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राज कुंद्रा और उनके पार्टनरों के व्हाट्सएप्प चैट्स लीक, पोर्न फिल्मों से रोज लाखों की कमाई: शर्लिन चोपड़ा व पूनम पांडे से यूँ जुड़े हैं तार

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और कारोबारी राज कुंद्रा को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पोर्न फ़िल्में बना कर ऑनलाइन बेचने के मामले में गिरफ्तार किया है। अब इस मामले में कुछ व्हाट्सएप्प चैट्स सामने आए हैं, जिन्हें राज कुंद्रा का बताया जा रहा है। इन्हें इस मामले में अहम सबूत भी कहा जा रहा है। मीडिया सूत्रों का कहना है कि राज कुंद्रा और उनके पार्टनर्स के बीच हुए व्हाट्सएप्प चैट्स इस मामले के अहम सबूत हैं।

आरोप है कि ये सभी मिल कर अश्लील कंटेंट्स को मोबाइल एप्स पर बेचते थे और इन व्हाटएप्प चैट्स में उससे होने वाली कमाई पर और इसे आपस में बाँटने से लेकर चर्चा की जा रही है। इसमें से एक चैट में उनके पार्टनर ने लिखा है, “हमलोग हर सप्ताह एक-एक फ़िल्में ही रिलीज कर रहे हैं। इसीलिए हाँ, बिक्री आगे बढ़ेगी।” इनमें से 3 चैट्स 10 अक्टूबर, 2020 के हैं। फरवरी 2021 में इस मामले की FIR दर्ज की गई थी।

ब्रिटिश-भारतीय कारोबारी राज कुंद्रा से मुंबई पुलिस पूछताछ कर रही है। राज कुंद्रा के बारे में पता चला है कि वो यूके में रहने वाले प्रदीप बक्शी के रिश्तेदार हैं। दोनों मिल कर यूके में ‘Kenrin Production House’ नामक कंपनी चलाते हैं। इस कंपनी का चेयरमैन बख्शी को ही बनाया गया है। साथ ही ये दोनों बिजनेस पार्टनर भी हैं। इन दोनों की व्हाट्सएप्प पर हुई बातचीत से पता चलता है कि कैसे पोर्न फ़िल्में बना कर ये बड़ी रकम कमा रहे थे।

व्हाट्सएप्प ग्रुप में प्रदीक बख्शी पूछता है कि अब हमारे पास ज्यादा फॉलोविंग वाले स्टार्स हैं, तो हमारे यूजर्स की संख्या कितनी है? इस पर राज कुंद्रा उन्हें जवाब देते हैं – लगभग 20 लाख। फिर राज कुंद्रा कहते हैं कि हमें रोज ऐसा करना चाहिए, एकाउंट्स के साथ ये काफी आसान रहेगा। इसके बाद प्रदीप ‘हॉटशॉट’ के कंटेंट हेड रॉय एवन्स को लिखा है कि वो सरे ‘कलाकारों’ के इनवॉइस उपलब्ध कराएँ, ताकि उन्हें अपडेट किया जा सके।

एक व्हाट्सएप्प चैट में बात हो रही है टोटल ऑर्डर्स की संख्या 658 हैं, वहीं इससे 1,65,923 कॉइन्स की कमाई हुई है। वहीं भारतीय रुपए में 2.14 लाख और ‘MTD सेल’ 55 लाख बताया गया है। साथ ही इसमें कंटेंट मार्केटिंग की बातें भी हो रही हैं। वहीं एक चैट में टोटल ऑर्डर्स 1433 बताते हुए ‘MTD सेल’ 27.81 लाख रुपए बताया गया है। एक अन्य चैट में ये आँकड़ा 34.20 लाख रुपए है।

वहीं इन आँकड़ों पर प्रदीप और राज कुंद्रा खुश होते हुए नजर आते हैं। वहीं एक ‘महिला कलाकार’ द्वारा पेमेंट न रिसीव होने की बात भी कही जा रही है। एक चैट में ‘मूवी रेवेन्यू’ के गिरने पर राज कुंद्रा चिंता जता रहे हैं। गहना वशिष्ठ और उमेश कामत को ‘Kenrin Production House’ से पोर्न फ़िल्में बनाने के लिए पहले ही रुपए मिल जाते थे। कई एजेंट्स के माध्यम से ये कंपनी देश भर में पोर्न फ़िल्में बना रही थीं।

इस मामले में मॉडल शर्लिन चोपड़ा का नाम भी सामने आया है, जो अश्लील कंटेंट्स बना कर अपने एप पर डालने के लिए जानी जाती हैं। इस मामले में एकता कपूर तक अपना बयान दर्ज करा चुकी हैं। उनके पोर्टल ‘AltBalaji’ पर अश्लीलता परोसने के आरोप लगते रहे हैं। पूनम पांडे ने राज कुंद्रा पर अपनी वीडियोज चुराने का आरोप लगाया था। महाराष्ट्र के साइबर सेल ने पूनम और शर्लिन के बयान दर्ज किए थे।

इन दोनों ने एक बयान में स्वीकार किया था कि उन्हें राज कपूर ही ‘अडल्ट इंडस्ट्री’ में लेकर आए थे। DNA की खबर के अनुसार, शर्लिन चोपड़ा को एक प्रोजेक्ट के लिए 30 लाख रुपए मिलते थे और राज कुंद्रा ने उन्हें ऐसे 15-20 प्रोजेक्ट्स दिए थे। वहीं पूनम पांडे ने राज कुंद्रा की कंपनी से करार किया था, जिसमें उन्हें कंटेंट के बदले रुपए मिलते थे। कंपनी ‘Armsprime Media’ भारतीय मॉडलों के लिए एप्स विकसित करती है।

उधर सोशल मीडिया में राज कुंद्रा के पुराने ट्वीट्स भी वायरल हुए। अप्रैल 2012 के एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “आखिर एक नंगी लड़की को देख कर न्यूटन हैरान क्यों हो गए थे? सोचिए। क्योंकि एक चीज ऊपर की तरफ बढ़ने लगी थी, जो गुरुत्वाकर्षण के नियम के खिलाफ है।” वहीं सितंबर 2012 में किए गए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “श्रीलंका के चीयर गर्ल्स को देख कर लगता है कि हम सीता के अपहरण के लिए रावण को दोष नहीं दे सकते।”

अफगान राष्ट्रपति आवास में लोग पढ़ रहे थे नमाज, पास में ही गिरे रॉकेट

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन के करीब आज (मंगलवार,20 जुलाई 2021) सुबह 8 बजे रॉकेट से हमला किए जाने की खबर सामने आई है। अधिकारियों ने बताया है कि हमला बकरीद की नमाज के दौरान किया गया। हालाँकि, इसके पीछे किस संगठन का हाथ है यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।

काबुल के बाग-ए-अली मरदा, चमन ए हुजुरी और जिला पुलिस एरिया में यह हमला किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों मिसाइलों को कार के जरिए दागा गया था। अफगान गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मीरवाइज स्टेनकजई ने इन हमलों की पुष्टि की और कहा कि पैलेस के बाहर तीन रॉकेट्स के जरिए हमले किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। घटना की जाँच की जा रही है।

टोलो न्यूज द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी की उपस्थिति में महल के कंपाउंड में नमाज चल रही थी। इसी दौरान ये रॉकेट ब्लास्ट हुए। रॉकेट हमलों के बावजूद नमाज जारी रखा गया। नमाज खत्म होने के बाद राष्ट्रपति गनी ने एक खुले मंच से भाषण दिया, जिसे स्थानीय मीडिया ने कवर किया।

उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान का भविष्य अफगानों द्वारा निर्धारित किया जाता है। अफगानों को अब यह साबित करना चाहिए कि वे एकजुट हैं। अगले तीन से छह महीने के लिए लोगों का कड़ा रुख स्थिति को बदल देगा। क्या तालिबान के पास अफ़गानों, ख़ासकर महिलाओं के प्रति कोई ‘सकारात्मक प्रतिक्रिया’ है?”

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में जब से अमेरिकी फौजों की वापसी शुरू हुई है, वहाँ पर तालिबान ने बड़े हमले करने शुरू कर दिए हैं। हाल ही में तालिबान ने दावा किया था कि उसने अफगानिस्तान के 85 फीसदी हिस्से पर कब्जा कर लिया है। देश के कई प्रांतों की राजधानी को तालिबान ने घेर रखा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने पिछले कुछ वर्षों के विपरीत इस साल ईद पर संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की है। अफगान सरकार और तालिबान बीच कतर के दोहा में शांति समझौता विफल होने के बाद सोमवार को काबुल में 15 राजनयिक मिशनों और नाटो के प्रतिनिधि ने तालिबान से हमले बंद करने को कहा था। गौरतलब है कि हाल ही रॉयटर्स के फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की हत्या भी अफगानिस्तान में ही हुई थी। वह अफगान बलों और तालिबान के बीच संघर्ष को कवर कर रहे थे।

‘किसी समूह के सामने घुटने टेक देना गलत’: बकरीद में ढील पर केरल सरकार को SC की फटकार, पर रद्द नहीं किया आदेश

बकरीद पर कोरोना दिशानिर्देशों में ढील देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (20 जुलाई, 2021) को कोरोना के कारण गंभीर रूप से पीड़ित इलाको में बकरीद को लेकर बाजारों में दुकानें खोलने वाले निर्णय को लेकर केरल की CPI(M) सरकार से नाराजगी जताई। इन क्षेत्रों में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 15% से ऊपर है। सरकार ने 19 जुलाई, 2021 तक इन क्षेत्रों में भी दुकानें खुली रखने की अनुमति दे दी है।

ऐसे क्षेत्रों को ‘D एरियाज’ की श्रेणी में डाला गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन क्षेत्रों में दुकानें खुली रखने की अनुमति देने की कोई ज़रूरत ही नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही वो किसी भी प्रकार के प्रेसर ग्रुप्स हों, राजनीतिक या धार्मिक, वो संविधान द्वारा भारत के नागरिकों को दिए गए मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को अनुच्छेद-21 और 141 पर ध्यान देने की सलाह दी।

बता दें कि संविधान के अनुच्छेद-21 में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अतिरिक्त उसके जीवन और वैयक्तिक स्वतंत्रता के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। वहीं अनुच्छेद-141 में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय जो फैसले देता है, वो देश के सभी न्यायालयों को मानना है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार के आदेश पर रोक नहीं लगाई है।

लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल सरकार की इन नीतियों के कारण अगर राज्य में कोरोना के मामलों में वृद्धि होती है तो कोई भी नागरिक इस पर सर्वोच्च न्यायालय का ध्यान आकृष्ट करा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस महामारी के बीच प्रेशर ग्रुप्स के सामने घुटने टेक देना सरकार की बुरी हालत की ओर इशारा करता है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को 1 दिन के भीतर बकरीद पर ढील देने को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।

केरल सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने ये कह कर रद्द नहीं किया कि अब घोड़ा अस्तबल से निकल चुका है। कोर्ट ने माना कि किसी भी व्यक्ति के जीवन जाने के अधिकार से ऊपर कुछ नहीं हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार ने व्यापारियों के समूह के दबाव के आगे घुटने टेक दिए। बता दें कि आज इस ढील का आखिरी दिन है। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले पर अफ़सोस जताते हुए कोई किसी के जीने के अधिकार में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।

केरल में फ़िलहाल कोरोना के कुल 1,21,706 मामले सक्रिय हैं, देश के कुल सक्रिय कोरोना केसेज का 30.42% है। कोरोना ने राज्य में 15,000 से भी अधिक लोगों की जान ली है। कुल कोरोना मामलों की बात करें तो केरल में अब तक इस संक्रमण से 31,70,868 लोग बीमार हुए हैं। इस मामले में ये महाराष्ट्र के बाद दूसरे नंबर पर है। वामपंथी फिर भी ‘केरल मॉडल’ की बात करते हुए इसके प्रचार-प्रसार में लगे हैं।

1 दिन पहले जहाँ जहाँ यूपी सरकार द्वारा काँवड़ यात्रा से जुड़ा जवाब पाकर कोर्ट ने केस को बंद कर दिया, वहीं दूसरी ओर केरल सरकार से जवाब माँगा गया था कि उन्होंने राज्य में कोरोना केस होने के बावजूद बकरीद पर राहत क्यों दी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में कहा था कि इस साल कांवड़ यात्रा नहीं होगी। केरल वाली याचिका में माँग की गई थी कि केरल में कोरोना के मामलों में इजाफा हो रहा है, इस पर सुप्रीम कोर्ट संज्ञान ले।

‘साहब इसके साथ नहीं जाऊँगा, घर पर मारती है’: 5 साल का लिव इन, थाने में ड्रामे का Video

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार (18 जुलाई 2021) की रात एक प्रेमी-प्रेमिका का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मामला राजधानी के सआदतगंज थाने का है। यहाँ लाए गए एक युवक ने पुलिसकर्मियों से उसे घर नहीं भेजने की गुहार लगाई। उसने कहा कि साहब मैं घर नहीं जाऊँगा प्रेमिका बहुत झगड़ती और मारती है। इस दौरान युवक की प्रेमिका भी थाने में ही थी और वो युवक को जबरन घर ले जाने की कोशिश कर रही थी।

रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित युवक के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में उसकी प्रेमिका पर बेटे का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, प्रेमिका न केवल बेटे को मारती-पीटती है, बल्कि उसने उसे घर में बंधक बना रखा है। इस केस को लेकर इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक अम्बरगंज रामनगर का निवासी है और वह दोनों 5 वर्षों से लिव इन रिलेशनशिप में हैं। वे पहले दिल्ली में रहते थे। लेकिन, बीते एक साल से काकोरी की डूडा कॉलोनी में रह रहे हैं। लड़के के पिता की शिकायत के बाद पुलिस दोनों को थाने ले आई। लेकिन, वहाँ पहुँचते ही प्रेमिका ने हंगामा खड़ा कर दिया।

वह जोर-जोर से चिल्लाकर उसे घर चलने के लिए कहने लगी। इस दौरान लड़की ने पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की। उसने इंस्पेक्टर की पिस्टल भी छीनने की कोशिश की। हालाँकि, बाद में लड़का गर्लफ्रेंड के साथ घर जाने के लिए तैयार हो गया। इसी के साथ यह हाई वोल्टेज ड्रामा खत्म हो गया।

प्रेमी-प्रेमिका के हाई वोल्टेज ड्रामे का वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। वीडियो में पुलिसकर्मी लड़की को समझाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसमें लड़की रोते हुए कहती है कि मेरी इससे (प्रेमी) शादी करवाइए। इस पर पुलिसकर्मी कहते हैं कि उसकी शादी करवाने के लिए ही तो वो लड़के को घर भेज रहे हैं। लेकिन अगर वो (लड़की) ऐसे ही नौटंकी करेगी तो कैसे चलेगा।

‘न्यूटन ने नंगी लड़की को देखा, फिर..’: राज कुंद्रा के पुराने ट्वीट्स वायरल, सीता हरण के लिए रावण को बताया था निर्दोष

बॉलीवुड में नाम कमाने का सपना लिए मायानगरी में आने वाली युवतियों को बड़े बजट की फिल्मों में काम दिलाने का झाँसा देकर उनसे पोर्न वीडियोज शूट कराने के एक गिरोह का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति व कारोबारी राज कुंद्रा समेत 11 आरोपितों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। जेजे हॉस्पिटल में मेडिकल एग्जामिनेशन के बाद अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

वहीं सोशल मीडिया में इस मामले में एक से बढ़ कर एक मजेदार रिएक्शंस आ रहे हैं। जहाँ एक तरफ लोगों ने आक्रोश भी जताया कि बॉलीवुड इस कदर भ्रष्ट हो गया है, वहीं दूसरी तरफ लोगों ने इस मुद्दे पर मजाक भी बनाया। मुकुंद झा नाम के यूजर ने पोर्न स्टार जॉनी सीन्स कोट और टाई में तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि राज कुंद्रा ने अपना वकील ढूँढ लिया है।

एक व्यक्ति ने राज कुंद्रा के पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जो उन्होंने अप्रैल 2012 में किया था। राज कुंद्रा ने इस ट्वीट में लिखा था, “आखिर एक नंगी लड़की को देख कर न्यूटन हैरान क्यों हो गए थे? सोचिए। क्योंकि एक चीज ऊपर की तरफ बढ़ने लगी थी, जो गुरुत्वाकर्षण के नियम के खिलाफ है।”

एक ट्विटर यूजर ने ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज में कुलभूषण खरबंदा के किरदार ‘सत्यानंद त्रिपाठी उर्फ़ बाउजी’ की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि राज कुंद्रा की फिल्मों में मुख्य किरदार के लिए ये सबसे बेहतर विकल्प हैं।

वहीं राज कुंद्रा का एक आपत्तिजनक ट्वीट भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने नस्लीय टिप्पणी की थी। सितंबर 2012 में किए गए इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “श्रीलंका के चीयर गर्ल्स को देख कर लगता है कि हम सीता के अपहरण के लिए रावण को दोष नहीं दे सकते।” ऐसा ट्वीट कर के उन्होंने हिन्दू धर्म व रामायण का भी मजाक बनाया था।

वहीं कुछ लोगों ने शशि थरूर की वो तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वो शिल्पा शेट्टी के करीब जाकर उनसे बातें कर रहे हैं और बगल में खड़े राज कुंद्रा सब देख रहे हैं।

बता दें कि मुंबई पुलिस को पता चला है कि पोर्न वीडियो शूट के लिए कुछ बड़े लोगों के बंगलों का इस्तेमाल किया जाता है। इन बंगलों को किराए पर लेकर उनमें पोर्न फ़िल्में शूट की जाती हैं। इससे इन कंपनियों को लाखों का फायदा होता है। साथ ही कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इनकी रिलीज से पहले ट्रेलर भी जारी किए जाते थे। मलाड वेस्ट के मढ़ द्वीप पर के एक बंगले से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई के शोरगुल से दूर महानगर के ही मढ़ में कई सेलेब्रिटीज ने अपना ठिकाना बनाया हुआ है।

हिस्ट्रीशीटर की बीवी, नाम- जेबा खातून: गुर्गों संग घर में घुस बरसाई गोलियाँ, 7 महीने की गर्भवती की मौत

बिहार के भागलपुर जिले के बबरगंज थाना क्षेत्र का मुगलपुरा इलाका सोमवार (19 जुलाई 2021) को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूँज उठा। यहाँ जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद इम्तियाज की बीवी जेबा खातून ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर आरिफ मोहम्मद नाम के व्यक्ति के घर में घुसकर ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। इस दौरान एक गोली आरिफ की बड़ी बेटी काजल को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। वह सात महीने की गर्भवती थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी इम्तियाज के गुर्गों बादशाह और रहमत ने आरिफ के बेटे को रास्ते में रोककर धमकी दी थी कि वो अपने अब्बू से पुलिस के लिए जासूसी करने का काम को बंद करने के लिए कहे। अन्यथा उसके पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। आरिफ का कहना है कि उसने इम्तियाज के गुर्गों को यह समझाने की बहुत कोशिश की कि वो पुलिस की मुखबिर नहीं है, बल्कि प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी।

आरिफ के मुताबिक इम्तियाज की पत्नी जेबा खातून शराब, स्मैक और नशीले पदार्थों का काम करती है। सोमवार (19 जुलाई 2021) को आरिफ जब इम्तियाज के गुर्गों से बहस के बाद अपनी बीवी के संग घर लौट आया तो उसके कुछ देर बात ही जेबा खातून गुर्गों के साथ उसके घर आ गई। उसके साथ इम्तियाज का भाई इंतसार समेत कई लोग थे। आरिफ के घर पहुँचते ही इनलोगों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान करीब 12 राउंड फायर किए गए। गोली लगने से आरिफ की बड़ी बेटी काजल घायल हो गई, जिसे अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

भागलपुर जिले के एएसपी पूरण झा के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया है कि पुरानी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने आरिफ के मुखबिर होने से इनकार करते हुए बताया कि दोनों तरफ के लोग अपराधी ही हैं। इम्तियाज और आरिफ के दामाद जेल में हैं। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

‘भारतीय सेना ने घेर लिया था’: पहले इनकार-अब ‘शहीद’ बता महिमामंडन, चीन ने जारी किए गलवान में मारे गए सैनिकों के डिटेल्स

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने माना है कि 2020 में गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ संघर्ष के दौरान चीनी फ़ौज (PLA) के जवान मारे गए थे। इनमें से एक का नाम चेन होंगजुन है। चीनी मीडिया ने पहली बार इस तरह से गलवान में भारत के साथ युद्ध में अपने मृत सैनिकों के डिटेल्स जारी किए हैं। चीनी मीडिया का कहना है कि उसके क्वी फाबाओ नामक सैन्य अधिकारी को भारतीय सेना ने घेर लिया था।

‘Xinhua’ समाचार एजेंसी के अनुसार, चेन होंगजुन इसके बाद अपने दो सैनिकों के साथ उस तरफ बढ़े, लेकिन इस दौरान भारतीय सेना उन पर लगातार पत्थरबाजी कर रही थी और लाठी-डंडों से पीट रही थी। चीनी मीडिया का कहना है कि चेन होंगजुन ने अपने शरीर पर ये सब झेला। चीनी मीडिया का दावा है कि उनके कई जवानों को भारतीय सेना द्वारा ‘घेर लिए जाने’ किए जाने के बाद चीनी सेना ने उन्हें छुड़ाने के लिए हमला बोला।

चीनी मीडिया का ये भी कहना है कि होंगजुन के साथ ही चेन जीएनग्रोंग नामक एक सेना का जवान भी मारा गया, जो अपने वरिष्ठ की रक्षा कर रहा था। ‘Xinhua’ की मानें तो उस वक़्त चीनी सेना के जवान सिर्फ साथ जीने-मरने की ही सोच रहे थे और इसीलिए कम लोगों के साथ ही उनकी गलवान में ‘जीत’ हुई। बता दें कि चीन का ये दावा झूठा है क्योंकि भारतीय सेना ने जून 2020 में उन्हें अपने क्षेत्रों पर कब्ज़ा करने से सफलतापूर्वक रोका था।

‘Xinhua’ के अनुसार, “चीनी सेना के जवानों ने इस उद्धरण का पालन किया कि ‘आप निश्चित रहें मेरी मातृभूमि, मैं सीमा पर आपकी सुरक्षा के लिए हूँ’। चेन होंगजुन और उनके 4 साथियों ने जिम्मेदारीपूर्वक बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान दे दी। ये लोग काराकोरम की पहाड़ी पर तैनात थे। CPC ने 1 जुलाई, 2021 को वीं वर्षगाँठ से पहले उन्हें अपना सर्वोच्च सम्मान दिया। इस युद्ध में मारे गए अन्य सैनिकों के योगदानों को भी सम्मान दिया गया।”

अर्थात, चीनी मीडिया मान रहा है कि भारत के साथ संघर्ष में उसके सैनिक मारे गए। इस दावे को भारत के कई विपक्षी नेता व वामपंथी पत्रकार भी नकारते रहे हैं। साथ ही चीनी मीडिया ने इन सैनिकों के परिवार की कहानियाँ भी छापी हैं और इनके बारे में देश को बताया है। चेन किस तरह अपनी बीवी को गिफ्ट भेजते थे, उसकी माँ ने क्या कहा से लेकर अन्य अधिकारियों तक के बयान छापे गए हैं। साथ ही इन मृत सैनिकों को ‘नायक’ करार दिया।

चीन ने अपने रेजिमेंटल कमांडर, Qi Fabao को सीमा की रक्षा के लिए वीर रेजिमेंटल कमांडर का टाइटल, चेन होंगज़ुन को बॉर्डर की रक्षा करने के लिए हीरो और चेन जियानग्रोंग, जिओ सियुआन और वांग ज़ुओरन को प्रथम श्रेणी की योग्यता से सम्मानित किया था। चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वीबो पर अगस्त 2020 में, झड़प में मारे गए चेन सियानग्रोंग (Chen Xiangrong) के एक चीनी सैनिक की एक मकबरे की तस्वीर वायरल हुई थी।

यूपी, असम, बिहार… बकरीद पर ढील नहीं: सार्वजनिक कुर्बानी पर रोक, मस्जिद-ईदगाह में जुटान पर भी मनाही

चीनी वैश्विक महामारी कोरोना के खतरे के बावजूद केरल में बकरीद पर ढील दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज (20 जुलाई 2021) सुनवाई करेगा। उससे पहले केरल की वामपंथी सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया है कि कारोबारियों को राहत देने के लिए ऐसा किया गया है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, बिहार और असम जैसे राज्यों ने संक्रमण के मद्देनजर किसी तरह की ढील नहीं देने का फैसला किया है। राज्य सरकारों की गाइडलाइन में सार्वजनिक कुर्बानी और भीड़भाड़ को प्रतिबंधित किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। चिन्हित स्थानों पर ही निश्चित संख्या में कुर्बानी दी जा सकेगी। इस दौरान साफ-सफाई के साथ ही प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। एक ही स्थान पर 50 से अधिक लोग इकट्ठे भी नहीं हो सकेंगे। सीएम ने सभी जिलों के प्रशासन को इस बात पर नजर बनाए रखने का आदेश दिया है कि बकरीद के दौरान गोवंश, ऊँट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न दी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अगर कोई भी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके और परिवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार के पटना में बकरीद के मौके पर ईदगाह और मस्जिदों में जुटान से प्रशासन ने मना किया है। बकरीद की नमाज घर में ही अदा करने को कहा गया है। पटना सिटी एसडीओ ने कहा है कि कुर्बानी का फोटो, वीडियो और धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाने वाला किसी भी तरह का पोस्ट सोशल प्लेटफार्म पर करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी कोरोना संकट के बीच बकरीद मनाए जाने को लेकर गाइडलाइन जारी की है। बकरीद घर पर ही मनाने को कहा गया है। मस्जिद में मौलवी समेत 5 लोग ही नमाज के लिए इकट्ठे हो सकेंगे। बकरीद के दौरान राज्य के 34 जिलों में से 5 जिलों गोलाघाट, जोरहाट, लखीमपुर, सोनितपुर और विश्वनाथपुर में कर्फ्यू लगा रहेगा। इन पाँचों जिलों में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट बहुत अधिक रहा है। इसके अलावा मध्यम स्तर के कोविड पॉजिटिविटी रेट वाले गोलपारा और मोरीगाँव जिलों में दोपहर एक बजे से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा।

इसके अलावा जिन जिलों में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज है वहाँ पर सभी तरह के व्यवसायों, दुकानों, फल और सब्जियों, ढाबे आदि अगले आदेश तक बंद रहेंगे। मध्यम पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों में ये सभी चीजें दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक खुल सकेंगी। कंटेनमेंट जोन में सभी तरह के यातायात पर बैन रहेगा।

असम में 1000 युवाओं की ‘पॉपुलेशन आर्मी’, मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसंख्या नियंत्रण: CM हिमंता का ऐलान

असम के फायरब्रांड मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पहले ही जता चुके हैं कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर वो गंभीर हैं। अब राज्य में जल्द ही इसके लिए ‘पॉपुलेशन आर्मी’ का गठन किया जाएगा। ये ‘पॉपुलेशन आर्मी’ राज्य के मुस्लिम बहुल इलाकों में गर्भ-निरोधक गोलियों का वितरण करेगी और साथ-साथ लोगों को ‘बर्थ कंट्रोल’ के फायदों को लेकर जागरूक करेगी। मुख्यमंत्री ने असम विधानसभा में ये जानकारी दी।

उन्होंने सोमवार (19 जुलाई, 2021) को राज्य के मध्य व पश्चिमी क्षेत्रों में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा कि असम के चार चपोरी क्षेत्र (ब्रह्मपुत्र व इसके सहयोगी नदियों का तटवर्ती क्षेत्र, जो 3608 वर्ग किलोमीटर में फैला है) में 1000 युवाओं की एक मजबूत ‘पॉपुलेशन आर्मी’ जनसंख्या नियंत्रण व ‘बर्थ कंट्रोल’ के प्रति जागरूकता पैदा करेगी व गर्भ-निरोधक दवाओं के वितरण का जिम्मा संभालेगी।

मुस्लिम बहुल जनसंख्या वाला ये बाढ़-पीड़ित इलाका असम के क्षेत्रफल का 4.6% है, जहाँ जनसंख्या विस्फोट के साथ-साथ निरक्षरता भी एक बड़ी समस्या है। सीएम सरमा ने आँकड़े गिनाते हुए कहा कि जहाँ 2001-11 के बीच राज्य में हिन्दुओं की जनसंख्या वृद्धि दर 10% थी तो मुस्लिमों के मामले में ये आँकड़ा 29% था, लगभग तीन गुना। उन्होंने उदाहरण दिया कि कैसे जनसंख्या नियंत्रण के कारण राज्य में हिन्दुओं का जीवन बेहतर हुआ है और अच्छे घर व गाड़ियाँ रखते हैं।

उन्होंने कहा कि अन्य कारकों के साथ-साथ ये जनसंख्या नियंत्रण का ही कमाल है कि हिन्दुओं के बच्चे डॉक्टर-इंजिनियर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊपरी असम के लोग उन समस्याओं को नहीं समझ सकते, जिन्हें मध्य व पश्चिमी भाग जनसंख्या विस्फोट के कारण झेल रहा है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल-विवाह का खात्मा व वित्तीय सहायताओं की बात करते हुए कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे को राजनीति से दूर रख आकर वास्तविक समाधान खोजना चाहिए।

उन्होंने याद दिलाया कि मुस्लिम बहुल जिलों में ये समस्या ज्यादा गहरी है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे रहने के जगह की कमी के कारण जंगली क्षेत्रों में कई लोगों को बाहर निकलने को मजबूर होना पड़ा है और अपराध भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि यहाँ से केरल में पलायन हो रहा है और मुस्लिमों में मानव तस्करी भी बढ़ी है, जिसका कारण जनसंख्या विस्फोट है। उन्होंने कहा कि कुछ सामाजिक तनाव भी है, लेकिन इन सबके लिए गरीबों को दोष नहीं दिया जा सकता।

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे की बात करते हुए कहा कि अगर अगर जनसंख्या वृद्धि दर 5-6% और घट जाती है तो फिर कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। उन्होंने इस मुद्दे पर काम करने के लिए कॉन्ग्रेस के साथ-साथ बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ‘ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIDUF)’ से भी सहयोग माँगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम अल्पसंख्यकों में गरीबी और वित्तीय असमानता को ख़त्म करने के लिए ये ज़रूरी है।

इससे पहले सीएम सरमा ने कहा था, “असम की जनसंख्या में अल्पसंख्यकों का योगदान 37% है। इस जनसंख्या का एक बड़ा भाग वंचित और अशिक्षित है। बीते कुछ सालों में असम आर्थिक और सामाजिक पैमाने पर और भी बेहतर स्थिति में हो सकता था। आप महिलाओं को दोष नहीं दे सकते, क्योंकि उनके ऊपर परिवार का दबाव है। हालाँकि, यह समय है कि महिलाएँ अपना विरोध दर्ज करें और समाज के तौर पर हम उनके सशक्तिकरण का प्रयास करें।“

2BHK-फटी जेब में पेगासस है, हवस के कई ‘राज’ हैं… खाली हाथ अकेला मैग्सेसे कुमार है

स्टूडियों में भीड़ भारी है। संख्या के हिसाब से नहीं। दुखों के लिहाज से। पीछे स्क्रीन काली है। आगे मुनव्वर बैठे हैं। साथ हैं बकल टिकैत और आंदोलनजीवी यादव भी। सूत्रधार बने हैं, अपने मैग्सेसे कुमार। सब के सब छलनी थे। जख्मों से नहीं। पेगासस (Pegasus) से।

जख्म भले साझा हैं। पर राग से छेड़खानी अपनी-अपनी हैं। हालाँकि शब्द एक ही हैं। कैफी आजमी से उधार लिए। जरा आप भी गौर फरमाइए;

ये दुनिया ये महफ़िल, मेरे काम की नहीं
किसको सुनाऊँ हाल-ए-दिल बेक़रार का
बुझता हुआ चराग़ हूँ अपने मज़ार का
ऐ काश भूल जाऊँ मगर भूलता नहीं
किस धूम से उठा था जनाज़ा बहार का
ये दुनिया ये महफ़िल, मेरे काम की नहीं

शब्द भले जावेद साहेब के ससुर के थे। लेकिन धुन मदन मोहन की नहीं थी। आवाज भी लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी वाली नहीं थी। सो, स्टूडियो में भी श्वान का जुटान तगड़ा था। भों-भों की स्वर लहरी में सारे शब्द दब गए थे।

अब मुनव्वर से रहा नहीं गया। उस भीड़ में वे सबसे छोटे भी नहीं हैं। जानते हैं यहाँ हिस्से माँ नहीं आएगी। काली स्क्रीन पर शायराना जख्म शायद कुछ काम कर जाए। अर्ज किया;

मैं भुलाना भी नहीं चाहता इस को लेकिन
पेगासस ज़ख़्म का रहना भी बुरा होता है

फिर फरमाया- कमबख्त पेगासस। तुमने ये किया गया। कर्ट वेस्टरगार्ड शांति से चला गया। बिरादरों को मौका तक नहीं दिया नफरत दिखाने का। काश! तुम ना होते। इस सोशल मीडिया को हम नफरत से रंग देते।

बकल टिकैत के पल्ले कुछ न आई। न कर्ट जुबान पर आई और न पेगासस जुबान से बाहर। ऐसे में आंदोलनजीवी यादव हौले-हौले आगे आए। हौले से ही बोले- भाई बकल टिकैत, ये शब्द आपके सिलेबस से बाहर हैं। आप तो बस नफरत को ट्रैक्टर पर चढ़ाइए। बकल टिकैत बोले- भाई आंदोलनजीवी, हिलाना तो इसी मॉनसून से था। लेकिन ये पेचकस कहाँ से आई है, धमकी हमारी भी खाई है।

आंदोलनजीवी यादव बोले- सही फरमाया भाई बकल। हौले-हौले आई है, सभी खलिहरों की खेत अचानक से लहलहाई है। बताओ भला उसकी जासूसी कौन करे, जिसकी कुर्ते की फटी जेब भी रफ्फू हो न सके। जो मशीनों में आलू डाल सोना बनाए, वो भला फोन से कौन सा गुल खिलाए।

अचानक आंदोलनजीवी यादव के हौले रफ्तार को लगी ब्रेक। काली स्क्रीन पर था अब मैग्सेसे कुमार का प्राइम खेल। उनके विषाद भी भारी थे। कुटिलता, घुइंया, मक्कारी संग पेगासस पर टूटे थे। नमस्कार का विलोप था, साहस की मंदी का स्वर में रोष था। शब्द जहर रहे थे- यह सरकार ही मेरे सवालों से नहीं घबराती है। पेगासस भी मेरे गली में आने से डरती है। मैं तो कहता हूँ इसमें भी स्कैम है। जो टू बीचएके वाली के घर तक जा सकती है, वो मेरे ह्वाट्सएप यूनिवर्सिटी में क्यों नहीं आ सकती है। इस साजिश में सब मिले हैं। यह गोदी मीडिया का विस्तार है। पेगासस ने आपके मोबाइल की सूचना नहीं खाई है। इसने खाई है आपकी रोटी। आपकी जिंदगी। आपकी अर्थव्यवस्था। वो सारे सवाल जो आपसे जुड़े थे। जिससे ये सरकार डरती है। इसलिए तो कहता हूँ टीवी मत देखिए। अखबार मत पढ़िए। सारे झंझट यहीं हैं। पेगासस आया-पेगासस आया, इसका शोर किसने मचाया। इसी मीडिया ने। इसी गोदी मीडिया ने। ये शोर न होता तो आज लोकतंत्र भी खतरे में नहीं होता। पर आप क्या जाने मैग्सेसे कुमार होना। अच्छा हुआ भाई पुलित्जर सिद्दीकी। बिरादरों ने आपको ये दिन देखने को नहीं छोड़ा। वरना आज पुलित्जर भी टूबीएचके के सामने बेमोल था। फासिस्ट सरकार से सब डरते हैं, फिर भी मैं पेगासस को लानत भेजता हूँ…

अचानक मैग्सेसे कुमार की आवाज दब जाती है। स्क्रीन काली से रंगीन हो जाती है। बड़े-बड़े अक्षर में ब्रेकिंग न्यूज फ्लैश होता है: राज मुंबई में गिरफ्तार। ढन-ढन करता म्यूजिक और पट्टी पर लिखा हवस का माहौल। मैग्ससे कुमार कुढ़ते मन से गुनगुनाते निकल पड़े;

स्टूडियो में आके भी मुझको ठिकाना न मिला
ग़म को भूलाने का कोई बहाना न मिला
राज तू क्या जाने फ़ोन में एक पेगासस की तलाश को
जा मुनव्वर अब तू भी देख यूपी से बाहर के हालात को