Home Blog Page 3208

गुजरात, मुंबई, गोवा में कैंसल… कोलकाता में मुनव्वर फारूकी का शो हुआ आयोजित: हिंदू-घृणा के लिए है कुख्यात

बजरंग दल की चेतावनी के बावजूद विवादित स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने शनिवार (20 नवंबर) को कोलकाता में स्पेशल कॉमेडी शो किया। मुनव्वर फारूकी लगभग 1 घंटे 30 मिनट के ‘डोंगरी टू नोव्हेयर’ कॉमेडी स्पेशल शो में शामिल हुआ और वहाँ की तस्वीरों को उसने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किया। इसके पहले कई राज्यों में प्रशासन ने उसके शो की इजाजत नहीं दी थी। कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण हिंदू संगठन उसके शो का विरोध करते रहे हैं।

मुनव्वर फारूकी की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनग्रैब

करीब एक हफ्ते पहले फारूकी ने अपने फैंस को 20 नवंबर को कोलकाता में होने वाले शो के बारे में जानकारी दी थी।

मुनव्वर फारूकी के इंस्टाग्राम पर पोस्ट का स्क्रीनग्रैब

वहीं, 25 नवंबर को जालंधर के केएल सहगल मेमोरियल हॉल में एक और शो आयोजित की गई है, जिसमें यह विवादित शख्स हिस्सा लेगा। अगले दिन वह लुधियाना में एक और कॉमेडी शो की मेजबानी करेगा, 27 नवंबर को चंडीगढ़ के जंगल बार में भी परफॉर्मेंस देगा। इस बीच पता चला है कि बजरंग दल की राज्य इकाई पंजाब में उसके शो का विरोध करने की योजना बना रही है।

मुनव्वर फारूकी के आगामी शो का लिस्ट

विरोध के कारण मुनव्वर फारूकी ओ कॉमेडी शो रद्द करना पड़ा

इससे पहले हिंदू जनजागृति समिति के विरोध के कारण गोवा के पणजी में फारूकी के शो को आयोजकों ने कैंसिल कर दिया था। हिंदुओं के खिलाफ घृणा फैलाने वाला यह कॉमेडियन 15 नवंबर को पणजी के एक मॉल में परफॉर्म करने वाला था, लेकिन ‘एलवीएफ कॉमेडी’ के आयोजकों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उसका शो कैंसिल कर दिया था। पंजाजी पुलिस स्टेशन ने उसका रिकॉर्ड देखते हुए यह निर्णय लिया था। दरअसल, हिंदू जागृति समिति ने गोवा सरकार से फारूकी को परफॉर्म करने की अनुमति नहीं देने का आग्रह किया था, क्योंकि फारूकी ने इससे पहले अपने कई शो के दौरान हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान किया था।

कॉमेडियन के गुजरात, मुंबई और छत्तीसगढ़ में परफॉर्म पर प्रतिबंध

बता दें कि बजरंग दल की चेतावनी के बाद स्टैंड-अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी के मुंबई में तीन शो रद्द हो चुके हैं। सितंबर 2021 में बजरंग दल ने उसे गुजरात में होने वाले सभी शो को कैंसिल करने की चेतावनी दी थी। छत्तीसगढ़ में भी VHP ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था। इसमें माँग की गई है कि फारूकी को रायपुर में परफॉर्म करने की इजाजत न दी जाए।

‘शरिया और कुरान के खिलाफ है ये’: Pak में बलात्कारियों को नपुंसक बनाने वाला कानून हुआ रद्द, बताया गया गैर-इस्लामी

पाकिस्तान सरकार ने आदतन रेप के अपराधियों को रासायनिक प्रक्रिया के जरिए नपुंसक बनाने के लिए लाए गए आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2021 को रद्द कर दिया है। इस कानून का ‘काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (CII)’ ने विरोध करते हुए इसे गैर इस्लामिक बताया था। इस कानून को रद्द किए जाने की जानकारी पाकिस्तान की कानून और व्यवस्था के लिए संसदीय सचिव मलीहा बोखारी ने दी है।

पाकिस्तान के कानून मंत्री फारोग नसीम की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोखारी ने कहा कि सीआईआई ने बलात्कारियों के लिए केमिकल कास्ट्रेशन की सजा का विरोध करते हुए इसे इस्लाम के खिलाफ बताया था। बता दें कि सीआईआई एक ऐसा विभाग है जो मजहबी मामलों में सरकार और संसद दोनों को परामर्श दे सकती है।

बुधवार (17 नवंबर 2021) को संसद के संयुक्त सत्र में पारित होने से पहले इस विधेयक से हटा दिया गया था। बोखारी ने कहा, “संविधान का अनुच्छेद 227 यह भी गारंटी देता है कि सभी कानून शरिया और पवित्र कुरान के तहत होने चाहिए, इसलिए हम कोई ऐसे कानून पारित नहीं कर सकते हैं जो इन मूल्यों के खिलाफ हो।”

इसके साथ ही बोखारी ने पिछले कानून को घटिया बताया। मलीहा ने कहा, “पिछले कानून में काफी खामियाँ थीं, जो कि पीड़ितों को न्याय दिलाने में बाधक बन रही थी। इसलिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून पेश किया गया है।

गौरतलब है कि पिछले साल 2020 में ही प्रधानमंत्री इमरान खान ने सैद्धान्तिक मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसे इसी साल नवंबर में ही पाकिस्तान की संसद में पारित किया गया था। हालाँकि, इसका शुरू से ही विरोध किया जा रहा है। कई इस्लामिक संगठन इसे शरिया कानून के खिलाफ बता रहे हैं। इसमें लिखा है, “केमिकल कास्ट्रेशन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसे प्रधानमंत्री द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा विधिवत अधिसूचित किया जाता है। इससे एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी संभोग करने में असमर्थ हो जाता है। इसे अदालत द्वारा दवाओं के माध्यम से निर्धारित किया जाता है। ये मेडिकल बोर्ड द्वारा संचालित होता है।”

Video: ‘तेरे बाप से भी इसका बदला लेकर दिखाऊँगा’- गौ तस्करों के एनकाउंटर पर सपा MLA असलम चौधरी ने BJP विधायक को दी धमकी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सात गौ तस्करों को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने का मामला तूल पकड़ रहा है। धौलाना से समाजवादी पार्टी के विधायक असलम चौधरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर को खुलेआम धमकी दे रहे हैं। वीडियो में असलम चौधरी कह रहे हैं, ”गोली मारने का बदला तेरे बाप से भी लेकर दिखाऊँगा।” गौरतलब है कि पुलिस की इस कार्रवाई का गुर्जर ने समर्थन किया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने असलम चौधरी के विवादित बयान का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा, ”ये हैं सपा विधायक असलम चौधरी। कह रहे हैं कि बहुत सारे हिसाब किताब करने हैं, सबका बदला लेना है, जहाँ-जहाँ अपराधियों को गोली मारी गई है, उसका बदला भाजपा विधायकों के बाप तक से लेंगे। सपा का मतलब गुंडागर्दी।”

वायरल वीडियो में विधायक असलम चौधरी ने कहा, ”मैं फिर विधायक को कह रहा हूँ कि जो सात बेटों को गोली लगवाई है, तेरे बाप से भी इसका बदला मैं लेकर दिखाऊँगा।” विधायक ने कहा कि अभी बहुत सारा हिसाब-किताब करना है। उन्होंने मौजूद लोगों से कहा, “अगर आपको अपने सारे हिसाब लेने हैं, अपने बच्चों का भविष्य ठीक करना है तो अपने बेटे को खातिम बनाना पड़ेगा। छक्के छुड़ाने हैं, चाहे जनवरी के लास्ट हफ्ते में हो या फरवरी के पहले हफ्ते में हो।” सपा विधायक का यह वीडियो कस्बा डासना का बताया जा रहा है।

बता दें कि 11 नवंबर को लोनी बॉर्डर थाने के इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने हाजीपुर बेहटा गाँव के गोदाम पर छापा मारा था। इस दौरान एनकाउंटर में सात गौ तस्करों को गोली लगी थी। इन्हीं गौ तस्करों का धौलाना से सपा विधायक असलम चौधरी समर्थन में कर रहे हैं।

बेटा होने का लालच देकर आदिवासी परिवार को ईसाई बनाने आए थे, गाँव वालों ने धर्म परिवर्तन गैंग को बंधक बनाया

झारखंड के रामगढ़ जिले के गंझूडीह टोला में धर्म परिवर्तन कराने पहुँचे ईसाई समुदाय के लोगों को बंधक बनाने की बात मीडिया में आई है। खबरों के मुताबिक, कुल 6 लोगों को बंधक बनाया गया था। स्थानीयों का आरोप है कि ये लोग एक परिवार को झूठा झांसा देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करवा रहे थे। ऐसे में आसपास के लोगों को जब पता चला तो इन्हें पकड़ लिया गया और घंटों बंधक बनाए बैठाए रखा गया।

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुजू ओपीक्षेत्र के गंझूडीह टोला में एक आदिवासी परिवार का धर्म परिवर्तन कराने एक महिला सहित 6 लोग आए थे। इनके निशाने पर करमा करमाली का परिवार था जिनकी 4 बेटियाँ हैं और वो बेटा पाने के इच्छुक हैं। परिवार की कमजोरी भाँपते हुए ही धर्मांतरण कराने वालों ने उन्हें अपने जाल में फँसाया और कहा कि अगर वह ईसाई बनते हैं तो उनके बेटा हो जाएगा। धर्मांतरण के लिए परिवार जैसे ही तैयार हुआ ये लोग गंझूडीह आ पहुँचे। लेकिन इसी बीच ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और वह लोग करमा करमाली के घर गए। 

वहाँ धर्मांतरण की ऐसी तैयारी चल रही थी जिसे देख सब अचंभित हो गए। सबने इसका विरोध किया और स्थानीयों ने धर्म परिवर्तन कराने वालों को बंधक बना लिया। जब मामला गरमाया तो किसी कैलाश करमाली ने कुजू पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस फौरन वहाँ पहुँची और बंधक बनाए गए लोगों को छुड़वाया। अब थाने में उनसे पूछताछ हो रही है।

बता दें कि अभी कल ही छत्तीसगढ़ से एक ऐसी खबर मीडिया में सामने आई थी जिसमें बताया गया था 400 परिवारों के 1200 लोगों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की। हिंदू धर्म अपनाने वालों का कहना था कि तीन पीढ़ी पहले उनकी गरीबी का फायदा उठाकर उन्हें ईसाई बनाया गया था। लेकिन अब वो लोग जागरूक हो चुके हैं। इस पूरे घर वापसी अभियान में 100 परिवार स्थानीय थे और 300 परिवार बसना सराईपाली से थे। इन सबको 20 बसों में बैठाकर लाया गया था। पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ये दो दिवसीय कार्यक्रम था।

हॉलीवुड हिरोइन का पाद ₹74310 में, एक जोड़ी पैंटी FREE: बोतल में बंद करके होगी डिलिवरी

यूट्यूबर स्टेफनी मट्टो नाम की अमेरिका की एक महिला एक डब्बे में बंद कर के अपना ‘पाद (Fart)’ डब्बे में बंद कर 1000 डॉलर (74310.85 रुपए) में बेच रही हैं। स्टेफनी मट्टो (Stephanie Matto) ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए बताया कि वो ‘पॉपुलर डिमांड’ पर ऐसा कर रही हैं। उन्होंने ‘Unfiltrd’ नामक सोशल प्लेटफॉर्म पर अपने पेज के जरिए जार में बंद कर के अपना ‘पाद (Fart)’ बेचने की घोषणा की। साथ ही लिखा कि उनके ‘मसालेदार कंटेंट्स’ के साथ-साथ अब उनका ‘पाद’ भी खरीददारी के लिए उपलब्ध है।

‘Unfiltrd’ पर पैसे देकर पोस्ट अनलॉक होंगे

साथ ही उन्होंने इसके साथ एक जोड़ी पैंटी मुफ्त में देने की घोषणा की। उन्होंने लिखा कि एक जोड़ी पैंटी के साथ-साथ उनके द्वारा हस्तलिखित एक नोट भी ग्राहकों को दिया जाएगा।

बता दें कि न्यूयॉर्क में रहने वाले स्टेफनी मट्टो ने ही ‘Unfiltrd’ की स्थापना की है। उन्होंने लिखा, “मैं आप सब के साथ ये साझा करते हुए काफी रोमांचित हूँ। चूँकि काफी लोगों ने इसके लिए माँग की थी, इसीलिए मैंने लोगों को वो देने का फैसला लिया है जो वो चाहते हैं। ये सेल अभी (शनिवार – 20 नवंबर, 2021) शुरू हो रहा है और अगले 10 दिनों तक चलेगा। जो पहले 100 ऑर्डर्स आएँगे, उन्हें 50% डिस्काउंट पर, अर्थात 500 डॉलर (37155.43 रुपए) में ही ये मिलेगा।”

स्टेफनी मट्टो ने सोशल मीडिया के जरिए जारी किया अजीबोगरीब विज्ञापन

इस पोस्ट में स्टेफनी मट्टो ने एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वो हाथ में जार लिए दिख रही हैं। सोशल मीडिया में लोगों ने इस विज्ञापन का जम कर मजाक बनाया। एक ट्विटर यूजर ने पूछा कि क्या आप इस महिला का ‘पाद’ 100 डॉलर में खरीदना चाहेंगे? वहीं कुछ अन्य ने पूछा कि क्या इससे होने वाली आमदनी पर कुछ टैक्स लगता है? एक व्यक्ति ने पूछा कि ‘सही पाद’ मिल रहा है या नहीं, इसकी गारंटी क्या है? क्या पुष्टि करने के लिए किसी प्रकार का सर्टिफिकेट है?

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा कि जब ये सब कर के भी रुपए मिल रहे हैं तो ऐसा लग रहा है जैसे मैं कोई गलत व्यापार में हूँ। एक यूजर ने सीधे स्रोत से इसे एकत्रित करने की इच्छा जाहिर की। कुछ ने लिखा कि लगभग इसी दाम में टेस्ला का एक शेयर आ जाएगा।

ढाई साल पहले बलिदान हुए जवान की पत्नी ज्योति बनीं सेना में लेफ्टिनेंट… जानिए संघर्ष और देशप्रेम की कहानी

आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध में मई 2018 में कश्मीर के कुलगाम में बलिदान होने वाले नायक दीपक नैनवाल की पत्नी ज्योति अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट हैं। ज्योति शनिवार (20 नवम्बर 2021) को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से पास आउट हो गईं हैं। पति के बलिदान के बाद उन्होंने भी सेना में जाने का फैसला किया था। आखिरकार लगभग 3 वर्ष बाद उनकी मेहनत रंग लाई है।

रिपोर्ट के अनुसार, ज्योति नैनवाल और उनके पूरे परिवार के लिए यह बेहद भावनात्मक समय है। ज्योति ने सेना में वही शपथ ली, जो उनके वीरगति को प्राप्त पति ने कभी ली थी। उनके 2 बेटे भी उनके साथ सेना की वर्दी में नजर आए। वहीं, बेटी लावण्या चौथी क्लास की छात्रा है। बेटा रेयांश कक्षा एक में पढ़ रहा है। दोनों बच्चे अपने पिता और माँ की तरह फौजी बनना चाहते हैं। लेफ्टिनेंट ज्योति के अनुसार, पति के बलिदान होने से पहले उन्होंने नौकरी के लिए कभी सोचा भी नहीं था।

ज्योति ने बताया कि पति के घायल होने के उन्होंने देखा कि सेना अपने जवानों का कितना अच्छे से ध्यान रखती है। इसके लिए उन्होंने सेना की महार रेजिमेंट का धन्यवाद भी किया है। ज्योति ने टेस्ट पास कर के 11 माह की ट्रेनिंग तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में लिया था।

ज्योति नैनवाल की उम्र लगभग 33 वर्ष है। ज्योति एक सशक्त नारी के रूप में बताना चाहती हैं कि बच्चों को माँ के अलावा किसी और से प्रेरणा लेने की जरूरत ही न पड़े। ज्योति ने देश के दुश्मनों को ललकारते हुए कहा कि उनके मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा। ज्योति के पति नायक दीपक नैनवाल मुख्यतः देहरादून के हर्रावाला स्थित सिद्धपुरम के निवासी थे।

बलिदान दीपक 40 दिन तक अस्पताल में रहे थे और उनका इलाज पुणे के पैराप्लेजिक रिहैब सेंटर में चला था। साल 2018 में जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की गोलियाँ दीपक के फेफड़े में लगी थीं। उनके शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। आख़िरकार वे वीरगति को प्राप्त हो गए। दीपक की तीन पीढ़ियों ने देश की सेवा की है। शहीद दीपक के दादा सुरेश चंद नैनवाल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। दीपक के पिता चक्रधर नैनवाल भी रिटायर्ड फौजी हैं। उन्होंने 1971 भारत-पाकिस्तान युद्ध के साथ कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था।

‘एक बार सरकार बनवा दो, सारी समस्याएँ दूर कर दूँगा’: उत्तराखंड में बोले केजरीवाल – दिल्ली के हर ऑटो वाले के पास मेरा पर्सनल नंबर

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रविवार (21 नवंबर, 2021) को हरिद्वार के दौरे पर पहुँचे। यहाँ उन्होंने ऑटो चालकों से बातचीत की। इस दौरान केजरीवाल ने ऑटो-टैक्सी ड्राइवर्स से एक मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड में हमारी सरकार बनवा दो, एक-एक कर सभी समस्याओं को दूर कर दूँगा।”

ऑटो वालों से संवाद को दौरान केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में उनकी सरकार बनाने में 70 फीसदी ऑटो वालों का योगदान था। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि पहले दिल्ली के लोग ऑटो वालों को माफिया कहते थे और आरोप लगाते थे कि ये अधिक किराया वसूल करते हैं और मीटर से नहीं चलते हैं। लेकिन मैंने ऑटोवालों से बात कर ऐसा सिस्टम बनाया कि अब दिल्ली के लोग ऑटोवालों को प्यार करने लगे हैं। केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली के ऑटोवाले उन्हें अपना छोटा भाई मानते हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि वो देश के इकलौते मुख्यमंत्री हैं, जिनका पर्सनल मोबाइल नंबर दिल्ली के ऑटोवालों के पास है और वो एसएमएस के जरिए उनसे अपनी दिक्कतों के बारे में बताते हैं।

ऑटोवालों से AAP का प्रचार करने को कहा

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बड़े ही दावे के साथ कहा कि इससे पहले किसी भी नेता या पार्टी ने आपको (ऑटो चालक) सीधे मिलने के लिए नहीं बुलाया होगा। उन्होंने कहा, “मैं आपको गले लगाकर आपका भाई बनने आया हूँ। बस आप उत्तराखंड में एक बार मेरी सरकार बनवा दो। एक-एक करके आपकी सभी समस्याओं को खत्म कर दूँगा। लेकिन आपको मेरी पार्टी के प्रचार की जिम्मेदारी लेनी होगी। आप सभी ऑटो चालकों को अपनी गाड़ी के पीछे आम आदमी पार्टी का पोस्टर चिपकाना होगा और सवारियों को हमें वोट देने के लिए मनाना होगा।”

हालाँकि, सोशल मीडिया पर लोग अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर उनकी खिंचाई कर रहे हैं।

एक सोशल मीडिया यूजर ने केजरीवाल को आइना दिखाते हुए कहा कि दिल्ली केवल ऑटो वालों से नहीं चलती है, वहाँ और भी लोग हैं जो इसमें अपना सहयोग करते हैं।

हनी चौहान ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के दस सबसे साफ शहरों की तस्वीर शेयर कर केजरीवाल को उनका वादा याद दिलाया, जिसमें उन्होंने दिल्ली को लंदन बनाने को कहा था।

इस बीच जतिन अग्रवाल ने केजरीवाल को सीएनजी और सीडब्ल्यूजी घोटालों की याद दिलाई। यूजर ने लिखा, “साहब सीएनजी बसो और सीडब्ल्यूजी घोटालों के 500 पन्नों की फ़ाइल कहाँ है? अगर इतना टैक्सी ड्राइवर भाइयों का ख़याल होता तो पेट्रोल डीज़ल की लूट से सरकारी खजाना न भरते। इतना दो%लापन कहाँ से लाते हो। लानत है आप पर।”

एक अन्य यूजर ने केजरीवाल का एक वीडियो शेयर कर उन्हें ‘महाठग’ करार दिया और उनसे बचकर रहने की सलाह दी।

arvind-kejriwal-told-auto-people-get-my-government-formed-in-uttarakhand

1.4 करोड़ हुई कुपोषित बच्चों की संख्या, 11 लाख पर मँडरा रहा भूख से मौत का खतरा: तालिबान के शासन में अफगानिस्तान बेहाल

अफगानिस्तान में तालिबान ने जब से अपना शासन शुरू किया है, तब से वहाँ पर अराजकता और भय माहौल है। हालात ये हैं कि देश के लाखों लोग भुखमरी का शिकार हैं, उनके सामने रोजी-रोटी का संकट है। इसका असर यह हो रहा है कि देश के करीब 2.28 करोड़ लोग भुखमरी का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा करीब 1.4 करोड़ बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित हैं। इसी को देखते हुए साल बच्चों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की शाखा यूनिसेफ ने अंतरराष्ट्रीय ‘बाल दिवस’ नहीं मनाया।

इस मामले में यूनिसेफ अफगानिस्तान के चीफ सामंथा मोर्ट ने संयुक्त राष्ट्र समाचार को बताया कि खाद्य असुरक्षा देश के करीब 1.4 करोड़ बच्चों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में हालात इतने बुरे हैं कि वहाँ पर बचपन जैसी कोई चीज बची ही नहीं है। लोगों को मुल्क में तीन समय का खाना तक नसीब नहीं हो रहा है। लोगों का वक्त यह सोचने में गुजर रहा है कि अगली बार उन्हें खाना कैसे मिलेगा। यूनिसेफ के अधिकारी ने यूएन को बताया कि देश में खाद्य असुरक्षा चरम पर है।

मोर्ट का कहना है कि सूखे, खराब फसल और बढ़ती उत्पादन लागत ने देश में आपदा के संकट को और अधिक बढ़ा दिया है। यूनिसेफ अधिकारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में 32 लाख बच्चे बहुत अधिक कुपोषित हैं और 11 लाख बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित होने के कारण मौत के संकट का सामना कर रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक, अगर इन बच्चों का तुरंत इलाज नहीं हुआ तो इनपर ये खतरा मंडराता रहेगा।

हालाँकि, मोर्ट का मानना है कि अफगानिस्तान में भुखमरी कोई तालिबान के आनेभर से शुरू नहीं शुरू हुई। देश में यह समस्या बीते 40 वर्षों से लगातार रही है।

स्थिति इतनी बुरी है कि यहाँ बच्चों को काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करना पड़ रहा है। टोलो न्यूज के मुताबिक, हज़ारों अफगान बच्चों को खतरनाक काम करने के लिए मजबूर किया जाता है।

9 साल की सोनिया काबुल की एक गली में जूते पॉलिश करने का काम करती है। वो कहती हैं कि हमें पैसा लाने वाला कोई और नहीं है। हमारा कोई रिश्तेदार हमारी मदद नहीं कर सकता। मैं अकेली हूँ जो काम करती है।

इसी तरह से 10 साल के अब्दुल रहमान ने अफगानिस्तान में 20 साल के संघर्ष में अपने पिता को खो दिया। वह सात सदस्यों के अपने परिवार के लिए इकलौते कमाने वाले है।

भारी बारिश के कारण आंध्र प्रदेश में 29 लोगों की मौत, 100 लोगों के बहने की आशंका, 20 हजार लोगों को बचाया गया

आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश से भयंकर तबाही मची है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार बारिश होने की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। दक्षिणी आंध्र प्रदेश के चित्तूर, कडप्पा, नेल्लोर और अनंतपुर जिलों में भारी बारिश के कारण फँसे 20,000 से अधिक लोगों को निकाला जा चुका है और उन्हें राहत शिविरों में भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 1,316 से अधिक गाँव जलमग्न हो गए हैं। वहीं, चार जिलों की अलग-अलग घटनाओं में 100 अधिक लोगों के बह जाने का अंदेशा है।

राज्य सरकार के अनुसार, भारतीय वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल सेवाकर्मियों ने अनंतपुरम, कडप्पा और चित्तूर जिलों में भीषण बाढ़ की चपेट में आए एक पुलिस निरीक्षक सहित कम-से-कम 64 लोगों को बचाया।

मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शनिवार (20 नवंबर 2021) को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और जिला कलेक्टरों के साथ बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ का पानी कम होते ही फसल के नुकसान का आंकलन करने लिए भी कहा। राहत के रूप में प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।

इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था। इसी के साथ उन्होंने सभी के सुरक्षित रहने की प्रार्थना भी की।

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के चलते गुरुवार (18 नवम्बर 2021) की रात से ही आंध्र प्रदेश में भारी बारिश हो रही है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन शिव मंदिर में पूजा कर रहे श्रद्धालु भी बाढ़ की चपेट में आ गए थे। राज्य की पुलिस, भारतीय वायु सेना, एसडीआरएफ और दमकल सेवा बचाव कार्यों में लगी हुई है।

कॉन्ग्रेस नेता ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रसिद्ध तस्वीर को एडिट कर के बनाया टीपू सुल्तान की… ट्रोल हुए तो डिलीट किया ट्वीट

कॉन्ग्रेस के श्रीनिवास बी वी ने 20 नंवबर 2021 (रविवार) को टीपू सुल्तान की जयंती पर मुबारकबाद देते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज की एक फोटोशॉप तस्वीर ट्विटर पर शेयर की। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ाया जाने लगा। ट्रोल होने के बाद उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर अपनी शर्मिंदगी को छिपाने का प्रयास किया।

युवा कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने अपने ट्वीट में लिखा, “ब्रिटिश हुकूमत से लड़ने वाले मैसूर के शेर टीपू सुल्तान को उनके जन्मदिन पर याद किया”। इसी के साथ उन्होंने #TipuJayanti हैशटैग भी लगाया। ट्वीट में प्रयोग की गई तस्वीर असल में छत्रपति शिवाजी महाराज का प्रसिद्ध चित्र है, जिसको एडिट करके टीपू सुल्तान बनाया गया था।

बी वी के ट्वीट के बाद फोटोशॉप्ड तस्वीर देखकर यूजर भड़क गए और इसका विरोध करने लगे। कई यूजर से इसे छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान बताया। यूजर्स का कहना है कि एक महान व्यक्तित्व की तस्वीर को एडिट कर उसमे चरमपंथी शासक को दिखाना गलत है। कई यूजर्स ने असली तस्वीर को अपने प्रोफाइल पर शेयर भी किया।

एक यूजर ने इसे घृणित प्रयास बताया है।

VDK नाम के यूजर ने कहा, ‘इसी तरह से कॉन्ग्रेस ने हमारे इतिहास को खत्म किया’।

ट्रोल होने के बाद श्रीनिवास बी वी ने अपने ट्वीट को डिलीट कर दिया। हालाँकि, इसके लिए उन्होंने कोई माफी नहीं माँगी।

कॉन्ग्रेस ने टीपू सुल्तान की उस छवि दिखाने का प्रयास करती रही है, जो उसके असली व्यक्तित्व से बिल्कुल भी मेल नहीं खाती। कॉन्ग्रेस ने हमेशा टीपू सुल्तान को अंग्रेजों से लड़ने वाला एक देशभक्त स्वतंत्रता सेनानी बताया है। इसी प्रयास में अब उनके यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर की प्रसिद्ध तस्वीर को एडिट कर टीपू सुल्तान के रूप में प्रस्तुत कर डाली है।

टीपू सुल्तान दक्षिण भारत के सबसे क्रूर इस्लामी शासकों में से एक था। उसके और उसकी फ़ौज द्वारा हिन्दुओं के जबरन धर्मान्तरण, बलात्कार और अपहरण के कई सबूत मौजूद हैं। अपने शासन काल में उसने कई मंदिरों को भी ध्वस्त किया था। इतिहासकार खान हुसैन अली किमानी के अनुसार, टीपू सुल्तान अपने शासन क्षेत्र के हिन्दुओं और आदिवासियों से दुश्मनी का भाव रखता था।