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बाजार में माशूका के साथ घूम रहा था पिता, बेटियों ने प्रेमिका को सरेआम पीटा: बोलीं- इसकी वजह से हुई माँ की जिंदगी खराब, देखें वीडियो

राजस्थान के भीलवाड़ा में गुरुवार (27 अक्टूबर 2021) की शाम देवली कस्बे के कुचलवाड़ा रोड पर दो बेटियों ने बीच सड़क पर अपने पिता की प्रेमिका को जमकर पीटा। बताया जा रहा है कि बेटियों को जब पता कि उनके पिता अपनी प्रेमिका के साथ कार में बैठकर कहीं जा रहे हैं तो वे मार्केट पहुँच गईं। यहाँ दोनों बेटियों और उनके पिता के बीच जमकर बहस हुआ। बेटियों ने पिता की कार रोकने की कोशिश की, लेकिन पिता अपनी बेटियों पर गाड़ी चढ़ाने लगा।

यह नजारा देखकर आसपास के लोग दंग रह गए। मार्केट में मौजूद लोगों ने पिता की गाड़ी रुकवाई, जिसके बाद बेटियों ने पिता की प्रेमिका को गाड़ी से नीचे उतारकर उसकी जमकर पिटाई की। इस दौरान जब राहगीरों ने बीच-बचाव किया तो प्रेमिका मौका देखकर फरार हो गई।

बेटियों ने आरोप लगाया है कि उनके पिता और इस महिला का कई महीनों से अफेयर चल रहा है, जिसकी वजह से उनके घर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पिता के इस संबंध की वजह से उनकी माँ की जिंदगी खराब हो गई है।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दोनो बेटियाँ अपने पिता की गाड़ी को रोकने की कोशिश करती हुई दिखाई दे रही हैं, लेकिन पिता गाड़ी रोकने की बजाय उन पर ही चढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

प्लेटफॉर्म से हटाएँ हिंदू देवी से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्विटर को दिया निर्देश, कहा- राहुल गाँधी मामले में ऐसा किया गया है

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (29 अक्टूबर 2021) को ट्विटर को अपने प्लेटफॉर्म से हिंदू देवी से संबंधित आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनी को आम जनता की भावनाओं का सम्मान करना होगा, क्योंकि वो उनसे जुड़ा कारोबार कर रही है। अदालत ने कहा कि ट्विटर अच्छा काम कर रहा है और लोग इससे खुश हैं।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने ट्विटर के वकील से पूछा, “सामग्री हटाई जा रही हैं या नहीं? आपको आम लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि आप बड़े पैमाने पर जनता से जुड़ा व्यवसाय कर रहे हैं। उनकी भावनाओं को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। आपको इसे हटा देना चाहिए।”

पीठ ने कहा, “आप इसे हटा दें। आपने राहुल गाँधी के मामले में भी ऐसा किया है।” ट्विटर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि अदालत अपने आदेश में इस उल्लेख कर सकती है और वे इस निर्देश का पालन करेंगे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर के लिए सूचीबद्ध किया।

याचिकाकर्ता आदित्य सिंह देशवाल ने कहा कि उन्हें एक यूजर की तरफ से माँ काली के बारे में कुछ बेहद आपत्तिजनक सामग्री साझा किए जाने की जानकारी मिली, जिसमें देवी को अपमानजनक तरीके से दर्शाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पोद्दार ने कहा कि उन्होंने ट्विटर के शिकायत अधिकारी को इस बारे में सूचित कर संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की माँग की। 

उन्होंने दावा किया कि ट्विटर ने इससे इनकार करते हुए कहा कि संबंधित अकाउंट की ये सामग्री उस श्रेणी में नहीं है, जिस पर कार्रवाई की जाए। इसलिए इसे नहीं हटाया जा सकता है। याचिका में ट्विटर को अपने प्लेटफॉर्म से इस आपत्तिजनक सामग्री को हटाने और संबंधित अकाउंट स्थाई रूप से बंद करने पर निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

दिल्ली में यमुना किनारे छठ पूजा पर रोक, नदी में पूजा सामग्री डालने पर भी रोक: DDMA ने जारी किया आदेश

इस बार दिल्ली के छठ व्रतियों के सामने एक समस्या आ गई है। छठ व्रतियों दिल्ली में यमुना नदी के किनारे छठ नहीं मना सकेंगे। यमुना के तटों को छोड़कर निर्धारित स्थानों पर ही छठ पूजा करनी होगी। शुक्रवार (29 अक्टूबर 2021) को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने एक आदेश जारी कर इस बात की जानकारी दी।

दरअसल, कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल DDMA ने यमुना नदी के किनारे छठ पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया है। DDMA का कहना है कि पूजा के लिए निर्धारित स्‍थान चिह्नित किए जाएँगे और लोग वहीं त्योहार मना सकेंगे। आदेश के अनुसार, यमुना में किसी भी तरह की पूजन सामग्री या कोई अन्य सामान भी विसर्जित नहीं किया जा सकेगा।

आदेश में कहा गया है, ”यमुना नदी के किनारों पर पूजा के लिए कोई स्थल नहीं बनाया जाएगा। नवंबर के महीने में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति केवल निर्दिष्ट स्थानों पर जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति से होगी।” प्राधिकरण ने कहा कि पूजा स्थलों का चयन और उनका प्रबंधन जिला मजिस्ट्रेट संबंधित विभागों के समन्वय के साथ करेंगे। 

इसके अलावा, छठ पूजा का आयोजन करने वाली समितियों को संबंधित डीएम को लिखित सूचना देनी होगी और ये बताना होगा कि सभी गाइडलाइंस का सही से पालन किया जाएगा। इसके साथ ही जिलाधिकारियों को कोरोना गाइडलाइंस का पालन करवाने के लिए जागरुकता अभियान भी चलाना होगा।

गौरतलब है कि छठ पूजा दिपावली के बाद मनाया जाता है। इस महापर्व को पवित्रता, निष्ठा, सच्ची भक्ति और श्रद्धा के साथ ही सूर्य की उपासना और आराधना का प्रतीक माना जाता है। छठ पर्व चार दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी और सप्तमी को मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 8 नवंबर को नहाय खाय से प्रारंभ होगा और 11 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होगा।

‘जिस दिन हिंदू एक हो जाएँगे…’ जालीदार टोपी से राम मंदिर की रेप्लिका तक: केजरीवाल की हिंदू ‘प्रेम’ वाली राजनीति

वीर सावरकर का एक प्रसिद्ध कोट है जिसे आए दिन सोशल मीडिया पर शेयर किया जाता है। सावरकर ने कहा था, “जिस दिन हिंदू एक हो जाएँगे कॉन्ग्रेस के नेता उनके वोट के लिए कोट के ऊपर जनेऊ धारण करने लगेंगे।” उनकी यह बात हाल के वर्षों में सच होते हुए दिखाई दी। वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनावों के समय राहुल गाँधी ने मंदिर यात्राओं को एक नया आयाम दे डाला। चुनाव के मौके पर वे रुद्राक्ष की माला धारण कर मंदिर मंदिर दर्शन करते नज़र आए। उन्हें जनेऊधारी हिंदू के रूप में पेश किया गया। 2019 में लोकसभा चुनाव के समय प्रियंका गाँधी ने भी मंदिर यात्राएँ करती बरामद हुईं।  

इन सब के ऊपर वीर सावरकर की भविष्यवाणी तब और प्रासंगिक लगी जब वर्ष 2019 में राम जन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के पश्चात अपने हलफनामे तक में श्री राम को काल्पनिक चरित्र बताने वाले और सर्वोच्च न्यायालय को राम जन्मभूमि केस की सुनवाई न करने की सलाह देने वाले कॉन्ग्रेसी नेताओं ने यह तक कह डाला कि वे हमेशा से अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के पक्ष में थे। 

पिछले कुछ वर्षों में कॉन्ग्रेस नेताओं के बदलते रंग देखते हुए हमेशा एक बात की उत्सुकता रही है; सावरकर एक राजनीतिक दल के रूप में कॉन्ग्रेस और उसके नेताओं की एक से अधिक पीढ़ियों के आचरण को देखते और समझते रहे थे इसलिए ऐसी सटीक भविष्यवाणी कर डाली थी पर यदि वे आज होते तो आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं के बारे में क्या कहते? कॉन्ग्रेसी नेताओं का राजनीतिक/सार्वजनिक जीवन लंबा रहा है पर आम आदमी पार्टी के नेताओं का राजनीतिक जीवन तो अभी एक दशक पुराना भी नहीं हुआ है पर उन्होंने जिस तरह से रंग बदला है वो पुराने कॉन्ग्रेसी नेताओं को भी शर्मिंदा कर देने के लिए काफी है।  

सोशल मीडिया पर आए दिन अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे आम आदमी पार्टी के नेताओं के यू-टर्न वाले बयान तो शेयर होते ही रहते हैं पर इन नेताओं के हिंदू वोट के लिए किये गए राजनीतिक आचरण देखने लायक रहे हैं।

अनशन के दिनों में मंच पर लगे भारत माता का कटआउट हटाने से शुरू हुआ मुस्लिम तुष्टिकरण का राजनीतिक सफर इफ्तार पार्टी में केजरीवाल के सिर पर रखी जालीदार टोपी और कंधे पर पड़े अरबी गमछे और अयोध्या में मंदिर की जगह अस्पताल और यूनिवर्सिटी के निर्माण की अपील से होते हुए केजरीवाल की हनुमान भक्ति और अयोध्या में रामनामी ओढ़कर रामलला के दर्शन तक ही नहीं बल्कि अब दिल्ली के स्टेडियम में निर्माणाधीन श्रीराम मंदिर का रेप्लिका बनाकर दीपावली के शुभ अवसर पर उसमें पूजा करने तक पहुँच चुकी है।

एक समय था जब अरविन्द केजरीवाल अपनी नानी की बात का इस्तेमाल करके बताते थे कि उनकी नानी को रामलला का मंदिर चाहिए पर ‘किसी की’ मस्जिद गिराकर उस जमीन पर नहीं चाहिए। एक समय था जब वे कहते थे कि; भाजपा कॉलेज की जगह मंदिर बनवाना चाहती है और ऐसा हुआ तो आपके बच्चे डॉक्टर इंजीनियर नहीं बल्कि पंडित बनेंगे। सिसोदिया अयोध्या में मंदिर की जगह लाइब्रेरी, अस्पताल और यूनिवर्सिटी चाहते थे। संजय सिंह ने तो रामनामी धारण करने से पहले अंतिम प्रयास के रूप में राम जन्मभूमि न्यास द्वारा जमीन की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बड़ा शोर मचाया। अब इन नेताओं ने पार्टी की राजनीतिक यात्रा को मोड़ दिया है। 

पार्टी की राजनीति में आया यह बदलाव एक बार के लिए स्थाई लग सकता है पर स्थाई है नहीं। पार्टी की राजनीति अन्य विपक्षी दलों से बिलकुल अलग है या नहीं यह बहस का मुद्दा है। आखिर आज लगभग हर विपक्षी दल हिंदुओं को प्रभावित करने के चक्कर में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की बात अब तक केवल आम आदमी पार्टी द्वारा की गई थी। यह गठबंधन हो पाएगा या नहीं यह तो समय बताएगा पर यदि गठबंधन की संभावना अभी तक है तो समाजवादी पार्टी के लिए यह नज़रअंदाज करना मुश्किल होगा कि केजरीवाल एंड कंपनी इस समय अपनी सारी कलाएँ केवल हिंदू वोट के लिए दिखा रही है। 

पार्टी के लिए समस्या यह भी है कि अगले वर्ष चुनाव केवल उत्तर प्रदेश में नहीं हैं बल्कि अन्य राज्यों में भी हैं और इस वजह से पार्टी के लिए सर्व धर्म राजनीति में समन्वय बना पाना आसान नहीं होगा। 

इन सबके बीच प्रश्न यह है कि पार्टी सरकार में रहते हुए जिस स्तर का हिंदू प्रेम दिल्ली में दिखा रही है क्या उसी स्तर का उत्तर प्रदेश में दिखा सकती है? वैसे भी दिल्ली में पार्टी ने केवल हिंदू प्रेम ही दिखाया हो ऐसा नहीं है। उसके मुस्लिम नेता क्या करते रहे हैं यह किसी से छिपा नहीं है। मुस्लिम तुष्टिकरण के साथ-साथ पंजाब के सिख ‘किसानों’ द्वारा दिल्ली और आस-पास के इलाकों में की जाने वाली मनमानी का पार्टी ने जिस स्तर पर समर्थन किया है वह उत्तर प्रदेश के लोगों से छिपा नहीं है।

तमाम लोगों को यह लगता है कि विपक्षी दलों में केवल आम आदमी पार्टी ही खुलकर हिंदू प्रेम दिखा रही है इसलिए वह बाकी सबसे आगे रहेगी पर सच यही है कि लगभग हर पार्टी ऐसा करने के लिए तैयार है पर अपने भीतर के भ्रम से निकल पाना इन दलों के लिए आसान नहीं है। ऐसे में यदि जल्द ही यह सुनने को मिले कि विपक्षी दल मुस्लिम तुष्टिकरण से चलकर हिंदू तुष्टिकरण पर पहुँच गए हैं तो आश्चर्य न होगा।

रोम में ‘मोदी-मोदी’: G-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे प्रधानमंत्री, महात्मा गाँधी की मूर्ति पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

पीएम मोदी शुक्रवार (29 अक्टूबर 2021) को 16वें G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रोम पहुँचे। 2020 की शुरुआत में वैश्विक महामारी के फैलने के बाद से यह पहला इन-पर्सन जी20 शिखर सम्मेलन है। अपनी यात्रा के पहले दिन पीएम मोदी ने रोम के पियाजा गाँधी में महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि दी और उनकी प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान पीएम मोदी ने रोम के पियाजा गाँधी में इकट्ठा हुए भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात भी की। इस दौरान लोगों ने संस्कृत श्लोक और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाकर पीएम मोदी का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अक्टूबर से दो नवंबर तक रोम और ग्लासगो की यात्रा पर रहेंगे। विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री इटली में 29 से 31 अक्टूबर तक जी-20 देशों के समूह के शिखर सम्मेलन में भाग लेने रोम (इटली) में रहेंगे और इसके बाद 26वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (सीओपी-26) में विश्व नेताओं के शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे, ब्रिटेन के ग्लासगो जाएँगे।

शिखर सम्मेलन के पहले दिन ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्वास्थ्य’ पर विचार-विमर्श होगा, जबकि दूसरे दिन प्रिंस ऑफ वेल्स द्वारा जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में निजी वित्त की भूमिका के विषय पर एक भाषण दिया जाएगा। साथ ही दूसरे दिन विश्व के नेता जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण, सतत विकास सहित अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, इटली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और रोम में भारत के राजदूत ने मोदी की अगवानी की। पीएम मोदी की 31 अक्टूबर तक रोम और वेटिकन सिटी की यात्रा उनके इतालवी समकक्ष मारियो ड्रैगी के निमंत्रण पर हो रही है। जी20 शिखर सम्मेलन से इतर मोदी अन्य सहयोगी देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करेंगे। वेटिकन में मोदी पोप फ्रांसिस से मुलाकात करेंगे और विदेश मंत्री कार्डिनल पिएत्रो पारोलिन से मुलाकात करेंगे।

पीएम ने इटली पहुँच कर यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और रोम में यूरोपियन कमीशन के अध्यक्ष उर्सुल वॉन डेर लेयन के साथ संयुक्त बैठक की।

‘अपने बच्चों को सँभालें, जो करेगा वो भुगतेगा’: आर्यन खान मामले पर पीयूष मिश्रा, शाहरुख खान संग फिल्म ‘दिल से’ में कर चुके हैं काम

बॉलीवुड एक्टर पीयूष मिश्रा ने बॉलीवुड हस्तियों को अपने बच्चों को सँभालने की नसीहत दी है। मिश्रा ने क्रूज शिप ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को जमानत मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही। उन्होंने 1998 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘दिल से’ में शाहरुख खान के साथ काम किया था।

आर्यन खान की जमानत पर उनकी प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर, मिश्रा ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “मेरी प्रतिक्रिया क्या होगी? किया उसने, उसे जमानत मिल गई, बहार आ गया वो। अब शाहरुख खान जाने, उनका बेटा जाने या समीर वानखेड़े जाने। मुझे उससे क्या मतलब है? ठीक है हो गया। जो किया है वो भुगतेंगे। आप अपने बच्चों को सँभालें, बस यही है।”

बता दें कि शाहरुख खान और गौरी खान के बेटे आर्यन खान की जेल से रिहाई का काउंटडाउन शुरू हो गया है। बॉम्‍बे हाईकोर्ट ने आर्यन की जमानत की ऑर्डर कॉपी जारी कर दी है। 5 पन्‍नों की इस ऑर्डर कॉपी मिलने के बाद अब उनकी जेल से रिहाई की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अभिनेत्री जूही चावला ने आर्यन खान की जमानत ली है। आर्यन खान को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली है।

आर्यन खान को अदालत ने कई शर्तों के साथ जमानत दी है। आर्यन कोर्ट की जाँच अधिकारी की इजाजत के बिना मुंबई से बाहर नहीं जा सकते। उन्‍हें NDPS कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। हर शुक्रवार को 11 बजे से 2 बजे तक एनसीबी दफ्तर में हाजिरी लगानी होगी। मामले में जाँच चल रही है इसलिए वह केस से जुड़े गवाहों से कोई बात नहीं कर सकते। वह गवाहों को या जाँच को प्रभावित नहीं करेंगे। केस के सह-आरोपितों से भी आर्यन को मिलने या बात करने की मनाही है।

उल्लेखनीय है कि आर्यन खान को जमानत मिलने के बाद से बॉलीवुड में खुशी का माहौल है। तमाम सेलेब्रिटीज ट्वीट कर कर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। सोनू सूद से लेकर स्वरा भास्कर तक ने आर्यन को बेल मिलते ही ट्वीट किया। सोनू सूद ने लिखा, “समय जब न्याय करता है, तब गवाहों की जरूरत नहीं होती।” गायक मिका सिंह ने कहा, “आर्यन खान और अन्य आरोपितों को जमानत मिलने पर बधाई। मैं बहुत खुश हूँ कि आखिरकार बच्चा वापस आ गया। शाहरुख खान भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं। आपने भाईचारे में बहुत योगदान दिया है।”

बता दें कि आर्यन खान को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट में उन्हें बेल मिलने से पहले उनकी याचिका मजिस्ट्रेट कोर्ट और विशेष एनडीपीएस कोर्ट में खारिज की गई थी। 

आर्यन खान को छोड़िए, संजय दत्त की ड्रग्स स्टोरी पढ़िए: आज 25 दिन में बेल-तब जेल में बीते थे 5 महीने, रिहैब सेंटर भी जाना पड़ा था

क्रूज ड्रग्स केस में गिरफ्तार आर्यन खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से 13 शर्तों पर जमानत मिली है। 2 अक्टूबर को क्रूज पर छापेमारी के बाद उन्हें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हिरासत में लिया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। निचली अदालतों में याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

आर्यन को जमानत मिलने के बाद बॉलीवुड में खुशी ​देखी जा रही है। इससे पहले ऐसे भी आरोप लगाए गए कि मुस्लिम पिता की संतान होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनकी उम्र का हवाला देकर भी उन पर लगे आरोपों को कमतर साबित करने की कोशिश की गई। यहाँ तक कि इस मामले की जाँच कर रहे एनसीबी के ज्वाइंट डायरेक्टर समीर वानखेड़े के परिवार तक को इस पूरे विवाद में घसीटा गया।

इन सबके बीच आर्यन खान को लेकर एक सलाह केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले की ओर से भी आई। उन्होंने शाहरुख खान को अपने बेटे को नशामुक्ति केंद्र में भेजने की सलाह दी थी। अठावले ने कहा था, “उन्हें एक या दो महीने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भेज देना चाहिए, ताकि वो ड्रग्स की लत से छुटकारा पा सकें।”

वैसे ड्र्रग्स को लेकर संकट में आने वाले आर्यन खान पहले स्टार किड्स नहीं हैं। दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस के बेटे संजय दत्त, जिनका अपने जीवन में कई बार कानून से पाला पड़ चुका है, भी कई दशक पहले इससे गुजर चुके हैं।

1982 में संजय दत्त को ड्रग्स के साथ पकड़ा गया

संजय दत्त 19-20 साल की उम्र में ही नशे के आदी हो गए थे। ड्रग्स की लत के कारण वह हमेशा विवादों में रहे। कई मौकों पर संजय ने अपने अनुभवों को खुद बयाँ भी किया है। साल 1982 में उन्हें ड्रग्स व अवैध नशाीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया रगा। इसके लिए उन्होंने 5 महीने जेल में बिताए। रिहाई के बाद उन्होंने अमेरिका में दो साल बिताए। कहा जाता है कि इस दौरान उनका ज्यादातर समय टेक्सास के एक रिहैब सेंटर में बीता।

एक इंटरव्यू में संजय ने बताया था कि वह 12 सालों तक भयंकर रूप से ड्रग्स के शिकार रहे। दुनिया का ऐसा कोई ड्रग्स नहीं था, जो उन्होंने न लिया हो। संजय दत्त ने खुद मीडिया में बताया था कि पिता सुनील दत्त जब इलाज के लिए उन्हें अमेरिका लेकर गए तो डॉक्टर उन्हें देख बेहद हैरान हुए। डॉक्टर ने उनके पिता से पूछा, “आप भारत में किस तरह का खाना खाते हैं। ये सब ड्रग्स लेने के बाद अब तक जिंदा कैसे है।”

अब देखना दिलचस्प होगा कि जमानत के लिए वकीलों की फौज खड़ी करने वाले शाहरुख खान अपने बेटे के लिए आठवले की सलाह को कैसे लेते हैं। ऐसा करने वाले वे न पहले स्टार पिता होंगे और न आर्यन पहले स्टार किड।

इस्लामिक संगठन PFI ने असम हिंसा कवरेज को लेकर रिपब्लिक टीवी पर किया मानहानि का केस, कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को तलब किया

कट्टर इस्लामी समूह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) द्वारा रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्वामी और उनकी साथी संपादक अनन्या वर्मा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने के बाद गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी को तलब किया। पीएफआई ने दोनों पर ‘झूठी रिपोर्टिंग’ करने और उसकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है।

इस मामले में प्रतिवादी के तौर पर न्यूज ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड एसोसिएशन (एनबीएसए) को भी जोड़ा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पीएफआई के बारे में किसी भी तरह की मानहानि वाली रिपोर्ट करने के मामले में संगठन रिपब्लिक टीवी पर हर्जाने में ₹1 लाख और ‘अनिवार्य माफ’ की माँग की है। समन का आदेश अपर सिविल जज शीतल चौधरी प्रधान ने जारी किया है। फिलहाल मामले को अगले साल 3 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि जिस रिपोर्ट को लेकर पीएफआई ने मानहानि का केस किया है, वह हाल ही में असम के दर्रांग में हुई घटना के कवरेज मामले से जुड़ा है। पीएफआई ने रिपब्लिक टीवी पर ‘दर्रांग फायरिंग: पीएफआई लिंक वाले 2 गिरफ्तार, विरोध के लिए भीड़ जुटाने का आरोप’ शीर्षक से अपनी वेबसाइट पर एक लेख प्रकाशित करने का आरोप लगाया था। इस्लामिक संगठन ने यह भी आरोप लगाया था कि समाचार चैनल ने लाइव टेलीकास्ट पर ‘असम हिंसा जाँच: दो पीएफआई पुरुषों को गिरफ्तार’ शीर्षक से एक और कार्यक्रम प्रसारित किया था।

रिपब्लिक टीवी की अनन्या वर्मा द्वारा लिखी गई रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने दावा किया कि दर्रांग हिंसा में गिरफ्तार किए गए दो लोग मोहम्मद अस्मत अली और मोहम्मद चंद ममूद संगठन से नहीं जुड़े थे। अपने मानहानि के मुकदमे में इस्लामिक संगठन ने आरोप लगाया, “उक्त समाचार लेख/प्रसारण में प्रतिवादियों ने लोगों को भड़काने और वादी के नाम, इमेज और सद्भावना के लिए पूर्वाग्रह पैदा करने के इरादे से वादी के खिलाफ झूठे और तुच्छ आरोप लगाए। प्रतिवादियों ने वादी की छवि को बदनाम करने के मकसद से जानबूझकर इस तरह के अपमानजनक और गलत आरोप लगाए।”

पीएफआई ने दावा किया कि रिपब्लिक टीवी ने बिना किसी जाँच के खबर प्रकाशित की और इसका कवरेज भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर एक धब्बा है। संगठन ने दर्रांग के एसपी के बयान का हवाला दिया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर दावा किया था कि दोनों आरोपित पंचायत सदस्य थे न कि पीएफआई के सदस्य। कट्टरपंथी इस्लामी संगठन का प्रतिधिनित्व करने वाले शकील अब्बास ने कहा कि उन्होंने 30 सितंबर को रिपब्लिक टीवी को बिना शर्त माफी माँगने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा था लेकिन वह व्यर्थ रहा, क्योंकि चैनल ने बदले में ‘झूठा और टाल-मटोल वाला जवाब’ भेजा था।

असम के दर्रांग जिले में हिंसा

23 सितंबर को असम के दर्रांग जिले में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे को हटाने का अभियान चलाया गया था, जो हिंसक हो गया था। दरअसल, उस दौरान जमीन पर अतिक्रमण किए बैठे लोगों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया था। अवैध अतिक्रमणकारियों की भीड़ के हमले में जहां 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए, वहीं पुलिस की जवाबी फायरिंग में 2 हमलावर मारे गए थे।

यह घटना असम के दार्रांग जिले के सिपाझार कस्बे के पास गरुखुटी क्षेत्र के धोलपुर में हुई थी, जहाँ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सरकारी या मंदिर जैसे अन्य संगठनों से संबंधित भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को हटाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया था। जब बेदखली के लिए पुलिस बंगाला भाषी मुस्लिमों के स्थान पर पहुँची तो सैकड़ों लोगों ने पत्थर, कुल्हाड़ी, बाँस के नुकीले डंडे आदि हथियारों से पुलिस पर हमला कर दिया था।

आर्यन खान के लिए जूही चावला ने भरा बॉन्ड: 13 शर्तों पर शाहरुख खान के बेटे को बेल, हर शुक्रवार NCB ऑफिस में हाजिरी

शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान, मुनमुन धमिका और अरबाज मर्चेंट की जेल से रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बॉम्‍बे हाई कोर्ट ने जमानत की 5 पन्‍नों की ऑर्डर कॉपी जारी कर दी है। आर्यन खान को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली है।

यदि सूर्यास्‍त से पहले सारी कागजी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो आर्यन खान शुक्रवार (29 अक्टूबर, 2021) को शाम 6:30 बजे तक आर्थर रोड जेल से रिहा हो जाएँगे। वहीं अदालत के रजिस्ट्रार ऑफिस में जूही चावला जमानत से जुड़ी मुचलके पर सिग्नेचर के लिए मौजूद हैं। उन्होंने बॉन्ड भरकर जमानत की प्रक्रिया पूरी की।

बता दें कि कोर्ट ने भले ही आर्यन को जमानत दे दी है लेकिन साथ ही कुछ शर्तें भी रखी हैं, जेल से बाहर रहते हुए आर्यन को इन शर्तों का पालन करना होगा। आर्यन कोर्ट की इजाजत के ब‍िना देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं। उन्‍हें NDPS कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। हर शुक्रवार को 11 बजे से 2 बजे तक एनसीबी दफ्तर में हाजिरी लगानी होगी।

मामले में जाँच चल रही है इसलिए वह केस से जुड़े गवाहों से कोई बात नहीं कर सकते। वह गवाहों को या जाँच को प्रभावित नहीं करेंगे। केस के सह-आरोपितों से भी आर्यन को मिलने या बात करने की मनाही है।

आर्यन खान,अरबाज़ मर्चेंट और मुनमुन धमिचा की ज़मानत ऑर्डर की कॉपी जारी कर दी गई है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ 13 शर्तों के साथ जमानत दी है जिसमें ₹1 लाख का मुचलका भी शामिल है। जिनमें से पाँच प्रमुख शर्ते ये हैं।

पाँच प्रमुख शर्तें

  1. आरोपित (Aryan Khan) को अपना पासपोर्ट स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करना होगा।
  2. आरोपित, गवाह को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने का कोई प्रयास नहीं करेगा।
  3. आरोपित सह-अभियुक्त प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी अन्य व्यक्ति के साथ बातचीत का कोई प्रयास नहीं करेगा।
  4. आरोपित ग्रेटर मुंबई में एनडीपीएस के स्पेशल जज की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकता।
  5. आरोपित को हर शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक एनसीबी मुंबई कार्यालय (NCB Mumbai) ऑफिस में उपस्थित होना होगा।

बता दें कि मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में फँसे बालीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन को गुरुवार (28 अक्टूबर 2021) को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी। 3 दिन चले जिरह के बाद जस्टिस नितिन साम्ब्रे ने आर्यन खान, मुनमुन धमेचा और अरबाज मर्चेंट की जमानत अर्जी स्वीकार की।

गौरतलब है कि आर्यन खान के साथ ही एनडब्ल्यू जस्टिस साम्ब्रे की एकल पीठ ने मामले में सह आरोपितों अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को भी जमानत दी है। जस्टिस साम्ब्रे ने कहा था कि सभी तीनों अपीलें स्वीकार की जाती हैं। बता दें, आर्यन, अरबाज और मुनमुन को एनसीबी ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। ड्रग रखने, उसका सेवन करने, प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीद और बिक्री व साजिश के लिए उनके खिलाफ एनडीपीएस कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मिशन UP पर अमित शाह: सदस्यता अभियान को दिखाई हरी झंडी, कहा- 2024 में मोदी के लिए योगी को CM बनाइए

देश के गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (29 अक्टूबर 2021) को लखनऊ से उत्तर प्रदेश के चुनावी मिशन का आह्वान कर दिया। उन्होंने हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष पर चौतरफा हमला बोला और भाजपा कार्यकर्ताओं को सदस्यता अभियान में जुट जाने की अपील की। अमित शाह ने कहा कि यह प्रदेश बाबा विश्वनाथ की भूमि है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की कर्मभूमि है और तथागत भगवान बुद्ध की निर्वाणभूमि है। उन्होंने कहा, “मगर बहुत सालों से, जब से मुगलों का शासन गया और 2017 में भाजपा की सरकार नहीं आई, उत्तर प्रदेश को यह एहसास नहीं होता था कि यह भगवान राम, कृष्ण और शिव की भूमि है।” उन्होंने कहा कि जब भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार आई तो उसने यूपी को उसकी पहचान वापस दिलाई। 

उन्होंने सपा-बसपा-कॉन्ग्रेस को निशाने पर लिया और कहा कि पाँच साल पहले यूपी की हालत देखकर खून खौलता था, लेकिन आज न तो यूपी में कहीं पलायन हो रहा और न ही बाहुबली नजर आ रहे हैं। लखनऊ में अपनी रैली में शाह ने साफ कहा कि अगर 2024 में मोदी जी को पीएम बनाना है तो योगी जी को सीएम बनाइए। इस ऐलान से अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर पार्टी का रूख साफ कर दिया। अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने 90 फीसदी वादे पूरे किए हैं और दो महीने में बचे हुए वादे भी पूरे किए जाएँगे, ताकि जनता मानें की बीजेपी जो कहती है उसे पूरा करती है। उन्होंने कहा कि अपराध पर सख्ती का परिणाम है कि आज यूपी में बाहुबली खोजने पर भी नहीं मिलते।

शाह ने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियाँ ऐसी होती हैं जो हमेशा के लिए समाज सेवा का कार्य करती हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियाँ ऐसी होती हैं, जैसे बारिश में मेंढक बाहर आ जाता है, वैसे ही चुनावी मेंढक की तरह बाहर आते हैं। अमित शाह ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “आप कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएँगे, लेकिन तारीख नहीं बताएँगे। अखिलेश बाबू आपको बताना चाहता हूँ कि राम मंदिर की नींव भी रख दी गई है और आप 5,000 रुपया भी देने से चूक गए। सपा सरकार ने तो राम भक्तों को गोली से भूनने का काम किया था। आज उसी राज्य में मंदिर बन रहा।”

अमित शाह ने कहा कि परिवारवादी पार्टी और भाजपा में यही फर्क है। हमारा वादा था कि हम कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाएँगे। इसके लिए हमारे पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान भी हो गए। अब जाकर हमने इस वादे को पूरा किया है। योगी सरकार के दौर में कानून व्यवस्था सुधरने का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि एक दौर था कि कैराना में पलायन शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि हर जिले में दो या तीन माफिया हुआ करते थे, लेकिन अब दूरबीन से खोजने पर भी माफिया नजर नहीं आते हैं। यूपी की लड़की रात 12 बजे बिना डर के जेवर पहनकर स्कूटी पर निकल सकती है।