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प्रियंका गाँधी वाड्रा हूँ, झूठ पर झूठ बोल सकती हूँ: बच्चों के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक किए जाने के नहीं मिले सबूत

कॉन्ग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने अपने बच्चों का इंस्टाग्राम अकाउंट हैक किए जाने का दावा किया था। पिछले मौकों की तरह ही उनका यह दावा भी झूठा निकला है। प्रियंका के दावे के बाद सरकार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जाँच के आदेश दिए थे। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि शुरुआती जाँच में कॉन्ग्रेस (Congress) नेत्री के बच्चों के इंस्टाग्राम (Instagram) अकाउंट हैक किए जाने को लेकर कोई सबूत नहीं मिले हैं

यह जाँच MEITY ने इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-IN) को सौंपी थी। प्रियंका गाँधी वाड्रा ने विपक्षी नेताओं के फोन टैपिंग किए जाने के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर लखनऊ के पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से कहा था, “फोन टैपिंग छोड़िए, मेरे बच्चों के इंस्टाग्राम अकाउंट भी हैक कर रहे हैं। सरकार के पास और कुछ काम नहीं है क्या?”

ये पहला मौका नहीं है जब प्रियंका का कोई दावा बेबुनियाद निकला है। खासकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बदनाम करने के लिए वे लगातार झूठ का सहारा लेती रहती हैं। 2020 में पाकिस्तान की फोटो शेयर करते हुए उन्होंने उसे यूपी के किसानों से जोड़ दिया था। इसी तरह उन्नाव में बलात्कार के मामलों को लेकर उन्होंने झूठे दावे किए थे। 2019 में उन्होंने भूमि विवाद में ठाकुरों की लड़ाई को दलित की पिटाई बता सोशल मीडिया में झूठ फैलाया था। ऐसे ही उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में मोदी सरकार ने भारतीय रेलवे को अडानी समूह के हाथों में सौंपने का आरोप लगाया था। फेसबुक द्वारा पोस्ट को ‘भ्रामक’ सामग्री बताए जाने के बाद उन्होंने इसे डिलीट किया था। इतना ही नहीं एक बार उन्होंने एक महिला अधिकारी पर गला दबाने और धक्का देकर गिराने का आरोप लगा दिया था। जब इसका वीडियो सामने आया तो उनके दावे गलत निकले

नेटिजन्स ने लिए मजे

इधर बच्चों के इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने के प्रियंका के दावों पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी खूब मजे लिए। सूरज विश्वकर्मा नाम के यूजर ने लिखा, “तो पढ़ने लिखने बोलो ना। Insta पर टाइम पास करेगा फिर एक और पप्पू मिलेगा।”

वहीं आदर्श सिंह राठौड़ ने लिखा, “ये कॉन्ग्रेस सिर्फ रोना जानती है और तो कुछ आता नहीं है।”

किशन नाम के यूजर ने लिखा, “सिर्फ झूठी ही है क्या?”

वाणी ने लिखा, “ऐसा क्या कांड करते हैं पिंकी के बच्चे जो कोई उनकी फिरकी ले रहा है।”

एक यूजर ने लिखा, “चुनावी स्टंट है यार… हैक करना भी होगा तो बैंक अकाउंट हैक करेगा। इंस्टाग्राम में कौन सा डॉलर मिलने वाला है।”

इससे पहले समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश सरकार उनके फोन टैप कर रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद उनकी बातचीत सुनते हैं।

BJP नेता को महिला ने अपने घर बुलाया, नशीला कोल्ड ड्रिंक पिलाया; फिर प्रेमी अब्दुल्ला और उसके साथियों से करवाया रेप: पार्क में बेहोश मिली

उत्तर प्रदेश के मेरठ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एक महिला नेता के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपित समुदाय विशेष से हैं। इस मामले में समुदाय विशेष की एक महिला और तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता भाजपा की महिला मोर्चा की नेत्री हैं। मुख्य आरोपित का नाम अब्दुल्ला है। मामला 2 सम्प्रदायों का होने के कारण क्षेत्र में तनाव फ़ैल गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना मंगलवार (21 दिसम्बर) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला खरखौदा थाना क्षेत्र के हापुड़ रोड स्थित काशीराम कॉलोनी का है। घटना का समय रात 8 बजे बताया जा रहा है। पीड़िता 3 बच्चों की माँ हैं। उनका अपने पति से विवाद चल रहा है। आरोप है कि दूसरे समुदाय की एक महिला ने भाजपा नेत्री को फोन कर अपने घर बुलाया। उन्हें कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। इसके बाद उसने अपने प्रेमी अब्दुल्ला और उसके 2 साथियों को बुलाया। इन्होंने बेहोशी की हालत में बीजेपी नेता के साथ रेप किया।

अगली सुबह बेहोशी की हालत में पीड़िता एक पार्क में मिली। स्थानीय लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया। होश में आने पर पुलिस में शिकायत दर्ज की गई। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करवाय गया है। मेरठ के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया है कि आरोपितों की तलाश की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले मेरठ से ईद की पार्टी में बुलाकर एक विवाहिता से गैंगरेप का मामला सामने आया था। आरोप था कि विवाहिता को उसकी पड़ोसन ने ईद की पार्टी के बहाने घर बुलाया। फिर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला कर उसे पिला दिया। पीड़िता के बेहोश होने के बाद तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। होश में आने के बाद आरोपितों ने वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देते हुए फिर से उसका रेप किया। पीड़िता ने जब इसकी जानकारी अपने पति को दी उसने शर्म के कारण अवसाद में आकर ज़हर खा लिया।

नोरा फतेही बनीं गवाह नंबर 45, जैकलीन का सीन क्लियर नहीं: सुकेश के दिए गिफ्ट सीज होंगे, जानवरों के बदले देने होंगे पैसे

ठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) से जुड़े केस में अभिनेत्री नोरा फतेही (Nora Fatehi) को बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट में उनका उल्लेख गवाह के तौर पर है। वहीं, जैकलीन फर्नांडीज (Jacqueline Fernandez) को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। मीडिया रिपोर्टों में यह बात कही गई है। यह भी कहा जा रहा है कि सुकेश से जो गिफ्ट नोरा और जैकलीन को मिले थे उन्हें भी ईडी सीज करेगी।

बॉलीवुड (Bollywood) अभिनेत्री नोरा से ED पहले ही पूछताछ कर चुकी है। अब खबर है कि वह तिहाड़ जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ सरकारी गवाह बन गई हैं। मामला 200 रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) से जुड़ा है। ED ने सुकेश, उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल और 6 अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने का प्रार्थना-पत्र दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ED की लिस्ट में नोरा फ़तेही गवाह नंबर 45 हैं। 3 दिसम्बर को बनी इस लिस्ट में कुल 178 गवाह हैं। सभी के बयान मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 सेक्शन 50(2) और 50(3) के तहत दर्ज किए गए हैं। ED ने अपनी चार्जशीट में नोरा द्वारा दिसम्बर 2020 में मुख्य आरोपित सुकेश द्वारा BMW कार लेना दर्ज किया है। नोरा ने बताया था कि यह कार सुकेश की पत्नी लीना मरिया द्वारा चेन्नई में किए गए एक इवेंट के बदले मिली थी। नोरा ने बताया था, “मेरा मनी लॉन्ड्रिंग से कोई लेना-देना नहीं है। चेन्नई के इवेंट से पहले मैं सुकेश के बारे में जानती भी नहीं थी।”

गवाहों की इस लिस्ट में जैकलीन का नाम नहीं है। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ अभी भी जाँच जारी है। ED उनसे भी पूछताछ कर चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार नोरा और जैकलीन को मिले गिफ्ट को ईडी सीज करेगी। वहीं, इनको जो पालतू जानवर दिए गए थे उनकी कीमत भी अभिनेत्रियों से एजेंसी वसूल करेगी।

गौरतलब है कि रेनबैक्सी के मालिक की पत्नी से 200 करोड़ की उगाही करने वाला सुकेश कभी खुद को PMO तो कभी गृह मंत्रालय का अधिकारी बता कर लोगों से बात किया करता था। उसका नाम बॉलीवुड के कुछ अन्य लोगों से भी जुड़ा पाया गया है जिसमें नोरा फतेही, शिल्पा शेट्टी, श्रद्धा कपूर आदि प्रमुख हैं। यह बात भी सामने आई है कि वह जैकलीन पर पानी की तरह पैसे बहाता था। उससे कहता था कि वह एंजेलिना जोली (Angelina Jolie) जैसी दिखती है। सुकेश ने जैकलीन को एक वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म बनाने का भी झाँसा दिया था। इसके लिए ₹500 करोड़ रुपए खर्च करने का वादा किया था। ईडी ने चार्जशीट में बताया है कि सुकेश ने जैकलीन को करीब 10 करोड़ रुपए के गिफ्ट दिए थे। इसमें BMW कार, आईफोन, ज्वेलरी वगैरह शामिल थे। 9 लाख रुपए की कीमत वाली बिल्ली और 52 लाख रुपए की कीमत वाला घोड़ा भी जैकलीन को दिए जाने की बात कही जा रही।

कश्मीर में TRF ने 30 मिनट के अंतराल पर दो आतंकी घटनाओं को दिया अंजाम: ASI वीरगति को प्राप्त, एक नागरिक की भी मौत

जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के कश्मीर संभाग में एक बार फिर आतंकियों ने हिमाकत की है। बुधवार (22 दिसंबर) को एक घंटे के अंतराल में अंजाम दिए गए इन दो अलग-अलग आतंकी घटनाओं में एक दारोगा और एक नागरिक की मौत हो गई है। दोनों ही हमलों की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा का से जुड़ा ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है। वहीं, सुरक्षाबल इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों का सुराग लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीनगर के ईदगाह क्षेत्र के नवाकदल इलाके में शाम 6 के करीब आतंकियों ने शाम को एक नागरिक रउफ अहमद को गोली मार दी। हमला करने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच कर घायल को एसएमएचएस अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

इस घटना को अंजाम देने के लगभग आधा घंटा बाद आतंकियों ने अनंतनाग जिले के बिजबेहरा थाने में एक और आतंकी हमले को अंजाम दे दिया। यहाँ ड्यूटी पर तैनात ASI को आतंकियों ने निशाना बनाया। अवंतीपोरा के रहने वाले एएसआई मोहम्मद अशरफ को आतंकियों ने चार गोलियाँ मार दीं। हमले के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही अशरफ ने दम तोड़ दिया।

बताया जा रहा है कि रऊफ अहमद खान पहले आतंकी था, लेकिन बाद में उसने आत्म-समर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो गया था। वह श्रीनगर के ईदगाह में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। कहा जा रहा कि अहमद जैसे अपने घर से निकला आतंकियों ने उस पर हमला कर दिया।

बता दें कि बुधवार को ही सरकार ने सदन को बताया कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बनाकर हमले किए गए। इन घटनाओं में शामिल चार आतंकवादियों को मार गिराया गया है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि ये हमले सीमा पार से प्रायोजित थे। उन्होंने यह भी कहा कि आतंकी घटनाओं में कमी आई है। साल 2018 में आतंकी हमले की 417 घटनाएँ हुई थीं, जबकि 2021 में 30 नवम्बर तक ऐसी सिर्फ 203 घटनाएँ हुई हैं।

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) हाल के दिनों में आतंकी घटनाओं को अंजाम देकर चर्चा में आया है। इसके पहले इसने घाटी में कई गैर-मुस्लिमों का पहचान पत्र जाँच करने के बाद गोली मार कर हत्या कर दी थी।

‘चली मैं गदर मचा के’: जिन्हें पुराण कहते हैं ‘मूल प्रकृति’, उन राधा रानी का फिर अश्लील चित्रण, सनी लियोनी का गाना ‘बेअदबी’ या नहीं?

यूट्यूब (YouTube) पर ‘सारेगामा म्यूजिक (Saregama Music)’ नामक चैनल पर सनी लियोनी (Sunny Leone) का एक गाना आया है, जिसका नाम है – ‘मधुबन (Madhuban)’, जिसमें वो गणेश आचार्य द्वारा कोरियोग्राफ किए गए अदाओं पर नृत्य करती हुई दिख रही हैं। इस गाने की मुख्य पंक्ति ‘नाचे, मधुबन में राधिका नाचे’ है। आप समझ सकते हैं कि राधा/राधिका शब्द को बॉलीवुड किस तरह से लेता है और श्रीकृष्ण एवं राधा की ‘रासलीला’ को वो किस रूप में देखता है।

अक्टूबर 2012 में करण जौहर की एक फिल्म आई थी – स्टूडेंट ऑफ द ईयर, जिससे सिद्धार्थ मल्होत्रा, वरुण धवन और आलिया भट्ट ने मुख्य किरदारों में अपना डेब्यू किया था। इसका एक गाना आपको याद होगा – ‘ओ राधा तेरी चुनरी, ओ राधा तेरा झल्ला, ओ राधा तेरी नटखट नजरिया’। इसकी पंक्तियाँ “राधा ओन दी डांस फ्लोर.. राधा लाइक्स टू पार्टी.. राधा लाइक्स तो मूव देट.. सेक्सी राधा बॉडी..” से आप समझ सकते हैं कि हिन्दू देवी-देवताओं के लिए बॉलीवुड के मन में क्या इज्जत है। अमृतसर और कपूरथला में ‘बेअदबी’ के आरोप में मॉब लिंचिंग के बीच हिन्दुओं का मजाक बनाने की आज़ादी पूरी है।

अब वापस ताज़ा गाने पर आते हैं, ‘जिसकी शुरुआत ही ‘नाचे मधुबन में राधिका, जंगल में नाचे जैसे मोर रे साँवरिया मोरे’ पंक्ति से होती है। गाने की अन्य पंक्तियाँ देखिए – ‘चली मैं बिजली गिरा कर, मधुबन में राधिका नाचे’, ‘घनघोर जवानी हूँ, तेरी प्रीत पुरानी हूँ, बाय बर्थ दीवाली हूँ, चली मैं ग़दर मचा के – मधुबन में राधिका नाचे।’ साथ ही इसमें सनी लियोनी ‘रिवीलिंग ड्रेस’ में भी दिख रही है और पानी से लेकर डांस मूव्स तक के इस्तेमाल से गाने को सेक्सी बनाने की भरपूर कोशिश की गई है।

अब आते हैं इस गाने के अन्य विवरण के बारे में। इसे गाया है कनिका कपूर ने। वही कनिका कपूर, जिन पर कोरोना की पहली लहर के दौरान मार्च 2020 में अपना संक्रमण छिपा कर सैकड़ों लोगों की ज़िन्दगी खतरे में डालने के आरोप लगे थे। जब उन्हें लखनऊ के PGIMS में भर्ती कराया गया, तब भी वहाँ उनके नखरे से अस्पताल के कर्मचारी परेशान हो गए थे। उनका कहना था कि अस्पताल में वो जेल जैसा महसूस कर रही हैं। लंदन से वापस आकर कई पार्टियों में तब शामिल हुईं कनिका कपूर पर डॉक्टरों के साथ भी अभद्रता के आरोप लगे थे।

इस गाने का संगीत दिया है तोशी सबरी और शारिब सबरी ने, जो भाई ही हैं। कान पकाऊ संगीत के लिए जानी जाने वाली इस संगीतकार जोड़ी ने इससे पहले ‘वीरप्पन (2016)’ और ‘जेल (2009)’ जैसी फिल्मों में गाने कम्पोज किए हैं। हालाँकि, तोशी सबरी की आवाज़ अच्छी है और 2009 की फिल्म ‘राज़ – द मिस्ट्री कन्टीन्यूज’ में उनके गाने ‘माही माही’ को काफी लोकप्रियता मिली थी। अब उन्होंने हिन्दुओं, खासकर वैष्णव समाज के लिए पुण्य मानी जाने वाली राधा को लेकर अश्लीलता फैलाने वाला गाना बनाया है।

इस गाने के बोल मनोज यादव ने लिखे हैं। ज़ोहेब खान ने गाने को रिकॉर्ड किया है और इसे मिक्स व मास्टर करने का काम तौसीफ शेख ने किया है। जब इस तरह के लोग किसी प्रोजेक्ट से जुड़े रहे हों तो आप समझ सकते हैं कि हिन्दू धर्म और हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बना आकर उन्हें अपमानित करना कोई आश्चर्यजनक नहीं है। सनी लियोनी कभी ‘पोर्न स्टार’ हुआ करती थीं, लेकिन बॉलीवुड में ‘जिस्म 2’ से 2012 में डेब्यू करने के बाद वो ‘रागिनी एमएमएस 2 (2014)’ ‘एक पहेली लीला (2015)’ और ‘मस्तीजादे (2016)’ जैसी फिल्मों से सुर्खियाँ बटोर चुकी हैं।

लेकिन, अभिनय से ज्यादा उनकी माँग आइटम सॉन्ग्स में हैं और उसके लिए वो मोटी रकम चार्ज करती हैं। ”शूटआउट एट वडाला (2013)’ का ‘लैला’ हो या ‘रईस (2017)’ का ‘लैला मैं लैला’, उनके आइटम सॉन्ग्स हमेशा चर्चा में रहते हैं। खैर, ये लेख सनी लियोनी के बारे में बताने के लिए नहीं है, बल्कि ये सवाल पूछने के लिए है कि बॉलीवुड को किसने हक़ दिया है कि वो श्रीकृष्ण और राधा का मजाक बनाए? इनका नाम लेकर अश्लीलता फैलाए और फिर रुपए कमाए?

राधा कौन हैं? इसका बेहतर जवाब इस्कॉन से बेहतर आप कहाँ पा सकते है? संस्था का कहना है कि राधा ईश्वर की ही नारी रूप हैं। सौंदर्य और रिश्ते की प्रतिमूर्ति हैं वो। मिठास और दयालुता का रूप हैं वो। ये शब्द हमारे नहीं, प्रबोधानंद सरस्वती के हैं। वो कहते हैं कि राधा प्यार में सुंदरता का रूप हैं। उन्हें देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है, जिनके जन्म को हिन्दू समाज ‘राधा अष्टमी’ के रूप में मनाता है। श्रीकृष्ण और राधा के रिश्ते को ईश्वर और मनुष्य के बीच प्यार और भक्ति के रूप में भी देखा जाता है।

लेकिन नहीं, बॉलीवुड के लिए राधा ‘सेक्स बॉडी वाली’ और ‘पार्टी करने वाली’ है, जो ‘ग़दर मचा कर’ नाचती है। बॉलीवुड के लिए रासलीला का अर्थ एक से अधिक लड़कियों के साथ अश्लील नृत्य करना है। बॉलीवुड के लिए श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण एक ‘मनचला आशिक’ हैं। बृन्दावन और बरसाना में जिन राधा की पूजा होती है, उन्हें बॉलीवुड में ‘रिवीलिंग ड्रेस’ में अश्लील नृत्य करती एक महिला के रूप में पेश किया जाता है। उन्हें हिन्दू धर्मग्रंथों में ‘कृष्णप्रिया’ और ‘वृषभानुसुता’ कहा गया है, जो सुंदर रूप वाली ‘कृष्णात्मिका’ हैं।

इसी का और कट्टर रूप हम तब देखते हैं जब कोई ‘अभिव्यक्ति की आज़ादी’ का बहाना बना कर ‘सेक्सी दुर्गा’ नाम की फिल्म लेकर आ जाता है। हिन्दू देवी-देवताओं के पोषक पहन कर उनका मजाक बनाने वाले दृश्य तो हम ‘जाने भी दो यारों (1983)’ से लेकर ‘पीके (2014)’ तक में देख चुके हैं। लेकिन बॉलीवुड उन राधा का अश्लील चित्रण करता है, जिन्हें ब्रह्मवैवर्त पुराण में ‘मूल प्रकृति’ कहा गया है। इसमें बताया गया है कि राधा और कृष्ण एक-दूसरे से ऐसे ही जुड़े हुए हैं, जैसे शरीर और आत्मा।

‘कृष्णाष्टकम’ में ‘वृन्दावनेश्वरी राधा कृष्णो वृन्दावनेश्वरः। जीवनेन धने नित्यं राधाकृष्णगतिर्मम॥’ श्लोक आता है, जिसका स्पष्ट अर्थ है कि श्री राधारानी वृन्दावन की स्वामिनी हैं और भगवान श्रीकृष्ण वृन्दावन के स्वामी हैं, इसीलिए मेरे जीवन का प्रत्येक-क्षण श्रीराधा-कृष्ण के आश्रय में व्यतीत हो। जिनके लिए साधु-महात्माओं ने इस तरह की प्रार्थना की हो, इस रूप में देखा हो, क्या उनके लिए कोई पूर्व पोर्न स्टार ‘घघौर जवानी हूँ’ गाते हुए डांस करे तो अच्छा लगता है? बिलकुल भी नहीं।

बॉलीवुड को सीधा सन्देश दिया जाना चाहिए कि वो फिल्मों और वेब सीरीज में हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाना बंद करे। क्या किसी फिल्म में पैगम्बर मुहम्मद का मजाक बनते देखा है? क्या किसी वेब सीरीज में येशु और चर्चों का अपमान किया जाता है? क्या कभी स्क्रीन पर अन्य धर्मों का मजाक बनते हुए देखा है? नहीं। फिर ‘तांडव‘ से लेकर ‘पाताल लोक‘ जैसी वेब सीरीज में हिन्दू ही क्यों निशाना बनते हैं? कोई मुनव्वर फारुकी जैसा कॉमेडियन हिन्दू देवी-देवताओं पर ही क्यों चुटकुले मारता है?

‘मैं किसी मुस्लिम से निकाह नहीं करूँगी, हिन्दू धर्म को गहराई से जानने के लिए भगवत गीता पढ़ रही हूँ’: ट्रोल्स पर भड़कीं उर्फी जावेद

अपनी बोल्ड ड्रेस को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल होने वाली उर्फी जावेद (Urfi Javed) इस बार अपने इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में हैं। उर्फी ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वह कभी किसी मुस्लिम से निकाह नहीं करेंगी। इन दिनों वह भागवद गीता भी पढ़ रही हैं।

बिग बॉस ओटीटी की एक्स कंटेस्टेंट उर्फी जावेद कहती हैं, सोशल मीडिया पर उनके बोल्ड लुक को लेकर उन्हें ट्रोल किया जाता है, क्योंकि वह एक मुस्लिम हैं और इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर नहीं है। उन्होंने कहा, “मैं एक मुस्लिम लड़की हूँ और मुझे सोशल मीडिया पर सबसे अधिक मुस्लिम लोगों द्वारा ही ट्रोल किया जाता है। वो मुझे आपत्तिजनक कमेंट करते हैं। कहते हैं कि मैं इस्लाम की छवि खराब कर रही हूँ। वो मुझसे नफरत करते हैं, क्योंकि मुस्लिम पुरुष चाहते हैं कि महिलाएँ उनके बनाए एक दायरे के भीतर ही रहें।”

उन्होंने आगे कहा, “वे अपने समुदाय की सभी महिलाओं को कंट्रोल में करना चाहते हैं। इस वजह से मैं इस्लाम को नहीं मानती। वे मुझे इसलिए भी ट्रोल करते हैं, क्योंकि मैं उनके अनुसार कपड़े नहीं पहनती, उनके अनुसार अपने धर्म का पालन नहीं करती।”

यह पूछे जाने पर कि क्या आप कभी अपने समुदाय के किसी व्यक्ति से निकाह करेंगी, अगर आपको उससे प्यार हो जाए तो। इस सवाल के जवाब में उर्फी कहती है, “मैं कभी मुस्लिम लड़के से निकाह नहीं करूँगी। मैं इस्लाम में विश्वास नहीं करती और मैं किसी भी मजहब का पालन नहीं करती, इसलिए मुझे परवाह नहीं है कि मैं किससे प्यार करती हूँ। हम जिससे चाहें उससे निकाह कर सकते हैं।”

उर्फी का यह भी मानना ​​​​है कि मजहब के लिए किसी को भी मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उसे अपना मजहब चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मेरे अब्बा एक बहुत ही रूढ़िवादी व्यक्ति थे। जब मैं 17 साल की थी, तब वो मुझे और मेरे भाई-बहनों को हमारी माँ के पास छोड़ कर चले गए थे। मेरी माँ बहुत धार्मिक महिला हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी हम पर अपना मजहब नहीं थोपा। मेरे भाई-बहन इस्लाम का पालन करते हैं और मैं नहीं करती, लेकिन वे इसके लिए मुझ पर दबाव नहीं बनाते हैं। ऐसा ही होना चाहिए। आप अपनी बीवी और बच्चों पर अपना मजहब नहीं थोप सकते। यह दिल से होना चाहिए। नहीं तो ना आप खुश होंगे और ना ही अल्लाह खुश होंगे।

बता दें कि एक्ट्रेस इन दिनों भागवद गीता पढ़ रही हैं। उनका कहना है कि मैं हिंदू धर्म के बारे में गहराई से जानना चाहती हूँ। मुझे इसमें दिलचस्पी है। मुझे किसी के द्वारा मजहब को थोपने से नफरत है, इसलिए मैं इसे पढ़ रही हूँ।

मथुरा में भव्य कृष्ण मंदिर: सांसद हेमा मालिनी की स्टोरी करने पर ‘She The People’ पर भड़के लिबरल, सोशल मीडिया पर की गाली-गलौच

भाजपा सांसद हेमा मालिनी द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को लेकर दिए बयान को लेकर डिजिटल मीडिया वेबसाइट SheThePeople ने रिपोर्ट पब्लिश की है। आमतौर पर ‘लिबरल’ द्वारा इस प्लेफॉर्म को सराहा जाता है, लेकिन हेमा मालिनी की रिपोर्टिंग करने के कारण वे भड़क गए हैं।

इस प्लेटफॉर्म ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि यह महिलाओं से संबंधित भारत का पहला ऐसा चैनल है, जो वास्तविक कहानियों से प्रेरित है और यह महिला डिस्कोर्स को बदलना चाहता है।SheThePeople का कहना है कि यह विभिन्न क्षेत्र की महिलाओं को मंच प्रदान करता है, जिन्होंने नई ऊँचाइयों को छुआ है।

एक सफल अभिनेत्री से राजनेता बनीं हेमा मालिनी ने 2003 और 2009 में दो बार राज्यसभा की सांसद रहीं और 2014 और 2019 में दो बार लोकसभा के लिए भी चुनी गईं। राजनीति, जिसमें आमतौर पर पुरुषों का वर्चस्व रहा है, उसमें अपनी जगह बनाकर उन्होंने इसे साबित कर दिखाया है।

जब इस महिला सांसद ने अपने निर्वाचन क्षेत्र मथुरा में बयान दिया और SheThePeople ने 22 दिसंबर 2021 को इसे छापा तो ‘लिबरल’ को बुरा लग गया। उनकी नजर में आखिर एक ‘उदारवादी’ मंच एक ‘संघी’ को कैसे जगह दे सकता है, जो मथुरा में भव्य मंदिर बनाने जैसा ‘बकवास’ बात कर रहा है।

SheThePeople की रिपोर्ट पर लिबरल भड़क उठे

UrbanShrink नाम की यह वेरीफाइड ट्विटर यूजर खुद को ‘she/her’ और ‘intersectional feminist’ बताती हैं और अपने Bio में विविधता, समानता और समावेशी होने की बात करती हैं, लेकिन जैसा कि देखा जा सकता है हेमा मालिनी को ‘संघी’ कहना उनके लिए बड़ी बात नहीं है।

एक और भड़के यूजर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हेमा मालिनी द्वारा मथुरा में भव्य मंदिर की बात करने पर अपने नाम के आगे भारत और फिलिस्तीन का झंडा लगाने वाले ‘Silversmith’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने सांसद के गाली लिखा है। ट्वीट में लिखा है, ‘चुतियों की कौम’। इस हैंडल ने अपने bio में खुद को ‘he/him’ बताते हुए लिखा है, फासीवादियों को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध, चाहे जहाँ कभी भी हों।

हेमा मालिनी अब उत्तर भारतीय महिला हैं

जाहिर है, बर्बर लोगों द्वारा नष्ट किए गए मंदिरों को वापस लेने की बात करना अब ‘नरसंहार की राजनीति’ है।

अरबी में लिखे नाम वाले एक ट्विटर यूजर ने इस समाचार को ‘वाह, इतना सशक्त’ टिप्पणी के साथ SheThePeople का मज़ाक उड़ाया।

ट्विटर यूजर जानना चाहती है कि SheThePeople ने इसे क्यों कवर किया

हेमा मालिनी एक सांसद हैं और अपने क्षेत्र के विकास के बारे में बोल रही थीं, फिर भी लिबरलों यह पच नहीं रहा है। Sidrah नाम की ट्विटर यूजर ने लिखा, “SheThePeople इसे कवर क्यों कर रहा है? वाकई इसे समझना चाहती हूँ।” इस यूजर ने भी अपनी बायो में लिखा है, “समानता। न्याय।”

बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में मथुरा की भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने कहा था कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मथुरा में भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में एक भव्य मंदिर होना चाहिए, ताकि श्रद्धालु पवित्र स्थल पर तीर्थयात्रा के लिए आ सकें। उन्होंने कहा था, “कृष्ण प्रेम और स्नेह के प्रतीक हैं। उनकी जन्मभूमि से सांसद होने के नाते मैं कहना चाहती हूँ कि यहाँ भव्य मंदिर होना चाहिए। भव्य मंदिर है, लेकिन इसे और भव्य बनाया जा सकता है। जैसे पीएम मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने एक गलियारा विकसित किया है, यहाँ भी कुछ ऐसा ही विकसित किया जाना चाहिए।”

‘बेअदबी’ मॉब लिंचिंग: पहले खालिस्तानी था कपूरथला गुरुद्वारे का सेवादार, अक्सर जाता है पाकिस्तान, पुलिस में भी है बड़ी पहुँच – रिपोर्ट

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में तलवार (सीरी साहिब) उठा कर गुरु ग्रन्थ साहिब का अपमान करने का आरोप लगा कर एक युवक की मॉब लिंचिंग के एक दिन बाद कपूरथला के निजामपुर गुरुद्वारा से भी ऐसी ही घटना सामने आई, जहाँ एक मानसिक रूप से विक्षिप्त भूखे युवक को सिख भीड़ ने ‘निशान साहिब (पवित्र ध्वज)’ के अपमान का आरोप लगा कर मार डाला, जबकि वो रोटी के लिए वहाँ गया था। अब तक इन दोनों मृतकों की पहचान उजागर नहीं की गई है।

साथ ही कपूरथला के निजामपुर स्थित गुरुद्वारा में ‘बेअदबी’ के आरोप में हुई मॉब लिंचिंग के पीछे खालिस्तानी एंगल भी सामने आ रहा है। रविवार (19 दिसंबर, 2021) को हुई इस घटना के बाद चल रही पुलिस जाँच में पता चला है कि उक्त गुरुद्वारा का सेवादार अमरजीत सिंह अक्सर पाकिस्तान जाया करता था और पहले खालिस्तान के लिए काम करता था। इसके बाद वो ‘CAT’ में शामिल हो गया। ‘New Indian’ नामक मीडिया पोर्टल में पत्रकार रोहन दुआ ने ये जानकारी दी है।

आपके मन में ये सवाल जरूर आ रहा होगा कि ये ‘CAT’ क्या बला है। असल में 80 के दशक में पंजाब में कट्टरवादी आतंकवाद हावी था। उस दौरान खालिस्तानी कट्टरपंथ अपने चरम पर था। 90 के दशक के शुरुआत में कई खालिस्तानी आतंकियों ने पुलिस के दबाव में आकर खुद को मुखबिर बना लिया और पुलिस के गुप्त अभियानों में उनकी मदद कर के मुख्यधारा की ज़िंदगी में वापसी की। उन्हें ही ‘CAT’ कहा गया। इस घटना में भी अब खालिस्तानी एंगल सामने आ रहा है।

‘New Indian’ ने पंजाब पुलिस के सूत्रों के हवाले से ये भी जानकारी दी है कि कपूरथला के निजामपुर गुरुद्वारा का सेवादार अमरजीत सिंह कमिश्नर रैंक के एक पुलिस अधिकारी का भी करीबी है, जिसे ‘शिरोमणि अकाली दल (SAD)’ और कॉन्ग्रेस के शासनकाल में मोहाली और लुधियाना में मनचाही पोस्टिंग मिली थी। इस घटना के बाद भी उसने उक्त पुलिस अधिकारी से 3 बार सम्पर्क किया। कपूरथला जालंधर पुलिस जोन में आता है। पंजाब पुलिस इन संदिग्ध कॉल्स का विवरण जुटाने में नाकाम रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके फोन कॉल रिकार्ड्स से लेकर पासपोर्ट डिटेल्स तक की जाँच की जा रही है। उसने पूछताछ में बताया है कि बतौर CAT कमांडो काम करते हुए वो कुछ पुलिस अधिकारियों के सम्पर्क में आया था। इस मामले में हत्या की FIR दर्ज की जा सकती है। उसके मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है। मृतक के गर्दन, कमर और पाँव पर कटने के 8 गहरे निशान पोस्टमॉर्टम में मिले। पुलिस जब मौके पर पहुँची थी, तब तक मृतक जीवित था और तलवार लिए भीड़ उसे घेरे हुई थी। ‘बेअदबी’ के अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं।

जब सेवादार ने उस व्यक्ति को देखा, तो उसने भागने की कोशिश की और अंततः सेवादारों ने उसे पकड़ लिया। उस व्यक्ति की उम्र 20 से 30 वर्ष के बीच में थी, जिसे गुरुद्वारा परिसर के एक कमरे में रखा गया था। पुलिस को उसे हिरासत में नहीं लेने नहीं दिया गया। और गुस्साई भीड़ ने उसे पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस ने बताया था कि मृतक को एक सेवादार (स्वयंसेवक) ने भूतल पर स्थित रसोई में उसे रोटियाँ खाते हुए देखा था। गुरुद्वारा इंचार्ज को पुलिस का आना पसंद नहीं है और वह इलाके में भी पुलिस की मौजूदगी पर आपत्ति जताते रहे हैं।

राँची में ईसाई बनें 8 लोगों ने अपनाया हिंदू धर्म, कहा- जब अपने किए पर हुआ पछतावा तो वापस लौटने की ठानी

झारखंड की राजधानी राँची में आठ लोगों ने ईसाई धर्म छोड़ घर वापसी की है। लापुंग प्रखंड के कंडरकेल गाँव स्थित सरना स्थल में आदिवासी महासभा की ओर से आयोजित समारोह में ईसाई धर्म अपना चुके एक परिवार के आठ लोगों को सरना धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना कराकर घर वापसी की गई। ईटीवी के मुताबिक, कंडरकेल डुमरटोली के रहने वाले चैतू उरांव, खुशबू उरांव, अभिषेक उरांव, सुषमा उरांव, संजोती उरांव, जगनी उरांव, अमित उरांव और आर्यन उरांव ने फिर से सरना धर्म अपनाया है।

सरना धर्म अपनाने वाले लोगों को आदिवासी महासभा की ओर से धोती और साड़ी देकर सम्मानित किया गया। धर्म परिवर्तन समारोह में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे। इस दौरान सफेद मुर्गे की बलि देकर सारे धार्मिक अनुष्ठान किए गए, ताकि लोग ऐसी गलती दोबारा नहीं करें।

घर वापसी करने वाले चैतु उराँव ने बताया कि उसका परिवार लगातार बीमार रहता था। इस परेशानी से उबरने के लिए उसने ईसाई धर्म अपनाया था, लेकिन जब मुझे अपने किए पर पछतावा हुआ, तो मैंने अपने धर्म वापस जाने की ठानी।

आदिवासी महासभा के संयोजक देव कुमार धान ने कहा कि जो अपने मूल धर्म को छोड़कर दूसरे धर्म में चले गए हैं, उन्हें एक अभियान चलाकर अपने धर्म में वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले इसी साल अक्टूबर में ईसाई धर्म अपना चुके तीन परिवार के 16 लोगों ने राँची में घर वापसी की थी। झारखंड आदिवासी सरना विकास समिति ने कार्यक्रम का आयोजित कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने के बाद इन लोगों की घर वापसी करवाई थी।

भारत में बढ़ रहे ओमीक्रोन के खतरे को देखते हुए PM मोदी करेंगे बैठक: दिल्ली में सबसे अधिक मामले, इजराइल देगा वैक्सीन की चौथी खुराक

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (23 दिसंबर 2021) को एक बैठक करेंगे, जिसमें स्थिति का जायजा लिया जाएगा। भारत में ओमीक्रोन के 200 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, इजराइल में ओमीक्रोन से लोगों को बचाने के लिए 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को कोरोना वैक्सीन की चौथी खुराक दी जाएगी। इजराइल ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन जाएगा।

देश की राजधानी दिल्ली में सबसे अधिक ओमीक्रोन के मामले सामने आए हैं। इस सूची में दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र और तीसरे स्थान पर तेलंगाना हैं। कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्‍ली सरकार ने क्रिसमस और नए साल के जश्‍न में किसी भी तरह के जमावड़े पर रोक लगा दी है। नीति आयोग में स्वास्थ्य विभाग के सदस्य डॉ वी के पॉल ने ओमीक्रोन न को लेकर कहा, “कोविड-19 के नए वैरिएंट हमेशा शुरुआती चरणों में हल्के लक्षणों के साथ आते हैं। हम सामने आ रहे मामलों को बहुत ही सावधानी से देख रहे हैं।”

समाचार एजेंसी एएनआई ने दिल्ली की सरोजनी नगर मॉर्केट का एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें लोग कोरोना नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए दिख रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 6,317 नए मामले दर्ज किए गए और 318 लोगों की मौत हुई है।

बता दें कि इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के एक विशेषज्ञ पैनल ने मंगलवार देर रात चौथे शॉट की सिफारिश की। इस फैसले का प्रधानमंत्री नाफ़्ताली बेनेट ने भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे दुनिया भर में फैल रहे ओमीक्रोन को काबू करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इजराइल में मंगलवार को ओमीक्रॉन के कम से कम 340 मामले सामने आए थे।