उज्जैन में शिरीन हुसैन की गिरफ्तारी के बाद से उसके कारनामों को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं। उस पर अब तक कुल चार केस दर्ज किए गए हैं। यह बात भी सामने आई है कि वह बुजुर्गों को पहले शादी करवाने का झाँसा देती थी और बाद में केस करवा उन्हें ब्लैकमेल करती थी।
रिपोर्ट के अनुसार वह बुजुर्गों और अधेड़ लोगों की शादी का ठेका लेती थी। युवतियों से उनकी मुलाकात करवाती। शादी के नाम पर उनसे पैसा लेती थी। बाद में उन्हीं युवतियों से इन बुजुर्गों पर केस करवा वसूली करती। इससे पहले यह बात भी सामने आई थी कि वह अखबारों में पर्चे डलवा कर हिंदू इलाकों में बँटवाती थी। इसमें घरेलू हिंसा की पीड़ित महिलाओं को संपर्क करने को कहा जाता था। जब कोई पीड़िता शिरीन के संपर्क में आती तो वह उनके परिवार को ब्लैकमेल करने लगती थी।
इतना ही नहीं वह मुस्लिम लड़कों को शादी के लिए हिंदू लड़कियों से मिलवाती थी। पुलिस इन सभी आरोपों की जाँच कर रही है। लग्जरी लाइफ जीने वाली शिरीन धौंस जमाने के लिए सोशल मीडिया में बड़े अधिकारियों के साथ तस्वीर पोस्ट किया करती थी। उसे 11 सितंबर को नागझिरी पुलिस ने धारा 420, 468, 471 व 506 के तहत गिरफ्तार किया था।
रिपोर्ट के अनुसार 13 सितंबर को महिला थाने में उसके खिलाफ दो केस और दर्ज किए गए। दोनों मामलों में उस पर खुद को यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट ट्रस्ट से जुड़ा बताकर ठगी का आरोप है। वर्षा नामक महिला ने अपनी शिकायत में बताया है कि पति से विवाद होने पर वह शिरीन के संपर्क में आई थी। इसी तरह शहनाज ने अपनी शिकायत में बताया है कि उसकी बेटी और दामाद के बीच विवाद होने पर वह शिरीन के संपर्क में आई। एक अन्य मामला कन्हैयालाल माली की ओर से दर्ज कराया गया है। उनके साथ शिरीन ने शादी कराने के नाम पर ठगी थी। एक प्रेमलता बाई का नाम भी सामने आया है। कहा जा रहा है कि शादी के नाम पर शिरीन बुजुर्गों को प्रेमलता से मिलवाती थी और हर मामले में उसे कमीशन देती थी।
गौरतलब है कि शिरीन की गिरफ्तारी यूनाइटेड इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट में नियुक्ति के नाम पर उगाही के आरोप में हुई थी। ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष लखनऊ निवासी मधु यादव ने बताया था कि शिरीन हुसैन संस्था से 2019 में जुड़ी थी। तब उसे मध्य प्रदेश का सचिव नियुक्त किया गया था। लेकिन नियुक्ति के दो-तीन माह बाद ही संस्था की अन्य महिला सदस्यों से विवाद के बाद उसे हटा दिया गया था। उसने 30 लोगों से 60-60 हजार रुपए लेकर नियुक्ति पत्र और पहचान-पत्र जारी किए थे। मधु यादव ने छह सितंबर को उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव को एक ज्ञापन सौंपा था।
ट्रिनिडाड टोबैगो में जन्मी अमेरिकी रैपर निकी मिनाज ने मंगलवार (14 सितंबर 2021) मेट गाला फंक्शन में कोविड वैक्सीनेटेड होने की शर्तों के कारण उसमें शामिल नहीं होने का ऐलान कर इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। उन्होंने यह अफवाह फैला दी कि वैक्सीन लगवाने वाले नपुंसक हो रहे हैं। हालाँकि, उनके इस बयान का ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने आलोचना की है।
दरअसल, मिनाज ने कहा है उन पर दबाव डाला गया है कि वैक्सीन लगवाने के बाद ही वो इस कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक बार रिसर्च के बाद ही वो टीका लगवाएँगी। इसके अलावा से अपने फॉलोवर्स से डबल स्ट्रिंग वाला मास्क पहनने की अपील भी की है।
They want you to get vaccinated for the Met. if I get vaccinated it won’t for the Met. It’ll be once I feel I’ve done enough research. I’m working on that now. In the meantime my loves, be safe. Wear the mask with 2 strings that grips your head & face. Not that loose one ?♥️
मिनाज ने त्रिनिदाद में अपने चचेरे भाई के दोस्त के बारे में एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, “त्रिनिडाड में मेरा चचेरा भाई इसलिए टीका नहीं लगवाएगा, क्योंकि उसका दोस्त टीका लगवाने के बाद नपुंसक हो गया है। कुछ सप्ताह में उसकी शादी होने वाली थी, लेकिन अब लड़की ने शादी से इनकार कर दिया है। आप प्रार्थना कीजिए और सुनिश्चित कीजिए कि आप वैक्सीनेशन के लिए सहज हैं और आप पर किसी तरह का दबाव नहीं है।”
My cousin in Trinidad won’t get the vaccine cuz his friend got it & became impotent. His testicles became swollen. His friend was weeks away from getting married, now the girl called off the wedding. So just pray on it & make sure you’re comfortable with ur decision, not bullied
उनके इस बयान पर ब्रिटेन के पीएम और मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि वो निकी मिनाज की जगह डॉक्टर निकी कनानी की राय को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने इसे बहुत ही खतरनाक ट्रेंड करार देते हुए कहा कि इतनी बड़ी सेलेब्रिटी कैसे गैर जिम्मेदाराना बयान दे रही हैं।
अभिनेत्री के इस ट्वीट पर नेटिजन्स ने मजे लेते हुए पूछा कि कहीं उनके कजिन के सूजे हुए अंडकोष ही उनके टीका नहीं लगवाने का कारण तो नहीं हैं?
लेखक कर्ट आइचेनवाल्ड ने सूजे हुए अंडकोष के संभावित कारणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि हो सकता है कि वो एसटीडी के शिकार हों।
Sorry, this is not a side effect of the vaccine. It is called hydrocele. In adults, the two primary causes are injury or STD (chlamydia or gonorrhea). Probably your cousin’s friend was taking one last marriage fling, picked up an STD, & is blaming vaccines. He needs an MD, stat.
निकी मिनाज के चचेरे भाई के दोस्त के साथ सहानुभूति रखने वाले लोगों ने कहा कि अब उसे सूजे हुए अंडकोष का मुद्दा वैश्विक मीडिया द्वारा उछाला जाएगा। मजाक मत कीजिए।
Sorry to nicki minaj’s cousin’s friend whose alibi for getting swollen nuts and having his wedding called off is about to fall apart under the intense scrutiny of the global media.
इंडिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने मंगलवार (14 सितंबर 2021) को अपने शो में ‘बढ़ती हिंदुत्व की ताकतों’ के लिए तालिबान की जीत का जश्न मनाने वाले भारतीय मुसलमानों को दोषी ठहराया। दरअसल, वह अपने शो में बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का इंटरव्यू ले रहे थे, जिन्होंने हाल ही में भारतीय मुसलमानों की आलोचना करते हुए एक वीडियो जारी किया था। शाह ने अपने वीडियो में हिन्दुस्तानी मुसलमानों से शांति और अहिंसा का पालन करने और कट्टरपंथी वहशी इस्लामी समूह (तालिबान) का समर्थन नहीं करने के लिए कहा था।
अपने शो में सरदेसाई ने कहा, “इस देश में मुसलमानों का एक वर्ग है जो महसूस करता है कि उन्हें देश में बढ़ती हिंदुत्व ताकतों द्वारा बैकफुट पर धकेल दिया गया है। ऐसे में जब वे तालिबान को अफगानिस्तान में पश्चिमी शक्तियों से मुकाबला करते हुए देखते हैं, तो शायद वे तालिबान के साथ इसे इस्लाम के खिलाफ युद्ध के रूप में देखते हैं।”
71 वर्षीय शाह ने इंडिया टुडे टीवी के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी का जश्न मनाने वाले भारतीय मुसलमानों पर उनकी टिप्पणी केवल देश में पिछड़े लोगों के एक वर्ग के बारे में थी न कि पूरे मुस्लिम समुदाय के बारे में।
मशहूर अभिनेता ने कहा कि उन्हें उस वीडियो पर इतनी तीव्र प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि तालिबान की वापसी से खुश लोगों को खुद से सवाल करना चाहिए कि क्या वे अपने मजहब में सुधार करना चाहते हैं या पुरानी बर्बरता के साथ रहना चाहते हैं। अभिनेता ने कहा कि हो सकता है कि उस वीडियो में मैंने स्पष्ट रूप से पूरी बात नहीं कही हो, लेकिन मेरा मतलब पूरे मुस्लिम समुदाय से नहीं है, जैसा कि मुस्लिम लोगों और अन्य लोगों द्वारा इसकी व्याख्या की जा रही है।
“मुसलमानों को काफी बदनाम किया जाता है”
नसीरुद्दीन शाह का वीडियो वायरल होने के बाद तमाम भारतीय मुस्लिम, तथाकथित लिबरल-वामपंथी पत्रकारों सहित कट्टरपंथी मुस्लिमों की लॉबी अभिनेता को गाली देने और लताड़ने के लिए खुलेआम सोशल मीडिया पर नंगई पर उतर आई थी। दिग्गज अभिनेता ने अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी का जश्न मना रहे भारतीय मुसलमानों के एक वर्ग को बेहद खतरनाक करार दिया था। हालाँकि, अब अभिनेता का कहना है कि उनका इरादा पहले से ही बदनाम किए जा रहे मुस्लिम समुदाय को और ‘अपमानित’ करने का नहीं था।
शाह ने आरोप लगाया, “इस समय, मुसलमानों को पहले से ही काफी बदनाम किया जा रहा है, जबकि कई मामलों में उनकी आजीविका को खतरा हो रहा है। हर पल उनकी जान को खतरा होता है, उन पर हमला किया जा रहा है और खुले तौर पर बदनाम किया जा रहा है। ऐसे कई दक्षिणपंथी हिंदू उपदेशक हैं जिन्होंने मुसलमानों के खिलाफ हिंसा का प्रचार करते हुए आपत्तिजनक बयान दिए हैं।”
‘इश्किया’ फिल्म के अभिनेता ने अपने समुदाय द्वारा और अधिक आक्रोश से खुद को बचाने के लिए आगे कहा, ”शायद इस बात को कहने का यह उचित समय नहीं था, लेकिन मैं इसे और किस समय पर कह सकता था? मेरा इरादा मुस्लिम समुदाय को अपमानित करना या फिर उसे नीचा दिखाने से नहीं था। क्या मैं एक बेवकूफ हूँ कि मैं अपने ही समुदाय के खिलाफ जाऊँगा और खुद को इसमें शामिल करूँगा?
“इस्लाम को सुधार की जरूरत है”
अभिनेता ने दावा किया, “पिछड़े वर्गों के कई लोगों में पूर्वाग्रह था कि तालिबान सही हैं और उन्हें सत्ता में होना चाहिए।” 71 वर्षीय अभिनेता ने वीडियो में कहा था कि तालिबान के फिर से आने के कारण खुश होने वालों को खुद से सवाल करना चाहिए कि क्या वे अपने मजहब में सुधार करना चाहते हैं या पुरानी बर्बरता के साथ रहना चाहते हैं। शाह कथित तौर पर इस्लाम को ‘बदनाम’ करने के लिए और भारतीय मुस्लिम, तथाकथित लिबरल-वामपंथी पत्रकारों की प्रतिक्रिया से हैरान रह गए थे। उनकी निंदा करने वालों में सबा नकवी और रिफत जावेद भी शामिल थे, जो तालिबान की जीत को अस्वीकार करने के शाह के विचार से परेशान लग रहे थे।
शाह ने ‘भारतीय इस्लाम’ को सही ठहराया
शाह ने यह भी कहा कि ‘भारतीय इस्लाम’ पर उनकी टिप्पणी पर कई लोग भड़क गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘भारतीय इस्लाम’ से उनका मतलब था कि भारतीय इस्लाम अन्य देशों की तुलना में बहुत अलग और बेहतर है। अभिनेता ने कहा, “भारतीय इस्लाम मध्य पूर्वी शरिया कानूनों का पालन नहीं करता है। चोरों को बर्बरतापूर्ण सजा नहीं देता। हम महिलाओं के अधिकारों का दमन नहीं करते हैं। हम महिलाओं को सिर से पैर तक एक घृणित बुर्के जैसे परिधान में नहीं ढकते। हम व्यभिचारियों को पत्थर नहीं मारते।”
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय इस्लाम में महिलाओं को शिक्षा और उनके काम करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाता है। उन्हें सार्वजनिक जीवन जीने की पूर्ण स्वतंत्रता दी जाती है। भारतीय इस्लाम ने कविता, कला, साहित्य और संगीत दिया है। निजामुद्दीन औलिया और ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती जैसे धर्मनिरपेक्ष संतों द्वारा भारतीय इस्लाम का प्रतिनिधित्व किया गया है। मैं अपने भारतीय इस्लाम को सर्वोपरी मानता हूँ। अभिनेता ने कहा कि उन्होंने ‘भारतीय इस्लाम’ को एक अलग इकाई नहीं कहा था।
शाह ने आगे कहा कि भारतीय मुसलमानों को वास्तव में भारत में सताया जाता है। उन्होंने ‘लव जिहाद’ और ‘नारकोटिक्स जिहाद’ की वास्तविकता को भी सिरे से खारिज करते हुए इसे साजिश करार दिया।
दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए छह आतंकी पकड़े हैं। इनमें 47 साल का जान मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया भी है। पेशे से ड्राइवर समीर मुंबई का रहने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार उसे हमलों को अंजाम देने के लिए हथियार जुटाने और टारगेट की पहचान का काम दिया गया था।
यह बात भी सामने आई है कि 2001 में उसे यौन शोषण के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उसके डी कंपनी से जुड़े होने का भी संदेह रहा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जान मोहम्मद सीधा दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस इब्राहिम के संपर्क में था। उससे वाट्सऐप के जरिए बात करता था। उसे आतंकियों को आईडी और लॉजिस्टिक मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। गिरफ्तारी से पहले उसने अपने मोबाइल का सारा डिलीट कर दिया था। जाँच एजेंसी के अनुसार आईएसआई की इस साजिश के लिए फंडिंग अनीस ही कर रहा था।
गिरफ्तार आतंकियों में से दो प्रयागराज के जीशान कमर और दिल्ली के जामिया नगर के ओसामा उर्फ सामी को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। दोनों ओमान के रास्ते कराची के पास स्थित थट्टा टेरर कैंप पहुँचे थे। यहीं मुंबई हमले में शामिल अजमल कसाब को भी ट्रेनिंग मिली थी।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ओसामा पर अप्रैल से ही नजर रखी जा रही थी। वह 22 अप्रैल 2021 को सलाम एयर की फ्लाइट से लखनऊ से ओमान के मस्कट लिए रवाना हुआ था। वहीं एक फ्लैट में उसकी मुलाकात प्रयागराज के जीशान से हुई। वह भी पाकिस्तान में ट्रेनिंग के लिए भारत से मस्कट पहुँचा था। यहाँ 15-16 बांग्लादेशी भी इनके साथ जुड़े। इन सबको छोटे-छोटे ग्रुप में बाँटा गया। जीशान और ओसामा को एक ही ग्रुप में रखा गया था।
एमबीए की पढ़ाई करने वाला जीशान कुछ साल तक दुबई में अकाउंटेंट की नौकरी भी कर चुका है। उसका परिवार ‘खजूर’ के धंधे में है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहे ओसामा का परिवार भी फल के कारोबार से जुड़ा है। वह भी अक्सर मध्य-पूर्व जाता रहता था। माना जा रहा है कि इन दोनों का मध्य-पूर्व आना-जाना लगा रहता था, इसी कारण इन्हें ही पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण के लिए चुना गया था।
वहीं रायबरेली का मूलचंद उर्फ लाला कहने को किसान है। वह पहले भी छोटे-मोटे आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उस पर डी कंपनी का हैंडलर होने का संदेह है। इनके अलावा गिरफ्तार हुए आतंकियों में बहराइच का मोहम्मद अबू बकर और लखनऊ का अमीर जावेद भी है। अबू बकर देवबंद का पढ़ा है और मध्य-पूर्व की यात्रा कर चुका है। वहीं जावेद एक मजहबी विद्वान है और कई साल जेद्दा में रह चुका है। ये दोनों स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे थे। इनके जिम्मे मिशन के लिए लोगों को उकसाना और हमले की जगहों की रेकी करना था।
अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए इन आतंकियों के निशाने पर 6 राज्यों के 15 शहर थे। नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़भाड़ में हमलों को अंजाम देने की इनकी प्लानिंग थी। कुछ नामचीन भी इनके निशाने पर थे। इनके पास से विस्फोटक भी मिले हैं।
दिल्ली में एक बार फिर दीवाली से पहले पटाखों पर केजरीवाल सरकार ने बैन लगा दिया है। दिल्ली मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। ट्वीट में केजरीवाल ने बताया कि पिछले साल की तरह इस बार भी प्रदूषण की खतरनाक स्थिति देखते हुए प्रतिबंध लागू किया जा रहा है।
ट्वीट में अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 3 साल से दीवाली के समय दिल्ली के प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए पिछले साल की तरह इस बार भी हर प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जिससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।”
पिछले 3 साल से दीवाली के समय दिल्ली के प्रदूषण की खतरनाक स्तिथि को देखते हुए पिछले साल की तरह इस बार भी हर प्रकार के पटाखों के भंडारण, बिक्री एवं उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। जिससे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।
अगले ट्वीट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखत हुए देर से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था। सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें।”
पिछले साल व्यापारियों द्वारा पटाखों के भंडारण के पश्चात प्रदूषण की गंभीरता को देखत हुए देर से पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ था। सभी व्यापारियों से अपील है कि इस बार पूर्ण प्रतिबंध को देखते हुए किसी भी तरह का भंडारण न करें।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल भी दीवाली के अवसर पर केजरीवाल सरकार ने पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि पटाखे बेचने या फोड़ने वाले लोगों पर वायु प्रदूषण (नियंत्रण) अधिनियम (1981) के तहत 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। गोपाल राय ने बताया था कि आरोपित के खिलाफ एयर एक्ट के तहत केस बनाया जाएगा, जिसमें 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
Bursting, selling firecrackers could attract fine of up to Rs1 lakh, says Delhi environment ministerhttps://t.co/JsimRHjwJh
मालूम हो कि ये तीसरी दफा है जब दिल्ली सरकार ने प्रदूषण का हवाला देकर दीवाली के मौके पर बैन लगाया। और, दिलचस्प बात ये है कि दीवाली पर पटाखों पर बैन लगाने वाली सरकार पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली पर ध्यान तक नहीं देती। खासकर पंजाब में तो बिलकुल नहीं, जिससे राजधानी में प्रदूषण बढ़ता है। इसके अतिरिक्त वह बायो डिकम्पोजर का प्रचार करते रहते हैं।
इस संबंध में भाजपा की दिल्ली ईकाई भी उन पर आरोप लगा चुकी है। 13 सितंबर को ही बीजेपी नेता <a href="http://<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">रोज-रोज झूठ बोलना CM की आदत बन गयी है। <br><br>यह है Bio-Decomposer का सच,<br><br>• Bio-Decomposer खरीदा ₹75,000 में<br>• उसका वितरण किया ₹24 लाख में<br>• उसके प्रचार पर उड़ाए ₹7Cr<br>• दी कितने किसानों को? मात्र 310<br><br>ऐसे दिल्ली की जनता का पैसा बर्बाद कर रहे हैं केजरीवाल जी-श्री <a href="https://twitter.com/adeshguptabjp?ref_src=twsrc%5Etfw">@adeshguptabjp</a> <a href="https://t.co/YEVzOd9LUe">pic.twitter.com/YEVzOd9LUe</a></p>— BJP Delhi (@BJP4Delhi) <a href="https://twitter.com/BJP4Delhi/status/1437416312234340360?ref_src=twsrc%5Etfw">September 13, 2021</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8">आदेश गुप्ता ने कहा था कि कैसे केजरीवाल सरकार बायो डिकम्पोजर ₹75000 में खरीदती है, उसका वितरण ₹24 लाख में होता है और प्रचार में ₹7 करोड़ खर्च होते हैं।
इसके अलावा बता दें, जुलाई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक आईआईटी शोध पर संज्ञान लेने से मना कर दिया था जिसमें बताया गया था कि प्रदूषण का मुख्य कारण पटाखे नहीं है। इस संबंध में डाली गई याचिका को भी खारिज कर दिया गया था। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने यह कहते हुए आईआईटी अध्ययन को खारिज किया था कि उन्हें यह जानने के लिए आईआईटी की आवश्यकता नहीं है कि पटाखों से प्रदूषण होता है। जस्टिस खानविलकर ने अध्ययन की आलोचना करते हुए कहा, “क्या आपको यह समझने के लिए आईआईटी की जरूरत है कि पटाखे आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं? दिल्ली में रहने वाले किसी से पूछो कि दिवाली पर क्या होता है।”
इसी प्रकार आईआईटी कानपुर की एक 2017 की रिपोर्ट ने भी बताया था कि कैसे दिल्ली में वायु प्रदूषण करने में सबसे कम योगदान देते हैं। रिपोर्ट बताती थी कि निर्माण धूल शायद प्रदूषण के लिए सबसे ज्यादा उत्तरदायी है। रिपोर्ट ने यह भी ध्यान दिलाया था कि पटाखे नहीं जलाने के बावजूद एनसीआर की वायु गुणवत्ता खराब हो गई है।
दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार एक्टर रजनीकांत इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘अन्नाथे’ (Annaatthe) को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उनके कुछ प्रशंसकों की हरकत सोशल मीडिया पर विवाद की वजह बन गई है। दरअसल, मामला ये है कि रजनीकांत के फिल्म के पोस्टर पर प्रशंसकों द्वारा बकरी का खून छिड़का गया है, जिस पर एक्टर ने काफी नाराजगी जताई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कथित तौर पर रजनीकांत के प्रशंसक माने जाने वाले कुछ लोगों को एक बकरी को मारते हुए और उसका खून फिल्म के पोस्टर पर छिड़कते हुए दिखाया गया है। अतिउत्साही प्रशंसकों की इस हरकत को लेकर कड़ी नाराज़गी जताते हुए एक्टर ने इस हरकत को बेहूदा करार दिया है।
वहीं अखिल भारतीय रजनीकांत रसिकर मंदरम (फैंस क्लब) के प्रशासक और सुपरस्टार के करीबी माने जाने वाले वी एम सुधाकर ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा कि इसे लेकर उन्हें बेहद खेद है। वहीं कुछ का ऐसा भी कहना है कि कोई कुर्बानी नहीं दी गई बल्कि जरूरतमंदों को मटन बिरयानी बाँटी गई है।
बता दें कि तमिलनाडु में रजनीकांत जैसे दिग्गज अभिनेता के प्रशंसकों द्वारा अपने पसंदीदा अभिनेता के कटआउट पर दूध डालना आम बात है, जिसे तमिल भाषा में ‘पलाभिषेकम’ कहा जाता है। यह भगवान के लिए मंदिरों में किया जाता है। लेकिन, बकरी का खून छिड़कने की इस तरह की घटना संभवतः पहली बार हुई है। जिसकी चौतरफा निंदा हो रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए सुधाकर ने एक बयान में कहा कि यह न केवल खेदजनक है बल्कि घोर निंदनीय भी है। उन्होंने कहा, “हम अनुरोध करते हैं कि किसी को भी इस तरह के घृणित कृत्यों में शामिल नहीं होना चाहिए।’’ गौरतलब है कि फिल्म ‘अन्नाथे’ का निर्देशन सिवा ने किया है और यह दीपावली के अवसर पर चार नवंबर को रिलीज होगी।
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी अगली फिल्म ‘The Incarnation – SITA’ में माँ सीता का किरदार निभाने का ऐलान करने के बाद इस फिल्म में सीता के रोल को लेकर खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि वह पहले भी माँ सीता का रोल कर चुकी हैं। सोशल मीडिया के जरिए कंगना ने कहा कि जब वो 12 साल की थीं तो स्कूल में उन्होंने सीता का अभिनय किया था।
इस पीरियड ड्रामा फिल्म के डायरेक्टर अलौकिक देसाई हैं। उन्होंने कहा, “ब्रह्मांड उन लोगों की मदद करता है जो विश्वास के साथ आत्मसमर्पण करते हैं। जो मृगतृष्णा थी, वह अब स्पष्टता है। एक पवित्र चरित्र का सपना जो कभी नहीं खोजा गया था वह अब एक वास्तविकता है। मैं कंगना रनौत को सीता के रूप में लाने के लिए उत्साहित हूँ। यह पवित्र यात्रा हमारी पौराणिक कथाओं को देखने के तरीके को बदल देगी। एसएस स्टूडियो को आपके अपार समर्थन और विश्वास के लिए धन्यवाद।”
ए ह्यूमन बीइंग स्टूडियो के बैनर तले बनने वाली इस इस फिल्म की कहानी को खुद अलौकिक देसाई ने केवी विजयेंद्र प्रसाद के साथ मिलकर लिखा है। वहीं इसके संवाद मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं।
इसके कुछ घंटों बाद अभिनेत्री कंगना ने फोटो-शेयरिंग एप्लिकेशन पर खुलासा किया कि वह पहले ही सीता की भूमिका निभा चुकी हैं। अभिनेत्री ने स्कूल के एक नाटक की एक तस्वीर साझा की। तस्वीर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “मैंने भी बचपन में सीता का किरदार निभाया था स्कूल के नाटक में 12 साल की थी जब स्कूल के नाटक हा हा… सियारामचंद्र की जय।”
कंगना रनौत की हालिया फिल्म थलाइवी स्क्रीन पर है। यह फिल्म तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के जीवन पर आधारित है। कंगना ने पिछले हफ्ते सिनेमाघरों में हिट हुई इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई है।
कंगना से पहले करीना को मिला था रोल
गौरतलब है कि कंगना से पहले माँ सीता पर आधारित फिल्म में माता सीता का रोल अभिनेत्री करीना कपूर खान को ऑफर किया गया था, जिसके लिए उन्होंने 12 करोड़ रुपए की भारी-भरकम फीस माँगी थी। हालाँकि, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा था कि करीना पर शूर्पणखा को रोल शूट करता है न कि सीता का।
तेलंगाना के श्रम मंत्री ने चमकुरा मल्ला रेड्डी ने 6 साल की बच्ची की रेप और हत्या के मामले में आरोपित का एनकाउंटर कर देने की बात कही है। यह जघन्य घटना 9 सितंबर 2021 की है। इसे हैदराबाद के सैदाबाद इलाके में अंजाम दिया गया था। इस मामले में पुलिस 30 साल के पल्लकोंडा राजू की तलाश कर रही है।
हैदराबाद सिटी पुलिस ने आरोपित पल्लकोंडा राजू के बारे में सूचना देने वाले को 10 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। इस घटना के बाद से लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय लोग और सियासी दल राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए आरोपित की गिरफ्तारी और सख्त सजा की माँग कर रहे हैं। कुछ लोग इस मामले में भी दिशा रेप ऐंड मर्डर केस की तरह आरोपित के एनकाउंटर की भी माँग कर रहे हैं। इस बीच राज्य के श्रम मंत्री चमकुरा मल्ला रेड्डी ने मंगलवार ( 14 सितंबर 2021) को कहा, “हम आरोपित को जल्दी ही ढूँढ़ लेंगे और उसका एनकाउंटर (Encounter) कर देंगे।”
Telangana: Hyderabad City Police has announced a reward of Rs 10 lakhs for information leading to the arrest of Pallakonda Raju (30) who allegedly raped & murdered a 6-year-old girl in Saidabad area of the city pic.twitter.com/R9jJTpKcZl
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रेड्डी ने कहा कि नाबालिग से रेप और हत्या के मामले में आरोपित का एनकाउंटर होना चाहिए। हम आरोपित को पकड़ लेंगे और उसे एनकाउंटर में मार देंगे। साथ ही उन्होंने पीड़ित परिवार को हर तरह की सहायता प्रदान करने की बात कही।
Accused in case of minor’s rape & murder should be encountered. We will nab the accused and will encounter him. We’ll stand by the victim’s family. We’ll provide aid to the family. We will console them: Telangana Minister Chamakura Malla Reddy (14.09) pic.twitter.com/h8JgouzAMV
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हैदराबाद के पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार ने फरार आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सूचना या सुराग देने वाले को 10 लाख रुपए का इनाम देने घोषणा की है। पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि गंभीर प्रयासों के बावजूद आरोपित अभी भी फरार है। 30 वर्षीय आरोपित एक शराबी है, जो फुटपाथ और बस स्टैंड पर सोता है।
गौरतलब है कि हैदराबाद में 9 सितंबर को एक 6 साल की मासूम बच्ची की कथित तौर पर बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बच्ची का शव एक बंद घर से बरामद किया था। आरोपित पल्लकोंडा राजू बच्ची के पड़ोस में ही रहता था। वारदात के बाद से ही वह फरार है। पुलिस ने शख्स की गिरफ्तारी के लिए 15 टीमें बनाई हैं। आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी उसकी तलाश की जा रही है। वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों के साथ विपक्षी दल भाजपा, कॉन्ग्रेस और अन्य विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार (सितंबर 14, 2021) को पाकिस्तान के आंतकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 2 आतंकी ऐसे भी थे जिन्हें पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी गई थी। इन 6 की पहचान महाराष्ट्र के जन मोहम्मद शेख, दिल्ली के ओसामा समी, राय बरेली के ओसामा मूलचंद, प्रयागराज के जीशान कमर, लखनऊ के मो आमिर जावेद और अबू बकर के तौर पर हुई है। इनमें जीशान और ओसामा वह हैं जिन्हें पाकिस्तान में प्रशिक्षित किया गया।
जीशान को प्रयागराज से पकड़ा गया। छानबीन में सामने आया कि वो एमबीए कर चुका है और दुबई में अकॉउंटेंट की जॉब करता था। कोरोना के कारण लॉकडाउन में वह घर लौटा और खजूर का बिजनेस शुरू कर दिया।
जीशान कमर, ओसामा, जन मोहम्मद और अबू बकर
इनमें जन मोहम्मद शेख उर्फ समीर कालिया लंबे समय से मुंबई पुलिस की नजर में था। पेशे से ड्राइवर शेख को 2001 में एक केस में गिरफ्तार भी किया गया था। ऐसे ही लखनऊ से पकड़ा गया मोहम्मद आमिर जावेद, जीशान का रिश्तेदार था और पेशे से एक मजहबी उलेमा था। मूलचंद के बारे में बताया जा रहा है कि वो एक किसान था और दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी के कॉन्टैक्ट में था। मो अबू बकर बहराइच निवासी था, लेकिन जेद्दाह में रहता था। उसने 2013 में देवबंद के मदरसे से तालीम ली थी। ओसामा का परिवार मेवों का बिजनेस करता था, जिसके चलते वह कई बार मिडल ईस्ट देशों में जाता रहता था। पुलिस बताती है कि वह मस्कट गया था और पानी के रास्ते पाकिस्तान पहुँचा था।
दिल्ली पुलिस ने किया पाक मॉड्यूल का भंडाफोड़
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के संबंध में बयान जारी करते हुए बताया, “हमने एक समीर को कोटा से गिरफ्तार किया है। 2 लोग दिल्ली से पकड़े गए हैं और तीन लोग उत्तर प्रदेश से पकड़े गए हैं।” स्पेशल सेल के स्पेशल सीपी नीरज ठाकुर ने बताया, “गिरफ्तार लोगों ने कहा है कि उनके समूह में 14-15 बांग्ला भाषी व्यक्ति थे जिन्हें शायद इसी तरह के प्रशिक्षण के लिए लिया गया था। ऐसा लगता है कि इस ऑपरेशन को सीमा पार से बारीकी से कॉर्डिनेट किया गया था।”
इस पूरे मामले में आरोपित जन मोहम्मद शेख, ओसामा मूलचंद और मोहम्मद अबू बकर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। दो अन्य आरोपित भी कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजे जाएँगे। जाँच में पता चला है कि संदिग्ध आतंकियों कोदा गाजी नाम के एक मेजर या लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी के अंतर्गत प्रशिक्षित किया गया था। इनमें दो सब ऑर्डिनेट्स थे जिनका नाम जब्बार और हमजा है।
अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए इन आतंकियों के निशाने पर 6 राज्यों के 15 शहर थे। नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़भाड़ में हमलों को अंजाम देने की इनकी प्लानिंग थी। कुछ नामचीन भी इनके निशाने पर थे। इनके पास से विस्फोटक भी मिले हैं। यह बात भी सामने आई है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इसके लिए फंड मुहैया करा रहा था। इस बड़े आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने रची थी।
कनाडा में हिंदू घृणा (हेट क्राइम) का मामला सामने आय़ा है। यहाँ हिंदू व्यक्ति द्वारा मिसिसागा के बारबरटाउन रोड स्थित स्ट्रीट्सविले पार्क में हिंदू आस्था से जुड़ा छोटा सा सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने पर व्यक्ति, उसकी पत्नी औऱ दो छोटे बच्चों के साथ मारपीट और पत्थरबाजी की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, पील की स्थानीय पुलिस ने बताया है कि यह घटना शनिवार (11 सितंबर 2021) को उस वक्त हुई, जब 45 वर्षीय हिंदू व्यक्ति पार्क में हिंदू धर्म से जुड़ा एक कार्यक्रम कर रहे थे। शाम के करीब 5 बजे दो लड़के वहाँ पहुँचे और उन्होंने हिंदू व्यक्ति के साथ मारपीट की। दोनों आरोपितों में से एक करीब 16 साल औऱ दूसरा करीब 18 साल का था। बताया जाता है कि उनमें से एक गोरा था, जबकि दूसरा एशियाई था। दोनों के बाल काले थे
पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने हिंदू परिवार पर अपमानजनक और हिंदू घृणा से भरी टिप्पणी भी की। मारपीट के बाद जब पीड़ित व्यक्ति अपनी कार से परिवार के साथ वहाँ से जाने लगा तो आरोपितों ने उस पर पत्थरबाजी भी की। इस हमले में कार को भी नुकसान हुआ है।
Hate crime against Hindu family in Canada: Man and his family victims of hate crime at Mississauga park @PeelPolicehttps://t.co/oFNa8ztNq7
वारदात के बाद पीड़ित हिन्दू व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालाँकि, उसकी हालत ठीक है। पीड़ित व्यक्ति के अलावा उसके पत्नी और बच्चे सभी सुरक्षित हैं। इस घटना को लेकर पील के पुलिस प्रमुख निशान दुरईअप्पा ने कहा कि समृद्ध संस्कृति और सामाजिक विविधता का घर माने जाने वाले पील में इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएँगे।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “पील की विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हमारी अनेकों ताकतों में से एक है। शांति और सुरक्षित तरीके से अपने धर्म का अभ्यास और जश्न मनाने का अधिकार कनाडा में मौलिक अधिकार है। इस तरह के घृणित, जानबूझकर किए गए कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूँ कि आरोपितों की पहचान करने के लिए उचित संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।” इसके अलावा पुलिस ने गवाहों या इस मामले की जानकारी रखने वालों को पुलिस से संपर्क करने को कहा।