Homeदेश-समाज'UP में चुनाव स्थगित करने पर विचार करें': PM मोदी और ECI से इलाहाबाद...

‘UP में चुनाव स्थगित करने पर विचार करें’: PM मोदी और ECI से इलाहाबाद हाई कोर्ट, कहा- जान है तो जहान है

"हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ‘मुफ्त कोरोना टीकाकरण’ का अभियान चलाया है, जो काबिलेतारीफ है। कोर्ट उनकी प्रशंसा करता है और माननीय प्रधानमंत्री से अनुरोध करता है कि इसको देखते हुए मजबूत कदम उठाएँ।"

उत्तर प्रदेश (UP) सहित 5 राज्यों में नए साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) होने हैं। उससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने यूपी चुनाव स्थगित करने और राजनीतिक रैलियों पर रोक के विकल्प पर विचार का अनुरोध किया है। चुनाव आयोग (ECI) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस विकल्प पर गौर करने को कहा है। कोर्ट ने यह अपील गुरुवार (23 दिसंबर 2021) कोरोना वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए की। 

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर यादव की एकल पीठ ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों से कहा जाए कि वह चुनाव प्रचार टीवी और समाचार पत्रों के माध्यम से करें। प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि वह पार्टियों की चुनावी सभाएँ व रैलियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएँ। 

इस दौरान जस्टिस यादव ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, “हमारे देश के प्रधानमंत्री ने भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ‘मुफ्त कोरोना टीकाकरण’ का अभियान चलाया है, जो काबिलेतारीफ है। कोर्ट उनकी प्रशंसा करता है और माननीय प्रधानमंत्री से अनुरोध करता है कि इसको देखते हुए मजबूत कदम उठाएँ। इस भयानक महामारी की स्थिति और रैलियों, बैठकों और आगामी चुनावों को रोकने व स्थगित करने की संभावना तलाशने पर विचार करें, क्योंकि जब तक जीवन नहीं है, दुनिया का कोई मतलब नहीं है।”

कोर्ट ने कहा कि अगर संभव हो तो फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव को एक या दो महीने के लिए टाल दिया जाए, क्योंकि जान रहेगी तभी चुनावी रैलियाँ होंगी। न्यायमूर्ति यादव ने कहा, “अगर रैलियों को नहीं रोका गया तो परिणाम दूसरी लहर से भी बदतर होंगे। रैलियों में भीड़ ज्यादा होने से कोरोना का संक्रमण भयानक रूप धारण कर सकता है।” 

आगे कोर्ट ने कहा कि देश भर में बीते 24 घंटे में छह हजार नए मामले मिले हैं और 318 लोगों की मौत हुई है। साथ ही यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। इस भयावह महामारी को देखते हुए चीन, नीदरलैंड, आयरलैंड, जर्मनी, स्कॉटलैंड जैसे देशों ने पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगा दिया है। ऐसी स्थिति में हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से आग्रह है कि वह इस विकट स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाएँ।

यह टिप्पणी जस्टिस शेखर कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद कानून के तहत जेल में बंद संजय यादव की जमानत को मंजूर करते हुए की। बता दें कि संजय यादव के खिलाफ इलाहाबाद के थाना कैंट एरिया में मुकदमा दर्ज है। हाई कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि आज इस न्यायालय के समक्ष लगभग चार सौ मुकदमे सूचीबद्व है। इसी तरह न्यायालय के समक्ष हर दिन मुकदमे सूचीबद्व होते हैं, जिसके कारण अधिक संख्या में वकील उपस्थित होते हैं और उनके बीच किसी भी प्रकार की सोशल डिस्टेंस नहीं होती है। वकील आपस में नजदीक खडे़ होते हैं, जबकि कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और तीसरी लहर आने की आशंका है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -