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पहलगाम में इस्लामी आतंकियों ने धर्म पूछ उजाड़े थे सुहाग, भारतीय सेना ने ‘सिंदूर’ से भरे घाव: विधवाएँ बोलीं- बदला लेने के लिए धन्यवाद PM मोदी, आज मिली सच्ची श्रद्धांजलि

पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने बुधवार (7 मई 2025) रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इस ऑपरेशन के दौरान सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा समेत कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा गया।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पहलगाम के बैसारन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को आतंकी हमला हुआ। चुन-चुन कर हिंदुओं की जान ली गई। हिंदुओं से उनके नाम, उनकी पहचान के प्रमाण पत्र मांगे गए और यहाँ तक कि उनके कपड़े उतार कर हिंदू होने की जाँच की गई।

कुल 24 हिंदुओं समेत 28 लोगों की जान ले ली गई। आतंकवादियों ने सिर्फ पुरुषों को मारा और महिलाओं से कहा, “जाकर मोदी को बता देना।” इनमें से कुछ महिलाओं का विवाह इस घटना से कुछ ही दिन पहले हुआ था। कई पुरुष तो हनीमून के दौरान मारे गए।

इस आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके ठीक 15 दिन बाद 7 मई, 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान में चल रहे 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस मिशन का नाम ‘सिंदूर’ रखने के पीछे भी कारण था।

आतंकियों ने जिन हिंदू स्त्रियों के मांग का सिंदूर उजाड़ा था, भारतीय सेना उन आतंकियों का अस्तित्व ही उजाड़ दिया। इस बदले के बारे में जानकर उन महिलाओं ने भारत सरकार का आभार जताया है और अपने पतियों के लिए इस ऑपरेशन को असली श्रद्धांजलि बताया है।

इस हमले में पुणे के संतोष जगदाले को इस्लामी आतंकियों ने धर्म पूछ कर मार दिया था। उनकी पत्नी प्रगति जगदाले ने इसके बाद कहा कि जिन बेटियों के माँग से सिंदूर उन आतंकियों ने उजाड़ा था, उसका यह बिल्कुल सटीक बदला लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि इस ऑपरेशन का नाम सुनते ही मेरी आँखों में आंसू आ गए, उन्होंने इसके लिए सरकार का धन्यवाद किया है।

वहीं संतोष की बेटी असावरी जगदाले ने कहा कि इस ऑपरेशन सिंदूर के बारे में उन्हें न्यूज़ चैनल के माध्यम से पता चला। असावरी ने कहा, “मिशन का नाम सुनकर मैं बहुत रो रही थी। मुझे याद है कि हमले के बाद जब गृहमंत्री अमित शाह श्रीनगर आए थे तब सभी ने कहा था कि हम भारत की बहनें हैं और हमारे पतियों को छीन लिया गया।”

उन्होंने आगे कहा, “शायद इसी वजह से मिशन का ये नाम रखा गया होगा। जितने लोग उसे हमले में वीरगति को प्राप्त हुए हैं, मुझे लगता है कि उनकी मौत का सही बदला लिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मैं इस बात के लिए धन्यवाद करती हूँ।”

इस हमले में पुणे के कौस्तुभ गणबोटे को भी मार दिया गया था। कौस्तुभ गणबोटे की पत्नी संगीता ने कहा, “पीएम मोदी ने इस मिशन का नाम सिंदूर रख कर महिलाओं का सम्मान किया है। हमले वाले दिन को याद कर मैं आज भी रोती हूँ। हम इंतजार कर रहे थे कि प्रधानमंत्री मोदी क्या एक्शन लेंगे और उन्होंने मुंहतोड़ जवाब दिया है। आतंकियों को तो जड़ से मिटा देना चाहिए।”

कानपुर में रहने वाले शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने कहा, “मेरे पति का बदला लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत धन्यवाद करती हूँ। पूरे परिवार को उन पर भरोसा था। उन्होंने हमारे विश्वास को जिंदा रखा है। मेरे पति को असली श्रद्धांजलि आज मिली है। वह जहाँ भी होंगे आज उन्हें सुकून मिला होगा।”

कर्नाटक के मंजूनाथ को भी इस्लामी आतंकियों ने मार दिया था। वह कर्नाटक के शिवमोगा के रहने वाले थे। मंजूनाथ राव की माँ सुमथी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस मिशन के लिए सबसे अच्छा नाम है। हमें आशा थी कि प्रधानमंत्री मोदी के हमारे बच्चों की मृत्यु का बेहतर जवाब देंगे और उन्होंने इसका अच्छा एक्शन लिया है।

यह हमला बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, सवाई कैंप, बिलाल कैंप, कोताली कैंप, बरनाला कैंप, सरजल कैंप और महमूना कैंप पर एयर स्ट्राइक की गई है। इस हमले में 80 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी मारे जाने की सूचना है।

भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इस ऑपरेशन के बाद लिखा- न्याय हुआ, जय हिंद। भारत सरकार ने बताया है कि उसने किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है। इस मिशन से बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ-राजौरी में गोलीबारी की है। इससे वहाँ पर 34 लोग घायल हो गए और 6 लोगों की मौत हो गई है।

हिंदू बन कोचिंग चला रहा था असलम, लाइब्रेरी में लड़कियों से रेप कर बना लेता था Video: पहचान छिपाने के लिए लगा रखी थी भगवान की तस्वीर, खुद को बताता था महाकाल का भक्त

मध्य प्रदेश के मुरैना में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कोचिंग सेंटर के संचालक ‘असलम’ ने हिंदू बनकर छात्राओं को प्रेम जाल में फँसाया। असलम ने अपना नाम ‘अभी’ बताया था। असलम पर कोचिंग में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें वायरल करने का आरोप लगा है। पुलिस ने मुख्य आरोपित असलम खान और उसके एक सहयोगी छात्र को मंगलवार (6 मई 2025) को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें, कि आरोपित असलम खान, जिसने अपना नाम बदलकर ‘अभी’ रख लिया था, मुरैना में ढाई साल से ‘इंसानियत कंप्यूटर कोचिंग’ के नाम से एक सेंटर चला रहा था। आरोप है कि असलम ने इन छात्राओं के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उनके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद आरोपित ने इन अश्लील वीडियो को वायरल कर दिया।

आरोपित असलम हिंदू छात्राओं के साथ गलत काम करने के लिए उन्हें लाइब्रेरी में ले जाता था। जो छात्रा इस हरकत का विरोध करती थी, उन्हें असलम उनकी वीडियो दिखाकर वायरल करने की धमकी देता था। कुछ छात्राएं बदनामी के डर से चुप रहती थी, लेकिन उनमें से एक छात्रा ने अपने परिजनों को इस हरकत की जानकारी दी। पीड़िता के परिजनों ने हिंदू जागरण मंच के प्रभारी देवेन्द्र मुदगल को सूचित किया। जिसके बाद हिंदू जागरण मंच के कुछ साथियों ने आरोपित असलम को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।

पुलिस के अनुसार, लगभग दो दर्जन से अधिक वीडियो वायरल किए गए हैं। आरोपित का एक सहयोगी छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर पहरा देता था, जबकि असलम अंदर छात्राओं के साथ गलत काम करता था। कोतवाली पुलिस ने असलम खान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। साथी का कहना है कि उसने असलम को तीन से चार लड़कियों के साथ गलत काम करते हुए अपनी आँखों से देखा था। पुलिस को मौके से असलम खान के नाम का आधार कार्ड और फीस के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला बारकोड से जुड़ा बैंक खाता भी मिला है।

असलम खान मूल रूप से भिंड जिले का रहने वाला है और उसने हाल ही में मुरैना आकर अपना नाम ‘अभी’ रख लिया था। कोचिंग में असलम ने भगवान शिव की फोटो लगा रखी थी, जिससे लोगों को शक ना हो, कि असलम मुस्लिम है और आसानी से हिंदू छात्राओं को फँसा सके। असलम खुद को महाकाल का भक्त बताता था। इसके अलावा असलम कोचिंग के बोर्ड पर हर दिन शिव महिमा लिखता था।

जानकारी के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी प्रदीप शर्मा भी इस कंप्यूटर सेंटर में असलम का पार्टनर था। कुछ छात्रों ने प्रदीप को असलम की हरकतों के बारे में बताया था। प्रदीप ने सेंटर पर लगे हिडन कैमरे से 1 से 4 मई 2025 तक की रिकॉर्डिंग निकाली, जिसमें उसे आपत्तिजनक दृश्य दिखाई दिए। इससे पहले की रिकॉर्डिंग असलम ने हटा दी थी।

विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने इस घटना को ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है और आरोप लगाया है कि असलम एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हो सकता है जो हिंदू लड़कियों को निशाना बनाता है। बता दें, कि असलम खान का पिता मोहम्मद खान इंसानियत फाउण्डेशन ग्रुप से जुड़ा है। उसी नाम का सहारा लेकर असलम ने कोचिंग का नाम इंसानियत पर रखा। असलम खान का नेटवर्क ना केवल भिण्ड या मुरैना तक सीमित है, बल्कि बाहरी देशों में भी है। असलम खान हिंदू छात्राओं का ब्रेन वॉश कर इस्माल धर्म कबूलने के लिए मजबूर करता था, जिसकी सूचना छात्रों ने अपने घरवालों को दी थी।

वहीं मुरैना के सीएसपी ने बताया कि आरोपित के फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो मिले है, जिसमें वो छात्राओं के साथ लाइब्रेरी में अश्लील हरकत करते हुए नजर आ रहा है। पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि और कितनी लड़कियाँ इस घटना का शिकार हुई हैं?

माँ-बाप के साथ गई कलियर शरीफ मजार पर, आबिद ने अगवा कर बनाया मुस्लिम… गोदाम में बंद कर 6 साल तक रेप, फिर नोचने के लिए कय्यूम को सौंप दिया: 12 साल बाद हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के बागपत से सनसनीखेज खबर सामने आई है। युवती ने कई सालों से हो रहे अत्याचार की आपबीती पुलिस को बताई है। पीड़िता सिर्फ 18 साल की है और चार बच्चों की माँ बन चुकी है। पीड़िता जब 6 साल की थी तो उसका कलिया शरीफ मजार से अपहरण कर लिया गया। इसके बाद कई सालों तक रेप हुआ और धर्म परिवर्तन भी करा दिया गया।

पीड़िता ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। पुलिस की दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता ने कलियर शरीफ मजार पहुँचने की जानकारी दी। बताया कि जब वह 6 साल की थी तो अपने परिजनों के साथ कलियर शरीफ मजार आई थी। रात में वहीं माता-पिता के साथ सो रही थी। तभी उसको आबिद नाम का युवक उठा कर ले गया। उसने पीड़िता को गाजियाबाद के लोनी शहर में एक कोयले के गोदाम में बँधक बनाकर रखा हुआ था।

पीड़िता ने आगे बताया कि गोदाम में आबिद के साथ शबाना और शानू भी शामिल थे। लगातार 6 साल तक तीनों ने पीड़िता को बँधक बनाकर रखा। पीड़िता के 12 साल की होने पर उसे कययूम को बेच दिया। पीड़िता के विरोध जताने पर कययूम से कहकर उसका बलात्कार कराया। इस कृत्य का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया। फिर लगातार उसी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने लगे। आठ महीने पहले ही कययूम की मौत हुई है।

इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। तब आरोपित ने उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। पीड़िता रोजाना मारपीट और रेप का शिकार बनती रही। इस दौरान उसने चार बच्चों को जन्म दिया, जिसमें से दो बच्चों को शबाना और शानू उठाकर ले गए।

पीड़िता ने बताया कि वह मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक गाँव की रहने वाली है। अब वह 18 साल की हो चुकी है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत करते हुए आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

वहीं, पुलिस का कहना है कि पीड़िता का शिकायती पत्र मिला है। मामले की जाँच जारी है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। मध्य प्रदेश पुलिस से संपर्क साधने की कोशिश जारी है। जल्द ही आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

सुभान अल्लाह… जानिए इस्लामी आतंकवाद के कौन-कौन से ‘मरकज’ हुए ध्वस्त, कितने ढेर: मुजफ्फराबाद से लेकर सियालकोट तक किन-किन जगहों पर भारतीय सेना का एयर स्ट्राइक

भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब दे दिया है। भारतीय सेनाओं ने बुधवार तड़के (7 मई, 2025) को पाकिस्तान में ऑपरेशन सिन्दूर चला कर 9 जगह आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है और उन्हें तबाह कर दिया है। 

भारत ने 5 जगह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर और 4 जगह पाकिस्तान के भीतर हमले किए हैं। भारत ने यह कोटली, मुजफ्फराबाद, बहावलपुर, मुरीदके, भिंबर, गुलपुर, सियालकोट, बाग और चक अम्मू इलाके में किए हैं। इन हमलों के लिए सेना और वायुसेना ने मिसाइलें दागी हैं। नीचे जानिए कौन से निशाने भारत ने उड़ाए हैं।

मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर

ANI ने बताया है कि मरकज़ सुभान अल्लाह बहावलपुर के बाहरी इलाके में नेशनल हाइवे-5 (कराची-तोरखम हाईवे) पर स्थित है। यहाँ जैश-ए-मोहम्मद 15 एकड़ में ट्रेनिंग कैम्प चलाता है यह मरकज़ जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर है। यहाँ पुलवामा हमले की प्लानिंग की गई थी।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मरकज़ में जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी सरगना मौलाना मसूद अज़हर, जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर और बाक़ी सभी रहते हैं। यहाँ पर तैराकी, घुड़सवारी और आतंक से सम्बंधित बाकी ट्रेनिंग दी जाती है। यह 2015 से ही एक्टिव है। इसके लिए अरब देशों से फंडिंग जुटाई गई थी।

यहाँ नवम्बर, 2024 में मौलाना मसूद अजहर भी आया था। उसने इस दौरान बाबरी मस्जिद का बदला लेने की बात कही थी। सेना के इस हमले में यह ठिकाने तबाह हो गए हैं। यहाँ पर हमले क चलते कई ट्रेनिंग ले रहे आतंकी हताहत हुए हैं।

मरकज तालिबा, मुरीदके

मरकज तालिबा को लश्कर-ए-तैयबा ने वर्ष 2000 में स्थापित किया था। नांगल साहदान, मुरीदके, शेखपुरा, पंजाब, पाकिस्तान में स्थित है। यह 82 एकड़ में फैला है, इसमें मदरसा, आतंकियों के रहने की जगह मछली फार्म और कृषि भूमि तक हैं।

यहाँ हथियार और शारीक ट्रेनिंग दी जाती है, इसके अलावा यहाँ ब्रेनवॉश के लिए भी मौलाना भड़काया करते हैं। यहाँ हर वर्ष 1000 जिहादी भर्ती किए जाते हैं। लश्कर और जमात उद दावा यहाँ काम करते हैं। यहाँ ओसामा बिन लादेन ने भी निर्माण के लिए लगभग ₹82 करोड़ दिए थे। यहाँ दाउद हेडली और तहव्वुर राणा जैसे आतंकी भी ट्रेन किए गए हैं।

मेहमूना कैम्प, सियालकोट

मेहमूना में हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम) का कैम्प है। यह पाकिस्तान के पंजाब के सियालकोट जिले में है। यहाँ आईएसआई ने इस छुपाने के साथ में ही सरकारी इमारतें बनाई हैं। इस कैम्प का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए किया जाता है।

इसका मुखिया मोहम्मद इरफान खान उर्फ ​​इरफान टांडा है। इरफ़ान कई हमले भारत में करवा चुका है। 26 जनवरी 1995 को जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में इरफान टांडा द्वारा किए गए बम धमाकों में 8 लोग मारे गए थे और 50 लोग घायल हुए थे।

यहाँ से आतंकी अत्ता अल रहमान अल्फेजी उर्फ ​​अबू लाला और माज़ भाई भी काम करते हैं। यहाँ वर्तमान में 20-25 आतंकियों की मौजूदगी बताई गई है। इसे भी सेना ने उड़ा दिया है। यहाँ भी बड़ा नुकसान आतंकियों को हुआ है।

मरकज अहले हदीस, POJK

मरकज अहले हदीस पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग कैम्प के तौर पर काम करता है। इसका इस्तेमाल पुंछ-राजौरी-रियासी सेक्टर में आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए होता है। यह मरकज़ बरनाला शहर के बाहरी इलाके में है।

लश्कर के आतंकी कासिम गुज्जर उर्फ ​​महरोर, कासिम खंडा, अनस जरार यहाँ मौजूद रहते हैं। हैंकासिम गुज्जर और खुबैब पर भारत सरकार ने UAPA लगाया हुआ है। यहीं से आए आतंकियों ने रियासी में आतंकी हमला किया था और 9 हिन्दू तीर्थयात्रियों को मार दिया था।

सरजाल आतंकी कैम्प, नरोवाल

पाकिस्तान के शकरगढ़ जिले में स्थित सरजाल आतंकी कैम्प का इस्तेमाल भी जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ के होता है। यह जैश-ए-मोहम्मद की मुख्य लॉन्चिंग साइट है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर के अंदर स्थित है ताकि इस पर जवाबी कार्रवाई ना हो सके।

यह जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 06 किलोमीटर की दूरी पर है। यह सुरंगों की खुदाई के लिए बेस के रूप में कार्य करती है। सरजाल ड्रोन लॉन्चिंग बेस के रूप में भी काम करती है, इससे नशीले पदार्थ और हथियार भारत में गिराए जाते हैं। यह भी भारत ने स्ट्राइक में उड़ा दी है।

मरकज अब्बास, कोटली, POJK

मरकज अब्बास पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में स्थित है। यहाँ लगभग 100 से अधिक जैश ए मुहम्मद के आतंकी रहते हैं। इसका इस्तेमाल भी जम्मू कश्मीर में घुसपैठ के लिए होता है। यहाँ काजी जर्रार और काजी माज जैसे आतंकी रहते हैं। इसे भी सेना ने एक मिसाइल हमले में तबाह कर दिया है।

मरकज राहिल शहीद, कोटली, POJK

मरकज राहिल शहीद भी पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में स्थित है। यह भी कोटली इलाके में है। यह हिजबुल मुजाहिदीनका एक ठिकाना है। यह सूनसान इलाके में मौजूद है। इसमें चार कमरे हैं जिनका उपयोग हथियार और आतंकियों को ठहराने के लिए होता है। इसे पाकिस्तान ने एक विशेष बिजली लाइन दे रखी है।

इसमें करीब 150-200 हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकवादी रह सकते हैं। इस शिविर में आमतौर पर करीब 25-30 हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकवादी मौजूद रहते हैं और यहां आयोजित आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी करते हैं। हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी खास तौर पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग के लिए इस कैंप में आते हैं। यहाँ स्नाइपर ट्रेनिंग भी होती है।

भारतीय सेनाओं के हमले में यह भी नष्ट कर दिया गया है।

सवाई नाला कैंप, मुजफ्फराबाद

पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शवाई नाला कैंप को भी भारत ने तबाह किया है। यह लश्कर का एक कैम्प है। यह कैंप 2000 से चल रहा है। यहाँ लश्कर का एक मदरसा और करीब 40 कमरे हैं।शवाई नाला कैंप लश्कर के आतंकवादियों के लिए एक बड़ा ठिकाना है। यहाँ ट्रेनिंग भी होती है।

यहाँ दौरा ए आम यानी ब्रेनवाश होता है। जीपीएस, राइफलों और ग्रेनेड के लिए हथियार ट्रेनिंग दी जाती है। लश्कर सरगना हाफ़िज़ सईद भी कैम्प में रह चुका है। लश्कर के इस कैम्प में पाकिस्तान की ISI भी आतंकियों को ट्रेनिंग देती है।

रिपोर्ट्स में सामने आया है कि ऑपरेशन सिंदूर में 80 आतंकी मार गिराए गए हैं। सबसे बड़ा नुकसान बहावलपुर और मुरीदके को पहुँचाया गया है। बताया गया है कि बहावलपुर में 30 मौतें हुई हैं। पाकिस्तान से हमले के बाद की कई वीडियो सामने आई हैं।

इनमें दिखता है कि आधी रात को पाकिस्तान में मिसाइलें गिर रही हैं और आग के शोले उठ रहे हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि सेनाओं ने एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान जम्मू कश्मीर की हवाई सीमाओं में मार गिराया है। इसके अखनूर के पास गिरने की सूचना है।

पाकिस्तान के अस्पतालों में भगदड़ की स्थिति बनी हुई है, इसकी वीडियो भी सामने आई हैं। भारत ने इस आतंक विरोधी अभियान का नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा है। यह नाम उन महिलाओं के सम्मान में रखा गया है, जिनके पतियों को उनके सामने इस्लामी आतंकियों ने पहलगाम में बर्बरतापूर्वक धर्म पूछने के बाद मार दिया था। 

भारतीय सेनाएँ इस विषय पर 6 मई को सुबह 10 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली हैं। यहाँ वह इस हमले की पूरी जानकारी देंगी।

भारत ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक किया, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी अमेरिका समेत कई देशों को दी, कहा- पाकिस्तान टारगेट नहीं, आतंकवादियों पर हमला

भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकी ठिकाने को तबाह कर दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने पीओके के अलावा बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में ठिकानों को निशाना बनाया है। इसमें लश्कर ए तैय्यबा के ज्यादातर ठिकाने हैं। भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान थर्रा उठा है।

आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना, रक्षा मंत्रालय और भारत सरकार तीनों ने आधिकारिक बयान जारी कर दुनिया को जानकारी दी है। इसमें कहा गया है कि भारतीय एक्शन आतंकवाद के खिलाफ है। इसमें पाकिस्तान की सैन्य सुविधाओं को टारगेट नहीं किया गया है। पड़ोसी मुल्क के साथ संघर्ष को बढ़ाना इसका मकसद नहीं है।

आतंकियों के ठिकानों पर भारत के एक्शन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- ‘भारत माता की जय’।

हालाँकि पाकिस्तान एलओसी पर लगातार गोलाबारी कर रहा है। पाकिस्तान ने एयर स्ट्राइक की बात कबूली है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा है कि कश्मीर में आतंकवादी हमले के मद्देनजर दोनों देशों के बीच तनाव को देखते हुए भारत ने कोटली, बहावलपुर और मुजफ्फराबाद में मिसाइल से हमले किए।

पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और लाहौर हवाई अड्डों पर आने-जानेवाली सभी उड़ानें अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं।

भारतीय एयर स्ट्राइक के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत की। वॉशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी बयान में कहा गया कि अजीत डोभाल ने उन्हें पाकिस्तान में की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी दी।

भारतीय हमलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा, ” हमने इसके बारे में अभी-अभी सुना, जब हम ओवल ऑफिस में दाखिल हो रहे थे। लगता है कुछ लोगों को पहले से अंदेशा था कि कुछ होने वाला है, शायद अतीत की घटनाओं के आधार पर भारत और पाकिस्तान लंबे समय से लड़ते आ रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह तनाव जल्द से जल्द समाप्त हो जाएगा।”

भारत ने पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा: ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के तहत 9 ठिकानों पर मार गिराए कई आतंकी, Pak ने घोषित किया आपातकाल

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को आतंकियों द्वारा 26 लाशें गिराए जाने के बाद भारत ने घर में घुसकर जवाब दिया है। पूरे पाकिस्तान में अफरातफरी का माहौल है। भारतीय सेना ने ख़ुद ही घोषित किया है कि उसने ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के जरिए पाकिस्तान के भीतर 9 ठिकानों को निशाना बनाया है। सैन्य नहीं, आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ब्रह्मोस और राफेल विमानों का इस्तेमाल किया गया है। भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तान के एक एयरक्राफ्ट को भी मार गिराया गया है।

बताया जाता है कि भारत ने जिस लड़ाकू विमान को मार गिराया वो F16 था। पाकिस्तान ने भी माना है कि उसके ठिकानों को निशाना बनाया गया है और उसने इसे युद्ध की कार्रवाई करार दिया है। पाकिस्तान में मिसाइल हमलों के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों को सड़कों पर बाइक छोड़कर भागते हुए देखा गया है। पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। लगभग 200 आतंकियों को भारत ने अपनी कार्रवाई से मौत की नींद सुलाकर बदला लिया है।

न केवल पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भी आतंकियों के बड़े ठिकानों को निशाने पर लिया गया है। बौखलाए पाकिस्तान ने पुँछ-राजौरी इलाके में सीजफायर का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी की है। भारतीय सेना इसका मुँहतोड़ जवाब दे रही है। कुपवाड़ा में भी गोलीबारी का जवाब दिया जा रहा है। अमेरिका ने कहा है कि हम स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि ये जल्द ख़त्म होगा।

उधर कॉन्ग्रेस पार्टी ने देश की सुरक्षा से जुड़े मामले में भी राजनीति शुरू कर दी है। उन्होंने कहा है कि सुरक्षा बलों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। पाकिस्तान के राष्ट्रपति शाहबाज़ शरीफ ने देश के सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। वहाँ के अस्पतालों में बिस्तर नहीं नसीब हो रहे हैं। बहावलपुर में जैश-ए-मुहम्मद के मुख्यालय को भी निशाना बनाया गया है। हिज़्बुल और लश्कर के ठिकाने भी निशाना बनाए गए हैं।

अंतर ये आया है कि सर्जिकल और ऐस स्ट्राइक के वक्त पाकिस्तान छिपाता था और सबूत माँगता था, लेकिन इस बार पाकिस्तान के पीएम शाहबाज़ शरीफ ने ही साफ़ कर दिया है कि हमला हुआ है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम मंत्रियों ने ‘भारत माता की जय’ सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। किसी भी प्रकार के उकसाऊ कार्रवाई का जवाब देने के लिए सीमा पर एयर डिफेंस को एक्टिवेट कर दिया गया है। वहीं संयुक्त राष्ट्र ने भी चिंता जताते हुए कहा है कि दुनिया भारत-पाकिस्तान युद्ध सहने की स्थिति में नहीं है।

1971 के बाद पहली बार पूरे देश में गूँजेगी ‘रेड सायरन’, पाकिस्तान बॉर्डर पर लड़ाकू विमान भरेंगे उड़ान: ब्लैकआउट-मॉक ड्रिल से लेकर मोदी सरकार के NOTAM तक जानिए सब कुछ

पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 पर्यटकों को उनका धर्म पूछ-पूछकर मार डाला, हत्या से पहले उनके पैंट उतरवा कर चेक किए गए कि खतना हुआ है या नहीं। इस नरसंहार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैन्य अधिकारियों और मंत्रियों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। इसी क्रम में बुधवार (7 मई, 2025) को देशभर में मॉक ड्रिल का ऐलान किया गया। भारत पहले ही सिंधु जल समझौता को निलंबित कर पाकिस्तान का पानी रोक चुका है, पाकिस्तानियों के लिए वीजा बंद कर चुका है और पाकिस्तान से आयात-निर्णय पर प्रतिबंध लगा चुका है।

क्या होता है मॉक ड्रिल

अब लोगों के मन में ये सवाल आ सकता है कि ये मॉक ड्रिल आखिर है क्या? देश में इस स्तर का नागरिक सुरक्षा अभ्यास पहली बार हो रहा है। इससे पहले 1971 में पूरे देश में मॉक ड्रिल हुई थी। सिविल डिफेन्स DG विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि इस मॉक ड्रिल से लोगों को घबराना नहीं चाहिए, ये इसीलिए हो रहा है ताकि नागरिक सुरक्षा के जो SOPs (मानक संचालन प्रक्रिया) हैं, उन्हें जाँच-परख कर ठीक रखा जाए। ज़रूरी नहीं है कि केवल युद्ध के समय ही ये मॉक ड्रिल होता है।

मॉक ड्रिल के जरिए ये जाँचा जाता है कि क्या भूकंप, बाढ़, केमिकल लीक, आतंकी हमले और परमाणु बमबारी की स्थिति में हम बचाव के लिए कितने तैयार हैं इसे जाँचा जाए। कोई कमी है तो दुरुस्त किया जाए। शीत युद्ध के दिनों में कई देश बार-बार इसे आजमाते थे। परमाणु हमला, हवाई हमला या फिर की स्थिति में ब्लैकआउट (महत्वपूर्ण स्थलों को बचाने के लिए वहाँ बिजली काटकर अँधेरा करना) और राहत व बचाव कार्य का अभ्यास किया जाता है।

इससे पहले 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध से पहले मॉक ड्रिल हुई थी। इस दौरान गुप्त सैन्य अभियान चलाया गया था पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) को आज़ाद कराने के लिए बनी ‘मुक्ति वाहिनी’ के साथ समन्वय का अभ्यास किया गया था। ‘मुक्ति वाहिनी’ की फ़ौज को उस दौरान गुरिल्ला युद्ध तकनीक से प्रशिक्षित किया गया, पाकिस्तान में घुसकर वहाँ के निशानों को ध्वस्त करने जैसे अभ्यास भी किए गए थे। मंढोल और चाचरो में घुसकर भारतीय सेना ने पाकिस्तानी फ़ौज को नेस्तनाबूत किया।

मॉक ड्रिल में क्या-क्या किया जाएगा

7 मई से सभी जिलों के डीएम भी सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की सूची में नाम व संपर्क सूत्र जैसे विवरण दुरुस्त करेंगे। नागरिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिन जिलों में हमलों का ज़्यादा ख़तरा है, वहाँ विशेष ध्यान दिया जाएगा। आपात स्थित में डीएम तुरंत स्वयंसेवकों को जुटाकर राहत व बचाव में लगा सकें, इसकी तैयारी की जाएगी। आइए, अब जानते हैं कि मॉक ड्रिल में क्या-क्या होगा और किन-किन चीजों की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सबसे पहले तो हवाई हमले की चेतावनी जारी की जाएगी, सायरन बजाकर। ‘रेड सायरन’ 1971 के बाद पहली बार बजेगा। किसी भी हवाई हमले की स्थिति में नागरिक तैयार रहें, इसीलिए ये सायरन बजाए जाएँगे। जो फ्रंटलाइन क्षेत्र हैं, वहाँ नागरिकों को बचाव के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें संरक्षित क्षेत्र में कैसे जल्द से जल्द घुसना है, ये बताया जाएगा। जैसे, जम्मू कश्मीर के उरी में पहले से ही बंकर बनाकर रखे गए हैं। जम्मू कश्मीर के ही अरनिया में छात्रों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है कि कैसे आपात स्थिति में उन्हें लोगों के साथ सुरक्षित जगहों पर पहुँचना है।

ब्लैकआउट, यानि अँधेरा करना – ये भी इस अभ्यास का एक अहम हिस्सा है। जब ब्लैकआउट का सायरन बजता है, तब सभी तय SOP का अनुसरण किया जाना चाहिए। सायरन कैसे काम कर रहा है और लोग प्रतिक्रियास्वरूप क्या कर रहे हैं, ये जाँचा जाएगा। लोगों को समझाया जाएगा कि कैसे और क्या करना है, घबराना नहीं है। रक्षा, सशस्त्र बलों, सैन्य और मेडिकल ठिकानों के अलावा अन्य रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। संस्थाओं के साथ आपात स्थिति में निकासी की प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी।

प्राकृतिक आपदा के हिसाब से संवेदनशील क्षेत्रों में भारत में मॉक ड्रिल होता रहा है। सुरक्षा कारणों से पिछला मॉक ड्रिल 2008 में 26/11 मुंबई हमलों के बाद हुआ था। 2001 में संसद भवन पर हमले के बाद दिल्ली समेत कुछ इलाक़ों में मॉक ड्रिल हुई थी। 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में मॉक ड्रिल की गई थी। मार्च 2025 में ताइवान, नवंबर 2023 में जापान, और कुछ ही दिनों पहले फ़िनलैंड मॉक ड्रिल आयोजित कर चुका है। ताइवान ने सुनामी और जापान ने मिसाइल हमले की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल किया।

मॉक ड्रिल के साथ-साथ युद्धाभ्यास भी

भारत के मॉक ड्रिल की बात करें तो 33 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में 259 स्थलों पर मॉक ड्रिल आयोजित किया जाएगा। NDRF और SDRF जैसे राष्ट्रीय आपदा बल भी इस अभ्यास का हिस्सा बनेंगे। अस्पताल घायलों के इलाज के लिए कितने तैयार हैं, ये देखा जाएगा। मिसाइल अटैक की स्थिति में नागरिकों को बेसमेंट या सबवे में छिपने को कहा जाएगा। जम्मू कश्मीर में ये ड्रिल्स पहले से शुरू हैं, स्कूलों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। लखनऊ में भी छोटी-मोटी ड्रिल हो चुकी है।

पुलिस ने पर्यटन स्थलों व भीड़-भाड़ वाले बाजारों में गश्ती बढ़ा दी है। होमगार्ड्स को भी सक्रिय कर दिया गया है। अस्पताल ही नहीं, अग्निशमन विभाग की तैयारी भी जाँची जाएगी क्योंकि हमलों से आग लगने की स्थिति में भारतीय वायुसेना के साथ कम्युनिकेशन रेडियो जाँचा जाएगा। आपात स्थिति में प्रशासनिक इकाइयों तक सन्देश तुरंत पहुँचने चाहिए। ये ड्रिल नहीं है बल्कि वास्तविकता का रिहर्सल है, ऐसा वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है। आम लोगों को फर्स्ट एड की ट्रेनिंग भी दी जाएगी

पाकिस्तान की सीमा के पास भारत युद्धाभ्यास भी करेगा। इसके लिए भारत सरकार ने NOTAM, यानी नोटिस टू एयरमैन भी जारी किया है। ये वो अधिसूचना है, जो भारतीय वायुसेना को किसी भी प्रकार के ख़तरे या आपात स्थिति को लेकर सूचित करती है। इस युद्धाभ्यास से भारत की सैन्य तत्परता को प्रदर्शित किया जाएगा। राजस्थान में भारतीय सीमा पर भी IAF युद्धाभ्यास करेगी। यह युद्धाभ्यास 7 मई को रात 9:30 बजे शुरू होगा और 8 मई को सुबह 3:00 बजे तक जारी रहेगा। पिनाका जैसी मिसाइलें भी दागी जाएँगी। 

‘अब भारत का पानी भारत के हित में बहेगा, भारत में रुकेगा और भारत के काम आएगा’: PM मोदी का ऐलान, दिया ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (6 मई, 2025) को ‘ABP नेटवर्क’ के कार्यक्रम इंडिया@2047 समिट में कहा कि पहले कोई भी निर्णय लेने से पहले वोट बैंक को लेकर सोचा जाता था, लेकिन देश तब आगे बढ़ता है जब फ़ैसलों की एकमात्र कसौटी ‘राष्ट्र प्रथम’ हो। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में इस नीति के परिणाम हम देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक ऐसे फ़ैसले लिए गए जो दशकों से लटके, अटके और भटके हुए थे – जो राजनीतिक इच्छाशक्ति के आभाव में डिब्बों में बन हो गए।

उदाहरण के लिए उन्होंने बताया कि कैसे 2014 से पहले हमारे बैंक बर्बाद होने के कगार पर थे लेकिन आज भारत का बैंकिंग सेक्टर रिकॉर्ड प्रॉफिट में है और डिपॉजिटर्स को इसके फ़ायदे मिल रहे हैं – देशहित में छोटे बैंकों को मिलाने और उनका सामर्थ्य बढ़ाने से ये संभव हुआ। उन्होंने कभी डूब रही ‘एयर इंडिया’ का जिक्र करते हुए कहा कि हमने फ़ैसला लिया और देश को लगातार हो रहे हजारों करोड़ रुपए के नुकसान से बचाया क्योंकि हमारे लिए देश सर्वोपरि है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 1 रुपए में से 15 पैसे ही ग़रीब को मिलता है।

बकौल पीएम मोदी, सरकारें बदलती रहीं लेकिन इस दिशा में प्रयास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकारी फाइलों में 10 करोड़ ऐसे फर्जी लाभार्थी थे जिनका कभी जन्म भी नहीं हुआ था और उन्हें पूरे ठाठ से सुविधाएँ मिल रही थीं – पहले वाले यही व्यवस्था बनाकर गए थे। पीएम मोदी ने बताया कि इन नामों को उनकी सरकार में सिस्टम से बताया गया और DBT के माध्यम से अब पूरा का पूरा पैसा ग़रीबों के बैंक खातों में जाता है जिससे साढ़े 3 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा ग़लत हाथों में जाने से बचा है। उन्होंने कहा, “पैसा आपका बचा, गाली मोदी ने खाई।”

पीएम मोदी ने ‘वन रैंक, वन पेंशन’ का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी खजाने पर बोझ पड़ने का बहाना बनाकर इसे अटकाया जाता है लेकिन आज OROP से देश के लिए जीवन खपाने वालों का फ़ायदा हो रहा है। अबतक सवा लाख करोड़ रुपए से अधिक इसके तहत पूर्व सैनिकों को मिल चुके हैं। पीएम मोदी ने ग़रीब परिवारों को आरक्षण के संबंध में कहा कि पहले केवल बातें हुईं लेकिन उनकी सरकार ने इसे लागू किया। इसी तरह उन्होंने लोकसभा एवं विधानसभाओं में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किए जाने को भी अपनी उपलब्धि के रूप में गिनाया और कहा कि हमने नारी-शक्ति को सशक्त किया।

पीएम मोदी ने ‘तीन तलाक’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अनगिनत मुस्लिम बहनों का जीवन बर्बाद हुआ लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को फ़र्क़ नहीं पड़ता था, लेकिन उनकी सरकार ने क़ानून बनाया। इसी तरह वोट बैंक को ख़ुश करने के लिए वक़्फ़ क़ानून में सुधार नहीं किए गए, अब जाकर वो संशोधन हुए हैं जो सही मायने में मुस्लिम माताओं-बहनों व ग़रीब पसमांदा मुस्लिमों के काम आएगा। पीएम मोदी ने नदियों को जोड़ने वाले कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि दशकों तक हमारे नदियों के पानी को तनाव व झगड़े का विषय बना रहे केन-बेतवा लिंक परियोजना व पार्वती-चम्बल योजना से फायदा होगा। नदियों को जोड़ने का महा अभियान चलाया गया।

उन्होंने कहा कि आजकल पानी की बहुत चर्चा है, लोगों द्वारा ताली बजाने पर बोले कि आपलोग बहुत जल्दी समझ गए। पीएम मोदी ने कहा कि पहले भारत का पानी बाहर जा रहा था, लेकिन अब भारत का पानी भारत के हित में बहेगा, भारत में रुकेगा और भारत के काम आएगा। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया है। पीएम मोदी ने डॉ बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के नाम पर नेशनल मेमोरियल बनाए जान का भी जिक्र किया, जिसके निर्माण का कार्य एक दशक तक लटका रहा था। इस तरह पीएम मोदी ने बताया कि कैसे बाबासाहब से जुड़े देश-विदेश के स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित किया।

पीएम मोदी ने ‘Democracy Can Deliver’ का नारा देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत में 25 करोड़ लोग ग़रीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि मुद्रा के लाभार्थी भी यही सन्देश देते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दर्जनों जिले पिछड़े का ठप्पा पाकर अपने हाल पर छोड़ दिए गए थे, आज वो Aspirational बनकर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारे देश में कई अति-पिछड़ी जनजातियों तक विकास का लाभ नहीं पहुँचा था, अब पीएम जन-मन योजना से उनतक सरकारी सुविधाएँ पहुँची हैं।

पीएम मोदी ने देश के आखिरी व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की बात करते हुए का कि आज एक ऐसे भारत का निर्माण हो रहा है जिसके विकास की गति तेज़ हो जो संकल्प, सोच और संवेदना से समृद्ध हो – मानव केंद्रित वैश्वीकरण का रास्ता हमें चुना है जहाँ विकास सिर्फ़ बाजार नहीं बल्कि लोगों को गरिमा का जीवन मिलने और उनके सपने पूरे होने को विकास का पैमाना माना जाता है। यानी, GDP नहीं GEP केंद्रित (ग्रॉस एम्पावरमेंट ऑफ पीपल) के तहत आगे बढ़ रहे हैं। जैसे, ग़रीबों को अच्छा घर मिलने से वो सशक्त होते हैं, जब उन्हें शौचालय मिलता है तो वो खुले में शौच के अपमान से मुक्त होते हैं, ‘आयुष्मान भारत’ से मुफ्त इलाज पाने से उनके जीवन की चिंता कम होती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘नागरिक देवो भव’ को अपनी सरकार का मूल विचार बताते हुए कहा कि हम जनता में जनार्दन देखते हैं लेकिन पहले माई-बाप कल्चर लागू था। उन्होंने युवाओं से कहा कि पहले हर फॉर्म ऑनलाइन भरे जाते हैं, पहले अपनी ही कागजों को अटेस्ट कराने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे लेकन अब खुद ही सेल्फ-अटेस्ट करते हैं। बुजुर्गों को पहले ख़ुद के जीवित होने का प्रमाण देने के लिए अपने ख़ुद के पुराने ऑफिस या बैंक जाना पड़ता था, लेकिन अब वरिष्ठ नागरिक कहीं से भी डिजिटली अपना जीवन प्रमाण-पत्र दे सकते हैं – बिजली, पानी, गैस सबमें पहले बार-बार कहना पड़ता था और लोग इन कामों के लिए छुट्टी लेते थे पर अब ये सारे काम ऑनलाइन हो जाते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि टैक्स रिफंड से लेकर पासपोर्ट तक का काम सिंपल और तेज़ हो, अच्छी तरह हो – इसपर जोर है। 2047 तक विकसित भारत की बात करते हुए पीएम मोदी ने ‘विकास भी, विरासत भी’ का नारा करते हुए ट्रेडिशन और टेक्नोलॉजी के समन्वय का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि योग-आयुर्वेद को हम दुनिया में ले जा रहे हैं, डिजिटल लेनदेन में भी हम टॉप पर हैं। चोरी की गई कलाकृतियाँ वापस आ रही हैं, रिकॉर्ड विदेशी निवेश भी आ रहा है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फोन निर्माता है, मिलेटस सुपरफूड के उत्पादन में हम सबसे आगे हैं। 100 गीगावॉट की कैपेसिटी हमने सोलर एनर्जी में हासिल कर ली है, हम सूर्य मंदिर वाले देश हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सरकार जो निर्णय आज ले रही है उसका कई गुना असर कितना बड़ा और दूरगामी होगा – कई लोग ये समझ नहीं पाते। 10 साल पहले जब मैं ‘डिजिटल इंडिया’ की बात करता था तो कई लोग काफी आशंकाएँ व्यक्त करते थे लेकिन सस्ते डेटा और सस्ते ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन के कारण एक नई क्रांति का जन्म हुआ है। इससे Ease Of Living बढ़ी, कंटेंट व क्रिएटिविटी का नया संसार बना। आज गाँव में अच्छा भोजन बनाने वाली महिला मिलियन सब्सक्राइबर वाली सूची में शामिल है। मुंबई में WAVES समिट में पता चला कि अकेले यूट्यूब ने पिछले 3 साल में भारत के कंटेंट क्रिएटर्स को 21,000 करोड़ रुपए का पेमेंट किया है। आज हमारा फोन कम्यूनिकेश नहीं बल्कि क्रिएटिविटी और कमाई भी बहुत बड़ा टूल बन गया है।”

पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता को भारत की आर्थिक DNA का हिस्सा बताते हुए कहा कि पहले हमें मेकर नहीं मार्केट बताया जाता था पर ये ठप्पा अब हट रहा है – अब हमारे रक्षा उत्पाद 100+ देशों में एक्सपोर्ट हो रहे हैं। पीएम मोदी ने INS विक्रांत की बात करते हुए कहा कि कई युद्धपोत हमने स्वदेश में बनाया। उन्होंने जानकारी दी कि इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में भारत बड़ा एक्सपोर्टर बनकर उभरा है, हमारे लोकल प्रोडक्ट्स ग्लोबल हो रहे हैं। भारत का एक्सपोर्ट बीते वर्ष 825 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है, एक दशक में दोगुना। पीएम मोदी ने बताया कि इसे और गति देने के लिए मिशन मैन्युफैक्चरिंग का ऐलान किया गया।

पीएम मोदी ने कहा कि ये देश का नया भाग्य लिखने का कालखंड है।

‘सेवा ही परमात्मा है’: दूसरी बार डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित हुईं ‘अडानी फाउंडेशन’ की अध्यक्ष प्रीति अडानी, उधर अडानी को निशाना बनाते-बनाते ख़ुद तबाह हो गया हिंडेनबर्ग

‘अडानी फाउंडेशन’ की अध्यक्ष प्रीति अडानी को दूसरी बार डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्हें मंगलवार (6 मई, 2025) को महाराष्ट्र के वर्धा स्थित दत्ता मेघे इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (डीम्ड यूनिवर्सिटी) की तरफ से डॉक्टर ऑफ साइंस (D.Sc.) ऑनोरिस कॉसा की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

बताते चलें कि यह फाउंडेशन अडानी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा है। अडानी समूह भारत का सबसे तेज़ी से बढ़ता व्यापार समूह है। यह सम्मान उन्हें DMIHER के माननीय चांसलर दत्ता मेघे द्वारा संस्थान के 16वें दीक्षांत समारोह में दिया गया। इस अवसर पर डॉ अडानी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं।

सम्मान स्वीकार करते हुए डॉ प्रीति अडानी ने कहा, “मैं डॉक्टरेट की उपाधि को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। यह मेरे उस विश्वास को मजबूत करता है कि ‘सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है।’ मैं ऐसे समाधानों और प्रणालियों के विकास के लिए समर्पित हूँ, जो समाज में स्थायी बदलाव लाएँ, जरूरतमंदों को सशक्त बनाएँ, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएँ बढ़ाएँ और समुदायों को आगे लाएँ।”

याद दिलाते चलें कि इससे पहले फरवरी 2020 में उन्हें अहमदाबाद स्थित गुजरात लॉ सोसाइटी यूनिवर्सिटी द्वारा भी सामाजिक कार्यों में उनके योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया था। जनवरी 2019 में डॉ प्रीति अडानी को रोटरी क्लब ऑफ पालनपुर, गुजरात द्वारा बनास रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। फरवरी 2022 में उन्हें फेडरेशन ऑफ इंडियन चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (FLO) अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस फॉर सोशल इम्पैक्ट से भी नवाज़ा गया था।

जानकारी के लिए बता दें कि डॉ प्रीति अडानी एक क्वालिफाइड डेंटल सर्जन हैं, लेकिन उन्होंने निजी प्रैक्टिस की जगह जनसेवा का रास्ता चुना। कहा जाता है कि 1996 में स्थापित अडानी फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने भारत में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की परिभाषा ही बदल दी। उनके नेतृत्व में फाउंडेशन ने 5 मुख्य क्षेत्रों में स्थायी बदलाव लाने का कार्य किया है – शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सतत आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास शामिल है।

अडानी समूह को तबाह करने के लिए ‘हिंडेनबर्ग रिसर्च’ नामक अमेरिका की एक संस्था ने जमकर प्रयास किया था और इसके ख़िलाफ़ रिपोर्ट्स जारी कर-कर के शेयर बाजार से शॉर्ट सेलिंग कर कमाई की थी। हालाँकि, हिंडेनबर्ग ने जब दोबारा रिपोर्ट प्रकाशित किया तो इसका कोई असर नहीं हुआ। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के बाद ये संस्था ही बंद हो गई। ‘हिंडेनबर्ग’ के खिलाफ कई देशों में आपराधिक मामले भी चल रहे हैं।

बच्चे को हुई साँस की तकलीफ, प्रार्थना करवा-पानी पिला बना दिया ईसाई: छत्तीसगढ़ के 10 परिवारों ने की घर वापसी, कहा- झाँसे से बदलवाया धर्म, पर नहीं हुआ कोई फायदा

छत्तीसगढ़ के कोंडागाँव जिले में ईसाई मिशनरियों के बहकावे में आकर धर्मांतरण करने वाले जनजातीय (Schedule Tribes) परिवार अब अपने मूल सनातन धर्म में लौट रहे हैं। मंगलवार (6 मई 2025) को केशकाल विधानसभा के बडेराजपुर विकासखंड के ग्राम पिटीचुआ में 10 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर सनातन धर्म में ‘घर वापसी’ की। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। इन परिवारों ने खुलासा किया कि मिशनरियों ने बीमारी ठीक करने के नाम पर उन्हें झाँसे में लिया और कथित पवित्र पानी पिलाकर ईसाई मजहब अपनाने के लिए मजबूर किया।

घर वापसी करने वाले एक परिवार के मुखिया गैंदलाल मरकाम ने बताया कि उनके छोटे बेटे को साँस की तकलीफ थी। कई डॉक्टरों के पास जाने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। तब कुछ लोगों ने उन्हें ईसाई मिशनरियों से मिलने की सलाह दी, जिन्होंने दावा किया कि प्रार्थना और पवित्र पानी से हर बीमारी ठीक हो सकती है। गैंदलाल ने बताया, “हमें प्रार्थना कराई गई, पानी पिलाया गया और कुछ समय के लिए बच्चे को आराम मिला। लेकिन बाद में फिर वही परेशानी शुरू हो गई।”

इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह सब बहकावा था। मिशनरियों ने उन्हें बाइबिल थमाई और ईसाई नियमों का पालन करने को कहा, लेकिन इससे उनकी जिंदगी में कोई स्थायी बदलाव नहीं आया।

जनजातीय समाज के ब्लॉक अध्यक्ष शंकर मरकाम ने कहा, “ईसाई मिशनरी भोले-भाले जनजातीय लोगों को लालच देकर उनके विश्वास का फायदा उठाते हैं। वे बीमारी ठीक करने, आर्थिक मदद और समस्याओं के समाधान का झाँसा देते हैं। लेकिन यह सब धर्मांतरण का जाल है।” उन्होंने केंद्र सरकार की जातिगत जनगणना और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्तावित धर्मांतरण विरोधी कानून का स्वागत किया। उनका कहना है कि ऐसे कानून से मिशनरियों की मनमानी रुकेगी और जनजातीय लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे।

घर वापसी करने वाले एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद उन्हें सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा। शादी-ब्याह जैसे रीति-रिवाजों में दिक्कतें आईं, जिससे उनके परिवार को मानसिक तनाव हुआ। करीब डेढ़ साल बाद उन्होंने सनातन धर्म में लौटने का फैसला किया। इस वापसी से उन्हें मानसिक शांति मिली और समाज ने उनका स्वागत किया।

जनजातीय समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी रंगीलाल मरकाम ने मिशनरियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “ये लोग जनजातीय लोगों की अशिक्षा और गरीबी का फायदा उठाते हैं। पवित्र पानी और प्रार्थना के नाम पर बेवकूफ बनाते हैं। लेकिन सच यह है कि उनकी प्रार्थना से न बीमारी ठीक होती है, न जिंदगी सुधरती है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जनजातीय समाज अब जागरूक हो रहा है और अपने लोगों को मूल धर्म में वापस लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में साय सरकार धर्मांतरण के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है। सरकार जल्द ही कड़ा कानून लाने की तैयारी में है, जिससे अवैध धर्मांतरण पर रोक लग सके। जनजातीय समाज का कहना है कि यह कदम उनकी संस्कृति और पहचान को बचाने में मदद करेगा।