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‘एक-एक पैसा मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के मदरसों को दिया’: शाहिद सिद्दीकी ने अपने सांसद फंड को लेकर खोले राज़

पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वो कहते दिख रहे हैं कि उनके जितने भी फंड्स थे, उनमें से एक-एक पैसा उन्होंने मदरसों, स्कूलों और कॉलेजों को दिया। उदाहरण के रूप में उन्होंने सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों का नाम लिया और कहा कि उन्होंने अपने फंड्स के अधिकतर रुपए यहाँ खर्च किए हैं। किसी मौलाना निसार का नाम लेते हुए उन्होंने बताया कि उसके मदरसे को तो 1 करोड़ रुपए दिए थे।

शाहिद सिद्दीकी के बारे में बता दें कि वो ऐसे नेता रहे हैं, जो कॉन्ग्रेस के साथ-साथ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोक का भी हिस्सा रहे हैं। 90 के दशक के अंत में वो कॉन्ग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हुआ करते थे। पेशे से पत्रकार 71 वर्षीय शाहिद सिद्दीकी अभी भी ‘नई दुनिया’ नाम की साप्ताहिक उर्दू पत्रिका के संपादक हैं। इस पत्रिका को दिल्ली से प्रकाशित किया जाता है।

हालाँकि, उनका वायरल वीडियो कब का है ये साफ़ नहीं है। इसमें वो कहते हैं, “अल्लाह का करम है कि मैंने एक-एक रुपया मदरसों और स्कूलों को दिया है। लेकिन, हराम है कि मैंने किसी के यहाँ एक प्याली चाय तक भी पी हो। क्योंकि मुझे पता है कि मेरी जवाबदेही अल्लाह के प्रति है। आपलोगों के ऊपर आपके परिवार की जिम्मेमदारी रहती है। सांसदों-विधायकों से तो अल्लाह पूछेगा कि इन लोगों ने तुम्हें चुना था, तुमने इनके लिए क्या किया?”

बकौल शाहिद सिद्दीकी, अल्लाह उनसे सवाल करेगा कि जैसे लोग अपने बच्चों और बहन-बेटियों के लिए काम करते हैं, तुमने लोगों के लिए क्या किया। शाहिद सिद्दीकी 2002-08 में सपा से राज्यसभा सांसद रहे थे। इसके बाद वो बसपा में शामिल हुए, जहाँ मायावती के खिलाफ बोलने पर उन्हें निकाल बाहर किया गया। जब रालोद ने कॉन्ग्रेस से गठबंधन किया तो शाहिद सिद्दीकी वापस सपा में आ गए थे।

नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू लेने के कारण जुलाई 2012 में सपा ने भी उन्हें निकाल बाहर किया था। शाहिद सिद्दीकी इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। नवंबर 2020 में दीवाली के दौरान उन्होंने पूछा था कि सुबह के साढ़े 4 बजे किस किस्म के लोग पटाखे उड़ाते हैं? उन्होंने दावा किया था कि उन्हें तब भी तेज़ आवाज़ में पटाखे छोड़ने की गूँज सुनाई दे रही थी। साथ ही उन्होंने पूछा था कि जब कोई फैसला लागू ही नहीं किया जा सकता है तो पटाखों को प्रतिबंधित करने का क्या फायदा?

ओलंपिक खिलाड़ियों को जाएगा PM मोदी का बुलावा, 15 अगस्त को लाल किले पर होंगे विशेष अतिथि: संसद में विपक्ष के हंगामे पर भी बरसे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय ओलंपिक दल को 15 अगस्त को विशेष अतिथि के रूप में लाल किले पर आमंत्रित करेंगे। वह सभी खिलड़ियों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और बातचीत भी करेंगे। मंगलवार (अगस्त 3, 2021) को ओलंपिक गेम्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जापान में नए भारत का बुलंद आत्मविश्वास दिख रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, “इस बार ओलंपिक में भारत के अब तक के सबसे अधिक खिलाड़ियों ने क्वालीफाई किया है। ये 100 साल की सबसे बड़ी आपदा से जूझते हुए किया गया है। कई तो ऐसे खेल हैं जिनमें हमने पहली बार क्वालीफाई किया है। सिर्फ क्वालीफाई ही नहीं किया, बल्कि कड़ी टक्कर भी दे रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “इस ओलंपिक में हर खेल में न्यू इंडिया का आत्मविश्वास दिखता है। हमारे खिलाड़ी अपने उच्च रैंकिंग वाले विरोधियों को चुनौती दे रहे हैं। भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल, समर्पण और जोश काफी ऊँचा है। यह आत्मविश्वास तब आता है जब सही प्रतिभा की पहचान की जाती है और प्रोत्साहित किया जाता है।”

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर एक बार फिर से हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष संसद के मॉनसून सत्र को सही ढंग से चलने नहीं दे रहा है। मंगलवार को बीजेपी सांसदों की एक बैठक में पीएम ने विपक्ष के इस रवैये को संसद, संविधान, लोकतंत्र और जनता का अपमान बताया। एक हफ्ते में यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने पेगासस, कोविड प्रबंधन, कृषि कानून समेत कई मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में व्यवधान डालने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है।

BJP संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में विपक्ष के हंगामे को लेकर कहा कि यह लोकतंत्र और जनता दोनों का अपमान है। बता दें कि मंगलवार को ही राहुल गाँधी के नेतृत्व में विपक्षी दल नाश्ते पर मिले और अपना विरोध दर्ज कराने के लिए साइकिल से संसद पहुँचे।

असम-मिजोरम सीमा पर तैनात 2 महिला अफसर, नाम- कीर्ति और रमनदीप: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘माँ दुर्गा’ से की तुलना

हालिया हिंसा के बाद असम और मिजोरम की सरकारें शांति बहाली की दिशा में प्रयास कर रही है। इस घटना के बाद से असम की दो महिला अधिकारी खासी चर्चा में हैं। ये दोनों अधिकारी इन दिनों सीमा वाले इलाके में दिन-रात पेट्रोलिंग कर रही हैं। कछार की डेप्युटी कमिश्नर (DC) कीर्ति जल्ली और एसपी रमनदीप कौर को असम-मिजोरम सीमा पर अस्थिर स्थिति से निपटने के लिए हर ओर से तारीफ मिल रही है। खुद सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा ने दोनों अधिकारियों पर भरोसा जताया है।

26 जुलाई को हुई हिंसक झड़प में असम के 6 पुलिस अधिकारियों की मौत हुई थी। इसके बाद से ही बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण हैं। इस बीच मिजोरम से सटे जिले में तैनात इन महिला अधिकारियों से सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा अभिभूत हैं। उन्होंने दोनों अधिकारियों की तुलना ‘माँ दुर्गा’ से की है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे उन पर पूरा विश्वास है और किसी अन्य की अपेक्षा महिलाएँ बेहतर तरीके से यह जॉब कर सकती हैं। एक महिला माँ दुर्गा का दूसरा रूप होती है।” कीर्ति कुछ समय से कछार की डीसी हैं जबकि रमनदीप हिंसा वाले दिन कछार बुलाई गईं। वह पहले हालाकांडी में तैनात थीं जो मिजोरम के साथ सीमा साझा करता है।

कीर्ति कहती हैं, “सीएम ने जो नारी शक्ति के बारे में कहा, वह हमारे लिए बड़ी तारीफ है और हमें गर्व इस बात का है कि उन्होंने हम पर भरोसा जताया।” उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने हाल ही में ‘पुष्टि निर्भोर’ (‘Pushti Nirbhor’) नामक परियोजना पर स्वास्थ्य श्रेणी के तहत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित महसूस कराया। ‘पुष्टि निर्भोर’ पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के साथ मिलकर चलाई जा रही एक योजना है जिसका मकसद गाँवों का समग्र विकास है।

वहीं नारी शक्ति को बढ़ावा देने के लिए कछार उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कटिगोरा के दीन्नाथपुर बगीचा में महिलाओं के लिए ‘ममोनी बाजार’ के नाम से एक मार्केट शेड की शुरुआत की है । डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) के तहत 10 लाख रुपए की लागत से मार्केट शेड का निर्माण किया गया था।

शादी के लिए नहीं ली छुट्टी

बता दें कि कीर्ति जल्ली ड्यूटी को अपने व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं से ऊपर रखती हैं। राज्य में कोरोना वायरस के कहर के बीच उन्होंने अपनी शादी के लिए छुट्टी पर जाने से इनकार कर दिया था। 2013 बैच की अधिकारी जल्ली ने अपने परिवार और दोस्तों से कहा कि वह अपनी शादी के लिए हैदराबाद नहीं जा सकेंगी। इसके बाद उनके पति आदित्य शशिकांत ने उनकी पोस्टिंग वाले स्थान पर जाने का फैसला किया, जिसके बाद आईएएस अधिकारी सिलचर में एक सादे समारोह में शादी के बँधन में बँध गई। जल्ली की तरफ से सिर्फ उनकी बहन शादी में शामिल हो पाईं थीं। जल्ली ने शादी के अगले दिन ही ड्यूटी ज्वाइन कर लिया था।

जल्ली को एक मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 रोगियों के लिए आईसीयू यूनिट के निर्माण कार्य की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने अपने परिवार से कहा कि जब उनके जिले में मामलों की संख्या बढ़ रही है तो उन लोगों को छोड़ना उचित नहीं होगा। शशिकांत के साथ बातचीत करने के बाद, उन्होंने उनसे कहा कि वह सिलचर में अपने आधिकारिक बंगले में शादी कर ज्यादा खुश होंगी। उनके परिवार, ससुराल वालों, खासकर उनके होने वाले पति शशिकांत ने उनके फैसले का सम्मान किया।

जल्ली ने सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करके शादी करने के बाद पीटीआई से बात करते हुए कहा था, “मैं अपनी शादी के लिए छुट्टी लेने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी। मैं समझती हूँ कि यह किसी के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटना है, लेकिन मैं अपने जिले से दूर जाने की कल्पना नहीं कर सकती, जहाँ औसत सकारात्मक मामले लगभग 100 हैं और मैं लोगों की जान बचाने के लिए लड़ रही हूँ।”

शव निकालने का काम

रमनदीप कौर ने बताया, “26 जुलाई को हमारे 6 जवानों की हत्या और कछार जिले के एसपी के घायल होने के बाद मुझे बुलाया गया। जैसे ही मैं वहाँ पहुँची, मुझे सभी मृत पुलिसकर्मियों के शव और घायल जवानों को निकालने का टास्क सौंपा गया।” जिस दिन से हिंसा शुरू हुई, दोनों अधिकारी बुलेटप्रूफ गाड़ी से जाकर सीमा वाले इलाके की पेट्रोलिंग करती हैं। इस दौरान उन्हें घने जंगलों में रहना पड़ता है। आधी रात के बाद घने जंगलों में कैसे रहती हैं, इस पर रमनदीप बताती हैं, “हमारे लिए दिन कभी खत्म नहीं होता।” रमनदीप और उनकी बैचमैट कीर्ति मानती हैं कि उन्हें जो वाहवाही मिल रही है उसके मायने सिविल सेवकों को आमतौर पर मिलने वाली प्रशंसा से हटकर हैं।

लालू के बड़े बेटे की ‘घोस्ट स्टोरी’: ताड़ के पेड़ पर चढ़े भूत ने तेज प्रताप को डराया, ‘महादेव’ सुन कहा – आपका भाषण सुनने आया हूँ

लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भूत दिखते हैं। अक्सर चर्चा में बने रहने वाले तेज प्रताप यादव ने कहा है कि उन्हें न सिर्फ आजकल सपने में भूत दिख जा रहे हैं, बल्कि ये भूत उनका भाषण सुनने के लिए भी आ जाते हैं। तेज प्रताप यादव सोमवार (2 अगस्त, 2021) को अपने फेसबुक पेज पर लाइव आए थे, जिसमें उन्होंने ये बातें कही। उन्होंने एक सपने के बारे में बताया, जिसमें वो हसनपुर में बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करने गए थे।

बता दें कि समस्तीपुर में स्थित हसनपुर ही वो विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ से तेज प्रताप यादव विधायक हैं। उन्होंने अपने सपने के बारे में आगे बताया कि वहीं उन्होंने एक ताड़ के पेड़ पर भूत बैठा हुआ देखा। बकौल तेज प्रताप यादव, ये भूत उन्हें पकड़ने आ रहा था लेकिन महादेव का नाम लेते ही सकपका गया। तेज प्रताप ने आगे बताया कि उन्होंने डरे बिना भूत से सवाल पूछ डाला कि हमें क्यों डरा रहे हो?

तेज प्रताप यादव की मानें, तो सपने वाले भूत ने बताया कि वो उनका भाषण सुनने आया है। तेज प्रताप यादव ने इस दौरान ये भी कहा कि लोग उनमें उनके पिता लालू यादव को देखते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें देख कर ही कई युवाओं ने बाल बढ़ाने शुरू कर दिए थे, इसीलिए उन्होंने अपने बाल कटवा लिए। उन्होंने बताया कि पिता लालू से उनकी बात होती रहती है और वो उन्हें सब बताते हैं।

तेज प्रताप यादव ने मौजूदा बिहार सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इमली के पेड़ में जितने पत्ते होते हैं, नीतीश सरकार में उतने ही घोटाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि वो कई लोगों के सपने में भी आते हैं।

वैसे तेज प्रताप यादव और भूत का कनेक्शन कोई नया नहीं है। महागठबंधन की सरकार गिरने के बाद उन्होंने ये कहते हुए अपना सरकारी आवास खाली किया था कि उनके घर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भूतों को भेज दिया है। महागठबंधन की सरकार में तेज प्रताप यादव स्वास्थ्य मंत्री हुआ करते थे। कई महीनों की नोटिस के बाद उन्होंने घर छोड़ते हुए कहा था कि नीतीश कुमार व सुशील मोदी ने उन्हें डराने के लिए भूतों को छोड़ रखा है।

मंदिर में RJD नेता ने लगवाया अपने नाम का जयकारा

इधर तेज प्रताप यादव भले ही महादेव और श्रीकृष्ण की बातें कर के हिन्दू धर्म में अपनी आस्था दिखाएँ, लेकिन उनकी ही पार्टी के नेताओं को इन सबसे कोई सरोकार नहीं। तभी तो हाजीपुर के एक मंदिर में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप का जयकारा लगा। असल में वहाँ राजद विधायक मुकेश रौशन पहुँचे थे, जिन्होंने खुद का भी जयकारा लगवाया और जुलूस भी निकाला। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल को भी धता बताया गया।

बिना मास्क लगाए सैकड़ों लोग वहाँ पर जुटे हुए थे। मुकेश रौशन महुआ से विधायक हैं। वो भुईआ बाबा मंदिर में पूजा करने के लिए पहुँचे थे। वो खुद रथ पर सवार थे। जब उतरे, तो ढोल बजाते हुए सड़क पर हुए नाचने भी लगे। मंदिर में ही भीड़ जमा हो गई और लोग आपस में धक्का-मुक्की करते मिले। विधायक ने कहा कि वो अपने नेता तेजस्वी यादव की जल्दी सरकार बनने की कामना करने आए हैं। मंदिर में RJD का झंडा भी कई लोग लहरा रहे थे।

‘घटिया थे शुरुआती बैच’: कोवैक्सीन पर भ्रामक जानकारी फैला NDTV पत्रकार श्रीनिवासन ने डिलीट मारा ट्वीट, माँगी माफी

NDTV पत्रकार श्रीनिवासन जैन (Sreenivasan Jain) ने 3 अगस्त को अपने एक ट्वीट को लेकर माफीनामा जारी किया। इस ट्वीट में उन्होंने भारत बायोटेक ‘कोवैक्सीन’ को लेकर टिप्पणी की थी। अपनी माफी में उन्होंने कहा कि कई नेटिजन्स को उनका एक ट्वीट भ्रामक लगा क्योंकि उसमें वह ये स्पष्ट नहीं कर पाए थे कि कोवैक्सीन जिसके ‘शुरुआती बैच घटिया थे’ उन्हें बाहर (इस्तेमाल के लिए) नहीं भेजा गया। उनके अनुसार, उन्हें लगता है कि बात सही ढंग से रखनी चाहिए थी।

ट्वीट में उन्होंने कहा, “जैसा कि कई लोगों ने ध्यान दिलवाया कि मेरा एक ट्वीट जो कि डॉ एनके अरोड़ा के इंटरव्यू पर आधारित था, उसमें यह साफ नहीं हुआ था कि कोवैक्सीन के शुरुआती बैच घटिया थे और उनका इस्तेमाल वैक्सीनेशन प्रोग्राम में नहीं किया गया।”

अपने अन्य ट्वीट में उन्होंने माना कि उन्होंने अपनी बात को सही तरह से प्रस्तुत नहीं किया और वह बेहतर कर सकते थे। उन्होंने कहा, “मैंने अपने बाद के ट्वीट में स्पष्ट किया था लेकिन शुरुआती ट्वीट को और बेहतर ढंग से लिखा जा सकता था। मैं ओरिजनल ट्वीट हटा रहा हूँ। मैं किसी भी कन्फ्यूजन के लिए सबसे क्षमा चाहता हूँ।”

अपने एक ट्वीट में यह बताकर कि उन्होंने अपनी बात डॉ एनके अरोड़ा के इंटरव्यू पर आधारित कही थी, श्रीनिवासन ने दूसरे ट्वीट में कहा कि ट्वीट उनके निजी विचार थे। अपने संस्थान का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, “ये मेरे पर्सनल ट्वीट थे। एनडीवी महीनों से वैक्सीनेशन कैंप को बढ़ावा दे रहा है, जिसका जाहिर तौर पर मैं भी समर्थन करता हूँ”

नेटीजन्स ने जाहिर किया गुस्सा

श्रीनिवासन द्वारा गलती मान लेने के बावजूद ट्विटर यूजर्स को उनका ढंग पसंद नहीं आया। कई यूजर्स ने उन्हें इसलिए लताड़ लगाई क्योंकि वह पहले ही लोगों में पैनिक वाली स्थिति बना चुके थे और गलत जानकारी फैलाने का काम कर चुके थे। यूजर्स ने उन्हें गैर जिम्मेदार कहा। कई लोगों ने कहा कि संभव है श्रीनिवासन का पहला ट्वीट टूलकिट का हिस्सा हो, जिसे भारत को बदनाम करने के लिए तैयार किया गया था।

यहाँ यह भी गौर देने वाली बात है कि श्रीनिवासन का ट्वीट ट्विटर प्लेटफॉर्म पर काफी देर रहा, लेकिन सोशल मीडिया साइट ने इस पर भ्रामक का टैग नहीं लगाया और न ही कोई कार्रवाई की जबकि ट्वीट को गलत साबित करने वाले पर्याप्त सबूत मौजूद थे।

बता दें कि श्रीनिवासन ने अपना भ्रामक ट्वीट सोमवार को शेयर किया था और वहाँ भारत बायोटेक कोवैक्सीन को घटिया क्वालिटी का कहा था जबकि डॉ अरोड़ा ने यह बात साफ कही थी कि जो बैच बेकार था उसे बाहर भेजा ही नहीं गया। जैन ने न जाने क्या सोचकर अपने शुरुआती ट्वीट में इस बात का उल्लेख नहीं किया। बाद में ये ट्वीट वायरल हुआ और इस पर सैंकड़ों लाइक और ट्वीट भी आए, जिन पर लोगों ने कई सवाल खड़े किए। लेकिन उस ट्वीट पर लोगों का ध्यान कम गया जहाँ खराब वैक्सीन को बाहर न भेजने की बात कही गई थी। नतीजन पहला ट्वीट वायरल हुआ और लोगों ने उसी पर प्रतिक्रिया दी और सारा बवाल उसी पर हुआ।

श्रीनिवासन का पहला ट्वीट

कानपुर: पनकी मंदिर के पास मिली सिर कटी लाश, शरीर पर कोई कपड़ा भी नहीं

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक मंदिर के पास सिर कटी लाश मिलने की खबर आई है। जानकारी मिलने तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और करने के बाद लाश यहाँ लाकर फेंका दिया गया।

घटना कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र अंतर्गत पनकी मंदिर के पास की है। कल्याणपुर नहर के पास एक युवक की सिर कटी लाश मिली। मृतक के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। माना जा रहा है कि हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए सिर काटकर अलग फेंक दिया। लाश करीब चार से पाँच दिन पुरानी बताई जा रही है जो पानी में रहने के कारण ख़राब हो चुकी है।

पुलिस ने बताया है कि लाश की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है और साथ ही पंचायतनामा भरने के पश्चात लाश को पोस्टमार्टम करने के लिए भेजा जा रहा है।

इसके अलावा कानपुर के ही चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत अलीलापुरवा में भी एक सिर कटी लाश मिली है जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। चकेरी पुलिस के अनुसार कानपुर समेत आसपास के जिलों में गुमशुदा लोगों की जानकारी हासिल की जा रही है जिससे लाश की शिनाख्त की जा सके। लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

‘चुप! वर्दी उतरवा दूँगी.. तेरी औकात नहीं है’: नैनीताल में महिला पर्यटक की पुलिस से दबंगई, ₹6 करोड़ की कार जब्त

उत्तराखंड के नैनीताल में एक महिला पर्यटक द्वारा हंगामा मचाए जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। महिला का नाम स्मिता बताया गया है। उक्त महिला ने पुलिस को वर्दी उतरवाने की धमकी दे डाली। फ़िलहाल पुलिस ने महिला की 6 करोड़ रुपए की कार को जब्त कर लिया है और सरकारी कर्मी की ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। दरअसल, ये सब तब शुरू हुआ जब पुलिस ने उक्त महिला से कार के शीशे पर लगी काली फिल्म को लेकर चालान कटवाने को कहा।

इस पर वो भड़क गई और पुलिस के साथ ही बहस करने लगी। पुलिसकर्मियों को अपने रसूख की बात करते हुए धमकी भी दी। महिला के साथ उसके कुछ साथी भी थे, जो लगातार पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी कर रहे थे। मॉल रोड पर चेकिंग अभियान चलाने के दौरान ये घटना हुई। हिमाचल प्रदेश के नंबर की उस कार पर जेड ब्लैक फिल्म चढ़ी हुई थी। आरोप है कि तल्लीताल अध्यक्ष विजय मेहता के साथ महिला के साथियों ने गाली-गलौज की।

पुलिस इन सभी को थाने ले गई, लेकिन वहाँ भी ये लोग हंगामा करते रहे। फिर गाड़ी सीज करने की कार्रवाई की गई। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उन्हें मंगलवार (3 अगस्त, 2021) को अदालत में पेश किया जाएगा। महिला ने पुलिसकर्मी को लात मारी और बार-बार ‘चुप-चुप’ भी बोल रही थी। शीशे पर काली फिल्म चढ़ाने पर चालान काटने को लेकर ये सारा विवाद हुआ। महिला के साथियों ने पुलिस से कहा कि वो रुपए लेकर मामले को रफा-दफा करे।

बात हाथापाई तक पहुँच गई। इस दौरान वहाँ कई पर्यटक जमा थे, जो इस घटना का वीडियो बनाने लगे। महिला की पहचान कानपुर निवासी स्मिता और अन्य युवकों की पहचान दिल्ली के वसंत विहार निवासी शिवम मिश्रा, विवेक और संदीप के रूप में हुई है। IPC की धारा-504 (शांति भंग करना), 506 (आपराधिक धमकी), 353 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्यों के दौरान डराना, काम में बाधा डालना) और 186 के तहत मामला दर्ज हुआ है।

महिला ने महिला दरोगा को धमकाते हुए कहा था, “तेरी औकात नहीं जो इस गाड़ी का चालान कर सको। तुमलोगों की वर्दी उतरवा दूँगी। अगर पैसे चाहिए तो बताओ, गाड़ी को कुछ नहीं कर सकते। गाड़ी को हाथ नहीं लगाना।” जब स्थानीय लोग बीच-बचाव करने आए तो महिला ने कहा कि तुम्हारे जैसे लोग हमारे घरों में पोछा लगाते हैं। इस पर स्थानीय लोग भी भड़क गए, जिसके बाद उन पर्यटकों को थाने ले जाना पड़ा।

‘माँस फेंक करते हैं परेशान’: 81 हिन्दू परिवारों ने लगाए ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर, एक्शन में मुरादाबाद पुलिस

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक मोहल्ले से हिन्दुओं के पलायन की खबर आई है। कटघर थाना क्षेत्र में स्थित इस कॉलोनी में हिन्दुओं ने ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं। लाजपत नगर शिव विहार कॉलोनी में रहने वाले 81 परिवारों ने सामूहिक रूप से इस तरह से पोस्टर लगा कर पलायन करने की बात कही है। लोगों का आरोप है कि कॉलोनी के दोनों मुख्य दरवाजों पर जो घर हैं, उन्हें मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा खरीद लिया गया।

आरोप है कि इसके लिए उन्होंने मौजूदा बाजार भाव से तीन गुना अधिक कीमत दी है। यहाँ बसे मुस्लिम लोग माँसाहार कर के माँस के अवशेषों को हिन्दुओं के घरों के सामने डाल देते हैं, ऐसा लोगों का आरोप है। इस कारण इलाके में गंदगी भी हो रही है। कॉलोनी में अधिकतर लोग शाकाहारी भोजन खाने वाले हैं। ये एक पॉश कॉलोनी रहा है, जहाँ मकान खरीद-बेच का कार्य चलता रहता है।इसी कॉलोनी से जुड़ी दूसरी कॉलोनी शिव विहार के कॉर्नर पर बना एक मकान मुस्लिम परिवार ने खरीदा है।

स्थानीय हिन्दुओं की माँग है कि इसकी रजिस्ट्री कैंसल की जाए। सरकार और जिला प्रशासन से उन्होंने माँग की है कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो सभी 81 हिन्दू परिवार यहाँ से पलायन के लिए मजबूर होंगे और उन्हें अपनी-अपनी संपत्तियाँ बेचनी होंगी। स्थानीय हिन्दुओं का कहना है कि 50 लाख के मकान 3 करोड़ रुपए में खरीदे जा रहे है। साथ ही सरकार से इस बात की जाँच कराने की माँग की गई है कि इतना रुपया आ कहाँ से रहा है?

इस कॉलोनी में कई ऐसे हिन्दू हैं, जो पाकिस्तान से शरणार्थी बन कर आए थे। वहाँ से प्रताड़ित होकर जब ये भारत आए तो यहाँ उन्हें नागरिकता व सारे अधिकार मिले। वहीं बरेली जोन के ADG ने इस मामले में मुरादाबाद पुलिस को कार्रवाई करने को कहा है, जिसने इस मामले का संज्ञान लिया है। हिन्दुओं का आरोप है कि मुस्लिम लोग उन्हें कॉलोनी से भगाने की साजिश रच रहे। बकरीद के दौरान घरों के सामने माँस व गंदगी फेंकी गई थी।

हिन्दुओं का कहना है कि वो भले ही यहाँ से सब कुछ बेच कर पलायन करने को मजबूर हों, लेकिन इस्लामी धर्मांतरण किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे। स्थानीय भाजपा नेताओं ने भी कॉलोनी के लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि की है। हिन्दुओं का कहना है कि परेशान होकर वो औने-पौने दाम में घर बेचें और मुस्लिम उन्हें खरीद कर वहाँ बसें, यही साजिश है। स्थानीय भाजपा पार्षद का कहना है कि कॉलोनी के 30% मकान मुस्लिम समुदाय के लोग खरीद चुके हैं।

‘मना करते ही उसने मेरे स्तनों को पकड़ लिया…’ : छेड़खानी करने वाले स्कूटी सवार को भावना ने ऐसे सिखाया सबक

असम के गुवाहाटी में एक स्कूटी सवार ने रास्ता पूछने के बहाने महिला से छेड़छाड़ की। महिला ने इसका विरोध करते हुए आरोपित की स्कूटी को नाले में धकेल उसे भागने से रोका। पीड़िता ने पूरी घटना फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बताई है और अब सोशल मीडिया पर उसके हौसले की तारीफ हो रही।

घटना गुवाहाटी के डाउन टाउन के रुक्मिणी नगर इलाके की है। भावना कश्यप नाम की महिला ने फेसबुक पोस्ट के जरिए घटना के बारे में बताया है। भावना ने लिखा कि जब वो सड़क पर जा रही थीं तब सामने से स्कूटर सवार एक व्यक्ति ने उनसे एक पता पूछा। पहली बार में भावना उसे सुन नहीं पाईं तब वह व्यक्ति उनके करीब आ गया। उसने भावना से सिनाकी पथ के बारे में पूछा जिसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी और स्कूटी सवार को पता बता पाने में असमर्थता जताई।

भावना ने बताया है कि उनके मना करते ही स्कूटी सवार ने उनके स्तनों को पकड़ लिया। उन्होंने लिखा है, “जैसे ही ये शब्द मेरे मुँह से निकले, उसने मेरे गुप्तांगों (स्तनों) को पकड़ लिया। एक सेकंड के लिए, मुझे समझ में नहीं आया कि अभी क्या हुआ था।” भावना ने छेड़खानी करने वाले का नाम मधुसन राजकुमार बताया है।

भावना ने लिखा है कि इसके बाद उस व्यक्ति ने भागने की कोशिश की लेकिन उन्होंने उसे पकड़ लिया। उन्होंने उसकी स्कूटी को पीछे से उठा लिया और वह लगातार एक्सिलरेटर दबाए जा रहा था। अंततः भावना ने उसकी स्कूटी नाली में धकेल दी जिसके कारण वह भागने में असफल रहा।

भावना ने अपनी पोस्ट में असम पुलिस को भी धन्यवाद दिया है जो समय पर मौके पर पहुँच गई और स्थिति को सँभाल लिया। आरोपित के खिलाफ दिसपुर स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। भावना ने आशा जताई है कि असम पुलिस आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और महिलाओं के लिए न्याय एवं सशक्तिकरण का एक उदाहरण पेश करेगी।

‘एक पॉइंट बराबर कपड़े नहीं पहने हैं, बताइए ये पोर्न है?’: न्यूड होकर लाइव आईं गहना वशिष्ठ, फ्रेंडशिप डे की बधाई दी

लोग रविवार (1 अगस्त, 2021) को तब हैरान हो गए, जब अभिनेत्री गहना वशिष्ठ अचानक से इंस्टाग्राम के लाइव वीडियो सेशन में न्यूड होकर आ गईं। उन्होंने कहा, “मैं इस वीडियो में बिना कपड़ों के हूँ, लेकिन कोई इसे पोर्न नहीं बता रहा।” उन्होंने दावा किया कि जब इसके उलट वो कपड़े पहनती हैं तो लोग इसे पोर्न बताने लगते हैं। उन्होंने इसे ‘दोहरे रवैये की पराकाष्ठा’ करार देते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों पर सवाल उठाया।

इंस्टाग्राम पर बिना कपड़ों के लाइव आ गईं गहना वशिष्ठ

उन्होंने दावा किया कि जिन वीडियोज में उन्होंने कपड़े पहन रखे हैं, उन्हें पोर्न क्यों बताया जा रहा है? 3 मिनट 8 सेकेंड के इस वीडियो में गहना वशिष्ठ बिस्तर पर लेटी हुई हैं। उन्होंने कहा, “हेलो दोस्‍तो, मैं आप लोगों से पूछता चाहती हूँ कि क्‍या वल्‍गर लग रही हूँ? क्‍या मैं चीप लग रही हूँ? या मैं ऐसी कहीं लग रही हूँ, जिसे आप पॉर्न कंटेंट में गिन सकते हैं? ऐसी कहीं से मैं लग रही हूँ? मैं आप लोगों से यही जानना चाहती हूँ कि क्‍या अभी मेरी कोई हरकत ऐसी लग रही है, जिसे आप पॉर्न की कैटेगरी में काउंट कर सकें, मुझे बताएँ।”

गहना वशिष्ठ ने आगे कहा, “मेरा यकीन कीजिए मैंने कुछ नहीं पहना हुआ है। मैंने एक पॉइंट भी कहते हैं ना, कुछ नहीं पहना हुआ है। मेरा कहना ये है कि मैंने अभी कुछ नहीं पहना है, लेकिन फिर भी आप इसे पॉर्न की कैटेगरी में काउंट नहीं कर रहे हैं, पर मेरे जो बाकी वीडियोज हैं, जहाँ मैंने अच्‍छे से कपड़े पहन रखे हैं, उसे पॉर्न कह रहे हैं। ये तो गलत बात है ना। सभी लोग कह रहे हैं पॉर्न शूट किया, पॉर्न शूट किया।”

गहना वशिष्ठ ने लोगों को सम्बोधित करते हुए इस वीडियो में आगे कहा, “अभी मैंने एक भी कपड़ा नहीं पहन रखा है। लेकिन मेरे जो बाकी वीडियोज हैं, जिसमें मैंने पूरे कपड़े पहन रखे हैं, फिर चाहे वह किसी भी प्‍लेटफॉर्म की सीरीज हो, सब कह रहे हैं पॉर्न शूट किया, पॉर्न शूट किया.. ये तो दोहरे रवैये की हद है ना।” इस दौरान उन्होंने लोगों के कमेंट्स के जवाब भी दिए। उन्होंने फॉलोवर्स को ‘फ्रेंडशिप डे’ की बधाई भी दी।

बता दें कि पोर्न फ़िल्में शूट कर एप पर बेचने के मामले में फँसे राज कुंद्रा के साथ गहना वशिष्ठ का नाम भी जुड़ा है। हाल ही में गहना वशिष्ठ ने कहा था कि मुंबई पुलिस ने उनसे 15 लाख रुपए देने की माँग की थी। गहना ने आरोप लगाया था “वे मुझे रिहा करने के लिए 15 लाख रुपए लेना चाहते थे। उन्होंने मुझसे पैसे देने को कहा। लेकिन जब मैंने कहा कि मैं गलत नहीं हूँ तो उन्होंने कहा कि हम किसी के भी खिलाफ मामला बना सकते हैं।”