक नहीं हो सकी है।

प्रदेश मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी आज स्वीकार किया है कि कपूरथला में हुई हत्या मामले में मृतक द्वारा कोई बेअदबी नहीं की गई थी। अब इस मामले की जाँच हो रही है। ताजा पड़ताल के बाद एफआईआर में संशोधन किया जाएगा।

बता दें कि प्राथमिकी में संशोधन की जरूरत पंजाब पुलिस को इसलिए पड़ रही है क्योंकि उन्होंने हत्या का मामला सामने आने के बाद पीड़ित के ऊपर ही बेअदबी का केस दायर कर लिया था। हालाँकि अब उन्हें इस केस में हत्या की धाराएँ जोड़नी होंगी।

15 घटनाएँ, जब मुस्लिम भीड़ और इस्लामी नेताओं ने हिंदुओं के खुलेआम नरसंहार और जिहाद के लिए उकसाया

जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता को सँभाला है, कई कट्टरपंथी इस्लामवादियों और उनके समर्थक जो ‘सेक्युलर और लिबरल’ होने का दावा करते हैं, ने ‘डरा हुआ मुसलमान’ नैरेटिव को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश की है। ‘डरा हुआ मुसलमान’ नैरेटिव से यह मतलब है कि मोदी के सत्ता में आने से मुस्लिमों पर उनके मजहब की वजह से हमला किया जाता है।

मोदी के इन विरोधियों ने लोगों को यह समझाने के लिए काफी मेहनत किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती हिंदुत्ववादी ताकतों ने भारतीय मुस्लिमों के एक हिस्से को ‘बैकफुट पर धकेल दिया’ है।

ये तथाकथित ‘सेकुलर’ लिबरल, इस्लामवादी और मीडिया में उनके चीयरलीडर्स मोदी के भारत में मुस्लिमों को ‘डरे हुए लोग’ के रूप में दिखाने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं, वह भी बिना किसी सबूत, बिना किसी आधार के। वहीं जब हिंदुओं और काफिरों (गैर-मुस्लिमों) के लिए खुला जिहाद, नरसंहार और ‘ईशनिंदा’ करने वालों का सिर कलम करने की बात खुलेआम कही जाती है तो इनकी आँखें और कान दोनों ही बंद हो जाती हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ मेनस्ट्रीम के इस्लामी नेताओं और मौलवियों, भारत में मुस्लिम राजनेताओं ने हिंदुओं के सामूहिक नरसंहार का खुले तौर पर आह्वान किया है। 

AIMIM नेता वारिस पठान ने मुस्लिमों को हिंदुओं के खिलाफ भड़काया

फरवरी 2020 में, विवादास्पद AIMIM नेता और महाराष्ट्र के पूर्व विधायक वारिस पठान को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की उपस्थिति में कर्नाटक के गुलबर्गा में एक CAA विरोधी रैली में मुस्लिमों को उकसाते हुए देखा गया था। हिंदुओं को खुली धमकी देते हुए पठान ने यह कहकर मुस्लिमों को भड़काने की कोशिश की कि देश के मुस्लिमों को एकजुट होने और ‘आजादी हासिल करने’ का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि भले ही देश में मुस्लिम सिर्फ 15 करोड़ हैं, फिर भी वे 100 करोड़ से अधिक हिंदुओं पर हावी हो सकते हैं। पठान ने खुले तौर पर हिंदुओं को मुस्लिमों से डरने की चेतावनी दी थी और मुस्लिमों का सामना करने पर उन्हें ‘नतीजे’ भुगतने की याद दिलाई थी।

AAP विधायक अमानतुल्ला खान ने कहा, ‘मुसलमान सड़कों पर उतरेंगे तो कहर बरपाएँगे’

इस साल अप्रैल में ‘हिंदुस्तान लाइव फरहान याहिया’ द्वारा पोस्ट किया गया एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें AAP नेता अमानतुल्लाह खान को हिंसा की धमकी देते देखा जा सकता है। खान कहते हैं, “अगर मुसलमान आज खामोश है, तो सिर्फ इसलिए क्योंकि वह इकमत से काम ले रहा है। अगर मुसलमान सड़कों पर उतरेगा तो तुुम्हारी ईंट से ईंट बजा देगा। दुनिया के मुसलमान पैगंबर मुहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। यह तुम्हारी गलतफहमी है। मुसलमान इस मुद्दे पर इकमत से काम ले रहा है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि देश का सद्भाव खराब हो।”

अमानतुल्ला खान ने स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के सिर काटने की खुलेआम माँग की

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने इससे पहले स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती का सिर कलम करने की माँग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। खान ने एक ट्वीट में कहा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दास्त नहीं, इस नफरती कीड़े की जुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का कानून हमें इसकी इजाजत नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

15 मिनट के लिए पुलिस हटाओ, हम 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर सकते हैं’: अकबरुद्दीन ओवैसी

विवादास्पद AIMIM विधायक और असदुद्दीन ओवैसी के भाई ने एक बार नहीं बल्कि कई बार हिंदुओं के खिलाफ अपने ’15 मिनट’ के विवादास्पद भाषण को दोहराया जो उन्होंने 2012 में दिया था। 2012 में उन्होंने एक अत्यधिक भड़काऊ भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने 15 मिनट के लिए पुलिस को हटाने के लिए कहा था, ताकि वह 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर सके। 2019 में भी, अपने ’15 मिनट’ के भड़काऊ भाषण को दोहराते हुए, अकबरुद्दीन ओवैसी ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित लिंचिंग के मुद्दों को उठाकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने की कोशिश की।

असदुद्दीन ओवैसी ने याकूब मेनन की फाँँसी पर उठाया था सवाल

न केवल छोटे भाई बल्कि एआईएमआईएम प्रमुख- असदुद्दीन ओवैसी ने खुद मोदी सरकार और देश में हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। वह उन सभी मुस्लिमों का उल्लेख करने के लिए एक कदम आगे बढ़ गए हैं जिन्होंने मोदी को ‘छक्का’ (ट्रांसजेंडर के लिए आम बोलचाल में अपमानजनक शब्द) के रूप में वोट दिया।

10 अक्टूबर, 2019 को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक भाषण में ओवैसी ने दावा किया कि देश में मुस्लिमों की उपेक्षा की गई और उनके साथ अन्याय किया गया। उन्होंने मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को मिली मौत की सजा पर भी अफसोस जताया। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम याकूब मेमोम को फाँसी से नहीं बचा पाए क्योंकि वे सत्ता में नहीं थे।

‘अल्लाह ने हमें जिहाद का अधिकार दिया है’, मौलवी ने मुसलमानों को हथियार उठाने के लिए उकसाया

18 दिसंबर, 2019 को, MK इस्लामिक चैनल नाम के एक इस्लामवादी यूट्यूब चैनल ने मौलाना जर्जिस अंसारी हाफिजुल्लाह का एक आपत्तिजनक भाषण अपलोड किया, जिसमें उन्हें खुले तौर पर भारत में ‘जिहाद’ करने की धमकी देते देखा गया। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि ये मुस्लिम विरोधी हैं।

अपने अभद्र भाषा के बीच में, मौलाना को यह दावा करते हुए सुना जाता है कि जिन दंगाइयों ने असम में डिप्टी सीएम के मुख्यालय को जला दिया था और मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया था, वे कोई और नहीं बल्कि उनके समुदाय के लोग थे। उनका कहना है कि असम में मुस्लिमों द्वारा जो दहशत पैदा की गई वह महज एक टीज़र थी, उन्हें पूरे देश में ऐसी ही स्थिति पैदा करने के लिए मजबूर न करें।

जाकिर नाइक ने इस्लामिक देशों को इशनिंदा कानून के तहत हिंदुओं पर मुकदमा चलाने को कहा

कट्टरपंथी इस्लामवादी उपदेशक जाकिर नाइक ने कई मौकों पर मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ उकसाया है। पिछले साल मई में, उन्होंने दुनिया भर के इस्लामी देशों से भारत में उन गैर-मुसलमानों का डेटा एकत्र करने के लिए कहा था जो इस्लाम की आलोचना करते हैं और जब वे उनके देशों में आएँ तो उन्हें ईशनिंदा कानूनों के तहत गिरफ्तार करे। बता दें कि जाकिर नाइक भारत में सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और देश में आतंक को भड़काने वाली गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

इस्लामवादी जाकिर नाइक ने कृष्ण मंदिर को जलाने वाली पाकिस्तानी भीड़ की सराहना की

इन इस्लामवादियों के मन में हिंदुओं के लिए नफरत इतनी गहरी है कि जाकिर नाइक ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में प्राचीन हिंदू मंदिर को जलाने और नष्ट करने का समर्थन करते हुए कहा था कि इस्लामिक देश में मंदिरों को बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

हिंदुओं के खिलाफ अपने अभद्र भाषा के तहत जाकिर नाइक ने पवित्र कुरान का हवाला देते हुए गैर-मुसलमानों की हत्या और नरसंहार को भी सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि “कुरान कहता है कि काफिर जहाँ मिल जाए उन्हें मार दो।”

उपरोक्त घटनाएँ उन कई घटनाओं में से कुछेक हैं जहाँ कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने खुले तौर पर हिंदुओं के लिए अपनी नफरत प्रदर्शित की है। ट्विटर यूजर @priyaakulkarni2 ने ट्वीट्स का एक थ्रेड शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कई और ऐसे स्निपेट्स अटैच किए हैं, जहाँ मुस्लिम मौलवी खुले तौर पर भारत में हिंदुओं के खिलाफ जिहाद और नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं।

तौकीर रजा खान ने बेशर्मी से हिंदुओं के खूनखराबे की अपील की

कुलकर्णी ने राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के संस्थापक तौकीर रजा खान द्वारा दिए गए एक भड़काऊ, सीएए विरोधी भाषण के स्निपेट्स शेयर किए, जहाँ कट्टरपंथी इस्लामवादी CAA को निरस्त नहीं करने पर देश की गली-गली में खून बहाने के लिए उकसाया था। इस्लामिक नेता ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लाने के लिए पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा, “हम अल्लाह वाले हैं, जो मुँह से निकल जाता है, वह होता है, इंशाअल्लाह।”

ट्विटर यूजर द्वारा शेयर की गई दो बाद की वीडियो रिकॉर्डिंग में मुस्लिम मौलवियों को खुले तौर पर हिंदुओं को धमकी देते हुए दिखाया गया है। जिसमें दावा किया गया है कि मुस्लिम जल्द ही उन्हें हिंदुस्तान से मिटा देंगे।

कॉन्ग्रेस नेता ने 25 करोड़ भारतीय मुस्लिमों के लिए एक अलग राष्ट्र की माँग की

पिछले साल एक टेलीविजन चर्चा के दौरान, कॉन्ग्रेस सदस्य अजय वर्मा ने माँग की कि भारत में मुस्लिमों को पाकिस्तान जैसा एक और इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिए भारतीय भूमि का एक और हिस्सा दिया जाना चाहिए।

वर्मा ने यह बयान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर एक न्यूज चैनल की बहस के दौरान दिया। वीडियो में, वर्मा को भाजपा प्रवक्ता से भारत के 20-25 मिलियन मुस्लिमों के लिए एक अलग देश बनाने और देश को एक हिंदू राष्ट्र के रूप में नामित करने का आग्रह करते हुए सुना जा सकता है।

कॉन्ग्रेस की सहयोगी ने 50 करोड़ हिंदुओं की मौत की कामना की

पिछले साल 26 फरवरी को, जब दुनिया आने वाली महामारी की खबर से जूझ रही थी, कॉन्ग्रेस के सहयोगी और फुरफुरा शरीफ के एक मुस्लिम उपदेशक पीरजादा अब्बासुद्दीन सिद्दीकी ने 50 करोड़ हिंदुओं की मृत्यु की कामना की थी। मुस्लिम मौलवी ने कहा था, “हाल ही में मुझे खबर मिली है कि पिछले दो दिनों से मस्जिदों में आग लगाई जा रही है, मस्जिदों को जलाया जा रहा है। मुझे लगता है कि एक महीने के भीतर कुछ होने वाला है। अल्लाह हमारी दुआ कुबूल करे। अल्लाह भारत में ऐसा भयानक वायरस भेजे कि भारत में दस से बीस से पचास करोड़ लोग मारे जाएँ। क्या मैं कुछ गलत कह रहा हूँ? यह बिल्कुल आनंदमय है।”

‘आकर्षक’ गाने के जरिए हिंदुओं, काफिरों और सिर कलम करने के नरसंहार का आह्वान किया गया

हमने हाल ही में तथाकथित किसान विरोध और पिछले साल सीएए के विरोध के दौरान हिंदू और भारत विरोधी भावनाओं को चरम पर पहुँचते देखा। तथाकथित ‘प्रदर्शनकारियों’ ने ‘हिंदुओं से आजादी’, ‘काफिरों से आजादी’, ‘छीन के लेंगे आजादी’ और ‘लड़ के लेंगे आजादी’ के नारे लगाए।

दरअसल सीएए विरोधी विरोधियों ने F*ck हिंदुत्व जैसे पोस्टरों के साथ इस्लामी और हिंदू विरोधी होना उजागर किया था। इस दौरान ओम के प्रतीक को भी विकृत किया गया था। इसने हिंदुओं के लिए इस्लामी भीड़ की गहरी नफरत को उजागर किया था। शाहीन बाग विरोध का एक वीडियो सामने आया था जहाँ ‘जिन्ना वाली आजादी’ जैसे नारे सुनाई दे रहे थे।

कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने एक बच्चे के नेतृत्व में ‘आजादी’ के नारे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया

कोई यह नहीं भूल सकता कि कॉन्ग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद को नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में फरवरी 2020 में जामिया में कथित तौर पर एक बच्चे से ‘आजादी’ का नारा लगवाया था। इस दौरान उन्होंने भीड़ से कहा था, “तुम गोली मारो! आज़ादी!” और “हम छीन के लेंगे आजादी!”

यहाँ यह उल्लेख करना उचित होगा कि YouTube और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई गाने अपलोड किए जा रहे हैं जो हिंदुओं, काफिरों के नरसंहार और ‘ईशनिंदा’ करने वालों का सिर काटने का आह्वान कर रहे हैं। न केवल गाने बल्कि बड़ी भीड़ के सिर काटने का आह्वान करने वाले वीडियो सालों से प्रसारित हो रहे हैं। हाल ही में, ऑपइंडिया कुछ ऐसे ही गाने को समझने की कोशिश की। जिन गानों में अक्सर आकर्षक बैकग्राउंड म्यूजिक होता है, उन्हें लाखों बार देखा जा चुका है।

इन घटनाओं के अलावा, यहाँ यह उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर दंगे, भीड़ की हिंसा और इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा तुच्छ मुद्दों पर आगजनी की घटनाएँ एक आम विषय रही है। अगस्त 2020 में बेंगलुरु में एक फेसबुक पोस्ट पर इस्लामी भीड़ ने पुलिस स्टेशनों पर हमला किया, दंगे किए। बांग्लादेश में इस साल दुर्गा पूजा के दौरान, इस्लामवादियों ने हिंदुओं के खिलाफ हंगामा किया और ‘कुरान के अपमान’ के झूठे आरोप पर मंदिरों पर हमला किया। बाद में पता चला कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने एक स्थानीय मौलवी की मदद से एक पूजा पंडाल के पास कुरान की प्रति रखी थी।

5 BJP नेताओं और पुलिस अधिकारी की हत्या करने वाला आतंकी शहजाद अहमद सेह हुआ एनकाउंटर में ढेर, ₹7 लाख का था ईनामी

जम्मू-कश्मीर के अंनतनाग और कुलगाँव इलाके में बीते एक साल से आतंक का पर्याय बने हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी शहजाद अहमद सेह को शुक्रवार (24 दिसंबर 2021) को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया। उस पर भाजपा के पाँच नेताओं और पुलिस अधिकारी अशरफ भट की हत्या करने का आरोप है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शहजाद सेह पर 7 लाख रुपए का ईनाम रखा गया था। वह ए श्रेणी के टॉप आतंकियों में शुमार था। शुक्रवार को बीजबेहाड़ा के अरवनी में सुरक्षाबलों के साथ एनकाउंटर हुआ था, जिसमें उसे ढेर कर दिया गया। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने अरवनी मुठभेड़ में कुख्यात आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की है।

बताया गया कि तीन आतंकी गुरुवार को हथियारों से लैस होकर आधी रात के वक्त बीजबेहाड़ा के पाम मोमिन हाल, अरवनी में अपने खबरी से मिलने के लिए आए थे। लेकिन, इसकी जानकारी सुरक्षाबल को लग गई। पुलिस की सेना की 01 आआर व सीआरपीएफ की 90वीं वाहिनी के जवानों ने मिलकर इन्हें पकड़ने की योजना बनाई। जैसे ही सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। आतंकी घबरा गए और उन्होंने छिप कर सुरक्षाबल पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने अपने बचाव में फायरिंग की और वहीं एनकाउंटर में कुख्यात आतंकी को ढेर कर दिया।

इसके अलावा सुरक्षा बलों ने अन्य दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आतंकी लश्कर से जुड़े बताए जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया, “हमारे रिकॉर्ड के मुताबिक, मारा गया आतंकवादी हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था।” पुलिस ने बताया कि 19 अक्टूबर 2020 चांदपोरा कनेलवां में अनंतनाग के पुलिस निरीक्षक मोहम्मद अशरफ भट की हत्या में शामिल था। इसके बाद 29 अक्टूबर 2020 को वाई के पोरा कुलगाम में तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या में शामिल था।

बहरहाल गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहल्ला मोछवा निवासी इमरान मजीद और माग्रे मोहल्ले मोछवा निवासी मोहम्मद अमीन राथर के तौर पर हुई है। सुरक्षा बलों ने इनके पास से दो हैंडग्रेनेड, दो एके-47 मैगजीन, 30 जिंदा एके-47 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।

खंडवा में स्कूल ने कक्षा 6 की परीक्षा में पूछा सैफ-करीना के बेटे का नाम, पैरेंट्स बोले- क्या ये (तैमूर) कोई महापुरुष है?

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक स्कूल में बच्चों को महापुरुषों के बारे में पढ़ाने के बजाय फिल्म एक्टर्स के बच्चों के बारे में सवाल किए जा रहे हैं। जिसको लेकर बवाल शुरू हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एकेडमिक हाईट्स नाम के एक निजी स्कूल ने सैफ अली खान और करीना कपूर खान के बेटे तैमूर के बारे में सवाल कर डाला।

दरअसल, उक्त स्कूल में परीक्षा चल रही है। इसी क्रम में कक्षा 6 की परीक्षा में स्कूल ने जनरल नॉलेज के पेपर में बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान और करीना कपूर खान के बेटे का नाम पूछ लिया। इसको लेकर बवाल खड़ा हो गया है। बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल की इस हरकत पर नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा है कि ये महापुरुष है क्या? इसके साथ ही अभिभावकों ने दोषी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की है। उन्होनें इसकी शिकायत जिला प्रशासन से भी की है।

पालकों का कहना है कि अगर स्कूल की परीक्षा के प्रश्न पत्र में महापुरुषों, वीरांगनाओं या किसी क्षेत्र में स्मरणीय काम करने वाली शख्सियतों को लेकर सवाल किया जाय तो उसे समझा जा सकता है, लेकिन एक कलाकार के बेटे को लेकर सवाल क्यों आवश्यक है। इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी को भी की गई है। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए डीईओ संजीव भालेराव ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही कहा है कि स्कूल का जवाब आने के बाद इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि सैफ अली खान और करीना कपूर खान के बेटे का नाम तैमूर है। उसके जन्म बाद उसका नाम तैमूर रखने पर भी काफी विवाद हुआ था। लोगों ने एक्टर्स से बच्चे का नाम बदलने की भी अपील की थी। लेकिन, करीना ने इससे साफ इंनकार कर दिया था। बता दें कि तैमूर लंग एक बर्बर विदेशी आक्रान्ता था।

‘मोदी-योगी’ को गाली वाली फेक वीडियो पर TMC नेता रिजू दत्ता के ख़िलाफ़ वाराणसी में FIR, जवाहर सरकार ने भी किया था यही फर्जीवाड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधी फर्जी वीडियो ट्विटर पर शेयर करने के आरोप में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता रिजू दत्ता के ख़िलाफ़ वाराणसी के दशाश्वमेध थाना में एफआईआर दर्ज हुई है। वाराणसी पुलिस आयुक्त सतीश गणेश ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जाँच चौकी इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा को मिली है। वहीं डीसीपी ने ट्विटर को सीआरपीसी धारा के तहत नोटिस भेज कर अनुरोध किया है कि टीएमसी नेता का अकॉउंट सस्पेंड हो।

बता दें कि 23 दिसंबर को टीएमसी नेता रिजू दत्ता ने अपने ट्विटर पर एक एडिटिड वीडियो शेयर की थी, जिसमें पीएम मोदी और सीएम योगी काशी परिक्रमा करते दिख रहे थे और उनके पीछे लोग ‘मोदी हाय-हाय, योगी चोर है’ के नारे लगा रहे थे। उनके साथ इस वीडियो को जवाहर सरकार ने भी शेयर किया था। हालाँकि उनपर क्या कार्रवाई हुई इसका अभी नहीं पता चला है। मगर, कल ट्विटर ने ही उनके ट्वीट को मैनिपुलेटेड मीडिया के साथ जोड़ दिया था।

अपने ट्वीट में रिजू दत्ता ने बताया था कि काशी परिक्रमा के समय लोगों ने ‘मोदी हाय-हाय और योगी चोर है’ के नारे बुलंद किए थे। मगर दुर्भाग्यवश गोदी मीडिया ये सच्चाई नहीं दिखाएगा। वहीं टीएमसी के दूसरे नेता जवाहर सरकार ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, “वाह। मोदी की काशी परिक्रमा के दौरान प्रदर्शन। हिम्मत है। गोदी मीडिया इसे नहीं दिखाएगी।”

इस वीडियो को इतनी बारिकी से एडिट किया गया था कि शायद ही कोई इसकी सच्चाई के बारे में पता लगा पाता। हालाँकि ट्विटर यूजर अंकुर सिंह ने वाकये की असल वीडियो शेयर करके टीएमसी नेताओं के प्रोपगेंडा की पोल खोल दी। असली वीडियो तब की है जब 13 दिसंबर को कॉरिडोर के लोकार्पण के बाद पीएम देर रात परिक्रमा पर निकले। वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी दोनों चल रहे हैं और भीड़ लगातार उनका अभिवादन कर रही है। इसी अभिवादन को म्यूट करके ‘मोदी हाय-हाय’ और ‘योगी चोर’ का ऑडियो वीडियो के साथ जोड़ा गया, जिसे शेयर करके टीएमसी नेता गोदी मीडिया को कोस रहे हैं।

‘बाबर, औरंगजेब दफन हो गए..’: ओवैसी पर जितेंद्र त्यागी (वसीम रिजवी) का पलटवार, कहा- धमकी देकर तुम हिंदुस्तान में रह पाओगे

उत्तराखंड में हुई धर्म संसद पर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी (Asduddin owaisi) के विवादित बयान के बाद जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व नाम वसीम रिजवी) का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वो ओवैसी को जबाव देते हुए कहा है कि औरंगजेब और बाबर दफन हो चुके है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर हिंदुस्तान में रहना है तो आपको तय करना होगा कि क्या बोलना है।”

ऑपइंडिया को भेजे गए 43 सेकेंड के इस वीडियो में जीतेंद्र नारायण त्यागी कहते हैं, “याद रखो असदुद्दीन ओवैसी सनातन धर्म की रक्षा सनातन धर्म के लोग करना जानते हैं। मोदी, योगी और अमित शाह अभी मौजूद हैं, उनके जाने की फिक्र छोड़ो बाबर और औरंगजेब अब हिंदुस्तान में दफन हो चुके हैं। कट्टरपंथियों अपने लिए मुस्तकबिल (भविष्य) की तलाश करो। अगर तुम इसी तरह की भाषा प्रयोग करोगे तो तुम हिंदुस्तान में रह पाओगे या नहीं ये तुम्हें तय करना है।”

जीतेंद्र नारायण त्यागी (वसीम रिजवी) का यह बयान सांसद असदुद्दीन ओवैसी के उस विवादित बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने हिंदुओं को चेतावनी दी थी। वायरल वीडियो में ओवैसी ने कहा था, “मैं पुलिस वालों को बता देना चाहता हूँ कि वो याद रखें कि न तो योगी हमेशा मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे और न ही मोदी हमेशा प्रधानमंत्री। हम मुस्लिम समय को देख कर चुप हैं। पर ध्यान रहे कि हम कुछ भूलने वाले नहीं हैं। हमें तुम्हारा अन्याय याद रहेगा। अल्लाह अपनी ताकत से तुम्हे बर्बाद करेगा। इंशाल्लाह हम याद रखेंगे और समय भी बदलेगा। तब तुम्हे बचाने कौन आएगा जब योगी अपने मठ और मोदी हिमालय में चले जाएँगे? याद रहे, हम नहीं भूलने वाले।”

बताया जा रहा है कि औवैसी ने यह बयान 12 दिसंबर 2021 को कानपुर की एक सभा में दिया था। हालाँकि, उनके इस बयान जीतेंद्र नारायण त्यागी के अलावा हैदराबाद (Hyderabad) से बीजेपी विधायक टी राजा सिंह (T Raja singh) ने भी पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि तुम जब-जब औरंगजेब और अकबर बनने का सपना देखोगे हम तब-तब शिवाजी और महाराणा बनकर तुम्हारी नस्लें खत्म कर देंगे।

योगी आदित्यनाथ बनेंगे दोबारा यूपी के मुख्यमंत्री, राज्य में लोगों की पहली पसंद: जन की बात ओपिनियन पोल में बीजेपी को बहुमत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले ‘जन की बात’ ओपिनियन पोल के हालिया सर्वेक्षण ने बताया है कि इस बार प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की वापसी होगी। सर्वे में 75 जिलों के 20000 लोगों को शामिल किया गया है। इससे जो नतीजे सामने आए उनसे अनुमान है कि विधानसभा चुनावों में योगी सरकार को 233-253 सीटें मिल सकती हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के हिस्से 135-149 सीट आएँगी। कॉन्ग्रेस को 3-6 सीट पाकर संतुष्ट होना पड़ेगा और बहुजन समाजवादी पार्टी को 11-12 सीट मिलेगी। वहीं अन्य को 1-4 सीट मिल सकती हैं।

अब यदि सर्वे के अनुसार वोट शेयर की बात करें तो जन की बात ने अनुमान लगाया है कि इस बार योगी सरकार को 39 प्रतिशत वोट शेयर मिलेगा और सपा को 35 प्रतिशत। इसी तरह बसपा को 14%, कॉन्ग्रेस को 5% और अन्य पार्टियों को 7%।

जिलेवार ढंग से यदि देखें तो उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल उपक्षेत्र में 104  सीटों में से 53-59 पर भाजपा जीत हासिल करेगी और कॉन्ग्रेस के हाथ कुछ नहीं आएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में भाजपा को आसानी से 142 में 84 से 88 सीट मिलती नजर आ रही हैं। वहीं वोट शेयर 61% पार करेगा। कॉन्ग्रेस को यहाँ भी 2 सीट मिलेंगी। सपा के हिस्से 51 से 55 सीट आएगी और बसपा को संभव है 1 से 3 सीट मिले।

बुंदेलखंड में बीजेपी को 25 में से 19-21, सपा को 6-3, बीएसपी को 0-1 सीट मिल सकती है। अवध में भाजपा को 132 में से 84 सीटें तक मिल सकती हैं। वहीं कॉन्ग्रेस के हाथ शायद 4-3 सीट आए। 

दिलचस्प बात ये है कि हाथरस और लखीमपुर खीरी में भी भाजपा की बढ़त इस सर्वे में सामने आई है जबकि पिछले दिनों विपक्षी पार्टियों ने इन्हीं दो क्षेत्रों में हुई घटनाओं पर सबसे ज्यादा राजनीति की।

55 फीसद लोग चाहते हैं CM योगी की वापसी

जन की बात सर्वे के मुताबिक 55 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वो दोबारा योगी आदित्यनाथ को सीएम बनता देखना चाहते हैं। वहीं 2 फीसद ने प्रियंका गाँधी को सीएम देखने की इच्छा जताई और 31 फीसद ने अखिलेश यादव व 10 फीसद ने मायावती को मुख्यमंत्री बनाने को कहा।

इस पोल के अलावा एक स्वतंत्र सर्वेक्षण से भी ये बात सामने आई है कि सीएम योगी ही उत्तर प्रदेश के पसंदीदा हैं। ये दूसरा सर्वेक्षण मैट्रिस न्यूज कम्युनिकेशन नामक प्राइवेट कंपनी ने करवाया था। इसके मुताबिक 43% फीसद लोग चाहते हैं कि सीएम दोबारा योगी आदित्यनाथ ही बनें। केवल 14 प्रतिशत ने ही चाहा कि प्रियंका प्रदेश सीएम बनें।

75% लोगों का कहना है कि नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही इस बार राज्य में भाजपा दोबारा लौटेगी। इसके अलावा प्रमुख मुद्दे जो प्रदेश जनता को लगते हैं कि इस बार के चुनावों में मुख्य भूमिका निभाएँगे। वह विकास जाति-धर्म, कानून व्यवस्था है। 23 % मानते हैं कि इस बार विकास मुद्दों पर वोट पड़ेगी। 24 % मानते हैं कि जाति और धर्म को देखते हुए लोग वोट देंगे। 10% लोगों का कहना है कि महंगाई के मुद्दे पर वोट डाले जाएँगे। 1% राम मंदिर को भी मुद्दा मानता है।

जन की बात का अनुमान और पिछले चुनाव

बता दें कि जन की बात ओपिनियन पोल ने साल 2019 में भी लोकसभा चुनावों के समय भाजपा की जीत का अनुमान लगाया था। पोल के अनुमान थे कि शायद एनडीए को 304-316 सीटें मिलें और भाजपा के हिस्से 248 से 260 सीट आए। हालाँकि भाजपा ने अकेले ही 303 सीट जीत ली थी और एनडीए के हिस्से में 353 सीट आई थी। इसी पोल ने कॉन्ग्रेस को मिलने वाली सीटों पर भी अनुमान लगाया था। पोल का दावा था कि कॉन्ग्रेस 2014 में जो 44 सीट लाई थी उससे ज्यादा सीट जीत पाएगी। हुआ भी यही था कॉन्ग्रेस ने 52 सीट जीती थी।

साल 2017 में योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत से प्रदेश में आई थी। पार्टी ने 319 सीट जीती थी। वहीं सपा को 47 व बसपा को 19 सीट मिल पाई थी। कॉन्ग्रेस के हिस्से सिर्फ 7 सीट आई थी।

राहुल गाँधी से मिल हरीश रावत बोले- उत्तराखंड में मैं कॉन्ग्रेस का चेहरा, देहरादून में उनके समर्थकों ने पार्टी नेता को पीटा

उत्तराखंड (Uttarakhand) में अगले साल 2022 में विधानसभा चुनाव (Assembly election) होने हैं और कॉन्ग्रेस (congress) में अंदरूनी कलह उभर कर सामने आ रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत (Harish rawat) तो खुलकर पार्टी के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। लेकिन अब वो राहुल गाँधी से मिले हैं। दिल्ली में राहुल से मिलने के बाद रावत कॉन्ग्रेस के ही गुण गाते दिखे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, हरीश रावत के नाराजगी के बीच पार्टी आलाकमान ने उन्हें दिल्ली बुलाया। वो शुक्रवार (24 दिसंबर 2021) को दिल्ली में राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) से मिले। राहुल से मिलने के बाद उनके सुर अचानक से बदले नजर आए। रावत ने गाना गाते हुए कहा, “कदम-कदम बढ़ाए जा कॉन्ग्रेस के गीत गाए जा, ये जिंदगी है उत्तराखंड के वास्ते, उत्तराखंड पर लुटाए जा।” रावत का कहना है कि वो कॉन्ग्रेस में ही रहेंगे और उसी के गीत भी गाएँगे।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रावत ने कहा है कि दिल्ली में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के मुद्दे पर राहुल गाँधी के साथ उनकी बैठक हुई है। इसमें ये तय हुआ है कि मैं आगामी चुनाव में कैंपेन कमेटी का अध्यक्ष रहूँगा। रावत ने ये स्पष्ट किया है कि चुनाव में कॉन्ग्रेस के सीएम फेस वही रहेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि कॉन्ग्रेस में हमेशा से विशेषाधिकार पार्टी के प्रेसिडेंट के पास रहा है और नेता का चयन वही करते हैं।

लेकिन इससे पहले हाल ही में हरीश रावत ने पार्टी आलाकमान के खिलाफ कुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा था, “जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पाँव बाँध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!”

यूथ कॉन्ग्रेस ने रावत को कहा बेईमान

भले ही रावत राहुल गाँधी से मिलने के बाद कॉन्ग्रेस के गुण गा रहे हों, लेकिन उधर उत्तराखंड में यूथ कॉन्ग्रेस उन्हें बेईमान कह रही है। उनके नाम के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में कहा गया है कि हरीश रावत का ईमान डोल गया है, उनके मन में बेईमान बैठा है। इसके साथ ही उत्तराखंड की कमान युवाओं के हाथ में देने की माँग राहुल गाँधी से की गई है।

साभार: न्यूज 18

रावत समर्थकों ने महामंत्री राजेंद्र शाह को पीटा

कॉन्ग्रेस में जारी अंदरूनी कलह का इस बात से भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि शुक्रवार (24 दिसंबर 2021) को देहरादून स्थित कॉन्ग्रेस मुख्यालय में हरीश रावत को लेकर टिप्पणी करने पर उनके समर्थकों ने पार्टी के ही महामंत्री राजेंद्र शाह (Rajendra shah) को पीट दिया।

‘TMC घोर सांप्रदायिक पार्टी, हिंदुओं और ईसाइयों के बीच विभाजन की कोशिश’: गोवा के पूर्व MLA ने छोड़ा ममता बनर्जी का साथ

गोवा (Goa) में दूसरे दलों के नेताओं को लगातार पार्टी में शामिल करा रही तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को एक झटका लगा है। लगभग तीन महीने पहले ही तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) में शामिल हुए गोवा के एक पूर्व विधायक ने पार्टी पर घोर सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। टीएमसी छोड़ने का ऐलान करने वाले पूर्व विधायक लवू मामलेदार (Lavoo Mamledar) ने कहा कि टीएमसी राज्य विधानसभा चुनाव से पहले वोटों के लिए हिंदुओं और ईसाइयों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है। 

उन्होंने कहा, “मैं सितंबर में टीएमसी में शामिल हुआ क्योंकि मैं ममता जी के 2021 के विधानसभा चुनाव के प्रदर्शन और हाई-कमांड संस्कृति के प्रति उनके रूख से प्रभावित था। लेकिन पाँच नवंबर को TMC और MGP (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी) के बीच गठबंधन के बाद हमने इसका घोर सांप्रदायिक रूप देखा।”

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि योजनाओं के लिए जानकारी एकत्र करने के नाम पर पार्टी लोगों का डाटा भी जुटा रही है। पिछले 15-20 दिन में उन्होंने जो कुछ देखा है उससे पूरी तरह साफ है कि टीएमसी भाजपा से भी खराब है।

लवू मामलेदार ने आगे कहा, “TMC ने ‘लक्ष्मी भंडार’ स्कीम लॉन्च किया। इसके तहत उन्होंने पश्चिम बंगाल की महिलाओं को हर महीने 500 रुपए देने का वादा किया। लेकिन गोवा में उन्होंने 5,000 रुपए देने का वादा किया, जो कि लगभग असंभव है। जब कोई पार्टी खुद को हारा हुआ महसूस करती है तो वह झूठे वादे करती है।” 

पोंडा से पूर्व विधायक लवू मामलेदार सितंबर के अंतिम सप्ताह में तृणमूल कॉन्ग्रेस में शामिल हुए थे। वह राज्य के उन शुरुआती नेताओं में से एक थे जिन्होंने टीएमसी से जुड़ने का फैसला किया था। इस साल बंगाल में जीत से भाजपा को करारा झटका देने वाली टीएमसी ने फरवरी 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में प्रदेश की सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। इसके लिए उसने भाजपा की पूर्व सहयोगी एमजीपी के साथ हाथ मिलाया है। 

दिल्ली दंगों वाले शाहरुख पठान से कोर्ट ने आर्म्स एक्ट हटाया, पुलिस पर रिवॉल्वर ताने सामने आई थी तस्वीर

फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख़ पठान के खिलाफ हुए FIR पर दिल्ली की अदालत में आरोप तय हुए। वहीं इन आरोपों में से एक FIR संख्या 49/2020 में आर्म्स एक्ट के अपराध से बरी कर दिया गया है। शाहरुख़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वीडियो में पुलिससकर्मी दीपक दहिया ने उसका सामना डंडे से किया था। यह मुकदमा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत में चल रहा है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक यह केस दिल्ली के जाफराबाद थाने में दर्ज है। शाहरुख़ पर IPC की धारा 147, 148, 149, 186, 188, 153A, 283, 353, 332, 323, 307, 505, 120B और 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत FIR दर्ज हुआ था। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। कांस्टेबल रोहित शुक्ला को गोली लगी थी।

घायल पुलिसकर्मी रोहित शुक्ला के बयान के मुताबिक, “24 फरवरी 2020 को जमा गैरकानूनी भीड़ में से एक समूह ‘अल्लाह हु अकबर’ का नारा लगा कर CAA और NRC का विरोध कर रहा था। दूसरे समूह में हिंसक भीड़ थी। उसी भीड़ से लगभग 25 साल का एक लड़का हाथ में पिस्तौल ले कर बाहर निकला। उसने मुझे मारने की कोशिश की। इसी दौरान पिस्तौल से चली गोली से मैं घायल हो गया।”

इसी मामले में आरोपित शाहरुख़ पठान की पहचान अन्य कांस्टेबल दीपक दहिया ने भी की है। शाहरुख़ की कॉल डिटेल की लोकेशन भी घटनास्थल पर मिली है। इसी के साथ घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों में भी वो दंगाइयों की भीड़ में दिखा था। इसी आधार पर अदालत ने कुछ समय पहले उसकी जमानत याचिका भी ख़ारिज कर दी थी। आरोपित शाहरुख़ की तरफ से वकील खालिद अख्तर पेश हुए थे। शाहरुख़ के साथ इस केस में अन्य आरोपितों के नाम सलमान, गुलफाम, आतिर और ओसामा हैं।