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‘टिकरी सीमा पर किसानों ने मुझे लगाई आग’: मृतक का वीडियो आया सामने, किसान संगठनों ने अस्पष्ट वीडियो जारी कर बताया आत्महत्या

किसान आंदोलन एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गया है। बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन में शामिल लोगों ने एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया। मृतक की पहचान कसार गाँव निवासी मुकेश के रुप में हुई है। आरोप है कि मुकेश ने किसान आंदोलन में शामिल कुछ लोगों के साथ आंदोलन स्थल पर ही शराब पी थी। इसके बाद मुकेश और उन लोगों में कुछ कहासुनी हो गई जिसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया।

मुकेश के ऊपर तेल छिड़क कर आग लगा दी गई थी। गंभीर रूप से झुलसे मुकेश की कुछ घंटों बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। आंदोलन में ‘शहीद’ होने का नाम देकर कसार निवासी मुकेश पर तेल छिड़का गया और फिर आग लगाई गई। इससे पहले उसे शराब भी पिलाई गई थी। मृतक के परिवार का सीधे तौर पर आरोप है कि घटना के चारों आरोपित राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पास टिकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का हिस्सा हैं।

बलात्कार, छेड़छाड़ और अब एक व्यक्ति को जिंदा जलाए जाने के लिए कड़ी आलोचना के बाद टिकरी सीमा पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले संगठन ‘किसान एकता मोर्चा’ ने एक अस्पष्ट वीडियो जारी कर दावा किया कि मुकेश ने खुद को आग लगा ली थी। उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत कोई भी आरोप ‘भाजपा का प्रोपेगंडा’ है।

वीडियो में मुकेश जली हुई अवस्था में अँधेरे में बैठे नजर आ रहे हैं। गंभीर रूप से जलाए जाने के दौरान, एक किसान को उनसे पूछताछ करते हुए सुना जाता है कि उन्हें किसने आग लगाई थी। काफी उकसाने के बाद, मुकेश दर्द से कराहते हुए कहते हैं कि उन्होंने खुद को आग लगा ली क्योंकि वह अपने पारिवारिक समस्याओं से थक गए थे।

हालाँकि ‘किसान’ इस वीडियो का इस्तेमाल खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए कर रहे हैं, मगर इसके अलावा एक और वीडियो है, जिसमें जहाँ मुकेश अस्पताल में इलाज के दौरान अपनी मृत्यु से पहले बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किया गया। ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किए गए इस वीडियो में, मुकेश को अपने हमलावरों की पहचान करते हुए स्पष्ट रूप से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि टिकरी सीमा पर मौजूद किसानों ने उसे आग लगा दी।

इस वीडियो में मुकेश साफ-साफ कह रहे हैं कि टिकरी बॉर्डर पर किसानों ने खासकर सफेद कुर्ते में एक शख्स ने उन्हें आग लगा दी। पुलिस अधिकारी उससे विशेष रूप से पूछता है कि क्या उसने खुद को आग लगाई या उसे आग लगाने वाले किसान थे। इस पर वह साफ कहते हैं कि उन्होंने खुद को आग नहीं लगाई, किसानों ने उन्हें आग लगा दी। 

घटना के अनुसार सुबह साढ़े तीन बजे मुकेश को जिंदा जला दिया गया। अगर हम किसान एकता मोर्चा द्वारा डाले गए वीडियो को देखें, तो इसका मतलब है कि आग लगने के ठीक बाद कुछ लोग उससे पूछताछ कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ये वही लोग थे, जिन्होंने आग लगाई थी।

ऐसा लगता है कि मुकेश दर्द के कारण बेहोश था और डर भी रहा था, क्योंकि जलाने वालों को बचाने वाले लोग उससे पूछताछ कर रहे थे। ऐसे समय में मुकेश के दिमाग में एक ही चीज चल रही होगी कि वह किसी तरह वहाँ से निकल जाए और जिंदा बच जाए।

ऑपइंडिया द्वारा एक्सेस किया गया दूसरा वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि इससे पहले कि वह अपनी चोटों के कारण मर जाता, मुकेश ने बताय था कि उसे टिकरी सीमा पर मौजूद किसान ने जला दिया था।

टिकरी बॉर्डर पर आदमी को जिंदा जलाया

घटना हरियाणा के बहादुरगढ़ के पास कसार गाँव की है। गुरुवार (जून 17, 2021) तड़के तीन बजे सीमा पर प्रदर्शन कर रहे ‘किसानों’ ने मुकेश पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

मदन लाल नाम के एक व्यक्ति की पुलिस शिकायत के अनुसार, बुधवार (जून 16, 2021) को शाम करीब 5 बजे मुकेश बाहर गया था और प्रदर्शनकारी किसानों के स्थल पर पहुँचा था। मदन लाल को बाद में पता चला कि मुकेश को आग लगा दी गई है। वह सरपंच टोनी कुमार के साथ मौके पर पहुँचे तो देखा कि मुकेश बुरी तरह झुलस गया है।

किसान धरना स्थल क्राइम हॉट स्पॉट बन गया है

यह पहली बार नहीं है कि राष्ट्रीय राजधानी के आसपास की सीमाओं के साथ ‘किसान’ विरोध स्थल से इस तरह की अपराध की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ‘किसान आंदोलन’ स्थल हाल ही में अपराध का केंद्र बन गया है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में साइट से बलात्कार, हत्या के कई आरोप सामने आए हैं।

गौरतलब है कि अप्रैल में, दिल्ली में टिकरी सीमा के पास कसार गाँव के पास एक साथी किसान प्रदर्शनकारी द्वारा 26 वर्षीय कृषि-विरोधी कानून प्रदर्शनकारी की हत्या कर दी गई थी। पीड़ित की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई थी, जो टिकरी सीमा पर कृषि कानूनों का विरोध कर रहा था। सिंह की हत्या एक साथी प्रदर्शनकारी रणबीर सिंह उर्फ ​​सत्ता सिंह ने पैसे के विवाद को लेकर की थी।

इसी तरह, 25 मार्च को हाकम सिंह नाम के एक 60 वर्षीय किसान का गला कटा हुआ पाया गया था। पुलिस के अनुसार, सिंह की हत्या ‘तेज धार वाले हथियार’ से की गई थी। उनका शव टिकरी सीमा पर नए बस स्टैंड के पीछे एक खेत में अन्य कृषि विरोधी कानून प्रदर्शनकारियों द्वारा खोजा गया था। रेप की घटनाएँ भी सामने आ चुकी हैं।

कम उम्र में शादी करो, एक से ज्यादा करो: अभिनेता फिरोज खान ने पैगंबर मोहम्मद का दिया उदाहरण

पाकिस्तान में वहाँ के सिर्फ कट्टरपंथी मुल्ले-मौलवी ही नहीं, पढ़ा-लिखा तबका भी घोर रूढ़ीवादी है। आधुनिकता के नाम पर लिबास तो जरूर बदल गए हैं लेकिन सोच में कोई खास परिवर्तन नहीं दिखता है। ऐसी सोच का सबसे अधिक परिणाम स्त्रियों को भुगतना पड़ता है।

दरअसल, पाकिस्तान के अभिनेता फिरोज खान ने कहा है कि शादी कम उम्र में ही हो जानी चाहिए। उन्होंने न सिर्फ कम उम्र में शादी, बल्कि बहुविवाह को भी जायज ठहराया।

फिरोज खान हाल ही में ‘टाइम आउट विद अहसान खान’ में बहुविवाह और कम उम्र में शादी पर अपना रुख साझा करते हुए जल्दी और एक से अधिक शादी करने के महत्व को साझा किया। वहीं, शादी की संस्था पर सवाल उठाने के लिए मलाला को उन्होंने “पश्चिम का कठपुतली” कहा।

शो के एक सेगमेंट में फिरोज खान अभिनेत्री हुमैमा मलिक के साथ अतिथि के रूप में शिरकत किए थे। शो के इस सेगमेंट उन्होंने कहा कि उन्हें पहले ही शादी कर लेनी चाहिए थी। इसके बाद, उन्होंने जोर देकर कहा कि विवाह सीखने का एक अनुभव है और यह धार्मिक रूप से प्रोत्साहित करता है, इसलिए बहुविवाह एक आम प्रथा होनी चाहिए।

जब अहसान ने दोहराया कि उनके साथ भी ऐसा ही होगा तो अभिनेता ने अस्वीकृति में जवाब दिया। अहसान ने कहा, “मैं तो अभी बच्चा था मुझे इतनी जल्दी शादी नहीं करनी चाहिए थी।” इस पर फिरोज ने जवाब दिया, “नहीं नहीं, मुझे और भी जल्दी शादी करनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि आपको शादी से बहुत कुछ सीखने को मिलता है और क्योंकि यह सुन्नत है, लोगों को एक से अधिक बार शादी करनी चाहिए।”

हाल ही में, फिरोज ने पश्चिम में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को बदलने के लिए ब्रिटिश अभिनेता रिज अहमद की सराहना की थी। अपने इंस्टाग्राम पर स्टार की प्रशंसा करते हुए फिरोज ने लिखा, “हाहाहा, तबलीगी कहलाने के लिए तैयार हो जाइए…। लेकिन रुको मत भाई, गर्व है!”

यहाँ यह उल्लेख करना उचित है कि तबलीगी एक जमात के रूप में काम करता है, जो कट्टर इस्लाम पर बढ़ावा देता है। इसका प्रभाव भारत और पाकिस्तान सहित अधिकांश मुस्लिम देशों में हैं। तबलीगी जमात पर आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

कोरोना शुरू होने के दौरान तबलीगी जमात के लोगों ने भारत में सरकार और आम लोगों के लिए भारी मुश्किलें पैदा की थीं। कोरोनो संक्रमित तबलीगी जमात के लोगों ने न सिर्फ पुलिस व डॉक्टर के साथ बदतमीजी की थी, बल्कि नर्सों के साथ अभद्रता और यौन उत्पीड़न के लिए आरोपी बनाए गए थे।

AAP पार्षद ने तलाक के लिए BJP विधायक को ठहराया जिम्मेदार, कहा – पति से वापस लूँगी गहने और कीमती सामान

गुजरात के सूरत से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) की एक पार्षद रूटा दूधगरा (26) ने अपने पति चिराग (28) के साथ तलाक के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। सूरत नगर निगम के वार्ड नंबर 3 की पार्षद रूता दूधगरा ने दावा किया है कि बीजेपी के कामरेज विधायक वी डी झालावाडिया ने उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए 3 करोड़ रुपए ऑफर किया था।

रूटा ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने बीजेपी में शामिल होने से इनकार कर दिया तो वीडी झालावाडिया ने उनके पति को भी इसी तरह की पेशकश की। इसी कारण से दोनों के बीच विवाद हुआ। आप पार्षद के मुताबिक, उसके पति और बीजेपी विधायक में 25 लाख रुपए में डील तय हुई थी, जो कि उसके लिए नैतिक रूप से स्वीकार्य नहीं था।

रूटा ने दावा किया, “मैंने अपने मतदाताओं को अपने पति के ऊपर चुना और तीन हफ्ते पहले तलाक ले लिया।” आप पार्षद के आरोपों से राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

आप पार्षद ने कहा, “मैं कभी बीजेपी में शामिल नहीं होऊँगी। मेरे मतदाताओं ने मुझ पर विश्वास किया है और मैं उन्हें कभी धोखा नहीं दूँगी।”

हालाँकि, झालावाडिया ने इन आरोपों से इनकार करते हुए आम आदमी पार्टी पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया है। बीजेपी विधायक ने कहा कि उन्होंने न तो पार्षद को पैसे की पेशकश की और न ही उनके पति से संपर्क किया था।

आप पार्षद ने पति के खिलाफ लिया कानूनी रास्ता

आम आदमी पार्टी की पार्षद रूटा दूधगरा ने पति से तलाक लेने के बाद अपने सामान के वापस पाने के लिए कानूनी रास्ता अपनाया है। उनके कीमती सामानों में उनकी मार्कशीट, पहचान पत्र, पार्षदी से जुड़े दस्तावेज और लैपटॉप शामिल हैं।

पेशे से डिप्लोमा धारी आईटी इंजीनियर रूटा ने दावा किया है कि जब बीते कुछ महीनों के दौरान जब उनके पति बेरोजगार थे तो उन्होंने उसे 7 लाख रुपए लिए थे। इसके अलावा 90 ग्राम सोने के गहने भी पति ने ही ले लिए थे। आप नेता ने कहा कि वह पैसों को तो अलग होने के पेमेंट के तौर पर छोड़ देंगी, लेकिन वह ज्वेलरी वापस लेंगी।

पति पर लगाया मारपीट का आरोप

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी की पार्षद रूटा ने अपने पति चिराग पर इसी साल (2021) अप्रैल के महीने में मारपीट करने का आरोप लगाया है। रूटा ने कहा, “वह अलग होने के बाद भी मुझे धमका रहा है और मेरे कीमती सामानों को वापस नहीं कर रहा है। इसीलिए मैंने कानूनी विकल्प चुना है।”

दूधगरा ने कहा कि उनका उनके पति के साथ बीते एक साल से विवाद चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरी जीत के कुछ सप्ताह के दौरान वह (पति) लगातार मुझपर भाजपा में शामिल होने का दवाब बना रहा था।

‘हम सर्टिफाइड गुंडे हैं, जो शिवसेना भवन पर हमला करने आया उसे प्रसाद मिला’: संजय राउत ने BJP वालों को चेताया

दादर में शिवसेना और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि ‘शिवसैनिक सर्टिफाइड गुंडे होते हैं और हमें किसी से भी सर्टिफिकेट लेने की ज़रूरत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि जहाँ मराठा और हिंदुत्व के स्वाभिमान की बात आती है, वहाँ हम ‘सर्टिफाइड गुंडे’ हैं। उन्होंने दावा किया कि शिवसैनिक ये ‘गुंडागिरी’ मराठी लोगों के लिए करते हैं। राउत ने इस दौरान भाजपा युवा मोर्चा को चेताया भी।

उन्होंने कहा कि बुधवार (जून 16, 202) को शिवसेना भवन के सामने शिवसैनिकों ने जो किया, ऐसा वो तब भी करते जब वो सत्ता में नहीं रहते। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी शिवसेना भवन के सामने प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। शिवसेना मुखपत्र ‘सामना’ के एग्जीक्यूटिव एडिटर ने कहा, “मुंबई आज महाराष्ट्र का हिस्सा सिर्फ इसीलिए है, क्योंकि हमने संयुक्त महाराष्ट्र मूवमेंट के दौरान केंद्र के विरुद्ध गुंडागिरी की।”

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, “जो भी शिवसेना भवन पर हमला करने आया, शिवसैनिकों ने उसे ‘प्रसाद’ देकर भेजा है। शिवसैनिकों को मजबूर किया गया तो वो ‘शिव भोजन थाली’ देंगे।” बता दें कि ये सब कुछ राउत के ही एक बयान से शुरू हुआ था, जिसमें उन्होंने अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए जमीन घोटाले का आरोप लगाते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण देने को कहा था।

इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिवसेना भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। संजय राउत ने कहा कि शिवसेना भवन सिर्फ पार्टी का ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और मुंबई का भी गर्व है। उन्होंने पूछा कि कोई हमला करने आएगा तो क्या शिवसैनिक चुपचाप बैठे रहेंगे? उन्होंने कहा कि ‘सामना’ में लिखा गया है कि अगर कोई झूठे आरोप लगा कर राम मंदिर को बदनाम कर रहा है तो उस पर कार्रवाई की जाए।

साथ ही पूछा कि इसमें गलत क्या है? TOI के सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि किसी को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली हरकत नहीं करनी चाहिए। वहीं आगामी विधानसभा चुनाव पर संजय राउत ने कहा कि अगर शिवसेना-NCP साथ लड़ती है और कॉन्ग्रेस-भाजपा अकेले-अकेले उतरती है तो चमत्कार हो सकता है। ‘सामना’ में ही मध्यावधि चुनाव की अटकलें लगाई गई थीं।

शौहर ने संतान की चाह में बीवी को किया आलिम इस्माइल के हवाले… उसने किया रेप: AajTak बता रहा ‘तांत्रिक’

उत्तर प्रदेश के मेरठ में संतान की चाहत में एक शौहर की शर्मनाक करतूत सामने आई है। शौहर ने अपनी ही बीवी को अपने दोस्त इस्माइल के हवाले कर दिया। मीडिया ने उसे ‘तांत्रिक’ बताया। तंत्र-मंत्र का झाँसा देकर इस्माइल ने महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे डाला। जिसके बाद शौहर फैयाज अली और इस्माइल द्वारा छली गई महिला की शिकायत पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

मामला मेरठ के थाना दिल्ली गेट क्षेत्र के पूर्व फैयाज अली का है। यहाँ 2 साल पहले ताहिर का निकाह हुआ। 2 साल में संतान न होने के कारण ताहिर और उसकी बीवी के बीच अक्सर झगड़ा रहने लगा। जिसके बाद ताहिर ने अपने दोस्त इस्माइल को इस बारे में बताया। इस्माइल पेशे से आलिम है, इसीलिए ताहिर उसकी मदद लेकर संतान की उत्पत्ति का सपना देखने लगा। संतान के सुख के सपने दिखाकर ताहिर बीबी को आलिम के पास जाने के लिए राजी कर लिया, जिसके बाद आलिम इस्माइल उसके घर में आना-जाना शुरू कर दिया।

पीड़ित महिला का आरोप है कि इस्माइल ने झाँसा देकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दे डाला। दुष्कर्म के वक्त महिला ने अपने शौहर से उसे बचाने की गुहार भी लगाई लेकिन बेशर्म ताहिर सब कुछ देखता रहा। इस्माइल की इस शर्मनाक करतूत में ताहिर की सहमति भी शामिल थी। जिसके चलते महिला ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।

पुलिस ने इस मामले की जाँच की तो हकीकत खुलकर सामने आ गई। सीओ, कोतवाली अरविंद चौरसिया ने बताया कि दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। महिला के शौहर ताहिर को भी धारा 120b का मुजरिम बनाया गया है।

गौरतलब है कि मीडिया अक्सर मौलवियों को और फकीरों को ‘बाबा’ या ‘तांत्रिक’ लिख कर चलाता है, जिससे ऐसा लगता है जैसे आरोपित कोई हिन्दू साधु-संत ही हो। साथ ही फकीरों के झाड़-फूँक को भी ‘तंत्र-मंत्र’ लिख कर चलाता है। तांत्रिक शब्द से ऐसा प्रतीत होता है जैसे रेप का प्रयास करने वाला हिंदू हो, इसीलिए मीडिया भी फकीरों और मौलवियों के पकड़े जाने पर भी ‘धर्मगुरु’ और ‘तांत्रिक’ शब्द का धड़ल्ले से इस्तेमाल तो करता ही है, उसकी असली पहचान छिपाने के लिए खबर की हेडिंग से भी खेलता है। इस बार भी ‘आज तक’ और ‘अमर उजाला’ जैसे संस्थानों ने ऐसा ही खेल किया है। 

इससे पहले भी NDTV से लेकर कई मीडिया संस्थान भ्रामक हेडिंग्स के जरिए हिन्दुओं को बदनाम करते रहे हैं। मीडिया इससे पहले भी इस तरह का खेल कर चुका है। इसी तरह निकाह-हलाला के नाम पर एक युवती का बलात्कार करने वाले आरोपित अनवर खान का नाम NDTV ने उसे ‘बाबा’ कह कर छिपाया था, जैसे वो कोई हिन्दू साधु हो। इसी तरह एक अन्य बलात्कारी के मामले में नई दुनिया समेत कई मीडिया पोर्ट्ल्स ने इस खबर को प्रकाशित किया था और हेडलाइन में मुस्लिम आलिम की जगह ‘तांत्रिक’ शब्द का प्रयोग किया था।

इसी तरह उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार में एक मस्जिद में बलात्कार की घटना सामने आई थी। मस्जिद में पानी लेने गई 12 साल की लड़की का मौलवी इलियास ने रेप किया था। ‘दैनिक भास्कर’ ने लिखा था – ‘धार्मिक स्थल पर हुई वारदात। जब किसी छोटे से छोटे मामले में भी मंदिर की पहचान नहीं छिपाई जाती, तो फिर मस्जिद की पहचान छिपाने का क्या उद्देश्य था? कई अन्य मीडिया संस्थान ने भी ऐसा किया था।

₹3.28 लाख की चोरी में दो एक्ट्रेस गिरफ्तार: पेइंग गेस्ट बन कर किया अपराध, ‘क्राइम पेट्रोल’ में भी की है काम

मुंबई पुलिस ने दो टीवी अभिनेत्रियों को चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों अभिनेत्रियों के बारे में पता चला है कि वो लोकप्रिय शो ‘क्राइम पेट्रोल’ के साथ-साथ कई अन्य क्राइम शो में काम किया करती थीं। पता चला है कि दोनों अभिनेत्रियाँ सुरभि सुरेन्द्र लाल श्रीवास्तव (25) और मोसिना मुख्तार शेख (19) कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के कारण रुपयों की कमी से जूझ रही थीं, इसीलिए उनके मन में ये शैतानी आईडिया आया। दोनों ने पेइंग गेस्ट बन कर चोरी की

लॉकडाउन में सीरियलों की शूटिंग बंद हो गई थी, जिस कारण अभिनेत्रियों को काम नहीं मिल रहा था। दोनों अभिनेत्रियाँ पेइंग गेस्ट बन कर आईं और 3.28 लाख रुपए लेकर चंपत हो गईं। ये घटना आरे कॉलोनी के रॉयल पाम इलाके में मई 18, 2021 को हुई। जिस व्यक्ति के यहाँ से चोरी हुई, वो यहीं की एक पॉश इमारत में रहता है। उसके यहाँ पेइंग गेस्ट बन कर आई इन दोनों लड़कियों ने लॉकर से चोरी की और फरार हो गई, लेकिन बाद में पुलिस ने धर-दबोचा।

मुंबई पुलिस को इस चोरी की सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। पुलिस ने दोनों की तलाश के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज में दोनों पैसों के साथ बाहर जाती दिख रही थीं, ऐसे में जब पुलिस ने पूछताछ किया तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दोनों को इसके बाद कोर्ट में पेश किया गया।

कोर्ट ने दोनों को बुधवार (जून 23, 2021) तक पुलिस की हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया है कि चोरी के रुपयों में से 50,000 बरामद किए जा चुके हैं। ये अभिनेत्रियाँ ‘सावधान इंडिया’ और कई अन्य शोज में भी काम कर चुकी हैं। ये भी पता चला है कि असल में ये दोनों पेइंग गेस्ट थीं ही नहीं, बल्कि ये उस बिल्डिंग में पेइंग वॉर्ड चलाने वाले अपने एक दोस्त के यहाँ आई थीं और इस दौरान ही चोरी कर डाली।

7 दिन में हाजिर हो: ट्विटर इंडिया MD को UP पुलिस ने दिया आदेश, बुजुर्ग से मारपीट और फर्जी सांप्रदायिक एंगल का मामला

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में बुजुर्ग से मारपीट और उसकी दाढ़ी काटने के मामले में अब यूपी पुलिस ने ट्विटर इंडिया के एमडी मनीष माहेश्वरी को लीगल नोटिस भेजा है। गाजियाबाद के लोनी थाना पुलिस ने सोशल मीडिया साइट्स के एमडी को 7 दिन के भीतर थाने पहुँच कर अपना बयान दर्ज कराने को कहा है।

पुलिस ने अपने माहेश्वरी को ये नोटिस सीआरपीसी की धारा 160 के तहत भेजा। एफआईआर की जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा है कि कुछ लोगों ने कम्युनल हेट वाले ट्वीट किए। इसकी पहले से ही जानकारी देने के बाद भी ट्विटर ने इस पर एक्शन लेने के बजाय इस वीडियो को वायरल होने दिया। इससे समाज में एक गलत मैसेज गया है।

ट्विटर के खिलाफ केस दर्ज

गाजियाबाद पुलिस ने जारी किए गए नोटिस में इस बात की जानकारी दी है कि ट्विटर इंडिया और ट्विटर इंक के खिलाफ लोनी बॉर्डर थाने में आईपीसी की धारा 153, 153 ए, 295 ए, 505, 120 बी, 34 के तहत केस रजिस्टर किया गया है। पुलिस ने ट्विटर के मुंबई स्थित कार्यालय के पते पर यह नोटिस भेजा है।

ट्विटर को गाजियाबाद पुलिस द्वारा जारी किया गया नोटिस (साभार: ABP)

ट्विटर के खिलाफ जमानती धाराओं में दर्ज है केस

पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि माइक्रो ब्लॉगिंग साइट के खिलाफ जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसलिए किसी की गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है। हालाँकि, पूछताछ के लिए सभी आरोपितों को हाजिर होना होगा। ट्विटर के अलावा वायर समेत अन्य आरोपितों को भी जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा।

तीन ओर से घिरा ट्विटर

दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में बुजुर्ग की पिटाई और फर्जी का सांप्रदायिक एंगल देकर उसे वायरल करने संबंधी मामला दर्ज है। दूसरी और दिल्ली पुलिस बंगलुरू जाकर टूलकिट मामले में ट्विटर इंडिया के एमडी से पूछताछ भी करती है।

बुजुर्ग की पिटाई और फर्जी का सांप्रदायिक एंगल देकर उसे वायरल करने संबंधी मामला गाजियाबाद के लोनी थाने में भी दर्ज है। यूपी पुलिस ने इसके लिए ट्विटर इंडिया के एमडी को सिर्फ 7 दिनों की मोहलत दी है। इसके अलावा शुक्रवार (18 जून 2021) को शाम 4 बजे संसदीय समिति के सामने ट्विटर के अधिकारी पेश होंगे। यह नए IT नियमों में फेल होने से संबंधित होगा।

सपा नेता के खिलाफ भी केस दर्ज

गाजियाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक डॉ ईरज राजा ने बताया है कि विवादित मामले में फेसबुक लाइव करने के मामले में सपा नेता अमेद पहलवान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह केस लोनी बॉर्डर के दरोगा नरेश सिंह ने दर्ज कराया है।

क्या है मामला

गाजियाबाद में अब्दुल समद नामक एक बुजुर्ग की पिटाई और उसकी दाढ़ी काट लेने के मामले में जबरन ‘जय श्री राम’ जोड़ कर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जबकि आरोपितों में मुस्लिम भी शामिल थे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसे वामपंथी स्वरा भास्कर और आरफा खानम ने बढ़-चढ़कर शेयर किया। इसके अलावा आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम ने भी इसे खब फैलाया था।

‘गर्लफ्रेंड बन जाओ, वरना झूठा मुकदमा कर के बदनाम कर दूँगा’: युवती की शिकायत के बाद दरोगा लाइन हाजिर

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक महिला ने चौकी इंचार्ज पर अश्लील मैसेज भेजने के आरोप लगाए। इसके बाद सुल्तानपुर पुलिस ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए चौकी प्रभारी विकास कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। इस घटना में परोक्ष भूमिका निभाने वाले आरक्षी आमिर सोहेल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही क्षेत्राधिकारी नगर को इस मामले की जाँच सौंपी गई है। इस घटना के बाद लोगों ने #Arrest_SI_Vikash_Kumar भी ट्रेंड कराया।

उक्त महिला ने मई 31, 2021 को ही दरोगा पर अश्लील मैसेज भेजने का आरोप लगाया था। साथ ही एक वीडियो कॉलिंग का क्लिप भी वायरल हुआ था, जिसके बारे में बताया गया था कि ये इसी मामले का है। पीड़िता ने इस मामले में एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था, जिसके बाद एसपी ने तुरंत इस मामले की जाँच सीओ सिटी को सौंप दी। युवती अमेठी की रहने वाली है, जो निराला नगर मोहल्ले में किराए पर रहती है।

वो शहर के घंटाघर चौक पर एक ब्यूटी पार्लर में काम करती है। महिला ने आरोप लगाया था कि वो सुबह-शाम ड्यूटी पर आती-आती हैं, उसी समय नगर चौकी इंचार्ज विकास कुमार वहीं खड़े रहते हैं। साथ ही उन पर अश्लील इशारे करने का आरोप भी लगाया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में लिखा है, “विकास कुमार ने किसी तरह मेरा नंबर ले लिया। वो व्हाट्सएप्प पर कॉल कर-कर के अश्लील इशारे करते हैं।”

दरोगा पर ये भी आरोप है कि वो युवती से पूछते हैं कि क्या वो उनकी गर्लफ्रेंड बनेगी? पीड़िता ने बताया है कि उन्होंने दरोगा की इन हरकतों का ऑडियो-वीडियो भी रिकॉर्ड कर के रखा हुआ है। साथ ही ये आरोप भी लगा है कि दरोगा ने धमकाया कि झूठा मुकदमा लिख कर बदनाम कर दूँगा। पीड़िता अपने कमरे में अकेले रहती है। अपनी शिकायत-पत्र में उन्होंने कहा कि इसी भय के कारण अब तक पुलिस के समक्ष नहीं गई।

‘आज तक’ की खबर के अनुसार, पुलिस अधीक्षक ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सीओ की जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक हनीट्रैप का गैंग काम कर रहा है और इस मामले में एक सिपाही भी शामिल है। दारोगा पर कार्रवाई तो होगी ही, सिपाही को भी सस्पेंड किया जाएगा। साथ ही लड़की के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज़ किया जाएगा।” अभी जाँच में कई तथ्य सामने आने बाकी हैं।

‘अमर उजाला’ की खबर के अनुसार, बल्दीराय थाने की वलीपुर रिपोटिंग चौकी का इंचार्ज रहने के दौरान दिसंबर 2020 में भी विकास कुमार पर एक युवती को अश्लील मैसेज भेजने का मामला सामने आया था। उस समय भी एसपी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था। तब उन पर मदद देने की आड़ में अश्लील मैसेज भेजने का गंभीर आरोप लगे थे। अब उन्हें यूपी पुलिस ने लाइन हाजिर कर दिया है।

‘अगर मरना पड़े तो 4-6 को मार के मरना’: कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक सेल का नया अध्यक्ष, जो बच्चों से लगवाता है ‘हिटलर की मौत मरेगा’ नारा

हाल ही में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इमरान प्रतापगढ़ी को पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष नियुक्त किया। यूपी में कॉन्ग्रेस की प्रभारी और पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी की मुहर के बाद ही निर्णय होते हैं, ऐसे में इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि इमरान प्रतापगढ़ी को आगे बढ़ाने के फैसले पर उनकी छाप है। क्या कॉन्ग्रेस पार्टी अब मुस्लिमों को गोलबंद करने के लिए एक ऐसे CAA-NRC विरोधी कट्टरपंथी चेहरे का सहारा ले रही है, जिसने शायर का मुखौटा ओढ़ रखा है?

33 वर्षीय इमरान प्रतापगढ़ी को अखिलेश यादव की सपा सरकार ने 2016 में ‘यश भारती अवॉर्ड’ से नवाजा था। इमरान प्रतापगढ़ी को उनकी नज्म ‘मदरसा’ और ‘हाँ, मैं कश्मीर हूँ’ जैसे नज्मों के लिए जाना जाता है। ‘मदरसा’ नज्म में उन्होंने इसे आतंकवाद से न जोड़ने की अपील करते हुए इसका महिमामंडन किया है। 2019 में उन्हें कॉन्ग्रेस ने मोरादाबाद लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वो 5% वोट पाने में भी नाकामयाब रहे।

इमरान प्रतापगढ़ी को देश के कई उर्दू मुशायरों में बुलाया जाता है और वो उन्हीं का सहारा लेकर अपना इस्लामी प्रोपेगंडा चलाते हैं। ऐसे ही एक कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया था कि सड़क पर जाते मासूम को मार दिया जाता है और खौफ का माहौल बनाया जाता है। कैसे वो अपनी कट्टरवादी पंक्तियों के जरिए मुस्लिमों को भड़का कर उन्हें खून करने की सलाह देते हैं, उसके लिए एक मुशायरे में पढ़ी गई उनकी ये पंक्तियाँ देखिए:

ना बुजदिल की तरह तुम जिंदगी से हार कर मरना 
​अरे ईमान वालों जुल्म को ललकार कर मरना
कभी जब भेड़ियों का झुंड तुमको घेर ही ले
तो अगर मरना पड़े तो 4/6 को मार कर मरना

यहाँ आप देख सकते हैं कि कैसे वो ‘इमान वालों’ को 4-6 लोगों की हत्या कर के मरने की सलाह दे रहे हैं। इसी तरह शाहीन बाग़ आंदोलन के दौरान महिलाओं और बच्चों से उन्होंने ‘जो हिटलर की चाल चलेगा, वो हिटलर की मौत मरेगा’ का नारा लगवाया था। इस प्रदर्शन में छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे। इसी तरह जम्मू कश्मीर को लेकर भी वो प्रोपेगंडा फैलाते रहे हैं और कहते रहे हैं कि वहाँ मुस्लिमों की जनसंख्या ज्यादा होने के कारण उन पर ‘जुल्म’ होता है।

उन्होंने ऐसे ही एक कार्यक्रम में कहा था कि जम्मू कश्मीर में मुस्लिमों को संगीनों के साए में रखा जाता है। अपनी नज्म के जरिए वो आरोप लगाते हैं कि जम्मू-कश्मीर में मासूम बच्चों को भी उठा लिया जाता है। साथ ही वो जम्मू कश्मीर के हवाले से ही धमकी देते हैं कि अगर ऐसा ही हाल रहा तो ये एक दिन वियतनाम बन जाएगा इसे समझने के लिए उनकी ही नज्म ‘मैं कश्मीर हूँ’ की ये चंद पंक्तियाँ देखिए:

मेरे बच्चे बिलखते रहे भूख से
ये हुई है सियासत की इक चूक से
रोटियां मांगने पर मिलीं गोलियाँ
चुप कराया गया उनको बंदूक से

सलमान खुर्शीद द्वारा मुस्लिम आरक्षण का वादा करना या फिर दिग्विजय सिंह द्वारा बाटला हाउस एनकाउंटर को फर्जी बताना, मुस्लिम वोट बैंक के लिए कॉन्ग्रेस किस हद तक गिर सकती है ये छिपा नहीं है। इमरान प्रतापगढ़ी मुस्लिम समाज के बीच अपनी पैठ बनाने में लगे हैं। इसका विरोध भी हो रहा है। ‘ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस-ए-मुशवरत’ के अध्यक्ष नावेद हामिद ने एक ‘प्रोफेशनल शायर’ को कुर्सी दिए जाने पर कॉन्ग्रेस की आलोचना की।

इमरान प्रतापगढ़ी 2019 में कॉन्ग्रेस में आने से पहले सपा और आम आदमी पार्टी के समर्थन रह चुके हैं, ऐसे में पार्टी के भीतर भी उनका विरोध हो रहा है। जिस इमरान मसूद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘बोटी-बोटी’ वाली आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, उसे प्रमोट कर सेक्रेटरी बनाए जाने के बाद ही पता चल गया था कि अपना ‘मुस्लिम कार्ड’ खेलने में कॉन्ग्रेस ने अब और आक्रामक रुख अपना लिया है।

एक अन्य नज्म ‘मदरसा’ के जरिए इमरान प्रतापगढ़ी ने मदरसों का महिमामंडन किया और लोगों के दिल में ये बिठाना चाहा कि मदरसों में बच्चों को कट्टर नहीं बनाया जाता है। इस नज्म में उन्होंने मदरसों को अंग्रेजों की आज़ादी की लड़ाई का हिस्सा बताते हुए लिखा है कि फिरंगियों ने लाख कुरान जलाई, लेकिन किसी के दिल से एक हर्फ़ भी नहीं मिटा पाए। साथ ही मदरसों को मुहब्बत और हमदर्दी का प्रतीक बताया है:

यहाँ कुरआन-ए-पाक की हर लम्हा है तिलावत होती,
जर्रे-जर्रे मे हमदर्दी और मुहब्बत होती,
कभी नहीं हो सकता कत्लेआम मदरसों से,
मत जोड़ो आतंकवाद का नाम मदरसों से,

इसी तरह पुलवामा में जब भारतीय जवानों का बलिदान हुआ था, तब उसके बाद हुए एक मुशायरे में उन्होंने इसके लिए भारत और भारतीय सुरक्षा बलों को ही जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने ‘कातिल घर के आँगन तक पहुँचा है, रखवाले की साजिश हो सकती है’ जैसी पंक्तियों के जरिए भारत को ही कटघड़े में खड़ा किया था। CAA विरोधी आंदोलनों के दौरान मोदी सरकार को इमरान ने भारत के संविधान का ‘कातिल’ करार दिया था।

उसी दौरान एक प्रदर्शन में उन्होंने कहा था, “आधार कार्ड माँगेंगे। पैन कार्ड माँगेंगे? मैं तो उनकी छाती पर खड़े होकर दिल्ली में ऐलान करता हूँ कि आगरा में जाकर देखिए ताजमहल। वही है हमारा आधार कार्ड। आप जहाँ रहते हैं, वहाँ से मात्र ढाई किलोमीटर की दूरी पर खड़ा है कुतुबमीनार। वही है हमारा पैन कार्ड। जाकर देखिए। अगर आपको हमारा जन्म प्रमाण पत्र चाहिए तो जाइए लाल किले को देखिए। वही है हमारा बर्थ सर्टिफिकेट। हमसे हमारा बर्थ प्लेस पूछा जाता है। मोदी जी और अमित शाह जी, जामा मस्जिद की जो सीढियाँ हैं, वही है हमारा जन्मस्थान। जाइए, देख लीजिए।”

दो समुद्री तटों और चार पहाड़ियों के बीच स्थित रायगढ़ का हरिहरेश्वर मंदिर, जहाँ विराजमान हैं पेशवाओं के कुलदेवता

मराठा योद्धाओं की शौर्यगाथा और छत्रपति शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के महान स्वप्न का साक्षी रहा है महाराष्ट्र। राज्य को प्रकृति का विशेष स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त है क्योंकि यहाँ प्रकृति की गोद में स्थित हैं कई ऐसे दिव्य और आध्यात्मिक स्थान, जो सैकड़ों वर्ष पुराने हैं और जिनका हिंदुओं में विशेष महत्व है। ऐसा ही एक मंदिर महाराष्ट्र के रायगढ़ में स्थित है, जो हरिहरेश्वर मंदिर के नाम से जाना जाता है।

हरिहरेश्वर मंदिर की स्थिति  

महाबलेश्वर से निकलने वाली सावित्री नदी हरिहरेश्वर के निकट अरब सागर से मिलती है। नदी रत्नागिरी और रायगढ़ जिलों की सीमा है। चार पहाड़ियों हरिहरेश्वर, हर्षिनाचल, ब्रह्माद्रि और पुष्पाद्रि के बीच स्थित है हरिहरेश्वर कस्बा, जिसके उत्तर में स्थित है हरिहरेश्वर मंदिर। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है लेकिन मंदिर में ब्रह्मा जी, भगवान विष्णु और माता पार्वती की प्रतिमाएँ भी स्थापित हैं। हरिहरेश्वर में दो समुद्री तट हैं, एक बालू का और एक चट्टान का। यह दोनों तट मंदिर के उत्तर और दक्षिण में स्थित हैं।

फोटो साभार : महाराष्ट्र पर्यटन

मुख्य मंदिर के अलावा हरिहरेश्वर में कालभैरव और माता योगेश्वरी के मंदिर भी विद्यमान हैं। यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि अक्सर कालभैरव की प्रतिमा दक्षिण की ओर मुख किए हुए मिलती है लेकिन हरिहरेश्वर में स्थित मंदिर में कालभैरव की प्रतिमा उत्तरमुखी है। मंदिर की मान्यता के अनुसार पहले कालभैरव के ही दर्शन करने होते हैं उसके बाद हरिहरेश्वर भगवान के। इस स्थान को भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है, इसलिए इस स्थान को ‘देवघर’ भी कहा जाता है।   

मंदिर का निर्माण

ऐसा कहा जाता है कि मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ है। पेशवाओं द्वारा मंदिर के कई हिस्सों के निर्माण और जीर्णोद्धार की जानकारी प्राप्त होती है। मंदिर के देवता पेशवाओं के कुलदेवता थे, इसलिए उन्होंने इस मंदिर के रखरखाव और निर्माण के लिए बहुत से योगदान दिए। आग लगने के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद 1723 में बाजीराव पेशवा प्रथम ने मंदिर का पूरी तरह से निर्माण कराया।

महाराष्ट्र के रायगढ़ स्थित इस मंदिर में भगवान के आशीर्वाद के साथ प्रकृति का सुरम्य वातावरण भी मिलता है। हरिहरेश्वर में मंदिर के अलावा जंगल, समुद्र के तट, पहाड़ों की श्रृंखला और सावित्री नदी की सुरम्यता भी स्थित है। दक्षिण की काशी कहा जाने वाला यह हरिहरेश्वर मंदिर अपनी इसी विशेषता के कारण न केवल हिन्दू श्रद्धालुओं बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी एक पसंदीदा स्थान है।

कैसे पहुँचे?

हरिहरेश्वर के सबसे निकट स्थित हवाईअड्डे हैं पुणे और मुंबई जो क्रमशः 170 किमी और 200 किमी की दूरी पर स्थित हैं। माणगाँव, हरिहरेश्वर के सबसे निकट स्थित रेलवे स्टेशन है, जो लगभग 64 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मुंबई से मांडोवी एक्सप्रेस, मत्स्यगंधा एक्सप्रेस और कोंकण कन्या एक्सप्रेस माणगाँव तक जाती हैं। मुंबई, पुणे और पनवेल से हरिहरेश्वर पहुँचने के लिए सरकार की बस सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा इन स्थानों से हरिहरेश्वर पहुँचने के लिए टैक्सी आदि की सहायता भी ली जा सकती है।