Home Blog Page 3209

‘छक्का’ कह कर पीटते थे अब्बू, बनीं डॉक्टर और हॉलीवुड में भी मिला काम: ट्रांसवुमन माया ज़फ़र को पसंद है हिन्दू धर्म, माँ मीनाक्षी की भक्त

तमिलनाडु के मदुरै में एक लड़के के रूप में पैदा हुईं ट्रांसवुमन माया ज़फर आज भले ही हॉलीवुड फिल्मों तक में काम कर चुकी हों, लेकिन बचपन से उन्हें काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा है। माया ज़फर बताती हैं कि उनका रंग तब गोरा-चिट्टा था, लेकिन चाल-चलन लड़कियों जैसी थी। उनका कहना है कि उन्हें लड़का होने से नफरत थी और जब वो खुद को आईने में नंगी देखती थी, तो उन्हें महसूस होता था कि वो गलत शरीर में हैं। बचपन में वो अपनी माँ की चुन्नियों से खेला करती थीं और मेकअप करती थीं।

ट्रांसवुमन माया ज़फर ने ‘दैनिक भास्कर’ के लिए लिखे गए लेख में अपने जीवन की कहानी साझा की है। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ी, वो खुद को लड़की समझती गईं। लेकिन, इस बात से उनके अब्बू को नफरत थी। वकौल माया ज़फर, उनके अब्बू हमेशा उन्हें बोलते थे, “तू छक्का है। तू लड़के जैसा क्यों पैदा हुआ? तेरा कुछ नहीं हो सकता।” माया ज़फर ने बताया है कि किस तरह उनके अब्बू अपनी बड़ी-बड़ी उँगलियों से उन्हें चुभो कर दर्द देते थे और चुटियाँ काट-काट कर शरीर पर निशान बना दिया करते थे।

यहाँ तक कि जब घर में कोई कार्यक्रम आयोजित होता था या रिश्तेदार वगैरह जमा होते थे, तो उनके सामने ही माया ज़फर की उनके अब्बू द्वारा जम कर पिटाई की जाती थी। वो कहती हैं कि कैंसर से मरने के बावजूद उनके अब्बू की उन्हें कभी याद नहीं आई, वो इतना प्रताड़ित करते थे। एक बार वो स्टूल पर बैठी हुई थीं तो उनके अब्बू ने उन्हें इसीलिए खूब पीटा क्योंकि उनका फिगर लड़कियों जैसा दिख रहा था। उन्हें फिर से वो पैंट न पहनने की हिदायत दी गई।

उनकी अम्मी उन्हें प्यार तो करती थीं, लेकिन लड़कियों वाले शौक रखने के कारण गुस्सा भी होती थीं। पिम्पल्स होने पर जब वो चेहरे पर हल्दी लगाती थीं, तब भी उन्हें गुस्से का सामना करना पड़ता था। तीन भाई-बहनों में उनका बड़ा भाई उनसे काफी हट्टा-कट्टा था, लेकिन उसके दोस्त उसे बोलते थे कि तू भी अपने भाई की तरह ‘छक्का’ है। इस पर भाई वापस आकर माया ज़फर पर ही गुस्सा निकालता था और उन्हें पीटता था। दोस्तों से भी उन्हें पिटवाता था।

उनका कोई दोस्त नहीं बना। वो अकेले स्कूल जाती-आती थीं। उनके अब्बू उन्हें ताना देते थे कि उनके बड़े भाई के कितने दोस्त हैं और वो कितना फेमस हैं, लेकिन तू नहीं है। माया ज़फर को उनके दोस्त भी मारते थे और लड़कियों वाली हरकतें छोड़ने को कहते थे। लेकिन, उन्होंने पढ़ने-लिखने की ठानी और डॉक्टर बनीं। फिर अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में उनका एडमिशन हुआ। उनका कहना है कि अमेरिका में ‘गे’ होना फैशनेबल था, इसीलिए उन्होंने खुद को ‘गे’ घोषित किया और एकाध डेट पर भी गईं, लेकिन बात नहीं बनी।

दोहरी ज़िंदगी से परेशान माया पूरी तरह महिला बनना चाहती थीं, इसीलिए उन्होंने साइको थेरेपी, हार्मोन थेरेपी और सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी शुरू की। सेक्स चेंज करवाने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि अब वो पूरी तरह महिला बन चुकी हैं। इस डेढ़ साल के दौरान उन्हें कई दवाओं का सेवन करना पड़ा और उनका शोषण भी हुआ। अमेरिका की सरकार ही उस अस्पताल में ऐसे मरीजों के खर्च उठाती थी। ‘मोहम्मद टू माया’ नाम की डॉक्यूमेंट्री भी बनी। कट्टर मुस्लिम परिवार में रहीं माया को हिन्दू धर्म पसंद है और वो मीनाक्षी मंदिर कई बार गई हैं। माया नाम भी उन्होंने इसीलिए चुना।

Alt News वाले गंजे प्रतीक सिन्हा की होगी शादी? पूर्व पत्रकार ने शेयर की अखबार की फोटोशॉप तस्वीर

पत्रकारिता का पेशा छोड़कर फिल्मी दुनिया में बतौर डायरेक्टर एंट्री लेने वाले अविनाश दास एक बार फिर सोशल मीडिया पर फेक चीजें फैलाते पकड़े गए हैं। दिलचस्प बात ये है कि इस बार उनकी फेक न्यूज का मुख्य कंटेंट आल्ट न्यूज के संस्थापक प्रतीक सिन्हा हैं। वैसे तो प्रतीक को उनके बाल्ड लुक के कारण सभी यूजर्स पहचानते हैं लेकिन अविनाश ने तो प्रतीक के इस लुक पर मजाक ही बना दिया और इस मजाक के लिए उन्होंने इस्तेमाल किया हिंदुस्तान टाइम्स का विज्ञापन।

अविनाश ने अपने ट्वीट में हिंदुस्तान टाइम्स के फ्रंट पेज की तस्वीर शेयर की, जिसमें हेयर ट्रांस्प्लांट का विज्ञापन था और उसमें दावा था कि गंजेपन का स्थायी समाधान मात्र 2 घंटे में होगा। इस प्रचार में बड़ा-बड़ा लिखा था- हाय हैंडसम और ये भी लिखा था- गंजों की शादी हम कराएँगे। इसी तस्वीर के एडिटिड वर्जन में प्रतीक सिन्हा की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया और दिखाया गया कि हेयर ट्रांसप्लान्ट के बाद अब उनके सिर पर घने केश आ चुके हैं।

अविनाश ने तस्वीर के साथ लिखा, “भाई प्रतीक सिन्हा आप अपने बालों वाली तस्वीर को प्रोफाइल पिक बनाइए। बालांतरण के बाद शादी की डेट भी बताइए, हम भी आएँगे और पक्का नागिन डांस करेंगे।”

अब ट्वीट की भाषा साफ बताती है कि ये कोई मजाक है। लेकिन सोचिए जिन्हें ये मजाक न समझ आए या जिन्हें फोटोशॉप्ड तस्वीरों का ज्ञान न हो क्या उनके लिए ये मान लेना मुश्किल है कि यदि हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र में विज्ञापन छपा है तो ये सही ही होगा।

ये तस्वीर अविनाश के पास फॉर्वर्ड होकर आई है या फिर उन्होंने इसे खुद एडिट करके शेयर किया है। इसकी पुष्टि ऑपइंडिया नहीं करता लेकिन वास्तविक विज्ञापन की तस्वीर में देख सकते हैं कि कोई अन्य शख्स हेयर ट्रांस्पलांट के मॉडल के तौर पर पेश किया गया है न कि प्रतीक सिन्हा।

असली तस्वीर

यहाँ ये बात मालूम हो कि अविनाश पहली दफा बरगलाने वाली तस्वीर शेयर करते नहीं पाए गए हैं। इससे पहले उन्होंने योगी आदित्यनाथ और संबित पात्रा को लेकर साल 2018 में फेक न्यूज फैलाई थी। उन पर आरोप लग चुके हैं कि जब वह ‘डीबी स्टार’ से बतौर एडिटर जुड़े, जो कि हिंदी दैनिक भाष्कर का टैबलॉयड है। वहाँ काम करते हुए जर्नलिज्म और मास क्मुनिकेशन की एक महिला विद्यार्थी ने उनके खिलाफ यौन शोषण की लिखित शिकायत की थी। 

अविनाश अतिथि शिक्षक के रूप में भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में पढ़ाने के लिए जाते थे। विश्वविद्यालय के एक दल द्वारा मामले की जाँच किए जाने पर आरोप सही पाए गए थे और अविनाश दास को दैनिक भाष्कर द्वारा उनकी नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके अलावा दास के विरुद्ध श्रीपाल शेखावत ने एक मानहानि केस दायर किया था और पिछले दिनों एक महिला पत्रकार ने उनके साथ चैट भी सोशल मीडिया पर शेयर कर दी थी। इसमें वह उसे कह रहे थे कि वो खुद को अकेला न समझे।  

फेसबुक, प्यार और ब्लैकमेल: शादी से इनकार करने पर 35 साल की महिला ने केरल में युवक के चेहरे पर फेंका तेजाब, एक आँख की गई रोशनी

केरल के इडुक्की में एक शादीशुदा महिला ने शादी से मना करने पर एक युवक के ऊपर तेजाब फेंक दिया है। इस घटना में युवक बुरी तरह घायल हो, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक की उम्र 28 वर्ष और आरोपित महिला 35 साल की बताई जा रही है। फेसबुक के जरिए दोनों में जान पहचान हुई थी। घटना 16 नवम्बर 2021 (मंगलवार) की है। पुलिस के अनुसार महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेजाब के कारण घायल युवक की आँखों को काफी नुकसान पहुँचा है। डॉक्टरों ने बताया कि तेजाब के कारण युवक के एक आँख की रोशनी चली गई है। युवक का नाम अरुण कुमार है और वह तिरुवनंतपुरम के निवासी हैं। उसका इलाज तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। पुलिस ने अस्पताल जाकर घायल युवक का बयान दर्ज किया है।

आरोपित महिला का नाम शीबा है और वह 2 बच्चों की माँ है। अरुण से उसकी मुलाकात दो साल पहले फेसबुक पर हुई थी। इस दौरान दोनों ने मोबाईल नंबर शेयर किए और दोनों में बातचीत होने लगी। कुछ समय बाद पीड़ित को पता चला कि शीबा शादीशुदा और 2 बच्चों की माँ है। इसके बाद अरुण शीबा से दूरी बनाने लगा।

अरुण के इरादे को देखकर शीबा पीड़ित पर शादी का दबाव बनाने लगी, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। इसके बाद शीबा पीड़ित अरुण को ब्लैकमेल करने लगी और उससे पैसे की माँग करने लगी। इसी ब्लैकमेलिंग का पैसे लेने के लिए शीबा ने अरुण को आदिमाली के करीब एक चर्च में बुलाया था। शीबा से मिलने अरुण अपने दोस्त के साथ गया था, जहाँ इस घटना को अंजाम दिया गया।

पुलिस ने शनिवार (20 नवंबर) को चर्च में लगे CCTV फुटेज निकाले। फुटेज में साफ़ दिख रहा है कि शीबा ने अचानक ही अरुण के चेहरे पर तेज़ाब फेंक दिया। इस दौरान शीबा भी आंशिक रूप से घायल हो गई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने शीबा को गिरफ्तार कर लिया।

जान पर खेल कर पत्रकार ने बनाया 19 मिनट का वीडियो, कैमरे में दिखे चीन में उइगर मुस्लिमों के प्रताड़ना कैंप: स्लेव बना कर रखे जाते हैं

चीन में उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार का एक वीडियो सामने आया है। उरुमकी नामक शहर में जाकर गुआन गुआँ नाम के एक पत्रकार ने ये कारनामा किया। वो पर्यटन के बहाने वहाँ गए थे। उन्होंने अपने बैग में कैमरा छिपा रखा था। चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार द्वारा शिनजियांग के उइगर मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार का खुलासा करना उनका मकसद था। उन्हें इस बात का डर था कि अगर वो पकड़े जाते तो उन्हें भयानक सज़ा मिल सकती थी।

2 वर्ष पहले भी उन्होंने कुछ समय इस शहर में गुजारा था और तब उन्हें पता चला था कि स्कूलों में स्थानीय उइगर भाषा को प्रतिबंधित कर दिया गया है और उइगर मिस्लिमों का इस्तेमाल स्लेव के रूप में किया जा रहा है। विदेशी पत्रकारों को तो वहाँ जाने की भी अनुमति नहीं थी। लेकिन, उन्होंने खतरा मोल लेने की ठानी और 8 शहरों का दौरा कर के 18 प्रताड़ना कैंपों के विवरण जुटाए। इनमें से एक प्रताड़ना कैंप तो 1000 यार्ड्स में फैला हुआ था और वहाँ ‘Reform Through Labour (श्रम से सुधार)’ जैसे नारे लिखे हुए थे।

इन प्रताड़ना कैंपों की खास बात ये है कि मैप पर भी इन्हें मार्क नहीं किया जाता है। लेकिन, पत्रकार गुआन ने कँटीले तारों, बड़े-बड़े टॉवर पर चढ़ कर रखवाली के लिए लगे गार्डों, पुलिस चेकपॉइंट्स, सेना के बैरक और गाड़ियाँ और जेल के भीतर बने दिशा के निशानों का भी वीडियो बनाया। अब उन्होंने यूट्यूब पर 19 मिनट के इस वीडियो क्लिप को डाला है। गुआन गुआँ उनका छद्म नाम है और ऐसा लगता है कि वो ताइवान के किसी विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने बताया कि उन्हें पता चला था कि ऐसे 268 प्रतिबंधित परिसर हो सकते हैं, जहाँ उइगर मुस्लिमों को रखा गया हो। सैटेलाइट इमेज में सिर्फ नक्शा ही दिखता है, लेकिन वहाँ कौन सी इमारतें हैं उनकी तस्वीरें हैं ही नहीं। उसके आसपास क्या है? इन्हीं सवालों के जवाब ढूँढने वो शिनजियांग निकले। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका दिल जोड़ों से धड़क रहा था क्योंकि कैमरा से चीजें शूट करते पकड़े जाने पर उन्हें भी इन्हीं कैंपों में डाल दिया जाता। उरुकमी की राजधानी शिन्शी में उन्हें कई गुप्त कैमरे मिले।

यहाँ तक कि कई पेड़ों पर भी गुप्त कैमरे लगे हुए थे, जिसके माध्यम से वहाँ की सरकार हर क्षेत्र की निगरानी करती है और लोगों पर कड़ी नजर रखती है। साथ ही किले की तरह तारों से परिसरों को घेरा गया था। इसके बाद वो अपनी गाड़ी लेकर एक सफ़ेद रंग के प्रताड़ना कैंप से गुजरे, जिसमें हजारों उइगर मुस्लिमों के होने का अंदेशा है। एक जेल एक फैक्ट्री से सटी हुई थी। दाबांचेंग नामक इलाके में 10,000 उइगर मुस्लिमों को कैद रखने वाले एक प्रताड़ना कैंप बनाया गया था। वीडियो में उन्होंने वो भी दिखाया।

इन प्रताड़ना कैंपों के बाहर चीन की सेना अपने तोप तैनात रखती है। महीनों तक उइगर मुस्लिमों को कैद रखा जाता है। उन्हें श्रम कराए जाते हैं। वहाँ महिलाओं के बलात्कार से लेकर जबरन गर्भपात तक करा दिया जाता है। उन्हें जबरन कम्युनिस्ट इतिहास पढ़ाया जाता है और कम्युनिस्ट पार्टी के नारे और गीत गाने के लिए मजबूर किया जाता है। वीडियो बनाने वाले पत्रकार ने कहा कि उइगर मुस्लिमों पर होने वाले अत्याचार के बारे में हम सोच भी नहीं सकते, वो हमारे-आपके जैसे लोग ही हैं।

पाकिस्तान में 11 साल के हिंदू बच्चे कान्हा कुमार के साथ दुष्कर्म, मोहम्मद अनाम और मदस्सर ने प्रताड़ित कर मार भी डाला

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ आतंक और अत्याचार जारी है। सिंध प्रांत के खैरपुर मीर इलाके में एक 11 वर्षीय हिन्दू बच्चे के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई है। घटना के समय बच्चे का परिवार गुरु नानक देव का जन्मदिन गुरुपर्व मना रहा था। बच्चे की हत्या गला दबा कर की गई है। बच्चा शुक्रवार (19 नवम्बर 2021) से लापता था। उसका शव 20 नवम्बर (शनिवार) को बाबरलोई कस्बे के एक सुनसान घर से मिला है। पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अहमद मुस्तफा के अनुसार, आरोपितों के नाम मोहम्मद अनाम और मदस्सर हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद इलाके के लोग डरे हुए हैं। मृतक के परिजन राजकुमार ने बताया कि बच्चे का नाम कान्हा कुमार सचदेव है। मृत नाबालिग कक्षा 5वीं का छात्र था। स्थानीय थाना बाबरलोई के थानेदार ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक ने अपना गुनाह कबूल भी कर लिया है।

सुक्कुर जिले के बाल संरक्षण अधिकारी जुबैर महार ने भी घटना पुष्टि करते हुए बताया कि मृत बच्चे के शरीर पर प्रताड़ना के भी निशान मिले हैं। उन्होंने पुलिस को भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बच्चे का शव कानूनी औपचारिकताओं के लिए अस्पताल में है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में सूबे में हिंदू समुदाय के साथ घटित इस तरह की यह दूसरी घटना है।

महार ने बताया कि कुछ समय पहले ही सुक्कुर जिले के सालेह पाट इलाके से एक नाबालिग हिंदू लड़की गायब हो गई है। लड़की को बरामद करने के लिए पुलिस ने 25 लाख रुपए का इनाम भी रखा है। इसके बावजूद उस लड़की का अभी तक पता नहीं चला है।

ईसाई हैं दानव, क्रिसमस काफिरों का… इसी समय हमला कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारो: TikTok से ISIS का संदेश

आतंकी समूह ISIS आने वाले क्रिसमस पर आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहा है। इन हमलों के लिए आत्मघाती लड़ाकों की भर्ती के लिए उसने टिकटॉक को अपना हथियार बनाया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग गैर-मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने में किया जा रहा है। इसमें कई वेबसाइटें ऐसी भी हैं, जो बच्चों में काफी लोकप्रिय हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पोस्ट किए गए एक वीडियो में क्रिसमस के दौरान हमले के लिए उकसाया गया है। हमले के दौरान ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारने की बात कही गई है। इस वीडियो में उत्तेजक म्यूजिक के साथ क्रिसमस को काफिरों का त्यौहार बताया गया है। साथ ही ईसाइयों को दानव बताया गया। वीडियो में कहा गया है कि ये अल्लाह को नहीं मानते। इसी के साथ ईसाइयों की धार्मिक भावनाओं का मज़ाक भी उड़ाया गया है।

इसी वीडियो में उनके दिलों में दहशत बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। क्रिसमस के दौरान सजी दुकानों और बाज़ारों को टारगेट के तौर पर दिखाया गया। इसमें कहा गया है, “अल्लाह के लड़ाकों इन कुफ्र वालों का खून बहाने के लिए तैयार हो जाओ।” साथ ही इसमें खुलेआम आत्मघाती हमले के लिए उकसाते हुए उनके बीच उनके ही कपड़े पहन कर घुस जाने के लिए कहा गया है।

एक बुर्का पहने महिला का भी एकाउंट चर्चा में है। उस वीडियो में वो जर्मनी की बिल्डिंग और भवनों को दिखा रही है। वीडियो बीप की आवाज के साथ शुरू होता है। बाद में वीडियो में पुलिस के सायरन सुनाई देते हैं। इसमें उसे कहते सुना जा सकता है कि अल्लाह तुम्हे जन्नत में स्वीकार करे। जाँच के बाद ये माना जा रहा है कि यह सभी आत्मघाती हमलावरों की भर्ती के प्रयास हैं।

इस बीच ब्रिटेन में आतंकी हमलों की आशंका के चलते सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि लिवरपूल में कार बम हमले के बाद अभी और आतंकी हमले हो सकते हैं। इन्हे लोन वुल्फ अटैक कहा जाता है। बताया जा रहा है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान कई चरमपंथियों ने खुद को हमले के लिए मानसिक रुप से तैयार कर रखा है।

इस बीच इटली में 19 साल की एक लड़की को संदिग्ध गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया गया है। उसके फोन में सिर कलम करने की वीडियो के साथ ISIS से जुड़े अन्य वीडियो भी मिले हैं। इसी के साथ काबुल हवाई अड्डे पर पर खुद को इसी साल अगस्त में बम से उड़ा कर 183 लोगों की जान ले लेने वाले हमलावर की फोटो भी उसके मोबाइल में मिली है। मिलान पुलिस के अनुसार उसका संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूहों से हो सकता है।

गौरतबल है कि इस से पहले अप्रैल 2019 में आतंकी समूह ISIS ईस्टर में श्रीलंका में आतंकी हमले कर चुका है। इन हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत हुई थी और 280 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इन सीरियल धमाकों की संख्या 6 थी जिसमे लक्जरी होटलों तक को निशाना बनाया गया था।

‘कंगना को जेल में डालो या मेंटल अस्पताल में’ – खालिस्तानी वाली बात पर शिरोमणि अकाली दल के नेता की शिकायत

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने शनिवार (20 नवंबर 2021) को आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई ​है।

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने पर कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर तीखी टिप्पणी की थी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिरसा ने कहा कि अभिनेत्री को या तो जेल में डाल देना चाहिए या फिर मेंटल अस्पताल में भर्ती करा देना चाहिए। उन्होंने एक्ट्रेस पर आरोप लगाया, “कंगना का बयान उनकी घटिया मानसिकता को उजागर करता है। उनका यह कहना कि खालिस्तानी आतंकवादियों के कारण तीन कृषि कानूनों को वापस किया गया, किसानों का अपमान है। वह नफरत फैलाने की फैक्ट्री हैं।”

सिरसा ने ट्विटर पर इस शिकायत को पोस्ट किया है और आरोप लगाया है कि यह इंस्टाग्राम पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल, अपमानजनक पोस्ट के लिए दर्ज कराई गई है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने सरकार से कंगना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग करते हुए कहा, “हम इंस्टाग्राम पर उनके आपत्तिजनक पोस्ट से आहत हैं। सरकार को उनकी सुरक्षा और पद्मश्री सम्मान को तुरंत वापस ले लेना चाहिए। या फिर उन्हें किसी मेंटल हॉस्पिटल या जेल में रखा जाना चाहिए।”

अभिनेत्री कंगना रनौत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सराहना करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ”उन्होंने खालिस्तानियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की थी।” अभिनेत्री ने लिखा, ”खालिस्तानी आतंकवादी आज भले ही सरकार को झुका सकते हैं, लेकिन एक महिला को मत भूलना। एकमात्र महिला प्रधानमंत्री ने इनको अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था। भले ही उन्होंने देश को कितनी भी तकलीफ दी हो, उन्होंने अपनी जान की कीमत पर उन्हें मच्छरों की तरफ कुचल दिया था, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए।” ‘क्वीन’ की ​एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ”उनकी मृत्यु के दशकों बाद भी उसके नाम से काँपते हैं ये, इनको वैसा ही गुरु चाहिए।”

साभार: कंगना रनौत इंस्टाग्राम स्टोरी

बता दें कि कंगना की अपकमिंग फिल्म ‘इमरजेंसी’ आ रही है, जिसमें उन्होंने इंदिरा गाँधी की भूमिका निभाई है।

राजस्थान में गहलोत कैबिनेट का विस्तार, 15 नए मंत्री लेंगे शपथ: जानें गहलोत के साथ खड़े निर्दलीयों का क्या होगा

राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार में महीनों तक उथल-पुथल मचने के बाद आज कैबिनेट का विस्तार होगा। इस क्रम में 15 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी जिनमें 11 कैबिनेट और 4 राज्य मंत्री होंगे। इन मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह रविवार यानी आज (21 नवंबर 2021) शाम चार बजे राजभवन में होगा।

सामने आई जानकारी के अनुसार, विधायक जाहिदा खान, बृजेंद्र ओला, राजेंद्र गुढ़ा व मुरारीलाल मीणा को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। वहीं कैबिनेट मंत्री के रूप में हेमाराम चौधरी, महेंद्रजीत मालवीय, रामलाल जाट, महेश जोशी, विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा, ममता भूपेश, भजनलाल जाटव, टीकाराम जूली, गोविंद राम मेघवाल व शकुंतला रावत को शपथ दिलाई जाएगी।

उक्त लिस्ट में हेमाराम चौधरी, रमेश मीणा, मुरारीलाल मीणा व बृजेंद्र ओला पायलट खेमे के हैं जबकि बसपा छोड़कर कॉन्ग्रेस में आने वाले 6 विधायकों में से राजेंद्र गुढ़ा को भी मंत्री पद की शपथ दिलवाई जाएगी। इसके अलावा पिछले साल पायलट खेमे के द्वारा बगावती रुख अपनाने पर उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ साथ विश्वेंद्र सिंह व रमेश मीणा को उनके पद से हटा दिया गया था। लेकिन अब इस नई सूची में विश्वेंद्र सिंह, रमेश मीणा का नाम मंत्री बनाए जाने की लिस्ट में शामिल हैं।

यहाँ बता दें कि जिन विधायकों को मंत्रिमंडल में पद नहीं मिलेगा उन्हें भी गहलोत सरकार अडजस्ट करेगी। 22 विधायकों को दूसरा पद मिलने की संभावना है। इनमें 7 को मुख्यमंत्री का सलाहकार और 15 को संसदीय सचिव बनाया जाएगा। इससे पहले शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक में सभी मंत्रियों ने अपने इस्तीफे सौंपे थे और मुख्यमंत्री गहलोत भी रात में राजभवन में राज्यपाल कलराज मिश्र से मिले थे। इसके बाद राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की संस्तुति पर ये इस्तीफे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किए। इस बैठक में शपथ ग्रहण समारोह पर चर्चा हुई।

कैबिनट में क्या होगा अलग?

  • गहलोत के नए मंत्रिमंडल में सचिन पायलट की जगह शकुंतला रावत को जगह मिल सकती है।
  • नए मंत्रिमंडल में 3 जाटों को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। वहीं एक जाट राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
  • पायलट के विरोध के कारण गहलोत के समर्थन में खड़े 10 निर्दलीय विधायकों में से किसी को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। लेकिन इन्हें संसदीय सचिव की जिम्मेदारी मिलेगी।
  • राजस्थान की कैबिनेट में 4 अनुसूचित जाति के मंत्रियों को जगह दी जाएगी। 3 आदिवासी समुदाय के होंगे और 3 महिलाएँ भी होंगी।

#WhereisPengShuai – विंबलडन, फ्रेंच ओपन जीतने वाली चीनी खिलाड़ी लापता: दुनिया चिंतित, फोटो दिखा चीन निश्चिंत

चीनी टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई (Peng Shuai) चीन के पूर्व उपप्रधानमंत्री झांग गाओली पर यौन शोषण का आरोप लगाने के बाद से लापता हैं। उन्होंने चीनी सोशल मीडिया साइट ‘वीबो’ पर लिखा था, ”झांग ने उन पर सेक्स के लिए दबाव बनाया था।” इसके बाद उनके साथ आखिर क्या हुआ और वह इतने समय से कहाँ गायब हैं? इसके बारे में अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र ने चीन सरकार से चीनी खिलाड़ी के सलामत होने के सबूत माँगे हैं।

कौन हैं पेंग शुआई

चीनी टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई का जन्म 8 जनवरी 1986 को जियांगटन, चीन में हुआ था। 35 वर्षीय पेंग शुआई विश्व की नंबर एक डबल्स खिलाड़ी भी रह चुकी हैं। पेंग शुआई ने टेनिस के महिला डबल्स इवेंट में काफी शोहरत हासिल की है। इस दौरान पेंग दो ग्रैंड स्लैम जीतने में सफल रहीं। पेंग तीन बार ओलंपिक में भी भाग ले चुकी हैं।

पेंग शुआई के रिकॉर्ड

पेंग ने 2010 के एशियाई खेलों के फाइनल में अक्गुल अमनमुराडोवा को हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया था। अगस्त 2011 में वह सिंगल रैंकिंग के 14 वें स्थान पर पहुँची थीं। पेंग ने दो सिंगल और 22 डबल्स खिताब जीते हैं। इसके अलावा उन्होंने 2013 में विंबलडन और फिर 2014 में फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया था। महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए) ने फरवरी 2014 में चीनी टेनिस खिलाड़ी को विश्व नंबर 1 डबल्स का दर्जा दिया था।

क्या है विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 नवंबर को चीनी टेनिस खिलाड़ी ने चीन के पूर्व उपप्रधानमंत्री झांग गाओली पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। उन्होंने चीनी सोशल मीडिया साइट ‘वीबो’ पर लिखा था, ”झांग ने 3 साल पहले उन पर सेक्स के लिए दबाव बनाया था।” पेंग का यह पोस्ट पूरी दुनिया में तेजी से वायरल हो गया। हालाँकि वीबो से कुछ ही देर में इस पोस्ट को हटा दिया गया था। तब तक कई लोंगों ने इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट ले लिया था। इसके बाद उनके बारे में भी अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। 

सोशल मीडया पर कैंपेन

पेंग शुआई के गायब होने की खबरों के बाद से सोशल मीडिया पर चीनी सरकार को घेरा जा रहा है और #WhereisPengShuai कैंपेन चलाया जा रहा है। दुनिया के शीर्ष पुरुष टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच, सेरेना विलियम्स, सिमोना हालेप से लेकर दुनिया भर के कई दिग्गज खिलाड़ी उनके लापता होने से आक्रोश में हैं। उन्होंने इस कैंपेन का समर्थन किया है।

वहीं संयुक्त राष्ट्र (UN) और संयुक्त राज्य अमेरिका (US) ने चीन सरकार से चीनी खिलाड़ी के सलामत होने के सबूत सामने रखने के लिए कहा है। बता दें कि चीन में मशहूर लोगों का लापता होना आम बात हो गई है। टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई से पहले दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा समूह के संस्थापक जैक मा के गायब होने की खबरें सामने आई थी।

इतने बवाल को देखते हुए अब चाइनीज मीडिया का प्रोपेगेंडा तंत्र सामने आया है। चीन समर्थित मीडिया ग्लोबल टाइम्स के एडिटर हू जिन (Hu Xijin) ने दो ट्वीट किए। यह ट्वीट चीनी टेनिस खिलाड़ी पेंग शुआई (Peng Shuai) “ठीक हैं, स्वस्थ हैं” को दिखाने के लिए हैं। हालाँकि खुद एडिटर कंफर्म नहीं है बल्कि सूत्रों के हवाले से यह बता रहा है कि फोटो में दिखने वाली पेंग शुआई ही हैं।

अपनी बात को साबित करने के लिए 21 नवंबर की सुबह को एक वीडियो भी पोस्ट किया जाता है। बताया गया कि पेंग शुआई टीनेज टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल से पहले ओपनिंग शेरेमनी में पहुँचीं।

‘बिल बना तो दिक्कत, कानून वापस लिया तो भी दिक्कत…’: प्रियंका गाँधी की राजनीति पर कॉन्ग्रेसी बागी MLA

कॉन्ग्रेस में रहते हुए कॉन्ग्रेस के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाली बागी विधायक अदिति सिंह ने अब पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा पर बयान दिया है। उन्होंने कृषि कानून वापसी के ऐलान के बाद सामने आए प्रियंका के बयान पर नाराजगी जाहिर की। कॉन्ग्रेस महासचिव पर आरोप लगाते हुए वह बोलीं कि अब उनके पास मुद्दे नहीं बचे हैं इसलिए इस मामले का राजनीतिकरण हो रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अदिति सिंह ने कहा, “बिल लाए जाने पर प्रियंका गाँधी को समस्या हुई थी। अब कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया गया है तो भी दिक्कत है। आखिर वह चाहती क्या हैं? उन्हें ये बातें स्पष्ट रूप से कहनी चाहिए। वह सिर्फ मामले का राजनीतिकरण कर रही हैं। अब उनके पास राजनीति के लिए मुद्दे नहीं हैं।”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद प्रियंका ने दावा किया था कि ये सब चीज आगामी चुनाव के लिए हो रही है। उन्होंने पूछा था- “आखिर ये क्यों हो रहा है? क्या देश नहीं समझता कि चुनाव आ रहे हैं और उन्हें लगा होगा कि स्थिति ठीक नहीं है? वे सर्वेक्षणों में देख सकते हैं कि हालात ठीक नहीं है। इसलिए, वे चुनाव से पहले माफी माँगने आए हैं।”

उल्लेखनीय है कि साल 2017 के चुनावों में कॉन्ग्रेस पार्टी से विधायक चुनी जाने वालीं अदिति समय-समय पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ और नेताओं की कमियों पर खुलकर बोलती रही हैं। उन्होंने हाल में हुए लखीमपुर खीरी मामले पर प्रियंका का रुख देखकर भी बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “जहाँ तक लखीमपुर और अन्य मुद्दों की बात है प्रियंका गाँधी हमेशा उनका राजनीतिकरण करती हैं। लखीमपुर खीरी मामले में जाँच चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया है। अगर वह संस्था पर यकीन नहीं रखतीं तो पता नहीं फिर किस पर करेंगी।”

यहाँ मालूम हो कि अदिति सिंह कॉन्ग्रेस नेता रहे अखिलेश सिंह की बेटी हैं। वह रायबरेली सीट से 5 बार विधायक रहे। उन्हें हमेशा गाँधी परिवार का करीबी माना गया। लेकिन उनके बाद जब अदिति ने कमान संभाली तो स्थिति बदल गई। अदिति ने मुखर होकर कॉन्ग्रेस की आलोचना और सत्ताधारी पार्टी द्वारा किए जा रहे सराहनीय कामों की प्रंशसा। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण में वह 51 लाख रुपए की समर्थन राशि देकर भी चर्चा में आई थी। उन्होंने खुलेआम योगी आदित्यनाथ को अपना राजनीतिक गुरु भी कहा था। उनके पार्टी विरोधी रवैये के कारण कॉन्ग्रेस ने उन्हें महिला विंग की महासचिव पद से हटा दिया था।