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सोमवार को शपथ लेंगे भूपेंद्र पटेल: RSS से रहा है लंबा नाता, पेशे से सिविल इंजीनियर हैं गुजरात के नए CM

गुजरात में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने घोषणा की है कि भूपेंद्र पटेल सोमवार (13 सितंबर, 2021) को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि भूपेंद्र पटेल के साथ कोई और नेता शपथ नहीं लेगा, जिसका अर्थ है कि मुख्यमंत्री के अलावा गुजरात मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होगा और नितिन पटेल भी उप-मुख्यमंत्री बने रहेंगे। सिर्फ विजय रुपाणी की ही छुट्टी हुई है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भूपेंद्र पटेल को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से गुजरात की विकास यात्रा और जनकल्याण के कार्यों को नई ऊर्जा व गति प्रदान करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन व भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रदेश की अनवरत विकास यात्रा को नई ऊर्जा व गति मिलेगी और गुजरात सुशासन व जनकल्याण में निरंतर अग्रणी बना रहेगा।

गुजरात में भाजपा ने भूपेंद्र पटेल के नाम पर अगले मुख्यमंत्री के रूप में मुहर लगा दी है। वो विजय रुपाणी की जगह लेंगे, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया था। भूपेंद्र पटेल राज्य के 17वें मुख्यमंत्री होंगे। उनके नाम की आधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है। राजधानी गाँधीनगर में भाजपा दफ्तर ‘कमलम्’ में नेताओं की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया। पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व प्रह्लाद जोशी को दिल्ली भेजा गया था।

भूपेंद्र पटेल पाटीदार समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य में अच्छी-खासी जनसंख्या है। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुके 59 वर्षीय भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद के घाटलोडीया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2017 में उन्होंने लगभग 1.17 लाख वोट से कॉन्ग्रेस के अपने नजदीकी उम्मीदवार को हराया था। ये वही विधानसभा क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल किया करती थीं। आनंदीबेन पटेल फ़िलहाल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं।

भूपेंद्र पटेल 2017 में पहली बार ही विधायक बने थे। उससे पहले वो संगठन के लिए कार्य करते थे। भाजपा विधायक दल में उनके नाम पर सहमति बनी। उनका नाम चौंकाने वाला भी है, क्योंकि उनके नाम की मीडिया में चर्चा तक नहीं थी। लंबे समय से RSS से जुड़े रहे भूपेंद्र पटेल गुजरात की विजय रुपाणी सरकार में मंत्री भी थे। वो 2015-17 में ‘अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA)’ के अध्यक्ष भी रहे हैं। पटेल समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

पूर्व मुख्यमंत्री रुपाणी ने कहा कि भूपेंद्र पटेल एक योग्य नेता हैं और उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा गुजरात का अगला विधानसभा चुनाव जीतेगी। वर्ष 1999-2000 में भूपेंद्र पटेल स्थायी समिति के अध्यक्ष और मेमनगर नगरपालिका के अध्यक्ष रहे थे। 2010-15 के दौरान वे थलतेज वार्ड से पार्षद रहे थे। पटेल पाटीदार संगठनों सरदार धाम और विश्व उमिया फाउंडेशन में ट्रस्टी भी हैं। 2008-10 में उन्होंने एएमसी के स्कूल बोर्ड के उपाध्यक्ष का पद संभाला था।

मास्क न पहनने पर ‘नेताजी’ को ‘पत्रकार’ ने थपड़ियाया, लोगों ने बताया ‘गुंडा’: जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पत्रकार गुंडई करते हुए दिख रहा है। इस वीडियो के आधार पर पत्रकारों से दूर रहने की बात भी कही जा रही है। कॉन्ग्रेस समर्थक पत्रकार आदेश रावल ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘पत्रकारों से दो गज की दूरी, और मास्क है ज़रूरी।’ एक अन्य कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने भी इसे आगे बढ़ाते हुए लिखा कि ये पत्रकार नहीं, ‘गुंडा’ है जो अपने दर्शकों को वही परोस रहा जो वो चाहते हैं।

वीडियो में पत्रकार मुखिया जी से कहता है कि यहाँ पर प्रकाश थोड़ा कम है, इसीलिए फोटोशूट के लिए कहीं और जाना होगा। इसके बाद वो कहता है, “इधर आइए, हमलोग फोटो लेते हैं। यहाँ फोटोशूट होगा।” इसके बाद पत्रकार मुखिया जी को कोने में एक घर की दीवार के बगल में ले जाता है। इसके बाद वो एक-एक कर के चार चमेट मुखिया जी को लगा देता है। फिर उन्हें लोगों के सामने ले आता है और ज़िंदाबाद का नारा लगाते हुए कहता है कि मुखिया जी का फोटोशूट हो गया।

तहसीन पूनावाला ने इस वीडियो को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि ये अस्वीकार्य है और पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने ब्रैकेट में ये भी लिख दिया कि अगर ये वास्तविक है, मजाकिया वीडियो नहीं है तो। इसी तरह कई अन्य लोगों ने भी इस वीडियो को शेयर किया और बताया कि कैसे पत्रकार ने मुखिया जी की धुनाई कर दी। अब हम आपको बताते हैं कि इस वीडियो की सच्चाई क्या है।

दरअसल, हर्ष राजपूत के चैनल पर अपलोड किए गए इस वीडियो में स्पष्ट लिखा है कि इसे मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है और ये स्क्रिप्टेड है। हर्ष राजपूत अक्सर रिपोर्टर बन कर इस तरह के विडीयोज बनाते हैं। इस बार उन्होंने पंचायत चुनाव व मुखिया उम्मीदवारों वाला मुद्दा उठाया। इसी दौरान उन्होंने एक ‘मुखिया प्रत्याशी’ से बात की, जो इस शो का ही हिस्सा था। इस दौरान कोरोना व मास्क को लेकर उन्होंने बातें की। देखें वीडियो:

पंचायत चुनाव पर हर्ष राजपूत का मजाकिया वीडियो

कई लोगों ने तहसीन पूनावाला को याद भी दिलाया कि ये एक मजाकिया वीडियो है जिसे मनोरंजन के लिए शूट किया गया है, इसीलिए वो पुलिस से कार्रवाई की माँग न करें। हर्ष राजपूत ने इससे पहले भी रिपोर्टर बन कर अन्य कलाकारों के साथ ऐसे कई विडीयोज शूट किए हैं। वो यूट्यूबर हैं और उनके यूट्यूब चैनल पर 7 लाख के करीब सब्सक्राइबर्स हैं। उनके फैंस उनके इसी अंदाज के लिए उन्हें पसंद करते हैं।

‘…शर्म आ रही है’: असल जिंदगी में टप्पू-बबी​ता जी के बीच अफेयर की खबरों पर मुनमुन दत्ता ने तोड़ी चुप्पी

टीवी एक्ट्रेस मुनमुन दत्ता पिछले कुछ समय से अभिनेता राज अनादकट के साथ कथित अफेयर की खबरों को लेकर चर्चा में हैं। दत्ता टीवी के पॉपुलर कॉमेडी सीरियल ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबीता जी की भूमिका में नजर आती हैं। वहीं अनादकट इस सीरियल के मुख्य किरदार जेठालाल के बेटे टप्पू की भूमिका निभा रहे हैं।

मीडिया में कथित अफेयर की खबरे आने के बाद मुनमुन ने पूरे मसले पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। एक ओपन लेटर में ट्रोल करने वालों को फटकार लगाई है। अपने पोस्ट में उन्होंने गलत और झूठी अफवाह फैलाने वाली पत्रकारिता पर भी ऊँगली उठाई है।

मुनमुन दत्ता का इंस्टाग्राम पोस्ट

मुनमुन दत्ता ने पोस्ट में कहा है, “मीडिया और जीरो क्रेडिबिलिटी वाले जर्नलिस्टजर्निस्ल्ट। आपको इस तरह की काल्पनिक बातें किसी की प्राइवेट लाइफ के बारे में छापने की किसने आजादी दी है और वो भी उनकी मर्जी के बिना? आपके इस तरह के आचरण से सामने वाली की छवि को जो नुक्सान पहुँचता है, क्या आप उसके लिए जिम्मेदार होंगे? आप टीआरपी के लिए उस औरत तक को नहीं छोड़ते जिसने कुछ समय पहले अपना प्यार खोया, अपना बेटा खोया है। आप सेंसेशनल खबरों के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पर क्या इस वजह से आप उनकी जिंदगी में आने वाले तूफानों की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं? यदि नहीं, तो आपको शर्म आनी चाहिए।”

मुनमुन दत्ता का इंस्टाग्राम पोस्ट

इसके साथ ही मुनमुन दत्ता ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा, “सभी आम लोगों के लिए, मुझे आपसे काफी बेहतर उम्मीदें थी मगर आप लोगों ने कॉमेंट सेक्शन में जो गंदगी फैलाई है, कथित पढ़े-लिखे लोगों ने भी, उससे पता चलता है कि कितने पिछड़ी हुई सोच का समाज हैं हम। केवल आपके मजे के लिए महिलाओं को लगातार उनकी उम्र और संबंधों को लेकर नीचा दिखाया जाता है। फिर भले ही आपके मजे के चक्कर में कोई व्यक्ति मेंटल ब्रेकडाउन की स्थिति में ही क्यों न पहुँच जाए।”

मुनमुन दत्ता यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने आगे लिखा, “लोगों का पिछले 13 सालों से मनोरंजन कर रही हूँ है लोगों को 13 मिनट नहीं लगे मेरी गरिमा को ठेस पहुँचाने में। इसलिए अगर अगली बार कोई डिप्रेशन में चला जाए या आत्महत्या कर ले, उससे पहले रुकें और सोचें कि क्या आपके शब्द किसी आदमी को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर तो नहीं कर देंगे। आज मुझे खुद को भारत की बेटी कहने पर शर्म आ रही है।”

गौरतलब है कि रिपोर्टों में दावा किया गया था कि मुनमुन दत्ता और राज एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में हैं। बता दें कि मुनमुन और राज की उम्र में 9 साल का अंतर है। इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई मीम्स वायरल हुए थे।

जानिए पहली बार के MLA भूपेंद्र पटेल को बीजेपी ने क्यों चुना, गुजरात के नए CM का आनंदीबेन से क्या है कनेक्शन

गुजरात में भाजपा ने भूपेंद्र पटेल के नाम पर अगले मुख्यमंत्री के रूप में मुहर लगा दी है। वो विजय रुपाणी की जगह लेंगे, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया था। भूपेंद्र पटेल राज्य के 17वें मुख्यमंत्री होंगे। उनके नाम की आधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है। राजधानी गाँधीनगर में भाजपा दफ्तर ‘कमलम्’ में नेताओं की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया। पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व प्रह्लाद जोशी को दिल्ली भेजा गया था।

भूपेंद्र पटेल पाटीदार समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य में अच्छी-खासी जनसंख्या है। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुके 59 वर्षीय भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद के घाटलोडीया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2017 में उन्होंने लगभग 1.17 लाख वोट से कॉन्ग्रेस के अपने नजदीकी उम्मीदवार को हराया था। ये वही विधानसभा क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल किया करती थीं। आनंदीबेन पटेल फ़िलहाल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं।

भूपेंद्र पटेल 2017 में पहली बार ही विधायक बने थे। उससे पहले वो संगठन के लिए कार्य करते थे। भाजपा विधायक दल में उनके नाम पर सहमति बनी। उनका नाम चौंकाने वाला भी है, क्योंकि उनके नाम की मीडिया में चर्चा तक नहीं थी। लंबे समय से RSS से जुड़े रहे भूपेंद्र पटेल गुजरात की विजय रुपाणी सरकार में मंत्री भी थे। वो 2015-17 में ‘अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA)’ के अध्यक्ष भी रहे हैं। पटेल समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

पूर्व मुख्यमंत्री रुपाणी ने कहा कि भूपेंद्र पटेल एक योग्य नेता हैं और उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा गुजरात का अगला विधानसभा चुनाव जीतेगी। वर्ष 1999-2000 में भूपेंद्र पटेल स्थायी समिति के अध्यक्ष और मेमनगर नगरपालिका के अध्यक्ष रहे थे। 2010-15 के दौरान वे थलतेज वार्ड से पार्षद रहे थे। पटेल पाटीदार संगठनों सरदार धाम और विश्व उमिया फाउंडेशन में ट्रस्टी भी हैं। 2008-10 में उन्होंने एएमसी के स्कूल बोर्ड के उपाध्यक्ष का पद संभाला था।

‘पार्टी को अपनी जागीर बना दी’: लगातार तीसरी बार AAP के राष्ट्रीय संयोजक बने अरविंद केजरीवाल, संविधान में किया था संशोधन

दिल्ली की सत्ताधारी ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ ने लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपना राष्ट्रीय संयोजक (National Convener) चुना है। उनके साथ-साथ पंकज गुप्ता को सचिव और राज्यसभा सांसद एनडी गुप्ता को पार्टी का कोषाध्यक्ष चुना गया। इन तीनों पदाधिकारियों का कार्यकाल 5 वर्षों का होगा। AAP की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में ये फैसला लिया गया, जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी चुनी गई।

इस साल की शुरुआत में भी AAP के पार्टी संविधान को संशोधन कर के कई बदलाव किए गए थे। पहले AAP के संविधान में था कि कोई भी पदाधिकारी पार्टी में तीन-तीन वर्ष के दो कार्यकाल से अधिक समय तक नहीं रहेगा, लेकिन बाद में इसे बदल डाला गया। अगले साल पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं, जहाँ AAP पाँव पसारने के मौके तलाश रही है। पंजाब में वो मुख्य विपक्षी दल भी है।

कभी AAP के नेता रहे पत्रकार आशुतोष ने इस फैसले के बाद कहा, “इस देश में लोकतंत्र होगा कैसे जब सारे दल एक नेता का जेबी संगठन बन जाते हैं। AAP को देश को दिशा दिखानी थी। परंपरागत दलों जैसी ही निकली। क्या अरविंद केजरीवाल की जगह नया राष्ट्रीय संयोजक बनता तो उनकी ताक़त कम हो जाएगी या डर है कि दूसरा पार्टी पर कब्ज़ा कर लेगा? केजरीवाल पहले हाईकमान संस्कृति के खिलाफ थे, लेकिन अब पार्टी संविधान में संशोधन कर राष्ट्रीय संयोजक बने हैं। अच्छा है कि उन्हें जीवन भर के लिए चुन लो।”

लोगों ने भी अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा। एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि यही केजरीवाल दूसरों को पार्टी के लिए निष्काम सेवा करने का संदेश दे रहे थे, वरना पार्टी कॉन्ग्रेस जैसी हो जाएगी। एक अन्य यूजर ने लिखा कि प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, आशुतोष और कुमार विश्वास जैसों को तो पहले ही बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है, इसीलिए अब AAP केजरीवाल की ही जागीर है। एक अन्य यूजर ने ध्यान दिलाया कि कैसे अब सिर्फ भाजपा ही ऐसी पार्टी बची है, जहाँ लोकतंत्र है।

‘पैंट पहनो तो सुपरिटेंडेंट गाली देती है’: बिहार के गर्ल्स हॉस्टल में बुर्का पहनने का फरमान, छात्राएँ बोली- शरिया लॉ बर्दाश्त नहीं

बिहार के भागलपुर जिले के सरकारी अल्पसंख्यक गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार (सितंबर 11, 2021) को जमकर हंगामा देखने को मिला। यहाँ रहने वाली मुस्लिम समुदाय की छात्राओं ने शनिवार दोपहर को हॉस्टल सुपरिटेंडेंट नाहिदा नसरीन के कैंपस के अंदर बुर्का पहनने के फरमान को लेकर नाराजगी जताई।

ये लड़कियाँ इतनी गुस्से में थीं कि उन्होंने हॉस्टल के गेट पर पथराव किया और आरोप लगाया कि सुपरिटेंडेंट नाहिदा नसरीन उन पर तालिबानी शरिया कानून थोप रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से कैंपस में उनकी व्यक्तिगत आजादी पर सवाल उठाया जा रहा है उससे वे तंग आ चुकी हैं और उन्हें बुर्का पहनने के लिए कट्टर सुपरिटेंडेंट द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है।

पहले भी उन्होंने नीतीश कुमार सरकार के बिहार कल्याण विभाग को ई-मेल कर इस समस्या के बारे में बताया था। वे सड़क पर उतर अपनी नाराजगी जताना चाहती थीं, लेकिन नाहिदा नसरीन ने हॉस्टल का गेट नहीं खोला। बता दें कि यह हॉस्टल भागलपुर के बीचों बीच बीएन कॉलेज के पास स्थित है।

ऐसा लगता है कि लड़कियों और नाहिदा नसरीन के बीच यह तकरार लंबे समय से चल रहा था क्योंकि दरक्शा अनवर नाम की एक छात्रा ने बताया कि जब भी लड़कियाँ पैंट पहनती हैं तो सुपरिटेंडेंट छात्राओं को गाली देती हैं। इसके साथ ही छात्रा ने आरोप लगाया कि वह उनके माता-पिता को भी गलत जानकारी देती हैं कि वह लड़कों से बात करती हैं।

लड़कियों ने बताया कि बिहार के गर्म और उमस भरे मौसम में बुर्का पहनना काफी मुश्किल होता है, इसलिए वे कैंपस में ट्राउजर और टी-शर्ट पहनती हैं। एक रिसर्च स्कॉलर नेदा फातिमा ने बताया कि जब भी नाहिदा नसरीन किसी भी छात्रा को पैंट में देखती है या स्कूटी रखने वाली अपनी छात्राओं से बात करते हुए देखती है तो डाँटती-फटकारती है। 

घटना की सूचना मिलने पर नाथ नगर की सर्किल ऑफिसर स्मिता झा पुलिस टीम के साथ गर्ल्स हॉस्टल पहुँचीं और गेट खुलवाया। हाथ में तख्तियाँ लिए लड़कियाँ तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में पहुँचीं। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति नीलिमा गुप्ता से मिलने का आग्रह किया, क्योंकि वे चाहते थे कि नाहिदा नसरीन को सुपरिटेंडेंट के पद से तत्काल हटाया जाए। हालाँकि बाद में डीएसडब्ल्यू रामप्रवेश सिंह और प्रॉक्टर रतन मंडल द्वारा इस मामले में जाँच का आश्वासन दिए जाने के बाद वे मान गए। लड़कियों को डर था कि उनके खिलाफ आवाज उठाने पर नाहिदा नसरीन उन्हें हॉस्टल से निकाल देंगी।

‘तेजाब की बोतल ले मेरे पीछे-पीछे दौड़ रहे थे लड़के’: भोजपुरी फिल्मों वाली अक्षरा सिंह ने एक्स और करण जौहर की खोली पोल

भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री अक्षरा सिंह हाल ही में बिग बॉस ओटीटी से बाहर हुईं हैं। उन्होंने एंटरटेनमेंट टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अपने एक्स बॉयफ्रेंड से लेकर करण जौहर तक पर बात की है। बताया है कि कैसे उनका करियर तबाह करने की धमकी दी गई। कैसे उनके पीछे तेजाब लिए लड़के भेजे गए और कैसे बिग बॉस में भेदभाव होता है।

अक्षरा ने कहा, “मुझे खुद पर गर्व है कि अगर आज मैं जिंदा हूँ तो केवल अपनी मजबूती की वजह से। मैंने जीवन में बहुत कुछ झेला है, जिसके बाद यहाँ तक पहुँची हूँ। हमेशा लोगों ने मुझे सपोर्ट किया। मैंने समय के साथ खुद को बदला है और दर्शकों के प्यार से मुझे आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिला।”

उन्होंने बताया, “मेरे एक्स बॉयफ्रेंड ने कुछ लड़कों तेजाब की बोतलें लेकर मेरे पीछे भेजा। मेरे करियर को तबाह करने की कोशिश की। हाथ में तेजाब की बोतलें लेकर कुछ लड़कों ने मेरा पीछा किया था। वे मेरे पीछे-पीछे दौड़ रहे थे। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूँ कि किसी भी महिला को ऐसा कुछ भी सहना ना पड़े, जिससे मुझे गुजरना पड़ा।”

अक्षरा ने बताया है कि वे जिस जगह से आती हैं वहाँ मनोरंजन की दुनिया में जाने वालों को सपोर्ट नहीं किया जाता है। लेकिन वे खुशनसीब हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनका समर्थन किया। उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अभिनेत्री ने कहा, “मैं और मेरा परिवार दोनों खुद को बहुत अपमानित महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्होंने मुझे कभी भी इस बात का अहसास तक नहीं होने दिया। मुझे याद है कि जब मैं तनाव से गुजर रही थी तो मेरे पापा ने मुझसे कहा था कि अगर तुम्हे ऐसी ही जिंदगी जीनी है तो इसे खत्म कर दो। अन्यथा सही तरीके से जियो। अपने पास्ट को मत देखो। फाइट करो मैं तुम्हारे साथ हूँ। पापा की इस बात ने मुझे इतनी ताकत दी कि मैंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।”

बिग बॉग की से बाहर होने के बाद उन्होंने इस शो को फिक्स बताते हुए करण जौहर पर भेदभाव का भी आरोप लगाया है। बॉलीवुड इंडस्ट्री के अपने कड़वे अनुभवों को लेकर अक्षरा ने कहा कि इंडस्ट्री से कोई भी मेरी मदद के लिए आगे नहीं आया। ऐसे लोग थे जो मुझे सांत्वना देने आए थे। लेकिन उनमें से ज्यादातर ने मुझे जज किया कि मैं ऐसी ही हूँ और इसलिए यह सब मेरे साथ हो रहा है। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। एक तरफ पूरी इंडस्ट्री थी और दूसरी तरफ मैं अकेली।

अक्षरा ने कहा, “जब आप मुंबई में रहते हैं, तो आपको सांस लेने के लिए भी पैसे की जरूरत होती है। मैंने जो भी पैसा कमाया था, मैंने उसका इस्तेमाल किया और अपने घर से पैसे उधार लिए और म्यूजिक बनाना शुरू किया। मुझे लगा कि अब मुझे कोई फिल्म नहीं मिलेगी, क्योंकि मैंने जो भी फिल्में साइन की थीं, मुझे उनमें से निकाल दिया गया था। मैंने अपने पैसे से म्यूजिक एलबम करना शुरू किया। लोगों ने इसको सराहा और इससे कुछ कमाई भी हुई। लेकिन, एक समय के बाद म्यूजिक कंपनियों ने मेरे गानों को इग्नोर करना और लेना बंद कर दिया। उन पर मेरे गाने न लेने का दबाव डाला गया। वह मेरे जीवन को दयनीय बनाने पर तुले हुए थे, मैं इसे जीने नहीं दूँगा… कैसे काम करेगी ये। या तो ये घर वापस जाएगी या सुसाइड करेगी।”

अफगान फौजी का चाकू से गला रेता… फिर गोलियों से छलनी किया: तालिबान की क्रूरता का खौफनाक Video

तालिबान की क्रूरता के लगातार नए नमूने सामने आ रहे हैं। तालिबान ने एक अफगान फौजी को पकड़ने के बाद उसका सिर कलम कर दिया। वाशिंगटन एग्जामिनर के मुताबिक, 36 सेकंड का यह वीडियो प्राइवेट तालिबान चैट रूम में एक हफ्ते पहले पोस्ट किया गया था। यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कब बनाया गया था, लेकिन 17 अगस्त को तालिबान नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों के लिए माफी और महिलाओं की सुरक्षा का वादा किया था।

वीडियो में, 6 तालिबानी एक फौजी को घेरे हुए हैं, जो रेगिस्तान में पीठ के बल लेटा हुआ है और सिर को छाती से ऊपर उठाए हुआ है। पाँच लोगों के पास राइफल हैं और छठे के पास एक हाथ में खून सने दो चाकू हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सातवाँ व्यक्ति इस घटना को फिल्मा रहा है। फौजी अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रीय सेना को सौंपे गई गहरे हरे रंग की वर्दी पहने हुआ है। 

इसके बाद वह नीचे गिरे अफगानी फौजी का चाकू से गला काट देता है और सभी तालिबानी चिल्लाते हैं, “अल्लाह महान है, अमीर उल मोमिनीन मुल्ला हयबत उल्लाह अखुनजादा को लंबी उम्र दे!” बता दें कि मुल्ला हयबत उल्लाह अखुनजादा तालिबान का सर्वोच्च नेता है। इसके बाद वह मर चुके अफगानी सैनिक के शरीर पर गोलियाँ दाग देते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो के अंत में समूह का नेता चिल्लाता है, “उसे गोली मारो! उसे गोली मारकर देखना है!”

अफगान के सुरक्षा सलाहकार रहे नासिर वॉन वजीरी ने कहा, “यह बर्बर है। मैं तालिबान पर कभी भरोसा नहीं करूँगा। आतंकवादी हमेशा आतंकवादी होता है।” रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के स्पेशल ऑपरेशन कमांडर के रूप में पुलिस और सेना के प्रशिक्षण की देखरेख करने वाले ब्रिगेडियर जनरल डॉन बोल्डुक भी इस घटना से हैरान हैं।

उल्लेखनीय है कि तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पिछले महीने कहा था, “मैं संयुक्त राज्य अमेरिका सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि किसी को नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा। हम कोई आंतरिक या बाहरी दुश्मन नहीं चाहते हैं।”

यूपी का विज्ञापन, कोलकाता का चित्र: जिसके लिए CM योगी पर निशाना साध रहा था TMC-जुबैर गिरोह, वो निकली अख़बार की गलती

भारत के लिबरल गिरोह का मीडिया एक बार फिर रंगे हाथों धराया है। गिरोह के लोग जिसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाना बना रहे थे, वो असल में अख़बार की गलती निकली सारा मामला ‘इंडियन एक्सप्रेस’ अख़बार में यूपी सरकार द्वारा दिए गए एक विज्ञापन से जुड़ा हुआ है। इसे लेकर पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) भी हो-हल्ला मचा रही थी।

दरअसल, उस विज्ञापन में एक तस्वीर कोलकाता के एक फ्लाईओवर की थी। इसे लेकर ‘AltNews’ के मोहम्मद से लेकर TMC की महुआ मोइत्रा तक सभी सक्रिय हो गए और कहने लगे कि यूपी आदित्यनाथ सरकार के पास विकास के नाम पर दिखाने के लिए कुछ नहीं है, इसीलिए उन्होंने पश्चिम बंगाल की तस्वीर अख़बार के विज्ञापन में डाला। हालाँकि, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के बयान के बाद उनकी बोलती बंद हो गई।

मुहम्मद ज़ुबैर ने तंज कसते हुए लिखा था, “उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के बावजूद पश्चिम बंगाल का विकास करने के लिए सीएम योगी का धन्यवाद।” उन्होंने बताया था कि ये तस्वीर कोलकाता की है। हालाँकि, ये अख़बार की भी गलती हो सकती है, इस पर उनका ध्यान नहीं गया। इसी तरह टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सीएम योगी को ‘ठग’ बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी एड एजेंसी बदल देनी चाहिए।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने अपने बयान में लिखा है, “हमारे मार्केटिंग विभाग की असावधानी के कारण कवर पेज पर उत्तर प्रदेश के विज्ञापन में एक गलत चित्र लगा दिया गया। हम इस गलती के लिए क्षमाप्रार्थी हैं और अख़बार की सभी डिजिटल संस्करणों में से इस चित्र को हटा लिया गया है।” अख़बार ने स्पष्ट कहा है कि उसके मार्केटिंग डिपार्टमेंट ने वो चित्र प्रोड्यूस किया गया और उसकी गलती से ही ऐसा हुआ।

भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा, “बहुत अच्छे! TMC के लोग और कई विपक्षी पार्टियाँ इस मामले में उत्तेजनापूर्वक उछाल-कूद मचा रही थीं। अब चूँकि उनकी उत्तेजना हवा हो गई है, इसका जिम्मेदार किसे माना जाना चाहिए? उन पर तो दोहरी मार पड़ी है।” इस खुलासे के बाद लिबरल गिरोह से जवाब देते नहीं बना। कई निकल लिए तो कइयों ने अजीब तर्क पेश किए।

गाँधीनगर में BJP की बड़ी बैठक, गुजरात के नए CM पर लगेगी मुहर: दिल्ली से भेजे गए तोमर और जोशी, जानिए कौन-कौन हैं रेस में

गुजरात की राजनीति में सियासी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। यहाँ राज्य के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने के बाद अब अगले मुख्यमंत्री को लेकर रस्साकसी शुरू हो गई है। इसी क्रम में राज्य के लिए नए सीएम की तलाश के लिए रविवार (12 सितंबर 2021) राज्य बीजेपी के दफ्तर कमलम में सेंट्रल ऑब्जर्वर और राज्य बीजेपी के चीफ सीआर पाटिल समेत बीजेपी के विधायक दल की बैठक होगी।

बैठक में गुजरात में चुनाव के लिए केंद्रीय ऑब्जर्वर बनाए गए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राज्य बीजेपी के अध्यक्ष सीआर पाटिल, चुघ, यादव, बीएल संतोष शामिल रहेंगे। इसके अलावा दूसरे केंद्रीय पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री पह्लाद जोशी भी इसमें शामिल होंगे। ये बैठक गाँधीनगर में होगी। इस मामले को लेकर जोशी ने कहा है कि वो बैठक में सलाह मशविरा करने के बाद केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे, जिसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल बैठक में शामिल होने के लिए उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल और केंद्रीय पर्यवेक्षक प्रह्लाद जोशी और नरेंद्र सिंह तोमर गाँधीनगर स्थित बीजेपी दफ्तर पहुँच गए हैं।

इसके अलावा केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में ही कमलम में दोपहर 3 बजे ही बीजेपी के विधायकों की भी बैठक होगी। इस बीच राज्य के नए मुख्यमंत्री की संभावनाओं को देखते हुए बीजेपी के दफ्तर कमलम में फूलों के गुलदस्ते लाए गए हैं।

सीएम पद की रेस में कई नाम

गुजरात के नए सीएम के पद के लिए कई नाम रेस में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद के लिए उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला व पूर्व गृह राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल और गोरधन झड़फिया के नामों की चर्चाएँ सीएम पद को लेकर चल रही हैं।

मनसुख मांडविया पर दाँव लगा सकती है बीजेपी

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य बीजेपी चीफ सीआर पाटिल ने कहा था कि पीएम मोदी का सपना है कि अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी 160 सीटें जीते। ऐसे में उनके सपने को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया सबसे योग्य उम्मीदवार माने जा रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मांडविया एक तो पाटीदार समाज से आने के साथ-साथ इमानदार छवि के नेता माने जाते हैं। इसके अलावा वो पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भी हैं।

गौरतलब है कि गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने अचानक हुए घटनाक्रम के बाद शनिवार (11 सितंबर 2021) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसको लेकर उन्होंने कहा था कि नेतृत्व का बदलते रहना ही भाजपा की प्रकृति है। वह 7 अगस्त 2016 में सीएम बने थे।