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गुरुद्वारे पर पाकिस्तान ने दागा गोला, आम लोगों की हत्या कर निकाल रहा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बौखलाहट: 15 की मौत, रिहायशी इलाकों पर गोलाबारी

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से बौखलाई पाकिस्तानी फौज ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ और तंगधार में मंगलवार (6 मई 2025) देर रात से भारी गोलाबारी की है। इन हमलों में 15 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 43 अन्य घायल हुए हैं। एलओसी पर पुंछ और आसपास के इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर गोलीबारी की जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुंछ के केंद्रीय गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब पर पाकिस्तानी फौजियों ने बमबारी की, जिसमें तीन सिख भाई – रागी सिंह भाई अमरीक सिंह, सैनिक भाई अमरजीत सिंह और दुकानदार भाई रंजीत सिंह की मौत हो गई। माणकोट इलाके में सिख महिला बीबी रूबी कौर की भी मौत हुई। इस हमले में गुरुद्वारे की दीवार क्षतिग्रस्त हुई और कई घर जलकर खाक हो गए। सैकड़ों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

यह हमला भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में हुआ, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। ये हमले पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए हिंदुओं के नरसंहार का बदला लेने के लिए किए गए हैं।

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल नेता सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “सिख हमेशा देश की तलवार रहे हैं। हम अपने सशस्त्र बलों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।” उन्होंने शहीदों के परिवारों के लिए मुआवजे और सम्मान की माँग की। सुखबीर ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल शोक संतप्त परिवारों के साथ है और शांति के लिए अरदास करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दुश्मन ने सम्मान को चुनौती दी, तो सिख अपने देशभक्ति के कर्तव्यों को पूरा करेंगे।

श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, “यह हमला सिर्फ गुरुद्वारे पर नहीं, बल्कि मानवता पर हमला है।” उन्होंने भारत और पाकिस्तान से तनाव कम करने और शांति की दिशा में कदम उठाने की अपील की।

जत्थेदार ने कहा, “युद्ध मासूमों को निगलता है। शांति कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है।” उन्होंने सीमावर्ती लोगों से एक-दूसरे का साथ देने और गुरबानी में आस्था रखने को कहा। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की गोलाबारी का मुँहतोड़ जवाब दिया, जिसमें कई पाकिस्तानी फौजियों के मारे जाने की खबर है। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।

‘आतंकवादी नहीं, आम नागरिकों की मौत हुई’: ‘The Wire’ की आरफा खानम शेरवानी ने चलाया दुश्मन मुल्क का एजेंडा, बोलीं – पाकिस्तान के लोगों को हो रही परेशानी

जहाँ एक तरफ पूरा देश ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय सेना को धन्यवाद दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ ‘The Wire’ जैसे मीडिया संस्थान और अरफ़ा खानम शेरवानी जैसे एजेण्डाबाज पत्रकार प्रपंच से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे संवेदनशील समय में भी दुश्मन का एजेंडा चला रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। सिंधु जल संधि के स्थगन के साथ पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करने और चेनाब नदी का पानी रोकने के बाद आखिरकार जब भारतीय सेनाओं ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकियों के ठिकाने नेस्तनाबूद किए, उसके बाद कहीं भारतीयों के कलेजों को ठंडक मिली, लेकिन देश की ये बहादुरी भी प्रोपेगेंडा चलाने वालों को हजम नहीं हुई।

जम्मू कश्मीर में पहलगाम के बैसारन घाटी में 22 अप्रैल, 2025 को भरी दोपहर में उस समय आतंकी हमला हुआ जब पर्यटक घाटी में अपने लिए यादें संजो रहे थे। कुछ बिल्कुल नए विवाहित जोड़े अपने हनीमून पर आए थे तो वहीं कुछ परिवार देश के दक्षिणी हिस्से से एकदम उत्तर में आकर प्रकृति के अप्रतिम दृश्यों को निहार रहे थे।

उसी समय पाकिस्तानी आतंकियों ने गोलीबारी शुरु कर दी। 24 हिंदुओं समेत कुल 28 लोगों को गोली मारी गई। हत्या से पहले उन सभी से उनका धर्म पूछा गया। गैर-मुस्लिम होने का प्रमाण जाँचा गया। हिंदू महिलाओं के सामने ही उनका सुहाग उजाड़ दिया गया।

इस आतंकी हमले के बाद देशभर में लोगों में आक्रोश फैल गया। सबके दिलों में न्याय की ज्वाला धधक रही थी। एक ओर भारत सरकार अपने निर्णय ले रही था को वहीं आम लोग भी अपने-अपने तरीकों से इसका विरोध जता रहे थे। कई शहरों में पाकिस्तान के झंडों के पोस्टर सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर चिपकाए गए। कुछ ने सोशल मीडिया पर प्रक्रिया दी तो कई जगहों पर कैंडल मार्च निकाल कर न्याय की आस लगाई थी।

भारत सरकार ने भी लोगों का भरोसा टूटने नहीं दिया। लगातार अपने कड़े निर्णयों से सरकार बताती रही कि वो फुल फॉर्म में है। हमले के ठीक 15 दिन बाद 7 मई, 2025 की आधी रात में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ मिशन का आगाज किया और पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अपनी नींव जमाए बैठे आतंकी संगठनों के 9 ठिकाने तबाह कर दिए। इस मिशन से जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैय्यबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के लगभग 100 आतंकियों को जमींदोज कर दिया गया। सेना ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल से दी।

‘The Wire’ की आरफा खानम शेरवानी ने चलाया पाकिस्तान का एजेंडा

इस मिशन की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद प्रोपेगेंडा चलने वाले न्यूज पोर्टल और पत्रकारों में इस बात की खलबली मच गई कि किस तरह से पाकिस्तान को ‘पीड़ित’ दिखलाया जाए। किस तरह से बताया जाए की जो मारे गए वह आतंकी नहीं थे और किस तरह से भारत सरकार के खिलाफ एक नया जहर घोला जा सके।

इस कड़ी में प्रोपेगेंडा न्यूज पोर्टल ‘द वायर’ की सीनियर एडिटर आरफा खानम शेरवानी ने एक पैनल डिस्कशन कर डाला। इसने कुछ वामपंथी पत्रकारों को शामिल कर लिया गया और इस पैनल चर्चा में आरफा ने ये तक कह डाला कि जो मारे गए वह आतंकी नहीं थे बल्कि आम नागरिक थे।

आरफा खानम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम से शुरू होकर पूरे मिशन की चिरौरी करते हुए लगभग एक घंटे के वीडियो में ये बताने की कोशिश की कि मिशन में क्या क्या खामियाँ रहीं, इस मिशन से पाकिस्तान के लोग किस तरह परेशान हो रहे हैं और इस मिशन के जरिए मोदी सरकार क्या-क्या फायदे लेगी।

आरफा ने सबसे पहले इसी बात पर चर्चा जरूरी समझी कि इस मिशन का नाम सिंदूर रखा तो उसे किस तरह से लिखा गया। आरफा ने कहा, “भारतीय सेना ने पारंपरिक तरीकों से हटकर मिशन जानकारी सोशल मीडिया हैंडल से दी गई। इसमें पोस्टर लगाया गया और उसमें सिंदूर को इस तरह लिखा गया जैसे भारत में शादीशुदा औरतें अपनी माँग में सिंदूर भरती हैं और साथ में ये भी कहा है कि न्याय हुआ।”

इसके बाद आरफा ने भारत ने एयरस्ट्राइक पर सवाल जवाब किए। पैनल डिस्कशन में कहा गया कि हमारे पास सिर्फ भारत सरकार और पाकिस्तान की ओर से किए गए दावे ही हैं कि उन्होंने मिशन में क्या किया है।

आरफा ने पैनलिस्ट्स से पूछा कि भारत के दर-दर से और घर-घर आवाज आ रही थी कि लोगों को जंग चाहिए। तो क्या ये जंग है? इसके जवाब में पैनलिस्ट और वरिष्ठ पत्रकार राहुल बेदी ने कहा, “भारत ने पाकिस्तान के 9 ठिकानों पर हमला किया है तो इसकी जवाबी हमले 100% होंगे और यह कहाँ होंगे हमें नहीं पता है। मिलिट्री पर या एयरफोर्स पर हमले हो सकते हैं।”

अपने पैनल डिस्कशन में आरफा ने पाकिस्तान सरकार की बातें इतनी मजबूती से रखी मानो ऐसा लग रहा हो कि वह पाकिस्तान की कोई प्रवक्ता हों। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान कह रहा है कि जो लोग मारे गए हैं उनमें कोई आतंकवादी नहीं है। ऐसे में जितने हमले हुए हैं उनमें कोई आतंकवादी नहीं मारा है बल्कि आम नागरिकों की मौत हुई है।”

आरफा के इस बयान से लोगों में काफी गुस्सा बढ़ गया। लोगों का कहना है कि देश के लिए खड़े होने से ज्यादा जरूरी पाकिस्तान को समर्थन देना नहीं हो सकता, लेकिन प्रोपेगंडा चलाने वाले इन पत्रकारों के लिए पाकिस्तान को पीड़ित दिखलाना शायद सबसे जरूरी है। राहुल बेदी ने कहा कि इस मिशन से पीएम मोदी अपना राजनीतिक फायदा ज़रूर उठाएँगे।

दुश्मन देश की तरह मत करो- पंजाब की AAP सरकार को हाई कोर्ट ने ‘वाटर पॉलिटिक्स’ पर फटकारा: कहा- भाखड़ा नांगल बाँध के काम में दखल मत दो, हरियाणा को पानी दो

पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे पानी के विवाद में अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने दखल दिया है। हाई कोर्ट ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को फटकार लगाई है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा है कि हरियाणा के लिए पानी को पंजाब ना रोके। पानी पर विवाद को लेकर हाई कोर्ट ने भारत-पाकिस्तान विवाद का भी उदाहरण दिया है।

बुधवार (07 मई 2025) को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की एक याचिका पर यह फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पंजाब सरकार या उनके अफसर और पुलिस भाखड़ा डैम और कंट्रोल रूम के ऑफिस में दखल नहीं दे सकते हैं।

बेंच ने निर्देश दिए कि पंजाब सरकार BBMB द्वारा जारी किए गए उस आदेश का पालन करे, जिसमें हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अतिरिक्त 4500 क्यूसेक पानी देने के लिए कहा गया था। पानी रोकने को पंजाब की भगवंत मान को फटकार भी लगाई गई।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा, “हम अपने दुश्मन देश के साथ ऐसा कर रहे हैं। हमें अपने राज्यों के भीतर यही नहीं करना चाहिए।” हाई कोर्ट ने कहा कि पंजाब पुलिस भाखड़ा नांगल बाँध को सुरक्षा दे लेकिन दखल नहीं दे सकती।

इससे पहले 23 अप्रैल 2025 को BBMB की तकनीकी समिति की बैठक ने हरियाणा को 8500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया था। इस पानी में राजस्थान और दिल्ली के हिस्से का जल भी शामिल था। बाद में पंजाब ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हरियाणा और राजस्थान अपनी तय हिस्सेदारी से अधिक पानी माँग रहे हैं।

1 मई 2025 को पंजाब पुलिस ने भाखड़ा नाँगल बाँध और लोहंड कंट्रोल रूम पर नियंत्रण लेने की घटना सामने आई थी। BBMB ने इस घटना की आलोचना करते हुए अपने अधिकारों में अवैध हस्तक्षेप करार दिया। इसके बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

हाई कोर्ट में 3 याचिकाएँ हुई दायर

  • पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जल विवाद को लेकर 3 याचिकाएँ दायर की गई हैं। पहली याचिका एडवोकेट रविंद्र ढुल ने दायर की। दूसरी याचिका फतेहाबाद ग्राम पंचायत ने दायर की। इन दोनों याचिकाओं में कहा गया कि पंजाब पुलिस को भाखड़ा डैम से पुलिस हटाने का निर्देश दिया जाए। साथ ही हरियाणा को पानी और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।

इसके दो दिन बाद सोमवार (05 मई 2025) को BBMB ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि पंजाब पुलिस ने डैम पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। पुलिस के जवानों ने डैम को सभी कंट्रोल यूनिट अपने हाथ में ले लिए हैं।

  • वहीं सोमवार (05 मई 2025) को पंजाब विधानसभा में विशेष सत्र बुलाकर पंजाब-हरियाणा पानी विवाद पर चर्चा की गई थी। सदन में हरियाणा को एक बूँद भी पानी न देने समेत 6 प्रस्ताव पारित किए गए थे। इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि अभी तो हम ये पानी दे रहे है आगे से ये भी नहीं मिलेगा।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पंजाब विधानसभा में पारित प्रस्ताव की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव असंवैधानिक और भारत के संघीय ढाँचे के खिलाफ है। सीएम ने कहा था कि पंजाब सरकार तो कुछ भी कह सकती है।

भाई, बीवी, बहन, बहनोई, भांजा, भतीजा… आतंकी सरगना मसूद अजहर के खानदान का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने निकाल दिया जनाजा, 14 लाशें देख बोला- अच्छा होता मैं भी मर जाता

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया गया, धर्म पूछ-पूछकर मारा गया। उसके बाद भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। भारतीय वायुसेना द्वारा बुधवार (7 मई, 2025) की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ तहत 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य भी मारे गए।

इनमें मसूद की बड़ी बहन, बहनोई और 4 करीबी सहयोगियों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं मारे गए लोगों में मौलाना काशिफ, उसका परिवार, मौलाना अब्दुल रऊफ की बड़ी बेटी, पोते और चार बच्चे शामिल हैं। पहलगाम हमले में 26 लोगों के नरसंहार के बाद से ही लगातार आवाज़ उठ रही थी कि भारत जवाबी कार्रवाई करे और आतंक का पोषण करने वाले पाकिस्तान को सबक सिखाए। इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैय्यबा का सहयोगी संगठन माना जाता है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय वायुसेना ने 23 मिनट तक चले हमले में पाकिस्तान के बहावलपुर और अन्य क्षेत्रों में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर 24 मिसाइलें दागीं। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें मसूद अज़हर के परिवार के सदस्य भी मारे गए।

इसके बाद उसने कहा, “अच्छा होता कि मैं भी मर जाता।” हालाँकि, पाकिस्तान सरकार ने इन हमलों में नागरिकों के मारे जाने का दावा किया है और भारतीय कार्रवाई को ‘युद्ध की कार्यवाही’ बताया है। जहाँ तक मसूद अजहर की बात है, वो जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख है और भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा हैं।

मसूद अजहर की भूमिका 2001 के संसद हमले, से लेकर 2016 के पठानकोट हमले और 2019 के पुलवामा हमले में स्पष्ट रूप से सामने आई है।

2001 संसद हमला

13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकवादी शामिल थे। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। मसूद अजहर को पाकिस्तान में हिरासत में लिया गया था, लेकिन उसे कभी औपचारिक रूप से आरोपित नहीं किया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। 

2016 पठानकोट हमला

जनवरी 2016 में, पठानकोट एयरबेस पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने हमला किया, जिसमें 7 सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने मसूद अजहर, उनके भाई रऊफ असगर और दो अन्य को इस हमले की साजिश रचने के आरोप में चार्जशीट में नामित किया। चार आतंकवादी, जो हमले में मारे गए, पाकिस्तान में जैश के शिविरों में प्रशिक्षित थे। 

2019 पुलवामा हमला

14 फरवरी, 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर आत्मघाती हमले में 40 जवान बलिदान हुए। NIA ने मसूद अजहर, उनके भाई रऊफ असगर, भतीजे उमर फारूक और अन्य को इस हमले की साजिश में शामिल पाया। चार्जशीट में बताया गया कि हमले की योजना 2016 से बन रही थी, और इसमें पाकिस्तान की भूमिका स्पष्ट थी। उमर फारूक, जो हमले का मास्टरमाइंड था, 2018 में भारत में घुसपैठ कर चुका था और बाद में मुठभेड़ में मारा गया। 

1994 में मसूद अजहर को भारत ने श्रीनगर से गिरफ्तार किया था। उसे रिहा कराने के लिए जैश ने दिसंबर 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को कंधार में हाईजैक कर लिया गया था। भारत सरकार को यात्रियों की सुरक्षा के बदले मसूद अजहर को रिहा करना पड़ा, जिसके बाद वह पाकिस्तान लौट गया और जैश-ए-मोहम्मद की स्थापना की।

मसूद अजहर भारत में कई बड़े आतंकी हमलों के पीछे मुख्य साजिशकर्ता रहा हैं। उसकी भूमिका विशेष रूप से 2001, 2016 और 2019 के आतंकी हमलों में स्पष्ट रूप से सामने आई है। हालाँकि, 2008 के मुंबई हमले में उसकी सीधी संलिप्तता के प्रमाण नहीं हैं। उसकी गतिविधियों के कारण, संयुक्त राष्ट्र ने उसे 2019 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया।

एक ने सीमा पर दिखाया शौर्य, एक ने उड़ान से बनाई पहचान: कौन हैं कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देश को दिखी नारी शक्ति

पहलगाम हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी प्रेस ब्रीफिंग में दी। इन दोनों सेना के अधिकारियों ने कहा कि भारत की वायु सेना, थल सेना और जल सेना तीनों ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। भारत ने दो महिला अधिकारियों से प्रेस कॉन्फ्रेंस कराकर दुनिया को नारी शक्ति का संदेश भी दिया।

शांति अभियानों का हिस्सा रही हैं सोफिया कुरैशी

प्रेस ब्रीफिंग करने वाली इन दो अधिकारियों में एक हैं कर्नल सोफिया कुरैशी। 17 साल की उम्र में अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होने इंडियन आर्मी ज्वॉइन की। सोफिया का जन्म गुजरात के वड़ोदरा में 1981 में हुआ। वो शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत 1999 में सेना में शामिल हुईं। सोफिया का आर्मी बैकग्राउंड है। उनके दादा आर्मी में थे। सोफिया के पति आर्मी अधिकारी हैं ।

सोफिया सेना के शांति स्थापना अभियानों से जुड़ी रही हैं। उन्होने पंजाब बॉर्डर पर चले ऑपरेशन पराक्रम और उत्तर पूर्व के बाढ़ राहत कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। उनके कार्यों की सराहना की गई। इसके अलावा 18 देशों को मिलाकर पुणे में एक्सरसाइज फोर्स 18 का आयोजन किया गया था। इसमें आसियान देश भी शामिल थे। इस अभियान के 40 अधिकारियों में एकमात्र सोफिया कुरैशी महिला अधिकारी थीं।

व्योमिका की आकांक्षाओं को उड़ान दी वायु सेना ने

अब बात करते हैं विंग कमांडर व्योमिका सिंह की। व्योमिका यानी आकाश से जुड़ा। वायुसेना की अधिकारी व्योमिका बचपन से ही उड़ना चाहती थीं। उनके नाम ने उनकी आकांक्षाओं को और ज्यादा मजबूत किया। उन्होने एससीसी से सफर की शुरुआत की और इंजीनियरिंग करके सेना में शामिल हो गईं। सेना में शामिल होने वाली व्योमिका अपने परिवार की पहली सदस्य हैं। भारतीय वायु सेना में एक हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में कमीशन दिया गया और 2019 में फ्लाइंग ब्रांच में स्थायी कमीशन प्राप्त हुआ। उन्होंने जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर सहित कुछ सबसे कठिन इलाकों में चेतक और चीता जैसे हेलीकॉप्टरों का संचालन किया।

व्योमिका सिंह कई बचाव अभियान का भी हिस्सा रही हैं। 2021 में वह माउंट मणिरंग पर तीनों सेनाओं की महिला पर्वतारोहण अभियान का हिस्सा रहीं। इस अभियान से उन्हें काफी प्रसिद्धि मिली।

अखनूर, रामबन, पंपोर… भारतीय सेना के 3 लड़ाकू विमान गिर गए, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद The Hindu ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ाया आगे: अब खबर डिलीट कर थेथरई पर उतरा

अंग्रेजी समाचार संस्थान The Hindu ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय वायु सेना को लेकर एक फर्जी खबर चलाई है। झूठा साबित होने पर उसने इससे सम्बन्धित पोस्ट डिलीट कर दिया। कुछ देर बाद उसे सफाई भी जारी करनी पड़ी। लेकिन इस बीच उसने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को खूब हवा दी है।

भारत ने 6-7 मई, 2025 की दरम्यानी रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के भीतर 9 आतंकी कैम्प पर हमला किया। भारत ने इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी कैम्पों को निशाना बनाया।

तगड़ी मार खाने के बाद पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा करने लगे। किसी पाकिस्तानी ने दावा किया कि उनके मुल्क ने भारत के 6 लड़ाकू विमान मार गिराए तो किसी पत्रकार ने यह संख्या 3 बताई। इसी पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा में 7 मई, 2025 की सुबह The Hindu भी शामिल हो गया।

The Hindu ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट की। इसमें उसने लिखा, “एक सरकारी कर्मचारी ने यह जानकारी दी है कि जम्मू-कश्मीर के अखनूर, रामबन और पंपोर इलाकों में कम से कम 3 भारतीय विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं।” The Hindu ने बताया कि यह रिपोर्ट उसके लिए डिप्टी एडिटर विजयता सिंह ने लिखी है।

The Hindu ने यह पोस्ट डिलीट कर दी

इसमें उसने एक जगह के 4 फोटो भी लगाए जिसमें कुछ मलबा दिखाई पड़ता है। यह फोटो असल में पुलवामा के वुयान गाँव की थी। The Hindu ने इस मलबे को भारतीय वायुसेना के गिरे हुए विमान बताने का दावा किया। हालाँकि, पोस्ट के तुरंत बाद ही लोग The Hindu की सच्चाई बताने लगे।

The Hindu के दावे के उलट रक्षा विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह कोई गिरा हुआ विमान नहीं बल्कि लड़ाकू विमान में अतिरिक्त ईंधन के लिए लगाए जाने वाले टैंक हैं। उन्होंने बताया कि जिसे The Hindu एयरक्राफ्ट का मलबा बताने का दावा कर रहा है वह संभवतः एयरक्राफ्ट द्वारा गिराया है ताकि उसकी गति बढ़ जाए।

स्पष्ट किया गया कि किसी विमान का अपने ईंधन टैंक गिराना वायुसेना के भीतर एक सामान्य प्रक्रिया है। फजीहत होने के बाद चुपके से The Hindu ने यह ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन इसके बाद भी उसे लोगों ने लताड़ना बंद नहीं किया। The Hindu ने खबर डिलीट करने के बाद भी अपनी ढिठाई नहीं छोड़ी। उसने ना ही कोई माफी माँगी और ना ही स्पष्ट बात की।

The Hindu ने लिखा, “हमने ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय विमानों के बारे में एक पुरानी पोस्ट हटा दी है। भारत की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए हमने अपने प्लेटफॉर्म से उस पोस्ट को हटाने का फैसला किया है। हमें खेद है कि इसने हमारे पाठकों के बीच भ्रम पैदा किया।”

The Hindu भले ही पोस्ट हटा कर गड़बड़ी की बात मान ली हो लेकिन उसने अपने एक ट्वीट से पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का बढ़ाया। उसके इस ट्वीट के आधार पाकिस्तानियों ने भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा किया। The Hindu ने यह खबर बिना वायुसेना से कोई भी आधिकारिक जानकारी लिए और बिना किसी सत्यापन के ही बना दी थी।

पाकिस्तानी ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही कहीं भारतीय विमान गिराने का तो कहीं भारतीय पायलट पकड़ने की फर्जी बातें चला रहे हैं। भारत के बड़े मीडिया संस्थान होने के बाद भी The Hindu ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी और इसी प्रोपेगेंडा विंग का हिस्सा हो गया।

पहले भारत ने पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा, फिर उसके मीडिया के एक-एक प्रोपेगेंडा को किया ध्वस्त: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जवाब में 15 ठिकानों पर हमले की फैला रहा था झूठ

भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी हमला करते हुए मिसाइल स्ट्राइक की। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया गया। इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ नाम दिया गया। इसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। भारत के हमले के बाद से उनके होश उड़े हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया इस कदर पागल हो गई है कि भारत के खिलाफ बेबुनियाद दावे कर रही है।

अब सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर झूठा दावा वायरल हो रहा है। दावा में बताया गया कि कथित तौर पर पाकिस्तान ने भारत के भीतर 15 जगहों पर हमला कर जवाब दिया। कुछ पोस्ट में जानकारी दी गई कि पाकिस्तान वायुसेना द्वारा श्रीनगर एयरबेस पर हमले किया गया, जिसमें भारतीय सेना के ब्रिगेड मुख्यालय और लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया गया है।

इस फर्जी खबर को लेकर कई पोस्ट किए गए। ये पोस्ट अधिकतर ऐसे अकाउंट्स से किए गए हैं, जो एक्स पर ब्लू टिक लिए हैं। इनके हजारों-लाखों फॉलोवर्स हैं। ये सभी अकाउंट्स पहले पाकिस्तान के मीडिया विंग (ISPR) से जुड़े रह चुके हैं।

इससे साफ है कि पाकिस्तानी मीडिया भारत के मिसाइल स्ट्राइक से घबरा गई है। अब वह भारत के लोगों में भय फैलाने के लिए ऐसी भ्रामक जानकारी फैला रही है। खुद पाकिस्तान की मीडिया बिरादरी भी इस झूठ को फैलाने में जुट गई, बिना किसी वास्तविक सबूत के।

खुद को फेमिनिस्ट और पाकिस्तानी मीडिया में पत्रकार बताने वाली एक्स यूजर गरीदाह फारूकी ने वीडियो शेयर कर लिखा, “भारत का ब्रिगेड मुख्यालय पाकिस्तान द्वारा नष्ट कर दिया गया!!! फुटेज : अल्लाह ओ अकबर !!!!”

खुद को मीडिया से जुड़ा बताने वाली बिया खान ने भी ऐसा ही ट्वीट किया और BJP-RSS पर तंज भी कसा। बिया खान ने लिखा, “पाकिस्तान ने भारतीय ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किय। हम हिंदुस्तान को इतना पछतावा कराएँगे कि बीजेपी और आरएसएस के कट्टरपंथियों को अपने चेहरा छिपाने के लिए कोई जगह नहीं मिलेगी। पाकिस्तान आर्मी जिंदाबाद”

इस सभी पोस्ट में पाकिस्तान की जीत के भ्रामक दावे किए गए। यही नहीं, इन पोस्ट के साथ फर्जी वीडियो भी शेयर किए, जो काफी पुराने और दूसरी जगहों के हैं। ये वीडियो इसलिए शेयर किए जा रहे, ताकि पाकिस्तान की जनता जीत के भ्रम में रहे और फौजी नेतृत्व पर कोई उंगली न उठे। इन पोस्ट्स का हकीकत से कोई वास्ता नहीं।

बहरहाल, इन फर्जी पोस्ट्स को लेकर प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने फैक्ट चेक किया। पीआईबी ने बताया कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे फर्जी दावे जिसमें पाकिस्तान द्वारा भारत ब्रिगेड मुख्यालय को तबाह करने की जानकारी दी जा रही है। यह दावे पूरी तरह से बेबुनियाद और फर्जी हैं।

PIB ने यह भी कहा कि ऐसी भ्रामक खबरों से बचें। बिना जाँच से कोई भी जानकारी साझा न करें। बताया गया कि सटीक जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के अधिकारिक सूत्रों पर ही विश्वास करें।

क्या है असलियत ?

  • भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दिया। भारतीय सेनाओं ने बुधवार तड़के (7 मई, 2025) को पाकिस्तान में ऑपरेशन सिन्दूर चला कर 9 जगह आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है और उन्हें तबाह कर दिया है।

भारत ने 5 जगह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर और 4 जगह पाकिस्तान के भीतर हमले किए हैं। भारत ने यह कोटली, मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके, भिंबर, गुलपुर, सियालकोट, बाग और चक अम्मू इलाके में किए हैं। इन हमलों के लिए सेना और वायुसेना ने मिसाइलें दागी हैं।

इसको तुरंत भेजो पाकिस्तान… ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कॉन्ग्रेस नेता राशिद अल्वी ने उठाए सवाल, लोग बयान सुन कॉन्ग्रेसियों पर भड़के

कॉन्ग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है। अल्वी ने पूछा कि क्या इस ऑपरेशन में हर एक आतंकवादी मारा गया और क्या अब पहलगाम जैसे हमले दोबारा नहीं होंगे।

राशिद अल्वी ने कहा, “हमारी सेना ने सरकार के आदेश का पालन किया, लेकिन ये न्यूनतम जवाब है। क्या सभी आतंकवादी खत्म हुए? पीएम मोदी ने कहा था कि आतंकवादियों का नामोनिशान मिटा देंगे, अगर ऐसा हुआ तो अच्छा है।” अल्वी का ये बयान कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के रुख से अलग है, जिसने ऑपरेशन की तारीफ की थी। यही नहीं, राशिद अल्वी सर्जिकल स्ट्राइक पर भी सबूत माँग चुके हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पाक-अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इनमें बहावलपुर, मुरीदके और सियालकोट जैसे इलाके शामिल थे, जहाँ जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बड़े आतंकी सरगनाओं को निशाना बनाया गया। सभी हमले सफल रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रातभर इसकी निगरानी की। ये ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था।

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा, “हमारी सेना ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की। कॉन्ग्रेस हमेशा राष्ट्रीय एकता और सेना के साथ खड़ी है।”

खरगे ने यह भी कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के दिन से भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस स्पष्ट रूप से सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कोई भी निर्णायक कार्रवाई करने के लिए सशस्त्र बलों और सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय एकता और एकजुटता समय की माँग है और भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस हमारे सशस्त्र बलों के साथ खड़ी है। हमारे नेताओं ने अतीत में रास्ता दिखाया है और राष्ट्रीय हित हमारे लिए सर्वोच्च है।”

लेकिन अल्वी के बयान ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल उठाए हैं। उनके बयान को कुछ लोग सेना के मनोबल को कमजोर करने वाला मान रहे हैं। अल्वी का ये रवैया नया नहीं है; वे पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत माँग चुके हैं।

इस ऑपरेशन को देशभर में समर्थन मिल रहा है, लेकिन अल्वी जैसे नेताओं के बयान से कॉन्ग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठ रहे हैं।

स्क्रीनशॉट X-ANI

कुछ लोगों ने तो सीधे कह दिया कि इसे (राशिद अल्वी को) तुरंत पाकिस्तान भेज देना चाहिए।

राफेल, सुखोई-30, SCALP मिसाइल, HAMMER बम… जानिए उन ‘हथियारों’ के बारे में, जिन्होंने पाकिस्तान को समझा दी ‘सिंदूर की कीमत’

भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर के जरिए ले लिया है। भारत ने पाकिस्तान के भीतर 9 जगह हमला करके आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए हैं। भारत ने इन हमलों में 80 से अधिक आतंकी मार गिराए हैं। भारत ने पाकिस्तान के भीतर यह हमले एयर फ़ोर्स, थल सेना तथा नौसेना के जरिए किए हैं।

भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद, कोटली, भीम्बर समेत पाकिस्तान के बहावलपुर, सियालकोट, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग सेंटर उड़ाए हैं। भारत ने इस स्ट्राइक के लिए राफेल और सुखोई-30 जैसे विमानों का इस्तेमाल किया है।

कैसे हुआ हमला?

इस हमले के विषय में बताया गया है कि भारत ने इसके लिए सीमा पर नहीं की है। बताया गया है कि पाकिस्तान में पर हमले को भारतीय जमीन से ही अंजाम किया गया है। इसके लिए भारतीय लड़ाकू विमानों ने भारतीय हवाई सीमा में रहते हुए ही यह मिसाइल और लॉन्च किए हैं।

सेना और नौसेना की भी भागीदारी इस हमले में बताई गई है। बताया गया है कि सेना ने लम्बी दूरी की मिसाइलें इस्तेमाल की और पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने उड़ा दिए। वहीं नौसेना ने लोइटरिंग म्युनिशन (उड़ने वाले बम) पाकिस्तान पर चलाए।

वहीं वायु सेना ने अपने फाइटर जेट इस हमले के लिए इस्तेमाल किए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के लिए लिए वायु सेना ने SCALP मिसाइल और HAMMER बम का इस्तेमाल किया है। यह बम राफेल विमान से चलाए गए थे। इनका निशाना पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने थे और इन्होने अपना काम पूरा कर दिया।

कितनी घातक SCALP मिसाइल?

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए इस्तेमाल की गई SCALP एक क्रूज मिसाइल है। यह लड़ाकू विमानों से लॉन्च की जाती है और इसकी रेंज 250 किलोमीटर तक है। भारत ने इसे राफेल विमान के साथ खरीदा था। यह मिसाइल यूरोप की MBDA कम्पनी बनाती है।

इसकी विशेष क्षमता है कि यह रात में और खराब माहौल में भी चल सकती है। यह लगभग 500 किलो तक विस्फोटक ले जा सकती है। SCALP लगभग 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है। इसकी एक और खासियत है कि यह अपने निशाने तक खुद पहुँचती है।

इस मिसाइल में ऐसे कंप्यूटर और तकनीकें लगी हुई हैं जो अपने निशाने तक GPS सिस्टम का इस्तेमाल करके पहुँचती हैं। इसमें कैमरे भी लगे हुए हैं और यह हमला करने से पहले यह स्पष्ट करती है कि निशाना वही है जो बताया गया है। भारत के अलावा इसका इस्तेमाल ब्रिटेन और फ्रांस समेत कई देश करते हैं।

इस मिसाइल का इस्तेमाल संभवतः उन निशानों को तबाह करने के लिए किया गया, जो पाकिस्तान के अधिक अंदर थे। मुरीदके एक ऐसा ही निशाना था। यह स्पष्ट नहीं है कि इस ठिकाने को उड़ाने के लिए इसी मिसाइल का इस्तेमाल हुआ है।

HAMMER ने चलाया आतंक पर हथौड़ा

पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर करने के लिए HAMMER बमों का इस्तेमाल भी किया गया है। HAMMER एक तरह का सिस्टम है जो 1000 किलो तक के बम पर इंस्टाल किया जाता है। यह एयर टू ग्राउंड यानी हवा से जमीन में मार करने वाला वाला सिस्टम है। यह लगभग 70 किलोमीटर तक मार करता है।

HAMMER की खासियत इसकी विनाशकारी क्षमता है। यह ऐसी जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है जहाँ दुश्मन कंक्रीट के मजबूत बंकर और इमारतें बनाकर बैठा हो। भारत ने सीमा से नजदीक के ठिकाने संभवत: इसी ठिकाने से उड़ाए हैं। जिन ठिकानों को पाकिस्तान ने मजबूती से छुपा रखा था, वह भी इस बम के चलते नष्ट हुए बताए गए हैं।

HAMMER बम को जाम नहीं किया जा सकता और इसे पकड़ पाना भी मुश्किल है। इसका इस्तेमाल यूक्रेन-रूस संघर्ष में भी हुआ था। भारत ने और भी कई हथियार इस हमले में उपयोग किए हैं, इनकी जानकारी सामने नहीं आई है। इस हमले में 80 से अधिक आंतकियों के मारे जाने की सूचना है।

ऑपरेशन सिंदूर की तस्वीरें-वीडियो सेना ने दिखाई, POK-पाकिस्तान के 21 कैम्प भी बताए: कहा- किसी नागरिक को नुकसान नहीं पहुँचाया, लेकिन पाक फ़ौज ने कोई ‘मूर्खता’ की तो देंगे जवाब

6-7 मई, 2025 की रात को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सरकार ने आधिकारिक जानकारी दी है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ सेना और वायुसेना की 2 महिला अफसरों ने इस विषय में नई दिल्ली में 7 मई, 2025 की सुबह आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी है। उन्होंने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमले के फोटो-वीडियो भी दिखाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस स्ट्राइक के दौरान ध्यान रखा गया कि किसी नागरिक को नुकसान ना पहुँचे।

विदेश सचिव ने क्या बताया?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले पहलगाम हमले के जवाब में की गई इस एयर स्ट्राइक के विषय में जानकारी विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमला, 2008 के मुंबई हमले के बाद सबसे गंभीर घटना थी। उन्होंने इसे एक बर्बरतापूर्ण हमला बताया और कहा कि यह जम्मू कश्मीर की शांति बाधित करने के लिए किया गया था।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस हमले का उद्देश्य पर्यटन उद्योग को खराब करने का था। देश के शीर्ष राजनयिक मिसरी ने बताया कि इस हमले की जिम्मेदारी लेने वाला संगठन TRF था जो कि लश्कर-ए -तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों का मुखौटा है। नीचे लगे वीडियो में इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस को देखा जा सकता है।

मिसरी ने कहा कि देश में आक्रोश के चलते यह जरूरी था कि इसका जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पहलगाम हमले के 15 दिन बाद भी कोई एक्शन पाकिस्तान ने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर और अपनी जमीन के भीतर बनाए गए आतंक के ठिकानों पर नहीं लिया था और यहाँ से भारत पर और हमले होने वाले थे।

उन्होंने कहा कि इसी के चलते भारत ने सीमापार हमलों का जवाब देने के अधिकार का प्रयोग किया है। विदेश सचिव मिसरी ने इस कार्रवाई को नपी-तुली और विवाद को बढ़ावा ना देने वाली बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस हमले के दौरान नागरिकों को नुकसान ना पहुँचाने का विशेष ध्यान रखा गया।

सेना और वायुसेना ने क्या कहा?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर के विषय में जानकारी देने के लिए सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह को चुना गया था। कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर सिंह ने बताया कि बीते तीन दशकों से लगातार पाकिस्तान में आतंकी कैम्प चल रहे हैं। इन्हें तबाह करने के लिए 9 ठिकानों को 6-7 मई की दरम्यानी रात को निशाना बनाया गया।

उन्होंने इन कैम्प के विषय में भी बताया। दोनों अफसरों ने बताया कि यह आतंकी कैम्प पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर के सवाई नाला से लेकर दक्षिण में बहावलपुर तक फैले हुए हैं। उन्होंने 21 ऐसे कैम्प के विषय में जानकारी दी। उनकी सूची भी दिखाई गई। दोनों सैन्य अफसरों ने बताया कि रात 1 बजे से 1:30 बजे के बीच यह हमले किए गए।

उन्होंने बताया कि सवाई नाला कैम्प LOC से 30 किलोमीटर दूर है। उन्होंने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा के इस कैम्प से गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग में हमला करने वाले आतंकी ट्रेन किए गए थे। कर्नल कुरैशी ने बताया कि सैयदना बिलाल कैम्प भी मुजफ्फराबाद में स्थित है और यहाँ हथियार रखे जाते। उन्होंने बताया कि यहाँ से आतंकियों को भारत भेजा जाता था।

कर्नल सोफिया ने बताया कि कोटली कैम्प भी यही काम करता था। उन्होंने कोटली पर हमले की फुटेज भी दिखाई जो संभवत किसी एयरक्राफ्ट के कॉकपिट से ली गई है। इसमें एक जगह से धुआँ उठता दिखता है। उन्होंने पाकिस्तान के अंदर के भी आतंकी कैम्प के विषय में बताया।

कर्नल सोफिया ने मेहमूना जोया कैम्प पर हुए हमले की फुटेज भी दिखाई। इसमें भी एक हवाई हथियार तेजी से इस कैम्प की तरफ जाता दिखाई देता है। इसके अलावा मुरीदके के लश्कर हेडक्वार्टर पर हमले की वीडियो भी दिखाई गई। यह भी बताया गया कि इस पर 4 बार हमला किया गया है। इसमें इस कैम्प को काफी तबाही पहुँची है।

सेना ने स्पष्ट किया है कि इस हमले में किसी भी नागरिक क्षति की सूचना नहीं आई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत ने संयम भी दिखाया है और अगर पाकिस्तान अब कोई हमला करता है तो उसे तगड़ा जवाब दिया जाएगा।