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वाजपेयी के ‘वैष्णव’ कैसे बने मोदी की पसंद, ‘दादा’ की कुर्सी पर 20 साल बाद ज्योतिरादित्य विराजमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के पहले कैबिनेट विस्तार में शपथ लेने वाले मंत्रियों को उनके विभागों का बँटवारा कर दिया गया है। कैबिनेट विस्तार के बाद कई मंत्रियों के विभाग भी बदले गए हैं। बुधवार (07 जुलाई 2021) को राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में कुल 43 मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की थी। उससे पहले 12 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था। मोदी सरकार के इस बहुप्रतीक्षित विस्तार के बाद सर्वाधिक चर्चा में देश के नए रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया की है। सिंधिया को वही नागरिक उड्डयन मंत्रालय दिया गया, जो 30 साल पहले उनके दिवंगत पिता माधवराव सिंधिया को मिला था।

वाजपेयी के भी थे चहेते

भारत की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल और सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्रालय की कमान अश्विनी वैष्णव को दी गई है। 1970 में राजस्थान के जोधपुर में जन्मे अश्विनी वैष्णव इलेक्ट्रॉनिक एण्ड कम्युनिकेशन्स में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके अलावा उन्होंने IIT कानपुर से M.Tech और अमेरिका की वॉर्टन यूनिवर्सिटी से MBA भी किया है। वैष्णव 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वैष्णव ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा ऑल इंडिया 27वीं रैंक हासिल करते हुए उत्तीर्ण की थी। हालाँकि 2008 में उन्होंने सिविल सेवा से त्यागपत्र दे दिया था और कॉर्पोरेट जगत का रुख कर लिया था। अमेरिका से MBA करने के बाद वैष्णव ने न केवल की नामी-गिरामी कंपनियों में शीर्ष पदों पर काम किया बल्कि गुजरात में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी खोली।

2003 तक वैष्णव ने ओडिशा में अपनी सेवाएँ दी। उसके बाद उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में प्रधानमंत्री कार्यालय में उपसचिव नियुक्त किया गया था। पद से हटने के बाद वैष्णव, वाजपेयी के सचिव बनाए गए। जून 2019 को वैष्णव भाजपा में शामिल हुए। भाजपा में शामिल होने के बाद भी वैष्णव को ओडिशा की प्रमुख पार्टी बीजू जनता दल का समर्थन प्राप्त हुआ और वे वैष्णव राज्यसभा सांसद चुने गए। वैष्णव एक आंत्रप्रेन्योर रह चुके हैं, ऐसे में भारतीय रेल की कमान उन्हें सौंपना यह बताता है कि मोदी सरकार रेलवे की कमाई बढ़ाने और निजी सार्वजनिक भागीदारी (PPP) के तहत रेलवे के विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि भारतीय रेल की कमान एक ऐसे व्यक्ति को दी गई है जो न केवल ब्यूरोक्रैट रह चुका है, बल्कि कार्पोरेट जगत की बारीकियों से भी परिचित है।

पिता के मंत्रालय में बेटे की एंट्री

कभी कॉन्ग्रेस के महत्वपूर्ण (लेकिन हाशिए पर रहने वाले) नेताओं में गिने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को सिविल एविएशन मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले सिंधिया ने मध्य प्रदेश में सरकार बनाने में भाजपा की सहायता की। इसका ईनाम भी उन्हें राज्यसभा के रूप में मिला जब मध्य प्रदेश से ही वो राज्यसभा सांसद चुने गए। बुधवार (07 जुलाई) को सिंधिया ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली और शपथ लेने के बाद उन्हें मोदी सरकार में सिविल एविएशन मंत्रालय का प्रभार सौंप दिया गया।

यह वही मंत्रालय है जिसकी जिम्मेदारी 30 साल पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया को मिली थी। माधवराव सिंधिया 1991-93 के दौरान पीवी नरसिम्हा राव सरकार में सिविल एविएशन और पर्यटन मंत्री रहे थे। माधवराव, राजीव गांधी सरकार में रेल मंत्री के पद भी रहे। इसी तरह उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मनमोहन सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री रह चुके हैं।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान हुए कैबिनेट विस्तार में विविधता के साथ सामंजस्य भी देखने को मिला। मंत्रिमंडल विस्तार में पूर्वोत्तर भारत के जन-प्रतिनिधियों को भी महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र की 25 में से 14 सीटें जीतने वाली भाजपा की सरकार में अब पूर्वोत्तर से कुल 5 मंत्री हो गए हैं। इनमें से 2 कैबिनेट मंत्री हैं जबकि 3 नेताओं को कैबिनेट राज्य मंत्री बनाया गया है। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानन्द सोनोवाल और किरेन रिजूजू जहाँ कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं वहीं त्रिपुरा से लोकसभा सांसद प्रतिमा भौमिक और मणिपुर से लोकसभा सांसद राजकुमार रंजन सिंह कैबिनेट राज्यमंत्री बने। असम से रामेश्वर तेली पहले ही मोदी सरकार में मंत्री हैं।

इलाज के बहाने अफजल और उसके शार्गिदों ने 15 साल की लड़की से किया रेप, मीडिया बता रहा ‘तांत्रिक’

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के गजरौला थाना क्षेत्र की 15 साल की लड़की के साथ गैंगरेप का मामला प्रकाश में आया है। आरोप मेरठ के अफजल मलिक और उसके शार्गिदों पर है। अफजल ने इलाज के नाम पर पीड़िता के साथ इस घटना को अंजाम दिया। सेकुलर मीडिया ने समुदाय विशेष के आरोपितों को तांत्रिक बता पहचान छिपाने की कोशिश की है।

रिपोर्ट के अनुसार आरोपितों ने पीड़िता को इस घटाने बारे में किसी को नहीं बताने की धमकी भी दी थी। पीड़िता के परिवार के ने मामले की शिकायत मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से की है। दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट मुताबिक, मामले की जाँच अंचल अधिकारी (कोतवाली) को सौंप दी गई है। साथ ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने सभी आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता के परिजनों ने कहा है कि उनकी बेटी बीमार थी। भवनपुर के तारिक ने उसके उपचार के लिए मेरठ के राशिदनगर गली नंबर-3 के निवासी अफजल मलिक से मिलवाया था। तारिक ने कहा था कि अफजल उनकी बेटी को ठीक कर सकता है। इसके बाद परिजन उसे लेकर अफजल के पास गए थे।

परिवार ने आरोप लगाया है कि अफजल के साथ मिलकर तारिक, असलम और जुल्फिकार ने गैंगरेप किया। ये अफजल के शागिर्द बताए जा रहे हैं। पीड़िता के परिजनों ने कहा है कि सामूहिक बलात्कार की यह वारदात 5 जुलाई 2021 को हुई थी। पीड़िता ने जब इसकी जानकारी परिजनों को दी तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपितों ने राशि दोगुना करने के बहाने से उनकी जमीन को भी 26 लाख रुपए में बेच दिया है। पैसे लेने के बाद फोन तक नहीं उठा रहे हैं। मेरठ के एससपी सिटी विनीत भटनागर ने कहा कि शिकायत के बारे में पता चलने के बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

तांत्रिक बताने का सेकुलर एजेंडा

रिपोर्ट में अपराध और अपराधी दोनों का नाम स्पष्ट होने के बावजूद टाइम्स ऑफ इंडिया ने सेकुलर बनने का दिखावा करते हुए पाठकों को भ्रमित करने की कोशिश की। मीडिया अक्सर समुदाय विशेष के जघन्य अपराधों पर पर्दा डालने की को​शिश करता रहता है। खबर को हिंदू टच देकर गुमराह भी करता है।

साभार: टाइम्स ऑफ इंडिया

रिपोर्ट में टाइम्स ऑफ इंडिया ने बलात्कार के आरोपित अफजल को एक ‘तांत्रिक’ बताया है। इसी तरह से टाइम्स नाउ ने भी तांत्रिक’ बताकर उसी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। सामान्य अर्थों में ‘तांत्रिक’ वह व्यक्ति होता है जो ‘तंत्र विद्या’ का अभ्यास करता है। यह शब्द मुख्य रूप से हिंदू धर्म से जुड़ा है, जिससे यह प्रतीत होता है कि यह अपराध हिंदू व्यक्ति ने किया।

साभार: टाइम्स नाऊ

इसी नक्शे कदम पर चलते हुए लाइव हिंदुस्तान ने भी अपराध को ‘तंत्र-मंत्र’ से जोड़ने की कोशिश की है। उसकी रिपोर्ट में भी आरोपितों के नाम स्पष्ट हैं। बावजूद इसके लाइव हिंदुस्तान ने ऐसा किया।

साभार: लाइव हिंदुस्तान

पहले भी हुआ है ऐसा

यह कोई पहली बार नहीं है जब मीडिया हाउसों ने सेकुलर दिखने के चक्कर में मुख्य आरोपित की पहचान को छुपाया हो। पिछले महीने 14 जून 2021 को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में ‘दैनिक भास्कर’ ने मौलवी को ‘तांत्रिक’ लिख कर भ्रम फैलाया था। घटना दोस्तपुर थाना क्षेत्र के खलिसपुर दुर्गा गाँव की थी। सविता प्रजापति नाम की महिला अपने पति कपिल देव के साथ अपनी बीमार माँ के कहने पर मायके आई थी। उक्त महिला को कई बीमारियाँ थीं। ‘दैनिक भास्कर’ ने लिखा था कि उस महिला को ‘बाबा’ के पास ले जाया गया, जबकि वो एक मौलवी/फकीर था।

इसी तरह से पिछले महीने ही उत्तर प्रदेश के मेरठ में संतान की चाहत में एक शौहर ने अपनी ही बीवी को दोस्त इस्माइल के हवाले कर दिया। तंत्र-मंत्र का झाँसा देकर इस्माइल ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। लेकिन मीडिया ने उसे भी ‘तांत्रिक’ बता गुमराह करने की कोशिश की।

गुजरात: लव जिहाद की पहली पीड़िता ‘गायब’, समीर कुरैशी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का लगाया था आरोप

गुजरात में ‘धार्मिक स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021’ लागू होने के बाद 18 जून 2021 को इस कानून के तहत पहला लव जिहाद का पहले मामला दर्ज हुआ था। एक 24 वर्षीय महिला ने अपने पति समीर कुरैशी पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। अब उस महिला के गायब होने की खबर आ रही है। वडोदरा पुलिस शिकायत करने वाली महिला की तलाश में है। महिला ने शिकायत करने के कुछ दिन बाद यह कहा था कि उस पर झूठी शिकायत दर्ज कराने का दबाव बनाया गया था।

फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता ने स्थानीय अदालत में हलफनामा दाखिल किया और बताया कि उसने दबाव में आकर धर्म परिवर्तन की झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। हालाँकि शिकायत दर्ज कराने वाली पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने यह बयान भी दर्ज कराया था कि एफआईआर में कुरैशी के खिलाफ दी गई जानकारी पूरी तरह से सही है। अब वडोदरा के एसीपी डीटी राठौड़ ने भी फ्री प्रेस जर्नल से चर्चा के दौरान इस बात कि पुष्टि की है कि पीड़िता ने अपना बयान बदल दिया है और उन्होंने यह भी कहा है कि एक बार पीड़िता से बात हो जाए तो सच्चाई सामने आ पाएगी।

राठौड़ ने यह भी कहा कि पुलिस, पीड़िता की खोज आरोपित की तरह नहीं कर सकती है इसलिए पुलिस ने पीड़िता के परिवार वालों से कह दिया है कि जब भी वह वापस आए तो उसे पुलिस के पास लाया जाना चाहिए। राठौड़ ने यह भी बताया कि अभी तक यह ज्ञात नहीं है कि पीड़िता ने किस पक्ष के दबाव में आकर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी और यह भी पता नहीं है कि क्या कोई और कारण है? हालाँकि रिपोर्ट में यह बताया गया है कि पुलिस के सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि पीड़िता के द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और बाद में लोकल अदालत में दाखिल गए हलफनामे में पीड़िता के हस्ताक्षर अलग-अलग हैं।

ज्ञात हो कि गुजरात में वडोदरा पुलिस ने समीर कुरैशी को गुजरात धर्म की स्वतंत्रता (संशोधन) अधिनियम, 2021 के तहत गिरफ्तार किया था। समीर पर खुद को ईसाई बताकर पीड़िता को प्रेम जाल में फँसाने का आरोप था। साल 2019 में सोशल मीडिया पर वह पीड़िता से सैम मार्टिन के नाम से मिला था।

उस समय पीड़िता ने युवक का धर्म देखते हुए उससे शादी करने के लिए हाँ कर दिया था। लेकिन बाद में पता चला कि शादी ईसाई रीति रिवाज से नहीं, बल्कि मुस्लिम रीति रिवाजों से हो रही थी। शादी के नाम पर निकाह का आयोजन हुआ था। निकाह के बाद पहले पीड़िता का नाम बदलवाया गया और फिर उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जाने लगा। समीर अपनी बात मनवाने के लिए महिला को जातिसूचक गालियाँ भी देता था। महिला ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरों के जरिए उसे ब्लैकमेल भी किया गया।

फेसबुक, ट्विटर और गूगल पर ट्रंप ने किया केस: टेक दिग्गजों ने अकाउंट कर दिया था बैन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिग्गज टेक कंपनियों गूगल (यूट्यूब), फेसबुक और ट्विटर के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। इन कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पर भी अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने और सेंशरशिप को लेकर केस किया गया है। ट्रंप ने कहा है कि इन कंपनियों ने गलत तरीके से उन्हें प्रतिबंधित किया।

फेसबुक, गूगल और ट्विटर ने इस मामले में किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार किया है। ट्रंप की ओर से अमेरिका के दक्षिण फ्लोरिडा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में केस दायर किया गया है। उन्होंने न्यू जर्सी गोल्फ कोर्स के बेडमिनस्टर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “हम इस प्रतिबंध को समाप्त करने, बोलने से रोकने, ब्लैकलिस्टिंग, हटाने और प्रतिबंधित करने की प्रक्रियाओं को रोकने की माँग करते हैं और आप सब इसे अच्छी तरह से जानते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए ऐतिहासिक जीत हासिल करेंगे।” गौरतलब है कि इसी साल 6 जनवरी 2021 को अमेरिका की कैपिटल हिल पर हिंसा के बाद ट्विटर ने ट्रंप के अकाउंट को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया था। इसके बाद ट्रंप यूएस प्रेसिडेंसियल इलेक्शन 2020 को लेकर बयानबाजी जारी रखी। इसके बाद इन कंपनियों ने उनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था।

ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हेरफेर का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि वे चुनाव में जीते हैं और गलत तरीके से उन्हें हराया गया है। हालाँकि खुद उनके द्वारा नियुक्त अटॉर्नी जनरल में मतदान में गड़बड़ी से इनकार किया था।

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत कई राजनेता लंबे समय से यह कहते आ रहे हैं कि ट्विटर, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों उन्हें मिले सुरक्षा कवच (कानून) का उल्लंघन कर रहे हैं। ट्विटर, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया दिग्गज कंपनियों को कई देशों में पक्षपातपूर्ण नीतियों के कारण आलोचना, पेनाल्टी का सामना करना पड़ रहा है।

J&K : पुलवामा और कुलगाम में एनकाउंटर, सुरक्षा बलों ने मार गिराए 5 आतंकी

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते 24 घंटों में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 5 आतंकियों को मार गिराया है। इनमें हिजबुल का टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन उर्फ उबैद भी शामिल है जो घाटी का पुराना आतंकी था और बुरहान वानी का साथी था।

दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों के साथ बुधवार (7 जुलाई 2021) की रात को मुठभेड़ शुरू हुई। पुलवामा में दो आतंकियों के छिपे होने की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। हालाँकि मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी पहले तो आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका दिया, लेकिन आतंकियों की ओर से गोलीबारी जारी रही। इसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों आतंकियों को मार गिराया।

कुलगाम के जोदार इलाके में गुरुवार (08 जुलाई) तड़के मुठभेड़ शुरू हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस और 01 आरआर के जॉइन्ट ऑपरेशन में लश्कर के दो आतंकी मार गिराए गए। इस तरह पुलवामा और कुलगाम में हुई मुठभेड़ में कुल मिलाकर 4 आतंकियों की मौत हुई है।

आपको बता दें कि उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिद्दीन के टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन हलवाई उर्फ उबैद को मार गिराया था। कश्मीर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि मेहराजुद्दीन, हिजबुल के पुराने और कुख्यात आतंकियों में से एक था। मेहराजुद्दीन, हिजबुल कमांडर बुरहान वानी का साथी था। इस ऑपरेशन को पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस कई सालों से उसकी तलाश कर रही थी। घाटी में पिछले 9 सालों से क्रिय मेहराजुद्दीन सिर्फ 12वीं पास था। लेकिन वह आधुनिक संचार तकनीकी का बेहद कुशलता से इस्तेमाल करता था। इसकी वजह से वह पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था।

59 गणेश प्रतिमाएँ, फ्रांसीसियों ने सागर में डुबोने का किया था प्रयास: कहानी पुडुचेरी के मनाकुला विनायगर मंदिर की

अभी तक ऑपइंडिया की मंदिरों की श्रृंखला में हमने आपको देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित भगवान शिव, माँ दुर्गा, भगवान विष्णु और हनुमान जी के मंदिरों के बारे में बताया है। आज हम आपको इन सभी देवताओं में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में स्थित है। शास्त्रों में वर्णित इस मंदिर की विशेषता है यहाँ विराजमान चमत्कारी प्रतिमा जिसे फ्रांसीसियों ने नुकसान पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन हमेशा असफल रहे। यह मंदिर है मनाकुला विनायगर मंदिर जहाँ सदियों से भक्तों के कष्टों का निवारण करते आ रहे हैं विघ्नहर्ता भगवान गणेश। 

बालू से मिला नाम

तमिल भाषा में बालू को मनल कहा जाता है और कुलन का अर्थ है जल स्रोत या सरोवर। इन्हीं दो तमिल शब्दों से मिलकर बना मनाकुला। कहा जाता है कि जहाँ आज भगवान गणेश विराजमान हैं वहाँ बहुत अधिक मात्रा में बालू हुआ करती थी। इस कारण भगवान गणेश के इस स्थान को मनाकुला विनायगर कहा गया। मंदिर का मुख सागर की तरफ है, इस कारण इस मंदिर को भुवनेश्वर गणपति भी कहा जाता है।

संरचना

लगभग 8,000 वर्ग फुट में फैले इस मंदिर में कई टन सोना मौजूद है। यहाँ तक कि इस मंदिर की आंतरिक सज्जा में भी सोने का ही उपयोग किया गया है। मंदिर में भगवान गणेश की मुख्य प्रतिमा के अलावा भगवान गणेश की ही 58 अन्य तरह की प्रतिमाएँ स्थापित हैं।

इस मंदिर की दीवारों पर शिल्पकारों ने भगवान गणेश के जन्म से लेकर उनके विवाह और अन्य कई घटनाओं का चित्रण किया है। इसके अलावा हिन्दू ग्रंथों में भगवान गणेश के जिन 16 रूपों का वर्णन किया गया है, मंदिर में उन सभी का चित्रांकन मौजूद है।

फ्रांसीसियों ने किया था भंग करने का प्रयास

मनाकुला विनायगर मंदिर का इतिहास 500 सालों से भी अधिक पुराना है। कहा जाता है कि जब फ्रांसीसी पुडुचेरी आए तो उन्होंने हिंदुओं के मन में इस मंदिर के प्रति अथाह श्रद्धा-भाव देखा। इसी के चलते फ्रांसीसियों ने भगवान गणेश की प्रतिमा को समुद्र में डुबो दिया, लेकिन यह चमत्कार ही था कि प्रतिमा फिर से अपने स्थान पर वापस आ जाती। मंदिर के अनुष्ठानों में भी कई तरह के विघ्न डालने के प्रयास भी हुए लेकिन हर बार भगवान गणेश के आशीर्वाद से विघ्न पहुँचाने वालों को असफलता हाथ लगती थी। यही कारण है कि आज भी न केवल पुडुचेरी बल्कि पूरे भारत भर के हिंदुओं के लिए यह मंदिर अत्यंत महत्व का है।

उत्सव

हर साल अगस्त-सितंबर महीने में मनाकुला विनायगर मंदिर में ब्रह्मोत्सवम मनाया जाता है। यह मंदिर का प्रमुख त्योहार है जो 24 दिनों तक चलता है। इसके अलावा मंदिर में विनायक चतुर्दशी, गणेश चतुर्थी और अन्य कई त्योहार माने जाते हैं। विजयादशमी भी यहाँ का प्रमुख त्योहार है। इस दिन भगवान गणेश अपने एक विशेष रथ पर सवार होकर नगर की यात्रा पर निकलते हैं। मंदिर का यह विशेष रथ सागौन की लकड़ी से बना है और कॉपर की प्लेट से पूरी तरह ढँका हुआ है। कॉपर की इन प्लेट पर शानदार नक्काशी की गई है। ये प्लेट भी सोने से सजाई गई हैं। इस रथ के निर्माण में साढ़े सात किग्रा सोने का उपयोग हुआ है।

कैसे पहुँचे?

बंगाल की खाड़ी से मात्र 400 मीटर पश्चिम में स्थित मनाकुला विनायगर मंदिर तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से 165 किमी दक्षिण में और विलुप्पुरम से 35 किमी पूर्व में स्थित है। मंदिर का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पुडुचेरी हवाई अड्डा है जो यहाँ से लगभग 6 किमी की दूरी पर स्थित है। पुडुचेरी हवाईअड्डे से हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए उड़ान उपलब्ध है। पुडुचेरी रेलमार्ग से भी विलुप्पुरम और चेन्नई से जुड़ा हुआ है जहाँ कई ट्रेनें नियमित तौर पर संचालित हैं। इसके अलावा सड़क मार्ग और जलमार्ग से भी पुडुचेरी भारत के कई शहरों से जुड़ा हुआ है।

हिमाचल के 6 बार के CM रहे कॉन्ग्रेस नेता वीरभद्र सिंह का 87 वर्ष की आयु में निधन, होली लाज लाया गया पार्थिव शरीर

हिमाचल प्रदेश के छह बार के मुख्यमंत्री रहे और कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र सिंह का निधन हो गया है। लंबी बीमारी के बाद शिमला के इंदिरा गाँधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में आज 8 जुलाई 2021 को तड़के 3.40 मिनट पर उन्होंने अंतिम साँस ली। वह काफी समय से बीमार थे। दो बार कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद भी लगातार अस्‍पताल में उनका इलाज चल रहा था व पिछले दो दिन से वेंटीलेटर पर थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री की तबीयत कोरोना से ठीक होने के बाद और बिगड़ी थी और उपचार के लिए आइजीएमसी में भर्ती करवाया गया था। हाल ही में वह 87 वर्ष के हुए थे। पूर्व मुख्‍यमंत्री के पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके निजी आवास होलीलाज लाया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार से कॉन्ग्रेस नेता वीरभद्र सिंह वेंटिलेटर पर थे। उन्हें साँस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही थी। बता दें कि वीरभद्र सिंह बीते 30 अप्रैल से शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में दाखिल थे। जहाँ उनका इलाज चल रहा था। इस दौरान उन्हें दोबारा कोरोना भी हो गया था। लेकिन उन्होंने कोरोना को मात दे दी थी। बाद में उन्हें कोविड वार्ड से शिफ्ट किया गया था और वेंटिलेटर पर जाने के बाद वह बेहोशी में थे।

गौरतलब है कि वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे हैं। वीरभद्र सिंह यूपीए सरकार में भी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रह चुके थे। कॉन्ग्रेस शासन में उनके पास केंद्रीय इस्पात मंत्रालय रहा। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय भी रह चुका है।

वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून, 1934 को बुशहर रियासत के राजा पदम सिंह के घर में हुआ था। वीरभद्र सिंह वर्ष 1983 से 1990, 1993 से 1998, 1998, फिर 2003 से 2007 और 2012 से 2017 में हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह लोकसभा के लिए पहली बार 1962 में चुने गए थे।

PM मोदी ने मंत्रियों के विभाग बाँटे, नए मंत्रालय के भी अमित ही शाह: सिंधिया को उड़ान, प्रधान को शिक्षा, मनसुख को हेल्थ

नरेंद्र मोदी सरकार में बुधवार (7 जुलाई 2021) को व्यापक फेरबदल हुआ। 43 नए मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें 15 कैबिनेट रैंक के हैं। उससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 12 मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार किए।

शपथ ग्रहण के बाद मोदी कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 77 हो गई है। प्रधानमंत्री ने विभागों का भी बँटवारा कर दिया है। मंगलवार को जिस सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था, उसकी जिम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है।

ज्योतिरादित्य ​सिंधिया को नागरिक उड्डयन तो धर्मेंद्र को शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। मनसुख मनसुख मंडाविया नए स्वास्थ्य मंत्री बनाए गए हैं। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज तथा आयुष मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रमोशन पाने वाले अनुराग ठाकुर को युवा ओर खेल मामलों का मंत्री बनाया गया है। उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्रालय की भी जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह हरदीप पुरी को पेट्रोलियम मंत्री बनाया गया है। वे पहले की तरह शहरी विकास भी देखते रहेंगे।

मंत्रियों के विभागों की पूरी लिस्ट नीचे देख सकते हैं;

इससे पहले 43 नेताओं ने राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण की। इस दौरान वहाँ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इसके अलावा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले प्रकाश जावड़ेकर और रविशंकर प्रसाद भी समारोह में मौजूद दिखे।

महाराष्ट्र से आने वाले नारायण राणे ने सबसे पहले शपथ ली है, जबकि असम के पूर्व सीएम सर्वानंद सोनेवाला ने दूसरे नंबर पर शपथ ली। तीसरे नंबर पर वीरेंद्र कुमार ने और चौथे नंबर पर मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शपथ लेते नजर आए। इसके बाद हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, भूपेंद्र यादव, पशुपति कुमार पारस, किरण रिजिजू और राम कुमार सिंह ने भी शपथ ली।

राष्ट्रपति भवन में नए मंत्रिमंडल के लिए शपथ लेने वाले सभी 43 नाम हैं: 1. नारायण राणे 2. सर्बानंद सोनोवाल 3. वीरेंद्र कुमार 4. ज्योतिरादित्य सिंधिया 5. आरसीपी सिंह 6. अश्विनी वैष्णव 7. पशुपति कुमार पारस 8. किरण रिजिजू 9. राजकुमार सिंह 10. हरदीप सिंह पुरी 11. मनसुख मंडाविया 12. भूपेंद्र यादव 13. पुरुषोत्तम रूपाला 14. जी किशन रेड्डी 15. अनुराग ठाकुर 16. पंकज चौधरी 17. अनुप्रिया पटेल 18. सत्यपाल सिंह बघेल 19. राजीव चंद्रशेखर 20. शोभा करंदलाजे 21. भानुप्रताप सिंह वर्मा 22. दर्शना विक्रम जरदोश 23. मीनाक्षी लेखी 24. अन्नपूर्णा देवी 25. ए नारायण स्वामी 26. कौशल किशोर 27. अजय भट्ट 28. बीएल वर्मा 29. अजय कुमार 30. देवसिंह चौहान 31. भगवंत खूबा 32. कपिल पाटिल 33. प्रतिमा भौमिक 34. सुभाष सरकार 35. भगवत कृष्ण राव कराड़ 36. राजकुमार रंजन सिंह 37. भारती प्रवीण पवार 38. विश्वेश्वर टुडू 39. शांतनु ठाकुर 40. महेंद्र भाई मुंजापारा 41. जॉन बारला 42. एल मुरुगन 43. नीतीश प्रामाणिक

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट का विस्तार से पहले शपथ लेने वाले सभी नेताओं की सूची को राष्ट्रपति भवन भेजा गया था। वहीं 12 मंत्री ऐसे थे जिन्होंने इस सियासी हलचल में अपना इस्तीफा सौंपा। इन 12 नामों में आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का नाम भी शामिल है।

बता दें कि नए मंत्रिमंडल में ज्योतिरादित्य सिंधिया के जुड़ने से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। भोपाल में भाजपा दफ्तर के बाहर जश्न मनाया जा रहा है। मिठाई बँट रही हैं। सबका कहना है कि मिठाई इसलिए है क्योंकि पीएम मोदी ने युवा नेतृत्व पर भरोसा किया।

‘4 हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण कराओ वरना जान से मार देंगे’: शौहर के ‘लव जिहाद कैंपेन’ की बीवी ने खोली पोल

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने वाली एक मुस्लिम महिला ने अपने शौहर और सास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने इंदिरा नगर थाने में पति सैयद हसनैन अशरफ और सास शादिया के खिलाफ लव जिहाद कैंपेन चलाने का केस दर्ज कराया है।

महिला ने पुलिस को बताया कि उसका शौहर और सास गैर मुस्लिम महिलाओं को अपने जाल में फँसाकर उनका धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं। उसने बताया कि हसनैन बेंगलुरु में एक दरगाह का सज्जादानशीन (दरगाह का बड़ा फकीर) है। उसको धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंडिंग हो रही है। इस काम में उनके रिश्तेदार भी शामिल हैं।

इंस्पेक्टर अजय प्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक, महिला ने बताया है कि शौहर ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। हसनैन ने उससे कहा है कि चार हिंदू महिलाओं का धर्मांतरण करवाओ। अगर उसने ऐसा नहीं किया तो वह उसके लंदन में रहने वाले भाई समेत पूरे परिवार को खत्म कर देगा। जब महिला ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया, तो उसके शौहर ने उसे पीट-पीटकर घर से निकाल दिया।

हिंदू महिलाओं को फँसाता है

इंस्पेक्टर ने बताया कि खुरमनगर की रहने वाले पीड़ित महिला उम्मे कुलसूम ने आरोप लगाया कि बेंगलुरु में रहने वाला उसका पति हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फँसाता है। फिर उन्हें शादी का झाँसा देकर उनका धर्म परिवर्तन कराता है। दरगाह पर हर धर्म के लोग आते हैं, जिसका फायदा उठाकर वह लोगों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्म परिवर्तन करवाता है।

गर्भवती थी तो ऋचा से कर ली निकाह

रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता ने आपबीती सुनते हुए पुलिस से कहा कि 2019 में उसका निकाह अशरफ से हुआ था। निकाह के कुछ दिनों बाद ही वह उसके साथ मारपीट करने लगा था। उसका पति और सास शादिया हर दिन उस पर दबाव बनाते थे कि वह हिंदू महिलाओं को अपनी दोस्त बनाए और उन दोनों से मिलवाए। जब महिला इसका विरोध करती तो पति उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। महिला ने आगे कहा, “जब मैं गर्भवती थी, तब उसने ऋचा पाहवा नाम की लड़की से निकाह कर लिया था और उसका नाम बदलकर मदिहा रख दिया था।”

मुझे गर्भपात कराने को कहा

पीड़िता के अनुसार, जब पति और सास का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने उससे दहेज की माँग शुरू कर दी। वह कहती है, “गर्भवती होने पर मेरा भ्रूण परीक्षण कराया गया। जैसे ही उन्हें पता चला मेरे गर्भ में बेटी है, उन्होंने मुझे गर्भपात कराने को कहा। साथ ही यह भी बोला कि अगर तू गर्भपात नहीं कराएगी तो उसके पालन-पोषण के लिए 25 लाख रुपए अपने मायके से ला। इस पर लंदन में नौकरी करने वाले मेरे भाई ने 7.50 लाख रुपए भेज कर मेरी बेटी की जान बचाई।”

बता दें कि इस मामले में इंदिरा नगर थाना पुलिस ने धर्म संपरिवर्तन अधिनियम, दहेज प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस ने यूपी एटीएस को भी सूचित कर दिया है।

आमिर खान के तलाक के बाद भांजे इमरान खान की शादी भी चर्चा में, पत्नी अवंतिका ने लिखा- आप भाग नहीं सकते

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के तलाक के बाद अब उनके भांजे इमरान खान अपने वैवाहिक जीवन को लेकर चर्चा में हैं। बताया जा रहा है कि इमरान और उनकी पत्नी अवंतिका मलिक के बीच भी कुछ ठीक नहीं चल रहा है। दरअसल, अवंतिका ने आमिर खान और किरण राव के तलाक के बाद इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट की थी जिसके बाद मीडिया में अनुमान लगने शुरू हो गए।

अपनी स्टोरी में अवंतिका ने Juno Diaz का लिखा शेयर किया था। इसमें कहा गया था, “इतने सालों ने मुझे यही सिखाया है कि आप कभी भाग नहीं सकते, कभी नहीं।” उनके इस पोस्ट के बाद से मीडिया में कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से अपने पति पर निशाना साधा है।

अवंतिका ​मलिक की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहने के बाद इमरान ने अपनी गर्लफ्रेंड अवंतिका से साल 2011 में शादी कर ली थी। दोनों की शादीशुदा लाइफ अच्छी चल रही थी, लेकिन साल 2018 से लेकर 2019 तक दोनों के संबंधों में दरार पड़ने की खबरें मीडिया में जोर पकड़ने लगी थीं।

उस दौरान ऐसी खबरें भी सामने आई थी कि अवंतिका ने अपने पति इमरान का घर छोड़ दिया है और अब वे अपने माता-पिता के साथ रहती हैं। हालाँकि, सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहने वाली अवंतिका ने अपने रिश्ते को लेकर स्पष्ट रूप से अभी तक कुछ भी नहीं कहा है। मालूम हो कि इमरान खान का बॉलीवुड करियर कुछ खास नहीं रहा है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से संन्यास ले लिया है। उनकी और अवंतिका की एक बेटी भी है।

बता दें कि हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी दूसरी पत्नी किरण राव से तलाक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “हम साथ में खुश रहे, हँसे। हमारा रिश्ता विश्वास, प्यार और सम्मान के मामले में लगातार बढ़ता ही रहा। अब हमने निर्णय लिया है कि अब हम जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करेंगे, लेकिन पति-पत्नी के रूप में नहीं।” बकौल आमिर खान और किरण राव, उनका ये नया जीवन उनके बेटे आजाद के अभिभावक के रूप में होगा, एक परिवार के रूप में होगा।