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‘तबलीगी जमात की तुलना इस्लाम से नहीं की जा सकती’: यूट्यबर मारिदास के खिलाफ FIR मद्रास हाई कोर्ट ने रद्द की

मद्रास हाई कोर्ट ने यूट्यूबर मारिदास (Maridhas) के खिलाफ दर्ज एक और प्राथमिकी (FIR) रद्द कर दी है। अदालत ने कहा है कि किसी संगठन की आलोचना, मजहब की आलोचना करना जैसा नहीं है। साथ ही स्पष्ट किया है कि तबलीगी जमात की तुलना इस्लाम से नहीं की जा सकती है। मारिदास को पिछले दिनों इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

तमिलनाडु पुलिस ने इस मामले में चर्चित यूट्यूबर को तब गिरफ्तार किया था जब हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ एक अन्य मामले में दर्ज प्राथमिकी रद्द की थी। हाई कोर्ट का ताजा फैसला 2020 के उस वीडियो से जुड़ा हुआ है जिसमें COVID-19 के तेजी से प्रसार में जमात और मुस्लिम समुदाय की भूमिका पर सवाल उठाया गया था। इस संबंध में दर्ज एफआईआर मद्रास उच्च न्यायालय (Madras high court) की मदुरै बेंच ने रद्द कर दी है।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने कहा कि यूट्यूबर ने कोरोना महामारी को लेकर जो वीडियो बनाया था उसमें उसने कहीं भी मुस्लिमों की आस्था पर सवाल नहीं उठाया है। अदालत ने कहा कि मारिदास ने वीडियो में तबलीगी जमात के गैर ‘जिम्मेदाराना व्यवहार’ को लेकर चिंताएँ जाहिर की थी। साथ ही लोगों से अस्पताल में टेस्टिंग करवाने की अपील की थी।

गौरतलब है कि तमिलनाडु पुलिस ने 17 दिसंबर को यूट्यूबर के खिलाफ आईपीसी की धारा 2 9 2(ए), 2 9 5 (ए) और 505 (ii) के तहत केस दर्ज किया था। खास बात यह है कि मारिदास को तबलीगी जमात की आलोचना के कारण तमिलनाडु सरकार ने तब गिरफ्तार किया, जब इस्लामी मुल्क सऊदी अरब में ने भी इस संगठन को प्रतिबंधित कर दिया है। सऊदी सरकार ने तबलीगी जमात को खतरनाक करार देते हुए उसे ‘आतंकवाद का द्वार’ बताया था।

इससे पहले 14 दिसंबर 2021 को यूट्यूबर मारिदास के खिलाफ तमिलनाडु सरकार द्वारा दर्ज एफआईआर को मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। यह एफआईआर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत का हेलिकॉप्टर क्रैश होने के बाद किया गया था। मारिदास ने ट्वीट में साजिश की आशंका जताते हुए अलगाववादी ताकतों को रोकने के लिए देश के लोगों से साथ आने की अपील की थी। उन्होंने एक अलग ट्वीट में लिखा था कि सीडीएस रावत की मौत का डीएमके और डीके समर्थकों ने मजाक उड़ाया था। इसके बाद पुलिस ने मारिदास पर आईपीसी की कई धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था।

‘ये इस्लाम का अपमान है, गौ मूत्र पी लो…’: सारा अली खान की मंदिर वाली फोटो पर भड़के कट्टरपंथी, भगवान महाकाल को भी दी गाली

बॉलीवुड अभिनेत्री व सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान एक बार फिर हिंदू मंदिर में जाने के कारण ट्रोल की जा रही हैं। कट्टरपंथी उन्हें दोबारा मुसलमान होने के मायने बता रहे हैं। कयामत से डरने की सलाह दे रहे हैं। तमाम लानत भेज रहे हैं। 

नीचे सारा के पोस्ट में देख सकते हैं हिंदू मंदिरों में अक्सर जाने वाली सारा अली खान इस बार महाकाल के मंदिर गई थीं, जहाँ की फोटो शेयर करते हुए उन्होंने ‘जय महाकाल’ लिखा।

अब इसी पोस्ट पर कुछ कट्टरपंथी आए और हिंदू धर्म के प्रति घृणा दिखाने के लिए सारा को अपशब्द कहने लगे।

एक मुस्लिम यूजर ने उन्हें लिखा, “तुम्हें मुस्लिम होने पर शर्म आनी चाहिए। शिर्क कर रही हो। अल्लाह का सामना कैसे करोगी आखिरत में।”

एक अन्य यूजर सारा से कहता है, “अगर तुम्हें इस्लाम नहीं मानना तो मत मानो लेकिन इस्लामी नाम बदलो। प्लीज बदलो। ये दूसरों के लिए इस्लाम का अपमान है।”

अजवाह खान सारा से पूछते हैं मुस्लिम होकर ऐसे काम करती हो।

उमेर नामक यूजर उन्हें कहता है, “मुस्लिम होकर बुत परस्ती करती हो। अल्लाह तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा। इस दुनिया के मजे लोगी पर आखिरत के समय क्या जवाब दोगी।”

मुजीब कहता है, “खुदा से डरो, कयामत दूर नहीं। अल्लाह का अजाब बहुत सख्त है। छोड़ दो फिल्मी दुनिया।” एक यूजर लिखती है, “तुम मुस्लिम होकर बुत पूज रही है। सिर्फ एक खुदा है और वो अल्लाह है।”

जीश काजी नाम का यूजर इतना भड़का कि वो महाकाल के नाम के साथ माँ की गाली लिखने लगा। इमरान ने लिखा, “इस महाकाल को अपनी %$% में घुसा ले। बहन की ^*%” वहीं एक यूजर ऐसी थी जिसने सारा को गौमूत्र पीने की सलाह दी।

बता दें कि सारा अली खान इससे पहले केदारनाथ गई थीं। उन्होंने वहाँ की तस्वीर भी इंस्टा पर पोस्ट की थी, तब भी मजहबी ठेकेदार उन्हें लानत भेज रहे थे। उन्हें काफिर घोषित कर रहे थे।

‘तुम औरंगजेब-अकबर बनने का सपना देखोगे तो हम शिवाजी-राणा बनकर लड़ेंगे’: ओवैसी को बीजेपी MLA ने दिया जवाब, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ओवैसी द्वारा दिए गए आपत्तिजनक भाषण, “मोदी-योगी न रहे तो तुम्हे बचाएगा कौन” पर हैदराबाद के गोशामहल से BJP MLA टी राजा सिंह ने ओवैसी को औरंगज़ेब के इतिहास की याद दिलाई है। यहाँ तक ओवैसी के बयानों से आक्रोशित राजा सिंह ने ओवैसी को बड़ा बकरा भी कह दिया। भाजपा विधायक ने यह बयान आज 24 दिसम्बर, 2021 (शुक्रवार) को दिया है।

अपने बयान में विधायक राजा सिंह ने कहा है, “UP इलेक्शन के प्रचार में असदुद्दीन ओवैसी कहता है कि अगर योगी आश्रम और मोदी पहाड़ों में चले गए तो हिन्दुओं का क्या होगा। यानि उसका इंटरनल हिन्दुओं पर ही टारगेट है। मैं उसको ये कहना चाहूँगा कि बेटा जब हिन्दुओं ने आतंकवादियों के खात्मे के लिए औरंगज़ेब जैसे गद्दार को खत्म करने के लिए तलवार उठाई। तब तुम्हारे जैसे लोग उस समय पर सलवार कमीज पहन कर छिप गए थे। यही तुम्हारा इतिहास है। रही योगी और मोदी की बात। जब-जब धर्म पर संकट आता है तब कोई न कोई देव रूप में इस धरती पर जन्म ले कर देश और धर्म की रक्षा करते हैं।

विधायक राजा सिंह ने आगे कहा, “तो ये बात भूल जा कि कौन आएगा। हमारे पास बहुत बड़ी लाइन है। योगी, मोदी और अमित शाह के बाद बहुत लम्बी लाइन है क्योकि हमारा लक्ष्य अखंड हिन्दू राष्ट्र है। इस लक्ष्य के लिए फिर से छत्रपति शिवाजी महराज और महाराणा प्रताप पैदा होंगे। लेकिन तेरे जैसे गद्दार इस धरती पर नहीं रहेंगे। यह बात ध्यान रखना। सोच समझ कर बात करना असदुद्दीन ओवैसी क्योंकि अब हिन्दू सोया हुआ नहीं बल्कि आज का हिन्दू जागा हुआ है।”

गौरतलब है कि 12 दिसम्बर को UP के कानपुर की एक जनसभा में असदुद्दीन ओवैसी ने आपत्तिजनक भाषण दिया था। यह भाषण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साथ ही ओवैसी पर कार्रवाई की माँग भी उठ रही है।

फिलहाल विवाद बढ़ने पर अब ओवैसी अपने बयान की सफाई दे रहे है। ओवैसी के मुताबिक, “उन्हें अल्लाह के न्याय पर यकीन है। अल्लाह पर यकीन रहना और अपने साथ हुए अत्याचारों को याद रखना विवादित क्यों? यह सब हरिद्वार की धर्मसंसद से ध्यान भटकाने की साजिश है।”

मोदी सरकार के मंत्री अजय मिश्रा टेनी को ब्लैकमेल करने की कोशिश, माँगी रंगदारी: दिल्ली पुलिस ने 5 को पकड़ा

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी (Ajay mishra teni) से रंगदारी माँगने का मामला प्रकाश में आय़ा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने पाँच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से चार को यूपी के नोएडा और एक को दिल्ली से अरेस्ट किया गया।

ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की ओर शिकायत की गई थी कि उनके कर्मचारियों को रंगदारी के लिए फोन कॉल्स आए थे। इस मामले में नई दिल्ली जिले में एक FIR दर्ज की गई है। कॉल करने वाले पाँचों को गिरफ्तार किया गय़ा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री के पर्सनल असिस्टेंट ने शिकायत की थी कि मिश्रा को ब्लैकमेल करने की कोशिश करते हुए कुछ लोगों ने फोन कर पैसे देने की डिमांड की थी। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ब्लैकमेलिंग का यह मामला कब से चल रहा था और किस बात को लेकर पैसे माँगे गए। फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है।

उल्लेखनीय है कि लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur kheeri violence) के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा आरोपित हैं। विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की माँग कर रहा है। 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई घटना में 8 लोगों की मौत हो गई थी। आशीष मिश्रा पर आरोप लगा था कि उन्होंने अपनी गाड़ी किसानों पर चढ़ा दी थी।

‘अब करेंगे नए चैप्टर की शुरुआत’: हरभजन सिंह का क्रिकेट से संन्यास, राजनीति में आने की अटकलें; 2016 में खेला था लास्ट इंटरनेशनल मैच

भारतीय क्रिकेट टीम में ऑफ स्पिनर के तौर पर दो दशकों से ज्यादा तक अपनी जगह बनाए रखने वाले हरभजन सिंह ने अब क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। हरभजन सिंह ने शुक्रवार (24 दिसंबर) को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। वह टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे पायदान पर आते हैं। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच 1998 में खेला था और आखिरी इंटरनेशनल मैच 2016 में खेला था।

अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “हर अच्छी चीज खत्म हो जाती हैं और आज मैं उस खेल को अलविदा कहता हूँ, जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया, मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूंँ, जिन्होंने इस 23 साल की लंबी यात्रा को सुंदर और यादगार बनाया। आप सबका तहे दिल से शुक्रिया, आभार।”

ट्वीट के अलावा हरभजन सिंह ने अपनी एक यूट्यूब वीडियो भी जारी की है। अपनी वीडियो में उन्होंने क्रिकेट के सफर को सबसे खूबसूरत और रिटायरमेंट को उन्होंने सबसे कठिन फैसला बताया। उन्होंने कहा कि वो रिटायरमेंट का बहुत समय से ऐलान करना चाहते थे मगर ऐसा हो नहीं पा रहा था। उन्होंने कहा कि आईपीएल के दौरान उन्होंने मन बनाया था कि वो क्रिकेट को अलविदा कह देंगे।

अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने गुरु हरचरण सिंह को दिया, जिन्होंने हरभजन की जिंदगी को एक दिशा दी। फिर उन्होंने अपने माता-पिचा के संघर्ष को याद कर कहा कि अगर वो दोबारा जन्म पाते हैं तो दोबारा वो इसी घर में लौटना चाहेंगे। अपनी खुशियों के पीछे अपनी बहनों की प्रार्थनाओं को वजह बताया। साथ ही अपनी पत्नी गीता और बेटियों से प्रेम जाहिर करते हुए कहा कि वो अब अपने परिवार को समय देंगे और कोई शिकायत का मौका नहीं देंगे।

हरभजन ने अपने क्रिकेट करियर के दौरान स्पेशल पलों को याद कर कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी ही तब मिली थी जब उन्होंने कलकत्ता में हैटट्रिक ली थी। इसके अलावा उस सीरीज में उन्होंने 3 मैच में जो 32 विकेट लिए, वो आज तक रिकॉर्ड कायम है। उन्होंने कहा कि उन्हें 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 का वर्ल्ड कप सबसे ज्यादा अहम था। ये वो क्षण थे जिन्हें वो भुला नहीं पाएँगे कि उन्हें इससे कितनी खुशी मिली है।

अपनी वीडियो के अंत में उन्होंने दूसरी पारी के संकेत भी दिए हैं। वह बोले, “अब नई चुनौतियों के साथ एक दूसरा चैप्टर मेरी जिंदगी में शुरू हो रहा है। यकीन मानिए आपका टर्बनेटर इम्तिहान के लिए तैयार है। बस प्यार बनाए रखना। बहुत शुक्रिया जय हिंद जय भारत।” इस वीडियो को देख लोग उनके राजनीति में आने के कयास लगा रहे हैं।

बता दें कि 41 वर्षीय हरभजन सिंह ने 1998 से करियर शुरूआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी से दुनिया भर में काफी नाम कमाया। कुल 103 टेस्ट मैच खेल चुके हरभजन सिंह के नाम 417 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। 236 एक दिवसीय क्रिकेट में उन्होंने 269 विकेट लिए हैं। टी-20 में भी उन्होंने भारत के लिए 28 मुकाबले खेले हैं। वहीं आईपीएल में वह मुंबई इंडियन्स, चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते देखे गए। 163 आईपीएल मैचों में उनके नाम पर 150 विकेट दर्ज हैं।

2 चचेरी बहनों का दरभंगा से अपहरण, जबरन धर्मांतरण और निकाह का मामला: आरोपित शाहिद और ग़ालिब कोलकाता से गिरफ्तार

बिहार के दरभंगा जिले में 2 चचेरी बहनों का अपहरण करके उनके धर्मान्तरण की खबर है। शिकायत में इसे लव जिहाद बताया गया है। आरोपितों के नाम मोहम्मद ग़ालिब और मोहम्मद शाहिद हैं। इन दोनों को जेल भेज दिया गया है। घटना सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र की है। पुलिस ने दोनों लड़कियों को बरामद कर लिया है। घटना 15 दिसम्बर (बुधवार ) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाँव हयातपुर के मोहम्मद गालिब और मोहम्मद शाहिद ने दो चचेरी बहनों का अपहरण कर लिया था। शिकायत के मुताबिक लड़कियाँ सिलाई का काम सीखती थीं। उन्हें रास्ते से ही उठा लिया गया था। ऐसा करने के पीछे दर्ज केस में लव जिहाद की आशंका जाहिर की गई थी। इस घटना की शिकायत पीड़िता की माँ ने दर्ज करवाई थी। मामले की जानकारी होने पर हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। बजरंग दल के जिला संयोजक राजीव मधुकर ने इसे लव जिहाद बताते हुए विरोध का ऐलान किया था। जब 8 दिनों तक लड़कियों का कहीं अता पता नहीं चला तब इसके विरोध में हिन्दू संगठन सड़कों पर आ गए थे।

मामला बढ़ता देख कर पुलिस ने दोनों लड़कियों को खोज निकाला। हिन्दू संगठनों का यह तक दावा है कि लड़कियों को कोलकाता के सोनागाँछी इलाके से बरामद किया गया है। यह स्थान वेश्यावृत्ति के लिए प्रसिद्ध है। लड़कियों के 164 के बयान हो चुके हैं। पुलिस ने दोनों लड़कियों के मेडिकल परीक्षण का आवेदन दिया है। फ़िलहाल दोनों लड़कियाँ न्यायिक अभिरक्षा में हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जाँच पूरी होने के बाद ही बताया जा सकता है।

इस मामले में पीड़िता की माँ ने मीडिया से बात की है। पहली पीड़िता की माँ ने मीडिया को बताया, “लड़कियों से शादी करके उनका धर्म बदलवाया जा चुका है। हम उन्हें अपने साथ ले जाना चाहते हैं। लड़की की उम्र 19 साल है। मेरी लड़की मोबाईल भी नहीं रखती थी। हम लोग ब्राह्मण हैं।”

दूसरी लड़की की माँ के मुताबिक, “मेरी लड़की क्लास में जाने के लिए बोली। वो 4 बजे लौटने को कह कर निकली थी। जब वो वापस नहीं आई तो हमने उसकी तलाश शुरू की। हमें पहले कुछ पता नहीं था। दोनों लड़के मुसलमान हैं। लड़की की उम्र 20 साल है। मेरी लड़की बोल रही है कि वो मुस्लिम हो चुकी है। हम चाहते हैं कि वो फिर से अपने हिन्दू धर्म में आ जाएँ। उसे अंदर से डर है। वो वापस आने की बात बोल कर मुकर जा रही है।”

इस मामले में आरोपितों के वकील का कहना है, “घटना में 245 / 21 केस नंबर दर्ज हुआ है। FIR 17 दिसम्बर को दर्ज की गई थी। गिरफ्तार दोनों आरोपितों पर धारा 363 और 365 IPC के तहत कार्रवाई हुई है। प्रार्थना पत्र में लव जिहाद का उल्लेख किया गया है। दोनों 5 महीने से एक दूसरे के सम्पर्क में थे।”

MP के बाद UP में भी नाइट कर्फ्यू, शादी में केवल 200 लोग ही हो सकेंगे: ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच नए दिशा-निर्देश

देश भर में कोरोना के बढ़ते आँकड़े एक बार फिर से चिंता बढ़ाने वाले हैं। इसका नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) 16 राज्यों में पहुँच चुका है। देश में ओमिक्रॉन के कुल केस 350 के पार हो गए हैं। ओमिक्रॉन 33 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में 88, दिल्ली में 57, तेलंगाना 38, तमिलनाडु में 34, केरल में 29 मामले सामने आए हैं। हरियाणा में भी पहला मामला सामने आ चुका है। 

ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सीएम योगी ने 25 दिसंबर से प्रदेश में नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है। वहीं शादी- बारात के आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल के साथ 200 लोगों की अनुमति होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय टीम-09 को दिशा-निर्देश दिए हैं। नाइट कर्फ्यू के आदेश के तहत गौतमबुद्ध नगर पुलिस प्रशासन ने धारा 144 की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर तक कर दी है। वहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी खतरे को देखते हुए पीएम मोदी और चुनाव आयोग से आगामी यूपी विधानसभी चुनाव की तारीख 1-2 महीने आगे बढ़ाने की अपील की है।

इससे पहले मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने राज्य में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया था। ओमिक्रॉन की संभावित लहर को देखते हुए एमपी नाइट कर्फ्यू लगाने वाला पहला राज्य है। एमपी में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा। खास बात ये है कि मध्य प्रदेश में ओमिक्रॉन का एक भी केस सामने नहीं आया है। इसके बावजूद एमपी ऐसा कदम उठाने वाला पहला राज्य है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जरूरत पड़ने पर और भी उपाय लागू किए जाएँगे।

देश भर में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6650 नए संक्रमित मिले हैं। हालाँकि यह बीते दिन की तुलना में 11.3 फीसदी कम हैं। जिन पाँच राज्यों में कोरोना अपना कहर बरपा रहा है उसमें सबसे टॉप पर केरल है। केरल में गुरुवार (23 दिसंबर 2021) को कोविड-19 के कुल 2514 मरीज मिले। इसके बाद महाराष्ट्र में 1179, तमिलनाडु में 607, पश्चिम बंगाल में 516 और कर्नाटक में 299 मरीज सामने आए हैं। देश के पाँच राज्यों में 76.92% नए मामले मिले हैं, इसमें अकेले केरल में 37.8% मरीज मिले हैं। 

ओमिक्रॉन के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार देर रात COVID19 टास्क फोर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। क्रिसमस और नए साल के दौरान शादी समारोहों, होटलों और रेस्टॉरेंट में भीड़ को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार आज (24 दिसंबर 2021) एक नई गाइडलाइन जारी करेगी। गुरुवार को पीएम मोदी ने इसे लेकर हाई-लेवल मीटिंग की। मीटिंग के बाद बताया गया कि कम टीकाकरण, बढ़ते कोविड मामलों, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर की परेशानी से जूझ रहे राज्यों की सहायता के लिए केंद्र अपनी टीमें भेजेगा।

कपूरथला में नहीं हुई थी बेअदबी: पंजाब के CM चन्नी ने कबूला, गुरुद्वारे का केयरटेकर गिरफ्तार-100 पर केस

कपूलथला लिंचिंग मामले में गुरुद्वारा निजामपुर मोड़ के केयरटेकर अमरजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी शख्स ने पीड़ित युवक के ऊपर बेअदबी करने के आरोप मढ़े थे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में भीड़ में शामिल 100 अंजान लोगों के विरुद्ध भी हत्या का मामला दर्ज किया गया है। केस में किसी तरह की बेअदबी के प्रमाण नहीं मिले हैं। पीड़ित की पहचान भी अब तक नहीं हो सकी है।

प्रदेश मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी आज स्वीकार किया है कि कपूरथला में हुई हत्या मामले में मृतक द्वारा कोई बेअदबी नहीं की गई थी। अब इस मामले की जाँच हो रही है। ताजा पड़ताल के बाद एफआईआर में संशोधन किया जाएगा।

बता दें कि प्राथमिकी में संशोधन की जरूरत पंजाब पुलिस को इसलिए पड़ रही है क्योंकि उन्होंने हत्या का मामला सामने आने के बाद पीड़ित के ऊपर ही बेअदबी का केस दायर कर लिया था। हालाँकि अब उन्हें इस केस में हत्या की धाराएँ जोड़नी होंगी।

19 दिसंबर 2021 की सुबह निजामपुर गाँव के गुरुद्वारे में एक युवक की हत्या की घटना सामने आई थी। अमरजीत सिंह नामक गुरुद्वारे के केयरटेकर ने दावा किया था कि उसने निशान साहिब को नुकसान पहुँचाते युवक को देखा। हालाँकि जब जाँच हुई तो अमरजीत के सारे दावे झूठे निकले।

रिपोर्ट के अनुसार उसी ने गुरुद्वारे में सैंकड़ों लोगों को इकट्ठा किया और उसके बाद एक विक्षिप्त व्यक्ति की हत्या को अंजाम दिया गया। इस घटना पर आईजी ढिल्लों ने बताया, “हमने 100 लोगों के विरुद्ध हत्या का केस रजिस्टर कर लिया है ताकि ये उदाहरण सेट हो सके कि लिंचिंग किसी कीमत पर स्वीकारी नहीं जाएगी।”

उल्लेखनीय है कि अभी हाल में ही मृतक की ऑटोप्सी रिपोर्ट सामने आई थी। इस रिपोर्ट ने खुलासा किया था कि मृतक के शरीर पर 30 गहरे घाव थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से इस बात का पता चला था कि उसके शरीर पर नुकीले गहरे घाव थे, जो कि संभवत: तलवार के वार से हुए थे।

3 मंजिला फेरी में बीच नदी लगी आग, 39 की मौत; कुछ जिंदा जले-कुछ डूब मरे: बांग्लादेश की घटना, 1000 थे सवार

बांग्लादेश (Bangladesh) के झालाकाठी में एक भीषण हादसा हुआ है। शुक्रवार (24 दिसंबर 2021) को सुगंधा नदी में एक फेरी में आग लगने से 39 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 200 से अधिक लोग बर्न इंजरी का शिकार बताए जा रहे हैं। आग सुबह करीब 3 बजे लगी। आग इतनी भयंकर थी कि तीन मंजिला फेरी ‘MY Obhijan’ जलकर राख हो गई।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, झालाकाठी जिले के एडिशनल कमिश्नर मोहम्मद नजमुल आलम ने कहा है कि फेरी में करीब 1000 लोग सवार थे। यह फेरी राजधानी ढाका से बरगुना जिले की ओर जा रही थी। फायर सर्विस के डिप्टी डायरेक्टर कमल हुसैन भुइयाँ ने बताया कि 70 से अधिक लोगों को स्थानीय अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती किया गया है। स्थानीय पुलिस चीफ मोइनुल इस्लाम ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया, “ज्यादातर लोगों की आग की चपेट में आने से मौत हुई है औऱ कुछ नदी में कूदने के बाद डूब गए।” उन्होंने कहा, “हमने लगभग 100 लोगों को बरीसाल के अस्पतालों में भेजा है। ये सभी जले हुए हैं।”

हादसे में जिंदा बचे व्यक्ति की दास्तान

फेरी की आग में जिंदा बचे एक व्यक्ति सईदुर रहमान के मुताबिक, सुबह के करीब 3 बजे इंजन रूम में आग लग गई और यह तेजी से फैलने लगी। अपनी जान बचाने के लिए कई लोग पानी में कूदे, जिनमें से कुछ किनारे तक पहुँचने में सफल रहे। रहमान के मुताबिक, जलने की दुर्गंध आने पर वे भी अपने वीआईपी केबिन से बाहर निकले और बीवी और साले के साथ ठंडे पानी में कूद गए और तैरकर किनारे पहुँचे।

बांग्लादेश में इससे पहले इसी साल जुलाई में औद्योगिक शहर रूपगंज में एक खाद्य और पेय कारखाने में आग लगने से 52 लोगों की मौत हो गई थी। इसी तरह की एक अन्य घटना इसी साल अगस्त में हुई थी, जब एक नाव रेत से लदे मालवाहक जहाज से झील में टकरा गई थी, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी।

5 लश्कर आतंकी (4 कैराना से) उड़ाना चाहते थे दरभंगा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, पाकिस्तान में ली थी ट्रेनिंग: NIA ने दायर की चार्जशीट

बिहार (Bihar) के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए बम ब्लास्ट (Darbhanga railway station blast) की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पटना की एक विशेष NIA अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। जाँच एजेंसी ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाँच आतंकवादियों के नामों का उल्लेख किया गया है।

जाँच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना के रहने वाले मोहम्मद नासिर खान, उसका भाई इमरान मलिक के खिलाफ गुरुवार (23 दिसंबर 2021) को चार्जशीट दाखिल की। वो दोनों हैदराबाद में रहते थे। इसी तरह से सलीम अहमद और काफिल अहमद भी कैराना के हैं जबकि पाँचवाँ आरोपित इकबाल मोहम्मद उर्फ ​​इकबाल काना मूल रूप से शामली का रहने वाला है, लेकिन बीते 26 सालों से वो पाकिस्तान के लाहौर में रह रहा है।

इन सभी के खिलाफ NIA ने इंडियन पीनल कोड की धारा 120बी, 468, और 471, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3, 4 और 5 और UAPA एक्ट की धारा 16, 17, 18, 18बी, 20, 23, 38, 39 और 40 के अंतर्गत केस दर्ज किया है।

सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस को आग लगाने की थी योजना

उल्लेखनीय है कि इसी साल 17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर धमाका हुआ था। इस मामले की जाँच शुरुआत में पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे NIA के हवाले कर दिया गया। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने इस ब्लास्ट के पीछे आतंकी साजिश का खुलासा किया था।

NIA ने कहा था कि पाकिस्तान स्थित लश्कर के आतंकियों ने चलती सिकंदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस ट्रेन (Secunderabad-Darbhanga Express train) को IED लगाकर ब्लास्ट करने की साजिश रची थी।

जाँच एजेंसी के मुताबिक, इकबाल काना के कहने पर नासिर खान और उसके भाई ने स्थानीय स्तर पर केमिकल को खरीदकर IED बनाया और इसे कपड़ों के एक पार्सल में रखकर 15 जून को सिकंदराबाद रेलवे कार्यालय में पार्सल कर दिया। चूँकि दरभंगा से ट्रेन रात में निकलती है और इसीलिए आतंकियों ने रात में ब्लास्ट की साजिश रची, लेकिन इनकी योजना फेल हो गई। रेलवे स्टेशन पर पार्सल उतारते वक्त ही इसमें ब्लास्ट हो गया। हालाँकि, कोई घायल तक नहीं हुआ। खास बात ये है कि इन्होंने अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था।

दरअसल, आतंकी साल 2006 में मुंबई की चलती लोकल ट्रेन में ब्लास्ट जैसी योजना पर काम कर रहे थे।

मोहम्मद नासिर ने साल 2012 में पाकिस्तान का दौरा किया था, जहाँ उसने आईईडी और केमिकल बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसे पाकिस्तान से भी फंडिंग हुई थी।

NIA की जाँच के दौरान पता चला कि आरोपित सलीम अहमद और इकबाल काना एक ही गाँव के रहने वाले थे। इस कारण से पहले से ही एक दूसरे को जानते थे। शुरुआत में इकबाल काना नकली नोटों के धंधे में और सलीम अहमद तस्करी में शामिल था। उसने 1990-2005 के बीच कपड़े इंपोर्ट करने के नाम पर पाकिस्तान (Pakistan) का दौरा किया था।

वारदात के बाद उसके पाकिस्तानी आका नेपाल के रास्ते विदेश भागने की कोशिश में थे, लेकिन वो भी पकड़ लिए गए।