Home Blog Page 368

राकेश बन बहारे आलम ने हिंदू माँ-बेटी को फँसाया, हरियाणा से UP लाकर निकाह-धर्म परिवर्तन की थी तैयारी: पुलिस ने पीड़िताओं को बचाया

उत्तर प्रदेश की शाहजहाँपुर पुलिस ने बहारे आलम और जाने आलम उर्फ छोटू नाम के सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। हिंदू माँ-बेटी को झाँसा देकर ये हरियाणा के फरीदाबाद से लेकर आए थे। नाबालिग लड़की से निकाह कर उसका धर्म परिवर्तन कराने की तैयारी थी।

हिंदू संगठनों से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर पीड़ित माँ-बेटी को बचाया। पीड़ित मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। फरीदाबाद में काम करने के दौरान राकेश बनकर बहारे आलम उनके संपर्क में आया था।

रिपोर्टों के अनुसार मुस्लिम युवक ने पहचान छिपाकर महिला और उसकी नाबालिग बेटी से दोस्ती की थी। बेटी की शादी कराने की बात कह कर महिला को झाँसे में लिया और 11 मई 2025 को उन्हें लेकर शाहजहाँपुर चले आए।

मामला शाहजहाँपुर के खुटार क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन बाद बहारे आलम ने अपने छोटे भाई जाने आलम उर्फ छोटू को भी फरीदाबाद बुला लिया। उसका भी परिचय हिंदू नाम से कराया गया था। लेकिन जब लड़की को छोटू के मुस्लिम होने की भनक लगी तो उसने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों भाई उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने लगे।

ये बात जब हिन्दू संगठनों को पता चली तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस जब आरोपितों के घर पहुँची तो उन्हें हिन्दू महिला और उसकी बेटियाँ मिली। इनमें एक 15 साल की है, जबकि दूसरी 4 साल की है। पुलिस ने मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

राजदूत पर कार्रवाई से तिलमिलाया पाकिस्तान, भारतीय डिप्लोमैट को दिया 24 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम: लगातार हो रहे एक्शन से परेशान हो रहा आतंकी मुल्क, कर रहा अजब-गजब कार्रवाई

भारत स्थित पाकिस्तानी उच्च आयोग में काम कर रहे एक अधिकारी को मंगलवार (13 मई 2025) को भारत में सरकार ने ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया था। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में भारतीय उच्च आयोग के अधिकारी को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित कर 24 घंटे में पाक छोड़ने का समय दे दिया।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इस्लामाबाद में भारतीय उच्च आयोग का एक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के खिलाफ काम कर रहा था इसलिए उसे ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित किया गया है और 24 घंटे में पाकिस्तान छोड़ने पर निर्देश दिए गए हैं। इस बयान में आगे कहा गया कि भारतीय अधिकारी को मंगलवार को विदेश मंत्रालय बुलाया गया था और पाकिस्तान सरकार के इस फैसले की जानकारी दी गई।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के एक्शन में भारत में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया। इसके अलावा पाकिस्तान के खिलाफ कई बड़े फैसले लिए। इनमें से एक फैसला भारत में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के कर्मचारियों की संख्या को घटाना भी था।

इससे पहले भारत सरकार ने पाकिस्तानी दूतावास में काम कर रहे हैं एक अधिकारी को ‘अवांछित व्यक्ति’ घोषित किया था। भारत में इस अधिकारी पर जासूसी में शामिल होने का आरोप लगा था। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी अधिकारी भारत में अपनी स्थिति के अनुरूप गतिविधियों में शामिल नहीं था।

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों को मार दिया गया था। इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच में तनाव का माहौल है। जवाबी कार्रवाई में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ मिशन से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एयर स्ट्राइक कर 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इसमें लश्कर-ए-तैयबा, जाश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के लगभग 100 आतंकी मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी में भारत के कुछ शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया जिसे भारतीय सेना ने असफल कर दिया। हालांकि इस बीच दोनों देशों में कई तरह के अन्य एक्शन भी लिए गए।

क्या होता है ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’

‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ का अर्थ है किसी विदेशी राजनयिक या डिप्लोमैट को मेजबान देश में अवांछित मानना। आमतौर पर यह राजनयिक मामलों में उपयोग होता है। यह फैसला तब लिया जाता है जब कोई अधिकारी ऐसी गतिविधियों में शामिल होता है जिससे मेजबान देश की संप्रभुता या सुरक्षा खतरे में पड़ सकती हो। इस तरह की गतिविधियों में जासूसी करना, कूटनीतिक नियमों का उल्लंघन या कोई अन्य गैरकानूनी काम आदि हो सकते हैं।

मुंबई को फिर दहलाने की धमकी: ईमेल भेज कर दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- बम विस्फोट को रोक सको तो रोक लो

महाराष्ट्र सरकार मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग को सोमवार (12 मई 2025) शाम एक अनजान ईमेल मिला है, जिसमें अगले 48 घंटों में बम विस्फोट की धमकी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत मंत्रालय के पूरे इलाके की तलाशी ली, लेकिन उन्हें कोई भी शक पैदा करने वाली चीज नहीं मिली। ईमेल में यह नहीं बताया गया था कि बम कहाँ रखा जाएगा।

आपदा प्रबंधन विभाग के बड़े अधिकारी ने बताया कि उन्हें सोमवार (12 मई 2025) को यह ईमेल मिला था। ईमेल में लिखा था कि अगले दो-तीन दिनों में या 48 घंटों के भीतर मुंबई में कहीं भी धमाका हो सकता है। यह धमकी ऐसे समय में आई है जब देश की सीमा पर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है, जिसके चलते मुंबई पुलिस और नौसेना पहले से ही सतर्क हैं।

अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के कंट्रोल रूम ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। इसके साथ ही, आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की एक टीम भी मंत्रालय में आई और उन्होंने भी जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए उसके इंटरनेट एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रही है।

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि मंत्रालय, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) जैसी जरूरी जगहों की सुरक्षा जाँच करने की योजना बनाई गई थी। अधिकारी ने कहा, “हमने सोमवार (12 मई 2025) को मंत्रालय की सुरक्षा का जायजा लिया। यह सिर्फ एक संयोग था कि उसी दिन आपदा प्रबंधन विभाग को यह धमकी भरा ईमेल मिला।” बड़े अधिकारियों के मुताबिक, ईमेल भेजने वाले ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सावधानी बरतें।

PL-15, HQ -9, JF-17… ऑपरेशन सिंदूर ने ‘चाइनीज हथियारों’ का भी निकाल दिया जनाजा: पाकिस्तान ने 5 साल में ₹40 हजार करोड़ फूँके, पर भारत के सामने हुए भोथरा

भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। भारत ने पाकिस्तान के एयर डिफेन्स को भेदते हुए सैकड़ों किलोमीटर भीतर तक वार किया। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य निशानों को ठिकाना बनाने का प्रयास किया। इसमें वह ना बुरी तरह फेल हुआ बल्कि उसके भेजे ड्रोन और मिसाइल पत्तों की तरह गिरे। भारत ने इसके बाद पाकिस्तान के राडार स्टेशन उड़ाए और उसके एयरबेस भी तबाह कर दिए। इस दौरान पाकिस्तान के सभी हथियार फेल हो गए।

ऑपरेशन सिंदूर में जहाँ पाकिस्तान की काफी फजीहत हुई तो वहीं चीन की साख को भी गंभीर झटका लगा है। पाकिस्तान की फौज की जहाँ हमले रोकने में अक्षमता स्पष्ट हुई तो वहीं चीनी हथियारों की गुणवत्ता भी सामने आ गई। चाहे चीनी एयर डिफेन्स सिस्टम हो या फिर उसकी मिसाइलें, कोई भी हथियार भारत के खिलाफ नहीं चल पाया। यहाँ तक कि उसके ड्रोन भी भारत ने मार गिराए। इस सबके चलते चीनी हथियारों को लेकर अब कई प्रश्न उठ रहे हैं।

पत्ते की तरह गिरी PL-15 मिसाइल

10 मई, 2025 को सीजफायर से पहले पाकिस्तान ने रात को भारत पर कई हथियारों से हमला किया। पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और मिसाइल चलाए। उसने भारत के शहरों, सैन्य अड्डों और विमानों को निशाना बनाया। ऐसे ही एक हमले में पाकिस्तान ने चीन में बनी PL-15 मिसाइल का इस्तेमाल किया।

यह मिसाइल पाकिस्तान ने भारत के पंजाब राज्य पर चलाई थी। इसका निशाना संभवतः कोई एयरक्राफ्ट रहा होगा। हालाँकि, यह अपना निशाना नहीं हिट कर सकी। यह जमीन पर किसी पत्ते की तरह गिरी और होशियारपुर में इसका मलबा बरामद हुआ। तब तक यह मिसाइल फटी नहीं थी।

PL-15 मिसाइल पर लगी मार्किंग से इस बात की पुष्टि हो गई थी। होशियारपुर से इसे सेना ने रिकवर कर लिया। PL-15 को चीन ने ही विकसित किया है। उसकी वायुसेना इसका इस्तेमाल करती है। यह एक बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइल है। यह दुश्मन के एयरक्राफ्ट को हवा में मार गिरा सकती है। इसकी रेंज 200 किलोमीटर चीन ने बताई है।

भारत से हुई लड़ाई में चीन की इस मिसाइल की पोल खुल गई। वह किसी भारतीय एयरक्राफ्ट को भेदना तो दूर, जमीन तक पर कहीं हमला नहीं कर सकी। चीन दावा करता रहा है कि PL-15 आधुनिक तकनीक से लैस है और GPS जैसी तकनीकों का इस्तेमाल भी करती है। पाकिस्तानी फ़ौज को भी उसने यही सब बता कर यह बेची थी। लेकिन भारत के खिलाफ यह कबाड़ सिद्ध हुई।

HQ-9 और HQ-16 डिफेन्स सिस्टम रह गए खड़े

पाकिस्तान की सबसे बड़ी विफलता उसके एयर डिफेन्स का पूरी तरह फेल होना रहा। सबसे पहले भारत ने जब पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 जगह आतंकी ठिकानों को मिसाइल, ड्रोन और बाकी हथियारों से निशाना बनाया तो उसका एयर डिफेन्स सिस्टम सोता रह गया।

POK के मुजफ्फराबाद से लेकर मुरीदके और बहावलपुर तक भारत ने आतंकी ठिकाने बिना अपने विमान सीमा पार भेजे तबाह कर दिए पर एक भी ड्रोन या मिसाइल पाकिस्तान नहीं इंटरसेप्ट कर सका। इसके बाद जब भारत ने 10 मई, 2025 को पाकिस्तान में 11 एयरबेस तबाह किए तब भी उसके एयर डिफेन्स खड़े रह गए।

पाकिस्तान वर्तमान में चीन के बनाए हुए HQ-16 और HQ-9 एयर डिफेन्स सिस्टम का इस्तेमाल करता है। HQ-9 जहाँ 125 किलोमीटर तो HQ-16 लगभग 50 किलोमीटर की रेंज वाला एयर डिफेन्स सिस्टम है। पाकिस्तान के लिए चीन ने इसमें बदलाव किए हैं। हालाँकि, इसका कोई फायदा नहीं हुआ है।

यह एक भी भारतीय मिसाइल, ड्रोन या लोइटेरिंग म्युनिशन नहीं पकड़ पाए। भारत ने तो इन डिफेन्स सिस्टम को ही तबाह कर दिया। यह भी सामने आया कि चीन ने पाकिस्तान को कम रेंज वाला सिस्टम बेचा है। उसके यहाँ HQ-9 सिस्टम 250 किलोमीटर तक मार करता है। इसके बाद चीनियों ने पाकिस्तान के यह हथियार उपयोग करने की क्षमता पर भी प्रश्न उठाए।

JF-17 और ड्रोन भी हुए फेल

सिर्फ मिसाइल और एयर डिफेन्स सिस्टम ही नहीं बल्कि चीन ने पाकिस्तान को JF-17 लड़ाकू विमान भी बेचा हुआ है। पाकिस्तान इसके निर्माण में अपना योगदान बताता है लेकिन असल में यह एक चीनी एयरक्राफ्ट ही है। भारत से तनाव के दौरान संभवतः पाकिस्तान के JF-17 विमान भी गिरे हैं।

भारतीय सेनाओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायु सेना के DG ऑपरेशंस एके भारती ने स्पष्ट किया है कि इस तनाव के दौरान कुछ पाकिस्तानी विमान गिरे हैं। हालाँकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह F-16 थे या JF-17। लेकिन इस बात की कहीं ज्यादा संभावना है कि पाकिस्तान के JF-17 विमान मलबे में तब्दील हो गए हों।

इनके अलावा पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए चीन में बने ड्रोन का भी इस्तेमाल किया था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ चीन के विंग लूँग और CH-II ड्रोन इस्तेमाल किए थे। इन्हें भी भारत ने सीमा पर ही मार गिराया है। इनमें से कोई भी ड्रोन भारत के किसी टार्गेट को हिट नहीं कर पाया।

चीन पर ही निर्भर है पाकिस्तान

चीन की रक्षा प्रणालियाँ भारत के खिलाफ फेल भले हो गई हों लेकिन पाकिस्तान उन्हीं पर निर्भर है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पाकिस्तान का लगभग 81% रक्षा सामान पाकिस्तान से आता है। 2019 से 2023 के बीच पाकिस्तान ने चीन से 5 बिलियन डॉलर (₹40 हजार करोड़) का रक्षा समान आयात किया है।

कयास लगाए जा रहे हैं कि चीन के हथियारों के भारत के खिलाफ फेल होने के बाद अब पाकिस्तान वापस से अमेरिका और बाकी पश्चिमी देशों से हथियार खरीदने पर जोर लगाएगा। हालाँकि, उसकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह जल्दी संभव नहीं दिखता। चीन की हैसियत रक्षा बाजार में इस घटना के बाद घट जाएगी।

चीन की बनाई अधिकांश रक्षा प्रणालियाँ पाकिस्तान में फेल हो गईं, ऐसे में उन्हें अब कोई नया देश नहीं खरीदना चाहेगा। वहीं भारत में बनी रक्षा प्रणालियों और हथियारों को लेकर माँग अब बढ़ने वाली है। इस तनाव के बाद कबाड़ साबित हुए चीनी हथियारों को अब कोई भी देश तवज्जो नहीं देना चाहेगा।

खाली करना होगा PoK, सिंधु जल समझौता रहेगा निलंबित: भारत ने पाकिस्तान से बातचीत की ‘शर्त’ कर दी क्लियर, कहा- कश्मीर पर तीसरा पक्ष स्वीकार्य नहीं

भारत ने पाकिस्तान से POK को खाली करने को कहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा कोई भी मामला केवल द्विपक्षीय तरीके से ही हल होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भले ही पाकिस्तान के साथ सीजफायर हो गया हो, सिंधु जल समझौता निलंबित ही रहेगा।

यह सारी बातें भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार (13 मई, 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हमारा लंबे समय से रुख रहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से संबंधित किसी भी मुद्दे को भारत और पाकिस्तान को द्विपक्षीय रुप से हल करना होगा। इस नीति में कोई बदलाव नहीं आया है।”

उन्होंने कहा कि लंबित मामला पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना है।” विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के विदेशी मीडिया को दिए गए साक्षात्कार पर बोलते हुए कहा कि पाकिस्तानी अपनी हार को भी उपलब्धियों की तरह पेश कर रही है।

रणधीर जायसवाल ने कहा, “पिछले हफ्ते ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। उसके बाद हमने उसकी सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया और प्रमुख एयरबेसों को निष्क्रिय कर दिया। अगर पाकिस्तानी विदेश मंत्री इसे उपलब्धियों के रूप में पेश करना चाहते हैं, तो उनका स्वागत है।”

MEA प्रवक्ता ने बताया कि 9 मई 2025 की रात तक पाकिस्तान भारत को बड़े हमले की धमकी दे रहा था, लेकिन जब 10 मई 2025 की सुबह उनकी कोशिश विफल हो गई और उन्हें भारत की तरफ से विनाशकारी जवाब मिला तो पाकिस्तान के सुर बदल गए। उन्होंने बताया कि इसके बाद पाकिस्तान DGMO ने भारत से संपर्क किया।

उन्होंने आगे कहा, “उसी दिन सुबह 12.37 बजे पाकिस्तान के DGMO ने हमसे संपर्क किया, क्योंकि तकनीकी कारणों से वे हॉटलाइन के माध्यम से भारत से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। फिर भारतीय DGMO की उपलब्धता के आधार पर दोपहर 03.35 बजे कॉल तय की गई।”

सिंधु जल संधि रहेगी स्थगित

सिंधु जल समिति पर बोलते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (CCS) के निर्णय के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया है। सिंधु जल संधि सद्भावना और मित्रता की भावना से संपन्न हुई थी, जैसा कि संधि की प्रस्तावना में निर्दिष्ट है।”

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर इन सिद्धांतों को स्थगित रखा है, ऐसे में CCS के निर्णय के अनुसार भारत संधि को तब तक स्थगित रखेगा जब तक कि पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से त्याग नहीं देता।

पीछे मिग-29, S-400… सामने भारत माता की जयकारे लगाते जवान, पाकिस्तान और इस्लामी आतंकियों से बोले PM मोदी- घर में घुसकर मारेंगे, बचने का मौका तक नहीं देंगे

राष्ट्र को संबोधित करने की अगली सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पहुँचे। यहाँ उन्होंने S-400 और मिग-29 के साथ तस्वीरें दिखाकर पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को ध्वस्त किया। पीएम मोदी ने आदमपुर में भारतीय वायु सैनिकों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित करते हुए पाकिस्तान और इस्लामी आतंकियों को चेतावनी दी।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय जवानों के पराक्रम की सराहना की। पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस को वीरों की धरती बताकर देश की थल, जल और नौसेना को सलाम किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान तीनों सेनाओं का तालमेल शानदार था।

उन्होंने कहा, “मैं सुबह-सुबह वीरों के दर्शन करने आया हूँ। जब वीरों के पैर धरती पर पढ़ते हैं तो धरती धन्य हो जाती है, ऐसे ही मेरा जीवन भी धन्य हो गया।” ऑपरेशन सिंदूर पर विस्तार से बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा यह भारत की नीति, नीयत और निर्णायत क्षमता की त्रिवेणी है।

उन्होंने कहा, “जब हमारी बहनों और बेटियों का सिंदूर छीना गया तो आतंकियों को घर में घुसकर कुचला। वो कायरों की तरह छिपते रहे लेकिन वो भूल गए, उन्होंने जिसे ललकारा है वो हिंद की सेना है। अब उन्हें समझ आ गया है कि भारत की ओर नजर उठाने का एक ही अंजाम होगा तबाही। भारत में निर्दोष लोगों का खून बहाने का अंजाम होगा विनाश और महाविनाश।”

पीएम ने कहा, “भारतीय सेना ने पाकिस्तानी फौज को बता दिया है कि पाकिस्तान में ऐसा कोई ठिकाना नहीं है जहाँ बैठकर आतंकवादी चैन की साँस ले सके… हम घर में घुसकर मारेंगे और बचने का एक मौका नहीं देंगे। दुश्मनों हमारी मिसाइलें और ड्रोन्स के बारे में सोचकर कई दिन तक नींद नहीं आएगी।”

पीएम मोदी ने महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक पर लिखी गई पंक्तियाँ भी सुनाई। यह कविता, “कौशल दिखलाया चालों में, उड़ गया भयानक भावों में, निर्भीक गया वो ढालों में, सरपट दौड़ा करवालों में” थी। पीएम मोदी ने कहा कि यह पंक्तियाँ आज के आधुनिक हथियारों पर सटीक बैठती हैं।

आधुनिक तकनीक पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एयरफोर्स ने पाकिस्तान में भीतर छिपे आतंक के अड्डे को निशाना बनाया। पीएम मोदी ने कहा, “सिर्फ 20-25 मिनट में सीमा पार टारगेट को भेदना, यह सिर्फ मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस प्रोफेशनल फोर्स ही कर सकती है।”

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में मैनपावर के साथ मशीन का तालमेल भी लाजवाब रहा। सभी एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह सामने आए। पीएम ने कहा कि पाकिस्तान की लाख कोशिश के बाद भी एयरबेस हो या फिर दूसरे डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर आँच नहीं आने दी। जहाँ भारत ने सैन्य बल का इस्तेमाल किया तो वहीं पाकिस्तान ने सिविलियंस एयरक्राफ्ट भेज दिया था।

इस पर बोलते हुए पीएम ने कहा, “मैं कल्पना कर सकता हूँ कि वो पल कितना कठिन होगा जब सिविलियंस एयरक्राफ्ट दिख रहा हो। लेकिन आपने बहुत सावधानी से आम लोगों को नुकसान पहुँचाए बिना जवाब दिया। मैँ गर्व के साथ कह सकता हूँ कि आप सभी अपने लक्ष्यों पर बिल्कुल खरे उतरे।”

पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत ने सिर्फ सैन्य कार्रवाई को स्थगित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर पाकिस्तान ने फिर से आतंकी गतिविधि या सैन्य दुस्साहस दिखाया तो भारत उसका मुँहतोड़ जवाब देगा।

पीएम मोदी ने कहा, “ये जवाब अपनी शर्तों पर और अपने तरीके से देंगे। सेना को लगातार मुस्तैद रहना है। हमे दुश्मन को याद दिलाना है कि ये नया भारत है। ये भारत शांति चाहता है लेकिन अगर मानवता पर हमला होता है तो भारत युद्ध के मोर्चे पर दुश्मन को मिट्टी में मिलाना अच्छी तरह जानता है।”

गौरतलब है कि पीएम ने सोमवार (13 मई 2025) रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना को बधाई दी थी। साथ ही पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि भारत का एक्शन अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। पाकिस्तान अगर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, तो भारत उसकी हर हरकत का हिसाब लेगा। पीएम मोदी ने कहा था कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चलते। अगर पाकिस्तान से कोई बात होगी, तो वो सिर्फ आतंकवाद और POK पर होगी।

कहाँ है किराना हिल्स, जहाँ से पाकिस्तान में रेडियोएक्टिव रिसाव के हो रहे चर्चे: क्या भारतीय वायुसेना ने इसको बनाया था निशाना, क्या है B350-बोरोन का कनेक्शन

भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इसमें भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकाने तबाह किए। पाकिस्तान ने इसके जवाब में कई हमले किए लकिन विफल हुआ। भारत ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 11 एयरबेस उड़ा दिए। इसी के साथ ही कई विश्लेषकों ने दावा किया कि भारत ने सिर्फ एयरबेस ही नहीं तबाह किए बल्कि पाकिस्तान की एक परमाणु स्टोरेज फैसिलिटी ‘किराना हिल्स’ को भी उड़ाया। हालाँकि, एयरफोर्स के DG ऑपरेशंस ने इस बात से इनकार किया।

इसी के साथ ही किराना हिल्स की चर्चा भारत में जोर पकड़ गई। भारतीयों ने इससे पहले पकिस्तान के परमाणु मिशन के विषय में कहूटा और चगाई जैसे नाम सुन रखे थे। कहूटा का संबंध जहाँ पाकिस्तान के परमाणु बम के बनाए जाने से था तो वहीं चगाई उस जगह का नाम है, जहाँ पर पाकिस्तान ने 1998 में अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था। लेकिन किराना हिल्स इस कड़ी में नया नाम है और इसकी उपयोगिता भी नई है। किराना हिल्स की जानकारी अंतरराष्ट्रीय और भारतीय एजेंसियों को लम्बे समय से रही है।

कहाँ है किराना हिल्स?

किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब राज्य में एक श्रृंखला है। यह पाकिस्तान के सरगोधा जिले में स्थित है। यहाँ की चट्टानें काली हैं और इसी के चलते इन्हें काला पहाड़ भी कहा जाता है। यह पहाड़ी श्रृंखला लगभग 80 किलोमीटर लम्बी है। किराना हिल्स को लेकर ब्रिटिश सरकार के दौरान भी काफी रिसर्च हुई थी।

भारतीय सीमा से यह लगभग 170 किलोमीटर दूर हैं। किराना हिल्स के आसपास जंगल भी है और यहाँ जंगली जानवरों के पाए जाने की बातें भी कही जाती रही हैं। पाकिस्तान यहाँ यूरेनियम की खोज को लेकर भी खुदाई की थी। किराना हिल्स को 1970 के बाद पाकिस्तान ने अपने काम में लेना चालू किया।

किराना हिल्स और परमाणु बम का क्या संबंध?

रिपोर्ट्स बताती है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने 1970 के आसपास किराना हिल्स को अपने कब्जे में लिया था। किराना हिल्स, मुशाफ एयरबेस का ही हिस्सा है। मुशाफ एयरबेस पाकिस्तानी एयरफोर्स का एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है और यहाँ उनके F-16 और JF-17 जैसे विमान तैनात रहते हैं। यहाँ पर एक राडार स्टेशन भी है।

रिपोर्ट्स बताती है कि किराना हिल्स का इस्तेमाल 1978-79 के आसपास पाकिस्तान ने अपने परमाणु मिशन के लिए करना चालू किया था। किराना हिल्स का इस्तेमाल परमाणु धमाका करने से पहले किए जाने वाले प्रयोगों के लिए किया गया था, यह भी रिपोर्ट्स बताती हैं।

किराना हिल्स में पाकिस्तान ने अपना परमाणु बम तैयार करने से पहले कई प्रयोग किए थे। यह भी कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पाकिस्तान ने परमाणु हथियार बनाने के लिए कई चीजें छुपाई थी, जिन्हें अमेरिका के दबाव हटा दिया गया था।

कैसे बनी स्टोरेज फैसिलिटी?

किराना हिल्स की सैटेलाईट तस्वीरों का विश्लेषण दिखाता है कि यहाँ पहाड़ी के नीचे कई स्टोरेज साईट बनाई हुई हैं। किराना हिल्स को लेकर 2023 में आई एक रिपोर्ट बताती है कि किराना हिल्स में हथियार रखने की जगह के साथ ही मिसाइल लांचर लान्चर खड़े करने के लिए गैरेज भी बनाए गए हैं।

इन लॉन्चर के माध्यम से ही परमाणु हथियार रखने वाली मिसाइल को लॉन्च किया जाता है। यह लॉन्चर ट्रक पर लगाए जाते हैं। इन्हें अलग-अलग जगह भी ले जाया जा सकता है। पाकिस्तान के परमाणु हथियार ले जानी वाली शाहीन और गौरी जैसी मिसाइलें हैं।

किराना हिल्स का सैटेलाईट व्यू (फोटो साभार:Jaidev Jamwal/X)

रिपोर्ट बताती है कि यहाँ ऐसे 10 गैरेज हैं। सुरंगों में बनाई हुई इस स्टोरेज फैसिलिटी के लिए कई गेट बनाए गए हैं। रिपोर्ट में इनकी संख्या 10 बताई गई है। इसकी भी सैटेलाईट इमेज सामने आए हैं। इनमें कंक्रीट से बने से बंकर दिखते है, जिनका रास्ता पहाड़ी के भीतर जाता है।

किराना हिल्स (फोटो साभार: Jaidev Jamwal/ X)

इसके अलावा पहाड़ी के आसपास भी कई कंक्रीट के बंकर बने हैं, जिनके बाकी हथियार का स्टोरेज होने की आशंका जताई गई है। चूंकि यह किराना हिल्स मुशाफ एयरबेस से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इनके सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी पर है।

चर्चा में क्यों?

किराना हिल्स को लेकर चर्चा भारत के पाकिस्तान के भीतर हमलों के कुछ वीडियो के सामने आने के बाद हुई। एक ऐसे ही वीडियो में कथित तौर पर किराना हिल्स के सामने एक तेज धमाके की फुटेज भी वायरल हुई। इस वीडियो में दिखने वाला पहाड़ किराना हिल्स ही है, इसकी पुष्टि पुरानी फोटो और सैटेलाईट से मिलान करके की गई।

विश्लेषकों ने बताया कि भारत ने संभवतः किराना हिल्स की स्टोरेज फैसिलिटी के बाहर बमबारी की है। यह भी दावे किए गए हैं कि इससे पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को नुकसान पहुँचाया। इसके चलते परमाणु विकिरण के भी दावे किए गए। यह भी बताया गया कि इसकी जाँच के लिए अमेरिका का बीचक्राफ्ट बी 350 एयरक्राफ्ट भी आया। यह भी दावे किए गए कि यहाँ रेडियोएक्टिव विकिरण को रोकने के लिए बोरान भी इजिप्ट से मंगाया गया। हालाँकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

भारतीय वायु सेना ने 12 मई, 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि उन्होंने किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया है। संभवत: यह हमला मुशाफ एयरबेस पर रहा हो, जिसने किराना हिल्स के आसपास नुकसान पहुँचाया है। ऐसे में इसको लेकर लगातार चर्चाएँ जारी हैं।

सुरक्षित है मेरी बेटी… बोले वायुसेना पायलट शिवांगी सिंह के पिता, बताया राफेल का वह कनेक्शन जिसके कारण उनकी बेटी को पाकिस्तान में पकड़े जाने का चलाया गया प्रोपेगेंडा

भारत के मिशन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के साख बचाने के लिए फेक न्यूज फैली कि राफेल की महिला पायलट शिवांगी सिंह को पाकिस्तानी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है। यह खबर भी आई कि पाक ने राफेल को मार गिराया है।

शिवांगी के पिता कुमारेश्वर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जब यह खबर आई कि वह पाकिस्तान सेना के कब्जे में है तो हम हमें उसकी चिंता हुई, लेकिन उसके बाद सच्चाई पता चली तो राहत मिली।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, कुमारेश्वर ने कहा कि उस समय हमारे पास कोई जरिया नहीं था कि जो न्यूज चल रही है, इसकी पुष्टि कर सके। पूरी दुनिया को पता है कि राफेल उड़ाने वाली पहली महिला मेरी बेटी ही है। इसलिए उन लोगों के लिए मेरी बेटी का नाम लेकर गलत न्यूज चलाना आसान हो गया। कुछ समय बाद हमें सही बात पता चल गई और तब हमने रात की सांस ली।

अल जजीरा ने भी चला दी फेक न्यूज

अल जजीरा जैसे वैश्विक न्यूज चैनल ने भी इस बात की पुष्टि कर दी कि शिवांगी सिंह पाकिस्तानी सेना के पास हैं। अल जजीरा के पत्रकार कमाल हैदर ने इस्लामाबाद से लाइव रिकॉर्डिंग के दौरान यह कहा कि पाकिस्तान सरकार के अनुसार सेना ने दो भारत के 2 जेट गिराए हैं और भारत की एक महिला पायलट पकड़ी गई है।

इसके अलावा पाकिस्तान के हितैषी सोशल मीडिया हैंडल्स का दावा था कि भारतीय महिला वायुसेना पायलट स्क्वाड्रन लीडर शिवानी सिंह को पाकिस्तान में पकड़ा गया है।

बाद में पीआईबी के फैक्ट चेक में ये बात सामने आई कि ये सभी दावें और खबरें झूठी हैं। भारतीय पत्रकार शिव अरुर ने भी इस बात की पुष्टि की कि शिवांगी अपने बेस पर सुरक्षित है और पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स झूठ फैला रहे हैं।

अंत में पाकिस्तानी सेना ने भी सामने से स्वीकार कर लिया कि उसके पास भारत का कोई भी ऑफिसर नहीं है।

ऑपरेशन सिंदूर की बौखलाहट में पाकिस्तान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकी हमला हुआ। आतंकियों ने 26 लोगों से धर्म पूछा, प्रमाण पत्र देखा और गैर मुस्लिम होने पर मार डाला। इसके जवाब में 15 दिन बाद, भारतीय सेना ने 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया।

इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बसे हुए 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठनों के लगभग 100 आतंकियों का खात्मा हो गया।

ऑपरेशन सिंदूर से तिलमिलाया पाकिस्तान ने इसके बाद जवाबी कार्रवाई भी की। उसने भारत के कई शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया, लेकिन भारतीय भारतीय सेना ने एक भी हमला कामयाब नहीं होने दिया। अपनी इस पूरी बौखलाहट की साथ पाकिस्तान ने भारत पर साइबर हमले और पाकिस्तानी अकाउंट्स से भारत के खिलाफ फेक न्यूज चलवानी भी शुरू कर दी।

हालाँकि यहाँ पर उसे मुँह की खानी पड़ी और 15 लाख साइबर हमलों में से महज 150 हमले करने में ही सफल रहा।

कौन हैं IAF पायलट शिवांगी सिंह

वाराणसी की रहने वाली शिवांगी के घर में पिता कुमारेश्वर के साथ मां सीमा सिंह, भाई मयंक, शुभांशु और बहन हिमांशी सिंह हैं। शिवांगी सिंह साल 2017 में भारतीय वायुसेना में शामिल हुई। BHU से एनसीसी करने के बाद शिवांगी भारतीय वायुसेना में शामिल हुईं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवांगी ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि लगभग दो दशक पहले उन्होंने दिल्ली के एयर फोर्स म्यूजियम में फाइटर विमानों को देखकर उन्हें इतने अच्छे लगे कि महज 9 साल की उम्र में उन्होंने तय कर लिया कि वह पायलट ही बनेंगी। इसके लिए शिवांगी ने तैयारी की और भारतीय वायुसेना में सेलेक्शन लिया। शिवांगी ने हैदराबाद के भारतीय वायुसेना अकादमी (AFA) से प्रशिक्षण लिया है।

2020 में ट्रेनिंग और फ्रांसीसी ट्रेनरों के साथ सिम्युलेटर सेशंस के बाद शिवांगी सिंह को राफेल फाइटर जेट की कमान मिली। इसे उड़ाने वाली वह पहली भारतीय महिला पायलट बन गईं। शिवांगी ने फ्रांस में ओरियन युद्ध अभ्यास में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

छत्तीसगढ़ की कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर मारे गए 31 नक्सली, 400 IED-2 टन विस्फोटक मिला: अब तक 35 बार वामपंथी आतंकियों के साथ एनकाउंटर

छत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर हुए पुलिस ऑपरेशन में 31 नक्सली मार गिराए गए हैं। पुलिस ने उनकी लाशें बरामद की हैं। उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। नक्सलियों के लिए सुरक्षित गढ़ रही इस पहाड़ी को सुरक्षाबलों ने 10 हजार जवानों के साथ घेरा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 अप्रैल 2025 को चालू हुए ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 31 नक्सली मारे हैं, इनके शव बरामद हुए हैं। 20 शवों की पहचान कर ली गई है और इनमें 11 को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। बाक़ी 11 की पहचान की जा रही है।

सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 24 अप्रैल को 4 नक्सली मारे थे जबकि 7 मई को 27 नक्सलियों का सफाया किया। इसके बाद चलाए गए सफाई अभियान से पुलिस को कर्रेगुट्टा पहाड़ी से 400 से अधिक IED बम और 40 हथियार बरामद हुए हैं। यहाँ से 2 टन विस्फोटक भी बरामद हुआ है।

कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यह नक्सली 35 अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं। यहाँ लगातार सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच लड़ाइयाँ हुई हैं। इस लड़ाई में सुरक्षाबलों के तीन जवाब बलिदान भी हुए हैं। इस ऑपरेशन को CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG समेत बाकी सुरक्षाबलों ने अंजाम दिया है।

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा पर मौजूद इस पहाड़ी पर अब सुरक्षाबलों का कब्जा है। इससे पहले इसे नक्सली छुपने के लिए इस्तेमाल करते थे। यह भी खबर सामने आई थी कि यहाँ नक्सलियों के टॉप कमांडर रहा करते थे। यहाँ मोस्ट वांटेड नक्सली हिडमा की मौजूदगी का भी पता चला था।

लगातार मारे जा रहे नक्सली

गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 का समय सुरक्षाबलों को नक्सलियों का सफाया करने के लिए दिया है। इसे लिए लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं। 2024 में सुरक्षाबलों ने 290 नक्सली मारे थे। वहीं 2025 में यह संख्या लगभग 130 पहुँच चुकी है। सैकड़ों की संख्या में नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।

वर्ष 2025 में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ लगातार बड़ी सफलताएँ हाथ लगी हैं। अब तक कई ऐसे ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में हो चुके हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा नक्सली एक साथ मार गिराए गए हों। एक रिपोर्ट बताती है कि अब तक 2025 के भीतर छत्तीसगढ़ में 120 से अधिक नक्सली मार गिराए गए हैं।

2025 के पहले दिन से ही सुरक्षाबलों ने नक्सलियों पर शिकंजा कसना चालू कर दिया था। 2 जनवरी, 2025 को बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। उसके बाद यह सिलसिला चलता ही रहा। 16 जनवरी को हुई एक मुठभेड़ में 18 नक्सली मार गिराए गए थे।

21 जनवरी, 2025 को गरियाबंद पहाड़ी पर हुई एक मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे। इनमें नक्सलियों का टॉप कमांडर चलापति भी था। चलापति ₹1 करोड़ का इनामी नक्सली था। उसके साथ ही एक-दो और भी बड़े कमांडर मारे गए थे।

इस वर्ष की सबसे बड़ी मुठभेड़ 9 फरवरी को हुई थी। नेशनल पार्क क्षेत्र में हुए ऑपरेशन के दौरान यहाँ 31 नक्सली मार गिराए गए थे। यह ऑपरेशन महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सुरक्षाबलों ने मिलकर किया था। यह हमला नक्सलियों की एक मीटिंग पर हुआ था। इसी तरह के बड़े ऑपरेशन के चलते नक्सलियों की अब कमर टूट गई है।

सुरक्षाबल अब उन इलाकों में घुस रहे हैं, जहाँ पहले नक्सली एकक्षत्र राज कर रहे थे। उन्हें ग्रामीणों से मिलने वाला समर्थन भी अब कम हो चुका है। दुर्गम इलाकों में चौकियाँ बनाने के चलते सुरक्षाबल उनकी हर एक मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद पीएम मोदी पहुँचे आदमपुर एयरबेस, जवानों से की मुलाकात: पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा भी किया ध्वस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (13 मई, 2025) को पंजाब स्थित आदमपुर एयरबेस पहुँचे हैं। उन्होंने आदमपुर एयरबेस का यह दौरा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाक़ात में जवानों से उनके अनुभव सुने हैं और उनके साहस और शौर्य की प्रशंसा की है।

पीएम मोदी 13 मई सुबह 7 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से उड़ान भरकर आदमपुर एयरबेस पहुँचे। वह यहाँ लगभग 1 घंटे मौजूद रहे। उनकी यहाँ जवानों से मिलने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें से एक तस्वीर भी वायरल हो रही है।

इसमें पीएम के पीछे भारतीय लड़ाकू विमान MiG-29 की फोटो दिखाई दे रही है। इस पर लिखा है, “क्यों दुश्मनों के पायलट ठीक से सो नहीं पाते?” इस फोटो में पीएम मोदी ने एयरफोर्स की ही कैप भी लगा रखी है। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे से पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा ध्वस्त हो गया है।

पाकिस्तान ने इससे पहले फर्जी दावा किया था कि उसने भारत के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुँचाया। उसने आदमपुर एयरबेस पर भी प्रोपेगेंडा किया था। हालाँकि, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस वार्ता में तस्वीर साझा करते हुए कहा था कि पाकिस्तान के यह दावे बिल्कुल गलत हैं। पीएम मोदी के इस दौरे ने पाकिस्तान को और भी बेनकाब कर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले सोमवार (13 मई 2025) रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना को बधाई दी थी। साथ ही पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि भारत का एक्शन अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान अगर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, तो भारत उसकी हर हरकत का हिसाब लेगा। पीएम मोदी ने कहा था कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चलते।