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नैनीताल BJP जिलाध्यक्ष के घर देर रात जोरदार धमाका: दरवाजे-खिड़कियाँ ध्वस्त, बुलाई गई ITBP की टीम

उत्तराखंड के नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट के घर में मंगलवार (14 सितंबर 2021) देर रात जोरदार धमाका हुआ। धमाके की वजह स्पष्ट नहीं है। ऑपइंडिया को पुलिस ने बताया है कि जाँच के लिए फोरेंसिक और आईटीबीपी के विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया गया है।

प्रदीप बिष्ट के हीरानगर स्थित घर में देर रात करीब 12:30 बजे धमाका हुआ था। धमाका इतना तेज था कि इसकी वजह से घर के मुख्य दरवाजे, खिड़कियाँ तक ध्वस्त हो गए। धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई। पुलिस शुरुआती तौर पर घर के सिलिंडर में विस्फोट को इसका कारण मानकर चल रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक धमाके से घर की एक तरफ की दीवार तक क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी, सीओ हल्द्वानी, एसडीएम मनीष सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह समेत तमाम प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुँच गया। जिलाधिकारी धीरज सिंह गर्बयाल ने बताया कि घर में धमाके से नुकसान बहुत अधिक हुआ है। विस्फोट का कारण जाँच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ऑपइंडिया से बात करते हुए हल्द्वानी कोतवाली थाने के इंचार्ज अरुण कुमार सैनी ने बताया कि धमाके के कारण बीजेपी जिलाध्यक्ष के घर में काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, “हम शुरुआती तौर पर इसे घर के सिलिंडर में हुआ विस्फोट मानकर चल रहे हैं। जाँच के लिए फोरेंसिक और आईटीबीपी के विशेषज्ञों की टीम को भी बुलाया गया था।”

सैनी के मुताबिक जाँच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट कैसे हुआ। अधिकारी ने कहा कि घटनास्थल पर किसी भी तरह की बारूद की गंध नहीं आ रही थी। इन सब के अलावा यह भी माना जा रहा है कि ऐसा आकाशीय बिजली गिरने से हुआ हो। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए डीआईजी को जाँच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने इस संबंध में जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट से भी बात की है।

‘अंकल मैं मर जाऊँगी, मुझे छोड़ दो’: शहजाद के सामने बिलखती रही बबली… खून वाली शर्ट, रस्सी, चप्पल मिली

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 10 सितंबर 2021 को खो-खो की राष्ट्रीय खिलाड़ी बबली की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाते हुए शहजाद उर्फ खादिम को गिरफ्तार कर लिया है। रेप में नाकाम रहने पर उसने 24 वर्षीय बबली की गला दबाकर हत्या कर दी थी।

बबली के दोस्त की ओर से मुहैया कराई गई ऑडियो रिकॉर्डिंग के सहारे पुलिस शहजाद तक पहुँची। वह रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता था और नशे का आदी है। पुलिस के मुताबिक आरोपित पहले भी कई बार जेल जा चुका है। पुलिस को उसके पास से खून के धब्बे वाली शर्ट, रस्सी, चप्पल और शर्ट के टूटे बटन भी मिले हैं।

रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि 10 सितंबर को बबली नौकरी के लिए इंटरव्यू देकर लौट रही थी। दोपहर करीब दो बजे वह फोन पर अपने दोस्त से बात करते हुए गुजर रही थी। इसी दौरान शहजाद उसे खींचकर रेलवे स्लीपर्स के बीच खाली जगह में ले गया। इसके बाद दोस्त ने मोबाइल पर बबली की चीख सुनी जिसमें वह कह रही थी- अंकल मैं मर जाऊँगी, मुझे छोड़ दो। बाद में बबली के दोस्त ने इसकी जानकारी उसके एक पड़ोसी को दी। पड़ोसी को बोरियों के बीच बबली का शव मिला था, लेकिन फोन गायब था।

एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि जाँच के दौरान बबली के फोन की लास्ट लोकेशन आदमपुर गाँव में मिली। उसके बाद शहजाद को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस के मुताबिक शहजाद नशे का आदी था। उसे पता था कि बबली रेलवे स्लीपर्स के बीच से गुजरती है। 10 सितंबर को उसके पास कोई काम नहीं था और वह नशे की हालत में पहले से बबली का इंतजार कर रहा था। वहाँ से जब वह गुजरी तो वह उसे खींच कर स्लीपर्स के बीच ले गया। जब बबली शोर मचाने लगी तो दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया।

पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि शहजाद ने पूछताछ में कहा कि वह अक्सर बबली को आते-जाते देखता था। उसे देखकर उसकी नीयत खराब हो जाया करती थी। 10 सितंबर को भी उसने उसे जाता देखा और उसके वापस लौटने का इंतजार करने लगा। करीब 2 बजे जब वह लौट रही थी तो शहजाद ने उसे स्लीपर्स के बीच खाली जगह में खींच लिया। एक रस्सी उसके गले में डाल दी और रस्सी तथा चुन्नी से उसका गला कस दिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपित शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। रेलवे स्टेशन से सामान चोरी करने के आरोप में उसके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में चार शिकायतें दर्ज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की जाँच पहले राजकीय रेलवे पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे बिजनौर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने इस मामले का खुलासा करने वाली टीम को 25,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

पुलिस को आरोपित की पीठ पर नाखून के निशान भी मिले हैं जो कथित तौर पर शहजाद से खुद को बचाने में पीड़िता ने उसकी पीठ पर दिए होंगे। यह पुष्टि करने के लिए नमूने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं कि क्या नाखून के निशान महिला के डीएनए से मेल खाते हैं।

अगरबत्ती बेच कर पैसा कमाते तेज प्रताप यादव, कर्मचारी ने ही ठग लिए 71000 रुपए

तेज प्रताप यादव बिहार विधान सभा के सदस्य हैं। महत्वाकांक्षी हैं। मेहनती हैं। विधायक की सैलरी के साथ-साथ अगरबत्ती भी बेचने का सोचे थे। कुछ एक्स्ट्रा कमा लेते। लेकिन इनके साथ भ्रष्टाचार (कभी इनके पिता और सजायाफ्ता कैदी लालू यादव ने भी भ्रष्टाचार किया था) हो गया। तेज प्रताप यादव की अगरबत्ती कंपनी के ही एक कर्मचारी ने इनसे 71000 रुपए ठग लिए, ऐसा आरोप लगाया गया है।

जिस कर्मचारी पर तेज प्रताप यादव ने 71000 रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, उनका नाम आशीष रंजन है। विधायक तेज प्रताप यादव ने पटना के एसके पुरी थाना को पत्र लिख कर इस बारे में शिकायत की है। तेज प्रताप के अनुसार आशीष रंजन उनकी अगरबत्ती कंपनी में मार्केटिंग का काम देखता है और बिना अनुमति के 71000 रुपए अपने अकाउंट में मँगवा लिए।

साभार: News18

LR Radha Krishna Agarbatti – तेज प्रताप यादव की अगरबत्ती कंपनी का नाम यही है। इस कंपनी में 71000 रुपए का हेरफेर करने का आरोप लगा कर विधायक तेज प्रताप यादव ने आशीष रंजन के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है।

कपड़े-गाड़ियों के शोरूम आपने बहुत देखे होंगे। अगरबत्ती का शोरूम शायद न के बराबर। पटना में आप इसे भी देख सकते हैं। विधायक होने का घमंड तेज प्रताप यादव में जरा भी नहीं है। इस शोरूम में सेल्समैन की तरह अगरबत्ती के फायदे बताते देखे जा सकते हैं। इस वीडियो को आप यहाँ क्लिक कर देख सकते हैं।

जहाँ 26/11 वाला कसाब बना था आतंकी, वहीं UP के ओसामा और जीशान को ट्रेनिंग: ओमान के रास्ते गए थे थट्टा टेरर कैंप

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 6 आतंकी पकड़े हैं। इनकी पहचान जान मोहम्मद शेख, ओसामा, जीशान कमर, मोहम्मद अबू बकर, मोहम्मद अमीर जावेद और मूलचंद के तौर पर हुई है। इनमें से ओसामा और जीशान को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग थट्टा के उसी आतंकी कैंप में मिली थी, जहाँ मुंबई हमले में शामिल अजमल कसाब को आतंकवादी बनाया गया था।

मोहम्मद शेख, ओसामा, मूलचंद और अबू बकर को अदालत ने 14 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दो अन्य आतंकियों जीशान और जावेद को बुधवार (15 सितंबर 2021) दोपहर अदालत में पेश किया जाएगा।

रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ओसामा और जीशान को पाकिस्तान के थट्टा टेरर कैंप में ट्रेनिंग दी गई थी। कराची के पास स्थित इस ट्रेनिंग कैंप में इन्हें ओमान के रास्ते ले जाया गया था। यह वही टेरर कैंप हैं, जहाँ 26/11 के हमले में जिंदा पकड़े आतंकी हमले अजमल कसाब को भी ट्रेनिंग दी गई थी।

पूछताछ से यह बात सामने आई है कि इसी साल अप्रैल में ओसामा और जीशान ओमान के रास्ते पाकिस्तान के कराची पहुँचे थे। वे ओमान से जिवानी गए और वहाँ से दोनों को थट्टा भेजा गया। आतंकी ट्रेनिंग के लिए ओमान के रास्ते का इस्तेमाल पहली बार किए जाने की बात भी सामने आ रही है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ओसामा पर अप्रैल से ही नजर रखी जा रही थी। वह 22 अप्रैल 2021 को सलाम एयर की फ्लाइट से लखनऊ से ओमान के मस्कट लिए रवाना हुआ था। वहीं एक फ्लैट में उसकी मुलाकात प्रयागराज के जीशान से हुई। वह भी पाकिस्तान में ट्रेनिंग के लिए भारत से मस्कट पहुँचा था। यहाँ 15-16 बांग्लादेशी भी इनके साथ जुड़े। इन सबको छोटे-छोटे ग्रुप में बाँटा गया। जीशान और ओसामा को एक ही ग्रुप में रखा गया था।

डीसीपी (स्पेशल सेल) प्रमोद कुशवाहा के हवाले से कहा गया है कि इसके बाद इन्होंने कुछ दिनों तक कई बार नाव बदल समुद्र दूरी तय की। पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से इन्हें जिवानी ले जाया गया। वहाँ से थट्टा के एक फार्महाउस पर ले जाकर ट्रेनिंग दी गई।

अलग-अलग राज्यों से पकड़े गए इन आतंकियों के निशाने पर 6 राज्यों के 15 शहर थे। नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़भाड़ में हमलों को अंजाम देने की इनकी प्लानिंग थी। कुछ नामचीन भी इनके निशाने पर थे। इनके पास से विस्फोटक भी मिले हैं। यह बात भी सामने आई है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इसके लिए फंड मुहैया करा रहा था। इस बड़े आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने रची थी।

दाऊद के भाई का पैसा, ISI की प्लानिंग: निशाने पर थे 6 राज्यों के 15 शहर, ओडिशा में पाकिस्तानी जासूस निकले DRDO के 4 कर्मचारी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अलग-अलग राज्यों से 6 आतंकियों को पकड़कर बड़ी साजिश नाकाम कर दी है। इनमें से दो आतंकियों ने पाकिस्तान में प्रशिक्षण लिया था। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक भी मिले थे। त्योहारी सीजन में 6 राज्यों के 15 शहर इनके निशाने पर थे।

यह बात भी सामने आई है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इसके लिए फंड मुहैया करा रहा था। इस बड़े आतंकी हमले की साजिश पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने रची थी। इस बीच ओडिशा पुलिस ने चार लोगों को पाकिस्तान की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में संविदा पर काम कर रहे थे। इन पर विदेशी एजेंटों को गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप है।

रिपोर्टों के अनुसार बालासोर स्थित DRDO के एकीकृत परीक्षण रेंज से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के 4 आरोपितों को ओडिशा पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा है कि ये लोग लगातार आईएसडी नंबरों के जरिए विदेशी एजेंटों के संपर्क में थे।

रिपोर्टों के मुताबिक, सभी चार संविदा कर्मचारी काफी समय से रक्षा स्थापना में मैनुअल ऑपरेशनल कार्य में थे। इसी कारण रक्षा प्रतिष्ठान में उनकी नियमित पहुँच थी। ये चारों डीआरडीओ की एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर से महत्वपूर्ण जानकारी लीक कर रहे थे। सभी आरोपित बालासोर जिले के चांदीपुर के झामपुरा हाटा और नुआनाई इलाके के रहने वाले हैं।

बालासोर जिले के सुधांशु मिश्रा ने बताया कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कुछ लोग पाकिस्तान के एजेंटों को गोपनीय जानकारी लीक कर रहे हैं। पुलिस ने कहा, “चारों आरोपितों से लगातार विभिन्न आईएसडी से संपर्क किया जा रहा था और खुफिया जानकारी के बदले में उन्हें पैसे दिए जा रहे थे। इनपुट के आधार पर अपराधियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। छापे के दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।”

हैंडलर से लगातार संपर्क में थे

सूत्रों के मुताबिक, पृथ्वी मिसाइल केंद्र के पैड III में काम करने वाला एक आरोपित बसंत बेहरा लगातार अपने हैंडलर से संपर्क बनाए हुए था। वह बार-बार कॉल करते और आईएसडी कॉल रिसीव करते पाया गया। अधिकारियों को शक है कि उसने DRDO के मिसाइल सीक्रेट्स को पाकिस्तानी एजेंटों को बेचा होगा।

पुलिस ने चारों आरोपितों को सोमवार (13 सितंबर 2021) देर रात डीआरडीओ गेट के पास उनके घरों से गिरफ्तार किया। चारों के खिलाफ चांदीपुर थाने में IPC-R/W की धारा 120-B (आपराधिक साजिश के लिए सजा), 121-A (भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 34 (सामान्य इरादे से किया गया कृत्य) और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3, 4 और 5 के तहत कार्रवाई की गई है।

इससे पहले चांदीपुर आईटीआर के एक संविदा फोटोग्राफर ईश्वर बेहरा को मिसाइल डिजाइन और प्रौद्योगिकी से संबंधित जानकारी पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसे हाल ही में इस गंभीर मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार (सितंबर 14, 2021) को पाकिस्तान द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें पाकिस्तान से प्रशिक्षित दो आतंकवादी भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने इस मल्टी स्टेट ऑपरेशन में विस्फोटक व अन्य चीजों को भी बरामद किया। पुलिस का कहना था कि ये संदिग्ध देश में हत्याओं और विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा इनके निशाने पर नामचीन लोग भी शामिल थे।

रेप में नाकाम रहने पर शहजाद ने दलित खो-खो खिलाड़ी की हत्या की, ऑडियो क्लिप की मदद से UP पुलिस ने किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की बिजनौर पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर की खो-खो खिलाड़ी की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में मंगलवार (14 सितंबर) को एक शख्स को गिरफ्तार किया। 24 वर्षीय खिलाड़ी का शव बिजनौर के एक रेलवे स्टेशन पर मिला था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने पीड़िता के एक दोस्त द्वारा शेयर किए गए ऑडियो क्लिप की मदद से आरोपित शहजाद उर्फ ​​हदीम को गिरफ्तार किया है। बिजनौर पुलिस आरोपित का नाम शहजाद उर्फ खादिम बता रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटना 10 सितंबर की दोपहर करीब 2 बजे की है, जब दलित महिला नौकरी के लिए इंटरव्यू देकर घर लौट रही थी। उसी समय रेलवे स्टेशन पर मजदूरी का काम करने वाले आरोपित शहजाद उर्फ खादिम ने उसे देखा और सीमेंट रेलवे स्लीपरों में खींचकर ले गया। वहाँ उसने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला उस समय दोस्त के साथ कॉल पर थी। उसने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपित ने उसके ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। इस दौरान महिला के दोस्त ने फोन पर उसके चिल्लाने की आवाज सुन ली। आरोपित महिला को सीमेंट के स्लीपर पर छोड़कर उसका मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने बाद में पीड़िता को खून से लथपथ पाया और उसका एक दाँत भी गायब है। वहीं महिला के परिवारवालों का आरोप है कि आरोपित ने उनकी बेटी के साथ रेप किया है।

बताया जा रहा है कि आरोपित ने घर पहुँचने के बाद फोन बंद कर दिया था, लेकिन उसकी आखिरी लोकेशन का पता लगाकर पुलिस उसके घर पर पहुँच गई और उसे दबोच लिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक जूता और एक शर्ट के दो टूटे बटन भी बरामद किए हैं, जो आरोपित के थे। पुलिस ने बताया कि आरोपित की शर्ट पर खून के धब्बे थे, जिसे बाद में उसकी बीवी ने धो दिया। महिला के दोस्त ने पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग दी है, जिसमें पीड़िता की चीखें साफ-साफ सुनाई दे रही हैं। इस सबूत के आधार पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस को आरोपित की पीठ पर नाखून के निशान भी मिले हैं जो कथित तौर पर शहजाद से अपने आपको बचाने में पीड़िता ने उसकी पीठ पर दिए होंगे। यह पुष्टि करने के लिए नमूने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं कि क्या नाखून के निशान महिला के डीएनए से मेल खाते हैं।

पुलिस के मुताबिक आरोपित शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। वह ड्रग एडिक्ट है। रेलवे स्टेशन से सामान चोरी करने के आरोप में उसके खिलाफ स्थानीय पुलिस स्टेशन में चार शिकायतें दर्ज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले की जाँच पहले राजकीय रेलवे पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे बिजनौर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने इस मामले का खुलासा करने वाली टीम को तीन दिन के भीतर 25,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

तालिबान खोलने जा रहा है वो मंत्रालय जो देगा शरिया कानून वाली सजा: हत्या के बदले हत्या, चोरी के बदले काटे जाएँगे हाथ

अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार बनने के बाद अब तालिबान का और भयावह चेहरा देखने को मिल सकता है। खबरें है कि तालिबान अपना सदाचार मंत्रालय (Ministry of Vice and Virtue) दोबारा चालू करने की दिशा में काम कर रहा है जिसे अमेरिका के हमले के बाद बंद कर दिया गया था। संभव है कि मोहम्मद खलील इसका प्रमुख बने। ये वही मंत्रालय है कि जो शरिया कानून के तहत सजा मुकर्रर करेगा। इन सजाओं में चोरी करने पर हाथ काटने और अवैध संबंध बनाने पर पत्थर से मारने की बातें हैं।

न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक, अफगानिस्तान के सेंट्रल जोन के प्रमुख 32 वर्षीय मोहम्मद युसूफ ने बताया कि तालिबान अब सख्त शरिया कानून लागू करेगा। युसूफ के मुताबिक, 

“हम शरिया कानून के तहत सजा देंगे। जो भी इस्लाम में कहा गया है हम उसके हिसाब से सजा मुकर्रर करेंगे। इस्लाम में बड़े अपराधों के लिए अपने नियम हैं। जैसे किसी की हत्या करने वाले के लिए अलग नियम हैं। अगर आपने जानबूझ कर मारा तो आपको भी मारा जाएगा। अगर ये काम जान कर नहीं हुआ तो अलग सजा होगी जैसे कुछ रुपयों का जुर्माना। अगर चोरी हुई तो हाथ काट दिया जाएगा। अगर अवैध संबंध बने तो पत्थरों से मारा जाएगा।”

युसूफ ने कहा, “हम एक शांतिपूर्ण देश चाहते हैं जहाँ इस्लामी नियम और कानून चलें। शांति और इस्लाम का शासन ही सिर्फ हमारी इच्छा है।”

बता दें कि तालिबान के पिछले शासन में महिलाओं को बुर्का पहनना अनिवार्य था और बिन पुरुषों के वह घर से बाहर नहीं निकल सकती थीं। नमाज का समय सख्ती से लागू था। पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाना जरूरी था। ऐसे ही अब मोरल पुलिस हर सड़क पर तैनात होगी ताकि उल्लंघनकर्ताओं को सजा दी जा सके। इन सजाओं में कोड़े, बेंत, अंगों को काटने या सजा-ए-मौत देने का अधिकार होगा। वैसे इन सजाओं के उदाहरण अभी से काबुल की सड़कों पर देखने को मिलने लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि मोहम्मद युसूफ ने 9वीं क्लास आम स्कूल में पढ़ाई की है। इसके बाद वह 13 सालों तक इस्लाम पढ़ता रहा। अब वह इस्लामी ज्ञान का प्रचार करता है। युसूफ ने दावा किया कि उसने कभी मिलिट्री ट्रेनिंग नहीं ली और ना ही आज तक बंदूक चलाई। उसके मुताबिक, “हम (तालिबान) देश में शांति चाहते हैं, जिसके लिए इस्लामी नियम-कायदे बेहद जरूरी हैं।

हिजाब, बुर्का हमारी संस्कृति नहीं: तालिबानी फरमान के विरोध में आगे आईं अफगान महिलाएँ, शेयर की पारंपरिक परिधानों की तस्वीरें

अफगानिस्तान में तालिबानी शासन आने के बाद से महिलाओं पर लगातार अत्याचार जारी हैं। तालिबान ने अपनी छवि बदलने का दिखावा करते हुए कहा था कि वह महिलाओं के अधिकारों का संरक्षण करेगा, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। तालिबानी महिलाओं से किया गया वादा तोड़ रहे हैं, उन्हें बुर्के में रहने को मजबूर किया जा रहा है। यहाँ तक कि महिलाओं पर सरे आम कोड़े बरसाए जा रहे हैं। इसको लेकर अफगान महिलाओं ने सोशल मीडिया पर तालिबान के खिलाफ अभियान शुरू किया है।

बुर्का और हिजाब पहनने के लिए तालिबान के आदेश का विरोध करने के लिए अफगान महिलाएँ अपने पारंपरिक परिधानों में खुद की तस्वीरें ट्वीट कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान द्वारा छात्राओं के लिए नए ड्रेस कोड के विरोध में दुनिया भर से अफगान महिलाओं ने एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। वे तालिबान द्वारा प्रचारित इस्लाम के खिलाफ अपनी संस्कृति को पूरी दुनिया के सामने ला रही हैं। वह लिख रही हैं कि तालिबान के शासन में जो किया जा रहा है वह ‘हमारी संस्कृति नहीं’ है। वे रंगीन पारंपरिक अफगान पोशाक पहने हुए खुद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही हैं।

अफगानिस्तान में अमेरिकी विश्वविद्यालय की इतिहास की पूर्व प्रोफेसर डॉ. बहार जलाली द्वारा शुरू किए गए अभियान में सैकड़ों महिलाएँ बिना हिजाब पहने अपनी तस्वीरें #DoNotTouchMyClothes और #AfghanistanCulture जैसे हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर रही हैं।

जलील ने भी सुंदर गहरे हरे रंग की पोशाक पहने हुए एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया, “मैं दुनिया भर में अफगान नागरिकों को अफगान संस्कृति की सुंदरता साझा करने के लिए प्रोत्साहित करती हूँ। आज अफगान राष्ट्र और उसकी पहचान को विदेशी आतंकवादियों द्वारा क्रूर हमले का सामना करना पड़ रहा है, इन्होंने हमारी धरती को बंधक बना लिया है और हमारे लोगों पर विदेशी संस्कृति थोप रहे हैं।”

देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित पारंपरिक अफगान पोशाक के साथ ट्वीट करते हुए सैकड़ों महिलाएँ तेजी से इस अभियान में शामिल हुईं। इस दौरान कुछ सिर के आभूषण पहने हुए भी दिखाई दीं, जबकि अन्य ने लंबे कुर्ते पहने थे, ये बेहद खूबसूरत थे। महिलाओं ने कहा कि ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उनमें से लगभग सभी ने हिजाब पहनने की बात से इनकार किया और कहा कि हिजाब कभी भी उनकी संस्कृति का हिस्सा नहीं था।

बता दें कि हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें दो शख्स महिला पर कोड़े बरसाते नजर आ रहे थे और उनके चीखने की आवाज सुनाई दे रही है। सामने गाड़ी होने की वजह से यह बता पाना मुश्किल था कि इस बर्बरता का शिकार कौन हो रहा है।

हालाँकि, यह दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अफगानिस्तान का है। NRF (national resistance front) से जुड़ी खबरों को ट्विटर पर शेयर करने वाले पेज Panjshir_Province ने यह वीडियो शेयर किया है। इसमें तालिबान लड़ाकों द्वारा एक महिला को कोड़े मारते दिखाया जा रहा है। पेज पर लिखा गया, “यह बर्बर है। तालिबान एक महिला को बेरहमी से कोड़े मार रहा है, जबकि वह बेबस होकर चिल्ला रही है।”

जानलेवा हमले में भाइयों ने छोड़ा माफिया मुख्तार अंसारी का साथ, बाँदा जेल में बिगड़ी तबीयत: सामने आया ये कारण

उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद बसपा के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की तबीयत बिगड़ने की खबर है। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। परेशानी क्या थी इस बात का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका। आज ही एक जानलेवा हमले के मुकदमे में जिन लोगों ने मुख्तार की जमानत कराई थी, अब उन्होंने जमानत भी वापस ले ली है। इस पर अदालत ने अभियुक्त मुख्तार को फिर से अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया है। मुख्तार अंसारी के खिलाफ वर्ष 2009 में गाजीपुर में जानलेवा हमला और आपराधिक षडयंत्र का मुकदमा दर्ज हुआ था। उस मुकदमे में 28 अगस्त 2010 को हाई कोर्ट से जमानत मिली थी।

वहीं अचानक से तबियत बिगड़ने की खबर भी आई, बीमारी का कोई खास खुलासा नहीं हुआ है मगर, कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्तार का इलाज हुआ। मेडिकल कॉलेज में दाँतों के विशेषज्ञ सहित चार सदस्यीय टीम ने उनका इलाज किया। फिर उन्हें 4:30 वापस जेल भेज दिया।

जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी के दाँत में काफी दिन से दर्द था। इसकी शिकायत उन्होंने एमपी-एमएल कोर्ट में पेशी के दौरान भी की थी। 4 दिन पहले कोर्ट से आदेश आया था कि उनका इलाज दंत विशेषज्ञ से कराया जाए। इसी के मद्देनजर सुरक्षा-व्यवस्था के इंतजाम पूरे होने पर उन्हें मंगलवार दोपहर तीन बजे बांदा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ करीब 40 मिनट तक इलाज चला। साढ़े चार बजे उन्हें वापस जेल में लाया गया।

उल्लेखनीय है कि पहले कुछ रिपोर्ट्स में अंसारी की हालत गंभीर बताई गई थी। कहा जा रहा था कि आज ही अंसारी की तबीयत बिगड़ी और इस बाबत आला अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद तत्काल सुरक्षा पहुँची और मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। मेडिकल कालेज में पुलिस और पीएसी के दस्ते भी तैनात किए गए। हालाँकि, अब पता चला है कि ये जाँच उनके दाँत दर्द को लेकर थी।

मालूम हो कि एक ओर अंसारी की तबीयत बिगड़ने की खबरें मीडिया में उछलीं और दूसरी ओर ये पता चला कि एक जानलेवा हमले के मुकदमे में जिन लोगों ने मुख्तार की जमानत दी थी, अब उन्होंने जमानत वापस ले ली है। एमपी एमएलए कोर्ट में मुख्तार के सगे भाई मोहम्मद अकबर व मो अकमल ने अर्जी देकर कहा कि उनको निजी कारणों से बाहर जाना है। इसलिए वह मुख्तार की जमानत वापस करना चाहते हैं। जिस पर कोर्ट ने आगे कार्रवाई का आदेश दे दिया है।

बता दें कि मुख्तार अंसारी को कुछ माह पहले ही पंजाब की रोपड़ जेल से बांदा जेल शिफ्ट किया गया था। उस समय भी उनकी तबीयत बिगड़ने की खबरें आई थी। अप्रैल 2021 में भी यूपी की बांदा जेल में बंद अंसारी ने डॉक्टरों को अपनी कई नई बीमारियों के बारे में बताया था।

उन्होंने कहा था कि उनको आँखों से धुँधला दिख रहा है। इस पर डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, सिर्फ चश्मा बदला जाना है। इससे दो दिन पहले उन्होंने गले में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद डॉक्टरों की एक टीम ने उनकी मेडिकल जाँच की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं है।

दिल्ली में पाकिस्तानी मॉड्यूल का भंडाफोड़, स्पेशल सेल ने किया 6 आतंकियों को गिरफ्तार: करने वाले थे नामचीन लोगों को टारगेट

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार (सितंबर 14, 2021) को पाकिस्तान द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें पाकिस्तान से प्रशिक्षित दो आतंकवादी भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने इस मल्टी स्टेट ऑपरेशन में विस्फोटक व अन्य चीजों को भी बरामद किया।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि स्पेशल सेल ने पाक के संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। पाक प्रशिक्षित दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से काफी संख्या में विस्फोटक और अन्य चीजें बरामद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि ये संदिग्ध देश में हत्याओं और विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। इसके अलावा इनके निशाने पर नामचीन लोग भी शामिल थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों की पहचान मोहम्मद ओसामा और जीशान के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन दोनों आतंकियों की ट्रेनिंग पाकिस्तान में हुई थी। इन आतंकियों के अंडरवर्ल्ड से भी संबंध बताए जा रहे हैं। इसके अलावा इनको पाक खुफिया आईएसआई का पूरा समर्थन था। इन्हें आतंकी ट्रेनिंग कराने के लिए आईएसआई ने पूरी प्लानिंग की थी।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने अपना यह ऑपरेशन दिल्ली, महाराष्ट्र व उत्तर प्रदेश में चला इन्हें गिरफ्तार किया है। इस संबंध में उनको 15 अगस्त से पहले इनपुट मिले थे। इसी के बाद पुलिस ने अपनी पड़ताल शुरू की। काफी समय से पुलिस इस मॉड्यूल पर अपनी नजर बनाए हुए थी, मगर जब सूचना कन्फर्म हो गई तब इन लोगों को पकड़ा गया। अब आगे इनके पूछताछ चल रही है।