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गिरफ्तार हो सकते हैं आर्यन खान, लेंस के डिब्बे और व्हाट्सएप चैट से मिले सबूत: 8 से पूछताछ, NCB चीफ ने कहा- अभी और होगी छापेमारी

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान रेव पार्टी करने के मामले में पकड़े गए हैं। शनिवार को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को मुंबई से गोवा जा रहे एक लग्जरी क्रूज शिप में छापा मारकर कई लोगों को हिरासत में लिया। इसमें शाहरुख खान के बेटे आर्यन भी शामिल थे।

आर्यन खान फिलहाल एनसीबी की हिरासत में हैं और जाँच एजेंसी उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि आर्यन खान को इस पार्टी में एक सेलिब्रिटी के तौर पर बुलाया गया था। इसीलिए पार्टी में शामिल होने के उनसे कोई फीस नहीं ली गई थी। फिलहाल, एनसीबी ने आर्यन के फोन को जब्त कर लिया है और उनके व्हाट्सएप से ड्रग्स से जुड़ी चैट बरामद की है। सूत्रों का ये भी कहना है जाँच एजेंसी ने आर्यन के पास से भी कुछ ड्रग्स बरामद किया है। आर्यन ने अपने लेंस के डिब्बे में ड्रग्स छुपाकर रखा था। हालाँकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एनसीबी चीफ एस.एन प्रधान ने कहा, “मुंबई में क्रूज पर पार्टी और वहाँ से बरामद हुए ड्रग्स के संबंध में आठ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सूचना के आधार पर आगे और भी छापेमारी की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि जिन आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, वो हैं- आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा, नुपूर सारिका, इस्मित सिंह, मोहक जसवाल, विक्रांत छोकर, गोमित चोपड़ा। एस.एन. प्रधान ने कहा कि हम इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं और एक्शन ले रहे हैं कि ड्रग्स जैसे चरस और एमडीएम पार्टी के लिए कहाँ से लाया गया था। एनसीबी चीफ ने कहा कि हम निष्पक्ष तरीके से काम कर रहे हैं इस प्रक्रिया में कुछ बॉलीवुड कनेक्शन या फिर कुछ बेहद अमीर लोगों से हो सकते हैं। लेकिन, हमें कानून के दायरे में रहकर अपना काम करना होगा।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि मुंबई में हमें अपना काम जारी रखना होगा। अगर आप आँकड़ों को देखेंगे तो पिछले सिर्फ एक साल में करीब 300 से ज्यादा छापेमारी की गई है। यह आगे भी जारी रहेगी, चाहे इसमें विदेशी नागरिक शामिल हों, फिल्म जगत के लोग हों या फिर अमीर लोग शामिल हों। एनसीबी चीफ ने यह भी खुलासा किया कि यह दो सप्ताह तक चली एक कड़ी जाँच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हमने विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की, जिसमें कुछ बॉलीवुड लिंक्स की संलिप्तता सामने आई है।

गौरतलब है कि एनसीबी की रेड्स में पकड़े गए लोगों ने अपनी अंडरवेयर तक में ड्रग्स छुपा रखे थे। फिलहाल, एनसीबी ने इस मामले में दो महिलाओं समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जाँच एजेंसी ने बयान जारी किया है कि कार्रवाई के दौरान एमडीएमए, कोकीन, एमडी और चरस बरामद किया है।

प्रतिदिन ड्रग्स लेते थे आर्यन

न्यूज 18 के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ पूरी होने के बाद एनसीबी आर्यन खान को रविवार को गिरफ्तार कर सकती है। आर्यन के मोबाइल की जाँच में इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि वो नियमित तौर पर ड्रग्स के लिए ऑर्डर करते थे और उसे इस्तेमाल भी करते थे। गौरतलब है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एनसीबी ने बॉलीवुड के ड्रग कार्टेल को ध्वस्त करने के लिए जाँच शुरू की थी।

शाहरुख खान के बेटे आर्यन का केस लड़ेंगे मशहूर वकील सतीश मानशिंदे, इससे पहले रिया, सलमान, संजय दत्त के मामले में की थी पैरवी

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उन्होंने आर्यन का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। इसी बीच खबर है कि आर्यन के मामले की पैरवी मशहूर वकील सतीश मानशिंदे करेंगे। मानशिंदे एनसीबी के दफ्तर पहुँच चुके हैं। सतीश मानशिंदे वही वकील हैं, जिन्होंने सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक की पैरवी की थी।

मालूम हो कि सतीश मानशिंदे एक मशहूर क्रिमिनल लॉयर हैं। मानशिंदे ने सलमान खान और संजय दत्त के केस लड़े थे और जीते भी थे। इसके बाद रिया चक्रवर्ती ने अपना केस जीतने के लिए सतीश मानशिंदे को हायर किया था। वह कोर्ट की हर तारीख के लिए अच्छी खासी फीस लेते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्यन के अलावा हिरासत में लिए गए अन्य 10 लोगों के मोबाइल फोन से ड्रग्स चैट्स मिले हैं। वहीं, आर्यन खान ने पूछताछ में ड्रग्स पार्टी में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उसने NCB से कहा कि मैं सिर्फ VIP गेस्ट के तौर पर वहाँ पर था। बताया जा रहा है कि शाहरुख खान के बेटे के लेंस के डिब्बे से ड्रग्स बरामद किया गया है। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

एनसीबी के सूत्रों के हवाले से मीडिया ने जानकारी दी है कि इस क्रूज पार्टी के लिए एंट्री फी के तौर पर शामिल लोगों ने 60 हजार से 5 लाख रुपए तक दिए थे। पार्टी में लगभग 600 लोग शामिल थे, जिन्हें इंस्टाग्राम के जरिए इन्वाइट किया गया था। पार्टी में शामिल ज्यादातर लोग दिल्ली के ररूखदार परिवारों से संबंध रखते हैं। यह क्रूज पार्टी एक विदेशी कंपनी और एंटरटेनमेंट चैनल ने मिलकर आयोजित करवाई थी।

सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने अपनी पेंट की सिलाई के भीतर, महिलाओं के पर्स के हैंडल, अंडरवेअर के सिलाई वाले हिस्से, कॉलर की सिलाई और जूतों में ड्रग्स छिपाए गए थे। एनसीबी आर्यन खान सहित हिरासत में लिए गए लोगों के मेडिकल टेस्ट करवाएगी, ताकि पता चल सके कि किस-किस ने ड्रग्स का सेवन किया था। 

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री में क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 10 लोगों को हिरासत में लिया है। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया।

सेक्स, ड्रग्स, शराब, यौन शोषण और न्यूडिटी… जानिए क्या होती है ‘रेव पार्टी’ और कहाँ-कहाँ इसका चलन, पैसों से भी मिलती है एंट्री

मुंबई में एक जहाज पर चल रही ‘रेव पार्टी’ में कई हाई प्रोफ़ाइल फ़िल्मी हस्तियों व उद्योगपतियों के घर के युवा मिले हैं। जिन 8 लोगों से पूछताछ चल रही है, उनमें से एक नाम 30 वर्षों से बॉलीवुड में सक्रिय शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन का भी है। NCB के मुखिया एसएम प्रधान कह चुके हैं कि बॉलीवुड के अमीरों के नाम भी इसमें आएँ, फिर भी कानूनन कार्रवाई होगी। आर्यन खान फ़िलहाल हिरासत में हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है।

इन सब के बीच आपके मन में ये सवाल तो उठ ही रहा होगा कि आखिर ये ‘रेव पार्टी’ होता क्या है? इसके अंदर क्या होता है? तो आइए, हम आपको बताते हैं। शाब्दिक रूप से देखें तो ‘रेव पार्टी’ का अर्थ है किसी गोदाम में की जाने वाली डांस पार्टी। इसमें एक DJ इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक बजाता है और लड़के-लड़कियाँ डांस करते हैं। खासकर 90 के दशक में यूरोप में इसका प्रचलन बढ़ा, जहाँ नाइटक्लब्स में महिला डांसरों को भीड़ के मनोरंजन के लिए हायर किया जाता था।

कायदे ‘ रेव पार्टी’ अवैध नहीं है, लेकिन जब इसमें सेक्स और ड्रग्स घुस जाते हैं तब ये पुलिस की नजर में आता है। 70 के दशक में एक प्रकार के ‘रेव ड्रग’ का भी खूब प्रचलन हुआ था, जिसका सेवन इस पार्टी में लोग करते थे। कोकीन जैसी चीजें इसमें काफी पहले से घुसी हुई हैं। इसमें जो ड्रग्स मुख्य रूप से प्रयोग किए जाते हैं, वो हैं – MDMA, कोकीन, Rohypnol, GHB, Ketamine, Fry, LSD, Methamphetamine इत्यादि।

हाल ही में जब कोरोना वायरस संक्रमण के कारण दुनिया भर में लॉकडाउन लगा, तब भी रेव पार्टियों का चलन बढ़ गया। यूके में इस तरह की खूब पार्टियाँ हुईं। फ़्रांस में भी इस तरह की पार्टियों की बात सामने आई, जिसमें 2500 से अधिक लोग पहुँचे थे। भारत की अवैध रेव पार्टियों में संख्या कम होती है, क्योंकि इनमें अधिकतर आमिर घरानों के लोग ही पहुँचते हैं और इन्हें गुप्त ढंग से किया जाता है।

‘रेव पार्टियों’ में कला एवं संगीत के साथ-साथ नंगापन, ड्रग्स और सेक्स – ये सब कुछ होता है। इसमें खुले रूप अश्लीलता को बढ़ावा दिया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऐसी कई पार्टियों में बॉलीवुड से जुड़े लोग पकड़े गए हैं। कई रेव पार्टियों में यौन शोषण की खबरें भी आती हैं। यूके में ऐसी कई पार्टियों में किशोर लड़कियों को उम्र में काफी बड़े लोगों के साथ सेक्स को मजबूर किया गया था।

इन पार्टियों के लिए कभी-कभी SMS व व्हाट्सएप्प के जरिए कोड वर्ड्स में भी लोगों को आमंत्रित किया जाता है, जिसमें उन्हें लोकेशन व रूट्स बताए जाते हैं। अधिकतर एंट्री के लिए पैसे भी लिए जाते हैं। पान में भी कोकीन डाल कर खिलाए जाते हैं। गोवा और मुंबई में ऐसी कई पार्टियाँ होती रही हैं। शराब भी परोसा जाता है। देश के कई पर्यटन (खासकर पहाड़ व बीच) स्थलों पर विदेशी माफिया पर्यटकों को ऐसी पार्टी में ले जाते हैं।

दक्षिणी दिल्ली में ऐसी कई पार्टियाँ होती हैं, जिनके लिए किसी ऐसे घर को चुना जाता है जो काफी दिनों से खाली पड़ा हो। रॉयल परिवारों और अमीरों के घर के युवक इसमें आते हैं। कपल से सामान्यतः 10,000 रुपए और सिंगल युवकों से इसका डेढ़ से दोगुना तक वसूला जाता है। हिमाचल के कसोल में ऐसे ही ड्रग्स का एक नेटवर्क है, जहाँ से दिल्ली में भी सप्लाई होती है। ऐसी पार्टियों के लिए अक्सर फ़ार्म हाउसेज का इस्तेमाल किया जाता है।

जिसकी बीवी बॉलीवुड हिरोइन, उसी ने मारी क्रूज पर रेड… शाहरुख के बेटे आर्यन को पकड़ने वाले ऑफिसर की कहानी

मुंबई के समुद्र में क्रूज पर जारी पार्टी पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद करने वाले ऑपरेशन के हीरो एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े हैं। NCB की जिस टीम ने क्रूज पर छापा मारकर बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे समेत 10 लोगों को हिरासत में लिया, उसकी अगुवाई समीर वानखेड़े ही कर रहे थे। 

बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद ड्रग्स का एंगल सामने आने के बाद उस मामले की जाँच भी समीर वानखेड़े कर रहे हैं। समीर ने ही कई बार रिया चक्रवर्ती और सुशांत के अन्य दोस्तों से पूछताछ की थी।

समीर वानखेड़े 2008 बैच के IRS-C&CE अधिकारी हैं। एनसीबी से पहले वह मुंबई में ही रेवेन्यू इंटेलीजेंस के जॉइंट डायरेक्टर पद पर तैनात थे। वह पहले भी कई ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ कर चुके हैं।

समीर वानखेड़े एनआईए में एडिशनल एसपी और एआईयू में डिप्टी कमिश्नर के पद पर भी रह चुके हैं। कस्टम ऑफिसर के तौर पर मुंबई एयरपोर्ट पर पहली पोस्टिंग के बाद वह आंध्र प्रदेश और दिल्ली में भी काम कर चुके हैं। उन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से साल 2021 के उत्कृष्ट जाँच का अवार्ड भी मिल चुका है।

समीर वानखेड़े को मुंबई का सबसे कड़क अफसर माना जाता है। बता दें कि समीर वानखेड़े की पत्नी एक जानी मानी एक्ट्रेस हैं। वह साल 2003 में आई अजय देवगन स्टारर फिल्म ‘गंगाजल’ में काम कर चुकी हैं। ​’गंगाजल’ में क्रांति रेडकर ने अपूर्वा कुमारी का किरदार निभाया था। वह कई टीवी सीरियल में भी काम कर चुकी हैं।

बता दें कि अब क्रांति रेडकर बॉलीवुड के बजाय मराठी सिनेमा में नजर आती हैं। उन्‍होंने कई अंग्रेजी फ‍िल्‍मों में भी काम किया है। एक्टिंग के साथ साथ वह डायरेक्‍शन में भी हाथ आजमा चुकी हैं।

बीते दो वर्षों में समीर वानखेड़े के नेतृत्व में उनकी टीम 17,000 करोड़ रुपए के ड्रग्स को जब्त कर चुकी है। सीमा शुल्क विभाग में काम करते हुए सीमर वानखेड़े ने मशहूर हस्तियों को तब तक क्लियरेंस नहीं दिया, जब तक उन्होंने विदेशी मुद्रा में खरीदे गए सामानों का खुलासा नहीं किया।

समीर ने कस्टम में टैक्स न देने की वजह से 2000 से अधिक हस्तियों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया था। साल 2013 में वह तब सुर्खियों में आए थे जब सिंगर मीका सिंह को मुंबई एयरपोर्ट पर विदेशी करेंसी के साथ पकड़ा था। समीर के ही नेतृत्व में उनकी टीम ने अनुराग कश्यप, विवेक ओबेरॉय, राम गोपाल वर्मा सहित कई बॉलीवुड सेलेब्स के घर छापा मारा था।

समीर वानखेड़े की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2011 में भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा जीती कई सोने से बनी विश्व कप ट्रॉफी को भी उन्होंने कस्टम ड्यूटी चुकाने के बाद ही मुंबई एयरपोर्ट पर रिलीज किया गया। समीर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी में भी काम कर चुके हैं। आर्यन खान समेत पकड़े गए 10 लोगों से भी समीर वानखेड़े ही पूछताछ कर रहे हैं। इस बीच आर्यन खान का नाम इस मामले में आने के बाद शाहरुख खान बेटे को घर वापस लाने की सभी कोशिशें कर रहे हैं।

नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो ने कहा कि क्रूज पर ड्रग्‍स को छिपाकर ले जाया गया था। किसी ने पैंट की सिलाई में ड्रग्‍स छिपाए तो किसी ने कॉलर में, महिलाओं ने पर्स के हैंडल तक में ड्रग्‍स छिपा रखी थी। कुछ लोगों के अंडरवियर में भी ड्रग्‍स मिला।

इन 8 लोगों से हो रही पूछताछ

  1. आर्यन खान
  2. अरबाज मर्चेंट
  3. मुनमुन धमेचा
  4. नूपुर सारिका
  5. इसमीत सिंह
  6. मोहक जसवाल
  7. विक्रांत छोकर
  8. गोमित चोपड़ा

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री में क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 10 लोगों को हिरासत में लिया है। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। इस पार्टी में एंट्री के लिए हर शख्स ने 80 हजार रुपए से ज्यादा की फीस चुकाई थी। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया।

DGP के साथ High Level मीटिंग में पंजाब के CM चन्नी के साथ उनके बेटे भी हुए शामिल, भाजपा ने कहा- दुर्भाग्यपूर्ण

पंजाब में नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जब से उन्होंने शपथ ली है, कोई न कोई चुनौती उनके सामने आ ही जा रही है। अब पंजाब के मुख्यमंत्री एक नए विवाद में पड़ते दिखाई दे रहे हैं। यह विवाद ऑफिशियल मीटिंग के दौरान चन्नी के बेटे की मौजूदगी को लेकर है। 

दरअसल पंजाब के डीजीपी की प्रदेश के अन्य अधिकारियों और मंत्रियों के साथ लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बैठक चल रही थी। इस मीटिंग में चन्नी के बेटे रिद्मजीत सिंह भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें आने के साथ विवाद शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसको लेकर मुख्यमंत्री चन्नी पर जोरदार हमला बोला है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इसे पूरी तरह से अनैतिक बताया है। 

अश्वनी शर्मा ने कहा कि चन्नी तीन बार विधायक रह चुके हैं। उन्हें नियमों के बारे में काफी अच्छे से पता है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक नियम-कायदों का हमेशा पालन किया जाना चाहिए। अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नियम-कानून को जानते हुए भी सीनियर ब्यूरोक्रेट्स ने इसकी इजाजत दी। इस बैठक में शिक्षा, खेल और एनआरआई मामलों के मंत्री परगट सिंह भी मौजूद थे।

एक रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स ने अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि ये घटना आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। ऐसे मीटिंग में किसी भी प्राइवेट व्यक्ति या फिर गैर-अधिकारिक लोगों का प्रवेेश गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा, “ये एक असामान्य कार्य है और इतने ऊँचे पद पर बैठे व्यक्ति से इसकी उम्मीद नहीं की जाती है। सीएमओ में तैनात नौकरशाहों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। ऐसी बैठकों में किसी अनधिकृत या निजी व्यक्ति की उपस्थिति राज्य के हित के खिलाफ है। ये मुख्यमंत्री द्वारा ली गई शपथ के भी खिलाफ है।”

उल्लेखनीय है कि नियमों के मुताबिक मुख्यमंत्री या किसी अन्य मंत्री के परिवार का कोई भी सदस्य इस तरह की ऑफिशियल मीटिंग में मौजूद नहीं रह सकता। अगर ऐसा होता है तो ये राज्य सरकार के कामकाज के नियमों का उल्लंघन है।

दरगाहों में छिपता था, वहीं रखता था हथियारों का जखीरा: गुजरात से पकड़ा गया डॉन अब्दुल लतीफ गैंग का मो. हुसैन उर्फ टेंपो

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने डॉन अब्दुल लतीफ गिरोह के सदस्य मोहम्मद हुसैन उर्फ ​​टेंपो और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से आठ पिस्टल और 62 कारतूस बरामद किए गए हैं। मोहम्मद हुसैन मुन्ना शेख उर्फ ​​टेंपो (50) अहमदाबाद के बेहरामपुरा का रहने वाला है और ड्राइवर सरफराज मोहम्मद पटेल उर्फ ​​शफी अमदावादी (35) सूरत का रहने वाला है। दोनों को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया है। दोनों दरगाहों में शरण लेते थे और वहीं पर हथियार छिपाते थे। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ हथियार बरामद किया गया है।

क्राइम ब्रांच के पीआई पीबी देसाई के दस्ते को गुप्त सूचना मिली थी कि मोहम्मद हुसैन उर्फ ​​टेंपो एक कार में अवैध हथियार लेकर जा रहा है। वह इन हथियारों को हाथीजन सर्कल से जशोदानगर चौराहे से नारोल की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस सतर्क हो गई और आवाजाही पर नजर रखे हुए थी। उन्होंने हुसैन की कार रोकी तो उसके पास से 3 पिस्टल, 22 कारतूस और एक मैगजीन बरामद हुई।

जानकारी के मुताबिक टेंपो का संबंध अब्दुल लतीफ गैंग से रहा है। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने अहमदाबाद के ढोलका की एक दरगाह में और हथियार जमीन में दबा कर रखे थे। उस दरगाह से पुलिस ने 2 पिस्टल, 20 कारतूस और 2 मैगजीन बरामद की है।

पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसने उन लोगों को धमकाने के लिए हथियार खरीदे थे जिन्होंने जमीन खरीदी थी या अशरफपीर बावा की दरगाह पर निर्माण शुरू किया था। बता दें कि यहाँ उसका मजहबी उस्ताद रहता था। अपने उस्ताद की मौत के बाद, टेंपो दरगाह के ट्रस्टियों के खिलाफ अदालत में मुकदमा हार गया।

मोहम्मद हुसैन उर्फ टेंपो

टेंपो डॉन अब्दुल लतीफ गिरोह से जुड़ा था और 1986 से वह कई हत्याओं, जबरन वसूली और अपहरण के मामलों में शामिल रहा है। टेंपो ने सूरत की एक दरगाह में कथित तौर पर हथियार भी छिपाए थे। उसे 2012 में भी गिरफ्तार किया गया था और जुहापुरा के पास फतेहवाड़ी के कूड़ा बीनने वालों की झुग्गी बस्ती पर हमलों के पीछे सरगना के रूप में नामित किया गया था। बाद में अक्टूबर 2013 में उसे दो बंदूकों के साथ फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह उस समय शहर के वटवा इलाके में हुई एक बड़ी चोरी में वांटेड था। 2010 में, उसे ‘माथाभारे’ (कुख्यात) नाम की एक गुजराती फिल्म का निर्माण किया और इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई। हालाँकि, फिल्म सिनेमाघरों में नहीं आई।

जेल में रहकर चुनाव जीता डॉन अब्दुल लतीफ

खूँखार डॉन अब्दुल लतीफ एक खूँखार और खतरनाक अपराधी था जो 80 और 90 के दशक में अहमदाबाद में रहता था। वह विभिन्न आपराधिक गतिविधियों जैसे बूटलेगिंग, जबरन वसूली, अपहरण, हत्या में शामिल था। उसका जन्म अहमदाबाद के कालूपुर इलाके में 1951 में एक गरीब मुस्लिम परिवार में हुआ था। उसके अब्बू के सात बच्चे थे। उसे अच्छी परवरिश नहीं मिल सकी। वह जल्द ही अपने अब्बू की दुकान पर काम पर लग गया, जहाँ वह तम्बाकू बेचता था, लेकिन वह अधिक पैसे के लिए अपने पिता से लड़ने लगा। 2000 के बाद, उसने अपने रास्ते जाने का फैसला किया।

जल्दी पैसा कमाने के लिए, उसने आपराधिक रास्ता अपनाया और बूटलेगिंग शुरू कर दी। वह कुख्यात बूटलेगर अल्लाह रक्खा में शामिल हो गया, जो एक जुए का अड्डा भी चलाता था। लतीफ पहले जुआघर में काम करता था। फिर उसने अल्लाह रक्खा छोड़ दिया और एक प्रतिद्वंद्वी जुआरी संगठन में शामिल हो गया, लेकिन चोरी का आरोप लगने के बाद उससे भी अलग हो गया।

फिर वह खुद एक बूटलेगर बन गया और यहीं से अपराध, राजनीति और आतंकवाद की दुनिया में उसकी यात्रा शुरू हुई। एक बूटलेगर के रूप में, उसने तस्करों, अपराधियों, पुलिसकर्मियों और राजनेताओं के साथ संपर्क और संबंध बनाए, जिन्होंने इस अवैध व्यवसाय को फलने-फूलने में मदद की और अनुमति दी। उसने जल्द ही अपने नेटवर्क का विस्तार किया और जबरन वसूली, अपहरण और यहाँ तक ​​कि हत्या जैसे अन्य अपराधों में शामिल हो गया। उसने पाकिस्तान में संपर्क भी स्थापित कर लिया।

लतीफ का गिरोह केवल मुस्लिम सदस्यों से बना था। उसने गरीब मुसलमानों के बीच रॉबिनहुड जैसी छवि विकसित करने के लिए ऐसा किया और यह काम कर गया। लतीफ 1986-87 में अहमदाबाद के स्थानीय निकाय चुनावों में पाँच नगरपालिका वार्डों में जीत गया। उस समय वह जेल में था। हालाँकि बाद में उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

हालाँकि, मुस्लिम समुदाय पर अपने प्रभाव के कारण, वह जल्द ही मेनस्ट्रीम के राजनेताओं, विशेषकर कॉन्ग्रेस के करीब आने लगे। कॉन्ग्रेस पार्टी के साथ उसकी निकटता स्पष्ट थी क्योंकि उस समय गुजरात युवा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष हसन लाला उसके बचपन के दोस्त थे। अगस्त 1992 में, अहमदाबाद में राधिका जिमखाना में 9 लोग मारे गए थे, इसमें एके-47 का इस्तेमाल किया गया था। लतीफ के गिरोह के सदस्य हंसराज त्रिवेदी को मारने के लिए वहाँ गए थे, लेकिन चूँकि उन्होंने उसे नहीं पहचाना, इसलिए उन्होंने सभी को मार डाला। सभी को मारने का आदेश लतीफ की ओर से आया था। आतंक के इस नग्न प्रदर्शन से शहर स्तब्ध था।

1992 के सांप्रदायिक दंगों के बाद लतीफ ने अयोध्या में विवादित ढाँचे (जिसे बाबरी मस्जिद कहा गया) को ध्वस्त करने का बदला लेने के लिए दाऊद इब्राहिम के साथ हाथ मिलाया था। लतीफ को कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के उत्पाद के रूप में भी देखा गया, जिसने ऐसे अपराधियों को छोटे राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ने दिया।

1990 के दशक की शुरुआत में भाजपा ने लतीफ और उसकी आपराधिक गतिविधियों को चुनावी मुद्दा बनाया। 1995 में, भाजपा ने गुजरात में अपनी सरकार बनाई और उसी वर्ष बाद में लतीफ को गुजरात पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते के नेतृत्व में दो महीने के लंबे ऑपरेशन के बाद दिल्ली में गिरफ्तार किया गया। लतीफ को बाद में अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद कर दिया गया था और दो साल बाद, जब वह पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था, तब वह एक मुठभेड़ में मारा गया था।

बॉलीवुड के ‘तलाक एक्सपर्ट’ के सम्पर्क में आकर नागा ने सामंथा से लिया तलाक: कंगना ने इशारों में आमिर खान पर साधा निशाना

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साउथ के सुपरस्टार नागा चैतन्य और सामंथा रुथ प्रभु के तलाक को लेकर एक पोस्ट किया है। एक्ट्रेस ने दोनों के तलाक के बहाने अपनी पोस्ट में इशारों-इशारों में आमिर खान को आड़े हाथों लिया है। कंगना ने आमिर का नाम लिये बिना उन्हें ‘तलाक एक्सपर्ट’ बताया है।

इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कंगना रनौत लिखती हैं, “जब भी तलाक होता है तो गलती हमेशा पुरुष की होती है, ये कहना आपको रूढ़िवादी या बहुत अधिक जजमेंटल लग सकता है। लेकिन इस तरह ही भगवान ने पुरुष और महिला को बनाया है। ऐसी बकवास और दया करना बंद करो, जो महिलाओं को कपड़े की तरह बदलते हैं और फिर उन्हें अपना सबसे अच्छा दोस्त बताते हैं। सौ में से एक महिला गलत हो सकती है, सभी नहीं।”

‘थलाइवी’ फिल्म की एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ”धिक्कार है ऐसे लोगों पर जिन्हें मीडिया और उनके फैन्स की तरफ से प्रोत्साहन मिलता है। वो उनकी जय-जयकार करते हैं और महिलाओं को जज करते हैं। आजकल तलाक की संस्कृति पहले से कहीं ज्यादा बढ़ रही है।” इसके बाद कंगना चैतन्य और सामंथा के तलाक के लिए इशारों-इशारों में आमिर खान को जिम्मेदार ठहराती हैं। वो लिखती हैं, ”नागा चैतन्य ने अपनी चार साल की शादी तोड़ दी, क्योंकि पिछले दिनों वो एक बॉलीवुड एक्टर और ‘तलाक एक्सपर्ट’ के सम्पर्क में आए हैं। इस एक्टर को तलाक देने का बहुत अनुभव है।”

कंगना का इंस्टाग्राम पोस्ट

दरअसल, पिछले दिनों नागा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी आगामी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ का पोस्टर शेयर किया था। इसमें उनके साथ आमिर खान भी नजर आ रहे हैं।

गौरतलब है कि साउथ की मशहूर एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु और नागार्जुन के बेटे नागा चैतन्य ने शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को सोशल मीडिया के जरिए फैंस को अपने तलाक की जानकारी दी थी। दोनों ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखा था, “पति-पत्नी की तरह अब हमारे रास्ते अलग होते हैं, मगर हम हमेशा दोस्त रहेंगे।”

सामंथा ने अपनी पोस्ट में लिखा, “बहुत सोच-विचार के बाद मैंने और चैतन्य ने अलग होने का फैसला किया है। अब हमारी राहें अलग-अलग हैं। हम खुशकिस्मत हैं कि पिछले 10 सालों से हम अच्छे दोस्त रहे हैं, जो हमारे रिश्ते का आधार रही और हमें लगता है कि हमारे बीच हमेशा एक खास रिश्ता रहेगा।” सामंथा ने आगे लिखा, ”हम अपने फैन्स, शुभचिंतकों और मीडिया से गुजारिश करते हैं कि इस मुश्किल समय में वे हमारा साथ दें और हमारी प्राइवेसी का ख्याल रखें। आप सबके सपोर्ट के लिए शुक्रिया…।”

कुर्सी जाने की आहट से घबराए बघेल, 20 MLAs को दिल्ली भेजा: राहुल गाँधी जाएँगे छत्तीसगढ़, CM पद पर ‘बाबा’ की नज़र

पंजाब के बाद अब छत्तीसगढ़ कॉन्ग्रेस में भी कलह की बात सामने आ रही है। भूपेश बघेल ने कृषि छीने जाने के डर से दिल्ली में आलाकमान के समक्ष लॉबिंग शुरू कर दी है। उनके समर्थन में 20 विधायक दिल्ली डेरा डाले हुए हैं। भूपेश बघेल के इस शक्ति-प्रदर्शन के सकारात्मक परिणाम आते हैं या नकारात्मक, ये देखने वाली बात है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बयानों से सस्पेंस और गहरा रहा है।

टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के बीच ढाई-ढाई साल के लिए सीएम बनाने का समझौता हुआ था, ऐसा विपक्षी भाजपा का भी दावा है। लेकिन, बघेल अब कुर्सी खाली करने के लिए तैयार नहीं। अब भूपेश बघेल कह रहे हैं कि विधायकों के दौरे को राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए, क्योंकि वो कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं और उनके आने-जाने पर कोई रोक नहीं है। इन विधायकों ने शनिवार (2 अक्टूबर, 2021) को गाँधी जयंती के अवसर पर राजघाट जाकर महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि भी दी।

बघेल ने कहा, “यह कोई राजनीतिक घटनाक्रम नहीं है। वे दिल्ली का दौरा करेंगे और फिर लौट आएँगे।” माना जा रहा है कि पंजाब में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद भूपेश बघेल भी घबराए हुए हैं और इसीलिए वो अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं। आदिवासी विधायक बृहस्पत सिंह भी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और नेतृत्व परिवर्तन की बातों को नकार रहे हैं। बृहस्पत सिंह ने हाल ही में टीएस सिंहदेव पर हमला करवाने का आरोप लगाया था।

रामानुजगंज सीट से पार्टी विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा, “हम यहाँ छत्तीसगढ़ के AICC प्रभारी पीएल पुनिया से मिलने आए हैं। उनका इंतजार कर रहे हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि राहुल गाँधी को अपने प्रस्तावित दौरे की अवधि राज्य में बढ़ानी चाहिए, ताकि सभी विधायक इसका लाभ उठा सकें।” जबकि पीएल पुनिया लखनऊ में हैं और कह रहे हैं कि उनसे न किसी ने इस बाबत संपर्क किया है और न ही विधायकों के दिल्ली में होने की उन्हें कोई जानकारी है।

हाल ही में कॉन्ग्रेस पार्टी ने ने अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भूपेश बघेल को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त कर के उन्हें नई जिम्मेदारी दी है। उनके समर्थन मान रहे हैं कि ये सीएम पर आलाकमान के भरोसे का परिचायक है। बघेल कह चुके हैं कि छत्तीसगढ़ कभी पंजाब नहीं बन सकता। जून 2021 में ही बघेल ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अगस्त में उन्हें और टीएस सिंहदेव को दिल्ली भी बुलाया गया था।

NCP वाले शरद पवार ने केंद्रीय मंत्री गडकरी की जमकर तारीफ की, कहा- पहले 5000 km बनते थे सड़क, अब बनते हैं 12000 Km

महाराष्ट्र के अहमदनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की जमकर तारीफ की। शरद पवार ने कहा, ”मैं इस समारोह में शामिल हो रहा हूँ, क्योंकि मुझे बताया गया था कि गडकरी अहमदनगर में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने जा रहे हैं, जो शहर के लंबे समय से लंबित मुद्दों को हल करेंगे। वह चाहते थे कि मैं मौके पर मौजूद रहूँ।”

एनसीपी नेता ने कहा, “अक्सर परियोजना का शिलान्यास होने के बाद कुछ नहीं होता है, लेकिन जब बात गडकरी की परियोजना की आती है तो कार्यक्रम के कुछ दिनों के बाद ही उस पर काम शुरू होते देखा जा सकता है।’’ पवार ने कहा, ‘‘गडकरी शानदार उदाहरण हैं कि जनप्रतिनिधि राष्ट्र के विकास के लिए कैसे काम कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे याद है कि गडकरी के जिम्मेदारी (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय) लेने से पहले लगभग 5,000 किलोमीटर का काम होता था, लेकिन उनके पद संभालने के बाद अब यह आँकड़ा बढ़कर 12,000 किलोमीटर को पार कर गया।’’

इसके साथ ही पूर्व कृषि मंत्री ने इलाके के किसानों को सलाह दी कि वे गन्ने का इस्तेमाल केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रखें, बल्कि एथनॉल के कच्चे माल के तौर पर भी विचार करें।

वहीं, गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में सड़क परियोजनाओं को क्रियान्वित करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने स्थानीय नदियों और नालों को भी साफ किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं (महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री) हसन मुशरिफ को अहमदनगर में जल संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दूँगा।’’ बता दें कि मुशरिफ राकांपा नेता होने के साथ-साथ अहमदनगर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। वह भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।

जम्मू-कश्मीर में बरघशिखा भवानी मंदिर में तोड़फोड़ कर सांप्रदायिक माहौल बिगााड़ने की कोशिश, FIR दर्ज, उमर-महबूबा ने घटना की निंदा की

जम्मू-कश्मीर में उपद्रवियों ने एक बार फिर कश्मीरी पंडितों की आस्था पर प्रहार किया है। अनंतनाग में शनिवार (अक्टूबर 2, 2021) को बरघशिखा भवानी के मंदिर पर हमला किया। इस दौरान मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि केस दर्ज किया गया है। जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में मंदिर को अपवित्र करने के आरोप में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ FIR दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि पता चला है कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे कुछ बदमाशों ने अनंतनाग के मट्टन इलाके में बरघशिखा भवानी मंदिर में तोड़फोड़ की।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “सूचना मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295, 427 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जाँच शुरू कर दी गई है।” उन्होंने आगे बताया कि पुलिस और सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने जाँच के लिए क्षेत्र का दौरा किया।

इधर अनंतनाग के उपायुक्त पीयूष सिंगला ने कहा कि दोषियों को दंडित किया जाएगा। किसी को भी सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “इस तरह के अनैतिक और अवैध कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार दंडित किया जाएगा। किसी को भी समाज में सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुँचाने या बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “अस्वीकार्य। मैं इस तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करता हूँ और प्रशासन खासकर जम्मू-कश्मीर पुलिस से अपील करता हूँ कि दोषियों की पहचान कर सख्त सजा दी जाए।” पीडीपी नेता नईम अख्तर ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की माँग की।

वहीं, पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा, “मट्टन के माता मंदिर में तोड़फोड़ की घटना से दुखी और परेशान हूँ। समय की माँग है कि हम अपने कश्मीरी पंडित भाईयों को फिर से सुरक्षा का अहसास दिलाएँ। अनंतनाग के एसएसपी और डीसी से आग्रह है कि इस मामले में अविलंब कार्रवाई करें।”

बता दें कि बरघशिखा भवानी का मंदिर कश्मीर घाटी के अनंतनाग जिले में मट्टन पहाड़ पर है। यह मंदिर कश्मीरी पंडितों की आस्था का केंद्र है। बरघशिखा मंदिर पर ऐसे समय में हमला किया गया है, जब सरकार घाटी में पंडितों की वापसी की कोशिश में जुटी है। वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत तीन दिनों के जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं।